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झारखंड में नक्सली हिंसा प्रभावित परिवारों को राहत, मुआवज़ा योजना में ये जिले शामिल

रांची झारखंड सरकार ने नक्सल हिंसा में मारे गए 5 परिवारों को मुआवजा देने का फैसला लिया है। इन परिवारों को एक-एक लाख रुपये की वित्तीय सहायता मिलेगी। नक्सल हिंसा में मारे गए 5 परिवारों को अलग-अलग जिलों से चुना गया है, जिनमें चाईबासा, खूंटी, रांची और गुमला जिले शामिल हैं। आदेश में विस्तार से बताया गया है कि चाईबासा में सीता मुंडा की मृत्यु 27 मई 2018 को गुदड़ी क्षेत्र में हुई थी। उनके पुत्र रतन मुंडा को एक लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। वहीं, दूसरे परिवार, विक्रम होनहाना की पत्नी को भी 16 जून 2023 को गोइलकेरा में हुई नक्सल हिंसा के बाद मुआवजा मिलेगा। खूंटी जिले के एतवा कुंडलना की मौत 7 जुलाई 2019 को रनिया क्षेत्र में नक्सलियों के साथ मुठभेड़ में हुई थी। उनके परिजनों को भी एक लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। रांची जिले के राजेश मांझी 6 अगस्त 2017 को तमाड़ क्षेत्र में नक्सल हिंसा में मारे गए थे। उनके परिवार को आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। गुमला जिले के सुमित केसरी की मृत्यु 14 जनवरी 2023 को पालकोट में हुई नक्सल हिंसा में हुई। उनके पत्नी को भी एक लाख रुपये का मुआवजा मिलेगा।  

बाडी को फिट बनाने के लिए अपनाएं ये टिप्स…

अच्छी सेहत होना किसी खजाने से कम नहीं, अगर आप अच्छी सेहत की बेताज बादशाह हैं तो आधी से ज्यादा दिक्कतें तो यूं ही खत्म हो जाती है। लेकिन अच्छी सेहत पाना कोई आसान काम नहीं है इसके लिए काफी मशक्कत करनी पड़ती है। लेकिन कुछ लोग सेहत बनाने के लिए शॉर्टकट अपनाते हैं और जो उनके ऊपर बुरा असर भी डालता है। हम आपको बताने जा रहे हैं कुछ ऐसी ही बातें जो आपको सेहतमंद बनाने के साथ-साथ आपको स्ट्रॉन्ग मसल्स बनाने में भी मदद करेगी… कैलोरी की मात्रा:- मांसपेशियों को मजबूत बनाने के लिए सबसे पहले अपनी कैलोरी की मात्रा को बढ़ाएं क्योंकि जब आप कसरत करेंगे तो उसके लिए आपको कैलोरी की जरुरत पड़ेगी। ध्यान रहे कि आपको जितनी कैलोरी की जरुरत है उससे ज्यादा कैलोरी ना खाएं और किसी अच्छे स्वास्थ्य सलाहकार से बात करें। कंपाउंड एक्सर्साइज:- इस एक्सर्साइज में एक से अधिक मांसपेशियों का इस्तेमाल होता है। कंपाउंड एक्सर्साइज सबसे बढ़िया एक्सर्साइज है मांसपेशियों को मजबूत बनाने के लिए। इसमें मांसपेशियों को मजबूत बनाने के लिए वजन और तारों का उपयोग होता है। मॉर्निंग एक्सर्साइज:- सुबह एक्सर्साइज करने के बहुत फायदे होते हैं। जब आप सुबह खली पेट कसरत करते हैं तो यह आपकी मांसपेशियों ज्यादा मजबूत बनाती हैं। डाइजेस्ट्वि एन्जाइम:- जब आपको अपनी मांसपेशियों को मजबूत बनाना हो तो, आपको वैसा ही भोजन भी खाना होगा जो आपके शरीर को ताकत दे। क्यों कि आप एक्सर्साइज कर रहे हैं इसलिए आपको ऐसा भोजन खाना चाहिए जिसमें ज्यादा पोषक तत्व मजूद हों। ज्यादा पानी पियें:- खूब पानी पिएं। अपने शरीर में पानी की कमी ना होने दें। काम से काम दिन में 10-20 गिलास पानी पियें। पालथी मार कर बैठना:- पालथी मार कर बैठना मांसपेशियों को मजबूत बनाने में बहुत सहायक है, लेकिन अगर आप गलत तरीके से बैठे तो आपके घुटनों में समस्याएं हो सकती हैं। डेडलिफ्ट्स करें:- डेडलिफ्ट्स मांसपेशियों को मजबूती देने में मदद करती हैं, इसमें रोज वजन उठाया जाता है। मांसपेशियों को मजबूत बनाने में वजन उठाना बहुत जरुरी है। प्रोटीन:- मांसपेशियों के निर्माण और मरम्मत के लिए प्रोटीन बहुत जरूरी होता है। जिम जाने वाले लोगों को मांसपेशियों की काफी कसरत करनी पड़ती हैं, इसे ध्यान में रखते हुए प्रोटीन अधिक लेना चाहिए। अंडे, चिकन, मछली, स्प्राउट्स और दालें आदि का सेवन करें। सप्लीमेंट आदि से अच्छा है कि प्राकृतिक स्रोतों का सेवन करें। पर्याप्त मात्रा में पानी पियें। इसके साथ ही नारियल का पानी भी फायदेमंद। व्यायाम के बाद खाना:- कार्बोहाईड्रेट और प्रोटीन मांसपेशियों की मजबूती के लिए अच्छे होते हैं। कार्बोहाईड्रेट अमीनो एसिड बनता है जिसे इंसुलिन बनता है और इसे मांसपेशियों को ताकत मिलती है। नींद:- आपके शरीर को कम से कम आठ घंटे की नींद की जरुरत है, जिसे आप दूसरे दिन के उसी जोश के साथ व्यायाम कर सके। फैट:- आहार में जरूर लें फैट हमारे लिए बहुत जरुरी है इसमें आप नट्स और फिश खा सकते हैं जो आपको शक्ति देगीं। कार्डियो:- कार्डियो को भी अपने व्यायाम में शामिल करें इससे आपकी मांसपेशियां मजबूत होंगी।  

बड़ी राहत उद्योगपतियों के लिए: राइट टू बिजनेस एक्ट में संशोधन, 5 दिन में मिलेंगी मंजूरी

चंडीगढ़ पंजाब  मुख्यमंत्री भगवंत मान की अध्यक्षता में हुई बैठक। कैबिनेट की बैठक में राइट टु बिजनेस एक्ट (Right To Business Act) में संशोधनों को मंजूरी दे दी। इस बदलाव के बाद अब पहले की तुलना में दो से तीन गुना अधिक उद्योग इस अधिनियम के दायरे में आएंगे और उन्हें निर्धारित समय सीमा में मंजूरी प्राप्त होगी। कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा ने कहा कि कैबिनेट ने उद्योग जगत को बढ़ावा देने के लिए यह फैसला लिया है। लाभ मिलने की सीमा की 125 करोड़ बुधवार को हुई बैठक के बाद मंत्री संजीव अरोड़ा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए प्रदेश सरकार द्वारा लिए गए फैसलों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पहले उन इकाइयों को राइट टु बिजनेस एक्ट के तहत लाभ मिलता था जिनका निवेश 25 करोड़ रुपये था, लेकिन अब इसे 125 करोड़ रुपये कर दिया है, जिससे अधिक संख्या में इकाइयां बिना देरी के अपनी औद्योगिक गतिविधियां चालू कर पाएंगी।   जल्द मिल जाएगा अप्रूवल कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा ने बताया कि राइट टु बिजनेस एक्ट में पहले इंडस्ट्रियल पार्क को जल्द अप्रूवल मिल जाता था, लेकिन अब बाकी रियल स्टेट प्रोजेक्ट को भी 5 दिन में अप्रूवल मिल जाएगा। वहीं औद्योगिक पार्कों और रियल एस्टेट परियोजनाओं के अलावा अन्य स्वीकृतियां भी 15 दिनों में दी जाएगी। वहीं प्रोजेक्ट के विस्तार के लिए 18 दिनों के भीतर मंजूरी दी जाएगी। ग्रीन और ऑरेंज श्रेणी के उद्योगों को मिलेगा फायदा इस कानून का लाभ ग्रीन और ऑरेंज श्रेणी के उद्योगों को मिलेगा। कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा ने बताया कि संशोधित अधिनियम में 5 नई मंजूरियां शामिल की गई है, जिसमें श्रम विभाग से अनुमति, प्रदूषण विभाग से स्थापना की सहमति, संचालन की सहमति, श्रम विभाग से अनुमति और वन विभाग से अनापत्ति प्रमाणपत्र शामिल हैं। 

हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: इंदौर में शूर्पणखा दहन पर रोक, याचिका सोनम की मां ने दायर की थी

इंदौर   मध्य प्रदेश के इंदौर में होने वाले विजयादशमी पर शूर्पणखा के पुतला दहन पर एमपी हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला दिया है. बता दें कि 2 अक्टूबर को होने वाले शूर्पणखा के पुतला दहन पर रोक लगा दी है. बता दें कि सोनम की मां संगीता रघुवंशी ने एक शूर्पणखा के खिलाफ एक याचिका दायर की थी. इस पर शुक्रवार को हाईकोर्ट ने सुनवाई करते हुए शूर्पणखा के पुतला दहन पर रोक लगाने के आदेश दिए हैं. इस आदेश की कॉपी शनिवार को सामने आई है.  शिलांग हनीमून हत्याकांड की आरोपी सोनम रघुवंशी सहित अन्य 11 महिलाओं का दशहरे के दिन पुतला जलाने की तैयारी की जा रही थी. सोनम रघुवंशी की मां द्वारा इसके खिलाफ इंदौर हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी. अब हाईकोर्ट ने इस पुतला दहन पर रोक लगा दी है. इंदौर की 'पौरुष संस्था' द्वारा जबसे इस पुतला दहन की घोषणा की गई थी तभी से इसको लेकर विवाद शुरू हो गया था. लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं आनी शुरू हो गई थीं. कुछ लोग जहां इसके समर्थन में थे, वहीं तमाम लोगों का इसको लेकर विरोध था. सोनम सहित 11 महिलाओं का जलाया जाना था पुतला बीते दिन पौरुष नामक संस्था द्वारा ऐलान किया गया था कि इस दशहरा पर इंदौर महालक्ष्मी नगर मेला ग्राउंड में उन महिलाओं या युवतियों की पुतला दहन किया जाएगा, जिनके ऊपर हाल में अपने पति या प्रेमी की नृशंस तरीके से हत्या का आरोप लगा है. इसमें राजा रघुवंशी की शिलांग में हत्या के आरोप में जेल में बंद सोनम रघुवंशी भी शामिल थीं. साथ ही मेरठ के चर्चित नीले ड्रम हत्याकांड की आरोपी मुस्कान रस्तोगी सहित कुल 11 महिलाएं शामिल थीं. इस पुतला दहन को 'शूर्पणखा दहन' का नाम दिया गया था. इसमें सोनम को शूर्पणखा दिखाया जाना था. इंदौर हाईकोर्ट ने पुतला दहन कार्यक्रम पर लगाई रोक इस पुतला दहन की जानकारी लगने के बाद सोनम की मां संगीता रघुवंशी ने इंदौर हाईकोर्ट में इसके खिलाफ एक याचिका दायर की थी. संगीता का कहना था कि जिन महिलाओं के पुतले जलाए जा रहे हैं अभी तक उन पर सिर्फ आरोप है. दोष सिद्ध नहीं हुआ है. साथ ही वह किसी के घर की बेटी और किसी की बहन है. ऐसे में उनका सार्वजनिक अपमान करने का अधिकार किसी को नहीं मिलना चाहिए. इंदौर हाईकोर्ट ने सुनवाई करते हुए इस पुतला दहन कार्यक्रम पर रोक लगा दी. जस्टिस प्रणव वर्मा ने इस याचिका पर सुनवाई करते हुए ये आदेश दिया. रघुवंशी समाज लगातार पुतला दहन का कर रहा था विरोध ऐसी जानकारी सामने आई थी कि ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी का परिवार इस शूर्पणखा दहन कार्यक्रम के समर्थन में था. इसके लिए तैयारियां भी तेजी से चल रही थीं और 11 सिरों वाला पुतला तैयार किया जा रहा था. पुतले पर सोनम सहित 11 अन्य महिलाओं के चित्र लगाए जा रहे थे. रघुवंशी समाज पहले ही दिन से इसके खिलाफ में था और लगातार विरोध कर रहा था. समाज ने इस पर रोक लगाने के लिए कलेक्टर को आवेदन भी दिया था. उनका कहना था कि सोनम रघुवंशी का नाम और चेहरा दर्शाना न केवल गलत है, बल्कि पूरे समाज की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला कदम है.

दिग्विजय सिंह को इंदौर में विरोध का सामना, वापस जाओ के नारे और चूड़ियां फेंकी गईं

इंदौर  शहर के कपड़ा बाजार में मुस्लिम कर्मचारियों को नौकरी से निकाले जाने का विवाद शनिवार को उस समय और गहरा गया, जब इस फैसले का विरोध करने पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को भारी विरोध का सामना करना पड़ा। भाजपा कार्यकर्ताओं और व्यापारियों ने उनके खिलाफ जमकर नारेबाजी की, उन्हें काले झंडे दिखाए और उनकी ओर चूड़ियां भी फेंकी। बाजार में घुसने से पहले ही रोका गया जैसे ही दिग्विजय सिंह अपने काफिले के साथ कपड़ा बाजार की ओर बढ़े, वहां पहले से मौजूद पुलिस अधिकारियों ने उन्हें रोक दिया और सराफा थाने की ओर जाने का निर्देश दिया। इसी दौरान बड़ी संख्या में मौजूद भाजपा विधायक मालिनी गौड़ के पुत्र एकलव्य गौड़ के समर्थक, व्यापारी और भाजपा कार्यकर्ता वहां पहुंच गए और "दिग्विजय सिंह वापस जाओ" के नारे लगाने लगे। जब सिंह वहां से निकलने लगे तो प्रदर्शनकारियों ने उनकी कार की तरफ चूड़ियां फेंकी, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया। मार्केट में भगवा लहर, व्यापारियों का समर्थन शीतला माता बाजार व्यापारी एसोसिएशन ने बीजेपी विधायक मालिनी लक्ष्मण सिंह गौड़ के पुत्र एकलव्य सिंह गौड़ का समर्थन किया. बाजार भगवा रंग में रंग गया. दुकानों के बाहर बैनर-पोस्टर लगाए गए. ‘धन्यवाद एकलव्य…’, ‘जिहादी मानसिकता का प्रवेश निषेध’, ‘जिहादी मानसिकता के समर्थक वापस जाओ’, ‘माताएं-बहनें निडर रूप से बाजार में पधारें’ जैसे नारे लिखे हैं. बड़ी संख्या में एकलव्य के समर्थक जमा हुए. महिलाएं चूड़ियां लेकर पहुंचीं. व्यापारियों ने कहा, लव जिहाद रोकने के लिए यह कदम जरूरी है. ये काम जरूरी था… एसोसिएशन महासचिव पप्पू माहेश्वरी ने बताया, “मुस्लिम सेल्समैन महिलाओं को घूरते थे. नंबर लेते थे. इससे लव जिहाद की घटनाएं बढ़ रही थीं.” एकलव्य ने एक महीने पहले अल्टीमेटम दिया था. 26 सितंबर तक 40 से ज्यादा मुस्लिम कर्मचारियों को हटा दिया गया. कुछ मुस्लिम किरायेदारों को दुकानें खाली करने के लिए भी कहा गया है. दिग्विजय सिंह का विरोध पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह मार्केट जाकर स्थिति देखना चाहते थे, लेकिन व्यापारियों के विरोध के चलते वहां जा नहीं सके. उन्होंने कहा, “यह संविधान के खिलाफ है. हिंदू-मुस्लिम एकता इंदौर की पहचान है. एकलव्य को गिरफ्तार किया जाए.” सराफा थाने पहुंचे दिग्विजय के साथ बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता थे. वे बाबा साहब अंबेडकर की तस्वीर लेकर शिकायत करने आए. बोले, “यह सांप्रदायिक सद्भाव को तोड़ने की साजिश है. प्रशासन बीजेपी के इशारे पर काम कर रहा.” थाने पर रही तनाव की स्थिति थाने के बाहर एकलव्य समर्थक व्यापारी भी पहुंचे. उन्होंने चूड़ियां फेंककर विरोध जताया. ‘दिग्विजय वापस जाओ’ के नारे लगे. पुलिस ने दोनों पक्षों को शांत रहने की हिदायत दी. डीसीपी आनंद कलाद्गी ने कहा, “जांच जारी है. कोई हिंसा नहीं होने देंगे.” कुछ हिंदू दुकानदारों ने मुस्लिम साथियों का समर्थन किया. एक दुकानदार बोले, “हम भाई-भाई हैं. रोजगार से भेदभाव गलत है.” छावनी बना बाजार  बढ़ते तनाव को देखते हुए पूरे बाजार को पुलिस प्रशासन ने छावनी में तब्दील कर दिया है. RAF की बटालियन जवाहर मार्ग सहित इंदौर के कपड़ा मार्केट से सटे मार्केट में फ्लैग मार्च कर रही है. भगवा झंडों और पोस्टरों से पटा बाजार दिग्विजय सिंह के आने की सूचना मिलते ही सुबह से ही बाजार में गहमागहमी का माहौल था। पूरे बाजार को भगवा ध्वजों और पताकाओं से सजा दिया गया था। यहां तक कि दुकानों पर लगी डमी को भी भगवा कपड़े पहना दिए गए थे। बाजार में जगह-जगह विवादित पोस्टर भी लगाए गए थे, जिन पर लिखा था, "मां बहनें निर्भीकता से बाजार में प्रवेश करें, जिहादियों से अब बाजार मुक्त है" और "जिहादी मानसिकता का प्रवेश निषेध।" क्यों गरमाया है यह मुद्दा? यह पूरा विवाद विधायक पुत्र एकलव्य गौड़ द्वारा व्यापारियों को अपनी दुकानों से मुस्लिम कर्मचारियों को हटाने की चेतावनी के बाद शुरू हुआ। गौड़ ने आरोप लगाया था कि ये कर्मचारी "लव जिहाद" के एजेंडे को बढ़ावा देते हैं। इस चेतावनी के बाद 40 से अधिक मुस्लिम कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया गया था, जिसका विरोध करने के लिए दिग्विजय सिंह बाजार पहुंचे थे। बढ़ते तनाव को देखते हुए बाजार में भारी पुलिस बल और आरपीएफ के जवानों को भी तैनात किया गया था। 

भारत-पाक फाइनल पर गावस्कर की बड़ी भविष्यवाणी: अभिषेक शर्मा करेंगे धमाका!

दुबई  एशिया कप 2025 के फाइनल में रविवार (28 सितंबर) को भारत का सामना पाकिस्तानी टीम से होना है. सूर्यकुमार यादव की अगुवाई में भारतीय टीम शानदार लय में है और वो मौजूदा टूर्नामेंट में लगातार 6 मैच जीत चुकी है. ग्रुप-स्टेज और सुपर-चार के बाद अब फाइनल में भी सूर्या ब्रिगेड पाकिस्तानियों को चित करना चाहेगी खिताबी मुकाबले से पहले टीम इंडिया के पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर ने सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा की जमकर तारीफ की है. गावस्कर का मानना है कि पंजाब का यह बल्लेबाज अपनी लाजवाब फॉर्म को फाइनल में भी बरकरार रखेगा. गावस्कर ने भविष्यवाणी की है कि अभिषेक फाइनल में शतक जड़ सकते हैं. सुनील गवास्कर ने कहा, 'अभिषेक शर्मा मौके को हाथ से जाने नहीं देंगे, वह शानदार फॉर्म में हैं और पहले ही तीन अर्धशतक जड़ चुके हैं. बांग्लादेश के खिलाफ रन आउट होने के कारण वो शतक से चूक गए, लेकिन इस बार वह एक और बड़ी पारी खेलने की कोशिश करेंगे. शायद तीन अंकों का स्कोर भी कर सकते हैं.' अभिषेक शर्मा का कैसा रहा है प्रदर्शन? अभिषेक शर्मा एशिया कप 2025 में सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज हैं. उन्होंने अब तक 6 मैचों में 309 रन बनाए हैं, जिसमें तीन अर्धशतक शामिल रहे. उनका औसत 51.50 और स्ट्राइक रेट 204.63 रहा है. अभिषेक ने पाकिस्तान के खिलाफ 21 सितंबर को खेले गए मुकाबले में 74 रनों की धमाकेदार पारी खेली थी. उसके बाद उन्होंने बांग्लादेश और श्रीलंका के खिलाफ मैच में भी हाफ सेंचुरी जमाई दूसरी ओर पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्तर का कहना है कि भारत की बल्लेबाजी अभिषेक शर्मा पर बहुत ज्यादा निर्भर है. शोएब अख्तर ने दावा किया कि अगर पाकिस्तान शुरुआती दो ओवरों के अंदर अभिषेक शर्मा को आउट कर देता है, तो भारत पर दबाव बन सकता है. शोएब अख्तर ने पाकिस्तानी टीम को नसीहत देते हुए कहा, 'इस माइंडसेट से बाहर निकलो, डर को किनारे रखो. बस विकेट लो. आपको पूरे 20 ओवर गेंदबाजी नहीं करनी है, बस शुरुआती झटके देने हैं. अगर अभिषेक जल्दी आउट हो गए तो पाकिस्तान के लिए बड़ा फायदा होगा.' एक बात साफ है कि भारत के लिए फाइनल में अभिषेक शर्मा की बल्लेबाजी सबसे अहम फैक्टर होगी, जबकि पाकिस्तान की पूरी रणनीति उन्हें जल्दी आउट करने पर रहेगी. हालांकि अभिषेक को आउट करना पाकिस्तानी गेंदबाजों के लिए आसान नहीं रहेगा. अभिषेक ने यदि पावरप्ले में तूफानी बैटिंग कर दी, तो भारत के लिए काम आसान हो जाएगा.

रोहिणी आचार्य के पक्ष में तेजस्वी यादव, बोले- उनका टिकट नहीं बल्कि योगदान अहम

पटना राष्ट्रीय जनता दल (RJD) नेता तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) ने शुक्रवार को कहा कि उनकी बहन रोहिणी आचार्य का त्याग राजनीतिक हितों से कहीं ऊपर है और उनका जीवन सेवा एवं बलिदान को समर्पित रहा है। यादव ने कहा कि जब उनके पिता और राजद प्रमुख लालू प्रसाद गंभीर रूप से बीमार थे, तब रोहिणी ने अपनी किडनी दान करके एक ऐसा उदाहरण प्रस्तुत किया जो समाज के लिए मिसाल है। ‘रोहिणी दीदी ने हमें पाला है, उनके स्नेह और त्याग को भुलाया नहीं जा सकता'- Tejashwi Yadav तेजस्वी ने कहा, ‘‘रोहिणी दीदी ने हमें पाला है, उनके स्नेह और त्याग को भुलाया नहीं जा सकता। राजनीति में पद या टिकट की उनकी कभी कोई इच्छा नहीं रही।'' बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि कुछ लोग सोशल मीडिया पर रोहिणी आचार्य को लेकर अनर्गल टिप्पणियां कर रहे हैं, लेकिन ऐसी बातें बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और अस्वीकार्य हैं। पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' पर राजद प्रमुख लालू प्रसाद की बेटी, जो उनको ‘किडनी' देने के बाद चर्चा में आई थीं, ऐसा पोस्ट कर रही थीं जिससे लालू परिवार में आंतरिक कलह के संकेत मिल रहे थे। RJD नेता ने स्पष्ट किया कि छपरा के लोगों की मांग पर ही लालू प्रसाद ने रोहिणी आचार्य को टिकट दिया था और वे जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने के लिए लगातार काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी को मजबूत करने और संगठन को सुदृढ़ करने में उनकी बहन की अहम भूमिका है।  

अक्टूबर से छात्रों के लिए आधार अभियान का दूसरा चरण शुरू, फाइनल मुकाबले के दिन से होगा आगाज़

दूसरे चरण में 26 लाख विद्यार्थियों के किये जायेंगे आधार अपडेट भोपाल  प्रदेश में 26 लाख विद्यार्थी अब तक अपने आधार में आवश्यक बायोमेट्रिक अपडेट नहीं करा पाए हैं। अपडेट विद्यार्थियों के 5 वर्ष और 15 वर्ष की आयु पूरी होने पर अनिवार्य होता है। आधार में नवीनतम बायोमेट्रिक दर्ज होने के बाद ही विद्यालय प्रवेश, छात्रवृत्ति, प्रतियोगी परीक्षाओं और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर जैसी योजनाओं का लाभ विद्यार्थियों को सहज रूप से मिल सकेगा। विद्यार्थियों को शासकीय योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने के लिए यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (यूआईएडीएआई) और स्कूल शिक्षा विभाग ने 18 अगस्त 2025 को ‘विद्यार्थी के लिए "आधार, अब विद्यालय के द्वार" अभियान प्रारंभ किया था। अभियान के अंतर्गत सरकारी विद्यालयों में आधार नामांकन एवं अपडेट शिविर लगाए गए थे। अब प्रदेश के सभी जिलों में एक अक्टूबर से इस अभियान का दूसरा चरण प्रारंभ किया जा रहा है। दूसरे चरण में उन विद्यालयों को प्राथमिकता दी गई है, जहाँ सबसे अधिक विद्यार्थियों के बायोमेट्रिक अपडेट लंबित हैं। साथ ही, ऐसे बड़े विद्यालयों का भी चयन किया गया है, जिनके आसपास अन्य विद्यालय भी संचालित होते हैं, जिससे अधिकाधिक विद्यार्थियों को लाभ मिल सके। यूआईएडीएआई और शिक्षा विभाग ने विद्यार्थियों के आधार का बायोमेट्रिक स्टेटस देखने के लिये यू-डाइस+ पोर्टल पर विशेष सुविधा विकसित की है। इसके माध्यम से विद्यालय आसानी से उन विद्यार्थियों की पहचान कर सकेंगे जिनका अपडेट लंबित है। अभियान के सफल संचालन के लिए 26 सितम्बर को जिला परियोजना समन्वयक, जिला शिक्षा अधिकारी, प्रोग्रामर, ब्लॉक रिसोर्स सेंटर, ब्लॉक शिक्षा अधिकारी और शासकीय विद्यालयों के प्राचार्यों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से प्रशिक्षित किया गया। इससे पूर्व यूआईएडीएआई आधार ऑपरेटरों को भी प्रशिक्षित कर चुका है। विद्यालय प्राचार्यों को निर्देश दिए गए हैं कि वे यू-डाइस+ पोर्टल से लंबित विद्यार्थियों की सूची प्राप्त करें। सूची में शामिल विद्यार्थियों को पूर्व सूचना दें और शिविर के लिए रोस्टर तैयार करें। साथ ही, विद्यार्थियों को नजदीकी आधार सेवा केंद्रों में भी बायोमेट्रिक अपडेट कराने के लिए प्रेरित करें।  

सोनम वांगचुक को रिहा करने की मांग को लेकर आप का जोरदार कदम

नई दिल्ली आम आदमी पार्टी (आप) ने शिक्षाविद् सोनम वांगचुक गिरफ्तारी को गलत करार देते हुए उनकी तत्काल रिहाई की माँग की है। आप के वरिष्ठ नेता दुर्गेश पाठक ने शनिवार को कहा कि पिछले दो-तीन दिनों में पूरे देश के अंदर हुए घटनाक्रम बहुत डरावने है और हमारे लोकतंत्र को कमजोर करने वाले हैं। यह घटना मोदी सरकार के तानाशाही चरित्र को दिखाता है। कई वर्षों से लद्दाख को केंद्र शासित राज्य से पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर आंदोलन चल रहा है। इस पूरे आंदोलन का नेतृत्व जाने-माने पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक कर रहे थे।  सोनम वांगचुक को एशिया का नोबल पुरस्कार कहे जाने वाले रमन मैग्सेसे पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। आठ से अधिक यूनिवर्सिटी ने उनको डॉक्टरेट की उपाधि दी है। खुद मोदी सरकार ने उनको कई सारे अवार्ड देकर सम्मानित किया है। इनके बावजूद श्री वांगचुक के ऊपर एनएसए लगाकर गिरफ्तार कर लिया गया। सरकार ने आरोप लगाया कि सोनम वांगचुक देशद्रोही और भारत के खिलाफ काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पिछले कई सालों से पूरे देश के अंदर देखा जा रहा है कि जो भी व्यक्ति भाजपा या मोदी सरकार के खिलाफ बोलता है, तो उस व्यक्ति को किसी एक्ट में फंसाकर उसे जेल भेज देती है। इसके जरिए भाजपा दिखाना चाहती है कि कोई भी व्यक्ति मोदी सरकार की आलोचना नहीं कर सकता है और ना तो मोदी सरकार के खिलाफ बोल सकता है। भाजपा ने अपने घोषणा पत्र में लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने का वादा किया था। लद्दाख के लोग मोदी सरकार से अपना वादा पूरा करने की ही मांग कर रहे हैं। श्री पाठक ने कहा कि आम आदमी पार्टी भारत से प्यार करने वाले, भारतीय लोकतंत्र के मूल्यों से प्यार करने वाले हर भारतीय को सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी का विरोध करने की अपील करती है। मोदी सरकार की यह कार्रवाई भारतीय लोकतंत्र के खिलाफ है। मोदी सरकार की इस करतूत को देखकर आज हमारे संविधान निर्माता बाबा साहब डॉ. अंबेडकर, पंडित जवाहर लाल नेहरू, सरदार बल्लभ भाई पटेल शर्मिंदा होंगे। उन्होंने कहा कि केंद्र की सत्ता में बैठी मोदी सरकार विपक्ष की आवाज को खत्म करने के लिए किसी भी हद तक जा रही है। आम आदमी पार्टी सोनम वांगचुक को तत्काल रिहा करने और उन पर लगा एनएसए हटाने की मांग करती है। सरकार लद्दाख के लोगों की मांगों को सुने और उसे पूरा करे।  

रायपुर में पीएम सूर्यघर योजना ने दिया राहत और मुनाफा, प्रतिकूल मौसम में भी सफलता

रायपुर: पीएम सूर्यघर योजना ने प्रतिकूल मौसम में भी किसानों को दी राहत और मुनाफा पड़ोसी को देख पड़ोसी ने लगवाया अपनी छत पर भी सोलर पैनल रायपुर छत्तीसगढ़ में अपनी छतों पर सोलर पैनल लगाकर बिजली बनाने और उसका उपयोग करने की प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना तेजी से लोकप्रिय हो रही है। इस योजना से घरों के बिजली बिलों में कटौती तो हो ही रही है, इसके साथ-साथ अतिरिक्त बिजली को ग्रिड में भेजकर मुनाफा भी हो रहा है। गरमी, उमस भरी बरसात या ठंड जैसे प्रतिकूल मौसम में भी इस योजना से बिजली की आबाध आपूर्ति के साथ-साथ आर्थिक लाभ भी हो रहा है। कोरबा जिले के कटघोरा में पड़ोसी ने पड़ोसी को देखकर अपनी छत पर सोलर पैनल लगवाया है।  कटघोरा कस्बे में श्रीमती ज्योति अनंत और श्री गोरे सिंह राजपूत आसपास रहते हैं। श्रीमती ज्योति ने अपनी घर की छत पर सोलर पैनल लगवाकर अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा किया। उन्होंने बताया कि अब उनके घर के सभी उपकरण निर्बाध रूप से चल रहे हैं और घर की ऊर्जा का उत्पादन पूरी तरह आत्मनिर्भर है। “पहले गर्मी का मौसम चुनौतीपूर्ण लगता था, अब वही मौसम राहत और मुनाफा लेकर आता है। हम अपनी जरूरत की बिजली स्वयं बना रहे हैं और अतिरिक्त बिजली ग्रिड में भेजकर आर्थिक लाभ भी अर्जित कर रहे हैं। उन्होंने योजना की सबसे बड़ी खासियत यह बताई कि यह पर्यावरण के लिए सुरक्षित और हरित ऊर्जा के लिए लाभकारी है। उनकी छत केवल बिजली उत्पादन का केंद्र ही नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और हरित छत्तीसगढ़ में योगदान का प्रतीक बन गई है।   पड़ोसी से प्रेरित होकर श्री गोरे सिंह राजपूत ने भी प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का लाभ उठाया। उन्होंने बताया कि योजना के माध्यम से उनके घर की छत पर तीन किलोवाट का सोलर पैनल इंस्टॉल हुआ, जिसकी कुल लागत एक लाख 95 हजार रुपये थी और केंद्र सरकार की 78 हजार रुपये की सब्सिडी मिली। उन्होंने बताया कि अब उनका मासिक बिजली बिल लगभग शून्य हो गया है और घर की विद्युत आपूर्ति के लिए वे पूरी तरह आत्मनिर्भर है। श्री राजपूत ने कहा, “सौर ऊर्जा अपनाकर हम न केवल अपने खर्च में संतुलन ला रहे हैं, बल्कि पर्यावरण की रक्षा में भी योगदान दे रहे हैं। इस योजना से हमारा जीवन आसान और आर्थिक रूप से सशक्त हुआ है। यह अनुभव अन्य स्थानीय निवासियों के लिए भी प्रेरणा बन रहा है।” प्रधानमंत्री श्री मोदी और मुख्यमंत्री श्री साय ने इस योजना के माध्यम से नागरिकों को स्वच्छ और सस्ती ऊर्जा उपलब्ध कराई है। इस पहल से परिवारों में आत्मनिर्भरता, आर्थिक स्थिरता और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिला है। श्रीमती ज्योति और श्री गोरे सिंह राजपूत ने योजना के लिए अपना हृदय से धन्यवाद व्यक्त किया और भविष्य में इस तरह की योजनाओं के निरंतर लाभ की उम्मीद जताई। प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना देश के आम नागरिकों के लिए स्वच्छ ऊर्जा और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बन चुकी है। योजना का उद्देश्य आम नागरिकों को हरित ऊर्जा अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना, घरेलू खर्च में संतुलन लाना और आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बढ़ाना है। इस योजना के तहत रियायती दरों पर सोलर पैनल उपलब्ध कराए जाते हैं और केंद्र सरकार द्वारा 78 हजार रुपये की सब्सिडी और राज्य सरकार से रूपये 30 हजार की राशि लाभार्थियों को प्रदान की जाती है। इससे न केवल आर्थिक राहत मिलती है, बल्कि परिवारों को उनकी बिजली की जरूरतों के लिए स्वतंत्रता भी मिलती है। प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना का लाभ लेने के लिए नागरिक सरल प्रक्रिया के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। योजना की वेबसाइट और स्थानीय प्रशासन कार्यालय इसके लिए मार्गदर्शन प्रदान करते हैं। यह योजना पर्यावरण संरक्षण और हरित ऊर्जा के प्रति नागरिकों में जागरूकता भी बढ़ा रही है। इससे सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा भी मिल रहा है।