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नवरात्रि ऐप पर डर्टी चैट और प्लानिंग का खुलासा, विवा कॉलेज के गरबा ग्रुप में सामने आई गंभीर बात

विरार  देश में इस समय नवरात्री की धूम है. हर तरफ पूजा पाठ से लेकर गरबा तक कई रांगा-रंग कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है. इसी बीच महाराष्ट्र के विरार इलाके से नवरात्रि के पावन मौके पर एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है. यहां न्यू विवा कॉलेज में डांडिया के दौरान कुछ छात्रों ने लड़कियों का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया ऐप डिस्कॉर्ड पर डाला और उन पर अश्लील कमेंट भी किए. यह मामला सामने आने पर कार्यक्रम आयोजकों ने तुरंत इसकी शिकायत पुलिस को दी, जिसके बाद FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है. लड़कियों के वीडियो डाल किए गंदे कमेंट्स पुलिस FIR के मुताबिक, न्यू विवा कॉलेज में पिछले 20 सालों से नवरात्रि पर गरबा का आयोजन होता है. इसमें कॉलेज के छात्र, पूर्व छात्र और इलाके के लोग शामिल होते हैं. इस बार भी 22 सितंबर से 26 सितंबर तक गरबा का कार्यक्रम चला. इसी दौरान कॉलेज के एक छात्र ने डांडिया खेलती लड़कियों का वीडियो बनाया और उसे डिस्कॉर्ड पर पोस्ट कर दिया. न सिर्फ इतना, बल्कि उसने और एक अन्य युवक ने इन वीडियो पर अश्लील भाषा में कमेंट भी किए. कैसे लगा आरोपी का पता? दरअसल, 26 सितंबर की शाम को कॉलेज में डांडिया का कार्यक्रम चल ही रहा था कि एक अज्ञात व्यक्ति कॉलेज प्रशासन के पास पहुंचा और बताया कि एक छात्र ने लड़कियों का वीडियो डालकर सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक बातें लिखी हैं. इसके बाद कॉलेज ने जब अन्य छात्रों से पूछताछ की, तो पता चला कि वीडियो शाहिद नाम के छात्र ने अपने मोबाइल और व्हाट्सएप नंबर (9765383955) से डिस्कॉर्ड पर डाला है. वहीं, फैज नाम के एक और अकाउंट से उन पर गंदे कमेंट्स किए गए हैं. पुलिस की कार्रवाई इस घटना की शिकायत मिलते ही विरार पुलिस ने शाहिद और फैज नामक अकाउंट होल्डर के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है. पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने इस हरकत से समाज और लड़कियों की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है. फिलहाल जांच जारी है और पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इन अकाउंट्स को कौन-कौन चला रहा था और वीडियो कैसे शेयर किए गए.

गठबंधन की सियासत में कांग्रेस की चाल बदलती, विवादित बिल पर अचानक बदला रुख

नई दिल्ली बिहार चुनाव से पहले विपक्षी एकता बनाने की कोशिश और इंडिया गठबंधन की एकजुटता का संदेश देने की कोशिशों के तहत मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने अपने पुराने रुख में बदलाव किया है। इसी कड़ी में कांग्रेस ने इंडिया गठबंधन के अंदर सभी साथी दलों के बीच आम सहमति बनाने की कोशिश में पीएम-सीएम को हटाने संबंधी 130वें संविधान संसशोधन बिल समेत कुल तीन विधेयकों पर बनी संयुक्त संसदीय समिति का बहिषाकार करने का फैसला किया है। यह वही बिल है, जिसमें प्रावधान किया गया है कि 30 दिनों की जेल की सज़ा काट रहे प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्रियों और मंत्रियों को स्वतः बर्खास्त कर दिया जाएगा। हालाँकि, कांग्रेस का यह फैसला तृणमूल कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, आप और शिवसेना द्वारा जेपीसी के बहिष्कार की घोषणा के बाद आया है। दरअसल, कांग्रेस भ्रष्टाचार का ठप्पा लगाए जाने के डर से अब तक जेपीसी से बाहर रहने के फैसले से हिचकिचा रही थी। कांग्रेस के अलावा दूसरे प्रमुख विपक्षी दलों यानी डीएमके, एनसीपी और वाम दलों की भी JPC में भागीदारी भी संदिग्ध है। इससे इस बात की संभावना प्रबल हो गई है कि अब पूरा विपक्ष इस मुद्दे पर एकजुट हो गया है और जेपीसी का बहिष्कार करने जा रहा है। बता दें कि संसद के मॉनसून सत्र के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इन विधेयकों को संसद में पेश किया था, जिसे बाद में सदन ने संयुक्त संसदीय समिति को जांच के लिए भेज दिया था। कांग्रेस का क्या तर्क था? कांग्रेस सूत्रों के हवाले से TOI की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि पार्टी ने जेपीसी से दूर रहने का औपचारिक फैसला ले लिया है और जल्द ही लोकसभा अध्यक्ष को इस बारे में सूचित किया जाएगा। पहले कांग्रेस इस तर्क के साथ जेपीसी में शामिल होने को तैयार हुई थी कि सरकार को इस समिति में मनमानी करने की पूरी छूट नहीं दी जा सकती लेकिन इस विचार पर विपक्षी एकता भारी पड़ी और अब कांग्रेस ने उन चारों दलों का साथ देने का फैसला किया, जो पहले ही दिन से JPC का बहिष्कार कर रहे थे। केसी वेणुगोपाल ने दिए थे संकेत कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने भी इससे पहले इस बात के संकेत दिए थे कि कांग्रेस इंडिया गठबंधन के साथी दलों के बीच इस मुद्दे पर आम सहमति बनाने की कोशिश करेगी और मिलकर ही सामूहिक फैसला लेगी। बता दें कि जब 30 अगस्त को लोकसभा में यह बिल पेश किया गया था, तब विपक्षी दलों ने सदन में खूब हंगामा मचाया था। बड़ी बात यह भी है कि तीनों विधेयकों को जेपीसी को सौंपे जाने के फैसले की घोषणा के लगभग एक महीने बाद भी लोकसभा अध्यक्ष जेपीसी की घोषणा नहीं कर पाए हैं।

हरियाणा राजनीति में हलचल: हुड्डा को मिली CLP लीडर की जिम्मेदारी, BJP बोली- ‘यह तो पहले से तय था’

झज्जर  हरियाणा की राजनीति में जारी सियासी खींचतान के बीच भाजपा के राष्ट्रीय सचिव ओपी धनखड़ ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा को कांग्रेस विधायक दल का आधिकारिक नेता बनाए जाने पर चुटकी लेते हुए कहा कि ‘पहले वे अघोषित नेता थे, अब घोषित हो गए हैं।’ धनखड़ ने कहा कि कांग्रेस का यही ढंग है] जिसे पहले से पर्दे के पीछे ताकत दी जाती है, उसी को बाद में मंच पर बिठा दिया जाता है। धनखड़ ने कहा कि कांग्रेस बार-बार नेतृत्व संकट से जूझ रही है। राव नरेंद्र सिंह को प्रदेश अध्यक्ष बनाने और हुड्डा को सीएलपी लीडर घोषित करने के बावजूद पार्टी में असंतोष कम नहीं होगा। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, ‘देखते हैं, कांग्रेस भविष्य में कितना अच्छा कर पाती है।’ इनेलो पर भी साधा निशाना इनेलो द्वारा साल 2029 में हरियाणा में सरकार बनाने का दावा करने पर धनखड़ ने व्यंग्य किया कि यह ‘हवाई घोषणा’ है। उन्होंने कहा कि जनता भाजपा की नीतियों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व पर भरोसा करती है। इसलिए आने वाले कई वर्षों तक प्रदेश में भाजपा की ही सरकार बनेगी। सेवा पखवाड़ा और ‘बचत पर्व’ का जिक्र धनखड़ बाढ़सा कैंसर इंस्टीट्यूट में भाजपा द्वारा आयोजित रक्तदान शिविर का उद्घाटन करने पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिवस से शुरू हुआ सेवा पखवाड़ा अब प्रदेश में एक उत्सव का रूप ले चुका है। रक्तदान, स्वास्थ्य जांच, स्वच्छता अभियान, पौधारोपण और खेल प्रतियोगिताओं जैसे कार्यक्रम समाज को नयी दिशा दे रहे हैं। जीएसटी दरों में हालिया कटौती पर धनखड़ ने कहा कि बाजारों में उत्साह है और लोग इसे ‘बचत पर्व’ मानकर खरीददारी कर रहे हैं। इसे प्रधानमंत्री की दूरदर्शी आर्थिक नीति का नतीजा बताया।

सोने-चांदी के रेट में रिकॉर्ड तेजी, Gold 1.16 लाख के पार, silver भी महंगी हुई — जानें ताज़ा रेट

मुंबई  त्योहारी सीजन में सोना-चांदी की कीमतें आसमान छू रही हैं. भारतीय सर्राफा बाजार में इस कारोबारी सप्ताह के दूसरे दिन आज (मंगलवार), 30 सितंबर 2025 को सोना-चांदी के भाव में फिर बढ़ोतरी देखने को मिली है. सोने की कीमत 1 लाख 16 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम के पार पहुंच गई है. वहीं, चांदी का रेट 1 लाख 45 हजार रुपये प्रति किलो से अधिक है. इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (India Bullion And Jewellers Association) के मुताबिक,सोमवार, 29 सितंबर की शाम को 916 शुद्धता यानी 22 कैरेट गोल्ड का रेट (Gold Rate) 105756 रुपये प्रति 10 ग्राम था जो आज, 30 सितंबर की सुबह बढ़ोतरी के साथ 107083 रुपये तक आ गया है. इसी तरह शुद्धता के आधार पर सोना महंगा हुआ है और चांदी की कीमत में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है. इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन द्वारा जारी किए गए रेट पूरे देश में सर्वमान्य हैं लेकिन इसकी कीमतों में जीएसटी शामिल नहीं होती है. बता दें कि गहने खरीदते समय सोने या चांदी के दाम टैक्स समेत होने की वजह से ज्यादा होते हैं. Gold Price Today 30 September: सोना-चांदी का लेटेस्ट रेट   शुद्धता सोमवार शाम का रेट मंगलवार सुबह का रेट कितना सस्ता या महंगा सोना (प्रति 10 ग्राम) 999 (24 कैरेट) 115454 116903 1449 रुपये महंगा सोना (प्रति 10 ग्राम) 995 (23 कैरेट) 114992 116435 1443 रुपये महंगा सोना (प्रति 10 ग्राम) 916 (22 कैरेट) 105756 107083 1327 रुपये महंगा सोना (प्रति 10 ग्राम) 750 (18 कैरेट) 86591  87677 1086 रुपये महंगा सोना (प्रति 10 ग्राम) 585 (14 कैरेट) 67541 68388 847 रुपये महंगा चांदी (प्रति 1 किलो) 999  144387 145060 673 रुपये महंगी सोमवार को क्या रहा सोना-चांदी का भाव इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (India Bullion And Jewellers Association) के मुताबिक, सोमवार को भी सोने के दामों में बढ़ोतरी देखी गई थी और चांदी के भाव भी बढ़ गए थे. IBJA के अनुसार, 999 शुद्धता वाले 24 कैरेट सोने का रेट 115292 रुपये था जो शाम के समय 115454 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया था. वहीं, चांदी की कीमत 144100 से बढ़कर 144387 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई थी. ibja की ओर से केंद्रीय सरकार द्वारा द्वारा घोषित रेट शनिवार और रविवार के साथ-साथ केंद्र सरकार की छुट्टियों पर जारी नहीं किए जाते. इंडियन बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन की ओर से जारी कीमतों से अलग-अलग प्योरिटी के सोने के स्टैंडर्ड भाव की जानकारी मिलती है. ये सभी रेट टैक्स और मेकिंग चार्ज के पहले के हैं.

सरेआम मेडिकल स्टोर पर धावा: जालंधर में फिल्मी अंदाज में अंजाम दी वारदात

जालंधर  जालंधर में चोरों और लुटेरों का आतंक बढ़ता जा रहा है। इसी बीच जालंधर के लद्देवाली इलाके में फिल्मी स्टाइल में नकाबपोश लुटेरों द्वारा वारदात को अंजाम दिया गया। बताया जा रहा है कि गत शाम मेडिकल स्टोर में दुकानदार अकेला था कि 3 लुटेरे तेजधार हथियारों के साथ दुकान में आए और दुकानदार पर हमला कर लूट की वारदात को अंजाम दिया। यह पूरी वारदात सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। दुकानदार बलविंदर के अनुसार लुटेरों ने उसका मोबाइल और ₹5000 नगद छीन लिया। दुकानदार के चिल्लाने की आजाव सुनकर आसपास के लोग आ गए और एक लुटेरे को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। पकड़ा गया लुटेरा थाना बिलगा गांव शेखपुरा का रहने वाला है, जबकि बाकी दो लुटेरे अभी फरार हैं। वहीं सवाल खड़े हो रहे हैं कि शाम के समय इलाके में चहल-पहल होती है पर फिर भी बेखौफ होकर लुटेरों द्वारा वारदात को अंजाम दिया गया। थाना रामा मंडी पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और इलाके में गश्त बढ़ाने की बात कही है। 

संघर्ष और समर्पण की मिसाल रहे वोक्स, इंटरनेशनल क्रिकेट से लिया संन्यास

लंदन  इंग्लैंड के अनुभवी ऑलराउंडर क्रिस वोक्स ने सोमवार को इंटरनेशनल क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास का ऐलान कर दिया. 36 वर्षीय वोक्स हाल ही में भारत बनाम इंग्लैंड सीरीज़ में नजर आए थे. इस सीरीज में उनकी एक तस्वीर भी सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुई थी, जिसमें वो टूटे हुए हाथ से बल्लेबाजी के लिए मैदान पर आए थे.  वोक्स ने लगभग 15 सालों तक इंग्लैंड के लिए खेला और 2011 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टी20I में डेब्यू किया. एक महीने पहले भारत के खिलाफ पांचवें और अंतिम टेस्ट में वोक्स को मैदान पर फील्डिंग करते हुए कंधे की गंभीर चोट लगी और उनका कंधा खिसक गया था. इसके बाद से उनकी इंग्लैंड टीम में वापसी लगभग नामुमकिन लग रही थी. फिर भी, उनका करियर शानदार रहा.  62 टेस्ट: 192 विकेट, 2034 रन (1 शतक, 7 अर्धशतक) 122 वनडे: 173 विकेट 33 टी20I उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धि रही 2019 वर्ल्ड कप की जीत.  एशेज सीरीज में नहीं हुआ चयन सोशल मीडिया पर लंबे बयान में वोक्स ने लिखा, 'वह पल आ गया है, और मैंने तय किया है कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने का समय आ गया है. इंग्लैंड के लिए खेलना मेरा बचपन का सपना था, और मैं बेहद भाग्यशाली हूं कि इसे जी पाया. इंग्लैंड का प्रतिनिधित्व करना, पिछले 15 वर्षों में अपने साथियों के साथ मैदान साझा करना, जिनमें से कई जीवनभर के दोस्त बन गए, ये सब मेरी सबसे बड़ी गर्व की बातें रहेंगी.' इससे पहले ईसीबी के एमडी रॉबर्ट की ने स्पष्ट कर दिया था कि वोक्स अब उनके प्लान में नहीं हैं. हालांकि, वोक्स ने साफ कर दिया है कि वह काउंटी क्रिकेट खेलना जारी रखेंगे और फ्रैंचाइज़ी लीग में भी अवसर तलाशेंगे.

पाथ ग्रुप पर ED का शिकंजा, अनिल अंबानी केस से कनेक्शन और करोड़ों की हेराफेरी की जांच

इंदौर  प्रदेश के औद्योगिक शहर इंदौर में मंगलवार सुबह प्रवर्तन निदेशालय ने छापामार कार्रवाई की है। ईडी ने पाथ इंडिया ग्रुप के ठिकानों पर अचानक रेड की है। तड़के करीब 6 बजे ईडी की टीम पांच से छह गाड़ियों के साथ महू स्थित बंगला नंबर 76 और शहर के अन्य ठिकानों पर पहुंची। टीम ने ग्रुप से जुड़े कार्यालयों और निदेशकों के आवासों में तलाशी अभियान शुरू किया। मीडिया को छापामारी स्थल पर प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई। कौन हैं पाथ ग्रुप के डायरेक्टर पाथ इंडिया लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर नितिन अग्रवाल हैं। कंपनी में निपुण अग्रवाल, सक्षम अग्रवाल, नीति अग्रवाल और संतोष अग्रवाल डायरेक्टर हैं। इसके अलावा आशीष अग्रवाल और आदित्य उपाध्याय को इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के तौर पर जोड़ा गया है। साथ ही कंपनी की मैनेजमेंट टीम में राजेश झमानी (सीनियर जनरल मैनेजर), संजय कुमार बोरसे (जीएम), जेपी मिश्रा (सीजीएम एचआर एंड एडमिन), नुकुंज परमार (जीएम फाइनेंस), मनीष शर्मा (जीएम टोल ऑपरेशन), अनुज गोयल (जीएम कॉन्ट्रैक्ट्स), अनुराग सुराना (सीनियर जीएम मैकेनिकल), हेमंत गर्ग (सीएस), विशाल मुदगल (जीएम मार्केटिंग), नवनीत शर्मा, सुलतान अहमद खान और असरफ हुसैन कुरैशी (चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर) शामिल हैं। ईडी ने इन सभी से जुड़े दस्तावेजों और लेन-देन की गहन जांच शुरू कर दी है। अनिल अंबानी केस से जुड़ रही कड़ी सूत्रों का कहना है कि यह छापेमारी अनिल अंबानी से संबंधित बैंक लोन घोटाले की जांच का हिस्सा है। जानकारी के मुताबिक अंबानी की एक कंपनी और पाथ ग्रुप के बीच कई निर्माण परियोजनाओं को लेकर करार हुए थे। ईडी को शक है कि इन समझौतों के बहाने करोड़ों रुपए की हेराफेरी की गई। 10 साल पहले भी पड़ी थी रेड करीब दस साल पहले भी पाथ ग्रुप पर आयकर विभाग ने दबिश दी थी। तब खुलासा हुआ था कि राजस्थान में एक हाईवे निर्माण प्रोजेक्ट का ठेका अनिल अंबानी की कंपनी को मिला था। जिसे पाथ ग्रुप को सब-कॉन्ट्रैक्ट के रूप में सौंपा गया। इस दौरान दो अलग-अलग अनुबंध सामने आए थे। आरोप था कि सीक्रेट एग्रीमेंट के जरिए अतिरिक्त रकम को अलग-अलग कंपनियों के माध्यम से बाहर भेजा गया। बाद में दुबई से वापस भारत लाया गया।

रहस्य खुला: हेडगेवार ने संघ की स्थापना की थी सिर्फ 17 साथियों के साथ, इस घर से हुई शुरुआत

नई दिल्ली  राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 साल पूरे हो रहे हैं। 2 अक्तूबर को होने वाले विजयादशमी पर्व के साथ ही RSS अपनी स्थापना के 100 सालों के उत्सव को मनाने की शुरुआत कर रहा है। कभी नागपुर के मोहिते का वाड़ा नाम की जगह पर शुरू हुआ संगठन भारत ही नहीं बल्कि दुनिया भर के तमाम देशों में चल रहा है। करोड़ों स्वयंसेवकों के साथ आरएसएस एक लंबी यात्रा पूरी कर चुका है। इस संगठन ने भारत छोड़ो आंदोलन, आजादी, विभाजन, आपातकाल से लेकर अब तक देश और समाज के जीवन में कई उतार चढ़ाव देखे। यही नहीं तीन बार प्रतिबंधों का भी सामना किया, लेकिन हर बार आरएसएस पहले से ज्यादा मजबूत होकर उभरा। आरएसएस की स्थापना से जुड़ी पहली मीटिंग डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार के घर पर ही हुई थी, जो संघ के संस्थापक थे। 27 सितंबर, 1925 को पहली मीटिंग हुई थी और संयोग से वह दशहरे का दिन था। तभी से आरएसएस दशहरे को एक उत्सव के रूप में मनाता है और इस दिन पथ संचलनों का भी आयोजन किया जाता है। दिलचस्प तथ्य यह है कि जिस दिन आरएसएस की स्थापना हुई थी, उस समय 17 लोग ही डॉ. हेडगेवार के साथ मौजूद थे। इनमें से कुछ लोगों ने आगे सालों तक संघ का कार्य किया, जबकि कुछ लोगों की राह अलग भी हुई। इन 17 नामों में ये लोग शामिल थे। हेडगेवार के जिस घर पर आरएसएस की पहली बैठक हुई थी, आज वह देश भर के स्वयंसेवकों के लिए आस्था का केंद्र रहा है। अकसर देश भर के स्वयंसेवक यहां पहुंचते रहे हैं और यादें ताजा करते रहे हैं। बता दें कि डॉ. हेडगेवार एक दौर में कांग्रेस में ही थे और तब मध्य प्रांत के अध्यक्ष हुआ करते थे। लेकिन उन्होंने कांग्रेस छोड़कर आरएसएस का गठन किया। उनका उद्देश्य था कि स्वतंत्र भारत में हिंदू समाज की जागरूकता के लिए एक संगठन का निर्माण हो। डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार 2.    बापूजी साठे 3.    प्रल्हाद ठाकरे 4.    बालाजी हेडगेवार 5.    बापूराव भेड़ी 6.    भाऊजी कावरे 7.    अन्ना सोहनी 8.    विश्वनाथ राव केलकर 9.    रघुनाथराव बांडे 10.    अन्ना वैद्य 11.    नरहर पालेकर 12.    दादाराव परमार्थ 13.     अन्नाजी गायकवाड़ 14.    बाबूराव तेलंग 15.    तात्या तेलंग 16.     बालासाहेब आठाल्ये 17.     भाऊजी दाफे

सुहागरात पर उठाया अनोखा कदम, दुल्हन ने पति के साथ बिस्तर साझा करने से किया इनकार

किशनगढ़ अजमेर जिले के किशनगढ़ में हुई एक शादी इन दिनों हर ओर चर्चा का विषय बनी हुई है. मंडप में गूंजते ढोल-नगाड़े, मेहमानों की चहकती हंसी और दुल्हन की सजी-धजी एंट्री. सब कुछ बिल्कुल आम लग रहा था. लेकिन जैसे ही पहली रात आई, दुल्हन ने पति के साथ एक ही बिस्तर पर सोने से साफ इंकार कर दिया. कहने लगी हमारे यहां परंपरा है, इसके बाद वह बोली सास के गहने भी पहना दो,. इसके बाद रात में जब सच सामने आया तो सबके होश उड़ गए. नई नवेली दुल्हन गहनों और नकदी के साथ आधी रात को घर से रफूचक्कर हो चुकी थी. सात फेरे, रौनक और नई उम्मीदें राकेश नाम के युवक की शादी जयपुर में धूमधाम से कराई गई थी. परंपरागत रस्मों के बीच दुल्हन आगरा से आई और पूरे रीति-रिवाज के साथ सात फेरे लेकर दूल्हे के साथ किशनगढ़ पहुंची. मां ने बहू का स्वागत किया, सोने के गहनों से सजाया और परिवार के लोग खुशी से झूम उठे. सबको लग रहा था कि अब घर में नई रौनक छा जाएगी. सुहागरात का अनोखा बहाना शादी के बाद दूल्हा जब अपने कमरे में पहुंचा तो उसने सोचा कि अब नए रिश्ते की शुरुआत होगी. लेकिन दुल्हन ने अचानक कहा हम आज एक साथ नहीं सो सकते, हमारे रीति-रिवाज में ऐसा नहीं होता. परिवार ने सोचा कि हो सकता है किसी परंपरा की बात हो, इसलिए किसी ने ज्यादा जोर नहीं दिया. मगर दुल्हन का यह बहाना दरअसल एक बड़े खेल की शुरुआती चाल थी. रात के अंधेरे में गायब करीब तीन बजे जब दूल्हा पानी पीने के लिए उठा तो उसे कुछ अजीब लगा. कमरे का दरवाजा आधा खुला था और अलमारी अस्त-व्यस्त. जैसे ही उसने गौर से देखा, समझ आया कि दुल्हन गायब है. केवल वही नहीं, अलमारी से सोने के जेवर और नकदी भी साफ हो चुके थे. पूरे घर में हड़कंप मच गया. रिश्तेदार और पड़ोसी इकट्ठा हो गए, लेकिन दुल्हन का कोई सुराग नहीं मिला. 2 लाख का सौदा और दलाल का खेल पीड़ित परिवार का आरोप है कि यह रिश्ता जितेंद्र नाम के एक दलाल ने पक्का कराया था. आगरा की इस युवती के लिए दलाल ने पूरे दो लाख रुपये लिए थे. परिवार को विश्वास दिलाया गया था कि लड़की अच्छे घराने से है और यह रिश्ता बिल्कुल सही है. शादी जयपुर में परंपरागत तरीके से हुई और सबकुछ सामान्य लगा. किसी ने सोचा भी नहीं था कि यह शादी ठगी का हिस्सा है. शिकायत और पुलिस जांच घटना के बाद पीड़ित युवक राकेश और उसके परिवार ने मदनगंज थाना पहुंचकर पूरी कहानी सुनाई. पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और फरार चल रहे दलाल जितेंद्र व युवती की तलाश शुरू कर दी है. पुलिस के मुताबिक यह गैंगबाज़ी का हिस्सा हो सकता है, जहां शादी के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह सक्रिय हैं. हर ओर इसी शादी की चर्चा किशनगढ़ और आसपास के इलाकों में यह मामला अब चर्चा का केंद्र बना हुआ है. लोग हैरान हैं कि शादी जैसे पवित्र रिश्ते को किस तरह से अपराधियों ने ठगी का जरिया बना लिया. मोहल्ले के लोगों का कहना है कि पीड़ित परिवार सीधा-सादा है और दलाल पर अंधा विश्वास कर बैठा. यही उनकी सबसे बड़ी भूल साबित हुई. बढ़ती घटनाएं और ठगी का पैटर्न राजस्थान में यह कोई पहली घटना नहीं है. पिछले कुछ वर्षों में शादी के नाम पर ठगी के कई मामले सामने आ चुके हैं. इसमें एक संगठित गिरोह शामिल होता है दलाल रिश्ता तय करता है, लड़की दुल्हन बनकर शादी करती है और फिर पहली रात या कुछ दिनों के भीतर गहने-नकदी लेकर फरार हो जाती है. कुछ दिन बाद वही लड़की किसी दूसरे शहर या इलाके में नई पहचान के साथ फिर से यही खेल खेलती है. परिवार का दर्द दूल्हा राकेश और उसका परिवार सदमे में है. मां, जिसने अपनी नई बहू को सोने के गहनों से सजाया था, अब हर पल उस पल को कोस रही है. रिश्तेदारों के बीच यह मामला चर्चा का विषय है और हर कोई परिवार को ढांढस बंधा रहा है. लेकिन भीतर से पूरा घर टूटा हुआ है. पुलिस की चुनौती मामला दर्ज हो चुका है लेकिन पुलिस के लिए यह आसान नहीं है. दुल्हन और दलाल दोनों फरार हैं और इस तरह के गिरोह पहचान बदलने में माहिर होते हैं. हालांकि पुलिस का दावा है कि उनके पास कुछ पुख्ता सुराग हैं और जल्द ही आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा.

कंजक पूजन के दिन जालंधर मंदिर में अद्भुत नजारा, दर्शनों के लिए उमड़ी भीड़

जालंधर नवरात्रों के अवसर पर कंजक पूजन के दिन सूदा चौक स्थित मशहूर महावीर मंदिर में एक अनोखी घटना देखने को मिली। जानकारी के अनुसार मंदिर में विराजमान माता रानी की मूर्ति अचानक अपने आप हिलने लगी। इस घटना के बाद मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। मंदिर के पुजारी ने बताया कि हर साल नवरात्रों में मंदिर में दुर्गास्तुति का पाठ किया जाता था, लेकिन इस बार किसी कारण यह पाठ प्रारंभ नहीं हो सका। हालांकि, आज माता की मूर्ति हिलने के बाद श्रद्धालुओं के आग्रह पर दुर्गास्तुति का पाठ शुरू कर दिया गया। एक श्रद्धालु महिला ने बताया कि सुबह करीब 9 बजे जब वह दर्शन करने पहुंची, तो माता की मूर्ति लगभग 10 बार हिलती हुई उसने खुद देखी। इसके बाद उसने मोहल्ले के लोगों को सूचना दी, जिसके चलते बड़ी संख्या में लोग मंदिर पहुंचने लगे। दूसरे श्रद्धालु ने बताया कि करीब 11 बजे पुजारी के आने तक भी मूर्ति हिलती रही। सभी लोग इस घटना को माता रानी का चमत्कार मान रहे हैं। वर्तमान में मंदिर में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी हुई हैं और लोग दर्शन के लिए लगातार पहुंच रहे हैं।