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आज का शुभ संयोग: पुष्य नक्षत्र में खुले भाग्य के द्वार, जानें क्या खरीदने से मिलेगा अपार धन

मंदसौर दीपोत्सव के लिए सजे बाजार में 14 अक्टूबर पुष्य नक्षत्र में खूब ग्राहकी होगी। जीएसटी में राहत मिलने से बाजार में उत्साह है। सभी बाजारों में अच्छी बुकिंग के साथ ही खरीदारी भी जोरदार है। वाहन बाजार में पुष्य नक्षत्र के शुभ मुहूर्त में खरीदी के लिए करीब 200 वाहनों की बुकिंग हुई है। शो रूम संचालकों का कहना है कि पुष्य नक्षत्र में मंदसौर 300 से अधिक वाहनों की बिक्री का अनुमान है। वहीं सराफा बाजार में भी पुष्य नक्षत्र के लिए बुकिंग हो चुकी है। इलेक्ट्रॉनिक्स, फर्नीचर, बाजार और बही खाते के बाजार भी सजकर ग्राहकी के लिए तैयार हैं। सभी बाजारों में पुष्य नक्षत्र के एक दिन पहले तैयारियां चलती रही। इसके साथ ही धनतेरस और दीपावली पर भी खरीदी के लिए ग्राहकों द्वारा बुकिंग की जा रही है। 14 अक्टूबर को मंगल पुष्य नक्षत्र दीपावली से पहले 14 अक्टूबर को मंगल पुष्य नक्षत्र है। पुष्य नक्षत्र में खरीदी बेहद शुभ मानी जाती है। यही कारण है कि ग्राहक भी पुष्य नक्षत्र का ही इंतजार करते हैं। इसके साथ ही ग्राहकी का इंतजार कर रहे व्यवसायियों ने इसी आस में दुकानें सजाई हैं। इलेक्ट्रॉनिक्स, बर्तन, सराफा, ऑटोमोबाइल के साथ कपड़ा बाजार में भी जमकर खरीददारी की उम्मीद है। शहर के दुपहिया वाहन शोरूम पर एक सप्ताह पूर्व से ही वाहनों की बुकिंग शुरू हो चुकी है। सोमवार की दोपहर तक सभी शो रूम पर मिलाकर करीब 200 से अधिक वाहनों की बुकिंग हो चुकी है। लोग वाहन शुभ मुहूर्त में अपने घर ले जाएंगे। इलेक्ट्रॉनिक्स आइटम, आभूषण की नई डिजाइनों की मांग को देखते हुए व्यापारियों ने भी तैयारी शुरू कर दी है। कपड़ा और बर्तन बाजारों में भी अच्छी ग्राहकी होने की उम्मीद है। शहर में दुपहिया और चार पहिया वाहनों के 10 से अधिक शोरूम हैं। वाहनों के शो रूम पर पुष्य नक्षत्र के शुभ मुहूर्त में खरीदी के लिए वाहनों की बुकिंग सोमवार को भी चलती रही। पुष्य नक्षत्र को लेकर व्यापारियों के साथ ही वाहन खरीदी को लेकर ग्राहकों में उत्साह है। जीएसटी में राहत मिलने के बाद से ही वाहन बाजार में उत्साह की दिवाली है। व्यवसायियों के अनुसार पुष्य नक्षत्र के शुभ मुहूर्त में सभी शो रूम से करीब 300 से अधिक वाहन लोग अपने घर ले जाएंगे। वाहन शो रूम संचालक त्रिलोकसिंह नारंग ने बताया कि पुष्य नक्षत्र में अच्छी बिक्री की उम्मीद है। पिछले साल की तुलना में इस साल अधिक उत्साह है। बुकिंग भी अच्छी हुई है। इसके साथ ही कार सहित अन्य बड़े वाहनों के बाजार में भी उत्साह है। सराफा बाजार सराफा बाजार में शहर में करीब 250 से अधिक दुकानें हैं। नवरात्र से ही अच्छा व्यापार चल रहा है। अब पुष्य नक्षत्र में खरीदी के लिए सराफा बाजार भी पूरी तरह से तैयार है। सराफा व्यापारी विजय मेहता ने बताया कि बहुत अच्छा व्यापार है। पुष्य नक्षत्र के लिए सोने-चांदी की ज्वेलरी की बुकिंग हो चुकी है। पुष्य नक्षत्र पर शुभ मुहूर्त में सोने के ईयरिंग, मंगलसूत्र, चेन, लाइट वेट रोज गोल्ड, हार और अंगूठी की मांग अच्छी है। सराफा व्यापारी विपिन संघवी ने बताया कि पुष्य नक्षत्र में छोटी ज्वेलरी की मांग तेज है, लाइटवेट ज्वेलरी की मांग बनी हुई है। इसके बाद धनतेरस और दीपावली पर अच्छा व्यापार होने की उम्मीद है। बुकिंग भी चल रही है। इलेक्ट्रॉनिक बाजार इलेक्ट्रॉनिक दुकानों पर एलईडी, फ्रीज, वाशिंग मशीन, माइक्रोवेव सहित कई उत्पादों की बुकिंग हो चुकी है। ग्राहक आज शुभ मुहूर्त में अपने घर सामान ले जाएंगे। इस बार भी नए आइटम और डिजाइनर फ्रीज की भी अच्छी मांग है। ऑटोमैटिक वाशिंग मशीन और बड़े एलईडी टीवी की डिमांड भी है। इलेक्ट्रॉनिक्स उपकरण शो रूम संचालकों के अनुसार टीवी, फ्रीज के साथ एलईडी टीवी और अन्य इलेक्ट्रॉनिक आइटम की डिमांड बढ़ रही है। पुष्य नक्षत्र पर बाजार में अच्छी ग्राहकी होने की उम्मीद है। जीएसटी में राहत के बाद इलेक्ट्रॉनिक बाजार में भी ग्राहकी का उत्साह है। पुष्य नक्षत्र के बाद धनतेरस और दीपावली पर बाजार में अच्छी ग्राहकी रहेगी। बर्तन बाजार दीपावली पर्व पर बर्तन बाजार में भी खासा उत्साह है। नवरात्र के बाद आज पुष्य नक्षत्र पर बर्तन बाजार में अच्छी खरीदारी की उम्मीद है। बर्तन व्यापारियों के अनुसार पुष्य नक्षत्र पर बर्तनों की बिक्री होगी। इसके बाद धनतेरस और दीपावली तक बर्तन बाजार में अच्छी ग्राहकी की उम्मीद है। इस बार भी अच्छी ग्राहकी की उम्मीद को लेकर कई वैरायटियों के सामान दुकानों में रखे हैं। रेडिमेड शोरूम संचालकों ने बताया दीपावली से पहले ग्राहकी बहुत अच्छी चल रही है। पुष्य नक्षत्र के साथ दीपावली तक बाजार में अच्छा कारोबार होगा।  

त्योहारों में घर जाना हुआ आसान: यूपी में दीपावली और छठ के लिए चलेंगी अतिरिक्त बसें

बलरामपुर दीपावली एवं छठ पूजा को लेकर परिवहन निगम ने तैयारी शुरू कर दी है। दिल्ली, कानपुर व प्रयागराज, समेत 14 मार्गाें पर बसों का संचालन बढ़ाया जाएगा। जिस मार्ग पर यात्रियों की संख्या बढ़ेगी उस मार्ग पर और बसों की संख्या बढ़ा दी जाएगी। दीपावली व छठ पूजा में यात्रियों की सुविधा को लेकर परिवहन निगम ने सभी रूटों पर रोडवेज बसों के संचालन की कार्ययोजना तैयार कर ली है। मुख्यालय से निर्देश मिलने पर बसों का संचालन करने की बात निगम के अधिकारी कह रहे है।   दिल्ली मार्ग पर 10 से बढ़ाकर 14 बसों का संचालन किया जाएगा। इसी तरह कानपुर मार्ग पर 22 से 30, बहराइच-लखनऊ मार्ग पर आठ से 10, गोंडा, लखनऊ मार्ग पर 10 से 12, अयोध्या मार्ग पर छह से 10, वाराणसी मार्ग पर दो से चार व प्रयागराज मार्ग पर चार बढ़ाकर पांच बसें कर दी गई हैं। वहीं, बस्ती मार्ग पर एक से दो, बलरामपुर,गोंडा-बढ़नी रूट पर पांच, बहराइच मार्ग पर 10 इसी तरह उतरौला मार्ग पर रोडवेज बसों के फेरे बढ़ाए गए हैं। इससे सफर करने वाले यात्रियों को आसानी होगी। सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक गोपीनाथ दीक्षित ने बताया कि वर्तमान में 101 बसाें का बेड़ा हैं। दीपावली व छठ पूजा को देखते हुए सभी मार्गों पर बसों का संचालन बढ़ाने की कार्ययोजना तैयार की गई है। मुख्यालय से निर्देश मिलने पर बढ़ाई गई बसों का संचालन किया जाएगा।  

डायबिटीज के मरीजों के लिए दिवाली स्पेशल: मिठाई की जगह करें ये आसान बदलाव

नई दिल्ली  दिवाली नजदीक है और घर-घर में तैयारियां जोरों पर हैं। इस पर्व पर तरह-तरह की मिठाइयां, नमकीन और तले-भुने व्यंजन बनाए जाते हैं। लेकिन डायबिटीज के मरीजों के लिए यह मौसम चुनौती भरा हो सकता है, क्योंकि थोड़ी-सी लापरवाही भी ब्लड शुगर लेवल को तेजी से बढ़ा सकती है।डॉक्टर बताती हैं कि त्योहारों में डायबिटीज के मरीजों को खानपान में विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। त्योहार के दौरान मिठाइयां, तली-भुनी चीजें और कोल्ड ड्रिंक्स का सेवन करने से ब्लड शुगर लेवल में अचानक उछाल आ सकता है, जिससे तबीयत बिगड़ सकती है। त्योहार पर डायबिटीज के मरीज क्या खाएं? डॉक्टरों के अनुसार, फाइबर, प्रोटीन और हेल्दी फैट से भरपूर भोजन शुगर को नियंत्रित रखने में मदद करता है। ऐसे खाद्य पदार्थ ब्लड शुगर को धीरे-धीरे बढ़ाते हैं और शरीर को आवश्यक पोषण भी देते हैं। शामिल करें ये हेल्दी चीजें दाल और चना: प्रोटीन और फाइबर के अच्छे स्रोत हैं, जो ब्लड शुगर को स्थिर रखते हैं। हरी पत्तेदार सब्जियां: जैसे पालक, मेथी, सरसों का साग और ब्रोकली। ये शरीर में सूजन कम करती हैं और इंसुलिन की कार्यक्षमता बढ़ाती हैं। नट्स और बीज: बादाम, अखरोट, चिया और फ्लैक्स सीड्स हेल्दी फैट से भरपूर होते हैं। कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले फल: जैसे सेब, नाशपाती, संतरा और अमरूद ये धीरे-धीरे शुगर रिलीज करते हैं। स्वस्थ तेल और फैट: जैतून का तेल, एवोकाडो और अलसी के बीज ब्लड शुगर को स्थिर रखते हैं।   अगर मिठाई खाने का मन करे, तो घर पर बिना चीनी वाली मिठाइयां जैसे नारियल लड्डू, खजूर-ड्राईफ्रूट बॉल्स या गुड़ से बनी डेजर्ट्स सीमित मात्रा में खा सकते हैं। बशर्ते शुगर लेवल कंट्रोल में हो।  त्योहार पर डायबिटीज के मरीज क्या न खाएं? त्योहारों में कई बार स्वाद के चक्कर में हम भूल जाते हैं कि शरीर की सीमाएं भी होती हैं। डायबिटीज के मरीजों को कुछ चीजों से सख्ती से परहेज करना चाहिए। मीठी मिठाइयां: गुलाब जामुन, जलेबी, रसगुल्ला और बर्फी जैसी मिठाइयां ब्लड शुगर को तुरंत बढ़ा देती हैं। तले-भुने स्नैक्स: पकौड़े, समोसे, पूरियां और चिप्स शुगर व कोलेस्ट्रॉल दोनों को प्रभावित करते हैं। साबूदाना और आलू के व्यंजन: इनका ग्लाइसेमिक इंडेक्स हाई होता है, जिससे शुगर तेजी से बढ़ती है। कोल्ड ड्रिंक्स और जूस: बाजार में मिलने वाले जूस और ड्रिंक्स में छिपी चीनी शरीर पर भारी असर डालती है। शहद और सिंथेटिक स्वीटनर: ये भी ब्लड शुगर को प्रभावित कर सकते हैं, इसलिए सीमित मात्रा में ही लें।  डायबिटीज के मरीजों के लिए महत्वपूर्ण टिप्स एक बार में बहुत अधिक खाना खाने से बचें। हर 2–3 घंटे में हल्का और संतुलित भोजन करें। मिठाई या कार्ब्स खाने के बाद 15–20 मिनट की वॉक जरूर करें। दिन में पर्याप्त पानी पिएं और नींद पूरी लें। नियमित रूप से ब्लड शुगर मॉनिटर करें। दिवाली खुशियों और मिठास का त्योहार है, लेकिन सेहत की मिठास सबसे जरूरी है। डायबिटीज के मरीज अगर अपने खानपान में थोड़ा संयम रखें, तो त्योहार का पूरा आनंद ले सकते हैं। बिना शुगर लेवल बिगाड़े। थोड़ी समझदारी से आपकी दिवाली भी मीठी रहेगी और सेहत भी दुरुस्त!   

मौसम ने बदला मिज़ाज: हरियाणा में तेज ठंड, जानें अपने इलाके का तापमान

हरियाणा  हरियाणा में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। राज्य के कई हिस्सों में तापमान गिरकर 17 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। फरीदाबाद समेत कई जिलों में रात की ठंड बढ़ गई है। वहीं, बारिश के चलते खेतों में नमी बनी हुई है, जिससे रबी की फसलों की बुआई के लिए यह मौसम अनुकूल साबित हो रहा है। फरीदाबाद में बढ़ा प्रदूषण, एक्यूआई फिर ‘खतरनाक’ दूसरी ओर, फरीदाबाद में दिवाली से पहले ही हवा की गुणवत्ता बिगड़ने लगी है। खासकर बल्लभगढ़ क्षेत्र में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) में अचानक उछाल देखा गया है। शुक्रवार को यहां AQI 258 तक पहुंच गया, जबकि एक दिन पहले यह केवल 162 था। शहर में लगी प्रदूषण मापने वाली कई मशीनें लगातार खराब हो रही हैं, जिससे सटीक डेटा लोगों तक नहीं पहुंच पा रहा है। रविवार को सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक बल्लभगढ़ का AQI वेबसाइट पर उपलब्ध नहीं हो सका। सेक्टर 16-A की मशीन भी काम नहीं कर रही थी। हालांकि सुबह 9 बजे तक बल्लभगढ़ में पीएम 2.5 का स्तर 185 और पीएम 10 का स्तर 150 रिकॉर्ड किया गया। तापमान में गिरावट, ठंडी रातें शुरू हरियाणा में उत्तर-पश्चिमी हवाओं के चलते तापमान में लगातार गिरावट देखी जा रही है। हिसार, महेंद्रगढ़ और फरीदाबाद में रात का न्यूनतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। अक्टूबर के पहले नौ दिनों में ही करीब 30 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है, जबकि आमतौर पर इस अवधि में केवल 4 मिमी बारिश होती है। इस बार बारिश सामान्य से 64.9% अधिक हुई है। 2004 के बाद यह पहली बार है जब अक्टूबर में इतनी अधिक वर्षा दर्ज की गई। तब पूरे महीने में 58.4 मिमी बारिश हुई थी। रबी फसलों के लिए अनुकूल मौसम बारिश के बाद तापमान सामान्य से नीचे चला गया है। महेंद्रगढ़ की रात सबसे ठंडी रही, जहां न्यूनतम तापमान 17.1 डिग्री दर्ज किया गया। ठंडी रातों के चलते लोगों ने कूलर और एसी का इस्तेमाल बंद कर दिया है। मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ आगे बढ़ने के बाद 14 अक्टूबर तक मौसम शुष्क रहेगा। दिन में हल्की धूप और रात में ठंड का यह मौसम रबी फसलों की बुआई के लिए उपयुक्त है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि किसानों को इस समय सरसों, चना और गेहूं जैसी रबी फसलों की बुआई कर देनी चाहिए, ताकि फसल की पैदावार बेहतर हो।  

MP में भी लागू होगा ‘SIR’ अभियान: चुनाव आयोग की निगरानी में 5.75 लाख वोटर संदेह के घेरे में

रीवा निर्वाचन आयोग के निर्देश पर मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम  की शुरुआत हो गई है। इसमें 2003 की मतदाता सूची से वर्तमान मतदाताओं का मिलान किया जाएगा। जिन मतदाताओं के माता-पिता के नाम उस समय की वोटर लिस्ट में दर्ज नहीं थे, उनका सत्यापन किया जाएगा और उनसे जरूरी दस्तावेज मांगे जाएंगे। रीवा और मऊगंज जिले की प्रारंभिक रिपोर्ट आयोग को भेज दी गई है। कुल 5,72,250 मतदाता इस जांच के दायरे में आएंगे। घर-घर जाकर होगी जांच निर्वाचन आयोग के निर्देश पर 2014 बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) डोर-टू-डोर सर्वे करेंगे। रीवा जिले में 1463 और मऊगंज जिले में 518 पोलिंग बूथ शामिल हैं। 1200 से अधिक मतदाताओं वाले मतदान केन्द्रों को विभाजित किया जा रहा है, जिससे दोनों जिलों में करीब 350 नए बूथ बढ़ जाएंगे। कौन-कौन से दस्तावेज देने होंगे जिन परिवारों के नाम 2003 की वोटर लिस्ट में नहीं हैं, उन्हें अपना नाम लिस्ट में बनाए रखने के लिए 2–3 दस्तावेज देने होंगे। जिनका जन्म 1 जुलाई 1987 से पहले हुआ है, उन्हें पिता से संबंध प्रमाणपत्र के साथ कोई एक मान्य दस्तावेज देना होगा। इसके लिए आपको पासपोर्ट, शैक्षणिक प्रमाणपत्र, स्थायी निवास प्रमाणपत्र, वन अधिकार पत्र, जाति प्रमाणपत्र (OBC/SC/ST), आधार कार्ड, पारिवारिक रजिस्टर, जन्म प्रमाणपत्र, बैंक या सरकारी पहचान पत्र, भूमि या मकान आवंटन प्रमाणपत्र, पेंशन आदेश आदि देना होगा। ग्रामीण विधानसभा क्षेत्रों में बढ़े मतदाता? आयोग को भेजी रिपोर्ट के अनुसार शहरी रीवा विधानसभा में मतदाताओं की संख्या 11,239 कम हुई है। वहीं ग्रामीण विधानसभा क्षेत्रों में मतदाता तेजी से बढ़े हैं जैसे…     त्योंथर: +37,287     मनगवां: +93,659     गुढ़: +50,605     सिरमौर: +36,321     मऊगंज: +59,468     देवतालाब: +78,308     2008 में अस्तित्व में आई सेमरिया विधानसभा में अब 2,27,841 मतदाता हैं। BLO का काम हुआ और कठिन पुनरीक्षण कार्य से बूथ लेवल ऑफिसरों की जिम्मेदारी बढ़ गई है। वर्तमान में वे नगरीय निकायों की वोटर लिस्ट तैयार करने में भी लगे हैं, जिससे शिक्षक BLOs का शैक्षणिक कार्य प्रभावित हो रहा है। जल्द ही आयोग की ओर से डोर-टू-डोर सर्वे की विस्तृत कार्ययोजना जारी की जाएगी। जिला उप निर्वाचन अधिकारी सुधीर बेक का बयान निर्वाचक नामावली के गहन पुनरीक्षण में 2003 की सूची से संबंधित मतदाताओं एवं उनके माता-पिता के नामों का मिलान किया जाएगा। प्रारंभिक जानकारी आयोग को भेज दी गई है, आगे के निर्देशानुसार प्रक्रिया अपनाई जाएगी।  

चिराग को सीटें तो मिलीं, लेकिन क्या पसंदीदा इलाके भी मिलेंगे? NDA में खींचतान तय!

पटना  बिहार विधानसभा चुनाव के लिए एनडीए में रविवार को सीट बंटवारे का ऐलान कर दिया गया है. बीजेपी और जेडीयू के बीच बराबर-बराबर सीटों पर लड़ने का फॉर्मूला तय हुआ है, तो चिराग पासवान की मन की मुराद पूरी हो गई है. चिराग की पार्टी एलजेपी (आर) को 29 सीटें मिली हैं. चिराग पासवान को एनडीए में मन के मुताबिक सीटों की संख्या तो मिली, लेकिन क्या पसंदीदा सीटें भी मिल पाएंगी? एनडीए में अभी यह पूरी तरह से तय नहीं हुआ है कि एलजेपी किन 29 सीटों पर चुनाव लड़ेगी. 2020 के चुनाव में चिराग एनडीए का हिस्सा नहीं थे, उस समय जेडीयू 115 सीट पर चुनाव लड़ी थी और बीजेपी ने 110 सीट पर उम्मीदवार उतारे थे. जेडीयू और बीजेपी चिराग को सीटें देने के लिए कम सीटों पर लड़ने को राज़ी हो गई हैं, लेकिन असली मामला अब उन सीटों पर फंसा है, जहां पर जेडीयू, बीजेपी और हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा का कब्ज़ा है. नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू और बीजेपी दोनों 101-101 सीटों पर चुनाव लड़ेंगी. बाकी सीटें छोटे सहयोगी दलों को दी गई हैं. इनमें सबसे ज़्यादा फ़ायदा चिराग पासवान की एलजेपी (रामविलास) को हुआ. एनडीए में चिराग की पार्टी को 29 सीटें मिली हैं. चिराग की पार्टी लगातार 30 से 35 सीटें मांग रही थी और उसी लिहाज़ से उसे 29 सीटें मिली हैं. चिराग पासवान का एनडीए में बढ़ता क़द अब किसी से छिपा नहीं है. बिहार की राजनीति में उन्हें अब 'किंगमेकर' के तौर पर देखा जा रहा है. सवाल ये है कि चिराग पासवान में ऐसी क्या ख़ास बात है कि बीजेपी और जेडीयू दोनों अपनी सीटों का नुक़सान उठाकर भी उन्हें ज़्यादा महत्व देने का काम किया है.  चिराग को पसंदीदा सीटें भी मिलेंगी? एनडीए में सीट शेयरिंग के मामले में चिराग पासवान 30-35 सीटों पर दावेदारी कर रहे थे, लेकिन बीजेपी शीर्ष नेतृत्व के दख़ल के बाद चिराग पासवान 29 सीटों पर लड़ने के लिए तैयार हुए हैं. इसका ऐलान भी रविवार को केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कर दिया, ऐसे में मामला उन सीटों पर फंस सकता है, जहां पर बीजेपी और जेडीयू ने 2020 में कब्ज़ा जमाया था. चिराग पासवान ने जिन 29 सीटों पर चुनाव लड़ने का अभी तक प्लान बनाया है, उनमें से कई सीटें ऐसी हैं, जिन पर जेडीयू और बीजेपी का कब्ज़ा है. बीजेपी और जेडीयू क्या अपनी जीती हुई सीटें एलजेपी के लिए छोड़ने को तैयार होंगी? जेडीयू ने जिस तरह से पिछले चुनाव में सीटें जीती थीं, उनमें से छोड़ना उसके लिए आसान नहीं है. माना जा रहा है कि एलजेपी की दावे वाली चार सीटों पर बीजेपी का कब्ज़ा है तो तीन सीटों पर जेडीयू के विधायक हैं. इसके अलावा एक सीट पर जीतनराम मांझी की पार्टी का कब्ज़ा है. चिराग का बढ़ता सियासी क़द चिराग पासवान अपने पिता और बिहार के दिग्गज दलित नेता राम विलास पासवान की सियासी विरासत को संभाल रहे हैं. राम विलास पासवान का बिहार में गहरी जड़ें वाला दलित वोट बैंक था. दलितों में ख़ासकर दुसाध समुदाय में है, यह समुदाय राज्य में एक बड़ा जनसमूह है. एनडीए के लिए इनका साथ जीत में बड़ी भूमिका निभा सकता है.  2020 में चिराग पासवान की पार्टी एनडीए से बाहर रहकर 135 सीटों पर लड़ी थी और सिर्फ़ 1 सीट जीत पाई थी. चिराग पासवान भले ही सीटें जीतने में सफल नहीं रहे, लेकिन एनडीए से बाहर जाकर लड़ने पर नीतीश कुमार की पार्टी को गहरा झटका दिया था. एनडीए में पहली बार बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी.  2025 के विधानसभा चुनाव में चिराग को लेकर 2020 से बिल्कुल अलग रणनीति है। चिराग की पार्टी एनडीए के साथ ही चुनाव लड़ रही है. गठबंधन में उन्हें लड़ने के लिए 29 सीटें मिली हैं, जिस पर वह ख़ुश हैं. चिराग की कैसे बढ़ी अहमियत 2024 के लोकसभा चुनाव में चिराग पासवान की पार्टी ने शानदार प्रदर्शन किया था. वह पांच सीटों पर चुनाव लड़े थे और सभी पांचों पर जीत दर्ज किए थे. यह नतीजा उनके संगठन और जनाधार की मज़बूती दिखाता है. इसी के बाद से बीजेपी और जेडीयू दोनों को यह समझ में आ गया कि चिराग पासवान अब केवल सहयोगी दल के नेता नहीं, बल्कि बिहार की राजनीति में एक बड़ी ताक़त बन चुके हैं. बीजेपी को बिहार में जहां सवर्ण और शहरी वोटरों का समर्थन मिलता है तो जेडीयू को कुर्मी और पिछड़े वर्ग का. ऐसे में चिराग की पार्टी दलित समुदाय को जोड़ती है, जिससे गठबंधन की सामाजिक पकड़ और मज़बूत होती है. यही वजह है कि उन्हें 29 सीटें तो मिल गई हैं, लेकिन क्या मनमर्ज़ी वाली सीटें भी मिलेंगी? चिराग की सियासी महत्वाकांक्षा चिराग पासवान की सियासी महत्वाकांक्षा अब सिर्फ़ कुछ सीटें जीतने तक सीमित नहीं है. वह ख़ुद को बिहार की अगली पीढ़ी के नेताओं में स्थापित करना चाहते हैं. वह बार-बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व पर भरोसा जताते हैं, जिससे बीजेपी के साथ उनका रिश्ता और मज़बूत हुआ है. इस बार किंगमेकर बनने का सपना लेकर चुनावी मैदान में उतर रहे हैं, जिसके लिए एक-एक सीट पर नज़र गड़ाए हुए हैं. बिहार में इस बार के सीट बंटवारे ने यह साफ़ कर दिया है कि एनडीए की रणनीति में चिराग पासवान अब छोटे सहयोगी नहीं, बल्कि मुख्य चेहरा बन गए हैं. चिराग की पार्टी की मज़बूती और दलित वोट बैंक पर पकड़, आने वाले चुनावों में एनडीए के लिए चिराग कितनी रोशनी साबित होते हैं या फिर अपनी सियासी उम्मीदों को उजाला करेंगे?

भोपाल की सड़कें बनीं जानलेवा, ट्रैफिक पुलिस ने बताए 16 हादसे वाले पॉइंट, 5 स्थान बेहद संवेदनशील

भोपाल राजधानी में सड़क सुरक्षा की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। इस साल 1 जनवरी से 31 अगस्त के बीच, शहर में सड़क हादसों में 21 लोगों की जान गई और 75 घायल हुए। यह आंकड़ा सिर्फ मिसरोद पुलिस स्टेशन इलाके का है, जो शहर के सबसे खतरनाक ब्लैकस्पॉट 'ग्यारह मील' के पास स्थित है। तीसरे नंबर पर कोलार पुलिस स्टेशन का इलाका आंकड़ों के मुताबिक, मिसरोद पुलिस स्टेशन इलाके में 114 सड़क हादसों में 21 लोगों की मौत हुई और 75 लोग घायल हुए। इसके बाद कोह-ए-फिजा का नंबर आता है, जहां 132 हादसों में 16 लोगों की जान गई और 102 घायल हुए। तीसरे नंबर पर कोलार पुलिस स्टेशन इलाका है, जहां 100 हादसों में 15 लोगों की मौत हुई और 93 घायल हुए। कहां हुईं सबसे ज्यादा मौत पूरे शहर की बात करें तो, जोन-4 में सबसे ज्यादा मौतें हुईं। इस जोन में 479 हादसों में 60 लोगों की जान गई और 372 लोग घायल हुए। जोन-4 में कोलार, चुनाभट्टी, निशातपुरा, छोला, गांधी नगर, खुजरी और बैरागढ़ पुलिस स्टेशन इलाके आते हैं। जोन-2 में 667 हादसों में 47 मौतें और 480 घायल हुए। जोन-1 में 461 हादसों में 24 मौतें और 379 घायल हुए। वहीं, जोन-3 में 319 हादसों में 26 मौतें और 242 घायल हुए। मिसरोद सबसे खतरनाक स्पॉट मिसरोद इलाका भोपाल-होशंगाबाद हाईवे पर पड़ता है और यहां ट्रैफिक बहुत ज्यादा रहता है। इसी वजह से यहां लगातार हादसे हो रहे हैं। ट्रैफिक अधिकारी बताते हैं कि तेज रफ्तार, लापरवाही से गाड़ी चलाना और सड़क नियमों का पालन न करना हादसों के मुख्य कारण हैं। अतिरिक्त डीसीपी (ट्रैफिक) बसंत कौल ने बताया कि मिसरोद में होशंगाबाद रोड और जोन-4 में इंदौर रोड पर हादसे ज्यादा होते हैं। रात में ज्यादा हादसे रात में भारी वाहन तेज रफ्तार से शहर की सड़कों पर आते हैं, जिससे खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा, देर रात पार्टी करने वाले युवा भी तेज रफ्तार से गाड़ी चलाते हैं और हेलमेट व सीटबेल्ट का इस्तेमाल नहीं करते, जिससे रात में होने वाले हादसों का खतरा बढ़ जाता है। कौल ने यह भी कहा कि पुलिस, लोक निर्माण विभाग और भोपाल नगर निगम के बीच बेहतर तालमेल की जरूरत है, खासकर जोन-4 के हादसों के आंकड़ों का विश्लेषण करने और उन पर कार्रवाई करने के लिए। ट्रैफिक पुलिस ने ढूंढे 16 ब्लैक स्पॉट भोपाल ट्रैफिक पुलिस ने पहले ही शहर में 16 'ब्लैक स्पॉट्स' (ज्यादा हादसे वाली जगहें) की पहचान की थी। यह पहचान पिछले तीन सालों (2022-2024) के हादसों के आंकड़ों के आधार पर की गई थी। हालांकि, इन जगहों पर इंजीनियरिंग की खामियों को दूर करने के लिए बार-बार सिफारिशें की गईं, लेकिन उन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। अधिकारियों का कहना है कि कुछ जगहों पर सिर्फ अस्थायी समाधान किए गए, जबकि असली समस्या जस की तस बनी हुई है।  

देश के श्रेष्ठ संस्थानों में शामिल हुआ IIT पटना, मिला छठा स्थान, वर्ल्ड रैंकिंग में भी शानदार जगह

पटना  आईआईटी पटना ने एक बार फिर अपनी शैक्षणिक उत्कृष्टता का लोहा मनवाया है। प्रतिष्ठित टाइम्स हायर एजुकेशन वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2026 में संस्थान को विश्वस्तर पर 601–800 रैंक बैंड में जगह मिली है। देश के सभी आईआईटी में आईआईटी पटना छठे स्थान पर रहा है। संस्थान के निदेशक प्रो. टीएन सिंह ने कहा कि यह उपलब्धि पूरे आईआईटी पटना परिवार के लिए गर्व का क्षण है। उन्होंने कहा, यह सफलता हमारे शिक्षकों, छात्रों, शोधकर्ताओं और पूर्व छात्रों की मेहनत और समर्पण का परिणाम है। यह हमारी उत्कृष्टता के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। टाइम्स हायर एजुकेशन रैंकिंग में विश्वविद्यालयों को शिक्षण, शोध, उद्योग सहयोग और अंतरराष्ट्रीय दृष्टिकोण जैसे कई मानकों पर परखा जाता है। आईआईटी पटना ने सभी मानकों पर संतुलित प्रदर्शन किया है। विशेष रूप से संस्थान को शोध गुणवत्ता में 70.4 का उत्कृष्ट स्कोर प्राप्त हुआ। इसके अतिरिक्त, शिक्षण में 34.8, शोध परिवेश में 22.5, उद्योग सहयोग में 36.0 तथा अंतरराष्ट्रीय दृष्टिकोण में 22.8 का स्कोर प्राप्त हुआ। संस्थान का कुल स्कोर 39.0 से 43.5 के बीच रहा, जो मुख्य शैक्षणिक और शोध मानकों में संतुलित प्रगति को दर्शाता है। आईआईटी पटना अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक मानचित्र पर लगातार अग्रसर है, जहां निरंतर विकास, नवाचार और वैश्विक सहयोग पर विशेष बल दिया जा रहा है।  

भोपाल में हवा हुई ज़हरीली: AQI 39 से बढ़कर 128, एक्सपर्ट बोले- हालात और बिगड़ सकते हैं

भोपाल  सांस और हार्ट के मरीजों के लिए खतरे की घंटी है। शहर की हवा में प्रदूषण बढ़ने लगा है। सात दिन में प्रदूषण तीन गुना बढ़ गया है। हवा में धूल के साथ ओजोन गैस की मात्रा अधिक पाई गई। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड आंकड़ों में यह बात सामने आई है। टीटी नगर में इसका असर सबसे अधिक है। हवा की गुणवत्ता जांचने शहर में सात स्थानों पर जांच हो रही है। इनमें तीन रियल टाइम मॉनिटरिंग हैं। एयर क्वालिटी रिपोर्ट में ये चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक शनिवार को एक्यूआइ औसत 128 मापा गया है, जबकि 6 अक्टूबर को यह 39 था। इसमें पीएम 10 और ओजोन बड़ा कारण रहा। टीटी नगर, अरेरा कॉलोनी और ईदगाह हिल्स क्षेत्र में रियल टाइम जांच में हवा की यह रिपोर्ट सामने आई। ये हैं नुकसान -हवा में धूल-धुएं के बढ़ने से सबसे पहले नाक, गला और आंखों में जलन -फेफड़ों में सूजन की समस्या -कमजोर इम्युनिटी सिस्टम वालों को दिक्कत -हृदय पर तनाव बढ़ेगा ऐसे करें बचाव -सामान्य मास्क की जगह 95 मास्क का इस्तेमाल करें। -सुबह के समय धूल के कण अधिक होते हैं, इसलिए बचें। -इम्यूनिटी मजबूत करने के लिए ताज़े फल और पानी ज्यादा पीएं। एक्सपर्ट बोले अभी और बिगड़ेगी स्थिति पर्यावरणविद् एसके दुबे के मुताबिक शहर में धूल उड़ है। टूटी सड़कें बड़ा कारण है, वहीं कचरा जलाने के मामले बढ़े हैं। यह ओजोन का स्तर बढऩे का कारण है। सर्दी बढ़ने के साथ हवा का प्रदूषण अभी और बढ़ेगा। एक्यूआर का स्तर बढ़ रहा है। धूल इसका प्रमुख कारण है। मौसम खुलने से धूल और धुंआ का स्तर बढ़ रहा है। रिपोर्ट में पीएम 10 सहित वाहनों का धुआं एक्यूआइ बढ़ा रहा है। सर्दी बढऩे के साथ यह स्तर और बढ़ेगा। ब्रजेश शर्मा, क्षेत्रीय अधिकारी मप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड

BMW Group India की बिक्री में उछाल, अब तक 11,978 यूनिट्स बिकीं, SUVs का बढ़ा क्रेज

नई दिल्ली लग्जरी कार निर्माता कंपनी BMW Group India ने कैलेंडर वर्ष 2025 में अपनी मज़बूत वृद्धि दर जारी रखी है. बीते सितंबर माह में खत्म हुई तीन तिमाही में कंपनी ने 11,978 कारों और एसयूवी की बिक्री के साथ अब तक की सर्वश्रेष्ठ बिक्री दर्ज की है. यह पिछले साल की इसी नौ महीने की अवधि की तुलना में 13 प्रतिशत की वार्षिक बढ़ोतरी दिखाता है, जिससे कंपनी बिक्री के मामले में एक और सर्वश्रेष्ठ वर्ष दर्ज करने की स्थिति में पहुंच गई है. कैलेंडर वर्ष 2024 में कंपनी ने 15,721 कारों और एसयूवी की बिक्री की थी. बिक्री के विभाजन की बात करें तो BMW कारों और एसयूवी की नौ महीनों में 11,510 यूनिट्स बिकीं, जबकि MINI India की 468 यूनिट्स बिकीं. 2025 की तीसरी तिमाही में यह बिक्री 4,204 यूनिट्स की रही, जो पिछले साल की तुलना में 21 प्रतिशत ज्यादा है, और BMW ने GST 2.0 सुधारों के बाद मांग में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया है. बीती तिमाही के लिए कंपनी की व्यक्तिगत बिक्री 4,033 BMW कारों की रही, जबकि MINI की 171 यूनिट्स बेची गईं. BMW India ने सितंबर 2025 के लिए अपनी अब तक की सर्वश्रेष्ठ बिक्री की भी सूचना दी, हालांकि कोई बिक्री आंकड़े उपलब्ध नहीं कराए गए. इलेक्ट्रिक वाहनों की मजबूत मांग BMW Group India ने भारतीय बाजार में अपने इलेक्ट्रिक वाहनों की मजबूत मांग की रिपोर्ट जारी रखी है और सितंबर 2025 तक BMW और MINI ब्रांडों की 2,509 यूनिट्स की बिक्री हुई है. यह साल-दर-साल 246 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्शाता है, और अब तक कैलेंडर वर्ष में बेचे गए सभी वाहनों में इलेक्ट्रिक वाहनों का हिस्सा 21 प्रतिशत है. जुलाई-सितंबर तिमाही में इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री कुल 1,187 यूनिट्स की दर्ज की गई है. BMW Group India ने यह भी बताया कि 2025 की तीसरी तिमाही में भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री 5,000 यूनिट्स के आंकड़े को पार कर जाएगी. सबसे ज्यादा बिकी BMW 3 Series सेडान BMW ने 3 Series, 5 Series, 7 Series/i7 और BMW iX1 सहित अपनी लंबी व्हीलबेस कारों की रेंज की मांग में भी वृद्धि दर्ज की है. कंपनी ने बताया कि 2025 की तीसरी तिमाही के अंत तक भारतीय बाजार में बिकने वाली सभी कारों में लंबी व्हीलबेस मॉडल की हिस्सेदारी 50 प्रतिशत होगी, जो 2025 की दूसरी तिमाही के अंत तक 47 प्रतिशत थी. 2025 के नौ महीनों में कुल बिक्री 5,720 यूनिट्स रही, जो पिछले वर्ष की तुलना में 169 प्रतिशत ज्यादा है. सेडान बाज़ार में, BMW 3 Series, BMW 5 Series की जगह कंपनी का सबसे ज़्यादा बिकने वाला मॉडल बन गया है. कंपनी की साल भर में बिकने वाली सभी कारों में BMW 3 Series की 16 प्रतिशत हिस्सेदारी रही. इससे पहले, 2025 की पहली छमाही तक BMW के सेडान बिक्री चार्ट में BMW 5 Series सबसे आगे थी.