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लॉन्ग वीकेंड ब्रेक: 4 दिन बंद रहेगा शेयर बाजार, दिवाली पर खुलेगा सिर्फ 60 मिनट के लिए

नई दिल्ली दिवाली का पर्व केवल घरों में ही नहीं, बल्कि शेयर बाजार में भी विशेष महत्व रखता है। हर साल की तरह इस साल भी दिवाली मुहूर्त ट्रेडिंग होगी, लेकिन उससे पहले बाजार में लगातार चार दिनों की छुट्टियों का सिलसिला देखने को मिलेगा। निवेशकों और ट्रेडर्स के लिए यह ब्रेक किसी अलर्ट से कम नहीं है। बीएसई (BSE) और एनएसई (NSE) की आधिकारिक छुट्टियों की सूची के अनुसार, बाजार 19 अक्टूबर (शनिवार) से लेकर 22 अक्टूबर (मंगलवार) तक पूरी तरह बंद रहेगा: 19 अक्टूबर (शनिवार): धनतेरस इस दौरान न केवल स्टॉक मार्केट, बल्कि मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) और करेंसी डेरिवेटिव्स मार्केट भी बंद रहेंगे।  दिवाली मुहूर्त ट्रेडिंग कब होगी? BSE और NSE ने संयुक्त रूप से घोषणा की है कि इस साल दिवाली मुहूर्त ट्रेडिंग सत्र 21 अक्टूबर को दोपहर 1:45 से 2:45 बजे तक आयोजित किया जाएगा। ऑर्डर एंट्री में बदलाव की अंतिम समय सीमा: 2:55 PM यह सत्र केवल एक घंटे के लिए होगा और नए संवत 2082 की शुरुआत का प्रतीक होगा। कौन-कौन से सेगमेंट होंगे शामिल? इस एक घंटे के विशेष सत्र में निम्नलिखित बाजार खुलेंगे: इक्विटी इक्विटी फ्यूचर्स और ऑप्शंस कमोडिटी डेरिवेटिव्स करेंसी डेरिवेटिव्स सिक्योरिटीज लेंडिंग एंड बॉरोइंग (SLB)  ऐतिहासिक नजरिया: शुभ साबित होता है ये ट्रेड मुहूर्त ट्रेडिंग परंपरागत रूप से शुभ मानी जाती है। पिछले 16 वर्षों में से 13 बार बाजार हरे निशान पर बंद हुआ है, भले ही ट्रेडिंग वॉल्यूम कम रहा हो। 2024 में, BSE सेंसेक्स में 335 अंकों की तेजी दर्ज की गई निफ्टी 50 भी 99 अंक चढ़कर बंद हुआ  निवेशकों के लिए सलाह लंबी छुट्टी से पहले अपने पोर्टफोलियो की समीक्षा करें तरलता सुनिश्चित करें, क्योंकि अगले 4 दिन कोई लेनदेन नहीं हो सकेगा मुहूर्त ट्रेडिंग के लिए रणनीति तैयार रखें — यह सत्र प्रतीकात्मक जरूर है, लेकिन मूड सेट करता है आने वाली छुट्टियां भी जान लें 5 नवंबर: श्री गुरु नानक देव जयंती 25 दिसंबर: क्रिसमस  

हर बच्चे को मिले सुरक्षित और सशक्त भविष्य का अवसर: मंत्री मती राजवाड़े

रायपुर महिला एवं बाल विकास मंत्री मती लक्ष्मी राजवाड़े के मुख्य आतिथ्य में आज रायपुर के खम्हारडीह स्थित शासकीय बालिका गृह में “उद्भव” नामक अभिनव कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। यह कार्यक्रम महिला एवं बाल विकास विभाग, छत्तीसगढ़ राज्य बाल संरक्षण समिति द्वारा किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम 2015 यथा संशोधित 2021 के अंतर्गत संस्थागत एवं गैर संस्थागत देखरेख के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु आयोजित किया गया। मंत्री मती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन और प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के 2047 के विकसित भारत के विजन से प्रेरित होकर राज्य सरकार बच्चों के सर्वांगीण विकास और सुरक्षा के लिए सतत कार्य कर रही है। “उद्भव” कार्यक्रम इसी दिशा में एक अभिनव प्रयास है, जो हर बच्चे को स्नेह, सुरक्षा और सम्मान के साथ सशक्त जीवन जीने का अवसर प्रदान करेगा। कार्यक्रम के दौरान मंत्री मती राजवाड़े ने शासकीय बालिका गृह में कंप्यूटर लैब का शुभारंभ किया और लाइब्रेरी का अवलोकन किया। उन्होंने बच्चों से संवाद करते हुए कहा कि तकनीकी शिक्षा और कौशल आज की आवश्यकता है, ताकि बच्चे आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी बन सकें। मंत्री मती लक्ष्मी राजवाड़े ने बताया कि Catalysts for Social Action (CSA) संस्था के साथ जुलाई 2025 में एम.ओ.यू. किया गया था। संस्था के सहयोग से राज्य के रायपुर, दुर्ग, सरगुजा और बस्तर संभागों की 15 संस्थाओं में प्रथम चरण में कार्य प्रारंभ किया जा रहा है। इस पहल के अंतर्गत शिक्षा, स्वास्थ्य, करियर काउंसलिंग, व्यावसायिक प्रशिक्षण और जीवन कौशल से जुड़े कार्यक्रम संचालित होंगे। राज्य में वर्तमान में 112 बाल देखरेख संस्थाएं संचालित हैं, जिनमें 2000 से अधिक बच्चों की देखभाल की जा रही है। वहीं गैर संस्थागत देखरेख अंतर्गत दत्तक ग्रहण, स्पॉन्सरशिप, फोस्टर केयर और आफ्टर केयर कार्यक्रमों से भी बड़ी संख्या में बच्चे लाभान्वित हो रहे हैं। इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास विभाग के संचालक  पदुम सिंह एल्मा Catalysts for Social Action (CSA) संस्था की सीईओ मती स्मिता शेट्टी, विभागीय अधिकारी, सीनियर वाइस प्रेसिडेंट एक्सिस बैंक  अभिजीत अग्रवाल, संयुक्त संचालक  नंदलाल चौधरी, जिला बाल संरक्षण अधिकारी, बाल कल्याण समिति, किशोर न्याय बोर्ड, संरक्षण अधिकारी, बाल देखरेख संस्थाओं के अधीक्षक, बाल कल्याण अधिकारी और बालिकाएं उपस्थित रहे।

250 गांवों तक पहुँची बस सुविधा, मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना का दिखा असर

रायपुर राज्य शासन द्वारा ग्रामीण अंचलों में लोगों को सस्ती और सुविधाजनक सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराने के लिए ‘मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना’ लागू की गई है। योजना का प्रथम चरण बस्तर और सरगुजा संभाग के जिलों में शुरू किया गया है। अब तक 34 चयनित मार्गों में से 33 बसों का संचालन प्रारंभ हो चुका है, जिससे कुल 250 नए गाँवों को पहली बार बस सुविधा मिली है। परिवहन मंत्री  केदार कश्यप ने कहा कि इस योजना का उद्देश्य ऐसे ग्रामों को जनपद मुख्यालय, तहसील, नगरीय क्षेत्र और जिला मुख्यालय से जोड़ना है, जहाँ पहले बस सुविधा नहीं थी। मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना से ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को बेहतर परिवहन सुविधा, रोजगार के अवसर और आपसी संपर्क में बढ़ोतरी मिली है, जिससे ग्राम विकास को नई दिशा मिल रही है। परिवहन सचिव  एस. प्रकाश ने बताया कि राज्य शासन द्वारा बस संचालकों को प्रोत्साहन के रूप में प्रथम वर्ष में 26 रूपए, द्वितीय वर्ष में 24 रूपए तथा तृतीय वर्ष में 22 प्रति किलोमीटर की वित्तीय सहायता दी जा रही है। इसके साथ ही बस संचालकों को मासिक कर से 3 वर्ष तक की पूर्ण छूट दी जाएगी। उन्होंने बताया कि बस मार्गों का चयन जिला स्तरीय समिति की अनुशंसा पर राज्य स्तरीय समिति द्वारा किया जाता है। चयनित मार्गों पर निविदा प्रक्रिया के माध्यम से सबसे कम वित्तीय दर देने वाले आवेदक को बस संचालन की अनुमति दी जाती है, जिसके बाद परमिट जारी किया जाता है। इस योजना के तहत सुकमा जिले में छह, नारायणपुर में 4, जगदलपुर में 1, कोंडागांव में 3, कांकेर में 5, दंतेवाड़ा में 1, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 2, सूरजपुर में 2, कोरिया में 3, जशपुर में 4 और बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में 2 बस का संचालन किया जा रहा है। साथ ही, 9 नए मार्गों पर बस संचालन के लिए परमिट जारी करने की प्रक्रिया जारी है। उल्लेखनीय है कि विगत 5 अक्टूबर को केंद्रीय गृह मंत्री  अमित शाह और मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने जगदलपुर में इस योजना की शुरुआत करते हुए बसों को हरी झंडी दिखाई। पहले चरण में यह योजना आदिवासी बहुल बस्तर और सरगुजा संभागों के गांवों को कवर करेगी और 34 बसों के जरिए 34 मार्गों पर सेवाएं शुरू की जाएंगी जो 11 जिलों के 250 गांवों को जोड़ेंगी।

रायपुर: मुख्यमंत्री के निर्देशों पर तत्काल कार्रवाई हो सुनिश्चित – मुख्य सचिव विकास शील

रायपुर मुख्य सचिव  विकास शील ने कहा कि कलेक्टर कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय द्वारा दिए गए निर्देशों पर त्वरित और प्रभावी अमल सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने सभी विभागीय सचिवों को सड़क, पेयजल, बिजली, स्वास्थ्य सहित अन्य प्राथमिक क्षेत्रों के लिए ठोस एक्शन प्लान तैयार करने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव आज मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में विभिन्न विभागों के भारसाधक सचिवों के साथ योजनाओं के क्रियान्वयन की प्रगति की समीक्षा कर रहे थे। बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने प्रधानमंत्री गति शक्ति योजना में शामिल विभागों के एक्शन प्लान्स की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिया कि जिन कार्यों का शिलान्यास किया जा चुका है, उन्हें निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण कर लोकार्पण सुनिश्चित किया जाए। बैठक में वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव  रजत कुमार ने प्रधानमंत्री गति शक्ति योजना तथा जेम पोर्टल के माध्यम से शासकीय विभागों में की जा रही खरीदी की प्रक्रिया पर प्रस्तुतीकरण दिया। इसी प्रकार, मुख्यमंत्री के संयुक्त सचिव एवं आयुक्त जनसम्पर्क डॉ. रवि मित्तल ने जनसम्पर्क विभाग द्वारा शासन की योजनाओं के प्रचार-प्रसार से संबंधित गतिविधियों पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। बैठक में अपर मुख्य सचिव गृह एवं जेल  मनोज कुमार पिंगुआ, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की अपर मुख्य सचिव मती ऋचा शर्मा, आदिम जाति तथा अनुसूचित जनजाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव  सोनमणि बोरा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव मती निहारिका बारिक सहित सभी विभागों के सचिव उपस्थित थे।

रायपुर: नवा रायपुर में निवेश एवं विकास परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा बैठक आयोजित

रायपुर : नवा रायपुर में निवेश और विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा वित्त, आवास एवं पर्यावरण मंत्री  ओ.पी. चौधरी की अध्यक्षता में हुई बैठक रायपुर नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण में आज वित्त, आवास एवं पर्यावरण मंत्री  ओ.पी. चौधरी की अध्यक्षता में निवेश, अधोसंरचना विकास और जनसुविधाओं से संबंधित कार्यों की प्रगति की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में मंत्री  चौधरी ने अधिकारियों से शहर के योजनाबद्ध और तीव्र विकास पर विस्तृत चर्चा करते हुए कहा कि नवा रायपुर का संतुलित, आधुनिक और सर्वसुविधायुक्त विकास राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि चल रही परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा में गुणवत्ता के साथ पूर्ण किया जाए, ताकि नागरिकों को बेहतर शहरी सुविधाएँ उपलब्ध हो सकें। उन्होंने बताया कि विकास कार्यों में गति लाने के लिए इस वर्ष राज्य शासन के बजट अंतर्गत पूंजीगत व्यय का लक्ष्य 1000 करोड़ रुपए रखा गया है। सभी इस लक्ष्य को गुणवत्तापूर्वक पूरा करने के लिए समर्पण भाव से कार्य करें। मंत्री  चौधरी ने यह भी निर्देश दिए कि शासकीय एवं निजी संस्थानों तथा बिल्डर्स को आवंटित भूमि पर हो रहे निर्माण कार्यों को समन्वयपूर्वक और शीघ्र गति से पूरा किया जाए, ताकि नवा रायपुर के इंफ्रास्ट्रक्चर को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सके। बैठक में निवेश को प्रोत्साहन देने, पर्यावरण संरक्षण, अधोसंरचना विकास और शहरी जनसुविधाओं के उन्नयन से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। इस अवसर पर प्राधिकरण के चेयरमैन  अंकित आनंद, मुख्य कार्यपालन अधिकारी  चंदन कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

उप मुख्यमंत्री ने बस्तर ओलंपिक की तैयारियों की समीक्षा की

रायपुर : बस्तर ओलंपिक के व्यापक और सुव्यवस्थित आयोजन के लिए विकासखंड स्तरीय आयोजनों पर दें विशेष ध्यान:  अरुण साव उप मुख्यमंत्री ने बस्तर ओलंपिक की तैयारियों की समीक्षा की खेल मैदानों की उपलब्धता, उनकी मैपिंग, भोजन, यातायात, आवास, प्राथमिक चिकित्सा, निर्णायकों एवं रेफरियों की व्यवस्था के लिए अग्रिम तैयारी सुनिश्चित करने के दिए निर्देश अब तक 2.72 लाख खिलाड़ियों का पंजीयन, 20 अक्टूबर तक करा सकते हैं पंजीयन रायपुर बस्तर ओलंपिक-2025 की तैयारियाँ अब अंतिम चरण में हैं। उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री  अरुण साव ने आज वरिष्ठ विभागीय अधिकारियों तथा बस्तर संभाग के सभी जिला खेल अधिकारियों की बैठक लेकर इसकी तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने नवा रायपुर स्थित विश्राम भवन में आयोजित बैठक में बस्तर ओलंपिक के व्यापक और सुव्यवस्थित आयोजन के लिए विकासखंड स्तरीय आयोजनों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने खेल मैदानों की उपलब्धता, उनकी मैपिंग, भोजन, यातायात, आवास, प्राथमिक चिकित्सा, निर्णायकों एवं रेफरियों की व्यवस्था के लिए अग्रिम तैयारी सुनिश्चित करने को कहा। खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव  यशवंत कुमार और संचालक मती तनूजा सलाम भी समीक्षा बैठक में उपस्थित थीं। बस्तर संभाग के सभी जिला खेल अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से बैठक में शामिल हुए। उप मुख्यमंत्री  साव ने बैठक में बस्तर ओलंपिक की पंजीयन प्रक्रिया एवं व्यापक प्रचार-प्रसार की समीक्षा की। उन्होंने ग्राम स्तर से लेकर जिला स्तर तक प्रचार-प्रसार की योजनाओंकृजैसे दीवार लेखन, मशाल यात्रा, पोस्टर, बैनर, पैंपलेट वितरण, हाट-बाज़ारों में प्रचार इत्यादि की जानकारी ली। उन्होंने इसे और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। खेल एवं युवा कल्याण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि बस्तर ओलंपिक के लिए अब तक 2 लाख 72 हजार से अधिक प्रतिभागियों का पंजीयन हो चुका है। 20 अक्टूबर तक पंजीयन कराया जा सकता है। इस पर  साव ने प्रत्येक विकासखण्ड में पंजीयन की स्थिति की समीक्षा कर जिन क्षेत्रों में पंजीयन कम हैं, वहां विशेष अभियान चलाकर ज्यादा से ज्यादा पंजीयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने महिलाओं की तुलना में पुरुष प्रतिभागियों के कम पंजीयन को देखते हुए जिला खेल अधिकारियों को पुरुषों की भागीदारी बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास करने को कहा।  साव ने बैठक में अधिकारियों से कहा कि बस्तर ओलंपिक अब केवल क्षेत्रीय आयोजन नहीं रह गया है, बल्कि इसकी ख्याति पूरे देश में फैल चुकी है। अतः इसे राष्ट्रीय महत्व का आयोजन मानते हुए विकासखंड से लेकर संभाग स्तर तक उच्च गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ आयोजित किया जाए। उन्होंने राष्ट्रीय स्तर के निर्णायकों की भागीदारी सुनिश्चित करने तथा राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को प्रेरणा स्रोत के रूप में आमंत्रित करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने 25 अक्टूबर से प्रारंभ होकर 5 नवंबर तक होने वाले विकासखंड स्तरीय आयोजनों के लिए सभी जिलों को समय पूर्व संपूर्ण तैयारी सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री ने फुटबॉल, हॉकी, वॉलीबॉल जैसे खेलों में पंजीयन बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास करने तथा खेल विभाग से प्राप्त बजट के अतिरिक्त जिला कलेक्टरों के सहयोग से सीएसआर निधि से वित्तीय आवश्यकताओं की पूर्ति करने को कहा। खेल एवं युवा कल्याण विभाग की उप संचालक मती रश्मि ठाकुर तथा खेल अधिकारी  गिरीश शुक्ला भी बैठक में मौजूद थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 87 करोड़ के 62 विकास कार्यों का लोकार्पण और 18 का भूमि-पूजन

21 लाख युवाओं को रोजगार से जोड़ा गया: मुख्यमंत्री डॉ. यादव 87 करोड़ के 62 विकास कार्यों का लोकार्पण और 18 का भूमि-पूजन 237 करोड़ लागत की नेमावर समूह जलप्रदाय योजना का किया लोकार्पण 34 करोड़ लागत के सांदीपनि विद्यालय भवन की सौगात 50 हजार से अधिक किसानों के खातों में 24 करोड़ रुपए अंतरित युवाओं को रोजगार सहायता के लिए देवास जॉब पोर्टल का शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने युवाओं को दिए नियुक्ति-पत्र भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में स्वदेशी को अपनाते हुए भारत आत्मनिर्भर बनने की दिशा में अग्रसर है और शीघ्र ही दुनिया की शीर्ष अर्थव्यवस्था बनेगा। प्रधानमंत्री  मोदी अंत्योदय के स्वप्न को साकार कर पं. दीनदयाल उपाध्याय के गरीब कल्याण के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहे हैं। मध्यप्रदेश में डबल इंजन की सरकार है और राज्य सरकार गरीब से गरीब के जीवन को बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री  मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश की 1 करोड़ 27 लाख लाड़ली बहनों को हर महीने वित्तीय सहायता दी जा रही है। प्रदेश की लाड़ली बहनें सरकार से मिलने वाली राशि से अपना घर संवार रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को देवास जिले के बागली में विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन करने के बाद जनसभा को संबोधित कर रहे थे। देवास को मिलीं सांदीपनि विद्यालय भवन सहित अनेक सौगातें मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने देवास जिले के ग्रामीण क्षेत्र के लिए 237 करोड़ लागत की नेमावर समूह जलप्रदाय योजना का लोकार्पण किया। साथ ही बागली में 34 करोड़ लागत के नवनिर्मित सांदीपनि उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भवन का लोकार्पण कर बच्चों को बेहतर भविष्य की सौगात दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने युवाओं को रोजगार सहायता प्रदान करने के लिए स्थानीय देवास जॉब पोर्टल का शुभारंभ किया एवं युवाओं को नियुक्ति-पत्र वितरित किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लगभग 87 करोड़ लागत के 62 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं 18 विकास कार्यों का वर्चुअली भूमिपूजन भी किया। प्रदेश के 21 लाख युवा अशासकीय नौकरी व रोजगार से जोड़े गए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देवास दो देवियों का जिला है। कृषि की दृष्टि से भविष्य में यह पंजाब और हरियाणा जैसे राज्यों को पीछे छोड़ेगा। उन्होंने कहा कि देवास के लिए विकास का नया द्वार खुल रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में नई सरकार बनने के बाद लगभग 1 लाख सरकारी पदों की भर्ती के लिए विज्ञापन निकाले जा चुके हैं और भर्ती प्रक्रिया जारी है। इसके अलावा प्रदेश के 21 लाख युवाओं को अशासकीय नौकरी और अन्य प्रकार के रोजगार से जोड़ा गया है। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि सोनकच्छ क्षेत्र में 50 हजार क्षमता की गौशाला की शुरुआत की जा रही है। राज्य सरकार बड़ी गौशाला खोलने पर 10 लाख रुपए का अनुदान भी प्रदान कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नर्मदा किनारे फतेहगढ़ घाट निर्माण, बागली से जटाशंकर 17 किमी सड़क निर्माण, 2 जनजातीय बालक छात्रावास निर्माण की घोषणा भी की। सोयाबीन किसानों के घाटे की भरपाई के लिए संकल्पित है सरकार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पीला मोजेक से सोयाबीन फसलों के प्रभावित किसानों को घाटे की भरपाई के लिए सहायता राशि दी जा रही है। सोयाबीन उत्पादक किसानों को उपज का उचित दाम मिले इसके लिए सरकार ने भावांतर योजना लागू की है। सोयाबीन का 5328 रुपए प्रति क्विंटल मूल्य दिलवाने के लिए राज्य सरकार संकल्पित है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने देवास जिले के 50 हजार से अधिक किसानों को सोयाबीन क्षति के लिए 24 करोड़ रुपए सिंगल क्लिक से खातों में अंतरित किए। दीपावली पर्व पर स्वदेशी उत्पाद खरीदने का लें संकल्प मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ: 2028 दुनिया का सबसे बड़ा आयोजन होगा, जिसकी भव्यता दुनिया को चकित करेगी। उज्जैन में भव्य-दिव्य सिंहस्थ के लिए राज्य सरकार हर स्तर पर तैयारियां कर रही है। आने वाले कुछ दिनों में दीपावाली का पर्व आ रहा है। हम सभी संकल्प लें कि सिर्फ स्वदेशी ही खरीदेंगे। स्वदेशी दिये जलाएं और दूसरों के साथ खुशियां बांटें। सच्चे अर्थों में रामराज्य तभी आता है, जब छोटे से छोटे व्यक्ति को गले लगाएं और उसके घर में भी उजाला हो। राज्य सरकार भगवान राम के बताए मार्ग पर आगे बढ़ते हुए सनातन संस्कृति के सभी पर्व त्यौहार धूमधाम से मना रही है। हमें अपनी विरासत पर गर्व करना चाहिए। भेदभाव मिटाते हुए सबको साथ चलने का मंत्र ही सच्चे अर्थों में सुशासन है। मुख्‍यमंत्री डॉ. मोहन यादव का बागली आगमन पर भव्य स्‍वागत मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रोड शो के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री स्व. कैलाश जोशी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। रोड शो सांदीपनि विद्यालय पर संपन्न हुआ। इस दौरान रोड शो के प्रारंभ स्थल से सभा स्थल तक जगह-जगह मंच बनाकर विभिन्न सामाजिक, व्यापारिक संगठनों और नागरिकों ने भव्य स्वागत किया। 34 करोड़ 49 लाख रुपये लागत के सांदीपनि विद्यालय भवन का लोकार्पण मुख्यमंत्री डॉ. यादव का बागली आगमन पर भव्य स्वागत किया गया। देवास जिले के बागली में 34 करोड़ 49 लाख रुपये की लागत से निर्मित सांदीपनि उच्चतर माधायमिक विद्यालय भवन का लोकार्पण किया।  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नवनिर्मित सांदीपनि विद्यालय भवन का अवलोकन कर इस नई उपलब्धि के लिए बागलीवासियों को बधाई भी दी। इस दौरान उपमुख्‍यमंत्री एवं देवास जिले के प्रभारी मंत्री  जगदीश देवड़ा, सासंद  ज्ञानेश्‍वर पाटिल, विधायक बागली  मुरली भंवरा, खातेगांव विधायक  आशीष शर्मा, सोनकच्छ विधायक  राजेश सोनकर, हाटपीपल्या विधायक  मनोज चौधरी,  रायसिंह सेंधव सहित अन्‍य जनप्रतिनिधि सहित अधिकारी उपस्थित थे।  

सोशल मीडिया निगरानी बढ़ी: चुनाव आयोग ने सियासी विज्ञापनों व प्रत्याशियों के खातों के लिए दिए निर्देश

 नई दिल्ली चुनाव आयोग ने बिहार विधानसभा के आम चुनाव और जम्मू-कश्मीर समेत छह राज्यों की आठ विधानसभा सीटों पर उपचुनाव की तारीखों की घोषणा कर दी है। इसी बीच आयोग ने राजनीतिक दलों और प्रत्याशियों के लिए नए दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं। चुनाव आयोग ने 9 अक्टूबर 2025 को आदेश दिए हैं कि सभी राष्ट्रीय और राज्य राजनीतिक दल, साथ ही चुनाव में भाग लेने वाले प्रत्याशी, किसी भी इलेक्ट्रॉनिक मीडिया या सोशल मीडिया पर प्रचार करने से पहले मीडिया सर्टिफिकेशन और मॉनिटरिंग कमेटी (एमसीएमसी) से अपने राजनीतिक विज्ञापनों का पूर्व-सत्यापन कराएं। विज्ञापन और सोशल खातों का पूर्व-सत्यापन चुनाव आयोग के निर्देश के अनुसार, किसी भी राजनीतिक विज्ञापन को इंटरनेट या सोशल मीडिया पर जारी करने से पहले एमसीएमसी की मंजूरी लेना अनिवार्य होगा। बता दें कि, सभी राज्य और जिले में एमसीएमसी बनाई गई है जो विज्ञापनों की जांच करेगी और दिशानिर्देशों के अनुसार पूर्व-सत्यापन करेगी। भ्रामक समाचार पर निगरानी मीडिया सर्टिफिकेशन और मॉनिटरिंग कमेटी संदिग्ध मामलों जैसे 'पेड न्यूज' पर भी कड़ी नजर रखेगी और आवश्यक कार्रवाई करेगी। वहीं चुनाव लड़ने वाले सभी प्रत्याशियों को अपने सत्यापित सोशल मीडिया अकाउंट्स की जानकारी नामांकन दाखिल करते समय चुनाव आयोग को देना होगा। चुनावी खर्च का विवरण भी साझा करना अनिवार्य इसके साथ ही चुनावी खर्च का विवरण भी साझा किया जाना अनिवार्य कर दिया गया है। जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 77(1) और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार, राजनीतिक दलों को सोशल मीडिया और इंटरनेट प्रचार पर हुए खर्च का विवरण चुनाव आयोग को विधानसभा चुनाव समाप्त होने के 75 दिनों के अंदर देना होगा। इसमें इंटरनेट कंपनियों को भुगतान, विज्ञापन सामग्री तैयार करने का खर्च और सोशल मीडिया अकाउंट के संचालन का खर्च शामिल होगा। कुल मिलाकर चुनाव आयोग का यह कदम डिजिटल प्रचार और सोशल मीडिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। आयोग का उद्देश्य है कि राजनीतिक प्रचार ईमानदारी और नियमों के अनुरूप हो।

PAK सेना ने 15 मिनट की मुठभेड़ में टेके घुटने, तालिबान हथियार ले उड़े

काबुल  तालिबानी लड़ाके और पाकिस्तानी की सेनाओं के बीच एक बार फिर से भीषण जंग हो रही है. दोनों सेनाएं अफ़ग़ानिस्तान-पाकिस्तान बॉर्डर पर स्थित स्पिन बोल्डक में लड़ाई लड़ रही हैं. आज सुबह लगभग 4 बजे स्पिन बोल्डक क्षेत्र में पाकिस्तानी सेना और अफगान तालिबान के बीच भारी लड़ाई शुरू हो गई. सोशल मीडिया पर जारी किए गए बॉर्डर में स्पिन बोल्डक-चमन सीमा का क्रॉसिंग दिखाई दे रहा है. स्पिन बोल्डक अफ़गानिस्तान-पाकिस्तान सीमा पर स्थित है. यह उत्तर में कंधार शहर और दक्षिण में पाकिस्तान के चमन और क्वेटा शहर से एक राजमार्ग द्वारा जुड़ा हुआ है. पश्चिमी-चमन सीमा क्रॉसिंग शहर के दक्षिण-पूर्व में स्थित है.  अफ़गान तालिबान का दावा है कि पाकिस्तानी सैनिकों के साथ भिडंत के 15 मिनट के अंदर ही तालिबानियों ने पाकिस्तानियों को सरेंडर के लिए मजबूर कर दिया और उनके हथियार ज़ब्त कर लिए गए.  एक और वीडियो में दिखाया गया है कि लड़ाई के 15 मिनट के अंदर ही तालिबानियों ने पाकिस्तानियों के हथियार जब्त कर लिए. स्पिन बोल्डक जिले के सूचना प्रमुख अली मोहम्मद हकमल ने टोलो न्यूज़ को बताया कि जारी लड़ाई में हल्के और भारी दोनों तरह के हथियारों का इस्तेमाल किया जा रहा है. अभी तक हताहतों की संख्या के बारे में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है, लेकिन रिपोर्टों के अनुसार पाकिस्तानी तोपखाने की गोलाबारी से आम लोगों के घर तबाह हो गए हैं, जिससे कई निवासियों को इलाक़े से भागना पड़ा है.  अफगानिस्तान के नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल से जुड़े कबीर हकमाल ने कहा है कि, 'स्पिन बोल्डक क्षेत्र में तालिबान और पाकिस्तानी सेना के बीच भीषण झड़पें हुई हैं. कई सूत्रों ने हताहतों की पुष्टि की है और बताया है कि कई स्थानीय घर नष्ट हो गए हैं. पाकिस्तानी सेना कथित तौर पर डूरंड रेखा से सटे इलाकों को निशाना बनाने के लिए भारी हथियारों और हवाई शक्ति का इस्तेमाल कर रही है. दोनों पक्षों की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है.' AFGEYE नाम की न्यूज एजेंसी ने कहा है कि कंधार प्रांत के स्पिन बोल्डक गेट पर आज तड़के अफगान सुरक्षा बलों और पाकिस्तानियों के बीच भीषण झड़पें शुरू हो गईं. पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के हताहत होने की पुष्टि हुई है. एक दूसरे यूजर ने लिखा है कि अफगान सेना ने स्पिन बोल्डक में डूरंड रेखा पर पाकिस्तान की चौकियों को नष्ट कर दिया है और दर्जनों पाकिस्तानी सैनिकों को ज़िंदा पकड़ लिया है. उन्होंने बड़ी संख्या में हल्के और भारी हथियारों के साथ-साथ टैंक भी ज़ब्त कर लिए हैं और उन्हें अफ़ग़ानिस्तान में स्थानांतरित कर दिया है. पाकिस्तान-अफगानिस्तान के बीच हालिया टकराव  11-12 अक्टूबर की रात को अफगान तालिबान ने पाकिस्तानी हवाई हमलों के जवाब में पाकिस्तानी सैन्य चौकियों पर हमला बोला. तालिबान ने दावा किया कि उन्होंने 58 पाकिस्तानी सैनिकों को मार गिराया और 25 चौकियां कब्जे में लीं, जबकि पाकिस्तान के अनुसार 23 उसके सैनिक मारे गए और 200 से अधिक तालिबानी लड़ाके मारे गए.  यह लड़ाई डुरंड लाइन के आस-पास हो रही है. ये वो जगह है जहां पर पाकिस्तान अफगानिस्तान पर टीटीपी (तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान) को पनाह देने का आरोप लगाता है. पाकिस्तान टीटीपी पर अपने यहां हमलों का आरोप लगाता रहता है.  जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तान ने कंधार और हेलमंद में ड्रोन हमले किए. तनाव के बीच दोनों देशों ने सीमा बंद कर दी है जिससे व्यापार ठप हो गया और हजारों वाहन फंस गए हैं. 

किसानों की दोगुनी आय के साथ पर्यावरण संरक्षण में मिलेगी सहायता : ऊर्जा मंत्री तोमर

पीएम-कुसुम योजना के द्वितीय चरण में 500 मेगावाट क्षमता के निष्पादित पीपीए का हितग्राहियों में वितरण प्रारंभ किसानों की दोगुनी आय के साथ पर्यावरण संरक्षण में मिलेगी सहायता : ऊर्जा मंत्री  तोमर भोपाल ऊर्जा मंत्री  प्रद्युम्न सिंह तोमर एवं नवीन व नवकरणीय ऊर्जा मंत्री  राकेश शुक्ला ने आज एमपी पॉवर मैनेजमेंट कंपनी के भोपाल स्थि‍त क्षेत्रीय कार्यालय में प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा एवं उत्थान महाअभियान (पीएम-कुसुम) योजना के घटक ‘ए’ के अंतर्गत योजना के द्वितीय चरण में 500 मेगावाट क्षमता हेतु निष्पादित पॉवर परचेस एग्रीमेंट (पीपीए) को हितग्राहियों में वितरित करने का कार्यक्रम प्रारंभ किया। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव ऊर्जा  नीरज मंडलोई, एमपी पॉवर मैनेजमेंट कंपनी के प्रबंध संचालक  अविनाश लवानिया, मध्यप्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक  क्ष‍ितिज सिंघल, मध्यप्रदेश ऊर्जा विकास निगम के प्रबंध संचालक  अमनवीर सिंह बैंस, पॉवर मैनेजमेंट कंपनी के मुख्य महाप्रबंधक कॉमर्श‍ियल गैर पारम्परिक  राकेश ठुकराल, अतिरिक्त मुख्य महाप्रबंधक  गुरदीप सिंह खनूजा, महाप्रबंधक रजनीश रेजा सहित अन्य वरिष्ठ अभियंता उपस्थि‍त थे। समयबद्ध व शीघ्र निष्पादन के लिए पीएमसी की सराहना ऊर्जा मंत्री  तोमर ने द्वितीय चरण में 500 मेगावाट क्षमता के पीपीए का समयबद्ध व शीघ्रतापूर्वक निष्पादन करने के लिए पॉवर मैनेजमेंट कंपनी व कॉमर्श‍ियल गैर पारम्परिक कार्यालय की सराहना की। ऊर्जा मंत्री ने कहा कि पीएम-कुसुम योजना से किसानों की आय दोगुनी होगी और वहीं पर्यावरण संरक्षण में सहायता मिलेगी। मंत्री  तोमर ने कहा कि इस योजना की नियमित मॉनीटरिंग की जाए और किसानों की योजना संबंधी कठिनाईयों का निराकरण करने के हर संभव प्रयास किए जाएं। पीएम कुसुम योजना में 1790 मेगावाट क्षमता के होंगे ऊर्जा संयंत्र मध्यप्रदेश में किसानों की आय में वृद्ध‍ि एवं ऊर्जा सुरक्षा के लिये प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा व उत्थान महाअभियान योजना के घटक ‘ए’ में भारत सरकार के नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्रालय द्वारा मध्यप्रदेश में 1790 मेगावाट क्षमता के सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने के लिये प्रदान की गई। योजना के प्रथम चरण में 500 मेगावाट के पीपीए निष्पादित प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा एवं उत्थान महाअभियान योजना के घटक ‘ए’ के अंतर्गत योजना के प्रथम चरण में 500 मेगावाट क्षमता के पीपीए निष्पादित कर हितग्राहियों को वितरित किए जा चुके हैं। योजना के द्वितीय चरण के पीपीए वितरण कार्य प्रक्रियाधीन योजना के द्वितीय चरण में 500 मेगावाट क्षमता के पीपीए निष्पादित कर हितग्राहियों को वितरित करने का कार्य किया जा रहा है।