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झारखंड की घाटशिला सीट पर उपचुनाव की तैयारी तेज, नामांकन शुरू

रांची झारखंड के घाटशिला (अनुसूचित जनजाति सुरक्षित) विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए सोमवार को अधिसूचना जारी होने के साथ ही नामांकन प्रक्रिया शुरू हो गई। राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने यह जानकारी दी। नामांकन पत्र पूर्वाह्न 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक स्वीकार किए जाएंगे। कुमार ने बताया कि नामांकन पत्र दाखिल करने का अंतिम समय 21 अक्टूबर तक है। नामांकन पत्रों की जांच 22 अक्टूबर को होगी जबकि नाम वापस लेने की अंतिम तिथि 24 अक्टूबर है। उपचुनाव के लिए मतदान 11 नवंबर को सुबह 7 बजे से शाम 5 बजे तक होगा। मतगणना 14 नवंबर को होगी। घाटशिला निर्वाचन क्षेत्र में 2.55 लाख मतदाता हैं, जिनमें 1.30 लाख महिला मतदाता हैं। उल्लेखनीय है कि झारखंड के तत्कालीन शिक्षा मंत्री 62 वर्षीय रामदास सोरेन का 15 अगस्त को नई दिल्ली के एक निजी अस्पताल में निधन हो जाने के कारण घाटशिला सीट पर उपचुनाव कराया जा रहा है। सत्तारूढ़ दल झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) और विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) उपचुनाव के लिए तैयारी कर रहे हैं और इस सप्ताह वे अपने उम्मीदवारों के नामों की घोषणा कर सकते हैं। ज्ञातव्य है कि रामदास सोरेन ने 2024 में पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन के पुत्र, भाजपा के उम्मीदवार बाबूलाल सोरेन को हराकर तीसरी बार यह सीट जीती थी। रामदास ने पहली बार 2009 में यह सीट जीती थी। हालांकि 2014 में वह भाजपा के लक्ष्मण टुडू से यह सीट हार गए थे, लेकिन 2019 में उन्होंने इस पर जीत हासिल की थी।  

नल-जल योजनाओं को समय पर पूरा करें, संचालित योजनाओं का सही रखरखाव हो: उपमुख्यमंत्री शुक्ल

नल-जल योजनाओं को समयावधि में पूर्ण करें, क्रियान्वित योजनाओं का विधिवत संचालन एवं संधारण करें: उप मुख्यमंत्री  शुक्ल रीवा जिले की नल-जल योजनाओं की वृहद समीक्षा की भोपाल  उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय, भोपाल में रीवा ज़िले की नल-जल प्रदाय योजनाओं की वृहद समीक्षा की। उन्होंने निर्माणाधीन नल-जल योजनाओं को निर्धारित समयावधि में पूर्ण करने तथा क्रियान्वित योजनाओं के विधिवत संचालन एवं संधारण की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में अपर मुख्य सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास श्रीमती दीपाली रस्तोगी, प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी श्री पी. नरहरि, एमडी मध्यप्रदेश जल निगम श्री के. वी.एस. चौधरी सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कदैला समूह जल प्रदाय योजना की प्रगति पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने टमस एवं बाणसागर समूह जल प्रदाय योजनाओं की धीमी प्रगति पर असंतोष जताते हुए संबंधित अधिकारियों को चेतावनी दी और निर्देश दिए कि इनटेक वेल, डब्ल्यूटीपी, एमबीआर तथा जेडएमबीआर से संबंधित सभी कार्यों को प्राथमिकता से पूर्ण किया जाए। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि स्वच्छ जल का सीधा संबंध स्वास्थ्य से है। सुरक्षित और प्रदूषण रहित जल से जलजनित रोगों, जैसे पेचिश, हैजा और टाइफाइड जैसी बीमारियों की रोकथाम में मदद मिलेगी। उन्होंने अधिकारियों से निर्देश दिए कि जल शुद्धिकरण प्रक्रियाओं और नियमित मॉनिटरिंग पर विशेष ध्यान दिया जाए ताकि हर ग्रामवासी को स्वास्थ्य लाभ हो और स्वच्छ जल उपलब्ध हो। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि प्रदेश सरकार का उद्देश्य प्रत्येक ग्रामीण परिवार तक सुरक्षित और स्वच्छ पेयजल की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करना है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि "योजनाएं केवल निर्माण तक सीमित न रहें, बल्कि इनका दीर्घकालीन संचालन एवं रखरखाव ग्राम पंचायतों की भागीदारी से सतत् रूप से चलता रहे, यह हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि भारत सरकार द्वारा 15वें वित्त आयोग के अंतर्गत पेयजल योजनाओं के लिए प्रावधानित राशि का उपयोग आरईएस के एसओआर दर का प्रावधान न होने के कारण रुका हुआ था। इस संबंध में आवश्यक प्रक्रिया पूर्ण कर योजनाओं के प्राक्कलन एवं क्रियान्वयन में तेजी लाई जाएगी, ताकि किसी भी प्रकार की वित्तीय बाधा न रहे। साथ ही, ग्राम पंचायत की निधि से पंपमैन एवं वाल्वमैन के मानदेय का प्रावधान करने पर भी सहमति बनी। यह व्यवस्था जल प्रदाय योजनाओं के निरंतर संचालन और रखरखाव को स्थायित्व प्रदान करेगी। साथ ही पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अधिसूचना अनुसार संबंधित मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत एकल जल प्रदाय योजना एवं समूह जल प्रदाय योजना के संचालन और संधारण की नियमित निगरानी सुनिश्चित करें। अपर मुख्य सचिव श्रीमती रस्तोगी ने कहा कि सीईओ जनपद स्तर पर इस दायित्व को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी और आवश्यक समीक्षा तंत्र स्थापित किया जाएगा। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियों के अनुमोदन का कार्य सीईओ जनपद द्वारा प्राथमिकता से किया जाए।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को ओरछा में करेंगे रामराजा लोक परियोजना का शिलान्यास

मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को ओरछा में करेंगे  रामराजा लोक का भूमिपूजन 332 करोड़ के विकास कार्यों की देंगे सौगात ओरछा  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बुधवार को निवाड़ी जिले के ओरछा में  रामराजा लोक के द्वितीय चरण के निर्माण की आधारशिला रखेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव 257 करोड़ 95 लाख रुपए की लागत के कार्यों का भूमिपूजन और 74 करोड़ 90 लाख रुपए की लागत के कार्यों का लोकार्पण और विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं में हितग्राहियों को हितलाभ वितरण भी करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव  रामराजा सरकार के दर्शन करेंगे और जुझार सिंह महल का भ्रमण कर  रामराजा लोक फेस-1 के निर्माणाधीन कार्यों का अवलोकन करेंगे। मुख्य कार्यक्रम स्थल पर विभिन्न विभागों द्वारा विकास प्रदर्शनी लगाई जायेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव  रामराजा वृद्धाश्रम में भोजन करेंगे। इन कार्यों का होगा लोकार्पण मुख्यमंत्री डॉ. यादव  रामराजा लोक के प्रथम चरण में 103 दुकानों एवं प्लाजा निर्माण, राय प्रवीण महल गार्डन का संरक्षण, विकास एवं इल्यूमिनेशन कार्य, स्टेट प्रोटेक्टेड मोन्यूमेंट लक्ष्मी मंदिर ओरछा में बाउंड्री वाल का निर्माण कार्य, लक्ष्मी मंदिर तता राजा महल का इल्यूमिनेशन तथा कटीला दरवाजा से जहांगीर महल तक पाथ-वे, स्ट्रीट लाइट हेरिटेज पोल कार्य और लक्ष्मी मंदिर एवं जहांगीर मंदिर के लेंडस्केपिंग कार्य का लोकार्पण करेंगे। साथ सांदीपनि विद्यालय स्कूल असाटी, शासकीय उ.मा. विद्यालय गोराखास, चचावली पठाराम मार्ग लंबाई 6 किमी. असाटी देवेन्द्रपुरा मार्ग लंबाई 4.20 किमी, लगी बरिया चिकटा से चौमों मार्ग लंबाई 3.40 किमी, सिमरा जेरौन मुख्य मार्ग से बोडेरा कटरयाना पिरयनवारा खिरक होते हुये मिलावन खिरक तक मार्ग लंबाई 3 किमी, देवेन्द्रपुरा से गिदखिनी मार्ग लंबाई 2.10 किमी, पुलिस अधीक्षक कार्यालय, पुलिस कंट्रोल रूम, 50 सीटर अनुसूचित जाति सीनियर बालक छात्रावास भवन शक्तिभैरो और उप तहसील (टप्पा) तरीचरकलां जिला निवाड़ी का लोकार्पण होगा। इन सभी कार्यों की लागत 74 करोड़ 90 लाख रूपये है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव लोक निर्माण, पर्यटन, उच्च शिक्षा और पंचायत एवं ग्रामीण विभाग के 257 करोड़ 95 लाख लागत के 5 कार्यों का भूमिपूजन भी करेंगे।  

प्रख्यात पार्श्व गायक किशोर कुमार की जन्मस्थली खंडवा में पुण्य तिथि पर गीतकार प्रसून जोशी किशोर कुमार सम्मान से अलंकृत

किशोर कुमार गीतों को जीते थे और हरफनमौला कलाकार थे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रख्यात पार्श्व गायक किशोर कुमार की जन्मस्थली खंडवा में पुण्य तिथि पर गीतकार प्रसून जोशी किशोर कुमार सम्मान से अलंकृत प्रतिवर्ष दो दिन का होगा समारोह, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम से वर्चुअली जुड़कर की घोषणा भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रख्यात पार्श्व गायक और अभिनेता  किशोर कुमार असाधारण कलाकार थे। वे गीतों को गाते नहीं थे, बल्कि गीतों को जीते थे। पूरा समय मस्ती में रहते थे। ऐसे हरफनमौला कलाकार थे, जिसका अलग अंदाज था। उनकी स्मृति में मध्यप्रदेश सरकार प्रतिवर्ष दो दिन का समारोह आयोजित करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार की रात्रि मुख्यमंत्री निवास से वर्चुअल रूप से प्रख्यात पार्श्व गायक और अभिनेता किशोर कुमार की स्मृति में खण्डवा में हुए दो दिवसीय राष्ट्रीय "किशोर कुमार सम्मामन अलंकरण समारोह" को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर प्रख्यात गीतकार  प्रसून जोशी को किशोर कुमार सम्मान अलंकरण प्रदान किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राष्ट्रीय किशोर कुमार सम्मायन से  प्रसून जोशी को अलंकृत किए जाने पर बधाई देते हुए कहा कि  जोशी ने अपनी कलम का जादू दिखाया है। उनके लिखे विज्ञापन के जिंगल्स भी लोकप्रिय हुए हैं। भगवान राम, भगवान कृष्ण और मां पर जोशी जी के गीतों और कविताओं को बहुत पसंद किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि खण्डवा किशोर कुमार की जन्म भूमि के साथ ही दादा माखनलाल चतुर्वेदी की कर्मभूमि रही है। यहां दादा धूनी वाले का आशीर्वाद है। इसके साथ ही ओंकारेश्वर धाम भी खण्डवा जिले में है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किशार कुमार के व्यक्तित्व और कृतित्व का विस्तार से उल्लेख किया। विशेष रूप से इंदौर के कॉलेज में अध्ययन के दौरान घटित विशेष प्रसंगों को गीतों और अभिनय में शामिल करने, पड़ोसन और चलती का नाम गाड़ी जैसी फिल्मों में गायन और अभिनय के प्रभावशाली अंदाज, फक्कड़ स्वभाव और अपने बड़े भाई अशोक कुमार के साथ प्रगाढ़ संबंध का उल्लेख किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भी गाया गीत मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किशोर कुमार के गाए गीत " जिंदगी एक सफर है सुहाना….." की पंक्तियां गाकर किशोर कुमार को याद किया और उनकी पुण्य तिथि पर श्रद्धांजलि दी। गीतकार प्रसून जोशी ने प्राप्त सम्मान के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव और मध्यप्रदेश सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया।  जोशी ने कहा कि किशोर दा की हंसी हमेशा गूंजती रहेगी। वे बाल सुलभ थे, आज के जीवन में वैसा रहना मुश्किल है। उन्होंने गीतकारों के शब्दों को जीवंत करने का कार्य किया। वे आशा और उम्मीद की आवाज बने।  जोशी ने किशोर दा के गाए गीत "आ चल के तुझे, मैं ले के चलूं, एक ऐसे गगन के तले, जहाँ ग़म भी न हो, आँसू भी न हो,बस प्यार ही प्यार पले, एक ऐसे गगन के तले…." को गाकर सुनाया। कार्यक्रम को जनजातीय कार्य मंत्री  विजय शाह ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर खण्डवा क्षेत्र के सांसद  ज्ञानेश्वर पाटिल, गीतकार  प्रसून जोशी की धर्मपत्नी मती अर्पणा जोशी, विधायक  नारायण पटेल, मती कंचन तनवे, सु छाया मोरे, खण्डवा की महापौर मती अमृता यादव और अन्य जन प्रतिनिधि उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन  आशीष दवे ने किया। संस्कृति सचिव  एनपी नामदेव ने  प्रसून जोशी को दिए गए प्रशस्ति पत्र का वाचन किया।  

MP में बच्चों की मौत से जुड़ा कोल्ड्रिफ, भारत में तीन कफ सिरप के इस्तेमाल पर अलर्ट

नई दिल्ली विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने भारत के कई राज्यों में प्रतिबंधित तीन ब्रांड के जहरीले कफ सिरप के बारे में स्वास्थ्य परामर्श जारी किया है। संगठन ने अधिकारियों से आग्रह किया कि तीनों प्रतिबंधित सिरप में से किसी के मिलने पर एजेंसी को सूचित करें। डब्ल्यूएचओ के परामर्श में उस संदिग्ध कोल्ड्रिफ कफ सिरप का भी जिक्र है, जिसे लेने से कथित तौर पर मध्य प्रदेश और राजस्थान में बच्चों की जान गई।   स्वास्थ्य एजेंसी ने कहा कि प्रभावित दवाइयां कोल्ड्रिफ, रेस्पिफ्रेश टीआर और रिलाइफ के विशिष्ट बैच का निर्माण क्रमशः श्रीसन फार्मास्युटिकल्स, रेडनेक्स फार्मास्युटिकल्स और शेप फार्मा करती है। ये जहरीले कफ सिरप संभावित रूप से जानलेवा बीमारी का भी कारण बन सकते हैं। भारत के स्वास्थ्य प्राधिकरण, केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) ने डब्ल्यूएचओ को बताया कि पिछले हफ्ते भारत में 5 साल से कम उम्र के 17 बच्चों की ये सिरप पीने से मौत हो गई थी। सीडीएससीओ ने कहा कि इनमें से कोई भी दूषित दवा भारत से निर्यात नहीं की गई है और अवैध निर्यात का कोई सबूत नहीं है। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, यह सिरप भारत में जोखिम भरे हैं और इनसे गंभीर-जान पर खतरा पैदा करने वाली बीमारी हो सकती हैं। सिरप में पाया गया था डायथिलीन ग्लाइकॉल गौरतलब है कि दूषित दवा के प्रयोगशाला परीक्षणों में डायथिलीन ग्लाइकॉल के मिलावट की पुष्टि हुई थी जो एक जहरीला रसायन है और बड़े पैमाने पर विषाक्तता की घटनाओं से जुड़ा हुआ है। मध्य प्रदेश के औषधि नियंत्रक डीके मौर्य ने बताया था कि इस सिरप में डायथिलीन ग्लाइकॉल (डीईजी) की मात्रा 48% से ज्यादा पाई गई, जबकि स्वीकार्य सीमा केवल 0.1% है। यह मात्रा बेहद खतरनाक है। कोल्ड्रिफ सिरप बनाने वाली कंपनी पर लग गया ताला? कई राज्यों ने कोल्ड्रिफ कफ सिरप पर प्रतिबंध लगा दिया। सरकार ने अब तमिलनाडु में मिलावटी कफ सिरप कोल्ड्रिफ बनाने वाली श्रीसन फार्मास्युटिकल कंपनी का न सिर्फ मैन्युफैक्चरिंग लाइसेंस पूरी तरह से रद्द कर दिया है साथ ही कंपनी को बंद करने का आदेश भी दिया गया है। इसस पहले कंपनी के मालिक जी. रंगनाथन को मध्य प्रदेश के एक विशेष जांच दल ने गिरफ्तार भी किया था। प्रवर्तन निदेशालय की एक टीम ने मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम के एक मामले में श्रीसन फार्मास्युटिकल्स और उसके कुछ अधिकारियों के परिसरों पर छापेमारी भी की है।  

धनतेरस: खरीदारी के साथ करें ये 5 उपाय, बढ़ेगी मां लक्ष्मी की शुभता

कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी को धनतेरस मनाया जाता है और इसी दिन से दिवाली का त्योहार शुरू हो जाता है। इस शुभ दिन मां लक्ष्मी, कुबेर और यमराज की पूजा की जाती है। धनतेरस पर नई वस्तुएं खरीदने के साथ ही कुछ विशेष उपाय करने से धन-धान्य की वृद्धि, सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का आगमन होता है। आइए जानते हैं धनतेरस पर किए जाने वाले 5 अचूक उपाय, जो मां लक्ष्मी की कृपा दिला सकते हैं। कुबेर और लक्ष्मी पूजन धनतेरस पर सूर्यास्त के बाद 13 दीपक जलाना अत्यंत शुभ माना जाता है। इसके बाद कुबेर देव और तिजोरी की विधि-विधान से पूजा करें। पूजा में धूप, दीप, चंदन, नैवेद्य, फूल और फल अर्पित करें। फिर श्रद्धापूर्वक मंत्र जपें: ‘यक्षाय कुबेराय वैश्रवणाय धन-धान्य अधिपतये धन-धान्य समृद्धि मे देहि दापय दापय स्वाहा।’ यह मंत्र धन की वृद्धि और आर्थिक स्थिरता लाता है। तिजोरी में चांदी का सिक्का या लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति रखना भी शुभ है। लौंग का जोड़ा अर्पित करें धनतेरस से दिवाली तक मां लक्ष्मी की पूजा के दौरान रोज एक जोड़ा लौंग अर्पित करना चाहिए। यह छोटा सा उपाय आर्थिक तंगी को दूर करता है। मान्यता है कि लौंग की सुगंध मां लक्ष्मी को आकर्षित करती है, जिससे घर में धन-धान्य की कमी नहीं रहती। लौंग को पूजा के बाद तिजोरी में रखने से धन का प्रवाह बना रहता है। तिजोरी में मां लक्ष्मी की तस्वीर धनतेरस पर तिजोरी या गल्ले में मां लक्ष्मी की ऐसी तस्वीर लगाएं, जिसमें वे कमल पर विराजमान होकर धन की वर्षा कर रही हों। यह तस्वीर समृद्धि और स्थायी सुख का प्रतीक मानी जाती है। तस्वीर के पास एक घी का दीपक जलाएं और लाल फूल अर्पित करें। इस उपाय से घर में धन की बरकत होती है और आर्थिक समस्याएं कम होती हैं। मुख्य द्वार पर शुभ प्रतीक घर का मुख्य द्वार सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश द्वार होता है। धनतेरस पर हल्दी और चावल को पीसकर पेस्ट बनाएं और इससे मुख्य द्वार पर ‘ॐ’ का चिन्ह बनाएं। यह मां लक्ष्मी के स्वागत का प्रतीक है। इसके साथ, द्वार पर रंगोली बनाना और तोरण लगाना भी शुभ माना जाता है। यह उपाय घर में शांति, समृद्धि और सकारात्मकता लाता है। शंख से शुद्धिकरण धनतेरस पर कार्यों में बाधाओं या धन की कमी को दूर करने के लिए दक्षिणावर्ती शंख में स्वच्छ जल भरकर घर के चारों ओर छिड़कें। पूजा से पहले और बाद में यह प्रक्रिया करें। साथ ही, चीनी, बताशा, खीर और चावल का दान करें। यह नकारात्मक ऊर्जा को हटाता है और मां लक्ष्मी के आगमन का मार्ग प्रशस्त करता है। शंख की ध्वनि घर को शुद्ध करती है। धनतेरस केवल खरीदारी का दिन नहीं, बल्कि आध्यात्मिक और आर्थिक समृद्धि का अवसर है। कुबेर-लक्ष्मी पूजन, लौंग अर्पण, लक्ष्मी तस्वीर, शुभ प्रतीक और शंख शुद्धिकरण – नकारात्मकता को दूर कर सकारात्मक ऊर्जा लाते हैं। इन उपायों को श्रद्धा और विधि-विधान से करने पर मां लक्ष्मी की कृपा बरसती है और घर में धन-धान्य, सुख-शांति का वास होता है।

भारत-दक्षिण अफ्रीका वनडे मैच को लेकर रांची में तैयारियां तेज, DC ने ली समीक्षा बैठक

रांची झारखंड स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन (जेएससीए) स्टेडियम, धुर्वा, रांची में आगामी 30 नवंबर 2025 को भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच वनडे मैच के आयोजन को लेकर उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी मंजूनाथ भजंत्री की अध्यक्षता में कार्यालय कक्ष में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य क्रिकेट मैच के दौरान विधि-व्यवस्था, सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को सुनिश्चित करना था। भजन्त्री ने बैठक में क्रिकेट मैच के दौरान अपेक्षित भारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए यातायात और सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष जोर दिया। भजंत्री ने विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए दंडाधिकारियों और पुलिस पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति, यातायात प्रबंधन और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं पर क्रमवार चर्चा की। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी व्यवस्थाएं सुचारु रूप से सुनिश्चित की जाएं ताकि दर्शकों और खिलाड़ियों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। भजंत्री ने यह भी आश्वासन दिया कि जिला प्रशासन जेएससीए को हर संभव सहयोग प्रदान करेगा ताकि यह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच रांची में भव्य और व्यवस्थित रूप से संपन्न हो सके। भजन्त्री ने कहा, 'हमारा लक्ष्य है कि यह आयोजन न केवल खेल प्रेमियों के लिए यादगार हो, बल्कि रांची की छवि एक उत्कृष्ट मेजबान के रूप में और मजबूत हो।' जेएससीए के अध्यक्ष अजय नाथ शाहदेव ने जिला प्रशासन के सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह की समन्वित तैयारियां आयोजन की सफलता को सुनिश्चित करेंगी। सचिव सौरभ तिवारी ने भी इस अवसर पर स्टेडियम की तैयारियों और अन्य व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी साझा की। बैठक में वरीय पुलिस अधीक्षक रांची, राकेश रंजन, पुलिस अधीक्षक रांची, पारस राणा, पुलिस अधीक्षक यातायात रांची, अनुमंडल पदाधिकारी सदर रांची, उत्कर्ष कुमार, जेएससीए के अध्यक्ष अजय नाथ शाहदेव, सचिव सौरभ तिवारी सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।  

खंडित प्रतिमा के सामने प्रार्थना करेंगे विवादित वकील, बोले– CJI का रास्ता मंजूर

खजुराहो  स्टिस बीआर गवई पर जूता फेंकने वाले एडवोकेट राकेश किशोर 5 नवंबर को खजुराहो आएंगे। वे यहां विष्णु मंदिर में खंडित प्रतिमा के समक्ष प्रार्थना और ध्यान करने का आह्वान कर रहे हैं।राकेश किशोर ने अपने 'सनातनी भाइयों' से इस कार्यक्रम में सहयोग करने की अपील की है। उनका आगामी कार्यक्रम 5 नवंबर, कार्तिक पूर्णिमा को खजुराहो के जवारी मंदिर में है, जहां वे खंडित विष्णु प्रतिमा का पूजन-अर्चन करेंगे। जस्टिस गवई ने भी मूर्ति से प्रार्थना करने और ध्यान का सुझाव दिया उन्होंने बताया कि वे वहां विपश्यना ध्यान भी कराना चाहते हैं। किशोर के अनुसार, जस्टिस गवई ने भी मूर्ति से प्रार्थना करने और ध्यान का सुझाव दिया था कि वह अपना सिर खुद लगा ले। उन्हें यह सुझाव पसंद आया है। राकेश किशोर ने कहा कि यह कार्यक्रम तब तक जारी रहेगा जब तक मूर्ति की दोबारा प्राण प्रतिष्ठा नहीं हो जाती और उसका सिर वापस नहीं लग जाता। उन्होंने लोगों से बड़ी संख्या में शांतिपूर्ण ढंग से इसमें शामिल होने का आग्रह किया है। राकेश किशोर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर भी लगातार अपील कर रहे हैं। उनकी पोस्ट में लिखा है, "प्रिय सनातनी भाई अब जागो और चलो 05 नवम्बर, बुधवार कार्तिक पूर्णिमा खजुराहो (म. प्र.) विष्णु भगवान की खंडित विवादित प्रतिमा की शांतिपूर्ण ढंग से प्रार्थना और ध्यान करने में मेरा सहयोग करें। राकेश किशोर ने कोर्ट में नारेबाजी की थी दरअसल, यह पूरा मामला 16 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट की ओर से खजुराहो में भगवान विष्णु की खंडित मूर्ति की बहाली की मांग वाली याचिका खारिज किए जाने से जुड़ा है। इस फैसले के विरोध में, राकेश किशोर ने 6 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट के अंदर जस्टिस गवई पर जूता फेंकने की कोशिश की थी। हालांकि, जूता जस्टिस गवई तक नहीं पहुंच सका और सुरक्षाकर्मियों ने राकेश किशोर को तुरंत पकड़ लिया। इस दौरान उन्होंने "सनातन का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान" जैसे नारे लगाए थे। इस घटना के बाद सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) ने वकील राकेश किशोर (72) का लाइसेंस 9 अक्टूबर को तत्काल प्रभाव से कैंसिल कर दिया। बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) ने भी उन्हें सस्पेंड कर दिया है। राकेश बिना जांच सस्पेंशन पर सवाल उठाते हुए कहते हैं कि मुझे इससे काफी नुकसान हुआ। मेरे क्लाइंट्स अपना पैसा और केस दोनों वापस ले रहे हैं। हालांकि राकेश किशोर को कोर्ट से जमानत मिल गई है।

RBI ने दी डिजिटल पेमेंट्स को नई दिशा, छोटे लेन-देन के नियमों में बड़ा बदलाव

नई दिल्ली देश के प्रमुख बैंकों ने RBI के सामने एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखा है, जिसके तहत वे ₹100 से कम के छोटे डिजिटल लेन-देन पर SMS अलर्ट भेजना बंद करना चाहते हैं। बैंक इसके लिए RBI की हरी झंडी का इंतजार कर रहे हैं। बैंक अधिकारियों का कहना है कि UPI और अन्य डिजिटल तरीकों से होने वाले छोटे लेन-देन में भारी बढ़ोतरी हुई है। इसके कारण ग्राहकों को लगातार SMS अलर्ट मिल रहे हैं, जिससे उन्हें Notification Fatigue हो रही है। लगातार अलर्ट आने से ग्राहक महत्वपूर्ण और बड़े लेन-देन के अलर्ट को भी नजरअंदाज करने लगे हैं, जिससे धोखाधड़ी की आशंका बढ़ जाती है। नए प्रस्ताव के तहत ग्राहकों को केवल बड़े या एक निर्धारित संख्या/मूल्य से अधिक के लेन-देन के लिए ही SMS अलर्ट भेजे जाएंगे। जानकार सूत्रों के मुताबिक यह प्रस्ताव पिछले महीने सभी सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के बैंकों के आंतरिक विचार-विमर्श के बाद RBI को भेजा गया है। बैंकों ने इसके साथ ही धोखाधड़ी की आशंका को कम करने के लिए सुरक्षा उपायों की एक सूची भी प्रस्तुत की है। ग्राहकों को मिलेगा ऑप्शन वर्तमान में RBI के दिशानिर्देशों के अनुसार बैंकों को ग्राहकों को SMS अलर्ट देना जरुरी है। नए प्रस्ताव में ग्राहक को यह ऑप्शन दिया जाएगा कि वे ₹100 से कम के लेन-देन के लिए SMS अलर्ट बंद करना चाहते हैं या नहीं। जिन ग्राहकों को अलर्ट की जरूरत होगी, वे ऐप नोटिफिकेशन या ईमेल अलर्ट के जरिए से अलर्ट प्राप्त करना जारी रख सकते हैं। बैंक अधिकारियों ने बताया कि एक SMS भेजने पर लगभग ₹0.20 की लागत आती है, जो ग्राहक से वसूली जाती है। बैंकों का मानना है कि इस बदलाव से तकनीक का बेहतर उपयोग होगा और ग्राहकों को वास्तविक उपयोग के अनुसार ही शुल्क लिया जाना चाहिए।

21वीं किस्त से जुड़ी अहम खबर: जानिए, क्या पति और पत्नी दोनों ले सकते हैं इस योजना का लाभ?

नई दिल्ली  केंद्र सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने के लिए पीएम किसान सम्मान स्कीम साल 2019 में शुरू की थी। इस योजना के तहत सरकार किसानों को हर साल 6 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देती है। यह राशि किसानों के बैंक खाते में तीन किस्तों में ट्रांसफर की जाती है, जिसमें प्रत्येक किस्त 2 हजार रुपये की होती है। किस्तें 4 महीने के अंतराल पर दी जाती हैं। अब तक सरकार ने इस योजना की 21 किस्तें जारी कर दी हैं। 21वीं किस्त के पैसे फिलहाल पंजाब, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के बाढ़ प्रभावित लगभग 27 लाख किसानों के खातों में भेजे गए हैं। बाकी किसानों को यह किस्त कब मिलेगी, इस बारे में किसानों में उत्सुकता बनी हुई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दिवाली से पहले 21वीं किस्त जारी हो सकती है, लेकिन संभावना कम दिखाई दे रही है। संभव है कि यह किस्त अगले महीने जारी की जाए। हालांकि, सरकार की ओर से अभी तक आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। इस स्कीम का पति-पत्नी दोनों लाभ ले सकती हैं या नहीं? कई किसानों के मन में सवाल होता है कि अगर पति-पत्नी दोनों एक ही परिवार में आवेदन करें, तो क्या दोनों को इस योजना का लाभ मिलेगा। पीएम किसान सम्मान निधि योजना के नियमों के अनुसार, एक परिवार में केवल एक सदस्य ही योजना का लाभ ले सकता है। यह सदस्य वही होगा जिसके नाम पर कृषि भूमि पंजीकृत है। यानी परिवार में पति और पत्नी दोनों एक साथ लाभ नहीं ले सकते, केवल भूमि के मालिक को ही राशि मिलती है। लाभ लेने के लिए जरूरी प्रक्रिया पीएम किसान योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को e-KYC और भूलेखों का सत्यापन कराना जरूरी है। इसके बिना योजना की किस्तें खाते में ट्रांसफर नहीं की जा सकतीं। सरकार किसानों को सलाह देती है कि वे योजना में आवेदन करते समय सभी दस्तावेज सही और अपडेट रखें, ताकि आर्थिक सहायता समय पर मिल सके।