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डिजिटल इंडिया (भारत सरकार) के जोनल हेड अभिनव शर्मा 17 अक्टूबर को भोपाल में, नई शिक्षा नीति 2020 पर आयोजित कार्यशाला में होंगे शामिल

भोपाल  भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजना डिजिलॉकर, APAAR id, NAD की मध्यप्रदेश एवं अन्य राज्यों में सुचारू रूप से संचालन की  महत्वपूर्ण  जिम्मेदारी संभाल रहे  डिजिटल इंडिया के जोनल हेड अभिनव शर्मा 17 अक्टूबर को भोपाल पधार रहे है, यहां वह उच्च शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित नई शिक्षा नीति 2020 विषय पर कार्यशाला में भाग लेंगे।   

UP विधानसभा 2027: मायावती की रणनीति पर BSP कार्यकर्ताओं की बैठक में चर्चा

लखनऊ  बसपा प्रमुख मायावती ने 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों की तैयारी के लिए लखनऊ में पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। हालांकि, उनके भतीजे आकाश आनंद खराब स्वास्थ्य के कारण इसमें शामिल नहीं हो सके। चुनावी रणनीति और पांचवीं बार सरकार बनाने की कोशिश के चलते मायावती ने ये बैठक बुलाई। बैठक के दौरान, मायावती ने पार्टी नेताओं का चुनावी तैयारियों पर मार्गदर्शन किया और उत्तर प्रदेश में बसपा को पांचवां कार्यकाल दिलाने की रणनीति की रूपरेखा पर चर्चा की। मुख्य चर्चा आगामी चुनावों के प्रति पार्टी के दृष्टिकोण पर केंद्रित रही। बसपा सुप्रीमो मायावती ने गुरुवार को पार्टी पदाधिकारियों की बैठक में निर्देश दिए की बूथ स्तर तक संगठन के गठन का काम अगले तीन महीने में पूरा किया जाए। मान्यवर कांशीराम की पुण्यतिथि पर उमड़ी कार्यकर्ताओं की भीड़ के लिए बूथ स्तर तक पदाधिकारी जाएं और धन्यवाद ज्ञापित करें। सर्व समाज के लोगों को पार्टी से जोड़ें। 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुटें। 15 जनवरी को मायावती का जन्मदिन जनकल्याणकारी दिवस के रूप में सभी जिलों में मनाया जाएगा। इसकी अभी से तैयारियां शुरू करने के भी निर्देश दिए गए। बैठक में मायावती और आकाश आनंद के उत्तर प्रदेश भर में होने वाले दौरों के कार्यक्रमों को भी अंतिम रूप दिया गया। ये दौरे पार्टी का आधार मजबूत करने और चुनाव के लिए समर्थन जुटाने के उद्देश्य से किए जाएंगे। साथ ही बैठक में निर्देश दिए गए कि 10 प्रतिशत बचे बूथ हर हाल में नवंबर से जनवरी तक गठित किए जाएं। चार बार बसपा की सरकार रही है उस समय सरकार ने जो काम किए वह जन-जन तक पहुंचाए जाएं। अपनी जमीनी रणनीति के अलावा, बसपा अपनी भाईचारा समितियों के जरिए मुसलमानों, ओबीसी, दलितों और ब्राह्मणों सहित विभिन्न समुदायों का समर्थन मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित करेगी। यह चुनावों से पहले एक व्यापक सामाजिक गठबंधन बनाए रखने के पार्टी के निरंतर प्रयास को दर्शाता है।  

18 महीने की जांच के बाद इंसाफ: बच्ची के हत्यारों को मिली फांसी की सजा

आगरा  यूपी के आगरा में मासूम बच्ची से गैंगरेप के बाद उसकी हत्या करने के मामले में कोर्ट ने गुरुवार को अपना फैसला सुनाया। 18 महीने बाद आए इस फैसले में कोर्ट ने दो दोषियों को फांसी की सजा सुनाई है। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट सोनिका चौधरी की अदालत ने ये फैसला सुनाया है। बतादें कि 2024 में दो लड़कों ने एक बच्ची की गैंगरेप के बाद हत्या कर दी गई थी। इसके बाद बच्ची के पिता को फोन करके छह लाख की फिरौती भी मांगी थी। पीड़ित ने बाह थाने में केस दर्ज कराया था। इसके बाद से कोर्ट में केस विचाराधीन था। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता सुभाष गिरि के मुताबिक मामले में गुरुवार को कोर्ट में गवाह और अहम साक्ष्य प्रस्तुत किए गए। कोर्ट ने दोनों को दोषी मानते हुए फांसी की सजा सुनाई। मामला बाह थाना क्षेत्र का है। ग्राम पंचायत फरेरा में 18 मार्च 2024 को हुकम सिंह के लड़के हरेंद्र की पुत्री (पल्लवी) को परिवार के ही अमित पुत्र रामसरन जो कि रिश्ते में चाचा लगता है। उसने अपने साथी निखिल निवासी होलीपुरा के साथ 18 मार्च को अगवा करके बलात्कार कर गला घोंट कर मौत के घाट उतार दिया था ‌और हत्या के बाद 6 लाख की फिरौती मांगी गई थी। ‌जिसको परिवार वाले देने को तैयार थे लेकिन हत्या पहले ही कर दी गई थी, जिस कारण आरोपी गुमराह करते रहे और पैसे के लिए बार-बार जगह व मोबाइल नंबर बदल कर गुमराह करते रहे थे। बाद में जिसको पुलिस व एसओजी एवं एसटीएफ ने 20 मार्च 2024 को आरोपियों को पकड़ा था और आरोपियों के निशानदेही पर शव को बरामद कर आरोपियों को जेल भेजा था, जिसमें पॉस्को एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज हुआ था।  

मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि केस की सुनवाई तेज, अदालत ने अगली तारीख 7 नवंबर तय की

प्रयागराज इलाहाबाद हाई कोर्ट में गुरुवार को मथुरा स्थित श्रीकृष्ण जन्मभूमि -शाही ईदगाह मस्जिद विवाद की करीब डेढ़ घंटे सुनवाई चली और अगली तारीख सात नवंबर नियत कर दी गई। न्यायमूर्ति अवनीश कुमार सक्सेना की पीठ के समक्ष वादकारियों की तरफ से वाद की पृष्ठभूमि और अब तक विभिन्न तिथियों में हुए आदेशों के बारे में जानकारी दी गई। अर्जी में क्या कहा? मंदिर पक्ष से वाद संख्या नौ में अधिवक्ता सौरभ तिवारी ने बताया कि कोर्ट ने पक्षों को सुनने के बाद निर्देश दिया कि पूर्व में प्रतिनिधि रूप के रूप में चयनित वाद संख्या 17 पर शाही ईदगाह मस्जिद कमेटी के आवेदन को लेकर जिन्होंने आपत्ति नहीं दायर की है, वह आगामी तारीख से पहले दे दें। शाही ईदगाह मस्जिद ने अपनी अर्जी में कहा है कि अन्य वाद निरस्त कर केवल वाद संख्या 17 ही सुना जाए। रजिस्ट्री से कहा है कि फाइलों को व्यवस्थित किया जाए।  मामले में पक्षकार और श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति न्यास के अध्यक्ष एडवोकेट महेंद्र प्रताप सिंह ने वाद संख्या तीन में आर्कियोलॉजी सर्वे आफ इंडिया (एएसआइ) से जवाब नहीं मिलने की बात कही। उन्होंने बताया कि अदालत ने सभी अर्जियों (प्रार्थना पत्रों) को एक साथ करने का आदेश दिया है।  

BJP नेता के बयान से चौंकी AAP, प्रशांत किशोर की बुराई में मिला ‘केजरीवाल गुणगान’ का एंगल

नई दिल्ली  भाजपा नेता और अरविंद केजरीवाल की तारीफ! हैरान हो गए। आम आदमी पार्टी के नेता भी भाजपा के आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय के एक ट्वीट में केजरीवाल के जिक्र को पूर्व सीएम की तारीफ मानकर इतने ही अचरज में हैं। दरअसल, जनसुराज के नेता प्रशांत किशोर की आलोचना करते हुए मालवीय ने केजरीवाल का जिक्र किया। अब इसे आप प्रमुख के लिए तारीफ बताकर आप नेता राजेश गुप्ता ने कहा कि उन्हें अपनी आंखों पर यकीन नहीं हो रहा है। दरअसल, अमित मालवीय ने यह टिप्पणी प्रशांत किशोर के चुनाव नहीं लड़ने के फैसले को लेकर की। प्रशांत किशोर के पहले करगहर से लड़ने की चर्चा थी। बाद में उन्होंने खुद राघोपुर में तेजस्वी यादव के खिलाफ चुनाव लड़ने की बात कही। अब उन्होंने खुद किसी सीट से नहीं उतरने की बात कही तो मालवीय ने तंज कसते हुए कहा कि उन्हें लगा था कि वह (पीके) अरविंद केजरीवाल हैं। मालवीय ने कहा, 'दिल्ली की मीडिया जिनको बिहार चुनाव का X फैक्टर बता रही थी, वो तो Z निकले – Z मतलब जीरो असल में बात ये है कि उन्हें लगा वो अरविंद केजरीवाल हैं, लेकिन बिहार की जनता ने जमीन पर उतार दिया। खबर ये भी है कि उनकी अपनी पार्टी में पैसों और टिकट के बंटवारे को लेकर इतना बवाल है कि अगर वो चुनाव लड़ भी लेते, तो अपने ही कार्यकर्ता उन्हें हरा देते। जो इंसान किसी एक विचारधारा या संगठन के प्रति ईमानदार नहीं हो सकता, वो बिहार के लोगों का क्या होगा? राजनीति में पाले बदलना और कपड़े बदलने में फर्क होता है। राजनीति संघर्ष, साहस और आत्मविश्वास मांगती है।' 'उन्हें लगा वो अरविंद केजरीवाल हैं, लेकिन…' अब इस बात को आम आदमी पार्टी ने आप के राष्ट्रीय संयोजक की तारीफ के रूप में लिया और हैरानी जाहिर की। दिल्ली के पूर्व विधायक और राष्ट्रीय प्रवक्ता राजेश गुप्ता ने मालवीय के ट्वीट पर जवाब देते हुए लिखा, 'भाई साहब अगर आप भी अरविंद केजरीवाल जी की तारीफ करेंगे तो हम क्या करेंगे। मुझे तो अपनी आंखों पर यकीन ही नहीं हो रहा।'  

शिक्षा में असमानता बढ़ी: हरियाणा के 9वीं–12वीं के लड़के पढ़ाई छोड़ रहे हैं सबसे ज्यादा

पानीपत हरियाणा के स्कूलों में लड़कियों की अपेक्षा लड़कों का ड्रॉप आउट ज्यादा है। पहली से पांचवीं कक्षा तक ड्रॉप आउट शून्य है। कक्षा छठी से आठवीं तक 1.7% बच्चे स्कूल छोड़ गए। इनमें 2.4% लड़के व 0.9% लड़कियां हैं। नौवीं से बारहवीं तक ड्रॉप आउट 4.9% है, जिनमें लड़के 6.6% व लड़कियां 2.7% हैं। यानी 9वीं से 12वीं तक लड़कों का ड्रॉप आउट लड़कियों के मुकाबले करीब ढाई गुना ज्यादा है। यह बातें केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की ताजा रिपोर्ट में सामने आई हैं। शैक्षणिक वर्ष 2024-25 के डेटा के अनुसार, प्रदेश के 23,494 – स्कूलों में 57 लाख लाख 69 हजार 330 विद्यार्थी पढ़ रहे हैं। इनमें 31,09,149 लड़के और 26,60,181 लड़कियां हैं। इन स्कूलों में 2,63,942 शिक्षक प्राइमरी में 30, हाई स्कूलों में 35 बच्चों पर कम से कम एक शिक्षा होना अनिवार्य है। रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि 450 से ज्यादा स्कूलों में 10 से भी कम विद्यार्थियों ने दाखिला लिया। 10 से कम छात्रों वाले स्कूल 2 फीसदी, 11 से 20 छात्रों वाले 3.8% और 21 से 30 छात्रों वाले 6.8% स्कूल हैं। प्रदेशभर में 2,418 स्कूल ऐसे हैं, जिनमें पूरे वर्ष बच्चों के लिए एक भी स्वास्थ्य जांच शिविर नहीं लग पाया। 4,955 स्कूलों को अभी तक इंटरनेट की सुविधा ही नहीं मिली। प्रदेश में 14,338 सरकारी स्कूल हैं। इनमें राज्य सरकार की ओर से 14,278 स्कूल चलाए जा रहे हैं। 35 केंद्रीय, 24 नवोदय विद्यालय और 4 अन्य सरकारी स्कूल हैं। 4 स्कूल सरकारी सहायता प्राप्त, 8,499 स्कूल प्राइवेट हैं। 653 स्कूल ऐसे हैं, जो संस्थाएं चला हैं। चिंताजनक स्थिति यह है कि 1,066 स्कूल सिर्फ एक ही शिक्षक के सहारे चल रहे हैं, जबकि इन स्कूलों में 43,400 विद्यार्थी हैं। इन स्कूलों में औसतन 40 बच्चों पर एक शिक्षक है, जबकि शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत रही हैं। सरकारी स्कूलों में 1,01,670, प्राइवेट स्कूलों में 1,57,257, एडिड स्कूलों में 71, संस्थाओं द्वारा संचालित स्कूलों में 4,944 शिक्षक हैं। सरकारी व प्राइवेट स्कूलों में 21,625 स्पेशल बच्चे भी पढ़ाई करते हैं, जिनमें 13036 लड़के व लड़कियां 8589 हैं।    

प्रतिस्पर्धात्मक दौर में अपेक्स बैंक के शाखा प्रबंधक उत्कृष्ट कार्य निष्पादित करें – मनोज गुप्ता

अपेक्स बैंक के शाखा प्रबंधकों की बैठक समन्वय भवन में आयोजित। भोपाल अन्तर्राष्ट्रीय सहकारी वर्ष, 2025 के दौरान अपेक्स बैंक के सम्पूर्ण प्रदेश के शाखा प्रबंधकों की बैठक आज अपेक्स बैंक समन्वय भवन स्थित सभागार में आयोजित हुई । इस अवसर पर बैंक के प्रबंध संचालक श्री मनोज गुप्ता ने दिनांक 30.09.25 की स्थिति पर शाखाओं द्वारा की अमानत संग्रहण, ऋण वितरण, वसूली एवं बीमा योजनाओं  की समीक्षा करते हुये निर्देशित किया कि प्रतिस्पर्धा के दौर में अपने आप को बेहतर साबित करने की दिशा में सभी अधिकारीगण पूरी ईमानदारी एवं लगन से अपने उत्तरदायित्वों का निवर्हन करते हुए दिनांक 22 अक्टूबर, 25 तक चलने वाले बचत माह के दौरान व्यक्तिगत हितग्राहियों को विभिन्न प्रयोजनों यथा – आवास एवं अचल सम्पत्ति के बंधक पर ऋण पर 8.00 प्रतिशत, वाहन ऋण 8.50 प्रतिशत एवं आवास ऋण 9.00 प्रतिशत पर उपलब्ध कराने के प्रयास करें। उन्होंने बैंक की शाखाओं के माध्यम से माईक्रो एटीएम एवं प्रधानमंत्री जीवन ज्योति, प्रधानमंत्री जीवन सुरक्षा बीमा योजना तथा प्रधानमंत्री अटल पेंशन योजना की अधिक से अधिक जानकारी अपने ग्राहकों एवं आमजन तक पहुॅंचाकर लोगों को इसका अधिकतम लाभ प्राप्त करने हेतु प्रेरित करने तथा एन.पी.ए. प्रकरणों के निराकरण करने तथा केन्द्र सरकार की ’’स्वच्छता पखवाड़ा’’ योजना का सतत् वर्षभर आयोजन करने के निर्देश भी प्रदान किये।  आरंभ में बैंक के विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी श्री संजय मोहन भटनागर ने महत्वपूर्ण बिन्दुओं पर चर्चा करते हुये शाखा प्रबंधकों से अपेक्षा की अपेक्स बैंक द्वारा समय-समय पर प्रदान किये जाने वाले निर्देशों का पालन निश्चित समय-सीमा में करना सुनिश्चित करें।  उप महाप्रबंधक (ऋण/परिचालन) श्री के.टी.सज्जन ने अधिक से अधिक ऋण वितरण व वसूली समय पर करने की अपेक्षा की, जबकि वि.क.अ.(सीबीएस) श्री अरविंद बौद्ध ने तकनीकी बिन्दुओं पर मार्गदर्शन प्रदान किया।   बैठक में श्री आशीष राजौरिया, श्री करूण यादव, श्री विवेक मलिक, श्री समीर सक्सेना व श्री अजय देवड़ा के साथ प्रदेश की समस्त संभागीय एवं अमानत शाखाओं के प्रबंधकगण एवं अन्य अधिकारीण भी उपस्थित हुए। उक्त जानकारी अपेक्स बैंक के जनसम्पर्क अधिकारी अभय प्रधान ने अपनी प्रेस विज्ञप्ति में दी ।

रेलवे का बड़ा फैसला: भीड़ नियंत्रण के लिए कई स्टेशनों पर प्लेटफॉर्म टिकट बिक्री पर रोक

नई दिल्ली  त्योहारों के मौसम में यात्रियों की बढ़ती भीड़ को नियंत्रित करने के लिए उत्तरी रेलवे ने बड़ा कदम उठाया है। नई दिल्ली, पुरानी दिल्ली, हजरत निजामुद्दीन, आनंद विहार टर्मिनल और गाजियाबाद रेलवे स्टेशनों पर 15 अक्टूबर से 28 अक्टूबर तक प्लेटफॉर्म टिकट की बिक्री रोक दी गई है। यह फैसला दिवाली (20 अक्टूबर) और छठ पर्व (25 से 28 अक्टूबर) के दौरान संभावित भारी भीड़ को देखते हुए लिया गया है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इस अवधि में स्टेशनों पर यात्रियों की संख्या में कई गुना बढ़ोतरी की संभावना है। ऐसे में भीड़-भाड़ से होने वाली अव्यवस्था और हादसों से बचने के लिए केवल टिकटधारी यात्रियों को ही स्टेशन परिसर में प्रवेश की अनुमति होगी। हालांकि, रेलवे ने कुछ श्रेणियों के लोगों को छूट दी है। वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांग यात्रियों, अशिक्षित या महिला यात्रियों के साथ आने वाले परिजनों या सहायकों को प्लेटफॉर्म टिकट प्राप्त करने की अनुमति होगी। ऐसे लोगों को स्टेशन के पूछताछ काउंटर पर जाकर अपनी आवश्यकता बतानी होगी, जिसके बाद उन्हें विशेष अनुमति के तहत प्लेटफॉर्म टिकट जारी किया जाएगा। रेलवे सूत्रों ने बताया कि यह कदम सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के लिहाज से आवश्यक है। उल्लेखनीय है कि इसी वर्ष फरवरी में नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर एक ट्रेन के आने की अफवाह के बाद प्लेटफॉर्म पर मची भगदड़ में 18 लोगों की मौत हो गई थी। उसी के बाद से रेलवे ने भीड़ नियंत्रण के उपायों को और कड़ा कर दिया है। इसी तर्ज पर पश्चिम रेलवे और मध्य रेलवे ने भी मुंबई और गुजरात के कई स्टेशनों पर प्लेटफॉर्म टिकट बिक्री पर अस्थायी रोक लगाने का निर्णय लिया है। पश्चिम रेलवे के बयान के अनुसार, 15 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक मुंबई बांद्रा टर्मिनस, वापी, उधना और सूरत स्टेशनों पर प्लेटफॉर्म टिकट नहीं बेचे जाएंगे। वहीं, मध्य रेलवे ने भी मुंबई डिवीजन के प्रमुख स्टेशनों- छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT), दादर, लोकमान्य तिलक टर्मिनस (LTT), ठाणे, कल्याण और पनवेल पर इसी अवधि में यह प्रतिबंध लागू करने की घोषणा की है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि त्योहारों के दौरान ट्रेनों की संख्या बढ़ाई जा रही है, लेकिन भीड़ प्रबंधन के लिए स्टेशन परिसर में केवल यात्रियों को प्रवेश देना ही सबसे प्रभावी उपाय है। इससे न केवल सुरक्षा सुनिश्चित होगी बल्कि प्लेटफॉर्म पर अफरा-तफरी की घटनाओं को भी रोका जा सकेगा।

पंजाब बोर्ड के छात्र ध्यान दें: 31 अक्टूबर तक का सुनहरा मौका!

पंजाब  देश भर में लोगों द्वारा दिवाली की तैयारियां की जा रही है। दिवाली का त्योहार के पास आते ही लोगों को छुट्टियों का इंतजार होगा है ताकि वह आराम से त्योहार मना सकें। दिवाली के त्योहार को लेकर छुट्टियों की घोषणा कर दी गई है। बता दें कि इस वर्ष पंचांग के अनुसार दिवाली 20 अक्टूबर की दोपहर से शुरू होकर अगले दिन 21 अक्टूबर की शाम तक रहेगी। लक्ष्मी पूजा का शुभ मुहूर्त प्रदोष काल में है, इसलिए दिवाली 20 अक्टूबर 2025 (सोमवार) को मनाई जाएगी।     इसके चलते पंजाब में इस साल 20 अक्टूबर को दिवाली, 22 अक्टूबर को विश्वकर्मा दिवस और गोवर्धन पूजा, और 23 अक्टूबर को श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के गुरु गद्दी दिवस पर अवकाश रहेगा। लगातार आ रही छुट्टियों के कारण विद्यार्थियों और कर्मचारियों में खुशी की लहर पाई जा रही है।  

मोदी-योगी के नेतृत्व में विश्व पटल पर दिव्य स्वरूप में उभर रही अयोध्या : माणिक साहा

-त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने किए रामलला व हनुमानगढ़ी के दर्शन -अयोध्या आगमन पर त्रिपुरा के मुख्यमंत्री का एयरपोर्ट पर भव्य स्वागत -बोले, यह परिवर्तन भारत की सांस्कृतिक धरोहर का पुनर्जागरण अयोध्या त्रिपुरा के मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा अयोध्या पहुंचे। उन्होंने श्रीरामलला के दरबार में हाजिरी लगाई और मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम के दर्शन कर देश-प्रदेश की शांति, समृद्धि और कल्याण की कामना की। इसके बाद उन्होंने हनुमानगढ़ी मंदिर पहुंचकर संकटमोचक बजरंगबली का आशीर्वाद प्राप्त किया। अयोध्या आगमन पर त्रिपुरा के मुख्यमंत्री का एयरपोर्ट पर नगर विधायक वेद प्रकाश गुप्ता ने पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। साहा ने अयोध्या के तीर्थक्षेत्र के बदलते स्वरूप और तीव्र विकास कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अयोध्या आज एक नए, भव्य और दिव्य स्वरूप में विश्व पटल पर उभर रही है। उन्होंने कहा कि यह परिवर्तन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि भारत की सांस्कृतिक धरोहर का पुनर्जागरण भी है। नगर विधायक वेद प्रकाश गुप्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री माणिक साहा का अयोध्या आगमन हम सभी के लिए गौरव का विषय है। अयोध्या आज विश्व के आध्यात्मिक केंद्र के रूप में विकसित हो रही है और यह श्रद्धालुओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।