samacharsecretary.com

EOW की बड़ी कार्रवाई: सौम्या चौरसिया पर करोड़ों की संपत्ति जब्त, 8000 पन्नों की चार्जशीट कोर्ट में

रायपुर  छत्तीसगढ़ में आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (ईओडब्ल्यू) ने आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। नौकरशाह सौम्या चौरसिया के खिलाफ विशेष अदालत में आरोप पत्र (चार्जशीट) दायर की गई। ईओडब्ल्यू ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) के तहत 8000 पन्नों की चार्जशीट को  माननीय विशेष न्यायालय रायपुर में प्रस्तुत किया। राज्य प्रशासनिक सेवा (एसएएस) की 2008 बैच की अधिकारी चौरसिया, छत्तीसगढ़ में भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली कांग्रेस पार्टी की सरकार (2018-2023) में मुख्यमंत्री कार्यालय में उपसचिव के पद पर कार्यरत थीं। अधिकारियों ने बताया कि चौरसिया के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला जुलाई 2024 में दर्ज किया गया था। इसके साथ ही कोयला, जिला खनिज निधि (डीएमएफ) और अन्य घोटाले मामलों में भी चौरसिया आरोपी रहीं हैं। परिजनों के नाम पर करोड़ों का निवेश अधिकारियों ने बताया, 'सौम्या चौरसिया पर अपने परिवारजनों और परिचित व्यक्तियों के नाम पर लगभग 45 अचल संपत्तियों में बेनामी निवेश करने का आरोप है। ब्यूरो की जांच में यह प्रमाणित हुआ कि सौम्या चौरसिया ने पद पर रहते हुए लगभग 49,69,48,298 रूपए की अवैध कमाई की है।' इनकम से हजारों गुना अधिक संपत्ति का खुलासा अधिकारियों ने बताया कि सौम्या चौरसिया की पहली नियुक्ति बिलासपुर जिले की डेप्युटी कलेक्टर के रूप में हुई थी। इससे पहले वह वर्ष 2005 में लेखाधिकारी के रूप में कार्यरत थीं। वर्ष 2019 में वे मुख्यमंत्री कार्यालय में उपसचिव के पद पर पदस्थ हुई थीं। 17 वर्ष के सेवाकाल में सौम्या चौरसिया और उनके परिवार की वैध आय लगभग 2,51,89,175 रुपये थी। वहीं, उनका लगभग 50 करोड़ रुपये की अवैध आय को विभिन्न संपत्तियों में निवेश पाया गया। अधिकारियों ने बताया कि इस प्रकार सौम्या चौरसिया ने अपने सम्पूर्ण सेवाकाल में 1872.86 प्रतिशत अधिक अवैध आय अर्जित की। अब तक का सबसे बड़ा केस ब्यूरो के इतिहास में आय से अधिक संपत्ति का यह अब तक का सबसे बड़ा केस है। उन्होंने बताया कि जांच से यह भी स्पष्ट हुआ कि सौम्या चौरसिया द्वारा संपत्तियों में अवैध धन का सर्वाधिक निवेश वर्ष 2019 से 2022 के बीच किया गया। पिछले महीने, ईओडब्ल्यू ने आय से अधिक संपत्ति मामले में चौरसिया की आठ करोड़ रुपये मूल्य की 16 संपत्तियां कुर्क की थीं।  

अटल आवासीय विद्यालय समिति की बैठक में लिया गया निर्णय, मिलेगा सम्मानजनक नया दर्जा

प्रत्येक विद्यालय में स्थापित होगी इनोवेशन लैब, विद्यार्थियों में बढ़ेगा वैज्ञानिक दृष्टिकोण सभी छात्रों को मिलेगा स्वास्थ्य बीमा का लाभ, मॉडल रेजिडेंशियल स्कूल बनेगा अटल विद्यालय लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने एक बार फिर संवेदनशील निर्णय लेते हुए समाज के वंचित वर्गों के बच्चों को सम्मानजनक पहचान देने का कार्य किया है। लखनऊ स्थित उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड (बीओसीडब्ल्यू) कार्यालय में आयोजित अटल आवासीय विद्यालय समिति की बैठक में यह ऐतिहासिक निर्णय लिया गया कि अब तक "निराश्रित/अनाथ" कहे जाने वाले विद्यार्थी भविष्य में "राज्याश्रित" कहलाएंगे। बैठक की अध्यक्षता प्रमुख सचिव, श्रम एवं सेवायोजन विभाग डॉ. एम. के. शन्मुगा सुन्दरम्, द्वारा की गई। बैठक में श्रमायुक्त मार्कण्डेय शाही,  महानिदेशक, अटल आवासीय विद्यालय पूजा यादव, नवोदय विद्यालय समिति के बी.के. सिन्हा सहित वित्त, कार्मिक एवं शिक्षा विभागों के वरिष्ठ अधिकारी एवं शिक्षाविद् उपस्थित रहे। "राज्याश्रित" शब्द का होगा उपयोग बैठक में लिए गए सबसे महत्वपूर्ण निर्णय के तहत अब अटल आवासीय विद्यालयों में अध्ययनरत कोविड-19 काल में निराश्रित हुए अथवा मुख्यमंत्री बाल सेवायोजना (सामान्य) के अंतर्गत आने वाले विद्यार्थियों को “राज्याश्रित” कहा जाएगा। यह निर्णय विद्यार्थियों को आत्मगौरव और सम्मानजनक सामाजिक पहचान दिलाने की दिशा में बड़ा कदम है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप यह कदम उन बच्चों को सम्मान, सुरक्षा और आत्मविश्वास से भरने की दिशा में एक नई शुरुआत है, जो अब "निराश्रित" नहीं बल्कि "राज्याश्रित" कहलाएंगे। CBSE के माध्यम से केंद्रीकृत प्रवेश परीक्षा एक अन्य निर्णय में अगले शैक्षणिक सत्र 2026-27 से प्रवेश परीक्षा सेंट्रलाइज एंट्रेंस टेस्ट (सीबीएसई) के माध्यम से आयोजित की जाएगी, ताकि सभी विद्यालयों में चयन प्रक्रिया में एकरूपता बनी रहे। इनोवेशन लैब की होगी स्थापना इसके साथ ही, प्रत्येक विद्यालय में इनोवेशन लैब भी बनाई जाएगी जिससे विद्यार्थियों में नवाचार, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और तकनीकी दक्षता का विकास हो। इस निर्णय से विद्यार्थियों का सर्वागीण विकास सुनिश्चित हो सकेगा।  सभी छात्रों को स्वास्थ्य बीमा की सुविधा इसके अलावा एक अन्य महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए समिति ने सभी छात्र-छात्राओं को हेल्थ इंशयोरेंस के दायरे में लाने का निर्णय लिया है, ताकि हर विद्यार्थी को स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। सर्वांगीण विकास पर जोर बैठक में छात्रों के सर्वागीण विकास पर जोर दिया गया। हॉस्टल व्यवस्था, पोषण, खेलकूद और सह-पाठयक्रम गतिविधियों से संबंधित सुधारों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। बैठक के अंत में प्रमुख सचिव डॉ. शन्मुगा सुन्दरम् ने निर्देश दिए कि सभी विभाग मिलकर अटल आवासीय विद्यालयों को देश के मॉडल रेजिडेंशियल स्कूल के रूप में विकसित करें।

कैशलेस इलाज में ठगी! MP के कई अस्पताल आयुष्मान कार्डधारकों से वसूल रहे एक्स्ट्रा चार्ज

भोपाल  नेशनल हेल्थ अथॉरिटी (NHA) के निर्देश पर भोपाल में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला आयोजित की जा रही है। कार्यशाला के पहले दिन योजना से जुड़ी चुनौतियों पर व्यापक चर्चा हुई। योजना के तहत हर मरीज को केशलेस और मुफ्त इलाज मिलना चाहिए, लेकिन कुछ अस्पताल एक्स्ट्रा चार्ज या अन्य बहानों से अवैध वसूली कर रहे हैं। ऐसे कई शिकायतें हमें मिली हैं। योगेश भरसट ने कहा कि इन शिकायतों का सत्यापन कर समाधान निकालना भी चुनौतीपूर्ण काम है। धोखाधड़ी रोकने के लिए नई व्यवस्था बनाई जा रही है। यदि किसी मरीज को इस तरह की धोखाधड़ी का शिकार होना पड़ता है और वह प्रमाण के साथ शिकायत दर्ज कराता है तो तत्काल कार्रवाई की जाएगी। मरीज को उसका पैसा दिलाने के साथ-साथ संबंधित अस्पताल पर तीन गुना तक का जुर्माना लगाया जाएगा। यदि किसी अस्पताल के खिलाफ एक से अधिक शिकायतें पाई जाती हैं तो उनके खिलाफ कड़े कदम भी उठाए जाएंगे। कार्यशाला में कुल 27 राज्य और 8 केंद्र शासित प्रदेशों से योजना से जुड़े दो-दो अधिकारी शामिल हुए। साथ में NHA के अधिकारियों ने भी भाग लिया। दूरदराज इलाकों में अस्पतालों की कमी भी समस्या योगेश भरसट ने यह भी स्वीकार किया कि भोपाल, ग्वालियर, इंदौर और जबलपुर जैसे महानगरों में योजना से जुड़े अस्पतालों की संख्या अच्छी है और मरीजों को योजना के तहत इलाज आसानी से मिल रहा है। लेकिन अलीराजपुर, अनूपपुर, मऊगंज, पंडुगा, निवाड़ी जैसे दूरदराज जिलों में अस्पतालों की कमी है, जिससे वहां के मरीजों को बड़े शहरों में इलाज के लिए जाना पड़ता है और यात्रा, ठहरने व अन्य खर्च बढ़ जाते हैं। इस समस्या का समाधान करने के लिए इन क्षेत्रों में नए अस्पताल खोजकर उन्हें योजना से जोड़े जाने की कार्रवाई तेज की जाएगी। सात साल पूरे होने पर कार्यशाला यह कार्यशाला आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB-PMJAY) के सात साल पूरे होने पर इसे नई दिशा देने के उद्देश्य से आयोजित की गई है। इस योजना की शुरुआत 2018 में झारखंड से की गई थी और अब 2030 तक AB-PMJAY 2.0 के रूप में इसे और अधिक सक्षम बनाना लक्ष्य है। कार्यशाला में बीते सात वर्षों में मिली उपलब्धियों और आयी समस्याओं पर भी चर्चा हुई ताकि सफल मॉडलों को अन्य राज्यों में अपनाया जा सके। एमपी के इन इनिशिएटिवों पर अन्य राज्य भी काम करेंगे मध्यप्रदेश पहला राज्य है जिसने लाभार्थियों को योजना से जुड़ी जानकारी देने के लिए आयुष्मान चैटबॉट शुरू किया। यह व्यवस्था अब पूरे देश में लागू करने की रूपरेखा पर है। इसके अलावा मध्यप्रदेश आयुष्मान डिजिटल मिशन में भी अग्रणी राज्यों में शामिल है। यहां आयुष्मान आईडी बनाने से लेकर मरीजों के रिकॉर्ड डिजिटल रूप में अपलोड किए जा रहे हैं। क्वालिटी हेल्थ प्रोवाइडर सुनिश्चित करने की दिशा में प्रदेश ने बड़े शहरों में केवल NABH से मान्यता प्राप्त अस्पतालों को ही पैनल में शामिल करने का निर्णय लिया है। एमपी की 7 साल की प्रमुख उपलब्धियां • 4.30 करोड़ लाभार्थियों को योजना से जोड़ा गया। • 50 लाख रुपए का फ्री क्लेम पास किया गया। • 8,000 करोड़ रुपए के बिल पास किए गए। क्वालिटी सुनिश्चित करने के कदम योगेश भरसट ने कहा कि मध्यप्रदेश में लगभग 650 NABH-प्रमाणित अस्पताल हैं, जिनमें से करीब 200 सिर्फ भोपाल में स्थित हैं। प्रदेश का प्रयास है कि बड़े शहरों में केवल NABH-प्रमाणित अस्पतालों को ही योजना से जोड़ा जाए ताकि उपचार की गुणवत्ता और पारदर्शिता बनी रहे। इस नीति पर अस्पतालों की कुछ आपत्तियों पर आगे चर्चा की जाएगी और एग्जीक्यूटिव कमेटी में अंतिम निर्णय लिया जाएगा।  

भारत को सस्ता तेल और फायदा भी, रूस ने अमेरिका को सुनाई खरी-खरी

नई दिल्ली अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि उनके ‘‘मित्र’’ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें आश्वासन दिया है कि भारत अब रूस से तेल खरीदना बंद कर देगा। ट्रंप ने साथ ही कहा कि यह कदम यूक्रेन पर आक्रमण रोकने के लिए रूस पर दबाव बढ़ाने की दिशा में एक ‘‘बड़ा कदम’’ होगा। अब इस पर रूस की प्रतिक्रिया भी सामने आई है। रूस ने साफ कहा है कि उसका तेल भारत की अर्थव्यवस्था के लिए लाभदायक है और वह अमेरिका और भारत के आपसी मामलों में दखल नहीं देगा। भारत में रूस के राजदूत डेनिस अलीपोव ने गुरुवार को कहा, “भारत और अमेरिका दोनों अपने फैसलों में स्वतंत्र हैं, और हम इन मुद्दों में हस्तक्षेप नहीं करते। हमारा तेल भारतीय अर्थव्यवस्था और भारतीय जनता के कल्याण के लिए अत्यंत लाभदायक है।” जब पत्रकारों ने पूछा कि क्या ट्रंप की टिप्पणियों के मद्देनजर भारत रूसी कच्चे तेल की खरीद जारी रखेगा, तो राजदूत ने कहा, "यह सवाल भारत सरकार के लिए (जवाब देने का) है।" उन्होंने कहा कि भारत सरकार सबसे पहले अपने देश के राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखकर इस मामले से निपट रही है। उन्होंने कहा, "ऊर्जा क्षेत्र में हमारा सहयोग इन हितों के अनुरूप है।" रूसी दूत ने कहा, "हमारा सहयोग दोनों देशों के हितों के साथ पूरी तरह से तालमेल में है।" मुख्य रूप से अमेरिका की ओर इशारा करते हुए उन्होंने पश्चिमी देशों द्वारा लगाए जा रहे टैरिफ और प्रतिबंधों की आलोचना की। उन्होंने कहा, "ये टैरिफ और प्रतिबंध केवल बहुध्रुवीय विश्व को स्वीकार करने की अनिच्छा को दर्शाते हैं। ये वैश्विक शासन संरचना में लंबे समय से लंबित सुधारों में देरी करते हैं।" अलीपोव ने ब्रिक्स के बढ़ते प्रभाव का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कई देश इस समूह में शामिल होने के लिए उत्सुक हैं। उन्होंने ब्रिक्स को वैश्विक मंच पर एक महत्वपूर्ण शक्ति के रूप में उभरते हुए बताया, जो वैश्विक आर्थिक और राजनीतिक संतुलन में योगदान दे रहा है। ट्रंप का दावा पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों के बावजूद भारत द्वारा रूस से पेट्रोलियम उत्पादों की खरीद जारी रखना एक बड़ा मुद्दा बन गया है। इसका भारत और अमेरिका के संबंधों पर गंभीर प्रतिकूल असर पड़ा है। ट्रंप ने बुधवार को अपने ‘ओवल’ कार्यालय में पत्रकारों से कहा कि अमेरिका इस बात से ‘‘खुश नहीं’’ है कि भारत रूस से कच्चा तेल खरीद रहा है। उन्होंने तर्क दिया कि ऐसी खरीद से रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को युद्ध के लिए वित्तपोषण में मदद मिलती है। अमेरिका के राष्ट्रपति ने एक सवाल के जवाब में कहा, ‘‘वह (मोदी) मेरे मित्र हैं, हमारे बीच बहुत अच्छे संबंध हैं… हम उनके द्वारा रूस से तेल खरीदे जाने से खुश नहीं थे क्योंकि इससे रूस को यह बेतुका युद्ध जारी रखने का मौका मिला। इस युद्ध में उन्होंने लाखों लोगों को खो दिया।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैं इस बात से खुश नहीं था कि भारत तेल खरीद रहा है और (मोदी) ने आज मुझे आश्वासन दिया कि वे रूस से तेल नहीं खरीदेंगे। यह एक बड़ा कदम है। अब हमें चीन से भी यही करवाना होगा।’’ ‘सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर’ (सीआरईए) के अनुसार, चीन के बाद भारत रूस से कच्चे तेल का दूसरा सबसे बड़ा खरीदार है। अमेरिका के राष्ट्रपति ने कहा कि भारत खरीद में संभवत: तुरंत कटौती नहीं कर पाएगा, लेकिन प्रक्रिया शुरू हो गई है। ट्रंप ने कहा, ‘‘उन्होंने (मोदी ने) मुझे आश्वासन दिया है कि रूस से कोई तेल नहीं खरीदा जाएगा। मुझे नहीं पता, शायद यह बड़ी खबर हो। क्या मैं ऐसा कह सकता हूं?… वह रूस से तेल नहीं खरीद रहे हैं। यह शुरू हो चुका है। वह इसे तुरंत नहीं कर सकते…लेकिन यह प्रक्रिया जल्द ही पूरी हो जाएगी।’’ भारत का जवाब भारत ने इस दावे पर तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए अपने पुराने रुख को दोहराया- कि देश की ऊर्जा नीति पूरी तरह से भारतीय उपभोक्ता के हितों से प्रेरित है, और अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार की अस्थिरता के बीच यही भारत की सर्वोच्च प्राथमिकता है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने कहा, “भारत तेल और गैस का एक महत्वपूर्ण आयातक देश है। अस्थिर ऊर्जा परिदृश्य में भारतीय उपभोक्ता के हितों की रक्षा हमारी सतत प्राथमिकता रही है। हमारे आयात से जुड़े सभी निर्णय इसी उद्देश्य से लिए जाते हैं।”

शोक में डूबा परिवार: ASI संदीप का पंचतत्व में विलीन, DGP ओपी सिंह ने जताया सम्मान

जुलाना ASI संदीप लाठर पंचतत्व में विलीन हो गए। उनके पैतृक गांव जुलाना स्थित श्मशान घाट में उनका अंतिम संस्कार किया गया। संदीप के बेटे रिहान ने अपने पिता को मुखाग्नि दी। इस मौके पर हरियाणा के नए डीजीपी ओम प्रकाश सिंह सहित कई नेता श्रद्धांजलि देने पहुंचे। इस दौरान "संदीप लाठर अमर रहे" के नारे लगते रहे। इससे पहले ASI संदीप लाठर का पार्थिव शरीर रोहतक पीजीआई से पोस्टमार्टम के बाद जुलाना पहुंचा था। इस दौरान साथ चल रहे लोगों ने हाथों में झंडे उठाकर अमर रहे के लगाए। संदीप लाठर के अंतिम संस्कार में कई तमाम बड़ें नेता पहुंचे थे, जिनमें पंचायती राज मंत्री कृष्ण लाल पंवार, शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा, मंत्री रणबीर गंगवा, डिप्टी स्पीकर कृष्ण मिढ्डा, भाजपा अध्यक्ष मोहनलाल बड़ौली समेत कई नेता शामिल हुए।  खेत में संदीप ने खुद को मारी थी गोली  बता दें कि बीते मंगलवार की दोपहर ASI संदीप लाठर ने धामड़ रोड स्थित मामा के खेतों में बने कमरे की छत पर सर्विस रिवॉल्वर से खुद को गोली मार ली थी। उन्होंने आत्महत्या से पहले एक वीडियो और 4 पन्नों का सुसाइड नोट छोड़ा, जिसमें उन्होंने IPS वाई पूरन कुमार पर गंभीर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। इस मामले से हरियाणा में राजनीति गर्माती नजर आ रही है।

धर्मपथ पर लगेंगे 30 डिजिटल स्तंभ, दिखेंगे रामायण के दिव्य प्रसंग

अयोध्या दीपोत्सव 2025 -सीएम योगी के नेतृत्व में दीपोत्सव बनेगा ‘नवभारत की नई अयोध्या’ का प्रतीक -डिजिटल लाइट शो से नहाएंगे अयोध्या के प्रमुख स्थल, विश्व के लिए बनेगी प्रेरणा अयोध्या नौवें दीपोत्सव 2025 में इस बार अयोध्या केवल दीपों से ही नहीं, बल्कि डिजिटल आभा से भी जगमगाएगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अयोध्या को विश्व के सांस्कृतिक मानचित्र पर डिजिटल और आध्यात्मिक नगरी के रूप में स्थापित करने की तैयारी अंतिम चरण में है। रामलला के भव्य मंदिर में विराजमान होने के बाद तकनीक और संस्कृति का अद्भुत संगम पेश करेगा। धर्मपथ से लेकर लता चौक, रामकथा पार्क और सरयू घाट तक हर कोना रोशनी की अद्भुत छटा से नहाया रहेगा। धर्मपथ पर लगेंगे 30 डिजिटल स्तंभ, रामायण के प्रसंग होंगे प्रदर्शित Aduex Design कंपनी के साइट इंचार्ज व डिज़ाइन मैनेजर नितिन कुमार ने बताया कि उन्हें प्रकाश व्यवस्था की जिम्मेदारी सौंपी गई है। धर्मपथ पर नेशनल हाईवे से प्रवेश द्वार तक दोनों ओर 18-18 फीट ऊंचे 30 डिजिटल पिलर लगाए जा रहे हैं। इन स्तंभों पर रामायण के प्रसंगों की झलकियां और डिजिटल लाइट शो प्रदर्शित होंगे। यह डिजिटल प्रस्तुति 18 से 20 अक्टूबर तक चलेगी, जिससे श्रद्धालु स्वयं को त्रेता युग के दिव्य अनुभव में महसूस करेंगे। अयोध्या के प्रमुख स्थलों पर होगी भव्य लाइटिंग रामकथा पार्क, राम की पैड़ी, हनुमानगढ़ी, बिरला मंदिर, तुलसी उद्यान, भजन संध्या स्थल और सरयू ब्रिज तक को सजाने-संवारने का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। Aduex Design द्वारा लगाए जा रहे आर्च गेट्स और डिजिटल पिलर्स अयोध्या की सड़कों को आधुनिक स्वरूप देंगे, वहीं धार्मिक भावना को भी जीवंत रखेंगे। 26 लाख दीपों से बनेगा नया विश्व रिकॉर्ड इस बार राम की पैड़ी समेत 56 घाटों पर 26 लाख 11 हजार 101 दीपों से दीपोत्सव का विश्व रिकॉर्ड बनने जा रहा है। हर दीप भगवान राम के आदर्शों और अयोध्या की दिव्यता का प्रतीक बनेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में होगा ऐतिहासिक दीपोत्सव मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं दीपोत्सव की तैयारियों पर लगातार नजर रखे हुए हैं। उनका स्पष्ट निर्देश है कि इस बार दीपोत्सव ऐसा हो जो अयोध्या की परंपरा, पर्यटन और तकनीक तीनों का संदेश विश्वभर में दे सके। सीएम योगी के नेतृत्व में दीपोत्सव न केवल धर्म और संस्कृति का उत्सव बनेगा, बल्कि यह “नवभारत की नई अयोध्या” का परिचायक भी होगा। अयोध्या की डिजिटल छटा बनेगी विश्व के लिए प्रेरणा दीपों की रोशनी और डिजिटल तकनीक का यह संगम अयोध्या को विश्व के पर्यटन मानचित्र पर और सशक्त बनाएगा। श्रद्धालु जहां दिव्य राममंदिर का दर्शन करेंगे, वहीं डिजिटल प्रस्तुति के माध्यम से रामायण के अद्भुत प्रसंगों का अनुभव करेंगे। अयोध्या का दीपोत्सव अब सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि भारत की आस्था, संस्कृति और तकनीकी प्रगति का प्रतीक बन चुका है।

नारायण मूर्ति-सुधा मूर्ति ने कास्ट सर्वे में नहीं दिया डेटा, सरकार ने तोड़ी चुप्पी

बेंगलुरु  राज्यसभा सांसद सुधा मूर्ति और उनके टेक्नोक्रेट पति नारायण मूर्ति ने जातिगत सर्वे में शामिल होने से ही इनकार कर दिया है। दंपति की ओर से इस संबंध में कर्नाटक सरकार को पत्र भी लिखा गया है कि हम इसमें हिस्सा नहीं लेंगे। कपल ने लिखा है कि यह सर्वे किसी के भी हितों को पूरा नहीं करता है और अहम बात यह कि हम पिछड़े समुदाय से ताल्लुक नहीं रखते हैं और हम इस सर्वे का हिस्सा नहीं होंगे। मूर्ति की ओर से सेल्फ अटेस्टेड लेटर राज्य के पिछड़ा वर्ग आयोगको भेजा गया है, जिसमें कहा गया है कि हमारा परिवार इस सर्वे का हिस्सा नहीं रहेगा। ऐसा इसलिए क्योंकि हमें नहीं लगता कि यह किसी के हितों की पूर्ति करता है। उन्होंने कहा कि हम अपनी पर्सनल डिटेल्स नहीं देंगे। वहीं इस मामले में कर्नाटक सरकार से भी जवाब आया है। डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार एक पुस्तक विमोचन कार्यक्रम में थे। इस आयोजन से इतर जब उनसे मूर्ति परिवार के फैसले पर पूछा गया तो उन्होंने कहा कि हम किसी को जानकारी देने के लिए बाध्य नहीं कर सकते। यह तो उनका फैसला है और वे जैसा चाहें करें। बता दें कि कर्नाटक में सामाजिक-आर्थिक सर्वे चल रहा है। इस सर्वे के माध्यम से यह पता लगाने की बात कही जा रही है कि किस वर्ग के कितने लोगों के पास कितनी सुविधाएं हैं। उनकी आर्थिक, सामाजिक और शैक्षणिक स्थिति क्या है। इसके लिए राज्य में सभी सरकारी एवं सहायता प्राप्त स्कूलों को 8 से 18 अक्तूबर तक बंद रखा गया है। इसकी वजह यह है कि स्कूलो के अध्यापकों को ही इस सर्वे में लगाया गया है। कर्नाटक में यह सर्वे 22 सितंबर से शुरू हुआ था और यह 12 अक्तूबर को समाप्त हो जाना था, लेकिन इसकी तारीख बढ़ा दी गई है। बेंगलुरु में यह 24 अक्तूबर तक चलना है। इस सर्वे में राज्य के सभी 7 करोड़ लोगों को शामिल किया जाएगा और उनकी आर्थिक एवं सामाजिक स्थिति जानी जाएगी। राज्य सरकार का कहना है कि हम यह जानना चाहते हैं कि किस वर्ग के पास क्या संसाधन हैं। पूरी जानकारी मिलने के बाद सामाजिक योजनाओं को गति देने में मदद मिलेगी।  

तेजस्वी यादव की करोड़ों की संपत्ति, दर्जनों केस — जानें हलफनामे के चौंकाने वाले खुलासे

पटना  बिहार की सियासत के युवा चेहरा और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने बुधवार को राघोपुर विधानसभा सीट से नामांकन दाखिल किया। तेजस्वी ने साथ ही हलफनामा भी दायर किया जिसमें उन्होंने अपनी पूरी संपत्ति का ब्यौरा दिया। 35 साल के तेजस्वी यादव के पास नगद रकम 1.5 लाख रुपये हैं, कुल चल-अचल संपत्ति 6.12 करोड़ से ज्यादा की है, वहीं उन पर 55.52 लाख रुपये का कर्ज भी है। 9वीं पास हैं तेजस्वी तेजस्वी ने हलफनामे में बताया कि उन्होंने 2006 में दिल्ली पब्लिक स्कूल आरके पुरम (नई दिल्ली) से 9वीं तक की पढ़ाई की है। इससे पहले भी वे अपने शैक्षणिक विवरण को लेकर विरोधियों के निशाने पर रहे हैं, लेकिन उन्होंने हमेशा इसे जमीन से जुड़े अनुभव कहकर टाल दिया है। 18 आपराधिक मामले दर्ज हलफनामे में सबसे ध्यान खींचने वाली बात यह रही कि तेजस्वी ने स्वीकार किया है कि उनके खिलाफ कुल 18 आपराधिक मामले चल रहे हैं, जिनमें चार मामले अपील पर हैं। ये मामले राजनीतिक रैलियों, धरनों, विरोध प्रदर्शनों और बयानों से जुड़े हैं। हाल ही में 13 अक्टूबर 2025 को दिल्ली की अदालत ने IRCTC होटल और लैंड-फॉर-जॉब्स घोटाले में तेजस्वी, लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी के खिलाफ आरोप तय किए, जिससे आरजेडी का कानूनी सिरदर्द चुनाव से ठीक पहले बढ़ गया है। गौरतलब है कि तेजस्वी यादव ने राघोपुर से तीसरी बार चुनाव लड़ने के लिए नामांकन दाखिल किया है। नामांकन के लिए तेजस्वी हाजीपुर कलेक्टोरेट पहुंचे तो उनके साथ पिता लालू प्रसाद यादव, मां राबड़ी देवी, बहन मीसा भारती और सैकड़ों समर्थक मौजूद थे। पार्टी सुप्रीमो के घर से लेकर हाजीपुर तक 40 किलोमीटर के रास्ते पर लालू परिवार के समर्थक फूल बरसाते नजर आए। राघोपुर यादव परिवार का गढ़ राघोपुर विधानसभा सीट को आरजेडी का पारंपरिक गढ़ माना जाता है। यहां यादव मतदाता लगभग 25%, मुस्लिम 20% और ईबीसी करीब 30% हैं। तेजस्वी 2015 और 2020 दोनों चुनाव यहीं से जीत चुके हैं और अब लगातार तीसरी बार मैदान में हैं।

भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य की रिमांड बढ़ी, अब जेल में बिताएंगे दिवाली के दिन

 रायपुर  प्रदेश में हुए 3,200 करोड़ के शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल की न्यायिक रिमांड 14 दिनों के लिए बढ़ा दी गई है। रायपुर की स्पेशल कोर्ट ने  सुनवाई के दौरान चैतन्य की रिमांड 29 अक्टूबर तक बढ़ाने का आदेश दिया। इसका मतलब है कि चैतन्य बघेल इस बार दिवाली जेल में ही मनाएंगे। इस बीच ईओडब्ल्यू (EOW) ने चैतन्य बघेल से पूछताछ के दौरान कई अहम जानकारियां मिलने का दावा किया है। ईओडब्ल्यू ने पहले 13 अक्टूबर को चार्जशीट दाखिल करने के लिए समय मांगा था, लेकिन तय समय में चार्जशीट पेश नहीं की जा सकी। कोर्ट ने 15 अक्टूबर तक का समय दिया था, मगर अब तक चार्जशीट दाखिल नहीं की गई है। चैतन्य बघेल 18 जुलाई 2025 से जेल में गौरतलब है कि चैतन्य बघेल 18 जुलाई 2025 से जेल में हैं। उन्हें ईडी ने शराब घोटाले में कथित तौर पर 16.70 करोड़ रुपये की रकम प्राप्त करने के आरोप में गिरफ्तार किया था। ईडी के अनुसार, शराब घोटाले से प्राप्त ब्लैक मनी को रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स में निवेश कर वैध (वाइट) दिखाया गया, साथ ही सिंडिकेट के माध्यम से 1000 करोड़ रुपये की हेराफेरी की गई।

CM का ASI संदीप लाठर के घर दौरा, अभय चौटाला ने किया चुटीला कमेंट

रोहतक एडीजीपी वाई पूरण कुमार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाकर खुदकुशी करने वाले एएसआई संदीप लाठर के शव को लेकर दूसरे दिन भी गांव में राजनीतिक सरगर्मी बनी रही। भाजपा, कांग्रेस, इनेलो सहित राजनीतिक दल और कई संगठनों के लोगों का गांव में तांता लगा रहा। इनेलो सुप्रीमो अभय सिंह चौटाला करीब 5 बजे लाढ़ौत गांव पहुंचे। परिजनों को ढांढ़स बंधाने के बाद उन्होंने कहा, मुख्यमंत्री सुबह आए थे लेकिन अभी तक केस दर्ज नहीं हुआ। वे जाटों की सहानुभूति लेने आए थे न्याय करने नहीं। अगर न्याय करने आए होते तो अब तक कार्रवाई हो जाती। पूरे मामले की जांच सीबीआई से हाईकोर्ट के जज की निगरानी में कराई जाए। एएसआई संदीप के शव के पास परिजन व ग्रामीण दिनभर बैठे रहे। दूसरे दिन भी ग्रामीण पूरी घटना को लेकर आक्रोशित रहे। मंगलवार को संदीप ने अपनी सर्विस रिवॉल्वर से गोली मारकर खुदकुशी कर ली थी। संदीप ने अपने सुसाइड नोट और मृत्युपूर्व बनाए वीडियो में दिवंगत एडीजीपी वाई पूरण कुमार पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए थे।   नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा शाम करीब साढ़े 4 बजे लाढ़ौत गांव पहुंचे। उन्होंने एएसआई संदीप कुमार के परिजनों से मुलाकात कर ढांढ़स बंधाया और हर संभव मदद का आश्वासन दिया। कहा, पूरे मामले में हाईकोर्ट के सिटिंग जज से सरकार जांच कराए। पूर्व मंत्री सुभाष बतरा, पूर्व विधायक आनंद सिंह दांगी व कांग्रेसी नेता मौजूद रहे। इनेलो की महिला विंग की प्रदेश अध्यक्ष सुनैना चौटाला के आगमन के साथ लाढ़ौत गांव में राजनीतिक सरगर्मी बढ़ती चली गई। सरकार से न्याय की आस लगाए परिजनों से सीएम नायब सैनी भी मिले।  इसके बाद तो सरकार की ओर से हचलच बढ़ती गई। सीएम के ओएसडी वीरेंद्र बढ़खालसा ने सैनी के जाने के बाद देर शाम तक मामले के पटाक्षेप में लगे रहे। भाजपा का प्रतिनिधिमंडल भी पहुंचा। प्रदेश संगठन महामंत्री फणींद्र नाथ शर्मा, प्रदेश उपाध्यक्ष सतीश नांदल व पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर के साथ भाजपा कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे। शाम 4 बजे नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्‌डा भी आधे घंटे तक गांव में रहे। 5 बजे हुड्डा निकले, उधर इनेलो सुप्रीमो अभय चौटाला परिवार को ढांढ़स बंधाने पहुंच गए। उन्होंने जातिगत प्रभाव को उछालते हुए मुख्यमंत्री सैनी पर सीधा हमला बोलते हुए सीबीआई से जांच की मांग