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विद्यार्थियों के लिए बड़ी खबर: पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड की आखिरी तारीख नज़रअंदाज न करें

पंजाब पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड ने पंजाब सरकार के पंजाब, पंजाबी और पंजाबियत को प्रोत्साहन देने के प्रयासों के तहत तीसरे अंतरराष्ट्रीय पंजाबी बोली ओलंपियाड के आयोजन की घोषणा की है। बोर्ड के चेयरमैन, सेवानिवृत्त आईएएस डॉ. अमरनाथ सिंह ने बताया कि इस प्रतियोगिता के लिए पंजीकरण प्रक्रिया 15 अगस्त से शुरू हो चुकी है और विद्यार्थियों द्वारा इसे अच्छा समर्थन मिल रहा है। इच्छुक छात्र-छात्राएं 31 अक्टूबर 2025 तक अपना रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं। डॉ. अमरनाथ के अनुसार इस ओलंपियाड का उद्देश्य देश और विदेश में बसे पंजाबियों को अपनी भाषा, संस्कृति और विरासत से जोड़ना है। इसके साथ ही पंजाबी भाषा की समृद्ध परंपरा को संरक्षित और प्रोत्साहित करना भी इसका प्रमुख लक्ष्य है। इस वर्ष ओलंपियाड में विजेता विद्यार्थियों को नकद पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। इसके अलावा, जिन स्कूलों और शिक्षकों ने सर्वाधिक विद्यार्थियों का पंजीकरण करवाया होगा, उन्हें भी विशेष रूप से सम्मानित किया जाएगा। इसके लिए फीस ढांचे में भी बदलाव किया गया है। प्राइमरी वर्ग (8 से 12 वर्ष) के लिए पंजीकरण शुल्क 50 रुपये रखा गया है, जो पहले 100 रुपये था। मिडल वर्ग (12 से 14 वर्ष) और सेकेंडरी वर्ग (14 से 16 वर्ष) के लिए शुल्क 100 रुपये निर्धारित किया गया है, जबकि एनआरआई विद्यार्थियों के लिए यह 800 रुपये रहेगा। इस बार ओलंपियाड में प्रश्न केवल निर्धारित सामग्री पर आधारित नहीं होंगे, बल्कि संबंधित आयु वर्ग के पाठ्यक्रम से भी लिए जाएंगे, ताकि प्रतियोगिता अधिक शैक्षणिक और सार्थक बन सके। साथ ही, इस वर्ष परीक्षा ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से आयोजित की जाएगी, जिससे अधिक विद्यार्थी इसमें भाग ले सकें।

योध्या दीपोत्सव 2025: धर्मपथ पर लगेंगे 30 डिजिटल स्तंभ, दिखेंगे रामायण के दिव्य प्रसंग

योध्या दीपोत्सव 2025:  धर्मपथ पर लगेंगे 30 डिजिटल स्तंभ, दिखेंगे रामायण के दिव्य प्रसंग डिजिटल आभा से दमकेगी अयोध्या, दीपोत्सव 2025 बनेगा तकनीक और आस्था का संगम धर्मपथ पर लगेंगे 30 डिजिटल स्तंभ, दिखेंगे रामायण के दिव्य प्रसंग -राम की पैड़ी पर 26 लाख दीप जलाकर अयोध्या रचेगी नया विश्व रिकॉर्ड -सीएम योगी के नेतृत्व में दीपोत्सव बनेगा ‘नवभारत की नई अयोध्या’ का प्रतीक -डिजिटल लाइट शो से नहाएंगे अयोध्या के प्रमुख स्थल, विश्व के लिए बनेगी प्रेरणा अयोध्या नौवें दीपोत्सव 2025 में इस बार अयोध्या केवल दीपों से ही नहीं, बल्कि डिजिटल आभा से भी जगमगाएगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अयोध्या को विश्व के सांस्कृतिक मानचित्र पर डिजिटल और आध्यात्मिक नगरी के रूप में स्थापित करने की तैयारी अंतिम चरण में है। रामलला के भव्य मंदिर में विराजमान होने के बाद तकनीक और संस्कृति का अद्भुत संगम पेश करेगा। धर्मपथ से लेकर लता चौक, रामकथा पार्क और सरयू घाट तक हर कोना रोशनी की अद्भुत छटा से नहाया रहेगा। धर्मपथ पर लगेंगे 30 डिजिटल स्तंभ, रामायण के प्रसंग होंगे प्रदर्शित Aduex Design कंपनी के साइट इंचार्ज व डिज़ाइन मैनेजर नितिन कुमार ने बताया कि उन्हें प्रकाश व्यवस्था की जिम्मेदारी सौंपी गई है। धर्मपथ पर नेशनल हाईवे से प्रवेश द्वार तक दोनों ओर 18-18 फीट ऊंचे 30 डिजिटल पिलर लगाए जा रहे हैं। इन स्तंभों पर रामायण के प्रसंगों की झलकियां और डिजिटल लाइट शो प्रदर्शित होंगे। यह डिजिटल प्रस्तुति 18 से 20 अक्टूबर तक चलेगी, जिससे श्रद्धालु स्वयं को त्रेता युग के दिव्य अनुभव में महसूस करेंगे। अयोध्या के प्रमुख स्थलों पर होगी भव्य लाइटिंग रामकथा पार्क, राम की पैड़ी, हनुमानगढ़ी, बिरला मंदिर, तुलसी उद्यान, भजन संध्या स्थल और सरयू ब्रिज तक को सजाने-संवारने का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। Aduex Design द्वारा लगाए जा रहे आर्च गेट्स और डिजिटल पिलर्स अयोध्या की सड़कों को आधुनिक स्वरूप देंगे, वहीं धार्मिक भावना को भी जीवंत रखेंगे। 26 लाख दीपों से बनेगा नया विश्व रिकॉर्ड इस बार राम की पैड़ी समेत 56 घाटों पर 26 लाख 11 हजार 101 दीपों से दीपोत्सव का विश्व रिकॉर्ड बनने जा रहा है। हर दीप भगवान राम के आदर्शों और अयोध्या की दिव्यता का प्रतीक बनेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में होगा ऐतिहासिक दीपोत्सव मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं दीपोत्सव की तैयारियों पर लगातार नजर रखे हुए हैं। उनका स्पष्ट निर्देश है कि इस बार दीपोत्सव ऐसा हो जो अयोध्या की परंपरा, पर्यटन और तकनीक तीनों का संदेश विश्वभर में दे सके। सीएम योगी के नेतृत्व में दीपोत्सव न केवल धर्म और संस्कृति का उत्सव बनेगा, बल्कि यह “नवभारत की नई अयोध्या” का परिचायक भी होगा। अयोध्या की डिजिटल छटा बनेगी विश्व के लिए प्रेरणा दीपों की रोशनी और डिजिटल तकनीक का यह संगम अयोध्या को विश्व के पर्यटन मानचित्र पर और सशक्त बनाएगा। श्रद्धालु जहां दिव्य राममंदिर का दर्शन करेंगे, वहीं डिजिटल प्रस्तुति के माध्यम से रामायण के अद्भुत प्रसंगों का अनुभव करेंगे। अयोध्या का दीपोत्सव अब सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि भारत की आस्था, संस्कृति और तकनीकी प्रगति का प्रतीक बन चुका है।

56 घाटों पर शुरू हुआ दीप सजाने का कार्य, 28 लाख दीपों की तैयारी

अयोध्या दीपोत्सव 2025 जय श्रीराम के उद्घोष के साथ राम की पैड़ी के लिए रवाना हुए वालंटियर 56 घाटों पर शुरू हुआ दीप सजाने का कार्य, 28 लाख दीपों की तैयारी आईकार्ड के बिना घाटों पर प्रवेश वर्जित, वालंटियर को मिलेगी टी-शर्ट व कैप -योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में दीपोत्सव रचेगा नया इतिहास अयोध्या में अयोध्या  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशन और मार्गदर्शन में नौवें दीपोत्सव 2025 को ऐतिहासिक बनाने की तैयारी चरम पर है। डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय प्रशासन दीपोत्सव को भव्य और दिव्य स्वरूप देने में अपनी पूरी क्षमता के साथ जुटा हुआ है। गुरुवार को कुलपति डॉ. बिजेंद्र सिंह ने राम की पैड़ी पहुंचकर घाटों की तैयारियों का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि “दीपोत्सव केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि यह हमारी आस्था, परंपरा और समर्पण का प्रतीक है। इसे भव्य व दिव्य रूप देना हम सभी का सौभाग्य है। जय श्रीराम के उद्घोष के साथ रवाना हुए वालंटियर विश्वविद्यालय परिसर से गुरुवार प्रातः 10 बजे सात बसों में सवार होकर वालंटियर “जय श्रीराम” के उद्घोष के साथ दीपोत्सव स्थल के लिए रवाना हुए। दीपोत्सव यातायात समिति के संयोजक प्रो. अनूप कुमार की देखरेख में राम की पैड़ी के घाटों पर दीए बिछाने का कार्य प्रारंभ हुआ। घाटों पर वालंटियरों का उत्साह देखते ही बन रहा था। दीपों को सजा रहे युवा जय श्रीराम के जयघोष के साथ दीपोत्सव को ऐतिहासिक बनाने के लिए जुटे दिखे। 56 घाटों पर शुरू हुआ दीप सजाने का कार्य दीपोत्सव नोडल अधिकारी प्रो. संत शरण मिश्र ने बताया कि दीपोत्सव की तैयारी अब अंतिम चरण में है। 56 घाटों पर दीयों की खेप पहुंच चुकी है और युद्धस्तर पर बिछाने का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि “घाटों पर दीए बिछाने का कार्य 18 अक्टूबर तक पूरा कर लिया जाएगा। दीपोत्सव के दिन 19 अक्टूबर को वालंटियर दीपों में तेल डालने, बाती लगाने और उन्हें प्रज्वलित करने का कार्य करेंगे। आईकार्ड के बिना घाटों पर प्रवेश वर्जित विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी वालंटियरों के लिए पहचान पत्र (आईकार्ड) अनिवार्य कर दिया है। बिना आईकार्ड घाटों पर प्रवेश वर्जित रहेगा। शुक्रवार तक सभी वालंटियरों को आईकार्ड, टी-शर्ट और कैप वितरित की जाएंगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार दीपोत्सव की तैयारियों की समीक्षा कर रहे हैं। उनका स्पष्ट निर्देश है कि यह दीपोत्सव केवल अयोध्या की नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक आत्मा का वैश्विक प्रदर्शन बने। कुलपति ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार जिस तरह दीपोत्सव को विश्व स्तर पर पहचान दिला रही है, वह अभूतपूर्व है। इस बार 56 घाटों पर 26 लाख 11 हजार 101 दीपों को प्रज्वलित कर नया विश्व रिकॉर्ड बनाया जाएगा। इसके लिए 28 लाख से अधिक दीपों को घाटों पर बिछाया जा रहा है। दीपोत्सव 2025: आस्था, सेवा और समर्पण का पर्व अवध विश्वविद्यालय परिसर, महाविद्यालयों, इंटर कॉलेजों और स्वयंसेवी संस्थाओं के वालंटियर दीपोत्सव की सफलता में अपना योगदान दे रहे हैं। घाटों पर कार्य करते युवाओं की ऊर्जा और समर्पण इस बात का प्रमाण है कि दीपोत्सव अब केवल आयोजन नहीं, बल्कि “राममय अयोध्या” की आत्मा बन चुका है।

आरक्षण पर नई बहस: SC ने तेलंगाना सरकार के फैसले को ठहराया असंवैधानिक

नई दिल्ली  तेलंगाना में आरक्षण की सीमा 50 फीसदी से ज्यादा बढ़ाए जाने को सुप्रीम कोर्ट ने मंजूरी नहीं दी है। तेलंगाना सरकार के फैसले को हाई कोर्ट ने खारिज किया था, जिसे शीर्ष अदालत में रेवंत रेड्डी सरकार ने चैलेंज किया था। अब उसे शीर्ष अदालत में भी झटका लगा है। जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने अर्जी खारिज करते हुए कहा कि जाति आधारित आरक्षण की 50 फीसदी की तय सीमा है और उसका उल्लंघन नहीं किया जा सकता। 1992 के इंदिरा साहनी केस में सुप्रीम कोर्ट ने जातिगत आरक्षण की 50 फीसदी सीमा का आदेश दिया था। तेलंगाना सरकार ने अदालत में यह दलील दी कि उसने 42 फीसदी ओबीसी आरक्षण तय किया है, जो एक नीतिगत निर्णय है। इससे राज्य के पिछड़े वर्गों को स्थानीय निकाय में उचित प्रतिनिधित्व मिल सकेगा। इस आरक्षण के साथ ही राज्य में कुल कोटा 67 फीसदी हो जाता है। इसी पर आपत्ति जताते हुए ओबीसी आरक्षण बढ़ाने के प्रस्ताव को हाई कोर्ट ने खारिज कर दिया था। अब ऐसा ही फैसला सुप्रीम कोर्ट ने भी दिया है। इस तरह हाई कोर्ट की ओर से आरक्षण बढ़ाने के फैसले पर लागू की गई अंतरिम रोक अगले आदेश तक जारी रहेगी। उच्च न्यायालय ने 9 अक्तूबर को हुई सुनवाई के दौरान राज्य सरकार 4 सप्ताह में जवाब देने का मौका दिया था। अब हाई कोर्ट की सुनवाई पर रहेगी नजर, राज्य सरकार को देना है जवाब अब एक बार फिर से हाई कोर्ट की सुनवाई पर नजर होगी कि अब राज्य सरकार का क्या जवाब होगा और उस पर अदालत का रुख क्या रहेगा। तेलंगाना सरकार की ओर से ओबीसी कोटा 42 फीसदी किए जाने को कई संगठनों और लोगों की ओर से चैंलेंज किया गया था। इन लोगों का कहना था कि जातिगत आरक्षण की लिमिट 50 फीसदी है, जो इस फैसले से बढ़कर 67 फीसदी हो जाता है। इसलिए इसे रोका जाना चाहिए। फिलहाल शीर्ष अदालत के फैसले पर तेलंगाना सरकार का कोई रिएक्शन नहीं आया है।  

ग्वालियर मेला: 25 दिसंबर से 25 फरवरी तक, वाहन खरीद पर टैक्स छूट की सिफारिश

ग्वालियर ग्वालियर व्यापार मेला इस वर्ष भी 25 दिसम्बर से 25 फरवरी तक आयोजित होगा। पिछले वर्ष मेला में दुकान लगाने वाले ऐसे दुकानदार, जिन्होंने अब तक बकाया राशि जमा नहीं की है, ग्वालियर व्यापार मेला प्राधिकरण ने ऐसे सभी दुकानदारों से शीघ्र ही बकाया राशि जमा कर ‘नो-ड्यूज’ प्रमाण-पत्र प्राप्त करने के लिए कहा है। बकायादारों की सूची मेला प्राधिकरण के नोटिस बोर्ड पर उपलब्ध है। मेला प्राधिकरण के सचिव ने बताया कि इस वर्ष दुकान आवंटन के लिए विगत वर्ष का आवंटन आदेश, ‘नो-ड्यूज’ प्रमाण-पत्र, स्वयं का फोटो, पैन कार्ड एवं निवास प्रमाण पत्र पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य रहेगा। उन्होंने कहा कि दुकानदार ऑनलाइन आवेदन से पहले सभी आवश्यक दस्तावेज तैयार रखें, ताकि आवेदन के समय किसी प्रकार की असुविधा न हो। मेला की जान ऑटो मोबाइल सेक्टर रहता है। यह मेला पिछले 120 साल से अंचल की आर्थिक, सांस्कृतिक और सामाजिक उन्नति की पहचान बन चुका है। यहां वाहन खरीद पर मिलने वाली रोड टैक्स में 50 प्रतिशत की छूट इसे और खास बना देती है। बुधवार को संभागीय आयुक्त मनोज खत्री ने मेला में वाहन खरीद पर मिलने वाली रोड टैक्स में 50 फीसदी की छूट के लिए शासन को पत्र लिखा है। जिससे मेला शुरू होने के साथ ही मेला से वाहन खरीद करने वालों को फायदा मिल सके। मेला में ऑटो मोबाइल सेक्टर के लिए 38 दुकानों के ऑनलाइन आवेदन भी आ चुके हैं। ग्वालियर मेला की तैयारियां अब शुरू हो गई हैं। मेले का इंतजार ग्वालियरवासी बेसब्री से करते हैं। इस वर्ष भी मेला अपनी गरिमा और भव्यता के साथ आयोजित हो। इसके लिए संभागीय आयुक्त मनोज खत्री द्वारा मेले की व्यवस्थाओं के संबंध में निरंतर समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जा रहे हैं। ग्वालियर व्यापार मेले में देश भर के व्यापारी अपनी भागीदारी कर सकें, इसके लिए मेले की दुकानों का आवंटन भी इस वर्ष ऑनलाइन प्रारंभ किया गया है।मेले के ऑटोमोबाइल सेक्टर में ऑनलाइन दुकानों के आवंटन का कार्य, शिल्प बाजार में दुकानों के आवंटन की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। मेला सचिव सुनील त्रिपाठी ने बताया कि ग्वालियर व्यापार मेले में 32 बकायदार दुकानदारों द्वारा 4 लाख 79 हजार 660 रुपए जमा कर एनओसी प्राप्त कर ली गई है।साथ ही ऑटोमोबाइल सेक्टर में दुकान आवंटन के लिए एमपी ऑनलाइन पोर्टल पर 18 दुकानदारों द्वारा पंजीयन कर 38 दुकानों के आवंटन के लिए आवेदन प्रस्तुत किए हैं। मेले की व्यवस्थाओं के साथ-साथ मेला परिसर की साफ-सफाई रंगाई-पुताई का कार्य भी तेजी के साथ किया जा रहा है।रियासतकाल से आधुनिक युग तक की गौरव यात्रा वर्ष 1905 में ग्वालियर रियासत के तत्कालीन शासक महाराज माधौराव सिंधिया (प्रथम) ने इस मेले की नींव 'मेला मवेशियान' के रूप में रखी थी। पशुधन की नस्ल सुधारने, किसानों और पशुपालकों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने तथा ग्वालियर अंचल के उत्पादों को देश के अन्य भागों तक पहुंचाने के उद्देश्य से यह मेला शुरू किया था।उस समय यह ग्वालियर मेला सागरताल के 50 हजार वर्ग फीट क्षेत्र में आयोजित होता था, जहां पानी की सुविधा और ग्रामीण संपर्क इसकी बड़ी ताकत थी। बढ़ती लोकप्रियता के साथ, यह मेला व्यापारिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण बन गया। इसके परिणामस्वरूप वर्ष 1918 में इसे वर्तमान रेसकोर्स रोड स्थित 104 एकड़ भूमि पर स्थायी रूप से स्थापित किया गया और इसे नया नाम मिला व्यापार मेला एवं कृषि प्रदर्शनी”। आरंभ में मेला अवधि 20 दिसंबर से 14 जनवरी तक तय की गई। एक ऐसा समय जब ग्वालियर की सर्द हवा व्यापारिक उत्साह से सराबोर हो उठती है। व्यवसाय और संस्कृति का संगम समय के साथ-साथ ग्वालियर मेला केवल व्यापारिक आयोजन तक नहीं रहा, बल्कि यह संस्कृति, मनोरंजन और जनसंवाद का महाकुंभ बन गया। ग्रामीण कलाकारों से लेकर राष्ट्रीय स्तर के कलाकारों का मंच यह मेला बना है। यह आयोजन हर वर्ग को जोड़ता है। वर्ष 1934 में काउंसिल ऑफ रीजेंसी ने इसके प्रबंधन के लिए “मेला व नुमायश ग्वालियर” की रूपरेखा बनाई, जिसे बाद में 'ऑल इंडिया इंडस्ट्रियल, एग्रीकल्चरल एंड आर्ट्स एग्जीबिशन' के नाम से प्रसिद्धि मिली।राज्य स्तरीय गौरव और ऐतिहासिक पड़ाव ग्वालियर मेला को 23 अगस्त 1984 को राज्य स्तरीय ट्रेड फेयर का दर्जा प्राप्त हुआ। इसके बाद इसकी पहचान और प्रभाव दोनों कई गुना बढ़ गए। वर्ष 1967-68 में मेले की हीरक जयंती मनाई गई। इसी तरह वर्ष 1982-83 में प्लेटिनम जयंती एवं वर्ष 2004-05 मेले ने अपनी शताब्दी वर्षगांठ मनाई। शासन द्वारा वर्ष 2002 में मेले का नाम 'श्रीमंत माधवराव सिंधिया व्यापार मेला” घोषित किया गया। इसके बाद 30 दिसंबर 1996 को लागू ग्वालियर व्यापार मेला प्राधिकरण अधिनियम के तहत इसका प्रबंधन स्वतंत्र प्राधिकरण को सौंपा गया, जिससे मेले के संचालन और विकास को संस्थागत स्वरूप मिला। ग्वालियर मेला: परंपरा से तकनीक तक आज ग्वालियर मेला केवल परंपरा का प्रतीक नहीं, बल्कि नवाचार, आत्मनिर्भरता और डिजिटल युग की पहचान भी है। ऑनलाइन आवंटन प्रणाली, थीम आधारित पवेलियन और प्रदेशभर के उद्योगों की सहभागिता इसे आधुनिकता से जोड़ते हैं। साथ ही लोककला, हस्तशिल्प, झूले, और सांस्कृतिक कार्यक्रम इसकी जीवंतता को बनाए रखते हैं।

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने गर्भवती माताओं की शत-प्रतिशत जांच सुनिश्चित करने के दिए निर्देश

राहतगढ़ सिविल अस्पताल में शीघ्र होगी ब्लड स्टोरेज की सुविधा उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने गर्भवती माताओं की शत-प्रतिशत जांच सुनिश्चित करने के दिए निर्देश मातृ स्वास्थ्य पर सरकार का फोकस, डिप्टी सीएम शुक्ल ने दिए शत-प्रतिशत जांच के निर्देश गर्भवती महिलाओं की पूर्ण जांच सुनिश्चित करें: उप मुख्यमंत्री शुक्ल का स्वास्थ्य विभाग को निर्देश भोपाल उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि प्रदेश में डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की कमी शीघ्र दूर होगी। स्वास्थ्य विभाग में भर्ती प्रक्रिया प्रगतिरत है और शीघ्र ही पर्याप्त चिकित्सकीय एवं सहायक चिकित्सकीय स्टाफ की पूर्ति की जाएगी। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने सागर जिले के राहतगढ़ सिविल अस्पताल का अवलोकन कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि अस्पताल में तत्काल ब्लड स्टोरेज फ्रिज की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि आपातकालीन स्थिति में रक्त की उपलब्धता बनी रहे। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि माह की 9 एवं 25 तारीख को आयोजित होने वाले गर्भवती माताओं के स्वास्थ्य परीक्षण शिविरों में शत-प्रतिशत जांच सुनिश्चित की जाए। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सरकार की प्राथमिकता है। हर गर्भवती महिला तक समय पर जांच और उपचार की सुविधा पहुँचे इसके लिए पूरे मनोयोग से प्रयास करें। उन्होंने अस्पताल में स्वच्छता और साफ-सफाई की विशेष व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जन-उपयोगी समस्त आवश्यक औषधियों की उपलब्धता हर समय बनी रहे। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार स्वास्थ्य सेवाओं के डिजिटलीकरण की दिशा में भी तेजी से आगे बढ़ रही है। टेलीमेडिसिन सेवा से डॉक्टरों की अनुपलब्धता की समस्या काफी हद तक दूर होगी और समय पर इलाज सुनिश्चित किया जा सकेगा। 

बाघों की शिफ्टिंग पर मुहर, MP से 10 टाइगर जाएंगे तीन राज्यों में

भोपाल  मध्यप्रदेश के टाइगर रिजर्व में स्वच्छंद विचरण कर रहे दस नर और मादा बाघ ओडिशा, राजस्थान और छत्तीसगढ़ के जंगलों में भेजे जाएंगे। पंद्रह दिन पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा राज्य वन्य प्राणी बोर्ड की बैठक में इसकी सहमति दी।  वन विभाग के पीसीसीएफ वाइल्ड लाइफ शुभरंजन सेन ने उड़ीसा, राजस्थान और छत्तीसगढ़ को भेजे पत्र में कहा है कि वे अपने यहां एमपी से ट्रांसलोकेट किए जाने वाले नर और मादा टाइगर के लिए बाड़ा बनाने, बाघों की ट्रेकिंग और मानिटरिंग के लिए रेडियो कॉलर लगाने और अन्य व्यवस्थाएं पूरी कर लें ताकि बाघों की शिफ्टिंग होने पर उन्हें अनुकूल और सुरक्षित वातावरण मिल सके। एमपी के दस बाघ कान्हा टाइगर रिजर्व, बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व और पेंच टाइगर रिजर्व से इन राज्यों में भेजे जाएंगे। इनके लिए उचित रहवास का इंतजाम करना संबंधित राज्य के वन विभाग की जिम्मेदारी होगी। इन राज्यों में जाएंगे इतने टाइगर     तीन बाघ ओडिशा के देवरीगढ़ वन्य जीव अभयारण्य में शिफ्ट होंगे।     इसमें एक नर बाघ और दो मादा बाघ शामिल होंगे।     राजस्थान में चार मादा टाइगर भेजे जाएंगे जिसमें रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व में 3, मुकुंद्रा टाइगर रिजर्व में एक बाघ शामिल हैं।     छत्तीसगढ़ के लिए तीन टाइगर भेजे जाना है जिसमें दो नर बाघ और एक मादा बाघ शामिल हैं। सीएम ने कहा था, दूसरे राज्यों के वन्य प्राणी भी लाएं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 27 सितंबर को राज्य वन्य प्राणी बोर्ड की बैठक में कहा था कि दूसरे राज्यों को प्रदेश में उपलब्ध वन्य प्राणी अवश्य दें, परन्तु उनसे भी उनके यहां उपलब्ध वन्य प्राणी प्राप्त कर प्रदेश की वन विविधताओं को और अधिक समृद्ध करें। मुख्यमंत्री ने आसम से गेंडा या एक सींग वाला गेंडा लाने के प्रयास करने को कहा है। इस बैठक में तीन राज्यों ओडिशा, राजस्थान और छत्तीसगढ़ को तीन जोड़े टाइगर देने का निर्णय लिया गया था। राज्य वन्य प्राणी बोर्ड की 30वीं बैठक में मुख्यमंत्री यादव ने यह भी कहा था कि मध्यप्रदेश में पाई जाने वाली फ्लोरल एंड फौनल डायवर्सिटी (वानस्पतिक एवं जैविक विविधताओं) की प्रॉपर ब्रांडिंग की जाए। प्रदेश के समृद्ध वन क्षेत्रों एवं यहां के वनों में वन्य जीवों की सहज उपलब्धता का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। फिल्मों के माध्यम से किया जाएगा प्रचार मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय फिल्म डिवीजन, डिस्कवरी और अन्य चैनलों के साथ मिलकर शॉर्ट फिल्म्स, डाक्यूमेंट्री फिल्म, प्रमोशनल्स कैपसूल्स तैयार करें और इस तरह प्रदेश की वन विशिष्टताओं के बारे में पूरे विश्व को बताएं। कर्नाटक से हुई थी अदला—बदली बता दें कि पिछले महीनों में मध्य प्रदेश ने कर्नाटक को दो बाघ दिया था और वहां से दो किंग कोबरा लेकर आए थे। हालांकि बाद में पांच वर्षीय नर किंग कोबरा की भोपाल के वन विहार राष्ट्रीय उद्यान में मौत हो गई थी। अब केवल एक किंग कोबरा बचा है, जो इंदौर में है। सीएम ने प्रदेश में हो रही हाथियों के साथ द्वंद पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि जंगली हाथियों के कारण हो रही दुर्घटनाओं एवं मानव द्वंद्व को रोकने के लिए और बेहतर उपाय करें।

LSG ने विलियमसन को लिया अपनी टीम में, अब रहेंगे स्ट्रैटेजिक एडवाइजर के तौर पर

हैदराबाद इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 के लिए मिनी ऑक्शन इस साल 13 से 15 दिसंबर के बीच हो सकता है. इसके लिए टीम्स को रिटेंशन और रिलीज किए गए खिलाड़ियों की लिस्ट 15 नवंबर तक सौंप देनी है. आईपीएल 2026 के लिए सभी टीमें अभी से रणनीतियां बनाने में अभी से जुट गई हैं. न्यूजीलैंड के पूर्व कप्तान केन विलियमसन भी आईपीएल 2026 का हिस्सा होंगे. लेकिन वो एक खिलाड़ी नहीं, बल्कि नए रोल में दिखेंगे. 35 साल के विलियमसन को लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) का स्ट्रैटेजिक एडवाइजर (Strategic Adviser) बनाया गया है. जहीर खान ने इस टीम के मेंटर का पद छोड़ दिया था, ऐसे में केन का जुड़ना टीम के लिए काफी फायदेमंद हो सकता है. केन विलियमसन आईपीएल 2026 के लिए लखनऊ सुपर जायंट्स टीम जुड़ेंगे. बता दें कि विलियमसन ने इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास नहीं लिया है. विलियमन ने न्यूजीलैंड क्रिकेट (NZC) का कॉन्ट्रैक्ट ठुकरा दिया था, ताकि वो फ्रेंचाइजी क्रिकेट में भी एक्टिव रह सकें. उधर इंग्लैंड के कार्ल क्रो को लखनऊ सुपर जायंट्स का स्पिन बॉलिंग कोच बनाया गया है, जो पहले कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के साथ इस भूमिका में रह चुके हैं. लैंगर बने रहेंगे टीम के हेड कोच ऑस्ट्रेलिया के पूर्व क्रिकेटर जस्टिन लैंगर लखनऊ सुपर जायंट्स के हेड कोच बने रहेंगे. केन विलियमसन को टीम में लाने का निर्णय RPSG ग्रुप के चेयरमैन और लखनऊ सुपर जायंट्स के मालिक संजीव गोयनका का व्यक्तिगत रूप से था. गोयनका ने लंदन में केन विलियमसन से मुलाकात की थी. संजीव गोयनका ने TOI से कहा, 'केन की रणनीतिक सोच और लीडरशिप ने वर्ल्ड कप और चैम्पियंस ट्रॉफी में न्यूजीलैंड के शानदार प्रदर्शन में अहम भूमिका निभाई. वह एक बेहतरीन खिलाड़ी, इंसान और कप्तान हैं. उनका शांत स्वभाव और खिलाड़ियों को प्रेरित करने की क्षमता ने मुझे हमेशा प्रभावित किया है. लंदन में हमारी मुलाकात के बाद केन, हेड कोच जस्टिन लैंगर और कप्तान ऋषभ पंत के बीच लंबी बातचीत हुई. उसके बाद हम सब इस निष्कर्ष पर पहुंचे कि वो टीम के लिए बेहतरीन विकल्प हैं.' केन विलियमसन अपनी क्रिकेटिंग समझ और नेतृत्व क्षमता के लिए जाने जाते हैं. उन्होंने अब तक 105 टेस्ट, 173 वनडे और 93 टी20 इंटरनेशनल मुकाबले खेले हैं. विलियमसन आईपीएल में सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) और गुजरात टाइटन्स (GT) के लिए खेल चुके हैं. केन को एलएसजी में शामिल करने की प्रक्रिया करीब तीन महीने पहले शुरू हुई थी. टीम के मालिक, कोच, कप्तान और प्रबंधन के बीच हुई चर्चाओं के बाद यह निर्णय लिया गया. संजीव गोयनका ने आगे कहा, 'मैंने काफी बार केन के साथ बातचीत की है. हर बार उनसे मिलकर मुझे उनके इंसानियत, नेतृत्व और ईमानदारी की गहरी झलक मिली. वह जिस तरह खिलाड़ियों को प्रेरित करते हैं, वह वाकई तारीफ योग्य है. हम एक मजबूत रणनीतिक थिंक टैंक बनाना चाहते हैं. जस्टिन लैंगर (हेड कोच), भरत अरुण (बॉलिंग कोच) और कार्ल क्रो (स्पिन बॉलिंग कोच) के साथ केन की मौजूदगी से हमें आने वाले सीजन के लिए बड़ी रणनीतिक मजबूती मिलेगी.'

सीएम योगी आदित्यनाथ ने सहरसा में नामांकन रैली को किया संबोधित

राजद-कांग्रेस पर योगी का प्रहार, बोले- यह फर्जी वोट डलवाएंगे, चेहरा नहीं दिखलाएंगे बिहार विधानसभा चुनाव सीएम योगी आदित्यनाथ ने सहरसा में नामांकन रैली को किया संबोधित सहरसा से भाजपा उम्मीदवार आलोक रंजन झा, प्रदेश सरकार के मंत्री व सोनबरसा से एनडीए प्रत्याशी रत्नेश सादा, महिषी से गुंजेश्वर शाह तथा सिमरी बख्तियारपुर से संजय सिंह को जिताने की अपील की कोई भी बिहार को पुराने लालटेन युग में नहीं ले जाएगा, क्योंकि नीतीश जी इसे एलईडी की दूधिया लाइट में लेकर आगे बढ़ चुके हैंः मुख्यमंत्री माफिया, गुंडागर्दी, देशद्रोही, अराजकता फैलाने वालों के खिलाफ सिर्फ एनडीए सरकार व कार्यकर्ता ही लड़ पाएगाः सीएम योगी बोले- पीएम मोदी कहते है कि 140 करोड़ का भारत मेरा परिवार, लालू कहते हैं कि राबड़ी देवी का परिवार ही मेरा परिवार यूपी में किसी ने 10 एकड़ जमीन कब्जा की है और उसके पास पुश्तैनी भूमि है तो सब मिलाकर ब्याज सहित वापस लिया गया, फिर गरीबों के मकान बनाए गएः योगी योगी ने राजद को खूब धोया वाले, बोले- कहते थे कि सड़क बनाओगे तो फिर कच्ची शराब कैसे बना पाओगे एनडीए गरीबों के मकान बनाती है, पहले यह पैसा कांग्रेस, राजद व उनके पार्टनर्स में बंट जाता था, जिसे दुनिया के बैंकों में जमा करके यह लोग आने वाली पीढ़ियों के लिए खजाना भरते थेः योगी सहरसा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार से बिहार विधानसभा के चुनावी रण में उतरे। उन्होंने दूसरी जनसभा सहरसा में की। यहां नामांकन रैली में सहरसा विधानसभा क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार आलोक रंजन झा, प्रदेश सरकार के मंत्री व सोनबरसा से एनडीए प्रत्याशी रत्नेश सादा, महिषी से गुंजेश्वर शाह व सिमरी बख्तियारपुर से संजय सिंह (लोजपा) को जिताने की अपील की। सीएम ने कहा कि बिहार को आज जब मेट्रो, रेल कनेक्टिविटी, हाईवे, एक्सप्रेस वे, एयरपोर्ट, वाटरवे के रूप में पहचान मिल रही है तो इस पहचान को फिर से धूमिल करने के लिए राजद- कांग्रेस ने शिगूफा छोड़ा है कि विकास नहीं, बुर्का चाहिए, जिससे यह लोग फर्जी मतदान कराकर गरीबों-दलितों के हकों पर डकैती डाल सकें। चुनाव में यह विकास की बात नहीं कर रहे। इन्हें बुर्का चाहिए। सीएम ने दोनों विपक्षी दलों पर कटाक्ष किया कि फर्जी वोट डलवाएंगे, लेकिन चेहरा नहीं दिखवाएंगे। तीर्थयात्रा में विदेश जाएंगे, एयरपोर्ट पर चेहरा दिखाएंगे, पासपोर्ट पर फोटो भी दिखाएंगे, लेकिन बिहार में वोटिंग पर कहेंगे कि बुरका को छेड़ो मत, चेहरा दिखाओ मत, फर्जी वोट डलवाने दो। कांग्रेस व राजद फिर से गरीबों के हकों पर डकैती डालने की साजिश कर रही है। इनकी साजिश को सफल नहीं होने देना है, क्योंकि कांग्रेस व राजद ने बिहार के सामने पहचान का संकट खड़ा किया था। पीएम मोदी कहते है कि 140 करोड़ का भारत मेरा परिवार, लालू कहते हैं कि राबड़ी देवी का परिवार ही मेरा परिवार सीएम ने कांग्रेस पर प्रहार करते हुए कहा कि यह अपने शासनकाल में भारत को अपमानित करते थे। यह कहते थे कि राम-कृष्ण हुए ही नहीं। यह भारत व भारतीयों को गाली देते थे। घुसपैठ कराकर अराजकता फैलाते थे। राजद ने बिहार का नहीं, परिवार का विकास किया। एनडीए पूरे भारत के लिए सोचता है। पीएम मोदी कहते है कि 140 करोड़ का भारत मेरा परिवार है, जबकि लालू कहते हैं कि राबड़ी देवी का परिवार ही मेरा परिवार है। 20 वर्षों में नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है। बिहार में विकास नई आभा के साथ आगे बढ़ रहा है। बाढ़ की समस्या का समाधान बढ़ रहा है। अब गरीबों को मिलता है योजनाओं का लाभ, पहले यह कांग्रेस-राजद व उनके पार्टनर्स में बंट जाता था सीएम योगी ने कहा कि सर्वाधिक समय तक शासन करने वाली कांग्रेस गरीबों का मकान नहीं बना पाई, लेकिन एनडीए शासन में बिना भेदभाव गरीब, किसान, नौजवान को हर योजनाओं का लाभ मिल रहा है। पहले पैसा कांग्रेस, राजद व उनके पार्टनर्स में बंट जाता था और गरीब ताकता था। यहां का पैसा दुनिया के बैंकों में जमा करके आने वाली पीढ़ियों के लिए खजाना भर देते थे। मोदी जी अब कहते हैं कि गरीब के हक पर जो डाका डालेगा, उसकी जगह जेल में होगी। यूपी में हमने इसका उदाहरण दिया है। सीएम योगी ने यूपी के प्रयागराज जनपद से उपस्थित विधायक सिद्धार्थनाथ सिंह का नाम लेकर कहा कि इनकी विधानसभा में एक दुर्दांत माफिया के बंगले को हमने खाली कराया, बुलडोजर चलवाया। फिर हाईराइज बिल्डिंग बनाकर गरीबों को फ्री में आवास उपलब्ध करा दिया। हर जनपद में माफिया द्वारा कब्जा की गई भूमि पर यही कर रहे हैं। किसी ने 10 एकड़ जमीन कब्जा की है और उसके पास पुश्तैनी भूमि है तो सब मिलाकर ब्याज सहित वापस लिया गया, फिर गरीबों के मकान बनाए जा रहे हैं। माफिया, गुंडागर्दी, देशद्रोही, अराजकता फैलाने वालों के खिलाफ सिर्फ एनडीए सरकार व कार्यकर्ता ही लड़ पाएगा सीएम योगी ने कहा कि माफिया, गुंडागर्दी, देशद्रोही, अराजकता फैलाने वालों के खिलाफ एनडीए सरकार व कार्यकर्ता ही लड़ पाएगा। कांग्रेस व राजद के कारण 2005 के पहले यहां का नौजवान पहचान को छिपाता था। किसान आत्महत्या को मजबूर था। उपचार और सड़कें नहीं थीं, राजद वाले कहते थे कि सड़क बनाओगे तो फिर कच्ची शराब कैसे बना पाओगे। यह लोग राज्य की पहचान को धूमिल करते थे। जिस बिहार ने देश को नेतृत्व दिया, जिस बिहार ने स्वर्णयुग में ले जाने का कार्य किया। वह बिहार कांग्रेस व राजद के समय पहचान के लिए मोहताज हो गया था पर जब एनडीए सरकार आई तो बिहार को उसकी पहचान मिली। भाजपा व एनडीए की डबल इंजन सरकार बिहार को विकास के पथ पर डबल स्पीड से ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है। अब बिहार को कोई पुराने लालटेन युग में नहीं ले जाएगा सीएम योगी ने कहा कि अब कोई भी बिहार को पुराने लालटेन युग में नहीं ले जाएगा, क्योंकि नीतीश जी अब एलईडी की दूधिया लाइट में बिहार को लेकर आगे बढ़ चुके हैं। सीएम ने कहा कि जब भी अवसर मिला तो महापुरुषों की प्रेरणा से यूपी में हमने नया करने का कार्य किया है। सीएम ने जयप्रकाश जी की जन्मभूमि (सिताबदियारा) का जिक्र किया और कहा कि हमने उनका पावन स्मारक बनाया। 2017 … Read more

रोहित शर्मा इतिहास रचने की कगार पर, ऑस्ट्रेलिया सीरीज में तोड़ सकते हैं अफरीदी का रिकॉर्ड

मुंबई   वनडे क्रिकेट में 'सिक्सर किंग' के नाम से मशहूर रोहित शर्मा इस समय सबसे ज्यादा छक्के लगाने के मामले में दूसरे पायदान पर हैं। इस रिकॉर्ड को तोड़ने के लिए उन्हें ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ होने वाली तीन वनडे मैचों की सीरीज़ में सिर्फ 8 छक्के लगाने की जरूरत है। शाहिद अफरीदी ने अपने 398 मैचों के वनडे करियर में 351 छक्के जड़े हैं, यह रिकॉर्ड लंबे समय से कायम है। वहीं, रोहित शर्मा अब तक 273 मैचों की 265 पारियों में 344 छक्के लगा चुके हैं। यदि रोहित यह आंकड़ा पार कर लेते हैं, तो वह न केवल अफरीदी को पीछे छोड़ देंगे, बल्कि सबसे कम पारियों में यह उपलब्धि हासिल करने वाले बल्लेबाज भी बन जाएंगे। भारतीय क्रिकेट प्रशंसक बेसब्री से चाहेंगे कि 'हिटमैन' रोहित इस दौरे पर यह ऐतिहासिक कीर्तिमान स्थापित करें। रोहित शर्मा का वनडे करियर हमेशा ही रिकॉर्ड्स से भरा रहा है। उन्होंने 273 मैचों की 265 पारियों में 11,168 रन बनाए हैं। उनके नाम 32 शतक और 58 अर्धशतक दर्ज हैं, जिसमें वनडे की सबसे बड़ी व्यक्तिगत पारी 264 रन की है। इसके अलावा, रोहित दुनिया के एकमात्र बल्लेबाज हैं जिन्होंने वनडे में तीन दोहरे शतक जड़े हैं। ऑस्ट्रेलिया की तेज पिचों पर उनकी आक्रामक बल्लेबाजी भारतीय टीम को मज़बूत शुरुआत देने में महत्वपूर्ण होगी। भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच यह बहुप्रतीक्षित वनडे सीरीज 19 अक्टूबर को पर्थ स्टेडियम में शुरू होगी। इसके बाद 23 अक्टूबर को एडिलेड ओवल और 25 अक्टूबर को सिडनी क्रिकेट ग्राउंड में अगले दो मुकाबले खेले जाएंगे।यह दौरा इसलिए भी खास है क्योंकि भारतीय टीम युवा बल्लेबाज शुभमन गिल के नए वनडे कप्तान के नेतृत्व में उतरेगी। गिल, जो अब तक टेस्ट टीम की कप्तानी संभाल रहे थे, अब सीमित ओवरों के प्रारूप में भी टीम की कमान संभालेंगे। रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे दिग्गजों की करीब छह महीने बाद वनडे टीम में वापसी से युवा कप्तान को जबरदस्त मजबूती मिली है। इन अनुभवी खिलाड़ियों की मौजूदगी से टीम का संतुलन और ड्रेसिंग रूम का आत्मविश्वास काफी बढ़ा है।रोहित के लिए यह सीरीज़ सिर्फ एक रिकॉर्ड तोड़ने का अवसर नहीं है, बल्कि यह ऑस्ट्रेलिया की सरजमीं पर भारतीय टीम के लिए अपनी बादशाहत साबित करने का एक अहम मौका भी है।