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बिहार विधानसभा चुनाव : चुनावी रण में उतरे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री

विकास को बाधित करने के लिए राजद-कांग्रेस ने शुरू की 'बुरके' की शरारतः योगी बिहार विधानसभा चुनाव चुनावी रण में उतरे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री दानापुर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार रामकृपाल यादव की नामांकन रैली में हुए शामिल सीएम ने फुलवारी शरीफ से एनडीए प्रत्याशी श्याम रजक को भी जिताने की अपील की योगी ने दानापुर से किया आह्वान- लोकतंत्र की धरती पर खिलना चाहिए लोकतंत्र का कमल बोले- 1990 से 2005 तक बिहार के जंगलराज व परिवारवाद से हर कोई वाकिफ बिहार में अपराध को बपौती बनाकर अपहरण का उद्योग चलाने का कोई दुस्साहस नहीं कर सकताः योगी राजद व कांग्रेस के भ्रष्टाचार व आपराधिक उद्योग को भी नियंत्रित करेगी एनडीए सरकारः आदित्यनाथ लोकतंत्र का गला घोंटने वाले कांग्रेस की झोली में गिरवी है राजदः सीएम अपहरण उद्योग में लिप्त राजद के पार्टनर यूपी में पहले छाती ठोककर अराजकता फैलाते थे, आज उनकी दुर्गति हो गईः योगी पटना उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार से बिहार विधानसभा के चुनावी रण में उतरे। वे दानापुर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी रामकृपाल यादव की नामांकन रैली में शामिल हुए। सीएम ने फुलवारी शरीफ से एनडीए प्रत्याशी श्याम रजक को भी जिताने की अपील की। सीएम योगी यहां विपक्षी दल राजद व कांग्रेस पर खूब बरसे। उन्होंने कहा कि बिहार में विकास की दौड़ को बाधित करने के लिए राजद, कांग्रेस व इंडी गठबंधन के सहयोगी दलों ने विकास बनाम बुरके की शरारत शुरू की है। जब बिहार विकास की चर्चा कर रहा है तो कांग्रेस, राजद ने बुरके की नई बहस को बढ़ाने का प्रयास किया है। सीएम ने कहा कि इन्हें फर्जी पोलिंग का अधिकार नहीं मिलना चाहिए। राजद व कांग्रेस फर्जी पोलिंग करवाने की चेष्टा कर रहे हैं, लेकिन विदेशी घुसपैठियों को यहां आकर बिहार के नागरिकों, गरीबों व दलितों के अधिकार पर डकैती की छूट नहीं मिलनी चाहिए। यह लोग ईवीएम नहीं, बल्कि पहले के जैसे जबर्दस्ती मतदान और मतपत्रों की छिनैती करना चाहते हैं। राजद व कांग्रेस बिहार को उसी कालखंड में ले जाने का प्रयास कर रही है। 1990 से 2005 तक बिहार के जंगलराज व परिवारवाद से हर कोई वाकिफ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 1990 से 2005 तक फैले बिहार के जंगलराज और परिवारवाद को हर कोई जानता है। राजद व कांग्रेस को घेरते हुए सीएम योगी ने कहा कि इन लोगों ने बिहार की आध्यात्मिक ज्ञानभूमि को परिवारवाद और अपराध की भूमि बना दिया था। विकास के नाम पर फैलाई गई अराजकता किसी से छिपी नहीं है। उस समय पेशेवर माफिया, गुंडों को सत्ता का संरक्षण प्रदान कर बिहार के विकास को बाधित कर दिया गया था। जिस बिहार ने कभी भारत का नेतृत्व किया, 2000 वर्ष पहले भारत को स्वर्ण युग दिया। इन लोगों के कारण उस बिहार से लोग पलायन कर रहे थे। राजद-कांग्रेस के भ्रष्टाचार व आपराधिक उद्योग को भी नियंत्रित करेगी एनडीए सरकार सीएम ने कहा कि एनडीए सरकार राजद व कांग्रेस के भ्रष्टाचार व आपराधिक उद्योग को भी नियंत्रित करेगी। यूपी में माफिया जहन्नुम की यात्रा पर जा चुके हैं। यूपी में अपहरण उद्योग में लिप्त राजद के पार्टनर पहले छाती ठोककर अराजकता फैलाते थे, लेकिन आज उनकी दुर्गति हो रही है। इनकी प्रॉपर्टी जब्त कर गरीबों का आवास बना रहे हैं। सीएम ने पीएम मोदी के नेतृत्व में देश में चल रहीं विकास योजनाओं का जिक्र करते हुए विपक्षी दलों पर कटाक्ष किया कि कांग्रेस-राजद के एजेंडे में गरीब कल्याण नहीं, बल्कि परिवार कल्याण था, जबकि एनडीए ने पूरे भारत व बिहार को परिवार मानकर बिना भेदभाव योजनाओं का लाभ दिया। विकास कार्यों में खर्च होने वाले पैसे को चारा महाघोटाला में खर्च किया गया सीएम योगी ने कहा कि एनडीए ने 20 वर्ष में बिहार को उस कलंक से मुक्त किया है। अब बिहार में विकास को कोई बाधित नहीं कर सकता। कोई अपराध को जन्मसिद्ध अधिकार या बपौती बनाकर अपहरण का उद्योग चलाने का दुस्साहस नहीं कर सकता। केंद्र व प्रदेश सरकार ने मिलकर विकास के जिन कार्यों को आगे बढ़ाया है, उसमें पेशेवर माफिया बाधक नहीं बन पाएंगे क्योंकि एनडीए सरकार यहां प्रभावी भूमिका में कार्य कर रही है। बिहार का नौजवान जब बाहर जाता है तो हर क्षेत्र में अपनी पहचान बनाता है, लेकिन 1990 से 2005 तक कुछ लोगों ने बिहार के नौजवानों की प्रतिभा को कुंद कर दिया था। बिहार लंबे समय तक यह दंश झेलता रहा। यहां अनेक घोटाले हुए। विकास कार्यों में खर्च होने वाले पैसे को चारा महाघोटाला में खर्च किया गया, वहीं एनडीए सरकार ने बिहार से पहचान का संकट समाप्त किया है। बिहार में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर दिखाई दे रहा है। फर्जी पोलिंग चाहते हैं राजद-कांग्रेस सीएम योगी ने कहा कि पारदर्शी व स्वच्छ चुनाव प्रक्रिया के तहत हर मतदाता को अपनी पहचान देनी है। पहचान पत्र दिखाकर ही हर कोई मतदान कर सकता है। एनडीए के सभी दल इसे आगे बढ़ाने की कार्रवाई का समर्थन कर रहे हैं, लेकिन राजद, कांग्रेस व उनके सहयोगी दल कहते हैं कि फर्जी पोलिंग होनी चाहिए। सीएम ने इसे लोकतंत्र के लिए चुनौती बताया और कहा कि इन्हें (राजद-कांग्रेस) बिहार के नागरिकों, नौजवानों, दलितों-वंचितों के अधिकार पर डकैती डालने का अवसर नहीं मिलना चाहिए। जब चुनाव आयोग आगे बढ़ा तो यह लोग दुष्प्रचार का सहारा ले रहे हैं। सीएम ने मतदाताओं से पूछा कि दुनिया में हर जगह अपना चेहरा- पहचान दिखानी पड़ती है, लेकिन यह लोग चाहते हैं कि बिना चेहरा-पहचान पत्र देखे, जिसकी मर्जी आए वह वोट डाल दे। लोकतंत्र का गला घोंटने वाले कांग्रेस की झोली में गिरवी है राजद सीएम ने कहा कि जब कांग्रेस ने लोकतंत्र के गले को घोंटा था, तब यही बिहार उठ खड़ा हुआ था। जयप्रकाश जी ने पटना में हुंकार भरी थी और कहा था कि लोकतंत्र का गला घोंटने का अधिकार किसी को नहीं देंगे। जिस कांग्रेस ने लोकतंत्र का गला घोंटा था, उसी की झोली में राजद ने खुद को गिरवी रख दिया है। यह जेपी के सपनों पर पानी फेर रहे हैं और लूट, भ्रष्टाचार पर पर्दा डालने के लिए कांग्रेस की झोली में चले गए हैं। बिहार ने दुनिया को लोकतंत्र का पाठ पढ़ाया था, वैशाली का गणतंत्र उसका उदाहरण है। बिहार ने … Read more

पांचों तहसीलों में 5 एसडीएम, दो नगर क्षेत्र में सिटी मजिस्ट्रेट और एक टीम सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा के नेतृत्व में बनी

दीपोत्सव 2025 दीपोत्सव में श्रद्धालुओं की सेहत पर प्रशासन की पैनी नजर, 08 टीमें तैनात पांचों तहसीलों में 5 एसडीएम, दो नगर क्षेत्र में सिटी मजिस्ट्रेट और एक टीम सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा के नेतृत्व में बनी सीएम योगी के निर्देश पर जिलाधिकारी ने गठित की टीम, रखी जाएगी चप्पे चप्पे पर नजर दीपोत्सव को लेकर टोटल 54 निरीक्षण, 34 जगह छापे पड़े, 76 नमूने लिए गए 19657 किलो सामग्री बरामद की गई है, जिनकी कीमत 33 लाख रुपए से ज्यादा है 35 हजार से अधिक की 167 किलो खाद्य सामग्री नष्ट कराई गई प्रदेश के अन्य जिलों से खाद्यान्न सुरक्षा  अधिकारियों की अयोध्या में तैनाती 19 और 20 अक्तूबर को अयोध्या में बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं के लिहाज से खाद्य सामग्री की जांच करेंगे अयोध्या दीपोत्सव 2025 को लेकर अयोध्या प्रशासन ने खाद्य सुरक्षा के मोर्चे पर पूरी तैयारी कर ली है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर जिलाधिकारी ने खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 08 विशेष टीमें गठित की हैं। इन टीमों का उद्देश्य है कि दीपोत्सव के दौरान अयोध्या आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को सुरक्षित और शुद्ध खाद्य सामग्री ही उपलब्ध हो। पांच तहसीलों और दो नगर क्षेत्रों में निगरानी तंत्र सक्रिय अयोध्या के जिलाधिकारी निखिल टीकाराम फुंडे के आदेश पर पांचों तहसीलों में पांच एसडीएम के नेतृत्व में अलग-अलग टीमें बनाई गई हैं, जबकि नगर क्षेत्र में सिटी मजिस्ट्रेट की दो टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं। इसके अलावा, सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा मानिक चन्द्र सिंह के नेतृत्व में एक विशेष टीम मुख्यालय स्तर पर गठित की गई है, जो जिलेभर में सक्रिय है। 54 निरीक्षण, 34 जगह छापे और 76 नमूने लिए गए दीपोत्सव से पहले खाद्य विभाग ने बड़े पैमाने पर निरीक्षण अभियान चलाया है। अब तक कुल 54 निरीक्षण किए जा चुके हैं, जिनमें 34 स्थानों पर छापेमारी की गई है। इस दौरान खाद्य सामग्री के 76 नमूने लिए गए हैं, ताकि कोई भी मिलावटी या खराब खाद्य पदार्थ श्रद्धालुओं तक न पहुंच सके। 33 लाख की खाद्य सामग्री बरामद, 167 किलो नष्ट सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा मानिक चन्द्र सिंह ने बताया कि निरीक्षण के दौरान खाद्य विभाग की टीमों ने 19,657 किलो खाद्य सामग्री बरामद की है, जिसकी कीमत 33 लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है। इनमें से 167 किलो खराब या मिलावटी खाद्य सामग्री को मौके पर ही नष्ट कर दिया गया, जिसका मूल्य 35 हजार रुपये से अधिक है। उन्होंने बताया कि दीपोत्सव के मद्देनजर यह अभियान लगातार जारी रहेगा। अन्य जिलों से भी आईं टीमें, 19-20 अक्तूबर को सघन जांच सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा मानिक चन्द्र सिंह ने बताया कि अयोध्या में श्रद्धालुओं की भारी आमद को देखते हुए अन्य जिलों से भी खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की तैनाती की गई है। ये अधिकारी अयोध्या में विभिन्न स्थलों पर पहुंचकर खाद्य सामग्री की जांच करेंगे, ताकि किसी भी प्रकार की खाद्य अनियमितता की गुंजाइश न रहे। 19 और 20 अक्तूबर को बड़ी संख्या में आ रहे श्रद्धालुओं के लिहाज से सघन जांच की जाएगी। सख्ती और सतर्कता दोनों का संतुलन बनाएगा प्रशासन जिलाधिकारी निखिल टीकाराम फुंडे ने बताया कि दीपोत्सव जैसे विशाल आयोजन में खाद्य सुरक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसलिए जहां एक ओर विभाग सख्त कार्रवाई कर रहा है, वहीं व्यापारियों और भोजनालय संचालकों को भी साफ-सफाई और शुद्धता बनाए रखने की लगातार अपील की जा रही है।

FSD तकनीक पर संकट: Tesla की लाखों कारों की होगी गहन जांच

न्यूयॉर्क एलन मस्क के नेतृत्व वाली इलेक्ट्रिक कार कंपनी टेस्ला की कारें दुनिया भर में अपने एडवांस टेक्नोलॉजी और फीचर्स के लिए मशहूर हैं. लेकिन टेस्ला आज सवालों के घेरे में है. जिस “Full Self-Driving” फीचर को एलन मस्क ने ड्राइविंग के इतिहास का सबसे बड़ा सॉफ़्टवेयर अपग्रेड बताया था, वही अब सुरक्षा एजेंसियों की जांच के घेरे में है. अमेरिका की सड़कों पर लाखों टेस्ला कारें आज एक ऐसे प्रयोग का हिस्सा हैं, जो यह तय करेगा कि क्या मशीनें वाकई इंसानों जितनी बेहतर और जिम्मेदार हो सकती हैं.  तकनीक ने जहां ऑटोमेशन की नई सीमाएं तोड़ीं, वहीं अब यह भी पूछना जरूरी हो गया है, क्या इस दौड़ में हमने सेफ्टी को पीछे छोड़ दिया है? अमेरिकी नेशनल हाईवे ट्रैफिक सेफ्टी एडमिनिस्ट्रेशन (NHTSA) ने घोषणा कर दी कि वे टेस्ला के “Full Self-Driving” (FSD) सॉफ़्टवेयर की व्यापक जांच करेगा. इसके चलते टेक्नोलॉजी और सेफ्टी का मेल एक विवादास्पद मोड़ पर पहुँच गया है. शिकायतों का सिलसिला जांच की शुरुआत ड्राइवरों की शिकायतों से हुई. कुछ मामलों में FSD सिस्टम से लैस कारों ने रेड लाइट क्रॉस कर लिया, कुछ ने सड़क के विपरीत दिशा में गाड़ी ले ली, और कुछ ने तो रेलवे क्रासिंग्स पर रुकने में असमर्थता दिखाई. NHTSA ने कहा कि जांच उन स्थितियों पर फ़ोकस करेगी जिसमें सिस्टम ड्राइवर को गलती सुधारने का पर्याप्त समय नहीं देता. खासकर रेलवे क्रॉसिंग्स और सड़क क्रॉस के दौरान. जांच के दायरे में 29 लाख कारें NBC न्यूज की एक रिपोर्ट ने बताया गया है कि, कई वीडियो में टेस्ला गाड़ियों को रेलवे क्रॉसिंग पर रुकते नहीं देखा गया, या वे रेलवे क्रॉसिंग गेट्स के नीचे से गुजरती दिखीं. जबकि रेड़ लाइट जल रही थी या गेट बंद हो रहा था. ऐसे आरोपों ने NHTSA को इस जांच की दिशा निर्धारित करने में मजबूर कर दिया है. एजेंसी का कहना है कि, FSD तकनीक से लैस तकरीबन 29 लाख टेस्ला कारों की जांच की जाएगी. यह जांच मात्र कुछ गाड़ियों तक सीमित नहीं है. इसमें लगभग 2.9 मिलियन (29 लाख) टेस्ला वाहन शामिल हैं जिनमें FSD सॉफ़्टवेयर इंस्टॉल किए गए हैं. चाहे वह Model 3 हो या Model X, यदि उसमें FSD फीचर है, तो वह जांच के दायरे में आते हैं. NHTSA ने स्पष्ट किया कि इसमें वाहनों की पूरी स्थिति की जांच की जाएगी, कि वो फुल सेल्फ ड्राइविंग कंडिशन में किस तरह का रिस्पांस करती हैं. क्या कहते हैं एलन मस्क? इस बीच, टेस्ला के मुखिया एलन मस्क सोशल मीडिया पर FSD का बखान करते नहीं थक रहे हैं. उन्होंने कई ट्वीट और पोस्ट शेयर किए, जिनमें दावा था कि FSD v14.1 ने लॉस एंजेलिस की ट्रैफ़िक से लेकर शहर की सड़कों और हाईवे तक, पैदल चलने वालों व सड़क पर चल रहे कंस्ट्रक्शन वर्क के बीच, लगभग एक घंटे ऑटोमैटिक ड्राइव किया. बिना किसी मैन्युअल हस्तक्षेप के. मस्क ने एक ऐसे मामले का वीडियो भी साझा किया जिसमें टेस्ला कार सेल्फ ड्राइविंग मोड में मल्टी-स्टोरी मॉल की पार्किंग में एंट्री और एग्जिट हुई. ये पूरी प्रक्रिया बिना किसी इंसानी मदद के हुई. निश्चित ही मस्क के इस तरह के पोस्ट्स टेस्ला सपोर्टस में काफी उत्साह जगाते हैं. लेकिन NHTSA को उत्साह नहीं, सबूत चाहिए. और यदि सुरक्षा मानकों का उल्लंघन हुआ है, तो जवाबदेही तय करनी होगी. क्या है फुल सेल्फ-ड्राइविंग तकनीक? टेस्ला की फुल सेल्फ-ड्राइविंग (Full Self-Driving या FSD) तकनीक एक एडवांस ऑटोपायलट सिस्टम है, जिसे इस तरह डिजाइन किया गया है कि कार खुद से चल, मोड़, ओवरटेक और पार्क कर सके. यह सिस्टम कैमरों, अल्ट्रासोनिक सेंसर और न्यूरल नेटवर्क बेस्ड सॉफ़्टवेयर के ज़रिए सड़क पर ट्रैफ़िक, सिग्नल, लेन मार्किंग और पैदल चलने वालों को पहचानता है. हालांकि इसका नाम “फुल सेल्फ-ड्राइविंग” है, लेकिन यह पूरी तरह ऑटोनॉमस नहीं है. यानी ड्राइवर को हर समय सतर्क रहना और ज़रूरत पड़ने पर कंट्रोल संभालने के लिए तैयार रहना पड़ता है.  टेक्नोलॉजी और जिम्मेदारी  इस पूरे विवाद में एक बड़ा सवाल यह भी छिपा है कि, जब हम “सेमी-ऑटोनॉमस” ड्राइविंग की बात करते हैं, तो कहां तक तकनीक भरोसेमंद है, और कहां पर इंसान को हस्तक्षेप करने का मौका बचा है? NHTSA की जांच यह जानने का प्रयास करेगी कि क्या और कितनी असुरक्षित स्थितियों में ड्राइवर को चेतावनी मिलती है, और क्या उस चेतावनी के बाद पर्याप्त समय बचता है. इस लेख का उद्देश्य केवल आलोचना नहीं है. यह चेतावनी भी है कि भविष्य की ड्राइविंग चाहे ऑटोमैटिक हो, लेकिन जिम्मेदारी तय करना जरूरी है. यदि तकनीक में कोई ख़ामी आती है तो वाहन निर्माता और नियम बनाने वाले दो दोनों का दायित्व बनता है कि वह नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखें. अब यह देखने की देर है कि NHTSA की रिपोर्ट क्या कहेगी, और टेस्ला कैसे अपनी प्रतिष्ठा और विश्वास को संभाल पाएगा.

लखीमपुर खीरी की माटी से बने 25 हजार इको-फ्रेंडली दीयों से जगमगाएगी रामनगरी अयोध्या

दीपोत्सव-2025 योगी सरकार का दीपोत्सव-25 जनसहभागिता, स्वावलंबन और पर्यावरण संरक्षण का बना प्रतीक लखीमपुर खीरी की माटी से बने 25 हजार इको-फ्रेंडली दीयों से जगमगाएगी रामनगरी अयोध्या महिला स्वयं सहायता समूह की दीदियों ने संभाली दीपोत्सव-25 की कमान सीएम योगी के इको-फ्रेंडली दीपोत्सव संकल्प को जनआंदोलन बना रहीं प्रदेश की महिलाएं प्रति दीया ₹5 की आय से महिलाओं ने अर्जित किए ₹1.25 लाख, दीपोत्सव बना आत्मनिर्भरता का अवसर दीपोत्सव-2025 से लौटा त्रेतायुगीन वैभव, मिट्टी और खुशबू से सजेगी रामनगरी गोबर और मिट्टी से बने प्राकृतिक दीये बिखेरेंगे रोशनी के साथ सकारात्मक ऊर्जा की खुशबू लखनऊ योगी सरकार के अयोध्या दीपोत्सव से न केवल भगवान श्रीराम की नगरी का त्रेतायुगीन वैभव पुनर्जीवित हुआ है, बल्कि यह आत्मनिर्भरता, जनसहभागिता और पर्यावरण संरक्षण का प्रतीक भी बन गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘इको-फ्रेंडली दीपोत्सव’ के संकल्प को साकार करने के लिए प्रदेश की आधी आबादी ने आगे आकर अपनी भूमिका निभाई है। अयोध्या में होने वाले नौवें दीपोत्सव-2025 को दिव्य और भव्य बनाने के लिए महिला स्वयं सहायता समूहों की दीदियों ने अहम योगदान दिया है। इस वर्ष लखीमपुर खीरी की माटी से बने 25 हजार इको-फ्रेंडली दीये अयोध्या धाम की पवित्र भूमि पर रोशनी बिखेरेंगे। ये दीये खीरी की माटी और जड़ी-बूटियों की प्राकृतिक खुशबू से तैयार किए गए हैं, जो रामनगरी की फिजाओं में प्रकाश के साथ सकारात्मक सुगंध भी फैलाएंगे। इसके अलावा, प्रदेश के कई अन्य जिलों की महिलाओं ने भी दीपोत्सव-25 के लिए हजारों की संख्या में दीये भेजे हैं। 3 स्वयं सहायता समूहों की 44 महिलाओं ने बनाए 25 हजार दीये लखीमपुर खीरी की जिलाधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में अयोध्या का दीपोत्सव अब जनसहभागिता, स्वावलंबन और पर्यावरण संरक्षण का जीवंत उदाहरण बन गया है। इसी के तहत लखीमपुर की तीन स्वयं सहायता समूहों की 44 महिलाओं ने प्रभु श्रीराम की नगरी को आलोकित करने के लिए 25 हजार दीये तैयार किए। उन्होंने बताया कि “लखीमपुर की रौशनी से समृद्धि की दिवाली” की थीम पर अयोध्या में दीये भेजने की तैयारी जुलाई माह से ही प्रारंभ कर दी गई थी। इन दीयों को बनाने में महिलाओं का उत्साह देखते ही बनता था। मुख्यमंत्री योगी की मंशा के अनुरूप महिलाओं को आत्मनिर्भर व स्वावलंबी बनाने और समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए बड़े पैमाने पर इस पहल को आगे बढ़ाया गया। महिलाओं को प्रति दीया 5 रुपये का भुगतान किया गया, जिससे उन्होंने कुल ₹1.25 लाख की आय अर्जित की। “मैं बहुत सौभाग्यशाली हूं, जो मुझे दीपोत्सव के लिए दीये बनाने का अवसर मिला” खीरी के धौरहरा ब्लॉक की ज्योति प्रेरणा स्वयं सहायता समूह की सदस्य ग्राम पंचायत गुदरिया की संजू देवी ने बताया कि उन्होंने पहली बार दीपोत्सव के लिए दीये तैयार किए हैं और वह बहुत खुश हैं। उन्होंने कहा कि दीये बनाने के लिए जिला प्रशासन की ओर से आधुनिक चाक उपलब्ध कराई गई। ग्राम पंचायत हरदी की सुंदर प्रेरणा स्वयं सहायता समूह की सदस्य बिट्टू देवी ने बताया कि उन्हें आधुनिक इलेक्ट्रिक चाक उपलब्ध कराई गई, जिससे न केवल उत्पादन में तेजी आई, बल्कि दीयों की गुणवत्ता भी बेहतर हुई। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा दीये बनाने की यह पहल महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ी पहल है। ग्राम पंचायत हरदी की सीता प्रेरणा स्वयं सहायता समूह से जुड़ी फूलमती ने कहा कि “रामनगरी के दीपोत्सव के लिए दीये तैयार करना मेरे लिए सौभाग्य की बात है। इससे जहां एक ओर सांस्कृतिक परंपराएं पुनर्जीवित हुई हैं, वहीं आत्मनिर्भरता की भावना भी मजबूत हुई है।” ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार और महिला सशक्तिकरण की यह मिसाल अब पूरे प्रदेश के लिए अनुकरणीय बन गई है।

दिव्यांग बच्चों की मेहनत को मिला सहारा: अंजय शुक्ला ने कोपल वाणी से खरीदे 15,000 रुपये के दीपक, बढ़ाया उनका हौसला

रायपुर  दीपावली की खरीदारी के लिए जब बाजार सज चुके हैं और चारों तरफ घरों, दुकानों और कार्यालयों में साज-सज्जा की तैयारी चल रही है, वहीं कोपल वाणी संस्था के दिव्यांग बच्चे भी अपनी रचनात्मकता से घर की साज-सज्जा के लिए विशेष दीपक और सामग्री तैयार कर रहे हैं। इन बच्चों के श्रम और कौशल विकास को प्रोत्साहित करने के लिए, श्री अंजय शुक्ला ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए संस्था को सहयोग प्रदान किया है। श्री अंजय शुक्ला, जो प्रदेश संयोजक बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, सदस्य प्रदेश कार्यसमिति भाजपा और अध्यक्ष छत्तीसगढ़ ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन के रूप में कार्यरत हैं, ने कोपल वाणी के बच्चों का मनोबल बढ़ाने हेतु तकरीबन 15,000 रुपये के हस्तनिर्मित दीपक खरीदकर संस्था को आर्थिक सहयोग दिया। यह पहल इन बच्चों को स्वावलंबन की दिशा में प्रेरित करने के उद्देश्य से की गई है। परिवार सहित पहुंचे संस्था सुबह-सुबह ही श्री अंजय शुक्ला अपने परिवार के साथ अविनाश गार्डन स्थित कोपल वाणी पहुंचे। उन्होंने वहां बच्चों द्वारा बनाई गई सामग्री की बारीकी से सराहना की और बच्चों को अलग-अलग क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। इस सहयोग और प्रोत्साहन से बच्चों के चेहरे पर साफ खुशियां दिखाई दे रही थीं। उन्हें यह संतोष था कि उनके हाथों से बनाए दीपक दीपावली में घरों को रोशन करेंगे। कौशल विकास रोजगार की कुंजी: पद्मा शर्मा कोपल वाणी संस्था की अध्यक्ष पद्मा शर्मा ने इस सहयोग पर श्री शुक्ला का आभार व्यक्त किया। उन्होंने बच्चों की चुनौतियों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि ये बच्चे सुन नहीं पाते, जिसकी वजह से बोल भी नहीं पाते। ऐसी स्थिति में उनका संप्रेषण (Communication) सुचारू रूप से नहीं हो पाता, और उन्हें रोजगार मिलने में अत्यंत कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। श्रीमती शर्मा ने कहा, "ऐसी स्थिति में इनका कौशल विकास अत्यंत आवश्यक है ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें। समाज के लोग जब इस तरह से इनका उत्साहवर्धन करते हैं, तो इनका सीखने में रुझान बना रहता है और इन्हें जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है।" श्री शुक्ला का यह सहयोग न केवल आर्थिक मदद है, बल्कि यह समाज के समक्ष यह संदेश भी प्रस्तुत करता है कि त्योहारों के अवसर पर हमें ऐसे हुनरमंद बच्चों के कौशल विकास और आत्मनिर्भरता की मुहिम में सक्रिय रूप से सहयोग करना चाहिए।

IPL 2026 Auction से पहले LSG ने चुना विलियमसन को विशेष भूमिका में, टीम में बढ़ी उम्मीदें

नई दिल्ली IPL 2026 Auction से पहले लखनऊ सुपर जायंट्स ने एक बड़ा ऐलान किया है। एलएसजी के मालिक संजीव गोयनका ने जानकारी दी है कि न्यूजीलैंड के महान बल्लेबाज केन विलियमसन आने वाले सीजन में लखनऊ सुपर जायंट्स का हिस्सा होंगे। हालांकि, वह एक क्रिकेटर के तौर पर ऋषभ पंत की कप्तानी वाली टीम का हिस्सा नहीं होंगे, बल्कि उनको नई भूमिका सौंपी गई है। संजीव गोयनका ने बताया है कि केन विलियमसन आगामी सीजन में एलएसजी के स्ट्रेटजिक एडवाइजर यानी रणनीतिक सलाहकार होंगे। संजीव गोयनका ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर लिखा, “केन विलियमसन सुपर जायंट्स परिवार का हिस्सा रहे हैं और लखनऊ सुपर जायंट्स के रणनीतिक सलाहकार के रूप में उनकी नई भूमिका में उनका स्वागत करते हुए हमें बेहद खुशी हो रही है। उनकी नेतृत्व क्षमता, रणनीतिक अंतर्दृष्टि, खेल की गहरी समझ और खिलाड़ियों को प्रेरित करने की क्षमता उन्हें टीम के लिए एक अमूल्य योगदान बनाती है।” केन विलियमसन को आईपीएल का अच्छा खासा अनुभव है। आईपीएल में एक खिलाड़ी के तौर पर उन्होंने 10 सीजन खेले हैं। 2015 से 2024 तक वे आईपीएल में एक्टिव रहे हैं। सनराइजर्स हैदराबाद के लिए 2018 में 735 रन बनाकर वे ऑरेंज कैप होल्डर भी थे। 2022 तक वे SRH के लिए खेले और टीम की कप्तानी भी की। 2023 और 2024 में वे गुजरात टाइटन्स का हिस्सा थे, लेकिन सिर्फ एक मैच ही खेला। 2024 में दो मैच उनको खेलने के लिए मिले। 2025 के मेगा ऑक्शन में कोई खरीदार उनको नहीं मिला था। सुपर जायंट्स फैमिली का हिस्सा केन विलियमसन पहले से हैं, क्योंकि वे इसी साल डरबन सुपर जायंट्स के लिए एसए20 लीग में खेले थे। विलियमस न्यूजीलैंड के उन 5 क्रिकेटरों में से शामिल थे, जिन्होंने दुनिया भर की लीगों में खेलने के लिए केंद्रीय अनुबंध ठुकरा दिया था और कैजुअल कॉन्ट्रैक्ट पर न्यूजीलैंड क्रिकेट बोर्ड के साथ साइन किए थे। टी20 विश्व कप में भी वे खेलते हुए नजर आ सकते हैं, क्योंकि इस फॉर्मेट से अभी तक उन्होंने रिटायरमेंट नहीं लिया है।  

हरियाणा पुलिस के जवानों के लिए नए DGP ओपी सिंह का भावुक संदेश, पढ़कर हर कोई भावुक हो जाएगा

हरियाणा हरियाणा के नवनियुक्त पुलिस महानिदेशक (DGP) ओपी सिंह ने पुलिसकर्मियों को मोटिवेट करने के लिए एक लेटर जारी किया है। इस लेटर में डीजीपी ने कतील शिफाई का एक शेर भी लिखा है- "वो मेरा दोस्त है सारे जहाँ को है मालूम, दया करे वो किसी से तो शर्म आए मुझे।"  उन्होंने पत्र लिखा कि गौरवशाली हरियाणा पुलिस के प्रिय साथियों, हमारे देश का एक गौरवशाली अतीत रहा है। प्राचीन काल में नदी घाटी सभ्यता होने के कारण हम सबसे समृद्ध थे। इसी कारण सीमा पार से हम पर बड़े हमले हुए। हमने सदियों गुलामी झेली। आज़ादी कुछ ही दशकों की बात है। इस थोड़े समय में हम गरीबी, बीमारी और अशिक्षा से काफ़ी हद तक उबरने में सफल हुए हैं। देश और प्रांत निर्वाध तरक्की करे, इसके लिए सुरक्षा बलों के हमारे हज़ारों साथियों ने अपने प्राणों की आहुति दी है। अकेले हरियाणा में अब तक हमारे चौरासी साथी वीरगति को प्राप्त हुए हैं। मैं उनके सर्वोच्च बलिदान को श्रद्धापूर्वक नमन करता हूं। हिंसा और छलावा प्रकृति के स्वभाव में है। सभ्य जीवन इसके विरुद्ध अपराध तंत्र का सतत संघर्ष है। प्रजातंत्र का आश्वासन है कि शेर और बकरी एक ही घाट में पानी पियें और शेर को अपनी ताक़त का गुमान ना हो और ना ही बकरी को अपने कमज़ोरी का मलाल। ये सुनिश्चित करने की ज़िम्मेवारी पुलिस को मिली है।

पटाखों के लिए नए जिले आदेश: किसे मिलेगा अनुमति, क्या है सख्ती

मोगा त्योहारों का सीजन शुरू हो चुका है। ऐसे में पटाखे फोड़ना आम बात हो गई है। इसलिए जिला मजिस्ट्रेट एवं उपायुक्त सागर सेतिया ने माननीय सर्वोच्च न्यायालय एवं पंजाब सरकार द्वारा जारी निर्देशों के आलोक में भारतीय नागरिकता अधिनियम 2023 की धारा 163 के अंतर्गत आदेश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि जिले में दिवाली के अवसर पर केवल हरित पटाखे फोड़ने की अनुमति होगी। आदेश के अनुसार दिवाली के दिन, 20 अक्टूबर को रात 8 बजे से 10 बजे तक, गुरुपर्व, 5 नवंबर को सुबह 4 बजे से 5 बजे तक और रात 9 बजे से 10 बजे तक, क्रिसमस के दिन, 25 और 26 दिसंबर, 2025 को रात 11.55 बजे से 12.30 बजे तक और नए साल के दिन, 31 दिसंबर, 2025 को रात 11.55 बजे से 1 जनवरी, 2026 को रात 12.30 बजे तक हरित पटाखे फोड़ने की अनुमति होगी। आदेश में कहा गया है कि निर्धारित समय से पहले या बाद में पटाखे फोड़ना और हरित पटाखों के अलावा अन्य पटाखे फोड़ना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। 

ट्रंप का बड़ा दावा: 8 महीने में 8 युद्ध रोके, कहा – मेरी वजह से बचे लाखों लोग

वाशिंगटन  अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर दोहराया कि उन्होंने वैश्विक संघर्षों को सुलझाने में बड़ी भूमिका निभाई. साथ ही एक बार फिर भारत- पाकिस्तान के बीच युद्ध रुकवाने का श्रेय लिया. बॉलरूम डिनर कार्यक्रम में ट्रंप ने दावा किया कि उन्होंने आठ महीनों में आठ युद्धों को रुकवाया. अपने कार्यों के प्रभाव के बारे ट्रंप ने कहा कि वह पुरस्कार या मान्यता से ज्यादा संघर्ष के दौरान इंसानों की जान को महत्व देते हैं. उन्होंने आगे कहा, 'लेकिन आप जानते हैं कि मुझे किस चीज की परवाह है? मैंने शायद करोड़ों लोगों की जान बचाई है.' ट्रंप की यह टिप्पणी रविवार (स्थानीय समय) को उनके द्वारा पहले की गई टिप्पणियों से मिलती-जुलती थी, जब उन्होंने दोहराया था कि उन्होंने कई लंबे समय से चले आ रहे वैश्विक संघर्षों को सुलझाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. 13 अक्टूबर को मिडिल ईस्ट की यात्रा के दौरान एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने गाजा युद्धविराम को आठवाँ संघर्ष बताया, जिसे उन्होंने सफलतापूर्वक समाप्त करने में मदद की थी. ट्रंप ने कहा था, 'यह मेरा आठवाँ युद्ध होगा जिसे मैंने सुलझाया है. मैंने सुना है कि अब पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच एक युद्ध चल रहा है. मैंने कहा था, मुझे वापस आने तक इंतजार करना होगा. मैं एक और युद्ध समाप्त कर रहा हूँ क्योंकि मैं युद्ध सुलझाने में माहिर हूँ.' उन्होंने अपने पिछले राजनयिक हस्तक्षेपों पर विचार किया. इसमें भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव कम करने का उनका दावा भी शामिल था. उन्होंने कहा, 'भारत और पाकिस्तान के बारे में सोचिए. उन युद्धों के बारे में सोचिए जो वर्षों से चल रहे थे. एक युद्ध 31 वर्षों तक चला, एक 32 वर्षों तक चला, एक 37 वर्षों तक चला, जिसमें हर देश में लाखों लोग मारे गए और मैंने इनमें से अधिकांश युद्धों को एक दिन के भीतर ही निपटा दिया.' ट्रंप ने कहा कि शांति प्रयासों के जरिए लोगों की जान बचाने में भूमिका निभाना उनके लिए सम्मान की बात है. उन्होंने आगे कहा कि उनके प्रयास किसी पहचान या पुरस्कार से प्रेरित नहीं थे. उन्होंने कहा, 'ऐसा करना सम्मान की बात है. मैंने लाखों लोगों की जान बचाई. मैंने यह नोबेल पुरस्कार के लिए नहीं किया. मैंने यह जान बचाने के लिए किया.' उनकी यह टिप्पणी नोबेल शांति पुरस्कार पर नए सिरे से चर्चा के बीच आई है. यह टिप्पणी उन्होंने 11 अक्टूबर को वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरिना मचाडो को 2025 का नोबेल शांति पुरस्कार विजेता घोषित किए जाने के बाद की थी. ट्रंप ने दावा किया कि मचाडो ने व्यक्तिगत रूप से उनसे संपर्क किया और यह पुरस्कार उनके सम्मान में समर्पित किया. उन्होंने कहा, 'जिस व्यक्ति को नोबेल पुरस्कार मिला, उसने आज मुझे फोन किया और कहा, 'मैं इसे आपके सम्मान में स्वीकार कर रही हूँ क्योंकि आप वास्तव में इसके हकदार थे.' हालाँकि, मैंने यह नहीं कहा, 'इसे मुझे दे दो'. मुझे लगता है कि उन्होंने ऐसा किया होगा. मैं इस दौरान उनकी मदद करता रहा हूँ.' मचाडो को लोकतांत्रिक अधिकारों को बढ़ावा देने और वेनेजुएला में तानाशाही से लोकतंत्र की ओर शांतिपूर्ण संक्रमण का नेतृत्व करने के उनके प्रयासों के लिए सम्मानित किया गया. शांति प्रयासों पर अपनी टिप्पणियों के सिलसिले में ट्रंप ने अपने रिकॉर्ड को मौजूदा रूस-यूक्रेन संघर्ष से जोड़ते हुए दोहराया कि उन्होंने कूटनीति के जरिए कई युद्ध समाप्त किए हैं. उन्होंने कहा, 'मैंने सात युद्ध रोके. यह एक युद्ध है और यह बहुत बड़ा युद्ध है.' उन्होंने उन संघर्षों का जिक्र किया जिनके हल होने का उन्होंने दावा किया था, इनमें आर्मेनिया, अजरबैजान, कोसोवो और सर्बिया, इजराइल और ईरान, मिस्र और इथियोपिया, रवांडा और कांगो शामिल हैं. ट्रंप की शांति पहलों का समर्थन करते हुए, इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा,डोनाल्ड ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार दीजिए. वह इसके हकदार हैं!

Stock Market में बड़ी रैली: सेंसेक्स में 862 अंकों की तेजी, एक शेयर ने दिया 20% रिटर्न

मुंबई  शेयर बाजार आज शानदार तेजी पर बंद हुआ है. निफ्टी 261 अंक चढ़कर 25,585.30 पर क्‍लोज हुआ, जबकि सेंसेक्‍स में 862 अंकों की तेजी आई और यह 83467 पर क्‍लोज हुआ. बैंक निफ्टी 622 अंक उछलकर बंद हुआ.  बीएसई टॉप 30 शेयरों में से Zomato और इंफोसिस के शेयर गिरावट पर बंद हुए, जबकि बाकी 28 शेयर तेजी पर कारोबार कर रहे थे. कोटक महिंद्रा बैंक, एक्सिस बैंक, टाइटन, नेस्‍ले जैसे शेयरों में तूफानी तेजी रही. नेस्‍ले के शेयर 4 फीसदी से भी ज्‍यादा चढ़कर बंद हुए. एसबीआई, टीसीएस और भारती एयरटेल में मामूली तेजी रही. रिलायंस इंडस्‍ट्रीज के शेयर भी 1.70 फीसदी चढ़े थे.  निवेशकों की शानदार कमाई!  15 अक्‍टूबर को बीएसई का मार्केट कैपिटलाइजेशन  463.78 लाख करोड़ रुपये था, जो आज बढ़कर 466.89 लाख करोड़ रुपये हो गया. इसका मतलब है कि निवेशकों की वैल्‍यूवेशन में 3 लाख करोड़ रुपये से ज्‍यादा की उछाल देखने को मिली.  20% तक चढ़ गए ये शेयर शेयर इंडिया का स्‍टॉक 20% 178 रुपये पर पहुंच गया. इसके अलावा, BLS International Services के शेयर में 16 प्रतिशत की तेजी आई. वारी रिन्‍यूवेबल एनर्जी के शेयर 10 प्रतिशत, Garware Hi Tech के शेयर 7.34 फीसदी चढ़े. एथर एनर्जी का शेयर 8 फीसदी चढ़ा. क्‍यों आई तेजी?  जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के रिसर्च हेड विनोद नायर ने कहा कि सकारात्मक वैश्विक संकेतों और भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता को लेकर नए आशावाद से उत्साहित होकर घरेलू शेयर बाजारों में मजबूत सुधार हुआ. उन्‍होंने आगे कहा कि यह बढ़त व्‍यापक आधार पर रही, जिसका नेतृत्‍व रियल्टी, ऑटो, एफएमसीजी और निजी बैंकिंग शेयरों ने किया.  वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में मांग में सुधार की उम्मीद, FII निवेश के शुरुआती संकेत, अमेरिकी फेड की नरम नीतिगत टिप्पणियों और डॉलर सूचकांक में नरमी से बाजार की धारणा बदली है. रुपये में हालिया वृद्धि ने भी सकारात्मक रुख को और पुख्ता किया है. हालांकि निकट भविष्‍य में गति अनुकूल बनी हुई है, लेकिन निरंतर प्रदर्शन मौजूदा कॉर्पोरेट परिणामों से इनकम ग्रोथ के संकेतों और ग्‍लोबल व्‍यापार में विकास पर निर्भर करेगा.