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भारतीय टीम को बड़ा झटका: प्रतिका रावल सेमीफाइनल से बाहर, शेफाली वर्मा की टीम में वापसी तय

नई दिल्ली.  भारत के लिए महिला विश्व कप 2025 अभियान में इससे बुरी खबर और क्या हो सकती थी, क्योंकि टूर्नामेंट में दूसरी सबसे ज़्यादा रन बनाने वाली खिलाड़ी प्रतीक रावल ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सेमीफाइनल से बाहर हो गई हैं, बल्कि पूरी प्रतियोगिता से ही बाहर हो गई हैं. दिल्ली की इस युवा सलामी बल्लेबाज़ को रविवार को बांग्लादेश के खिलाफ मामूली मैच में क्षेत्ररक्षण करते समय घुटने और टखने में चोट लग गई थी. सूत्रों के अनुसार यह घटना नवी मुंबई में बारिश से प्रभावित मैच के दौरान बांग्लादेश के 21वें ओवर के दौरान हुई थी बाउंड्री पर गेंद को फील्ड करने की कोशिश में उनका पैर ज़मीन में धंस गया, जिससे उनका टखना और घुटना बुरी तरह मुड़ गया और उन्हें तुरंत खेल क्षेत्र से बाहर ले जाया गया. अब भारत के पास दो ऑप्शन है या तो वो आईसीसी से रिप्लेसमेंट की मांग करें या अमनजोत , हरलीन कौर में से किसी से पारी की शुरुआत कराएं. भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया सेमीफाइनल 29 अक्टूबर को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सेमीफाइनल के संदर्भ में, टीम इंडिया के पास उनकी जगह लेने के लिए पर्याप्त बल्लेबाज़ी संसाधन नहीं हैं. यह एक अस्थायी व्यवस्था होगी, जब तक कि किसी चोटिल खिलाड़ी को बाद में नहीं बुलाया जाता. शेफाली वर्मा एक विकल्प हैं, जिन्हें शुरुआती चयन में नज़रअंदाज़ कर दिया गया था. वे सलामी बल्लेबाज़ हैं, कई बार ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ़ खेल चुके हैं और IND A बनाम AUS A सीरीज़ के लिए ऑस्ट्रेलिया का दौरा करेंगे. हालाँकि, इस बारे में कोई रिपोर्ट नहीं है. इसके अलावा, टीम इंडिया के लिए मुश्किलें और भी बढ़ सकती हैं, क्योंकि यह एक और बारिश से प्रभावित सेमीफाइनल हो सकता है, और अगर मैच का कोई नतीजा नहीं निकलता है, तो ऑस्ट्रेलिया स्वतः ही फाइनल के लिए क्वालीफाई कर जाएगा. मिताली राज ने सुझाया नाम पूर्व भारतीय कप्तान मिताली राज का मानना ​​है कि अगर सलामी बल्लेबाज प्रतीका रावल समय की जगह  तो गुरुवार को आस्ट्रेलिया के खिलाफ होने वाले सेमीफाइनल मुकाबले में हरलीन देओल को पारी की शुरुआत करने के लिए भेजा जाना चाहिए. मिताली ने जियोस्टार पर कहा, ‘‘अब सवाल यह है कि अगर प्रतीका 30 तारीख को मैदान पर उतरने के लिए फिट नहीं होती हैं, तो स्मृति (मंंधना) के साथ पारी की शुरुआत कौन करेगा.  पहला विकल्प तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने वाली हरलीन देओल है क्योंकि वह अक्सर जल्दी बल्लेबाजी के लिए आती हैं और नई गेंद का सामना करने में सहज हैं. प्रतीका के चोटिल होने के बाद भारत ने बांग्लादेश के खिलाफ पारी की शुरुआत करने के लिए ऑलराउंडर अमनजोत कौर को भेजकर प्रयोग किया जिस पर मिताली ने हैरानी व्यक्त की. उनका मानना ​​है कि यह मैच हरलीन के लिए सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना के साथ पारी का आगाज करने का शानदार मौका था.  

जनजातीय वन-भूमि पट्टाधारी किसानों के लिए खुशखबरी, सब्जी उत्पादन पर मिलेगा विशेष अनुदान

भोपाल प्रदेश में जनजाति बाहुल्य ग्रामों में वनपट्टाधारी परिवारों को सब्जी उत्पादन के प्रति प्रोत्साहित कर, उनके सामाजिक और आर्थिक जीवन में सुधार लाने के प्रयास किए जा रहे हैं, इसके तहत प्रदेश के चार संभाग के 16 जिलों में जनजाति वर्ग के लोगों को वन भूमि पर पैदावार बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत सब्जियों के उत्पादन के लिए विशेष अनुदान दिया जाएगा। अनुदान राशि प्रति हैक्टेयर इकाई लागत का 90% तक हो सकता है। आयुक्त उद्यानकी से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश में नर्मदापुरम संभाग में नर्मदापुरम , बैतूल, हरदा, जबलपुर संभाग में जबलपुर, मंडला, सिवनी, छिंदवाड़ा कटनी, नरसिंहपुर, डिंडोरी और बालाघाट, शहडोल संभाग में शहडोल, उमरिया और अनूपपुर तथा भोपाल संभाग में भोपाल और सीहोर जिलों के कोलार बांध के आसपास के वनपट्टाधारी किसानों को योजना का लाभ मिलेगा। इन किसानों को कृषि तकनीकी विशेषज्ञ और मार्केटिंग एक्सपर्ट की सलाह पर उच्चमूल्य वाली सब्जी फसलों जैसे:- टमाटर, लौकी, करेला, फूलगोभी, पत्ता गोभी, ब्रोकली ब्रुसेल्स, स्प्राउट, बाकलावली, हरी मटर, बैंगन, शिमला मिर्च, भिंडी, खीर, हरी मिर्च, गाजर चुकंदर, शलजम, मूली, गांठ गोभी, राजमा, शकरकंद, केल-करम साग, सहजना की फली या मुनगा तथा पात्तिदार सब्जियों पर अनुदान सहायता राशि उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया है। योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए किसानों को विभाग के एमपीएफएसटीएस पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीयन कराना अनिवार्य है। जिन किसानों का चयन योजना के अंतर्गत किया जाएगा, उनको उद्यानकी विभाग द्वारा सब्जी फसल उत्पादन की नवीन तकनीकियों, फसलोत्तर प्रबंधन, विपणन एवं संस्करण और विषयों का प्रशिक्षण भी दिया जायेगा।  

‘जन्नत’ फेम अभिनेत्री सोनल चौहान की ‘मिर्जापुर: द फिल्म’ में हुई एंट्री

मुंबई,  ‘जन्नत’ फेम अभिनेत्री सोनल चौहान की एंट्री ‘मिर्जापुर: द फिल्म’ में हो गई है। इसकी जानकारी मेकर्स ने सोशल मीडिया के जरिए दी। सोनल ने भी टीम को थैंक्स कहते हुए एक पोस्ट किया है। अभिनेत्री सोनल चौहान को ‘जन्नत’ और ‘आदिपुरुष’ जैसी फिल्मों में काम करने के लिए जाना जाता है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर एक शानदार गिफ्ट हैंपर और प्रोडक्शन हाउस के एक नोट की झलक दिखाई। नोट में जानकारी दी गई है कि सोनल अब मिर्जापुर फिल्म का हिस्सा हैं। इस नोट में लिखा है, “प्रिय सोनल, हम आपको ‘मिर्जापुर’ की टीम में पाकर बहुत उत्साहित हैं। हम पर्दे पर आपके अभिनय का जादू को देखने के लिए बेताब हैं।” सोनल ने अपनी पोस्ट में लिखा, “मैं ‘मिर्जापुर: द फिल्म’ में शामिल होने के लिए बेहद उत्साहित हूं। इस टीम का हिस्सा बनकर बहुत खुशी हुई और मैं आप सभी को यह देखने के लिए बेसब्री से इंतजार कर रही हूं कि हम पर्दे पर क्या-क्या दिखाने वाले हैं। इस आइकॉनिक फ्रेंचाइजी का हिस्सा बनाने के लिए आप सभी का धन्यवाद।” इस फिल्म की शूटिंग वाराणसी में शुरू हो चुकी है। इस फिल्म में अली फजल एक बॉडी बिल्डर के रूप में दिखाई देंगे, इसके लिए उन्होंने जमकर ट्रेनिंग भी ली है। क्राइम-थ्रिलर फिल्म ‘मिर्जापुर’ में गद्दी के लिए लड़ते बाहुबलियों की दुनिया को दिखाया जाएगा। यह फिल्म 2026 में रिलीज होगी। इस फिल्म से सीरीज के किरदारों की बड़े पर्दे पर वापसी होगी। इसमें कालीन भैया के रूप में पंकज त्रिपाठी, गुड्डू के रूप में अली फजल और मुन्ना के रूप में दिव्येंदु शर्मा जैसे कलाकार दिखाई देंगे। फिल्म में श्वेता त्रिपाठी गोलू गुप्ता के रोल को निभाती दिखाई देंगी और रसिका दुग्गल फिल्म में अपने बीना त्रिपाठी के किरदार में दिखाई देंगी। इस सीरीज की शूटिंग उत्तर प्रदेश में मुख्यतः मिर्जापुर, जौनपुर, आजमगढ़, गाजीपुर, लखनऊ, रायबरेली, गोरखपुर और वाराणसी जैसे शहरों में हुई थी। इस बार भी इसकी शूटिंग इन्हीं जिलों में हो रही है। फिल्म में जितेंद्र कुमार, रवि किशन और मोहित मलिक जैसे नए कलाकार भी हैं। इस फिल्म को रितेश सिधवानी और फरहान अख्तर प्रोड्यूस कर रहे हैं। फिलहाल इस फिल्म की रिलीज डेट तय नहीं हुई है, मगर इसे अगले साल तक रिलीज किया जाएगा।  

किसानों के लिए बड़ी राहत: शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर फसल ऋण योजना जारी रहेगी

किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर फसल ऋण योजना निरंतर जारी रहेगी राज्य शासन ने किया आदेश जारी भोपाल राज्य शासन ने वर्ष 2025-26 के लिये सहकारी बैंकों के माध्यम से प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों (पैक्स) द्वारा शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर किसानों को अल्पावधि फसल ऋण देने की योजना को निरंतर रखने का निर्णय लिया है। इस संबंध में राज्य शासन ने आदेश जारी किया है। जारी आदेशानुसार खरीफ 2025 सीजन के लिये देय तिथि 28 मार्च 2026 तथा रबी 2025-26 सीजन के लिये देय तिथि 15 जून 2026 नीयत की गई है। राज्य शासन द्वारा अल्पावधि फसल ऋण लेने वाले सभी किसानों को गत वर्ष के समान 1.5 प्रतिशत (सामान्य) ब्याज अनुदान तथा खरीफ एवं रबी सीजन की निर्धारित देय तिथि तक ऋण की अदायगी करने वाले किसानों को 4 प्रतिशत प्रोत्साहन स्वरूप (अतिरिक्त ब्याज अनुदान) दिया जायेगा। 

योगी आदित्यनाथ की बड़ी सौगात: एक और शहर का नाम बदला, विपक्ष पर बोला हमला

लखीमपुर खीरी उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखीमपुर खीरी के मुस्तफाबाद में विश्व कल्याण आश्रम में आयोजित स्मृति प्राकट्योत्सव मेला-2025 में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने मुस्तफाबाद का नाम बदलकर कबीरधाम करने की घोषणा की और पूज्य संतों को नमन करते हुए डबल इंजन सरकार के विकास कार्यों की चर्चा की। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार धार्मिक स्थलों के पुनरुद्धार और सौंदर्यीकरण पर काम कर रही है, जबकि पहले यह पैसा "कब्रिस्तान की बाउंड्री" बनाने में खर्च होता था। कबीरधाम और धार्मिक स्थलों की पहचान बहाल मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकारों ने अयोध्या को फैजाबाद, प्रयागराज को इलाहाबाद और कबीरधाम को मुस्तफाबाद बनाया था, जिसे उनकी सरकार ने ठीक किया। उन्होंने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा, "यह सब सेक्युलरिज्म के नाम पर किया जाता था, जो पाखंड है।" योगी ने संत कबीरदास की वाणी का उल्लेख करते हुए कहा, "‘जाति पाति पूछे न कोई, हरि को भजे सो हरि का होई,’ यह वाणी समाज की एकता और अखंडता की आधारशिला है। कबीर ने निर्गुण भक्ति की धारा प्रवाहित कर समाज की विसंगतियों को तोड़ा और आत्मा-परमात्मा का संबंध सरल शब्दों में समझाया।" उन्होंने गुरु के महत्व को रेखांकित करते हुए कबीर का दोहा उद्धृत किया, "‘गुरु गोविंद दोनों खड़े, काके लागूं पांव…’ यह आज भी हमें गुरु की महत्ता याद दिलाता है।" देश की एकता को तोड़ने वाली शक्तियों से सावधान रहें सीएम योगी ने चेतावनी दी कि समाज विरोधी ताकतें आस्था और जाति के नाम पर देश को तोड़ने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने कहा, "समय रहते कमजोरियों को न पहचाना गया, तो यह बीमारियां कैंसर बनकर समाज को खोखला कर देंगी। राष्ट्रभक्ति ही सभी समस्याओं का समाधान है।" उन्होंने जोर देकर कहा, "माता भूमि पुत्रोहम्… यह भूमि केवल मिट्टी नहीं, हमारी मातृभूमि और पितृभूमि है। इसकी सेवा ही सच्ची उपासना है।" भारत बनेगा तीसरी सबसे बड़ी आर्थिक शक्ति मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि 2014 से पहले देश भ्रष्टाचार, आतंकवाद और विभाजनकारी राजनीति के संकट से जूझ रहा था। आज भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और जल्द ही तीसरी सबसे बड़ी आर्थिक महाशक्ति बनने जा रहा है। लखीमपुर में विकास की नई धारा सीएम ने बताया कि सीमावर्ती जिला लखीमपुर खीरी में भी विकास की नई लहर चल रही है। गांव-गांव सड़कें बन रही हैं, मेडिकल कॉलेज स्थापित हो रहे हैं, एयरपोर्ट का विस्तार हो रहा है और ईको-टूरिज्म को बढ़ावा मिल रहा है। गोला गोकर्णनाथ धाम और कबीरधाम जैसे धार्मिक स्थलों के पुनरोद्धार से आस्था और पर्यटन दोनों को बल मिल रहा है। गो-सेवा और नेचुरल फार्मिंग पर बल मुख्यमंत्री ने संत असंगदेव जी महाराज की धर्म, नशा मुक्ति और राष्ट्र चेतना के कार्यों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा, "नशा नाश का कारण है। विदेशी ताकतें हमारे युवाओं को बर्बाद करने की साजिश रच रही हैं। फोन का इस्तेमाल सीमित करें और आत्मविकास पर ध्यान दें।" उन्होंने गो-सेवा और नेचुरल फार्मिंग को बढ़ावा देने की बात कही। योगी ने बताया कि सरकार हर गाय के लिए 1500 रुपये प्रतिमाह दे रही है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से गोशालाओं की देखरेख करने और रासायनिक खेती को छोड़कर नेचुरल फार्मिंग अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा, "एक गाय 30 एकड़ भूमि के लिए पर्याप्त जैविक खाद दे सकती है।" कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने देशवासियों को छठ महापर्व की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने सद्गुरु कबीर पूज्य श्री असंगदेव जी धर्मशाला का भूमि पूजन भी किया। इस अवसर पर संत असंगदेव जी महाराज, मंत्री राकेश सचान, नितिन अग्रवाल, मन्नूलाल कोरी, विधायक अमन गिरी, रोमी साहनी, लोकेंद्र प्रताप सिंह, शशांक वर्मा, योगेश वर्मा, विनोद शंकर अवस्थी, मंजू त्यागी, सौरभ सिंह सोनू, महामंडलेश्वर प्रवक्तानंद सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु और संतजन मौजूद रहे।  

मौसम विभाग का अलर्ट: राजस्थान के 17 जिले भीगेंगे, 7 में भारी बारिश का खतरा

जयपुर बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में सक्रिय चक्रवाती सिस्टम के प्रभाव से राजस्थान का मौसम बदल गया है। मौसम विभाग के अनुसार, इसका सबसे अधिक असर सोमवार और मंगलवार को देखने को मिलेगा, जिसके चलते कई इलाकों में तेज से भारी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने आज सोमवार को उदयपुर और कोटा संभाग के 6 जिलों में ऑरेंज अलर्ट, जबकि 17 जिलों में यलो अलर्ट जारी किया है। मौसम केंद्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी में बना डिप्रेशन सिस्टम अब मजबूत होकर डीप डिप्रेशन में बदल गया है और आज यह चक्रवात का रूप ले लेगा। यह चक्रवात 28 अक्टूबर को आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों से टकराएगा। इसके अलावा, मध्य-पूर्वी अरब सागर में भी एक डिप्रेशन सिस्टम सक्रिय है। इन दोनों सिस्टम की वजह से भारत के कई राज्यों में नमी (मॉइश्चर) की आपूर्ति बढ़ी है, जिसका असर राजस्थान तक पहुंच रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि 30 अक्टूबर तक राज्य में बारिश का दौर जारी रहेगा। बारिश का हाल पिछले 24 घंटों में सिस्टम के असर से कोटा, उदयपुर, अजमेर संभाग के कई जिलों और जोधपुर संभाग के कुछ हिस्सों में बादल छाए रहे और हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। झालावाड़ के मनोहरथाना में 16 मिमी, रायपुर में 1 मिमी, जबकि उदयपुर जिले के कुछ इलाकों में हल्की बूंदाबांदी हुई।  बूंदी, चित्तोड़गढ़, डूंगरपुर, कोटा, उदयपुर, प्रतापगढ़ और सलूंबर में आज अति भारी बारिश की चेतावनी है। मौसम विभाग की तात्कालिक चेतावनी जयपुर मौसम केंद्र ने आज सुबह साढ़े छह बजे यह अलर्ट जारी किया है। इसमें कोटा, बूंदी, भीलवाड़ा, टोंक, बारां, अजमेर, चित्तौड़गढ़, सवाईमाधोपुर, करौली, उदयपुर, बांसवाड़ा, डूंगरपुर, प्रतापगढ़, जालौर, दौसा, जयपुर, धौलपुर, भरतपुर, पाली, सिरोही जिले और आसपास के क्षेत्रों में अलग-अलग स्थानों पर मेघ गर्जन के साथ हल्की से मध्यम वर्षा / आकाशीय बिजली / तेज सतही हवा (अधिकतम हवा की गति 20-30 kmph) की संभावना जताई गई है। तापमान में गिरावट मौसम में बदलाव का असर तापमान पर भी देखने को मिला। रविवार को बादलों और कम धूप के कारण उदयपुर, कोटा और अजमेर संभाग के अधिकांश शहरों में अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई। बारां, डूंगरपुर, प्रतापगढ़, उदयपुर और भीलवाड़ा में अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहा। सबसे कम अधिकतम तापमान डूंगरपुर में 27.7°C दर्ज किया गया।  

सुश्री भूरिया का निर्देश, आंगनवाड़ी केंद्रों में भर्ती प्रक्रिया जल्द पूरी की जाए

आंगनवाड़ी केन्द्रों में नियुक्ति प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण करें : मंत्री सुश्री भूरिया हितग्राहियों के पंजीयन और पोषण ट्रैकर की मॉनिटरिंग को अभियान के रूप में संचालित करने के निर्देश भोपाल  महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने सोमवार को विभागीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश में संचालित सभी आंगनवाड़ी केन्द्रों में कार्यकर्ता और सहायिका के रिक्त पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण की जाए ताकि सेवाओं में कोई व्यवधान न आए। उन्होंने कहा कि हितग्राहियों का पंजीयन और पोषण ट्रैकर की मॉनिटरिंग नियमित रूप से सुनिश्चित की जाए। इस कार्य को विभागीय स्तर पर एक अभियान के रूप में संचालित किया जाए जिससे प्रदेश में प्रत्येक पात्र महिला, गर्भवती, धात्री माता और बच्चों को योजनाओं का लाभ समय पर प्राप्त हो सके। मंत्री सुश्री भूरिया ने कहा कि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में गर्भवती महिलाओं के सुरक्षित (ऑपरेशन रहित) प्रसव सुनिश्चित करने के लिये प्रसव की नियत तिथि के चार दिवस पूर्व शासकीय चिकित्सालयों में ठहरने के लिये वार्ड चिन्हांकित किए जाएं। इस कार्य के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग को स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय कर कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश के 25,239 भवनविहीन आंगनवाड़ी केंद्रों के लिए नवीन भवन निर्माण की योजना तैयार की गई है। वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक प्रतिवर्ष 3,000 नए आंगनवाड़ी भवनों का निर्माण प्रस्तावित है मंत्रि परिषद से स्वीकृति के लिये प्रस्ताव भी प्रस्तुत किया जा रहा है। प्रमुख सचिव श्री मनीष सिंह ने कहा कि मध्यप्रदेश ने महिला एवं बाल विकास के क्षेत्र में अनेक नवाचार किए हैं जिनकी जानकारी भारत सरकार को भी होना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि मुख्यमंत्री बाल आरोग्य संवर्धन कार्यक्रम का प्रभावी अनुश्रवण करें, साथ ही आंगनवाड़ी केंद्रों में मेडिकल किट का नियमित रूप से परीक्षण किया जाए। आयुक्त महिला एवं बाल विकास श्रीमती निधि निवेदिता ने बैठक में कहा कि शहरी क्षेत्रों की सुपरवाइज़र यह सुनिश्चित करें कि आंगनवाड़ी केंद्र समय पर खुल रहे हैं। उन्होंने बताया कि अब विभाग की ओर से ट्रैकिंग सिस्टम विकसित किया जा रहा है जिससे यह पता चल सके कि आंगनवाड़ी केंद्र माह में कितने दिन संचालित रहा। सितंबर 2025 के आंकड़ों के अनुसार 97,791 में से 99.11% केंद्र 21 से 24 दिवस तक खुले जबकि 91.16% केंद्र माह में 25 दिवस से अधिक खुले रहे। यह अवधि मध्य जोनल क्षेत्र में सर्वाधिक है। उन्होंने बताया कि 11,786 आंगनवाड़ी केंद्रों को शासकीय भवनों में स्थानांतरित किया गया है तथा 21,954 एक कमरे वाले केंद्रों को सुविधायुक्त भवनों में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया जारी है। साथ ही विद्युत विहीन केंद्रों में विद्युत प्रदाय के लिये पांच वर्षों में प्रतिवर्ष 7,500 केंद्रों को विद्युत कनेक्शन प्रदान करने का लक्ष्य रखा गया है। बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि कुपोषण निवारण के लिये जुलाई और अगस्त 2025 में विशेष अभियान चलाया गया, जिसमें 9,49,161 बच्चों के वजन, ऊँचाई और लंबाई के आंकड़ों का सत्यापन कर वास्तविक डेटा दर्ज किया गया। इसके परिणामस्वरूप ठिगनापन के रिपोर्टिंग आंकड़ों में 7.5% की कमी दर्ज की गई।सभी कुपोषित बच्चों के लिए जिला अस्पताल स्तर पर सीबीसी टेस्ट सुनिश्चित किया जा रहा है और गंभीर कुपोषित बच्चों के लिए आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में 5 दिवसीय परामर्श सत्रों की व्यवस्था की जा रही है।वर्तमान में 26,583 आंगनवाड़ी केंद्र किराए के भवनों में संचालित हैं जिनमें से 14,649 ग्रामीण और 11,934 शहरी क्षेत्र में स्थित हैं। पीएम जनजातीय न्याय महाअभियान के तहत 605 आंगनवाड़ी केंद्रों का संचालन प्रारंभ किया गया है तथा 217 भवनों का निर्माण कार्य प्रगति पर है। धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान (दा-जगुआ) के अंतर्गत 66 नवीन आंगनवाड़ी केंद्र एवं भवन स्वीकृत एवं संचालित हैं। समीक्षा के दौरान भवनविहीन आंगनवाड़ी केंद्रों का निर्माण, पूरक पोषण आहार की व्यवस्था, पोषण ट्रैकर एवं आरसीएच अनमोल डेटा की एकरूपता तथा हितग्राहियों तक समय पर सेवाओं की उपलब्धता जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।  

मैया की कृपा पाने के लिए जरूर गाएं ये आरती, छठ पूजा होगी सफल

देशभर में लोक आस्था के महापर्व छठ पूजा का आज दूसरा दिन है. यह पर्व सूर्य देव और छठी मैया की उपासना के लिए समर्पित है. खासतौर पर बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड और नेपाल के क्षेत्रों में इस पर्व का अत्यधिक महत्व है. यह पर्व चार दिनों तक चलता है और इसमें कठोर नियमों, व्रत और शुद्धता का विशेष ध्यान रखा जाता है. छठ की नहाय-खाय से शुरुआत होती है. इस दिन व्रती स्नान कर शुद्ध भोजन ग्रहण करते हैं. दूसरे दिन खरना मनाया जाता है, जिसमें व्रती दिनभर निर्जला उपवास रखते हैं और शाम को गुड़ की खीर, रोटी और केला का प्रसाद बनाकर व्रत खोलती हैं. तीसरे दिन यानी संध्या अर्घ्य के समय भक्त नदी, तालाब या जलाशय में खड़े होकर अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देते हैं. चौथे दिन उषा अर्घ्य के साथ पर्व का समापन होता है, जब भक्त उगते सूर्य को अर्घ्य देकर परिवार और समाज की खुशहाली की प्रार्थना करते हैं. साथ ही पूजा के समय हर किसी को छठी मैया की आरती करनी चाहिए. छठी मैया की आरती जय छठी मैया ऊ जे केरवा जे फरेला खबद से, ओह पर सुगा मंडराए. मारबो रे सुगवा धनुख से, सुगा गिरे मुरझाए.. जय छठी मैया… ऊ जे सुगनी जे रोएली वियोग से, आदिति होई ना सहाय. ऊ जे नारियर जे फरेला खबद से, ओह पर सुगा मंडराए.. जय छठी मैया… मारबो रे सुगवा धनुख से, सुगा गिरे मुरझाए. ऊ जे सुगनी जे रोएली वियोग से, आदित होई ना सहाय.. जय छठी मैया… अमरुदवा जे फरेला खबद से, ओह पर सुगा मंडरराए. मारबो रे सुगवा धनुख से, सुगा गिरे मुरझाए.. जय छठी मैया… ऊ जे सुहनी जे रोएली वियोग से, आदित होई ना सहाय. शरीफवा जे फरेला खबद से, ओह पर सुगा मंडराए.. जय छठी मैया… मारबो रे सुगवा धनुख से, सुगा गिरे मुरझाए. ऊ जे सुगनी जे रोएली वियोग से, आदित होई ना सहाय.. जय छठी मैया… ऊ जे सेववा जे फरेला खबद से, ओह पर सुगा मंडराए. मारबो रे सुगवा धनुख से, सुगा गिरे मुरझाए.. जय छठी मैया… ऊ जे सुगनी जे रोएली वियोग से, आदित होई ना सहाय. सभे फलवा जे फरेला खबद से, ओह पर सुगा मंडराए.. जय छठी मैया… मारबो रे सुगवा धनुख से, सुगा गिरे मुरझाए. ऊ जे सुगनी जे रोएली वियोग से, आदित होई ना सहाय.. जय छठी मैया…

फेक ऑडियो विवाद में चंद्रशेखर आजाद का बयान — विवाद नहीं चाहिए, रोहिणी बोलीं- सबूत दो

इंदौर इंदौर की रोहिणी घावरी ने एक बार फिर चंद्रशेखर आजाद पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा है कि कोई मेरे आरोपों को गलत कहता है तो साबित कर के दिखाए। दरअसल उत्तर प्रदेश के नगीना से सांसद चंद्रशेखर आज़ाद ने अपनी पूर्व परिचित डॉ. रोहिणी घावरी द्वारा लगाए गए आरोपों पर चुप्पी तोड़ते हुए कहा कि, मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि वह महिलाओं का सम्मान करते हैं और किसी भी विवादित बयानबाजी में पड़ना नहीं चाहते। चंद्रशेखर बोले- मैं मरा नहीं हूं.. चंद्रशेखर ने कहा, "मैं मरा नहीं, जिंदा हूं। जब मैं खुद सामने बोल रहा हूं, तो किसी ऑडियो या वीडियो के पास जाने की क्या जरूरत है?" उन्होंने आगे कहा कि वह हमेशा बसपा प्रमुख मायावती और कांशीराम साहब का सम्मान करते आए हैं। "हमारे राजनीतिक रास्ते भले अलग हों, लेकिन बहनजी के संघर्ष और कांशीराम साहब की विचारधारा के प्रति हमारा आदर हमेशा रहेगा। यही हमारे संस्कार हैं, जो हमें माता-पिता से मिले हैं।" रोहिणी घावरी ने दी खुली चुनौती चंद्रशेखर के इस बयान के बाद डॉ. रोहिणी घावरी ने सोशल मीडिया पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा, "अगर हिम्मत है, तो चंद्रशेखर खुलकर कहें कि बहनजी को लेकर वायरल ऑडियो फेक है।" उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि, "जब वह सांसद हैं, तो अपनी पद की ताकत से जांच क्यों नहीं कराते ताकि सच्चाई सामने आ सके?" इस पूरे मामले को लेकर सोशल मीडिया पर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है, जहां समर्थक और विरोधी दोनों ही पक्ष खुलकर अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।

सरकार की नई पहल: ‘Bharat Taxi’ से मिलेगी सस्ती और भरोसेमंद राइड, खत्म होगी Ola-Uber की मनमानी

नई दिल्ली कई सालों से भारतीय टैक्सी बाजार कुछ निजी ऐप-आधारित कंपनियों के इर्द-गिर्द घूम रहा था. यात्रियों के पास विकल्प कम थे और ड्राइवरों के लिए मुनाफे की गुंजाइश और भी कम. लेकिन अब हालात बदलने वाले हैं. केंद्र सरकार ने भारत टैक्सी (Bharat Taxi) नाम से देश की पहली सहकारी टैक्सी सेवा लॉन्च की है, जो सीधे तौर पर ओला और ऊबर जैसी निजी कंपनियों को चुनौती देने के लिए तैयार है. यह पहल केंद्रीय सहकारिता मंत्रालय और नेशनल ई-गवर्नेंस डिवीजन (NeGD) के संयुक्त प्रयास से तैयार की गई है. इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के मुताबिक, राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस प्रभाग (NeGD) और सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड – भारत टैक्सी – ने एक समझौता ज्ञापन (MoU पर हस्ताक्षर किया है. इस योजना का उद्देश्य ड्राइवरों को उनकी कमाई पर पूरा स्वामित्व देना है, साथ ही यात्रियों को एक भरोसेमंद और सरकारी निगरानी वाली सेवा मुहैया कराना है. इस योजना के साथ सरकार यात्रियों को एक भरोसेमंद, पारदर्शी और किफायती विकल्प देने का दावा कर रही है. तो आइये विस्तार से जानें क्या है भारत टैक्सी सर्विस-  निजी टैक्सी सेवाओं की मनमानी का जवाब पिछले कुछ वर्षों में ऐप-बेस्ड टैक्सी सेवाओं को लेकर शिकायतों की बाढ़ आई. कभी गाड़ियों की साफ-सफाई पर सवाल, तो कभी अचानक बढ़ा किराया या बुकिंग रद्द होने की झंझट. ड्राइवरों की स्थिति भी कुछ बेहतर नहीं रही, उन्हें अपनी कमाई का लगभग 25 फीसदी हिस्सा कमीशन के रूप में कंपनियों को देना पड़ता था. भारत टैक्सी इस अन्यायपूर्ण व्यवस्था को खत्म करने की दिशा में पहला ठोस कदम है. ‘नो कमीशन’ मॉडल: ड्राइवरों की पूरी कमाई उन्हीं की भारत टैक्सी की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां किसी तरह का कमीशन नहीं लिया जाएगा. ड्राइवरों को सिर्फ एक सदस्यता शुल्क देना होगा, जो दैनिक, साप्ताहिक या मासिक हो सकता है. इस तरह, हर यात्रा की पूरी कमाई ड्राइवर की जेब में जाएगी. सरकार का मानना है कि इससे लाखों ड्राइवरों को आर्थिक मजबूती मिलेगी और उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा. एक और ख़ास बात ये है कि, इस सर्विस से जुड़ने वाले वाहन चालकों को ड्राइवर नहीं बल्कि 'सारथी' कहा जाएगा. दिल्ली से शुरू होगा सफर, जल्द पहुंचेगा देशभर में भारत टैक्सी का पायलट प्रोजेक्ट नवंबर में दिल्ली से शुरू होगा. शुरुआती चरण में 650 वाहन और उनके मालिक-ड्राइवर इस सेवा का हिस्सा बनेंगे. अगर यह सफल रहा, तो दिसंबर से इसका विस्तार देश के अन्य प्रमुख शहरों में किया जाएगा. पहले ही चरण में करीब 5,000 ड्राइवर (जिनमें महिलाएं भी शामिल होंगी) जुड़ने जा रहे हैं. 2030 तक एक लाख ड्राइवरों का नेटवर्क सरकार का लक्ष्य मार्च 2026 तक भारत टैक्सी को सभी प्रमुख मेट्रो शहरों में स्थापित करने का है. 2030 तक यह प्लेटफॉर्म एक लाख से अधिक ड्राइवरों को जोड़ते हुए ज़िला मुख्यालयों और ग्रामीण क्षेत्रों तक अपनी पहुंच बनाएगा. यह सिर्फ एक सेवा नहीं, बल्कि सहकारिता की नई क्रांति मानी जा रही है. ‘सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड’ की जिम्मेदारी भारत टैक्सी किसी निजी कंपनी की तरह नहीं, बल्कि एक सहकारी उद्यम के रूप में काम करेगी. इसका संचालन ‘सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड’ द्वारा किया जाएगा, जिसे जून 2025 में 300 करोड़ रुपये की प्रारंभिक पूंजी के साथ स्थापित किया गया था. इस परियोजना की निगरानी के लिए बनी गवर्निंग काउंसिल की अध्यक्षता अमूल के एमडी जयेन मेहता कर रहे हैं, जबकि एनसीडीसी के डिप्टी एमडी रोहित गुप्ता उपाध्यक्ष हैं. सरकार का दावा है कि यह मॉडल ड्राइवरों को स्वामित्व, पारदर्शिता और सम्मान दिलाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम होगा. ट्रांसपैरेंसी और भरोसे का नया ट्रांसपोर्ट मॉडल भारत टैक्सी केवल एक टैक्सी ऐप नहीं, बल्कि ड्राइवरों और यात्रियों के बीच भरोसे का पुल बनने जा रही है. सरकार का लक्ष्य एक ऐसा परिवहन इकोसिस्टम बनाना है, जहां तकनीक, सहकारिता और पारदर्शिता तीनों मिलकर देश की सड़कों पर नई दिशा तय करें. अगर यह प्रयोग सफल हुआ, तो भारत टैक्सी आने वाले वर्षों में न सिर्फ भारत, बल्कि पूरी दुनिया के लिए “कोऑपरेटिव मोबिलिटी” का आदर्श मॉडल बन सकती है. अमित शाह ने किया था ऐलान गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने इसी साल मार्च में लोकसभा में सहकारी कैब सर्विस को शुरू करने का ऐलान किया था. उन्होंने कहा था कि, "जल्द ही ओला और उबर जैसा एक सहकारी टैक्सी प्लेटफॉर्म आने वाला है. उन्होंने कहा कि इस सहकारी टैक्सी प्लेटफॉर्म से होने वाला मुनाफा किसी धन्नासेठ के पास नहीं जाएगा. ये मुनाफा टैक्सी ड्राइवर के पास जाएगा."