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शादी से लौट रहे परिवार पर टूटा कहर, अलवर में थार की टक्कर से 4 की मौत

अलवर  अलवर जिले में भीषण सड़क हादसे ने पूरे इलाके को दहला दिया। सदर थाना क्षेत्र के छठी मील के पास एक तेज रफ्तार थार कार ने बाइक को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी, जिससे बाइक सवार पूरे परिवार की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे में चार लोगों की जान चली गई, जबकि एक मासूम बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई है। बताया जा रहा है कि परिवार शादी समारोह में शामिल होकर अपने घर लौट रहा था।   पुलिस के अनुसार, हादसा शनिवार रात करीब 8 बजे हुआ। बाइक पर पांच लोग सवार थे — पति-पत्नी, उनका दो साल का बेटा और दो भतीजियां। अचानक पीछे से आई तेज रफ्तार थार ने बाइक को इतनी जोर से टक्कर मारी कि वाहन के परखच्चे उड़ गए। टक्कर के बाद बाइक सवार सभी सड़क पर गिर पड़े, जबकि थार कार कई मीटर दूर जाकर रुकी। हादसे के बाद चालक कार छोड़कर मौके से फरार हो गया। हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पति महेंद्र (35) का शव करीब 200 मीटर दूर, पत्नी गुड्डी (35) घायल अवस्था में 100 मीटर दूर, जबकि बेटा पूर्वांश (2) और भतीजी पायल (8) के शव सड़क पर 100 मीटर के दायरे में बिखरे मिले। सबसे हैरान कर देने वाली बात यह रही कि चार वर्षीय खुशबू, जो गंभीर रूप से घायल है, थार की छत पर 500 मीटर दूर घायल अवस्था में पाई गई। स्थानीय लोगों ने हादसे की सूचना तुरंत पुलिस को दी। मौके पर पहुंची सदर थाना पुलिस ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया और शवों को जिला हॉस्पिटल की मोर्चरी में रखवाया। पुलिस ने थार को जब्त कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस जांच में पता चला कि मृतक महेंद्र नांगल खेड़ा गांव का निवासी था। वह अपने चचेरे भाई मोहन के बेटे की शादी में परिवार के साथ शालीमार गया था। रात में सभी लोग एक ही बाइक पर बैठकर घर लौट रहे थे। छठी मील के पास पीछे से आई तेज रफ्तार थार ने बाइक को इतनी जोर से टक्कर मारी कि पूरा परिवार सड़क पर जा गिरा। हादसे में महेंद्र, उसकी पत्नी, बेटे और भतीजी की जान चली गई, जबकि छोटी भतीजी खुशबू घायल हो गई। एएसआई बंशीलाल ने बताया कि थार सवार हादसे के बाद कार छोड़कर मौके से फरार हो गया। वाहन को कब्जे में लेकर थाने भिजवाया गया है। परिजनों की ओर से रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। स्थानीय लोगों का कहना है कि छठी मील क्षेत्र में आए दिन तेज रफ्तार वाहनों के कारण हादसे होते हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से स्पीड कंट्रोल या बैरिकेडिंग की कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई है। इस दर्दनाक हादसे की खबर जैसे ही गांव पहुंची, माहौल मातम में बदल गया। घर के आंगन में चार जनाजे एक साथ रखे जाने से हर किसी की आंखें नम हो गईं। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि आरोपी चालक को जल्द गिरफ्तार कर कड़ी सजा दी जाए और पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता प्रदान की जाए। अलवर पुलिस ने बताया कि हादसे के हर पहलू की जांच की जा रही है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है ताकि आरोपी तक पहुंचा जा सके।  

‘मैं जो हूं, आपकी वजह से हूं’, बर्थडे पर माता-पिता को याद कर इमोशनल हुईं ईशा देओल

मुंबई, बॉलीवुड की मशहूर अदाकारा ईशा देओल इन दिनों अपने जन्मदिन की खुशी में डूबी हैं। रविवार को वे अपना 44वां जन्मदिन बड़े प्यार भरे अंदाज से मना रही है। खास बात ये है कि इस मौके पर उन्होंने अपने लिए नहीं, बल्कि अपने माता-पिता धर्मेंद्र और हेमा मालिनी के लिए दिल की बातें लिखीं। अपने पोस्ट में ईशा ने इस दिन को उनके नाम किया और कहा, ‘मैं जो भी हूं, आप दोनों की वजह से हूं।’ इस पर मनीषा कोइराला ने बेहद खूबसूरत कमेंट किया। ईशा ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर बचपन की एक प्यारी सी पुरानी तस्वीर साझा की। इस थ्रोबैक फोटो में छोटी सी ईशा अपने मां-पापा के साथ नजर आ रही हैं। धर्मेंद्र और हेमा मालिनी अपनी नन्ही बिटिया को बेहद प्यार से देख रहे हैं, जबकि छोटी ईशा कैमरे की ओर देखकर मुस्कुरा रही हैं। इस फोटो के साथ ईशा ने अपने माता-पिता के लिए एक दिल को छू लेने वाला संदेश भी लिखा। उन्होंने कहा, ”मैं आपसे बहुत प्यार करती हूं, पापा और मम्मा।’ इसके साथ उन्होंने ‘किस’, ‘रेड हार्ट’, ‘बुरी नजर’ और ‘गले लगाने’ वाले इमोजी का भी इस्तेमाल किया। अपने माता-पिता को धन्यवाद देने के साथ-साथ ईशा ने अपने चाहने वालों का भी शुक्रिया अदा किया। उन्होंने सभी को उनके जन्मदिन की शुभकामनाओं और आशीर्वाद के लिए धन्यवाद कहा। उन्होंने लिखा, “आप सभी के प्यार के लिए शुक्रिया। खुश रहिए, स्वस्थ रहिए और मजबूत रहिए।” ईशा की इस पोस्ट पर कई हस्तियों ने प्रतिक्रिया दी। अभिनेत्री मनीषा कोइराला ने कमेंट करते हुए लिखा, ‘प्यारा,’ और साथ में कई दिल वाले इमोजी लगाए। इसके अलावा, कई फैंस ने भी उन्हें बर्थडे विश किया और इमोजी भी भेजे। बता दें कि ईशा ने धर्मेंद्र और हेमा मालिनी की शादी की 45वीं सालगिरह पर भी खूबसूरत तस्वीरों के साथ प्यार भरा पोस्ट किया था। इन तस्वीरों में धर्मेंद्र और हेमा दोनों मुस्कुराते नजर आए। ईशा ने पोस्ट के कैप्शन में लिखा था, ”हैप्पी एनिवर्सरी मम्मा और पापा। आप मेरी दुनिया हैं। मैं आपसे प्यार करती हूं।” ईशा देओल के करियर पर नजर डालें तो उन्होंने साल 2002 में फिल्म ‘कोई मेरे दिल से पूछे’ से इंडस्ट्री में कदम रखा। इसके बाद वह फिल्म ‘न तुम जानो न हम’ में नजर आईं। 2003 में उन्होंने फिल्म ‘एलओसी: कारगिल’ में काम किया। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट रही, इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। बिजनेसमैन भरत तख्तानी से शादी करने के बाद उन्होंने फिल्मी करियर से ब्रेक ले लिया था। भरत तख्तानी ईशा के स्कूल के क्लासमेट थे। शादी के बाद उनकी दो बेटियां हुई, जिनका नाम राध्या और मिराया है। ईशा और भरत का शादी के 12 साल बाद तलाक हो गया है। इसके बाद अब वो अपने करियर पर फोकस कर रही हैं।  

भजनलाल सरकार का बड़ा फैसला! 7.63 लाख किसानों को मिलेगा राहत पैकेज का फायदा

जयपुर  राजस्थान की भजनलाल शर्मा की अगुवाई वाली सरकार ने सूबे के 7.63 लाख किसानों को बड़ी सौगात दी है। राज्य सरकार ने 2025 के खरीफ सीजन के दौरान भारी बारिश से प्रभावित 7.63 लाख किसानों के लिए कृषि इनपुट सब्सिडी के तौर पर राहत पैकेज को मंजूरी प्रदान कर दी है। शुक्रवार को एक आधिकारिक बयान में बताया गया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में लिए गए इस फैसले का मकसद प्राकृतिक आपदाओं के कारण फसलों को हुए नुकसान से किसानों को राहत के रूप में आर्थिक संबल प्रदान करना है।   जारी बयान के अनुसार, सरकार की ओर से छह जिलों की 43 तहसीलों में भारी बारिश के कारण 33 फीसदी से अधिक नुकसान वाली फसलों की पहचान कर ली गई है। इनमें गिरदावरी (फसल क्षति आकलन) के आधार पर 3,777 गांवों को आपदा प्रभावित घोषित किया गया है। इन 3,777 गांवों के लगभग 7.63 लाख किसानों को राज्य आपदा राहत कोष से कृषि इनपुट सब्सिडी के तौर पर आर्थिक मदद प्रदान की जाएगी। राज्य सरकार की ओर से की गई फसल गिरदावरी में प्रभावित गांवों में झालावाड़ के 1,597, टोंक के 1,197, बूंदी के 534, भरतपुर के 349, डीग के 58 और धौलपुर जिले के 42 गांव शामिल किए गए हैं। राजस्थान के अन्य हिस्सों में मौसम की मार से प्रभावित किसानों के बारे में भजनलाल शर्मा की अगुवाई वाली भाजपा सरकार का कहना है कि अन्य जिलों से भी फसल नुकसान की अंतिम रिपोर्ट जुटाई जा रही है। जैसे ही बाकी जिलों में गिरदावरी का काम पूरा होगा उन किसानों के लिए भी राहत पैकेज को मंजूरी प्रदान कर दी जाएगी। बता दें कि इस साल सूबे में भारी बारिश के कारण बड़े पैमाने पर फसलों को नुकसान पहुंचा है।  

अनुपम खेर ने अपनी 549वीं फिल्म की शूटिंग शुरू की

  मुंबई, बॉलीवुड के जानेमाने चरित्र अभिनेता अनुपम खेर ने अपनी आने वाली 549वीं फिल्म की शूटिंग शुरू कर दी है। अनुपम खेर फिल्मकार सूरज बड़जात्या के साथ काम कर रहे हैं। अनुपम खेर ने फिल्म की शुरुआत करते हुए अपने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया है। इस वीडियो में उन्होंने सूरज बड़जात्या को अयोध्या से लाया हुआ शॉल भेंट किया है। अनुपम खेर ने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर करते हुए लिखा, मेरी 549वीं फिल्म की अनाउंसमेंट।मुझे यह बताते हुए बहुत खुशी हो रही है कि मेरी 549वीं फिल्म सिर्फ और सिर्फ सूरज बड़जात्या के साथ शुरू हुई, उन्हें अयोध्या से मिला शुभ शॉल भेंट किया। सूरज मेरी पहली फिल्म ‘सारांश‘ में महेश भट्ट साहब के पांचवें असिस्टेंट थे। उनके साथ यह एक लंबा, सुखद, अद्भुत और रचनात्मक रूप से आनंददायक सफर रहा है। दरअसल, मैं इतने सालों से राजश्री फिल्म और उनके परिवार का अभिन्न अंग रहा हूं।  

Adnan Sami पर Fraud का साया! ग्वालियर पहुंचते ही बढ़ी पुलिस की हलचल

ग्वालियर  मशहूर गायक अदनान सामी ग्वालियर पहुंचे। एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि ग्वालियर आते ही उन्हें संगीत सम्राट तानसेन बाबा की याद आ जाती है। हालांकि, जब उनसे एडवांस रकम लेकर कार्यक्रम न करने के मामले में दायर परिवाद पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने इस पर कोई टिप्पणी नहीं की और चुप्पी साधे रखी। अदनान सामी ग्वालियर एक निजी कार्यक्रम में हिस्सा लेने आए थे।   गायक अदनान सामी पर ग्वालियर जिला अदालत में एक परिवाद दायर किया गया है। आरोप है कि उन्होंने 27 सितंबर 2022 को ग्वालियर में होने वाले कार्यक्रम के लिए तय 33 लाख रुपये में से 17 लाख 62 हजार रुपये एडवांस लिए थे, लेकिन बाद में शो रद्द कर दिया। सामी की टीम ने कार्यक्रम बाद की तारीख में करने का आश्वासन दिया, पर तय तिथि नहीं बताई। कार्यक्रम आयोजक कंपनी की संचालक लावन्या ने जब एडवांस राशि वापस मांगी, तो सामी की टीम ने रकम लौटाने से इंकार कर दिया। इसके बाद लावन्या ने पहले इंदरगंज थाने में शिकायत की, लेकिन कार्रवाई न होने पर उन्होंने पुलिस अधीक्षक से भी गुहार लगाई।फिर भी कोई सुनवाई नहीं हुई। पुलिस की निष्क्रियता से परेशान आयोजक ने अंततः न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। अदालत ने मामले में पुलिस से स्टेटस रिपोर्ट तलब की है। फिलहाल केस न्यायालय में विचाराधीन है। वहीं ग्वालियर पहुंचने पर अदनान सामी ने कानूनी विवाद पर कोई जवाब नहीं दिया और सिर्फ संगीत व तानसेन की भूमि की प्रशंसा की। मामला क्या है जानकारी के अनुसार ग्वालियर निवासी लावण्या सक्सेना ने बताया कि उन्होंने एक बड़े सांस्कृतिक कार्यक्रम के लिए अदनान सामी और उनकी टीम से संपर्क किया था। तय अनुबंध के अनुसार टीम को कार्यक्रम के लिए 17 लाख 62 हजार रुपए एडवांस के रूप में दिए गए। एडवांस राशि मिलते ही कार्यक्रम की तिथि तय की गई, लेकिन अंतिम समय में अदनान सामी ने कार्यक्रम निरस्त कर दिया। टीम की ओर से कहा गया कि शो को आगे की किसी तारीख में आयोजित किया जाएगा। न्यायालय ने सुनवाई के दौरान इस मामले को गंभीर मानते हुए इंदरगंज थाना पुलिस से स्टेटस रिपोर्ट मांगी है। अब पुलिस को यह स्पष्ट करना होगा कि शिकायत पर क्या कार्रवाई की गई और जांच की वर्तमान स्थिति क्या है। गौरतलब है कि अदनान सामी बॉलीवुड के प्रसिद्ध गायक और संगीतकार हैं, जिन्होंने कई हिट गाने दिए हैं। उनके खिलाफ इस तरह के वित्तीय धोखाधड़ी के आरोप पहली बार सामने आए हैं। फिलहाल अदनान सामी या उनकी टीम की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है। वहीं, ग्वालियर में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है और स्थानीय आयोजक इसे कलाकारों के साथ अनुबंध में पारदर्शिता की जरूरत से जोड़कर देख रहे हैं।  

राज्योत्सव का उप मुख्यमंत्री साव ने ने धूमधाम से किया शुभारंभ

विभागीय स्टॉलों का अवलोकन भी किया रायपुर, उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने आज छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस पर बस्तर जिला मुख्यालय जगदलपुर में आयोजित जिला स्तरीय राज्योत्सव का शुभारंभ किया। उन्होंने राज्योत्सव स्थल पर लगाए गए विभिन्न विभागों के स्टालों का भी अवलोकन किया। उन्होंने आमचो बस्तर हाट कियोस्क का उद्घाटन कर कलागुड़ी कैटलॉक का विमोचन किया। विभागीय स्टॉलों का अवलोकन भी किया उप मुख्यमंत्री साव ने शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि दंतेश्वरी मैय्या की पवित्र धरा में जिला स्तरीय राज्योत्सव का शुभारंभ किया जा रहा है। हमारा छत्तीसगढ़ अब 25 बरस का हो गया है। उन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माण में पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी बाजपेयी के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य ने 25 वर्ष में सभी क्षेत्रों में विकास किया है। शिक्षा, उच्च शिक्षा, स्वास्थ्य, आधारभूत संरचना सहित सभी क्षेत्रों में विकास हुआ है जिनकी बदौलत देश में राज्य ने नई पहचान बनाई है। तेज गति से विकास के साथ ही बड़े-बड़े उद्योगों के लिए निवेश हो रहे हैं। विभागीय स्टॉलों का अवलोकन भी किया साव ने कहा कि दुर्गम क्षेत्रों को सुरक्षा बलों और पुलिस के द्वारा नक्सल मुक्त किया जा रहा है। नक्सलियों के कब्जे वाले क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति दी गई है। बस्तर अब देश और दुनिया में अपनी उत्कृष्ट कला, संस्कृति, हस्तशिल्प और पर्यटन के लिए जाना जा रहा है। पूरे राज्य में रजत महोत्सव भव्य तरीके से मनाया जा रहा है। छत्तीसगढ़ लंबी उड़ान के लिए तैयार है। हम सभी को इसे हर क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए काम करना है। विभागीय स्टॉलों का अवलोकन भी किया शुभारंभ कार्यक्रम को बस्तर जिला पंचायत की अध्यक्ष वेदवती कश्यप, उपाध्यक्ष  बलदेव मंडावी और जगदलपुर नगर निगम के सभापति ने भी संबोधित कर सभी को राज्योत्सव की बधाई और शुभकामनाएँ दीं। संभागायुक्त डोमन सिंह, आईजी सुंदरराज पी., कलेक्टर हरीश एस. और जिला पंचायत के सीईओ प्रतीक जैन सहित जनप्रतिनिधि, पार्षदगण और गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में कार्यक्रम में मौजूद थे।

नकली नोटों का गढ़ बेनकाब: मालेगांव कनेक्शन के साथ इमाम के घर से 12 लाख रुपये के फर्जी नोट जब्त

खंडवा  मध्यप्रदेश में नकली नोट के बड़े कारोबार का भंडाफोड़ हुआ है। पुलिस ने मदरसे के इमाम के घर से बड़ी मात्रा में नकली नोट, ब्लैंक पेपर समेत नोट छापने की मशीन जब्त की है। इससे साबित हो रहा कि इमाम मदरसे की आड़ में नकली नोट की छपाई कर रहा था। समाचार के लिखे जाने तक पुलिस की जांच पड़ताल जारी थी। दरअसल खंडवा के जावर थाना क्षेत्र के ग्राम पैठियां (मछौड़ी रैय्यत) के एक मदरसे के इमाम के घर से बड़ी मात्रा में नकली नोट मिले। मस्जिद में इमाम के रूप में तैनात जुबेर अंसारी के कमरे से नकली नोटों के बंडल बरामद हुआ है। 12 लाख से ज्यादा के नकली नोट मिले शुरूआती जांच में 12 लाख रुपए से ज्यादा के नकली नोट आए सामने। नकली नोट बनाने के पेपर और प्रिंट मशीन भी बरामद। हेडक्वार्टर डीएसपी जावर थाना प्रभारी सहित पुलिस बल मौके पर मौजूद। बताया जा रहा है कि नकली नोट के तार महाराष्ट्र के मालेगांव से जुड़े है। फिलहाल पुलिस कार्रवाई और नोटों की गिनती जारी थी।

ESIC की बड़ी पहल: कल से शुरू होगी यह खास सुविधा, हजारों कर्मचारियों को होगा फायदा

फरीदाबाद  फरीदाबाद सेक्टर-8 ईएसआईसी अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले मरीजों के लिए राहत की खबर है। सोमवार से अस्पताल में अल्ट्रासाउंड सुविधा शुरू हो जाएगी। इसे लेकर डॉक्टर का पीएनडीटी के तहत रजिस्ट्रेशन पूरा हो गया है, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने यहां अल्ट्रासाउंड जांच की अनुमति दे दी है।   जिले में ईएसआई का सेक्टर-8 में 50 बेड का अस्पताल और 13 डिस्पेंसरियां हैं। इनमें रोजाना करीब तीन हजार मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। अस्पताल में कई सालों से अल्ट्रासाउंड की सुविधा नहीं थी। डिस्पेंसरियों से यहां अल्ट्रासाउंड के लिए आने वाले मरीजों को अस्पताल में सुविधा न होने के कारण ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया जाता है। इनमें महिलाओं की संख्या भी काफी अधिक रहती है, जिनके लिए गर्भावस्था के दौरान अल्ट्रासाउंड जांच बेहद जरूरी होती है। ऐसे में मरीजों को दो अस्पतालों के बीच चक्कर काटने पड़ते हैं। साथ ही मेडिकल कॉलेज में मरीजों का दबाव अधिक होने के कारण वहां भी लंबी लाइनों से गुजरना पड़ता है। वहीं, कई बार रेफर मरीज जांच के लिए निजी क्लीनिकों का रुख करने को मजबूर होते हैं, जिससे उन्हें अतिरिक्त खर्च भी उठाना पड़ता है। अब अस्पताल में ही सुविधा शुरू होने से मरीजों को समय, पैसा और परेशानी तीनों से राहत मिलने की उम्मीद है। अस्पताल की सुविधाओं में होगा बड़ा सुधार : अस्पताल प्रशासन ने बताया कि अल्ट्रासाउंड शुरू करने के लंबे समय से प्रयास जारी थे, लेकिन डॉक्टर का पीएनडीटी पंजीकरण न होने के कारण अल्ट्रासाउंड सेवा शुरू नहीं हो पा रही थी। अब यह औपचारिकता पूरी हो चुकी है और मशीनें भी अपडेट की गई हैं। स्थानीय कर्मचारियों और मरीजों ने कहा कि सुविधा शुरू होने से ईएसआई अस्पताल की सेवाओं में बड़ा सुधार होगा और मरीजों का भरोसा और बढ़ेगा। डॉ. शालनी किशोर, चिकित्सा अधीक्षक, ईएसआई अस्पताल, सेक्टर-8, ''डॉक्टर का पंजीकरण पूरा हो गया है और मशीन की टेस्टिंग भी कर ली गई है। जल्द नियमित रूप से अल्ट्रासाउंड जांचें की जाएंगी। फिलहाल यह सेवा ओपीडी समय में उपलब्ध रहेगी, बाद में जरूरत के अनुसार समय बढ़ाया जा सकता है।''  

रजत जयंती पर उत्तराखण्ड का विज़न 2050 जारी, सीएम धामी बोले—‘अगले 25 साल होंगे स्वर्णिम’

देहरादून  उत्तराखण्ड राज्य निर्माण की रजत जयंती के उपलक्ष्य में प्रदेशभर में रजतोत्सव समारोह आयोजित किए जा रहे हैं। उत्तराखंड में प्रदेशभर में 01 नवंबर को इगास पर्व से 11 नवम्बर 2025 तक विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर सीएम पुष्कर सिंह धामी ने पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी का स्मरण कर उन्हें नमन किया और कहा कि उनके प्रधानमंत्री कार्यकाल के दौरान ही हमें नया राज्य प्राप्त हुआ। यह हम सबके लिए गर्व का विषय है कि उत्तराखण्ड 25 वर्षों की उल्लेखनीय यात्रा पूर्ण कर विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है।   मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 2047 तक विकसित और आत्मनिर्भर भारत का संकल्प देशवासियों के सामने रखा है। वर्ष 2050 उत्तराखण्ड राज्य स्थापना का स्वर्ण जयंती वर्ष होगा। आने वाले इन 25 वर्षों के लिए राज्य सरकार एक नया रोडमैप बनाकर आगे बढ़ेगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने देश की सीमाओं पर बलिदान देने वाले जवानों और राज्य आंदोलन के बलिदानियों को भी नमन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के रजतोत्सव समारोह के अंतर्गत 03 और 04 नवम्बर को देहरादून में विधानसभा का विशेष सत्र आयोजित किया जा रहा है, जिसमें 03 नवम्बर को महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु विशेष सत्र को संबोधित करेंगी, जो राज्य के लिए गौरव का विषय है। इस विशेष सत्र में राज्य को आगे ले जाने की दिशा में विचार-विमर्श होगा तथा बीते 25 वर्षों के अनुभवों पर चर्चा की जाएगी। 09 नवम्बर को राज्य स्थापना दिवस पर मुख्य समारोह में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का मार्गदर्शन प्राप्त होगा। रजतोत्सव समारोह का केंद्रबिंदु संस्कृति, पर्यटन, युवाशक्ति, प्रवासी उत्तराखण्डी तथा राज्य आंदोलनकारी रहेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह केवल सरकारी आयोजन नहीं, बल्कि जनभागीदारी का उत्सव है। प्रत्येक नागरिक और जनपद को इस उत्सव से जोड़ने का उन्होंने आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि रजत जयंती वर्ष केवल उत्सव नहीं, बल्कि आत्ममंथन और संकल्प का अवसर है। इसी क्रम में अगले 25 वर्षों के लिए खाका भी प्रस्तुत किया जाएगा, जिसका लक्ष्य समृद्ध, आत्मनिर्भर और सशक्त उत्तराखण्ड का निर्माण है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते वर्षों में राज्य सरकार द्वारा अनेक उल्लेखनीय कार्य किए गए हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड देश का पहला राज्य है जिसने समान नागरिक संहिता लागू की है। साथ ही भूमि कानून, धर्मांतरण विरोधी, नकल विरोधी और दंगारोधी कानून लागू कर सुशासन की दिशा में ठोस कदम उठाए गए हैं। राज्य आंदोलनकारियों को सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत और महिलाओं को 30 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है, जबकि सहकारी समितियों में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले चार वर्षों में 26 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां प्रदान की गई हैं। ग्लोबल इन्वेस्टर समिट में 3.56 लाख करोड़ रुपये के एमओयू साइन हुए और एक लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश की ग्राउंडिंग हो चुकी है। राज्य का बजट पहली बार एक लाख करोड़ रुपये से अधिक का प्रस्तुत किया गया है। स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में हुई प्रगति का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि राज्य में 58 लाख आयुष्मान कार्ड वितरित किए गए हैं, मातृ मृत्यु अनुपात में उल्लेखनीय कमी आई है, लखपति दीदी योजना से 1 लाख 65 हजार से अधिक महिलाएं आत्मनिर्भर बनी हैं और वृद्धावस्था पेंशन को बढ़ाकर 1500 रुपये किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की अर्थव्यवस्था का आकार 26 गुना बढ़ा है और प्रति व्यक्ति आय में 17 गुना वृद्धि हुई है। धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन के पुनरोद्धार के लिए केदारनाथ पुनर्निर्माण और बद्रीनाथ धाम के मास्टर प्लान और मानसखण्ड मंदिर माला मिशन के तहत कार्य प्रगति पर हैं। दिल्ली-देहरादून एलिवेटेड रोड और ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन जैसी परियोजनाएं राज्य के विकास को नई दिशा देंगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार पलायन रोकथाम और सीमांत क्षेत्रों के विकास के लिए वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम, स्मार्ट इंडस्ट्रियल टाउनशिप और मुख्यमंत्री पलायन रोकथाम योजना जैसी पहलें संचालित कर रही है।  

CM का नाम लेकर बना फर्जीवाड़े का उस्ताद, फ्री इलाज के नाम पर चला रहा था बड़ा खेल

नई दिल्ली  दिल्ली पुलिस ने सीएम रेखा गुप्ता के सरकारी लेटर हेड का इस्तेमाल कर फर्जी पत्र बनाने के जुर्म में एक नटवरलाल को गिरफ्तार किया है। यह शातिर अपराधी उन कमजोर लोगों को निशाना बनाता था जो प्राइवेट अस्पतालों में इलाज करवाना चाहते थे, लेकिन इलाज का खर्च नहीं उठा सकते थे। वह ऐसे लोगों को EWS कैटेगरी के तहत मुफ्त इलाज के लिए प्राइवेट अस्पतालों के नाम पर पत्र देता था। खुद को मुख्यमंत्री कार्यालय का अधिकारी भी बताता था और अस्पताल अधिकारियों को फोन करने के लिए अपनी जाली पहचान का इस्तेमाल करता था। आरोपी के पास से मुख्यमंत्री कार्यालय के लेटर हेड पर बने कई फर्जी पत्र बरामद किए गए हैं।   दिल्ली पुलिस स्टेशन सिविल लाइंस में शिकायत दर्ज कराई गई है। बताया गया कि महाराजा अग्रसेन अस्पताल, दिल्ली के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री कार्यालय/दिल्ली की आधिकारिक ईमेल आई.डी. (ID) पर एक पत्र भेजकर 'श्याम शंकर' नामक एक मरीज के इलाज के लिए इस्तेमाल हुए लेटर हेड की पुष्टि चाही थी। इस लेटर हेड पर अनिल अग्रवाल, ऑफिसर-इन-चार्ज, मुख्यमंत्री कार्यालय, दिल्ली के हस्ताक्षर थे। अस्पताल प्रबंधन को एक संदिग्ध मोबाइल नंबर से फोन भी आया। फोन करने वाले ने खुद को बलबीर सिंह राठी, अधिकारी, मुख्यमंत्री कार्यालय/दिल्ली बताया और अस्पताल के अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे उस मरीज़ का इलाज EWS कैटेगरी के तहत करें। चूंकि मुख्यमंत्री कार्यालय दिल्ली के उस पत्र में वर्तनी की गलतियां थीं, फॉन्ट का साइज अलग था और अलाइनमेंट भी ठीक नहीं था, इसलिए अस्पताल अधिकारियों को शक हुआ। पत्र की प्रामाणिकता की पुष्टि करने के लिए ही उन्होंने यह ईमेल भेजा था। मुख्यमंत्री कार्यालय दिल्ली के ओ.एस.डी. (OSD) ने शिकायत में यह आरोप लगाया कि किसी व्यक्ति ने मुख्यमंत्री कार्यालय के सरकारी लेटर हेड का जाली/फ़र्ज़ी उपयोग किया है और मुख्यमंत्री कार्यालय के ऑफिसर-इन-चार्ज के जाली हस्ताक्षर करके उक्त फ़र्ज़ी पत्र तैयार किया है। इसके बाद, पुलिस स्टेशन सिविल लाइन्स, दिल्ली में एफ.आई.आर. संख्या 472/2025 के तहत बी.एन.एस. (BNS) की धारा 318(2)/336(2)/340(2)/ /3(5) के अंतर्गत एक मामला दर्ज किया गया और मामले की जांच शुरू कर दी गई। वह अपनी मोटरसाइकिल पर जाली (फर्जी) नंबर प्लेट का भी इस्तेमाल करता था। जांच के दौरान, मरीज श्याम शंकर से मुख्यमंत्री कार्यालय से जारी हुए पत्र के बारे में पूछताछ की गई। श्याम शंकर ने बताया कि उनकी पत्नी अंजू को यह पत्र सोनू नामक व्यक्ति से मिला था। इसके बाद, संदिग्ध मोबाइल नंबर के सी.डी.आर. (CDR-कॉल डिटेल रिकॉर्ड) और सी.ए.एफ. (CAF-कस्टमर एक्विजिशन फॉर्म) का विवरण प्राप्त किया गया। इन विवरणों से यह पता चला कि वह मोबाइल नंबर सोनू के नाम पर पंजीकृत था। सेवा प्रदाता के रिकॉर्ड में एक और वैकल्पिक मोबाइल नंबर भी मिला। दोनों ही मोबाइल नंबरों का पता हरियाणा के झज्जर का था। आगे की जांच के लिए तकनीकी निगरानी शुरू की गई। दोनों मोबाइल नंबर सक्रिय पाए गए और उनका लोकेशन दिल्ली के करोल बाग इलाके में मिला। स्थानीय पूछताछ से पता चला कि इन मोबाइल नंबरों का उपयोगकर्ता एम.सी.डी. (MCD) कार्यालय, करोल बाग जोन में काम करता है। 29 अक्टूबर को पुलिस टीम ने सोनू को पकड़ने के लिए एम.सी.डी. कार्यालय, करोल बाग ज़ोन में छापा मारा, लेकिन सोनू अपना बैग और मोटरसाइकिल छोड़कर वहां से भागने में कामयाब रहा। उसके बैग की जांच करने पर, पुलिस को एक जाली एम.सी.डी. पहचान पत्र (Fake MCD Identity Card) और माननीय मुख्यमंत्री/दिल्ली कार्यालय के आधिकारिक लेटर हेड पर बने कई पत्र बरामद हुए। इन सभी को पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया। इसके बाद, तकनीकी निगरानी की मदद से, दोनों मोबाइल नंबरों का लोकेशन दिल्ली के टैगोर गार्डन, डबल स्टोरी इलाके में पाया गया। पुलिस टीम ने गुप्त सूत्रों को तैनात किया और स्थानीय जानकारी जुटाई। पुलिस टीम के लगातार प्रयासों के बाद, आखिरकार 30.10.2025 को पुलिस टीम ने टैगोर गार्डन, डबल स्टोरी के 'ए' ब्लॉक से आरोपी सोनू को पकड़ लिया। आरोपी सोनू के मोबाइल फोन की जांच करने पर, उसमें दो और मोबाइल नंबर सक्रिय (active) पाए गए। जांच में क्या पता चला आरोपी सोनू से गहन पूछताछ की गई। पूछताछ में उसने खुलासा किया कि वह एम.सी.डी. कार्यालय, करोल बाग जोन में ठेके पर माली का काम करता है। कुछ महीने पहले, उसे एम.सी.डी. कार्यालय की डाक (Dak) में मुख्यमंत्री कार्यालय/दिल्ली का एक पत्र मिला था। उसने वह पत्र चुरा लिया और जल्दी पैसा कमाने के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय के लेटर हेड का इस्तेमाल करके फर्जी/जाली खाली पत्र तैयार करने लगा। वह ऐसे मरीज़ों को निशाना बनाता था जो प्राइवेट अस्पतालों में इलाज का खर्च नहीं उठा सकते थे। वह उन्हें EWS कैटेगरी के तहत प्राइवेट अस्पताल में इलाज करवाने के लिए प्रेरित करता था। वह मरीजों को मुख्यमंत्री कार्यालय/दिल्ली के लेटर हेड पर तैयार किए गए जाली पत्र देता था, जो अलग-अलग प्राइवेट अस्पतालों को संबोधित होते थे और जिनमें मरीज को मुफ्त इलाज देने का निर्देश होता था। इसके बदले में, वह हर मरीज से ₹5,000 लेता था। उसने यह भी बताया कि वह खुद को मुख्यमंत्री कार्यालय के अधिकारी 'बलबीर सिंह राठी' के रूप में पेश करता था।