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अमित शाह पर टिप्पणी मामले में राहुल गांधी की सुनवाई टली, अगली तारीख 17 नवंबर तय

सुल्तानपुर एमपी-एमएलए कोर्ट में रायबरेली सांसद राहुल गांधी के मानहानि मामले की सुनवाई गुरुवार को स्थगित हो गई। राहुल गांधी के अधिवक्ता काशी प्रसाद शुक्ला ने बताया कि एक अधिवक्ता के निधन के कारण आज कोर्ट में कंडोलेंस था। अब इस मामले की अगली सुनवाई 17 नवंबर को होगी। यह मामला वर्ष 2018 का है। कोतवाली देहात के हनुमानगंज निवासी भाजपा नेता विजय मिश्रा ने राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया था। विजय मिश्रा का आरोप है कि 2018 में कर्नाटक चुनाव के दौरान राहुल गांधी ने तत्कालीन भाजपा अध्यक्ष और वर्तमान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर अभद्र टिप्पणी की थी। पांच साल तक चली अदालती कार्यवाही के दौरान राहुल गांधी के पेश न होने पर दिसंबर 2023 में तत्कालीन जज ने उनके खिलाफ वारंट जारी किया था। इसके बाद, फरवरी 2024 में राहुल गांधी ने कोर्ट में आत्मसमर्पण किया। विशेष मजिस्ट्रेट ने उन्हें 25-25 हजार रुपये के दो मुचलकों पर जमानत दी। 26 जुलाई 2024 को राहुल गांधी ने कोर्ट में अपना बयान दर्ज कराया, जिसमें उन्होंने खुद को निर्दोष बताया और इसे राजनीतिक साजिश करार दिया। इसके बाद कोर्ट ने वादी को साक्ष्य प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था तब से लगातार गवाह पेश किए जा रहे हैं। अब तक केवल एक गवाह से जिरह पूरी हो पाई है जबकि दूसरे गवाह से जिरह शुरू हुई है। अक्सर हड़ताल और गवाहों के अनुपस्थित रहने के कारण कार्यवाही में देरी हो रही है।

खेसारी लाल यादव पर नगर निगम की कार्रवाई, चुनावी माहौल में बढ़ी हलचल

पटना बिहार में जारी मतदान के बीच भोजपुरी अभिनेता और राजनेता खेसारी लाल यादव  को झटका लगा है। दरअसल, मीरा भयंदर नगर निगम ने भोजपुरी अभिनेता और गायक खेसारी लाल यादव, जो राजद उम्मीदवार के रूप में बिहार विधानसभा चुनाव लड़ रहे हैं, को मीरा रोड स्थित उनके घर में कथित अवैध निर्माण के लिए नोटिस जारी किया है। एक अधिकारी ने कहा, यह नोटिस "लोहे के एंगल और टिन शीट शेड की अनधिकृत स्थापना" से संबंधित है। महाराष्ट्र नगर निगम के अधिकारी ने कहा, "नोटिस में परिसर के मालिक से इन अवैध निर्माणों को हटाने के लिए कहा गया है, अन्यथा अतिक्रमण विभाग नगर निगम के कानूनों के अनुसार कार्रवाई शुरू करेगा। अगर अवैध निर्माण स्वेच्छा से नहीं हटाया जाता है, तो नगर निगम मालिक के खर्चे पर इसे गिरा देगा।" छपरा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं खेसारी लाल यादव इलाके के निवासियों ने बताया कि उनका घर कई हफ़्तों से बंद है, और कुछ का दावा है कि उनका परिवार यादव के चुनाव प्रचार में उनका समर्थन करने बिहार गया है। यादव राष्ट्रीय जनता दल के टिकट पर छपरा विधानसभा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं, जहां से 2015 से भाजपा के सीएन गुप्ता जीतते आ रहे हैं। यादव से टिप्पणी के लिए संपर्क नहीं किया जा सका।

रूसी कंपनियों पर US प्रतिबंध विफल, भारत कर रहा है फीडस्टॉक की बड़ी खरीद: अलीपोव

नई दिल्ली  अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत और रूस के बीच तेल व्यापार रोकने की भरपूर कोशिश की है, फिर चाहे वह रूसी तेल कंपनियों पर प्रतिबंध लगाना हो या फिर भारत के ऊपर टैरिफ के जरिए दबाव बनाना। इस बीच भारत में रूसी राजदूत डेनिस अलीपोव ने कहा है कि मॉस्को की दो सबसे बड़ी तेल कंपनियों पर अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद भारत 'भारी मात्रा में' फीडस्टॉक खरीद रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कई बार इस बात का दावा किया है कि भारत ने रूस से तेल खरीदना बंद कर दिया या कम कर दिया है। हालांकि, भारत ने इन दावों से इनकार किया। बता दें, हाल ही में अमेरिका ने दो रूसी तेल कंपनियों पर प्रतिबंध भी लगाए हैं। वहीं, रूसी मीडिया को दिए एक इंटरव्यू में, अलीपोव ने कहा कि अक्टूबर 2025 के अनुमान के अनुसार, भारत द्वारा रूसी फीडस्टॉक की खरीद लगभग 1.75 मिलियन बैरल प्रतिदिन के स्तर पर ही रहेगी। अलीपोव ने आगे कहा, "यह आंकड़ा पहले भी उछला था, अब भी उछल रहा है। कुछ महीनों में ज्यादा और कुछ में कम, औसतन लगभग उसी स्तर पर रहा है।" पिछले महीने, ट्रंप ने रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर मॉस्को की सबसे बड़ी तेल कंपनियों, रोसनेफ्ट और लुकोइल, पर प्रतिबंधों की घोषणा की थी। प्रतिबंधों की घोषणा करते समय स्कॉट बेसेंट ने कहा था, "अब समय आ गया है कि हत्याएं रोकी जाएं और तत्काल युद्धविराम किया जाए।" अमेरिका का कहना है कि रूस व्यापार से मिलने वाले पैसों का इस्तेमाल यूक्रेन के खिलाफ हमले करने में खर्च करता है। ऐसे में आर्थिक रूप से रूस को तोड़ने की कोशिशों में ट्रंप सरकार लगातार दबाव बनाने की कोशिश कर रही है। भारत में सूरजमुखी के तेल का सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है। पिछले चार वर्षों में रूसी सूरजमुखी तेल की आपूर्ति यूक्रेन की तुलना में भारत में बारह गुना ज्यादा हो गई है। 2022 में रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध छिड़ने के बाद से, कीव का सूरजमुखी तेल निर्यात बड़े पैमाने पर यूरोप की ओर मुड़ गया है। इससे रूस को भारत के विशाल बाजार में प्रवेश करने का मौका मिला है।

नवंबर का सवेरा जिसने पाकिस्तान के इतिहास को मोड़ दिया

नई दिल्ली गुलाबी ठंड दस्तक दे चुकी थी। सुबह की ठंडी हवा में धुंध तैरने लगी थी। रावलपिंडी स्थित गॉर्डन कॉलेज के गेट के बाहर सैकड़ों छात्र इकट्ठा थे। हाथों में तख्तियां थीं। इनमें लिखा था- रोटी, आजादी और इन्साफ! और दिलों में उबाल। कोई एक बोलता – 'अय्यूब खान हाय-हाय!', तो बाकी भीड़ एक स्वर में जवाब देती 'जम्हूरियत जिंदाबाद!' यह 7 नवंबर 1968 की सुबह थी, जब पाकिस्तान की गलियों में पहली बार सत्ता के खिलाफ एक जनसैलाब उमड़ा था।  महज गुस्से की आवाज नहीं थे, बल्कि एक पूरे युग के बदलाव का संकेत थे। यह वही आंदोलन था जिसने पाकिस्तान की राजनीति की दिशा मोड़ दी, और आने वाले वर्षों में जुल्फिकार अली भुट्टो जैसे नेताओं को जनता की आवाज बना दिया। उस समय पाकिस्तान में जनरल अय्यूब खान का शासन था, जिन्होंने 1958 में सेना के जरिए सत्ता पर कब्जा किया था। शुरुआत में उन्हें 'विकास का प्रतीक' कहा गया, लेकिन 1960 के दशक के अंत तक उनकी आर्थिक नीतियों ने असमानता बढ़ा दी। शहरों में उद्योगपतियों की अमीरी और गांवों में बढ़ती गरीबी ने जनता को भीतर से तोड़ दिया। छात्रों का यह मार्च धीरे-धीरे रावलपिंडी शहर की नसों में फैलने लगा। दुकानदारों ने शटर गिरा दिए, राह चलते लोग झंडे थामने लगे, और सड़कें नारों से भर गईं। पुलिस ने पहले लाठीचार्ज किया, फिर आंसू गैस छोड़े, और आखिर में गोली चली। एक युवक मारा गया और उसी पल यह प्रदर्शन एक राष्ट्रीय आंदोलन में बदल गया। उस दिन के बाद प्रदर्शन सिर्फ छात्रों तक सीमित नहीं रहे। कराची, लाहौर, पेशावर और ढाका तक आंदोलन फैल गया। फैक्ट्री मजदूर, पत्रकार, कलाकार सबने नारे बुलंद किए। यह वो वक्त था जब पश्चिमी और पूर्वी पाकिस्तान एक ही मांग में एकजुट हुए-"लोकतंत्र चाहिए।" इसी दौर में उर्दू के महान शायर फैज अहमद फैज के शब्दों ने आंदोलन की आत्मा को आवाज दी। उनके शब्द, "बोल कि लब आजाद हैं तेरे" हर सभा में गूंजने लगे। फैज की पंक्तियां छात्रों के झंडों पर लिखी जाने लगीं, और रावलपिंडी की सड़कों पर शायरी और क्रांति एक हो गए। राजनीतिक हलचल ने ज़ुल्फिकार अली भुट्टो को जनता का चेहरा बना दिया। वही आंदोलन जिसने अय्यूब खान के शासन को हिला दिया, आगे चलकर 1970 के चुनावों का रास्ता खोल गया। अय्यूब खान ने आंदोलन को "विद्रोह" बताया, लेकिन देश अब उनके खिलाफ खड़ा हो चुका था। फरवरी 1969 तक विरोध इतना तेज हो गया कि उन्हें इस्तीफा देना पड़ा। सत्ता जनरल याह्या खान के हाथों में गई, जिन्होंने चुनाव करवाए और इन्हीं चुनावों ने शेख मुजीबुर रहमान को पूर्वी पाकिस्तान में भारी जीत दिलाई, जिसने 1971 में बांग्लादेश के निर्माण का रास्ता प्रशस्त किया।

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में टैरिफ विवाद का निर्णायक दिन, वैश्विक बाजार की नज़रें टिकीं

नई दिल्ली  अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ के ऐलान के साथ वैश्विक व्यापार जगत में उथल-पुथल मच गई। ट्रंप के टैरिफ को लेकर अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई जारी रही, जिसके बाद उम्मीद की जा रही है कि इसपर आखिरी फैसला भी आज आ जाए। वहीं, दूसरी ओर पूरी दुनिया की निगाहें इस पर टिकी हुई हैं। 5 नवंबर को इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में आखिरी सुनवाई शुरू हुई, जिसमें अधिकांश जजों ने अमेरिकी राष्ट्रपति के फैसले पर सवाल खड़े किए। निचली फेडरल कोर्ट ने इससे पहले टैरिफ के मामले में फैसला सुनाया था कि ट्रंप के पास अमेरिका के कई व्यापारिक साझेदारों से आयात पर टैरिफ लगाने और कनाडा, चीन और मैक्सिको के उत्पादों पर फेंटानिल टैरिफ लगाने का कानूनी अधिकार नहीं है। निचले कोर्ट के फैसले के बाद राष्ट्रपति ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। बता दें, टैरिफ को लेकर करीब ढाई घंटे से ज्यादा कोर्ट में बहस चली। कोर्ट ने ट्रंप सरकार के टैरिफ के फैसले पर सवाल उठाए। जस्टिस सोनिया सोतोमयोर ने कहा, "आप कहते हैं कि टैरिफ टैक्स नहीं हैं, लेकिन वास्तव में वे टैक्स ही हैं। वे अमेरिकी नागरिकों से पैसा, राजस्व कमा रहे हैं।" इस पर सॉलिसिटर जनरल जॉन सॉयर ने कहा, "मैं इस बारे में ज्यादा कुछ नहीं कह सकता, यह एक नियामक टैरिफ है, टैक्स नहीं। यह सच है कि टैरिफ से राजस्व बढ़ता है और यह केवल आकस्मिक है।" इसके अलावा जस्टिस जॉन रॉबर्ट्स ने कहा, "अगर मैं सही नहीं हूं तो मुझे सुधारें, लेकिन यह तर्क किसी भी देश के किसी भी उत्पाद पर, किसी भी मात्रा में, किसी भी अवधि के लिए टैरिफ लगाने की शक्ति के लिए दिया जा रहा है।" जस्टिस रॉबर्ट्स की इस टिप्पणी के बाद अमेरिकी सॉलिसिटर जनरल डी. जॉन सॉयर ने तर्क दिया कि आईईईपीए राष्ट्रपति को इमरजेंसी की स्थिति के दौरान 'आयात को विनियमित करने' की इजाजत देता है। अमेरिकी सॉलिसिटर जनरल के तर्क से जस्टिस एमी कोनी बैरेट सहमत नहीं थीं। उन्होंने सॉयर से कहा, "क्या आप संहिता में ऐसे किसी दूसरे स्थान या इतिहास में किसी दूसरे समय का जिक्र कर सकते हैं, जहां 'आयात को विनियमित करना' वाक्यांश का उपयोग टैरिफ लगाने का अधिकार देने के लिए किया गया हो?" इसके अलावा, जस्टिस बैरेट ने कहा कि अगर कांग्रेस भविष्य में आपातकालीन टैरिफ पर किसी भी सीमा को मंजूरी देना चाहती है, तो उसे राष्ट्रपति के वीटो को पार करने के लिए दो-तिहाई बहुमत की आवश्यकता होगी। जस्टिस बैरेट ने पूछा, "अगर कांग्रेस कहती है, 'अरे, हमें यह पसंद नहीं है, इससे राष्ट्रपति को आईईईपीए के तहत बहुत ज्यादा अधिकार मिल जाते हैं,' तो उसे आईईईपीए से उस टैरिफ शक्ति को वापस लेने में बहुत मुश्किल होगी, है ना?" हालांकि, कोर्ट की तरफ से मामले में अब तक आखिरी फैसला सामने नहीं आया है, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति के टैरिफ वाले फैसले पर अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने सवाल खड़े किए हैं।

उच्च शिक्षा मंत्री ने माउंट आबू में ‘माइंड–मनी मैनेजमेंट कॉन्फ्रेंस’ का किया शुभारंभ

भोपाल  उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री श्री इन्दर सिंह परमार ने कहा है कि मन का संयम ही सच्चा धन है। मंत्री श्री परमार ने कहा कि जीवन में धन और सफलता का संतुलन तभी संभव है जब मन स्थिर और संयमित हो। मन में यदि शांति नहीं है तो उपलब्धियाँ भी अधूरी लगती हैं। मंत्री श्री परमार बुधवार को राजस्थान स्थित माउंट आबू में ब्रह्माकुमारीज़ के आनंद सरोवर परिसर में, "थर्ड नेशनल माइंड–मनी मैनेजमेंट कॉन्फ्रेंस" के शुभारंभ अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। मंत्री श्री परमार ने कहा कि ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान, हमें यह सिखाता है कि सच्चा धन आंतरिक संतुलन और नीतिपूर्ण जीवन में है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के सम्मेलन, समाज में मूल्यों और नैतिकता की दिशा में एक मजबूत पहल हैं। वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका डॉ. सविता दीदी, निदेशक आनंद सरोवर ने कहा कि जब मन स्थिर होता है तभी निर्णय सटीक होते हैं।“आज वित्तीय बुद्धिमत्ता के साथ भावनात्मक बुद्धिमत्ता का संगम आवश्यक है। धन की गति मन की दिशा से निर्धारित होती है। जब मन शांत और स्थिर होता है, तब निर्णयों में स्पष्टता आती है और सफलता टिकाऊ बनती है।” दीदी ने उपस्थित प्रतिभागियों को राजयोग ध्यान के माध्यम से भीतर की स्थिरता अनुभव करने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के संयोजक श्री ललित इनानी ने कहा कि कॉन्फ्रेंस का उद्देश्य है कि प्रोफेशनल्स न केवल बाहरी समृद्धि बल्कि मानसिक और आध्यात्मिक समृद्धि को भी अपना लक्ष्य बनाएं। व्यक्ति जब स्वयं के मूल स्वरूप को पहचानता है, तब वह धन का उपयोग समाज–कल्याण और आत्म–संतोष के लिए करता है।” राजस्थान के माउंट आबू में ब्रह्माकुमारीज़ के आनंद सरोवर परिसर में बुधवार को ‘थर्ड नेशनल माइंड–मनी मैनेजमेंट कॉन्फ्रेंस’ का शुभारंभ भव्य वातावरण में हुआ। यह राष्ट्रीय सम्मेलन 5 से 9 नवम्बर तक आयोजित होगा एवं इसमें देश से वित्त जगत, कॉर्पोरेट क्षेत्र, टैक्सेशन, बैंकिंग, चार्टर्ड अकाउंटेंसी और प्रशासनिक सेवाओं से जुड़े सैकड़ों पेशेवर सहभागिता कर रहे हैं। सम्मेलन के शुभारंभ पर विभिन्न राज्यों से आए सीए, बैंक अधिकारी, टैक्स विशेषज्ञ, युवा उद्यमी एवं वित्तीय कारोबार से संबंधित लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम में ‘माइंड–मनी’ विषय पर प्रेरक वीडियो प्रस्तुति, सांस्कृतिक संध्या तथा ‘राजयोग मेडिटेशन अनुभव सत्र’ आयोजित किए गए। पाँच दिवसीय सम्मेलन में विभिन्न सत्रों में विशेषज्ञों द्वारा ‘माइंडफुल लीडरशिप’, ‘वैल्यू–बेस्ड वेल्थ मैनेजमेंट’ और ‘स्ट्रेस–फ्री सक्सेस’ जैसे विषयों पर कार्यशालाएँ आयोजित की जाएँगी। प्रतिभागियों ने कहा कि यह सम्मेलन केवल धन प्रबंधन का प्रशिक्षण नहीं, बल्कि जीवन प्रबंधन का गहन पाठ है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव एवं केन्द्रीय नागर विमानन मंत्री नायडू 10 नवम्बर को विमान करेंगे रवाना

भोपाल  विन्ध्यवासियों के लिये इंतजार की घड़ी समाप्त हो रही है। रीवा, विन्ध्य एवं आसपास के क्षेत्र के लोगों को वायु सेवा का नियमित लाभ मिलना शुरू हो जायेगा। रीवा से दिल्ली के लिये 72 सीटर विमान 10 नवम्बर को रीवा एयरपोर्ट से रवाना होगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं केन्द्रीय नागर विमानन मंत्री श्री राममोहन नायडू एलायंस एयर के एटीआर 72 को दोपहर 12 बजे दिल्ली के लिये रवाना करेंगे। उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने आगामी 10 नवम्बर को एयरपोर्ट रीवा में सुबह 11 बजे से आयोजित होने वाले शुभारंभ कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा कर वरिष्ठ अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिये। एयरपोर्ट रीवा में मंच व्यवस्था सहित अन्य व्यवस्थाओं के संबंध में उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि विन्ध्य क्षेत्र में हवाई सुविधाओं में वृद्धि हुई साथ ही आर्थिक सुदृढ़ता आई है। यह एयरपोर्ट केवल आधारभूत संरचना नहीं बल्कि विन्ध्य क्षेत्र के विकास को दिशा देने वाला माध्यम है। इससे क्षेत्र की आर्थिक, पर्यटन और औद्योगिक प्रगति का नया अध्याय लिखा जा रहा है। एटीआर-72 विमान के संचालन से विन्ध्य क्षेत्र के साथ ही जिले से लगे उत्तरप्रदेश के लोगों को भी इससे लाभ मिलेगा। उन्होंने बताया कि शीघ्र ही रीवा से इंदौर के लिये भी वायु सेवा शुरू होगी जिससे कनेक्टिंग तौर पर यात्रियों को इंदौर से देश के अन्य शहरों के लिये भी वायुयान उपलब्ध रहेंगे। इस अवसर पर एलायंस एयर के प्रतिनिधि श्री मुकेश जायसवाल व श्री यशवर्धन सिंह ने बताया कि 10 नवम्बर को वायुयान 12.10 बजे रीवा से दिल्ली रवाना होगा। इसके बाद 11 नवम्बर से सप्ताह में तीन दिन विमान का नियमित रूप से संचालन होगा। बैठक में आयुक्त रीवा संभाग श्री बी.एस. जामोद, आईजी श्री गौरव राजपूत, कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल, अध्यक्ष नगर निगम श्री व्यंकटेश पाण्डेय सहित प्रशासनिक एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। 

अमरकंटक ताप विद्युत गृह चचाई की यूनिट नंबर 5 ने किया रिकार्ड कायम

मध्यप्रदेश के इतिहास में पहली बार किसी विद्युत उत्पादन यूनिट ने लगातार 400 दिन संचालित रहने का बनाया रिकार्ड ऊर्जा मंत्री श्री तोमर ने दी बधाई भोपाल मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी (MPPGCL) के अमरकंटक ताप विद्युत गृह चचाई (ATPS) की 210 मेगावाट क्षमता की यूनिट नंबर 5 प्रदेश के इतिहास में ऐसी प्रथम विद्युत उत्पादन यूनिट होने का गौरव पाया जो लगातार 400 दिनों से संचालित है। यह यूनिट 1 अक्टूबर 2024 से निरंतर विद्युत उत्पादन कर रही है। यूनिट ने गत माह अक्टूबर की 4 तारीख को लगातार 365 दिन (एक वर्ष) तक निर्बाध विद्युत उत्पादन करने का तमगा हासिल किया था। यूनिट 5 के निर्बाध संचालन से प्रदेश के विद्युत ग्रिड को स्थिरता मिली और घरेलू व औद्योगिक उपभोक्ताओं को सुचारु विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित हुई। इस उपलब्धि से न केवल म.प्र. पावर जनरेटिंग कंपनी की साख मजबूत हुई बल्कि यह प्रदेश की अन्य ताप विद्युत इकाइयों के लिए प्रेरणा स्रोत भी बनी है। ऊर्जा मंत्री ने ऐतिहासिक सफलता पर दी बधाई अमरकंटक ताप विद्युत गृह चचाई की यूनिट नंबर 5 की इस सफलता व उपलब्धि पर ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर और अपर मुख्य सचिव ऊर्जा श्री नीरज मंडलोई और प्रबंध संचालक मनजीत सिंह ने हर्ष व्यक्त करते हुए बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि अमरकंटक ताप विद्युत गृह चचाई के यूनिट नंबर के ऑपरेशन व मेंटेनेंस अभियंताओं व कार्मिकों की लगन, मेहनत व समर्पण का सबसे बड़ा उदाहरण है। 98.26 फीसदी का शानदार पीएएफ 210 मेगावाट की यूनिट ने जिस समय 400 दिन सतत् विद्युत उत्पादन करने का रिकार्ड बनाया तब 98.26 फीसदी प्लांट उपलब्धता फेक्टर (पीएएफ) व 94.58 प्रतिशत का शानदार प्लांट लोड फेक्टर (पीएलएफ) की उपलब्धि हासिल की। आँकड़े यूनिट की तकनीकी दक्षता और संचालन में उत्कृष्टता को दर्शाते हैं। चचाई के अभियंताओं व कार्मिकों ने दिखाया कमाल पावर जनरेटिंग कंपनी के प्रबंध संचालक श्री मनजीत सिंह ने कहा कि सामूहिक प्रयास, अनुशासित कार्यशैली व उच्च तकनीकी दक्षता से अमरकंटक ताप विद्युत गृह की यूनिट नंबर 5 जैसे परिणाम हासिल किए जा सकते हैं। चुनौतीपूर्ण कार्य लगातार एक वर्ष तक बिना रुकावट संचालन किसी भी ताप विद्युत इकाई के लिए अत्यंत चुनौतीपूर्ण कार्य है, जिसके लिए बॉयलर, टरबाइन, जनरेटर एवं सहायक प्रणालियों का सटीक रखरखाव, निरंतर निगरानी व तकनीकी समस्याओं का त्वरित समाधान जरूरी होता है। यह उपलब्धि मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड (MPPGCL) की समर्पित टीम के निरंतर परिश्रम व तकनीकी विशेषज्ञता का परिणाम है।  

संविधान खतरे में है, जेन-जी आगे आए: राहुल गांधी का युवाओं को संदेश

पूर्णिया  लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को बिहार के पूर्णिया में एक चुनावी सभा को संबोधित किया। राहुल ने कहा कि बिहार में महागठबंधन की सरकार बनने के बाद शिक्षा पर विशेष तौर पर काम किया जाएगा। राहुल गांधी ने एक बार फिर वोट चोरी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि बिहार में लाखों लोगों के नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए। जिनके वोट काटे गए, उनमें महागठबंधन के वोटर शामिल थे। वोटर लिस्ट में गलत नाम जोड़े गए हैं। जेन-जी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि आप सभी को पोलिंग बूथ पर सावधान रहना है। भाजपा के लोग 'चुनाव चोरी' करने की पूरी कोशिश करेंगे, लेकिन बिहार के युवाओं और जेन-जी को संविधान की रक्षा करनी है। हमें चुनाव चोरी करने वालों को रोकना है और ये हमारी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि पोलिंग बूथ पर हमें वोट चोरी करने वालों को रोकना है, यही हमारी जिम्मेदारी है। भाजपा पर निशाना साधते हुए राहुल गांधी ने कहा कि वोट चोरी के दम पर ही यह चुनाव जीत रहे हैं। मैंने हरियाणा चुनाव के बारे में बताया, यह बिहार में भी ऐसा ही कुछ कर सकते हैं, इसलिए युवाओं को इसे रोकना होगा। भाजपा हर जगह 'वोट चोरी' कर चुनाव जीत रही है, लेकिन हमें किसी भी कीमत पर बिहार में 'वोट चोरी' नहीं होने देनी है। राहुल गांधी ने बिहार की जनता को भरोसा दिलाते हुए कहा कि हमारी महागठबंधन की सरकार बनने के बाद बिहार सरकार शिक्षा पर काम करेगी। यह विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के विकास पर ध्यान केंद्रित करेगी। पहले यहां नालंदा विश्वविद्यालय था, जहां दुनिया भर से लोग आते थे। पेपर लीक का जिक्र करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि वर्तमान में जो युवा ईमानदारी से पढ़ाई करता है उसे पेपर लीक का सामना करना पड़ता है। कुछ लोगों को पहले ही एग्जाम का पेपर मिल जाता है। इसलिए मेरा वादा है कि जैसे ही दिल्ली में इंडी गठबंधन की सरकार बनेगी, हम बेहतरीन विश्वविद्यालय बिहार में बनाएंगे।

मंत्री सारंग ने तैयारियों की समीक्षा कर दिए आवश्यक दिशा-निर्देश

भोपाल  सहकारिता मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने गुरुवार को मंत्रालय में सहकारिता विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर आगामी 14 से 20 नवम्बर राष्ट्रीय सहकारिता सप्ताह तथा अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025 के समापन समारोह की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में मंत्री श्री सारंग ने कार्यक्रमों के प्रभावी संचालन और जनभागीदारी सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। सप्ताह की थीम “आत्मनिर्भर भारत के माध्यम के रूप में सहकारिता” बैठक में बताया गया कि इस वर्ष राष्ट्रीय सहकारिता सप्ताह की थीम “आत्मनिर्भर भारत के माध्यम के रूप में सहकारिता” निर्धारित की गई है। यह विषय आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण को साकार करने में सहकारी समितियों की भूमिका को रेखांकित करता है। विशेष रूप से कृषि, ग्रामीण ऋण, सूक्ष्म-उद्यम, महिला सशक्तिकरण और स्थानीय उत्पादन जैसे क्षेत्रों में सहकारिता की भूमिका न केवल आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण है, बल्कि यह समावेशी एवं सतत विकास का भी आधार बन रही है। सप्ताह के दौरान होंगे जन-जागरण कार्यक्रम मंत्री श्री सारंग ने कहा कि सहकारिता सप्ताह के दौरान ऐसे जन-जागरण कार्यक्रम आयोजित किये जायें, जिनसे आम नागरिकों में सहकारिता के प्रति रुचि और जुड़ाव बढ़े। यह आवश्यक है कि सहकारिता आंदोलन की पहुँच गाँव-गाँव और शहर-शहर तक हो, जिससे “सहकार से समृद्धि” का भाव हर व्यक्ति के जीवन में उतर सके। विशेषज्ञों के साथ विचार-विमर्श मंत्री श्री सारंग ने निर्देश दिए कि नागरिक बैंकों को मुख्यधारा में लाने के प्रयासों पर विशेष ध्यान दिया जाये और इस दिशा में महाराष्ट्र के विशेषज्ञों के साथ एक विशेष विचार-विमर्श सत्र आयोजित किया जाये। उन्होंने कहा कि सहकारी समितियों द्वारा निर्मित स्वदेशी उत्पादों के प्रोत्साहन के लिए एक ऐसा मंच तैयार किया जाये, जहाँ स्थानीय उत्पादकों और उपभोक्ताओं को सीधे जोड़ा जा सके। साथ ही प्रदेश में होने वाली स्वदेशी केन्द्रित नवाचार आधारित प्रदर्शनी को विशेष महत्व दिया जायेगा, जिसमें आत्मनिर्भरता और स्थानीय उत्पादन को बढ़ावा देने वाले विचारों और नवाचारों को प्रमुखता दी जायेगी। विशेष संवाद ‘सहकारिता मंथन’ मंत्री श्री सारंग ने कहा कि प्रदेश की विभिन्न सहकारी संस्थाओं के प्रतिनिधियों के साथ एक विशेष संवाद कार्यक्रम ‘सहकारिता मंथन’ के रूप में आयोजित किया जाये, जिसमें विभाग से जुड़े मुद्दों पर चर्चा एवं समस्या-समाधान के ठोस प्रयास किये जायेंगे। उन्होंने उपार्जन और खाद वितरण व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और सरलीकृत करने के लिये उपयोगी संवाद कार्यक्रम आयोजित करने का सुझाव दिया। बैठक में आयुक्त एवं पंजीयक सहकारिता श्री मनोज पुष्प, प्रबंध संचालक उपभोक्ता संघ श्री ऋतुराज रंजन, प्रबंध संचालक बीज संघ श्री महेन्द्र दीक्षित सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय सहकारिता सप्ताह प्रतिवर्ष 14 से 20 नवम्बर तक पूरे देश में मनाया जाता है। इस सप्ताह के दौरान सहकारी समितियों के योगदान को रेखांकित किया जाता है। उनकी उपलब्धियों को प्रदर्शित किया जाता है और सहकारिता आंदोलन को और अधिक सशक्त बनाने के लिए विचार-विमर्श एवं संवाद के कार्यक्रम किये जाते हैं। इस वर्ष का आयोजन “आत्मनिर्भर भारत” की भावना को सशक्त करने और सहकारिता को विकास की मुख्यधारा में लाने की दिशा में एक सार्थक पहल साबित होगा।