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सर्दी ने दी दस्तक: कोहरे से थमी रफ्तार, मौसम विभाग की कड़ी चेतावनी जारी

नई  दिल्ली मौसम विभाग ने अगले 10 दिनों के लिए उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में ठंड तथा कुछ हिस्सों में बारिश-तूफान की चेतावनी (IMD Weather Update) जारी की है। बारिश के बाद कई क्षेत्रों में तापमान में तेज गिरावट की संभावना है और सुबह-शाम सिहरन वाली हवाएं चल रही हैं। UP-बिहार-झारखंड में कोहरा और ठंड, राजस्थान-MP में शुष्क मौसम के साथ पारा घटना और पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में बर्फबारी व तेज हवाओं की संभावना है। दक्षिण और पूर्वी तटों पर भी अलग-अलग दिनों में वर्षा का प्रभाव दिखेगा। बिहार-झारखंड: सिहरन और घटता तापमान बिहार में ठंड की दस्तक हो चुकी है। पटना मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार सुबह-शाम सिहरन वाली हवाएँ बहने लगी हैं और रात के न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। आगामी दिनों में ठंड और बढ़ने की संभावना है तथा कई स्थानों पर कोहरा भी छाने लगा है। झारखंड में भी राजधानी रांची समेत कई जिलों में सुबह-शाम ठंड सताने लगी है और न्यूनतम तापमान घट रहा है। मध्य प्रदेश: गरज-चमक के साथ बारिश की आशंका मध्य प्रदेश में भी बिजली कड़कने और गरज-चमक के साथ तूफानी हवाओं की संभावना बनी हुई है; कुछ हिस्सों में हल्की बारिश होने की उम्मीद है, जिससे स्थानीय स्तर पर असुविधा रह सकती है। राजस्थान: शुष्क मौसम और तेज ठंड मौसम विभाग ने राजस्थान में आगामी दिनों में मौसम शुष्क रहने और तापमान में गिरावट आने का अनुमान जताया है। विभाग के अनुसार राज्य के अधिकांश भागों में 5 नवंबर से अगले एक सप्ताह उत्तर-पश्चिम हवाओं के प्रभाव से न्यूनतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट की उम्मीद है। उत्तर-पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र: बारिश और बर्फबारी के साथ तूफानी हवाएँ विभाग के मुताबिक 5 नवंबर तक पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश व बर्फबारी हो सकती है। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान-मुजफ्फराबाद क्षेत्रों में बिजली कड़कने और तेज हवाओं का भी खतरा है; हवा की गति 40 से 50 किमी/घंटा तक पहुँचने की संभावना बताई गई है। 4 नवंबर को हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भी बिजली कड़कने की चेतावनी दी गई है। कोंकण, गोवा और मध्य महाराष्ट्र: 5-6 नवंबर को तूफानी बारिश मौसम विभाग ने 5 और 6 नवंबर को कोंकण और गोवा तथा मध्य महाराष्ट्र में बिजली कड़कने के साथ तूफानी हवा और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जतायी है। आवाम को अस्थिर मौसम के मद्देनजर सतर्क रहने की सलाह दी गयी है। पूर्वोत्तर: नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा में 5 नवंबर अलर्ट विभाग के अनुसार 5 नवंबर को नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में बिजली कड़कने और तूफानी हवाओं के साथ बारिश की चेतावनी जारी है। स्थानीय प्रशासन और लोगों को आवश्यक सतर्कता बरतने को कहा गया है। तमिलनाडु व दक्षिणी तट: 8 नवंबर तक जारी रहेगी बारिश तमिलनाडु में 8 नवंबर तक अधिकांश जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी रहेगी। साथ ही तटीय आंध्र प्रदेश, यनम और रायलसीमा तथा उत्तरी और दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक में गरज-चमक के साथ वर्षा का दौर देखा जा सकता है।

टेडएक्स शाहपुरा लेक चैप्टर में 9 नवंबर को देशभर के नामचीन वक्ता साझा करेंगे अपने विचार

टेडएक्स शाहपुरा लेक चैप्टर का टेड एक्स आयोजन 9 नवंबर को, देशभर के प्रतिष्ठित वक्ता होंगे शामिल आईसेक्ट के सहयोग से मिंटो हॉल में होगा नवाचार और प्रेरणा का संगम भोपाल  राजधानी भोपाल एक बार फिर नई सोच, नवाचार और प्रेरक विचारों का केंद्र बनने जा रही है। टेडएक्स शाहपुरा लेक चैप्टर, आईसेक्ट (AISECT) के सहयोग से 9 नवंबर 2025 को कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर (मिंटो हॉल) में टेड एक्स का विशेष आयोजन करने जा रहा है। यह कार्यक्रम युवाओं, उद्यमियों, नवोन्मेषकों और सृजनशील लोगों को एक साझा मंच पर लाने का प्रयास है। टेडएक्स शाहपुरा लेक चैप्टर के इस आयोजन में प्रेरक व्याख्यानों के माध्यम से युवा प्रतिभाओं को सीखने, समझने और आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। यह कार्यक्रम में देश के विभिन्न क्षेत्रों से आने वाले प्रतिष्ठित व्यक्तित्वों को एक मंच पर लाने का प्रयास है। इनमें म.प्र. क्रिकेट संघ (MPCA) एवं MPL के चेयरमैन और Kuberha AI व Ethara AI के को-फाउंडर महानार्यमान सिंधिया, गूगल में स्टार्टअप्स पार्टनरशिप लीड नूपुर वर्मा, जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड की लीड – कंटेंट प्रोग्रामिंग दिव्या मूरजानी, मैनेजमेंट गुरु, लेखक एवं स्तंभकार एन. रघुरमन, स्टैंडअप कॉमेडियन और ‘ऑल वूमन इंक’ की फाउंडर आंचल अग्रवाल, तथा कवयित्री, गीतकार और अभिनेत्री गुंजन सैनी शामिल हैं। ये सभी वक्ता अपने अनुभवों और जीवन-यात्रा के माध्यम से प्रतिभागियों को नए दृष्टिकोण और प्रेरणा से परिचित कराएँगे। आईसेक्ट के एक्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट और स्कोप ग्लोबल स्किल्स यूनिवर्सिटी के चांसलर डॉ. सिद्धार्थ चतुर्वेदी ने इस पहल पर बात करते हुए कहा,“TEDx शाहपुरा लेक चैप्टर जैसे मंच युवाओं को वैश्विक दृष्टि, नवाचार और नेतृत्व क्षमता के लिए प्रेरित करते हैं। आईसेक्ट का सदैव प्रयास रहा है कि शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम न रहे, बल्कि यह विचार, संवाद और प्रयोग का मंच बने। इस आयोजन से हम चाहते हैं कि युवा अपने भीतर की क्षमता को पहचानें और समाज में सकारात्मक परिवर्तन के वाहक बनें।” टेडएक्स शाहपुरा लेक के मुख्य क्यूरेटर डॉ. दीपक मोटवानी ने कहा, “मैंने हमेशा देखा है कि मेट्रो शहर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं क्योंकि उनके पास टेडएक्स जैसे वैश्विक मंचों तक पहुँच है। इसी सोच से हमने तय किया कि भोपाल और यहाँ के युवाओं के लिए भी ऐसा ही एक मंच लाया जाए, जहाँ वे अपने विचारों और क्षमताओं को दुनिया के सामने रख सकें।”

किड्स ईयरबड्स लॉन्च: सेफ्टी और मज़ेदार फीचर्स के साथ आया यह नया गैजेट

नई दिल्ली स्‍मार्टफोन के बाद अगर कोई गैजेट सबसे ज्‍यादा इस्‍तेमाल किया जाता है, तो वो हैं ईयरबड्स। बच्‍चे भी इनके प्रति आकर्षित होते हैं। हालांकि बच्‍चों को ईयरबड्स यूज करने नहीं देने चाहिए, क्‍योंकि उनसे आने वाला साउंड कानों को नुकसान पहुंचा सकता है। इस दिक्‍कत को दूर करने की कोशिश की है जेबीएल ने। किड्स ऑडियो कैटिगरी में कदम रखते हुए कंपनी ने JBL Junior Free (जेबीएल जूनियर फ्री) को लॉन्‍च किया है। ये ओपन-ईयर TWS ईयरबड्स हैं, जिन्‍हें बच्‍चों के लिए बनाया गया है। इनमें ऐसी कई खूबियां हैं, जिन्‍हें आपको जानना चाहिए। जेबीएल जूनियर फ्री में 6 बड़ी खूबियां     JBL Junior Free को इस तरह बनाया गया है कि इनसे 85 डेसिबल से ज्‍यादा साउंड नहीं आता।     पैरंटल कंट्राेल की सुविधा मिलती है और पैरंट्स, ऐप की मदद से वॉल्‍यूम कंट्रोल कर सकते हैं।     इनका बैटरी बैकअप 10 घंटे है और सिर्फ 10 मिनट चार्ज करके इन्‍हें 3 घंटे इस्‍तेमाल किया जा सकता है।     इन्‍हें एकसाथ दो डिवाइस से कनेक्‍ट करके यूज किया जा सकता है।     IPX4 रेटिंग मिलती है, जो इन्‍हें पानी की छीटों से होने वाले नुकसान से बचाती है।     ये किड्स फ्रेंडली हैं। इन्‍हें कंट्रोल करने के लिए ईयरबड्स में बटन भी दिए गए हैं। जेबीएल जूनियर फ्री की कीमत जेबीएल जूनियर फ्री को अभी भारत में नहीं लाया गया है। इनकी यूरोप में कीमत 69.99 यूरो है। ये कई कलर ऑप्‍शंस जैसे- पर्पल, टेल और पीच रंग में आए हैं। जेबीएल जूनियर फ्री के प्रमुख फीचर्स जेबीएल जूनियर फ्री को इसलिए बनाया गया है ताकि बच्‍चों को एक सुरक्ष‍ित और कानों के लिए बेहतर लिसनिंग विकल्‍प मिले। जेबीएल के मुताबिक, ईयरबड्स के ओपन डिजाइन की वजह से बच्‍चे ना सिर्फ अच्‍छा साउंड सुन पाते हैं, बल्कि सेफ साउंड उन्‍हें मिलता है। इनका डिजाइन ऐसा है कि बच्‍चा अपने आसपास के माहौल को भी सुन पाता है। पैरंटल कंट्रोल होने से यह फायदा है कि भले ईयरबड बच्‍चे के कान में लगता है कि लेकिन पैरंट्स उसे अपने स्‍मार्टफोन से कंट्रोल कर सकते हैं। किड्स ईयरबड्स की जरूरत क्‍यों? मौजूदा वक्‍त में ईयरबड्स बड़े पैमान पर इस्‍तेमाल किए जा रहे हैं, लेकिन उन्‍हें बड़े लोगों के कानों के लिए डिजाइन किया जाता है, जो मैक्‍स‍िमम वॉल्‍यूम पर काफी लाउड बजते हैं। इन ईयरबड्स को बच्‍चे इस्‍तेमाल करें तो उनके कानों को नुकसान हो सकता है। किड्स ईयरबड्स इसका विकल्‍प बन रहे हैं। यही वजह है कि अब ऑडियो ब्रैंड इस कैटिगरी में अपने प्रोडक्‍ट लॉन्‍च कर रहे हैं। प्रेम त्रिपाठी

सर्दी का असर दांतों पर: सेंसिटिविटी से राहत पाने के आसान घरेलू नुस्खे

ठंड का मौसम भले ही सुकूनभरा लगे, लेकिन यह शरीर के साथ-साथ दांतों की सेहत पर भी असर डालता है। इस मौसम में दांतों की सेंसिटिविटी (संवेदनशीलता) के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। ठंडे या गर्म खाने-पीने की चीजें दांतों में झनझनाहट और दर्द का कारण बन रही हैं। जयारोग्य अस्पताल के दंत रोग विभाग में रोजाना 25 से 30 मरीज इस समस्या के इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। सर्दी में घटता है लार का स्राव दंत रोग विभाग के विभागाध्यक्ष और दंत विशेषज्ञ के अनुसार, सर्दियों में तापमान में उतार-चढ़ाव से मुंह के अंदर के सॉफ्ट टिशू सूखने लगते हैं। इससे लार का स्राव कम हो जाता है, जो मुंह की प्राकृतिक सफाई में मदद करता है। लार की कमी के कारण मुंह में बैक्टीरिया बढ़ते हैं और यही कारण है कि कैविटी, मसूड़ों की सूजन और सेंसिटिविटी जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं। उन्होंने बताया कि ठंड में लोग पानी कम पीते हैं, जिससे मुंह की नमी घटती है। यही वजह है कि संक्रमण और दांतों के कमजोर होने की संभावना बढ़ जाती है। खाने-पीने के बाद ब्रश करना जरूरी सर्दियों में लोग चाय, कॉफी और स्नैक्स के साथ मीठी चीजें खाने के शौकीन होते हैं। डॉ. खांडे बताते हैं कि मीठा बैक्टीरिया को आकर्षित करता है, जिससे मसूड़ों में संक्रमण और कैविटी की समस्या बढ़ जाती है। अगर मीठा खाएं तो उसके बाद दांत साफ करें। साथ ही, रात में ब्रश किए बिना न सोएं। सेंसिटिव टूथपेस्ट और सॉफ्ट ब्रश का इस्तेमाल अगर आपके दांत ठंड में सेंसिटिव महसूस होते हैं, तो सेंसिटिव टूथपेस्ट और सॉफ्ट ब्रिसल ब्रश का प्रयोग करें। ये दांतों को नुकसान पहुंचाए बिना सफाई करते हैं और सेंसिटिविटी कम करने में मदद करते हैं। ठंडे की जगह गुनगुना पानी पिएं दंत विशेषज्ञ डॉ. आशीष माहेश्वरी सलाह देते हैं कि सर्दियों में ठंडा पानी पीने से दांतों की सेंसिटिविटी बढ़ जाती है, इसलिए हमेशा गुनगुना पानी पिएं। साथ ही बहुत गर्म भोजन करने से भी बचें, क्योंकि यह मसूड़ों को नुकसान पहुंचा सकता है। घरेलू नुस्खे भी हैं कारगर     नमक और सरसों के तेल से हल्की मालिश करने से मसूड़ों में रक्त संचार बढ़ता है और बैक्टीरिया खत्म होते हैं।     लांग चबाने से दांतों के दर्द और झनझनाहट में राहत मिलती है। लांग में मौजूद एंटीसेप्टिक और एंटी-इंफ्लेमेटरी तत्व संक्रमण को रोकते हैं। सर्दियों में दांतों की आम समस्याएं     कैविटी (दांतों में कीड़े लगना)     झनझनाहट या सेंसिटिविटी     इंफेक्शन या मुंह की बदबू     जबड़ों में दर्द     मसूड़ों में सूजन और रक्तस्राव

टीम इंडिया की कमान दिनेश कार्तिक के हाथों में, हांगकांग सिक्सेज़ 2025 की टीम घोषित

हांगकांग क्रिकेट हांगकांग चाइना ने हांगकांग सिक्सेज़ 2025 टूर्नामेंट के लिए टीम इंडिया की पूरी टीम की घोषणा कर दी है। यह टूर्नामेंट 7 से 9 नवंबर तक टिन क्वोंग रोड रिक्रिएशन ग्राउंड में खेला जाएगा। भारतीय टीम की कमान अनुभवी विकेटकीपर बल्लेबाज दिनेश कार्तिक को सौंपी गई है। टीम में अनुभवी खिलाड़ियों के साथ कुछ दमदार घरेलू प्रदर्शन करने वाले क्रिकेटर भी शामिल किए गए हैं। दिनेश कार्तिक अपने अंतरराष्ट्रीय अनुभव और दबाव की स्थितियों में शांत स्वभाव के लिए जाने जाते हैं। रॉबिन उथप्पा, जिन्होंने पिछले साल टीम इंडिया की कप्तानी की थी, इस बार भी टीम का हिस्सा होंगे। 2007 टी20 वर्ल्ड कप विजेता उथप्पा ने 2024 संस्करण में ओमान के खिलाफ मात्र 13 गेंदों पर 52 रन की विस्फोटक पारी खेली थी और टूर्नामेंट के सबसे प्रभावशाली बल्लेबाजों में शामिल रहे थे। भरत चिपली, जो पिछले संस्करण में भारत के शीर्ष स्कोरर रहे थे, इस बार भी टीम में बरकरार हैं। 42 वर्षीय चिपली ने 2024 में पाकिस्तान के खिलाफ 16 गेंदों पर नाबाद 53 रन की शानदार पारी खेली थी और कुल 156 रन बनाए थे। स्टुअर्ट बिन्नी एक ऑलराउंडर के रूप में टीम को संतुलन प्रदान करेंगे। भारत के लिए टेस्ट, वनडे और टी20—तीनों प्रारूपों में खेल चुके बिन्नी बल्ले और गेंद दोनों से योगदान देने में सक्षम हैं, जो इस छोटे प्रारूप में टीम के लिए अहम साबित होगा। गेंदबाजी की अगुवाई अभिमन्यु मिथुन करेंगे, जिन्होंने भारत के लिए टेस्ट और वनडे दोनों खेले हैं। 330 से अधिक प्रथम श्रेणी विकेट लेने वाले मिथुन घरेलू क्रिकेट में बेहद अनुभवी हैं। झारखंड के शहबाज नदीम बाएं हाथ के स्पिनर के रूप में टीम में विविधता और नियंत्रण जोड़ेंगे। 2019 में भारत के लिए टेस्ट पदार्पण करने वाले नदीम लगातार घरेलू क्रिकेट में विकेट लेते रहे हैं। टीम में प्रियंक पांचाल भी शामिल हैं, जो तकनीकी रूप से मजबूत बल्लेबाज हैं और हाल ही में घरेलू क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं। 8,800 से अधिक प्रथम श्रेणी रन बनाने वाले पांचाल टीम को स्थिरता प्रदान करेंगे। भारत की पूरी टीम: दिनेश कार्तिक (कप्तान), रॉबिन उथप्पा, भरत चिपली, स्टुअर्ट बिन्नी, अभिमन्यु मिथुन, शहबाज नदीम, प्रियंक पांचाल टीम इंडिया मैनेजर: कपिल अरोड़ा भारत इस बार टूर्नामेंट में दमदार प्रदर्शन कर अपने दूसरे हांगकांग सिक्सेज़ खिताब पर निशाना साधेगा। टीम इंडिया ने इससे पहले 2005 में यह खिताब जीता था। हांगकांग सिक्सेज़ एक तेज़ रफ्तार प्रारूप है, जिसमें हर टीम छह खिलाड़ियों की होती है और प्रत्येक पारी छह ओवर की होती है। 2025 संस्करण 7 से 9 नवंबर तक हांगकांग में खेला जाएगा।  

BSP सुप्रीमो मायावती आज बिहार दौरे पर, रैली से भरेंगी चुनावी जोश

पटना बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती आज बिहार के कैमूर जिले में एक चुनावी रैली को संबोधित करेंगी। बसपा के एक बयान के अनुसार, रैली दोपहर में भभुआ हवाई पट्टी के पास एक मैदान में आयोजित की जाएगी। इस कार्यक्रम में आसपास के जिलों और विधानसभा क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। पार्टी ने कहा कि बसपा लगभग सभी सीटों पर बिहार विधानसभा चुनाव अकेले लड़ रही है। बयान में कहा गया है कि राज्य में पार्टी के अभियान का नेतृत्व बसपा के राष्ट्रीय समन्वयक और राज्यसभा सांसद रामजी गौतम, राष्ट्रीय समन्वयक अनिल सिंह और राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद कर रहे हैं। 6 नवंबर को पहले चरण का मतदान बिहार में पहले चरण का मतदान 6 नवंबर को होगा, जबकि दूसरे चरण का मतदान 11 नवंबर को होगा। मतगणना 14 नवंबर को होगी। 2025 के बिहार चुनाव (Bihar Election 2025) में मुख्य मुकाबला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) और महागठबंधन (Mahagathbandhan) के बीच होगा। एनडीए में भारतीय जनता पार्टी (BJP), जनता दल यूनाइटेड (JDU), लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास), हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (सेक्युलर) और राष्ट्रीय लोक मोर्चा शामिल हैं। राष्ट्रीय जनता दल के नेतृत्व वाले महागठबंधन में कांग्रेस पार्टी, दीपांकर भट्टाचार्य के नेतृत्व वाली भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) (सीपीआई-एमएल), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) (सीपीएम) और मुकेश सहनी की विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) शामिल हैं। इसके अलावा, प्रशांत किशोर की जन सुराज ने भी राज्य की सभी 243 सीटों पर दावा ठोका है।

जिस मिसाइल से कांपता था पाकिस्तान, अब वही हथियार खरीदने जा रहा इस्लामिक दुनिया का सबसे बड़ा देश

नई दिल्ली दक्षिण एशिया के सबसे घातक हथियारों में शुमार ब्रह्मोस क्रूज मिसाइल ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान में खूब तबाही मचाई थी। मई में भारतीय वायुसेना ने इस सुपरसोनिक मिसाइल का इस्तेमाल कर पाकिस्तानी एयरबेस पर हमला किया, जिससे दुश्मन की हवाई क्षमता ध्वस्त हो गई। अब इसी मिसाइल को दुनिया के सबसे बड़े मुस्लिम बहुल देश इंडोनेशिया ने खरीदने का फैसला किया है। लगभग 45 करोड़ डॉलर की इस डील से इंडोनेशिया न केवल अपनी नौसेना को मजबूत करेगा, बल्कि दक्षिण चीन सागर में चीन की आक्रामकता का मुकाबला करने में भी सक्षम हो जाएगा। यह डील भारत की रक्षा निर्यात क्षमता को नई ऊंचाइयों पर ले जाने वाली है। समाचार एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत और इंडोनेशिया के बीच ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल सौदे पर जल्द ही हस्ताक्षर हो सकते हैं। रक्षा सूत्रों ने बताया कि वार्ता की लगभग सभी प्रक्रियाएं पूरी हो चुकी हैं और अब केवल रूसी पक्ष से अंतिम स्वीकृति का इंतजार है, जिसके बाद कॉन्ट्रैक्ट पर साइन किए जा सकेंगे। भारत और इंडोनेशिया के बीच यह सौदा लंबे समय से चर्चा में है। इस वर्ष जनवरी में इंडोनेशिया के शीर्ष राजनीतिक और सैन्य नेतृत्व की नई दिल्ली यात्रा के दौरान इस मुद्दे पर विस्तार से बातचीत हुई थी। भारत पहले ही ब्रह्मोस मिसाइलों की बिक्री फिलीपींस को कर चुका है और अब इस अनोखी हथियार प्रणाली के लिए नए बाजार तलाश रहा है। विशेष रूप से मई महीने में भारत-पाकिस्तान के बीच हुए हालिया संघर्ष के दौरान इस मिसाइल प्रणाली ने खुद को युद्ध के मैदान में साबित भी किया है। रक्षा सूत्रों के अनुसार, हाल ही में भारत के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान ने इंडोनेशिया का दौरा किया था। उनका यह दौरा भारत और इंडोनेशिया के बीच बढ़ते रक्षा सहयोग का प्रतीक माना जा रहा है। इससे पहले, इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो की जनवरी में हुई भारत यात्रा ने भी दोनों देशों के बीच रक्षा संबंधों को नई दिशा दी थी। भारत ने कुछ वर्ष पहले फिलीपींस के साथ लगभग 3,500 करोड़ रुपये का ब्रह्मोस मिसाइल सौदा किया था। भारत ने न केवल मिसाइलें बल्कि आवश्यक लॉन्चिंग और समर्थन प्रणाली भी वहां पहुंचाई हैं। यह सौदा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफी ध्यान आकर्षित करने वाला रहा, क्योंकि इसे फिलीपींस द्वारा अपने क्षेत्रीय हितों की रक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना गया था। ब्रह्मोस का जन्म: भारत-रूस की साझेदारी का कमाल ब्रह्मोस का नाम भारत की ब्रह्मपुत्रा नदी और रूस की मॉस्को नदी से लिया गया है। यह मिसाइल भारत के डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन (DRDO) और रूस की NPO Mashinostroyeniya के संयुक्त उद्यम ब्रह्मोस एयरोस्पेस द्वारा विकसित की गई है। 1998 में शुरू हुए इस प्रोजेक्ट का मकसद था एक ऐसी सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल बनाना जो दुश्मन के जहाजों और जमीन के ठिकानों को चंद सेकंडों में नेस्तनाबूद कर दे। रूस की P-800 ओनिक्स मिसाइल पर आधारित यह हथियार 2005 से भारतीय सेनाओं में शामिल हो चुका है। ब्रह्मोस की खासियत यह है कि यह जमीन, समुद्र, हवा और पनडुब्बी से लॉन्च की जा सकती है। इसका वजन 3,000 किलोग्राम (शिप/ग्राउंड वर्जन) है, लंबाई 8.2 मीटर और व्यास 0.67 मीटर। यह 300 किलोग्राम का हाई-एक्सप्लोसिव वॉरहेड ले जाती है, जो दुश्मन के कवच को चीर सकता है। सबसे बड़ी ताकत? इसकी 'फायर एंड फॉरगेट' तकनीक- एक बार लॉन्च होने के बाद यह खुद ही टारगेट पर पहुंच जाती है, बिना किसी अतिरिक्त मार्गदर्शन के। रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि यदि इंडोनेशिया के साथ यह समझौता होता है, तो यह दक्षिण-पूर्व एशिया में भारत की रक्षा साझेदारी को मजबूत करेगा और स्वदेशी ब्रह्मोस एयरोस्पेस कंपनी के लिए निर्यात के नए द्वार खोलेगा। ब्रह्मोस मिसाइल भारत और रूस के संयुक्त उपक्रम से विकसित की गई है। यह सुपरसोनिक गति से उड़ने वाली, अत्यंत सटीकता वाली मिसाइल है, जो जमीन, समुद्र और वायु से लॉन्च की जा सकती है। अगर सौदा अंतिम रूप लेता है, तो यह न केवल भारत की रक्षा कूटनीति की बड़ी सफलता होगी, बल्कि ‘मेक इन इंडिया’ पहल के तहत स्वदेशी रक्षा उद्योग को भी एक नया वैश्विक मुकाम दिलाने में मदद करेगा। पाकिस्तान में तबाही: ऑपरेशन सिंदूर का 'फायर एंड फॉरगेट' हमला ब्रह्मोस का असली जलवा तब दिखा जब मई 2025 में भारत-पाकिस्तान तनाव चरम पर पहुंच गया। 10 मई को शुरू हुए 'ऑपरेशन सिंदूर' में भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तानी एयरबेस पर कई ब्रह्मोस मिसाइलें दागीं। इनमें से कुछ ने भोलारी एयरबेस पर सीधा निशाना साधा, जहां एक AWACS (एयरबोर्न वॉर्निंग एंड कंट्रोल सिस्टम) विमान तबाह हो गया। पाकिस्तानी रिटायर्ड एयर मार्शल ने खुद माना कि चार ब्रह्मोस मिसाइलों ने उनके हैंगर को उड़ा दिया। यह ऑपरेशन पाकिस्तान के आतंकी हमलों का जवाब था। ब्रह्मोस ने न केवल एयरबेस को ध्वस्त किया, बल्कि पाकिस्तानी रडार सिस्टम (जैसे चाइनीज HQ-9) को भी चकमा दिया। स्रोतों के मुताबिक, लगभग 15 ब्रह्मोस ने पाकिस्तानी हवाई लॉन्च क्षमता को ठप कर दिया, जिससे वे काउंटर-अटैक की योजना डालने को मजबूर हो गए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 30 मई 2025 को कानपुर में भाषण देते हुए इसकी पुष्टि की। इंडोनेशिया की सैन्य आधुनिकीकरण यात्रा: ब्रह्मोस से नई ताकत इंडोनेशिया, दुनिया का सबसे बड़ा द्वीप राष्ट्र और आबादी के लिहाज से सबसे बड़ा मुस्लिम देश है। वह अपनी नौसेना को मजबूत करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। दक्षिण चीन सागर में चीन की बढ़ती आक्रामकता, खासकर नटुना द्वीपों पर दावे, ने जकार्ता को चिंतित कर दिया है। राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो, जो पूर्व रक्षा मंत्री रह चुके हैं, उन्होंने सैन्य आधुनिकीकरण को प्राथमिकता दी है। 2025 में इंडोनेशिया ने BRICS में शामिल होकर अपनी रणनीतिक स्थिति मजबूत की। ब्रह्मोस खरीद इसकी कड़ी है। जनवरी 2025 में प्रबोवो की भारत यात्रा के दौरान (जहां वे गणतंत्र दिवस के मुख्य अतिथि थे) बातचीत तेज हुई। इंडोनेशियाई नौसेना प्रमुख एडमिरल मुहम्मद अली ने ब्रह्मोस मुख्यालय का दौरा किया। डील में शोर-बेस्ड और शिप-माउंटेड वर्जन शामिल हैं, जो नटुना सागर में 290 किमी रेंज से चीनी जहाजों को निशाना बना सकेंगे। भारत ने CAATSA (रूस से हथियार खरीद पर अमेरिकी प्रतिबंध) से मुक्त होने का आश्वासन दिया, क्योंकि ब्रह्मोस के मुख्य पार्ट्स भारत में बने हैं।

अंतरिक्ष में डेटा सेंटर की तैयारी में Google, तकनीकी दुनिया में मची हलचल

नई दिल्ली दुनियाभर में AI कंपनियां अपने डेटा सेंटर्स को लेकर काम कर रही हैं. कोई धरती पर या फिर कोई समंदर के अंदर डेटा सेंटर बना रहा है. इस दिशा में Google एक कदम आगे निकलने की कोशिश कर रहा है. अब गूगल अंतरिक्ष में AI कंप्यूटिंग सिस्टम को बनाने जा रहा है, जिसको आगे डेटा सेंटर के रूप में भी यूज किया जा सकेगा. इसको लेकर Google ने एक सफल परीक्षण किया है और सीईओ सुंदर पिचाई ने पोस्ट करके इसकी जानकारी भी दी है.  सुंदर पिचाई ने बताया कि गूगल ने लो अर्थ ऑर्बिट में पाई जाने वाले रेडिएशन की कंडिशन को फॉलो करते हुए एक सफल टेस्टिंग की है. इसमें ट्रिलियम-जनरेशन टेंसर प्रोसेसिंग यूनिट्स (TPUs) को टेस्ट किया है.   प्रोजेक्ट सनकैचर के लिए यह एक बड़ी सफलता है. इस प्रोजेक्ट की मदद से गूगल अपने सबसे महत्वकांक्षी योजनाओं में से एक को पूरा करना चाहते है. कंपनी इसकी मदद से अंतरिक्ष में AI कंप्यूटिंग सिस्टम का सेटअप लगाना चाहता है, जिसको सूरज की रोशनी से पावर मिलेगी.   सुंदर पिचाई ने समझाया, TPU क्या है?  गूगल सीईओ सुंदर पिचाई ने बताया कि TPU असल में खास तरह की चिप्स हैं, जिनको आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (AI) के काम को बेहतर बनाने के लिए तैयार किया है. इन चिप्स की टेस्टिंग रेडिएशन एक्सपोजर के दौरान की गई और इन चिप्स पर डैमेज का कोई भी निशान नहीं दिखा है.     सफल टेस्टिंग से इस बात के पॉजिटिव साइन मिलते हैं कि गूगल का एडवांस्ड हार्डवेयर सिस्टम, आउटर स्पेस के खतरनाक एनवायरमेंट का भी सामना करना सकेगा. बताते चलें कि आउटर स्पेस में हाई रेडिशन और तापमान तेजी से बदलता है.  इस प्रोजेक्ट का मकसद सूर्य से आने वाली ऊर्जा को पावर में बदलने का है. इसके लिए सोलर पावर पैनल्स का यूज किया जा सकता है. इस पावर को पृथ्वी के लो ओर्बिट में स्थापित लार्ज स्केल AI कंप्यूटर सिस्टम में ट्रांसफर किया जाएगा.  इस प्रोजेक्ट की जरूरत क्यों पड़ी?  दरअसल, AI मॉडल जैसे ChatGPT, Gemini, Claude आदि को चलाने के लिए बहुत ज्यादा बिजली की जरूरत होती है. बिजली की इस जरूरत को पूरा करने के लिए अगर कोयला, गैस या डीजल का यूज होता है तो काफी ज्यादा प्रदूषण होगा. ऐसे में कंपनी इसको सोलर पावर से चलाना चाहती है, जिसके लिए लो अर्थ ऑर्बिट में पूरा सेटअप लगाने का प्लान बनाया है.   कहां से मिली है प्रेरणा  गूगल को इस प्रोजेक्ट की प्रेरणा मूनशूट प्रोजेक्ट से मिली है, जिसे अब अल्फाबेट की X डिविजन के रूप में जाना जाता है. इस डिविजन का काम अनोखी टेक्नोलॉजी तैयार करना है, जो अधिकतर लोगों की सोच से परे होती हैं. 2027 की दी है डेडलाइन  सुंदर पिचाई ने बताया कि अगर सब कुछ ठीक चला तो 2027 की शुरुआत तक Planet कंपनी के साथ मिलकर अपने दो प्रोटोटाइप सेटेलाइट लॉन्च करेगी. इसके बाद प्रोजेक्ट को आगे भी लेकर जाएंगे. 

साउथ अफ्रीका के खिलाफ मैच में जडेजा बना सकते हैं नया इतिहास, अश्विन का रिकॉर्ड टकरा सकता है चुनौती से

नई दिल्ली भारत और साउथ अफ्रीका के बीच 2 टेस्ट मैचों की सीरीज 14 नवंबर को शुरू होगी. टीम इंडिया कोलकाता के ईडन गार्डन्स में वर्ल्ड टेस्ट चैंपियंस का सामना करेगी. इसके बाद दूसरा मुकाबला 22 नवंबर से गुवाहाटी के बारसापरा क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा. भारत की नजर वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप 2025-27 चक्र में वेस्टइंडीज के बाद अफ्रीकी टीम को हराने पर होगी. वह पॉइंट्स टेबल में तीसरे स्थान पर है. अफ्रीकी टीम की बात करें तो वह चौथे स्थान पर है. टेस्ट सीरीज में जडेजा पर नजर इंग्लैंड के खिलाफ 5 टेस्ट मैचों की सीरीज 2-2 से बराबर करने के बाद भारतीय क्रिकेट टीम ने जोरदार वापसी की. उसने होमग्राउंड पर वेस्टइंडीज का 2 मैचों की सीरीज में क्लीन स्वीप कर दिया. अब उसकी नजर एक और क्लीन स्वीप वाली सीरीज जीत के साथ वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप की पॉइंट्स टेबल में अपनी स्थिति को मजबूत करने पर होगी. इस सीरीज में भारत के दिग्गज ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा की नजर एक बड़े रिकॉर्ड पर होगी. वह अपने पूर्व साथी रविचंद्रन अश्विन से आगे निकल सकते हैं. पहले स्थान पर अश्विन जडेजा साउथ अफ्रीका के खिलाफ घरेलू मैदान पर सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले भारतीय गेंदबाज बन सकते हैं. अश्विन इस मामले में फिलहाल पहले स्थान पर हैं. उन्होंने 2025 से 2029 तक साउथ अफ्रीका के खिलाफ भारतीय मैदानों पर 7 मैचों में 46 विकेट लए. उन्होंने पारी में 5 विकेट 5 बार झटके और मैच में 10 विकेट 1 बार लिया. उनके बाद दूसरे स्थान पर हरभजन सिंह (42) और तीसरे स्थान पर अनिल कुंबले (39) हैं. जडेजा को चाहिए 11 विकेट जडेजा अगर आगामी सीरीज में साउथ अफ्रीका के खिलाफ 11 विकेट हासिल कर लेते हैं तो वह अश्विन से आगे निकल जाएंगे. जडेजा ने अब तक होमग्राउंड पर साउथ अफ्रीका के खिलाफ 7 मैच खेले हैं और इस दौरान 36 विकेट झटके हैं. उन्होंने पारी में 5 विकेट दो बार लिए हैं. साउथ अफ्रीका के खिलाफ होमग्राउंड पर सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले भारतीय रविचंद्रन अश्विन- 7 मैच- 46 विकेट हरभजन सिंह– 7 मैच- 42 विकेट अनिल कुंबले– 9 मैच- 39 विकेट रवींद्र जडेजा– 7 मैच- 36 विकेट जवागल श्रीनाथ– 5 मैच- 21 विकेट 

केरल में POCSO मामला: मां को अपराध के लिए उकसाने का दोषी पाया, अदालत ने कही यह बात

तिरुवनंतपुरम केरल की एक स्पेशल पॉक्सो कोर्ट ने महिला और उसके पुरुष साथी को 180 साल की सजा सुनाई है। दरअसल, पुरुष पर महिला की 12 साल की बेटी के साथ बार-बार बलात्कार के आरोप थे। वहीं, महिला पर आरोप थे कि उसने बेटी के खिलाफ रेप में आरोपी की मदद की और उसे अपराध के लिए उकसाया भी। कोर्ट में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने बताया था कि महिला अपनी बच्ची को शारीरिक संबंध बनाते हुए देखने के लिए मजबूर भी करती थी।  रिपोर्ट के अनुसार, कोर्ट ने दोनों को 180 साल की सजा और दोनों को ही 11.7 लाख रुपये जुर्माना देने की सजा सुनाई है। जज अशरफ एएम ने पाया है कि दोनों पॉक्सो और आईपीसी और जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के कई प्रावधानों के तहत आरोपी हैं। एक ओर जहां आरोपी पलक्कड़ का रहने वाला है। वहीं, पीड़िता की मां और इस केस में दूसरी आरोपी तिरुवनंतपुरम से है। विशेष लोक अभियोजक सोमसुंदरन ए ने कहा कि महिला पति और बच्ची के साथ तिरुवनंतपुरम में रहती थी और फोन पर बातचीत के जरिए 33 साल के आरोपी के संपर्क में आई थी। इसके बाद वह आरोपी के साथ भाग गई थी और दोनों पलक्कड़ और मलप्पुरम में साथ रहे। खास बात है कि इस दौरान बच्ची भी उनके साथ ही थी। महिला की उम्र 30 साल है। अभियोजन ने बताया है कि महिला के साथी ने दिसंबर 2019 और नवंबर 2020 के बीच बच्ची के साथ कई बार यौन हिंसा की। यही सिलसिला दिसंबर 2020 से अक्तूबर 2021 तक चला। केस में मां को यौन उत्पीड़न के लिए उकसाने का दोषी पाया गया है। अभियोजन के आरोप हैं कि आरोपी मां अपराध की गवाह है और वह नाबालिग बच्ची को मजबूर करती थी कि वह दोनों को संबंध बनाते हुए देखे। इसके अलावा महिला पर बच्ची को पोर्न वीडियो दिखाने और बीयर पिलाने के आरोप भी लगाए गए थे। रिपोर्ट के अनुसार, सोमसुंदरन का कहना है कि महिला ने बच्ची को धमकाया था कि उसके दिमाग में सीसीटीवी लगाया गया और अगर वह किसी को कुछ बताएगी तो उन्हें पता चला जाएगा। कैसे सामने आया मामला रिपोर्ट के अनुसार, सोमसुंदरन का कहना है कि महिला मलप्पुरम थाने पहुंची थी और उसने माता-पिता पर आधार कार्ड और अन्य दस्तावेज नहीं देने के आरोप लगाए थे। उन्होंने कहा, 'पुलिस ने महिला के पैरेंट्स को सर्टिफिकेट देने के लिए कहा था। जब वह महिला के घर पहुंचे और कहा कि वह पोती को देखना चाहते हैं, तो आरोपी ने इनकार कर दिया।' उन्होंने कहा, 'बाद में पड़ोसियों ने बताया कि घर में बच्ची की हालत खराब है और उसे भोजन भी नहीं दिया जा रहा है। इसके बाद उन्होंने चाइल्ड लाइन से संपर्क किया और बच्ची को स्नेहिता सेंटर पहुंचाया। यहां बच्ची ने उसके साथ हुई वारदात को बताया।' कोर्ट के आदेश हैं कि जुर्माने की रकम पीड़िता को दी जाए। खास बात है कि जुर्माना नहीं देने की स्थिति में दोनों पर 20 महीने की सजा और बढ़ जाएगी।