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PM किसान सम्मान निधि: खाते में जल्द आएंगे पैसे, सरकार ने जारी की नई तारीख

नई दिल्ली  केंद्र सरकार की तरफ से किसान सम्मान निधि योजना के तहत मिलने वाली 21वीं किस्त जल्द ही जारी होने वाली है। आपको बता दें कि केंद्र सरकार हर साल किसानों को तीन बार 2-2 हजार रुपये की आर्थिक मदद देती है — यानी कुल ₹6,000 सालाना। अब किसानों को इंतजार है कि 21वीं किस्त उनके खाते में कब आएगी?   अब तक किन किसानों को मिली 21वीं किस्त केंद्र सरकार ने 26 सितंबर 2025 को उत्तराखंड, पंजाब और हिमाचल प्रदेश के करीब 27 लाख किसानों के बैंक खातों में 21वीं किस्त भेज दी थी। ये भुगतान इसलिए किया गया क्योंकि इन राज्यों में भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन से किसानों को भारी नुकसान हुआ था। पिछली यानी 20वीं किस्त 2 अगस्त 2025 को जारी हुई थी, जब करीब 9 करोड़ किसानों को इसका लाभ मिला। आमतौर पर हर चार महीने के अंतराल पर किस्त जारी होती है, इसलिए अब 21वीं किस्त नवंबर 2025 के मध्य या आखिर तक आने की उम्मीद है। सूत्रों के अनुसार, चुनावी प्रक्रिया खत्म होने के बाद (14 नवंबर 2025) केंद्र सरकार अगली किस्त जारी कर सकती है। हालांकि, अभी तक आधिकारिक घोषणा (Official Notification) नहीं आई है। अब सबसे आसान काम, लिस्ट में नाम चेक करना. इसके लिए सबसे पहले https://pmkisan.gov.in/homenew.aspx वेबसाइट पर जाएं. वहां फार्मर्स कॉर्नर सेक्शन में बेनिफिशियरी लिस्ट का ऑप्शन मिलेगा. क्लिक करें और अपना राज्य चुनें. फिर जिला, ब्लॉक और गांव सिलेक्ट करें. इसके बाद गेट रिपोर्ट पर क्लिक कर दें. स्क्रीन पर पूरी लिस्ट आ जाएगी. अपना नाम ढूंढें। अगर दिख रहा है तो बधाई हो, पैसे जल्द आ जाएंगे. पीएम किसान योजना का हेल्पलाइन नंबर पीएम किसान योजना ने लाखों किसानों का जीवन आसान बनाया है. खेती-बाड़ी के खर्चे निकालने में ये मदद बड़ा सहारा है. पीएम किसान योजना से जुड़ी अगर कोई दिक्कत हो तो हेल्पलाइन नंबर 155261 या 011-23381092 पर कॉल कर सकते हैं या फिर लोकल कृषि अधिकारी से बात करें।  

क्रिस्टल ने अल्कमार को 3-1 से हराया, इस्माइला सार की शानदार परफॉर्मेंस ने बदला मैच

लंदन यूईएफए कॉन्फ्रेंस लीग में क्रिस्टल पैलेस ने एजेड अल्कमार को 3-1 से शिकस्त दी। इस्माइला सार इस मुकाबले के हीरो रहे, जिन्होंने कुल दो गोल दागे। इस मुकाबले का खाता मैक्सेंस लैक्रोइक्स ने खोला, जिन्होंने मुकाबले के 22वें मिनट गोल दागते हुए क्रिस्टल पैलेस को 1-0 से बढ़त दिलाई। इसके बाद इस्माइला सार (45+7) ने गोल करते हुए टीम को मुकाबले में 2-0 से आगे कर दिया। इस मुकाबले के 54वें मिनट एजेड अल्कमार की ओर से गोल करते हुए स्वेन मिजनंस ने क्रिस्टल पैलेस की बढ़त आधी कर दी थी, लेकिन तीन मिनट बाद इस्माइला सार ने अपना दूसरा गोल दागते हुए क्रिस्टल को मुकाबले में 3-1 से आगे कर दिया। इसी के साथ क्रिस्टल पैलेस ने 3 अंक हासिल कर लिए। इस टीम ने अपना दूसरा मुकाबला जीत लिया है। वहीं, एजेड अल्कमार को तीन मैचों में सिर्फ 1 जीत मिल सकी है। इससे पहले क्रिस्टल पैलेस को एईके लारनाका के खिलाफ 0-1 से शिकस्त झेलनी पड़ी थी। मैक्सेंस लैक्रोइक्स का मानना है कि पिछले मुकाबले में मिली हार ने टीम को वापसी के लिए प्रेरित किया है। लैक्रोइक्स ने ‘टीएनटी स्पोर्ट्स’ से कहा, “हम यह जीत हासिल करने के बाद वाकई बहुत खुश हैं। हम अपने खेल से भी बहुत खुश हैं। मुझे लगता है कि सेलहर्स्ट में हर कोई गोल देखना पसंद करता है। उन्होंने कहा, “हम वाकई बहुत खुश हैं। एईके लारनाका के खिलाफ हमारी हार थोड़ी दुखद थी, लेकिन हमने मैच से पहले कहा था कि हम इस मुकाबले को जीतकर फैंस को तोहफा देना चाहते हैं। मुझे लगता है कि हर कोई इसका हकदार है। हमारी टीम इस समय अच्छी स्थिति में हैं। हमने लगातार तीन मैच जीते हैं। हम इससे बहुत खुश हैं। हम जीत की इस लय को बरकरार रखना चाहते हैं। रविवार को हमारा डर्बी मैच है। इसलिए मुझे लगता है कि यह हमारे लिए एक महत्वपूर्ण क्षण होगा।”  

पहले हफ्ते में ही सर्द हवाओं का कहर, दशक बाद इतनी ठंड

इंदौर हिमालय से आ रही सर्द हवाओं ने पिछले तीन दिनों में आठ डिग्री सेल्सियस तक रात पारा गिराया। यही वजह है कि पिछले दो दिनो से उत्तरी हवाओं के असर से शहरवासियों को अल सुबह व रात में ठंडक का अहसास होने लगा है। गुरूवार की रात इस सीजन की सबसे ठंडी रात रही है। शुक्रवार को शहर में न्यूनतम तापमान 10.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो पिछले 10 साल में सबसे कम रहा। सामान्यत: नवंबर के आखिरी सप्ताह में न्यूनतम तापमान में गिरावट देखने को मिलती है। यह पहला मौका है जब नवंबर के पहले सप्ताह में उत्तरी हवाओं ने पारा गिराया है। भोपाल मौसम केंद्र के पास उपलब्ध उपलब्ध आंकड़ों में इंदौर में 25 नवंबर 1938 को सबसे कम 5.6 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम दर्ज किया गया था। इसके अलावा 30 नवंबर 1988 को इंदौर में 7.3 न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया था, जो विगत वर्षो में नवंबर माह में दूसरा सबसे कम तापमान दर्ज हुआ है।     मौसम विज्ञानियों के मुताबिक इंदौर में अगले एक सप्ताह इसी तरह तापमान में गिरावट बरकरार रहेगी। हिमालय क्षेत्र में इस नवंबर के पहले सप्ताह से पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हुए हैं। हाल ही में हिमालय क्षेत्र में जो पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय था वो काफी मजबूत था। उसके गुजरने के बाद वहां हुई बर्फबारी के असर से उत्तरी व उत्तर पश्चिमी सर्द हवाएं इंदौर सहित पश्चिमी मप्र की ओर आ रही है। इस वजह से इंदौर में दिन के साथ रात के तापमान मे भी गिरावट देखने को मिल रही है। शुक्रवार को इंदौर में अधिकतम तापमान सामान्य से तीन डिग्री सेल्सियस कम 28.1 डिग्री सेल्सिय दर्ज किया गया। पिछले एक सप्ताह में इस तरह गिरा इंदौर में पारा दिनांक अधिकतम न्यूनतम     1 नवंबर 28.1 19.8     2 नवंबर 30.1 21.6     3 नवंबर 30.0 22.4     4 नवंबर 29.8 20.8     5 नवंबर 30.2 18.2     6 नवंबर 28.3 12.1     7 नवंबर 28.1 10.3 नोट : तापमान डिग्री सेल्सियस में   नवंबर में तापमान व वर्षा उच्चतम अधिकतम तापमान : 5 नवंबर को 1925 को 35 डिग्री सेल्सियस निम्मनम न्यूनतम तापमान : 25 नवंबर 1938 को 5.6 डिग्री सेल्सियस सर्वाधिक कुल मासिक वर्षा : 1946 में 217.4 मिमी

संगीत जगत में शोक की लहर: सुलक्षणा के निधन पर मुख्यमंत्री ने जताया दुख

रायपुर भारतीय सिनेमा की प्रसिद्ध अभिनेत्री, मधुर स्वर साधिका छत्तीसगढ़ की बेटी सुलक्षणा पंडित के निधन पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शोक जताया है। सीएम ने ट्वीट कर कहा, संगीत और अभिनय की उनकी यात्रा की जड़ें छत्तीसगढ़ के रायगढ़ की उस सांस्कृतिक मिट्टी से जुड़ी थी, जहां संगीत एक परंपरा नहीं एक जीवनधारा है। रायगढ़ की पुरानी बस्ती के रामगुड़ी पारा स्थित अशर्फी देवी महिला चिकित्सालय में जन्मी सुलक्षणा ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा रायगढ़ के पैलेस रोड स्थित शासकीय बालिका विद्यालय में प्राप्त की। सीएम साय ने कहा, सुलक्षणा के पिता प्रताप नारायण पंडित राजा चक्रधर सिंह के दरबार के प्रसिद्ध तबला वादक थे। उनके परिवार के लिए संगीत केवल एक कला नहीं, बल्कि जीवन का संस्कार था और सुलक्षणा जी ने उसी संस्कार को सुरों में ढालकर पूरी दुनिया तक पहुंचाया और छत्तीसगढ़ का नाम रौशन किया। सीएम ने कहा, उनकी आवाज में सादगी थी, भाव था और इस मिट्टी की सुगंध थी। छत्तीसगढ़ उनकी इस अमर संगीत यात्रा को नमन करता है। ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और शोकाकुल परिवार को इस अपूरणीय क्षति को सहने की शक्ति दें। बता दें कि सुलक्षणा पंडित 70 के दशक में बॉलीवुड की स्टार थीं। एक्ट्रेस फिल्मों में एक्टिंग के साथ-साथ अपनी बेहतरीन सिंगिंग के लिए भी जानी जाती थीं। उन्होंने सिर्फ 9 साल की उम्र में गाना शुरू कर दिया था। वे 1967 की फिल्म ‘तकदीर’ में लता मंगेशकर के साथ ‘सात समंदर पार से’ गाने से मशहूर हुईं। एक्ट्रेस सुलक्षणा को 1976 में फिल्म संकल्प के गाने ‘तू ही सागर तू ही किनारा’ के लिए फिल्मफेयर अवॉर्ड मिला था। उन्होंने 1975 में फिल्म उलझन से एक एक्ट्रेस के तौर पर बॉलीवुड में डेब्यू किया था। कहा जाता है कि उस समय एक्ट्रेस सुलक्षणा बॉलीवुड सुपरस्टार संजीव कुमार से प्यार करती थी, लेकिन जब उन्होंने उनका प्रपोजल ठुकरा दिया तो उन्होंने कभी शादी न करने का फैसला किया। उनका आखिरी प्लेबैक गाना फिल्म ‘खामोशी: द म्यूजिकल’ में था, जो 1996 में रिलीज हुई। इसे उनके भाइयों जतिन और ललित ने कंपोज किया था। 

भारत में टेस्ला की दस्तक: हरियाणा को बड़ा तोहफा, इस जिले को मिला पहला सेंटर

चंडीगढ़  हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बृहस्पतिवार को इलेक्ट्रिक वाहन विनिर्माता टेस्ला को राज्य में विनिर्माण संयंत्र स्थापित करने के लिए आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि उनकी सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने तथा औद्योगिक निवेश आकर्षित करने के लिए पूर्ण समर्थन प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, उन्होंने टेस्ला के प्रतिनिधियों को हरियाणा इलेक्ट्रिक वाहन नीति की एक प्रति भी भेंट की और इस बात पर प्रकाश डाला कि राज्य इस क्षेत्र में तेजी से अग्रणी के रूप में उभर रहा है।  सैनी ने कहा कि हरियाणा में टेस्ला विनिर्माण संयंत्र स्थापित करने से न केवल कंपनी की बिक्री में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, बल्कि टेस्ला के इलेक्ट्रिक वाहन भारतीय उपभोक्ताओं के लिए अधिक किफायती और सुलभ भी हो जाएंगे।   भारत का पहला एकीकृत टेस्ला सेंटर 27 नवंबर को गुरुग्राम में शुरू होने जा रहा है। यह सेंटर एक ही परिसर में एक्सपीरियंस सेंटर, डिलीवरी हब, सर्विस स्टेशन, ऑफिस स्पेस और सुपरचार्जिंग स्टेशन जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं प्रदान करेगा।सीएम ने कहा कि अगर टेस्ला हरियाणा में मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित करती है, तो इससे न केवल राज्य में औद्योगिक और तकनीकी विकास को गति मिलेगी, बल्कि भारतीय उपभोक्ताओं को टेस्ला की गाड़ियां ज्यादा किफायती दामों पर उपलब्ध हो सकेंगी।  

दीपिका कक्कड़ की हेल्थ अपडेट: 11 सेंटीमीटर का ट्यूमर निकाला गया, दो साल तक चलेगा इलाज

मुंबई दीपिका कक्कड़ पिछले कुछ महीने से बहादुरी से  स्टेज 2 लिवर कैंसर का सामना कर रही है। भारती सिंह और हर्ष लिम्बाचिया के साथ हाल ही में एक पॉडकास्ट में, उन्होंने अपने इलाज और इस दौरान परिवार के मिले प्यार और समर्थन पर खुलकर बात की। जब उनसे पुछा गया कि जब आप शराब या किसी तरह का नशा नहीं करती तो कैंसर कैसे हो गया? इस पर दीपिका ने बताया कि डॉक्टरों ने उन्हें बताया है कि इस बीमारी के होने की कोई साफ वजह नहीं बताई जा सकती। हकीकत यह है कि कोई नहीं जानता कि मुझे ये कैसे हुआ। अब होगा दीपिका का FAPI स्कैन बातचीत के दौरान, दीपिका ने बताया कि इस हफ़्ते उनका FAPI स्कैन फिर से होगा। उन्होंने बताया कि FAPI स्कैन, CT स्कैन जैसा ही होता है, हालांकि इसे विशेष रूप से शरीर में कैंसर कोशिकाओं का पता लगाने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इससे डॉक्टरों को सर्जरी या इलाज शुरू करने से पहले यह पता लगाने में मदद मिलती है कि कैंसर कितनी दूर तक फैल चुका है। दीपिका ने बताया कि कैसे सर्जरी से कैंसर कोशिकाओं को हटाने में मदद मिली और तब से, वे रक्त और ट्यूमर मार्कर परीक्षणों के माध्यम से उनकी रिकवरी पर नज़र रख रहे हैं। दो साल तक चलेगा इलाज दीपिका ने बताया था कि सर्जरी के दौरान डॉक्टरों ने उनके लिवर का करीब 22% हिस्सा और 11 सेंटीमीटर लंबा ट्यूमर हटा दिया था। सर्जरी के बाद अब वह 'टार्गेटेड थैरेपी' ले रही हैं। इस इलाज में उन्हें हर दिन दवाई के रूप में टैबलेट लेनी पड़ती है, जो शरीर में कैंसर की कोशिकाओं को बढ़ने से रोकने में मदद करती है। उन्होंने कहा-  यह उपचार दो साल तक चलेगा, इस दौरान हम यह सुनिश्चित करने के लिए सतर्क रहेंगे कि बीमारी दोबारा न हो। इसलिए हर चीज़ पर नज़र रखने के लिए समय-समय पर स्कैन जरूरी हैं।" दर्द को एसिडिटी  मानते रहे डॉक्टर कैंसर के कारण के बारे में पूछे जाने पर, दीपिका ने बताया कि मैंने जितने भी डॉक्टरों से सलाह ली, उन सभी ने एक ही बात कही इसका कोई स्पष्ट कारण नहीं है। उन्होंने बताया कि उनकी परेशानी पेट दर्द से शुरू हुई थी। उन्हें काफी समय से गॉल ब्लैडर में दर्द हो रहा था, जब उन्होंने रुहान को कंसीव किया था। डिलीवरी के बाद भी जब दर्द होता, तो डॉक्टर इसे एसिडिटी मानकर दवा देते और कुछ दिन में आराम मिल जाता। लेकिन धीरे-धीरे दर्द बढ़ता गया और दोनों तरफ होने लगा। तब उन्होंने शोएब से  ब्लड टेस्ट करवाने काे कहा था।

पराली जलाने पर अब नहीं बचेगी ढिलाई, राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज होगी रेड एंट्री

संगरूर/बरनाला धान की पराली जलाने की घटनाओं पर पूर्ण रूप से लगाम कसने के लिए, जिला प्रशासन बरनाला हर संभव प्रयास कर रहा है। जिला उपायुक्त (डी.सी.) टी. बेनिथ पिछले एक सप्ताह से रोजाना जिले के विभिन्न गांवों का दौरा कर रहे हैं और पराली जलाने के मामलों के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई कर रहे हैं। इसी कड़ी में जब डी.सी. बरनाला टी. बेनिथ गश्त कर रहे थे, तो उन्होंने गांव पक्खो कलां में खेतों में लगी आग देखी। उन्होंने तुरंत फायर इंजन की मदद ली और स्वयं मौके पर जाकर आग बुझाई। इस दौरान, उन्होंने जोर देकर कहा कि जिला बरनाला में किसी भी कीमत पर आग नहीं लगने दी जाएगी और उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।   किसानों पर होगी बड़ी कार्रवाई डी.सी. ने स्पष्ट किया कि जो किसान खेतों में आग लगाएंगे, उनके खिलाफ कड़े कदम उठाए जाएंगे: * उनकी 'फर्द' (जमीन के रिकॉर्ड/जमाबंदी) में 'लाल एंट्री' (एक प्रकार का प्रतिकूल या नकारात्मक रिकॉर्ड) दर्ज की जाएगी। * उनका चालान काटा जाएगा। * उनके खिलाफ एफ.आई.आर. दर्ज की जाएगी। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे पराली को आग न लगाएं, बल्कि इसका खेतों में ही उचित प्रबंधन करें, जिससे पर्यावरण को बचाया जा सके। डी.सी. ने कहा कि पराली जलाने पर जीरो टॉलरैंस नीति अपनाई जा रही है। उन्होंने लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों पर भी कार्रवाई की। उनकी लापरवाही के कारण खेतों में आग लगी, जिसके लिए आज 5 कर्मचारियों को चार्जशीट किया गया है। डी.सी. ने प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि वे धान की पराली जलाने के मामलों पर अंकुश लगाने के लिए जीरो टॉलरैंस नीति का सख्ती से पालन करें। डी.सी. बरनाला ने बताया कि अब तक जिला बरनाला में पराली जलाने के मामलों में 23 पुलिस केस (एफआईआर) दर्ज किए गए हैं। कुल 1.20 लाख रुपए का जुर्माना (चालान) किया गया है। डीसी ने सेखा, झालूर, नंगल, भद्दलवड़, संग्हेड़ा, भोतना, टल्लेवाल, भदौड़, शहना, कोठे गिल, उगोके, ढिलवां, पक्खोके और चीमा सहित कई गांवों का दौरा किया और अधिकारियों व कर्मचारियों से बातचीत कर उन्हें सख्त हिदायतें दीं।

न्यूजीलैंड ने वनडे स्क्वॉड का किया ऐलान, फिट होकर लौटे मैट हेनरी

लखनऊ बिहार विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के स्टार प्रचारक की भूमिका में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को कहा कि राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के लोग लालटेन लेकर आते थे, केरोसिन बेच देते थे। फिर अंधेरे में डकैती डालते थे। अराजकता पैदा करना इनका जन्मसिद्ध अधिकार है। लौरिया के विधायक, भाजपा प्रत्याशी व भोजपुरी कलाकार विनय बिहारी के पक्ष में एक जनसभा को संबोधित करते हुये उन्होंने कहा ' पशुओं का चारा खाने वाले आपका राशन भी नहीं छोड़ेंगे। यह लोग विकास, गरीब कल्याण की योजनाएं रोक देंगे और फिर से जंगलराज पैदा करेंगे। यूपी में माफिया की छाती पर बुलडोजर गड़गड़ाकर चलता है  कांग्रेस व राजद के समय में बिहार में 60 से अधिक जातीय नरसंहार हुए थे। अपहरण की 30 हजार से अधिक घटनाएं हुईं। व्यापारी, इंजीनियर, चिकित्सक, बेटियों का लगातार अपहरण होता था। सरकार कारर्वाई की बजाय अपहरणकर्ताओं के सामने नतमस्तक होकर मध्यस्थता की बात करती थी। महागठबंधन में हिम्मत नहीं है कि अपराधियों पर जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कार्य कर सके।' उन्होने कहा ' यूपी को देखें, जब वहां माफिया की छाती पर बुलडोजर गड़गड़ाकर चलता है तो उनके आका भी थर-थर कांपते हैं। कांग्रेस, राजद खानदानी माफिया को गले से लगाते हैं कांग्रेस, राजद व इनके पाटर्नर आमजन की आस्था का अपमान, दंगाइयों को प्रश्रय, व्यापारियों का सरेआम अपहरण करने वालों और खानदानी माफिया को गले से लगाते हैं। इनकी संवेदना गरीबों के प्रति नहीं, बल्कि माफिया-गुंडों के प्रति है।' योगी ने कहा कि राजद, कांग्रेस वाले बहकाने आएंगे। जब यह 15 वर्ष सत्ता में थे तो नौजवानों को ठगते थे। नौकरी के बहाने उनकी जमीन हड़प डाली थी। अपहरण उद्योग बन चुका था। नया उद्योग नहीं लगता था। नीतीश कुमार के नेतृत्व में अपहरण उद्योग बंद हुआ। गुंडागर्दी रोकने पर प्रभावी कदम उठाए गए। विकास कार्यों को तेजी से बढ़ाया गया। अब नए भारत का नया बिहार है। जब बिहार समृद्ध होता है तो भारत समृद्ध होता है। अब लालटेन का समय नहीं …एलईडी की दूधिया रोशनी का समय  उन्होने लोगों से अपील की कि जिन्होंने 2005 के पहले बिहार के जंगलराज, अराजकता, गुंडागर्दी, भ्रष्टाचार को देखा है, वे वर्तमान पीढ़ी को भी बताएं। अब लालटेन का समय नहीं है। बिहार पीएम मोदी के मार्गदर्शन व नीतीश बाबू के नेतृत्व में एलईडी की दूधिया रोशनी में सुशासन की सुद्दढ़ नींव बनाने की ओर अग्रसर हुआ है। एनडीए ने पिछले 20 वर्ष राजद व कांग्रेस के पापों के गड्ढों को भरने, अराजकता-भ्रष्टाचार को नियंत्रित करने व सुशासन की आधारशिला को सुद्दढ़ करने में लगाया। समृद्ध बिहार की नींव पुख्ता करने के लिए प्रदेश बढ़ चुका है, इसलिए एनडीए सरकार बिहार में फिर से आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार की योजनाओं को गिनाते हुये कहा कि मोदी सरकार ने 11 वर्ष में विकास की अनेक योजनाएं चलाईं तो बिहार में भी विकास की हर योजनाएं हैं। कांग्रेस की सरकार के समय में 50 हजार रुपये में सिलेंडर ब्लैक होता था, जबकि मोदी जी ने 10 करोड़ गरीबों को फ्री में रसोई गैस का सिलेंडर दिया।    भोजपुरी कलाकार दिनेश लाल यादव को बीजेपी ने सांसद बनाया  योगी ने कहा कि भोजपुरी की मिठास दुनिया में हर जगह पहुंची है। भोजपुरिया लोगों ने बंजड़ दीपों को भी उपजाऊ बनाने का कार्य किया है। भोजपुरी संस्कृति जहां भी गई, उस क्षेत्र को उपजाऊ बनाया। बिहार मैथिली और भोजपुरी छठ गीतों के माध्यम से वैश्विक पहचान दिलाने वाली शारदा सिन्हा की भी धरा है। उन्हें पद्म पुरस्कार एनडीए सरकार ने ही दिया। उन्होने कहा ' कलाकार भगवान की अनमोल धरोहर होते हैं। कला का सम्मान होना चाहिए। एनडीए ने भोजपुरी के बड़े कलाकार को लौरिया से मैदान में उतारा है। हमने भी यूपी में भोजपुरी के दो कलाकारों को चुनाव लड़ाया। मैंने गोरखपुर से अपनी संसदीय सीट छोड़कर भोजपुरी कलाकार रवि किशन को दी। भोजपुरी कलाकार दिनेश लाल यादव को भी हमने आजमगढ़ से सांसद बनवाया था। सुशासन की सुद्दढ़ नींव में ही स्वर्णिम बिहार की संकल्पना साकार होगी। लौरियावालों को अर्जुन की तरह एकटक निशाना केवल कमल के फूल पर रखकर ईवीएम बटन दबाना है। ईवीएम 14 को खुलेगी तो एनडीए की सरकार बनेगी  योगी ने कहा कि एनडीए के समर्थन में पहले चरण में बिहार की माताओं, किसानों, नौजवानों का उत्साह दिखा। बिहार की धरती पर 65 फीसदी मतदान बताता है कि 14 नवंबर को ईवीएम खुलेगी तो फिर एक बार एनडीए सरकार का नारा साकार होगा। उन्होने कहा कि आज वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण हुए हैं। 

मुख्यमंत्री ने किया ‘मेक इन सिलिकॉन’ संगोष्ठी का शुभारंभ

रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी अंतरराष्ट्रीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (IIIT) नवा रायपुर के 10वें स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित दो दिवसीय ‘मेक इन सिलिकॉन’ संगोष्ठी का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि यह आयोजन भारत को सेमीकंडक्टर निर्माण और तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में अग्रसर करने वाला एक महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ अपना रजत जयंती वर्ष मना रहा है और आज राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगांठ का भी ऐतिहासिक अवसर है। उन्होंने इस अवसर पर प्रदेशवासियों और ट्रिपल आईटी परिवार को बधाई दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह संस्थान महान शिक्षाविद् डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नाम पर स्थापित है, जिन्होंने शिक्षा, एकता और औद्योगिक विकास को राष्ट्र की प्रगति से जोड़ा। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत आज तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने सेमीकंडक्टर मिशन, इलेक्ट्रॉनिक्स और चिप निर्माण के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धियाँ हासिल की हैं। यह मिशन न केवल बुनियादी ढांचा विकसित कर रहा है, बल्कि युवाओं को सशक्त बनाने और नवाचार को प्रोत्साहन देने का भी कार्य कर रहा है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सेमीकंडक्टर आज आधुनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बन चुका है— मोबाइल, सैटेलाइट, रक्षा प्रणाली और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सभी इससे जुड़े हैं। ऐसे में ‘मेक इन सिलिकॉन’ जैसी पहल भारत की चिप क्रांति को नई दिशा देने में सहायक सिद्ध होगी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ इस मिशन में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए तैयार है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की नई औद्योगिक नीति में सेमीकंडक्टर सेक्टर के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं।उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में कुशल मानव संसाधन, सुदृढ़ औद्योगिक ढांचा, निर्बाध बिजली आपूर्ति और तकनीकी विकास के लिए अनुकूल माहौल उपलब्ध है।  नवा रायपुर में सेमीकंडक्टर यूनिट की स्थापना का भूमिपूजन हो चुका है, जिससे युवाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। उन्होंने कहा कि नवा रायपुर को आईटी और इनोवेशन हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य का ‘छत्तीसगढ़ अंजोर विजन डॉक्यूमेंट’ सतत विकास पर केंद्रित है, जिसमें सेमीकंडक्टर को प्रमुख क्षेत्र के रूप में शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार  इज ऑफ डूइंग बिज़नेस के साथ अब स्पीड आफ डूइंग बिज़नेस पर भी बल दे रही है। मुख्यमंत्री ने देशभर से आए विशेषज्ञों, शिक्षाविदों और प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए कहा कि इस संगोष्ठी से न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे देश को लाभ मिलेगा। उन्होंने आह्वान किया कि “हम सब मिलकर छत्तीसगढ़ को मध्य भारत का ज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार का केंद्र बनाएं तथा भारत के सेमीकंडक्टर मिशन में सक्रिय योगदान दें।” वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि जब मैं पढ़ाई कर रहा था, तब छत्तीसगढ़ में एक भी राष्ट्रीय स्तर का संस्थान नहीं था। किंतु पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की दूरदर्शी नेतृत्व क्षमता के कारण आज प्रदेश में आईआईटी, आईआईएम, एचएनएलयू, एम्स, एनआईटी और ट्रिपल आईटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थान स्थापित हुए हैं। इन संस्थानों ने राज्य को उच्च शिक्षा और शोध के क्षेत्र में नई पहचान दी है। चौधरी ने कहा कि वर्तमान समय में छत्तीसगढ़ में शिक्षा और तकनीकी विकास की अपार संभावनाएँ हैं। आज का युग टेक्नोलॉजी-ड्रिवन इकोनॉमी का है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि हाल ही में माइक्रोसॉफ्ट के सर्वर डाउन होने से विश्वभर में जिस प्रकार कार्य प्रभावित हुए, उससे स्पष्ट है कि पावर टेक्नोलॉजी आज जीवन, अर्थव्यवस्था और वैश्विक प्रणाली को किस हद तक प्रभावित करती है। इसलिए हमें इन चुनौतियों का सामना करने के लिए अभी से तैयार रहना होगा। उन्होंने कहा कि नवाचार, कौशल और काबिलियत ही भविष्य में आपकी वास्तविक उपयोगिता सिद्ध करेंगे। बड़ी उपलब्धियाँ वही व्यक्ति प्राप्त करता है, जो अपनी क्षमता को निरंतर तराशता है। युवाओं को प्रेरित करते हुए उन्होंने कहा कि परिवर्तन हमेशा दृष्टिकोण, संकल्प और निरंतर प्रयास से आता है। साउथ कोरिया के तकनीकी परिवर्तन का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि “हमें भी उसी प्रकार शिक्षा, तकनीक और शोध में निवेश बढ़ाकर आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ना होगा।” वित्त मंत्री ने युवाओं से आह्वान किया कि वे तकनीकी दक्षता, शोध और रचनात्मक सोच को अपने जीवन का आधार बनाएं, क्योंकि आने वाला समय उन्हीं का होगा जो ज्ञान और नवाचार को अपनी शक्ति बनाएंगे। उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा कि सेमीकंडक्टर और औद्योगिक क्षेत्र में भारत को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ‘मेक इन सिलिकॉन’ संगोष्ठी एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन के अनुरूप शैक्षणिक संस्थान सेमीकंडक्टर क्षेत्र में शोध और नवाचार को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार उच्च शिक्षा और तकनीकी क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने युवाओं से कहा कि “आपका नवाचार और आपका संकल्प भारत की तकनीकी पहचान को नई ऊँचाई देगा।” डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी अंतरराष्ट्रीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (IIIT) नवा रायपुर के निदेशक प्रो. ओम प्रकाश व्यास ने अतिथियों को संस्थान की 10 वर्षों की उपलब्धियों से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि संस्थान में विकसित भारत की अवधारणा के अनुरूप शिक्षण, अनुसंधान और नवाचार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। छात्रों के कौशल विकास और क्षमता निर्माण के लिए उन्नत तकनीकी प्रशिक्षण एवं उद्योग आधारित परियोजनाओं पर कार्य किया जा रहा है। इस अवसर पर ट्रिपल आईटी इलाहाबाद के निदेशक प्रो. मुकुल सुतावणे, आईआईटी इंदौर के प्रो. संतोष विश्वकर्मा, मनोज कुमार मजूमदार सहित शिक्षाविद् एवं छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहीं। उल्लखेनीय है कि ‘मेक इन सिलिकॉन’ – स्वदेशी सेमीकंडक्टर इंफ्रास्ट्रक्चर पर राष्ट्रीय संगोष्ठी – ट्रिपल आईटी नया रायपुर के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं संचार अभियांत्रिकी (ECE) विभाग के माइक्रोइलेक्ट्रॉनिक्स और वीएलएसआई डिजाइन समूह द्वारा आयोजित की जा रही है। इस संगोष्ठी का उद्देश्य भारत की सेमीकंडक्टर क्षमताओं को सशक्त बनाना और आत्मनिर्भर सेमीकंडक्टर पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण को प्रोत्साहित करना है। यह आयोजन शिक्षा जगत, उद्योग और अनुसंधान संस्थानों के बीच नवाचार, ज्ञान-विनिमय और सहयोग को बढ़ावा देने के लिए एक सशक्त मंच है, जिससे भारत वैश्विक सेमीकंडक्टर क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा सके। संगोष्ठी में वीएलएसआई डिजाइन और माइक्रोइलेक्ट्रॉनिक्स … Read more

फैंस को फिर निराशा: GTA 6 की लॉन्च डेट आगे बढ़ी, जानें वजह

  रॉकस्‍टार गेम्‍स के मशहूर गेम GTA 6 का इंतजार गेमिंग के दीवाने काफी वक्‍त से कर रहे हैं। रिपोर्टों के अनुसार, GTA 6 की रिलीज डेट को अब 19 नवंबर 2026 तक के लिए आगे बढ़ा दिया गया है। पहले इसे 26 मई 2026 को यह गेम रिलीज किया जाना था, लेकिन अब करीब 6 महीने का एक्‍सटेंशन गेम की रिलीज के लिए दिया गया है। रॉकस्‍टार गेम्‍स की तरफ से एक्‍स पर इस बारे में जानकारी दी गई है। इसमें कहा गया है कि गेम को बेहतरीन बनाने के लिए यह कदम उठाया जा रहा है। जीटीए 6 की रिलीज डेटा लगातार टलती रही है। यह गेम इसी साल लॉन्‍च होना था, लेकिन बार-बार देरी के बाद अब अगले साल नवंबर में आएगा। GTA 6 पर रॉकस्‍टार गेम्‍स का आधि‍कारिक बयान रॉकस्‍टार गेम्‍स ने सोशल मीडिया प्‍लेटफॉर्म एक्‍स पर एक पोस्‍ट में कहा- हमें इस अतिरिक्त समय के लिए खेद है। हमें पता है इंतजार लंबा है, लेकिन इस दौरान हमें गेम को उस स्तर की पॉलिश के साथ पूरा करने में मदद मिलेगी, जिसकी उम्‍मीद आप लोगों ने लगाई है और जिसके आप हकदार हैं। GTA 6 में क्‍या-क्‍या आएगा GTA 6 जिसका पूरा नाम ग्रैंड थेफ्ट ऑटो 6 है, उसे प्‍लेस्‍टेशन 5 और एक्‍सबॉक्‍स सीरीज एक्‍स व एस कंसोल पर लाए जाने की तैयारी है। जीटीए 6 में वाइस सिटी मुख्‍य आकर्षण होगी। इसके गेम प्‍ले की स्‍टोरी लूसिया के चारों तरफ घूमेगी। लूसिया, जीटीए फ्रेंचाइजी की पहली महिला कैरेक्‍टर है। क्‍या GTA 6 को 60 एफपीएस पर खेल पाएंगे ऐसा कहा जा रहा है कि जीटीए 6 को 60 एफपीएस यानी फ्रेम प्रति सेकंड पर खेला जा सकेगा। एक्‍स पर ही डिटेक्‍ट‍िव सीड्स नाम का एक यूजर दावा कर चुका है कि जीटीए 6 को प्‍लेस्‍टेशन 5 प्रो पर 60 फ्रेम प्रति सेकंड पर खेला जा सकेगा। बताया जा रहा है कि रॉकस्‍टार गेम्‍स और सोनी मिलकर कंसोल के लिए इस गेम को बेहतर बनाने पर काम कर रहे हैं। कहा जाता है कि इन बदलावों की वजह से ग्राफ‍िक्‍स बेहतर होंगे। रिलीज में होती रही है देरी GTA 6 की रिलीज डेट को पहली बार नहीं टाला गया है। पहले कहा गया था कि गेम इसी साल यानी 2025 में आ जाएगा। फ‍िर इसे मई 2026 तक टाला गया और अब 19 नवंबर 2026 डेट सामने आई है। यह फैसला गेम को बेहतर पॉलिश करने के लिए लिया गया है। अगर यह डेट बरकरार रहती है तो गेमर्स के लिए साल 2026 एक ग्रैंड ईयर बन सकता है।