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सीएम योगी ने पहली रैली में रक्सौल से भाजपा प्रत्याशी प्रमोद कुमार सिन्हा और नरकटिया से जदयू प्रत्याशी विशाल कुमार को जिताने की अपील की

योगी ने कांग्रेस व राजद को धोया, बोले- अराजकता पैदा करना इनका जन्मसिद्ध अधिकार बिहार विधानसभा चुनाव (कंपाइल खबर) सीएम योगी ने पहली रैली में रक्सौल से भाजपा प्रत्याशी प्रमोद कुमार सिन्हा और नरकटिया से जदयू प्रत्याशी विशाल कुमार को जिताने की अपील की योगी ने दूसरी रैली में लौरिया के विधायक, भाजपा प्रत्याशी व भोजपुरी कलाकार विनय बिहारी को फिर से विधानसभा में भेजने का किया आग्रह सीएम योगी ने ढाका विधानसभा से एनडीए प्रत्याशी पवन कुमार जायसवाल के समर्थन में मांगा वोट लालटेन की केरोसिन बेचकर बिहार में अंधेरा करने वाले अब राशन हजम करने की तैयारी में हैंः सीएम योगी ने विपक्षी दलों को घेरा, बोले-नौकरी के बहाने नौजवानों की जमीन हड़प लेते थे, महागठबंधन फिर नौकरी के नाम पर धोखा देने निकला है योगी ने दिखाया आईना- महागठबंधन में हिम्मत नहीं कि अपराधियों पर जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कार्रवाई कर सकें, यूपी में माफिया की छाती पर चलता है बुलडोजर तो उनके आका भी थर-थर कांपते हैं भोजपुरिया लोगों ने बंजड़ दीपों को भी उपजाऊ बनाने का कार्य किया, मैंने भी गोरखपुर से अपनी संसदीय सीट छोड़कर भोजपुरी कलाकार रवि किशन को ही दी ढाका में घुसपैठियों के आका को भी लगाएंगे ठिकानेः सीएम योगी रैलियों में योगी को देखने उमड़ा जनसैलाब, बुलडोजर बाबा जिंदाबाद से गूंज उठा बिहार पूर्वी चम्पारण/पश्चिम चंपारण उप्र के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहले चरण के मतदान के अगले दिन शुक्रवार को बिहार में राजद-कांग्रेस पर ऐसा तीखा प्रहार किया कि जनसभा में पहुंची जनता का जोश सातवें आसमान पर पहुंच गया। सीएम ने पहली रैली में रक्सौल से भाजपा प्रत्याशी प्रमोद कुमार सिन्हा और नरकटियागंज से जदयू प्रत्याशी विशाल कुमार को जिताने की अपील की। दूसरी रैली में लौरिया के विधायक, भाजपा प्रत्याशी व भोजपुरी कलाकार विनय बिहारी को फिर से विधानसभा में भेजने का आग्रह किया। तीसरी रैली में उन्होंने ढाका से पवन कुमार जायसवाल के लिए वोट मांगा। रैलियों में योगी आदित्यनाथ को देखने जनसैलाब उमड़ा। पूरा बिहार बुलडोजर बाबा जिंदाबाद के नारों से गूंज उठा। सीएम ने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि अराजकता इनका जन्मसिद्ध अधिकार है। चुनाव सुशासन बनाम जंगलराज का सीएम योगी ने कहा कि जो लोग लालटेन की केरोसिन बेचकर बिहार को अंधेरे में झोंकते थे, फिर से वही आपका राशन हजम करने आए हैं। यह चुनाव सुशासन बनाम जंगलराज का है। बिहार को 1990 से 2005 के बीच जातीय संघर्ष, नरसंहार, अपहरण और डकैती के दौर में झोंकने वाले अब फिर नई पैकिंग में वोट मांगने निकले हैं। यह वही लोग हैं, जिन्होंने लालटेन की धुंधली लाइट में बिहार में जातीय संघर्ष करवाया था। यह लोग लालटेन की केरोसिन को बेच करके अंधेरा करते थे, फिर घरों में डकैती भी डालते थे। जो लोग पहले चारा खा गए, अब राशन खाने आए हैं। यह वही लोग हैं जिन्होंने नौजवानों को बेरोजगारी और अपराध के अंधेरे में धकेला। अब फिर जातीय नफरत और लूट का राज वापस लाना चाहते हैं, लेकिन बिहार की जनता अब विकास और विरासत के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि जैसे उत्तर प्रदेश में माफिया की संपत्ति जब्त कर गरीबों के घर बनाए गए, वैसे ही बिहार में भी सुशासन से अपराध और नक्सलवाद को समाप्त किया जाएगा। गृह मंत्री अमित शाह ने संकल्प लिया है कि 2026 तक देश से नक्सलवाद का नामोनिशान मिट जाएगा। कार्रवाई की बजाय अपहरणकर्ताओं के सामने नतमस्तक होकर मध्यस्थता की बात करती थी तत्कालीन सरकार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दूसरी रैली में कांग्रेस व राजद पर हमला बोलते हुए कहा कि यह लोग विकास, गरीब कल्याण की योजनाएं रोक देंगे और फिर से जंगलराज पैदा करेंगे। कांग्रेस व राजद के समय में बिहार में व्यापारी, इंजीनियर, चिकित्सक, बेटियों का लगातार अपहरण होता था। सरकार कार्रवाई की बजाय अपहरणकर्ताओं के सामने नतमस्तक होकर मध्यस्थता की बात करती थी। महागठबंधन में हिम्मत नहीं है कि अपराधियों पर जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कार्य कर सके। यूपी को देखें, जब वहां माफिया की छाती पर बुलडोजर गड़गड़ाकर चलता है तो उनके आका भी थर-थर कांपते हैं। कांग्रेस, राजद व इनके पार्टनर दंगाइयों को प्रश्रय, व्यापारियों का सरेआम अपहरण करने वालों और खानदानी माफिया को गले से लगाते हैं। सीएम योगी ने मतदाताओं को चेताया कि राजद, कांग्रेस वाले बहकाने आएंगे। जब यह 15 वर्ष सत्ता में थे तो नौजवानों को ठगते थे। नौकरी के बहाने उनकी जमीन हड़प डाली थी। अपहरण उद्योग बन चुका था। नया उद्योग नहीं लगता था। नीतीश कुमार के नेतृत्व में अपहरण उद्योग बंद हुआ। सीएम योगी ने अपील की कि जिन्होंने 2005 के पहले बिहार के जंगलराज, अराजकता, गुंडागर्दी, भ्रष्टाचार को देखा है, वे वर्तमान पीढ़ी को भी बताएं। सीएम योगी ने कहा कि भोजपुरी की मिठास दुनिया में हर जगह पहुंची है। भोजपुरिया लोगों ने बंजड़ दीपों को भी उपजाऊ बनाया। भोजपुरी संस्कृति जहां भी गई, उस क्षेत्र को उपजाऊ बनाया। कलाकार भगवान की अनमोल धरोहर होते हैं। कला का सम्मान होना चाहिए। मैंने गोरखपुर से अपनी संसदीय सीट छोड़कर भोजपुरी कलाकार रवि किशन को दी। ढाका में घुसपैठियों के आका को भी ठिकाने लगाएंगे सीएम योगी ने तीसरी रैली में कहा कि कांग्रेस और आरजेडी ने बिहार की गौरवशाली परंपरा को कलंकित किया है। इन दलों ने बिहार को जातीय आधार पर बांटा, नौजवानों को पहचान के संकट में धकेला और विकास की गति को रोक दिया। ढाका में घुसपैठियों के आका को भी ठिकाने लगाएंगे। नौजवान बिहार को बांटने वालों के बहकावे में नहीं आएंगे। बिहार अब विकास चुन रहा है, एनडीए की सरकार चुन रहा है। सीएम योगी ने कहा कि एनडीए के समर्थन में पहले चरण में बिहार की माताओं, किसानों, नौजवानों का उत्साह दिखा। बिहार की धरती पर 65 फीसदी मतदान बताता है कि 14 नवंबर को ईवीएम खुलेगी तो फिर एक बार एनडीए सरकार का नारा साकार होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज बिहार में विकास भी है और विरासत का सम्मान भी। सड़क, बिजली, पानी, मेडिकल व इंजीनियरिंग कॉलेज जैसी सुविधाओं से बिहार नई पहचान बना रहा है। उन्होंने कांग्रेस और आरजेडी पर हमला करते हुए कहा कि ये वही दल हैं जो ढाका जैसे सीमावर्ती क्षेत्रों को घुसपैठ का केंद्र बनाकर अराजकता … Read more

बाइक को भूल जाइए, Hero ने लॉन्च की जोरदार टू-सीटर कार

नई दिल्ली Hero MotoCorp: ये यह बहुत बड़ी खबर है! Hero MotoCorp ने EICMA 2025 में अपनी इलेक्ट्रिक सब्सिडीएरी कंपनी VIDA के माध्यम से अपने पारंपरिक दोपहिया वाहन निर्माता की पहचान से हटकर Hero MotoCorp ने 'Novus' रेंज के तहत इंटेलिजेंट, सस्टेनेबल और इंटीग्रेटेड मोबिलिटी सॉल्यूशंस का एक पोर्टफोलियो पेश किया, जो दिखाता है कि कंपनी सिर्फ़ बाइक और स्कूटर तक ही सीमित नहीं रहना चाहती. NEX 3: माइक्रो इलेक्ट्रिक फोर-व्हीलर पहला 4-व्हीलर प्रयास: NEX 3, Hero का पहला कॉम्पैक्ट इलेक्ट्रिक चार-पहिया वाहन है, जिसे कंपनी ने माइक्रो इलेक्ट्रिक फोर-व्हीलर के रूप में पेश किया है. इसमें टैंडम सीटिंग (एक के पीछे एक) अरेंजमेंट है, जिससे यह दो यात्रियों को अजस्ट करता है. इसे "ऑल-वेदर पर्सनल EV" के रूप में डिज़ाइन किया गया है, जो चार पहियों की सुरक्षा और आराम के साथ-साथ शहरी और ग्रामीण दोनों यात्राओं के लिए पेरफेक्ट है.  NEX 1 और NEX 2: माइक्रो-मोबिलिटी डिवाइस NEX 1: यह एक पोर्टेबल, पहनने योग्य (Wearable) माइक्रो मोबिलिटी डिवाइस है, जो बेहद कॉम्पैक्ट और व्यक्तिगत यात्राओं के लिए डिज़ाइन किया गया है. NEX 2: यह एक इलेक्ट्रिक ट्राइक (Trike) है, यानी तीन पहियों वाला इलेक्ट्रिक स्कूटर, जो शहरी आवागमन के लिए स्टेबिलिटी और स्पीड का मिश्रण प्रदान करता है. अन्य प्रमुख ऐलान  VIDA ने दोपहिया सेगमेंट में भी अपने वैश्विक विस्तार और प्रदर्शन पर जोर दिया: अंतर्राष्ट्रीय लॉन्च: VIDA VX2 अर्बन स्कूटर को यूरोपीय बाजार में लॉन्च करने की घोषणा की गई. ग्लोबल इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल कॉन्सेप्ट्स: VIDA Concept Ubex: VIDA की पहली ग्लोबल इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल का कॉन्सेप्ट. VIDA Project VxZ: Zero Motorcycles USA के सहयोग से विकसित किया गया कॉन्सेप्ट, जो हाई-परफॉर्मेंस इलेक्ट्रिक सेगमेंट में Hero की महत्वाकांक्षा को दर्शाता है. ऑफ-रोड सेगमेंट (DIRT.E Series): DIRT.E K3: 4 से 10 वर्ष के बच्चों के लिए डिज़ाइन की गई इलेक्ट्रिक ऑफ-रोड मोटरसाइकिल. DIRT.E MX7 Racing Concept: एक हाई-परफॉर्मेंस, चुस्त इलेक्ट्रिक ऑफ-रोड रेसिंग मोटरसाइकिल कॉन्सेप्ट. यह स्पष्ट है कि Hero MotoCorp अब इलेक्ट्रिक मोबिलिटी स्पेस में एक प्रमुख वैश्विक खिलाड़ी बनने की राह पर है. 

ठंड का नया रिकॉर्ड! मार्च तक sweaters और रजाई से नहीं मिलेगी राहत

रांची झारखंड में नवंबर महीने में ही ठंड ने सभी लोगों का हाल बेहाल कर दिया है। अब लोगों के मन में बस यही सवाल है कि अभी से ये हाल है तो दिसंबर और जनवरी में हमारा क्या हाल होगा। वहीं, इसी बीच मौसम विभाग का कहना है कि होली में भी ठंड रहने वाली है। 48 घंटे बाद तापमान में आएगी और गिरावट बता दें कि वैसे तो झारखंड में अभी से ही ठंड देखी जा रही है, लेकिन 48 घंटे बाद न्यूनतम तापमान में और गिरावट देखने को मिलेगी जिससे राज्य भर में ठंड अधिक बढ़ जाएगी। मौसम वैज्ञानिक अभिषेक आनंद ने बताया कि रांची समेत राज्य में अगले 2 दिन सुबह के तापमान में स्थिरता रह सकती है, लेकिन इसके बाद हवा के रूख में तेजी आने से न्यूनतम तापमान में और गिरावट आएगी। इससे सुबह में ठंड और कुहासा बढ़ेगा। दोपहर के दौरान मौसम साफ रहेगा। इस बार स्वेटर पहनकर मनानी पड़ेगी होली मौसम विभाग के अनुसार, इस बार मध्य मार्च तक ठंड देखने को मिलेगी। ऐसे में होली शायद स्वेटर पहनकर मनानी पड़े, लेकिन दिसंबर और जनवरी के 2 महीने हाड़ कपाने वाली ठंड देखने को मिलेगी। ऐसे में मौसम विभाग ने झारखंड के लोगों को आगामी दिनों में ठंड के लिए तैयार रहने और स्वयं का विशेष ख्याल रखने के लिए चेतावनी दी।  

वीटा घी हुआ महंगा: रोजमर्रा के बजट पर पड़ेगा असर, देखें नई कीमत

चंडीगढ़  हरियाणा डेयरी डेवलपमेंट कोऑपरेटिव फेडरेशन ने वीटा घी की दरों में तत्काल 20 रुपए प्रति लीटर की वृद्धि की है। सीजीएम मैनेजिंग डायरेक्टर ने बताया कि घी के सभी प्रकारों और पैकिंग में एक्स फैक्ट्री रेट में प्रति लीटर 20 रुपए की वृद्धि की गई है। यह वृद्धि एमपीसीएस को होने वाली बिक्री सहित सभी बिक्री पर लागू होगी। वीटा घी की कीमतों में हाल ही में बढ़ोतरी हुई है, जो 22 सितंबर को जीएसटी में कटौती के बाद पहले घटाई गई कीमतों के बाद की गई है।एक लीटर घी का पैक अब 630 का है, जो पहले 610 था, जबकि 15 लीटर के टिन की कीमत में 290 की वृद्धि हुई है, जिससे यह लगभग जीएसटी कटौती से पहले के स्तर पर पहुंच गया है।  

क्रिकेट के मैदान पर भारत का दबदबा, पाकिस्तान को 2 रनों से मात

 हॉन्गकॉन्ग एशिया कप 2025 में लगातार 3 मुकाबले हराने के बाद भारतीय टीम ने एक बार फिर पाकिस्तान को शिकस्त दी है। इस बार हॉन्गकॉन्ग इंटरनेशनल सिक्सेस टूर्नामेंट में इंडिया ने पाकिस्तान को डकवर्थ लुइस नियम के तहत 2 रन से हराया। मैच में उथप्पा ने 28 और भरत ने 24 रन बनाए। यह मुकाबला मोंग कोक (हॉन्ग कॉन्ग) के मिशन रोड ग्राउंड में हुआ। दरअसल, टूर्नामेंट में सभी मुकाबले 6-6 ओवर के खेले जा रहे हैं। इस मैच में पाकिस्तान ने टॉस जीतकर फील्डिंग चुनी। इसके बाद भारतीय टीम ने 87 रनों का टारगेट सेट किया। जवाब में पाकिस्तान ने 3 ओवर में 41 रन बनाए तभी बारिश के कारण मैच रोक दिया गया। फिर डकवर्थ लुइस नियम से फैसला हुआ। रॉबिन उथप्पा ने खेली तूफानी पारी टॉस हारकर पहले बैटिंग करते हुए भारतीय टीम ने 6 ओवर्स में 4 विकेट पर 86 रन बनाए. भारतीय टीम की शुरुआत तूफानी रही. रॉबिन उथप्पा और भरत चिप्ली ने मिलकर 2.3 ओवरों में 42 रनों की ओपनिंग साझेदारी की. इस पार्टनरशिप को मुहम्मद शहजाद ने तोड़ा, जिन्होंने उथप्पा को आउट किया. उथप्पा ने दो चौके और तीन छक्के की मदद से 11 बॉल पर 28 रन बनाए. उथप्पा के बाद शहजाद ने स्टुअर्ट बिन्नी (4 रन) को भी सस्ते में चलता किया. यहां से भरत चिप्पी और कप्तान दिनेश कार्तिक की तूफानी बल्लेबाजी के दम पर भारतीय टीम अच्छे स्कोर तक पहुंचने में सफल रही. चिप्ली ने 13 बॉल पर 24 रन बनाए, जिसमें दो चौके और दो छक्के शामिल रहे. वहीं कार्तिक ने 2 चौके और एक सिक्स की मदद से 6 बॉल पर 17 रनों का योगदान दिया. इस टूर्नामेंट में भारत को पाकिस्तान और कुवैत के साथ ग्रुप-सी में रखा गया है. टूर्नामेंट में कुल 12 टीमें भाग ले रही है, जिन्होंने तीन-तीन के चार ग्रुप्स में बांटा गया है. ग्रुप मुकाबले राउंड रॉबिन प्रारूप में होने हैं. प्रत्येक ग्रुप से दो-दो टीम्स क्वार्टफाइनल में पहुंचेगी. क्वार्टर फाइनल मुकाबले शनिवार (8 नवंबर) को खेले जाने हैं. जबकि अंतिम-चार और खिताबी मुकाबले रविवार (9 नवंबर) को आयोजित होंगे.  हॉन्ग कॉन्ग सिक्सेस में पाकिस्तान, इंग्लैंड और साउथ अफ्रीका का दबदबा रहा है. इन तीनों टीमों ने सबसे ज्यादा 5-5 बार खिताब अपने नाम किए हैं. वहीं श्रीलंका ने इस टूर्नामेंट को 2 बार जीता है. जबकि भारत, ऑस्ट्रेलिया और वेस्टइंडीज के नाम 1-1 खिताब दर्ज हैं. भारत ने अपना एकमात्र खिताब साल 2005 में जीता था. तब फाइनल में टीम इंडिया ने वेस्टइंडीज को हराकर ट्रॉफी पर कब्जा जमाया था. किस फॉर्मेट में हो रहा ये टूर्नामेंट? हॉन्ग कॉन्ग सिक्सेस टूर्नामेंट का फॉर्मेट काफी यूनिक है. इस टूर्नामेंट टीम 6-6 खिलाड़ियों के साथ उतरती है, साथ ही मुकाबले 6-6 ओवर के छोटे फॉर्मेट में खेले जाते हैं. सेमीफाइनल तक हर ओवर में 6 गेंदें होती हैं, लेकिन फाइनल में प्रत्येक ओवर 8 गेंदें की होती हैं. फील्डिंग साइड में विकेटकीपर को छोड़कर सभी खिलाड़ियों के लिए 1-1 ओवर फेंकना अनिवार्य है. यानी एक टीम से केवल एक ही खिलाड़ी ऐसा होगा, जो 2 ओवर डालेगा. नो-बॉल और वाइड को लेकर नियम बिल्कुल साफ है. नो बॉल या वाइड डालने पर बल्लेबाजी टीम को 1 अतिरिक्त रन मिलेगा और गेंद दोबारा फेंकी जाएगी.लेकिन नो-बॉल होने पर कोई फ्री हिट नहीं मिलेगी. अगर 5 ओवर पूरे होने से पहले ही 5 विकेट गिर जाते हैं, तो टीम का आखिरी खिलाड़ी अकेले क्रीज पर बना रहेगा और उसे हर गेंद पर स्ट्राइक लेनी होगी. इस दौरान उसके साथ एक रनर मौजूद रहेगा. जैसे ही छठा विकेट गिरेगा, पारी वहीं समाप्त मानी जाएगी. इसके अलावा, कोई भी बल्लेबाज 50 रन पूरा करते ही रिटायर्ड हो जाएगा. वह बाद में फिर से बल्लेबाजी के लिए वापस आ सकता हैय लेकिन तभी, जब उसके बाद के बल्लेबाज या तो आउट या खुद रिटायर्ड हों जाएं. कार्तिक की कप्तानी में खेल रही इंडिया इस टूर्नामेंट में भारतीय टीम की कप्तानी पूर्व विकेटकीपर बैटर दिनेश कार्तिक संभाल रहे हैं। टीम के लिए ओपनर रोबिन उथप्पा ने 11 बॉल पर 28 रन बनाए। जबकि भरत चिपली ने 13 बॉल पर 24 रनों की पारी खेली। स्टुअर्ट बिन्नी ने 4 और अभिमन्यू मिथुन ने 6 रन बनाए। कप्तान कार्तिक ने 6 बॉल पर 17 रन बनाए। पाकिस्तान के लिए मोहम्मद शहजाद ने 2 और अब्दुल समद ने 1 विकेट लिया। इस तरह रही पाकिस्तान की पारी 87 रनों के टारगेट के जवाब में पाकिस्तानी टीम बारिश के कारण खेल रुकने तक 3 ओवर में 41 रन ही बना सकी थी। ओपनर ख्वाजा नफाय ने 9 गेंदों पर नाबाद 18 और माज सदाकत ने 3 बॉल पर 7 रन बनाए। अब्दुल समद 6 बॉल पर 16 रन बनाकर नाबाद रहे। एकमात्र विकेट स्टुअर्ट बिन्नी ने लिया। उन्होंने सदाकत को कार्तिक के हाथों कैच आउट कराया। इस तरह यह मैच भारतीय टीम ने अपने नाम किया।

बुढ़ापे में इज़्ज़त और अपनापन चाहते हैं तो अभी से सुधारें ये व्यवहार

बच्चों की परवरिश में कई बार पैरेंट्स ऐसी गलतियां करते हैं। जिनका पता उन्हें तब होता है जब वो बिल्कुल बूढ़े और असहाय हो जाते हैं। यानि बच्चा जब बड़ा हो जाता है। बच्चे के मन में खुद के लिए हमेशा रिस्पेक्ट और प्यार बनाकर रखना चाहते हैं तो अपनी इन आदतों को आज से ही अलविदा कह दें। जिससे बच्चे बड़े होने के बाद भी आप से प्यार करते रहें और सम्मान दें। ना दें हमेशा लेक्चर काफी सारे पैरेंट्स की आदत होती है कि अपने बच्चों को हर छोटी-बड़ी बात पर लेक्चर देना शुरू कर देते हैं। बच्चों को कभी भी समझने की कोशिश नहीं करते और ना ही बच्चों की बातों को समझना जरूरी समझते हैं। पैरेंट्स की ऐसी हरकतें बच्चों के मन पर बुरा असर डालती हैं और वो पैरेंट्स से हमेशा दूरी बनाकर रखते हैं। जिससे बुढ़ापे में भी उनका साथ नहीं देते। खुद की गलती को ना मानना पैरेंट्स भी इंसान होते हैं और उनसे भी गलती हो सकती है। लेकिन अपने बच्चों के सामने अगर आप कभी भी अपनी गलती को एक्सेप्ट नहीं करते। अगर आप बच्चों के सामने अपनी गलती को एक्सेप्ट करते हैं तो इससे बच्चों के मन में पैरेंट्स के लिए प्यार और सम्मान का अलग लेवल देखने को मिलता है। दूसरों के साथ कंपेयर पैरेंटिंग में ये बात हमेशा सिखाई जाती है कि बच्चों की तुलना दूसरे बच्चे फिर चाहे खुद के हो या फिर पड़ोसी के, कभी ना करें। हर बच्चा यूनिक होता है और उसके पास अलग खूबी होती है। बच्चे की तुलना दूसरे से करना ना केवल कॉन्फिडेंस लेवल को हिला देता है बल्कि इससे बच्चे पैरेंट्स के प्रति निगेटिव सोचना शुरू कर देते हैं। रूल्स ना तोड़े बच्चों के लिए रूल्स तो सभी बनाते हैं लेकिन उन रूल्स को फॉलो करवाना टास्क होता है। अपने बच्चों से सेट बाउंड्री के आगे बढ़ना और रूल्स ना तोड़ने का एक्जाम्पल सेट करें। जिससे वो अपने रूल्स को फॉलो करने के लिए ज्यादा सीरियस हों। आपकी ये कुछ आदतें बच्चों के मन में पैरेंट्स के लिए रिस्पेक्ट लाती हैं। बच्चों से जो कहें वो खुद भी करें अगर आप बच्चों को अच्छी बातें, आदतें सिखा रहे हैं तो उन्हें वो करके दिखाएं। बच्चे वहीं सीखते हैं जो पैरेंट्स को करते देखते हैं। अगर आप खुद हेल्दी फूड नहीं खाते और एक्सरसाइज नहीं करते तो बच्चे को हेल्दी रहने के लिए नहीं बोल पाएंगे। ठीक यहीं बात लाइफ के रूल्स पर भी लागू होती है। बच्चों से रिस्पेक्ट चाहिए तो केवल बोलें नहीं बल्कि करके दिखाएं।  

रोजगार को बढ़ावा: मुख्यमंत्री भगवंत मान ने युवाओं को सौंपे नियुक्ति पत्र

अमृतसर  रोजगार के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, पीएसपीसीएल (पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड) के नवनियुक्त उम्मीदवारों को आज नियुक्ति पत्र वितरण समारोह के दौरान सम्मानित किया गया। यह समारोह अमृतसर के मेडिकल कॉलेज में बने ऑडिटोरियम में आयोजित किया गया, जिसमें मुख्यमंत्री भगवंत मान स्वयं शामिल हुए। इस अवसर पर 'आप' सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार अब तक विभिन्न विभागों में 56 हजार 856 भर्तियां कर चुकी है। इन 2200 नवनियुक्त कर्मचारियों की भर्ती के साथ यह आंकड़ा बढ़कर 59,962 हजार हो गया है। इस दौरान, मुख्यमंत्री मान ने कहा कि आज सरकार के दौरान 59,962 नौकरियां दी गई हैं। जो बिना किसी नकद राशि और सिफारिश के दी गई हैं। उन्होंने कहा कि आप लोगों ने सुबह उठकर मेहनत की है और कड़ी मेहनत करके आज यह मुकाम हासिल किया है। मुख्यमंत्री मान ने युवाओं से कहा कि सीखने की कोई उम्र या स्थान नहीं होता, इसलिए आपको हमेशा सीखते रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज आपको खुश देखकर उन्हें भी खुशी हो रही है। उन्होंने कहा कि मुझे पूरा विश्वास है कि आप लोग इस नौकरी का इस्तेमाल बदनामी के लिए नहीं करेंगे, बल्कि अपने परिवार और देश का नाम रोशन करेंगे। इस मौके पर पीएसपीसीएल में चयनित नवनियुक्त युवाओं ने कहा कि उन्हें बिना किसी पैसे और सिफारिश के नौकरी मिली है। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल का धन्यवाद किया और वादा किया कि वे अपनी ड्यूटी पूरी ईमानदारी से निभाएंगे। 

सड़क सुरक्षा पर सख्ती: राजस्थान में ओवरस्पीडिंग पर दर्ज होगी FIR, ड्रिंक एंड ड्राइव मामले बढ़े 8%

जयपुर राजस्थान में इस साल सितंबर तक ड्रिंक एंड ड्राइव (शराब पीकर गाड़ी चलाने) के मामलों में करीब 8 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यह खुलासा पुलिस मुख्यालय के आधिकारिक आंकड़ों से हुआ है। यह डेटा उस समय सामने आया है जब महज दो दिनों में दो अलग-अलग सड़क हादसों में 28 लोगों की मौत हो गई। पुलिस मुख्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, 2024 में 40,715 मामले सामने आए थे, जिनमें ड्राइवर शराब के नशे में वाहन चलाते पकड़े गए थे, जबकि 2025 में सितंबर तक यह आंकड़ा 43,788 तक पहुँच गया है। अधिकारियों के मुताबिक, सबसे ज्यादा मामले जयपुर और जोधपुर जिलों से दर्ज हुए हैं। सोमवार 3 नवंबर दोपहर जयपुर के हरमाड़ा इलाके में लोहे की मंडी के पास तेज रफ्तार डंपर ने 17 वाहनों को कुचल दिया, जिससे 12 लोगों की मौत हो गई और 10 घायल हुए। डीसीपी (पश्चिम) हनुमान प्रसाद मीणा ने बताया, “दुर्घटना दोपहर करीब 1 बजे हुई। प्राथमिक जांच में ड्राइवर शराब के नशे में पाया गया। उसे हिरासत में लेकर वाहन जब्त कर लिया गया है।” हरमाड़ा थाना अधिकारी उदय सिंह ने बताया कि डंपर पहले एक बाइक से टकराया और लोगों ने उसका पीछा किया। इसके बाद ड्राइवर ने रफ्तार बढ़ाई और लगभग 300 मीटर तक कई वाहनों को टक्कर मारता चला गया। एनसीआरबी रिपोर्ट में चिंताजनक स्थिति नवीनतम एनसीआरबी रिपोर्ट (2023) के अनुसार, राजस्थान देश में सातवें स्थान पर है जहाँ सबसे ज्यादा 24,694 सड़क हादसे दर्ज हुए। इनमें से 7,179 हादसे राष्ट्रीय राजमार्गों पर हुए और 4,172 लोगों की मौत हुई। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार, “सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता की कमी, खराब सड़कें, वाहनों की स्थिति की जांच का अभाव और ब्लैक स्पॉट सुधार में सुस्ती— ये मुख्य कारण हैं जिन पर सरकार को गंभीरता से ध्यान देना चाहिए।” विशेषज्ञों ने की परिवहन विभाग की आलोचना जयपुर स्थित मुस्कान फाउंडेशन की कार्यकारी निदेशक नेहा खल्लर ने कहा, “हर बार हादसे के बाद पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगता है, जबकि सड़क सुरक्षा नीति बनाने और लागू करने की जिम्मेदारी परिवहन विभाग, पीडब्ल्यूडी और एनएचएआई की होती है।” उन्होंने बताया कि राज्य में केवल दो वाहन फिटनेस सेंटर हैं, जो पूरे राजस्थान की निगरानी के लिए अपर्याप्त हैं। “राज्य में व्यावसायिक वाहनों के लिए टेस्टिंग ट्रैक तक नहीं है, फिर भी लाइसेंस जारी किए जा रहे हैं। ऐसे ड्राइवर कभी प्रशिक्षित नहीं हो पाते,” उन्होंने कहा। नेहा खल्लर ने यह भी बताया कि राजस्थान की कुल सड़क लंबाई का मात्र 11% हिस्सा राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों का है, लेकिन 60% हादसे इन्हीं पर होते हैं। बावजूद इसके, सरकार की ट्रैफिक जागरूकता मुहिम ज्यादातर शहरों तक सीमित हैं। उन्होंने हाल ही में जयपुर के हरमाड़ा हादसे का हवाला देते हुए कहा, “ड्राइवर दोषी जरूर था, लेकिन राज्य में ब्रेद एनालाइज़र टेस्ट सही तरीके से लागू नहीं हुए हैं। उस ड्राइवर के खिलाफ पिछले दो महीनों में तीन बड़े चालान दर्ज थे, फिर भी उसका लाइसेंस रद्द क्यों नहीं किया गया?” जयपुर में ओवरस्पीडिंग पर 3 के खिलाफ एफआईआर जयपुर यातायात पुलिस ने ओवरस्पीडिंग के तीन मामलों में वाहन मालिकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। यह कार्रवाई शहर में सुरक्षित और सुचारू यातायात व्यवस्था बनाए रखने तथा सड़क हादसों पर रोक लगाने के उद्देश्य से की गई है। पुलिस आयुक्त सचिन मित्तल के निर्देश पर यातायात पुलिस ने आईटीएमएस कैमरों में दर्ज तेज रफ्तार वाहनों की फुटेज के आधार पर यह कार्रवाई की। मालवीय नगर थाने में भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 125, 281 और मोटर वाहन अधिनियम 1988 की धारा 183, 184 के तहत तीन एफआईआर दर्ज की गई हैं। पुलिस के अनुसार, एफआईआर दर्ज वाहनों में RJ60CE0209 (103 किमी/घं.), RJ45CY3139 (119 किमी/घं.) और RJ60SY7327 (113 किमी/घं.) शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि इन वाहन चालकों ने जानबूझकर लापरवाही से वाहन चलाकर मानव जीवन को खतरे में डाला।

क्रांति गौड़ को मिला सम्मान, मुख्यमंत्री ने किया बड़ा ऐलान — पिता की होगी पुलिस विभाग में वापसी

भोपाल  भारत को विश्व विजेता बनाने वाली भारतीय महिला क्रिकेट टीम की खिलाड़ी क्रांति गौड़ को भोपाल में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सम्मानित किया। सीएम हाउस में समारोह का आयोजन हुआ है। इस आयोजन में क्रांति गौड़ के पिता मुन्ना सिंह, मां नीलम गौड़ और कोच राजीव बिल्थरे भी मौजूद थें। सीएम मोहन यादव ने क्रांति को मोमेंटो दिया और शॉल ओढ़ाई। समारोह में सीएम मोहन ने की बड़ी घोषणा समारोह में सीएम मोहन यादव ने दो घोणणाएं की। मुख्यमंत्री ने कहा कि, सस्पेंड चल रहे क्रांति गौड़ के पिता मुन्ना सिंह की पुलिस में बहाली होगी। इसके साथ ही क्रांति के गृह निवास छतरपुर में खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए विश्व स्तरिय स्टेडियम बनाया जाएगा। इस दौरान सीएम के साथ खेल मंत्री विश्वास सारंग भी मौजूद थें। उन्होंने क्रांति के माता-पिता और कोच का सम्मान किया। जनजातिय गौरव दिवस पर बड़ा कार्यक्रम सीएम मोहन यादव ने समारोह में जानकारी देते हुए कहा कि, 15 नवंबर को जनजातिय गौरव दिवस पर क्रांति के सम्मान में बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। क्रांति कुछ देर में भोपाल से छतरपुर के गुलगंज जाएंगी। यहां वे चौपरिया सरकार मंदिर में दर्शन करेंगी। वहीं शाम 4 बजे क्रांति अपने गृह ग्राम घुवारा पहुंचेंगी, जहां तुलादान के बाद स्वागत जुलूस निकाला जाएगा।

उपमुख्यमंत्री देवड़ा: जीएसटी सुधारों से म.प्र. में आजीविका के नए मौके और राजस्व वृद्धि

आजीविका के नये मौके और राजस्व संग्रहण बढ़ा : उप मुख्यमंत्री देवड़ा जीएसटी सुधारों का म.प्र. में हुआ व्यापक प्रभाव उत्पादों की कीमतें 6 से 10 प्रतिशत तक कम हुई भोपाल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में लागू किए गए नए जीएसटी सुधारों का मध्यप्रदेश के व्यापार, उद्योग और एमएसएमई सेक्टर पर व्यापक सकारात्मक प्रभाव नजर आने लगा है। इन सुधारों से राज्य के विभिन्न उत्पादों में 6 से 10 प्रतिशत तक कीमतों की कमी दर्ज की गई है। इससे न केवल उद्योगों की लागत घटी है, बल्कि रोजगार, विकास और आजीविका के नए अवसर भी तेजी से बढ़े हैं। राज्य ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के सितम्बर माह तक निर्धारित लक्ष्य ₹8,212 करोड़ के विरुद्ध ₹8,293.01 करोड़ का राजस्व प्राप्त किया, जो लक्ष्य से 0.99 प्रतिशत अधिक है। वर्तमान वर्ष में सितम्बर 2025 तक प्राप्त राजस्व, गत वर्ष की तुलना में 16.88 प्रतिशत अधिक है। यह संकेत है कि जीएसटी सुधारों ने राज्य की आर्थिक गतिविधियों को गति दी है। उप मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि- “प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में किए गए जीएसटी सुधारों ने व्यापार जगत, उद्योगों और कारीगरों के लिए नई ऊर्जा दी है। कर दरों में की गई कमी से उत्पाद सस्ते हुए हैं, जिससे उपभोक्ताओं को राहत और व्यापारियों को प्रतिस्पर्धात्मक लाभ मिला है। इन सुधारों से आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की दिशा में मध्यप्रदेश अग्रसर हो रहा है।” उद्योग, हस्तशिल्प और कारीगरी पर जीएसटी सुधारों का प्रभाव इंदौर नमकीन उद्योग इंदौर सेंव, लौंग सेंव, मिक्सचर और चिवड़ा जैसे उत्पादों का जीआई टैग प्राप्त केंद्र इंदौर, लगभग 1 लाख प्रत्यक्ष और 2.5 लाख अप्रत्यक्ष रोजगार देता है। इसका निर्यात मध्य पूर्व, ब्रिटेन और अमेरिका तक होता है। नमकीन पर जीएसटी 12% से घटाकर 5% करने से उत्पादों में 6-7% तक सस्ती होने की प्रवृत्ति देखी गई है। इससे घरेलू बिक्री में वृद्धि और निर्यात की प्रतिस्पर्धात्मकता में सुधार हुआ है। कृषि मशीनरी मध्यप्रदेश, भारत का दूसरा सबसे बड़ा सोयाबीन उत्पादक राज्य होने के साथ कृषि-मशीनीकरण का प्रमुख केंद्र भी है। इंदौर, भोपाल, देवास, ग्वालियर, उज्जैन और विदिशा में एमएसएमई क्लस्टर द्वारा सीड ड्रिल, थ्रेशर, हार्वेस्टर और सिंचाई पंप बनाए जाते हैं। यहां लगभग 25,000 श्रमिक प्रत्यक्ष और 60,000 लोग अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े हैं। ट्रैक्टर, पंप और उपकरणों पर जीएसटी 12/18% से घटाकर 5% करने से उपकरणों की लागत में 7-13% तक की गिरावट आने की उम्मीद है। माहेश्वरी साड़ियां खरगोन जिले का महेश्वरी हथकरघा क्षेत्र 2,600 करघों पर लगभग 8,000 बुनकरों को रोजगार देता है, जिनमें महिलाएं मुख्य भूमिका निभाती हैं। विशिष्ट उलटी किनारी (बुगड़ी) वाली माहेश्वरी साड़ियां 2010 से जीआई टैग प्राप्त हैं और यूरोप व अमेरिका तक निर्यात होती हैं। वस्त्र उत्पादों पर जीएसटी 12% से घटाकर 5% करने से ये साड़ियां लगभग 6% सस्ती होने की उम्मीद है, जिससे घरेलू और निर्यात दोनों बाजारों में मांग बढ़ेगी। गोंड चित्रकलाएं मंडला, डिंडोरी, उमरिया और सिवनी में बनने वाली गोंड चित्रकलाएं 2015 से जीआई टैग प्राप्त हैं। ये लोककथाओं और पौराणिक कथाओं पर आधारित होती हैं। जीएसटी 12% से घटाकर 5% करने से इन कलाकृतियों में लगभग 6% कीमत कमी आई है, जिससे कलाकारों को ई-कॉमर्स और निर्यात बाजारों में प्रतिस्पर्धात्मक लाभ मिला है। लकड़ी के लाख के खिलौने मुख्य रूप से बुधनी (सीहोर), उज्जैन और ग्वालियर में तैयार यह पारंपरिक शिल्प 2,000-2,500 कारीगरों को रोजगार देता है। जीएसटी 12% से घटाकर 5% करने से कीमतों में 6% तक कमी आई है, जिससे ये पर्यावरण-अनुकूल खिलौने प्लास्टिक के विकल्प के रूप में लोकप्रिय हो रहे हैं। जापान और यूरोप जैसे निर्यात बाजारों में इनकी मांग बढ़ी है। टेराकोटा और मिट्टी के शिल्प मंडला, बैतूल, उज्जैन और टीकमगढ़ में 5,000-6,000 ग्रामीण कारीगर, ज्यादातर महिलाएं, टेराकोटा खिलौनों और सजावटी वस्तुओं का निर्माण करती हैं। जीएसटी 12% से घटाकर 5% करने से ये उत्पाद लगभग 6% सस्ते हुए हैं, जिससे त्योहारी सीजन में बिक्री में वृद्धि हुई है। बेल मेटल और डोकरा शिल्प बैतूल और बालाघाट के आदिवासी क्षेत्रों में 5,000 कारीगर डोकरा कला में कार्यरत हैं। जीएसटी 12% से घटाकर 5% करने से उत्पादों की कीमत में 6% की कमी आई है, जिससे मशीन निर्मित मूर्तियों के मुकाबले यह शिल्प फिर से लोकप्रिय हुआ है। लाख के बर्तन और बेल धातु शिल्प टीकमगढ़, झाबुआ और अलीराजपुर में 5,000-6,000 कारीगर लाख के बर्तन और बेल धातु की वस्तुएं बनाते हैं। बेल धातु पर जीएसटी 28% से घटाकर 18% और लाख के बर्तनों पर 12% से घटाकर 5% करने से कीमतों में 6-10% की कमी आई है, जिससे घरेलू मेलों में बिक्री और निर्यात दोनों में बढ़ोतरी हुई है। बांस और बेंत के हस्तशिल्प बालाघाट, मंडला और डिंडोरी में हजारों जनजातीय परिवार बांस-बेंत के शिल्प में लगे हैं। लगभग 12,000 प्रत्यक्ष और 25,000 अप्रत्यक्ष महिला कारीगरों को काम मिला है। जीएसटी 12% से घटाकर 5% करने से इन उत्पादों में 6% की कीमत कमी आई है, जिससे इको-फ्रेंडली उत्पादों के निर्यात को प्रोत्साहन मिला है। पीतल के बर्तन टीकमगढ़, छतरपुर और बैतूल के पीतल उद्योगों में वंशानुगत कारीगर पारंपरिक बर्तन और दीपक बनाते हैं। जीएसटी 12% से घटाकर 5% करने से कीमतों में लगभग 6% की कमी आई है, जिससे कारीगरों को स्टील और एल्यूमिनियम से प्रतिस्पर्धा में राहत मिली है। सीमेंट उद्योग सतना, कटनी, दमोह और रीवा जैसे केंद्रों के कारण मध्यप्रदेश भारत का सबसे बड़ा सीमेंट उत्पादक है। यहां लगभग 50,000 प्रत्यक्ष और 2 लाख अप्रत्यक्ष रोजगार हैं। जीएसटी 28% से घटाकर 18% करने से प्रति 50 किलो बैग में ₹25-30 की कीमत कमी हुई है। इससे निर्माण और आवास क्षेत्र को बढ़ावा मिला है। बलुआ पत्थर उद्योग ग्वालियर, शिवपुरी और टीकमगढ़ के केंद्रों में 25,000-30,000 श्रमिक कार्यरत हैं। जीएसटी 28% से घटाकर 18% करने से स्लैब और टाइल्स 8% सस्ती हुई हैं, जिससे निर्माण और निर्यात को बढ़ावा मिला है। चमड़े के जूते उद्योग देवास, इंदौर और ग्वालियर के क्लस्टर में 40,000 प्रत्यक्ष और 1.2 लाख अप्रत्यक्ष रोजगार हैं। ₹2,500 तक के जूतों पर जीएसटी 18% से घटाकर 5% करने से 11% कीमत कमी हुई है, जिससे कारीगरों की आमदनी बढ़ी है और जूता उद्योग को नई प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त मिली है। जीएसटी सुव्यवस्थीकरण से मध्यप्रदेश को घरेलू स्नैक्स, साड़ियां, आदिवासी शिल्प, सीमेंट, बलुआ पत्थर और … Read more