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पानी पर परचम: करनाल के खिलाड़ियों ने नौकायन में दिखाया दम, दिलाए जिले को 18 मेडल

करनाल हरियाणा ओलंपिक संघ की ओर से चंडीगढ़ में 27वीं नौकायान प्रतियोगिता 2 नवंबर से 7 नवंबर तक आयोजित की गई थी। प्रतियोगिता में करनाल के खिलाड़ियों का दबदबा देखने को मिला। 13 साल बाद हुई इस प्रतियोगिता में करनाल के 40 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था, जिनमें से 25 खिलाड़ियों ने मेडल जीतकर अपने शहर और परिजनों का नाम रोशन किया है।  पढ़ाई के साथ साथ खेलो में भी अपनी प्रतिभाओं का लोहा इन खिलाड़ियों में मनवा दिया है। जिनका आज अपने शहर पहुँचने पर जोरदार स्वागत किया गया। इन खिलाड़ियों ने रजत और कांस्य मेडल जीते हैं। हालांकि एक छोटी गलती से गोल्ड मेडल जीतने से ये खिलाड़ी चूक गए, लेकिन आने वाली प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल जीतने का वादा भी किया है। नौकायान मेडल विजेता खिलाड़ी वंशिका ने बताया पिछले 2-3 महीने से हम इस टूर्नामेंट की तैयारी कर रहे थे। 2 नवंबर से लेकर 7 नवंबर तक ये प्रतियोगिता चंडीगढ़ में थी। परिवार और कोच का हमें काफी सहयोग मिला। साथ-साथ खेल के साथ अपनी पढ़ाई को भी जारी रखा। इन सब परिस्थितियों के बीच आज हम तभी मेडल लेकर अपने शहर में पहुंचे है। उन्होंने कहा बताया मैंने इंटरनेशनल और अब स्टेट में भी मेडल हासिल किया है। आज छोटी सी गलती की वजह से गोल्ड छुटा है। आने वाली नेशनल प्रतियोगिता में मेहनत करके गोल्ड लेकर आने का प्रयास किया जाएगा।  टीम के कोच परवीन ने बताया कि हरियाणा ओलंपिक संघ की ओर से चंडीगढ़ में 27वीं नौकायान प्रतियोगिता 2 नवंबर से 7 नवंबर तक आयोजित की गई थी। प्रतियोगिता 13 साल बाद हुई थी। इस प्रतियोगिता में  करनाल के 40 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था, जिनमें से  25 खिलाड़ी मेडल जीते हैं। जिनमें 7 रजत मेडल और 11 कांस्य पदक जीते हैं। गोल्ड मेडल हम माइक्रो सेकंड से चूक गए। 

बिहार चुनाव संग्राम: तेज प्रताप का इमोशनल हमला, किसे कहा बहुरूपिया?

पटना  लालू यादव की पार्टी राष्ट्रीय जनता दल(आरजेडी) से निकाले जाने के बाद अलग पार्टी जनशक्ति जनता दल(जजेडी) गठित कर चुनाव लड़ रहे तेज प्रताप यादव ने पूरी ताकत झोंक दी है। उन्होंने कहा कि जयचंदों की साजिश से उन्हें राजद से बाहर कर दिया गया लेकिन कोई फर्क नहीं पड़ता क्योंकि असली मालिक जनता है। उन्होंने बहुरूपिया कहकर राजद नेताओं पर निशाना साधा। तेज प्रताप और तेजस्वी यादव के बीच सियासी टकराव अब खुलकर सामने आ गया है।   तेज प्रताप यादव खुद अपनी पुरानी सीट महुआ से चुनाव लड़ रहे हैं जहां उनका सामना राजद के निवर्तमान विधायक मुकेश कुमार रोशन से है। उनकी पार्टी जेजेडी से 35 उम्मीदवार मैदान में हैं जिनके प्रचार के लिए तेज प्रताप यादव पसीना बहा रहे हैं। नवादा में रजौली से उनकी पार्टी के प्रत्याशी प्रकाशवीर के लि जनसभा को संबोधित करते हुए तेज प्रताप यादव ने कहा कि हमने जिन्हें आगे बढ़ाया उन्हीं में से कुछ जयचंद निकल गए। उन्होंने मुझे पार्टी और परिवार से बाहर करने की साजिश रच दी। लेकिन आप लोग असली मालिक हैं। आपके बीच आकर लगा कि डरने की कोई जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि पिताजी(लालू यादव) कहते थे कि जब भी मन विचलित हो तो जनता मालिक के बीच चले जाना। ऐसा करते रहे और आप सब की ताकत मिल गई। आज हम आपके बीच हैं तो कोई चिंता नहीं है। आप लोगों के बीच हमारे प्रकाशवीर हैं। इन्हें आशीर्वाद दीजिए। आप हमारे मालिक और भगवान हैं। हर हताशा, निराशा से आपके बीच आकर शांति मिल जाती है। प्रकाशवीर जी को आप लोग आशीर्वाद देकर आगे बढ़ा दीजिए। तेजप्रताप महुआ से चुनाव लड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव यहां नहीं आ सकते। लेकिन तेजस्वी यादव ने महुआ में हेलीकॉप्टर से चुनावी सभा की। इसके बाद तेज प्रताप यादव ने पहले तेजस्वी को सोशल मीडिया पर ज्ञान दे दिया और उसी दिन राघोपुर में हेलीकॉप्ट उतार दिया। दो चुनावी सभाओं के संबोधित किया। मां राबड़ी देवी से जब तेज प्रताप को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि बेटा के नाते आशीर्वाद है। पर अलग पार्टी होने के कारण उनके लिए चुनाव प्रचार में नहीं जा सकते। पिछले दिनों एयरपोर्ट पर मॉल में तेजस्वी और तेज प्रताप एक दूसरे के सामने आ गए। दोनों के बीच कोई बात नहीं हुई।  

तान्या मित्तल और शहबाज बदेशा के बीच तीखी नोकझोंक

मुंबई, छोटे परदे का पापुलर रिएलिटी शो ‘बिग बॉस 19’ में इस बार घर के अंदर तान्या मित्तल और शहबाज बदेशा के बीच तीखी नोकझोंक बेहद बढ़ गई है। शो में दोनों ने एक-दूसरे पर निजी ताने कस दिए। सिर्फ गौरव खन्ना ने ही बीच-बचाव की कोशिश की, लेकिन बहस इतनी उग्र हो गई कि स्थिति संभलने में वक्त लग गया। मामला तब शुरू हुआ जब शहबाज ने तान्या के पहनावे और व्यवहार पर टिप्पणी करते हुए कहा, “साड़ी पहनकर सिगरेट की बातें करती है।” इस पर तान्या ने बिना झिझक पलटवार किया, “हां पीती हूं, और बोल तू, तुझे तो सब पता है न।” इसके बाद माहौल और गरम हो गया। शहबाज ने तान्या को भावुक दिखने का आरोप लगाते हुए कहा, “छोटी-सी बात होती है और तू रोने लगती है ताकि लोग समझें कि तू कितनी अच्छी और संस्कारी है।” इस पर तान्या ने तड़पकर जवाब दिया, “हां, लोगों के लिए आई हूं यहां… तेरे लिए नहीं।” दोनों के बीच बहस और तेज हो गई जब शहबाज ने तान्या को “झूठी” कहा। तान्या ने भी पलटकर जवाब दिया, “हां हूं झूठी, अब कुछ नया बोल।” इसी दौरान गौरव खन्ना ने माहौल शांत करने के लिए शहबाज को टोका और कहा, “सिगरेट वाली बात मत उठाओ।” मगर शहबाज ने कहा, “जब करती है, तो क्यों न बोलूं?” इसके बाद शहबाज ने तान्या पर एक गंभीर आरोप लगाते हुए कहा, “तू वही लड़की है जो अमाल की फोटो पर किस करती है और फिर कसम खाकर कहती है कि मैंने किस नहीं किया।” तान्या ने इस आरोप पर चुनौती देते हुए कहा, “पक्का? तूने देखा था न?” इस झगड़े के बाद घर का माहौल पूरी तरह बदल गया और बाकी घरवाले भी दो गुटों में बंटते दिखे।  

सीमांचल पर सियासी संग्राम: अमित शाह ने राहुल-तेजस्वी पर लगाया बड़ा आरोप

पूर्णिया गृह मंत्री अमित शाह ने पूर्णिया के बनमनखी में चुनावी सभा की। उन्होंने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के प्रत्याशियों के लिए चुनाव प्रचार किया। अपने संबोधन के दौरान गृह मंत्री ने महागठबंधन पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि राज्य के आधे हिस्से ने पहले ही कांग्रेस-राजद गठबंधन को नकार दिया है। एनडीए बिहार में 160 से अधिक सीटें जीतकर सरकार बनाएगी। मैं सीमांचल में आया है। मैं सीमांचल वालों की बात जानने आया हूं। आप बताओं सीमांचल से घुसपैठियों को बाहर निकालना चाहिए या नहीं निकालना चाहिए। यह अभी-अभी राहुल गांधी और लालू प्रसाद के बेटे तेजस्वी यादव घुसपैठियों बचाव यात्रा लेकर निकले थे। वह चाहते हैं सीमांचल घुसपैठियों का अड्डा बने। घुसपैठिये हमारे गरीबों का हक छीनते हैं। उन्होंने कहा कि हमलोग न केवल घुसपैठियों को निकालेंगे, बल्कि जमीन अधिग्रहण को भी जमींदोज कर देंगे। राहुल गांधी और लालू प्रसाद घुसपैठियों को बचाना चाहते हैं गृह मंत्री ने कहा कि भक्त प्रह्लाद और महर्षि मेंही की भूमि को मैं प्रमाण करता हूं। बिहार के पहले दलित मुख्यमंत्री भोला पासवान शास्त्री को मैं प्रमाण करता हूं। इस चुनाव में दो खेमे लगे हैं। एक ओर बिखरा हुआ ठगबंधन और दूसरे ओर पांच पांडवों वाला एनडीए है। आधे बिहार ने वोट डाल दिए हैं। पहले चरण में लालू-राहुल की पार्टी का सूफड़ा साफ हो गया। बिहार में एनडीए सरकार बनने वाली है। मोदी-नीतीश के नेतृत्व में बिहार आगे बढ़कर एक विकसित राज्य बनने जा रहा है। अगले पांच साल में सीमांचल में एक-एक अवैध गतिविधि को भाजपा और एनडीए की सरकार उखाड़ फेकेंगी। हमारी मतदाता सूची से घुसपैठिये निकालने चाहिए या नहीं निकालने चाहिए। यह राहुल गांधी और लालू प्रसाद घुसपैठियों को बचाना चाहते हैं। लेकिन, आप दोनों कान खोलकर सुन लें कि हमलोगों उन्हें सीमांचल की धरती से निकाल कर उनके देश भेज कर रहेंगे। 'अगर थोड़ी सी गलती हुई तो जंगलराज वापस आ जाएगा' अमित शाह ने कहा कि थोड़ी सी गलती हुई तो जंगलराज वापस आ जाएगा। अमित शाह ने कहा कि दिनदहाड़े यहां पर एमएलए की हत्या हुई थी। नीतीश कुमार ने जंगलराज समाप्त कर दिया है। अब यह जंगलराज नए चेहरे के साथ, नए भेष बदलकर वापस आ रहा है। इसलिए कमल छाप पर बटन दबाइए और एनडीए को जिताने का काम कीजिए। गृह मंत्री ने कहा कि लालू की पार्टी शहाबुद्दीन के बेटे को टिकट दिया और शहाबुद्दीन के लिए अमर रहे का नारा लगाया। तेजस्वी यादव कान खोलकर सुन लो अब बिहार की धरती पर शहाबुद्दीन और ओसामा की जगह नहीं रही।

माइकल जैक्सन की बायोपिक का टीजर रिलीज

  लॉस एंजिल्स दुनियाभर के संगीत प्रेमियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी आई है, दिवंगत पॉप किंग माइकल जैक्सन एक बार फिर बड़े पर्दे पर लौटने वाले हैं। उनकी बायोपिक फिल्म 'माइकल' का पहला आधिकारिक टीजर रिलीज कर दिया गया है, जिसने इंटरनेट पर धूम मचा दी है। इस फिल्म में माइकल के भतीजे जाफर जैक्सन अपने चाचा का किरदार निभा रहे हैं, और उनके लुक व परफॉर्मेंस को देखकर फैन्स बेहद भावुक हो गए हैं। टीजर में झलका माइकल जैक्सन का जादू फिल्म 'माइकल' के टीजर की शुरुआत क्विंसी जोन्स रिकॉर्डिंग स्टूडियो के एक दृश्य से होती है, जहां माइकल अपने म्यूजिक पर काम करते नजर आते हैं। कैमरा धीरे-धीरे उनकी झलक दिखाता है, उनके प्रसिद्ध डांस मूव्स, अनोखे फैशन सेंस और मंच पर उनके करिश्मे की झलक ने दर्शकों को पुरानी यादों में ले जाता है। टीजर रिलीज होते ही सोशल मीडिया पर माइकल मूवी ट्रेंड करने लगा। इस बायोपिक को एंटोनी फुक्वा ने निर्देशित किया है, जो 'ट्रेनिंग डे' और 'द इक्वलाइज़र' जैसी फिल्मों के लिए मशहूर हैं। फिल्म की कहानी जॉन लोगन ने लिखी है, जिन्होंने 'ग्लैडिएटर' और 'स्काईफॉल' जैसी फिल्मों की पटकथा भी तैयार की थी। निर्माताओं के मुताबिक, यह फिल्म माइकल जैक्सन के असाधारण जीवन, उनकी प्रसिद्धि के शिखर और निजी संघर्षों की सच्ची कहानी को गहराई से दिखाएगी। फैन्स के लिए सबसे बड़ी खुशखबरी यह है कि 'माइकल' फिल्म अगले साल 24 अप्रैल 2026 को विश्वभर के सिनेमाघरों में रिलीज की जाएगी। माना जा रहा है कि यह बायोपिक न केवल माइकल के जीवन की झलक दिखाएगी, बल्कि उनकी अमर संगीत विरासत को भी नए सिरे से जीवंत करेगी।  

सेमीफाइनल का सिलसिला टूटा, जोकोविच अब ट्रॉफी से एक कदम दूर

पेरिस सर्बिया के दिग्गज टेनिस खिलाड़ी नोवाक जोकोविच ने अपनी सेमीफाइनल की हार का सिलसिला तोड़ते हुए  एथेंस में चल रहे एटीपी टूर्नामेंट के फाइनल में जगह बना ली है। जोकोविच ने जर्मनी के क्वालिफायर यानिक हैंफमैन को मात्र 79 मिनट में 6-3, 6-4 से हराया। 38 वर्षीय जोकोविच का यह मुकाबले में सर्विस केवल दूसरी बार टूटी, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने पूरे नियंत्रण में रहते हुए जीत दर्ज की। फाइनल में उनका मुकाबला अमेरिकी सेबेस्टियन कोर्डा या इतालवी लोरेन्जो मुसेटी में से किसी एक से होगा। खास बात यह है कि मुसेटी को एटीपी फाइनल्स (ट्यूरिन) में जगह बनाने के लिए यह खिताब जीतना जरूरी है। जोकोविच ने मैच के बाद कहा, “यह इस टूर्नामेंट में मेरा अब तक का सबसे बेहतरीन टेनिस था, और यह सही समय पर आया। हैंफमैन एक खतरनाक खिलाड़ी है — उसकी सर्विस और ग्राउंडस्ट्रोक्स दोनों ही मजबूत हैं, इसलिए मुझे पूरे मैच में फोकस रहना पड़ा।” यह जीत जोकोविच के लिए खास रही क्योंकि उन्होंने लगातार चार सेमीफाइनल हारों का सिलसिला तोड़ा — वे पहले रोलां गैरोस, विंबलडन, यूएस ओपन और शंघाई में अंतिम-4 में हार चुके थे। उनकी पिछली सेमीफाइनल जीत मई में जेनेवा क्ले कोर्ट टूर्नामेंट में हुई थी, जहां उन्होंने फाइनल में ह्यूबर्ट हुर्काच को हराकर अपना 100वां करियर सिंगल्स खिताब जीता था। पुरुषों में उनसे अधिक खिताब केवल रोजर फेडरर (103) और जिम्मी कॉनर्स (109) के नाम हैं। मैच में जोकोविच ने पहले सेट में 3-2 पर ब्रेक हासिल किया और 6-3 से सेट अपने नाम किया। दूसरे सेट में हालांकि उन्होंने 2-1 पर सर्विस गंवाई, लेकिन तुरंत वापसी करते हुए स्कोर 3-3 किया और फिर निर्णायक ब्रेक लेकर जीत पक्की की। जीत के बाद जोकोविच ने उत्साहित दर्शकों को संबोधित करते हुए कहा, “एक बार फिर इस शानदार स्टेडियम को भरने के लिए आप सभी का धन्यवाद। मैंने दुनिया के कई खूबसूरत इनडोर एरेना में खेला है, लेकिन यह निश्चित रूप से मेरे करियर के टॉप-3 में से एक है।” इस साल एथेंस टूर्नामेंट ने अब बंद हो चुके बेलग्रेड ओपन की जगह ली है और स्थानीय प्रशंसकों के लिए यह जोकोविच का प्रदर्शन किसी उत्सव से कम नहीं रहा।  

2025 के अंत से पहले जरूर रखें ये पांच चीजें घर में, मिलेगी समृद्धि और सुख-शांति

   साल 2025 अपने अंतिम चरण में है और नवंबर का महीना भविष्य की दिशा तय करने का सही समय है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, अगर वर्ष 2025 समाप्त होने से पहले कुछ शुभ वस्तुएं घर में लाई जाएं, तो आने वाला साल सुख-शांति, और समृद्धि से भरा रहता है। ये वस्तुएं घर में सकारात्मक ऊर्जा लाती हैं और नकारात्मक शक्तियों से रक्षा करती हैं। वास्तु शास्त्र कहता है,  “सकारात्मक ऊर्जा ही समृद्धि का द्वार खोलती है।” इसलिए साल 2025 खत्म होने से पहले ये पांच वस्तुएं अपने घर में लाएं और आने वाले वर्ष 2026 का स्वागत करें। गोमती चक्र – धन और लक्ष्मी कृपा का प्रतीक गोमती चक्र को भगवान विष्णु के सुदर्शन चक्र का प्रतीक माना गया है। शास्त्रों के अनुसार, जिस घर में गोमती चक्र होता है, वहां मां लक्ष्मी का स्थायी वास होता है। इसे धन स्थान या तिजोरी में लाल कपड़े में लपेटकर रखने से आर्थिक स्थिरता, सुख-संपन्नता और बुरी नजर से सुरक्षा मिलती है। तीन फेंगशुई सिक्के – समृद्धि और तरक्की का प्रतीक फेंगशुई में लाल रिबन में बंधे तीन चीनी सिक्के सौभाग्य के प्रतीक हैं। इन्हें मुख्य द्वार पर टांगने से नकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश रुक जाता है और घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ता है। यह उपाय व्यापार में उन्नति और करियर में सफलता लाने वाला माना जाता है। दक्षिणावर्ती शंख – सौभाग्य और वास्तु दोष निवारण दक्षिणावर्ती शंख समुद्र मंथन से उत्पन्न 14 रत्नों में से एक है। इसे शुभ मुहूर्त में खरीदकर लाल कपड़े में लपेटकर तिजोरी या पूजा घर में रखने से लक्ष्मी कृपा और सौभाग्य प्राप्त होता है। यह घर के वास्तु दोषों और ग्रह बाधाओं को दूर करने में भी प्रभावी है। लाफिंग बुद्धा – खुशहाली और आनंद का प्रतीक लाफिंग बुद्धा की मूर्ति को घर या ऑफिस में रखने से खुशहाली और सकारात्मकता बढ़ती है। उन्हें उत्तर-पूर्व दिशा (ईशान कोण) में रखना सबसे शुभ माना गया है। हाथ ऊपर उठाए बुद्धा — तरक्की और सफलता के प्रतीक हैं। पोटली लिए बुद्धा — आर्थिक समस्याओं से राहत दिलाते हैं। तुलसी का पौधा – शुद्धता और समृद्धि का वास तुलसी में मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु का निवास माना गया है। घर में तुलसी का पौधा लगाने से धन, सौभाग्य और मानसिक शांति प्राप्त होती है। प्रतिदिन तुलसी की पूजा और दीपक जलाने से नकारात्मकता दूर होती है और घर में शुभता बनी रहती है।  

FIR में बड़ा सवाल: कंपनी में 1% हिस्सेदारी वाला आरोपी, पर अजित पवार के बेटे का ज़िक्र नहीं

पुणे  पुणे के मुंधवा में 300 करोड़ की सरकारी भूमि खरीद मामले ने तहलका मचा दिया है। इस मामले में उपमुख्यमंत्री अजित पवार के बेटे पार्थ पवार सवालों के घेरे में हैं। उपमुख्यंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि कोई भी दोषी छोड़ा नहीं जाएगा। हालांकि इस मामले में दर्ज की गई एफआईआर में कहीं भी पार्थ पवार का नाम नहीं है। फडणवीस ने नागपुर में कहा, जिन लोगों को पता भी नहीं है कि एफआईआर क्या होती है वे केवल निराधार आरोप लगा रहे हैं। जब एफआईआर फाइल हो गई है तो जाहिर सी बात है कि जो लोग भी शामिल थे, उनके नाम होंगे। इस मामले में जिस कंपनी ने जमीन खरीदी है और उसके जिम्मेदार लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। शिवसेना और कांग्रेस का कहना है कि अमाडिया एंटरप्राइजेज एलएलपी कंपनी को 1800 करोड़ की जमीन केवल 300 करोड़ रुपये में बेच दी गई। इसके अलावा जमीन बेचने के लिए स्टैंप शुक्ल भी नहीं लिया गया। इसकी स्टैंप ड्यूटी 21 करोड़ रुपये होनी चाहिए थी। उपमुख्यमंत्री अजित पवार के बेटे पार्थ पवार भी अमाडिया एंटरप्राइजेज एलएलपी में साझेदार हैं। मुंधवा में भूमि की बिक्री का कार्य 20 मई को किया गया था और छावा कामगार यूनियन के 60 वर्षीय संस्थापक-अध्यक्ष दिनकर कोटकर ने पांच जून को आईजीआर कार्यालय को पत्र लिखा था कि 21 करोड़ रुपये का स्टांप शुल्क माफ कर दिया गया है। उन्होंने आरोप लगाया था कि यह छूट गलत तरीके से दी गई थी। मामले में शिकायतकर्ता संयुक्त जिला रजिस्ट्रार (जेडीआर) संतोष हिंगाने ने प्राथमिकी में कोटकर से एक पत्र प्राप्त होने की पुष्टि की। उन्होंने यह भी कहा कि शिकायत आवेदन की जांच के दौरान यह पाया गया कि मुंधवा भूमि के विक्रय पत्र को आधिकारिक अभिलेखों में फेरबदल करके निष्पादित किया गया था। एफआईआर में किसका नाम? एफआईआर में पार्थ पवार के बिजनेस पार्टनर दिग्विजय पाटिला का नाम है जिनका कंपनी में शेयर मात्र 1 फीसदी है। वहीं पार्थ का शेयर 99 फीसदी का है। उनपर ही आरोप है कि उन्होने यह अवैध सौदा करवाया था। इसके अलावा जमीन की पावर ऑफ अटॉर्नी होल्डर शीतल देजवानी का नाम एफआईआर में दर्ज किया गया है। इसके अलावा इसमें 272 अन्य लोगों और सस्पेंड किए गए दो राजस्व अधिकारियों का भी नाम एफआईआर में है। सब रजिस्ट्रार रवींद्र तारू पर आरोप है कि उन्होंने बिना स्टैंप ड्यूटी के ही सेल डीड रजिस्टर करवा दी। इसके अलावा पुणे सिटी के तहसीलदार सूर्यकांत येवाले पर पद का दुरुपयोग करने का आरोप है। अजित पवार ने क्या कहा अजित पवार ने कहा कि जिन लोगों ने यह सौदा करवाया और रजिस्ट्रेशन के कागजात पर साइन किए, उनका ही नाम एफआईआर में दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा, पार्थ को पता भी नहीं था कि यह जमीन अवैध रूप से बेची जा रही है। बता दें कि यह जमीन कुल 40 एकड़ की है जिसमें 272 छोटे-छोटे प्लॉट हैं। महार समुदाय के लिए यह भूमि आवंटित की गई थी। आजादी के बाद यह भूमि सरकार के अधिकार में आ गई । ऐसे में बिना सरकारी अनुमति के इसे खरीदा या बेचा नहीं जा सकता था।

चुनाव से पहले सतर्कता बढ़ी: पलामू सीमा 48 घंटे में होगी सील, सुरक्षा बलों की तैनाती तेज

पलामू झारखंड के पलामू जिले में बिहार के पड़ोसी इलाकों गया, औरंगाबाद और रोहतास में 11 नवंबर को होने वाली बिहार विधानसभा चुनाव की वोटिंग को लेकर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। बिहार में चुनाव की प्रक्रिया को सुरक्षित और शांतिपूर्ण बनाने के लिए पलामू और गढ़वा जिले के सीमावर्ती इलाके को अगले 48 घंटों में पूरी तरह से सील कर दिया जाएगा। इसके साथ ही नक्सलियों के खिलाफ बड़े पैमाने पर अभियान चलाया जाएगा, जिसमें केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ), झारखंड जगुआर, बिहार एसटीएफ सहित कई बलों को तैनात किया जाएगा। जोनल आईजी शैलेंद्र कुमार सिन्हा ने बताया कि सीमावर्ती इलाके में नक्सली गतिविधियों पर लगातार कड़ी निगरानी रखी जा रही है। नक्सलियों की हरकतों पर रोक के लिए चेक पोस्ट के माध्यम से सख्त कारर्वाई की जा रही है। साथ ही बिहार में प्रधानमंत्री के कार्यक्रम को ध्यान में रखते हुए सीमावर्ती इलाकों की सुरक्षा और भी कड़ी कर दी गई है। मतदान से पहले क्षेत्र के सभी नक्सली कमांडरों और उनके समर्थकों की सूची हाल ही में दोनों राज्यों ने साझा की है। इस सूची के आधार पर हर नक्सली कमांडर और उनका समर्थक विशेष रूप से निशाना बनाया जाएगा। साथ ही सीमावर्ती इलाके को वोटिंग से पहले पूरी तरह से सेनेटाइज भी किया जाएगा। सुरक्षा बढ़ाने के लिए पलामू और गढ़वा जिले में इंटर स्टेट चेक पोस्ट का निर्माण किया गया है। पलामू में चार चेक पोस्ट बनाए गए हैं, जहां पुलिस और दंडाधिकारी तैनात हैं और सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी रखी जा रही है। वोटिंग से ठीक 48 घंटे पहले इन चेक पोस्ट के माध्यम से बॉडर्र को पूरी तरह से सील कर दिया जाएगा ताकि किसी भी तरह की अनुचित गतिविधि को रोका जा सके।  

VVPAT पर्चियां मिलीं कचरे में, समस्तीपुर में EC का बड़ा एक्शन — ARO सस्पेंड

समस्तीपुर बिहार के समस्तीपुर के सरायरंजन विधानसभा क्षेत्र में कचरे में बड़ी संख्या में वीवीपैट पर्चियां मिलने का मामला सामने आया। प्रशासन ने मौके से पर्चियों को जब्त कर लिया और संबंधित कर्मियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई। मामले में समस्तीपुर के जिलाधिकारी रोशन कुशवाहा ने बताया कि बहुत सारी श्रेडेड पर्चियों के बीच कुछ अनश्रेडेड पर्चियां भी पाई गईं, जिन्हें प्रशासन ने कन्फिस्केट कर सीजर कर लिया है। वहीं, चुनाव आयोग ने इन्हें मॉक पोल की पर्चियां बताया है और त्वरित कार्रवाई करते हुए एआरओ को सस्पेंड कर दिया है। जिलाधिकारी ने की अफवाह न फैलाने की अपील जिलाधिकारी ने कहा कि जिन लोगों से लापरवाही हुई है, उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जा रही है और जांच में यह स्पष्ट हो जाएगा कि ये पर्चियां किस समय की हैं। अफवाह न फैलाने की अपील करते हुए उन्होंने कहा कि यह पूरा तकनीकी मामला है, जांच करते हुए सभी चीजें स्पष्ट हो जाएंगी। घटना सरायरंजन विधानसभा क्षेत्र की है, जहां शीतलपट्टी गांव के पास हजारों वीवीपैट पर्चियां कचरे में पाई गईं। जिलाधिकारी के अनुसार, यह सामग्री कमीशनिंग/डिस्पैच सेंटर के पास मिली, जहां श्रेडेड पर्चियों के साथ कुछ अनश्रेडेड पर्चियां भी देखी गईं। प्रशासन ने मौके से पर्चियों को जब्त कर लिया है और संबंधितों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जिलाधिकारी ने कहा कि जांच के बाद पर्चियों का समय और स्रोत स्पष्ट कर दिया जाएगा और तब तक किसी भी प्रकार की अटकलों से बचने की अपील की। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि कमीशनिंग के दौरान 5% मशीनों पर 1000-1000 वोट का मॉक पोल होता है और सभी प्रत्याशियों के प्रतीक की लोडिंग जांचने के लिए बटन दबाकर परीक्षण किया जाता है। उन्होंने कहा कि स्थल पर काफी संख्या में कटी हुई/श्रेडेड पर्चियां भी मिली हैं, जिसकी जांच जारी है। इधर, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने शनिवार को बिहार के समस्तीपुर विधानसभा क्षेत्र के सरायरंजन में एक मतदान केंद्र के बाहर वीवीपैट पर्चियां मिलने के संबंध में त्वरित स्पष्टीकरण जारी किया और इस बात पर जोर दिया कि यह घटना केवल मॉक पोल पर्चियों से संबंधित थी और इससे चुनाव प्रक्रिया को कोई खतरा नहीं है। विपक्षी दलों और स्थानीय मीडिया द्वारा उठाई गई चिंताओं का समाधान करते हुए, निर्वाचन सदन में एक प्रेस वार्ता के दौरान कुमार ने कहा, "मतदान प्रक्रिया की निष्पक्षता से कोई समझौता नहीं किया गया है।"कुमार ने बताया कि समस्तीपुर के जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) को तुरंत घटनास्थल का दौरा करने और जमीनी स्तर पर जांच करने का निर्देश दिया गया था। मुख्य चुनाव आयुक्त ने घोषणा की, "एआरओ चुनाव आयोग के दिशानिर्देशों के अनुसार नकली मतदान सामग्री का उचित निपटान सुनिश्चित करने में विफल रहे। उन्हें तत्काल निलंबित किया जा रहा है और आईपीसी की धारा 188 (लोक सेवक के आदेश की अवज्ञा) के तहत प्राथमिकी दर्ज की जा रही है।"