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मंगलवार को पंजाब बंद! जानें किन संस्थानों पर रहेगा अवकाश

पंजाब पंजाब में एक बार फिर सरकारी छुट्टी का ऐलान किया गया है। जानकारी के अनुसार 11 नवंबर यानि की मंगलवार को स्कूल, कॉलेज और दफ्तर बंद रहेंगे।  बता दें कि उपचुनाव के चलते तरनतारन में छुट्टी का ऐलान किया गया है। इस संबंध में तरनतारन के डी.सी. ने आदेश जारी किए हैं। गौतरलब है कि तरनतारन में 11 नवंबर को उपचुनाव को लेकर वोटिंग है और 14 नवंबर के नतीजों का ऐलान किया जाएगा।     

Aadhaar Data Vault पेश: डिजिटल भारत को मिलेगी मजबूत डेटा सुरक्षा कवच

नई दिल्ली भारत में डिजिटल सुरक्षा को और मजबूत बनाने की दिशा में UIDAI ने एक नई पहल की है। अब आपके Aadhaar नंबर और उससे जुड़े eKYC डेटा को सुरक्षित रखने के लिए Aadhaar Data Vault लॉन्च किया गया है। यह आधुनिक डिजिटल स्टोरेज सिस्टम विशेष एन्क्रिप्शन तकनीक के जरिए आपकी संवेदनशील जानकारी को चोरी और गलत इस्तेमाल से बचाएगा। डेटा की सुरक्षा का नया तरीका ADV में सभी Aadhaar नंबर टोकनाइजेशन के माध्यम से एन्क्रिप्टेड फॉर्म में सुरक्षित होंगे, जिससे असली नंबर कहीं भी लीक नहीं होगा। केवल अधिकृत एजेंसियां ही सीमित रूप से इस डेटा तक पहुंच पाएंगी। साथ ही, रियल-टाइम मॉनिटरिंग और ऑडिट ट्रेल्स की मदद से डेटा सुरक्षा को और भी मजबूत बनाया गया है। कौन-कौन कर पाएंगे इसका उपयोग बैंक, फिनटेक कंपनियां और सरकारी संस्थाएं, जो Aadhaar के जरिए पहचान की प्रक्रिया करती हैं, ADV का उपयोग अनिवार्य रूप से करेंगी। इसका उद्देश्य पर्सनल डेटा की सुरक्षा सुनिश्चित करना और डिजिटल धोखाधड़ी से बचाव करना है। नागरिकों के लिए भरोसे की गारंटी अब यूजर्स को भरोसा मिलेगा कि उनका संवेदनशील डेटा पूरी तरह सुरक्षित है। Aadhaar KYC या ऑथेंटिकेशन करते समय डेटा हमेशा एन्क्रिप्टेड रहेगा, जिससे प्राइवेसी का पूरा ध्यान रखा जाएगा। डिजिटल भारत के लिए एक बड़ा कदम Aadhaar Data Vault डिजिटल भारत मिशन को मजबूती देगा और साइबर खतरों से बचाव में मदद करेगा। यह कदम भारत की पहचान सुरक्षा प्रणाली को अधिक विश्वसनीय बनाएगा और आपके डिजिटल वजूद को संरक्षित रखेगा। ADV के साथ अब निवेश, बैंकिंग, सरकारी योजनाओं और अन्य डिजिटल सेवाओं में आपकी जानकारी पूरी तरह सुरक्षित रहेगी, जिससे नागरिकों को डिजिटल दुनिया में अधिक सुरक्षा और भरोसा मिलेगा।  

सोने की कीमतों का उछाल: अगले 3 वर्षों में 10 ग्राम 24 कैरेट सोना ₹1.62–1.82 लाख तक पहुँच सकता है

मुंबई  अगर आप भी निवेश के मकसद से गोल्ड खरीदने का सोच रहे हैं, तो ये जानकारी आपके लिए महत्वपूर्ण है. फेस्टिव सीजन में सोने (Gold) और चांदी (Silver) की डिमांड सबसे अधिक रहती है. जैसे ही फेस्टिव सीजन खत्म होता है अक्सर सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट देखने को मिलती है. हालांकि, पिछले दो दिनों से सोने और चांदी की कीमतों में हल्की बढ़त देखने को मिली है. लेकिन सवाल ये है कि क्या अगले साल तक सोने की कीमतें इतनी ही रहेंगी या कम होंगी? आइए जानते हैं कमोडिटी एक्सपर्ट्स ने अगले साल की सोने की कीमतों को लेकर क्या भविष्यवाणी की है. 25%–40%​ बढ़ सकती है सोने की कीमत गोल्डमैन सैक्स रिसर्च के मुताबिक, सोने की कीमत अगले साल के मध्य तक 25% बढ़ सकती है. 2025 में गोल्ड की कीमतें 40% से अधिक बढ़ चुकी है और ये लगातार तीसरे साल डबल-डिजिट ग्रोथ दर्ज करने की राह पर है. गोल्डमैन सैक्स रिसर्च की विश्लेषक लीना थॉमस की रिपोर्ट के मुताबिक, सोने की कीमत अगले साल के मध्य तक $4,000 प्रति ट्रॉय औंस तक पहुंचने की संभावना है.  हाल ही में, दिवाली 2025 के दौरान, 24 कैरेट सोने की कीमत 17 अक्टूबर 2025 को ₹13,277 प्रति ग्राम तक पहुँच गई थी. हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि अगली वित्तीय मंदी के दौरान यह धातु फिर से तेजी दिखा सकती है, ठीक वैसे ही जैसे पिछली मंदी में सोने की कीमत में लगभग 50% की छलांग देखी गई थी. बाबा वेंगा का प्रेडिक्शन  विश्लेषकों के मुताबिक, दिवाली 2026 तक सोने की कीमत 25%–40% तक बढ़ सकती है, जिससे 10 ग्राम 24 कैरेट सोने की कीमत ₹1.62 लाख से ₹1.82 लाख के बीच पहुंच सकती है. इसके पीछे वैश्विक व्यापार तनाव, महंगाई और बैंकिंग अस्थिरता को मुख्य कारण माना जा रहा है. बुल्गारिया की मशहूर बाबा वेंगा ने कथित तौर पर 2026 में वैश्विक अर्थव्यवस्था को गंभीर संकट की चेतावनी दी है. उनकी भविष्यवाणी के अनुसार इस संकट के चलते सोने की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखने को मिल सकता है. 

ट्रंप के फैसले से 4.2 करोड़ अमेरिकियों की खाद्य सहायता पर खतरा, सुप्रीम कोर्ट ने दी अस्थायी रोक की मंजूरी

अमेरिका में लाखों गरीब परिवारों के लिए बुरी खबर है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने नवंबर महीने के लिए मिलने वाली फूड सहायता की आधी राशि रोक दी है और अब सुप्रीम कोर्ट ने भी इस फैसले को अस्थायी मंजूरी दे दी है. यह राहत "सप्लिमेंटल न्यूट्रिशन असिस्टेंस प्रोग्राम" (SNAP) के तहत दी जाती है, जिससे करीब 4.2 करोड़ अमेरिकियों को हर महीने खाने का सामान मिलता है. दरअसल, सरकार में चल रहे शटडाउन (सरकारी कामकाज बंद होने) की वजह से फंड्स की कमी बताई जा रही है. प्रशासन ने कहा कि फिलहाल सिर्फ 4.65 अरब डॉलर की आंशिक फंडिंग ही संभव है, जबकि प्रोग्राम की पूरी फंडिंग के लिए करीब 9 अरब डॉलर की जरूरत होती है. सुप्रीम कोर्ट की जज केतानजी ब्राउन जैक्सन ने कहा कि यह आदेश सिर्फ तब तक लागू रहेगा जब तक निचली अदालत इस मामले पर फैसला नहीं दे देती. कोर्ट ने कहा कि प्रशासन को कुछ समय दिया जा रहा है ताकि वह स्थिति संभाल सके. इससे पहले रोड आइलैंड के एक जज जॉन मैककोनेल ने सरकार को आदेश दिया था कि वह तुरंत पूरी राशि जारी करे. उन्होंने कहा था कि सरकार गरीबों की मदद रोककर राजनीतिक खेल खेल रही है लेकिन ट्रंप प्रशासन ने सुप्रीम कोर्ट में अपील करते हुए कहा कि निचली अदालत का आदेश "शटडाउन की अराजकता को और बढ़ा देगा." सरकार के इस रुख की आलोचना भी हो रही है. डेमोक्रेसी फॉरवर्ड नामक संगठन ने कोर्ट में कहा कि ट्रंप प्रशासन गरीब अमेरिकियों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहा है. फिलहाल कोर्ट ने प्रशासन को राहत दे दी है, लेकिन इसका सीधा असर उन परिवारों पर पड़ेगा जो हर महीने इसी सहायता से अपना पेट पालते हैं. अब आगे फैसला फर्स्ट सर्किट कोर्ट ऑफ अपील्स करेगा कि ट्रंप प्रशासन को पूरी SNAP राशि देनी होगी या नहीं. गरीब तबके में चिंता है कि अगर फंडिंग समय पर नहीं आई, तो लाखों लोगों के सामने "खाने के लाले" पड़ सकते हैं.

भविष्य की तकनीक: जमीन पर उड़ने वाला पुष्पक विमान, 4 घंटे में 1000 किलोमीटर और अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन

मुंबई दुनिया के कई देश हाई-स्‍पीड ट्रेन प्रोजेक्‍ट पर काम कर रहे हैं. भारत में भी मुंबई से अहमदाबाद के बीच बुलेट ट्रेन चलाने की योजना पर तेजी से काम हो रहा है. हाई-स्‍पीड ट्रेन प्रोजेक्‍ट का काफी काम पूरा हो चुका है. बुलेट ट्रेन की लिस्‍ट में जल्‍द ही एक एक और नया नाम जुड़ने वाला है. यूरोप में भी साल 2040 तक हाई-स्‍पीड रेल का नेटवर्क बिछाने की योजना है. यूरोपीय कमीशन की ओर से इसका ऐलान किया गया है. प्रोजेक्‍ट के पूरा होने पर तकरीबन आधे समय में गंतव्‍य तक ट्रेन से यात्रा पूरी की जा सकेगी. यूरोप के कई देशों को बुलेट ट्रेन से कनेक्‍ट करने की योजना है. यूरोप में रेल यात्रा एक बार फिर बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही है. यूरोपीय आयोग (European Commission) ने महाद्वीप के कई प्रमुख शहरों और देशों को जोड़ने वाले एक नए हाई-स्पीड ट्रेन नेटवर्क की योजना को हरी झंडी दे दी है. इस परियोजना का लक्ष्य यात्रा समय को आधा करना और सीमा-पार कनेक्टिविटी को आसान बनाना है. इसे यूरोप का रेल पुनर्जागरण कहा जा रहा है, जो यात्रियों के लिए तेज, सस्ती और पर्यावरण हितैषी परिवहन सुविधा का नया युग लेकर आएगा. 250 KMPH की स्‍पीड यूरोपीय आयोग द्वारा पेश किए गए प्रस्ताव के अनुसार, यह हाई-स्पीड रेल नेटवर्क पूरी तरह साल 2040 तक ऑपरेट होगा. हालांकि, कई प्रमुख रूट 2030 से ही शुरू हो जाएंगे. इन ट्रेनों की गति 250 किलोमीटर प्रति घंटा तक होगी, जिससे यात्रा समय में भारी कमी आएगी. बर्लिन से कोपेनहेगन की यात्रा, जो अभी लगभग 7 घंटे लेती है, साल 2030 तक सिर्फ 4 घंटे में पूरी होगी. सोफिया से एथेंस की यात्रा में भी बड़ा बदलाव होगा. जहां अभी करीब 14 घंटे लगते हैं, वहीं साल 2035 तक यह समय 6 घंटे हो जाएगा. प्रस्तावों में पेरिस से लिस्बन (मैड्रिड के रास्ते) और वारसॉ से टालिन (रीगा के रास्ते) जैसी नई सीधी हाई-स्पीड लिंक भी शामिल हैं. लंबी दूरी की यात्रा अब और आसान यूरोप भर में यात्रा करने वाले लोगों के लिए यह नेटवर्क क्रांतिकारी साबित होगा. यूरोपीय कमीशन की रिपोर्ट के अनुसार, प्राग से रोम की यात्रा सिर्फ 10 घंटे में संभव होगी. स्टॉकहोम से कोपेनहेगन की यात्रा 4 घंटे में सिमट जाएगी. इन तेज ट्रेनों और सुगम कनेक्टिविटी से पर्यटन के साथ-साथ व्यापार और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को भी बढ़ावा मिलेगा. पर्यावरण हित में बड़ा कदम यह पूरी परियोजना यूरोपीय आयोग की महत्वाकांक्षी Trans-European Transport Network (TEN-T) योजना का हिस्सा है. TEN-T का उद्देश्य रेलवे, सड़क, पोर्ट और हवाई यातायात सहित पूरे महाद्वीप में एकीकृत परिवहन ढांचा विकसित करना है. हाई-स्पीड रेल नेटवर्क से यूरोप में कार्बन उत्सर्जन में भारी कमी आने की उम्मीद है, क्योंकि लोग विमान और कार की तुलना में रेल यात्रा को तरजीह देंगे. पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि अगर लंबी दूरी की यात्राओं में ट्रेनें विमान का विकल्प बनती हैं, तो इससे ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में हजारों टन की कमी आ सकती है. यात्रियों की जेब पर क्या असर? अभी लागत का पूरा विवरण सामने नहीं आया है. यूरोपीय आयोग के अधिकारी केवल यही कह रहे हैं कि हाई-स्पीड रेल यात्रियों के लिए सस्ती और सुलभ विकल्प के तौर पर उपलब्ध होगी. यात्रा समय कम होने से यह नेटवर्क बजट फ्लाइट्स का भी मजबूत विकल्प बनेगा. संक्षेप में यूरोप में ट्रेन से यात्रा अब न केवल तेज़ और सुविधाजनक होगी, बल्कि पर्यावरण के लिए भी बेहतर साबित होगी. तेज ट्रेनों का यह नेटवर्क महाद्वीप के शहरों को पहले से कहीं ज्यादा निकट ले आएगा और रेल यात्रा को एक बार फिर यूरोप की जीवनशैली का अभिन्न हिस्सा बना देगा.

ई-बस सेवा: नए बस स्टॉप शहीदों के नाम पर, मध्यप्रदेश में तेजी से शुरू होगा इलेक्ट्रिक बस संचालन

भोपाल  राजधानी भोपाल में प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के तहत 195 इलेक्ट्रिक बसों के संचालन की दिशा में तेजी से काम शुरू हो गया है। इसके लिए कस्तूरबा नगर और संत हिरदाराम नगर (बैरागढ़) में अत्याधुनिक बस डिपो का निर्माण अंतिम चरण में है। भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड (बीसीएलएल) को पहले चरण में 100 बसें मिली हैं, जबकि आरएसवीपी योजना के तहत 95 अतिरिक्त बसों की भी स्वीकृति मिल चुकी है। इस तरह शहर के बेड़े में जल्द ही कुल 195 नई इलेक्ट्रिक बसें शामिल होंगी। महापौर मालती राय ने दिए निर्देश महापौर ने डिपो स्थलों का निरीक्षण किया और कार्यों को शीघ्रता से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने डिपो पर सोलर पैनल लगाने और सभी बस स्टॉप पर उच्च स्तरीय साफ-सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। दोनों डिपो में बसों की पार्किंग, चार्जिंग और संधारण की व्यवस्थाएं की जा रही हैं। 50-50 बसों के लिए दोनों स्थलों पर डिपो बन रहे हैं। लोककला से सजेंगे बस स्टॉप ● डिपो स्थल: कस्तूरबा नगर (आइएसबीटी) और संत हिरदाराम नगर (बैरागढ़)। ● मॉडल: जीसीसी (ग्रॉस कॉस्ट कॉन्ट्रैक्ट) मॉडल पर संचालन। ● नामकरण: नए बस स्टॉप शहीदों के नाम पर होंगे। ● आर्ट वर्क: बस स्पॉट में स्वच्छता, सौंदर्यीकरण के साथ लोककला भी दिखेगी।

एमपी में बरेली तहसील को नया जिला बनाने की पुर्नविचार रिपोर्ट दिसंबर में पेश होगी

बरेली मध्यप्रदेश में एक और नया जिला बनाने की वर्षों पुरानी मांग फिर से उठी है। दरअसल रायसेन जिले की बरेली तहसील को जिला बनाने की दो दशक पुरानी उम्मीद क्षेत्रीय विधायक को राज्य मंत्री मंडल में स्थान मिलने से बढ़ गई है। यह उम्मीद छह माह पहले प्रशानिक इकाई पुनर्गठन आयोग के गठन के साथ बढ़ गई है। जानकारी के अनुसार पुनर्गठन आयोग माह दिसंबर में अपनी रिपोर्ट प्रदेश सरकार को सौंपेगा। जिसमें बरेली को जिला बनाने का प्रस्ताव शामिल हो सकता है। बरेली को जिला बनाने की मांग जिला मुख्यालय रायसेन से बरेली और उदयपुरा क्षेत्र की दूरी को देखते हुए लोग बरेली को जिला बनाने की मांग लंबे समय से कर रहे हैं। देवरी क्षेत्र की सीमा जिला मुख्यालय से 180 किमी दूर है। भोपाल रियासत के वर्ष 1949 में भारत संघ में विलय के बाद 1950 में भोपाल राज्य में नबाब की शर्त के कारण राजधानी भोपाल से मात्र 45 किलोमीटर दूर रायसेन को जिला बनाया गया था। 1956 में गठित अविभाजित मध्यप्रदेश में भी रायसेन को जिला बनाए रखा गया। नबाबी दौर में प्रशासन का प्रमुख केंद्र रहे, रायसेन का ना तो नाम बदला गया ना ही विभाजित कर अन्य जिला बनाया गया। प्रदेश सरकार और मंत्री नबाबी दौर की यादों को भुलाने और नष्ट करने की बात कर रहे हैं, ऐसे में क्षेत्र के लोग नबाबी दौर में अपनी जान न्यौछावर कर भोपाल रियासत को प्रदेश में विलय कराने में महत्वपूर्ण योगदान देने वालों की याद में बरेली को जिला बनाने की मांग कर रहे हैं। जो उन शहीदों के लिए सच्ची श्रद्धांजलि होगी। 200 किमी. के दायरे में फैला है रायसेन जिला लोगों का कहना है कि बरेली में एडीजे कोर्ट बनाकर जिले को दो भागों में बांटा गया है। रायसेन जिला दो सौ किलोमीटर के दायरे में फैले होने के कारण लोगों को सस्ता और सुलभ न्याय नहीं मिल रहा था। इसलिए उच्च न्यायालय ने बरेली में एडीजे कोर्ट स्थापित कर जिले में न्याय व्यवस्था को रायसेन और बरेली दो भागों में बांटा। जब न्याययिक संस्थाएं सुलभ और सस्ते न्याय के लिए दो भागों में बांट सकते हैं तो सुलभ और चुस्त प्रशासन के लिए बरेली को जिला भी बनाया जा सकता है। जो भौगोलिक राजनीतिक, प्रशासनिक, साहित्यिक, सांस्कृतिक दृष्टि से भी उपयुक्त है।

हथियारबंद महिला जासूसों ने किया चौंकाने वाला काम, मुस्लिम देश का गुप्त राज हुआ दुनिया के सामने

यरूशलेम  बात जब मैदान-ए-जंग की आती है तो कोई भी चाल बेईमानी नहीं होती. कई बार देश एक-दूसरे के टॉप सीक्रेट्स निकलवाने के लिए ‘अप्सराओं’ को जमीन पर उतार देते हैं. इन अप्सराओं को ‘हनीट्रैप’ का मास्टरमाइंड कहा जाता है. कुछ ऐसा ही एक मुस्लिम देश के साथ हुआ था लेकिन इस बार एक नहीं बल्कि ऐसी कई अप्सराएं एक साथ उतर आई थीं. इतनी खूबसूरती एक साथ देखकर इस मुस्लिम देश ने मदहोशी में अपनी इज्जत ही लुटा दी थी. इसके बाद दुनिया के सामने वो राज खुला जिसे सुनकर हर कोई कांप गया. खुफिया एजेंसी ने भर्ती के लिए रखी थी ये शर्त इजराइली खुफिया एजेंसी मोसाद ने एक वक्त पर लेडी ब्रिगेड में खूबसूरत और खौफनाक अप्सराएं हायर की थीं. उन्हें टीम में लेने के लिए शर्त ये थी कि उनकी खूबसूरती के आगे दुश्मन सुध-बुध खो दे. फिर उन्हें मोसाद की ट्रेनिंग देकर खौफनाक बनाया गया. इसके बाद ये अप्सराएं ईरान की जमीन पर उतारी गईं. इन हसीनाओं ने सबसे पहले ईरान के 9 न्यूक्लियर साइंटिस्ट्स को अपना निशाना बनाया था. उनसे राज खुलवाए फिर उनके लिए नर्क के दरवाजे खोल दिए. Israel को 1 साल तक सप्लाई किए सीक्रेट बताया जाता है मोसाद की इस लेडी ब्रिगेड ने इतनी सफाई से काम किया उनका ये राज आज भी कोई नहीं जानता है. उन अप्सराओं ने अफसरों के दिल नहीं घरों में भी जगह बनाई थी. उनके परिवार से मिलीं और 1 साल तक ईरान के सीक्रेट इजरायल को सप्लाई करती रहीं. इजरायल को इन 9 न्यूक्लियर साइंटिस्ट्स के खाने-पीने, रहने और आने-जाने तक की सारी खबर मिलती रही. यही वजह है कि नेतन्याहू ने ठीक उन जगहों पर ही सटीक एयरस्ट्राइक की, जहां पर इन्हें छुपाकर रखा गया था. जब तक ईरान को इन अप्सराओं की कुछ खबर चलती वो हवा में गायब हो चुकी थीं. इस लेडी ब्रिगेड को ही ‘हथियार वाली अप्सराएं’ कहा जाता है. बताया जाता है कि ये दुश्मन की आंखों के सामने रहती हैं लेकिन कभी दिखाई नहीं देती हैं. मोसाद को इनकी वजह से ही ईरान का टॉप सीक्रेट पता चला था. अब दुनिया के सामने ये सच आ चुका है कि ईरान परमाणु हथियार बनाने की कोशिश कर रहा था, जिसे उसने कभी खुलकर एक्सेप्ट नहीं किया.

ऑनलाइन प्रतियोगिता में इस वर्ष 70 पुरस्कार, महोत्सव में 1 दिसम्बर को गतिविधियां होंगी

श्रीमद भगवद गीता ज्ञान प्रतियोगिता में अधिक से अधिक हिस्सेदारी हो : मुख्यमंत्री डॉ. यादव ऑनलाइन प्रतियोगिता में इस वर्ष 70 पुरस्कार, महोत्सव में 1 दिसम्बर को गतिविधियां होंगी गीता जयंती पर प्रदेश में श्रीमद् भगवद् गीता का होगा सस्वर पाठ: मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि गीता जयंती, अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव के गरिमापूर्ण आयोजन के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूर्ण की जाएं। ऑनलाइन श्रीमद् भगवद् गीता ज्ञान प्रतियोगिता में अधिकाधिक भागीदारी के प्रयास किए जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इसके लिए संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए हैं। ऑनलाइन श्रीमद् भगवद् गीता ज्ञान प्रतियोगिता मध्यप्रदेश के 70 वें स्थापना वर्ष में इस स्पर्धा में 70 पुरस्कारों का प्रावधान गीता ज्ञान स्पर्धा में किया गया है। पुरस्कार में प्रथम पुरस्कार एक लाख रूपए, द्वितीय पुरस्कार 51 हजार रूपए का रहेगा। इसके साथ ही 31 हजार रूपए के तीन तृतीय पुरस्कारों सहित 15 लैपटाप, 30 ई-बाइक और 20 ई-रिक्शा का वितरण भी किया जाएगा। श्रेष्ठ ज्ञान स्तर के लिए प्रतियोगिता में 11 से 25 वर्ष आयु के विद्यार्थियों को प्रोत्साहन स्वरूप 2 वर्ष तक शिक्षावृत्ति देने का प्रावधान भी किया गया है। प्रतियोगिता में नागरिकों, विद्यार्थियों के साथ ही प्रतियोगिता में कारावास के बंदी भी हिस्सा ले सकेंगे। यह ऑनलाइन प्रतियोगिता प्रदेश भर में शिक्षण संस्थानों के सहयोग से आयोजित की जा रही है। कुरूक्षेत्र में मध्यप्रदेश की कला होगी प्रदर्शित, व्यंजनों के स्टॉल सजेंगे 24 नवंबर से 1 दिसंबर की अवधि में कुरुक्षेत्र में हो रहे अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव 2025 में मध्यप्रदेश के आंचलिक और जनजातीय व्यंजनों के स्टॉल लगाए जाएंगे। इसके साथ ही मध्यप्रदेश की जनजातीय लोक कला एवं बोली विकास अकादमी की ओर से प्रदर्शनी, मेले और नाट्य समारोह के आयोजन होंगे। नाट्य समारोह में श्री पुनीत इस्सर और श्री मोहित शेवानी मुंबई, श्री शिरीष राजपुरोहित उज्जैन के कार्यक्रम होंगे। जनजातीय संग्रहालय के सौजन्य से जनजातीय नृत्यों की प्रस्तुति भी होगी। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने श्रीकृष्ण पाथेय न्यास, महाराजा विक्रमादित्य शोध पीठ, वीर भारत न्यास सहित उच्च शिक्षा, स्कूल शिक्षा, गृह, जनसंपर्क, संस्कृति संचालनालय, कृषि उद्योग विकास परिषद नई दिल्ली, इस्कॉन, गीता परिवार और विश्व गीता प्रतिष्ठानम की भागीदारी के संबंध में भी अधिकारियों से चर्चा कर निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नगरों में गीता भवन और विभिन्न चिन्हित स्थानों पर श्रीकृष्ण पाथेय से संबंधित कार्यों को भी पूर्ण करने को कहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्योग और रोजगार वर्ष 2025 के समापन अवसर पर विश्वविद्यालय और महाविद्यालयों के साथ स्कूल विद्यार्थियों को जोड़कर एक अभिनव कार्यक्रम तैयार करने के निर्देश दिए हैं। उज्जैन में 1 से 3 दिसंबर तक अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव गीता महोत्सव में ऑनलाइन श्रीमद् भागवत गीता ज्ञान प्रतियोगिता के पुरस्कृत प्रतिभागियों को पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। इस वर्ष प्रतियोगिता में 21 लाख नागरिकों की विशाल भागीदारी का लक्ष्य रखा गया है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 1 दिसम्बर को दशहरा मैदान उज्जैन में गीता पाठ और प्रदर्शनी सहित सांगीतिक प्रस्तुति होगी। दूसरे दिन काव्य पाठ और सांगीतिक प्रस्तुति और तीसरे दिन बैंगलोर एवं भोपाल के संगीत दल प्रस्तुति देंगे। श्रीमद् भगवद् गीता का सस्वर पाठ भोपाल में अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव के अंतर्गत 1 दिसम्बर को लाल परेड ग्राउण्ड पर आचार्यों की सन्निधि में श्रीमद् भगवद् गीता के 15वें अध्याय का सस्वर पाठ होगा। इसके साथ ही गौ और गोपाल पर आधारित प्रदर्शनी और बैंगलोर के दल द्वारा गीता ऑन व्हील्स सांगीतिक प्रस्तुति होगी। दो दिसम्बर को रवीन्द्र भवन भोपाल के हंसध्वनि सभागार में कृष्णायन की प्रस्तुति के साथ दिव्यांग कलाकार भी कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगे। जिला स्तर पर कार्यक्रमों का स्वरूप 1 दिसम्बर को प्रदेश के विकासखंडों में गीता पाठ होंगे। जिला मुख्यालय पर भी आचार्यों की सन्निधि में सस्वर पाठ होंगे। भगवान श्रीकृष्ण से जुड़े विशेष स्थलों जैसे इंदौर जिले के जानापाव, धार जिले के अमझेरा, उज्जैन जिले के नारायणा, अशोकनगर जिले के चंदेरी, रायसेन जिले के जामगढ़, देवास जिले के पीवडिया-खातेगांव, सागर जिले के प्राचीन नगर एरण और पन्ना जिले में भी विशेष कार्यक्रम होंगे। गीता जयंती पर श्रीकृष्ण मंदिरों की विशेष सज्जा की जाएगी। जिला स्तर पर संतों और विद्वतजनों के व्याख्यान भी आयोजित किए जाएंगे। संस्कृति विभाग द्वारा इन सभी कार्यक्रमों की तैयारियां की जा रही है।  

खुशखबरी: लाड़ली योजना के तहत बढ़े हुए पैसे सीधे खाते में, जानिए कब और कैसे मिलेंगे

भोपाल मध्य प्रदेश की महिलाओं के लिए लाड़ली बहना योजना (Ladli Behna Yojana) एक वरदान साबित हो रही है। हर महीने लाखों बहनों के खातों में सीधे 1500 रुपये की सहायता राशि पहुंच रही है, जो उनके परिवार की आर्थिक मजबूती का आधार बन रही है। अब तक योजना की 29 किश्तें सफलतापूर्वक वितरित हो चुकी हैं, और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कई मंचों से घोषणा की है कि यह राशि धीरे-धीरे बढ़ाकर 3000 रुपये तक पहुंचाई जाएगी। नवंबर में इस बार राशि बढ़कर आएगी!  मुख्यमंत्री मोहन यादव अपनी लाड़ली बहनों से किया वादा पूरा करने जा रहे हैं। राज्य की प्रमुख लाडली बहना योजना के 1.26 करोड़ से अधिक लाभार्थियों को अब हर महीने ₹1500 मिलेंगे। यह राशि पहले ₹1250 प्रति माह थी। यह बढ़ोतरी भाई दूज के बाद से लागू होनी थी, लेकिन सरकारी सूत्रों के अनुसार, 12 नवंबर को नर्मदापुरम जिले के बाबई में एक राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री स्वयं लाभार्थियों के खातों में ₹1500 की राशि ट्रांसफर करेंगे। मंत्री ने भी की पुष्टि महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने भी इसकी पुष्टि की है कि नवंबर से यह बढ़ी हुई राशि मिलनी शुरू हो जाएगी। यह पिछले दो सालों में इस योजना के तहत पहली वृद्धि है। मुख्यमंत्री ने 12 सितंबर 2025 को घोषणा की थी कि लाड़ली बहना लाभार्थियों को हर महीने ₹1500 मिलेंगे, जिसे धीरे-धीरे ₹3000 प्रति माह तक बढ़ाया जाएगा। 12 अक्टूबर 2025 को, 1.26 करोड़ से अधिक लाभार्थियों के खातों में ₹1541 करोड़ की 29वीं किस्त भेजी गई थी। दीवाली बोनस का किया था ऐलान सरकार ने दिवाली बोनस के तौर पर 'भाई दूज' से ₹1500 देने का वादा किया था। 18 अक्टूबर 2025 को मुख्यमंत्री ने 'भाई दूज' पर ₹250 अतिरिक्त जमा करने और अगले महीने से ₹1500 देने की घोषणा की थी। हालांकि, 23 अक्टूबर 2025 को लाभार्थियों को भाई दूज पर वादा किया गया ₹250 अतिरिक्त नहीं मिला, लेकिन सरकार ने नवंबर से ₹1500 प्रति माह की राशि बढ़ाने का अपना वादा दोहराया। योजना के 1.26 करोड़ लाभार्थी मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की शुरुआत पिछली भाजपा सरकार ने मार्च 2023 में, विधानसभा चुनावों से ठीक पहले की थी। शुरुआत में, महिला लाभार्थियों को ₹1000 प्रति माह देने की घोषणा की गई थी। अगस्त 2023 में, सरकार ने अक्टूबर 2023 से राशि बढ़ाकर ₹1250 प्रति माह करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने दिवाली से मौजूदा ₹1250 प्रति माह से बढ़ाकर ₹1500 प्रति माह करने की घोषणा की थी। इस योजना के तहत लाभार्थियों की संख्या 1.26 करोड़ है। अगस्त 2023 से नए रजिस्ट्रेशन बंद 20 अगस्त 2023 के बाद से योजना के तहत कोई नया पंजीकरण शुरू नहीं किया गया है। पिछले महीने तक, लाड़ली बहना योजना के तहत राज्य सरकार ने 29 किस्तों में ₹45,000 करोड़ हस्तांतरित किए हैं।