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जनजातीय अंचल में शिक्षा और सम्मान बढ़ाने के लिये राज्य सरकार प्रतिबद्ध : मंत्री विजयवर्गीय

धार जिले के बाग में कर्त्तव्यबोध कार्यक्रम भोपाल  नगरीय प्रशासन एवं आवास एवं धार जिले के प्रभारी मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा है कि राज्य सरकार ने जनजातीय अंचल के क्षेत्रों में शिक्षा की गुणवत्ता और विद्यालयों में बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने के लिये ठोस प्रयास किये हैं। उन्होंने कहा कि छात्रवृत्ति, गणवेश, साइकिल, पाठ्य पुस्तकें और मध्यान्ह भोजन जैसी योजनाओं ने विद्यालयों में छात्र-छात्राओं की उपस्थिति बढ़ाने में अहम भूमिका अदा की है। इन सब प्रयासों से अब जनजातीय क्षेत्रों की प्रतिभाएँ उभर कर सामने आ रही हैं। मंत्री श्री विजयवर्गीय रविवार को धार जिले के में कर्त्तव्यबोध कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मंत्री श्री विजयवर्गीय ने कहा कि राज्य सरकार ने जनजातीय समाज के नायकों को सम्मान प्रदान किया है, जो पहले कभी नहीं मिला। टंट्या मामा, बिरसा मुण्डा और भीमा नायक जैसे महापुरुषों के योगदान और उनके आदर्शों को जन-जन तक पहुँचाने के लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होंने आह्वान किया कि आदिवासी समाज अपनी परम्पराओं, संस्कृति और सरल स्वभाव को बनाये रखते हुए अपने महानायकों के पदचिन्हों पर आगे बढ़े और गर्व से कहे कि वे इन महापुरुषों के वंशज है। कार्यक्रम को सांसद श्री सुमेर सिंह सोलंकी ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सरदार सिंह मेढ़ा एवं स्थानीय जन-प्रतिनिधि मौजूद थे। कार्यक्रम के प्रारंभ में मंत्री श्री विजयवर्गीय ने बाल पोथी का विमोचन किया। उन्होंने भारतीय सेना में सेवा दे चुके सैनिकों का सम्मान भी किया। कार्यक्रम में सरकारी स्कूलों में पढ़ाई करने वाले नागरिकों का सम्मान किया गया, जो अब उच्च पदों पर सेवाएँ दे रहे हैं। राष्ट्रीय स्तर पर जिले का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ियों का सम्मान भी किया गया। नवीन विद्युत उप केन्द्र का लोकार्पण प्रभारी मंत्री श्री विजयवर्गीय ने कुक्षी तहसील के ग्राम अखाड़ा में रविवार को 33/11 के.व्ही. विद्युत केन्द्र का लोकार्पण किया। मंत्री श्री विजयवर्गीय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति को सतत बनाये रखने के लिये आरडीएसएस योजना में राशि उपलब्ध करायी है। योजना के कारण देश का कोई घर या खेत अब विद्युत आपूर्ति से वंचित नहीं रहेगा। उन्होंने बताया कि जल्द ही इस क्षेत्र में 2 और विद्युत उप केन्द्र शीघ्र निर्मित किये जायेंगे। मंत्री श्री विजयवर्गीय ने बताया कि वर्ष 2004 में प्रदेश में विद्युत उत्पादन 4000 मेगावॉट हुआ करता था, जो अब बढ़कर 24 हजार मेगावॉट तक पहुँच गया है। धार जिले में 126 करोड़ रुपये की आरडीएसएस योजना के अंतर्गत 33/11 के.व्ही. विद्युत उप केन्द्र की लगातार स्थापना की जा रही है। 

पैर पकड़कर करीं आख़िरी गुहार: ज़मीन बचाइए, वरना मैं मर जाऊँगी— तहसीलदार ने कार चलाकर छोड़ दिया

श्योपुर एक ओर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव हर महीने समाधान ऑनलाइन कार्यक्रम के माध्यम से लोगों की समस्याओं को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से सुनकर तत्काल निराकरण के निर्देश देते हैं। वहीं श्योपुर कलेक्टर अर्पित वर्मा भी हर मंगलवार को तीन-चार घंटे तक जनसुनवाई कर आमजन की तकलीफें गंभीरता से सुनते हैं, लेकिन इसी जिले में कराहल तहसील कार्यालय पर शनिवार को ऐसा दृश्य सामने आया जिसने प्रशासनिक संवेदनशीलता पर सवाल खड़े कर दिए। अपनी पुश्तैनी जमीन पर जबरन कब्जे से परेशान दिव्यांग आदिवासी महिला सावित्री बाई अपने बेटे की बहू के साथ तहसील पहुंची और तहसीलदार रोशनी शेख के पैरों पर गिरकर न्याय की गुहार लगाई। महिला का आरोप है कि शिकायत किए आठ दिन बीत चुके हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में सावित्री बाई तहसीलदार से रोते हुए कहती दिख रही हैं, मैडम, हमारी जमीन बचा लीजिए, नहीं तो मैं अपनी जान दे दूंगी। महिलाओं का कहना है कि तहसीलदार ने ठोस आश्वासन देने के बजाय गाड़ी में बैठकर कार्यालय से निकलना उचित समझा। यह रवैया उस समय सवालों के घेरे में है जब राज्य शासन और जिला प्रशासन दोनों ही जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए निरंतर प्रयासरत है। तहसीलदार ने अब संबंधित राजस्व निरीक्षक व पटवारी को जांच के निर्देश दिए हैं, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि अगर तहसील स्तर पर ऐसी बेरुखी रही तो समाधान ऑनलाइन और जनसुनवाई जैसे कार्यक्रमों का असर जमीनी स्तर तक नहीं पहुंच पाएगा। इस मामले को लेकर कलेक्टर अर्पित वर्मा ने संज्ञान लिया है। तहसीलदार से जवाब तलब किया है।

उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने व्हाइट टाइगर सफारी का किया भ्रमण

केन्द्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण नई दिल्ली से वन्य प्राणियों के आदन-प्रदान के संबंध में ली जानकारी भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने महाराजा मार्तण्ड सिंह व्हाइट टाइगर सफारी एण्ड जू मुकुंदपुर का भ्रमण कर वन्य प्राणियों के लिये वाडों से निर्माण की प्रगति तथा जू की व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने वाक इन एवियरी रेप्टाइल हाउस का निरीक्षण किया। उप मुख्यमंत्री ने जू के नवीन मास्टर प्लान के लेआउट, टाइगर ब्राीडिंग सेंटर के डीपीआर के अनुसार केन्द्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण नई दिल्ली से अनुमोदन एवं वन्य प्राणियों के आदन-प्रदान के संबंध में समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत के वन समिति के सभापति हरीशकांत त्रिपाठी, वन मण्डलाधिकारी मयंक चांदीवाल सहित जू के डायरेक्टर उपस्थित रहे।  

सीमा से आगे बढ़कर राष्ट्र की शान बना पूर्वोत्तर: प्रधानमंत्री का संबोधन

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कहा कि पूर्वोत्तर क्षेत्र भारत की सीमा ही नहीं, बल्कि अब यह देश का अग्रिम चेहरा है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया के आर्टिकल पर प्रतिक्रिया देते हुए पीएम मोदी ने लिखा, "इस आर्टिकल में केंद्रीय मंत्री जेएम सिंधिया ने उत्तर पूर्व की अपनी यात्रा का अनुभव शेयर किया और वहां की सुंदरता और लोगों की अटूट भावना के बारे में बताया है।" पीएम मोदी ने आगे लिखा, "केंद्रीय मंत्री ने उत्तर पूर्व को 'अष्टलक्ष्मी' बताते हुए कहा कि कैसे यह दक्षिणपूर्व एशिया के लिए भारत का प्राकृतिक गेटवे बन रहा है। पूर्वोत्तर क्षेत्र भारत की सीमा ही नहीं, बल्कि देश का अग्रिम चेहरा है।" आर्टिकल में सिंधिया ने कहा, "पूर्वोत्तर की मनमोहक सुंदरता की बराबरी केवल यहां के लोगों की गर्मजोशी, सादगी और अदम्य साहस से ही हो सकती है, जिन्होंने मुझ पर अमिट छाप छोड़ी है। मैं इस यात्रा से इस क्षेत्र की प्रगति और समृद्धि के लिए और भी अधिक परिश्रम और लगन से काम करने के नए संकल्प के साथ घर लौट रहा हूं।" केंद्रीय मंत्री ने आगे लिखा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में, भारत सरकार पूर्वोत्तर को संपर्क, संस्कृति और वाणिज्य के एक जीवंत केंद्र में बदल रही है। अगर उनकी दूरदर्शी सोच और चुनौतियों को अवसरों में बदलने की क्षमता न होती, तो आशा और संभावनाओं का यह पुनरुत्थान शायद अभी भी एक दूर का सपना ही बना रहता।" उन्होंने बताया कि जैसे-जैसे यह क्षेत्र 'लैंडलॉक' से 'लैंडलिंक्ड' होता जा रहा है, परिवर्तन की रफ्तार को महसूस किया जा सकता है, जहां विकास समावेशिता और गरिमा के साथ-साथ चल रहा है। केंद्रीय मंत्री ने अपर शिलांग स्थित मशरूम विकास केंद्र के अपने दौरे का जिक्र किया, जिसे ग्रामीण आजीविका में बदलाव लाने के लिए बनाया गया है। उत्तर पूर्वी परिषद के तहत 1982 में स्थापित, इस केंद्र में अब नव स्थापित शिटाके मशरूम उत्पादन एवं प्रशिक्षण केंद्र है, जो हर साल लगभग 1.5 लाख लकड़ी के बुरादा के ब्लॉक का उत्पादन करता है, जिनमें से प्रत्येक से एक किलोग्राम शिटाके मशरूम प्राप्त होता है जिसकी बाजार में कीमत 1,000 रुपए तक होती है। सिंधिया ने कहा, "आंकड़ों से परे, जो बात मेरे दिमाग में रही, वह थी उन किसानों के चेहरे और कहानियां जिनसे मैं मिला, उनकी आंखें गर्व से चमक रही थीं, जब उन्होंने बताया कि कैसे यह पहल सम्मानजनक आजीविका बनाने, हरित उद्यमिता को पोषित करने और प्रधानमंत्री द्वारा परिकल्पित एक सच्चे आत्मनिर्भर पूर्वोत्तर को विकसित करने के उद्देश्य से प्रेरित है।"

MP में किसानों की आवाज तेज: कांग्रेस विधायकों का प्रदर्शन, मंत्री की तलाश पर 11 हजार इनाम

श्योपुर बेमौसम बारिश से जिले में सैकड़ों हेक्टेयर फसलें चौपट हो गई हैं। फसल नुकसान के सर्वे और मुआवजे की मांग को लेकर किसान कांग्रेस ने जिला मुख्यालय के पटेल चौक पर धरना शुरू किया। इस दौरान विधायक बाबू जंडेल ने कहा कि किसानों की हालत बेहद गंभीर है, कई जगहों पर धान, सोयाबीन, मूंग, उड़द और मूंगफली जैसी फसलें पूरी तरह नष्ट हो गईं।   धरने को संबोधित करते हुए विधायक जंडेल ने कहा, "आपदा के समय सरकार को किसानों के बीच पहुंचना चाहिए था। उन्होंने कहा कि प्रभारी मंत्री राकेश शुक्ला अब तक श्योपुर नहीं पहुंचे हैं, जबकि किसानों की स्थिति देखने के लिए उनका आना जरूरी था। जंडेल ने घोषणा की कि जो व्यक्ति प्रभारी मंत्री को श्योपुर लेकर आएगा, उसे वे स्वयं 11000 का इनाम देंगे।"   विधायक ने कहा कि कांग्रेस किसानों के साथ खड़ी है और जब तक मुआवजे की प्रक्रिया पूरी नहीं होती, धरना जारी रहेगा। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि फसल नुकसान का सर्वे शीघ्र पूरा कर प्रभावित किसानों को राहत राशि प्रदान की जाए। धरने में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और किसानों की उपस्थिति रही, जिन्होंने शीघ्र सहायता की मांग की।

अवैध मादक पदार्थों के विरुद्ध मध्यप्रदेश पुलिस की प्रभावी कार्रवाई

विगत 2 दिनों में 75 लाख से अधिक मूल्य के अवैध मादक पदार्थ, वाहन एवं उपकरण जब्त भोपाल पुलिस महानिदेशक मध्यप्रदेश श्री कैलाश मकवाणा के निर्देशन में प्रदेशभर में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी, खेती एवं वितरण के विरुद्ध निरंतर विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है। “नशा मुक्ति अभियान” के अंतर्गत पिछले 48 घंटों में विभिन्न जिलों की पुलिस ने प्रभावी कार्यवाही करते हुए उल्लेखनीय सफलताएँ अर्जित की हैं। अब तक कुल ₹75 लाख से अधिक मूल्य के अवैध मादक पदार्थ, वाहन एवं उपकरण जब्त कर अनेक आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। प्रमुख कार्रवाइयाँ खरगोन पुलिस चैनपुर थाना क्षेत्र में अवैध गांजा खेती पर बड़ी कार्रवाई करते हुए NDPS एक्ट के तहत दो प्रकरण पंजीबद्ध किए गए। खेतों से 190 गांजे के पौधे (397 किग्रा, अनुमानित कीमत ₹20 लाख) जब्त किए गए। रीवा पुलिस “ऑपरेशन प्रहार 2.0” के तहत दो अलग-अलग कार्रवाइयों में नशीली कफ सिरप एवं गांजा तस्करी का खुलासा किया गया। चोरहटा थाना पुलिस ने Maruti Zen कार से 557 शीशियाँ कोडीन युक्त कफ सिरप, कुल ₹4.12 लाख का मशरूका जब्त किया।दूसरी कार्रवाई में Innova कार से 105.980 किग्रा गांजा (कीमत ₹21.20 लाख) बरामद कर कुल ₹41.20 लाख का मशरूका जब्त किया गया तथा एक आरोपी गिरफ्तार हुआ। सीधी पुलिस “प्रहार 2.0” अभियान के तहत नशीली कफ सिरप, गांजा एवं अवैध शराब सहित ₹2.20 लाख का माल जब्त किया गया। चौकी खड्डी पुलिस ने 20 शीशियाँ Onrex कफ सिरप जप्त कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया तथा मोटरसाइकिल व मोबाइल सहित कुल ₹1.03 लाख का मशरूका जब्त किया। सतना पुलिस नागौद थाना क्षेत्र में खेत में अवैध रूप से गांजा उगाने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर 18 पौधे (7.820 किग्रा, कीमत ₹78,200) जब्त किए गए। शिवपुरी पुलिस करैरा थाना पुलिस ने आरोपी मेघराज परिहार को गिरफ्तार कर 25.6 किग्रा अनुमानित कीमत लगभग ₹2.60 लाख गांजे के पौधे बरामद किए। मंदसौर पुलिस थाना नारायणगढ़ ने अंतरजिला तस्करों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए ट्रैक्टर के टायरों में छिपाकर ले जाए जा रहे 150 किग्रा डोडाचूरा (कीमत ₹3 लाख) जब्त किया। क्राइम ब्रांच भोपाल एक गांजा तस्कर को अभिरक्षा में लेकर 4.040 किग्रा गांजा (कीमत ₹1 लाख) जब्त किया गया। छतरपुर पुलिस “नशा मुक्ति अभियान” के तहत थाना सिविल लाइन पुलिस ने कार्रवाई कर ढाई लीटर नशीला सिरप एवं 70 टैबलेट जब्त किए तथा दो आरोपियों को NDPS एवं ड्रग्स कंट्रोल एक्ट के तहत गिरफ्तार किया। मध्यप्रदेश पुलिस समाज को नशे के दुष्प्रभावों से मुक्त करने हेतु सतत अभियान चला रही है। नशा मुक्त अभियान के अंतर्गत प्रदेशभर में मादक पदार्थों की आपूर्ति, अवैध खेती एवं तस्करी पर निर्णायक प्रहार किया जा रहा है। पुलिस का उद्देश्य नशा मुक्त समाज की स्थापना के लिए हर स्तर पर कठोर और निरंतर कार्रवाई सुनिश्चित करना है।  

जनजातीय युवाओं को मिल रही भरपूर शैक्षणिक सुविधाएं

विभिन्न विभागों ने केंद्र को भेजे प्रस्ताव, विकास कार्य निरंतर जारी भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार जनजातीय समुदायों के विद्यार्थियों को ज्यादा से ज्यादा शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। विभिन्न विभागों द्वारा विशेष प्रयास किया जा रहे हैं। कौशल भारत मिशन के अंतर्गत तकनीकी शिक्षा कौशल विकास विभाग द्वारा बैतूल जिले में तीन विकासखण्डों भैंसदेही, आठनेर, बैतूल एवं झाबुआ के राणापुर में शासकीय आईटीआई स्थापित करने के लिए केन्द्र को प्रस्ताव भेजे हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग ने 135 नए आंगनवाड़ी केन्द्रों का प्रस्ताव भारत सरकार को भेजा है। इसके अलावा 2468 सक्षम आंगनवाड़ी केन्द्रों को अपडेट करने का प्रस्ताव भी भेजा गया है। पर्यटन विभाग द्वारा स्वदेश दर्शन योजना में 14 गांवों में 86 ट्राइबल होमस्टे बनाने के लिए नए प्रस्ताव आमंत्रित किए गए हैं। राज्य सरकार के सुनियोजित प्रयासों के फलस्वरूप वर्ष 2022 में मंडला देश का पहला 100% साक्षर जनजाति जिला बन गया था। न्यू इंडिया लिटरेसी प्रोगाम के अंतर्गत 47 लाख 58 हजार लोगों को साक्षर बनाया गया है। जनजातीय क्षेत्रों में साक्षरता का स्तर सुधारने के निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। राज्य शासन ने पिछले 10 सालों में जनजातीय परिवार के बच्चों के शैक्षणिक विकास के लिए विशेष ध्यान दिया है। पिछले 10 सालों में 2596.90 करोड रुपए पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के रूप में 18 लाख 48 हजार से ज्यादा विद्यार्थियों को दिए गए। इसी प्रकार 55 विद्यार्थियों को उच्च स्तरीय अध्ययन के लिए विदेश भेजने के लिए 18.55 करोड रुपए की राशि उपलब्ध कराई गई। जनजाति कार्य विभाग के अंतर्गत प्राथमिक शालाओं, माध्यमिक शालाओं, हाई स्कूल, उच्चतर माध्यमिक, सांदीपनि ने विद्यालयों, एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय, माता शबरी आवासीय कन्या शिक्षा परिषद, आदर्श आवासीय विद्यालय, आश्रम एवं क्रीड़ा परिसर मिलकर 27 हजार 886 संस्थाएं हैं, जिनमें 22 लाख 18 हजार विद्यार्थी हैं। जनजातीय कार्य विभाग के अंतर्गत संचालित संस्थाओं का कक्षा 10वीं एवं 12वीं का औसत परीक्षा परिणाम क्रमश: 83.92 प्रतिशत और 78.72% है। महाविद्यालय स्तर पर छात्रावास में प्रवेश से वंचित विद्यार्थियों को आवास किराया प्रतिपूर्ति आवास सहायता योजना में की जा रही। राष्ट्रीय संस्थानों जैसे एम्स, आईआईटी, एनआईटी, आईआईएम में प्रवेश लेने पर 25 से 50 हजार तक की प्रोत्साहन राशि दी जाती है। निरंतर विकास पीएम जनमन योजना में 9 विभागों की योजनाओं को जनजातीय बहुल जिलों में क्रियान्वित किया जा रहा है। हितग्राही मूलक योजनाओ में 100% लक्ष्य की प्राप्ति कर ली गई। आधार कार्ड, जन धन बैंक खाता, आयुष्मान भारत, जाति प्रमाण पत्र, किसान क्रेडिट कार्ड, पीएम किसान कल्याण निधि और राशन कार्ड जैसे जरूरी दस्तावेज उपलब्ध कराए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत 21 जिलों के दूरस्थ गांवों में 66 मोबाइल मेडिकल यूनिट संचालित हैं। जनजाति समुदाय के विद्यार्थियों के लिए 16 जिलों में 106 छात्रावास स्वीकृत किए गए हैं। ऊर्जा विभाग द्वारा 26 हजार से ज्यादा घरों में बिजली उपलब्ध कराने का काम पूरा हो गया है और 2000 से ज्यादा घरों में सोलर ऊर्जा के माध्यम से बिजली उपलब्ध कराई गई है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत 1058 जनजातीय बहुल बसाहटों के लिए 2271 किलोमीटर सड़क बनाने का काम चल रहा है। इसके अलावा 1 लाख 78 हजार से ज्यादा पक्का घर दिए गए हैं। हर घर नल से जल योजना के अंतर्गत 83 हजार घरों में नल से जल पहुंच गया है। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा 23 जनजाति बहुत जिलों में 704 आंगनवाड़ियां स्वीकृत की गई है। वन विभाग के सहयोग से 83 वन धन विकास केंद्र संचालित है। विभिन्न स्तरों पर बहु उद्देशीय केन्द्रों का निर्माण चल रहा है। दूरस्थ गांव में मोबाइल नेटवर्क उपलब्ध कराने के लिए 145 टॉवर की स्थापना का काम प्रगति पर है। धरती आबा जनजाति ग्राम उत्कर्ष अभियान में विभिन्न विभागों के सहयोग से जनजाति समुदाय के कल्याण के काम संचालित है। लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के अंतर्गत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना में 62 लाख आयुष्मान कार्ड बनाए गए हैं। सिकल सेल के उपचार के लिए इंदौर और भोपाल में दो केंद्र स्वीकृत किए गए हैं। आयुष विभाग द्वारा जनजातीय छात्रावास में 157 पोषण वाटिका स्थापित करने की योजना बनाई जा रही है। टिकाऊ खेती को बढ़ावा देने के लिए 21 हजार से ज्यादा वन अधिकार पट्टाधारकों को विभिन्न योजनाओं का लाभ देने की कार्य योजना बनाई गई। वन अधिकार अधिनियम एवं पेसा कानून के लिए के बेहतर क्रियान्वयन के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में टास्क फोर्स गठित की गई है। वन गांव को राजस्व गांव में बदलने के लिए तेजी से कार्य किया जा रहा है। वर्तमान में 925 वन ग्राम वन विभाग के प्रबंधन और नियंत्रण में है। जनजाति समुदाय के हित में 827 वन ग्रामों को राजस्व गांव में बदलने का निर्णय लिया गया है। इनमें से 792 को राजस्व गांव में परिवर्तन किया जा चुका है और 789 ग्रामों का गजट नोटिफिकेशन कर दिया गया है।  

महारानी-4 और दिल्ली क्राइम-3 में हुमा कुरैशी की परफॉर्मेंस देख राजकुमार राव बोले-मुझे तुम पर गर्व

मुंबई,  ‘भूल चूक माफ’ और ‘मालिक’ में अपने बेहतरीन अभिनय से सबका मनोरंजन करने वाले अभिनेता राजकुमार राव ने अपनी बेस्ट फ्रेंड और अभिनेत्री हुमा कुरैशी की खुलकर तारीफ की है। उन्होंने उनकी दोनों हालिया रिलीज सीरीज महारानी-4 और दिल्ली क्राइम-3 को धमाकेदार बताया है। राजकुमार राव ने अपने इंस्टाग्राम पर हुमा कुरैशी की सीरीज महारानी-4 का ट्रेलर शेयर किया है। उन्होंने ट्रेलर की तारीफ कर लिखा, “महारानी के सभी सीजन पहले से हटकर और जबरदस्त तरीके से परफॉर्म कर रहे हैं और अब दिल्ली क्राइम-3 आ रही है। हुमा, तुमने अपने शानदार काम से सबको पीछे छोड़ दिया है। मुझे तुम पर गर्व है, मेरी दोस्त, ऐसे ही आगे बढ़ती जाओ।” बिहार की राजनीति पर बनी सीरीज महारानी-4, 7 नवंबर से ओटीटी प्लेटफॉर्म सोनी लिव पर स्ट्रीम हो चुकी है और सीरीज को फैंस की तरफ से बहुत अच्छा रेस्पॉन्स भी मिल रहा है। फिल्म को ऐसे वक्त रिलीज किया गया है, जब पहले से ही बिहार में चुनाव चल रहे हैं। इसके अलावा हुमा की दिल्ली क्राइम-3 भी 13 नवंबर को नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम होगी। इस सीरीज में एक्ट्रेस ने निगेटिव रोल प्ले किया है, जो सिर्फ राज्य स्तर पर नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मानव तस्करी कर रही हैं। दोनों की सीरीज सस्पेंस और थ्रिलर से भरी हैं। राजकुमार राव और हुमा कुरैशी ने एक साथ बहुत सारी फिल्मों में काम किया है। दोनों को ‘मोनिका-ओह मॉय डार्लिंग’, ‘मालिक’ और ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर-2’ में साथ देखा गया था। राजकुमार राव को आखिरी बार ‘भूल चूक माफ’ और ‘मालिक’ फिल्म में देखा गया था। दोनों ही फिल्में पर्दे पर कुछ खास कमाल नहीं कर पाईं, जिसके बाद दोनों ही फिल्मों को ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज किया गया। साथ ही एक्टर को कुछ समय पहले ही फिल्मफेयर पुरस्कार से नवाजा गया था। उन्हें फिल्म ‘श्रीकांत’ के लिए बेस्ट एक्टर क्रिटिक्स का अवॉर्ड मिला था। राजकुमार ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए पूरी टीम को धन्यवाद दिया था। उन्होंने लिखा था, “इस फिल्म के लिए मैंने बहुत मेहनत की और जब शाहरुख खान सर आपके प्रदर्शन के लिए इतने अच्छे शब्द कहते हैं, तो सब कुछ जादुई लगता है।”  

फ्रिज खोला और हुआ विस्फोट: बच्चे की हालत गंभीर, अस्पताल में चलती रही लंबी सर्जरी

जबलपुर बड़ेरिया मेट्रो प्राइम अस्पताल जबलपुर के चिकित्सकों की टीम ने बम ब्लास्ट में कटनी के 14 साल के एक बच्चे के क्षत विक्षत हो चुके जबड़े की जटिल सर्जरी करने में न सिर्फ बड़ी सफलता हासिल की बल्कि जिन्दगी और मौत के बीच झूल रहे बच्चे को जीवनदान भी दिया। अस्पताल के योग्य और कुशल चिकित्सकों की टीम ने एक अलग तरह के भयावह एवं चुनौतीपूर्ण केस की सर्जरी कर असंभव को भी संभव कर दिखाया। इस जटिलतम केस की सफल सर्जरी करके बड़ेरिया मेट्रो प्राइम अस्पताल के डॉक्टर्स ने इतिहास रच दिया। 5 घंटे तक सर्जरी कर हड्डियों को जोड़ा यह ऑपरेशन बेहद ही दुर्लभ था क्योंकि मरीज के जबड़े की 100 से ज्यादा हड्डियां टूट चुकी थीं, जिन्हें जोड़ना आसान नहीं था, इसके अलावा बच्चे को सांस लेने में भी परेशानी हो रही थी लेकिन अस्पताल के योग्य और कुशल चिकित्सकों की टीम ने इस जटिलतम केस को चुनौती के रूप में स्वीकार करते हुए सर्जरी प्लान की और 5 घंटे तक लगातार सर्जरी कर जबड़े की 100 से अधिक टूटी हुई हड्डियों को जोड़ा गया और बच्चे का चेहरा लगभग पहले जैसा बना दिया गया। संभवतः यह जबलपुर का पहला ऐसा चुनौती भरा केस था जिसमें डॉक्टर्स ने सफलता प्राप्त की है। यह सफलता हॉस्पिटल की उच्चस्तरीय चिकित्सा सुविधा और डॉक्टरों की उत्कृष्ट कुशलता का प्रमाण है।   सांस लेने का रास्ता बनाया गया ऑपरेशन के बाद बच्चे का चेहरा प्लास्टिक सर्जरी के द्वारा लगभग विस्फोट के पहले जैसा ही हो गया है और बच्चे का चेहरा देखकर यह प्रतीत नहीं होता कि उसका चेहरा इतनी बुरी तरह से क्षत-विक्षत हुआ था चुकी बम विस्फोट से पूरा चेहरा बुरी तरह क्षत-विक्षत हो गया था अथा बच्चे को सांस लेने में भी परेशानी हो रही थी। इसलिए नाक, कान, गला विशेषज्ञ डॉ. राहुल चतुर्वेदी द्वारा गले से छेद करके पहले सांस लेने का रास्ता बनाया गया, फिर इस जटिल ऑपरेशन को किया गया। बच्चे को नया जीवन मिला दरअसल, कटनी के 14 वर्षीय बालक का चेहरा बम विस्फोट की वजह से गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गया था, जिसकी वजह से उसका पूरा चेहरा फट गया और सांस लेना मुश्किल हो गया । उसे कटनी से तत्काल बड़ेरिया मेट्रो प्राइम हॉस्पिटल जबलपुर लाया गया, जहां चिकित्सको की अथक मेहनत से बच्चे को नया जीवन मिला और उसका चेहरा फिर से पहले जैसा हो गया है।

शादीशुदा हैं? अब आपको ये काम ज़रूर करना होगा, हरियाणा सरकार ने जारी किया निर्देश

हरियाणा  हरियाणा सरकार की नई फैमिली ID नीति के तहत अब हर शादीशुदा व्यक्ति के लिए Marriage Certificate बनवाना अनिवार्य कर दिया गया है। चाहे शादी को कितने भी साल हो गए हों, अब बिना मैरिज सर्टिफिकेट के आप अपनी फैमिली ID में “Unmarried” से “Married” स्टेटस में बदलाव नहीं कर सकते। अगर मैरिज सर्टिफिकेट बना हुआ है तो करें ये ज़रूरी काम: 1. पत्नी को अपने घर की Family ID में जोड़ें 2. गलत बिजली बिल या पुरानी जानकारी हटवाएं 3. नाम के आगे माता-पिता का नाम सही करवाएं 4. Family ID में रिश्तों (Relations) को सही करवाएं क्यों जरूरी है मैरिज सर्टिफिकेट? मैरिज सर्टिफिकेट न केवल आपकी शादी का वैध सरकारी प्रमाण होता है, बल्कि यह फैमिली ID अपडेट , सरकारी योजनाओं का लाभ , और कानूनी दस्तावेजों में पहचान प्रमाण के लिए भी आवश्यक है। हरियाणा सरकार की विभिन्न सरकारी योजनाओं (₹71,000 तक) का लाभ लेने के लिए भी यह दस्तावेज़ जरूरी है। Marriage Certificate बनवाने के लिए जरूरी दस्तावेज़: 1. दूल्हा और दुल्हन के Aadhaar Card नंबर 2. दूल्हा और दुल्हन की 10वीं की मार्कशीट (उम्र प्रमाण के लिए) 3. दोनों की अलग-अलग पासपोर्ट साइज फोटो 4. कपल फोटो (साथ में खिंचवाई गई) 5. दो फोटो माला पहनाते या मांग भरते हुए 6. शादी का कार्ड (यदि उपलब्ध हो)   आवेदन कहां करें? मैरिज सर्टिफिकेट के लिए आवेदन हरियाणा सरकार के Saral Portal ([https://saralharyana.gov.in](https://saralharyana.gov.in)) पर ऑनलाइन किया जा सकता है।इसके अलावा, आप अपने नज़दीकी CSC सेंटर (Common Service Center) या SDM ऑफिस जाकर भी आवेदन कर सकते हैं।