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बायोमेट्रिक उपस्थिति पर बवाल: सरकार ने हजारों कर्मचारियों की सेवा समाप्त की

भोपाल  नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने नगर निकायों में पारदर्शिता, दक्षता और आर्थिक बचत के उद्देश्य से फेस आधारित उपस्थिति प्रणाली लागू की है, लेकिन कुछ जगह कर्मचारियों ने इसका विरोध शुरू कर दिया है। विभाग ने सख्ती दिखाते हुए ऐसे पांच हजार से अधिक कर्मचारियों का बर्खास्त किया है, जो आधार सक्षम बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली में गैरहाजिर मिले हैं। आयुक्त संकेत भोंडवे ने इसे पारदर्शिता और जवाबदेही की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है। कहा कि फर्जी वेतन भुगतान और डीजल चोरी जैसी अनैतिक गतिविधियां रोकने में मदद मिल रही है। इससे विभाग के करोड़ों रुपए बचेंगे। आयुक्त भोंडवे ने बताया कि बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली से कर्मचारियों की उपस्थिति, समयपालन और कार्यकुशलता की रियलटाइम मानिटरिंग के साथ उनमें अनुशासन और उत्तरदायित्व की भावना को बल मिल रहा है। कुछ जगह निगमकर्मी खासकर वाहन चालकों ने हड़ताल जैसे प्रयास किए हैं। हालांकि, अधिकांश सफाई कर्मी और अन्य कर्मचारी तकनीक आधारित नई व्यवस्था से संतुष्ट हैं। भारत सरकार भी इसकी प्रशंसा कर चुका है। संकेत भोंडवे ने बताया कि इस प्रणाली के लागू होने से फर्जी वेतन भुगतान की समस्या पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित हुआ है। अब तक 5000 से अधिक गैरहाजिर या फर्जी नामों को ड्यूटी सूची से हटाया जा चुका है, जिससे आर्थिक बचत हो रही है। एईबीएएस (आधार सक्षम बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली) से शहरी विकास विभाग के प्रमुख व्यय मद वेतन, ऊर्जा और डीजल में व्यापक सुधार हो रहा है। डीजल चोरी पर भी रोक लग रही है। यह विभाग का तीसरा सबसे बड़ा व्यय मद रहा है। भोंडवे ने बताया कि यह पहल भविष्य में विकसित होने वाली ई-एचआरएमएस (इलेक्ट्रानिक ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट सिस्टम) प्रणाली की आधारशिला भी बनेगी, इससे संपूर्ण मानव संसाधन प्रबंधन को डिजिटल और पारदर्शी बनाया जाएगा। साथ ही समय की पाबंदी और कार्य कुशलता के अलावा फर्जी वेतन से करोड़ों रुपये बचाएंगे। जिनके पास आधुनिक क्षमतापूर्ण मोबाइल नहीं है ऐसे स्वच्छताकर्मी की उपस्थिति दर्ज कराने के लिए सुपरवाइजर्स को टैबलेट उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

अब फौज ही फैसला करेगी! आसिम मुनीर बने Supreme Commander, PM भी रहेंगे साइडलाइन?

इस्लामाबाद  पाकिस्तान में सेना प्रमुख आसिम मुनीर का कद एक बार फिर बढ़ गया है। जानकारी के मुताबिक बहुचर्चित 27वां संविधान विधेयक पाकिस्तान की संसद में पास हो गया है। इसके तहत सेना प्रमुख के बेतहाशा ताकत मिल गई है। सेना प्रमुख आसिम मुनीर अब तीनों सेनाओं के प्रमुख होंगे। प्रस्ताव के मुताबिक प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी की अगुआई में ये सारे बदलाव लागू होंगे। इस नए कानून से सेना प्रमुख को सुपरपावर मिल जाएगी जो कि तख्तापलट को संवैधानिक मंजूरी देने के बराबर है।   इस विधेयक में संविधान के 243वें आर्टिकल में बदलाव किया गया है। यह आर्टिकल सशस्त्र बलों से जुड़ा हुआ है। इसके तहत राष्ट्रपति प्रधानमंत्री के मशविरे पर सेना प्रमुख और रक्षा बल प्रमुख की नियुक्ति करेंगे। सेना प्रमुख अब रक्षा बलों के प्रमुख भी होंगे। इसके अलावा रक्षा प्रमुख ही राष्ट्रीय सामरिक कमान के प्रमुख की नियुक्ति प्रधानमंत्री से सलाह करके करेंगे। बता दें कि आसिम मुनीर को पहले ही फील्ड मार्शल का पद दे दिया गया था। वहीं इस संविधान संशोधन विधेयक से इसे संवैधानिक मान्यता दे दी गई है। फील्ड मार्शल का पद और विशेषाधिकार आजीवन बने रहेंगे। इसके अलावा अब जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ कमेटी के अध्यक्ष का पद समाप्त कर दिया जाएगा। पाकिस्तान के कानून मंत्री ने बताया कि अब 27 नवंबर के बाद से सीजेसीएससी के पद पर नियुक्ति नहीं होगी। इसके अलावा इस कानून से सरकार को फील्ड मार्शल, मार्शल ऑफ एयर फोर्स और ऐडमिरल ऑफ फ्लीट के पद पर अधिकारियों के पदोन्नत करने का अधिकार भी मिल जाता है। पाकिस्तानी मीडिया का कहना है कि भारत के ऑपरेशन सिंदूर से परेशान होने के बाद पाकिस्तान ने ये बदलाव किए हैं। एयर चीफ मार्शल ए.पी. सिंह ने पिछले महीने कहा था कि भारत के हमलों में अमेरिकी एफ-16 विमान समेत कम से कम 12 पाकिस्तानी सैन्य विमान नष्ट हो गए या क्षतिग्रस्त हो गए। भारत का कहना है कि मई में भारतीय सेना द्वारा विभिन्न पाकिस्तानी सैन्य ढांचों पर बमबारी के बाद पाकिस्तान ने संघर्ष समाप्त करने का अनुरोध किया था। संघर्ष के तुरंत बाद, पाकिस्तान सरकार ने सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर को ‘फील्ड मार्शल’ के पद पर पदोन्नत कर दिया, जिससे वह देश के इतिहास में इस पद पर पदोन्नत होने वाले दूसरे शीर्ष सैन्य अधिकारी बन गये थे। ॉ इसके अलावा सेना का समन्वय ठीक करने के लिए उसने चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज का पद सृजित करने की योजना बनाई थी। प्रधानमंत्री भी फील्ड मार्शल को हटा नहीं सकते बता दें कि फील्ड मार्शल का पद प्रधानमंत्री भी छीन नहीं सकते हैं। वहीं प्रधानमंत्री राष्ट्रीय सामरिक कमान के कमांडरों की नियुक्ति करेंगे जिससे पाकिस्तान के परमाणु कमान ढांचे पर सैन्य नियंत्रण स्थापित हो जाएगा। इसके अलावा फील्ड मार्शल पर महाभियोग लगाने या फिर उपाधि खत्म करने का अधिकार भी प्रधानमंत्री के पास नहीं होगा। रिटायरमेंट के बाद फील्ड मार्शल को और भी जिम्मेदारियां दी जा सकती हैं।

इतिहासिक क्षण: 79 साल बाद सीरियाई राष्ट्रपति अहमद अल शरा पहुंचे अमेरिका

 वॉशिंगटन सीरिया के राष्ट्रपति अहमद अल शरा अमेरिका के दौरे पर पहुंचे हैं। यह दौरा बेहद ऐतिहासिक है क्योंकि साल 1946 के बाद पहली बार कोई सीरियाई राष्ट्रपति अमेरिका के आधिकारिक दौरे पर वॉशिंगटन पहुंचे हैं। सीरियाई राष्ट्रपति का अमेरिका दौरा ऐसे समय हो रहा है, जब अमेरिका ने सीरियाई राष्ट्रपति अहमद अल शरा का नाम आतंकवादी सूची से एक दिन पहले ही हटाया है। सोमवार को होगी ट्रंप से मुलाकात सीरियाई राष्ट्रपति अहमद अल शरा वॉशिंगटन में सोमवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात करेंगे। इससे पहले जब मई में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सऊदी अरब का दौरा किया था, उस वक्त सऊदी अरब के रियाद शहर में भी ट्रंप की अहमद अल शरा से मुलाकात हुई थी। सीरिया में अमेरिका के राजदूत टॉम बराक ने उम्मीद जताई कि अहमद अल शरा के इस अमेरिका दौरे पर सीरिया की सरकार, आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट के खिलाफ अमेरिका के नेतृत्व वाले गुट में शामिल होने के समझौते पर हस्ताक्षर कर सकती है। शरा का नाम आतंकवादी सूची से हटा मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका, सीरियाई राजधानी दमिश्क के पास एक सैन्य अड्डा बनाने की योजना बना रहा है। इस सैन्य अड्डे का मकसद मानवीय सहायता के काम में समन्वय बताया जा रहा है। अमेरिका के विदेश विभाग ने पुष्टि की है कि अहमद अल शरा को आतंकवादी सूची से हटा दिया गया है क्योंकि शरा ने सीरिया में लापता अमेरिकियों का पता लगाने और बचे हुए रसायनिक हथियारों को खत्म करने की सहमति दी है। इससे पहले संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने भी अहमद अल शरा पर लगे प्रतिबंधों को हटा लिया था, जिसके बाद शरा ने सितंबर में संयुक्त राष्ट्र महासभा को भी संबोधित किया। ऐसा करने वाले भी शरा पहले सीरियाई राष्ट्रपति हैं। आतंकी संगठन अल कायदा से रहा है जुड़ाव अहमद अल शरा के पूर्व के संगठन हयात तहरीर अल-शाम (HTS) का खूंखार आतंकी संगठन अल-कायदा से जुड़ाव था। यही वजह थी कि अमेरिका और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने शरा का नाम आतंकवादी सूची में डाला हुआ था। हालांकि बाद में शरा सक्रिय राजनीति में उतरे और बीते साल बशर अल असद के खिलाफ विद्रोह का नेतृत्व किया। सत्ता संभालने के बाद से, शरा और सीरिया के नए नेतृत्व ने खुद को अपने उग्रवादी अतीत से दूर कर सीरियाई लोगों और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने एक अधिक उदार छवि पेश करने की कोशिश की है।

घाटशिला सीट पर चुनावी शोर हुआ शांत, 14 को मतदाता तय करेंगे 13 उम्मीदवारों का भविष्य

घाटशिला घाटशिला विधानसभा सीट पर 11 नवंबर को होने वाले मतदान के लिए प्रचार का समय आज शाम से थमा चुनाव प्रचार। सोमवार को सभी मतदान केंद्रों पर मतदान कर्मियों को सुरक्षा बलों के साथ ईवीएम देकर भेजा जाएगा। इसकी सभी तैयारी पूरी कर ली गई है। उक्त अवधि के पश्चात प्रचार करते हुए पाए जाने या विधानसभा क्षेत्र के बाहर के राजनीतिक व्यक्ति, कार्यकर्ताओं को संबंधित विधानसभा क्षेत्र में मौजूद पाए जाने पर सुसंगत धाराओं के तहत कार्रवाई की जाएगी। मतदान की तिथि से 72 घंटे पूर्व असामाजिक व विघटनकारी तत्वों की घुसपैठ को रोकने के लिए अंतरराज्यीय सीमाओं व अंतर जिला सीमाएं भी सील होगी। वही, भाजपा और झामुमो के नेताओं द्वारा अपने-अपने उम्मीदवारों के समर्थन में पूरी ताकत झोंकी गई। आज भी सभी प्रचार अभियान में पूरी ताकत झोंकेगे। बता दें कि झारखंड के शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन के आकस्मिक निधन से खाली हुई इस सीट पर अब उनके बेटे सोमेश चंद्र सोरेन मैदान में हैं और भाजपा की ओर से पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन के पुत्र बाबूलाल सोरेन ताल ठोक रहे हैं। दोनों ही संताल समाज से आते हैं। इसलिए संभावना है कि आदिवासी मत दोनों तरफ जाएगा। भाजपा के अपने सहयोगी लोजपा के सहारे चार प्रतिशत दलित मतों को साथ लाने की कोशिश में हैं। झामुमो गठबंधन के मुस्लिम मंत्री भी अल्पसंख्यक मतों को अपने पाले में लाने के लिए लगे हैं, लेकिन भाजपा आदिवासी मतों के अलावा कुड़मी, पिछड़ी और अन्य दलित मतों पर नजर रख रही है। चंपाई के गहरे मित्र विद्युतवरण महतो की भी इस क्षेत्र में काफी पकड़ है। वे तीन बार से जमशेदपुर लोकसभा के सांसद भी हैं।

इस्कॉन नाम का हक किसका? मुंबई-बेंगलुरु विवाद पर SC का बड़ा निर्णय

बेंगलुरु  बेंगलुरु इस्कॉन मंदिर मामले में सुप्रीम कोर्ट की बेंच में मतभेद देखने को मिला है। दरअसल, इस्कॉन के मुंबई और बेंगलुरु गुटों के बीच मंदिर के नियंत्रण को लेकर लंबे समय से मुकदमा चल रहा है। एससी ने एक साल से अधिक समय तक इस पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। लेकिन, मई में पीठासीन न्यायाधीश जस्टिस एएस ओका के रिटायरमेंट से ठीक पहले बेंगलुरु शाखा के पक्ष में फैसला सुनाया गया। जस्टिस ओका और एजी मसीह की पीठ ने मई 2011 में कर्नाटक हाई कोर्ट के फैसले को रद्द कर दिया था, जिसमें बेंगलुरु मंदिर का नियंत्रण मुंबई शाखा को दिया गया था। एचसी ने अप्रैल 2009 के ट्रायल कोर्ट के उस डिक्री को रद्द कर दिया था जो बेंगलुरु गुट के पक्ष में था।  हाई कोर्ट के फैसले के 14 साल बाद और सुप्रीम कोर्ट के फैसले के 6 महीने बाद अब दोनों पक्ष लगभग शुरुआती स्थिति में वापस आ गए हैं। क्योंकि जस्टिस जेके माहेश्वरी और एजी मसीह की पीठ ने 16 मई के फैसले की समीक्षा के लिए मुंबई शाखा की याचिका पर विभाजित फैसला दिया है। जस्टिस माहेश्वरी ने पाया कि मुंबई ब्रांच ने फैसले की समीक्षा के लिए मामला बनाया है। अपने आदेश में उन्होंने कहा, 'समीक्षा याचिकाओं को खुली अदालत में सूचीबद्ध करने के आवेदनों को मंजूरी दी जाती है। पक्षकारों को नोटिस जारी किया जाए।' दोनों जजों की अलग-अलग राय जस्टिस माहेश्वरी मानते हैं कि मुंबई शाखा को खुली अदालत में अपना पक्ष रखने की अनुमति मिलनी चाहिए, जिसमें फैसले में चूक की ओर इशारा है। दूसरी ओर, जस्टिस मसीह ने कहा, 'समीक्षा याचिकाओं, समीक्षा के अधीन फैसले और उसके साथ संलग्न सामग्री की सावधानीपूर्वक जांच हुई है। मैं संतुष्ट हूं कि रिकॉर्ड पर कोई स्पष्ट त्रुटि नहीं है या समीक्षा याचिकाओं में कोई मेरिट नहीं है, जो आरोपित फैसले पर फिर से विचार करने की गारंटी दे। इसलिए समीक्षा याचिकाएं खारिज की जाती हैं।' पीठ ने कहा कि मतभेदों के चलते समीक्षा याचिकाओं को सीजेआई के समक्ष निर्देशों के लिए रखा जाए और आवश्यक कार्रवाई की जाए।  

दूसरे चरण की वोटिंग कल, आज थमेगा चुनावी शोर— इन विधानसभा सीटों पर शाम 4 बजे तक होगा मतदान

पटना बिहार विधानसभा चुनाव के लिए आज दूसरे चरण का मतदान दो दिन बाद यानी 11 नवंबर को होगा। आज चुनाव प्रचार का आखिरी दिन है। शाम पांच बजे के बाद चुनाव प्रचार थम जाएगा। दूसरे चरण में 20 जिलों की 122 विधानसभा सीटों पर मतदान होना है। इसके लिए 45339 मतदान केंद्र बनाएं गए हैं। इनमें से 4109 बूथों को संवेदनशील बनाया गया है। इसमें 4003 अतिसंविदनशील बूथ घोषित हैं। यहां पर चार बजे तक मतदान होगा। इन विधानसभा में शाम चार बजे तक वोटिंग कटोरिया, बेलहर, चैनपुर, चेनारी, गोह, नवीनगर, कुटुंबा, औरंगाबाद, रफीगंज, गुरुआ, शेरघाटी, इमामगंज, बाराचट्टी के (36 बूथ), बोधगया (200 बूथ), रजौली, गोविंदपुर, सिकंदरा, जमुई, झाझा, चकाई विधानसभा में बनाए गए बूथों पर शाम चार बजे मतदान होगा। वहीं बोधगया में 106 बूथों पर शाम पांच बजे तक मतदान होगा। इन बूथों पर पर्याप्त संख्या में सुरक्षा बलों को तैनात रहने का निर्देश दिया गया है। जानिए, दूसरे चरण में कितने मतदाता दूसरे चरण के मतदान में 1302 प्रत्याशी चुनावी मैदान हैं। इनमें 1165 पुरुष उम्मीदवार, 136 महिला उम्मीदवार और एक थर्ड जेंड हैं। वहीं तीन करोड़ 70 लाख मतदाता दूसरे चरण में मतदान करेंगे। एक करोड़ 95 लाख पुरुष वोटर हैं। एक करोड़ 74 लाख महिला वोटर हैं। चार लाख चार हजार दिव्यांग वोटर हैं। 63373 सर्विस वोटर हैं। 943 थर्ड जेंडर हैं। 43 एनआरआई हैं। वहीं 18 से 19 साल के मतदाताओं की संख्या सात लाख 69 हजार 356 है। 

भूकंप से कांपा जापान: 6.7 तीव्रता के झटकों के बाद इवाते में खतरे की घंटी

टोक्यो जापान के उत्तर-पूर्वी इलाके में शनिवार शाम 6.7 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया, जिसके बाद अधिकारियों ने इवाते प्रीफेक्चर के तटीय क्षेत्रों के लिए सुनामी की चेतावनी जारी की। जापान मौसम विज्ञान एजेंसी (JMA) के अनुसार, यह भूकंप शाम 5 बजे के बाद इवाते के तट से दूर समुद्र में आया। झटके इवाते और पड़ोसी मियागी प्रीफेक्चर में तेज़ी से महसूस किए गए, जिनकी तीव्रता जापान के 0 से 7 के भूकंपीय पैमाने पर 4 दर्ज की गई।  अधिकारियों ने तटीय इलाकों के लोगों से समुद्र तट से दूर रहने और ऊँचाई वाले स्थानों पर जाने की अपील की है। अभी तक किसी बड़े नुकसान या जनहानि की सूचना नहीं मिली है, लेकिन प्रशासन समुद्र के जलस्तर और आफ्टरशॉक्स (भूकंप के बाद आने वाले झटकों) पर नजर बनाए हुए है। ट्रेन सेवाओं को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है, और स्थानीय प्रशासन ने अपने आपातकालीन प्रतिक्रिया केंद्र  सक्रिय कर दिए हैं ताकि हालात का आकलन किया जा सके।  जापान, जो प्रशांत महासागर के "रिंग ऑफ फायर" क्षेत्र में स्थित है, अक्सर भूकंप और सुनामी का सामना करता है। इस भूकंप ने लोगों को 2011 के भयानक पूर्वी जापान भूकंप और सुनामी की याद दिला दी, जिसने भारी तबाही मचाई थी और फुकुशिमा परमाणु संकट को जन्म दिया था। फिलहाल, JMA इवाते के तटीय क्षेत्रों के लिए चेतावनी जारी रखते हुए भूकंप की गहराई और संभावित झटकों का विश्लेषण कर रही है।  

मौत को मात! डॉक्टरों ने कर दिखाया कमाल, महिला फिर लौटी जिंदगी में

नई दिल्ली  मरने के बाद सांसे थम जाती हैं, धड़कने रुक जाती हैं और रंगो में खून दौड़ना बंद होता है, तो शरीर धीरे-धीरे ठंडा पड़ने लगता है। लेकिन, एशिया में पहली बार दिल्ली के डॉक्टरों ने चमत्कार कर दिया है। डॉक्टरों ने 55 साल की मर चुकी महिला की रगो में फिर से खून का प्रवाह (ब्लड सर्कुलेशन) शुरू कर दिया। ऐसा महिला के अंगों को दान करने के लिए किया गया। रिपोर्ट के मुताबिक, मृत महिला के शरीर में फिर से ब्लड का प्रवाह द्वारका के HCMCT मणिपाल अस्पताल में किया गया। यह प्रोसीजर एशिया में अपनी तरह का पहला है, जहां अंगों को निकालने के लिए मौत के बाद ब्लड सर्कुलेशन फिर से शुरू किया गया। इस बीमारी से लड़ रही थीं गीता गीता चावला नामक महिला मोटर न्यूरॉन नामक बीमारी के कारण पैरालाइज़्ड थीं। इसलिए वह काफी समय से बिस्तर पर थीं। उन्हें 5 नवंबर को सांस लेने में काफी समस्या होने लगी, तो आनन-फानन में अस्पताल लाया गया। जैसे-जैसे उनकी हालत बिगड़ी, परिवार ने उन्हें लाइफ सपोर्ट पर न रखने का फैसला किया। अंतता उन्होंने 6 नवंबर को रात 8:43 बजे इस दुनिया को छोड़ दिया। मौत के बाद ब्लड सर्कुलेशन क्यों शुरू किया? गीता चावला की ख्वाहिश थी कि मरने के बाद उनके अंगों को दान कर दिया जाए। उनकी इच्छा का सम्मान करते हुए, मेडिकल टीम ने नॉर्मोथर्मिक रीजनल परफ्यूजन (NRP) नामक एक दुर्लभ और जटिल प्रोसीजर किया। एक्स्ट्राकॉर्पोरियल मेम्ब्रेन ऑक्सीजिनेटर (ECMO) का इस्तेमाल करके, डॉक्टरों ने उनके पेट के अंगों में ब्लड सर्कुलेशन को सफलतापूर्वक फिर से शुरू किया। ऐसा तब हुआ, जब उनका दिल धड़कना बंद हो गया था और ECG लाइन फ्लैट होने के पांच मिनट बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया गया था। मणिपाल इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिटिकल केयर मेडिसिन के चेयरमैन डॉ. श्रीकांत श्रीनिवासन ने कहा, "एशिया में यह पहली बार है कि दान के लिए अंगों को सुरक्षित रखने के लिए मौत के बाद सर्कुलेशन फिर से शुरू किया गया।" एशिया में पहली बार, दिल्ली के डॉक्टरों ने किया कमाल उन्होंने आगे कहा, "भारत में अंग दान आमतौर पर ब्रेन डेथ के बाद होता है, जब दिल अभी भी धड़क रहा होता है। सर्कुलेटरी डेथ के बाद दान (DCD) में, दिल धड़कना बंद हो जाता है, इसलिए समय बहुत महत्वपूर्ण होता है। NRP का इस्तेमाल करके, हम लिवर और किडनी को सुरक्षित रूप से निकालने और अलॉट करने के लिए काफी देर तक जीवित रख पाए।" गीता ने दी कई लोगों को नई जिंदगी प्रोसीजर के बाद, नेशनल ऑर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट ऑर्गनाइजेशन (NOTTO) ने अंगों को तुरंत ट्रांसप्लांटेशन के लिए अलॉट कर दिया। चावला का लिवर इंस्टीट्यूट ऑफ लिवर एंड बिलियरी साइंसेज (ILBS) में 48 साल के एक व्यक्ति को ट्रांसप्लांट किया गया, जबकि उनकी किडनी मैक्स हॉस्पिटल, साकेत में 63 और 58 साल के दो अन्य पुरुष मरीजों को दी गईं। उनकी कॉर्निया और त्वचा भी दान की गई, जिससे कई मरीजों को फायदा हुआ।  

ATS का बड़ा एक्शन: हथियार सप्लाई करते तीन संदिग्ध गिरफ्तार, देश में हमले की साजिश का खुलासा

अहमदाबाद / नई दिल्ली गुजरात में आतंकी साजिश रचने के आरोप में तीन संदिग्ध लोगों को गिरफ्तार किया गया है। आतंक रोधी दस्ते (ATS) ने हथियार सप्लाई करते समय तीनों संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया है। देश में आतंकी हमले की साजिश रचने के आरोप में पकड़े गए इन लोगों की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है। अहमदाबाद से तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया पुलिस की तरफ से जारी बयान में कहा गया, 'गुजरात एटीएस ने अहमदाबाद से तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। ये पिछले एक साल से गुजरात एटीएस के रडार पर थे। तीनों को हथियार सप्लाई करते हुए गिरफ्तार किया गया। ये देश के विभिन्न हिस्सों में आतंकी हमले करने की योजना बना रहे थे।'

टीम इंडिया के स्टार वॉशिंगटन सुंदर को मिला ड्रेसिंग रूम ऑनर, कहा- यह पल हमेशा याद रहेगा

नई दिल्ली  भारतीय हरफनमौला वॉशिंगटन सुंदर को ऑस्ट्रेलिया में टी20 सीरीज में टीम की 2-1 की जीत के बाद ‘इम्पैक्ट प्लेयर ऑफ द सीरीज’ का अवॉर्ड मिला। भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) द्वारा रविवार को पोस्ट किए गए ‘ड्रेसिंग रूम बीटीएस’ शीर्षक वाले वीडियो में जब टीम परिचालन प्रबंधक (सीओओ) राहिल खाजा ने उन्हें यह पुरस्कार प्रदान किया तो सुंदर मुस्कुराते हुए नजर आए। 26 साल के सुंदर ने सीरीज के सबसे प्रभावशाली खिलाड़ी का पुरस्कार प्राप्त करने के बाद कहा, ‘‘यहां आना और ऑस्ट्रेलिया में खेलने का मौका मिलना अद्भुत है। टीम की जीत में योगदान देकर मुझे बहुत खुशी हुई।’’   भारत की टी20 इंटरनेशनल सीरीज में जीत के दौरान सुंदर के प्रदर्शन ने टीम के लिए उनकी उपयोगिता साबित की। होबार्ट में तीसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में हालांकि सुंदर को गेंदबाज के रूप में इस्तेमाल नहीं किया गया था और उन्हें बल्लेबाजी क्रम में ऊपर भेजा गया। इसमें उन्होंने 23 गेंद में चार छक्कों और तीन चौकों की मदद से 49 रन बनाकर मैच विजयी पारी खेली और भारत को पांच विकेट से जीत दिलाई जिससे सीरीज 1-1 से बराबर हो गई। फिर चौथे मैच में उन्हें अंतिम ओवरों तक गेंद नहीं दी गई, लेकिन उन्होंने दो ओवरों में पांच गेंदों पर तीन विकेट लेकर ऑस्ट्रेलिया को ढेर कर दिया जिससे भारत 48 रन से जीत गया। इस जीत ने आखिर में सूर्यकुमार यादव की अगुवाई वाली टीम को सीरीज 2-1 से जीतने में मदद की क्योंकि शनिवार को गाबा में पांचवां मैच बारिश की भेंट चढ़ गया था। सुंदर ने टीम के सीओओ खाजा के योगदान की सराहना करते हुए कहा, ‘‘उनसे यह पदक पाकर बहुत अच्छा लग रहा है। हम जानते हैं कि वह (खाजा) हमारे कई कामों को आसान बनाने के लिए हर दिन कितनी मेहनत करते हैं।’’ भावुक खाजा ने भी अपनी खुशी साझा की। सुंदर का टी20 अंतरराष्ट्रीय के 57 मैच का रिकॉर्ड प्रभावशाली है। उनका गेंदबाजी औसत 22 से थोड़ा ज्यादा है जिसमें उनकी इकोनोमी सात से कम है। उनका बल्लेबाजी स्ट्राइक रेट 134 से ज्यादा है। सुंदर टेस्ट मैचों में भी टीम इंडिया के लिए उपयोगी साबित हुए हैं। उन्होंने 15 मैच में 35 विकेट लिए हैं जिसमें तीन बार चार और एक बार पांच विकेट झटकना शामिल हैं। उन्होंने 44.76 के औसत से एक शतक और पांच अर्द्धशतक भी लगाए हैं। ‘इम्पैक्ट प्लेयर ऑफ द सीरीज’ एक अपेक्षाकृत नया सम्मान है जिसे बीसीसीआई ने द्विपक्षीय सीरीज में निर्णायक योगदान देने वाले खिलाड़ियों को सम्मानित करने के लिए शुरू किया है। अक्टूबर में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पिछली वनडे सीरीज में भारतीय टीम के दिग्गज रोहित शर्मा को भी यही पुरस्कार मिला था।