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छत्तीसगढ़ में विकास की नई लहर, CM विष्णु देव साय ने कुनकुरी परियोजनाओं को दी मंजूरी

रायपुर : मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में विकास को मिल रही नई गति: वित्त विभाग से कुनकुरी विधानसभा क्षेत्र के प्रमुख परियोजनाओं को मिली प्रशासकीय स्वीकृति रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले के अंतर्गत  विधानसभा कुनकुरी में विभिन्न परियोजनाओं के लिए वित्त विभाग द्वारा प्रशासकीय स्वीकृति और सैद्धांतिक सहमति प्रदान की गई है। वित्त विभाग ने तुमला से मेडर (ओडिशा सीमा) तक 12.80 किलोमीटर लंबे सड़क निर्माण कार्य के लिए ₹27.73 करोड़ की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। इस मार्ग के बन जाने से सीमावर्ती गांवों की कनेक्टिविटी सुधरेगी और व्यापारिक एवं सामाजिक गतिविधियों को बल मिलेगा। इसी प्रकार, विकासखंड कांसाबेल की मैनी नदी पर बगिया बैराज सह दाबयुक्त उद्वहन सिंचाई योजना के लिए ₹79.38 करोड़ की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है। इस परियोजना से किसानों को सिंचाई की स्थायी सुविधा उपलब्ध होगी तथा कृषि उत्पादन में वृद्धि होगी। कुनकुरी में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए वित्त विभाग ने नवीन शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय भवन निर्माण हेतु ₹359 करोड़ की सैद्धांतिक सहमति प्रदान की है। इससे आदिवासी अंचल के युवाओं को चिकित्सा शिक्षा और स्थानीय नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त होंगी। साथ ही, विकासखंड फरसाबहार की कोकिया व्यपवर्तन योजना के लिए ₹16.17 करोड़ की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है, जिससे सिंचाई और जल प्रबंधन की दिशा में क्षेत्र को दीर्घकालिक लाभ होगा।

Maruti Suzuki की इलेक्ट्रिक SUV e-Vitara जल्द भारत में, लॉन्च डेट का खुलासा

मुंबई  स्वदेशी कार निर्माता कंपनी Maruti Suzuki अपनी इलेक्ट्रिक एसयूवी Maruti Suzuki e-Vitara भारतीय बाजार में लॉन्च करने के लिए पूरी तरह से तैयार है. इस इलेक्ट्रिक एसयूवी को आगामी 2 दिसंबर, 2025 को लॉन्च किया जाएगा. पिछले साल वैश्विक स्तर पर इस एसयूवी का खुलासा किया गया था और इसके बाद Bharat Mobility Expo 2025 में इस कार को फिर से पेश किया गया. Maruti Suzuki अपनी इस इलेक्ट्रिक एसयूवी का उत्पादन भारत में ही करेगी, जिसका उत्पादन अगस्त के अंत से Maruti Suzuki के गुजरात स्थित प्लांट में शुरू किया जा चुका है और इसकी यूनिट्स मौजूदा समय में यूरोपियन बाजार में भेजी जा रही हैं. Maruti e-Vitara का डिज़ाइन Maruti Suzuki EVX कॉन्सेप्ट से लिया गया है, और इस कॉन्सेप्ट कार का ज़्यादातर डिज़ाइन प्रोडक्शन मॉडल में भी मौजूद है. Maruti Suzuki e-Vitara का डिजाइन इसके डिजाइन की बात करें तो एसयूवी में Y-आकार के डीआरएल के साथ कोणीय हेडलैंप क्लस्टर दिए गए हैं, साथ ही व्हील आर्च, आगे और पीछे के बंपर और दरवाज़ों के निचले हिस्से पर क्लैडिंग का भी व्यापक इस्तेमाल किया गया है. इसमें कनेक्टेड टेल लैंप भी दिए गए हैं, जो EVX कॉन्सेप्ट वाले लैंप से मिलते जुलते हैं. Maruti Suzuki e-Vitara का इंटीरियर इसके इंटीरियर की बात करें तो इलेक्ट्रिक एसयूवी में ब्राउन और ब्लैक कलर वाला डुअल-टोन इंटीरियर दिया जाएगा. कार के डैशबोर्ड में एक नया टू-स्पोक स्टीयरिंग व्हील मिलता है. इसके अलावा, यहां पर 10.1-इंच का इंफोटेनमेंट डिस्प्ले और 10.25-इंच का इंस्ट्रूमेंट पैनल लगाया गया है. कार में लेदरेट सीटिंग और एक फिक्स्ड ग्लास रूफ को भी शामिल किया गया है. Maruti Suzuki e-Vitara के फीचर्स इसमें मिलने वाले फीचर्स की बात करें तो Maruti Suzuki e-Vitara में वेंटिलेटेड फ्रंट सीट्स, 10-वे एडजस्टेबल ड्राइवर सीट, स्लाइडिंग और रिक्लाइनिंग रियर सीट्स, 7 एयरबैग, लेवल-2 ADAS, 360 डिग्री कैमरा, वायरलेस चार्जिंग पैड, कीलेस एंट्री, राइड-बाय-वायर सिस्टम और एम्बिएंट लाइटिंग मिलती हैं. Maruti Suzuki e-Vitara की बैटरी और रेंज Maruti e-Vitara दो बैटरी विकल्पों के साथ बाजार में उतारी जाएगी, जिनमें 49 kWh और 61 kWh के बैटरी पैक शामिल हैं. जहां इसका छोटा बैटरी 346 किमी की WLTP रेंज प्रदान करता है, जबकि बड़े बैटरी पैक के सिंगल-मोटर वर्नज में 428 किमी की रेंज प्रदान कर सकता है. वहीं 61 kWh बैटरी पैक से लैस डुअल-मोटर वर्जन की रेंज 412 किमी तक हो सकती है. Maruti Suzuki e-Vitara का पावरट्रेन इसमें मिलने वाले पावरट्रेन की बात करें तो e-Vitara का सिंगल-मोटर 49 kWh मॉडल 142 bhp की पावर उत्पन्न करता है, जबकि 61 kWh वाला वेरिएंट 172 bhp की ज़्यादा पावर देता है. हालांकि दोनों ही मॉडल 192.5 Nm का अधिकतम टॉर्क जनरेट करते हैं। वहीं, ऑल-व्हील-ड्राइव वेरिएंट, जो डुअल मोटर सेटअप के साथ आता है, वह 178 bhp की पावर और 300 Nm का टॉर्क उत्पन्न करता है.

एशेज से पहले ऑस्ट्रेलिया पर खतरा! स्टीव ओकीफ बोले- टीम धूल चाट जाएगी

नई दिल्ली  ऑस्ट्रेलिया के पूर्व टेस्ट स्पिनर स्टीव ओकीफ ने एक बड़ी भविष्यवाणी एशेज सीरीज को लेकर की है। इसी महीने शुरू हो रही ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच पांच मैचों की टेस्ट सीरीज कौन जीतने वाला है? इसके लेकर स्टीव ओकीफ ने बड़ा दावा किया है। ओकीफ ने इंग्लैंड के एशेज जीतने की संभावना जताई है और चेतावनी दी है कि इस बार ऑस्ट्रेलिया को घरेलू मैदान पर तेज गेंदबाजी आक्रमण से धूल चटा दी जाएगी, क्योंकि इंग्लैंड की टीम पिछली गलतियों को सुधारने के लिए तैयार है।   इंग्लैंड की टीम ने 2010-11 में इंग्लैंड में एशेज सीरीज जीती थी। उस फेमस सीरीज जीतने के बाद से ऑस्ट्रेलिया में कोई टेस्ट मैच तक इंग्लैंड ने नहीं जीता है, लेकिन ओकीफ – जिन्होंने ऑस्ट्रेलिया के लिए नौ टेस्ट मैच खेले हैं – आने वाले सीरीज में मेहमान टीम के फिर से खिताब जीतने का समर्थन कर रहे हैं। ऑस्ट्रेलिया के पास दुनिया का सबसे अच्छा आक्रमण है, लेकिन ओकीफ का कहना है कि इंग्लैंड के गेंदबाज इन परिस्थितियों में अच्छा प्रदर्शन करेंगे और कोच ब्रेंडन मैकुलम के नेतृत्व में दुनिया को चौंका देंगे। एसईएन स्पोर्ट्सडे एनएसडब्ल्ययू पर स्टीव ओकीफ ने कहा, “यहां मेल देखना न भूलें, मैं कह रहा हूं – इंग्लैंड 3-2। मैं कह रहा हूं कि ऑस्ट्रेलियाई टीम अपने घरेलू मैदान पर धूल चटा देगी। उनके पास जोफ्रा आर्चर, मार्क वुड, गस एटकिंसन और जोश टंग जैसे कुछ बेहतरीन तेज गेंदबाज हैं। मुझे लगता है कि वे तैयार हैं, इस बार उनके पास सही आक्रमण है। वे पहले कुछ खिलाड़ी लाते थे और आपको कभी ऐसा नहीं लगता था कि वे कभी भी इतने करीब या काफी अच्छे थे।" ऑस्ट्रेलिया के पूर्व क्रिकेटर ने आगे कहा, "जब उन्होंने हमें पहले दो बार हराया था, तब वे बेहतर टीम थे। 2010 में, उनकी टीम बेहतर थी। इस बार, आप तर्क दे सकते हैं और कह सकते हैं कि ऐसा नहीं है, लेकिन मैं बस इतना कह रहा हूं कि यह सही टीम है और सही फॉर्म में है। मुझे लगता है कि समय सही है। 2010 से अब तक 15 साल हो चुके हैं। मुझे लगता है कि मैकुलम के नेतृत्व में यह उनके जीतने का समय है।"

2026 को घोषित किया गया कृषि आधारित उद्योग वर्ष, सीएम ने सरपंचों को दी जानकारी

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को जंबूरी मैदान में आयोजित सरपंच महासम्मेलन को संबोधित करते हुए पंचायतों और ग्रामीण विकास के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि त्रिस्तरीय शासन प्रणाली में पंचायतों को जितनी शक्ति है, वह बड़े पदधारकों के पास भी नहीं है और प्रत्येक सरपंच अपनी पंचायत के लिए बड़ा योगदान दे सकता है। मुख्यमंत्री ने पंचायतों के लिए कई घोषणाएं कीं। इसमें प्रत्येक पंचायत के लिए 50,000 रुपए की राशि प्रदान करने की बात कही। साथ ही कहा कि वर्ष 2026 को कृषि आधारित उद्योग वर्ष के रूप में घोषित किया जाएगा और कृषि उद्योग को बढ़ावा दिया जाएगा। सीएम ने कहा कि सरकार के माध्यम से प्रत्येक क्षेत्र में तेजी से विकास कार्य किए जा रहे हैं। मेडिकल और एग्रीकल्चर कॉलेजों की स्थापना भी तेजी से की गई है। डॉ. मोहन यादव ने कहा कि देश की बड़ी आबादी ग्रामीण क्षेत्रों में रहती है और प्रदेश की तस्वीर और तकदीर बदलने के लिए पंचायतों की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। उन्होंने हर गांव के अंदर शांति धाम के निर्माण के लिए भी आवश्यक राशि देने का आश्वासन दिया। भोपाल के जंबूरी मैदान पर सरपंचों के अलग-अलग संगठनों के पदाधिकारियों की मौजूदगी में सरपंच सम्मेलन का आयोजन हुआ। सीएम ने कहा कि एक बात समझ लो कोई सचिव अगर काम नहीं करेगा तो उसे हटा देंगे। सचिव-सहायक सचिव इनकी क्या औकात? आपको लगता है कि सरपंच के मामले में कोई दिक्कत आ रही है और सरकार ने कोई निर्णय किया है तो उसे ठीक करने का काम हमारा है। जब भी सरकार के स्तर पर कोई निर्णय होगा तो उसके क्रियान्वयन में कठिनाई आएगी तो उसे हल करने का काम सरकार का है। सीएम ने कहा कि इतना बड़े देश में प्रधानमंत्री मोदी ने 10-11 सालों में न जाने कितनी चीजों की चिंता की। इसलिए हमारे देश के प्रधानमंत्री और गृह मंत्री पर हमको भरोसा है। जब लाल सलाम को आखिरी सलाम हो रहा है तो ये कहां लगेंगे जो भी होंगे सब ठिकाने लगेंगे। ये देश को पूरा भरोसा है। दिल्ली ब्लास्ट के मृतकों के लिए रखा मौन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने दिल्ली में हुए ब्लास्ट में मारे गए लोगों के लिए 2 मिनट का मौन रखवाकर श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें कल की घटना को भूलना नहीं है। हमारे देश की प्रगति और बढ़ने वाले कदम दुनिया में अलग प्रकार से निकल रहे हैं। ऐसे में दुश्मन भी पता नहीं, कितने प्रकार से प्रयास करते हैं। इस मामले में गृह मंत्री जी पूरी जानकारी देंगे। मुख्यमंत्री ने दिल्ली में हुए बम धमाकों में दिवंगतों की याद में 2 मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह पर पूरा भरोसा है और देश की सुरक्षा में कोई भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।  आपके पास जो पावर वो बडे़ पद वालों को भी नहीं मुख्यमंत्री ने कहा कि आपके जो विषय आए हैं उनके लिए हमारी सरकार पूरी तरह से आपके साथ है। जब सरपंच के सामने बैठेंगे तो सचिव, रोजगार सहायक को भी आना ही चाहिए,इनके बिना बात थोड़े बनती है। त्रिस्तरीय शासन प्रणाली में जो प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री हमको दिखते हैं। आपको जो पावर हैं वो पावर तो बडे़-बडे़ पद वालों को भी नहीं हैं। एक सरपंच जो कर सकता है वो कोई नहीं कर सकता। एक पंचायत के हर घर की गिनती पंचायत और सरपंच के पास रहती है। हमारे इतने बडे़ प्रदेश में बड़ी आबादी गांवों में रहती है अगर प्रदेश की तस्वीर, तकदीर बदलने का काम आपके बिना नहीं हो सकता। 24 नवंबर को होगी त्रिस्तरीय पंचायतों की कॉन्फ्रेंस सीएम ने कहा- पिछले बार 23-24 और 25 जुलाई को त्रिस्तरीय पंचायत के अधिकारियों का कार्यक्रम हुआ था। इस बार 24-25 और 26 नवंबर को भोपाल में कॉन्फ्रेंस होने वाली है। उसमें कुछ बातें मैं भी जोड़ना चाहता हूं। जैसे शहरीकरण बढ़ रहा है तो पंचायत और आसपास लगी नगरीय निकाय के बीच कई बार टकराव होता है। जब नगरीय निकाय होता है उनके पास पार्षद, सीएमओ होते हैं बहुत सारी चीजें होती हैं। पंचायत में सचिव और सहायक सचिव ही होते हैं। ऐसा कोई समाधान निकले की हमारी पंचायत भी जिंदा रहे और वो विकास का काम भी बंद न हो। इसका मैकेनिज्म बनाने की जरूरत है। पंचायतें नया गांव बसाएं, सरकार साथ है सीएम ने कहा- विदिशा में उदाहरण है कि आवासीय व्यवस्था में खुद की प्लानिंग से नया गांव बसाया। इसमें क्या परेशानी है उन कामों को भी किया जा सकता है।  

दिल्ली ब्लास्ट पर सख्त रुख, CM मोहन यादव बोले: दोषियों को छोड़ना मुमकिन नहीं

भोपाल मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक गंभीर हमले की घटना पर सरकार का रुख स्पष्ट करते हुए कड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार ऐसी किसी भी चुनौती से निपटने में पूरी तरह सक्षम है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। इस बयान के दौरान उनके साथ विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल भी मौजूद थे। दोषियों को सख्त चेतावनी मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि इस तरह की घटनाओं को अंजाम देने वालों के खिलाफ सरकार हमेशा से सख्त रही है और आगे भी रहेगी। उन्होंने विश्वास दिलाया कि दोषियों को उनके किए की सजा जरूर मिलेगी। दिल्ली ब्लास्ट पर सीएम मोहन यादव की कड़ी प्रतिक्रिया, बोले- 'दोषी बख्शे नहीं जाएंगे', बताया गृह मंत्री हर पल की ले रहे जानकारी, जांच जारी     “ऐसी घटना करने वाले भारत सरकार द्वारा न पहले कभी बख़्शे गए हैं और ना कभी बख़्शे जाएंगे, भारत सरकार की कार्रवाई हमेशा तगड़ी रही है।” — डॉ. मोहन यादव, मुख्यमंत्री, मध्य प्रदेश सीएम यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व पर भरोसा जताते हुए कहा कि केंद्र सरकार ऐसी किसी भी घटना से निपटने में पूरी तरह सक्षम और तैयार है। गृह मंत्रालय कर रहा है जांच मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि इस पूरे मामले को केंद्र सरकार ने गंभीरता से लिया है और इसकी जांच सीधे गृह मंत्रालय की निगरानी में हो रही है। उन्होंने कहा कि माननीय गृह मंत्री स्वयं इस मामले को देख रहे हैं। डॉ. यादव ने कहा, “जो कुछ भी हुआ माननीय गृहमंत्री जी उसकी जांच कर रहे हैं और सारी बातें विस्तार से प्रेस में बताने वाले भी हैं।” उन्होंने यह भी बताया कि जांच पूरी होने के बाद गृह मंत्री खुद मीडिया के सामने विस्तृत जानकारी साझा करेंगे। हमले में जान गंवाने वालों को श्रद्धांजलि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस दुर्भाग्यपूर्ण हमले में अपनी जान गंवाने वाले लोगों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा, “हम हमले में जान गंवाने वालों के लिए श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं।”

दिल्ली में अमोनियम नाइट्रेट और फ्यूल का मिलान: पुलिस को किन बातों पर है शक?

नई दिल्ली  दिल्ली में लाल किले के पास कार में हुए भीषण विस्फोट ने पूरी राजधानी को हिला कर रख दिया है। प्रत्यक्षदर्शियों ने जो देखा वो जल्दी भुला पाना मुश्किल है। चंद मिनटों में जो हुआ उसने जांच एजेंसियों के भी कान खड़े कर दिए हैं। इस बीच दिल्ली पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों को जांच के बाद शक है कि कार में हुए धमाके की वजह अमोनियम नाइट्रेट, ईंधन तेल (फ्यूल ऑयल) और डेटोनेटर थे। शुरुआती जांच के अनुसार, एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि घटनास्थल से क्षतिग्रस्त वाहनों, जिनमें आई20 कार भी शामिल है, के सबूत उठा लिए गए हैं और उन्हें फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है। दिल्ली पुलिस ने उत्तरी दिल्ली के कोतवाली पुलिस स्टेशन में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) की धारा 16 और 18 और विस्फोटक अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। यह जांच उत्तरी जिला पुलिस से स्पेशल सेल को ट्रान्सफर कर दी गई है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया, 'स्पेशल सेल जांच का नेतृत्व करेगा, जरूरत के अनुसार केंद्रीय एजेंसियों के साथ तालमेल बैठाई जाएगी। जांच का प्रमुख बनाए गए अधिकारी, स्पेशल सीपी (विशेष प्रकोष्ठ) अनिल शुक्ला, वही अधिकारी हैं जिन्होंने 2019 के पुलवामा आतंकी हमले की राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की जांच टीम का नेतृत्व किया था। अधिकारियों का कहना है कि यह निर्णय उच्च जोखिम वाले मामलों में अनुभवी नेतृत्व की आवश्यकता को दर्शाता है।' पुलिस ने कहा कि वे जम्मू-कश्मीर पुलिस द्वारा दो डॉक्टरों की गिरफ्तारी और i20 कार चला रहे व्यक्ति के बीच के संभावित संबंधों की जांच कर रहे हैं। पिछले दो हफ्तों में चलाए गए एक बड़े सुरक्षा अभियान में, जम्मू-कश्मीर पुलिस ने कहा था कि उन्होंने हरियाणा और उत्तर प्रदेश से दो डॉक्टरों — पुलवामा के डॉ. मुजम्मिल अहमद गनाई और काजीगुंड के डॉ. अदील मजीद राथर को गिरफ्तार किया है, जिन पर आरोप है कि वे आतंकवादी समूह जैश-ए-मोहम्मद और अंसार गजवतुल हिंद (AGH) से जुड़े 'अंतर-राज्यीय और अंतर्राष्ट्रीय आतंकी मॉड्यूल' का हिस्सा थे।" दिल्ली पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज बरामद की है और यह संदेह है कि विस्फोट के समय कार चालक अकेला था। हालांकि, सोमवार को पुलिस सूत्रों ने कहा कि कार में तीन लोग होने का संदेह है। पुलिस उपायुक्त (उत्तर) राजा बांठिया ने कहा कि मामला दर्ज कर लिया गया है और इलाके के चारों ओर कई सीसीटीवी कैमरों को खंगाला जा रहा है। उन्होंने कहा, 'NSG, दिल्ली पुलिस और FSL की टीमें मौके पर मौजूद हैं और पूरे अपराध स्थल की जांच कर रही हैं। उन्होंने आगे कहा, 'कार में (जिसमें विस्फोट हुआ) मानव शरीर के अंग हैं। FSL टीम उन्हें इकट्ठा कर रही है, इसलिए देखते हैं कि यह कैसे मामले से जुड़ता है। हम घटनाओं के सटीक क्रम का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं।'"  

धनखड़ का ‘कमबैक भाषण’! इस्तीफे के बाद पहली बार मंच से देंगे संदेश

नई दिल्ली  देश के पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ 21 नवंबर को मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में एक पुस्तक विमोचन समारोह को मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित करेंगे। समारोह के आयोजकों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा देने के बाद संभवतः यह पहला मौका होगा जब धनखड़ किसी सार्वजनिक कार्यक्रम को संबोधित करेंगे। धनखड़, इससे पहले उपराष्ट्रपति सी पी राधाकृष्णन के शपथ ग्रहण समारोह में नजर आए थे। सुरुचि प्रकाशन के अध्यक्ष राजीव तुली ने बताया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सहसरकार्यवाह मनमोहन वैद्य द्वारा लिखित पुस्तक 'हम और यह विश्व' का विमोचन भोपाल के रविन्द्र भवन में 21 नवंबर को किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम में वृंदावन-मथुरा स्थित आनंदम धाम के पीठाधीश्वर रीतेश्वर जी महाराज भी शामिल होंगे जबकि धनखड़ मुख्य वक्ता के रूप में इसे संबोधित करेंगे। पुस्तक का प्रकाशन सुरुचि प्रकाशन ने किया है। तुली ने बताया कि कई पुस्तकों के लेखक मनमोहन वैद्य की ताजा पुस्तक सामाजिक, राष्ट्रीय और आर्थिक विषयों पर भारतीय दृष्टिकोण को प्रस्तुत करती है। उल्लेखनीय है कि धनखड़ ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए 21 जुलाई को अचानक पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद हुए उपराष्ट्रपति चुनाव के बाद राधाकृष्णन भारत के 15वें उपराष्ट्रपति निर्वाचित हुए। धनखड़ अपने इस्तीफे के 53 दिन बाद 12 सितंबर को राधाकृष्णन के शपथ ग्रहण समारोह में नजर आए थे। कांग्रेस धनखड़ के अचानक इस्तीफा देने पर सवाल खड़े करती रही है। विपक्षी पार्टी ने यह भी दावा किया था कि धनखड़ को पद छोड़ने पर मजबूर किया गया। कांग्रेस नेताओं ने तब कहा था कि देश धनखड़ के अप्रत्याशित इस्तीफे पर उनके बयान का इंतजार कर रहा है। उन्होंने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को 22 जुलाई को त्यागपत्र सौंप दिया था। हालांकि, अटकलें थीं कि सरकार के साथ टकराव के चलते उन्होंने पद छोड़ा है, लेकिन उन्होंने स्पष्ट तौर पर इसे लेकर कुछ नहीं कहा। उसके बाद से करीब डेढ़ महीने से अधिक की अवधि में वह किसी भी कार्यक्रम में नहीं दिखे।

RTO ने बदले रजिस्ट्रेशन नियम: पुरानी गाड़ियों के मालिक हो जाएं सावधान

लुधियाना  आर.टी.ओ. विभाग ने 2 साल बाद पुराने वाहनों के रजिस्ट्रेशन और फिटनैस रिन्यूअल की प्रक्रिया फिर से शुरू कर दी है लेकिन इसके साथ ही जुर्माने का बोझ इतना बढ़ा दिया गया है कि अब कई वाहन मालिकों के लिए पुराना वाहन रखना घाटे का सौदा बन गया है। विभाग की नई प्रणाली के तहत अब 2023 में फिटनैस रिन्यू न कराने वालों से 7200 से 12000 रुपए तक का अतिरिक्त जुर्माना वसूला जा रहा है। इतना ही नहीं, दोपहिया वाहनों पर हर महीने 300 रुपए और चौपहिया वाहनों पर 500 रुपए तक का विलंब शुल्क भी लगाया जा रहा है। कई लोगों का कहना है कि जुर्माने की राशि उनके पुराने वाहन की कीमत से भी ज्यादा हो चुकी है। उदाहरण के तौर पर 19 साल पुराने स्कूटर का रजिस्ट्रेशन न करवाने पर अब 16 हजार रुपए तक का जुर्माना बन रहा है, जबकि उसी मॉडल का सैकेंड हैंड स्कूटर मार्कीट में 10-12 हजार रुपए में मिल जाता है। ऑनलाइन सिस्टम में गड़बड़ी से बढ़ी परेशानी वाहन मालिकों के अनुसार ऑनलाइन फिटनैस पोर्टल पर सिस्टम बार-बार फेल हो रहा है जिससे वे समय पर फीस जमा नहीं कर पा रहे। कई लोगों को फिटनैस फीस के साथ लेट फीस भी भरनी पड़ रही है। कुछ लोगों ने कहा कि वे कई बार दफ्तर के चक्कर लगाकर थक चुके है, लेकिन क्लीयरैंस नहीं मिल रही। 1992 से पहले के मॉडल पर भी वसूला जा रहा टैक्स नियमों के अनुसार 15 साल से अधिक पुराने वाहनों को तभी सड़क पर चलाया जा सकता है जब उनका फिटनैस सर्टीफिकेट रिन्यू हो लेकिन अब विभाग 1992 या उससे पुराने वाहनों से भी टैक्स और पैनल्टी वसूल रहा है, जबकि ये वाहन अधिकांशतः चलने लायक ही नहीं बचे।   लुधियाना के वाहन मालिक हरविंदर सिंह ने कहा, “मेरे स्कूटर की कीमत 12 हजार है और फिटनैस के साथ जुर्माना 16 हजार रुपए लग गया। यह नाइंसाफी है। विभाग को व्यावहारिक नीति बनानी चाहिए, नहीं तो आम लोग पुराने वाहन सड़क से हटा देंगे।” विशेषज्ञों की राय- नीति में राहत की जरूरत ऑटो विशेषज्ञों का कहना है कि विभाग को पुराने वाहनों के लिए एकमुश्त रजिस्ट्रेशन स्कीम लानी चाहिए जिससे मालिकों को राहत मिले और प्रदूषण नियंत्रण के साथ-साथ प्रशासनिक प्रक्रिया भी सरल बने।

FSL रिपोर्ट का इंतजार: दिल्ली ब्लास्ट की जांच में 13 संदिग्धों से लगातार पूछताछ

नई दिल्ली  दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल के सूत्रों के मुताबिक लाल किले के पास हुए कार ब्लास्ट केस में फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की पहली रिपोर्ट मंगलवार को आने की उम्मीद है। इस रिपोर्ट से बरामद सामान की प्रकृति और बनावट के बारे में साफ जानकारी मिलने की संभावना है। इस धमाके के सिलसिले में फिलहाल 13 लोगों से पूछताछ की जा रही है।   सूत्रों ने बताया कि दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल ने फरीदाबाद से बरामद विस्फोटकों के बारे में फरीदाबाद क्राइम ब्रांच और जम्मू-कश्मीर पुलिस से जानकारी मांगी है। स्पेशल सेल के सूत्रों के अनुसार, शुरुआती जांच में अमोनियम नाइट्रेट के निशान मिले हो सकते हैं। हालांकि, विस्फोटक की सही प्रकृति की पुष्टि फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की रिपोर्ट आने के बाद ही होगी। सूत्रों ने आगे बताया कि घटनास्थल पर इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) ब्लास्ट जैसा कुछ नहीं मिला। इस बीच, दिल्ली पुलिस के सूत्रों ने बताया कि लाल किले के बाहर हुए तेज धमाके में दिल्ली पुलिस की शुरुआती जांच में एक i20 कार का जम्मू-कश्मीर के पुलवामा से कनेक्शन सामने आया है। सूत्रों के मुताबिक, जिस कार में धमाका हुआ, उसे कथित तौर पर पुलवामा के एक निवासी ने खरीदा था। लाल किले के बाहर कार में हुए धमाके के बाद दिल्ली पुलिस की टीमों ने पहाड़गंज, दरियागंज और आस-पास के इलाकों के होटलों में रात भर बड़े पैमाने पर छापेमारी और सर्च ऑपरेशन चलाया। छापेमारी के दौरान सभी होटल रजिस्टरों की अच्छी तरह से जांच की गई। इस ऑपरेशन के दौरान, चार लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया। फरीदाबाद से आई थी कार दिल्ली पुलिस के मुताबिक, कई जगहों की सीसीटीवी फुटेज को ध्यान से देखा गया है, जिसमें बदरपुर बॉर्डर से लेकर लाल किले की सुनहरी मस्जिद के पार्किंग एरिया तक, साथ ही आउटर रिंग रोड से कश्मीरी गेट-लाल किला रूट तक की फुटेज शामिल है। अलग-अलग रास्तों की फुटेज की जांच में करीब 200 पुलिसकर्मी शामिल थे। सूत्रों के अनुसार, जिस कार में ब्लास्ट हुआ था वह हरियाणा के फरीदाबाद से बदरपुर के रास्ते दिल्ली में घुसी थी। 13 लोगों से पूछताछ सूत्रों के मुताबिक, अलग-अलग जगहों से मिले सीसीटीवी सबूतों के आधार पर फिलहाल करीब 13 लोगों से पूछताछ करने के साथ ही उन पर नजर रखी जा रही है। फरीदाबाद मॉड्यूल से जुड़े एक व्यक्ति के i20 कार में सफर करने का शक है, हालांकि मरने वाले व्यक्ति की पहचान डीएनए टेस्ट के बाद ही कन्फर्म होगी। यह घटना जम्मू और कश्मीर और हरियाणा पुलिस द्वारा हरियाणा के फरीदाबाद से 360 किलोग्राम विस्फोटक सामग्री और गोला-बारूद बरामद करने के बाद हुई है, जिसमें दो लोगों डॉ. मुजम्मिल और आदिल राथर को गिरफ्तार किया गया था। दिल्ली पुलिस ने ब्लास्ट के सिलसिले में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA), विस्फोटक अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता की अलग-अलग धाराओं के तहत मामला भी दर्ज किया है।

दिल्ली ब्लास्ट पर केंद्र सख़्त: गृह मंत्री अमित शाह की आपात बैठक, जम्मू-कश्मीर से भी ली रिपोर्ट

नई दिल्ली  दिल्ली में लाल किले के पास हुए कार धमाके को लेकर होम मिनिस्टर अमित शाह ने उच्च स्तरीय मीटिंग की है। गृह मंत्री की अध्यक्षता में उनके ही आवास पर मंगलवार को मीटिंग हुई है। इस मीटिंग में केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन मौजूद थे। इसके अलावा इंटेलिजेंस ब्यूरो के निदेशक तपन डेका और NIA के महानिदेशक सदानंद वसंत दाते और दिल्ली पुलिस के कमिश्नर सतीश गोलचा भी पहुंचे थे। इस मीटिंग में जम्मू-कश्मीर पुलिस के डीजीपी नलिन प्रभात भी वर्चुअली ही जुड़े। दिल्ली में हुए बम धमाके में 13 लोगों की मौत हो गई है, जबकि एक दर्जन से ज्यादा लोग घायल हैं। इस भीषण धमाके के बाद से दिल्ली, मुंबई, यूपी समेत देश के तमाम राज्यों और संवेदनशील इलाकों में अलर्ट है।   सूत्रों का कहना है कि इस मीटिंग में इस बीत पर चर्चा हुई कि आखिर दिल्ली में सोमवार शाम को हुए धमाके की जांच कहां तक पहुंची है। इसके अलावा फरीदाबाद में बरामद हुए बड़े पैमाने पर विस्फोटक से इस धमाके का क्या और कितना लिंक है, इस पर भी बात हुई। धमाके के बाद होम मिनिस्टर अमित शाह ने जांच का आदेश दिया है। इस घटना की जांच में NIA, एनएसजी शामिल हैं। इसके अलावा फॉरेंसिक जांच के लिए एफएसएल लैब की भी मदद ली जा रही है। इसके अलावा दिल्ली पुलिस को इस बात की जिम्मेदारी दी गई है कि वह जांच करे कि इस धमाके का कारण क्या था। इसमें किन चीजों का इस्तेमाल किया गया और विस्फोटक कैसे आया। मंगलवार को सुबह ही NIA की टीम मौके पर पहुंची और एफएसएल टीम भी उसके साथ थी। दोनों टीमों ने घटनास्थल पर धमाके की घटना को रिक्रिएट किया। फिलहाल दिल्ली पुलिस की मदद भी NIA कर रही है। सूत्रों ने बताया कि मीटिंग में अधिकारियों ने कहा कि फरीदाबाद से जो विस्फोटक बरामद हुआ था। उससे इस घटना का लिंक हो सकता है। फिलहाल उसके बारे में ही जांच जारी है। अधिकारियों को शक- फरीदाबाद मॉड्यूल हो सकता है देशव्यापी सोमवार को ही जम्मू-कश्मीर पुलिस ने हरियाणा पुलिस के साथ मिलकर बड़े मॉड्यूल का पर्दाफाश किया था। 360 किलो संदिग्ध अमोनियम नाइट्रेट बरामद किया गया है। इसके अलावा 2900 किलो आईईडी मैटीरियल मिला है। इनमें केमिकल, डेटोनेटर और वायर शामिल हैं। यह सारी सामग्री फरीदाबाद के एक अपार्टमेंट से मिली है। अधिकारियों ने संदेह जाहिर किया है कि फरीदाबाद से बड़े पैमाने पर विस्फोटक की रिकवरी और दिल्ली के धमाके के बीच कोई देशव्यापी नेटवर्क हो सकता है।