samacharsecretary.com

उद्योग संगम में छत्तीसगढ़ का जलवा — चारों श्रेणियों में नंबर वन, विकास का प्रस्तुत किया नया मॉडल

रायपुर : चारों श्रेणियों में अव्वल रहा छत्तीसगढ़ — उद्योग संगम में दिखा सुधार और विकास का नया मॉडल DPIIT की BRAP रैंकिंग में ‘टॉप अचीवर’ बना छत्तीसगढ़, निवेशकों के लिए भरोसे का केंद्र बना राज्य रायपुर छत्तीसगढ़ ने एक बार फिर देशभर में अपनी मजबूत पहचान दर्ज कराई है। उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्द्धन विभाग (DPIIT), भारत सरकार द्वारा आयोजित ‘उद्योग संगम’ में राज्य को बिज़नेस रिफॉर्म एक्शन प्लान (BRAP) की चारों प्रमुख श्रेणियों में ‘टॉप अचीवर’ घोषित किया गया। यह उपलब्धि उस परिवर्तन यात्रा की गवाही है जो छत्तीसगढ़ ने बीते वर्षों में तय की है। कभी BRAP रैंकिंग में निचले पायदान पर रहने वाला यह राज्य आज गुजरात, महाराष्ट्र और तमिलनाडु जैसे औद्योगिक दिग्गजों के साथ कदम से कदम मिलाकर खड़ा है। सुशासन, पारदर्शिता और उद्योग-अनुकूल नीतियों के बल पर छत्तीसगढ़ ने खुद को सुधार और विकास का नया मॉडल बना दिया है। राज्य ने BRAP के तहत अब तक 434 सुधार लागू किए हैं — जो इज ऑफ डूइंग बिज़नेस  और इज ऑफ लिविंग को सशक्त बनाने की दिशा में उसके निरंतर प्रयासों को दर्शाते हैं। इन सुधारों में सबसे बड़ी पहल रही ‘जन विश्वास अधिनियम’, जिसके तहत छत्तीसगढ़ देश का दूसरा राज्य बना जिसने छोटे कारोबारी अपराधों को डीक्रिमिनलाइज कर दिया। इस कदम ने सरकार और उद्योग जगत के बीच भरोसे और सहयोग का नया पुल बनाया है। अब कारोबार में अनावश्यक डर या जटिलता की जगह पारदर्शिता और सहजता ने ले ली है। इसी कड़ी में राज्य ने भूमि अभिलेखों के स्वचालित म्यूटेशन की ऐतिहासिक शुरुआत की — यह कदम छत्तीसगढ़ को देश का पहला राज्य बनाता है जहाँ जमीन पंजीयन के साथ ही स्वामित्व का हस्तांतरण स्वतः हो जाता है। इससे न केवल प्रक्रियाएं सरल हुई हैं बल्कि लोगों को कार्यालयों के चक्कर लगाने से भी मुक्ति मिली है। राज्य सरकार ने कई और सुधारों को धरातल पर उतारा है — जैसे दुकानों और प्रतिष्ठानों को 24×7 संचालन की अनुमति, फ्लैटेड इंडस्ट्री के लिए FAR में वृद्धि, भूमि उपयोगिता बढ़ाने हेतु सेटबैक में कमी, और फैक्ट्री लाइसेंस की वैधता 10 से बढ़ाकर 15 वर्ष करने के साथ ऑटो-रिन्यूअल सुविधा। इन सभी कदमों ने मिलकर राज्य में उद्योगों के लिए एक भरोसेमंद, स्थिर और पारदर्शी वातावरण तैयार किया है। इन उल्लेखनीय सुधारों के लिए छत्तीसगढ़ के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन और निवेश आयुक्त ऋतु  सेन (IAS) को केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री  पीयूष गोयल ने सम्मानित किया। यह सम्मान इस बात का प्रतीक है कि छत्तीसगढ़ अब भारत के आर्थिक परिदृश्य में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। इन सुधारों का असर निवेश माहौल पर साफ दिख रहा है। बीते दस महीनों में ₹7.5 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जो यह साबित करते हैं कि निवेशक छत्तीसगढ़ की नीतियों, पारदर्शी प्रशासन और तेज़ निर्णय प्रणाली पर पूरा भरोसा करते हैं। यह सफलता छत्तीसगढ़ के लिए नए युग की शुरुआत है — ऐसा छत्तीसगढ़ जो विकास की दिशा तय कर रहा है, अवसरों को गढ़ रहा है और सबके लिए प्रगतिशील भविष्य की नींव रख रहा है। "छत्तीसगढ़ का ‘टॉप अचीवर’ बनना पूरे राज्य के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में छत्तीसगढ़ ने उद्योग, सुशासन और पारदर्शिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। छत्तीसगढ़ ने निचले पायदान से उठकर देश के अग्रणी औद्योगिक राज्यों की पंक्ति में स्थान प्राप्त किया है। यह उपलब्धि सरकार की प्रतिबद्धता, प्रशासन की मेहनत और निवेशकों के भरोसे का परिणाम है।  छत्तीसगढ़ अब इज ऑफ डूइंग बिज़नेस  से आगे बढ़कर इज ऑफ लिविंग का भी प्रतीक बन चुका है – जहाँ सुधार, विश्वास और विकास एक साथ आगे बढ़ रहे हैं।" – मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय

शानदार मार्केट डेब्यू: टाटा की नई कंपनी 335 रुपये पर लिस्ट, निवेशकों की बल्ले-बल्ले

मुंबई  टाटा मोटर्स के डिमर्जर (Tata Motors Demerger) के बाद ग्रुप की नई कंपनी टाटा कॉमर्शियल व्हीकल के शेयर स्टॉक मार्केट में बुधवार को लिस्ट हो गए. Tata Commercial Vehicle Share का मार्केट डेब्यू उम्मीद से बेहतर और धमाकेदार रहा है. ये टाटा शेयर बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज पर 330.25 रुपये पर लिस्ट हुआ है, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर इसने 335 रुपये के साथ एंट्री मारी है. 

छत्तीसगढ़-गुजरात रिश्तों में नई मजबूती — CM विष्णु देव साय का गुजरात दौरा बना विकास का सेतु

रायपुर : छत्तीसगढ़ और गुजरात के बीच विकास, तकनीक, संस्कृति और निवेश का नया अध्याय : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का गुजरात प्रवास रहा ऐतिहासिक और सार्थक गुजरात यात्रा में सहयोग, नवाचार और निवेश के नए आयाम खुले– भारत पर्व से इन्वेस्टर कनेक्ट तक छत्तीसगढ़ का बढ़ा गौरव रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का गुजरात प्रवास छत्तीसगढ़ के विकास, तकनीकी शिक्षा, सांस्कृतिक गौरव और औद्योगिक निवेश—चारों आयामों में उल्लेखनीय उपलब्धियों से परिपूर्ण रहा। इस यात्रा ने दोनों राज्यों के बीच विकास, सहयोग और साझेदारी के सेतु को और सुदृढ़ किया है। गांधीनगर में गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल से सौजन्य भेंट मुख्यमंत्री साय ने गांधीनगर में गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल से सौजन्य भेंट की। दोनों नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ के संकल्प को साकार करने में राज्यों की साझी भूमिका पर विचार-विमर्श किया। साय ने कहा कि भारत की शक्ति उसकी संघीय एकता में है, और गुजरात–छत्तीसगढ़ का सहयोग इस दिशा में मिसाल बनेगा। ‘बस्तर आर्ट’ और ‘बस्तर दशहरा’ की भेंट – संस्कृति के माध्यम से जुड़ाव मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर गुजरात के मुख्यमंत्री पटेल को बस्तर की लोककला और छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत पर आधारित बस्तर आर्ट और “बस्तर दशहरा” की कॉफी टेबल बुक भेंट की। मुख्यमंत्री पटेल ने छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति की सराहना की और रजत जयंती वर्ष की शुभकामनाएँ दीं। यह सांस्कृतिक संवाद दोनों राज्यों के बीच भावनात्मक संबंधों को और सुदृढ़ करने वाला रहा। उद्योग, पर्यटन और सुशासन में सहयोग का रोडमैप तैयार बैठक में दोनों मुख्यमंत्रियों ने उद्योग, पर्यटन, तकनीकी शिक्षा और सुशासन के क्षेत्रों में साझा कार्ययोजना पर सहमति जताई। साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की नीति अब ‘संपर्क से सहयोग और सहयोग से समृद्धि’ की दिशा में आगे बढ़ रही है। NAMTECH कॉलेज में तकनीकी शिक्षा का नया दृष्टिकोण गांधीनगर स्थित NAMTECH के भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री साय ने आधुनिक तकनीकी शिक्षा की नवीन पद्धतियों का अवलोकन किया। उन्होंने छात्रों और प्राध्यापकों से संवाद कर कॉलेज के नेटवर्क्ड मॉडल की जानकारी ली। छत्तीसगढ़ में हर वर्ष 10,000 युवाओं को आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में अब हर वर्ष 10,000 युवाओं को आधुनिक तकनीक, रोबोटिक्स, ऑटोमेशन और स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आईटीआई कॉलेजों को आधुनिक रूप देकर छत्तीसगढ़ को टेक्नोलॉजी-ड्रिवन स्टेट बनाने का लक्ष्य है। गुजरात मॉडल से प्रेरित तकनीकी-औद्योगिक साझेदारी की शुरुआत NAMTECH कॉलेज प्रबंधन ने छत्तीसगढ़ में भी इसी तरह का नेटवर्क्ड कॉलेज मॉडल लागू करने की इच्छा जताई। मुख्यमंत्री ने इसे उद्योगोन्मुख शिक्षा की दिशा में एक बड़ा कदम बताते हुए कहा कि “यह मॉडल हमारे युवाओं को रोजगार के साथ-साथ उद्यमिता की भावना से भी जोड़ेगा।” भारत पर्व में छत्तीसगढ़ की संस्कृति ने बिखेरा रंग मुख्यमंत्री साय ने केवड़िया स्थित एकता नगर में आयोजित भारत पर्व में शामिल होकर सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती पर उन्हें नमन किया। उन्होंने कहा कि भारत पर्व हमारी विविधता में एकता का उत्सव है, जहाँ हर राज्य की संस्कृति राष्ट्र की एकता को सशक्त करती है। ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना पर जोर मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस तरह सरदार पटेल ने रियासतों को जोड़कर अखंड भारत बनाया, उसी तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के संकल्प को व्यवहारिक रूप दिया है। स्टैच्यू ऑफ यूनिटी को उन्होंने भारत की भावनात्मक एकता का जीवंत प्रतीक बताया। सांस्कृतिक दल से मुलाकात और प्रोत्साहन मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ के सांस्कृतिक दल से भेंट कर उन्हें शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि “हमारी संस्कृति हमारी पहचान है, और जब छत्तीसगढ़ का लोकनृत्य गुजरात की भूमि पर गूंजता है, तो यह केवल कला नहीं, बल्कि एकता की अनुभूति है।” इन्वेस्टर कनेक्ट: छत्तीसगढ़ में निवेश की संभावनाएं अहमदाबाद में आयोजित इन्वेस्टर कनेक्ट कार्यक्रम में मुख्यमंत्री साय ने देश के शीर्ष उद्योगपतियों से मुलाकात कर छत्तीसगढ़ में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा की। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ को ₹33,321 करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, जिनसे 14,900 नए रोजगार सृजित होंगे। नई औद्योगिक नीति से निवेश के नए द्वार खुले मुख्यमंत्री ने कहा कि नई औद्योगिक नीति के लागू होने के बाद से अब तक ₹7.83 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य ने पिछले 22 महीनों में 350 से अधिक सुधार किए हैं, जिससे उद्योग स्थापना और संचालन बेहद सरल हुआ है। ऊर्जा, खनिज और तकनीक के संगम से बनेगा विकसित छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री ने कहा कि गुजरात के पास उद्यम है तो छत्तीसगढ़ के पास ऊर्जा, खनिज और कुशल जनशक्ति है। उन्होंने कहा कि “दोनों राज्यों का मेल विकसित भारत के निर्माण में मील का पत्थर साबित होगा।” प्रमुख कंपनियों ने जताई गहरी रुचि इस कार्यक्रम में टोरेंट पावर, ओनिक्स थ्री एनर्सोल, लीजियम लाइफ साइंसेस, माला क्रिएशन, टोरेंट फार्मा, सफायर सेमीकॉम और मल्टी सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल जैसी कंपनियों ने निवेश प्रस्ताव प्रस्तुत किए। यह निवेश न केवल औद्योगिक विकास, बल्कि स्वास्थ्य, फार्मा और हरित ऊर्जा के क्षेत्रों को भी गति देगा। नवा रायपुर बनेगा एआई और डेटा सेंटर हब मुख्यमंत्री ने बताया कि नवा रायपुर को आईटी और एआई डेटा सेंटर हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र की कई कंपनियाँ यहाँ निवेश में रुचि दिखा रही हैं। पर्यटन को उद्योग का दर्जा देकर हॉस्पिटैलिटी और वेलनेस सेक्टर में भी नई संभावनाएँ खुली हैं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि “विकसित भारत 2047 का सपना तभी साकार होगा जब हमारे युवा नई तकनीक में दक्ष हों, हमारी संस्कृति विश्व मंच पर पहचानी जाए, और हमारे राज्य आपसी सहयोग से आगे बढ़ें। गुजरात यात्रा ने इन तीनों आयामों को एक सूत्र में जोड़ा है।" इस अवसर पर सीएसआईडीसी के अध्यक्ष राजीव अग्रवाल, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, सचिव राहुल भगत, उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

विशेष आर्टिकल- कृषि क्षेत्र में स्वर्णिम विकास: उत्तर प्रदेश के किसानों और योगी सरकार की उपलब्धियां

लखनऊ एक समय था जब उत्तर प्रदेश को 'बीमारू' राज्य कहा जाता था, जहां कृषि क्षेत्र भ्रष्टाचार, बाढ़, सूखा और निम्न उत्पादकता से जूझता था। लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली डबल इंजन सरकार ने 2017 से अब तक कृषि को आत्मनिर्भर भारत की रीढ़ बना दिया। आज UP देश का 21% खाद्यान्न उत्पादन करता है, जबकि केवल 11% कृषि भूमि होने पर भी फल-सब्जी का 15% और 11% उत्पादन यहां से आता है। कृषि वृद्धि दर 13.7% (राष्ट्रीय औसत 9.5% से अधिक), GSDP में 28% योगदान और UP-AGREES प्रोजेक्ट जैसे प्रयासों से राज्य वैश्विक खाद्य आपूर्तिकर्ता बनने की दिशा में अग्रसर है। PM किसान सम्मान निधि, सॉइल हेल्थ कार्ड, MSP और सोलर पैनल इंस्टॉलेशन से 1 करोड़+ किसान लाभान्वित हुए हैं। बजट 2025-26 में ₹2.25 लाख करोड़ इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए आवंटित, यह उत्थान PM मोदी के विकसित भारत-2047 विजन का जीवंत प्रमाण है। योगी सरकार की प्रमुख उपलब्धियां: आंकड़ों में कृषि क्रांति योगी सरकार ने तकनीकी नवाचार, सिंचाई, बीमा और बाजार लिंकेज पर फोकस कर कृषि को मजबूत किया। यहां कुछ प्रमुख आंकड़े: पैरामीटर    2017 से पहले    2025 तक    वृद्धि खाद्यान्न उत्पादन (% राष्ट्रीय)    15%    21%    40%+ फल-सब्जी उत्पादन (करोड़ टन/वर्ष)    ~3.5    4+    14%+ कृषि वृद्धि दर (%)    8.6    13.7    59%+ सिंचाई परियोजनाएं (परियोजनाएं)    सीमित (बांसागर आदि अधर में)    11 एक्सप्रेसवे + 6 कार्यरत, बांसागर पूर्ण    3 गुना+ किसान सम्मान निधि लाभार्थी (करोड़)    न्यून    10 (वार्षिक)    नया आयाम फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स    सीमित    65,000+ (15 एग्रो पार्क)    10 गुना+ कृषि विश्वविद्यालय    4    5 (नया जोड़)    25%+ मुख्य पहलें: •    UP-AGREES प्रोजेक्ट (जनवरी 2025): किसानों को तकनीकी सहायता, ग्रामीण उद्यमिता – 23% खाद्यान्न योगदान। •    फूड प्रोसेसिंग पॉलिसी-2023: 19 नए प्रोजेक्ट, सब्सिडी, ब्याज छूट – 1,000 यूनिट्स/जिला लक्ष्य। •    DSR Conclave 2025: सीधी बुआई से जल संरक्षण, वैश्विक खाद्य हब लक्ष्य। •    सॉइल हेल्थ कार्ड और बीमा: MSP से किसानों को न्यूनतम मूल्य। •    सिंचाई: बांसागर, सरयू नहर, मध्य गंगा नहर पूर्ण – 64,000 हेक्टेयर भूमि मुक्त। ये प्रयास कृषि GSDP को 28% बढ़ा चुके हैं, जहां UP $1 ट्रिलियन इकोनॉमी की ओर अग्रसर है। लाभार्थियों की प्रेरक कहानियां: साधारण किसानों से आत्मनिर्भर उद्यमी तक योगी सरकार की योजनाओं ने लाखों किसानों को सशक्त किया। यहां कुछ वास्तविक उदाहरण: 1.    झांसी के रामू सिंह (UP-AGREES लाभार्थी):  o    पहले: सूखे से जूझते, मासिक आय ₹5,000। o    सहायता: सॉइल हेल्थ कार्ड + सोलर पैनल से ड्रिप इरिगेशन। o    अब: गेहूं उत्पादन 20% बढ़ा, ₹50,000 मासिक, परिवार की शिक्षा-स्वास्थ्य में निवेश। "योगी जी की तकनीक ने मेरी जिंदगी बदली।" 2.    वाराणसी की महिला SHG (DSR Conclave से प्रेरित):  o    पहले: बिचौलियों से शोषण। o    सहायता: PM किसान + MSP से न्यूनतम मूल्य, फूड प्रोसेसिंग यूनिट। o    अब: 41 महिलाएं, ₹1 करोड़ टर्नओवर, निर्यात शुरू। "सरकार ने हमें बाजार दिया।" 3.    बुलंदशहर के छोटे किसान (फूड प्रोसेसिंग लाभार्थी):  o    पहले: फसल बर्बाद। o    सहायता: एग्रो पार्क + सब्सिडी से प्रोसेसिंग यूनिट। o    अब: 100+ रोजगार, फल-सब्जी निर्यात, आय दोगुनी। "पॉलिसी-2023 ने हमें उद्यमी बनाया।" ये कहानियां साबित करती हैं कि नीतियां जमीनी स्तर पर काम कर रही हैं, खासकर महिलाओं और छोटे किसानों के लिए। योगी आदित्यनाथ के प्रेरक भाषण: कृषि पर दृष्टि CM योगी ने कृषि को 'आत्मनिर्भर UP की कुंजी' बताया: •    DSR Conclave 2025 (6 अक्टूबर): "UP 21% खाद्यान्न उत्पादन करता है। 11 वर्षों में कृषि में क्रांतिकारी बदलाव – सॉइल कार्ड, MSP, किसान सम्मान से किसान सशक्त। 2030 तक वैश्विक खाद्य हब!" •    UP-AGREES उद्घाटन (28 जनवरी 2025): *"UP 23% खाद्यान्न, 15% सब्जी उत्पादक। AGREES से किसान आत्मनिर्भर, तकनीक से तीन गुना उत्पादन।" •    8 वर्ष पूर्णता (24 मार्च 2025): *"कृषि वृद्धि 13.7% – BIMARU से ग्रोथ इंजन। 6 करोड़ गरीब ऊपर उठे।" •    कृषि भारत-2024 (15 नवंबर 2024): *"20% कृषि योगदान – जल जीवन मिशन से महिलाओं की कहानियां। लोकल से ग्लोबल!" निष्कर्ष: कृषि – UP का समृद्धि आधार योगी सरकार ने UP-AGREES, DSR Conclave और फूड प्रोसेसिंग से कृषि को उपेक्षा से उत्कृष्टता तक पहुंचाया। 21% राष्ट्रीय योगदान से UP वैश्विक खाद्य हब बनेगा। किसान, आत्मनिर्भर बनें – नया UP आपके हाथ में! जय किसान! जय उत्तर प्रदेश!

विशेष आर्टिकल-उत्तर प्रदेश में गिर गाय का महत्व: विशेषताएं, फायदे और ग्रामीण विकास में योगदान

लखनऊ  गिर गाय (Gir Cow) भारत की सबसे प्रसिद्ध देसी दुधारू नस्लों में से एक है, जो गुजरात के गिर अभयारण्य क्षेत्र से उत्पन्न हुई। मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ संवर्धन योजना और नंद बाबा दुग्ध मिशन के तहत उत्तर प्रदेश में गिर गाय को प्राथमिकता दी जा रही है, जहां 2025 तक 11,000+ गिर गायें वितरित हो चुकी हैं। योगी सरकार ने ₹80,000 तक अनुदान (2 गायों पर) से किसानों को यह नस्ल उपलब्ध कराई, जिससे दूध उत्पादन 8-12 लीटर/दिन और आय ₹50,000+ मासिक तक पहुंची। गिर गाय का दूध A2 प्रोटीन युक्त, उच्च FAT (4.5-5.5%) और स्वास्थ्यवर्धक होता है, जो डायबिटीज, हृदय रोग में लाभकारी है। यह नस्ल गर्मी, रोग प्रतिरोधक और कम रखरखाव वाली है, जो UP Dairy Policy 2022 के तहत आत्मनिर्भर ग्रामीण अर्थव्यवस्था का आधार बन रही है। गिर गाय की प्रमुख विशेषताएं: वैज्ञानिक और व्यावहारिक विश्लेषण विशेषता    विवरण    लाभ (UP संदर्भ में) 1. शारीरिक संरचना    – रंग: लाल-भूरा (गहरा लाल से हल्का भूरा)। – सींग: गोलाकार, पीछे की ओर मुड़े हुए। – कान: लटकते हुए, बड़े। – कूबड़: मध्यम आकार। – वजन: वयस्क गाय 350-450 किग्रा, बैल 550-650 किग्रा।    – आकर्षक दिखावट: बाजार में उच्च मूल्य। – कम स्थान: UP के छोटे फार्म में उपयुक्त। 2. दूध उत्पादन क्षमता    – प्रतिदिन: 8-12 लीटर (औसत), अधिकतम 20+ लीटर। – लैक्टेशन पीरियड: 280-300 दिन। – वार्षिक: 2,500-3,500 लीटर। – FAT: 4.5-5.5%, SNF 8.5-9%।    – उच्च आय: ₹50/लीटर पर ₹4,000-6,000 मासिक (2 गायें)। – A2 दूध: प्रीमियम मूल्य (₹80-100/लीटर)। 3. दूध की गुणवत्ता    – A2 बीटा-कैसिन: एलर्जी-मुक्त, पाचन में आसान। – उच्च कैल्शियम, प्रोटीन: बच्चों/बुजुर्गों के लिए आदर्श। – प्राकृतिक एंटीबॉडी: रोग प्रतिरोधक।    – स्वास्थ्य बाजार: UP Mart/Amul पर डिमांड। – निर्यात: G20 गिफ्टिंग में चयन। 4. पर्यावरण अनुकूलता    – गर्मी सहनशील: 45°C तक। – कम चारा: 25-30 किग्रा हरा/5-6 किग्रा सूखा चारा। – रोग प्रतिरोधक: खुरपका-मुंहपका, ब्रूसेलोसिस।    – UP जलवायु: गर्मी/सूखे में जीवित। – कम लागत: ₹1,500 मासिक रखरखाव। 5. प्रजनन और दीर्घायु    – पहला ब्यांत: 36-40 माह। – ब्यांत अंतराल: 12-14 माह। – उम्र: 15-18 वर्ष (10+ लैक्टेशन)।    – दीर्घकालिक लाभ: 1 गाय से 10+ बछड़े। – बछड़ा मूल्य: ₹30,000-50,000। 6. आर्थिक लाभ    – गोबर: 15-20 किग्रा/दिन (खाद/गैस)। – गौमूत्र: 5-7 लीटर/दिन (पेंट/दवा)।    – अतिरिक्त आय: ₹10,000+ मासिक (गोबर पेंट)। उत्तर प्रदेश में गिर गाय का योगदान: योगी सरकार की योजनाओं से •    स्वदेशी गौ संवर्धन योजना: 2 गिर गायें + ₹80,000 अनुदान → 50 लीटर दूध/दिन। •    नंदिनी योजना: 10 गिर गायें + ₹11.80 लाख → 120 लीटर/दिन। •    NDDB-PCDF MoU: गुजरात से उच्च गुणवत्ता गिर गायें आयात, कानपुर प्लांट में प्रोसेसिंग। •    परिणाम: 38.78 मिलियन टन दूध में 10%+ गिर नस्ल योगदान। 41,000+ SHG महिलाएं लाभान्वित। प्रेरक उदाहरण: UP में गिर गाय से समृद्धि 1.    गाजीपुर के अमितेश सिंह (SC किसान):  o    2024: 2 गिर गायें + ₹80,000। o    2025: 60 लीटर दूध/दिन, ₹40,000 मासिक। A2 दूध से प्रीमियम बिक्री। 2.    झांसी SHG (मीरा देवी):  o    10 गिर गायें नंदिनी से। o    अब: ₹1 लाख मासिक, गोबर पेंट निर्यात। योगी आदित्यनाथ का उद्धरण •    लॉन्च 2023:  "गिर गाय हमारी देसी धरोहर। ₹80,000 अनुदान से किसान आत्मनिर्भर, A2 दूध से स्वास्थ्य क्रांति!" निष्कर्ष: गिर गाय – UP का दुग्ध स्वर्ण गिर गाय A2 दूध, कम रखरखाव और उच्च लाभ से योगी सरकार की डेयरी क्रांति का प्रतीक है। आवेदन करें, गिर गाय अपनाएं! जय किसान! जय उत्तर प्रदेश!

विशेष आर्टिकल- नंद बाबा दुग्ध मिशन: यूपी में डेयरी क्रांति, किसानों की आय बढ़ी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था बनी आत्मनिर्भर

लखनऊ नंद बाबा दुग्ध मिशन (Nand Baba Dugdh Mission) उत्तर प्रदेश सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है, जिसे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में 6 जून 2023 को लॉन्च किया गया। यह मिशन भगवान कृष्ण (नंद बाबा) के नाम पर नामित है, जो गौ-पालन की सांस्कृतिक परंपरा को आर्थिक शक्ति से जोड़ता है। ₹1000 करोड़ की लागत से 5 वर्षीय (2023-2028) यह योजना दुग्ध उत्पादन बढ़ाने, किसानों की आय दोगुनी करने और देसी गायों के संरक्षण पर केंद्रित है। पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह द्वारा अनावरणित, यह हर गांव में दुग्ध सहकारी समितियां गठित कर दूध का उचित मूल्य सुनिश्चित करती है। UP Dairy Policy 2022 के साथ एकीकृत, मिशन ने 2025 तक 4,922 नई समितियां स्थापित कीं, दूध उत्पादन 38.78 मिलियन टन (देश का 16%) पहुंचाया। मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना जैसे उप-योजनाओं से ₹11.80 लाख तक सब्सिडी मिल रही है, जो ग्रामीण रोजगार और महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा दे रही है। यह PM मोदी के आत्मनिर्भर भारत विजन का हिस्सा है। मिशन का उद्देश्य: दुग्ध उत्पादन से आत्मनिर्भरता तक मिशन का मुख्य लक्ष्य दुग्ध उत्पादकों को गांव स्तर पर उचित मूल्य प्रदान करना और देसी नस्लों (साहीवाल, गिर, थार पारकर) को प्रोत्साहित करना है। प्रमुख उद्देश्य: •    आय वृद्धि: किसानों की मासिक आय ₹5,000 से बढ़ाकर ₹50,000+ करना। •    संरक्षण: देसी गायों की संख्या बढ़ाना, स्ट्रे कैटल प्रबंधन। •    रोजगार: 1 करोड़+ ग्रामीण नौकरियां (विजन 2047)। •    मार्केटिंग: UP Mart लिंकेज से निर्यात बढ़ावा। •    महिला फोकस: SHG के माध्यम 41,000+ महिलाओं को जोड़ना। मिशन की प्रमुख योजनाएं: विस्तृत संरचना मिशन के तहत 4 मुख्य उप-योजनाएं संचालित हैं, जो FPOs, सहकारी संस्थाओं और निजी उद्यमियों को लाभ पहुंचाती हैं: योजना का नाम    विवरण    लाभ/सब्सिडी    लक्ष्य (2025-26) नंदिनी कृषक समृद्धि योजना    10 दुधारू देसी गायों की इकाई स्थापना; प्रशिक्षण और फीड सहायता।    ₹11.80 लाख तक (50% अनुदान, कुल लागत ₹23.60 लाख)    600 इकाइयां (प्रदेश स्तर) मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ-संवर्धन योजना    2 दुधारू देसी गायों पर फोकस; चारा/आहार इकाई स्थापना।    ₹80,000 तक अनुदान (2 गायों के लिए)    2,100 इकाइयां (75 जिलों में) मुख्यमंत्री प्रगतिशील पशुपालक प्रोत्साहन योजना    8-12 लीटर दूध वाली गाय: ₹10,000; 12+ लीटर: ₹15,000 प्रोत्साहन।    ₹10,000-₹15,000/गाय    11,000+ देसी गायें प्रारंभिक दुग्ध सहकारी समिति गठन    गांव स्तर पर समितियां; डिजिटल भुगतान और बाजार लिंकेज।    5% ब्याज सब्सिडी (₹1 करोड़ तक)    8,600+ समितियां (नई 4,922) आवेदन प्रक्रिया: •    ऑनलाइन पोर्टल: nandbabadugdhmission.up.gov.in पर रजिस्ट्रेशन। •    दस्तावेज: आधार, बैंक पासबुक, भूमि प्रमाण-पत्र। •    चयन: ई-लॉटरी + जिला समिति सत्यापन (अंतिम तिथि: 23 अगस्त 2025 मिनी नंदिनी के लिए)। •    हेल्पलाइन: 1800-XXX-XXXX (जल्द शुरू)। प्रभाव: 2025 तक ₹36 लाख करोड़ निवेश प्रस्ताव, NPA 2.5% से कम, मार्केट साइज ₹1,837 अरब (CAGR 14%)। प्रेरक उदाहरण: मिशन से जीवन परिवर्तन 1.    झांसी की बालिनी SHG (महिला समूह): नंदिनी योजना से 10 गायों की इकाई। ₹150 करोड़ टर्नओवर, 41,000 महिलाएं लाभान्वित। "मिशन ने हमें आत्मनिर्भर बनाया।" 2.    चंदौली के रामू यादव (स्वदेशी गौ-संवर्धन): 2 गायों पर ₹80,000 अनुदान। मासिक आय ₹50,000, पलायन रुका। 3.    गाजियाबाद के पशुपालक (प्रगतिशील योजना): 12 लीटर वाली गाय पर ₹15,000। 11,000 देसी गायें जिले में, आय दोगुनी। योगी आदित्यनाथ की दृष्टि: मिशन पर प्रेरक उद्धरण CM योगी ने मिशन को 'गौ-रक्षा की आर्थिक क्रांति' बताया: •    लॉन्च समारोह (6 जून 2023): "नंद बाबा मिशन से किसानों की आय दोगुनी होगी। ₹1000 करोड़ से देसी गायें संरक्षित, ग्रामीण UP आत्मनिर्भर बनेगा।" •    बजट समीक्षा 2025: "मिशन से 1 करोड़ नौकरियां। स्वदेशी गौ-संवर्धन से सांस्कृतिक धरोहर आर्थिक शक्ति बनेगी।" •    NDDB MoU (जून 2025): "नंद बाबा + डेयरी पॉलिसी से UP दूध उत्पादन में नंबर-1। महिलाओं को प्राथमिकता।" •    X पर योगी जी: #NandBabaMission – "एक गाय, एक परिवार की समृद्धि!" निष्कर्ष: नंद बाबा – UP का दुग्ध भविष्य नंद बाबा दुग्ध मिशन ने देसी गायों को आर्थिक इंजन बनाया, जहां ₹11.80 लाख सब्सिडी से लाखों किसान सशक्त हो रहे हैं। योगी सरकार का यह प्रयास विकसित भारत-2047 का आधार बनेगा। आवेदन करें, आत्मनिर्भर बनें! जय किसान! जय उत्तर प्रदेश!

म.प्र. उद्योग प्रोत्साहन और निवेश अनुकूल वातावरण तैयार करने कर रहा निरंतर प्रयास : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

म.प्र. BRAP 2024’ के अंतर्गत चार बिजनेस सेंट्रिक रिफॉर्म क्षेत्रों में टॉप एचीवर्स स्टेट के रूप में हुआ सम्मानित म.प्र. उद्योग प्रोत्साहन और निवेश अनुकूल वातावरण तैयार करने कर रहा निरंतर प्रयास : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने नई दिल्ली के उद्योग समागम में प्रदेश के नवाचारों को किया साझा केंद्रीय मंत्री गोयल ने की मध्यप्रदेश की औद्योगिक प्रगति की सराहना म.प्र. को ईज ऑफ डूइंग बिजनेस रैंकिंग में मिला शीर्ष स्थान मंत्री काश्यप ने एमएसएमई क्षेत्र में हुए विकास की दी जानकारी भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश उद्योगों को प्रोत्साहित करने और निवेश-अनुकूल वातावरण तैयार करने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने औद्योगिक विकास को नई दिशा दी है और सभी राज्यों को नवीन उद्योगों की स्थापना के लिए प्रेरित किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को नई दिल्ली में सुषमा स्वराज भवन में आयोजित ‘उद्योग समागम’ को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश को बिजनेस रिफार्म एक्शन प्लान (BRAP)-2024’ के अंतर्गत चार बिजनेस सेंट्रिक रिफॉर्म क्षेत्रों Business Entry, Labour Regulation Enablers, Land Administration और Services Sector में ‘Top Achiever State’ के रूप में सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह पुरस्कार केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री गोयल से प्राप्त किया। यह सम्मान राज्य की पारदर्शी औद्योगिक नीतियों और निवेशकों में विश्वास के वातावरण का प्रतीक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश ने Ease of Doing Business को केवल नीतिगत सुधारों तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उसे Speed, Scale और Skill of Doing में बदल दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की इंडस्ट्रियल ग्रोथ रेट उल्लेखनीय रूप से बढ़ी है। राज्य के सभी क्षेत्रों में रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव आयोजित किए गए हैं, जिससे स्थानीय उद्यमिता को बल मिला है। उन्होंने बताया कि पहली बार ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS) का सफल आयोजन राजधानी भोपाल में किया गया, जिससे मध्यप्रदेश की औद्योगिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर सशक्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने जनविश्वास अधिनियम से कानूनों की जटिलताओं को सरल बनाया है और निवेशकों में भरोसे का वातावरण स्थापित किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में MP e-Seva Portal से 56 विभागों की 1700 से अधिक सेवाएं एक मंच पर उपलब्ध कराई गई हैं, जिससे निवेशकों को पारदर्शी, तीव्र और सुगम प्रक्रिया का लाभ मिल रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश ने अपने नवाचारों, डिजिटल सेवाओं और निवेश-अनुकूल दृष्टिकोण से एक आदर्श स्थापित किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश में MSME क्षेत्र तेजी से विस्तार कर रहा है और आईटी सहित सभी औद्योगिक क्षेत्रों को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार ठोस कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री ने उद्योग समागम के आयोजन और सभी राज्यों को उद्योगों को प्रोत्साहित करने की दिशा में प्रेरित करने के लिये केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल का आभार माना। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री गोयल ने ‘उद्योग समागम’ में राज्यों के प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि भारत की औद्योगिक प्रगति केंद्र और राज्यों के समन्वित प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने Business Reform Action Plan (BRAP) 2026 गाइड बुक का विमोचन किया। उन्होंने कहा कि यह केवल सुधारों का दस्तावेज़ नहीं बल्कि ‘गुड गवर्नेंस और विश्वास आधारित नीति-निर्माण’ का उदाहरण है। केन्द्रीय मंत्री गोयल ने कहा कि राज्य सरकारों के बीच अनुभवों का यह साझा मंच भारत को विकसित भारत @2047 के लक्ष्य की ओर आगे बढ़ने के लिये गति प्रदान कर रहा है। एमएसएमई मंत्री काश्यप का संबोधन एमएसएमई मंत्री चैतन्य कुमार काश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश उद्योग और रोजगार के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति कर रहा है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 को राज्य सरकार ‘उद्योग एवं रोजगार वर्ष’ के रूप में मना रही है। उन्होंने कहा कि जनविश्वास बिल 2024 के तहत पांच विभागों के आठ अधिनियमों की 64 धाराओं में संशोधन कर प्रक्रियाओं को सरल बनाया गया है। मंत्री काश्यप ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी की उपस्थिति में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2025 के दौरान 18 नई औद्योगिक नीतियों का विमोचन किया गया तथा धार में देश के सबसे बड़े पीएम मित्रा टेक्सटाइल पार्क का शिलान्यास हुआ। उन्होंने कहा कि InvestMP Portal और Single Window System से निवेशकों को सभी आवश्यक अनुमतियां एक ही मंच पर उपलब्ध कराई जा रही हैं। कॉन्फ्रेंस में BRAP 2026 गाइड बुक का विमोचन किया गया। केंद्रीय मंत्री गोयल ने राज्यों के उद्योग मंत्रियों से संवाद किया। इस संवाद सत्र में मध्यप्रदेश, गुजरात, राजस्थान, महाराष्ट्र, असम, हरियाणा, केरल, तमिलनाडु, ओडिशा, उत्तरप्रदेश, त्रिपुरा, आंध्रप्रदेश, छत्तीसगढ़, गोवा, दिल्ली और नागालैंड के उद्योग मंत्रियों ने अपने राज्यों के नवाचार और उपलब्धियाँ साझा कीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के संबोधन के बाद मध्यप्रदेश की औद्योगिक प्रगति, नीतिगत सुधारों और निवेश संवर्धन के नवाचारों पर आधारित ऑडियो-वीडियो प्रस्तुति की गई। इस प्रस्तुति में जनविश्वास अधिनियम, SAMPADA 2.0, Cyber Tehsil, RCMS और Labour Case Management System जैसे नवाचारों को प्रभावी ढंग से प्रदर्शित किया। कार्यक्रम के अंत में BRAP Felicitation Ceremony का आयोजन हुआ, जिसमें केन्द्रीय मंत्री गोयल ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले राज्यों को सम्मानित किया। समारोह में नीति आयोग, डीपीआईआईटी, राज्य सरकारों, उद्योग संगठनों और निवेशक संस्थानों के वरिष्ठ प्रतिनिधि उपस्थित रहे। इन्वेस्ट एमपी पोर्टल और एकल-विंडो प्रणाली प्रदेश का इन्वेस्ट एमपी पोर्टल, एकल-विंडो प्रणाली, ऑनलाइन मंजूरी और डिजिटल सुविधा सेवाएं प्रदान करती है। राज्य ने 2,600 से अधिक अनुपालनों को युक्तिसंगत या डिजिटाइज़ किया है और 925 पुराने कानूनी प्रावधानों को निरस्त किया है। इसके अलावा 26 अधिनियमों में 108 प्रावधानों को अपराधमुक्त किया गया है, जो दंडात्मक अनुपालन प्रवर्तन से सुविधा-आधारित दृष्टिकोण में बदलाव को दर्शाता है। इन सुधारों का उद्देश्य नियामक प्रक्रियाओं को सरल बनाना, पारदर्शिता बढ़ाना और उत्तरदायित्व को बढ़ावा देना है, जिससे मध्यप्रदेश निवेशकों और उद्योगों के लिए एक आकर्षक गंतव्य बन जाए। मध्यप्रदेश: निवेश के लिए एक उभरता हुआ केंद्र मध्यप्रदेश ने व्यापार-अनुकूल वातावरण बनाने में एक बड़ा कदम उठाया है, जिससे राज्य के निवेश क्लाइमेट में परिवर्तन आया है। राज्य के श्रम सुधार गेम-चेंजर हैं, जो महिलाओं को सभी क्षेत्रों में रात की शिफ्टों में काम करने की अनुमति देते हैं, साथ ही काम के घंटों और ओवरटाइम प्रावधानों को युक्तिसंगत बनाकर उत्पादकता और प्रतिस्पर्धात्मकता … Read more

नई शिक्षा नीति के उद्देश्यों की पूर्ति में सहायक बनेगी करियर एक्ज़ीबिशन-कम-कॉन्फ्रेंस

नई शिक्षा नीति के लक्ष्यों को हासिल करने में कॅरियर एक्जीविशन-कम-कॉन्फ्रेंस का आयोजन महत्वपूर्ण मॉडल स्कूल टी.टी. नगर में विद्यार्थियों से किया गया संवाद भोपाल मॉडल हायर सेकेण्डरी स्कूल टी.टी. नगर, भोपाल में मंगलवार को बच्चों को पढ़ाई के साथ उनमें व्यावसायिक क्षमता विकसित करने के उद्देश्य से कॅरियर एक्जीविशन-कम-कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बच्चों के साथ कॅरियर विकल्पों, वैश्विक शैक्षणिक अवसरों और भविष्य की कौशल आवश्यकताओं की जानकारी दी गयी। विषय-विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों से संवाद कर उन्हें प्रोत्साहित किया। कार्यक्रम में उद्घाटन सत्र में मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मण्डल की अध्यक्ष मती स्मिता भारद्वाज ने कहा कि कॅरियर केवल विषय चयन नहीं, बल्कि आत्मचेतना, क्षमता और अवसरों की समझ पर आधारित एक महत्वपूर्ण निर्णय है। इस प्रकार की प्रदर्शनियाँ विद्यार्थियों को उनकी वास्तविक संभावनाओं से सीधे तौर पर जोड़ती हैं। विद्यालय की प्राचार्य मती रेखा शर्मा ने बच्चों से संवाद करते हुए कहा कि कॅरियर जागरूकता भविष्य का मूल आधार है। हमारा उद्देश्य विद्यार्थियों को ज्ञान, कौशल और सही दिशा तीनों से समर्थ बनाना है। यह प्रदर्शनी विद्यार्थियों के लिये वास्तविक अवसरों और चुनौतियों का परिचय कराती हैं। प्रदर्शनी में देश के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों और नेशनल-इंटरनेशनल शैक्षणिक संस्थानों ने सक्रिय रूप से सहभागिता की। स्टॉलों पर विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के विकल्प, प्रवेश प्रक्रियाएँ, स्कॉलरशिप अवसर, इमर्जिंग कॅरियर फील्ड्स और कम्पेटिटिव एक्जाम से संबंधित जानकारी प्रदान की गयी। विद्यालय की काउंसल द्वारा तैयार किये गये कॅरियर आधारित मॉडल्स, चार्ट्स, पोस्टर्स एवं इंटरेक्टिव आकर्षण का केन्द्र रहे। इनमें फिजिक्स, केमेस्ट्री, मेथ्स, बॉयोलॉजी, वाणिज्य, मानविकी के साथ सायबर सिक्यूरिटी, डिफेंस सर्विसेस, एविएशन, क्रिएटिव ऑर्ट्स और डिजाइन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र शामिल थे। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना और स्किल इण्डिया की भावना के अनुरूप विद्यार्थियों ने ऑर्ट एण्ड क्रॉफ्ट, माटीकला, पेंटिंग, ज्वेलरी डिजाइन, हेण्डीक्रॉफ्ट और एन्त्रप्रेन्योरशिप जैसे कौशल आधारित स्टॉल लगाये। इन स्टॉलों में अभिभावकों और विद्यार्थियों ने जानकारी प्राप्त की।  

भारतीय निशानेबाज़ी का स्वर्ण अध्याय — ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर ने रचा इतिहास

विश्व मंच पर भारतीय शूटिंग की गूंज, ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर ने वर्ल्ड चैंपियनशिप में रचा इतिहास खेल एवं युवा कल्याण मंत्री  सारंग ने दी शुभकामनाएं भोपाल  भारतीय शूटिंग को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाते हुए ओलंपियन एवं मध्यप्रदेश के स्टार निशानेबाज़ ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर ने काहिरा (मिस्र) में आयोजित, आईएसएसएफ विश्व चैंपियनशिप 2025 में पुरुषों की 50 मीटर राइफल थ्री पोज़िशन्स स्पर्धा में रजत पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया। उन्होंने क्वालिफिकेशन राउंड में 597-40X के अभूतपूर्व स्कोर से विश्व रिकॉर्ड की बराबरी की, जो भारतीय शूटिंग इतिहास का एक ऐतिहासिक क्षण माना जा रहा है। खेल एवं युवा कल्याण मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग ने हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। फ़ाइनल मुकाबले में ऐश्वर्य ने 466.9 अंक हासिल करते हुए केवल 0.2 अंक के अंतर से स्वर्ण पदक से चूक गए। चीन के युकुन लियू ने 467.1 अंक के साथ स्वर्ण पदक जबकि फ्रांस के रोमैन् ऑफ़्रेर ने 454.8 अंक के साथ कांस्य पदक जीता। यह उपलब्धि ऐश्वर्य के करियर का पहला सीनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप रजत पदक है, जो उन्हें आगामी ओलंपिक खेलों के लिए मजबूत दावेदार बनाता है। भारत के ही अन्य निशानेबाज़ नीरेज कुमार ने भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। उन्होंने क्वालिफिकेशन में 592 अंकों के साथ फ़ाइनल में जगह बनाई और 432.6 अंक प्राप्त कर पाँचवाँ स्थान हासिल किया। यह पदक ऐश्वर्य को आगामी होने वाले ओलंपिक के लिए अत्यधिक मददगार साबित होगा।  

राष्ट्रीय जल पुरस्कार: खरगोन बना देश का सर्वश्रेष्ठ जिला, कावेश्वर सर्वश्रेष्ठ ग्राम पंचायत — CM डॉ. यादव ने दी बधाई

राष्ट्रीय जल पुरस्कार: खरगोन बना देश का सर्वश्रेष्ठ जिला, कावेश्वर सर्वश्रेष्ठ ग्राम पंचायत — CM डॉ. यादव ने दी बधाई म.प्र. का जल प्रबंधन में जलवा — खरगोन और कावेश्वर को राष्ट्रीय सम्मान, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जताई खुशी भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 6वें राष्ट्रीय जल पुरस्कार के अंतर्गत पश्चिम क्षेत्र के लिए सर्वश्रेष्ठ जिला श्रेणी में खरगोन जिले को प्रथम और सर्वश्रेष्ठ ग्राम पंचायत श्रेणी में खंडवा जिले की कावेश्वर पंचायत (संयुक्त विजेता) को द्वितीय पुरस्कार मिलने पर स्थानीय नागरिकों, जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि खरगोन जिले को प्रथम और खंडवा जिले की कावेश्वर पंचायत को द्वितीय पुरस्कार (संयुक्त रूप से) की घोषणा अभिनंदनीय है। राष्ट्रपति मती द्रौपदी मुर्मु 18 नवम्बर,2025 को नई दिल्ली में पुरस्कार प्रदान करेंगी। राष्ट्रीय स्तर पर प्रत्येक विजेता को प्रशस्ति पत्र और ट्रॉफी के साथ-साथ विभिन्न श्रेणियों में नगद पुरस्कार भी प्रदान किए जाएंगे। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री  सी.आर. पाटिल ने मंगलवार को नई दिल्ली स्थित श्रम शक्ति भवन में 6वें राष्ट्रीय जल पुरस्कारों के विजेताओं की घोषणा की। जल शक्ति मंत्रालय के अंतर्गत जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण विभाग ने वर्ष 2024 के लिए 6वें राष्ट्रीय जल पुरस्कारों के लिए संयुक्त विजेताओं सहित 46 विजेताओं की घोषणा की है। ये पुरस्कार 10 श्रेणियों में दिए जाएंगे- जिनमें सर्वश्रेष्ठ राज्य, सर्वश्रेष्ठ जिला, सर्वश्रेष्ठ उद्योग, सर्वश्रेष्ठ जल उपयोगकर्ता संघ, सर्वश्रेष्ठ संस्थान (विद्यालय या महाविद्यालय के अलावा), सर्वश्रेष्ठ नागरिक समाज और जल क्षेत्र में उत्कृष्टता के लिए सर्वश्रेष्ठ व्यक्ति शामिल हैं।