samacharsecretary.com

कुश्ती जगत में हलचल: WFI ने हटाया दोनों खिलाड़ियों पर लगा बैन, जानें पूरी कहानी

चंडीगढ़  भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) ने ओलंपिक पदक विजेता अमन सहरावत और जूनियर पहलवान नेहा सांगवान पर लगा निलंबन हटा लिया। इन दोनों पहलवानों को इस साल की शुरुआत में प्रमुख अंतरराष्ट्रीय चैंपियनशिप में अधिक वजन का पाए जाने के कारण प्रतिबंधित कर दिया गया था। इस फैसले का मतलब है कि दोनों पहलवान प्रो रेसलिंग लीग (पीडब्ल्यूएल) के आगामी चरण की नीलामी में भाग ले सकेंगे। पेरिस खेलों के कांस्य पदक विजेता अमन को सितंबर में क्रोएशिया के जगरेब में विश्व चैंपियनशिप के दौरान अधिक वजन के कारण निलंबित कर दिया गया था जबकि नेहा को अगस्त में बुल्गारिया के समोकोव में जूनियर विश्व चैंपियनशिप से अयोग्य घोषित किए जाने के बाद निलंबन सामना करना पड़ा था। दोनों पहलवानों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। अमन को 22 सितंबर और नेहा को 25 अगस्त को भेजे गए नोटिस के जवाब क्रमशः 28 सितंबर और 18 सितंबर को प्राप्त हुए। जगरेब प्रतियोगिता के लिए नियुक्त कोचों को भी नोटिस जारी किए गए थे। डब्ल्यूएफआई के अनुसार पहलवानों ने अपने लिखित बयान में इस घटना को अपनी पहली गलती बताया और महासंघ को आश्वासन दिया कि इस तरह के उल्लंघन दोबारा नहीं होंगे। डब्ल्यूएफआई अनुशासन समिति की 13 नवंबर को हुई बैठक में इन दोनों के जवाबों की जांच की गई और पाया गया कि दोनों पहलवानों का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन शानदार रहा है। इसलिए समिति ने उनकी पिछली उपलब्धियों को देखते हुए उनके प्रति नरम रुख अपनाने की सिफारिश की। डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष संजय कुमार सिंह ने सिफारिश को स्वीकार करते हुए उनके निलंबन को हटाने और उन्हें भविष्य की सभी प्रतियोगिताओं में भाग लेने की अनुमति देने का आदेश जारी किया। महासंघ ने हालांकि चेताया कि भार प्रबंधन या अनुशासन से संबंधित किसी भी उल्लंघन के बार बार किए जाने पर कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।  

दिल्ली धमाके की गुत्थी सुलझी! पठानकोट का डॉक्टर गिरफ्तार, अल-फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़ाव आया सामने

पठानकोट  दिल्ली ब्लास्ट की साजिश सिर्फ हरियाणा में ही नहीं रची गई थी, बल्कि पंजाब तक इसके तार जुड़े थे। इस मामले में अब पंजाब के पठानकोट के मामून कैंट में काम करने वाले एक डॉक्टर को इंटेलिजेंस ब्यूरो के इनपुट पर गिरफ्तार किया गया है। शनिवार देर रात उसे पकड़ा गया। उसकी पहचान जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग के रहने वाले 45 वर्षीय रईस अहमद भट्ट के रूप में हुई है। वह 4 साल फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी में भी काम कर चुका है और अब भी इस यूनिवर्सिटी के अपने कई फेलो के संपर्क में था। यह भी पता चला है कि डॉक्टर रईस भट्ट का दिल्ली विस्फोट के मुख्य आरोपी डॉक्टर उमर के साथ भी संपर्क था।   डॉ. रईस अहमद भट्ट को किस जांच एजेंसी ने गिरफ्तार किया है, ये अभी तक पता नहीं चला है। यहां तक कि लोकल पुलिस को भी इसकी भनक नहीं लगी। लेकिन पठानकोट के इस मेडिकल कॉलेज के प्रबंधक ने गिरफ्तारी की पुष्टि की है। पठानकोट के मामून कैंट इलाके में व्हाइट मेडिकल कॉलेज है। यहां के प्रबंधक स्वर्ण सलारिया ने बताया कि डॉ. भट्ट को देर रात अज्ञात एजेंसी की ओर से गिरफ्तार किया गया। वह यहां तीन साल से बतौर सर्जन काम कर रहा था। वह एमबीबीएस, एमएस, एफएमजी और सर्जरी का प्रोफेसर था। अल-फलाह यूनिवर्सिटी में 4 साल रहा इससे पहले वह चार साल तक फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी में भी काम कर चुका है। सबसे गंभीर बात ये है कि डॉ. रईस की गिरफ्तारी पठानकोट के केंट इलाके से हुई है। पाकिस्तान की सीमा से लगा पंजाब का पठानकोट बेहद संवेदनशील शहर है। यहां के एयर फोर्स स्टेशन पर घातक आतंकी हमला हो चुका है। आपरेशन सिंदूर में भी पठानकोट पाकिस्तान के निशाने पर रहा था। डॉ. रईस तक ऐसे पहुंची जांच एजेंसी अल-फलाह यूनिवर्सिटी में सामने आए व्हाइट कॉलर आतंकी मॉड्यूल में जांच एजेंसी मौजूदा डॉक्टरों व स्टॉफ के अलावा पुराने लोगों को भी चेक कर रही है। जांच कर रही टीम ने यूनिवर्सिटी कैंपस में पहुंचकर ये पता लगाया कि यहां पहले कौन डॉक्टर व स्टॉफ काम कर चुके हैं। इसमें टीम ने पूछा कि वे लोग कितने समय पहले यहां से छोड़कर जा चुके हैं। उनके यहां से छोड़ने के कारण का भी पता किया गया कि वे किन वजहों से छोड़कर गए और वे कहां के रहने वाले थे। सभी के नाम, नंबर और यूनिवर्सिटी परिसर में कार्यरत रहने के दौरान उनके पद के अनुसार डिटेल ली गई थी। इसी डिटेल के आधार पर टीम पठानकोट में चल रहे मेडिकल कॉलेज तक पहुंची और डॉ. रईस अहमद भट्ट को गिरफ्तार किया।

बिहार चुनाव परिणाम पर शेखावत का बयान—‘जनता ने सच का साथ दिया’

जोधपुर केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत शनिवार को जोधपुर पहुंचे। एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों, जम्मू-कश्मीर विस्फोट और अंता उपचुनाव सहित कई मुद्दों पर विस्तृत प्रतिक्रिया दी। केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी और एनडीए गठबंधन के सभी घटक दलों ने इस चुनाव में मजबूत एकजुटता का परिचय दिया और सामूहिक संगठन शक्ति का उपयोग करते हुए चुनाव लड़ा। उन्होंने कहा कि बिहार के चुनाव में मुख्य मुकाबला ‘जंगल राज बनाम विकास’ के बीच था, और जनता ने जब चुनाव का समय आया, तो प्रचंड बहुमत देकर यह संदेश दिया कि अब देश की राजनीति का मुख्य आधार केवल और केवल विकास होगा। उन्होंने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि झूठे नैरेटिव गढ़कर, वोट चोरी जैसे अर्थहीन और आधारहीन आरोप लगाकर, संवैधानिक संस्थाओं पर लांछन लगाने वालों को जनता ने इस चुनाव में सख्त संदेश दिया है। शेखावत ने कहा कि देश में कई बार जनता ने सरकार बदलने के लिए घर से बाहर निकलकर अधिक मतदान किया, लेकिन इस बार जनता ने नकारात्मक और झूठ की राजनीति का जवाब देने के लिए लगभग 10% अधिक मतदान किया और एनडीए को प्रचंड बहुमत दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और राजद के नेताओं ने चुनाव को हल्के स्तर पर ले जाने की कोशिश की। माननीय प्रधानमंत्री की माता जी से लेकर छठ मैया तक को उन्होंने नहीं बख्शा। बिहार की जनता ने इनके मुंह पर तमाचा मारकर जवाब दिया है। उन्होंने दावा किया कि जो दल सरकार बनाने की बातें कर रहे थे, वे दहाई के आंकड़े तक नहीं पहुंच पाए। शेखावत ने आगे कहा कि एनडीए के सभी घटक दल भाजपा, जदयू, लोजपा और जीतन राम मांझी की पार्टी ‘हम’ ने एक-दूसरे का समर्थन करते हुए 80 से 90% स्ट्राइक रेट हासिल किया। आतंकवाद पर सरकार का जीरो टॉलरेंस जम्मू-कश्मीर में हुए विस्फोट पर प्रतिक्रिया देते हुए शेखावत ने कहा कि अभी तक पुख्ता जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन दिल्ली हादसे से पहले ही सभी एजेंसियां पूरी सतर्कता के साथ काम कर रही थीं। उन्होंने कहा कि हादसा दुर्भाग्यपूर्ण है, लेकिन उससे पहले 2900 किलो विस्फोटक की बरामदगी ने एक बड़े नुकसान को टाल दिया। शेखावत ने कहा, “सरकार का संकल्प है कि आतंकवाद के प्रति हमारा जीरो टॉलरेंस है। ऐसे कृत्यों को अंजाम देने वाले, चाहे देश के भीतर हों या बाहर, उन्हें निश्तेनाबूत किया जाएगा।” अंता उपचुनाव पर कही ये बात अंता उपचुनाव पर शेखावत ने कहा कि उपचुनाव कई मुद्दों से जुड़े होते हैं और इन्हें सामान्य चुनाव की तरह नहीं देखा जा सकता। उन्होंने कहा कि अंता सीट ज्यादातर समय भाजपा के पास रही है, लेकिन जो भी कारण रहे हैं, वह आत्म अवलोकन का विषय है। शेखावत ने कहा, “हम सभी इस पर विचार करेंगे और आगे इस बात पर काम करेंगे कि भाजपा सरकार की नीतियों का प्रभाव देश की जनता के हृदय तक पहुँचे।”  

झारखंड के 25वें स्थापना दिवस पर प्रधानमंत्री ने दी बधाई

रांची मोदी ने जनजातीय अधिकार नेता एवं स्वतंत्रता सेनानी बिरसा मुंडा की विरासत को याद करते हुए कहा, ‘‘जनजातीय संस्कृति से समृद्ध गौरवशाली प्रदेश झारखंड के सभी निवासियों को राज्य के स्थापना दिवस की बहुत-बहुत शुभकामनाएं। भगवान बिरसा मुंडा जी की इस धरती का इतिहास साहस, संघर्ष और स्वाभिमान की गाथाओं से भरा हुआ है।'' प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा, ‘‘आज इस विशेष अवसर पर मैं राज्य के अपने सभी परिवारजनों के साथ ही यहां की प्रगति और समृद्धि की कामना करता हूं।'' झारखंड 2000 में बिहार से अलग करके बनाया गया था। 15 नवंबर को राज्य का स्थापना दिवस होने के साथ ही आदिवासी नेता बिरसा मुंडा की जयंती भी है। 

फ्री मेडिकल ट्रीटमेंट स्कीम लागू: पंजाब सरकार ने बताए पात्रता नियम

चंडीगढ़ पंजाब सरकार ने राज्य के सभी नागरिकों को स्वास्थ्य बीमा कवरेज प्रदान करने के लिए एक ऐतिहासिक पहल की है। इस महत्वपूर्ण कदम के तहत, पंजाब के लगभग 65 लाख परिवारों (लगभग 6.5 करोड़ लोग) को प्रति परिवार 10 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा कवर दिया जा रहा है। पंजाब अब दुनिया का पहला ऐसा राज्य बनने की ओर अग्रसर है जिसने न केवल सार्वभौमिक स्वास्थ्य सेवा की बात की है, बल्कि इसे प्रदान करने के साधन भी उपलब्ध कराए हैं। यह योजना जल्द ही पूरे पंजाब में लागू की जाएगी। खास बात यह है कि इस योजना के लिए किसी आय प्रमाण पत्र या राशन कार्ड की आवश्यकता नहीं होगी। पंजाब के निवासी होने का सत्यापन करने के लिए केवल आधार कार्ड या मतदाता पहचान पत्र ही कैशलेस इलाज के लिए स्वास्थ्य कार्ड बन जाएगा। सरकारी कर्मचारी, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और आशा कार्यकर्ता भी इस योजना के दायरे में आएंगे। मुख्यमंत्री भगवंत मान का कहना है कि अब कोई नीला, पीला कार्ड नहीं देखा जाएगा, जो भी पंजाब का निवासी है, उसे इस योजना के तहत इलाज मिलेगा। इस योजना के तहत सरकारी और निजी अस्पतालों में हर बीमारी का मुफ्त इलाज किया जाएगा। 

खराब सड़क निर्माण पर सख्त हाईकोर्ट: NHAI को नोटिस, सड़क सुधारने के निर्देश

  इंदौर  मध्यप्रदेश के हाईकोर्ट की इदौर खंडपीठ ने NHAI (National Highways Authority of India भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण) के बनाए गए 8.5 किलोमीटर के हाईवे (सड़क) को लेकर लगी याचिका मामले में 15 दिसंबर तक जवाब मांगा है। गड्ढों के कारण हो रहे हादसे याचिकाकर्ता के एडवोकेट के मुताबिक 106 करोड रुपए की लागत से बनी सड़क 6 महीने में उखड़कर गड्ढे में तब्दील हो गई है। मामले में इंदौर हाईकोर्ट ने NHAI से 15 दिसंबर तक जवाब मांगा है। याचिका में बताया गया है कि सड़क पर हुए गड्ढों के कारण हादसे हो रहे हैं। इंदौर सेंधवा हाईवे का मामला इंदौर हाईकोर्ट ने NHAI को सड़क ठीक करने के निर्देश दिए हैं। साल 2009 से 2024 के बीच 3000 से ज्याद एक्सीडेंट में 450 से ज्यादा मौतें हो चुकी है। घाट को कम करने के लिए 8.5 किलोमीटर का रोड का निर्माण किया था। जनहित याचिका लगने के बाद ही इंदौर सेंधवा हाईवे का यह रोड बनाया गया था।

नीतीश कुमार के संभावित इस्तीफे की अटकलें: नया शपथ ग्रहण कब होगा?

पटना बिहार विधानसभा चुनाव में सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने तीन चौथाई से भी बड़े बहुमत के साथ राज्य के चुनावी इतिहास में अभूतपूर्व तथा अप्रत्याशित जीत दर्ज की है और विपक्षी महागठबंधन का सूपड़ा साफ हो गया है। कुल 243 सदस्यीय विधान सभा के चुनाव की शुक्रवार को हुई मतगणना में अब तक प्राप्त नतीजों और रुझानों में राजग को 202 और महागठबंधन को 35 सीटें मिली हैं जबकि छह सीटों पर अन्य उम्मीदवार विजय हुए हैं। वहीं अब बिहार के सियासी गलियारों में नई सरकार का गठन कब होगा, इस विषय पर चर्चा चल रही है। नीतीश कुमार 10वीं बार लेंगे CM पद की शपथ? बता दें कि वर्तमान विधानसभा का कार्यकाल 22 नवंबर तक है। अटकलें लगाई जा रही हैं कि सीएम नीतीश कुमार आज राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खां मुलाकात कर मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा सौंप सकते है। साथ ही शपथ ग्रहण समारोह को लेकर भी चर्चा कर सकते है। उम्मीद है कि अगले हफ्ते तक 18वीं विधानसभा का गठन हो सकता है। NDA ने बिहार विधानसभा की 243 सीटों में से 202 सीटों पर कब्जा करते हुए प्रचंड जीत हासिल की। इसी रिकार्ड तोड़ जीत के साथ नीतीश कुमार 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने को तैयार हैं। हालांकि, अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। गौरतलब हो कि बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने सबसे अधिक वोट प्रतिशत हासिल किया है। Election Commission Data के अनुसार RJD को 23% वोट शेयर मिला, जबकि BJP को 20.08% और JDU को 19.25% वोट मिले। इसके बावजूद दोनों एनडीए दलों ने आरजेडी से कहीं ज्यादा सीटें जीत लीं। RJD का वोट प्रतिशत ज्यादा होना उसकी सत्ता तक की दूरी को कम नहीं कर सका क्योंकि— उसने सबसे ज्यादा सीटों पर उम्मीदवार उतारे। कई सीटों पर बड़ा मार्जिन मिला पर सीटें नहीं बढ़ीं। महागठबंधन का कुल वोट शेयर NDA के मुकाबले काफी कम था। BJP-JDU का रणनीतिक सीट प्रबंधन ज्यादा कारगर रहा। यही वजह है कि RJD Highest Vote Share Winner होने के बावजूद Seat Tally में कमजोर साबित हुई।

DDPO की रीडर गिरफ्तार, ऐसा फर्जीवाड़ा कि सुनकर रह जाएंगे स्तब्ध

चंडीगढ़ विजिलेंस ब्यूरो ने डी.डी.पी.ओ. जालंधर की रीडर राजवंत कौर को गिरफ्तार किया है। उसने जालंधर जिले के ढड्डा गांव के एक शिकायतकर्ता से 50,000 रुपये की रिश्वत मांगी थी। शिकायतकर्ता, जो ढड्डा गांव की सरपंच है, द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत की जांच की गई। ढड्डा गांव में बनी धर्मशाला को वाल्मीकि समिति ने अपने कब्जे में ले लिया था, जिसके बाद ग्राम पंचायत ने डी.डी.पी.ओ. जालंधर में मामला दर्ज कराया। जांच के दौरान, यह बात सामने आई कि राजवंत कौर ने धर्मशाला मामले में अपने पक्ष में आदेश प्राप्त करने के बदले में शिकायतकर्ता से 50,000 रुपये की रिश्वत मांगी थी। आरोपी ने शिकायतकर्ता और अन्य गवाहों से 50,000 रुपये की रिश्वत ले ली। रिश्वत लेते समय की घटना की वीडियो रिकॉर्डिंग भी की गई। विजिलेंस ब्यूरो रेंज पुलिस स्टेशन, जालंधर में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। 

पुलिस विभाग में खुशखबरी: 54 सब-इंस्पेक्टर्स को मिला प्रमोशन

रांची  झारखंड पुलिस के 54 सब इंस्पेक्टरों को इंस्पेक्टर पद पर प्रोन्नति दी गई है। यह प्रोन्नति पुलिस महानिदेशक (DGP) द्वारा जारी आदेश के तहत दी गई है। इस आदेश में साफ कहा गया है कि प्रोन्नति केवल उन्हीं सब इंस्पेक्टर्स को मिलेगी जिनके खिलाफ न्यायालय में कोई मामला विचाराधीन नहीं है। अगर किसी नवप्रोन्नत इंस्पेक्टर के खिलाफ कोई आपराधिक मामला चल रहा हो, विभागीय कार्यवाही लंबित हो या पिछले तीन वर्षों के अंदर उन्हें कोई बड़ा दंड मिला हो, तो उनकी प्रोन्नति रोक दी जाएगी। ऐसे मामलों की जानकारी संबंधित नियंत्री पदाधिकारी डीआईजी को देंगे ताकि उचित कारर्वाई की जा सके।       इन 54 आईआरबी सब इंस्पेक्टर (स) को इंस्पेक्टर(स) रैंक में मिली प्रोन्नति उनमें से विजय पासवान, जूनू हेंब्रम, बांडा उरांव, विद्यासागर पाल, महावीर सिंह, ध्रुव कुमार मिश्रा, रस्सीलाल मुर्मू, मनोज कुमार, सहदेव सोरेन, गोबिंद मरांडी, योगानंद झा, जगदेव मोची, बालेश्वर उरांव, वेंकट रमन, गणेश मुर्मू, सुशील बेसरा, महावीर किस्कू, राजदेव भैया, राजेश कुमार सिंह, फलेश्वर महतो, गोपाल शरण, सनातन हेंब्रम, राघवेंद्र कुमार, अमोद कुमार, प्रभाष कर्मकार, सदानंद झा, श्रीकांत दुबे, मनोज हरिजन, निरंजन चौधरी, सुरेंद्र सिंह, राजेश यादव, अजय कुमार, अक्षय झा, विभूति हांसदा, सुशील मरांडी, डेविड विल्सन लकड़ा, सुनीराम मरांडी, नुनूराम महरा, दामोदर सिंह, जोहन मरांडी, जयमंगल मुर्मू, कमलेश्वर राम, हेंगल बास्की, हरेन हेंब्रम, प्रकाश बैठा, लडडू गोपाल मरांडी, बलेकिशोर टुडू, सुखानी जमुदा, गौर चन्द कोल, रोहित रंजन और मधुसूदन प्रसाद शामिल है।  

RR कप्तान संजू सैमसन का दिल छू लेने वाला संदेश, लिखा– टीम के लिए सब कुर्बान किया

नई दिल्ली  संजू सैमसन राजस्थान रॉयल्स का साथ छोड़ आईपीएल 2026 से पहले चेन्नई सुपर किंग्स की टीम में शामिल हो गए हैं। बीसीसीआई आज यानी शनिवार, 15 नवंबर को आईपीएल रिटेंशन 2026 के आखिरी दिन सभी ट्रेड्स का ऐलान कर दिया है। संजू सैमसन एक तरफ चेन्नई सुपर किंग्स की टीम में शामिल हुए हैं, वहीं सीएसके के मुख्य खिलाड़ी रवींद्र जडेजा आरआर में सैम कुर्रन के साथ गए हैं। राजस्थान रॉयल्स से अलग होने के बाद सैमसन ने सोशल मीडिया पर एक इमोशनल पोस्ट किया है, जो इस समय तेजी से वायरल हो रहा है। संजू सैमसन ने इंस्टाग्राम पर लिखा, “'हम यहां बस कुछ ही समय के लिए हैं', इस फ्रैंचाइजी को अपना सब कुछ दिया, बेहतरीन क्रिकेट का आनंद लिया, कुछ जीवन भर के रिश्ते बनाए, फ्रैंचाइजी के सभी लोगों को अपने परिवार की तरह माना..और जब समय आएगा..मैं आगे बढ़ जाऊंगा..हर चीज के लिए हमेशा आभारी रहूंगा।" बीसीसीआई ने संजू सैमसन के ट्रेड की जानकीर देते हुए लिखा, राजस्थान रॉयल्स (आरआर) के कप्तान और भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज संजू सैमसन अब अपनी मौजूदा 18 करोड़ रुपये की लीग फीस पर चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) का प्रतिनिधित्व करेंगे। लीग के सबसे अनुभवी खिलाड़ियों में से एक, सैमसन ने 177 आईपीएल मैच खेले हैं। सीएसके उनके करियर की सिर्फ तीसरी फ्रैंचाइजी होगी। 2013 में आईपीएल में डेब्यू करने के बाद से, इस सीनियर खिलाड़ी ने दो सीजन—2016 और 2017—को छोड़कर सभी सीजन में राजस्थान रॉयल्स का प्रतिनिधित्व किया है। 2016-17 में वह दिल्ली के लिए खेले थे। संजू सैमसन एक दशक से भी ज्यादा समय से राजस्थान रॉयल्स का चेहरा रहे हैं और उन्होंने 11 सीजन में इस फ्रैंचाइज़ी का प्रतिनिधित्व किया है। 2013 में RR में शामिल होने के बाद, वह जल्द ही उनके प्रमुख खिलाड़ियों में से एक बन गए और 2014 सीज़न से पहले, सिर्फ 19 साल की उम्र में, उन्हें टीम में रिटेन किया गया। RR के दो साल के निलंबन (2016-17) के बाद, सैमसन 2018 में लौटे और 2021 में कप्तानी संभाली। उनके नेतृत्व और टीम निदेशक कुमार संगकारा के मार्गदर्शन में, RR 2022 में IPL के फाइनल में पहुंची, जो 2008 में पहला खिताब जीतने के बाद उनका पहला खिताबी मैच था।