samacharsecretary.com

कांग्रेस का सरकार को चेतावनी: बिजली दरें वापस लो, नहीं तो होगा व्यापक प्रदर्शन

रायपुर बिजली दरों को कम करने को लेकर पीसीसी चीफ दीपक बैज ने अल्टीमेटम दिया है. उन्होंने 30 नवंबर तक बिजली दरें कम करने की मांग की है. वहीं चेतावनी दी कि मांग पूरी नहीं होने पर दिसंबर के दूसरे सप्ताह में सीएम हाउस का घेराव कर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा. उन्होंने कहा कि बिजली बिल बढ़ोतरी किसी किमत पर मंजूर नहीं है. कोयले पर सेस खत्म हो गया है. बिजली उत्पादन राज्य होने के बावजूद बिजली महंगी क्यों? स्मार्ट मीटर लगने से जनता परेशान है. तुरंत बिजली बिल हाफ योजना लागू होनी चाहिए. धान खरीदी को लेकर बैज ने सरकार पर साधा निशाना छत्तीसगढ़ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने धान खरीदी को लेकर सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि 2700 केंद्रों में से 2500 से अधिक केंद्रों में खरीदी शुरू ही नहीं हुई है. सरकार की कोई तैयारी नहीं, ऑपरेटर–कर्मचारी हड़ताल पर हैं. सरकार बातचीत करने के बजाय उन्हें डराने-धमकाने में लगी है. उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार नहीं चाहती कि किसानों का धान खरीदा जाए, क्योंकि उनके पास पैसा नहीं है. सहकारी समितियों के कर्मचारियों की हड़ताल खत्म कराने के बजाय उनके खिलाफ एफआईआर, गिरफ्तारी की कार्रवाई की जा रही है. तानाशाही रवैया छोड़कर सरकार बीच का रास्ता निकाले ताकि धान खरीदी सुचारू रूप से हो सके. धान खरीदी में बिचौलिए सक्रिय, मामले में पीसीसी चीफ बैज ने कहा धान खरीदी से जुड़े एक और गंभीर मुद्दे अवैध धान परिवहन मामले को लेकर पीसीसी चीफ ने कहा कि पहले ही दो दिन में 19 हजार क्विंटल से अधिक दूसरे राज्यों से आया धान पकड़ा गया. आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार बिचौलियों से सौदा कर रही है. छत्तीसगढ़ का धान कम खरीदकर दूसरे राज्यों का धान खपाए जाने की कोशिश की जा रही है. सरकार मुनाफे के खेल में लगी है. चुनाव आयोग के आंकड़े और जमीनी हकीकत में फर्क : बैज प्रदेश में जारी SIR को लेकर पीसीसी चीफ बैज ने कहा कि चुनाव आयोग का कहना है कि  80% जगहों पर बीएलओ पहुंचे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत सिर्फ 25% है. राजधानी में बीएलओ को भाजपा पार्षद धमका रहे हैं. गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा विपक्षी मतदाताओं के नाम सूची से कटवाने की साजिश में है. कवासी लखमा का सरकार जानबूझकर नहीं करा रही इलाज : बैज पूर्व मंत्री कवासी लखमा के इलाज को लेकर पीसीसी चीफ दीपक बैज ने सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि सरकार जानबूझकर पूर्व मंत्री लखमा का इलाज नहीं करा रही है. 6 बार के विधायक को षड्यंत्रपूर्वक जेल भेजा गया, जहां उन्हें टॉर्चर किया जा रहा और अब अस्पताल शिफ्ट नहीं किया जा रहा है. दिल्ली जाएंगे दीपक बैज पीसीसी चीफ दीपक बैज आज रात लगभग 9 बजे दिल्ली के लिए रवाना होंगे. उन्होंने अपने दिल्ली दौरे को लेकर जानकारी दी कि SIR को लेकर कांग्रेस गंभीर है. कार्यकर्ताओं का बड़ा समर्थन मिलेगा. आरोप लगाते हुए कहा कि चुनाव आयोग निष्पक्ष नहीं है. वह भाजपा को सीधा लाभ पहुंचा रही है, जिसे लेकर चर्चा की जाएगी.

किराए से रहने वालों के लिए भोपाल प्रशासन ने दिए महत्वपूर्ण निर्देश

भोपाल  :एमपी के भोपाल शहर की सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए भोपाल पुलिस कमिश्नरेट ने धारा 163 भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता-2023 के तहत महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। इस नए आदेश के अनुसार अब शहर में किराये से रहने वाले, पेइंग गेस्ट, छात्रावासों के विद्यार्थी, घरों में काम करने वाले नौकर सहित किसी भी प्रकार से अस्थायी रूप से ठहरने वाले व्यक्तियों की जानकारी पुलिस को अनिवार्य रूप से देनी होगी। ऐसा नहीं करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। शहर की सुरक्षा के लिए खतरा पुलिस ने बताया कि भोपाल संवेदनशील शहरों में से एक है और जहां बड़ी संख्या में लोग शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के लिए आते-जाते रहते हैं। कई बार इस आवागमन की आड़ में आपराधिक तत्व, कट्टरपंथी संगठन या अवैध प्रवासी भी शहर में प्रवेश कर लेते हैं जो शहर की सुरक्षा के लिए खतरा बनते हैं। मकान मालिक, पीजी संचालक और हॉस्टल प्रबंधन को किरायेदारों और रहवासियों का विवरण निर्धारित प्रोफार्मा में जमा करना होगा। होटल, लॉज, धर्मशाला, गेस्ट हाउस और रिसोर्ट संचालक भी अपने यहां ठहरने वाले प्रत्येक मुसाफिर का पूरा रेकॉर्ड रखकर पुलिस को उपलब्ध कराएंगे। पुलिस को सूचना देना जरूरी शहर में बढ़ते सामाजिक, राजनीतिक और धार्मिक कार्यक्रमों के बीच आमजन की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था कायम रखने के लिए पुलिस कमिश्नरेट ने धारा 163 भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 के तहत नया आदेश जारी किया है। इसके अनुसार शहर में धरना, प्रदर्शन, आंदोलन, जुलूस, रैली, आमसभा, पुतला दहन, पदयात्रा, रथयात्रा, घेराव या ज्ञापन जैसे किसी भी सार्वजनिक कार्यक्रम से पहले पुलिस को पूर्व सूचना देना अनिवार्य होगा। बिना अनुमति नहीं निकाल पाएंगे जुलूस पुलिस आयुक्त हरिनारायणाचारी मिश्र ने जारी इस आदेश में कहा गया है कि शहर में विभिन्न समुदायों, संगठनों, राजनीतिक दलों और समितियों द्वारा नियमित रूप से इस तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। ये आयोजन अक्सर सार्वजनिक स्थानों पर होते हैं, जहां बड़ी संख्या में नागरिकों का आवागमन रहता है।  ऐसे में व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस और यातायात विभाग को पहले से तैयारी करने का अवसर मिलना बेहद आवश्यक है। आदेश में स्पष्ट है कि बिना अनुमति या पूर्व सूचना के किसी भी प्रकार का जुलूस या प्रदर्शन जन-जीवन में व्यवधान पैदा कर सकता है और कभी-कभी हिंसक स्थिति भी उत्पन्न हो सकती है।

फर्जी कॉलर ने खुद को हेमंत सोरेन से जुड़ा बताया, उप मुख्यमंत्री की पत्नी से बात कराने का दबाव

रांची झारखंड के रांची से हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक अज्ञात व्यक्ति ने खुद को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन बताकर कर्नाटक के उप मुख्यमंत्री को फोन कर परेशान किया। वहीं, मुख्यमंत्री कार्यालय ने गोंदा थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है, जिसमें आरोपी पर सख्त कार्रवाई की मांग की गई है। अपनी पत्नी से बात कराएं जानकारी के मुताबिक अज्ञात व्यक्ति ने कर्नाटक के उप मुख्यमंत्री को कॉल कर कहा कि अपनी पत्नी से बात कराएं। उस व्यक्ति ने खुद को झारखंड का मुख्यमंत्री बताते हुए कॉल किया था। कॉल का ऑडियो रिकॉर्ड एक पेन ड्राइव में पुलिस को सौंप दिया गया है, जिसमें बातचीत स्पष्ट सुनाई दे रही है। पुलिस ने मामला दर्ज कर तकनीकी जांच शुरू कर दी है और कॉल करने वाले की पहचान के लिए ट्रैकिंग की जा रही है। यह घटना मुख्यमंत्री की छवि खराब करने का प्रयास प्रतीत होती है शिकायत के अनुसार 15 नवंबर की रात 9:50 बजे एक व्यक्ति ने कर्नाटक के उप मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार को फोन कर न केवल परेशान किया, बल्कि उनकी पत्नी से बात कराने की भी जिद की। एफआईआर में कहा गया है कि यह घटना मुख्यमंत्री की छवि खराब करने का प्रयास प्रतीत होती है, जो गंभीर और निंदनीय है। वहीं, मुख्यमंत्री कार्यालय ने गोंदा थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है, जिसमें आरोपी पर सख्त कार्रवाई की मांग की गई है।  

सर्दी में ट्रेन यात्रा सुरक्षित और समय पर, कोहरे से बचाने के लिए नई तकनीकें लगाई गईं

इटारसी  कोहरे से सुरक्षा के लिए ट्रेनों के लोको पायलट जीपीएस आधारित फॉग सेफ डिवाइस का उपयोग कर रहे हैं। इससे घने कोहरे में भी मेल, एक्सप्रेस और पैसेंजर ट्रेनों के लोको पायलट को पता चल जाता है कि अगला सिग्नल कितनी दूरी पर है। सिग्नल ही नहीं बल्कि यह भी डिवाइस बता देता है कि अगला स्टेशन कब आने वाला है।  सभी लोको पायलटों को दिया गया डिवाइस इटारसी के चीफ लोको इंस्पेक्टर मनीष सक्सेना ने बताया कि इटारसी जंक्शन पर फॉग सेफ डिवाइस सभी लोको पायेंलेटों को दी जा रही है। वैसे तो ठंड के मौसम में कोहरे के समय उपयोग के लिए बना है, लेकिन अब लोको पायलट को इसे हमेशा साथ में रखना अनिवार्य कर दिया गया है। ट्रेन स्टार्ट होते ही इसे खिड़की के पास एंटीना खोलकर लगा दिया जाता है। यात्रा खत्म होने पर डिवाइस निकालकर रख लेते हैं। जिसे अन्य ट्रेन लेकर जाने वालों को दे दिया जाता है। यह प्रक्रिया रोटेशन में चलती रहती है। बताया जा रहा है कि इटारसी स्टेशन से चलने वाली 101 ट्रेनों में फॉग सेफ डिवाइस रोटेशन के हिसाब से दी जा रही है। स्पीड को नियंत्रित करेगा 'कवच', दुर्घटना रोकेगा रेल का सफर अब और भी सुरक्षित होगा। इसके लिए रेल इंजनों में 'कवच' सिस्टम लगाया जा रहा हैं। रेलवे का कवच 4.0 पूरी तरह ऑटोमेटेड प्रोटेक्शन सिस्टम (Kavach System) है। यह नई आधुनिक तकनीक पर आधारित है। ट्रेन की निर्धारित स्पीड से 2 किमी प्रतिघंटा से ज्यादा होने पर ट्रेन के इंजन में लगा कवच ओवर स्पीड अलार्म बजा देगा। अगर ट्रेन निर्धारित स्पीड से 9 किमी प्रतिघंटा से ज्यादा है, तो ऑटोमैटिक ब्रेक भी लगाएगी। देश के महत्वपूर्ण स्टेशनों में से एक इटारसी से चलने वाली ट्रेनों में भी यह सिस्टम लगाए जाएंगे। इससे पहले इटारसी के बीटीसी केंद्र में इटारसी सहित देशभर के रेल डिवीजनों से आ रहे रेलकर्मियों को इसकी ट्रेनिंग दी जा रही है। फॉग सेफ डिवाइस की उपयोगिता… यह लोको पायलट को कोहरे के चौरान भी सिग्नल की स्पष्ट जानकारी देता है. जिससे दुर्घटना की संभावना कम हो जाती है। इस डिवाइस के कारण ट्रेनें सटीक गति और दिशा में चल सकती है, जिससे समय की बचत होती है। डिवाइस का उपयोग लोको पायलटों की मानवीय भूल को रोकता है। इससे उनका आत्मविश्वास बढ़‌ता है। रेलवे ट्रैक पर बरती जा रही सावधानी रेलवे ट्रैक पर रेलकर्मी तैनात किए गए हैं, जो कोहरे के दौरान रेल लाइन पर सिग्नल को स्थिति की निगरानी करते हैं। रेल फ्रैक्चर की निगरानी व सूचना के लिए लाइनमैन एवं पेट्रोलिंग मैन को पटाखे दिए गए हैं। दिन और रात के समय रेलवे पटरियों की पेट्रोलिंग की जाती है।  सुरक्षा को लेकर लगातार चल रहा प्रयास- पीआरओ रेलवे द्वारा सुरक्षा और सुरक्षा को लेकर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसमें नई तकनीकों का भी इस्तेमाल हो रहा है। सर्दी के मौसम में फॉग डिवाइस लोको में लगाए जा रहे हैं। जिससे समय पर ट्रेनें चलें और हादसों को रोका जा सके। – नवल अग्रवाल, पीआरओ रेल मंडल भोपाल

10वीं बार सीएम बनेंगे नीतीश: कैबिनेट में किसे मिलेगी जगह, देखें संभावित सूची

पटना बिहार में सरकार गठन के फॉर्मूले पर भाजपा और जदयू में सहमति बन गई है। नीतीश कुमार 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ शनिवार देर रात जदयू के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा, केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा की बैठक में छह विधायक पर एक मंत्री के फॉर्मूले पर आगे बढ़ने का फैसला हुआ। लोजपा (आर) के साथ छह विधायक से कम संख्या वाली हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) और राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) को भी सरकार में प्रतिनिधित्व दिया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक, भाजपा नेतृत्व ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के सहयोगियों चिराग पासवान, जीतनराम मांझी व उपेंद्र कुशवाहा से भी चर्चा की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास पर रविवार को आला नेताओं की बैठक में नई सरकार की रूपरेखा को अंतिम रूप दिया गया। लोजपा (आर) के प्रमुख चिराग पासवान ने कहा कि सरकार को लेकर बातचीत चल रही है। आज देंगे इस्तीफा, 20 को शपथ संभव नीतीश ने सोमवार सुबह मंत्रिपरिषद की अंतिम बैठक बुलाई है। इसके बाद वह राज्यपाल को इस्तीफा सौंप देंगे। मंगल या बुधवार को एनडीए विधायक दल की बैठक में उन्हें नेता चुना जाएगा और बृहस्पतिवार को नई सरकार का गठन हो सकता है। शपथ समारोह पटना के गांधी मैदान में होगा। 17 से 20 तारीख तक मैदान में आम लोगों के प्रवेश पर पाबंदी लगा दी गई है। किस पार्टी के खाते में कितने मंत्रालय? 89 सीटों वाली भाजपा के हिस्से में 15, 85 सीटों वाले जदयू के 14, 19 सीटों वाली लोजपा (आर) के तीन और हम व आरएलएम के हिस्से में एक-एक मंत्री पद आएगा। भाजपा पहले की तरह दो डिप्टी सीएम बनाएगी। जीत के सूत्रधार रही महिला बिरादरी से डिप्टी सीएम हो सकती है। अब सबसे पहले पांच पांडव, यानी भाजपा, जदयू, लोजपा-आर, हम व आरएलएम अपने विधायक दल के नेता का चुनाव करेंगे। फिर एनडीए की बैठक में सीएम चुना जाएगा। विभाग बंटवारे पर एक और बैठक सरकार गठन के बाद विभागों के बंटवारे पर मंथन होगा। सूत्रों का कहना है, नीतीश पहले की तरह गृह विभाग और प्रशासन अपने पास ही रखेंगे। वित्त विभाग पहले की तरह भाजपा के पास होगा। अन्य विभागों पर राजग के सहयोगी दलों के नेतृत्व के बीच एक दौर की और बैठक होगी। नीतीश के नेतृत्व पर संशय नहीं भाजपा नेतृत्व बिहार में गठबंधन की स्थिरता को लेकर कोई भी जोखिम नहीं लेना चाहता। उन्हें पता है कि नीतीश कुमार का अनुभव और प्रशासकीय संतुलन ही गठबंधन का स्थिर विकल्प है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने अंतिम फैसला केंद्रीय नेतृत्व करेगा, कहकर संशय की परत अवश्य छोड़ी, पर पार्टी में स्पष्टता है कि नीतीश के साथ ही आगे बढ़ा जाए। महिलाओं को भी मिलेंगे मंत्रालय चिराग ने नीतीश से मिलकर साफ कर दिया कि वही सरकार का नेतृत्व करेंगे। इससे जदयू खेमे में माहौल बेहद सकारात्मक है। छोटे सहयोगियों के लिए नीतीश साझा स्वीकार्य चेहरा हैं, क्योंकि उनके रहते गठबंधन में टकराव की गुंजाइश कम रहती है। नई सरकार में सात महिलाओं को मंत्री बनाया जा सकता है। चुनाव में एनडीए को महिलाओं को बढ़-चढ़ कर वोट दिया, इसलिए उनकी भागीदारी बढ़ाई जा रही है।

लखनऊ की रहने वाली महिला सात महीने के बच्चे को लेकर पहुंचीं मुख्यमंत्री आवास

मां ने लगाई मासूम के जीवन की गुहार, सीएम योगी ने तत्काल करवाई इलाज की व्यवस्था  लखनऊ की रहने वाली महिला सात महीने के बच्चे को लेकर पहुंचीं मुख्यमंत्री आवास  बच्चे को हृदय से संबंधित है परेशानी, मुख्यमंत्री आवास से एंबुलेंस से भिजवाया गया केजीएमयू  ‘जनता दर्शन’ में प्रदेश भर से आए 60 से अधिक फरियादी, मुख्यमंत्री ने एक-एक की सुनी समस्या  जवानों से बोले सीएम- आप ड्यूटी कीजिए, आपके परिवार की जिम्मेदारी सरकार पर  लखनऊ  सोमवार की सुबह एक मां के जीवन में उम्मीद की किरण लेकर आया, जब वह ‘जनता दर्शन’ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलीं। उन्होंने अपनी आर्थिक स्थिति का जिक्र करते हुए सात माह के मासूम की बीमारी के इलाज के लिए आर्थिक सहयोग का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने महिला की बात सुनी और तत्काल उन्हें एंबुलेंस से केजीएमयू भिजवाया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर हृदय संबंधी बीमारी से जूझ रहे बच्चे का इलाज शुरू हो गया। वहीं ‘जनता दर्शन’ में प्रदेश भर से 60 से अधिक फरियादी आए, मुख्यमंत्री ने सभी के पास पहुंचकर उनकी शिकायतें सुनीं और अधिकारियों को समय से निराकरण का निर्देश दिया।  लखनऊ की रहने वाली महिला बेटे के इलाज की फरियाद लेकर पहुंचीं लखनऊ के राजेंद्र नगर, ऐशबाग की रहने वाली एक महिला सोमवार सुबह मुख्यमंत्री आवास में लगाए गए 'जनता दर्शन' में पहुंचीं। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बताया कि उनकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। वे किराए के मकान में रहकर अत्यंत सीमित संसाधन में जीवनयापन कर रही हैं। उनके सात माह के मासूम को हृदय से संबंधित बीमारी है। उसके इलाज के लिए आर्थिक सहायता कर दी जाए। मुख्यमंत्री ने उस बच्चे को दुलारा-पुचकारा और महिला को आश्वस्त किया कि आप बेफिक्र रहिए, सरकार मदद करेगी। इसके बाद मुख्यमंत्री ने उस बच्चे को तत्काल एंबुलेंस से केजीएमयू भिजवाया और वहां कुलपति को निर्देशित किया कि बच्चे के उपचार की तत्काल व्यवस्था की जाए। मुख्यमंत्री के आदेश के उपरांत वहां मासूम का इलाज प्रारंभ हो गया है।  आपके परिवार की जिम्मेदारी सरकार पर 'जनता दर्शन' में बुलंदशहर निवासी अर्धसैनिक बलों के जवान भी पहुंचे। उन्होंने मुख्यमंत्री से अपनी जमीन के कब्जे संबंधी शिकायत की। इस पर मुख्यमंत्री ने उनसे प्रार्थना पत्र लिया और कहा कि आपकी ड्यूटी देश की सीमा या देश की आंतरिक सुरक्षा में लगी होगी, आप ड्यूटी निभाइए। आपके परिवार की जिम्मेदारी सरकार पर है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को इस मामले की जांच कराने और जल्द समाधान का निर्देश दिया।  ‘जनता दर्शन’ में आए 60 से अधिक फरियादी  ‘जनता दर्शन’ में सोमवार को प्रदेश भर के 60 से अधिक फरियादी पहुंचे। मुख्यमंत्री स्वयं सभी के पास पहुंचे। एक-एक करके सभी का प्रार्थना पत्र लिया और समस्याएं सुनीं, फिर संबंधित अधिकारियों को निराकरण के आदेश दिए। इस दौरान जमीन कब्जा, आर्थिक सहयोग, पुलिस, बिजली समेत अनेक विभागों से जुड़ी समस्याओं को लेकर लोग पहुंचे थे। सीएम ने फरियादियों को आश्वस्त किया कि आपकी सुरक्षा और सेवा सरकार का कर्तव्य है। सरकार पहले दिन से ही इस इस ध्येय के साथ कार्य कर रही है।

गौरेला पेंड्रा मरवाही : किसानों की सुविधा और उपार्जित धान के समुचित रख रखाव हेतु धान खरीदी केंद्र बंशीताल का स्थान परिवर्तित कर करगीकला किया गया

    गौरेला पेंड्रा मरवाही,   खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में समर्थन मूल्य पर किसानों से धान खरीदी के लिए जिले में 20 उपार्जन केंद्र बनाए गए हैं। धान उपार्जन केंद्र बंशीताल में उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण किसानों की सुविधा और उपार्जित धान के समुचित रख रखाव को ध्यान में रखते हुए राज्य शासन द्वारा जारी धान उपार्जन नीति के तहत धान उपर्जान केंद्र बंशीताल का स्थान परिवर्तित कर समीप के ग्राम पंचायत करगीकला के खसरा नंबर 825, रकबा 1.870 हेक्टेयर भूमि पर स्थानांतरित किया गया है। इस आशय का आदेश कलेक्टर द्वारा 14 नवंबर 2025 को जारी कर दिया गया है।

10 दिन वेंटिलेटर पर रहने के बाद नवजात बाहर, डॉक्टर बोले—सर्जरी बेहद चुनौतीपूर्ण थी

रीवा रीवा एयरपोर्ट से नियमित हवाई सेवा शुरू होने के बाद यात्रियों को तो लाभ मिला ही है. वहीं, एयरपोर्ट एक माह के बच्चे की जिंदगी बचाने में बहुत काम आया है. बच्चे की जान बचाने के लिए एयर एंबुलेंस को रीवा में उतारना पड़ा और उसे एयर एंबुलेंस से मुंबई भेजा गया. सरकार की महत्वाकांक्षी योजना राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) कार्यक्रम बच्चे के लिए वरदान बना है. बता दें कि पिछले दिनों प्रदेश के उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल के प्रयास के बाद रीवा एयरपोर्ट से नियमित रूप से छोटे-बड़े हवाई जहाज उतरने लगे हैं. RBSK के अंतर्गत अति गंभीर जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित 1 माह के बच्चे को तत्काल उपचार के लिए एयर एंबुलेंस से हायर सेंटर SRCC मुंबई रवाना किया गया. बच्चे के दिल में छेद था, जिसे ले जाने के लिए रीवा हवाई अड्डे पर पहले से एयर एंबुलेंस थी. इसी से बच्चे को माता-पिता के साथ मुंबई भेजा गया. बच्चे का कम हो गया था ऑक्सीजन लेवल रायपुर कर्चुलियान तहसील के मनकहरी गांव के रहने वाले प्रियंका पाठक और शशि भूषण तिवारी अपने एक साल बेटे को लेकर रीवा जिला अस्पताल पहुंचे थे, जो हृदय रोग (दिल में छेद) की गंभीर समस्या से पीड़ित था. उसका शरीर पूरी तरीके से नीला पड़ गया था और सांस लेने में तकलीफ थी. इससे लगातार ऑक्सीजन लेवल कम हो रहा था. 5 घंटे लगातार चला आपरेशन 3 नवंबर को वामिका ने अपने जुड़वा भाई दिवित के साथ जन्म लिया। भाई तो पूरी तरह से स्वस्थ था, लेकिन जांच के दौरान पता चला कि वामिका के दिल में जन्मजात छेद है। 4 नवंबर को बच्ची के पिता को डाॅक्टरों ने बताया कि बच्ची के दिल में छेद है। इसका इलाज सिर्फ मुंबई के नारायणा हास्पिटल में ही होता है। इलाज के लिए पिता ने 5 नवंबर को आरबीएसके और स्वास्थ्य विभाग से मदद मांगी, जिसके बाद चंद घंटे में ही छुट्टी के दिन दस्तावेज तैयार किए और एयर एम्बुलेंस से नारायणा अस्पताल भेजा गया। 7 नवंबर को डा. प्रदीप कौशिक (सीनियर सर्जन) और डा सुप्रितिम सेन (सीनियर कंसलटेंट,पीडियाट्रिक कार्डियोलाजिस्ट) ने लगातार 5 घंटे तक एक के बाद एक दो मेजर आपरेशन किए। डे-5 लाइफ में हुआ आपरेशन: डॉ. सुप्रितिम नारायण अस्पताल में पदस्थ डाॅ. सुप्रितिम सेन ने बताया कि 3 बच्ची Transposition of the Great Arteries से जूझ रही थी। इसमें जान बचाना है, तो जितनी जल्दी हो सके आपरेशन करना अनिवार्य होता है। 6 नवंबर को मध्यप्रदेश सरकार और आरबीएसके विभाग ने मिलकर एयर लिफ्ट करते हुए इसे मुंबई लाया गया तो यह स्थिर हालत में थी। बच्ची की हालत को देखते हुए फौरन आपरेशन की तैयारी की गई, और फिर महज पांच दिन की बच्ची के दो जटिल आपरेशन किए गए। डा सुप्रितिम सेन ने बताया कि 15 दिन की उम्र में इतना जटिल और कठिन आपरेशन आमतौर नहीं किया जाता है, पर नवाजात की लाइफ को देखते हुए यह कदम उठाया गया। सामान्य हो रही है वामिका डाॅ. सुप्रितिम सेन का कहना है कि आपरेशन 100 प्रतिशत सफल हुआ है। सिर्फ पांच दिन की बच्ची का इतना कठिन आपरेशन बहुत ही कम होते है। उन्होंने बताया कि बेबी का ब्लड प्रेशर, हार्ट रेट, कार्डियक फन्गसन सब रिकवर हो चुका है। उसका वेंटिलेटर भी अलग कर दिया गया है, जिससे वह स्वंय ही सांस ले रही है। बहुत जल्द बेबी सामान्य बच्चों की तरह हो जाएगी। नारायणा हास्पिटल के डाॅ. का कहना है कि समय रहते मध्यप्रदेश सरकार और जिला स्वास्थ्य विभाग ने बच्ची को यहां पर भिजवाया, जिसके चलते ही उसे नई जिंदगी मिली है। पिता बोले-डाॅक्टरों को धन्यवाद वामिका के पिता सत्येंद्र दाहिया जो कि जन्म के बाद से ही उसके साथ में है। मुंबई के नारायणा अस्पताल के डाक्टर ने जब  उन्हें बताया कि बेबी अब खतरे से बाहर है, और उसका वेंटिलेटर भी अलग कर दिया है, तो उनके चेहरे में मुस्कान था। सत्येंद्र ने मध्यप्रदेश सरकार, आरबीएसके सहित स्वस्थ्य विभाग को धन्यवाद दिया है, सभी के प्रयास से बच्ची की जान बच गई है, और उसे नई जिंदगी मिली है। सत्येंद्र का कहना है, कि डाक्टरों का कहना है, कि जल्द ही उसकी छुट्टी हो जाएगी। सत्येंद्र का कहना है कि वामिका को नई जिंदगी देने वाले डाक्टर भगवान है, जिन्होंने कि इतना जटिल आपरेशन को सफलतापूर्वक किया। आरबीएसके के जिला प्रबंधक सुभाष शुक्ला। आरबीएसके (राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम) के जिला प्रबंधक सुभाष शुक्ला का कहना है कि यह शासन को सबसे महत्वपूर्ण योजनाओं में से एक है, इसके तहत 0 से 18 साल तक के जन्मजात विकृति से ग्रसित बच्चों का इलाज किया जाता है। इस योजना के तहत अगर मदद लेनी है, तो बहुत कम दस्तावेज लगते हैं। सुभाष शुक्ला ने बताया कि बेबी वामिका के इलाज में शासन ने 1 लाख 90 हजार रुपए की मदद की है, जबकि इलाज में करीब 5 लाख से अधिक का खर्च है, ऐसे में नारायणा फाउंडेशन ने बच्ची के पिता को आश्वासन दिया है, कि इलाज में जितना भी खर्च आएगा, वह पूरा हम उठाएंगे। सीएमएचओ डाॅ. संजय मिश्रा का कहना है कि बेबी वामिका जो कि मध्यप्रदेश की पहली ऐसी बच्ची है, जिसकी जान बचाने के लिए राज्य सरकार ने एयरलिफ्ट करते हुए उसे मुंबई भिजवाया था। बच्ची ठीक है, जल्द ही वह पिता के साथ पूरी तरह से स्वस्थ्य होकर जबलपुर आ रही है। सिविल सर्जन डॉक्टर प्रतिभा मिश्रा ने राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के इंचार्ज विष्णु प्रताप सिंह को तत्काल निर्देश दिया कि वह तत्काल बच्चे को मुंबई के पेडियाट्रिक सर्जन के पास इलाज के लिए भेजें. इसके बाद एयर एंबुलेंस का इंतजाम किया गया और बच्चों को एयरलिफ्ट करके मुंबई भेज दिया.  बच्चे को मुंबई भेजने के लिए संजय गांधी अस्पताल के अधीक्षक राहुल मिश्रा, डॉक्टर रवि सिंह से बात की गई. यह तय किया गया बच्चे को इंटीग्रेशन हेतु आयुष्मान भारत योजना अंतर्गत निशुल्क सर्जरी एसआरसीसी चिल्ड्रन मुंबई में कराई जाएगी.

वृंदावन से बागेश्वर तक पदयात्रा पूरी, पंडित धीरेंद्र शास्त्री का स्वागत श्रद्धालुओं ने किया

 छतरपुर  7 से 16 नवंबर तक बागेश्वर महाराज ने 150 किलोमीटर की बागेश्वर बांके बिहारी मिलन पदयात्रा करने के बाद धाम पहुंचे। धाम की सीमा में जैसे ही उन्होंने प्रवेश किया, वहां पुष्प वर्षा और डीजे, ढोल-नगाड़ों के साथ उनका स्वागत किया गया। सफलतापूर्वक संपन्न होने के बाद सोमवार को सुबह जैसे ही बागेश्वर धाम के महंत बागेश्वर धाम गड़ा की सीमा में दाखिल हुए। 16 नवंबर को पदयात्रा का विराम बड़े ही हर्षोल्लास के साथ बांके बिहारी जी के दर्शन कर हुआ था। इसमें कई लाख श्रद्धालु भी पहुंचे थे और मध्य प्रदेश के मुखिया डॉक्टर मोहन यादव जी अंतिम दिवस की सनातन एकता पदयात्रा में शामिल हुए थे। यह 150 किलोमीटर की पदयात्रा निर्विघ्न संपन्न हुई और लाखों की संख्या में सनातनी इस पदयात्रा में उमड़े। बागेश्वर धाम की पावन भूमि पर पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने सर्वप्रथम दादा गुरु तथा बागेश्वर बालाजी भगवान को दंडवत प्रणाम किया। इस दौरान भक्तों ने ‘जय श्री राम’ के जयघोष के साथ पुष्पवर्षा की। इस दौरान महाराज जी के साथ पूज्य राजू दास और माधव जी महाराज बागेश्वर धाम पहुंचे।  

ड्रग डीलिंग के आरोप में राजगढ़ से यासीन मछली का गुर्गा हिरासत में

भोपाल / राजगढ़ यासीन मछली गैंग का बड़ा गुर्गा भोपाल पुलिस के हाथ चढ़ा है. भोपाल के ऐशबाग इलाके में रहने वाला ड्रग तस्कर सनब्बर एमपी के राजगढ़ से गिरफ्तार किया गया है, 22 जुलाई 2025 को यासीन की गिरफ्तारी की बाद पेडलर के तौर पर उसका नाम सामने आया था, जिसके बाद से ही वह फरार चल रहा था. सनब्बर के खिलाफ क्राइम ब्रांच में एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज है. बताया जा रहा है कि आरोपी राजगढ़ में ट्रक की डिलीवरी देने गया था, जहां मुखबिर की सूचना पर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है, उसके पास से 85 हजार की एमडी ड्रग्स भी बरामद हुई है.  राजगढ़ पहुंचा था सनब्बर पुलिस को इस बात की जानकारी मिल चुकी थी कि यासीन मछली गैंग का गुर्गा सनब्बर राजगढ़ पहुंचने वाला है, सनब्बर ट्रक की डिलीवरी के सिलसिले में राजगढ़ आया हुआ था. इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि एक व्यक्ति गोल्डन कलर की कार के साथ तारागंज रोड पर खड़ा है और उसके पास अवैध एमडी ड्रग्स मौजूद हैं. सूचना मिलते ही सारंगपुर थाना पुलिस ने मौके पर घेराबंदी कर संदिग्ध को पकड़ लिया, पूछताछ में उसने अपना नाम सनब्बर अंसारी जो भोपाल के बोगदापुल बाग फरहद अफजा ऐशबाग का रहने वाला है. तलाशी के दौरान पुलिस को उसके पास से करीब 85 हजार रुपये मूल्य की एमडी ड्रग्स मिली.  पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक सनब्बर के खिलाफ पहले से भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं, हाल ही में उसका भाई शाकिर भी क्राइम ब्रांच की तरफ से पकड़ा गया था, जिस पर भी एनडीपीएस एक्ट सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज हैं. पुलिस ने सनब्बर को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है.  यासीन मछली गैंग पर एक्शन जारी  बता दें कि भोपाल की यासीन मछली गैंग पर लगातार जारी है, अब तक इस मामले में कई गिरफ्तारियां हो चुकी हैं और उनके अड्डों को भी तोड़ा गया है. यह ड्रग्स तस्करी का बड़ा नेटवर्क था, जिसके तार विदेशों से भी जुड़े थे, ऐसे में पुलिस लगातार इस मामले में कार्रवाई कर रही है.