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खदान हादसा बढ़ा भयावह, सोनभद्र में मलबे में दबे मजदूरों की तलाश जारी

 सोनभद्र उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में ढही एक पत्थर खदान के मलबे से पांच और शव बरामद हुए हैं. इस तरह हादसे में मरने वालों की संख्या छह हो गई है. जिला मजिस्ट्रेट बीएन सिंह ने बताया कि रविवार और सोमवार की दरम्यानी रात को ये शव बरामद किए गए. पिछले 48 घंटे से रेस्क्यू ऑपरेशन चल रहा है.   न्यूज एजेंसी के अनुसार, मृतक की पहचान ओबरा के पनारी निवासी इंद्रजीत (30) के रूप में हुई है. अन्य मृतकों की पहचान इंद्रजीत के भाई संतोष यादव (30), रविंद्र उर्फ ​​नानक (18), रामखेलावन (32) और कृपाशंकर के रूप में हुई है. राजू सिंह (30) का शव रविवार को बरामद किया गया.  प्रदेश के मंत्री और स्थानीय विधायक संजीव कुमार गोंड ने शनिवार शाम को खदान ढहने के बाद बिल्ली मारकुंडी खनन क्षेत्र में घटनास्थल का दौरा किया था. उन्होंने ने कहा, "लगभग एक दर्जन मज़दूर मलबे में दबे हो सकते हैं." वहीं, वाराणसी जोन के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजी) पीयूष मोर्डिया ने रविवार को कहा कि भारी पत्थरों की मौजूदगी के कारण मलबा हटाने में समय लग रहा है. सोनभद्र के पुलिस अधीक्षक (एसपी) अभिषेक वर्मा ने बताया कि उन्हें शनिवार शाम करीब 4.30 बजे ओबरा थाने में घटना की सूचना मिली. फोन करने वाले ने बताया कि कृष्णा माइनिंग वर्क्स द्वारा संचालित एक पत्थर खदान का एक हिस्सा ढह जाने से कई मजदूर मलबे में दब गए.  एसपी के मुताबिक, पुलिस ने परसोई टोला निवासी छोटू यादव की शिकायत पर कृष्णा माइनिंग वर्क्स के मालिक और उनके व्यापारिक साझेदारों मधुसूदन सिंह और दिलीप केशरी (दोनों ओबरा निवासी) के खिलाफ मामला दर्ज किया है. तीनों आरोपियों की अभी गिरफ्तारी नहीं हुई है.  उधर, समाजवादी पार्टी के रॉबर्ट्सगंज सांसद छोटेलाल खरवार ने आरोप लगाया कि स्थानीय पुलिस की मिलीभगत से माफिया द्वारा खदान को अवैध रूप से चलाया जा रहा था. उन्होंने कहा, "पत्थरों के नीचे 12 से 15 लोगों के दबे होने की आशंका है. इस इलाके में बड़े पैमाने पर अवैध खनन हो रहा है. हर महीने एक-दो ऐसी घटनाएं होती हैं, लेकिन खनन माफिया कैसे सब कुछ संभाल लेते हैं." सपा सांसद ने आरोप लगाया कि पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की मिलीभगत से अवैध खनन किया जा रहा है. खरवार ने दावा किया कि पुलिस ने उन्हें फंसे खदान मजदूरों के परिजनों से मिलने से रोका. उन्होंने पीड़ित परिवार के लिए 50 लाख रुपये मुआवजे और प्रत्येक परिवार के लिए एक सरकारी नौकरी की भी मांग की. 

स्कूल में ‘वंदे मातरम’ पर आपत्ति विवाद बना, शिक्षक सस्पेंड

अलीगढ़ एक प्राथमिक स्कूल में 12 नवंबर की सुबह प्रार्थना सभा के दौरान ‘वंदे मातरम’ के उच्चारण को लेकर दो शिक्षकों के बीच विवाद हो गया. ये स्कूल में हर दिन होने वाली नियमित प्रार्थना के समय का मामला है. जानकारी के अनुसार राष्ट्रगान के बाद सहायक अध्यापक चंद्रपाल सिंह बच्चों से ‘वंदे मातरम’ का उच्चारण करा रहे थे. इसी दौरान वहीं मौजूद सहायक शिक्षक शम्सुल हसन ने इसका विरोध जताया. बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) के मुताबिक हसन ने चंद्रपाल सिंह से कहा, “यह यहां नहीं चलेगा” और दावा किया कि यह उनकी मजहबी मान्यताओं के खिलाफ है. स्कूल की प्रिंसिपल सुषमा रानी ने अपनी लिखित शिकायत में कहा कि शिक्षक शम्सुल हसन ने नाराजगी में यह भी कहा कि “यहां मुस्लिम बच्चे हैं” इस पर प्रिंसिपल और अन्य शिक्षक भी मौके पर पहुंचे और ‘वंदे मातरम’ के समर्थन में अपना पक्ष रखा. घटना की सूचना खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) रामशंकर कुरील को दी गई. वे स्कूल पहुंचे और दोनों शिक्षकों सहित उपस्थित स्टाफ के बयान दर्ज किए. इस पर शम्सुल हसन को निलंबित कर दिया गया है हालांकि वह कह रहे हैं कि उन्हें फसाया जा रहा है. विवाद बढ़ने के बाद प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है. प्राथमिक शिक्षा विभाग का कहना है कि तथ्य जुटाने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी.

रांची धुर्वा डैम त्रासदी: एक और पुलिसकर्मी का शव मिला, पूरे विभाग में मातम

रांची झारखंड की राजधानी रांची के धुर्वा डैम में हुए भीषण हादसे में लापता चल रहे चौथे पुलिसकर्मी सत्येंद्र सिंह का शव सोमवार सुबह बरामद कर लिया गया। इससे पूर्व तीन अन्य पुलिसकर्मियों-उपेंद्र कुमार सिंह, रोबिन कुजूर और चालक अनिल सिंह-के शव कार के अंदर से मिल चुके थे। सोमवार को चौथे शव की बरामदगी के साथ ही घटना में मौत का आंकड़ा चार तक पहुंच गया है। चारों मृतक जमशेदपुर के जगसुलाई इलाके के रहने वाले थे और जमशेदपुर के प्रिंसिपल डिस्ट्रिक्ट जज (पीडीजे) की सुरक्षा टीम में तैनात थे। हादसा 14 नवंबर की देर रात हुआ, जब सुरक्षा में तैनात ये चारों पुलिसकर्मी एक सरकारी वाहन से यात्रा कर रहे थे। बताया जा रहा है कि धुर्वा डैम के पास वाहन अनियंत्रित हो गया और सीधे पानी में जा गिरा। घटना के समय रात होने के कारण किसी को इसकी जानकारी नहीं मिली। अगले दिन 15 नवंबर की सुबह स्थानीय लोगों ने डैम में कार जैसी कोई वस्तु दिखाई देने की आशंका जताई और तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही रांची पुलिस, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंचीं और बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन प्रारंभ किया। गोताखोरों ने पानी के भीतर से डूबी हुई कार को ढूंढ़ निकाला। कार खोलने पर उसके अंदर तीन पुलिसकर्मी मृत पाए गए, जो डूबने से अपनी जान गंवा बैठे थे। हालांकि चालक सत्येंद्र सिंह कार के अंदर नहीं मिले, जिससे यह आशंका जताई गई कि वाहन के पानी में गिरते ही उन्होंने बाहर निकलने की कोशिश की होगी, लेकिन तेज बहाव और गहराई में फंसकर वे भी डूब गए। एनडीआरएफ और स्थानीय गोताखोरों द्वारा जारी तलाशी अभियान के चौथे दिन सोमवार सुबह सत्येंद्र सिंह का शव भी डैम के एक हिस्से से बरामद कर लिया गया। शव की पहचान होते ही पुलिस बल में शोक की लहर दौड़ गई। अधिकारियों ने बताया कि सभी शवों को पोस्टमॉटर्म के लिए भेज दिया गया है और विभागीय स्तर पर आगे की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। हादसे ने पूरे पुलिस महकमे को झकझोर दिया है। स्थानीय लोगों ने भी इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए डैम क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और चेतावनी संकेतों को और मजबूत करने की मांग की है।  

नशामुक्त भारत अभियान के 5 वर्ष: छत्तीसगढ़ जुटा जनभागीदारी से नया रिकॉर्ड बनाने में

रायपुर, देशभर में 18 नवम्बर को नशामुक्त भारत अभियान की पाँचवीं वर्षगांठ पर राष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इस अवसर का मुख्य कार्यक्रम अमृतसर, पंजाब में होगा, जिसमें  प्रधानमंत्री  श्री नरेंद्र मोदी का संदेश वर्चुअल माध्यम से पूरे देश में प्रसारित किया जाएगा। इस राष्ट्रीय आयोजन से राज्य के हर हिस्से को जोड़ने के लिए छत्तीसगढ़ में भी बड़े पैमाने पर कार्यक्रमों का आयोजन सुनिश्चित किया गया है। छत्तीसगढ़ के सभी जिलों, विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों, स्कूलों, विभागीय संस्थानों, स्वयं सहायता समूहों तथा आंगनबाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से सामूहिक रूप से नशामुक्ति शपथ दिलाई जाएगी। राज्यभर में नशा छोड़ने, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और युवाओं को नशे से दूर रखने के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के लिए व्यापक तैयारी की गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, छत्तीसगढ़ में 70 स्थानों से वर्चुअल जुड़ाव की व्यवस्था की गई है, जिससे व्यापक जनसहभागिता सुनिश्चित होगी। जिला स्तर पर कलेक्टोरेट, जिला मुख्यालय सहित विभिन्न स्थानों से लगभग 26 हजार 190 लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। उच्च शिक्षा संस्थानों में भी उत्साह देखने को मिल रहा है। राज्य के 25 विश्वविद्यालयों सहित उच्च शिक्षा संस्थानों में लगभग 4 लाख 48 हजार 995 प्रतिभागियों के शामिल होने का अनुमान है। वहीं अन्य विभागों के अधीन आने वाले 2,131 संस्थानों में 3 लाख 37 हजार 890 प्रतिभागी इस कार्यक्रम का हिस्सा बनेंगे। स्वयं सहायता समूहों एवं आंगनबाड़ी-आशा कार्यकर्ताओं की सहभागिता भी महत्वपूर्ण रहेगी। प्रदेश के 28 हजार 753 स्वयं सहायता समूहों एवं आशा समूहों के माध्यम से लगभग 2 लाख 50 हजार 234 लोगों को नशामुक्ति शपथ दिलाई जाएगी। इसके अलावा 46 हजार 842 प्रतिभागियों के अन्य स्थानों से वर्चुअल रूप से जुड़ने की भी उम्मीद है। राज्यभर में अधिकारियों, जिला कलेक्टरों, जनप्रतिनिधियों, शिक्षण संस्थानों के प्रमुखों और अन्य गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति इस राष्ट्रीय अभियान को और प्रभावी बनाएगी। समाज कल्याण विभाग, छत्तीसगढ़ द्वारा कार्यक्रम की तैयारी पूर्ण करने एवं सफल संचालन हेतु सभी जिलों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।राज्य सरकार का मानना है कि इस सामूहिक संकल्प के माध्यम से नशामुक्त और स्वस्थ समाज निर्माण की दिशा में जागरूकता और सकारात्मक परिवर्तन को नई गति मिलेगी।

युवक का शव नाले में बरामद, हत्या का मामला होने की आशंका गहराई

दुर्ग दुर्ग जिले में एक बार फिर हत्या की वारदात सामने आई है। इस बार दुर्ग शहर के पोलसायपारा में नाले में युवक की लाश मिलने से हड़कंप मच गया। सफाई कर्मियों ने शव को देखा और पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को बाहर निकलवाया और जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि युवक की हत्या के बाद शव को नाली में फेंका गया है। जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान संजय यादव के रूप में हुई है। सोमवार की सुबह पोलसायपारा में सफाई के दौरान कर्मियों की नजर नाले में पड़े शव पर पड़ी। देखते ही देखते बात फैली और भीड़ जमा हो गई। मौके से पुलिस को सूचना दी गई। कुछ ही देर में पुलिस की टीम भी पहुंची। पहले शव को बाहर निकलवाया गया। पुलिस ने फॉरेंसिक टीम को बुलाकर घटनास्थल का मुआयना कराया। शुरुआती जांच में शव पर चोट के निशान मिले हैं। इससे आशंका जताई जा रही है कि युवक की हत्या के बाद शव को ठिकाने लगाया गया। पुलिस ने आसपास के सीसी टीवी कैमरों की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गहराई से जांच की जा रही है और हत्या के कारणों व आरोपियों का पता लगाने के लिए टीम गठित कर दी गई है। इलाके में तनाव की स्थिति बनी हुई है फिलहाल मामले की जांच जारी है।

ICT बांग्लादेश का फैसला: शेख हसीना को सुनाई गई मौत की सजा

ढाका  शेख हसीना के मामले में इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रि्ब्यूनल की ओर से फैसला दे दिया गया है. उन्हें कोर्ट की ओर से मौत की सजा सुनाई गई है. पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना पर मानवता के खिलाफ अपराध और हत्या जैसे कुल 5 मामले चल रहे थे, जिस पर तीन सदस्यीय ट्राइब्यूनल ने अपना 453 पन्नों का फैसला सुना दिया है.  उन्हें अलग-अलग मामलों में आईटीसी ने दोषी करार दिया है और मौत की सजा सुनाई है.  ट्रिब्यूनल को जस्टिस मोहम्मद गुलाम मुर्तजा मजूमदर लीड कर रहे थे. आईसीटी जज के मुताबिक ये मामला काफी बड़ा था, ऐसे में फैसला भी 6 भाग में सुनाया गया है. जस्टिस मुर्तजा की अगुवाई वाली ट्रिब्यूनल में जस्टिस मोहम्मद शफीउल आलम महमूद और जस्टिस मोहम्मद मोहितुल हक एनाम चौधरी भी हैं. ट्रिब्यूनल ने एक मामले में पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को अपनी मौत तक जेल में रखने का भी फैसला दिया. ट्रिब्यूनल ने कहा है कि हमने मानवाधिकार संगठन और अन्य संगठनों की कई रिपोर्ट्स पर विचार किया है. हमने क्रूरताओं का विवरण भी दिया है. शेख हसीना ने मानवता के खिलाफ अपराध किए. ट्रिब्यूनल ने फैसले में यह भी कहा है कि बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी मारे गए हैं. शेख हसीना ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हेलीकॉप्टर से बम गिराने के आदेश दिए थे.  ट्रिब्यूनल ने यह भी कहा है कि अवामी लीग के कार्यकर्ता कथित रूप से सड़कों पर उतर आए और पार्टी नेतृत्व की पूरी जानकारी में सुनियोजित हमले किए. ट्रिब्यूनल के फैसले के बाद बांग्लादेश की राजधानी ढाका में हालात बिगड़ गए हैं. शेख हसीना के समर्थक सड़कों पर उतर आए और प्रोटेस्ट शुरू कर दिया. अदालत के इस फैसले को बांग्लादेश के राजनीतिक इतिहास का अनोखा क्षण माना जा रहा है, क्योंकि यह पहली बार है जब देश की सर्वोच्च राजनीतिक पद पर रही नेता के खिलाफ इस स्तर का फैसला सुनाया गया. बांग्लादेश में पहली बार इंटरनेशनल क्राइम्स ट्राइब्यूनल किसी तत्कालीन प्रधानमंत्री के खिलाफ फैसला सुनाया गया है. ट्राइब्यूनल ने अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना, पूर्व गृह मंत्री असदुज्जामान खान कमाल, और पूर्व पुलिस महानिरीक्षक चौधरी अब्दुल्ला अल-मामुन के खिलाफ चल रहे मामले में फैसला पढ़ा. सा में साबित की जा सके. यह बताया जा रहा है कि किस तरह से शेख हसीना ने छात्रों के प्रोटेस्ट को आतंकी गतिविधि के रूप में पेश करने की कोशिश की. शेख हसीना और अन्य ने रची आपराधिक साजिश ट्रिब्यूनल ने कहा कि ज्यादातर मौतें बांग्लादेशी सुरक्षाबलों की ओर से आमतौर पर इस्तेमाल किए जाने वाले घातक धातु के छर्रों से भरी सेना की बंदूकों से चली गोलियों के कारण हुईं. शेख हसीना की सरकार में सेना, पुलिस और आरएबी ने न्याय प्रक्रिया से हटकर हत्याएं कीं. शेख हसीना और अन्य आरोपियों ने संयुक्त रूप से आपराधिक साजिश रची थी. ट्रिब्यूनल ने यह भी कहा कि शेख हसीना के साथ ही इस मामले में पूर्व गृह मंत्री असदुज्जामान खान कमाल और पूर्व पुलिस महानिरीक्षक चौधरी अब्दुल्ला अल मामून भी आरोपी हैं. ट्रिब्यूनल ने कहा कि तीनों ने मिलकर मानवता के खिलाफ अपराध किए. राजनीतिक नेतृत्व की ओर से दिए गए सीधे आदेशों की वजह से प्रदर्शनकारियों और अन्य नागरिकों के मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन हुआ. ट्रिब्यूनल के मुताबिक करीब 1400 लोगों की हत्या की गई और 11 हजार से अधिक लोग हिरासत में लिए गए, गिरफ्तार किए गए.  ट्रिब्यूनल ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि संयुक्त राष्ट्र ने भी देखा कि राजनीतिक नेतृत्व के निर्देश पर हिरासत में यातनाएं दी गईं. ऐसी घटनाओं की कई रिपोर्ट्स भी हैं. बड़ी संख्या में ऐसे वीडियो भी जब्त किए गए हैं और इन्हें खंगाला जा रहा है. ट्रिब्यूनल ने यह भी कहा कि इन वीडियोज से पता चलता है कि किस तरह प्रदर्शनकारियों की गोली मारकर हत्या की गई. इनमें से कई वीडियो यूट्यूब चैनलों पर दिखाए भी जा चुके हैं. एक ऐसे गवाह ने भी ट्रिब्यूनल के सामने गवाही दी, जिसका चेहरा विकृत कर दिया गया था. घायलों के इलाज नहीं करने के दिए गए निर्देश- ट्रिब्यूनल ट्रिब्यूनल ने कहा कि कई वीडियो में हेलीकॉप्टर से लोगों पर गोलीबारी भी दिखी है. घायलों को अस्पताल में भर्ती नहीं करने के निर्देश भी दिए गए थे. एक वीडियो में दिखा कि एक प्रदर्शनकारी की दोनों आंखों से खन बह रहा था और वह मदद की गुहार लगाता रहा. कुछ प्रदर्शनकारियों को पांच मीटर की दूरी से गोली मारी गई, कई को कई गोलियां मारी गईं. ट्रिब्यूनल ने कहा कि अस्पतालों ने उन्हें भर्ती करने से इनकार कर दिया. गवाहियों से यह भी सामने आया कि डॉक्टर्स को निर्देश दिया गया था कि वे किसी भी घायल को भर्ती न करें और पहले से भर्ती मरीजों को भी न छोड़ें. डॉक्टर्स की गवाही से स्पष्ट है कि पुलिस-प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों के इलाज में बाधा डाली. कुछ डॉक्टर्स को पोस्टमार्टम रिपोर्ट बदलने के लिए मजबूर किया गया और धमकाया गया. शेख हसीना ने दिए थे प्रदर्शनकारियों को मारने के आदेश- ट्रिब्यूनल ट्रिब्यूनल ने कहा कि 18 जुलाई को गोली लगने से घायल हुए 200 से अधिक मरीज अस्पतालों में पहुंचे थे. 19 जुलाई को भी करीब इतने ही मरीज अस्पताल पहुंचे थे. ट्रिब्यूनल ने यह भी कहा कि शेख हसीना ने प्रदर्शनकारियों को मारने के आदेश दिए थे. सबूत इतने ठोस हैं कि दुनिया की किसी भी अदालत में इन्हें पेश किया जाए, अधिकतम सज़ा ही मिलती. यह साबित होता है कि आरोपियों ने अपराध किया है और वे अधिकतम सज़ा के पात्र हैं. ट्रिब्यूनल ने कहा कि शेख हसीना अधिकतम सजा की हकदार हैं. ट्रिब्यूनल ने यह भी बताया कि शेख हसीना के खिलाफ कौन-कौन से साक्ष्य मिले हैं. फैसले से पहले पूरे मामले को पढ़कर रिकॉर्ड में रखा गया, इसलिए प्रक्रिया लंबी चली और फैसला आने में समय लगा. राजधानी ढाका में पुलिस को हिंसक प्रदर्शन की स्थिति में प्रदर्शनकारियों को गोली मारने के आदेश दिए गए हैं. शेख हसीना ने फैसले से पहले अपने समर्थकों को भेजे वीडियो संदेश में खुद पर लगे आरोपों को गलत बताया और कहा कि फैसला दे दें, मुझे परवाह नहीं है. किन मामलों में शेख हसीना को मिली सजा? शेख हसीना तीन आरोपों में दोषी पाई गई हैं –     भड़काऊ बयान देना … Read more

सरकारी मदद के बिना पलायन रोकने के लिए बीजेपी करेगी आदिवासी क्षेत्रों में व्यापक काम

भोपाल  2028 के विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए बीजेपी ने आदिवासी क्षेत्रों में समग्र ग्रामीण विकास का नया ब्लूप्रिंट तैयार किया है। इस योजना के तहत आदिवासी आरक्षित 47 विधानसभा क्षेत्रों में तीन से चार गांवों के समूह बनाकर विभिन्न मानकों पर बिना सरकारी सहयोग के विकास कार्य किए जाएंगे। इस पहल को ‘संकुल विकास परियोजना’ नाम दिया गया है। क्लस्टर आधारित विकास मॉडल बीजेपी ने क्लस्टर स्तर पर विस्तृत प्रोफाइल तैयार कराई है। इसमें प्रत्येक संकुल का नाम, संबंधित जिला और ब्लॉक, शामिल ग्राम पंचायतों की सूची, तहसील मुख्यालय से दूरी, पंचायतों के अंतर्गत आने वाले गांवों की संख्या, कुल जनसंख्या और परिवारों का विवरण सम्मिलित किया गया है। एक क्लस्टर में अधिकतम आठ ग्राम पंचायतों को शामिल करने की व्यवस्था की गई है। ये है BJP का पूरा प्लान बीजेपी जनजातीय मोर्चे ने मध्यप्रदेश के आदिवासी क्षेत्रों में गांवों के विकास के लिए संसदीय संकुल विकास परियोजना लागू की है। इस पहल के तहत प्रत्येक आदिवासी विधानसभा सीट पर तीन से चार गांवों को जोड़कर एक संकुल (क्लस्टर) बनाया जाएगा। इसमें एक-दूसरे से भौगोलिक रूप से जुड़े ग्राम पंचायतों को सम्मिलित किया जाएगा, ताकि आवागमन और समन्वय दोनों में सुगमता बनी रहे। क्लस्टर में शामिल ग्राम पंचायतों में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, जलसंकट, आजीविका और पलायन जैसे प्रमुख मुद्दों पर ट्राइबल सिविल सोसाइटी बिना किसी सरकारी सहयोग के स्वयं विकास कार्यों को आगे बढ़ाएगी। कलस्टर की प्रोफाइल तैयार कराई बीजेपी ने क्लस्टर लेवल की प्रोफाइल तैयार कराई है। इसमें संकुल के नाम के साथ जिला, ब्लॉक और संकुल में शामिल ग्राम पंचायतों के नाम, तहसील मुख्यालय से दूरी, पंचायत में शामिल गांवों की संख्या, पंचायत की जनसंख्या और कुल परिवारों की संख्या की जानकारी तैयार कराई है। एक कलस्टर में अधिकतम 8 ग्राम पंचायतें शामिल की जा सकती हैं। कलस्टर कमेटी में विधायक और पूर्व विधायक शामिल होंगे संकुल विकास परियोजना के लिए बनने वाली कमेटी में उस क्षेत्र के बीजेपी विधायक, संबंधित पंचायतों के सरपंच, जिला पंचायत, जनपद पंचायत अध्यक्ष शामिल किए जाएंगे। जहां बीजेपी के विधायक नहीं हैं वहां पूर्व विधायकों या हारे हुए विधानसभा प्रत्याशी समिति में लिए जाएंगे। अब आदिवासी क्षेत्रों में बीजेपी और कांग्रेस का प्रभाव समझिए एमपी में आदिवासी वर्ग के लिए 47 विधानसभा सीटें आरक्षित हैं। इनमें से 25 सीटों पर बीजेपी, 21 सीटों पर कांग्रेस और एक सीट पर भारत आदिवासी पार्टी का कब्जा है। आदिवासी क्षेत्रों में बीजेपी गांवों के समग्र विकास का मॉडल प्रस्तुत करके कांग्रेस के विकास और बीजेपी के डेवलपमेंट मॉडल को बताना चाहती है। एमपी की मोहन सरकार में आदिवासी वर्ग के 5 मंत्री हैं। इनमें विजय शाह, नागर सिंह चौहान, निर्मला भूरिया, संपतिया उईके, राधा सिंह मंत्री हैं। विधायक और पूर्व विधायक भी होंगे शामिल संकुल विकास परियोजना के लिए प्रस्तावित समिति में संबंधित क्षेत्र के बीजेपी विधायक, शामिल ग्राम पंचायतों के सरपंच, जिला पंचायत और जनपद पंचायत के अध्यक्षों को सदस्य बनाया जाएगा। जिन क्षेत्रों में पार्टी का विधायक नहीं है, वहां समिति में पूर्व विधायक या पिछली विधानसभा चुनाव में पार्टी के प्रत्याशी को शामिल किया जाएगा।

पुलिस की बड़ी चूक: हिरासत से आरोपी भागा, SP ने तीन आरक्षकों को किया सस्पेंड

 जांजगीर-चांपा  जिले से पुलिस की बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है, जहां एक आरोपी पुलिस हिरासत से हथकड़ी के साथ फरार हो गया। फरार आरोपी का नाम महावीर कंवर बताया जा रहा है, जो दुष्कर्म के मामले में पिछले तीन साल से फरार था। बताया जा रहा है कि रविवार को आरोपी महावीर कंवर को रिमांड कोर्ट में पेश किया गया था, जहां से जेल वारंट पर उसे भेजा गया था, लेकिन इसी दौरान वह पुलिस की गिरफ्त से निकलकर फरार हो गया। आरोपी के फरार होने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। वहीं आरोपी की तलाश में पुलिस जुटी हुई है। इस मामले में लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पांडेय ने कार्रवाई की और तीन आरक्षकों को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही नगर सैनिक के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए पत्राचार किया गया है।

लोकप्रिय SUV Grand Vitara में खामी, Maruti Suzuki ने बड़ी रिट्रीवल की घोषणा की

मुंबई   देश की सबसे कार निर्माता कंपनी Maruti Suzuki की एसयूवी Maruti Suzuki Grand Vitara एक लोकप्रिय कार है. हालांकि कंपनी ने अब दिसंबर 2024 और अप्रैल 2025 के बीच निर्मित Maruti Grand Vitara की 39,000 से ज़्यादा यूनिट्स को वापस मंगाया गया है. कार निर्माता कंपनी का कहना है कि प्रभावित वाहनों में फ्यूल लेवल इंडीकेटर और वार्निंग लाइट में गड़बड़ी होने का संदेह है. इस गड़बड़ी से कुल 39,506 यूनिट्स प्रभावित हुई हैं. Maruti Suzuki का कहना है कि इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर में फ्यूल लेवल इंडीकेटर में खराबी के कारण वाहन चालक को ईंधन का गलत स्तर दिखा सकता है. हालांकि इस खराबी से सेफ्टी पर कोई बड़ा प्रभाव पड़ने की संभावना नहीं है, लेकिन इससे वाहनों में इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर में दर्शाए गए स्तर से कम फ्यूल होने की स्थिति पैदा हो सकती है. Maruti Suzuki का कहना है कि कंपनी के डीलर और सर्विस सेंटर, रिकॉल से प्रभावित एसयूवी के सभी मालिकों से संपर्क करेंगे और उन्हें निःशुल्क पार्ट्स निरीक्षण और प्रतिस्थापन प्रदान करेंगे. Maruti Suzuki ने साल 2022 में भारत में Grand Vitara नाम को एक बिल्कुल नई कॉम्पैक्ट एसयूवी के रूप में पुनर्जीवित किया है, जिसने कंपनी के लाइन-अप में Maruti S-Cross की जगह ली और प्रतिष्ठित Hyundai Creta को टक्कर दी. Maruti Grand Vitara, Maruti Suzuki-Toyota साझेदारी के तहत विकसित पहला उत्पाद भी था. इस एसयूवी को Toyota से एक सहयोगी मॉडल – Toyota Urban Criuser Hyryder भी मिला. Maruti Grand Vitara कई पावरट्रेन विकल्पों के साथ बाजार में बेची जा रही है. इसमें 1.5-लीटर नैचुरली एस्पिरेटेड (NA) पेट्रोल इंजन मिलता है, जिसके साथ मैनुअल और ऑटोमैटिक गियरबॉक्स विकल् मिलता है. इसके अलावा 1.5-लीटर पेट्रोल स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड पावरट्रेन भी मिलता है, जो स्टैंडर्ड तौर पर CVT गियरबॉक्स के साथ आता है. यह नैचुरली एस्पिरेटेड पेट्रोल इंजन के कई वेरिएंट में फ़ैक्टरी CNG किट और टॉप वेरिएंट में वैकल्पिक ऑल-व्हील ड्राइव का विकल्प भी मिलता है. Maruti Grand Vitara भारतीय बाज़ार में काफी सफल रही है और इस साल की शुरुआत में इसकी बिक्री 3 लाख यूनिट को पार कर गई थी.

अभिनेत्री और सांसद जया प्रदा ने महाकालेश्वर मंदिर में की पूजा, नंदी के कान में रखी मुराद

उज्जैन अभिनेता धर्मेंद्र के स्वास्थ की मंगलकामना लेकर एक समय की विख्यात अभिनेत्री व सांसद जया प्रदा बाबा महाकाल के दरबार में पहुंची. इसके अलावा अभिनेता सनी सिंह और अभिनेत्री युक्ति थरेजा ने भी बाबा महाकाल के दर्शन लाभ लिए. जया प्रदा ने नंदी हॉल में नंदी के कान में लगकर कुछ मुराद मांगी. इसके बाद जया प्रदा ने महाकालेश्वर मंदिर की व्यवस्था की तारीफ की. अभिनेता सनी सिंह, अभिनेत्री युक्ति थरेजा ने भी किए दर्शन महाकालेश्वर मंदिर धाम में रोजाना हजारों की संख्या में भक्त आते हैं. नेता, अभिनेता, अभिनेत्रियां, खिलाड़ी व अन्य VVIP भी बाबा महाकाल के दर्शन करने आते रहते हैं. रविवार को अभिनेत्री जया प्रदा और सोमवार सुबह अभिनेता सनी सिंह, अभिनेत्री युक्ति थरेजा बाबा महाकाल की शरण मे पहुंचे. तीनों लोगों ने देश में सुख-समृध्दि की मंगलकामना की. बाबा महाकाल से धर्मेंद्र के लिए प्रार्थना जया प्रदा ने कहा "बाबा महाकाल के धाम से कोई खाली हाथ नहीं जाता. बाबा हमेशा झोली भरकर भेजते हैं. बाबा जल्द ही करोड़ों लोगों के दिल पर राज करने वाले धर्मेंद्र का स्वस्थ ठीक करें, यही मंगलकामना की है." उन्होंने मंदिर में सफाई व्यवस्थाओ की भी तारीफ की. जयाप्रदा बॉलीवुड की प्रसिद्ध कलाकार रही हैं. वह लोकसभा की सदस्य भी रह चुकी हैं. फिलहाल वह भाजपा से जुड़ी हैं. जयाप्रदा ने अमिताभ, धर्मेंद्र, जितेंद्र, मिथुन जैसे बड़े कलाकारों के साथ लीड रोल निभाया है. बाबा महाकाल के दर्शन कर भावविभोर वहीं, फिल्म अभिनेता सनी सिंह एवं फिल्म अभिनेत्री युक्ति थरेजा का भी पुजारी परिवार ने सम्मान किया. सभी कलाकारों ने मंदिर के गर्भ गृह के द्वार से माथा टेक भगवान का आशीर्वाद लिया. सनी सिंह और युक्ति थरेजा ने मंदिर प्रबंधन द्वारा किए जा रहे सुचारु दर्शन व्यवस्थाओं की सराहना की. दोनों ने महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन को अपने लिए आध्यात्मिक एवं अविस्मरणीय अनुभव बताया. सन्नी सिंह ने इन फिल्मों में रोल किए सन्नी सिंह मॉडल भी हैं. फ़िल्म 'दिल तो बच्चा है जी' से उन्होंने फ़िल्म इंडस्ट्री में एंट्री की थी. सोनू के टीटू की स्वीटी, उजड़ा चमन व अन्य फिल्मों में वह काम कर चुके हैं. अभिनेत्री युक्ति थरेजा मॉडल और टीवी सीरियलों में काम करने के बाद फिल्म इंडस्ट्री में आई हैं. उन्होंने जुनून, डेविल, मैक्रो व कुछ और फिल्मों में रोल किए हैं.