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CJI गवई का विदाई उपहार: न्यायालय में सुविधा बढ़ाने वाला नया सिस्टम लॉन्च

नई दिल्ली देश के मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस बीआर गवई 23 नवंबर को अपने पद से सेवानिवृत हो रहे हैं। आज (शुक्रवार को) उनका अंतिम कार्य दिवस है। इसलिए उनके सम्मान में सेरिमोनियल बेंच का आयोजन किया गया, जिसमें साथी जजों, अटॉर्नी जनरल, सॉलिसिटर जनरल से लेकर अन्य कानूनविदों और वकीलों ने उनके सेवाकाल की तारीफ की और भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी। इससे पहले जस्टिस गवई ने गुरुवार को वकीलों और केस लड़ने वालों यानी वादियों को बड़ा तोहफा दिया। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के लिए ई-फाइलिंग पोर्टल का नया वर्जन लॉन्च किया। इस पोर्टल के जरिए वकील ऑनलाइन भी पेश हो सकेंगे। CJI गवई ने गुरुवार की सुबह के सेशन में पायलट बेसिस पर शुरू किए गए इस नए वर्जन के लॉन्च की घोषणा की। CJI ने जस्टिस पीबी वराले और जस्टिस के विनोद चंद्रन के साथ बैठकर यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि नया सिस्टम कई डिजिटल सर्विसेज को एक इंटरफेस में मिला देगा। उन्होंने कहा कि यह प्लेटफॉर्म एक ही लॉग-इन के जरिए हाइब्रिड ऑप्शन के साथ ई-फाइलिंग, सर्टिफाइड कॉपी और फिजिकल हियरिंग की भी सुविधा देता है। मौजूदा फाइलिंग सिस्टम नए सिस्टम के साथ काम करता रहेगा लाइव लॉ के मुताबिक, उन्होंने कहा कि इसे धीरे-धीरे शुरू किया जाएगा ताकि कोर्ट धीरे-धीरे प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल बढ़ा सके। CJI गवई ने कहा कि इस बदलाव के दौरान मौजूदा फाइलिंग सिस्टम नए सिस्टम के साथ काम करता रहेगा और साथ-साथ चलेगा। जस्टिस गवई के मुताबिक, यह पहल डिजिटल प्रक्रियाओं को आसान बनाने और एक ही फ्रेमवर्क में अलग-अलग ऑनलाइन सर्विसेज की एक्सेस बढ़ाने की कोर्ट की कोशिशों को दिखाती है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को अपनाने की भी कोशिश उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा कि नई सिस्टम लॉन्च करने का मकसद वकीलों और केस लड़ने वालों यानी वादियों की सुविधा बढ़ाना है। उन्होंने ये भी कहा कि सुप्रीम कोर्ट धीरे-धीरे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को अपनाने की भी कोशिश कर रहा है।  

एक बार फिर अदालत में चुनौती: सुप्रीम कोर्ट ने SIR पर चुनाव आयोग से मांगा जवाब

केरल केरल, उत्तर प्रदेश और दूसरे राज्यों में मतदाता सूचियों के SIR के निर्वाचन आयोग के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है। इससे जुड़ी याचिकाओं के एक बैच पर एससी ने सुनवाई के लिए शुक्रवार को सहमति जताई। जज सूर्यकांत, जज एसवीएन भट्टी और जज जॉयमाल्या बागची की पीठ ने निर्वाचन आयोग को नोटिस जारी किया है। अलग-अलग राज्यों में भिन्न-भिन्न आधार पर एसआईआर की कवायद को चुनौती देने वाली विभिन्न नेताओं की सभी नई याचिकाओं पर आज सुनवाई की।   केरल में SIR को चुनौती देने वाले एक याचिकाकर्ता की ओर से सीनियर वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि राज्य में स्थानीय निकाय चुनाव भी होने हैं। इसलिए इस मामले में तत्काल विचार की आवश्यकता है। पीठ ने निर्देश दिया कि केरल में एसआईआर को चुनौती देने वाली याचिकाओं को 26 नवंबर को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जाएगा। दूसरे राज्यों में इस कवायद को चुनौती देने वाली बाकी याचिकाओं पर दिसंबर के पहले या दूसरे हफ्ते में सुनवाई होगी। फैसले की वैधता को चुनौती शीर्ष अदालत पहले ही पूरे भारत में SIR कराने के निर्वाचन आयोग के फैसले की वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं के एक बैच पर सुनवाई कर रही है। उसने गत 11 नवंबर को द्रमुक, माकपा, पश्चिम बंगाल कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस के नेताओं की याचिकाओं पर आयोग से अलग-अलग जवाब मांगे थे। इन याचिकाओं में तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में मतदाता सूचियों के एसआईआर को चुनौती दी गई थी। SIR पर कांग्रेस के सवाल दूसरी ओर, कांग्रेस ने आरोप लगाया कि मतदाता सूचियों का SIR आदिवासियों को चुनावी प्रक्रिया से बाहर रखने की सुनियोजित साजिश है। पार्टी के आदिवासी विभाग के प्रमुख विक्रांत भूरिया ने यह भी कहा कि आदिवासियों के लिए एक प्रवासन नीति बननी चाहिए। उन्होंने मध्य प्रदेश में सिविल जज परीक्षा-2022 के परिणाम को लेकर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि एक भी आदिवासी का चयन नहीं किया गया, जो आरक्षण खत्म करने का एक तरीका है।  

हेमंत सरकार पर अजय साह का हमला: स्कूली बच्चों की योजनाओं में भी लूटखसोट

रांची झारखंड में भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता अजय साह ने राज्य सरकार के शिक्षा विभाग पर गंभीर अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। साह ने आज यहां पार्टी के प्रदेश कार्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा कि झारखंड में चौतरफा लूट खसोट मचा हुआ है। यह सरकार स्कूली बच्चों को भी लूट रही है। साह ने कहा कि पिछले दो वर्षों में शिक्षा विभाग और एमकेएस एंटरप्राइज़ के गठजोड़ के चलते आधार कार्ड निर्माण से जुड़ा लगभग 75 करोड़ रुपये का बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। साह ने बताया कि मार्च 2023 में स्कूली बच्चों के नए आधार एनरोलमेंट और बायोमेट्रिक अपडेट के लिए जेईपीसी-जो शिक्षा विभाग के अधीन कार्य करता है-द्वारा एजेंसी चयन के लिए टेंडर जारी किया गया, जिसमें एमकेएस एंटरप्राइज को नियुक्त किया गया। साह ने कहा कि टेंडर की मूल प्रति, एजेंसी को जारी वर्क ऑडर्र, जेईपीसी निदेशक के तीन आधिकारिक पत्र और आरटीआई से प्राप्त सूचनाएं स्पष्ट रूप से दिखाती हैं कि छात्रों से आधार एनरोलमेंट या बायोमेट्रिक अपडेट के लिए किसी भी प्रकार की फीस नहीं ली जानी थी। प्रति छात्र 50 रुपये का भुगतान भारत सरकार द्वारा जेपीईसी को किया जाना था, जिसे आगे एजेंसी को दिया जाना था, लेकिन इसके विपरीत, अजय साह ने डिजिटल लेन-देन के दस्तावेज दिखाते हुए दावा किया कि जेपीईसी के संरक्षण में एमकेएस एंटरप्राइज ने पिछले दो वर्षों में स्कूलों में व्यापक अवैध वसूली की। उन्होंने बताया कि 250 ब्लॉक रिसोर्स सेंटर्स में प्रतिदिन औसतन 2,000 रुपये की उगाही होती रही और इसी आधार पर करीब 36 करोड़ रुपये छात्रों से गैरकानूनी रूप से वसूले गए। इतना ही नहीं, आधार एनरोलमेंट के नाम पर केंद्र सरकार से भी लगभग इतनी ही राशि ली गई। इसके अलावा एजेंसी ने राज्यभर के लगभग 500 'आधार सुपरवाइज़र' से ‘सिक्योरिटी मनी' के नाम पर करीब 2.5 करोड़ रुपये की और वसूली की। इन सभी आंकड़ों को जोड़ने पर घोटाले की कुल राशि लगभग 75 करोड़ रुपये तक पहुंचती है। साह ने आरोप लगाया है कि जेईपीसी और एजेंसी की मिलीभगत सिर्फ अवैध वसूली तक सीमित नहीं रही, बल्कि आधार सुपरवाइजर का खुला शोषण भी हुआ। नौकरी देने के नाम पर पहले 50-50 हजार रुपये वसूले गए और जब सुपरवाइजर ने अपनी बकाया सैलरी की मांग की तो उन पर उल्टा लाखों रुपये का जुर्माना थोपकर उन्हें धमकाया गया। उन्होंने कहा कि एमकेएस एंटरप्राइज़ बिहार और बंगाल में भी फर्जी आधार कार्ड बनाने की गतिविधियों में शामिल है और इसकी गहन जांच आवश्यक है। इसके अलावा यह मामला करोड़ों रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग से भी जुड़ा हुआ है, जिसकी जांच अपरिहार्य है। भाजपा ने इस पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच, जेईपीसी की भूमिका की स्वतंत्र जांच और एमकेएस एंटरप्राइज को तत्काल ब्लैकलिस्ट करने की मांग की है। संवाददाता सम्मेलन में युवा मोर्चा मीडिया प्रभारी प्रिंस कुमार उपस्थित थे।  

जन सुराज के लिए जीवन समर्पित: प्रशांत किशोर ने घर सहित सारी संपत्ति दान की, बोले– कमाई का 90% भी दूंगा

पटना  बिहार विधानसभा चुनाव में 238 सीटें लड़कर जीरो पर आउट हुई जन सुराज पार्टी (जेएसपी) के नेता प्रशांत किशोर ने पार्टी को आगे चलाने के लिए दिल्ली का एक घर छोड़कर सारी संपत्ति पार्टी को दान करने का ऐलान कर दिया है। प्रशांत ने इसके साथ ही अगले पांच साल तक सलाह देने के बदले होने वाली कमाई का 90 फीसदी हिस्सा भी जन सुराज को डोनेट करने की घोषणा की है। पार्टी की हार के लिए चंपारण के गांधी आश्रम में 24 घंटे का प्रायश्चित उपवास तोड़ने के बाद पीके ने 15 जनवरी से बिहार में नए सिरे से पार्टी का अभियान शुरू करने की जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि जन सुराजी एक-एक वार्ड में जाएंगे और सरकार के वादों पर अमल करवाएंगे। प्रशांत ने कहा कि पार्टी महिलाओं का फॉर्म भरवाएगी, ताकि उनको 10 हजार रुपये मिले या बाद में मिलने वाला 2 लाख रुपया भी सरकार दे। प्रशांत ने कहा कि महिलाओं को 10 हजार देने वक्त कोई शर्त नहीं रखा गया लेकिन 2 लाख देने के नाम पर अफसर शर्त बताएंगे। उन्होंने कहा कि ग्रामीण विकास मंत्रालय ने मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना की जो शर्त जारी की है, उस शर्त के मुताबिक बिहार की डेढ़ करोड़ महिलाओं से फॉर्म भरवाकर जमा कराना जन सुराज के कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि राज्य के 1 लाख 18 हजार वार्ड में जाकर फॉर्म भरवाएंगे और जमा करवाएंगे। उन्होंने कहा कि या तो 2 लाख रुपया मिले या उनको सबक मिले कि भविष्य में गलती से वोट बेचना नहीं है। प्रशांत किशोर ने पार्टी को आगे चलाने के लिए संसाधन और पैसों की जरूरत पर चर्चा की और कहा कि 20 साल में उन्होंने जो भी कमाया है, दिल्ली का एक घर परिवार के लिए छोड़कर सारी चल-अचल संपत्ति वो जन सुराज पार्टी को दान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले 5 साल तक जो भी वो कमाएंगे, उसका कम से कम 90 परसेंट पार्टी को डोनेट करेंगे। उन्होंने जन सुराज को साल में कम से कम 1000 रुपये दान करने की अपील आम लोगों से की है। उन्होंने यह भी कहा कि अब वो सिर्फ उनसे मिलेंगे, जो जन सुराज को कम से कम 1000 रुपये का दान देंगे। उन्होंने कहा कि अब संघर्ष का समय शुरू हो रहा है।  

भारत को मिला नया विश्व विजेता: जैस्मिन लंबोरिया ने बॉक्सिंग में जीता गोल्ड

भिवानी देश की राजधानी दिल्ली के पास स्थित शहीद विजय सिंह पथिक स्पोर्ट्स काम्पलेक्स में चल रहे विश्व मुक्केबाजी कप में भिवानी की मुक्केबाज जैस्मिन लंबोरिया ने 57 किलोग्राम भार वर्ग में गोल्ड मैडल प्राप्त कर एक बार फिर से देश, राज्य व भिवानी जिला का नाम रोशन किया है। उनकी इस जीत को लेकर भिवानी में उनके परिजनों ने खुशी जताते हुए कहा कि यह उनकी इसी वर्ष की लगातार तीसरा गोल्ड मैडल है। उसने एक ही वर्ष में तीन बार विश्व मुक्केबाजी चैंपियन बनने का रिकॉर्ड अपने नाम किया है। जैस्मिन लंबोरिया के पिता जयवीर सिंह, उनके कोच व चाचा संदीप सिंह व प्रविंद्र तथा ताऊ महाबीर ने बताया कि जैस्मिन भारतीय सेना में सूबेदार के पद पर कार्यरत्त है। इससे पहले उसने इंग्लैंड के लीवरपुल तथा कजाकिस्तान में आयोजित विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप में भी देश के लिए मैडल लिए थे। यह उनका इसी वर्ष का तीसरा मैडल है। यह उसकी कड़ी मेहनत व प्रशिक्षण का नतीजा है। उन्होंने बताया कि इससे पूर्व जो भी मैडल लिए है, वे जैस्मिन ने ओलंपिक मैडलिस्ट खिलाडिय़ों को हराकर जीते है। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में जैस्मिन का टारगेट 2026 में होने वाली एशियन तथा कॉमनवेल्थ खेलों पर रहेगा। वर्ष 2028 में होने वाले लॉस एंजिलिस में होने वाले ओलंपिक में देश के लिए गोल्ड मैडल लाने के लक्ष्य को लेकर जैस्मिन कड़ी मेहनत से जुटी हुई है। जिसमें उसके परिवार का पूरा सहयोग है। जैस्मिन के परिजनों ने कहा कि जैस्मिन लंबोरिया ने 2016 में बॉक्सिंग की शुरूआत की थी तथा उसने बॉक्सिंग के बेसिक सीखने के बाद ही मात्र डेढ़ वर्ष के खेल में मैडल जीतना शुरू कर दिया था। मात्र 9 साल के अब तक के खेल में उसने वल्र्ड लेवल पर ना केवल भारत देश का नाम रोशन किया है, बल्कि अपने राज्य हरियाणा व गृह जिले भिवानी का नाम भी रोशन करने का कार्य किया है। वह बचपन में अपने चाचा संदीप व प्रविंद्र को मुक्केबाजी करते देखा करती थी, उनके मार्गदर्शन में इसने मुक्केबाजी सीखी तथा आज वह विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप में देश के लिए स्वर्ण पदक जीत पाई।

ग्लैमरस रॉयल वेडिंग: जेनिफर लोपेज और बीबर जमाएंगे रंग, बॉलीवुड से लेकर जूनियर ट्रम्प तक VIP मेहमान होंगे शामिल

उदयपुर लेकसिटी उदयपुर में होने वाली रॉयल वेडिंग के लिए सिटी पैलेस के माणक चौक को जगमग रोशनी और फूलों से सजाया जा रहा है। इस रॉयल वेडिंग में हॉलीवुड सेंसेशन जेनिफर लोपेज और फेमस सिंगर जस्टिन बीबर भी शामिल हो सकते हैं। बताया जा रहा है कि शादी में इनकी एक परफॉर्मेंस रखी गई है। हालांकि इनके ट्रिप और प्रोग्राम की डिटेल्स पूरी तरह सीक्रेट रखी गई है। पिछोला झील के बीच बने जग मंदिर आइसजेंड पैलेस में 23 नवंबर को अमेरिकी अरबपति बिजनेसमैन रामा राजू मंटेना की बेटी नेत्रा मंटेना और अमेरिकी मूल के दूल्हे वामसी गडिराजू की शादी के लिए 21 से 24 नवंबर तक कार्यक्रम होंगे। शादी में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के बेटे डोनाल्ड ट्रम्प जूनियर 21 नवंबर को पूरी फैमिली के साथ पहली बार उदयपुर आएंगे। सूत्रों के अनुसार बॉलीवुड एक्टर ऋतिक रोशन, रणवीर सिंह, शाहिद कपूर, एक्ट्रेस कृति सेनन समेत कई एक्टर-एक्ट्रेस भी शादी में शिरकत करेंगे। लेकसिटी  में आयोजित होंने वाली इस रॉयल वेंडिंग  की तैयारियां जोरों-शोरों पर है और इसके चलते शहर की लीला पैलेस, होटल जगमंदिर सहित सिटी पैलेस की सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है। पिछोला झील किनारे बने फाइव स्टार होटल लीला पैलेस में डोनाल्ड ट्रम्प जूनियर अपनी फैमिली के साथ ठहरेंगे। इसके चलते पूरे होटल में कॉरिडोर बनाते हुए सुरक्षा बढ़ाई गई है। इसी तरह उदयपुर के सिटी पैलेस और जगमंदिर में आयोजन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। बता दें कि 4 अलग-अलग चार्टर से बॉलीवुड एक्टर ऋतिक रोशन, रणवीर सिंह, शाहिद कपूर, एक्ट्रेस माधुरी दीक्षित, कृति सेनन, जैकलीन फर्नाडीज, वाणी कपूर, जाह्नवी कपूर और फिल्म डायरेक्टर करण जौहर भी शादी में शरीक होंगे। इस शाही शादी में  सिटी पैलेस के माणक चौक और जनाना महल में कलाकारों की परफॉर्मेंस होगी, जिसमें अमेरिका के एक फेमस डीजे ग्रुप और देश-विदेश के डांसर सहित कई कलाकार परफॉर्मेंस करेंगे। इसके अलावा दक्षिण अफ्रीका के मशहूर डीजे और संगीत निर्माता ब्लैक कॉफी (एनकोसिनाथी इनोसेंट माफुमुलो) भी इस रॉयल वेडिंग में परफॉर्म करेंगे। हाउस और अफ्रो-हाउस संगीत के मिश्रण को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने वाले ब्लैक कॉफी को दुनिया के सबसे लोकप्रिय इलेक्ट्रॉनिक म्यूजिक कलाकारों में गिना जाता है। रॉयल वेडिंग के लिए उदयपुर के सिटी पैलेस के माणक चौक को जगमग रोशनी और फूलों से सजाया जा रहा है। यहां एक बड़ा स्टेज का सेटअप भी बना है, जिस पर कलाकार परफॉर्मेंस देंगे। फिलहाल तीन-चार दिन से कलाकार यहां रिहर्सल करने में जुटे हैं।

प्रदूषण पर कड़ा वार: सोनीपत में GRAP-III के बाद बड़ी कार्रवाई, कई यूनिटों पर शिकंजा

सोनीपल  दिल्ली–एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण स्तर को देखते हुए ग्रेप-3 (GRAP-III) लागू होने के बाद सोनीपत जिला प्रशासन और सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) ने शुक्रवार को बड़े स्तर पर संयुक्त कार्रवाई शुरू कर दी। जिले में प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों पर कड़ी निगरानी के लिए 19 टीमें गठित कर औचक छापेमारी की जा रही है। इस अभियान की कमान डीसी सुशील सारवान, डीसीपी नरेंद्र कादियान और जिले के चारों एसडीएम के हाथ में है। करीब 55 अधिकारियों और भारी पुलिस बल के साथ टीमें उन औद्योगिक इकाइयों की जांच में जुटी हैं जो वायु प्रदूषण के लिए जिम्मेदार मानी जा रही हैं।    राई रेस्ट हाउस से शुरू हुई कार्रवाई सभी टीमें सुबह राई रेस्ट हाउस में इकट्ठा की गईं, जहां मौके पर ही उद्योगों की सूची, चेकिंग मानक, और कार्रवाई से जुड़े दिशा–निर्देश अधिकारियों को सौंपे गए। डीसी सुशील सारवान ने सभी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी और प्रदूषण फैलाने वाली इकाइयों पर तुरंत सख्त कार्रवाई की जाए। जिलेभर में छापेमारी इसके बाद टीमें राई, कुंडली, बरौली, मुरथल सहित विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में पहुंचीं और प्रदूषण नियंत्रण उपकरण, धुएं के उत्सर्जन स्तर, कचरा निस्तारण, तथा पानी–धूल नियंत्रित करने की व्यवस्थाओं की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। जांच के बाद नियमों का उल्लंघन करने वाले उद्योगों पर सीलिंग, नोटिस, और भारी जुर्माने जैसी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि GRAP-III लागू रहने तक यह अभियान निरंतर जारी रहेगा।

दिल्ली में डटे विधायक, DK शिवकुमार के समर्थन में तेज हुई राजनीतिक सक्रियता

नई दिल्ली बिहार विधानसभा चुनाव में करारी हार से कांग्रेस संभली भी नहीं है कि कर्नाटक में सत्ता को लेकर खींचतान शुरू हो गई है। डिप्टी सीएम और प्रदेश अध्यक्ष डीके शिवकुमार के समर्थक लंबे समय से नेतृत्व परिवर्तन चाहते हैं और अब इन लोगों ने दिल्ली में ही डेरा डाल दिया है। डीके शिवकुमार समेत कर्नाटक के कुल 10 विधायक दिल्ली में मौजूद हैं। इस बीच डीके शिवकुमार के समर्थक विधायक इकबाल हुसैन का कहना है कि पार्टी चीफ मल्लिकार्जुन खरगे से हमें भरोसा मिल गया है। उन्होंने कहा कि खरगे से हमें भरोसा मिल है कि सब कुछ ठीक हो जाएगा। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार हुसैन ने कहा कि खरगे ने डीके शिवकुमार के सभी समर्थक विधायकों से बात की है। अब उनका कहना है कि हम हाईकमान से इस संबंध में बात करेंगे और सब सही होगा। हुसैन ने कहा कि खरगे का कहना था कि इस बारे में हाईकमान से बात करनी होगी। उसके बाद ही कुछ बताएंगे और न्याय की उम्मीद है। अब तक इस मामले में कांग्रेस की टॉप लीडरशिप की ओर से कुछ कहा नहीं गया है। वहीं पिछले दिनों यहां तक चर्चा थी कि डीके शिवकुमार डिप्टी सीएम या फिर प्रदेश अध्यक्ष के बाद से इस्तीफा दे सकते हैं। माना जा रहा है कि कांग्रेस पर दबाव बनाने के लिए उनकी ओर से ऐसी बात कही गई थी। चर्चा यह भी चल रही है कि कर्नाटक से डीके शिवकुमार के समर्थक कुछ और विधायक दिल्ली पहुंच सकते हैं। दरअसल शिवकुमार के समर्थकों का यह दावा रहा है कि 2023 के असेंबली इलेक्शन में जीत के बाद यह तय हुआ था कि पहले ढाई साल कमान संभालने के बाद सिद्धारमैया अलग हो जाएंगे और शिवकुमार को मौका मिलेगा। हालांकि अब तक सिद्धारमैया की ओर से इस कथित वादे के बारे में कुछ नहीं कहा गया है। इसके अलावा उन्होंने यह भी नहीं कहा है कि वह पद से इस्तीफा देंगे या नहीं। दिलचस्प बात यह है कि अक्तूबर के अंतिम दिनों से ही डीके के समर्थक लगातार कह रहे हैं कि कर्नाटक में नवंबर क्रांति हो सकती है। इस क्रांति को सीएम चेहरे में बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है।  

प्रदेश में व्यापार-व्यवसाय को प्रोत्साहित करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

म.प्र. उद्योगों के लिए पसंदीदा राज्य, एक्सपो उद्योगों को दुनिया से जोड़ने में सहायक : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश में व्यापार-व्यवसाय को प्रोत्साहित करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता: मुख्यमंत्री डॉ. यादव इंडस्ट्री, नवाचार और एमएसएमई सेक्टर के लिए एक्सपो बड़ा मंच: मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल और स्मोलेन्स्क को बनायेंगे ट्विन सिटी दो लाख करोड़ की औद्योगिक इकाइयों के भूमिपूजन के लिए केंद्रीय गृहमंत्री को दिया आमंत्रण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया तीन दिवसीय फेड एक्सपो-2025 का शुभारंभ भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश उद्योगों के लिए तेजी से उभरता हुआ पसंदीदा राज्य बन रहा है। फेड एक्सपो जैसे आयोजन स्थानीय उद्योगों और स्टार्ट-अप्स को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच से जोड़ने में बड़ी अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे एक्स्पो उद्योग-धंधों, नवाचार और एमएसएमई सेक्टर के विकास के लिए एक बड़ा मंच साबित होते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को गोविन्दपुरा में आयोजित फेड एक्सपो-2025 समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उद्योगों को बढ़ावा देने, एमएसएमई सेक्टर को अधिकतम सुविधाएं उपलब्ध कराने और ज्यादा से ज्यादा युवाओं को रोजगार के नए अवसर देने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गोविन्दपुरा इंडस्ट्रियल एरिया के एग्जिबिशन हॉल में फेडरेशन ऑफ मध्यप्रदेश चेम्बर्स आफ कामर्स एंड इंडस्ट्रीज द्वारा आयोजित तीन दिवसीय फेड एक्सपो-2025 का दीप प्रज्ज्वलन कर विधिवत् शुभारंभ किया। यह एक्सपो 23 नवम्बर तक चलेगा। एक्सपो में मध्यप्रदेश सहित देश-विदेश से आए उद्योग एवं एक्सपोर्ट सेक्टर से जुड़े उद्यमियों, निवेशकों और संस्थानों ने व्यापक रूप से भागीदारी की। एक्सपो में रूस, ओमान और ताईवान देशों से भी उद्यमी आए हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इपिक प्रोजेक्ट का विमोचन किया। इससे स्व-सहायता समूह, स्कूल, कॉलेज, ग्राम पंचायतें, शासकीय कार्यालय सभी एक प्लेटफार्म से जुड़ेंगे। इस प्रोजेक्ट के अंतर्गत प्रदेश में 1000 इन्क्यूबेशन सेंटर स्थापित किए जाएंगे। जहां हर क्षेत्र के स्टार्टअप्स को हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी। इपिक प्रोजेक्ट के अंतर्गत 10 लाख रोजगार के अवसर सृजित करने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में भारत दुनिया में अपनी विशेष पहचान बना रहा है। प्रदेश में औद्योगीकरण को बढ़ावा देने के लिए उद्योगपतियों और निवेशकों को 5000 एकड़ जमीन दी गई है। यह एक प्रकार से पांच हजार उद्योगपतियों को मध्यप्रदेश आने का निमंत्रण है। हम उद्योगपतियों से किए सभी वादों को प्रतिबद्धता के साथ पूर्ण कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में व्यापार-व्यवसाय को बढ़ावा देना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने परिसर में स्थापित फेड एक्सपो-2025 की प्रदर्शिनी का गणेश पूजन एवं फीता काटकर शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने प्रदर्शनी में स्थापित विभिन्न स्टॉल्स का अवलोकन करते हुए उद्यमियों के नवाचार, मशीनरी, तकनीकी समाधानों और स्थानीय उद्योगों के उत्पादों की सराहना की। हैदराबाद में 22 नवंबर को होगा इन्वेस्टर्स के लिए रोड-शो मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 22 नवंबर को हम हैदराबाद में वहां के इन्वेस्टर्स से संवाद करने के लिए रोड-शो करने जा रहे हैं। यह सरकार के लिए उद्योग-रोजगार वर्ष है। जीआईएस और रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव के माध्यम से मिले सभी निवेश प्रस्तावों में से अब तक हम 8 लाख करोड़ रुपये के अधिक निवेश प्रस्तावों पर ठोस कार्यवाई कर चुके हैं। इनमें से 6 लाख करोड़ रुपये की औद्योगिक इकाइयों की स्थापना के लिए जमीनी स्तर पर काम प्रारंभ हो चुका है। उन्होंने कहा कि 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली औद्योगिक इकाइयों का सामूहिक भूमिपूजन करने के लिए केंद्रीय गृहमंत्री को आमंत्रण दिया है। हम उनकी उपस्थिति में यह ऐतिहासिक भूमिपूजन संपन्न करेंगे। उन्होंने कहा कि बीते 4 दशकों में व्यापार-व्यवसाय की संभावनाओं को देखा जाए, तो इसमें मध्यप्रदेश फेडरेशन ऑफ चेंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज की भूमिका बड़ी अहम रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार नया मध्यप्रदेश गढ़ने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारी कोशिश है कि गरीबों की गरीबी दूर हो और युवाओं को रोजगार मिले, प्रदेश में सुख-समृद्धि आए और प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत जल्द से जल्द दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बने। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश पर्याप्त विकास संभावनाओं वाला राज्य है। रूस ईंधन का खजाना है, लेकिन मध्यप्रदेश तो अन्न का भंडार है। मुख्यमंत्री ने कहा कि धार के मेगा टेक्सटाइल पार्क में रोजगारपरक उद्योग स्थापित किए जा रहे हैं। इससे लाखों लोगों की जिंदगी बदलेगी। राज्य सरकार भविष्य में सभी औद्योगिक फेडरेशन के अधिकारियों के सुझाव और उनके अनुभव का लाभ लेगी। फेडरेशन के सहयोग से सरकार मध्यप्रदेश में निवेश को बढ़ाने के लिए ऐसे ही बड़े आयोजन करेगी। उन्होंने कहा कि सबके सहयोग से हम मध्यप्रदेश को विकास के मामले में नंबर वन राज्य बनाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत और रूस सदियों पुराने मित्र देश हैं। दुनियाभर में हमारी दोस्ती की मिसाल दी जाती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि रूस के साथ शहरी विकास के लिए अनेक प्रयास किए जा रहे हैं। भोपाल की आबो-हवा और यहां की तासीर से मिलते-जुलते रूस के सांस्कृतिक शहर स्मोलेन्स्क को हम ट्विन सिटी (सिस्टर्स सिटीज) बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने रूस, ओमान और ताईवान से आए उद्यमियों से कहा कि आप सब इस एक्स्पो में मध्यप्रदेश के आइडिया, कैलिबर और कैपेसिटी को देख ही रहे हैं। उन्होंने विदेशी दल से आत्मनिर्भर और विकसित मध्यप्रदेश की यात्रा में शामिल होने का आह्वान भी किया। फेडरेशन ऑफ मध्यप्रदेश चेम्बर्स ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष दीपक शर्मा ने कहा कि दुनिया में बदलती वैश्विक परिस्थितियों के बीच यह एक्सपो नया मंच प्रदान करेगा। आज यहां रूस, ओमान और ताइवान से चेंबर्स के प्रतिनिधि विभिन्न उत्पादों के खरीदार के रूप में भी शामिल हुए हैं। मध्यप्रदेश के भोपाल, मंडीदीप, देवास और इंदौर में उद्योग विकास की अपार संभावनाएं हैं। सरकार ने मात्र दो साल की अल्प अवधि में 5000 एकड़ जमीन उद्योग विकास के लिए निवेशकों को आवंटित कर दी है। साथ ही उद्यमियों को 6500 करोड़ रुपये की सब्सिडी अंतरित की गई है। उद्योगों के लिए पूरी पारदर्शिता के साथ भूमि आवंटित की जा रही है। फेडरेशन के संयुक्त अध्यक्ष अखिलेश राठी ने कहा कि फेड एक्सपो के दूसरे संस्करण में 3 देशों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए हैं। हमारा फेडरेशन … Read more

एयर शो हादसा: दुबई में तेजस फाइटर जेट जमीन पर क्रैश होकर जल उठा

दुबई दुबई एयर शो के दौरान ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी. भारत का स्वदेशी हल्का लड़ाकू विमान LCA तेजस अपनी डेमोंस्ट्रेशन फ्लाइट के दौरान अचानक क्रैश हो गया. यह घटना स्थानीय समय के अनुसार दोपहर के 2:10 बजे हुई, जब हजारों दर्शक विमान के करतब देख रहे थे.सबसे बुरी खबर है कि इस हादसे में पायलट की मौत हो गई है. भारतीय वायुसेना ने दुबई एयर शो के दौरान हुए तेजस विमान हादसे की जांच के आदेश दिए  विमान हवा में शानदार मोड़ ले रहा था, तभी अचानक उसने नियंत्रण खो दिया. कुछ ही सेकंड में तेजस नीचे झुकता दिखा और सीधा जमीन की ओर बढ़ गया. उसके टकराते ही जोरदार धमाका हुआ और अल मकतूम इंटरनेशनल एयरपोर्ट के ऊपर काले धुएं का गुबार उठ गया.  सबसे बड़ी चिंता पायलट की स्थिति को लेकर बनी हुई है. यह स्पष्ट नहीं है कि उन्होंने समय रहते इजेक्ट किया या नहीं. रक्षा सूत्रों के मुताबिक इस जानकारी की पुष्टि की जा रही है. दुबई एयर शो दुनिया के प्रमुख एविएशन आयोजनों में से एक है, जहां दुनियाभर की एयरलाइंस और सैन्य उत्पादक अपनी तकनीक दिखाते हैं. इस हादसे से एयर शो की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठे हैं. आयोजन स्थल पर आपातकालीन दल तुरंत सक्रिय हुआ और विमानन अधिकारियों ने जांच शुरू कर दी है. एयर डिफेंस तकनीक और उड़ान से जुड़ी उन्नत खोजों का प्रदर्शन करते हैं. यही नहीं, बड़े-बड़े रक्षा सौदे, सहयोग समझौते और भविष्य की साझेदारियां भी इसी मंच पर तय होती हैं. IAF ने कहा है कि वह इस अपूरणीय क्षति पर गहरा शोक व्यक्त करती है और इस कठिन समय में पायलट के परिवार के साथ खड़ी है. वायुसेना ने हादसे के कारणों की जांच के लिए कोर्ट ऑफ इंक्वायरी का गठन करने का फैसला लिया है. कब-कब क्रैश हो चुका है तेजस विमान? भारतीय वायुसेना का तेजस विमान दुबई के पहले अब तक बस एक और बार क्रैश हुआ है. साल 2024 में राजस्थान के जैसलमेर में तेजस क्रैश हुआ था. इस हादसे के पीछे इंजन फेल होने की वजह बताई गई. अच्छी बात ये रही थी कि दुर्घटना के दौरान पायलट सुरक्षित रूप से बाहर निकल गए.  तेजस विमान क्या है? भारतीय वायुसेना के तेजस विमान एक ऐसा लड़ाकू विमान है जिसे पूरी तरह भारत में बनाकर तैयार किया गया है. इसे हल्का और तेज़ बनाया गया है, ताकि हवा में ज्यादा फुर्ती से उड़ सके और साथ ही कई तरह के युद्ध के काम कर सके.  इसे हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड यानी HAL ने विकसित किया है. यह 4.5 पीढ़ी का विमान है, मतलब इसमें बहुत नई तकनीकें लगी हैं. तेजस छोटा और हल्का है, जिसे सुपरसोनिक यानि ध्वनि की गति से तेज उड़ान भरने वाला कहा जाता है.  Dubai Air Show 2025 बना ग्लोबल एविएशन फेस्ट दुबई एयर शो दुनिया के सबसे बड़े और सबसे प्रभावशाली एयरोस्पेस आयोजनों में से एक है, लेकिन इसकी शुरुआत उतनी भव्य नहीं थी. 1986 में जब इसे “अरब एयर” के नाम से शुरू किया गया था, तब यह सिर्फ एक छोटा-सा नागरिक विमानन व्यापार मेला था. 1989 में पहली बार इसे दुबई एयरपोर्ट पर आयोजित किया गया, जहां केवल 200 प्रदर्शक और 25 विमान पहुंचे थे. किसी ने तब नहीं सोचा था कि यही आयोजन आगे चलकर दुनिया का सबसे बड़ा ग्लोबल एयरोस्पेस शो बनेगा. 2025 का दुबई एयर शो इस विकास का सबसे शानदार उदाहरण रहा. यह आयोजन 17 से 21 नवंबर तक दुबई वर्ल्ड सेंटर में हुआ और इसमें दुनिया का लगभग पूरा एयरोस्पेस उद्योग एक ही जगह इकट्ठा होता दिखा. शो में 1,500 से अधिक प्रदर्शक शामिल हुए, 200 से ज्यादा उन्नत विमान पेश किए गए और 115 देशों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे. खास बात यह रही कि इस बार 440 नए प्रतिभागियों ने भी अपनी तकनीकें प्रदर्शित कीं. साथ ही, 12 बड़े सम्मेलन आयोजित हुए, जिनमें रक्षा, एयरोस्पेस, अनुसंधान, नई तकनीकों और भविष्य की विमानन चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा हुई. दुबई एयर शो का महत्व क्यों बढ़ रहा है? इस आयोजन को आज दुनिया के रक्षा और एयरोस्पेस उद्योग का सबसे महत्वपूर्ण प्लेटफॉर्म माना जाता है. यहां देश अपने नए लड़ाकू विमान, ड्रोन, हेलीकॉप्टर, मिसाइल प्रणाली, एयर डिफेंस तकनीक और उड़ान से जुड़ी उन्नत खोजों का प्रदर्शन करते हैं. यही नहीं, बड़े-बड़े रक्षा सौदे, सहयोग समझौते और भविष्य की साझेदारियां भी इसी मंच पर तय होती हैं. दुबई एयर शो सिर्फ तकनीक का प्रदर्शन नहीं, बल्कि देशों के बीच सहयोग को मजबूत करने वाला एक विशाल पुल है – जहां विचार भी उड़ान भरते हैं और भविष्य की रणनीतिक दिशा भी तय होती है. हादसा 2 बजकर 10 मिनट के आस-पास बताया जा रहा है. विमान हादसा क्यों हुआ? कैसे हुआ? इसको लेकर अब तक कोई जानकारी सामने नहीं आई है. पायलट भी विमान हादसे से पहले विमान से बाहर निकला या नहीं इसकी भी जानकारी अब तक नहीं मिल पाई है. लेकिन जैसे ही विमान जमीन से टकराया वैसे ही आग के बड़े गोले में तब्दील हो गया. इसका धुआं भी उठता हुआ देखा जा सकता है.