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ग्रामीणों का हल्ला: हाथियों से परेशान होकर सड़क पर बैठकर किया NH-143 जाम

रांची झारखंड में जंगली हाथियों का झुंड लगातार सक्रिय है। वहीं, सिमडेगा में हाथियों के झुंड से परेशान होकर ग्रामीणों ने जमकर हंगामा किया। ग्रामीणों ने सिमडेगा राउरकेला एनएच-143 पर सड़क जाम कर विरोध जताया है। आक्रोशित ग्रामीणों का कहना है कि ठेठईटांगर प्रखंड के जोराम पावर ग्रिड के पास हाथियों के झुंड ने उत्पात मचाया हुआ है। हाथियों के झुंड को देख कोई भी वहां से गुजरने से डरता है। स्कूली बच्चे भी आए दिन वहां से गुजरते हैं जिसके चलते उनकी जान पर भी खतरा मंडराया रहता है। वहीं, इसके चलते हाथियों से परेशान होकर सड़क पर बैठ कर आक्रोशित ग्रामीणों ने एनएच जाम कर दिया। आक्रोशित ग्रामीणों का कहना है कि कई दिनों से हाथियों का झुंड गांव के आसपास घूम रहा है, जिससे फसलों को नुकसान हो रहा है और लोगों में दहशत का माहौल है। हाथी के दहशत के कारण ग्रामीण खेत के फसल भी नहीं काट पा रहे हैं।  

पंजाब सरकार: 2026 में इतने दिन बंद रहेंगे स्कूल-कॉलेज और दफ्तर, छुट्टियों की List हुई जारी

पंजाब  पंजाब सरकार ने वर्ष 2026 के लिए छुट्टियों का आधिकारिक कैलेंडर जारी कर दिया है। इसे कार्मिक विभाग द्वारा तैयार किया गया है। इसमें वर्ष 2026 में आने वाली गजटिड और आरकक्षित छुट्टियों की जानकारी दी गई है। राज्य के सभी सरकारी दफ्तर, नगर निगम, स्कूल, कॉलेज और विभिन्न प्रशासनिक शाखाएं इस कैलेंडर में बताई गई छुट्टियों पर बंद रहेंगे।

चुनाव आयोग का सख्त रुख: SC में बोला— SIR को लेकर राजनीतिक दल अनावश्यक भय फैला रहे

नई दिल्ली  चुनाव आयोग (ECI) ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में कहा कि बिहार, केरल, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में चल रहे मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर राजनीतिक दल अनुचित भय और भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ इस मामले की सुनवाई कर रही है। याचिकाओं में SIR की वैधता को चुनौती दी गई है और कुछ पक्षों ने इसे स्थगित करने की मांग की है।   केरल सरकार की ओर से दायर याचिका में कहा गया कि राज्य में स्थानीय निकाय चुनावों के समानांतर SIR चलाने से प्रशासन पर अत्यधिक बोझ पड़ेगा और इससे चुनावी प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग और राज्य चुनाव आयोग को 1 दिसंबर तक अपना जवाब दायर करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 2 दिसंबर को होगी। तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल की याचिकाएं: अलग-अलग तारीखें तय सुप्रीम कोर्ट ने अन्य राज्यों में SIR को चुनौती देने वाली याचिकाओं की सुनवाई की भी तारीखें तय की हैं-     तमिलनाडु SIR पर सुनवाई- 4 दिसंबर     पश्चिम बंगाल SIR पर सुनवाई- 9 दिसंबर वाम दल और IUML नेता भी पहुंचे सुप्रीम कोर्ट केरल सरकार के अलावा, CPI(M), CPI, और IUML नेता पी.के. कुन्हलिकुट्टी ने भी SIR की वैधता को चुनौती देते हुए अलग-अलग याचिकाएं दायर की हैं। इन पर अदालत ने 21 नवंबर को नोटिस जारी किया था। बिहार से शुरू हुआ था विवाद ECI ने जून 2025 में सबसे पहले बिहार में SIR शुरू करने का आदेश दिया था। इसके खिलाफ कई याचिकाएं सुप्रीम कोर्ट पहुंचीं, लेकिन अदालत ने प्रक्रिया पर रोक नहीं लगाई, जिसके चलते बिहार में SIR पूरा हो चुका है। इसके बावजूद, 27 अक्टूबर को चुनाव आयोग ने SIR का दायरा बढ़ाते हुए इसे तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, केरल सहित कई राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में लागू कर दिया। इसके बाद तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में भी SIR को कानूनी चुनौती दी गई, जिन पर सुप्रीम कोर्ट ने 11 नवंबर को नोटिस जारी किया था। ECI का रुख: कोई तात्कालिक खतरा नहीं सुप्रीम कोर्ट में ECI ने कहा कि SIR एक नियमित और आवश्यक प्रक्रिया है, जिसका उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक बनाना है। आयोग ने यह भी तर्क दिया कि राजनीतिक दल तथ्यों को बढ़ा-चढ़ाकर प्रचारित कर रहे हैं और इससे मतदाताओं के बीच अनावश्यक भय पैदा हो रहा है।

वनडे सीरीज से पहले विराट कोहली का रांची में आगमन, 30 नवंबर को धमाकेदार मुकाबला

नई दिल्ली  स्टार बल्लेबाज विराट कोहली दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए लंदन से भारत आ चुके हैं। बुधवार को वह पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के शहर रांची में पहुंचे जहां उनकी एक झलक पाने के लिए फैंस बेकरार दिखे। एयरपोर्ट पर उनका स्वागत करने क्रिकेटर सौरभ तिवारी पहुंचे थे। टेस्ट सीरीज के बाद अब दक्षिण अफ्रीका से वनडे सीरीज खेली जाएगी जिसका पहला मैच 30 नवंबर को रांची के जेएससीए इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला जाएगा।   37 साल के विराट कोहली टेस्ट और टी20 इंटरनेशनल से संन्यास ले चुके हैं और सिर्फ ओडीआई खेल रहे हैं। मंगलवार को वह लंदन से भारत लौटे। दक्षिण अफ्रीका और भारत के बीच वनडे सीरीज का पहला मैच 30 नवंबर को रांची, दूसरा मैच 3 दिसंबर को रायपुर और तीसरा और आखिरी मैच 6 दिसंबर को विशाखापत्तनम में खेला जाएगा। भारत ने अपना पिछला ओडीआई सीरीज ऑस्ट्रेलिया में खेला था जिसे मेजबान टीम ने 2-1 से जीता था। उस सीरीज के जरिए विराट कोहली और रोहित शर्मा ने करीब 7 महीने बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी की थी। शुरुआती दोनों वनडे में विराट कोहली खाता तक नहीं खोल पाए थे और वह अपने वनडे करियर में पहली बार लगातार दो पारियों में शून्य पर आउट हुए थे। हालांकि तीसरे मैच में उन्होंने रोहित शर्मा के साथ मैच विनिंग और अविजीत साझेदारी की थी। रोहित शर्मा प्लेयर ऑफ द सीरीज चुने गए थे। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट सीरीज में 2-0 की करारी हार के बाद अब भारत की कोशिश वनडे सीरीज को जीतने की होगी। सीरीज के पहले मैच के लिए विराट कोहली समेत भारत के कई खिलाड़ी रांची पहुंच चुके हैं। मंगलवार शाम को ही प्रसिद्ध कृष्ण, अर्शदीप सिंह, तिलक वर्मा और हर्षित राणा रांची पहुंच गए थे। रांची की बात करें तो भारत ने यहां पिछले साल फरवरी में अपना आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच खेला था। तब भारत और इंग्लैंड के बीच टेस्ट मैच खेला गया जिसमें टीम इंडिया ने जीत हासिल की थी। विराट कोहली उस मैच में नहीं खेले थे क्योंकि अपने दूसरे बच्चे के जन्म की वजह से वह छुट्टी पर थे।

चिकनगुनिया के बढ़ते केस से हड़कंप: पंजाब का यह जिला बना हॉटस्पॉट!

बरनाला बरनाला शहर इस समय चिकनगुनिया के भीषण प्रकोप से जूझ रहा है। जिस तरह से रोजाना नए मामले सामने आ रहे हैं, उससे यह स्पष्ट संकेत मिलता है कि शहर का हर दूसरा व्यक्ति इस बीमारी की चपेट में है। इस खतरनाक वायरल संक्रमण के कारण लोग तेज बुखार के बाद जोड़ों के असहनीय दर्द से कराह रहे हैं, लेकिन स्थानीय स्वास्थ्य विभाग मरीजों की सही संख्या छिपाकर आंकड़ों पर पर्दा डालने का प्रयास कर रहा है, जिससे जमीनी हकीकत और भी भयावह नजर आ रही है। शहर में हर दूसरा घर प्रभावित  बरनाला शहर की स्थिति अत्यंत गंभीर हो चुकी है। शहर के अलग-अलग मोहल्लों में चिकनगुनिया के मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है। अनुमान लगाया जा रहा है कि शहर में हर दूसरा घर इस बीमारी की चपेट में आ चुका है। तेज बुखार, जोड़ों में असहनीय दर्द और शरीर पर चकत्ते इस बीमारी के मुख्य लक्षण हैं, जिसके कारण लोगों का जीना मुश्किल हो गया है। कई लोग बुखार उतरने के बाद भी बिस्तर से उठने में असमर्थ हैं और जोड़ों के दर्द से जूझ रहे हैं, जो महीनों तक रह सकता है। इस संक्रमण ने लोगों का काम-काज और सामान्य जीवन बुरी तरह प्रभावित कर दिया है, जिससे आर्थिक और सामाजिक नुकसान हो रहा है। गंदगी और मच्छरों का प्रकोप है मुख्य कारण बरनाला शहर में चिकनगुनिया के तेजी से फैलने का सबसे बड़ा कारण गंदगी और मच्छरों का पनपना है, जिसे नजरअंदाज किया जा रहा है। गंदे पानी का जमाव: शहर में जगह-जगह गंदा पानी जमा हो रहा है, जो एडीज मच्छरों के प्रजनन के लिए एक आदर्श स्थान बन गया है। यह मच्छर साफ पानी में पनपता है और दिन के समय काटता है।   लोगों की लापरवाही: हालांकि प्रशासन की कमी है, लेकिन स्थानीय लोगों पर भी आरोप है कि वे नगर निगम और प्रशासन के साथ सहयोग नहीं कर रहे हैं और न ही घरों के आस-पास सफाई पर ध्यान दे रहे हैं, जिससे यह संक्रमण पैर पसार रहा है। चिकनगुनिया का प्रसार एडीज मच्छर के काटने से होता है। विशेषज्ञों के अनुसार, चिकनगुनिया का सबसे प्रभावी इलाज इसकी रोकथाम ही है, क्योंकि इसका कोई विशिष्ट दवा या टीका नहीं है। उपचार: उपचार लक्षणों के प्रबंधन पर केंद्रित होता है, जिसमें पर्याप्त आराम और तरल पदार्थों का सेवन शामिल है। बुखार और दर्द को नियंत्रित करने के लिए डॉक्टर की सलाह पर पैरासिटामोल जैसी दवाएं ली जाती हैं। रोकथाम के उपाय: प्रशासन को फॉगिंग और मच्छरनाशक रसायनों का छिड़काव नियमित रूप से कराना चाहिए। -नागरिकों को अपने घरों और आस-पास पानी जमा नहीं होने देना चाहिए। कूलर, गमलों और टूटे बर्तनों में जमे पानी को तुरंत खाली करना चाहिए। -मच्छरदानी और रिपेलैंट का उपयोग करें ताकि मच्छर के काटने से बचा जा सके। -चिकनगुनिया से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग और आम जनता दोनों को साझा प्रयास करने की जरूरत है, तभी बरनाला को इस भीषण संकट से बाहर निकाला जा सकता है।

लोकल चुनावों से पहले बड़ा उलटफेर: दोनों शीर्ष दल NDA में, MVA को लगा करारा झटका

मुंबई  महाराष्ट्र में स्थानीय निकाय चुनावों से ऐन पहले सत्तारूढ़ गठबंधन महायुति ने विपक्षी गठबंधन महा विकास अघाड़ी (MVA) को बड़ा झटका दिया है। एक तरफ जहां विपक्षी गठबंधन की एकता खतरे में है, और साथी दलों के बीच स्थानीय चुनावों को लेकर आम राय नहीं बन पा रही है, वहीं उनके समर्थकों को लामबंद रखने का जोखिम भी बढ़ा हुआ है। इसी बीच, सत्तारूढ़ गठबंधन ने खेला कर दिया है। दरअसल, पिछले साल हुए महाराष्ट्र विधानसभा में 43 सीटों पर उपविजेता रहे यानी नंबर दो पर रहे विपक्षी उम्मीदवारों को महायुति ने अब अपने साथ कर लिया है। इन 43 उप विजेताओं में सबसे ज्यादा भाजपा में शामिल हुए हैं। इनके अलावा तीन निर्दलीय उप विजेता भी भाजपा में शामिल हो गए हैं।  पिछले साल हुए विधानसभा चुनावों में कुल 288 सीटों में से 235 पर महायुति (NDA) ने जीत हासिल की थी, जबकि MVA सिर्फ 50 सीटें ही जीत पाया था। इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, तीन निर्दलीयों समेत कुल 46 उपविजेताओं में से सबसे ज्यादा 26 भाजपा में शामिल हुए हैं, जबकि 13 अजित पवार की NCP में और 7 एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल हुए हैं। इस दल बदल से सबसे बड़ा झटका उद्धव ठाकरे की शिवसेना को लगा है, जिसके 19 उम्मीदवारों ने पाला बदला है। दूसरे नंबर पर अजित पवार की एनसीपी है, जिसके 13 और कांग्रेस के 10 उम्मीदवारों समेत एक शेतकारी कामगार पक्ष (शेकपा) के उप विजेता हैं। महायुति ने 235 सीटें जीतीं थी बता दें कि 2024 के विधानसभा चुनावों में महायुति ने 235 सीटें जीतीं थी। इनमें BJP को 132 सीटें, जबकि शिंदे सेना और NCP (अजीत पवार) को क्रमशः 57 और 41 सीटें मिलीं थीं। MVA सिर्फ 50 सीटें जीत पाई थी। इनमें उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) को 20, कांग्रेस को 16, और शरद पवार की NCP को 10 सीटें मिलीं थीं। आधार को मजबूत बनाने की कोशिश इस नए खेल से सपष्ट है कि सतारूढ़ गठबंधन के दल अपने आधार को मजबूत बनाने की लगातार कोशिशों में जुटे हैं। अब 46 उप विजेताओं के शामिल होने से महायुति का आधार वोट बढ़ने की संभावना है। हालांकि, यह भी सत्य है कि उन्हें असेंबली चुनावों में मिले सारे वोट उन्हें ट्रांसफर नहीं हो सकते क्योंकि इसमें बड़े पैमाने पर पार्टी कैडर को वोटर हैं लेकिन चेहरे के शैमिल होने से हर विधानसभा क्षेत्र में एक बड़ा हिस्सा उनके साथ जा सकता है। इसके अलावा चुनावों में महायुति के पक्ष में नैरेटिव सेट हो सकता है, जो MVA के लिए बड़ा झटका है।  

नवा रायपुर तैयार: DGP-IGP कॉन्फ्रेंस से पहले PM व HM के ठहराव को लेकर सुरक्षा-ट्रैफिक प्लान फाइनल

रायपुर नया रायपुर स्थित भारतीय प्रबंध संस्था (IIM) में 28 से 30 नवंबर 2025 तक आयोजित होने वाली “डीजी कॉन्फ्रेंस 2025” के लिए प्रशासन और पुलिस विभाग ने सभी तैयारियाँ पूरी कर ली हैं। इस त्रिदिवसीय कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के रायपुर प्रवास को लेकर सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर व्यापक प्लान तैयार किया गया है। बता दें कि छत्तीसगढ़ दौरे के दौरान पीएम मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के ठहरने के लिए, विधानसभा अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह के नवा रायपुर स्थित सरकारी आवास का चयन किया गया है। पीएम की विशेष सुरक्षा दस्ता एसपीजी ने डॉ रमन सिंह के बंगले को अपने कस्टडी में ले लिया है। यहां सुरक्षा के व्यापक इंतज़ाम शुरू कर दिए गए है। सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था चाक-चौबंद तीन दिनों तक रायपुर में वीवीआईपी मूवमेंट के दौरान शहर के विभिन्न मार्गों पर ट्रैफिक पुलिस के 500 से अधिक अधिकारी और जवान तैनात रहेंगे। इसके लिए प्रदेश के सभी जिलों से अतिरिक्त यातायात अधिकारी और जवानों को रायपुर बुलाया गया है, ताकि किसी भी तरह की भीड़भाड़ या अव्यवस्था न हो। डीआईजी प्रशांत अग्रवाल की अहम बैठक संपूर्ण मार्ग व्यवस्था के प्रभारी डीआईजी बस्तर रेंज प्रशांत अग्रवाल ने सभी तैनात अधिकारी-कर्मचारियों की अहम बैठक लेकर आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि—     VVIP ड्यूटी के दौरान पूर्ण मुस्तैदी और अनुशासन बनाए रखें।     अच्छी टर्नआउट में ड्यूटी पर उपस्थित हों।     मार्ग में आवारा मवेशियों की रोकथाम सुनिश्चित करें।     VIP मार्ग पर किसी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुँचाएँ।     यातायात को सुचारू बनाए रखने के लिए टीमवर्क में कार्य करें। मध्यम और भारी वाहनों पर प्रतिबंध कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी रायपुर के आदेशानुसार, 28 से 30 नवंबर तक सुबह 5 बजे से रात 12 बजे तक नया रायपुर क्षेत्र में मध्यम एवं भारी मालवाहक वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित की गई है, ताकि वीवीआईपी यातायात निर्बाध रह सके। राजधानी में हाई अलर्ट, निगरानी कड़ी कॉन्फ्रेंस के दौरान शहर में सुरक्षा के विशेष बंदोबस्त किए गए हैं। महत्वपूर्ण मार्गों, हवाई अड्डे और IIM रायपुर परिसर के आसपास अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहेगा। ड्रोन सर्विलांस, सीसीटीवी मॉनिटरिंग और एंटी-ड्रोन सिस्टम भी सक्रिय रहेंगे। इस मेगा सुरक्षा प्लान के साथ रायपुर 28 से 30 नवंबर तक देश के शीर्ष सुरक्षा अधिकारियों और वीवीआईपी मेहमानों की मेजबानी के लिए पूरी तरह तैयार है।

पूर्णिमा के खास उपाय: दूर होंगी पैसों की परेशानियाँ, बढ़ेगी किस्मत की चमक

हिंदू धर्म में पूर्णिमा तिथि बहुत विशेष और पावन मानी गई है. हर माह में एक पूर्णिमा तिथि पड़ती है. इस तरह से वर्ष भर में 12 पूर्णमा पड़ती है. पूर्णिमा तिथि पर स्नान-दान की परंपरा सदियों से चली आ रही है. पूर्णिमा पर स्नान-दान का बहुत महत्व है. मान्यता है कि पूर्णिमा तिथि पर स्नान-दान करने से पुण्य फल प्राप्त होते हैं. ये मार्गशीर्ष मास चल रहा है, जिसे अगहन माह भी कहा जाता है. मार्गशीर्ष माह की पूर्णिमा तिथि पर धन की देवी माता लक्ष्मी का पूजन किया जाता है. हिंदू मान्यताओं के अनुसार, पूर्णिमा पर माता लक्ष्मी की पूजा करने से उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है. इस दिन पूजा पाठ के साथ-साथ माता लक्ष्मी की कृपा प्राप्ति के लिए और धन संबंधी समस्याओं से मुक्ति पाने के लिए कुछ विशेष उपाय भी किए जाते हैं. आइए जानते हैं इन उपायों के बारे में. मार्गशीर्ष पूर्णिमा कब है? द्रिक पंचांग के अनुसार, मार्गशीर्ष पूर्णिमा की तिथि की शुरुआत इस साल 04 दिसंबर, गुरुवार को सुबह 8 बजकर 37 मिनट पर हो रही है. वहीं इस तिथि का समापन अगले दिन 05 दिसंबर शुक्रवार को प्रात: 4 बजकर 43 मिनट पर होगा. ऐस में मार्गशीर्ष पूर्णिमा 04 दिसंबर को मनाई जाएगी. इसी दिन इसका का व्रत, स्नान और दान किया जाएगा. इस दिन चंद्रोदय का समय शाम 4 बजकर 35 मिनट रहने वाला है. पूर्णिमा के दिन करें ये उपाय पूर्णिमा के दिन माता लक्ष्मी के पूजन के दौरान उन्हें लाल रंग के फूल जरूर चढ़ाने चाहिए. साथ ही कनकधारा स्त्रोत का भी पाठ करना चाहिए. घी का दीपक जलाना चाहिए. माता लक्ष्मी के मंत्रों का जाप करना चाहिए. इस उपाय को करने से माता लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है. पूर्णिमा के दिन 11 कौड़ियों पर पीसी हल्दी लगाकर उसको पूजा के समय माता लक्ष्मी को चढ़ाना चाहिए. लक्ष्मी चालीसा का पाठ करना चाहिए. कौड़ियों को एक साफ लाल कपड़े में बांधकर धन के स्थान या तिजोरी में रख लेना चाहिए. इस उपाय को करने से धन संबंधी समस्याओं से मुक्ति मिलती है.  

शराबबंदी पर जीतन राम मांझी का बयान— कानून सही, बदनामी की असली वजह कुछ और

भोजपुर बिहार के भोजपुर जिले के बिहिया में एक निजी कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने शराबबंदी कानून को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि बिहार में शराबबंदी अब तक का सबसे अच्छा कानून है और इससे बढ़कर कोई कानून हो ही नहीं सकता। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि शराब ने उनके परिवार में भी कई मुश्किलें पैदा की थीं, जिसके बाद उन्होंने शराब छोड़ने की सलाह दी। शराबबंदी बेहद जरूरी इस वजह से बताया उन्होंने कहा कि शराब छोड़ने के बाद ही वे शिक्षा हासिल कर आगे बढ़ पाए और उनका भाई इंस्पेक्टर बना, लेकिन आज वो इस दुनिया में नहीं है। मांझी ने कहा कि शराब इंसान को निशाचर बना देती है। इसलिए शराबबंदी बेहद जरूरी है। हालांकि उन्होंने साफ कहा कि पदाधिकारी और ब्रोकर्स की वजह से बिहार शराबबंदी की बदनामी झेलते आया है। मांझी ने आरोप लगाया कि कई पदाधिकारी और ब्रोकर्स मिलकर शराबबंदी को बदनाम कर रहे हैं। 'असर कमज़ोर पड़ रहा' पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून की मंशा साफ है लेकिन बीच की कड़ी में भ्रष्टाचार और लापरवाही के कारण इसका असर कमज़ोर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार को निगरानी तंत्र को और मजबूत करना चाहिए ताकि गलत तरीके से शराब बेचने वाले और कानून का दुरुपयोग करने वाले लोगों पर सख्त कार्रवाई हो सके। मांझी के इस बयान ने एक बार फिर शराबबंदी को लेकर प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

गलत रास्ता दिखा गया महंगा, गूगल मैप के भरोसे जलकर खाक हुई गाड़ी

हरदोई यूपी के हरदोई जिले में गूगल मैप के सहारे दिल्ली जा रहे एक चालक की कार गलत रास्ते पर पहुंच गई। तंग गलियों से निकलकर वाहन कच्चे और संकरे रास्ते में फंस गया, जहां लगातार आगे-पीछे करने से इंजन अत्यधिक गरम हो गया और अचानक कार में आग लग गई। देखते ही देखते कार पूरी तरह जलकर खाक हो गई। आग की चपेट में आकर कार में रखी एक लैपटॉप और लगभग ₹1.95 लाख की नगदी समेत अन्य सामान भी राख हो गया। घटना कोतवाली शहर क्षेत्र के देहात इलाके में हुई। बताया जा रहा है कि चालक अपनी मामी और एक दोस्त से मिलने आया था। गनीमत रही कि किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, जिससे सभी ने राहत की सांस ली।