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अयोध्या में रहकर भी कार्यक्रम से दूरी… विनय कटियार बोले— हम फ्रीस्टाइल आदमी हैं

पटना  बजरंग दल के संस्थापक और राम मंदिर आंदोलन से उभरे भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के बड़े नेताओं में शामिल विनय कटियार अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण संपूर्ण होने के बाद 25 नवंबर को आयोजित ध्वजारोहण समारोह में शामिल नहीं हुए। रामजन्मभूमि ट्रस्ट से निमंत्रण मिलने के बाद भी कार्यक्रम में नहीं जाने को लेकर किसी नाराजगी की वजह से इनकार करते हुए कटियार ने कहा कि वो फ्रीस्टाइल आदमी हैं। कटियार ने कहा कि कार्यक्रम में पीएम नरेंद्र मोदी समेत कई बड़े लोग शामिल हुए हैं। उन्होंने बताया कि उन्हें अपने इलाज के लिए कानपुर जाना था, इसलिए वो अयोध्या से निकल आए। बता दें कि मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत की मौजूदगी में कल राम मंदिर पर ध्वजा का आरोहण संपन्न हुआ था।   राम मंदिर ध्वजारोहण के दिन 25 नवंबर को ही विनय कटियार ने अपने लखनऊ आवास पर एक पत्रकार से बातचीत में कहा कि सब लोग तो वहां आ गए थे। कटियार ने कहा कि उनको लखनऊ आना था और कानपुर में मुंह का इलाज करवाने भी जाना है, इसलिए वो अयोध्या से निकल आए। कटियार ने कहा कि उन्हें निमंत्रण आया था, लेकिन वो गए नहीं। उन्होंने कहा- ‘अरे कहां झंझट में पड़ें। मंदिर तो बन ही गया। केवल झंडा फहराना है। देश के प्रधानमंत्री आ गए। और भी प्रमुख लोग आए। केवल झंडा ही फहराना था। हमारे घर से उसका शिखर दिखाई देता है। उन्होंने झंडा फहरा दिया। हम उसके बाद यहां चला आए।’ पत्रकार उनके मन की बात निकालने की कोशिश करता है, लेकिन कटियार खुलकर नहीं बोलते हैं। कार्यक्रम में नहीं रहने के सवाल पर कटियार कहते हैं- ‘इसकी कोई जरूरत नहीं थी। देश के प्रधानमंत्री आ गए। सब कुछ आ गए। सब तो आ गए वहां। फिर क्या दिक्कत है।’ पत्रकार ने और कुरेदते हुए अंदर की बात (कथित नाराजगी) का सवाल पूछा तो कटियार ने कहा- ‘कोई अंदर की बात नहीं है। हम फ्रीस्टाइल आदमी हैं। मंदिर ही बनवाया है। उसमें सब लोग पहुंच गए और हम निकल आए थे। चारों तरफ रोड जाम कर दिए गए थे। प्रधानमंत्री आए हैं। स्वाभाविक है, उनकी भी सुरक्षा का सवाल है।’ असंतुष्ट होने के सवाल पर कटियार ने कहा कि उन्हें लखनऊ-कानपुर आना था, इसलिए नहीं गए। उन्होंने कहा कि वो असंतुष्ट नहीं हैं।  

टीम इंडिया को WTC में तगड़ा झटका, पॉइंट्स टेबल में पाकिस्तान की बल्ले-बल्ले

नई दिल्ली गुवाहटी टेस्ट मैच में साउथ अफ्रीका के हाथों मिली करारी हार का नुकसान भारतीय टीम को आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप यानी डब्ल्यूटीसी की पॉइंट्स टेबल में भी भुगतना पड़ा है। भारतीय टीम अब पॉइंट्स टेबल में टॉप 4 से बाहर हो चुकी है। पाकिस्तान को भारतीय टीम की हार से फायदा हुआ है, जो पांचवें नंबर से चौथे नंबर पर पहुंच गई है। 408 रनों के अंतर से टीम इंडिया को दूसरे टेस्ट मैच में हार मिली है। इस हार से भारतीय टीम के डब्ल्यूटीसी 2027 फाइनल में प्रवेश करने की उम्मीदों को झटका लगा है। हालांकि, अभी भी भारतीय टीम अपने दम पर फाइनल में प्रवेश कर सकती है। डब्ल्यूटीसी पॉइंट्स टेबल 2025-27 की बात करें तो भारत अभी तक चौथे स्थान पर था, लेकिन इस हार के बाद टीम चौथे से पांचवें स्थान पर खिसक गई है। टीम इंडिया का जीत प्रतिशत 9 मैचों के बाद 48.150 का रह गया है। वहीं, पाकिस्तान की टीम का जीत प्रतिशत 50 है, जो चौथे स्थान पर है। तीसरे स्थान पर श्रीलंका की टीम है, जिसका जीत प्रतिशत 66.67 है। वहीं, दूसरे पायदान पर साउथ अफ्रीका की टीम बरकरार है। इस जीत से पहले साउथ अफ्रीका का जीत प्रतिशत 66.67 था, जो अब बढ़कर 75 फीसदी पर पहुंच गया है। वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के नए चक्र में ऑस्ट्रेलिया की टीम शीर्ष पर है, जो 100 फीसदी अंक हासिल कर चुकी है। हालांकि, अभी तक एक ही सीरीज ऑस्ट्रेलिया ने खेली है, जबकि भारतीय टीम तीन सीरीज खेल चुकी है। ऑस्ट्रेलिया की टीम दूसरी सीरीज खेल रही है। साउथ अफ्रीका ने दो सीरीज खेल ली हैं, जिनमें एक सीरीज जीती है और एक सीरीज ड्रॉ रही है। इंग्लैंड की टीम वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप की इस साइकिल में 36.110 अंकों के साथ छठे नंबर पर है, जबकि सातवें नंबर पर 16.67 फीसदी अंकों के साथ बांग्लादेश की टीम है। वेस्टइंडीज का अभी खाता नहीं खुला है और न्यूजीलैंड ने अभी तक एक भी मैच नहीं जीता है।

पहली बार विधानसभा में स्टूडेंट्स ने संभाली कमान, युवा बने एक दिन के मुख्यमंत्री

चंडीगढ़  पंजाब में पहली बार स्टूडेंट्स का असेंबली सेशन बुलाया गया है। स्टूडेंट्स का यह सेशन श्री आनंदपुर साहिब में चल रहा है। इस सेशन में पंजाब के 117 असेंबली इलाकों के सरकारी स्कूलों के स्टूडेंट्स असेंबली में राजनीतिक दाताओं की भूमिका निभा रहे हैं। वे मुख्यमंत्री, कैबिनेट मिनिस्टर और MLA की भूमिका निभा रहे हैं। इतिहास में पहली बार 26 नवंबर को संविधान दिवस पर पंजाब असेंबली में ऐसा नजारा देखने को मिला है, जो इतिहास में दर्ज हो गया है।   मिली जानकारी के मुताबिक, संगरूर जिले के घनौरी कलां के स्कूल ऑफ एमिनेंस के हरकमलदीप सिंह मुख्यमंत्री भगवंत मान की भूमिका निभा रहे हैं। यह सेशन शुरू हो गया है। लखवीर सिंह (मंत्री हरपाल चीमा), अनिक (मंत्री अमन अरोड़ा), मोहित सिंह (मंत्री बरिंदर गोयल), जमंदर सिंह (स्पीकर कुलतार सिंह संधवा) की भूमिका निभा रहे हैं। इन स्टूडेंट्स को 19 नवंबर को असेंबली के स्पेशल सेशन के लिए खास ट्रेनिंग दी गई थी। यह सेशन पंजाब के 117 असेंबली इलाकों के सरकारी स्कूलों से चुने गए स्टूडेंट्स ने कंडक्ट किया था। 

शेरपुर-दिघवारा परियोजना शीघ्र पूरा हो: अधिकारियों को सीएम नीतीश कुमार की सख्त हिदायत

पटना मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने दानापुर-बिहटा ऐलिवेटेड कॉरिडोर तथा शेरपुर-दिघवारा गंगा पुल के निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने निर्माण कार्य को तेजी से पूर्ण करने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने दानापुर-बिहटा ऐलिवेटेड कॉरिडोर का निरीक्षण कर निर्माण कार्य की प्रगति की जानकारी ली। इस दौरान अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है और किसी प्रकार की कोई समस्या नहीं है। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि इस परियोजना के पूर्ण होने से बिहटा से कोईलवर तक यातायात सुगम होगा। पटना शहर को एन0एच0-922 और कोईलवर पुल से जोड़ने में मदद मिलेगी। यह एनएच-922 को रिंग रोड (कन्हौली मोड़) एनएच-139 को एम्स गोलम्बर से जोड़नेवाले एक महत्त्वपूर्ण फीडर कॉरिडोर के रूप में कार्य करेगा। इस परियोजना के तहत बिहटा अन्तर्राट्रीय हवाई अड्डा के लिये विशेष कनेक्टिविटी मिलेगी। उन्होंने कहा कि हम लगातार इस परियोजना का निरीक्षण करते रहे हैं और समय-समय पर इसके संबंध में सुझाव देते रहे हैं। कार्य को जल्द से जल्द से पूर्ण करें। मुख्यमंत्री ने शेरपुर-दिघवारा गंगा पुल के निर्माण कार्य की प्रगति का जायजा लिया। पटना शहर पर यातायात का बोझ कम होगा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि शेरपुर-दिघवारा परियाजना के पूर्ण होने से पटना शहर पर यातायात का बोझ कम होगा साथ ही शहर की यातायात व्यवस्था और सुदृढ़ एवं सुगम होगी। उन्होंने कहा कि छपरा, सीवान, गोपालगंज और हाजीपुर की ओर जानेवाले लोगों को अब पटना शहर से होकर गुजरने की आवश्यता नहीं होगी। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से राज्यवासियों को एक जगह से दूसरे जगह जाने का वैकल्पिक मार्ग मिल सकेगा। हम लगातार इसका निरीक्षण करते रहे हैं, जल्द से जल्द इस कार्य को पूर्ण करें। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव अनुपम कुमार, पथ निर्माण विभाग के सचिव संदीप कुमार आर पुदुकलकट्टी, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी गोपाल सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव डॉ. चन्द्रशेखर सिंह, पटना के जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एसएम, वरीय पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय शर्मा सहित अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे।

सही दिशा में तस्वीर लगाने से चमकेगी किस्मत, जानें शुभ दिशा

वास्तु शास्त्र में हमारे जीवन से जुड़ी कई परेशानियों का हल आसानी से मिल जाता है। बहुत से लोग अपने घरों में वास्तु के अनुकूल चीज़ों को रखते हैं। इसी में से एक है सात घोड़ों की तस्वीर। आपने भी कही न कही इन 7 सफेद घोड़ो की तस्वीर को अपने या किसी न किसी के घर में दीवार पर टंगा हुआ जरुर देखा होगा। वास्तु शास्त्र की मानें तो घर में घोड़ों की पेंटिंग लगाना बेहद ही शुभ माना जाता है। कहते हैं ये पेंटिंग वृद्धि और सौभाग्य के लिए बहुत ही शुभ मानी जाती है। ऐसे में यदि आपके घर पर भी इन सात घोड़ों की तस्वीर है या आप भी इसे लगाने का सोच रहे हैं तो बता दें कि इस तस्वीर को लगाने की सही दिशा को चूनना और इसके विशेष नियमों को जानना बेहद ज़रुरी हो जाता है ताकि आपको इसका पूरा फल मिल सकें। चलिए जानते हैं कि इस तस्वीर को लगाने की सही दिशा और इसके नियम तो चलिए बिना किसी देरी के शुरू करते हैं। कहते हैं कि अगर दौड़ते हुए सात घोड़ों की तस्वीर घर में सही दिशा में लगा दी जाए तो इसे जातक के जीवन में चल रहा बुरा वक्त दूर हो जाता है, रुके हुए काम तेजी से पूरे होने लगते हैं, धन का प्रवाह बढ़ाता है और किस्मत मानो अपने आप चमक उठती है। ऐसे में वास्तु शास्त्र की माने तो लिविंग रूम में सात घोड़ों की तस्वीर लगाना अच्छा होता है। माना जाता है कि लिविंग रूम में सात घोड़ों की तस्वीर लगाने से आर्थिक समस्याएं कम होने लगती हैं और धन प्राप्ति के नए अवसर खुलते हैं। इसके अलावा दौड़ते हुए सात घोड़ों की तस्वीर लगाते समय केवल स्थान ही नहीं, बल्कि उसकी दिशा भी बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है।  वास्तु शास्त्र के अनुसार, सात घोड़ों की तस्वीर को घर की उत्तर दिशा में लगाना शुभ माना गया है। इससे आर्थिक तंगी कम होती है और जीवन की कई परेशानियां धीरे-धीरे खत्म होने लगती हैं। सात घोड़ों की तस्वीर के महत्व का तो वास्तु शास्त्र के अनुसार घोड़े को शक्ति, गति और सफलता का प्रतीक माना जाता है। यहां तक की सात की संख्या को अंक ज्योतिष में भी बेहद शुभ माना जाता है। जैसे की सप्ताह में सात दिन, संगीत के सात सुर, इन्द्रधनुष के सात रंग  क्योंकि ये सात अंक को भाग्यशाली अंक माना गया है। सात घोड़ों की तस्वीर को लगाने के नियम- सात घोड़ों की पेंटिंग लेते समय कोशिश करें कि उसकी पृष्ठभूमि में उगते सूर्य का दृश्य हो। ऐसी तस्वीर घर में लगाना शुभता और ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। दौड़ते हुए घोड़ों की पेंटिंग चुनते समय यह सुनिश्चित करें कि घोड़ों का भाव शांत और संतुलित हो। क्रोधित या आक्रामक दिखने वाले घोड़ों की तस्वीर घर में लगाने से बचना चाहिए। सात घोड़ों की पेंटिंग चुनते समय ध्यान रखें कि घोड़ों की संख्या विषम हो, और तस्वीर में घोड़ों के पूरे शरीर स्पष्ट रूप से दिखाई दें। अकेले दौड़ते घोड़े की तस्वीर लगाने की सलाह नहीं दी जाती। घर में वही सात घोड़ों की तस्वीर लगाएं जिसे देखकर मन प्रसन्न हो और जिसे देखकर आपको आगे बढ़ने की प्रेरणा मिले। तस्वीर में सभी घोड़े बिना रुकावट के एक समान दिशा में आगे बढ़ते हुए दिखाई दें। ये निरंतर प्रगति और सफलता का संकेत माना जाता है।

मोहाली यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं द्वारा आज चंडीगढ़ स्थित गवर्नर हाउस की ओर कूच किया जा रहा

पंजाब  मोहाली यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं द्वारा आज चंडीगढ़ स्थित गवर्नर हाउस की ओर कूच किया जा रहा है। इसे लेकर चंडीगढ़ सीमा पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस ने फर्नीचर मार्केट के पास बैरिकेड लगाकर कार्यकर्ताओं को सीमा पर ही रोकने की तैयारी की गई है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि केंद्र सरकार पंजाब के साथ लगातार अन्याय कर रही है।     प्रदर्शन में यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु और प्रदेश प्रधान मोहित मोहिंद्रा भी पहुंचे। नेताओं का कहना है कि केंद्र ने किसानों से लेकर पंजाबी यूनिवर्सिटी तक हर मुद्दे पर प्रदेश को परेशान किया है। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ को अप्रत्यक्ष रूप से नियंत्रित करने की कोशिश की जा रही है। फेज-III ए में बने कैंप में बड़ी संख्या में कांग्रेस के कार्यकर्ता जुटे थे। इस दौरान पार्किंग क्षेत्र में गाड़ियां खड़ी करने को लेकर कुछ देर दुकानदारों और कांग्रेसियों में बहस भी हुई, जिसके बाद नेताओं ने वाहन हटा लिए। यूथ कांग्रेस का कहना है कि वे पंजाब के अधिकारों की लड़ाई जारी रखेंगे। 

शराब घोटाले में बड़ी कार्रवाई: EOW का 7 हजार पन्नों का चार्जशीट, 6 आरोपी कोर्ट में पेश

रायपुर छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में EOW ने आज 6 आरोपियों के खिलाफ ACB/EOW की विशेष कोर्ट में 6वां पूरक चालान पेश किया। पूर्व आबकारी आयुक्त निरंजन दास, अतुल सिंह, मुकेश मनचंदा, नितेश पुरोहित और यश पुरोहित समेत दीपेंद्र चावड़ा के खिलाफ 7 हजार पन्नों का चालान पेश किया गया है। इस मामले को निष्पक्ष रूप से आगे बढ़ाने की दिशा में इसे अहम माना जा रहा है। छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में ED जांच कर रही है। ED ने ACB में FIR दर्ज कराई है। दर्ज FIR में 3200 करोड़ रुपए से ज्यादा के घोटाले की बात कही गई है। इस घोटाले में राजनेता, आबकारी विभाग के अधिकारी, कारोबारी सहित कई लोगों के खिलाफ नामजद FIR दर्ज है। ED ने अपनी जांच में पाया कि तत्कालीन भूपेश सरकार के कार्यकाल में IAS अफसर अनिल टुटेजा, आबकारी विभाग के एमडी AP त्रिपाठी और कारोबारी अनवर ढेबर के सिंडिकेट के जरिए घोटाले को अंजाम दिया गया था। क्या है शराब घोटाला छत्तीसगढ़ में कांग्रेस सरकार के दौरान 2019 से 2023 तक शराब नीति को बदलकर चहेते सप्लायरों के माध्यम से शराब घोटाला हुआ। इसमें लाइसेंस की शर्तें ऐसी रखी गई कि चहेती कम्पनियों को काम मिल सके। उन कंपनियों ने नकली होलोग्राम और सील बनवाई। यह काम नोएडा की एक कंपनी ने किया। इसके बाद नकली होलोग्राम लगी शराब की महंगी बोतलें सरकारी दुकानों के माध्यम से बिक्री करवाई गई। चूंकि नकली होलोग्राम था तो बिक्री की जानकारी शासन को नहीं हो पाती थी और बिना एक्साइज टैक्स दिए शराब की बिक्री होती रही। इस तरह से शासन को 2165 करोड़ रुपए के टैक्स का चूना लगाया गया। यह रकम कांग्रेस भवन बनवाने से लेकर नेताओं, अधिकारियों और मंत्रियों तक बंटे। शराब घोटाला मामले में अब तक पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल, पूर्व आईएएस अनिल टुटेजा, एजाज ढेबर के भाई अनवर ढेबर की गिरफ्तारी हो चुकी है। इसके अलावा आबकारी विभाग के 28 आबकारी अधिकारी भी आरोपी बनाए गए थे, जिन्हें सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई है।

पुरानी घटना का हवाला देकर चुनाव आयोग ने चेताया, निर्वाचन अधिकारियों की सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश

कोलकाता  पश्चिम बंगाल में गहन मतदाता पुनरीक्षण (SIR) के बीच चुनाव आयोग ने कोलकाता पुलिस को पत्र लिखकर चुनाव अधिकारियों की सुरक्षा के प्रति चिंता जताई है। चुनाव आयोग ने कोलकाता पुलिस कमिश्नर को पत्र लिखकर कहा है कि एसआईआर की ड्यूटी में तैनात चुनाव अधिकारियों और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। पत्र में कहा गया, जानकारी में आया है कि 24 नवंबर को मुख्य चुनाव आयुक्त के कार्यालय की सुरक्षा तोड़ी गई। इसके अलावा मुख्य चुनाव आयुक्त, अडिशनल चीफ इलेक्टोरल ऑफिसर, जॉइंट चीफ इलेक्टोरल ऑफिसर और डिप्टी चीफ इलेक्टोरल ऑफिसर की सुरक्षा से भी खिलवाड़ किया गया है।   पत्र में आगे कहा गया कि चुनाव आयोग ने पहले ही घटना का संज्ञान लिया है और चीफ इलेक्शन ऑफिसर की सुरक्षा सुनिश्चित करना बेहद आवश्यक है। उनके कार्यालय और आवास दोनों की सुरक्षा पुख्ता की जाए। इसके अलावा एसआईआर की प्रक्रिया और डेटा की सुरक्षा के लिए भी पर्याप्त सुरक्षा के उपाय किए जाएं। चुनाव आयोग ने कहा कि निर्देश के बाद क्या कदम उठाए गए इसकी जानकारी 48 घंटे में दी जाए। बता दें कि बीएलओ अधिकार रक्षा समिति के सैकड़ों सदस्यों ने सोमवार को कॉलेज स्क्वायर से सीईओ कार्यालय तक मार्च निकाला और सीईओ कार्यालय के सामने धरना दिया था। स्थिति तब तनावपूर्ण हो गई जब पुलिस के मानवीय दीवार की तरह खड़े होने के बावजूद उनमें से कुछ ने गेट तोड़ने की कोशिश की। भीड़भाड़ में कुछ प्रदर्शनकारी दफ्तर के अंदर घुस गए और वहीं धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। सोमवार रात करीब 11 बजे उस समय गतिरोध की स्थिति पैदा हो गई, जब केएमसी पार्षद सजल घोष के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं का एक समूह नारेबाजी करते हुए मौके पर पहुंचा और सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस पर चुनाव आयोग के अधिकारियों को डरा-धमकाकर चल रही एसआईआर प्रक्रिया को विफल करने का प्रयास करने का आरोप लगाया। एसआईआर एनआरसी से भी ज्यादा खतरनाक- ममता बनर्जी मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को दावा किया कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के पीछे असली मंशा राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) है। संविधान दिवस के अवसर पर रेड रोड स्थित बी. आर. आंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण करने के बाद पत्रकारों से बातचीत में बनर्जी ने कहा कि आजादी के इतने वर्षों बाद भी लोगों की नागरिकता पर सवाल उठाया जा रहा है। इससे पहले, उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि जब लोकतंत्र दांव पर हो, धर्मनिरपेक्षता ‘‘खतरे में हो’’ और संघवाद को ‘‘ध्वस्त किया जा रहा हो’’, तो लोगों को संविधान द्वारा प्रदत्त मूल्यवान मार्गदर्शन की रक्षा करनी चाहिए। बनर्जी ने कहा कि संविधान राष्ट्र की रीढ़ है, जो भारत की संस्कृतियों, भाषाओं और समुदायों की विविधता को कुशलतापूर्वक एक साथ पिरोता है।  

4,000 KM की चैलेंजिंग राइड: छत्तीसगढ़ के तीन युवाओं ने 16 दिनों में बनाया नया रिकॉर्ड

रायपुर युवा एवं खेल मंत्रालय और फिट इंडिया मूवमेंट के तहत आयोजित 17 दिवसीय साइक्लिंग एक्सपीडिशन में छत्तीसगढ़ के तीन युवा साइकिलिस्टों ने जबरदस्त हौसला दिखाते हुए कश्मीर से कन्याकुमारी तक की लगभग 4,000 किलोमीटर की यात्रा सिर्फ 16 दिन में पूरी कर ली। तय समय से 1 दिन पहले लक्ष्य हासिल कर इन युवाओं ने अपनी प्रतिबद्धता और मजबूत इच्छाशक्ति का परिचय दिया है। यह यात्रा एक राष्ट्र, एक संकल्प का संदेश लेकर की गई थी। इस साइक्लिंग एक्सपीडिशन में शामिल छत्तीसगढ़ के तीन साइकिलिस्ट स्वर पटेल, संजय कुमार मंगराज और श्रीराम पटेल रायपुर एयरपोर्ट पहुंचे तो उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया। चुनौतियां थीं कठिन, लेकिन हौसला था मजबूत यात्रा के दौरान चुनौतियां कम नहीं थीं, लेकिन तीनों युवाओं का हौसला हर मुश्किल पर भारी पड़ा। उन्हें हर दिन 12-15 घंटे लगातार साइकिल चलानी पड़ी और प्रतिदिन 250-300 किलोमीटर की दूरी तय की। कई बार ऐसा भी हुआ कि लगातार 12 घंटे तक तेज बारिश में ही साइकिल चलानी पड़ी। रास्ते में ठंड, गर्मी, बारिश और तेज हवाओं जैसी प्राकृतिक मुश्किलों ने कई बार उनकी रफ्तार रोकने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। गुजरात नाके पर दुर्घटना भी हुई, बावजूद इसके टीम ने अपनी एकजुटता और साथ बनाए रखा और सभी साथी एक-दूसरे का हौसला बढ़ाते हुए आखिरकार मंज़िल तक पहुंच गए।

गांव खाली, शहर आबाद: जनसंख्या का 80 फीसदी हिस्सा अब नगरों में बस रहा

नई दिल्ली  दुनिया की कुल आबादी के 80 फीसदी लोग अब शहरों में ही बसते हैं। गांवों की याद सबको सताती है और लोग पुरानी जिंदगी जीना चाहते हैं, लेकिन इस बीच शहरीकरण के आकर्षण का यह आंकड़ा भी चौंकाने वाला है। संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के अनुसार पूरी दुनिया की 80 फीसदी आबादी अब शहरी क्षेत्रों में बसी है। ऐसा इसलिए क्योंकि बड़े पैमाने पलायन के चलते लोग शहरों में पहुंच गए हैं। इसके अलावा तमाम गांव भी ऐसे हैं, जो अब विकास की दौड़ में बढ़ते हुए शहर में ही तब्दील हो गए हैं। संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट World Urbanization Prospects 2025 के मुताबिक दुनिया के 81 फीसदी लोग अब शहरों में हैं। दिलचस्प बात यह है कि 2018 में ही यह आंकड़ा महज 55 फीसदी था। रिपोर्ट के अनुसार 45 फीसदी लोग शहरों में बसे हैं तो वहीं 36 फीसदी लोग कस्बों के नागरिक हैं। यह रिपोर्ट पैट्रिक गेरलैंड के नेतृत्व में तैयार की गई है। यही नहीं अनुमान है कि 2050 तक दुनिया के 83 फीसदी लोग शहरों में पहुंच जाएंगे। इस रिपोर्ट को तैयार करने में अलग-अलग देशों के पैरामीटर का भी ख्याल रखा गया है। जैसे जापान में यदि 50 हजार लोगों की आबादी है तो उसे शहर का दर्जा दिया जाता है। लेकिन डेनमार्क में यह आंकड़ा महज 200 लोगों का ही है। इस रिपोर्ट के लिए यह पैमाना तैयार किया गया कि 50 हजार लोगों की आबादी हो और कम से कम प्रति वर्ग किलोमीटर के दायरे में 1500 लोग बसे हों। इसके अलावा कस्बों के लिए यह आंकड़ा 5000 का रखा गया है और प्रति वर्ग किलोमीटर 300 लोगों की आबादी का पैमाना रखा गया। इस तरह दुनिया की कुल 19 फीसदी आबादी ही अब विशुद्ध रूप से गांवों में बसी है। रिपोर्ट के अनुसार दुनिया के सभी हिस्सों में शहरीकरण बढ़ रहा है। भारत जैसे दक्षिण एशियाई देशों को लेकर रिपोर्ट कहती है कि यहां शिक्षा और रोजगार के लिए लोग मुख्य तौर पर शहरों का रुख कर रहे हैं। रिपोर्ट यह भी कहती है कि शहरीकरण में बिना प्लानिंग के इजाफा होने से कुछ परेशानियां भी आ रही हैं। जैसे शहर का विस्तार हो जाए और सार्वजनिक परिवहन की उसके मुताबिक व्यवस्था ना हो तो रहना मुश्किल होता है। इसके अलावा पलूशन में भी इजाफा हो रहा है क्योंकि निजी वाहनों की संख्या काफी ज्यादा बढ़ जाती है। वहीं यदि शहरों को प्लानिंग के साथ बसाया जाए तो वे ज्यादा कारगर होंगे और मानव जीवन के लिए ज्यादा सुविधायुक्त भी साबित होंगे।