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DDA लाएगा किफायती फ्लैट, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा विशेष डिस्काउंट

 नई दिल्ली दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) सरकारी कर्मचारियों के लिए एक बड़ी सौगात लेकर आ रहा है. दिसंबर में, DDA अपनी 'कर्मयोगी आवास योजना' शुरू करने जा रहा है, जिसका उद्देश्य नरेला क्षेत्र में बने रेडी-टू-मूव-इन फ्लैट्स को जल्दी बेचना है.    DDA की यह पहल सिर्फ किफायती आवास देने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह विंध्याचल क्षेत्र को शिक्षा और खेल हब के रूप में विकसित करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा भी है, जिसके तहत यहां संस्थानों और खेल सुविधाओं के लिए भूमि आवंटित की जा रही है, ताकि यह क्षेत्र आवास और संस्थागत विकास दोनों के लिए एक पसंदीदा जगह बन सके. कहां मिल रहे हैं फ्लैट? 'कर्मयोगी आवास योजना' की शुरुआत सेक्टर A1 से A4 के पॉकेट 9 में फ्लैट्स की बिक्री से होगी, और शुरुआती प्रतिक्रिया को देखने के बाद ही अगले चरण तय किए जाएंगे. अधिकारियों ने पुष्टि की है कि यह योजना कुल मिलाकर पॉकेट 9, 6 और 13 को कवर करेगी.

ताजिकिस्तान में ड्रोन हमले से चीन को बड़ा झटका, सीमा के पास खदान में हुई मौतें

खटलोन  अफगानिस्तान की सीमा से सटे ताजिकिस्तान में चाइनीज इंजीनियरों पर ड्रोन से घातक हमला हुआ है. इस हमले में 3 चाइनीज मारे गए हैं. ताजिकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि ये हमला UAV से किया गया. इस UAV में ग्रेनेड और विस्फोटक लोड थे. इससे एक माइनिंग साइट पर हमला किया गया. ताजिकिस्तान का दावा है कि ये हमले सीमा पार से किए गए थे. विदेश मंत्रालय के मुताबिक र रात को ताजिकिस्तान के दक्षिण-पश्चिमी खटलोन इलाके में एक कैंप हाउसिंग कंपनी के कर्मचारियों को निशाना बनाकर हमला किया गया.  यह हमला योल बॉर्डर डिटैचमेंट में फर्स्ट बॉर्डर गार्ड पोस्ट "इस्तिकलोल" के पास एलएलसी शोहिन एसएम वर्कर्स कैंप को निशाना बनाकर किया गया था. माइनिंग कंपनी एलएलसी शोहिन ताजिकिस्तान में गोल्ड माइनिंग का काम करती है. ताजिकिस्तान ने कहा, "ताजिकिस्तान और अफ़गानिस्तान के बीच बॉर्डर वाले इलाकों में सुरक्षा बनाए रखने और शांति और स्थिरता का माहौल बनाने की ताजिकिस्तान की लगातार कोशिशों के बावजूद अफ़गानिस्तान के इलाके में मौजूद क्रिमिनल ग्रुप्स की खतरनाक हरकतें अभी भी जारी हैं." मंत्रालय ने "आतंकवादी ग्रुप्स की इन हरकतों" की निंदा की और अफ़गान अधिकारियों से बॉर्डर के अपने हिस्से को स्थिर और सुरक्षित करने की अपील की.ताजिकिस्तान के अनुसार, "यह हमला हथियारों और ग्रेनेड से भरे ड्रोन से किया गया, जिसमें चीनी नागरिक तीन स्टाफ की मौत हो गई." ताजिकिस्तान में क्या कर रहे थे चाइनीज इंजीनियर कई चीनी कंपनियां ताजिकिस्तान में काम करती हैं. ये कंपनियां खासकर माइनिंग और नेचुरल रिसोर्स के क्षेत्र में काम कर रही हैं. जो अक्सर पहाड़ी बॉर्डर इलाकों में होती हैं. ये पहाड़ी और बॉर्डर इलाका दोनों देशों के बीच लगभग 1,350 किलोमीटर तक फैला हुआ है. ये चाइनीज वर्कर ताजिकिस्तान में माइनिंग और कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट्स में शामिल थे. ताजिकिस्तान और अफगानिस्तान के इस बॉर्डर पर समय समय पर दिक्कतें होती रहती है.  ताजिकिस्तान ने कहा कि उसने एक हफ़्ते पहले इस इलाके में अफ़गानिस्तान के दो संदिग्ध ड्रग स्मगलरों को मारने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया था. अगस्त में ताजिक गार्ड्स और अफ़गानिस्तान के रूलिंग तालिबान मूवमेंट के लड़ाकों के बीच फायरिंग भी हुई थी.  चीनी वर्करों को मारने वाला ड्रोन हमला गुरुवार को कलेक्टिव सिक्योरिटी ट्रीटी ऑर्गनाइज़ेशन जो एक रीजनल ब्लॉक है की मीटिंग से पहले हुआ.    LLC Shohin SM क्या काम करती है LLC Shohin SM में धातु की माइनिंग होती है. विशेषकर सीमावर्ती क्षेत्रों में और यहां आमतौर पर तांबा, सोना और अन्य बहुमूल्य धातुओं की खुदाई की जाती है. LLC Shohin SM ताजिकिस्तान के खातलॉन प्रांत के शोहिन जिले में सोने की खदान चलाती है. यह एक चीनी-ताजिक जॉइंट वेंचर है, जिसमें मुख्य निवेश और तकनीक चीन की कंपनी Tibet Huayu Mining Co. Ltd से आता है. यह खदान जिलाउ और आसपास के क्षेत्रों में सोने की खोज और उत्पादन करती है, जो ताजिकिस्तान के सबसे बड़े सोने के भंडारों में से एक है. अफगानिस्तान-ताजिकिस्तान में नया तनाव यह हमला मध्य एशिया में नए तनाव को जन्म दे रहा है. जहां चीन का करोड़ों डॉलर का निवेश है. इस घटना ने ताजिकिस्तान को चीन और रूस के बीच एक संवेदनशील भूमिका में खींच लिया है, जहां चीन अपने निवेश और सुरक्षा हितों को बढ़ाने के लिए ताजिकिस्तान की सरकार पर दबाव डाल रहा है, जबकि ताजिकिस्तान की सरकार आंतरिक अस्थिरता और चीन की बढ़ती उपस्थिति के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रही है. ​ हमले ने चीन के बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (BRI) परियोजनाओं की सुरक्षा को भी चुनौती दी है, जिससे चीन के निवेश और आर्थिक रणनीति पर खतरा उत्पन्न हुआ है. इसके अलावा, चीन अफगानिस्तान के तालिबान सरकार के साथ भी आतंकवाद विरोधी सहयोग बढ़ाने की कोशिश कर रहा है, जिससे तालिबान के साथ चीन के रिश्तों में भी नए आयाम उभर रहे हैं. 

शक्तिशाली गजकेसरी योग के साथ जनवरी में आएंगे अच्छे दिन, जानें किस्मत चमकाने वाली राशियां

वैदिक ज्योतिष के अनुसार वर्ष 2026 की शुरुआत कई राशियों के लिए बेहद भाग्यशाली रहने वाली है. जनवरी महीने में गुरु (बृहस्पति) और चंद्रमा की शुभ युति से कर्क राशि में बनने वाला गजकेसरी राजयोग एक अत्यंत शक्तिशाली और दुर्लभ योग माना गया है. ज्योतिष के अनुसार, जब भी यह राजयोग बनता है तो यह जातकों को अप्रत्याशित सफलता, पद-प्रतिष्ठा, आर्थिक वृद्धि, मानसिक शांति और सम्मान में इजाफा करता है. यह राजयोग व्यक्ति की कुंडली के शुभ भावों में सक्रिय होकर करियर, नौकरी, प्रमोशन, व्यापार और धन लाभ के रास्ते खोल देता है. जानते हैं 2026 में किन राशियों को इस योग से सबसे ज्यादा फायदा होगा. कर्क राशि –  कर्क राशि के जातकों के लिए यह समय बेहद शुभ रहेगा, क्योंकि गजकेसरी राजयोग उनके लग्न भाव में बन रहा है. यह प्रभाव आपके जीवन में कई सकारात्मक बदलाव लाएगा. मान-सम्मान और समाजिक प्रतिष्ठा में बढ़ोतरी होगी. करियर में नए अवसर और प्रमोशन मिलेंगे. आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, धन प्रवाह बढ़ेगा. लंबे समय से रुके कार्य तेजी से पूरे होंगे. आत्मविश्वास बढ़ेगा. निर्णय क्षमता में सुधार होगा.  तुला राशि – तुला राशि के जातकों के लिए यह राजयोग उनके 10वें भाव में प्रभाव डालेगा, जिसे करियर और कर्मक्षेत्र का भाव कहा जाता है. इससे आपको नौकरी में उन्नति, प्रमोशन या नई पोस्टिंग मिल सकती है. व्यवसाय में तेजी, मुनाफा और नए अवसर मिलेंगे. बड़े कॉन्ट्रैक्ट या प्रोजेक्ट मिलने के योग बनेंगे. साझेदारी में लाभ और महत्वपूर्ण लोगों से मुलाकात हो सकती है. लंबे समय से नौकरी बदलने का इंतजार खत्म हो सकता है.  मिथुन राशि – मिथुन राशि के लिए गजकेसरी राजयोग उनके धन, परिवार और वाणी से जुड़े भावों में शुभ फल देगा.  इस अवधि में आपको अचानक धन लाभ, बोनस या इनकम बढ़ने की संभावना है. बचत बढ़ेगी. आर्थिक स्थिति मजबूत होगी. पारिवारिक माहौल सुखद और सौहार्दपूर्ण रहेगा. निवेश करने वालों को अच्छा रिटर्न मिल सकता है. आपकी वाणी में मधुरता आएगी, जिससे सम्मान और अवसर बढ़ेंगे.व्यापारिक वार्ताएं सफल होंगी. नए संबंध बनेंगे.

भारत के तेजस विमान में कोई समस्या नहीं, HAL ने दिया भरोसा

बेंगलुरु  हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर डीके सुनील ने दुबई एयर शो में लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (एलसीए) तेजस के क्रैश होने की घटना को दुर्भाग्यपूर्ण हादसा बताया। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि इस घटना से तेजस कार्यक्रम के भविष्य पर कोई असर नहीं पड़ेगा। एएनआई के नेशनल सिक्योरिटी समिट में रक्षा निर्यात पर बोलते हुए डीके सुनील ने कहा- तेजस में बिल्कुल कोई समस्या नहीं है। मैं इस मंच से ये घोषणा करता हूं। यह एक बहुत शानदार एयरक्राफ्ट है। यह पूरी तरह सुरक्षित है और इसका सुरक्षा रिकॉर्ड दुनिया में सबसे बेहतरीन है। दुबई में जो हुआ, वह एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना थी। इसका तेजस के भविष्य पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। बता दें कि यह पहला मौका था जब तेजस विदेशी धरती पर दुर्घटनाग्रस्त हुआ। वहीं जब से तेजस बना है तब से केवल दो बार ही क्रैश हुआ है। वहीं 1993 से 2013 तक दुनिया की सुपरपावर कहे जाने वाले अमेरिका में 174 एयरशो क्रैश हुए, जिनमें 91 लोग मारे गए। एचएएल चेयरमैन ने कहा- जब कोई देश आगे बढ़ता है और अपनी खुद की टेक्नोलॉजी विकसित करता है तो उसे कई चरणों से गुजरना होता है। आज हमने नई क्षमता के साथ इस 4.5 जेनरेशन के एयरक्राफ्ट को बनाया है। यह एक बहुत बड़ी सफलता है और हम इस पर गर्व करते हैं। लोग तो बातें करेंगे ही और सवाल उठाएंगे लेकिन इससे हम पीछे हटने वाले नहीं हैं। मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि ये पूरी तरह से सुरक्षित एयरक्राफ्ट है। इसके भविष्य को लेकर कोई सवाल ही नहीं है। हमारे पास करीब 180 तेजस हैं और यह संख्या आगे बढ़ेगी। हम पास इस विमान के लिए एक्सपोर्ट मार्कट भी होगी।" HAL के फ्यूचर प्रोजेक्ट HAL के भविष्य के प्रोजेक्ट्स पर हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड के चेयरमैन ने कहा कि हम U-CAV – 'CATS वॉरियर' बना रहे हैं। यह अगले साल तक तैयार हो जाएगा, और हमें उम्मीद है कि यह 2027 तक उड़ान भरेगा। उन्होंने कहा कि हम UHM (यूटिलिटी हेलीकॉप्टर मैरीटाइम)- डेक-बेस्ड वर्जन के लिए यूटिलिटी हेलीकॉप्टर पर भी काम कर रहे हैं। यह इस साल उड़ान भरना शुरू कर देगा, और दो साल में डिलीवरी होगी… उन्होंने कहा कि सरकार की नीति है कि भारत वैश्विक स्तर पर उभरे और रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बने। डीके सुनील ने कहा- यह सरकार की नीति है कि हम ग्लोबल बनें। निर्यात भारत सरकार और कंपनी के आउटरीच का परिणाम हैं। हम जो क्षमता विकसित कर रहे हैं, उसका यह तार्किक विस्तार है। गौरतलब है कि दुबई एयर शो-2025 के दौरान भारतीय वायुसेना का तेजस लड़ाकू विमान प्रदर्शन के समय क्रैश हो गया था। इस हादसे में विंग कमांडर नमांश स्याल मारे गए। वर्तमान में मलेशिया, अर्जेंटीना, मिस्र, फिलीपींस सहित कई देश तेजस में रुचि दिखा रहे हैं। सरकार का लक्ष्य अगले कुछ वर्षों में रक्षा निर्यात को 35,000 करोड़ रुपये तक ले जाना है।

राम माधव ने दिल्ली ब्लास्ट पर जताई चिंता, आतंकवाद को लेकर धारणाओं पर रखा जोर

नईदिल्ली  फरीदाबाद से सामने आया आतंक का डॉक्टर वाला रूप इन दिनों पूरे देश में चर्चा का विषय बना हुआ है। इसी मॉड्यूल के तहत दिल्ली के लाल किले के सामने हुए आतंकी हमले को लेकर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के नेता राम माधव ने कहा कि इस घटना ने आतंक से जुड़े बहुत सारे मिथकों को तोड़ दिया है। उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर यह धारणा बनी हुई है कि शिक्षा का आतंकवाद से कोई लेना देना नहीं है। यह गरीबी का परिणाम है। इस घटना ने साबित कर दिया कि आतंकवाद का शिक्षा या गरीबी से कोई लेना देना नहीं है, यह एक धारणा, एक सोच का परिणाम है। एएनआई से बातचीत करते हुए संघ के नेता ने कहा कि किसी एक धर्म को पूरी तरह से आतंकवाद से नहीं जोड़ा जा सकता, लेकिन एक यह भी नहीं भूलना चाहिए कि आतंकवादी का धर्म होता है। उन्होंने कहा, "दिल्ली लाल किला ब्लास्ट के मामले का मुख्य आतंकी अपने कुकर्मों को सही ठहराने के लिए कुरआन की आयतों का हवाला दे रहा है… हम मानें या न मानें आतंकवादियों की धार्मिक प्रेरणा होती है। इस बात को अब और नकारा नहीं जा सकता है। इसलिए हमें इस बात को अब नकार देना चाहिए कि पढ़े लिखे लोग आतंकवादी नहीं हो सकते। दुनिया ने देखा है कि ओसामा बिन लादेन इंजीनियर था, अल जवाहिरी डॉक्टर था और आतंकवादी भी था।" उन्होंने कहा, "दूसरी बात हमें इस बात को भी खारिज कर देना चाहिए की आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता… हां, हम किसी एक धर्म को पूरी तरह से आतंकवाद के साथ नहीं जोड़ सकते हैं, लेकिन इतना तय है कि एक आतंकवादी का अपना धर्म होता है। लोग धार्मिक आधार पर आतंक की तरफ बढ़ते जा रहे हैं। हमें इस मुद्दे को लेकर अब तार्किक तरीके से सोचना होगा।" संघ नेता ने आतंकवादियों को भटका हुआ नौजवान बताकर बचाने वाले लोगों को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा, “अगर आप इसे (आतंकवाद को) यूं ही नकारते रहेंगे, तो आप फिर वही पुराना बचाव वाला और माफी मांगने वाला प्रचार कर रहे हैं। हमारे देश में ऐसे बुद्धिजीवियों की कमी नहीं है। अब समय आ गया है कि हम सभी को इसका खड़े होकर मुकाबला करना चाहिए। हमारे लिबरल बुद्धिजीवी और मुस्लिम बुद्धिजीवियों को भी इन बातों पर खुलकर सामने आना चाहिए।” आपको बता दें, यह पूरी बात फरीदाबाद की अल फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़े डॉक्टर मॉड्यूल से जुड़ी हुई है। इसमें इन आतंकियों के पास से बड़ी मात्रा में अमोनियम नाइट्रेट बरामद हुआ था। लाल किले के पास कार में आत्मघाती हमला करने वाला भी आतंकी उमर भी एक डॉक्टर था। फिलहाल इस मामले में जांच जारी है और अभी तक कई गिरफ्तारियाँ भीदिल हो चुकी हैं।

1 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य की ओर बढ़ते प्रदेश में परामर्श आधारित विकास मॉडल प्रभावी रूप से हो रहा लागू

विकसित उत्तर प्रदेश – 2047’: मुख्यमंत्री योगी की प्राथमिकताओं में इंडस्ट्रियल व इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार मुख्य रूप से शामिल 1 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य की ओर बढ़ते प्रदेश में परामर्श आधारित विकास मॉडल प्रभावी रूप से हो रहा लागू  औद्योगिक तथा अवसंरचनात्मक परिवर्तन को प्राथमिकता देते हुए योगी सरकार दीर्घकालिक रणनीति पर कर रही कार्य लखनऊ  उत्तर प्रदेश को वर्ष 2047 तक देश के विकसित राज्यों की अग्रिम श्रेणी में लाने के लिए योगी सरकार अवसंरचना तथा औद्योगिक विस्तार पर केंद्रित व्यापक रणनीति लागू करने की दिशा में लगातार आगे बढ़ रही है। ‘विकसित उत्तर प्रदेश 2047’ के लिए विजन डॉक्यूमेंट का निर्माण कार्य निरंतर जारी है और सरकार अब तक 98 लाख से अधिक नागरिकों और स्टेकहोल्डर्स से सुझाव प्राप्त कर चुकी है। इनमें सबसे अधिक सुझाव कृषि, ग्रामीण विकास और शिक्षा से संबंधित हैं। स्वयं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे प्रदेश की विकास यात्रा में जनता की सक्रिय भागीदारी का सकारात्मक संकेत बताया है। औद्योगिक विकास को नई गति देने की तैयारी राज्य एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने के लक्ष्य की दिशा में दृढ़ता के साथ आगे बढ़ रहा है, जबकि वर्ष 2047 तक छह ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था का दीर्घकालिक लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इन लक्ष्यों को हासिल करने के लिए 15 से 16 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि दर आवश्यक मानी गई है। औद्योगिक निवेश और रोजगार प्रोत्साहन नीति 2022 इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है, जिसके अंतर्गत पात्र इकाइयों को 25 प्रतिशत तक पूंजीगत सब्सिडी की सुविधा उपलब्ध है। पूर्वांचल और बुंदेलखंड को औद्योगिक विकास का नया केंद्र बनाने के उद्देश्य से यह सीमा 45 करोड़ रुपये तक निर्धारित की गई है। स्टांप ड्यूटी में छूट ने निवेशकों का बढ़ाया विश्वास भूमि क्रय को सरल और सुलभ बनाने के लिए लागू की गई स्टांप ड्यूटी छूट निवेशकों के लिए बड़ा प्रोत्साहन बनी है। पूर्वांचल और बुंदेलखंड में 100 प्रतिशत, मध्यांचल और पश्चिमांचल में 75 प्रतिशत तथा नोएडा–गाजियाबाद में 50 प्रतिशत तक की छूट प्रदान की जा रही है। सरकार का मानना है कि यह कदम नए औद्योगिक निवेशों को आकर्षित करेगा और मौजूदा औद्योगिक इकाइयों के विस्तार को गति देगा। सुदृढ़ इंफ्रास्ट्रक्चर बना रही विकास की राह पिछले वर्षों में योगी सरकार ने अवसंरचना विकास को प्राथमिकता देते हुए इसका व्यापक स्तर पर विस्तार किया है। आज उत्तर प्रदेश 13 एक्सप्रेस-वे और पांच अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों के साथ देश का सबसे बड़ा कनेक्टिविटी नेटवर्क प्रदान करने वाला राज्य बन चुका है। यह सुदृढ़ नेटवर्क प्रदेश को तेजी से उभरते लॉजिस्टिक्स हब के रूप में स्थापित कर रहा है और उद्योगों को विश्वस्तरीय संपर्क सुविधाएं उपलब्ध करा रहा है। प्रदेश की औद्योगिक क्षमता में होगी वृद्धि, बढ़ेंगे रोजगार सृजन के अवसर वित्तीय वर्ष 2025–26 में घोषित 8,08,736 करोड़ रुपये के बजट में से लगभग 22 प्रतिशत राशि अवस्थापना विकास के लिए आवंटित की गई है। इसके माध्यम से प्रदेश में एक्सप्रेस-वे, औद्योगिक कॉरिडोर, वेयरहाउसिंग, मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स हब और नई औद्योगिक नगरियों के विस्तार में गति लायी जा रही है। योगी सरकार का मानना है कि इन प्रयासों से प्रदेश की औद्योगिक क्षमता में कई गुना वृद्धि होगी और रोजगार सृजन के नए अवसर विकसित होंगे। ‘विकसित उत्तर प्रदेश 2047’ का विजन अब ऐसी प्रक्रिया के रूप में आकार ले रहा है जिसमें नीति, विकास और जनता की सहभागिता मिलकर एक समृद्ध भविष्य की नींव तैयार कर रहे हैं।

उत्तर प्रदेश के विकास और वैश्विक निवेश की नई पहचान बनने जा रहा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्टः सीएम योगी

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री के साथ किया नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का निरीक्षण उत्तर प्रदेश के विकास और वैश्विक निवेश की नई पहचान बनने जा रहा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्टः  सीएम योगी  निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, समयबद्धता और विभागीय समन्वय पर दिया जोर-   सीएम योगी  नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट परियोजना की प्रगति के सम्बंध में अधिकारियों के साथ की उच्चस्तरीय बैठक, दिये आवश्यक दिशा निर्देश गौतमबुद्धनगर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने  जेवर में निर्माणाधीन नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का निरीक्षण किया। उन्होंने टर्मिनल, उद्घाटन समारोह स्थल, सुरक्षा प्रबंधन, यातायात व्यवस्था समेत विभिन्न निर्माण गतिविधियों की वास्तविक प्रगति का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री के साथ केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के राम मोहन नायडू भी मौजूद रहे। सीएम ने कहा कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश के विकास और वैश्विक निवेश की नई पहचान बनने जा रहा है, इसलिए निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, समयबद्धता और विभागीय समन्वय सर्वोच्च प्राथमिकता पर होना चाहिए।  सिक्योरिटी क्लीयरेंस प्राप्त करने की प्रक्रिया शीघ्र पूरी करें सीएम  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बताया गया कि एयरपोर्ट को अभी तक एयरोड्रम लाइसेंस प्राप्त नहीं हुआ है। इस पर उन्होंने निर्देश दिया कि ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी और सीआईएसएफ अधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर सभी सुरक्षा मानकों को तत्काल पूर्ण किया जाए। साथ ही शीघ्र अति शीघ्र सिक्योरिटी क्लीयरेंस प्राप्त करने की प्रक्रिया पूरी की जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि “एयरपोर्ट प्रदेश की महत्वाकांक्षी परियोजना है, इसलिए जहां भी सुरक्षा या अन्य कार्य शेष हैं, उन्हें तेज गति और सर्वोत्तम गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए।”  सीएम का निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, समयबद्धता और विभागीय समन्वय पर जोर  मुख्यमंत्री ने कहा कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश के विकास और वैश्विक निवेश की नई पहचान बनने जा रहा है, इसलिए निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, समयबद्धता और विभागीय समन्वय सर्वोच्च प्राथमिकता पर होना चाहिए। उन्होंने संबंधित एजेंसियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि उद्घाटन समारोह की तैयारियों को पूर्ण करें। उद्घाटन के समय एयरपोर्ट एक रनवे के साथ क्रियाशील होगा, जिसकी वार्षिक यात्री क्षमता लगभग 1.2 करोड़ होगी। पूरी क्षमता पर विकसित होने पर जेवर एयरपोर्ट में कुल 5 रनवे होंगे, इसका विस्तार 11,750 एकड़ तक होगा और यह प्रतिवर्ष 30 करोड़ यात्रियों को सेवा देने में सक्षम होगा, जो इसे विश्व के सबसे बड़े एयरपोर्ट्स में शामिल कर देगा। निरीक्षण व बैठक के दौरान लोक निर्माण राज्यमंत्री बृजेश सिंह, विधायक धीरेंद्र सिंह, राज्यसभा सांसद सुरेंद्र नागर मौजूद रहे। सीएम ने सचिव नगर विमानन मंत्रालय, अपर मुख्य सचिव नागरिक उड्डयन, निदेशक नागरिक उड्डयन, डीजी डीजीसीए, डीजी नगर विमानन सुरक्षा, डीआईजीसीआईएसएफ, एयरपोर्ट एथोरिटी ऑफ इंडिया, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड के सीईओ और नोडल ऑफिसर, जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन तथा निर्माण एजेंसी के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में परियोजना की वर्तमान स्थिति, आगामी कार्ययोजना और उद्घाटन समारोह की तैयारियों पर विस्तृत पावर प्रेजेंटेशन के माध्यम से जानकारी प्रस्तुत की गई।

भारतीय महिला ब्लाइंड टीम को प्रधानमंत्री मोदी का सम्मान—टीम इंडिया की जीत पर जताई खुशी

 नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने  भारतीय महिला ब्लाइंड क्रिकेट टीम से मुलाकात की, जिन्होंने कोलंबो में फाइनल में नेपाल को सात विकेट से हराकर ब्लाइंड T20 वर्ल्ड कप का पहला संस्करण जीता था.  छह टीमों वाले इस टूर्नामेंट में भारतीय महिला ब्लाइंड टीम की जीत कुछ ही दिनों बाद आई है. इससे पहले महिला टीम ने ODI वर्ल्ड कप में अपनी पहली खिताबी जीत दर्ज की थी.  टीम के सदस्यों ने प्रधानमंत्री मोदी को अपने हस्ताक्षर वाला बैट भेंट किया, जबकि प्रधानमंत्री ने भी टीम के लिए एक बॉल पर हस्ताक्षर किए. इस दौरान पीएम मोदी ने टीम के सदस्यों को अपने हाथों से म‍िठाई ख‍िलाई.  विजेता भारतीय टीम की ऐतिहासिक उपलब्धि पर पीएम मोदी पहले ही उनकी सराहना कर चुके हैं. उन्होंने X पर लिखा था- ब्लाइंड वूमेंस T20 वर्ल्ड कप के उद्घाटन संस्करण में इतिहास रचने के लिए भारतीय ब्लाइंड महिला क्रिकेट टीम को बधाई. इससे भी अधिक सराहनीय यह है कि वे सीरीज में अपराजित रहीं.  उन्होंने आगे लिखा था- यह वास्तव में एक ऐतिहासिक खेल उपलब्धि है, जो कड़ी मेहनत, टीमवर्क और दृढ़ संकल्प का बेहतरीन उदाहरण है. प्रत्येक खिलाड़ी एक चैम्प‍ियन है. टीम को भविष्य के लिए मेरी शुभकामनाएं. यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करेगी.  

विश्वरंग मुख्य सत्र: सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे, हंसध्वनि सभागार, रवींद्र भवन

भोपाल  विश्वरंग : मुख्य सत्र : सुबह 10 बजे से दोपहर 2.00 बजे हंसध्वनि सभागार, रवीन्द्र भवन 10.00-10.30 मंगला चरण -ध्रुपद वृंद, ध्रुपद संस्थान, भोपाल एवं मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव जी द्वारा उद्घाटन  वैचारिक सत्र 10.30-11.15 21वीं सदी के सवाल : संदर्भ – साहित्य, संस्कृति, समाज : डॉ. नंदकिशोर आचार्य, संतोष चौबे 11.15-12.00 – नयी सदी में नये कौशल : अंकुर वारीकू, सिद्धार्थ चतुर्वेदी  12.30-01.15-खेल कहानियाँ और कॉमेंट्री आकाश चोपड़ा से सिद्धार्थ चतुर्वेदी की बातचीत  01.15-2.00- स्वानंद किरकिरे : शब्दों की दुनिया – जिंदगी का संगीत  समानांतर सत्र (विभिन्न दस सभागारों में)  3.00-3.45 बजे – कौटिल्य से कॉर्पोरेट तक ( राधाकृष्णन पिल्लई)  – कविता में सदी के सरोकार – 1 – विश्व कवियों के पाठ में सदी – नाटक एवं फिल्मों में सदी के सवाल ( राजेंद्र गुप्ता, वामन केन्द्रे)  – जीवन स्पर्शी कथेतर साहित्य – लेखक / कृति से मिलिये ( दिव्य प्रकाश दुबे)  – कविता में सदी के सरोकार – 2 – युद्ध और युद्ध विरोधी चित्र 3.45 – 4.30 बजे – आभासी संचार के बदलते आयाम ( एक्टर फैसल मलिक)  – कहानी में सदी के सरोकार ( ममता कालिया)  – विश्व कवियों के पाठ में सदी  – चटखारों की चौपाल ( पुष्पेश पंत)  – प्रवासी साहित्य बदलता चिंतन – लेखक / कृति से मिलिये – कहानी में सदी के सरोकार 2 – युद्ध और युद्ध विरोधी चित्र 5.00 – 5.45 बजे – सिनेमा-कल, आज और कल ( दिव्य दत्ता)  – साहित्य की नई भाषा और युवा ( नीलोत्पल मृणाल, दिव्य प्रकाश दुबे)  – साहित्य बहुभाषी कविता का अनुवाद पाठ – बाल एवं किशोर साहित्य : परिदृश्य एवं भविष्य दृष्टि – प्रवासी साहित्य रचना पाठ (कविता) – लेखक/कृति से – मिलिये कला लेखन : सम्भावना और चुनौतियाँ – 7वें टैगोर राष्ट्रीय कला सेमीनार 2025 का प्रेजेंटेशन 5.45 – 6.30 बजे – नयी वाली कविता ( प्रिय मलिक ) – नये भारत का साहित्यिक मानचित्र और युवा – बहुभाषी कविता का अनुवाद पाठ – हिंदी साहित्य में सभ्यता विमर्श – प्रवासी रचना पाठ (गद्य)  – लेखक/कृति से मिलिये – प्रौद्योगिकी की अतिशय गति और सोशल मीडिया का दिग्भ्रमित यथार्थ – कला गुरु संवाद  6.00 – 7.00, हबीब तनवीर प्रांगण पूर्वरंग – देशराग : उमेश तरकसवार 7.00 से 9.00 बजे तक, मुक्ताकाश मंच  सांस्कृतिक सत्र : कलेक्टिव क्वायर की प्रस्तुति

WPL नीलामी के बाद टीमों की ताकत का विश्लेषण: दीप्ति शर्मा बनीं सबसे महंगी खिलाड़ी, विदेशी सितारों पर भी खूब खर्च

 नई दिल्ली महिला प्रीमियर लीग (WPL) 2026 के लिए गुरुवार (27 नवंबर) को मेगा ऑक्शन का आयोजन किया गया. नई दिल्ली के जेडब्ल्यू मैरियट होटल में हुई इस नीलामी में टीम इंडिया की स्टार ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा सबसे महंगी खिलाड़ी रहीं. दीप्ति को यूपी वॉरियर्स ने 3.20 करोड़ रुपये में अपनी टीम में दोबारा शामिल किया. दीप्ति के लिए यूपी की टीम ने राइट टू मैच (RTM) कार्ड का प्रयोग किया. खरीदा. विदेशी खिलाड़ियों में एमेलिया केर को सबसे ज्यादा रकम मिली. एमेलिया 3 करोड़ रुपये में आरटीएम के जरिए मुंबई इंडियंस में फिर से शामिल हुई हैं. डब्ल्यूपीएल 2026 के लिए खिलाड़ियों का ऑक्शन तो समाप्त हो गया, अब फैन्स की निगाहें अगले सीजन पर हैं. डब्ल्यूपीएल के चौथे सीजन का आयोजन 9 जनवरी से 5 फरवरी तक नवी मुंबई और वडोरा में होगा. मुंबई इंडियंस जहां अपना टाइटल डिफेंड करने के लिए पूरा जाएगी. बाकी चार टीम्स भी अपना बेस्ट देने उतरेंगी. मुंबई के अलावा रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ही डब्ल्यूपीएल टाइटल जीत सकी है. दीप्ति शर्मा रहीं सबसे महंगी, विदेशी खिलाड़ियों पर भी बरसे करोड़ों  महिला प्रीमियर लीग (WPL) 2026 के लिए खिलाड़ियों की मेगा नीलामी गुरुवार (27 नवंबर) को नई दिल्ली के जेडब्ल्यू मैरियट होटल में आयोजित हुई. सभी 5 फ्रेंचाइजी टीमों के साथ ही फैन्स को भी इस मेगा ऑक्शन का बेसब्री से इंतजार था. महिला प्रीमियर लीग के लिए इस मेगा ऑक्शन में कुल 277 खिलाड़ियों पर बोली लगी. हालांकि 67 खिलाड़ी ही ऑक्शन में सोल्ड हुए, जिसमें 23 विदेशी प्लेयर्स शामिल रहे. कुल मिलाकर 40.8 करोड़ रुपये ऑक्शन में खर्च किए गए. भारतीय ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा सबसे महंगी खिलाड़ी (3.20 करोड़ रुपये) रहीं, जबकि विदेशी खिलाड़ियों में एमेलिया केर (3 करोड़ रुपये) सबसे ज्यादा में बिकीं. कंगारू टीम की कप्तान एलिसा हीली अनसोल्ड रहीं, जिनका बेस प्राइस 50 लाख रुपये था. वहीं कीवी ऑलराउंडर सोफी डिवाइन को गुजरात जायंट्स ने 2 करोड़ रुपये में खरीदा. भारतीय टीम की स्टार ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा को यूपी वॉरियर्स ने आरटीएम (राइट टू मैच) कार्ड के जरिए 3.20 करोड़ रुपये में अपनी टीम से जोड़ा. जबकि मुंबई इंडियंस ने आरटीएम कार्ड के जरिए एमेलिया केर को 3 करोड़ रुपये में अपने साथ दोबारा जोड़ा. सोफी, दीप्ति और एमेलिया तीनों का बेस प्राइस 50-50 लाख रुपये था. भारतीय तेज गेंदबाज रेणुका सिंह 60 लाख रुपये में गुजरात जायंटस में शामिल हुईं. इंग्लिश ऑलराउंडर सोफी एक्लेस्टोन (85 लाख रुपये) और ऑस्ट्रेलिया की पूर्व कप्तान मेग लैनिंग (1.9 करोड़ रुपये) यूपी वॉरियर्स के लिए खेलेंगी. साउथ अफ्रीकी कप्तान लॉरा वोलवार्ट को दिल्ली कैपिटल्स ने 1.1 करोड़ रुपये में अपने साथ जोड़ा. ऑस्ट्रेलिया की सलामी बल्लेबाज फीबी लिचफील्ड 1.10 करोड़ रुपये में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु से जुड़ीं. चिनेल हेनरी और श्री चरणी को दिल्ली कैपिटल्स ने एक समान 1.30 करोड़ रुपये में खरीदा. स्पिनर आशा शोभना (1.10 करोड़ रुपये) को भी अच्छी खासी रकम मिली, जिन्हें यूपी वॉरियर्स ने अपनी टीम से जोड़ा. उधर भारतीय टीम के लिए खेल चुकीं शिखा पांडे को यूपी वॉरियर्स ने ही 2.40 करोड़ रुपये में अपनी टीम में शामिल किया. शिखा का बेस प्राइस 40 लाख रुपये था. ऑक्शन में सोल्ड खिलाड़ियों की पूरी लिस्ट 1. सोफी डिवाइन (न्यूजीलैंड)- 2 करोड़ रुपये, गुजरात जायंट्स 2. दीप्ति शर्मा- 3.2 करोड़ यूपी वॉरियर्स (RTM) 3. एमेलिया केर (न्यूजीलैंड)- 3 करोड़ रुपये, मुंबई इंडियंस (RTM) 4. रेणुका सिंह- 60 लाख रुपये, गुजरात जायंट्स 5. सोफी एक्लेस्टोन (इंग्लैंड)- 85 लाख रुपये, यूपी वॉरियर्स (RTM) 6. मेग लैनिंग (ऑस्ट्रेलिया)- 1.9 करोड़ रुपये,  यूपी वॉरियर्स 7. लॉरा वोलवार्ट (साउथ अफ्रीका)- 1.1 करोड़ रुपये, दिल्ली कैपिटल्स 8. भारती फूलमाली- 70 लाख रुपये, गुजरात जायंट्स (RTM) 9. फीबी लिचफील्ड (ऑस्ट्रेलिया)- 1.2 करोड़ रुपये, यूपी वॉरियर्स 10. जॉर्जिया वॉल (ऑस्ट्रेलिया)- 60 लाख रुपये, रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु 11. किरण नवगिरे- 60 लाख रुपये, यूपी वॉरियर्स (RTM) 12. चिनेल हेनरी (वेस्टइंडीज)- 1.30 करोड़ रुपये, दिल्ली कैपिटल्स 13. श्री चरणी-1.30 करोड़ रुपये, दिल्ली कैपिटल्स 14. नादिन डिक्लर्क (साउथ अफ्रीका)- 65 लाख रुपये, रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु 15. स्नेह राणा- 50 लाख रुपये, दिल्ली कैपिटल्स 16. राधा यादव- 65 लाख रुपये, रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु 17. हरलीन देओल- 50 लाख रुपये, यूपी वॉरियर्स 18. लिजेल ली (साउथ अफ्रीका)- 30 लाख रुपये, दिल्ली कैपिटल्स 19. लॉरेन बेल (इंग्लैंड)- 90 लाख रुपये,  रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु 20. क्रांति गौड़- 50 लाख रुपये,  यूपी वॉरियर्स (RTM) 21. शबनम इस्माइल (साउथ अफ्रीका)- 60 लाख रुपये, मुंबई इंडियंस 22. तितास साधु- 30 लाख रुपये, गुजरात जायंट्स 23. लिंसी स्मिथ (इंग्लैंड)- 30 लाख रुपये, रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु 24. आशा शोभना- 1.10 करोड़ रुपये, यूपी वॉरियर्स 25. दीया यादव- 10 लाख रुपये, दिल्ली कैपिटल्स 26. संस्कृति गुप्ता- 20 लाख रुपये, मुंबई इंडियंस 27. प्रेमा रावत- 20 लाख रुपये, रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु 28. डिएंड्रा डॉटिन (वेस्टइंडीज)- 80 लाख रुपये, यूपी वॉरियर्स 29. काश्वी गौतम- 65 लाख रुपये, गुजरात जायंट्स (RTM) 30. शिखा पांडे- 2.40 करोड़ रुपये, यूपी वॉरियर्स 31. अरुंधति रेड्डी- 75 लाख रुपये, रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु 32. सजीवन सजना- 75 लाख रुपये, मुंबई इंडियंस 33. पूजा वस्त्राकर- 85 लाख रुपये, रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु 34. तानिया भाटिया- 30 लाख रुपये, दिल्ली कैपिटल्स 35. राहिला फिरदौस- 10 लाख रुपये, मुंबई इंडियंस 36. कनिका आहूजा- 30 लाख रुपये, गुजरात जायंट्स 37. तनुजा कंवर- 45 लाख रुपये, गुजरात जायंट्स 38. जॉर्जिया वेयरहैम (ऑस्ट्रेलिया)- 1 करोड़ रुपये, गुजरात जायंट्स 39. अनुष्का शर्मा- 45 लाख रुपये, गुजरात जायंट्स 40. निकोला कैरी (ऑस्ट्रेलिया)- 30 लाख रुपये, मुंबई इंडियंस 41. ग्रेस हैरिस (ऑस्ट्रेलिया)- 75 लाख रुपये, रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु 42. शिप्रा गिरि- 75 लाख रुपये, यूपी वॉरियर्स 43. ममता मादीवाला- 10 लाख रुपये, दिल्ली कैपिटल्स 44. हैप्पी कुमारी- 10 लाख रुपये, गुजरात जायंट्स 45. नंदनी शर्मा- 20 लाख रुपये, दिल्ली कैपिटल्स 46. किम गार्थ (ऑस्ट्रेलिया)- 50 लाख रुपये, गुजरात जायंट्स 47. यास्तिका भाटिया- 50 लाख रुपये, गुजरात जायंट्स 48. सिमरन शेख- 10 लाख रुपये, यूपी वॉरियर्स 49. पूनम खेमनार- 10 लाख रुपये, मुंबई इंडियंस 50. शिवानी सिंह- 10 लाख रुपये, गुजरात जायंट्स 51. तारा नौरिस (यूएसए)- 10 लाख रुपये, यूपी वॉरियर्स 52. क्लो ट्रायोन (साउथ अफ्रीका)- 30 लााख रुपये, यूपी वॉरियर्स 53. लुसी हैमिल्टन (ऑस्ट्रेलिया)- 10 लाख रुपये, दिल्ली कैपिटल्स 54. त्रिवेणी वशिष्ठ- 20 लाख रुपये, मुंबई इंडियंस 55. सुमन मीणा- 10 लाख रुपये, यूपी वॉरियर्स 56. गौतम नाईक- 10 लाख रुपये, रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु 57. … Read more