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सफलता और धन की चाबी: रात में अपनाएँ ये 5 आदतें

जीवन में सफल होना हर कोई चाहता है। और हर कोई यह भी जानता है कि सफलता पानी है तो मेहनत से नहीं बचा जा सकता। लेकिन कई बार सिर्फ मेहनत करने से भी कुछ हाथ नहीं लगता। आप खुद भी अपने आस-पास कई लोगों को पाएंगे जो मेहनत तो खूब करते हैं लेकिन उन्हें सफल दूर-दूर तक नहीं कहा जा सकता। दरअसल जीवन में कुछ करना है तो प्रॉपर प्लानिंग की भी जरूरत होती है। आचार्य चाणक्य ने अपनी नीति में इसी सफलता के सूत्र का जिक्र किया है। उन्होंने कुछ छोटी-छोटी आदतों के बारे में लिखा, जिन्हें आज भी यदि जीवन में उतार लिया जाए तो सफलता और धन दोनों आपके हिस्से आ सकते हैं। आचार्य की बताई इन बातों को रात में सोने से पहले फॉलो करें और अपने जीवन में पॉजिटिव बदलाव देखें। दिन कैसा गया, इसपर विचार करें आचार्य चाणक्य अपनी नीति में कहते हैं कि जो व्यक्ति अपने कर्मों का हिसाब रखता है, वो जीवन में कभी असफल नहीं हो सकता। इसलिए रोजाना आपने दिन भर में क्या किया, इसका ब्यौरा आपके पास जरूर होना चाहिए। रात में जब भी सोने जाएं, तो कुछ देर जरूर सोचें कि आपका दिन कैसा रहा। क्या कुछ गलतियां आपने की, उनसे क्या सीखा और दिन को बेहतर बनाने के लिए आप क्या कर सकते थे। ऐसे आप आने वाले दिन की बेहतर प्लानिंग कर पाएंगे। अपने ज्ञान का विस्तार करें सोने से पहले कुछ देर अपना समय किताबों के साथ बिताएं। आधा घंटा या कम से कम बीस मिनट भी मिनट भी, कोई अच्छी किताब पढ़ें। कुछ ऐसा जो आपके ज्ञान में वृद्धि करे। आचार्य चाणक्य कहते हैं कि ज्ञान सबसे बड़ा धन होता है। ऐसे में अगर सफल और धनवान बनना है तो ज्ञान के विस्तार की ओर ध्यान दें। अगले दिन की योजना बनाएं अगला दिन बेहतर और प्रोडक्टिव हो, इसके लिए पहले से ही प्रॉपर प्लानिंग करना जरूरी है। इसलिए रात में सोने से पहले ही एक मोटा-मोटा खाका अपने मन में तैयार कर लें कि आने वाला दिन आप कैसे बिताने वाले हैं। दिन के कुछ खास एजेंडा सेट करें। खासतौर से सुबह क्या करना है; पहले से ही डिसाइड कर लें। इस तरह आपका अगला दिन प्रोडक्टिव होगा और अपने गोल समय पर अचीव कर पाएंगे। अपने लक्ष्य के बारे में सोचें आजकल जिसे विजुलाइजेशन कहा जाता है, वो आचार्य चाणक्य ने सालों पहले अपनी नीति में बता दिया था। आचार्य कहते हैं कि व्यक्ति का मन हमेशा इसके लक्ष्य पर सधा हुआ होना चाहिए। जिसके आगे अपना लक्ष्य एकदम तय है, वो भविष्य में कभी भटकता नहीं और सफलता भी उसे जरूर मिलती है। इसलिए रात में सोने से पहले कुछ देर अपने लक्ष्य के बारे में सोचें। सोचकर देखें कि आपने अपना लक्ष्य हासिल कर लिया है तो उस वक्त आप कैसा महसूस करेंगे। ये बातें आपको और मेहनत के मोटिवेट करेंगे और आपके ब्रेन को भी सफलता के लिए रिप्रोग्राम करेंगी। सकारात्मक सोच से करें दिन समाप्त रात में सोते हुए कभी भी नेगेटिव विचार अपने मन में ना लाने दें। रात में जब आप कुछ नेगेटिव सोचते हैं, तो चीजें और भी ज्यादा नकारात्मक होने लगती हैं। इसलिए दिन की एंडिंग हमेशा हैप्पी रखें। सोने से पहले कुछ पॉजिटिव सोचें। आपकी लाइफ में जो भी कुछ अच्छा है, उसे याद करें और हर चीज के लिए शुक्रिया की भावना रखें। इस तरह आपको नींद भी अच्छी आएगी और जीवन को ले कर आपका नजरिया भी सकारात्मक होगा।  

एशिया कप में वैभव सूर्यवंशी की वापसी! BCCI ने जारी की टीम सूची

नई दिल्ली  भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई ने आगामी अंडर-19 एशिया कप 2025 के लिए भारतीय स्क्वॉड का ऐलान कर दिया है। इस स्क्वॉड में वैभव सूर्यवंशी का नाम भी है। वैभव को एक बार फिर एशिया कप में अपनी किस्मत आजमाने का और ट्रॉफी उठाने का मौका मिला है। दरअसल, वैभव सूर्यवंशी हाल ही में हुए एशिया कप राइजिंग स्टार्स 2025 में भारतीय टीम का हिस्सा थे, इस टूर्नामेंट में खेले 4 मैचों में उन्होंने 59.75 की औसत और 243.88 के स्ट्राइक रेट के साथ 239 रन बनाए थे। हालांकि भारत को सेमीफाइनल में बांग्लादेश के खिलाफ सुपर ओवर में मिली हार के बाद टूर्नामेंट से बाहर होना पड़ा था। U19 एशिया कप 2025 का आगाज 12 दिसंबर को दुबई में होगा, वहीं फाइनल 21 दिसंबर को खेला जाएगा।   मुंबई और चेन्नई सुपर किंग्स के ज़बरदस्त बैटर आयुष म्हात्रे को इस टीम का कप्तान बनाया गया है। वहीं 18 साल के ऑल-राउंडर विहान मनोज मल्होत्रा ​​उप-कप्तान होंगे। यह टूर्नामेंट U19 वर्ल्ड कप की तैयारी के लिए एक बड़ा प्लेटफॉर्म होगा। बता दें, अंडर-19 वर्ल्ड कप अगले साल जनवरी-फरवीर में जिम्बाब्वे और नामीबिया में खेला जाएगा। भारत को U19 एशिया कप में पाकिस्तान के साथ रखा गया है। दूसरे ग्रुप में अफ़गानिस्तान, बांग्लादेश और श्रीलंका के साथ एक क्वालिफायर भी शामिल हैं। ग्रुप A: भारत, पाकिस्तान, क्वालिफायर 1, क्वालिफायर 3 ग्रुप B: बांग्लादेश, श्रीलंका, अफ़गानिस्तान, क्वालिफायर 2 U19 एशिया कप के लिए इंडिया स्क्वॉड आयुष म्हात्रे (C), वैभव सूर्यवंशी, विहान मल्होत्रा ​​(vc), वेदांत त्रिवेदी, अभिज्ञान कुंडू (wk), हरवंश सिंह (wk), युवराज गोहिल, कनिष्क चौहान, खिलन ए. पटेल, नमन पुष्पक, डी. दीपेश, हेनिल पटेल, किशन कुमार सिंह*, उद्धव मोहन, एरॉन जॉर्ज। किशन कुमार सिंह फिटनेस टेस्ट पास करने के बाद ही स्क्वॉड के साथ दुबई रवाना होंगे। राहुल कुमार, हेमचूडेशन जे, बी.के. किशोर और आदित्य रावत को स्टैंड-बाय प्लेयर्स के तौर पर रखा गया है।  

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा: सशक्त आत्मा ही विश्व एकता की संकल्पना को साकार करने की आधारशिला

विश्वास वहीं टिकता है जहां मन शांत, विचार स्वस्थ और भावनाएं शुद्ध होती हैं: राष्ट्रपति राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा: सशक्त आत्मा ही विश्व एकता की संकल्पना को साकार करने की आधारशिला लखनऊ में प्रजापिता ब्रह्माकुमारीज ईश्वरीय विश्वविद्यालय के कार्यक्रम में बोलीं राष्ट्रपति  सशक्त आत्मा ही विश्व एकता की संकल्पना को साकार करने की आधारशिला रही है: द्रौपदी मुर्मु लखनऊ  राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने प्रजापिता ब्रह्माकुमारीज ईश्वरीय विश्वविद्यालय द्वारा शुक्रवार को लखनऊ में आयोजित विश्व एकता एवं विश्वास के लिए ध्यान (योग) के राज्य स्तरीय उद्घाटन समारोह में भाग लेते हुए राजयोग के जरिए आध्यात्मिक चेतना के विकास पर बल दिया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि विश्वास वहीं टिकता है, जहां मन शांत, विचार स्वस्थ और भावनाएं शुद्ध होती हैं। उन्होंने कहा कि सशक्त आत्मा ही विश्व एकता की संकल्पना को साकार करने की आधारशिला रही है। राष्ट्रपति मुर्मु के अनुसार, शांत और स्थिर मन समाज में शांति का बीज बोता है और वहीं से विश्व शांति और विश्व एकता की नींव बनती है। भारत की प्राचीन सभ्यता ने दिया वसुधैव कुटुम्बकम् का संदेश कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित होते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने “ओम शांति” के संबोधन से अपने वक्तव्य की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि भारत की प्राचीन सभ्यता और संस्कृति ने सदैव वसुधैव कुटुम्बकम् का संदेश विश्व को दिया है, जिसका भाव यह है कि सारा विश्व एक परिवार है। आज जब विश्व कई प्रकार की चुनौतियों से जूझ रहा है, तब यह विचार और अधिक प्रासंगिक बन जाता है। उन्होंने कहा कि उन्हें विश्वास है कि इस महान संकल्प को सिद्ध करने के लिए यह अभियान प्रभावी योगदान देगा। उन्होंने कार्यक्रम के शुभारंभ के लिए ब्रह्मकुमारीज परिवार के सभी सदस्यों को बधाई दी। भारत सरकार ने समाज को अधिक समावेशी बनाने के लिए उठाए कदम राष्ट्रपति ने कहा कि भारत सरकार समाज को अधिक समावेशी, शांतिपूर्ण और मूल्य-आधारित बनाने के लिए अनेक महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। योग एवं ध्यान को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा देना तथा अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के आयोजन का नेतृत्व भी इसी का एक हिस्सा है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति में मूल्य-आधारित शिक्षा तथा जीवन पोषण जैसे तथ्यों का समावेशन इसी दिशा का प्रयास है। भारत सरकार ने मिशन लाइफ अभियान की शुरुआत की है, जो पर्यावरण के प्रति जागरूकता प्रसारित करने का अभियान है। महिला सम्मान, आत्मनिर्भरता और सामाजिक समावेश के लिए विभिन्न राष्ट्रीय कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। आध्यात्मिक चेतना से सुरक्षित होगा मानवता का भविष्य वर्ष 2023 में भारत में हुए जी-20 समिट के आयोजन का उल्लेख करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि समिट का थीम था वन अर्थ, वन फैमिली, वन फ्यूचर। उन्होंने कहा कि ये पहल इस महत्वपूर्ण संदेश को मजबूत करती हैं कि मानवता का भविष्य मानव-मूल्यों, संवाद, विश्वास और आध्यात्मिक चेतना से सुरक्षित और उज्ज्वल होगा। उन्होंने कहा कि आधुनिक समय में विज्ञान और तकनीक के बल पर मानवता ने अभूतपूर्व प्रगति की है। आज का युग सूचना, प्रौद्योगिकी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और अंतरिक्ष अनुसंधान का युग है। इन क्रांतिकारी परिवर्तनों ने मानव जीवन को अधिक सुविधाजनक, सुगम तथा संसाधन-संपन्न बनाया है। तकनीकी उन्नति के साथ बढ़ रहा तनाव राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि आज का मानव पहले की अपेक्षा अधिक शिक्षित और तकनीकी रूप से सक्षम है। उसके पास आगे बढ़ने के अनेक अवसर हैं, लेकिन समाज में तकनीकी उन्नति के साथ तनाव, असुरक्षा, अविश्वास और एकाकीपन भी बढ़ रहा है। आज आवश्यक है कि हम केवल आगे बढ़ने की ही नहीं, बल्कि अपने भीतर झांकने की भी यात्रा प्रारंभ करें। इसी ‘स्व’ से साक्षात्कार को सुगम बनाने का कदम ब्रह्मकुमारीज ने उठाया है, जिसके लिए वे धन्यवाद के पात्र हैं। आनंद बाहरी वस्तु में नहीं, हमारे भीतर ही है राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि हर मनुष्य चाहता है कि वह दूसरों पर विश्वास करे, लेकिन विश्वास वहीं टिकता है जहां मन शांत, विचार स्वस्थ और भावनाएं शुद्ध हों। उन्होंने कहा कि जब हम कुछ क्षण रुककर स्वयं से संवाद करते हैं, तो यह अनुभव होता है कि शांति और आनंद किसी बाहरी वस्तु में नहीं, बल्कि हमारे भीतर है। जब आत्मिक चेतना जागृत होती है, तो प्रेम, भाईचारा, करुणा और एकता स्वतः जीवन का हिस्सा बन जाते हैं। शांत और स्थिर मन समाज में शांति का बीज बोता है और वहीं से विश्व शांति और विश्व एकता की नींव रखी जाती है। सशक्त आत्मा ही विश्व एकता की संकल्पना को साकार करने की आधारशिला रही है। भीतर की शांति को जगाने का आह्वान ब्रह्मकुमारीज संस्था द्वारा विश्व शांति, मानवीय मूल्य, नारी शक्ति, आत्मिक जागृति, शिक्षा और ध्यान के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयास वास्तव में प्रेरक और प्रशंसनीय हैं। इस सेवा के लिए सभी का हृदय से धन्यवाद। उन्होंने आह्वान किया कि आइए, शांति को अपने भीतर जगाएं, विश्वास को अपने विचारों में उतारें और एकता को अपने कर्म में प्रकट करें। हम सभी एक बेहतर, शांतिपूर्ण और विश्वासपूर्ण विश्व के निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि वे जानती हैं कि ब्रह्मकुमारीज ईश्वरीय विश्वविद्यालय केवल लखनऊ और माउंट आबू में ही नहीं, बल्कि गांव-गांव में शिक्षा केंद्रों के माध्यम से सकारात्मकता का प्रसार कर रहा है। सभी समाज को सुख, शांति, आनंद, प्रेम और विश्वास का संवाहक बनकर जन-जन तक पहुंच रहे हैं। आज का कार्यक्रम एक सुंदर विश्व बनाने की दिशा में संवाहक की भूमिका निभाएगा। दीप प्रज्ज्वलन से हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ प्रजापिता ब्रह्माकुमारीज ईश्वरीय विश्वविद्यालय द्वारा लखनऊ में आयोजित विश्व एकता एवं विश्वास के लिए ध्यान (योग) के राज्य स्तरीय उद्घाटन समारोह का शुभारंभ राष्ट्रपति मुर्मु ने दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया। उन्होंने ब्रह्मकुमारियों को कलश सौंपा तथा भ्राताओं को ब्रह्मकुमारीज की ध्वजा प्रदान की। कार्यक्रम में छात्राओं ने पारंपरिक नृत्य शैली में सांस्कृतिक प्रस्तुति भी दी। इस दौरान ब्रह्मकुमारी राधा जी ने ईश्वरीय परिवार की ओर से स्वागत वक्तव्य दिया। भ्राता नथमल जी ने वैश्विक एकता और विश्वास को बढ़ावा देने के लिए राजयोग को अपनाने तथा विकारों को दूर करने का आह्वान किया। कार्यक्रम में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, अपर महासचिव ब्रह्मकुमारीज एवं अध्यक्ष (शिक्षा शाखा, माउंट आबू) राजयोगी डॉ. ब्रह्मकुमार मृत्युंजय, निदेशक उपक्षेत्र लखनऊ राजयोगिनी ब्रह्मकुमारी राधा जी, राष्ट्रीय संयोजक … Read more

बिहार में महिला रोजगार योजना: मुख्यमंत्री नीतीश ने 10 लाख महिलाओं को सीधे ट्रांसफर किया ₹10,000

पटना मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत शुक्रवार को बिहार की 10 लाख महिलाओं के बैंक खाते में सीएम नीतीश कुमार ने 10-10 हजार रुपये ट्रांसफर किए. इस दौरान सीएम नीतीश ने साफ तौर से कहा कि वह उद्यमी महिलाओं को बीच में नहीं छोड़ेंगे. सरकार उनकी लगातार मदद करती रहेगी. जो महिलाएं अपने रोजगार का विस्तार करेंगी उन्हें दो लाख रुपये तक आर्थिक मदद की जाएगी. सीएम ने 10 लाख महिलाओं को भेजे 10-10 हजार मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना की किस्त जारी करते हुए सीएम नीतीश ने कहा कि इस बार बिहार के लोगों ने विधानसभा चुनाव में भारी बहुमत से एनडीए को जिताया है. हम लोगों को फिर से अगले पांच साल तक बिहार की सेवा करने का मौका दिया है. मैं इसके लिए आप सभी महिलाओं के साथ-साथ बिहार के सभी लोगों का आभार व्यक्त करता हूं. यह बहुत खुशी की बात है कि आज महिला रोजगार योजना के तहत अपनी पसंद का रोजगार करने के लिए 10 लाख महिलाओं को 10-10 हजार की सहायता राशि भेजी जा रही है. अब तक 1 करोड़ 56 लाख महिलाओं को सहायता राशि उन्होंने कहा कि पहले एक करोड़ और 46 लाख महिलाओं को यह सहायता राशि दी जा चुकी है. अब आज 10 लाख महिलाओं को यह सहायता दी जा रही है. यानी कुल मिलाकर 1 करोड़ 56 लाख महिलाओं को इसका फायदा मिल जाएगा. इस योजना में दी गई सहायता से काफी संख्या में महिलाओं ने अपनी पसंद का रोजगार शुरू किया है और जो महिलाएं अपना रोजगार अच्छे से करेंगी उन्हें आगे दो लाख रुपये तक की सहायता दी जाएगी.     जीविका से जुड़ी 10 लाख और महिलाओं के खाते में भेजी गई 10-10 हजार रुपये की राशि… हम लगातार महिला सशक्तिकरण कर रहे सीएम ने कहा कि अब इसके बाद जो परिवार बचे हैं उनको भी अगले महीने तक सहायता राशि दे दी जाएगी. इससे बिहार के सभी परिवारों की महिलाओं को काफी फायदा होगा. अब आप जान लीजिए कि पहले से तो सब काम किया ही गया है महिलाओं के लिए. शुरू से ही महिला सशक्तिकरण पर पूरा जोर दिया गया. हम लोगों ने शुरू किया 2006 में पंचायती राज संस्थाओं का 2007 में नगर निकाय में महिलाओं को 50% का हम लोगों ने आरक्षण शुरू किया. उसके बाद 2013 में पुलिस में महिलाओं के लिए 35% आरक्षण किया गया. 2016 में महिलाओं को सभी सरकारी नौकरियों में 35% का आरक्षण किया. हम महिलाओं को छोड़ेंगे नहीं पहले बिहार में स्वयं सहायता समूह की स्थिति बहुत खराब थी. लेकिन उसके बाद 2006 में विश्व बैंक से कर्ज लेकर राज्य में स्वयं सहायता समूह का गठन किया गया और उसको जीविका नाम हम लोगों ने दिया. अब स्वयं सहायता समूह में जीविका दीदियों की संख्या 1 करोड़ 40 लाख हो गई. आप जान लीजिए अब वर्ष 2024 से शहरी क्षेत्रों में भी स्वयं सहायता समूह का गठन हो रहा है, जिसमें लगभग 4 लाख 34000 जीविका दीदियां हैं और गठन लगातार जारी है. आप देखिए कि एक-एक चीज में कितना महिलाओं को बढ़ाने का हम लोगों ने शुरू से उपाय किया है और आज जिस तरह से इन लोगों के लिए 10 लाख के लिए किया जा रहा है. यह बहुत खुशी की बात है और एक बात जान लीजिए जो किया जा रहा है अब आगे और हम लोग कराएंगे, हम लोग छोड़ेंगे नहीं.

CM नीतीश का औचक दौरा: विभागीय निरीक्षण से अधिकारियों में अफरा-तफरी

रांची बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को मुख्य सचिवालय के विभिन्न विभागों का निरीक्षण किया। नीतीश कुमार ने निरीक्षण के दौरान मुख्य सचिव कोषांग, मंत्रिमंडल कक्ष, वित्त मंत्री का कार्यालय, अतिथि कक्ष सहित मुख्य सचिवालय के विभिन्न विभागों की व्यवस्थाओं और कार्य पद्धति की जानकारी ली। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी लोग समय पर कार्यालय आयें और बेहतर ढंग से कार्य का निष्पादन करें। कार्यालय में अनुशासित रहकर पूरी संवेदनशीलता के साथ सभी काम करें जिससे कार्यों को ससमय पूर्ण किया जा सके। उन्होंने कहा कि पूरे परिसर की साफ-सफाई नियमित हो। परिसर सुसज्जित और आकर्षक दिखे। परिसर एवं उद्यान क्षेत्र हरा-भरा रहे इसके लिए जहां जरूरत हो वहां पौधारोपण करायें। आगंतुकों के बैठने और उनकी सुविधाओं का भी ख्याल रखें। मुख्य सचिवालय को और बेहतर एवं व्यवस्थित बनाने की योजना पर काम करें। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, विकास आयुक्त डॉ. एस. सिद्धार्थ, सामान्य प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. बी राजेन्दर, मुख्यमंत्री के सचिव अनुपम कुमार, कुमार रवि,डॉ. चन्द्रशेखर सिंह, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी गोपाल सिंह सहित अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे।

पदोन्नति पर सम्मान: दीपक धामी इंस्पेक्टर पद पर पदोन्नत, SP ने किया स्टार लगाकर सम्मानित

चंडीगढ  हरियाणा पुलिस में कार्यरत सब इंस्पेक्टर दीपक धामी (पानीपत) ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। वह पुलिस इंस्पेक्टर बन गए है। पुलिस इंस्पेक्टर पदोन्नत होने पर   पानीपत के पुलिस अधीक्षक भूपिंदर सिंह ने स्टार लगाया।

‘ब्राह्मण की बेटी’ विवाद: IAS संतोष वर्मा को कांग्रेस नेताओं का खुला समर्थन, राजनीति में नई हलचल

नई दिल्ली  आरक्षण को लेकर 'ब्राह्मण की बेटी अपने बेटे के लिए दान या संबंध' चाहने वाले वरिष्ठ आईएएस अधिकारी संतोष वर्मा के विवादित बयान को कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने सही ठहराया है। कांग्रेस के दलित नेता और पूर्व सांसद उदित राज ने वर्मा को दिए गए नोटिस पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि आरएसएस को इनका साथ देना चाहिए जो कहती है कि सब हिंदू हैं।   मध्यप्रदेश अनुसूचित जाति-जनजाति अधिकारी कर्मचारी संघ (अजाक्स) के प्रदेश अध्यक्ष चुने जाने के बाद इसके पहले अधिवेशन में संतोष वर्मा ने मंच से विवादित टिप्पणी की थी। इसको लेकर मध्य प्रदेश के साथ ही देशभर में ब्राह्मण समाज की ओर से नाराजगी जाहिर की जा रही थी। वर्मा के खिलाफ राज्यभर में बढ़ते विरोध को देखते हुए मध्यप्रदेश के सामान्य प्रशासन विभाग ने उन्हें देर शाम कारण बताओ नोटिस जारी किया और पूछा कि क्यों न उनकी टिप्पणी के लिए उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए। नोटिस के मुताबिक उन्हें 7 दिनों के भीतर जवाब देने को कहा गया है और अगर वह इसमें विफल होते हैं तो उनके खिलाफ आवश्यक विभागीय कार्रवाई की जाएगी। इस बीच कांग्रेस नेता उदित राज ने वर्मा का बचाव करते हुए कहा कि उन्होंने रोटी-बेटी के रिश्ते की बात कही है। उन्होंने एक्स पर लिखा, 'पीएम मोदी, योगी और तमाम बीजेपी नेता और RSS रात- दिन वोट लेने के लिए सब हिंदू है, कहते रहते हैं। संतोष वर्मा, IAS ने रोटी- बेटी के रिश्ते की ही बात किया अर्थात बात तो वही है फिर मध्य प्रदेश सरकार ने कारण बताओ नोटिस क्यों दिया है? ब्राह्मण समाज क्यों विरोध कर रहा है? हिंदू राष्ट्र की मांग करने वालों को इसका जवाब देना चाहिए? इन्हें संतोष वर्मा के साथ खड़ा होना चाहिए वरना यह शब्द जुबान पर भी नहीं लाना चाहिए।' वर्मा ने 23 नवंबर को भोपाल में अजाक्स के मंच से कहा था, ‘जब तक मेरे बेटे को कोई ब्राह्मण अपनी बेटी दान न कर दे और वह उससे संबंध न बना ले, तब तक आरक्षण मिलना चाहिए।’ उनका यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। इस टिप्पणी के बाद ब्राह्मण समाज में आक्रोश फैल गया और पिछले कुछ दिन से राज्य के अलग-अलग इलाकों में वर्मा के खिलाफ प्रदर्शन हो रहे हैं।  

बेखौफ चोरों का तांडव: सुरक्षा गार्ड को बंधक बनाकर घर से लाखों की चोरी

रांची झारखंड में चोरों का आतंक जारी है। आए दिन चोर बेखौफ होकर चोरी की घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। राज्य में हर रोज चोरी को घटनाओं से सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। ताजा मामला रांची का है। बताया जा रहा है कि यहां रांची के बेड़ो के बाजार में उत्तम ज्वेलर्स की दुकान पर चोरों ने डाका डाला। पहले तो चोरों ने यहां दुकान की सुरक्षा में तैनात नाइट गार्ड को बंधक बनाया। चोरों ने गार्ड के हाथ-पैर बांधे और दुकान के पीछे से घुस कर लाखों रुपए के जेवरात और नकदी चुरा ली। घटना को अंजाम देकर सभी चोर मौके से फरार हो गए। सुबह स्थानीय लोगों ने घटना की जानकारी पुलिस को दी है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। वहीं, चोरी की घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है।  

CM रेस में बढ़त किसकी? इतने MLA खड़े होने से इस नेता का दावा और मजबूत

बेंगलुरु  कर्नाटक सरकार में मचे घमासान को लेकर दिल्ली में जल्द बैठक हो सकती है। हालांकि, कांग्रेस नेतृत्व ने इसे लेकर आधिकारिक तौर पर स्थिति स्पष्ट नहीं की है। खबर है कि ढाई-ढाई साल मुख्यमंत्री की कथित सीक्रेट डील को लेकर सीएम सिद्धारमैया और उनके डिप्टी डीके शिवकुमार के बीच तकरार जारी है। हालांकि, अटकलें हैं कि सिद्धारमैया का पलड़ा भारी हो सकता है। मीडिया की रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि फिलहाल सिद्धारमैया के पद पर आंच नहीं आएगी। रिपोर्ट के अनुसार, पार्टी जानती है कि वह OBC यानी अन्य पिछड़ा वर्ग समुदाय के बड़े नेता हैं। साथ ही उन्हें अहिंदा समुदाय के साथ पार्टी के 100 से ज्यादा विधायकों का समर्थन हासिल है। कांग्रेस के कुल 137 विधायक हैं। ऐसे में उनकी सहमति के बगैर नेतृत्व परिवर्तन आलाकमान के लिए भी आसान नहीं होगा। रिपोर्ट के मुताबिक, उपमुख्यमंत्री शिवकुमार और उनके समर्थकों की तरफ से डाला जा रहा दबाव कैबिनेट फेरबदल टाल सकता है। माना जा रहा था कि सिद्धारमैया कैबिनेट में फेरबदल करना चाह रहे थे। रिपोर्ट के अनुसार, शिवकुमार के प्रयासों को आंतरिक समर्थन में कमी के चलते कमजोर माना जा रहा है। हालांकि, वोक्कलिगा समुदाय उनका समर्थक माना जाता है। दोनों पक्षों के लिए अड़े समर्थक सिद्धारमैया और शिवकुमार का समर्थन करने वाले जाति समूह खुलकर उनके पक्ष में आ गए है। एक समूह ने कांग्रेस को मौजूदा मुख्यमंत्री को हटाने के खिलाफ चेतावनी दी, जबकि दूसरे समुदाय ने शिवकुमार को मुख्यमंत्री बनाए जाने का पुरजोर समर्थन किया। कर्नाटक राज्य पिछड़ा वर्ग समुदाय महासंघ (केएसएफबीसीसी) ने कांग्रेस को चेतावनी दी है कि राज्य इकाई में अंदरूनी कलह के मद्देनजर सिद्धरमैया को मुख्यमंत्री पद से हटाने का कोई भी प्रयास पार्टी पर असर डालेगा, जबकि कर्नाटक राज्य वोक्कालिगारा संघ ने चेतावनी दी कि मुख्यमंत्री बनने के इच्छुक उपमुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार के साथ अगर अन्याय हुआ तो वह इसका कड़ा विरोध करेगा। अहिंदा (अल्पसंख्यक, पिछड़े वर्ग और दलित समुदायों के लिए संक्षिप्त कन्नड़ नाम) सिद्धरमैया का प्रमुख वोटबैंक माना जाता है, वहीं कांग्रेस की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष शिवकुमार वोक्कालिगा समुदाय से आते हैं जो एक प्रभावशाली कृषक समुदाय है जिसके कई नेता जैसे के. हनुमंतैया, के.सी. रेड्डी, एच.डी. देवगौड़ा, एस.एम. कृष्णा, सदानंद गौड़ा और एच.डी. कुमारस्वामी राज्य के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। वोक्कालिगारा संघ के अध्यक्ष एल. श्रीनिवास ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘विधानसभा चुनाव के दौरान शिवकुमार ने कड़ी मेहनत की, पूरे राज्य का दौरा किया, संगठन को मजबूत किया और उनके प्रयासों के कारण कांग्रेस को 140 सीट पर जीत मिली।’’ उन्होंने 2023 में हुए कथित ‘‘सत्ता-साझाकरण’’ समझौते का जिक्र करते हुए कहा कि लोगों में इस बात को लेकर संदेह है कि सिद्धरमैया शिवकुमार को जिम्मेदारी हस्तांतरित करेंगे या नहीं। संघ के अध्यक्ष ने कहा, ‘‘हम वोक्कालिगा संघ की ओर से कांग्रेस आलाकमान से अनुरोध करते हैं कि शिवकुमार को कम से कम उनके प्रयासों के लिए तो ‘कुली’ (ईनाम) दिया जाए।’’ श्रीनिवास ने शिवकुमार से कांग्रेस आलाकमान द्वारा किए गए वादे को पूरा करने का अनुरोध करते हुए कहा कि उपमुख्यमंत्री पार्टी के लिए जेल भी जा चुके हैं। हालांकि, केएसएफबीसीसी ने सिद्धारमैया का समर्थन किया और कहा कि अनुभवी नेता को हटाने की किसी भी कोशिश का पार्टी पर बड़ा असर पड़ेगा। केएसएफबीसीसी के अध्यक्ष के. एम. रामचंद्रप्पा ने यहां संवाददाताओं से कहा कि अहिंदा इस बदलाव के घटनाक्रम से बेहद दुखी है। उन्होंने कहा कि यहां तक ​​कि धार्मिक प्रमुख भी इस चर्चा में भाग ले रहे हैं और धमकी दे रहे हैं कि वे भी मुख्यमंत्री सिद्धरमैया को हटाने की मांग करने वालों में शामिल होंगे। केएसएफबीसीसी अध्यक्ष ने कहा, ‘‘ये धमकियां नई नहीं हैं, बल्कि बहुत लंबे समय से दी जाती रही हैं। आजादी के बाद से ही ऐसा होता आ रहा है। हम दलित समुदाय इन धमकियों के आगे नहीं झुकेंगे।’’ रामचंद्रप्पा ने कहा, ‘‘अगर धर्मगुरु और वोक्कालिगा संघ आंदोलन करने को तैयार हैं, तो हम भी अपने नेता को नहीं छोड़ेंगे। अहिंदा समुदाय की 70 प्रतिशत आबादी ने इस सरकार को समर्थन दिया है। हम अहिंदा समुदाय के किसी नेता को गिराने की कोशिशों को बर्दाश्त नहीं करेंगे।’’  

ओह माय गॉड: ठिठुरन बढ़ी, हरियाणा के इस जिले में पारा लुढ़का 5.5 डिग्री

हिसार प्रदेश में ठंड का असर बढ़ने लगा है। खासकर रात के तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। वीरवार को कैथल में न्यूनतम तापमान 5.5 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। इसके साथ ही रात के वक्त कैथल प्रदेश में सबसे ठंडा रहा। यह इस सीजन का अब तक का सबसे कम तापमान है। मौसम विशेषज्ञ के अनुसार कमजोर पश्चिमी विक्षोभके असर से दक्षिणी जिलों में हल्के बादल छाने की संभावना है। मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि उत्तर पर्वतीय क्षेत्रों पर लगातार बर्फबारी हो रही है जिसका असर मैदानी राज्यों खासकर हरियाणा, एनसीआर व दिल्ली पर पड़ रहा है। पहाड़ों से बर्फीली हवाएं मैदानों की तरफ रुख कर रही हैं। इसके असर से तापमान में गिरावट आ रही है। दिन के समय धूप निकलने से लोगों को कुछ राहत मिल रही है लेकिन रात के समय कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ रहा है। वीरवार को न्यूनतम तापमान में 1.8 डिग्री तक की गिरावट दर्ज की गई।   आगे ऐसा रहेगा मौसम डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि कमजोर पश्चिमी विक्षोभ के असर से शुक्रवार को दक्षिणी जिलों में हल्के बादल छा सकते हैं। इसके अलावा रात व दिन के तापमान में मामूली बढ़ोतरी होगी। शनिवार को यह विक्षोभ आगे निकल जाएगा और फिर से बर्फीली हवाएं मैदानों की तरफ रुख करेंगी। इससे तापमान में दोबारा गिरावट आएगी। आने वाले दिनों में बारिश की कोई संभावना है। चूंकि अभी वातावरण में नमी नहीं है तो पाला जमने की स्थिति भी आ सकती है।