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‘आवास खाली करो’ नोटिस पर बढ़ा टकराव, सम्राट चौधरी की दो टूक— बपौती समझने की भूल न करें

पटना  बिहार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने राष्ट्रीय जनता दल (RJD) द्वारा राबड़ी आवास खाली नहीं करने की धमकी पर दो-टूक जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि सरकारी आवास की मालिक जनता होती है, यह किसी की बपौती नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के परिवार से उनका कोई व्यक्तिगत झगड़ा नहीं है। नीतीश सरकार में गृह मंत्री सम्राट ने कहा, सुप्रीम कोर्ट का आदेश है कि पूर्व मुख्यमंत्रियों को सरकारी बंगला नहीं मिल सकता है। पूर्व सीएम राबड़ी देवी को विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष के तौर पर जो घर कैटगराइज किया गया है, वो मिल गया है।   सम्राट चौधरी ने एक कार्यक्रम में यह बात कही। उन्होंने कहा कि बिहार में सबका घर बदलता रहा है। पिछले 28 साल में उन्हें भी 6 घर बदलने पड़े। लालू और राबड़ी पर बोलते हुए सम्राट ने कहा कि उन्हीं के बेटे (तेजस्वी) अदालत में गए थे। सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट ने तय कर दिया कि पूर्व मुख्यमंत्रियों को घर नहीं मिलेगा, तो अधिकार ही नहीं है। आरजेडी के प्रदेश अध्यक्ष मंगनीलाल मंडल के 'जो करना है करें, डेरा खाली नहीं करेंगे' वाले बयान को सम्राट ने अराजकता के बोल बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि आरजेडी के लोग अराजकता और गुंडागर्दी वाले हैं। वो कैसे बोल सकते हैं कि सरकारी आवास नहीं छोड़ेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिहार कानून व्यवस्था वाला राज है। उन्हें सरकार ने ही आवास दिया था, अब दूसरा दे दिया गया है। सरकार का काम है कि नेता विरोधी दल को सम्मान देंगे। उन्हें पहले से बड़ा घर दिया जा रहा है। दरअसल, पिछले दिनों नीतीश सरकार के भवन निर्माण विभाग ने पटना के 39 हार्डिंग रोड स्थित आवास को विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष के लिए कर्णांकित कर दिया। इसके तहत लालू परिवार को 10 सर्कुलर रोड स्थित राबड़ी आवास को खाली करना पड़ेगा। लालू एवं राबड़ी बीते लगभग 20 सालों से इस घर में रह रहे हैं। आरजेडी ने राज्य में नई सरकार के गठन के बाद हुए इस फैसले को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर भाजपा के दबाव में आकर काम करने का आरोप लगाया। आरजेडी प्रदेश अध्यक्ष मंगनीलाल मंडल ने हाल ही में सरकार को कहा कि राबड़ी आवास को किसी भी हालत में खाली नहीं किया जाएगा। उन्होंने इसके लिए अदालत का दरवाजा खटखटाने के भी संकेत दिए। उन्होंने कहा कि जो करना है करेंगे, सरकार को जो करना है करे, लेकिन डेरा खाली नहीं किया जाएगा।  

पंजाब यूनिवर्सिटी सीनेट चुनाव मंजूर, CM मान ने कहा— राज्य की जीत तय

चंडीगढ़  मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पंजाब विश्वविद्यालय के सीनेट चुनाव के कार्यक्रम को मंजूरी दिए जाने को राज्य के लिए "शानदार जीत" करार दिया है। इस संबंध में सीएम मान ने सोशल मीडिया प्लटेफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट भी किया है। उन्होंने अपने पोस्ट में कहा कि यह संस्थान केवल एक विश्वविद्यालय नहीं है, बल्कि पंजाब की विरासत है। मुख्यमंत्री ने आंदोलन में भाग लेने वाले शिक्षकों, छात्रों और संकाय सदस्यों की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने 'भारी दबाव' को झेला और महीने भर चले आंदोलन के दौरान अपना जज्बा नहीं टूटने दिया। मान ने कहा, "छात्र, शिक्षक, संकाय सदस्य और सभी पंजाबी बधाई के पात्र हैं। उन्होंने संघर्ष जारी रखा और अंततः उनका संघर्ष रंग लाया।"  बता दें कि उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने पंजाब विश्वविद्यालय के सीनेट चुनाव कार्यक्रम को बीते गुरुवारप को मंजूरी दे दी। उपराष्ट्रपति पंजाब विश्वविद्यालय (पीयू) के कुलाधिपति भी हैं। यह घटनाक्रम छात्रों द्वारा सीनेट चुनाव कार्यक्रम घोषित करने की मांग को लेकर किये जा रहे जोरदार प्रदर्शन के बीच हुआ है। यह चुनाव एक वर्ष से अधिक समय से नहीं हुआ है।  कब कराए जाएंगे चुनाव? प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार, चुनाव सात सितंबर 2026 से चार अक्टूबर 2026 तक कराए जाएंगे। उपराष्ट्रपति सचिवालय से पंजाब विश्वविद्यालय की कुलपति रेणु विग को भेजे गए पत्र में लिखा है, "मुझे यह सूचित करने का निर्देश दिया गया है कि माननीय उपराष्ट्रपति और पंजाब विश्वविद्यालय के कुलाधिपति ने उपरोक्त पत्र में प्रस्तावित सीनेट चुनाव के कार्यक्रम को मंजूरी दे दी है।"  कई राजनीतिक दलों ने दिया था छात्रों को समर्थन विश्वविद्यालय की कुलपति ने इससे पहले कुलाधिपति को पत्र लिखकर सीनेट चुनाव कार्यक्रम की मंजूरी मांगी थी। पंजाब विश्वविद्यालय बचाओ मोर्चा के बैनर तले पीयू के छात्र चुनाव कार्यक्रम की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। पंजाब के कई राजनीतिक दलों, जिनमें आम आदमी पार्टी (आप), शिरोमणि अकाली दल (शिअद), कांग्रेस, साथ ही संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) और किसान मजदूर संघर्ष मोर्चा जैसे किसान संगठन शामिल हैं, ने छात्रों के आंदोलन को अपना समर्थन दिया था।

सरकार ने बनाई राज्य स्तरीय स्टीयरिंग कमेटी, मुख्य सचिव होंगे अध्यक्ष

मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय स्टीयरिंग कमेटी का गठन भोपाल       प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के अंतर्गत मध्यप्रदेश की तीन नदी परियोजनाओं के कमांड क्षेत्र विकास आधुनिकीकरण के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय स्टीयरिंग कमेटी का गठन किया गया है।     सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेशानुसार कृषि उत्पादन आयुक्त, अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव, जल संसाधन, नर्मदा घाटी विकास, वित्त, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, किसान कल्याण तथा कृषि विकास, वन, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, प्रमुख अभियंता, जल संसाधन,  अभियांत्रिकी नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण, आयुक्तकमाण्ड क्षेत्र विकासभोपाल, मुख्य अभियंता, केन्द्रीय जल आयोग, भोपाल और मुख्य अभियंता (बोधी), जल संसाधन, भोपाल समिति में सदस्य होंगे। सचिव, जल संसाधन, को सदस्य सचिव बनाया गया है।      कमाण्ड क्षेत्र विकास का आधुनिकीकरण (MCAD) के लिए आयुक्त (केड) जल संसाधन विभाग नोडल अधिकारी होंगे। गाइडलाइन के अनुसार राज्य स्तरीय स्टियरिंग कमेटी (SLSC) योजना के समुचित प्रबंधन एवं समन्वय के लिए उत्तरदायी रहेगी। समिति ये कार्य करेगी      राज्य स्तरीय वार्षिक कार्य योजना अनुमोदित करना और उसके क्रियान्वयन एवं प्रगति की समीक्षा करना। कार्यक्रम के क्रियान्वयन की स्थिति तथा वार्षिक प्रगति रिपोर्ट की समीक्षा करना और कार्यक्रम के क्रियान्वयन के लिए मार्गदर्शन/निर्देश देने का कार्य समिति करेगी। 

गौरव गौतम को कानूनी झटका, कोर्ट ने 7-11 आवेदन नकारा

पलवल  पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने खेल राज्यमंत्री गौरव गौतम को झटका देते हुए उनकी 7-11 की अपील को डिसमिस करते हुए पूर्व मंत्री करण दलाल के पक्ष में फैंसला सुनाया है। पलवल विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस पार्टी के उम्मीवार रहे पूर्व मंत्री करण दलाल की रिट-पिटीशन के विरोध में भाजपा उम्मीदवार रहे हरियाणा के राज्यमंत्री गौरव गौतम द्वारा दायर की गई सीपीसी के रूल 7 नियम 11 की अपील को खारिज किया गया है। शुक्रवार को माननीय अदालत ने राज्यमंत्री गौरव गौतम की 7-11 की अपील को डिसमिस करते हुए इश्यू फ्रेम के लिए बृहस्पतिवार, 4 दिसंबर 2025 की तारीख भी लगाई है। अदालत ने करण दलाल की रिट पिटीशन के विरोध में गौरव गौतम द्वारा दायर रूल 7 नियम 11 की बहस सुनने के बाद 12 नवंबर को ऑर्डर रिजर्व रखा था, जिसपर आज शुक्रवार को फैंसला सुनाया गया। खेल राज्यमंत्री गौरव गौतम की अर्जी को अस्वीकार करने के बाद अब पूर्व मंत्री करण सिंह दलाल की याचिका पर हाई कोर्ट में केस चलेगा। पिछले लगभग एक साल में कई महिनों से चली बहस में दोनों पक्षों को सुनने के बाद आज मानीय अदालत ने केस चलाने का निर्देश दिया। गौरतलब है कि चुनाव हारने के बाद पूर्व मंत्री करण सिंह दलाल ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि आचार संहिता का उल्लंघन करते हुए धर्म के नाम पर भाजपा प्रत्याशी गौरव गौतम ने वोट मांगे। कोर्ट में दलाल पक्ष ने सबूत भी पेश किए थे। हालांकि भाजपा प्रत्याशी गौरव गौतम ने तमाम आरोपों को निराधार बताया था। बहरहाल हाई कोर्ट द्वारा आए आदेश के बाद मामला रोचक बन गया है। पूरे क्षेत्र में चर्चा फिर से होने लगी है। संभवतय यह देश का इस तरह को पहला केस बताया जा रहा है। यहां यह भी बता दें कि अक्टूबर 2024 में हुए हरियाणा विधानसभा चुनाव में पलवल से बीजेपी के उम्मीदवार गौरव गौतम चुनाव जीते थे, जो कि आजकल हरियाणा सरकार में खेल राज्यमंत्री हैं। विधानसभा चुनाव हारने वाले कांग्रेस के उम्मीदवार रहे हरियाणा के पूर्व कैबिनेट मंत्री करण सिंह दलाल ने भाजपा उम्मीदवार गौरव गौतम के चुनाव को हाई कोर्ट में चुनौती दी थी। करण सिंह दलाल ने अदालत में दायर परिवाद में गौरव गौतम के चुनाव को इलेक्शन की करप्ट प्रेक्टिस बताते हुए कहा था कि चुनाव के दौरान धर्म के नाम पर वोट मांगी गई जो कि आदर्श आचार चुनाव संहिता का पूरा उल्लंघन है। यह पिटीशन हाई कोर्ट में पिछले कई महिनों से सुनवाई पर थी। खेल राज्यमंत्री गौरव गौतम के वकील ने इस पिटीशन को खारिज करने के लिए अदालत में सीपीसी के नियम 7 रूल 11 के तहत याचिका को खारिज करने की मांग की थी, जिस पर 12 नवंबर को बहस पूरी हो गई तथा न्यायाधीश ने आर्डर रिजर्व रख लिया था। जिसे आज शुक्रवार को अपना फैंसला सुनाया। पूर्व मंत्री करण दलाल ने माननीय अदालत के निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि अदालत में यह मेरी जीत नहीं बल्कि पलवल विधानसभा क्षेत्र सहित समूचे हरियाणा की जनता की जीत है। उन्होंने कहा कि माननीय अदालत ने 4 दिसंबर 2025 को इश्यू फ्रेम की तारीख लगाई है, जिसके बाद आने वाले समय में जल्द ही केस पूरा होगा और उम्मीद है कि अब जल्द ही इस केस में उनकी जीत होगी और देश में धर्म के नाम पर वोट मांगकर जनता को गुमराह करने वालों को सबक मिलेगा।

विधायक पर रेप के आरोप से हड़कंप, पीड़िता ने जबरन गर्भपात कराने का लगाया आरोप

केरल  केरल में पलक्कड़ के विधायक राहुल ममकूटाथिल के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। एक महिला की ओर से उन पर यौन उत्पीड़न और गर्भपात के लिए मजबूर करने का आरोप लगाया गया था। गुरुवार देर रात दर्ज किए गए महिला के बयान के आधार पर शुक्रवार को वलियामाला पुलिस थाने में केस दर्ज किया गया। महिला ने गुरुवार को मुख्यमंत्री पिनराई विजयन को अपनी शिकायत सौंपी थी। सूत्रों ने बताया कि बाद में तिरुवनंतपुरम ग्रामीण पुलिस मुख्यालय में महिला पुलिस अधिकारियों की ओर से उसका विस्तृत बयान दर्ज किया गया। देर रात तक प्रक्रिया चलती रही, जिसके बाद मामला दर्ज करने का निर्णय लिया गया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, भारतीय न्याय संहिता के तहत यौन उत्पीड़न करने, जबरन गर्भपात कराने, मारपीट करने, अवैध रूप से घर में घुसने और आपराधिक धमकी से संबंधित प्रावधानों में मामला दर्ज किया गया है। ममकूटाथिल के दोस्त जॉबी जोसेफ को भी आरोपी बनाया गया है। ऐसा आरोप है कि अदूर के मूल निवासी जोसेफ ने शिकायतकर्ता महिला को गर्भपात के लिए दवा दी थी। पुलिस ने कहा कि मामला नेमोम पुलिस थाने को भेज दिया गया है, जहां अपराध हुआ था। एक अधिकारी ने बताया कि तिरुवनंतपुरम शहर के पुलिस आयुक्त की देखरेख में एक टीम मामले की जांच करेगी। विधायक का नहीं चल रहा कोई पता पुलिस शिकायतकर्ता का बयान दर्ज कराने के लिए तिरुवनंतपुरम मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अदालत का रुख करेगी। सूत्रों ने बताया कि डॉक्टर्स का एक दल जल्द ही महिला की स्वास्थ्य स्थिति का आकलन करेगा। इस बीच, महिला की ओर से मुख्यमंत्री से संपर्क करने के बाद ममकूटाथिल कथित तौर पर छिप गए हैं। पुलिस ने उनकी तलाश शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि विधायक से संपर्क करने की कोशिश की जा रही है। ऑडियो क्लिप और चैट आई सामने पलक्कड़ में कांग्रेस नेताओं ने कहा कि ममकूटाथिल गुरुवार शाम करीब 4 बजे तक स्थानीय निकाय चुनावों के लिए कन्नडी क्षेत्र में सक्रिय रूप से प्रचार कर रहे थे, जिसके बाद उन्हें और उनके एक करीबी सहयोगी को नहीं देखा गया। इससे पहले, अपराध शाखा ने एक ऑडियो क्लिप और चैट मैसेज के आधार पर मामला दर्ज किया था। ये क्लिप और संदेश पुलिस मुख्यालय को कुछ लोगों की ओर से भेजे गए ईमेल से सामने आए थे। उस समय महिला खुद सामने नहीं आई थी। महिला को गर्भपात के लिए किया मजबूर दो दिन पहले, एक नया ऑडियो क्लिप जारी किया गया था। इसमें विधायक को यह कहते सुना गया था कि वह एक बच्चा चाहते हैं, लेकिन बाद में उन्होंने महिला से गर्भपात कराने का आग्रह किया था। ममकूटाथिल को 25 अगस्त को कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया गया था। इससे पहले मलयालम अभिनेत्री रिनी एन जॉर्ज की ओर से युवा नेता पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाए जाने के बाद ममकूटाथिल ने युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था। इन आरोपों के बाद भारतीय जनता पार्टी और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी की युवा शाखा डीवाईएफआई ने विरोध प्रदर्शन किया था। इसके बाद कई महिलाओं और एक ट्रांसजेंडर ने भी उनके खिलाफ आरोप लगाए।  

सर्दी का कहर झारखंड में तेज, पारा नीचे लुढ़का, नेशनल हेल्थ मिशन ने किया अलर्ट

रांची झारखंड में नवंबर के अंत आते-आते कड़ाके की ठंड ने जोर पकड़ लिया है। मौसम विभाग ने राज्य के गढ़वा, पलामू, चतरा, हजारीबाग, रामगढ़, रांची, खूंटी, सिमडेगा, गुमला, लोहरदगा और लातेहार जिलों में शीतलहर का येलो अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में तापमान दिन और रात दोनों समय सामान्य से 3 से 5 डिग्री कम रहने का अनुमान है, जिससे सुबह-शाम का समय बेहद ठंडा और सिहरन भरा है। सिमडेगा में न्यूनतम तापमान बर्फीली हवाओं के चलते 5 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया है, जो हिमाचल प्रदेश की ठंड को टक्कर दे रहा है। खूंटी और लोहरदगा में भी न्यूनतम तापमान 8 डिग्री के आसपास दर्ज हो रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, हिमालय से आ रही ठंडी हवाओं का असर झारखंड के मैदानी क्षेत्रों तक पहुंच चुका है। इसके कारण कई जिलों में तापमान में गिरावट आई है और तेज शीतलहर चल रही है। रांची में भी तापमान सामान्य से कई डिग्री कम रिकॉर्ड किया गया है, जिससे लोगों को सुबह-शाम में कंपकंपी का सामना करना पड़ रहा है। राज्य के बाकी जिलों में जहां पारा 13 से 14 डिग्री के आसपास है, वहां थोड़ी राहत मिल सकती है, लेकिन कुल मिलाकर ठंड का जोर साफ दिख रहा है। नेशनल हेल्थ मिशन ने दी सावधानी बरतने की सलाह नेशनल हेल्थ मिशन ने ठंड से बचाव के लिए सलाह जारी की है। उन्होंने लोगों से गर्म कपड़े पहनने, पर्याप्त भोजन लेने और घर से बाहर निकलते समय सतर्क रहने कहा है। शीतलहर के दौरान फ्लू, सर्दी-खांसी और जुकाम के लक्षण महसूस होने पर तुरंत स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र या डॉक्टर से संपर्क करने की हिदायत दी गई है। खासकर बुजुर्ग और छोटे बच्चों को ठंड से बचाने के लिए विशेष ध्यान देना जरूरी है। अगर ठंड के कारण बेहोशी या होश में कमी आने जैसे गंभीर लक्षण दिखें तो तुरंत चिकित्सा मदद लेना आवश्यक है।         मौसम वैज्ञानिकों ने बताया है कि हिमालय में हाल ही में हुई भारी बफर्बारी के कारण वहां का तापमान गिरा है और वह बर्फीली हवाएं अब झारखंड तक पहुंच रही हैं। ये हवाएं अगले कुछ दिनों तक जारी रह सकती हैं, जिससे ठंड अधिक गहरी हो सकती है। फिलहाल बारिश या बादलों की संभावना नहीं है, जिससे ठंड के मौसम में राहत के लिए किसी प्राकृतिक कारण का इंतजार मुश्किल दिखता है। इसलिए लोगों को खुद ही पूरी सावधानी बरतनी होगी।

राष्ट्रपति जी की संघर्ष गाथा हर भारतीय के लिए प्रेरणाः मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

भारत ने राक्षसी वृत्ति को आतंकवाद के रूप में माना, उसके खिलाफ लड़ रहा लड़ाईः मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  ब्रह्माकुमारीज लखनऊ में विश्व एकता एवं विश्वास के लिए ध्यान (योग) का राज्य स्तरीय उद्घाटन समारोह  राष्ट्रपति जी की संघर्ष गाथा हर भारतीय के लिए प्रेरणाः मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  अपने कार्यक्रमों व राजयोग के माध्यम से सकारात्मक भाव का संचार कर रहा ‘ब्रह्माकुमारीज’- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत की ऋषि परंपरा की मान्यता रही है कि मन, व्यक्ति के बंधन व मोक्ष का कारण है। सद्गुरु रविदास जी ने भी कहा कि मन चंगा तो कठौती मे गंगा यानी मन की बहुर्मुखी वृत्ति को जो व्यक्ति अंतर्मुखी कर लेगा, वह न केवल आत्मिक संतुष्टि का लाभ प्राप्त कर सकता है, बल्कि विश्व कल्याण का मार्ग भी प्रशस्त कर सकता है। दुनिया में आज जो आतंकवाद, उपद्रव व अराजकता है, इसके पीछे मन की चंचल वृत्तियां हैं। जहां भी अराजकता देखने को मिलती है, उसके पीछे वह बहुर्मुखी वृत्तियां हैं, जो उसे नकारात्मकता की तरफ लेकर जाती है। जीवन का एक पक्ष सकारात्मकता की तरफ ले जाकर अच्छे कार्य की प्रेरणा देता है तो दूसरा पक्ष नकारात्मकता की तरफ लेकर जाता है। भारत की परंपरा ने राक्षसी वृत्ति को आतंकवाद के रूप में माना है और भौतिक-आध्यात्मिक रूप से उसके खिलाफ लड़ाई भी लड़ रहा है।  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की उपस्थिति में ब्रह्माकुमारीज लखनऊ में विश्व एकता एवं विश्वास के लिए ध्यान (योग) के राज्य स्तरीय उद्घाटन समारोह में अपनी बातें रखीं।  ऋषि परंपरा के ‘प्रसाद’ योग विधा को पीएम मोदी ने दिलाई वैश्विक मान्यता  सीएम योगी ने कहा कि 2014 में मोदी जी ने प्रधानमंत्री के रूप में नेतृत्व संभालने के बाद भारत की योग की विधा को यूएनओ से मान्यता दिलाकर 21 जून को विश्व योग दिवस के रूप में मान्यता दिलाई थी। पूरा भारत प्रधानमंत्री जी के प्रति हृदय से आभारी है कि उन्होंने ऋषि परंपरा के ‘प्रसाद’ योग विधा को वैश्विक मान्यता दिलाई।   राष्ट्रपति की संघर्ष गाथा हर भारतीय के लिए प्रेरणा  सीएम योगी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का स्वागत किया। सीएम ने कहा कि राष्ट्रपति का जीवन शिक्षक के रूप में भी प्रेरणादायी रहा है। उन्होंने अपना जीवन शिक्षक के रूप में आगे बढ़ाया, फिर जनसेवा के भाव से पार्षद से लेकर राष्ट्रपति भवन तक की यात्रा की। उनकी यह यात्रा संघर्ष की बड़ी गाथा है, जो हर भारतीय के लिए नई प्रेरणा है।  कार्यक्रमों व राजयोग के माध्यम से सकारात्मक भाव का संचार कर रहा ‘ब्रह्माकुमारीज’ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रजापिता ब्रह्माकुमारीज ईश्वरीय विश्वविद्यालय से जुड़ी बहनों व पदाधिकारियों का अभिनंदन किया और कहा कि आज भी अपने कार्यक्रमों और राजयोग के माध्यम से निरंतर सकारात्मक भाव का संचार कर रहे हैं। सीएम योगी ने राजयोग के प्रशिक्षण की दृष्टि से लखनऊ के प्रशिक्षण केंद्र की सराहना भी की। कहा कि यह शानदार केंद्र लगभग बनकर तैयार हो चुका है। यह उत्तर प्रदेश का उत्तम प्रशिक्षण केंद्र बन सकता है। जहां से एक दिन, तीन दिन व साप्ताहिक प्रशिक्षण कार्यक्रम के साथ समाज को जोड़ने का माध्यम प्राप्त होगा। सीएम ने आशा जताई कि ब्रह्माकुमारी इस थीम को वर्ष भर प्रदेश, देश व दुनिया में ले जाने में सफल होगा।  कार्यक्रम में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल,  राजयोगी डॉ. ब्रह्मकुमार मृत्युंजय, निदेशक उपक्षेत्र लखनऊ राजयोगिनी ब्रह्मकुमारी राधा जी, राष्ट्रीय संयोजक कटक (ओडिशा) राजयोगी डॉ. ब्रह्मकुमार नथमल जी समेत प्रजापिता ब्रह्माकुमारीज ईश्वरीय विश्वविद्यालय के पदाधिकारी, प्रशिक्षक व साधक आदि उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री व राज्यपाल ने किया राष्ट्रपति का स्वागत  लखनऊ में विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लेने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु शुक्रवार को लखनऊ पहुंचीं। यहां एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने राष्ट्रपति का स्वागत किया।

पंडित धीरेंद्र शास्त्री की कथा में केंद्रीय मंत्री से दक्षिणा की मांग, तुरंत पूरा करने का निर्देश

शिवपुरी 'महाराज' के सामने जब 'महाराज' पहुंचे तो धीरेंद्र शास्त्री ने दक्षिणा में कुछ ऐसा मांग की लिया कि ज्योतिरादित्य सिंधिया को कहना पड़ा कि यह इनका निवेदन नहीं आदेश है, जिसे पूरा करना ही पड़ेगा। मध्य प्रदेश के शिवपुरी में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के मंच पर यह दृश्य देखने को मिला जब कथा सुना रहे धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने सिंधिया से 108 फीट ऊंची 'शिव प्रतिमा' की मांग रखी थी। दरअसल शिवपुरी में धीरेंद्र शास्त्री द्वारा भागवत कथा की जा रही है। इसी दौरान इस भागवत कथा में दर्शन के लिए केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया पहुंचे थे। जब वे मंच पर दर्शन करने पहुंचे तो शास्त्री ने सिंधिया से दक्षिणा में 108 फीट की विशाल 'शिव मूर्ति' की मांग करते हुए इसे अपनी दक्षिणा बताया। उन्होंने यह भी कहा कि प्राण प्रतिष्ठा में हम कथा सेवा करेंगे। दरअसल, दोपहर में दिव्य दरबार शुरू करने से पहले धीरेंद्र शास्त्री ने शिवपुरी में भगवान शिव की 108 फीट की बड़ी मूर्ति स्थापित करने की इच्छा व्यक्त की। फिर शाम को कथा में केंद्रीय मंत्री सिंधिया पहुंचे तो उन्होंने अपनी इच्छा जाहिर कर दी। उन्होंने कथा मंच से ऐलान किया कि पंडित धीरेंद्र शास्त्री के निवेदन नहीं, आदेश का सत-प्रतिशत पालन होगा। 108 फीट की शिव प्रतिमा पर्वत पर स्थापित होगी दिव्य दरबार के दौरान पं. धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि शिवपुरी का मतलब 'शिव की नगरी' है, इसलिए यहां बहुत बड़ी शिव जी की मूर्ति होनी चाहिए। सुझाव दिया कि यह मूर्ति 108 फीट की होनी चाहिए, जिसे किसी पर्वत के ऊपर स्थापित किया जाए। उस पर्वत का नाम 'कैलाश पर्वत' रखा जाए। वहां पर पूरा आध्यात्मिक केंद्र विकसित कर द्वादश ज्योतिर्लिंग भी स्थापित किए जाएं। इससे पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा और यह एक दर्शनीय स्थल बनेगा। शिवपुरी का नाम भी अर्थात 'यथा नाम तथा गुण' भी सार्थक हो जाएगा जाएगा। उन्होंने कहा कि फिर शिवपुरी को शिव जी की विशाल मूर्ति से भी जाना जाएगा। पूरे सावन महीने में अगल-बगल के जिलों से उस मंदिर में कावड़ यात्रा आएगी, जिससे शिवपुरी महादेव की नगरी हो जाएगी और हर हर महादेव के नारे से गुंजायमान हो जाएगी। शिवपुरी अच्छी लगने लगी है उन्होंने कहा कि अब उन्हें शिवपुरी अच्छी लगने लगी है और उन्हें तब तक शिवपुरी आना चाहिए जब तक कि शिवपुरी भगवामय (भगवा रंग में रंगी हुई) या राममय न हो जाए। धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कथा के आखिरी दिन, 30 दिसंबर को फिर से दिव्य दरबार की घोषणा की है। दिव्य दरबार में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी दिव्य दरबार के चलते  श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। शिवपुरी के अलावा दूसरे पड़ोसी जिलों से भी लोग भारी संख्या में पहुंचे। कथा स्थल आस्था का संगम नजर आया। कथा के चौथे दिन भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव की कथा सुनाई गई व जन्माष्टमी की जीवंत झांकी का दर्शन हुआ।

इमरान खान का साल पुराना दावा वायरल: ‘मेरी मौत की अफ़वाह उड़ी तो पीछे होंगे आसिम मुनीर’

इस्लामाबाद  पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को लेकर अटकलों का दौर जारी है। खान की मौत की अफवाहों के बीच जेल प्रशासन ने उनके सलामत होने की बात कही है। इसी बीच पूर्व क्रिकेटर के बेटे ने उनके जीवित होने के सबूत की मांग की है। खास बात है कि खान पहले दावा कर चुके हैं कि अगर उन्हें कुछ होता है, तो इसके जिम्मेदार फील्ड मार्शल जनरल आसिम मुनीर होंगे। जेल अधिकारियों ने बुधवार को कहा कि खान पूरी तरह से स्वस्थ हैं। जेल अधिकारियों ने सोशल मीडिया पर खान की स्वास्थ्य स्थिति को लेकर जारी अफवाहों को खारिज किया। अदियाला जेल प्रशासन ने एक बयान में कहा, 'पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी के नेतृत्व को इमरान खान के स्वास्थ्य के बारे में सूचित कर दिया गया है। पीटीआई प्रमुख को सभी आवश्यक सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं।' जेल अधिकारियों ने बयान में कहा कि सोशल मीडिया पर खान की स्वास्थ्य स्थिति के बारे में किए जा रहे दावों में कोई सच्चाई नहीं है। अदियाला जेल प्रशासन ने स्पष्ट किया कि इमरान खान को अदियाला जेल से स्थानांतरित करने की खबरें पूरी तरह से निराधार हैं। आसिम मुनीर पर उठाया था सवाल अंग्रेजी अखबार टेलीग्राफ के लिए लिखे ऑफ एड में खान ने मुनीर पर सवाल उठाए थे। 2 मई 2024 में प्रकाशित लेख के अनुसार, 'सेना ने वो सबकुछ किया जो वो कर सकते हैं। अब सिर्फ मेरी हत्या करना बाकी रह गया है। मैंने सार्वजनिक रूप से कहा है कि मुझे या मेरी बीवी (बुशरा बीबी) को कुछ होता है, तो जनरल आसिम मुनीर जिम्मेदार होंगे।' मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस साल जुलाई में खान ने लिखा था, हाल के दिनों में, जेल में मेरे साथ होने वाला कठोर व्यवहार और भी बढ़ गया है। यही रवैया मेरी पत्नी बुशरा बीबी के खिलाफ भी अपनाया जा रहा है। यहां तक कि उनकी कोठरी का टीवी भी बंद कर दिया गया है। हम दोनों के सभी बुनियादी अधिकार चाहे वे मानवीय हों या कैदियों को दी गई कानूनी निलंबित कर दिए गए हैं।' खान ने कहा कि 'इसके लिए जवाबदेही होनी चाहिए।' उन्होंने दावा किया कि वह पूरी तरह से जानते हैं कि एक कर्नल और जेल अधीक्षक 'असीम मुनीर के आदेश पर' कार्रवाई कर रहे हैं। पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा, 'इसलिए मैं अपनी पार्टी को स्पष्ट निर्देश देता हूं कि अगर जेल में मेरे साथ कुछ भी होता है तो असीम मुनीर को जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए।' बेटे ने मांगा सबूत खान के छोटे बेटे कासिम खान ने लिखा, 'पिता को गिरफ्तार हुए 845 दिन हो गए हैं। बीते 6 हफ्तों से उन्हें पारदर्शिता के बगैर डेथ सेल में अकेला रखा गया है। उनकी बहनों को मिलने नहीं दिया जा रहा। जबकि, कोर्ट के आदेश में अनुमति की बात कही गई है। कोई फोन कॉल नहीं, कोई मीटिंग नहीं और जीवित होने का कोई सबूत नहीं है…।'

Gautam Gambhir विवाद बढ़ा: BCCI की नाराज़गी के बीच नए साल में भविष्य दांव पर

नई दिल्ली  भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर लगातार आलोचकों के निशाने पर हैं। उन पर भारतीय टेस्ट क्रिकेट को बर्बाद करने के आरोप लग रहे हैं। बीसीसीआई तत्काल उन पर भले ही कार्रवाई के मूड में नहीं है, लेकिन उनके ऊपर लटक रही तलवार अभी पूरी तरह हटी भी नहीं है। बीसीसीआई सूत्रों ने हमारे सहयोगी को संकेत दिया है कि कोलकाता की पिच को लकर गौतम गंभीर के बयान से बोर्ड खुश नहीं है। उनके खिलाफ तत्काल कोई ऐक्शन नहीं लिया जा रहा है इसकी वजह 'विकल्पों की कमी' है। अगले साल के शुरुआती महीनों में ही उनका सबसे बड़ा इम्तिहान है। अगर उसमें गौतम गंभीर फेल हुए तो उनकी बर्खास्तगी हो सकती है। गौतम गंभीर ने ईडन गार्डन की पिच का सार्वजनिक तौर पर बचाव किया था। उस पिच का जहां पर टेस्ट मैच ढाई दिन में ही खत्म हो गया था। इतिहास में पहली बार भारत में कोई ऐसा टेस्ट मैच हुआ जिसकी सभी 4 पारियों में कोई भी टीम 200 रन का आंकड़ा भी नहीं छू पाई। भारतीय टीम 124 रन के लक्ष्य को हासिल नहीं कर पाई। टीम अपनी दूसरी पारी में 93 रन पर ढेर हो गई और 30 रन से उसे हार का सामना करना पड़ा। गौतम गंभीर के किस बयान से बीसीसीआई नाखुश? ईडन गार्डन की पिच की तमाम एक्सपर्ट और पूर्व क्रिकेटरों ने तीखी आलोचना की थी लेकिन गौतम गंभीर ने उसका खुलकर बचाव किया था। गंभीर ने कहा था, ‘ये बिल्कुल वैसी पिच थी जिसकी हम तलाश कर रहे थे। क्यूरेटर बहुत, बहुत मददगार और सपोर्टिव थे। ये पिच बिल्कुल वैसी थी जैसा हम चाहते थे और बिल्कुल हमें मनचाही पिच पिली। जब आप अच्छा नहीं खेलते हैं तो यही होता है।’ बीसीसीआई अभी इंतजार के मूड में पिच को लेकर गौतम गंभीर के बयान से बीसीसीआई नाखुश है। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सीरीज में घटिया प्रदर्शन पर भी बोर्ड गौर कर रहा है। बीसीसीआई के अधिकारी ने एचटी को बताया, 'वाइट बॉल सीजन खत्म होने के बाद इन मुद्दों पर गहराई से चर्चा होगी।' अधिकारी ने संकेत दिया कि गौतम गंभीर का भविष्य अब 2026 के टी20 वर्ल्ड कप में भारतीय टीम के प्रदर्शन पर निर्भर करेगा। अगले साल की शुरुआत में भारत टी20 वर्ल्ड कप की सहमेजबानी करने जा रहा है। अगर उसमें भी टीम का प्रदर्शन खराब हुआ तब गौतम गंभीर के लिए आगे की राह बहुत ही मुश्किल होगी। तब बोर्ड उन्हें हटाने से नहीं हिचकिचाएगा। टी20 वर्ल्ड कप में भारतीय टीम का प्रदर्शन तय करेगा गंभीर का भविष्य अगले साल होने वाला टी20 वर्ल्ड कप गौतम गंभीर का सबसे बड़ा इम्तिहान है। वह टीम को कैसे चला रहे हैं, इस पर बोर्ड करीबी निगाह रखा हुआ है। फिलहाल के लिए तो वह सुरक्षित हैं लेकिन अब उन पर दबाव साफ तौर पर बढ़ता जा रहा है। गुवाहाटी टेस्ट के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में गंभीर बैकफुट पर भी नजर आए और कहा कि उनके भविष्य का फैसला बीसीसीआई को करना है। अब टी20 वर्ल्ड कप हेड कोच गौतम गंभीर के कार्यकाल के लिए निर्णायक होने वाला है।