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1089 वैकेंसी: सहकारिता विभाग ने BPSC-BSSC को आवेदन भेजे

पटना बिहार में खाली पदों पर बहाली को लेकर सरकार ने रफ्तार तेज कर दी है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा सभी विभागों को रिक्तियों की सूची जारी करने का निर्देश देने के बाद सहकारिता विभाग में गतिविधियां बढ़ गई हैं। विभागीय समीक्षा बैठक में सहकारिता मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार ने साफ कहा कि "जो भी पद खाली हैं, उनकी नियुक्ति जल्द से जल्द होनी चाहिए।" सहकारिता मंत्री प्रमोद कुमार ने कहा, “युवाओं को रोजगार देना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। जब तक विभाग में पर्याप्त स्टाफ नहीं होगा, तब तक योजनाएं धरातल पर नहीं उतरेंगी कैसे? पारदर्शिता, स्पीड और गुणवत्ता – तीनों के लिए मानव संसाधन जरूरी है।” 1089 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू, जानिए पूरी डिटेल कुल 1089 रिक्तियों की अधियाचना अलग-अलग आयोगों को भेजी जा चुकी है।     बीपीएससी को भेजे गए गैजेटेड पद:     सहकारिता प्रसार पदाधिकारी – 502 पद (विज्ञापन जारी, प्रक्रिया चल रही)     स्टेनोग्राफर – 31 पद     जिला सहकारिता ऑडिट अधिकारी – 04 पद बिहार कर्मचारी चयन आयोग को भेजे गए नॉन-गैजेटेड पद:     ऑडिटर – 198 पद     लोअर डिवीजन क्लर्क (LDC) – 257 पद     स्टेनोग्राफर – 07 पद     ऑफिस अटेंडेंट – 90 पद इसके अलावा 69वीं बीपीएससी से चयनित 5 सहायक निबंधक को चार हफ्ते का विशेष प्रशिक्षण देने के लिए बिपार्ड, गया भेजा जा रहा है। मंत्री ने अधिकारियों को चेतावनी दी – “कोई भी पद लंबित नहीं रहना चाहिए। नियुक्ति प्रक्रिया में तेजी लाएं ताकि नए साल से पहले अधिक से अधिक युवा जॉइन कर सकें।

सैनी सरकार का बड़ा कदम: स्टेडियम और ग्राउंड्स को लेकर सख्त नीति लागू

चंडीगढ़ स्टेडियम व खेल उपकरणों की बदहाली के कारण दो होनहार खिलाड़ियों की जान जाने के बाद हरियाणा खेल विभाग की नींद खुली है। पहली बार प्रदेशभर के खेल मैदानों और स्टेडियमों को ए, बी, सी और डी ग्रेड में वर्गीकृत करने का फैसला लिया गया है। इस वर्गीकरण के आधार पर खेल अधिकारियों की सीधी जिम्मेदारी निर्धारित होगी और खेल मंत्री खुद इसकी निगरानी करेंगे। पंचकूला के ताऊ देवीलाल स्टेडियम स्थित कॉन्फ्रेंस हाल में शुक्रवार को खेल मंत्री गौरव गौतम ने तीन घंटे तक विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में ये निर्देश दिए। खेल राज्यमंत्री ने कहा कि राज्य के खेल ढांचे के वैज्ञानिक मूल्यांकन के लिए खेल मैदानों और स्टेडियमों को ए, बी, सी और डी ग्रेड में बांटा जाएगा। साथ ही प्रदेशभर में संचालित फर्जी खेल नर्सरियों पर पूरी तरह रोक लगेगी। मंत्री ने कहा कि खेल सुविधाओं में सुधार के साथ अब अधिकारियों की जिम्मेदारी और जवाबदेही भी तय की जा रही है। वे स्वयं इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी करेंगे और समय-समय पर प्रगति समीक्षा भी करेंगे। मंत्री ने कहा कि इन ठोस कदमों से न केवल खेलों का आधारभूत ढांचा सशक्त होगा बल्कि खिलाड़ियों को अभ्यास के लिए बेहतर, सुरक्षित माहौल मिलेगा। बैठक में खेल विभाग के निदेशक संजीव वर्मा, अतिरिक्त खेल निदेशक अश्वनी मलिक, जोन के उप निदेशक व सभी जिला अधिकारी मौजूद रहे। खेल मैदानों का वर्गीकरण     ए ग्रेड –     ये खेल मैदान उत्कृष्ट एवं सुरक्षित व तत्काल अभ्यास योग्य होंगे।     बी ग्रेड –     ये मैदान सामान्य लेकिन खेलने योग्य होंगे।     सी ग्रेड –     ये मैदान मरम्मत के बाद उपयोग योग्य होंगे।     डी ग्रेड –     पूरी तरह प्रतिबंधित स्टेडियम होंगे। इनके उपयोग की अनुमति नहीं होगी।  

CM भगवंत मान का बड़ा संदेश: गांव के पंच-सरपंचों को दी अहम जिम्मेदारी

चंडीगढ़ पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने यहां एक अहम प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए राज्य के लोगों के लिए बड़ा ऐलान किया। मुख्यमंत्री ने बताया कि पहले सरकार ने 19,373 किलोमीटर ग्रामीण सड़कों के लिए 4,092 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट शुरू किया था। अब इसे बढ़ाते हुए कुल 44,920 किलोमीटर सड़कों का निर्माण किया जाएगा, जिसके टेंडर जारी किए जाएंगे। इन सड़कों के लिए 16,209 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। मुख्यमंत्री मान ने कहा कि उन्होंने सड़क ठेकेदारों से बैठक कर साफ कहा है कि उनसे कोई कमीशन नहीं लिया जाएगा और सड़क बनाते समय कोई अफसर भी उनसे पैसे नहीं मांगेगा। बस यह सुनिश्चित किया जाए कि सड़क की क्वालिटी से कोई समझौता न हो। उन्होंने ठेकेदारों से अपील की कि वे सड़क निर्माण में गुणवत्ता की कमी न रखें। यह जनता का पैसा है और अगर यह जनता के काम आए तो इससे बड़ी खुशी कोई नहीं। उन्होंने बताया कि जब गांव की पंचायतें सड़क के मटीरियल और गुणवत्ता से संतुष्ट होंगी, तभी ठेकेदारों को भुगतान जारी किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने गांवों के सरपंचों और पंचों से भी अपील की कि जहां सड़क या कोई अन्य काम चल रहा हो, वहां जाकर गुणवत्ता जरूर जांचें। मुख्यमंत्री मान ने कहा कि सड़कों की जांच के लिए एक फ्लाइंग टीम बनाई गई है। जिस भी ठेकेदार को सड़क का टेंडर मिलेगा, उसकी 5 साल तक मेंटेनेंस की जिम्मेदारी भी उसी ठेकेदार की होगी। उन्होंने कहा कि पंजाब में अब तक का सबसे बड़ा सड़क निर्माण कार्य हो रहा है। सरकार ने बताया कि इन सड़कों पर होने वाला पूरा खर्च पंजाब सरकार खुद उठा रही है और इसमें RDF (रूरल डवलपमेंट फंड) का कोई पैसा शामिल नहीं है। 

मनरेगा लाभार्थियों को राहत, पंजाब सरकार ने कहा—घर पर किए काम की भी मिलेगी पूरी मज़दूरी

चंडीगढ़ पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मनरेगा योजना में ऐतिहासिक बदलाव करते हुए एक क्रांतिकारी फैसला लिया है। अब मजदूरों को सिर्फ सरकारी प्रोजेक्ट्स पर ही नहीं, बल्कि अपने घर पर काम करने पर भी पूरी मज़दूरी मिलेगी। ओएसडी टू सीएम अमनजोत सिंह ने बताया कि जिन मज़दूरों ने नरेगा के तहत रजिस्ट्रेशन करवाया है और जिनके पास नरेगा कार्ड है, उन्हें अब अपने घर में काम करने का भी पूरा लाभ मिलेगा। यह योजना गरीब परिवारों के लिए एक बड़ी राहत साबित होगी। अगर कोई मज़दूर अपने घर पर 90 दिन काम करता है, तो उसका पूरा रिकॉर्ड रखा जाएगा और उसे 31,140 रुपये की राशि सीधे खाते में ट्रांसफर की जाएगी। ओएसडी टू सीएम अमनजोत सिंह ने बताया कि नरेगा योजना के तहत अब कई सुविधाएं शामिल की गई है।  इस योजना में ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क निर्माण, तालाब निर्माण, नहर की सफाई, वृक्षारोपण और जल संरक्षण के काम शामिल है। इसके अलावा किसानों को अपने खेतों में मेड़बंदी, कुआं खुदाई और सिंचाई की सुविधाएं बनाने के लिए भी मज़दूरी मिलेगी। ओएसडी टू सीएम अमनजोत सिंह ने बताया कि योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि अब मज़दूर अपने घर पर शौचालय निर्माण, पक्का फर्श बनाना, छत की मरम्मत और अन्य घरेलू निर्माण कार्य करके भी मज़दूरी प्राप्त कर सकेंगे। इससे गरीब परिवारों को दोहरा फायदा होगा – एक तरफ उनके घर का विकास होगा, दूसरी तरफ उन्हें रोज़गार भी मिलेगा। ओएसडी टू सीएम अमनजोत सिंह ने बताया कि नरेगा के तहत प्रत्येक मज़दूर को 346 रुपये प्रति दिन की दर से मज़दूरी दी जाती है। एक वित्तीय वर्ष में हर परिवार को कम से कम 100 दिन का रोजगार की गारंटी दी जाती है। अगर किसी मजदूर को 15 दिन के अंदर काम नहीं मिलता है, तो उसे बेरोज़गारी भत्ता भी दिया जाता है। ओएसडी टू सीएम अमनजोत सिंह ने बताया कि योजना के तहत महिलाओं को विशेष प्राथमिकता दी गई है। कुल कार्यबल का कम से कम 33 प्रतिशत हिस्सा महिलाओं के लिए आरक्षित है। काम के दौरान कार्यस्थल पर पीने के पानी, छाया और प्राथमिक चिकित्सा की सुविधा भी अनिवार्य है। छोटे बच्चों वाली महिलाओं के लिए क्रेच की व्यवस्था भी की जाती है। ओएसडी टू सीएम अमनजोत सिंह ने बताया कि मजदूरों का भुगतान सीधे उनके बैंक खाते या डाकघर खाते में किया जाता है, जिससे बिचौलियों का खात्मा होता है। काम शुरू होने के 15 दिनों के अंदर मजदूरी का भुगतान करना जरूरी है। अगर देरी होती है तो मजदूर को मुआवजे के रूप में अतिरिक्त राशि भी दी जाती है। ओएसडी टू सीएम अमनजोत सिंह ने बताया कि नरेगा योजना में रजिस्ट्रेशन बिल्कुल मुफ्त है। कोई भी 18 वर्ष से अधिक उम्र का व्यक्ति जो ग्रामीण क्षेत्र में रहता है और अकुशल शारीरिक श्रम करने को तैयार है, वह इस योजना के लिए आवेदन कर सकता है। रजिस्ट्रेशन के 15 दिनों के अंदर जॉब कार्ड जारी किया जाता है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि यह फैसला गरीब मज़दूरों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएगा। उन्होंने सभी पात्र मज़दूरों से अपील की है कि वे जल्द से जल्द नरेगा के तहत रजिस्ट्रेशन करवाएं और इस योजना का पूरा लाभ उठाएं। इस योजना से न केवल रोज़गार मिलेगा बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों का समग्र विकास भी होगा।

सिम लिमिट और डिजिटल सेफ्टी पर राजस्थान हाई कोर्ट सख्त: 3 से ज्यादा सिम नहीं मिलेंगे, बच्चों के फोन और नेट बैंकिंग पर भी निर्देश

जोधपुर साइबर ठगी और ऑनलाइन अपराध के मामले इन दिनों बढ़ते जा रहे हैं। साइबर अपराध इन दिनों देश की सबसे बड़ी समस्या बन गया है। सारबर ठगी और अपराधों पर नियंत्रण के लिए राजस्थान हाई कोर्ट की ओर से एक बहुत ही महत्वपूर्ण फैसला सुनाया गया है। अपने इस फैसले में राजस्थान हाई कोर्ट ने कई निर्देश दिए हैं। जैसे कि किसी व्यक्ति के नाम पर 3 से अधिक सिम जारी नहीं करना, बच्चों के सोशल-मीडिया इस्तेमाल करने के गाइडलाइन आदि। बता दें कि राजस्थान के जोधपुर हाई कोर्ट ने 84 साल के एक बुजुर्ग दंपती से 2 करोड़ की साइबर ठगी करने वाले दो आरोपियों की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए ये सभी निर्रेश जारी किए हैं। साथ ही कोर्ट ने आरोपियों की याचिका भी खारिज कर दी है। जोधपुर हाई कोर्ट के जस्टिस रवि चिरानिया ने सरकार, पुलिस और बैंकों के लिए यह निर्देश जारी किए हैं। इंटरनेट और मोबाइल चलाने को लेकर गाइडलाइन बनाने के निर्देश जोधपुर हाईकोर्ट ने मामले में सुनवाई करते हुए अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) को निर्देश दिया। जिसमें कहा कि वे भारतीय साइबर क्राइम को-ऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) की तर्ज पर राजस्थान साइबर क्राइम कंट्रोल सेंटर (R4C) की स्थापना करें। 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए स्कूल में मोबाइल, ऑनलाइन गेम्स और सोशल मीडिया के इस्तेमाल लेकर एसओपी बनाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही कोर्ट ने किसी भी व्यक्ति के नाम पर 3 से अधिक सिम कार्ड जारी नहीं करने का आदेश दिया।     जोधपुर हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि (I4C) की तर्ज पर राजस्थान में (R4C) की स्थापना की जाए।     गृह विभाग और कार्मिक विभाग को मिलकर DG साइबर के अधीन स्पेशल IT इंस्पेक्टर की भर्ती की जाएगी।     ये इंस्पेक्टर सिर्फ साइबर मामलों की जांच करेंगे। साथ ही इनका दूसरे विभाग में ट्रांसफर नहीं किया जाएगा।     कोर्ट ने आदेश दिया कि सभी बैंक और फिनटेक कंपनियां ‘म्यूल अकाउंट’ और संदिग्ध ट्रांजैक्शन पकड़ने के लिए RBI की ओर से डवलप किए गए ‘Mule Hunter’ जैसे AI टूल्स का उपयोग अवश्य करें। इंटरनेट बैंकिंग और यूपीआई को नियंत्रित करने के निर्देश इसके साथ ही हाई कोर्ट ने इंटरनेट बैंकिंग को लेकर भी आदेश जारी किया है। कोर्ट ने कहा जिन खाताधारकों का सालाना ट्रांजैक्शन 50 हजार रुपए से कम है या जिनकी डिजिटल साक्षरता कम है, ऐसे ग्राहकों की इंटरनेट बैंकिंग और यूपीआई लीमिट को नियंत्रित किया जाए।  

दो फरवरी से शुरू हो रही BSEB इंटर और मैट्रिक परीक्षा, एआई तकनीक से होगी निगरानी

पटना बिहार विद्यालय परीक्षा समिति आज मैट्रिक, इंटर एवं विविध परीक्षाओं से संबंधित वर्ष 2026 का वार्षिक कैलेण्डर जारी कर दिया गया है। इस बात की जानकारी बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के अध्यक्ष आनन्द किशोर ने दी। उन्होंने बताया कि बिहार बोर्ड अब तक एक निश्चित समय पर मैट्रिक, इंटर एवं अन्य परीक्षाओं को कदाचारमुक्त और स्वच्छ माहौल में करा रही है। इस बार दो से 13 फरवरी तक इंटरमीडिएट की परीक्षा ली जाएगी। वहीं 17 से 25 फरवरी से 10वीं बोर्ड यानी मैट्रिक की परीक्षा ली जाएगी। बिहार बोर्ड के अध्यक्ष आनंद किशोर वैसे भी अब नई सरकार की सोच है कि बिहार में आयोजित होने वाली सभी परीक्षाएं समय पर हों और उसका रिजल्ट भी  समय पर आए ताकि बिहार के बच्चों में पढ़ाई और अपने भविष्य को आत्मविश्वास के साथ उसे विकसित कर सकें। खास बात यह है कि इस बार बिहार बोर्ड कृत्रिम मेधा (AI) का इस्तेमाल करने जा रहा है। जानिए इंटर परीक्षा का पूरा डिटेल्स बिहार इंटरमीडिएट वार्षिक परीक्षा 2 फरवरी से 13 फरवरी 2026 तक आयोजित होगी। 2 फरवरी को पहली पाली में बायोलॉजी, एंटरप्रेन्योरशिप, इकोनॉमिक्स और म्यूजिक, जबकि दूसरी पाली में फिजिक्स, फिलॉसफी, बिजनेस स्टडीज और फाउंडेशन कोर्स की परीक्षा होगी। 5 फरवरी को पहली पाली में फिजिक्स और दूसरी में ज्योग्राफी, बिजनेस स्टडीज और म्यूजिक की परीक्षा ली जाएगी। 6 फरवरी की पहली पाली में अंग्रेजी तथा दूसरी में आई.ए की हिंदी और वोकेशनल की अरबी परीक्षा होगी। 7 फरवरी को पहली पाली में केमिस्ट्री और दूसरी में इंग्लिश तथा एग्रीकल्चर की परीक्षा होगी। 9 फरवरी की पहली पाली में हिंदी और दूसरी पाली में वोकेशनल इलेक्टिव पेपर-1 की परीक्षा होगी। 10 फरवरी की पहली पाली में सभी भाषाओं-उर्दू, मैथिली, संस्कृत, प्राकृत, मगही, भोजपुरी, अरबी, फारसी, पाली, बांग्ला की परीक्षा ली जाएगी, जबकि दूसरी पाली में साइकोलॉजी और एंटरप्रेन्योरशिप की परीक्षा होगी। 11 फरवरी की पहली पाली में म्यूजिक और वोकेशनल इलेक्टिव पेपर-2, तथा दूसरी पाली में आई.एससी के सुरक्षा, शिक्षा, पर्यटन, रिटेल, होम साइंस सहित आई.ए के गणित, इतिहास, राजनीतिक विज्ञान, अर्थशास्त्र एवं समाजशास्त्र की परीक्षाएँ होंगी। 12 फरवरी की पहली पाली में समाजशास्त्र और दूसरी पाली में अकाउंटेंसी, रिटेल मैनेजमेंट, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी की परीक्षा ली जाएगी। 13 फरवरी की पहली पाली में तीनों संकायों की भाषाओं की परीक्षा आयोजित होगी, जबकि दूसरी पाली में कंप्यूटर साइंस, मल्टीमीडिया एंड वेब टेक, योगा तथा वोकेशनल के विभिन्न ट्रेडों की परीक्षाएं होंगी। जानिए मैट्रिक परीक्षा का पूरा डिटेल्स मैट्रिक परीक्षा 2026 का आयोजन 17 फरवरी से 25 फरवरी तक किया जाएगा। 17 फरवरी (मंगलवार) को प्रथम पाली में मातृभाषा विषय की परीक्षा होगी, जबकि उसी दिन द्वितीय पाली में भी मातृभाषा की परीक्षा आयोजित की जाएगी। 18 फरवरी (बुधवार) को प्रथम पाली में गणित की परीक्षा होगी और द्वितीय पाली में गणित विषय की परीक्षा ली जाएगी। 19 फरवरी (गुरुवार) को प्रथम पाली में दूसरे भारतीय भाषा की परीक्षा आयोजित होगी, जबकि द्वितीय पाली में भी द्वितीय भारतीय भाषा की परीक्षा होगी। 20 फरवरी (शुक्रवार) को प्रथम एवं द्वितीय दोनों पालियों में सामाजिक विज्ञान की परीक्षा होगी। 21 फरवरी (शनिवार) को प्रथम व द्वितीय पाली में विज्ञान की परीक्षा ली जाएगी। 23 फरवरी (सोमवार) को प्रथम तथा द्वितीय दोनों पालियों में अंग्रेज़ी की परीक्षा आयोजित की जाएगी। 24 फरवरी (मंगलवार) को प्रथम पाली में वैकल्पिक विषय (जैसे अरबी, फारसी, संस्कृत, मैथिली आदि) की परीक्षा होगी तथा द्वितीय पाली में भी वैकल्पिक विषय की परीक्षा निर्धारित है। अंत में 25 फरवरी (बुधवार) को प्रथम पाली में व्यावसायिक विषय की परीक्षा आयोजित होगी, जबकि इस दिन द्वितीय पाली में कोई परीक्षा नहीं रखी गई है।  

शहबाज़ सरकार का इमरान पर विदेशी निर्वासन का दबाव? PTI नेता का बड़ा खुलासा

इस्लामाबाद  पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को लेकर उनकी पार्टी आंदोलन चला रही है। पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ जेल में बंद इमरान की सुरक्षा को लेकर सवाल उठा रही है। इस बीच तहरीक-ए-इंसाफ से जुड़े सीनेटर खुर्रम जीशान ने बड़ा दावा किया है। खुर्रम जीशान ने कहा है कि पाकिस्तानी सरकार इमरान खान के साथ डील करने में जुटी हुई है। पाकिस्तान की शाहबाज सरकार इमरान पर दबाव बना रही है कि पूर्व प्रधानमंत्री देश छोड़कर चले जाएं। रियायतें देने का वादा पीटीआई नेता ने आगे बताया कि सरकार की तरफ से इमरान खान को रियायतें देने का वादा भी किया जा रहा है। उनसे कहा जा रहा है कि वह विदेश चले जाएं या फिर पाकिस्तान में अपनी पसंद की जगह पर चुपचाप रहें। उन्होंने कहा कि लेकिन इमरान ख़ान कभी भी इन बातों को लेकर सहमति नहीं देंगे। वह जिस तरह के नेता हैं, वह इसे कभी मंजूर नहीं करेंगे। हमारे पास आंदोलन के अलावा और कोई विकल्प नहीं है।

बड़ी बरामदगी! दिल्ली में आतंकी शाहीन के फ्लैट से लाखों रुपये और सोना मिला

फरीदाबाद दिल्ली धमाके के बाद आतंकी मॉडयूल की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है। केस में नए खुलासे हो रहे हैं। जांच के लिए एनआईए की टीम लेडी आतंकी डॉक्टर शाहीन को लेकर फरीदाबाद पहुंची। टीम को शाहीन के फ्लैट से भारी मात्रा में नकदी, सोने के गहने और विदेशी मुद्रा बरामद हुई।  फ्लैट में पैकेट बना रखे थे 18.50 लाख रुपए एनआईए की टीम ने फरीदाबाद स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी के फ्लैट नंबर-32 में शाहीन की अलमारी का लॉक खुलवाया, यहां कई पैकेट रखे हुए थे। इन पैकेटों में 500-500 के नोट रखे गए थे। सभी पैकेट को खोलकर गिनती करने पर 18.50 लाख रुपए बरामद हुए। इसके अलावा दो सोने के बिस्कुट और गहने भी मिले। सोने का वजन करीब 300 ग्राम था। इसके साथ ही शाहीन की अलमारी से सऊदी अरब में अन्य देशों की करेंसी भी मिली। शाहीन के फ्लैट के अलावा एडमिन ब्लॉक में भी उसके नाम से एक लॉकर था। जांच में टीम को दस्तावेज मिले है। एनआईए की करीब 25 सदस्यों की टीम डॉक्टर शाहीन के साथ आई थी। टीम में महिलाएं अधिकारी भी शामिल थी। नोट गिनने की मशीन ना होने के कारण टीम ने हाथ से ही पैसे को गिना और डिजिटल मशीन से सोने का वजन किया गया।

जानिए गीता जयंती कब है और कैसे करें विशेष पूजा

नई दिल्ली मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष की एकादशी का दिन बेहद पवित्र माना जाता है। मान्यता है कि इसी तिथि पर कुरुक्षेत्र के मैदान में भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को जीवन, धर्म, कर्म और मोक्ष का वह दिव्य ज्ञान दिया था, जिसे आज हम श्रीमद्भगवद्गीता के रूप में जानते हैं। उसी स्मृति में हर वर्ष यह पावन दिन गीता जयंती के रूप में मनाया जाता है। गीता केवल एक धार्मिक पुस्तक नहीं, बल्कि जीवन को सही दृष्टि देने वाला शाश्वत मार्गदर्शन है। इसकी शिक्षाएं आज भी उतनी ही प्रभावशाली हैं जितनी हजारों वर्ष पहले थीं। इस वर्ष गीता जयंती 1 दिसंबर 2025, सोमवार को मनाई जाएगी। गीता जयंती पर भगवान विष्णु और श्रीकृष्ण की उपासना से जन्म-जन्मांतर के पाप नष्ट होते हैं और मोक्ष का मार्ग प्रशस्त होता है। एकादशी तिथि प्रारंभ: 30 नवंबर 2025, रात 9:29 बजे तिथि समाप्त: 1 दिसंबर 2025, शाम 7:01 बजे गीता जयंती 2025 पूजा विधि: एक साफ चौकी पर पीला वस्त्र बिछाकर भगवान कृष्ण की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें। नई गीता की प्रति को लाल या पीले कपड़े में लपेटकर उनके सामने रखें। फल, पंचामृत, फूल और मिठाई का भोग लगाएं। मंत्र जप करें- “वासुदेव सुतं देवं कंस चाणूर मर्दनम्। देवकी परमानंदं कृष्णं वन्दे जगत्गुरुम॥” गीता का संपूर्ण पाठ करें या कम से कम अध्याय 11 अवश्य पढ़ें। अंत में गीता की आरती करें और मनोकामनाओं की पूर्ति की प्रार्थना करें। गीता के पाठ का महत्व- गीता केवल एक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन की हर परिस्थिति में सही दिशा दिखाने वाला आध्यात्मिक मार्गदर्शन है। कहा जाता है कि गीता जयंती पर गीता का पाठ करने से मन की उलझनें दूर होती हैं, निर्णय लेने की क्षमता बढ़ती है और जीवन में शांति, साहस और स्पष्टता आती है। यह दिन मनुष्य को याद दिलाता है कि कर्म ही जीवन का मूल आधार है और बिना अपेक्षा के किए गए कर्म ही सच्ची आध्यात्मिक शक्ति प्रदान करते हैं।

कच्चे कर्मचारियों को Suspend करने पर CM मान की दो-टूक प्रतिक्रिया, मामला गरमाया

चंडीगढ़ पंजाब में किलोमीटर स्कीम की बसों का टेंडर रद्द करने के विरोध में चल रही हड़ताल पर पंजाब सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। हड़ताल में शामिल सभी कच्चे कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया गया है। इस पर अपनी पहली प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि पिछली सरकारों ने जो फैसले लिए थे, उनके परिणाम अब सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि कच्चे कर्मचारी तो भर लिए गए, लेकिन इस बारे में कोई नोटिफिकेशन नहीं आया कि ये कर्मचारी कब तक काम करेंगे और इनकी तनख्वाह कितनी होगी। CM मान ने कहा कि वे नहीं चाहते कि किसी के घर का चूल्हा बंद पड़े, इसलिए सरकार रोडवेज कर्मचारियों का मसला बैठकर हल करेगी, लेकिन लोगों को परेशान करने के तरीके सही नहीं हैं। उन्होंने कच्चे कर्मचारियों से अपील की कि वे टेबल पर बैठकर बातचीत करें और सरकार उनके मुद्दों का समाधान निकालेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि अपनी मांगें सरकार तक पहुंचाने के लिए हड़ताल लोकतांत्रिक तरीका है, लेकिन इससे जनता को परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार कर्मचारियों की समस्याएं सुनेगी और जल्द समाधान किया जाएगा।