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डिप्टी सीएम शर्मा का दावा: चैतू दादा और अनंत के आत्मसमर्पण से नक्सलवाद के बचे 20% का भी अंत तय

रायपुर छत्तीसगढ़ के झीरम घाटी में हुए बड़े नक्सल हमले के मास्टरमाइंड व नक्सली लीडर चैतू और अनंत ने शुक्रवार को आत्मसमर्पण कर दिया है. प्रदेश के डिप्टी सीएम व गृह मंत्री विजय शर्मा ने प्रशासन की इस बड़ी उपलब्धी समेत कई महत्वपूर्ण विषयों पर लल्लूराम डॉट कॉम से बातचीत की. इस दौरान उन्होंने बताया कि बस्तर और समूचे देश से नक्सलवाद खत्म होने के कगार पर है. डिप्टी सीएम शर्मा ने आगे कहा कि चैतू और अनंत ने अपने साथियों के साथ पुर्नवास किया है. बस्तर समेत पूरे देश में नक्सलवाद खत्म होने की कगार पर है. इससे प्रदेश में शांति आनी चाहिए और शांति आ रही है. उन्होंने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह द्वारा नक्सलवाद को जड़ से खत्म करने के संकल्प का जिक्र करते हुए कहा- “गृहमंत्री बनने के साथ ही अमित शाह ने कहा था कि देश में कहीं समस्या है तो समानता के साथ उसे खत्म किया जाएगा. नक्सलवाद को भी इसी संकल्प के साथ खत्म किया जाएगा. साथ ही निर्धारित समय का जिक्र करते हुए कहा कि अब तक 80 प्रतिशत नक्सलवाद समाप्त हो चुका है और मात्र 20 प्रतिशत ही बचा है, जो निर्धारित समय में खत्म हो जाएगा. वहीं बस्तर 2.0 को लेकर उन्होंने कहा कि बस्तर में जल, जंगल, जमीन सब बस्तर के लोगों का है. बस्तर के युवा ही बस्तर को संभालेंगे और वे इसके लिए उत्साहित भी हैं. उन्होंने जीडीपी में बढ़ोतरी को लेकर कहा कि जीडीपी में बढ़ोतरी सुखद है, अमेरिका के टैरिफ के बावजूद जीडीपी में बढ़ोतरी हुई है. ये देश के लोगों के परिश्रम से संभव हुआ है. कांग्रेस जिला अध्यक्ष नियुक्ति पर कसा तंज इसके अलावा उन्होंने कांग्रेस जिला अध्यक्षों की नियुक्ति में बड़े नेताओं के पसंदीदा लोगों को पद मिलने को भी उन्होंने तंज कसा. उन्होंने कहा कि कांग्रेस-भाजपा के परंपराओं में फर्क है. कांग्रेस में व्यक्ति प्रमुख होता है. भाजपा में संस्था और संगठन प्रमुख होता है. इसीलिए कांग्रेस में ऐसी स्थिति पैदा होती है. कलेक्टर गाइडलाइन के खिलाफ कांग्रेस के विरोध पर कसा तंज वहीं जमीन गाईडलाईन दर को लेकर लगातार हो रहे कांग्रेस के विरोध को लेकर विजय शर्मा ने कहा कि अगर जनता, किसी आमजन को तकलीफ है, तो जरूर सुनवाई होगी. लेकिन किसी व्यक्ति विशेष को परेशानी है, उसके लिए कांग्रेस आगे आ रही है, तो उसपर कुछ नहीं हो सकता. वहीं दिल्ली में वायू प्रदूषण को लेकर दिए गए राहुल गांधी के बयान पर उन्होंने कहा कि कांग्रेस के चश्मे से या इटली के चश्मे से नहीं, बल्कि भारत के चश्मे से राहुल गांधी को देखना होगा. तब उन्हें पता चलेगी वास्तविक स्थिति.

डिजिटल छत्तीसगढ़: जिसने दूर रह रही बेटी को दिया सबसे बड़ा सहारा

मीलों की दूरी मिटा दी तकनीक ने—डिजिटल छत्तीसगढ़ की मानवीय मिसाल भुवनेश्वर में रहते हुए भी श्रीमती सोनम त्रिपाठी ने बिलासपुर से अपने दिवंगत पिता का डिजिटल मृत्यु प्रमाण पत्र किया प्राप्त छत्तीसगढ़ की डिजिटल व्यवस्था ने बनाया मुश्किल काम आसान रायपुर,  डिजिटल भारत अभियान और छत्तीसगढ़ शासन की ई-सेवाओं ने आम नागरिकों के जीवन को न सिर्फ आसान बनाया है, बल्कि समय, मेहनत और संसाधनों की बड़ी बचत भी सुनिश्चित की है। भुवनेश्वर में रहने वाली श्रीमती सोनम त्रिपाठी का अनुभव इसका जीवंत उदाहरण है। उन्होंने डिजिटल सेवाओं के सहारे अपने दिवंगत पिता का डिजिटल मृत्यु प्रमाण पत्र प्राप्त किया और अपनी बीमार माताजी के बैंक खाते को बिना किसी परेशानी के भुवनेश्वर में स्थानांतरित करवा लिया। विवाह के बाद भुवनेश्वर में बस चुकी श्रीमती सोनम त्रिपाठी के माता-पिता बिलासपुर में ही रहते थे। पिता का निधन होने के बाद नगरपालिका बिलासपुर ने मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किया। लेकिन जब उनकी माताजी की तबीयत बिगड़ी और उन्हें अपने साथ भुवनेश्वर ले जाना पड़ा, तब एक नई चुनौती सामने आई कि माताजी के बैंक खाते का ट्रांसफर। बैंक ने पिता का डिजिटल मृत्यु प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने का आग्रह किया, जिसकी जानकारी श्रीमती त्रिपाठी को पहले नहीं थी, और इसी कारण काम कुछ समय के लिए अटक  गया। इस दस्तावेज़ की आवश्यकता ने परिवार को असमंजस में डाल दिया। इंटरनेट और डिजिटल छत्तीसगढ़ का मिला सहारा श्रीमती त्रिपाठी ने समाधान की तलाश शुरू की और इंटरनेट की मदद से छत्तीसगढ़ के जन्म-मृत्यु पंजीकरण कार्यालय का संपर्क नंबर प्राप्त किया। भुवनेश्वर से ही उन्होंने संबंधित कर्मचारी से संपर्क किया। कार्यालय कर्मचारी ने आवश्यक दस्तावेज़ों, ऑनलाइन प्रक्रिया और प्रमाण पत्र प्राप्ति के चरणों की स्पष्ट एवं सहज जानकारी प्रदान की। डिजिटल व्यवस्था की बदौलत कुछ ही दिनों में उन्हें अपने पिता का डिजिटल मृत्यु प्रमाण पत्र ऑनलाइन उपलब्ध हो गया, और बैंक की समस्त औपचारिकताएँ तुरंत पूर्ण हो गईं। डिजिटल सेवाएँ समय बचाती हैं, परेशानी दूर करती हैं — श्रीमती सोनम त्रिपाठी श्रीमती सोनम त्रिपाठी बताती हैं कि यदि उन्हें डिजिटल प्रक्रिया की जानकारी पहले मिल जाती, तो उनका काम और पहले ही पूरा हो जाता। उनका कहना है कि बैंकिंग, सरकारी सहायता, संपत्ति, पेंशन और अन्य कार्यों में बाधा से बचने के लिए ऐसे दस्तावेज़ समय रहते बनवा लेना चाहिए। मैंने भी भुवनेश्वर से ही ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी की और प्रमाण पत्र कुछ ही दिनों में प्राप्त हो गया। उनका अनुभव बताता है कि सूचना की उपलब्धता, तकनीक का उपयोग और सरकारी सेवाओं का डिजिटलीकरण किस प्रकार जटिल लगने वाले कामों को भी सरल और तेज बनाते हैं। डिजिटल छत्तीसगढ़: अब हर नागरिक के ‘एक क्लिक’ पर सरकारी सेवाएँ छत्तीसगढ़ में पिछले कुछ वर्षों में जन्म-मृत्यु पंजीकरण, शिकायत निवारण, प्रमाण पत्र उपलब्धता और विभिन्न सेवाओं के डिजिटलीकरण ने आमजन की परेशानी को काफी हद तक कम किया है। बिलासपुर से लेकर बस्तर तक हर कोई घर बैठे प्रमाण पत्र, आवेदन स्थिति और अन्य सेवाओं का लाभ उठा पा रहा है। इससे न केवल समय और ऊर्जा की बचत होती है, बल्कि प्रक्रियाएँ पारदर्शी और विश्वसनीय भी बनी हैं।  सोनम त्रिपाठी की यह कहानी उन नागरिकों के लिए प्रेरणा है जो परंपरागत प्रक्रियाओं की कठिनाइयों से परेशान रहते हैं। यह उदाहरण दर्शाता है कि समय पर सूचना, सहयोगी प्रशासन और आधुनिक डिजिटल सेवाओं की सहायता से कोई भी महत्वपूर्ण कार्य शीघ्रता और सरलता से पूरा किया जा सकता है। डिजिटल छत्तीसगढ़ की यह मिसाल न केवल राज्य के डिजिटल परिवर्तन की सफलता को रेखांकित करती है, बल्कि यह भी बताती है कि डिजिटल भारत अभियान कैसे आम नागरिकों के जीवन में वास्तविक बदलाव ला रहा है। छत्तीसगढ़ की डिजिटल सेवाएँ अब आम नागरिकों की जिंदगी में बदलाव ला रही हैं। भुवनेश्वर में रहते हुए भी श्रीमती सोनम त्रिपाठी ने बिलासपुर से अपने दिवंगत पिता का डिजिटल मृत्यु प्रमाण पत्र प्राप्त किया और माताजी के बैंक खाते का ट्रांसफर बिना किसी कठिनाई के पूरा कर लिया—यह हमारे ई-गवर्नेंस सिस्टम की पारदर्शिता, विश्वसनीयता और दक्षता का प्रमाण है। “डिजिटल छत्तीसगढ़” का लक्ष्य ही यही है कि हर नागरिक को घर बैठे, एक क्लिक में, तेज़ और सरल तरीके से सरकारी सेवाएँ उपलब्ध हों। श्रीमती त्रिपाठी का यह अनुभव डिजिटल भारत अभियान और राज्य सरकार की नागरिक-केंद्रित कार्यशैली की सफलता को रेखांकित करता है। – मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

बिहार विधानसभा में तेजस्वी यादव की ताजपोशी, विपक्ष का नया चेहरा तय

पटना राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव 18वीं बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष होंगे। राजद और महागठबंधन के विधायक दल की बैठक में तेजस्वी यादव के नाम पर सर्वसम्मति से मुहर लगा दी गई। शनिवार को एक पोलो रोड में हुई बैठक में राजद, कांग्रेस और वाम दलों के विधायकों ने एक स्वर से तेजस्वी को अपना नेता माना। तय हुआ कि विपक्ष की संख्या भले ही कम है, लेकिन जनहित के मसले पर मजबूती से सदन में आवाज उठाएंगे। लोगों की भलाई के लिए विपक्ष मजबूती से सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष करेगा। एक दिसम्बर को विधानमंडल का सत्र शुरू होने से पहले तेजस्वी यादव के आवास पर महागठबंधन के विधायकों और प्रमुख नेताओं की बैठक हुई। इस मीटिंग में भाग लेने के लिए तेजस्वी यादव शनिवार को दिल्ली से पटना पहुंचे। एयरपोर्ट पर मीडिया कर्मियों ने उनसे कई सवाल पूछे पर तेजस्वी यादव ने कोई उत्तर नहीं दिया। वे सीधे बैठक के लिए रवाना हो गए। विधानसभा चुनाव में हार पर कांग्रेस और राजद में तकरार के बीच तेजस्वी यादव को विपक्ष का नेता चुन लिया गया। राजद के साथ कांग्रेस और लेफ्ट पार्टियों के नेताओं ने तेजस्वी के नाम पर मुहर लगा दी। इस बार के चुनाव में पूरा विपक्ष 35 सीटों पर सिमट गया। इनमें 25 विधायक राजद के तो 6 विधायक कांग्रेस के हैं। वाम दलों के चार विधायक हैं। सदन में इनकी उपस्थिति बहुत कमजोर रहने वाली है क्योंकि एनडीए के पास 202 विधायकों की ताकत है। बैठक में कहा गया कि संख्या बल कम होने के बावजूद विपक्ष जनता और जनहित के मुद्दों को सदन से सड़क तक संघर्ष करेगा। शीतकालीन सत्र में सरकार को घेरने की पूरी तैयारी की जा रही है। माले विधायक अजय कुमार ने बताया कि विपक्ष संगठित होकर सरकार की गलत नीतियों का विरोध करेगा। विपक्ष हमेशा रचनात्मक विरोध करेगा। राजद के भाई वीरेंद्र ने कहा कि सरकार की गलत नीतियों का विरोध पूरी मजबूती से किया जाएगा। संख्या कम है लेकिन मनोबल कम नहीं है।  

बाबरी मस्जिद पर TMC विधायक का बड़ा दावा, 6 दिसंबर को नींव रखने की बात पर BJP आक्रामक

कलकत्ता पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के विधायक हुमायूं कबीर ने 'बाबरी मस्जिद' के निर्माण का ऐलान किया है। इससे बीजेपी भड़क गई और टीएमसी पर जमकर निशाना साधा। टीएमसी विधायक हुमायूं के अनुसार, छह दिसंबर को इस मस्जिद की नींव रखी जाएगी। उन्होंने न्यूज एजेंसी एएनआई से कहा कि 464 साल पहले, बाबर के मिलिट्री कमांडर ने यह मस्जिद (बाबरी मस्जिद) बनाई थी। उन्होंने मस्जिद तोड़कर राम मंदिर बनाया, और किसी ने इसका विरोध नहीं किया। जब मैं बाबर के नाम पर मस्जिद बनाना चाहता हूं तो वे इसका विरोध क्यों कर रहे हैं? उन्होंने आगे कहा, ''अगर सुप्रीम कोर्ट ने बाबरी मस्जिद बनाने के खिलाफ कोई निर्देश दिया है, तो मुझे बताएं। अगर होम मिनिस्ट्री ने ऐसा कोई निर्देश जारी किया है कि बाबर के नाम पर कोई मस्जिद नहीं बनाई जा सकती, तो मैं आगे नहीं बढ़ूंगा। तब मैं मस्जिद के लिए कोई दूसरा नाम सोचूंगा। अगर वे मेरा सिर काटना चाहते हैं, तो वे नींव रखने के कार्यक्रम के दौरान आ सकते हैं। मैं इसके लिए तैयार हूं। मैं उन्हें मुर्शिदाबाद आकर मेरा सिर काटने की चुनौती देता हूं। मैं खुद को शहीद करने के लिए तैयार हूं… हम बाबरी मस्जिद बनाएंगे।'' हालांकि, हुमांयू कबीर के इस इस ऐलान के बाद तृणमूल कांग्रेस ने खुद को इससे दूर कर लिया और भाजपा ने आरोप लगाया कि लोगों को बांटने की कोशिश की जा रही है। छह दिसंबर को अयोध्या में 16वीं सदी की बाबरी मस्जिद गिराए जाने के 33 साल पूरे होने वाले हैं, ऐसे में इस प्लान किए गए समारोह ने अल्पसंख्यकों की ज्यादा संख्या वाले मुर्शिदाबाद जिले में राजनीतिक माहौल को और गरम कर दिया है, जहां इस साल अप्रैल में वक्फ (अमेंडमेंट) एक्ट, 2025 को लेकर विरोध प्रदर्शनों के दौरान झड़पें हुई थीं। कबीर ने न्यूज एजेंसी पीटीआई से बात करते हुए हाल ही में कहा, "हां, मैं 6 दिसंबर को बाबरी मस्जिद के मॉडल पर बनी मस्जिद का शिलान्यास करूंगा। यह मस्जिद बहुत बड़ी होगी और असली ढांचे से प्रेरित होगी।" उन्होंने आगे कहा, "यह मेरा धार्मिक अधिकार है और स्थानीय लोगों की मांग है।" उन्होंने कहा कि यह मुद्दा इमोशनल है और ज़ोर देकर कहा कि उनका प्लान एक पर्सनल संकल्प है, चुनावी गणित से जुड़ा नहीं है। पश्चिम बंगाल असेंबली में टीएमसी के चीफ व्हिप, निर्मल घोष ने पीटीआई को बताया, "पार्टी हुमायूं कबीर के टच में नहीं है। उनकी बातों या कामों का पार्टी से कोई लेना-देना नहीं है। वह जो कुछ भी कह रहे हैं या कर रहे हैं, वह अपनी पर्सनल हैसियत से कर रहे हैं। पार्टी उनका सपोर्ट नहीं करती है और मामले को देख रही है।" मस्जिद के ऐलान से भड़के बीजेपी के शुभेंदु अधिकारी वहीं, पश्चिम बंगाल के नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने  आरोप लगाया कि हुमायूं कबीर 'बाबरी मस्जिद' बनाने के वादे के साथ मुर्शिदाबाद में शांति भंग करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने सेंट्रल एजेंसियों से जांच करने को कहा कि क्या वह हाल ही में बांग्लादेश गए हैं। पूर्व मेदिनीपुर जिले में अपने नंदीग्राम चुनाव क्षेत्र में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, अधिकारी ने कहा कि मुर्शिदाबाद, जो बांग्लादेश की सीमा से लगा है, पहले से ही इस साल की शुरुआत में वक्फ (अमेंडमेंट) एक्ट के विरोध के दौरान हुई सांप्रदायिक हिंसा के सदमे से जूझ रहा है, और कबीर स्थिति को फिर से भड़काने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया, "वह जिले में शांति भंग करने की कोशिश कर रहे हैं, जो अभी भी दंगों के सदमे से उबर रहा है, जिसमें जिहादी तत्वों ने दो हिंदुओं को मार डाला था। हिंदू मंदिर बना सकते हैं, मुसलमान मस्जिद बना सकते हैं, और ईसाई चर्च बना सकते हैं। लेकिन यह घोषणा करना कि 6 दिसंबर को एक मस्जिद की नींव रखी जाएगी और उसका नाम 'बाबरी मस्जिद' रखा जाएगा, यह संविधान और सुप्रीम कोर्ट की पूरी तरह से अवहेलना है।"

‘अलग होना है तो कोई रोक नहीं’—बयान से बढ़ी हलचल, क्या महागठबंधन बिखरने वाला है?

पटना. बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में महागठबंधन (MGB) को करारी हार का सामना करना पड़ा. राजद, कांग्रेस और अन्य सहयोगी दलों को जनता ने फर्श पर ला दिया. नतीजों के बाद जहां विपक्षी खेमे में समीक्षा का दौर चल रहा है, वहीं गठबंधन के घटक दलों के बीच कलह की आग भड़क उठी है. दिल्ली में कांग्रेस की हार समीक्षा बैठक में राजद को जिम्मेदार ठहराने के आरोपों ने विवाद को भड़का दिया. अब राजद के प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल ने कांग्रेस को खरी-खरी सुना दी है, जिससे सवाल उठने लगे हैं कि क्या यह गठबंधन टूट की कगार पर पहुंच गया है? मंगनी लाल का तीखा तंज, ‘सब राजद की बदौलत’ शनिवार को राजद प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल ने कांग्रेस पर सीधा हमला बोला. उन्होंने कहा, कांग्रेस को जितनी भी सीटों पर विधानसभा चुनाव में जीत और वोट मिले हैं, वह राजद के कारण. कांग्रेस पार्टी अलग राजनीति करना चाहती है तो कर ले, उनको अपनी ताकत का पता चल जाएगा. मंडल ने आगे जोर देकर कहा कि बिहार में राजद का मजबूत जनाधार है जो सहयोगी दलों को फायदा पहुंचाता है. उन्होंने 2020 के चुनाव का जिक्र करते हुए तंज कसा और कहा कि- 2020 में कांग्रेस ने 72 सीटें मांगी थीं, लेकिन 19 पर जीत हुई वह भी राजद की बदौलत. मंडल का यह बयान साफ संकेत देता है कि राजद खुद को गठबंधन का ‘बड़ा भाई’ मान रहा है और कांग्रेस को ‘हिसाब’ सिखाने का मूड में है. कांग्रेस का कड़ा पलटवार, ‘ताकत न होती तो साथ क्यों? मंगनी लाल मंडल के बयान पर कांग्रेस ने तुरंत पलटवार किया. प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता असितनाथ तिवारी ने कहा, अगर कांग्रेस की कोई ताकत नहीं है तो राजद गठबंधन में साथ क्यों है? तिवारी ने राजद के दावों को खारिज करते हुए कहा कि हार की जिम्मेदारी सबकी है, न कि सिर्फ एक दल की. वहीं, कांग्रेस के एक अन्य प्रवक्ता ज्ञान रंजन ने मंडल को निशाने पर लेते हुए कहा, मंडल जी को कुछ कहना है तो महागठबंधन की ऑर्डिनेशन कमेटी के अध्यक्ष तेजस्वी यादव से कहें. मीडिया में बयान देने का क्या मतलब है?. साफ है कि कांग्रेस खेमे में गुस्सा साफ दिख रहा है और नेता इसे ‘अपमानजनक’ बता रहे हैं. बीजेपी का मौका- ‘चुनाव से पहले भी लड़ते थे, अब भी लड़ रहे’ इस बीच, सत्ताधारी बीजेपी ने महागठबंधन की कलह को हथियार बनाया है. बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सैयद शाहनवाज हुसैन ने तंज कसते हुए कहा, दोनों दल चुनाव से पहले भी आपस में लड़ रहे थे, चुनाव बाद भी लड़ रहे हैं. बीजेपी इसे विपक्ष की कमजोरी के रूप में पेश कर रही है, जबकि सियासी जानकार मानते हैं कि यह तकरार NDA के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है. बिहार की सियासत में अब सवाल उठ रहा है कि क्या यह छोटी-मोटी नोंकझोंक है या गठबंधन टूटने का संकेत? टूट की आशंका- तेजस्वी याद की बैठक की चर्चा महागठबंधन के भविष्य पर सस्पेंस बरकरार है. राजद ने शनिवार को तेजस्वी यादव के आवास पर विधायकों की बैठक बुलाई है, जिसमें विधानमंडल सत्र की विपक्षी रणनीति पर चर्चा हो रही है. लेकिन, जानकारों का कहना है कि इस बैठक में गठबंधन के आंतरिक विवाद भी प्रमुखता से उठ सकते हैं. अब सवाल है कि मंगनी लाल मंडल का यह बयान कि कोई किसी को बांधकर नहीं रख सकता, महागठबंधन के अंत का आगाज है? बिहार की राजनीति में आगामी दिनों में बड़े उलटफेर की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता.

11 इंच स्क्रीन वाला सैमसंग Galaxy Tab A11+ 5G भारत में हुआ लॉन्च, जानें कीमत

नई दिल्ली सैमसंग ने भारत में अपना नया टैबलेट बेहद खामोशी के साथ लॉन्‍च किया है। इसका नाम Samsung Galaxy Tab A11+ है। ग्‍लोबल मार्केट्स में इसे सितंबर में ही ले आया गया था। अब भारत के लिए इसे लाया गया है। इस टैब में 11 इंच का टीएफटी डिस्‍प्‍ले दिया गया है। हालांकि बैटरी 7040 एमएएच की है जो 25 वॉट की वायर्ड चार्जिंग को सपोर्ट करती है। बैटरी के मामले में यह टैब कमतर द‍िख रहा है क्‍योंकि आजकल स्‍मार्टफोन्‍स में इससे बड़ी बैटरी दी जा रही है। इस टैब को 4 वेरिएंट्स में लिया जा सकेगा। शुरुआती कीमत 22999 रुपये है। नया सैमसंग टैबलेट 4 वेरिएंट्स में आता है। इसे वाईफाई के अलावा वाईफाई और सेल्‍युलर मॉडल में लाया गया है ताकि लोग सिम कार्ड लगाकर भी इसे इस्‍तेमाल कर पाएं। इसके 6GB RAM + 128GB मॉडल को सिर्फ वाईफाई ऑप्‍शन के साथ 22,999 रुपये (ref.) में लिया जा सकेगा। वाईफाई और सेल्‍युलर मॉडल के दाम 26,999 रुपये हैं। कंपनी 8GB RAM + 256GB वेरिएंट भी लाई है, जिसके वाईफाई मॉडल के दाम 28,999 रुपये हैं, जबकि वाईफाई और सेल्‍युलर मॉडल की कीमत 32999 रुपये है। यह टैब ग्रे और सिल्‍वर कलर्स में आता है। अच्‍छी बात यह है कि सेल्‍युलर कनेक्‍ट‍िविटी 5जी है। जैसाकि हमने बताया, इस टैब में 11 इंच का टीएफटी एलसीडी डिस्‍प्‍ले दिया गया है, जो 90 हर्त्‍ज का रिफ्रेश रेट ऑफर करता है। इस टैब में मीडियाटेक डाइमें‍सिटी प्रोसेसर दिया गया है। यह 5जी कनेक्‍ट‍िविटी ऑफर करता है। नया सैमसंग टैब लेटेस्‍ट एंड्रॉयड 16 पर चलता है, जिसमें वनयूआई 8 की लेयर है। इस टैब में 8 मेगापिक्‍सल का बैक और 5 मेगापिक्‍सल का फ्रंट कैमरा दिया गया है। वीडियो कॉल से ऑनलाइन मीटिंग तक ठीकठाक होने की उम्‍मीद है। इसमें सैमसंग का डेक्‍स मोड भी मिलता है, जिससे टैबलेट को पीसी की तरह इस्‍तेमाल किया जा सकेगा। हालांकि इसकी बैटरी 7040 एमएएच है जो कई लोगों को इसलिए कम लग सकती है, क्‍योंकि आजकल स्‍मार्टफोन कंपनियों ने इससे बड़ी बैटरी अपने स्‍मार्टफोन में देना शुरू कर दिया है। सैमसंग टैब ए11 प्‍लस की 7040 एमएएच बैटरी 25 वॉट की वायर्ड चार्जिंग को सपोर्ट करती है। यह आईपी52 रेटिंग के साथ आता है, जिससे टैब को धूल और छींटों से सुरक्षा मिलती है। इस टैब का वजन 477 से 482 ग्राम तक है।

तूफान ने रोकी उड़ानें: श्रीलंका एयरपोर्ट पर फंसे सैकड़ों भारतीय, हालात बने गंभीर

श्रीलंका  चक्रवाती तूफान ‘दित्वाह’ ने तमिलनाडु और श्रीलंका में बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। इसी कारण करीब 300 भारतीय यात्री, जिनमें लगभग 150 तमिलनाडु के यात्री शामिल हैं, पिछले तीन दिनों से कोलंबो के बांदरणायके इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर फंसे हुए हैं। सभी यात्री दुबई से भारत के लिए श्रीलंका होते हुए लौट रहे थे, लेकिन खराब मौसम के कारण चेन्नई आने वाली उड़ानें लगातार रद्द हो रही हैं।  फंसे यात्रियों की हालत गंभीर यात्रियों ने बताया कि उन्हें  पर्याप्त खाना-पानी नहीं मिल रहा, आराम की उचित जगह नहीं है, और एयरपोर्ट पर सुविधाएं बेहद सीमित हो गई हैं।उड़ानों की अनिश्चितता के चलते कई लोग चिंतित और परेशान दिखाई दिए। यात्रियों की स्थिति का संज्ञान लेते हुए तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने  पब्लिक डिपार्टमेंट के सचिव को निर्देश दिए और भारतीय उच्चायोग, कोलंबो से तत्काल समन्वय करने को कहा। इसके बाद भारतीय उच्चायोग के अधिकारियों ने फंसे भारतीयों से संपर्क शुरू किया। उनकी सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए चर्चा की जा रही है।तमिलनाडु सरकार ने एयरपोर्ट पर फंसे सभी यात्रियों के लिए समय पर सहायता उपलब्ध कराने का आग्रह किया है।    तमिलनाडु में बंद हुए स्कूल चक्रवात के असर से  चेन्नई, कडलूर, तंजावुर, नागपट्टिनम, कुंभकोणम, मयिलाडुथुरई,और रमेश्वरम में तेज हवाओं और भारी वर्षा की खबरें हैं। कई जिलों में स्कूल बंद,समुद्र तटों पर प्रवेश रोक,और निम्न इलाकों में अलर्ट जारी किया गया है। रमनाथपुरम में एक टूरिस्ट वैन पानी में फंस गई, लेकिन सभी यात्री सुरक्षित बाहर निकल आए। IMD का अपडेट मौसम विभाग के अनुसार चक्रवात दित्वाह श्रीलंका के उत्तर क्षेत्र से सटा हुआ बहुत धीरे-धीरे 8 किमी/घंटा की गति से उत्तर-उत्तरपश्चिम दिशा में बढ़ रहा है।सुबह 5:30 बजे यह करेकाल से 190 किमी दक्षिण-पूर्व, पुदुचेरी से 300 किमी और चेन्नई से 400 किमी दक्षिण स्थित था।    भारत ने श्रीलंका को बढ़ाई मानवीय सहायता तूफान से श्रीलंका में बिगड़ी स्थिति को देखते हुए भारत ने अपना ह्यूमैनिटेरियन मिशन “ऑपरेशन सागर बंधु” तेज किया है। शनिवार सुबह 12 टन राहत सामग्री लेकर  IAF का C-130J विमान कोलंबो पहुंचा। इससे पहले INS विक्रांत और INS उदयगिरि श्रीलंका को 4.5 टन सूखी राशन, 2 टन ताज़ा खाद्य सामग्री सहित अन्य आवश्यक सहायता पहुँचा चुके हैं। भारतीय उच्चायोग ने कहा कि “कठिन समय में भारत श्रीलंका के साथ मजबूती से खड़ा है। यह हमारे 'Neighbourhood First' नीति की प्रतिबद्धता है।”  

फराह खान के कुक दिलीप की बिग बॉस 20 एंट्री, अभिषेक बजाज से लिए स्पेशल टिप्स

मुंबई फराह खान के नए यूट्यूब व्लॉग में एक बार फिर उनके कुक दिलीप अपने खास अंदाज में नजर आए। इस बार बिग बॉस कंटेस्टेंट अभिषेक बजाज के साथ दोनों ने मस्ती की। जब फराह और दिलीप ठेचा चिकन बनाने की तैयारी कर रहे थे, तो दिलीप ने अपने आगे के प्लान के बारे में बताया। उन्होंने कहा, 'जब अभिषेक आएंगे, तो मैं उनसे कुछ टिप्स लूंगा। मैं भी बिग बॉस जाना चाहता हूं।' अभिषेक बजाज के किचन में कदम रखते ही दिलीप ने बिना समय गंवाए कहा, 'सर, मुझे भी कुछ टिप्स दीजिए! मैं भी बिग बॉस में हाथ आजमाना चाहता हूं।' अभिषेक ने उन्हें अपना मशहूर मंत्र सिखाया 'बढ़िया बंदा हुड पे, बाकी सब ठुड पे।' दिलीप ने यह लाइन इतनी जोर से दोहराई कि वह एक गुस्से में लगने लगे। फराह खान और अभिषेक की गपशप हैरान फराह खान दौड़कर अंदर आईं। उन्होंने कहा, 'क्या कर रहे हो, दिलीप?' अभिषेक ने बीच में ही टोकते हुए याद दिलाया, 'यह बिग बॉस का घर नहीं है, यह फराह मैम का घर है! आराम से रहो!' फराह ने हैरान होकर अभिषेक से पूछा, 'तुम उसे क्या-क्या सिखा रहे हो?' यह जानने के बाद कि ठुड पे का मतलब पैर होता है, उन्होंने दिलीप को चेतावनी दी, 'हिम्मत करो, कभी मुझ पर भी ऐसा करो, वरना मुझे तुम पर अपनी ठुड्ड लगानी पड़ेगी!' दिलीप बिग बॉस में जाने को तैयार खाना बनाते हुए, फराह ने दिलीप से फिर पूछा, 'इतना गुस्सा – तुम किस पर गुस्सा थे? किसे मारने वाले थे?' दिलीप ने चालाकी से फराह की ओर इशारा किया। अभिषेक चौंक गए और पूछा, 'वह आप पर गुस्सा था?' दिलीप ने तुरंत इनकार कर दिया। 'कभी नहीं, मैं फराह मैडम पर कभी गुस्सा नहीं हो सकता!' फराह ने कुक दिलीप को चिढ़ाया फराह ने उन्हें चिढ़ाते हुए कहा, 'क्या मैं तुम्हारी तनख्वाह कम कर दूं?' अभिषेक ने मजाक किया, 'अगर आप ऐसा करोगे, तो शायद वह तुम पर गुस्सा हो जाएगा!' फिर बातचीत अभिषेक के करियर पर आ गई। फराह को गलती से लगा कि वह 'यारियां 2' में थे, लेकिन फराह ने खुद को सही करते हुए 'स्टूडेंट ऑफ द ईयर 2' और 'चंडीगढ़ करे आशिकी' कहा।

दीपिका पादुकोण का सनी देओल परिवार से खास कनेक्शन, जानें अनीशा के दूल्हे के बारे में

मुंबई पादुकोण परिवार में जल्द ही शादी की शहनाई बजने वाली है! एक्ट्रेस दीपिका पादुकोण की बहन अनीशा पादुकोण जल्द ही शादी के बंधन में बंधने वाली हैं। यह तो सभी जानते हैं कि अनीशा की सगाई दुबई के एक बिजनेसमैन से हो चुकी है और वे जल्द ही शादी करने वाले हैं। जश्न के माहौल के बीच, अनीशा के मंगेतर के बारे में एक खबर सामने आई है। खबरों के मुताबिक, उनका नाम धर्मेंद्र से जुड़ा है, क्योंकि वे देओल परिवार, खासकर सनी देओल के बड़े बेटे के परिवार का हिस्सा हैं। दीपिका की बहन के होने वाले दूल्हे के बारे में सब कुछ जानिए। दीपिका पादुकोण की बहन अनीशा पादुकोण, देओल परिवार से ताल्लुक रखने वाले रोहन आचार्य से शादी करने वाली हैं। रोहन आचार्य की बहन दृशा आचार्य की शादी सनी देओल के बड़े बेटे करण देओल से हुई है। इस रिश्ते का मतलब है कि अनीशा की रोहन से शादी के बाद, दीपिका और उनका परिवार धर्मेंद्र के परिवार का हिस्सा बन जाएंगे। रोहन आचार्य, बिमल रॉय के परपोते हैं। बिमल की पोत चिम्मू आचार्य, रोहन और दृशा आचार्य की मां हैं। कौन हैं रोहन आचार्य रोहन आचार्य दुबई में रहने वाले एक बिजनेसमैन हैं जो अपने परिवार के साथ काम करते हैं। वह दीपिका पादुकोण की छोटी बहन अनीशा पादुकोण के मंगेतर हैं। अनीशा पादुकोण और रोहन आचार्य एक-दूसरे को सालों से जानते हैं। उनकी मंगेतर अनीशा की बात करें तो वह एक पूर्व गोल्फ खिलाड़ी हैं, जिन्होंने राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व किया है। क्या करती हैं अनीशा पादुकोण? फिलहाल अनीशा 'द लिव लव लाफ फाउंडेशन' की सीईओ हैं, जिसकी स्थापना उनकी बहन दीपिका ने 2015 में की थी। इस फाउंडेशन का उद्देश्य मानसिक स्वास्थ्य के बारे में जागरूकता बढ़ाना और इससे जुड़े कलंक को कम करना है। अनीशा ने मनोविज्ञान, समाजशास्त्र और अर्थशास्त्र में ग्रेजुएशन किया है। उन्होंने हार्वर्ड बिजनेस स्कूल से भी पढ़ाई की है। जल्दी ही शादी होने की उम्मीद हालिया रिपोर्ट्स से पता चलता है कि पादुकोण परिवार अनीशा की शादी की तैयारी कर रहा है, जिसके जल्द ही होने की उम्मीद है। दीपिका पादुकोण की बहन और रोहन आचार्य की शादी की तारीख की आधिकारिक घोषणा अभी तक नहीं की गई है। दोनों परिवारों की ओर से बयान आने की उम्मीद है। अनीशा और रोहन ने अपने लंबे समय से चले आ रहे रिश्ते को निजी रखा है, और उम्मीद है कि वे अपनी शादी की जानकारी भी उतनी ही निजी रखेंगे। दीपिका पादुकोण के ससुराल वाले (रणवीर सिंह के माता-पिता) कथित तौर पर रोहन आचार्य के पिता सुमित आचार्य के करीबी हैं।

भोजपुरी साहित्य सम्मेलन अमनौर में शुरू, डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी का होगा शुभारंभ

अमनौर बिहार के अमनौर में एक बार फिर अखिल भारतीय भोजपुरी साहित्य सम्मेलन का भव्य आयोजन होने जा रहा है। समारोह का विधिवत उद्घाटन बिहार सरकार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी करेंगे, जबकि समापन का दायित्व उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा निभाएंगे। आयोजन से जुड़ी सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। अमनौर उच्च विद्यालय के खेल मैदान में तीन दिवसीय सम्मेलन का आयोजन किया गया है, जिसमें देश-विदेश से भोजपुरी के बड़े-बड़े विद्वानों का जुटान होगा। सम्मेलन की जानकारी आयोजन समिति के अध्यक्ष एवं एमएलसी डॉ. संजय मयूख ने शुक्रवार देर शाम आयोजित प्रेस वार्ता में दी। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में कई मंत्री, सांसद, विधायक, कवि, साहित्यकार, भोजपुरी फिल्म अभिनेता-अभिनेत्री और विभिन्न देशों से आने वाले भोजपुरी विद्वान व गणमान्य लोग शामिल होंगे। अमनौर बाजार से लेकर कार्यक्रम स्थल तक दर्जनों तोरण द्वार बनाकर स्वागत की विशेष व्यवस्था की गई है। उद्घाटन समारोह में भोजपुरी अभिनेत्री अक्षरा सिंह, पथ निर्माण एवं नगर विकास मंत्री नितीन नवीन, स्थानीय सांसद राजीव प्रताप रूडी, महाराजगंज सांसद जनार्दन सिंह सिग्रीवाल और दिल्ली के सांसद मनोज तिवारी समेत कई दिग्गज हस्तियां मौजूद रहेंगी। सम्मेलन के अध्यक्ष डॉ. ब्रज भूषण मिश्र ने बताया कि 43 साल बाद अमनौर फिर से इस प्रतिष्ठित आयोजन की मेजबानी कर रहा है। वर्ष 1982 में अखिल भारतीय भोजपुरी साहित्य सम्मेलन का 7वां संस्करण यहां भव्य रूप से आयोजित किया गया था, जिसकी यादें आज भी लोगों के मन में ताज़ा हैं। इस बार आयोजन समिति उसी भव्यता को दोबारा साकार करने की तैयारी में जुटी है और टीम लगातार कार्यरत है। सम्मेलन के महामंत्री एवं भीमराव अंबेडकर बिहार विश्वविद्यालय मुजफ्फरपुर के भोजपुरी विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. जय कुमार सिंह जय ने बताया कि वैदिक काल से लेकर आधुनिक समय तक भोजपुरी भाषा में आए परिवर्तनों पर विशेष गोष्ठी का आयोजन होगा। साथ ही, भोजपुरी भाषा के विकास तथा इसे संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल कराने की रणनीति का भी निर्धारण किया जाएगा। स्वागत सचिव मनोज कुमार सिंह ने बताया कि उद्घाटन से जुड़ी सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और कार्यक्रम को ऐतिहासिक और भव्य स्वरूप देने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने लोगों से इस महत्वपूर्ण आयोजन में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की। कार्यक्रम की तैयारी और प्रबंधन को लेकर स्थानीय लोगों में खासा उत्साह है। प्रेस वार्ता के दौरान सांसद प्रतिनिधि राकेश सिंह, भाजपा नेता धर्मेंद्र साह, मेयर पद की पूर्व प्रत्याशी चांदनी प्रकाश सहित कई पदाधिकारी और गणमान्य लोग मौजूद रहे।