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जमीन विवाद में गोलियों की तड़तड़ाहट! अलवर में महिला की मौत, कई घायल

अलवर अलवर जिले के नोगावा थाना क्षेत्र के मुबारिकपुर के रायसिख बॉस में जमीन विवाद को लेकर बड़ा झगड़ा हो गया। झगड़े के दौरान एक पक्ष के लोगों ने खुलेआम फायरिंग की। इस फायरिंग में गोली लगने से चरण सिंह की पत्नी दीपो बाई के जबड़े में गोली लग गई, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना में कुल छह लोग घायल हुए हैं। इनमें से पांच लोगों को नोगावा में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। वहीं एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल है, जिसे गंभीर हालत में रेफर किया गया, लेकिन यह घायल अलवर के किस अस्पताल में ले जाया गया है, इसका अभी पता नहीं चल पाया है। इस मामले में मृतक महिला दीपो बाई के बेटे कुलदीप सिंह ने पुलिस थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। रिपोर्ट के अनुसार, तीन बीघा जमीन को लेकर जंगीर सिंह और उसके पक्ष के लोग लगातार धमकी दे रहे थे। आज सुबह करीब 20-25 लोग हथियारों से लैस होकर उनके घर पहुंचे और हमला कर दिया। ये सभी लोग लाठी-डंडों और बंदूकों से लैस थे और उन्होंने इन हथियारों का खुलकर उपयोग किया। इसी दौरान जंगीर सिंह ने बंदूक से फायर किया, जिससे दीपो बाई के जबड़े में गोली लग गई। घटना के बाद पूरे गांव में भारी तनाव फैल गया। तनाव की स्थिति को देखते हुए नोगावा, बगड़ तिराहा, रामगढ़ एमआईए और लक्ष्मणगढ़ थानों की पुलिस को भी मौके पर बुलाया गया, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना न हो। फिलहाल पूरे गांव में पुलिस तैनात कर दी गई है। उधर, पुलिस ने मृतक महिला दीपो बाई का पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया है।

खरमास 14 जनवरी तक: दिसंबर के बाद अब फरवरी में ही बंधेंगे शादी के बंधन

भोपाल  देव उठनी एकादशी के बाद से शुरू हुए वैवाहिक सीजन में अब इस साल सिर्फ आधा दर्जन मुहूर्त ही शेष बचे हैं। नवंबर और 5 दिसंबर तक शादियों के गिने चुने मुहूर्त में मांगलिक कार्य हो सकेंगे, लेकिन इसके बाद शुक्र गृह अस्त और खरमास की वजह से शादियां अब सीधे फरवरी माह में ही हो सकेंगी। शादियों के कुछ मुहूर्त ही शेष होने से बाजार में खरीदी के लिए लोगों की भीड़ नजर आ रही है। देवउठनी एकादशी के बाद वैवाहिक सीजन विलंब से शुरू होने से इस बार विवाह के कम मुहूर्त ही थे। विवाह में 5 दिसंबर से रोक, सीधे फरवरी में होगी शादियां ज्योतिषाचार्य पं. रामगोविंद शास्त्री के अनुसार नवंबर माह में 29,30 और दिसंबर में 1,4,5 दिसंबर ही विवाह के लिए शुभ मुहूर्त हैं। कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की देव उठनी एकादशी के दिन श्रीहरि विष्णु के चार माह की निद्रा से जागने के बाद मांगलिक कार्यों की शुरुआत होती है। इस बार 16 नवंबर को सूर्य के तुला राशि से निकलकर गोचर के बाद करने के बाद शुद्ध वैवाहिक मुहूर्त शुरू हुए, लेकिन खरमास और शुक्र गृह के अस्त होने से जनवरी में शादियां नहीं होंगी।इस दौरान भी विवाह, गृह प्रवेश, नामकरण आदि मांगलिक कार्य पर विराम लगता है। इसके बाद विवाह के मुहूर्त 4 फरवरी के बाद से शुरू होंगे।   जनवरी में नहीं होंगी शादियां, साल 2026 में 59 शुभ मुहूर्त वर्ष 2025 में शादियों के लिए विवाह के कुल 75 मुहूर्त थे। इनमें से 50 मुहूर्त से अधिक मुहूर्त जनवरी से जून के बीच थे। इसके बाद जुलाई से अक्टूबर से चातुर्मास के चलते कोई विवाह मुहूर्त नहीं थे। बात अगर 2026 की करें तो इसमें 59 विवाह का मुहूर्त हैं। इस अनुसार यह वर्ष भी वैवाहिक आयोजन के लिए अनुकूल माना जा रहा है।जनवरी को छोड़ दिया जाए तो फरवरी में 12 दिन शुभ मुहूर्त पर विवाह होंगे। इसके बाद मार्च में नौ, अप्रैल-मई में आठ-आठ, जून में सात और जुलाई में चार दिन विवाह मुहू्र्त रहेंगे। इसके बाद नवंबर में चार और दिसंबर में सात दिन विवाह होंगे। 14 जनवरी तक रहेगा खरमास 16 दिसंबर को सूर्य देव धनु राशि में प्रवेश करने जा रहे हैं, जिससे खरमास की शुरुआत हो जाएगी। वहीं खरमास का समापन 14 जनवरी 2026 को होने जा रहा है। ऐसे माना जाता है कि इस दौरान किए गए शुभ कार्यों में देवगुरु बृहस्पति और सूर्य देव की कृपा प्राप्त नहीं होती, जिससे उस कार्य से शुभ परिणाम नहीं मिलते। ऐसे में इस दौरान विवाह, मुंडन और गृह प्रवेश आदि जैसे कार्य करने की मनाही होती है। विवाह के लिए ग्रहों की शुभता आवश्यक माना गया है। शुक्र अस्त होने के कारण भी शादियां नहीं होती हैं।

स्टॉक ब्रोकिंग प्लेटफॉर्म पर SEBI की कार्रवाई, 7 दिन के लिए लगाया प्रतिबंध

 नई दिल्‍ली शेयर मार्केट रेग्‍युलेटरी सेबी ने स्टॉक ब्रोकर प्रभुदास लीलाधर प्राइवेट लिमिटेड पर तगड़ा एक्‍शन लिया है. सेबी-रजिस्‍टर्ड स्टॉक ब्रोकर प्रभुदास लीलाधर प्राइवेट लिमिटेड पर 15 दिसंबर, 2025 से सात दिनों के लिए नए ग्राहकों को जोड़ने पर प्रतिबंध लगा दिया है. यह बैन सेबी और एक्‍सचेंजों के संयुक्‍त न‍िरीक्षण के बाद लगाया गया है, जिसमें जांच के समय क्‍लाइंट फंड मैनेज, सेटलमेंट और मार्जिन रिपोर्टिंग में कई खामियां पाई गई थीं.  यह मामला 2 नवंबर से 8 नवंबर, 2022 के बीच की गई जांच में 1 अप्रैल, 2021 से 31 अक्टूबर, 2022 तक के संचालन में पाया गया.जांच अधिकारियों ने पाया कि तीन नमूना डेट पर ब्रोकर का कैलकुलेशन किया गया, जिसमें कुल वैल्‍यू निगेटिव थी. इसमें कुल 2.70 करोड़ रुपये की कमी थी. सेबी ने कहा कि यह कमी क्लाइंट फंड के दुरुपयोग का संकेत है.  नियामक ने स्टॉक ब्रोकर को कस्‍टमर्स के अकाउंट का निपटान न करने के लिए भी फटकार लगाई. आदेश में विस्तार से बताया गया है कि 1,200 से ज्‍यादा कस्‍टमर्स के फंड सेटलमेंट अनिवार्य तिमाही या मासिक समय-सीमा के भीतर नहीं किया गया. जांच में क्‍या-क्‍या निकला?  सेबी का आदेश ग्रॉस-वैल्‍यू के निष्कर्षों से कहीं आगे जाता है. नियामक ने पाया कि ग्राहकों के चालू खातों का निपटान नहीं हुआ, 1283 नॉन-ट्रेडिंग कस्‍टमर्स (तिमाही) के कुल 36 लाख रुपये के फंड का समय पर निपटान नहीं किया गया,  677 मासिक गैर-व्यापारिक मामलों की राशि 2.85 करोड़ रुपये थी और तीन ट्रेडिंग कस्‍टमर्स तिमाही मामलों में 39 लाख रुपये शामिल थे.     इसके अलावा, ऑपरेशन संबंधी कमियों में दिन के अंत (EOD) और पीक मार्जिन की गलत रिपोर्टिंग भी शामिल थी. निरीक्षण में पाया गया कि ब्रोकर ने एक्सचेंज को ऐसे मार्जिन की जानकारी दी थी, जो वास्तव में वसूले ही नहीं गए थे और एक मामले में पीक मार्जिन का कलेक्‍शन कम हुआ था. कस्‍टमर्स पर जुर्माने का बोझ डाला साथ ही ब्रोकर को क्लियरिंग कॉर्पोरेशन द्वारा एडवांस मार्जिन की कम वसूली के लिए लगाए गए जुर्माने का बोझ अपने कस्‍टमर्स पर डालने का दोषी पाया गया. सेबी ने दोहराया कि सदस्यों को 'किसी भी परिस्थिति में' अपफ्रंट मार्जिन की कम वसूली के कारण क्लियरिंग कॉर्पोरेशन द्वारा लगाए गए जुर्माने का बोझ ग्राहकों पर डालने की अनुमति नहीं है.  ब्रोकर प्‍लेटफॉर्म ने क्‍या कहा?  प्रभुदास लीलाधर ने अपनी दलील में कहा कि कथित खामियां 'तकनीकी और प्रक्रियात्मक थीं, जानबूझकर नहीं' और कई गलतियों के लिए मैनुअल या लिपिकीय गलतियां जिम्मेदार हैं. ब्रोकर ने यह भी तर्क दिया कि वह अलग-अलग न्यायिक कार्यवाही में पहले ही 11 लाख रुपये का जुर्माना भर चुका है और नए कारोबार पर प्रतिबंध से उसकी प्रतिष्ठा और कर्मचारियों के मनोबल को स्‍थायी नुकसान होगा.  हालांकि सेबी के चीफ जनरल मैनेजर एन. मुरुगन ने कहा कि अतिरिक्त ब्रोकरेज की छोटी मात्रा और निरीक्षण के बाद सुधारात्मक कदम जैसे कारकों पर विचार किया गया, लेकिन उन्होंने ब्रोकर को दायित्व से मुक्त नहीं किया है. 

जर्जर स्टेडियमों पर चला सरकार का डंडा, खेल गतिविधियों पर रोक; आधुनिक सुविधाओं संग होगा करोड़ों का कायाकल्प

पंचकूला  हरियाणा में खिलाड़ियों की मौत के बाद सरकार सख्त हो गई है। प्रदेश में किसी भी स्टेडियम या खेल मैदान की दशा ‘कंडम’ पाई गई तो वहां खेलने व अभ्यास की अनुमति नहीं दी जाएगी। हाल ही में दो खिलाड़ियों की दर्दनाक मौतों ने कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।  वहीं पंचकूला स्थित ताऊ देवीलाल स्टेडियम में समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए खेल राज्यमंत्री गौरव गौतम ने बताया कि प्रदेशभर में स्टेडियमों और खेल परिसरों के उन्नयन, मरम्मत और पुनर्विकास के लिए 114 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि तीन महीनों में मैदानों की तस्वीर बदल दी जाएगी।

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सुबह-सुबह बस स्टैंड पर मारा छापा! दंग रह गए कर्मचारी

मोहाली पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा आज सुबह 4 बजे कुराली बस स्टैंड पर अचानक छापा मारा गया। इस दौरान उन्होंने बस स्टैंड की साफ-सफाई, सुविधाओं और ट्रांसपोर्ट सेवाओं का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री मान को अचानक पहुंचे देख कई अधिकारी और कर्मचारी भी हैरान रह गए। बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री मान बिना किसी सुरक्षा और काफिले के अकेले ही बस स्टैंड पहुंचे। यहां उन्होंने मौके पर मौजूद यात्रियों से बातचीत भी की। 

रामदेव की पतंजलि को कोर्ट की फटकार: मिलावटी घी मामले में कार्रवाई, कंपनी ने दी सफाई

देहरादून योग गुरु बाबा रामदेव की कंपनी पतंजलि पर गाय का घटिया घी बेचने का आरोप लगा है। इसके लिए कोर्ट के आदेश पर पतंजलि घी के निर्माता और वितरक पर कुल 1.40 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। हालांकि, पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड इस पर सफाई देते हुए इस आदेश को त्रुटिपूर्ण तथा विधि-विरुद्ध है। उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में पतंजलि घी के सैंपल फेल होने पर अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट कोर्ट ने पतंजलि घी के निर्माता, वितरक और खुदरा विक्रेता पर राज्य और सेंट्रल लैब में घी के सैंपल फेल होने के बाद क्रमशः 1.25 लाख और 15,000 रुपये का जुर्माना लगाया है। पिथौरागढ़ के सहायक खाद्य सुरक्षा आयुक्त आरके शर्मा ने न्यूज एजेंसी वार्ता को बताया, "एडीएम पिथौरागढ़ की अदालत में तीनों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा अधिनियम की धारा 46/4 के तहत मामला दर्ज किया गया था, जिसने 19 नवंबर को फैसला सुनाया, जिसकी कॉपी हमें आज मिली।" शर्मा के अनुसार, अक्टूबर 2020 में घी के सैंपल एकत्र किए गए और रुद्रपुर स्थित राज्य खाद्य प्रयोगशाला में भेजे गए, जहां सैंपल फेल रहे। इसके बाद व्यापारियों ने सितंबर 2021 में केंद्र सरकार की प्रयोगशाला से टेस्ट कराने का अनुरोध किया, जहां सैंपलों को 2022 में फेल घोषित किया गया। पिथौरागढ़ के सहायक खाद्य सुरक्षा आयुक्त ने कहा, "उसके बाद उस समय हमारे खाद्य सुरक्षा अधिकारी दिलीप कुमार जैन को 17 फरवरी, 2022 को एसडीएम कोर्ट में मामला दर्ज करने का आदेश दिया गया था, जिसका फैसला इसी महीने 19 नवंबर को आया। कोर्ट के आदेश पर क्या बोली पतंजलि पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड की ओर से शुक्रवार को अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म 'एक्स' पर इसको लेकर स्पष्टीकरण जारी किया गया है। बयान में कहा गया, कि एक यह स्पष्टीकरण मीडिया रिपोर्ट से हमारे संज्ञान में आए खाद्य सुरक्षा विभाग, पिथौरागढ़ द्वारा 20 अक्टूबर 2020 को खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत लिए गए पतंजलि गाय का घी के नमूने के संदर्भ में मुकदमा और न्यायालय द्वारा संबंधित आदेश के विषय में है।‌ यह आदेश निम्नलिखित कारणों से त्रुटिपूर्ण तथा विधि-विरुद्ध है: 1.रेफरल प्रयोगशाला NABL से गाय के घी के परीक्षण के लिए मान्यता प्राप्त नहीं थी, इसलिए वहां किया गया परीक्षण कानून की दृष्टि से स्वीकार्य नहीं है। यह हास्यास्पद और घोर आपत्तिजनक है कि एक सब-स्टैंडर्ड लैब ने पतंजलि के सर्वश्रेष्ठ गाय के घी को सब-स्टैंडर्ड बताया है। 2.जिन पैरामीटरों के आधार पर नमूना असफल घोषित किया गया, वे उस समय लागू ही नहीं थे, इसलिए उनका प्रयोग करना विधिक रूप से गलत है। 3.दोबारा परीक्षण सैंपल की एक्सपायरी डेट बीत जाने के बाद किया गया, जो कानून के अनुसार अमान्य है। कोर्ट ने इन सभी प्रमुख तर्कों पर विचार किए बिना प्रतिकूल आदेश पारित किया है, जो विधि की दृष्टि से सही नहीं है। इस आदेश के विरुद्ध फूड सेफ्टी ट्राइब्यूनल में अपील दायर की जा रही है, और हमें पूर्ण विश्वास है कि ट्राइब्यूनल के समक्ष हमारे पक्ष के ठोस आधारों पर यह मामला हमारे पक्ष में निर्णयित होगा। वैसे भी इस फैसले में कहीं भी पतंजलि गाय का घी उपयोग के लिए हानिकारक नहीं बताया गया है। सिर्फ घी में RM Value के मानक से नाम-मात्र का अंतर पाया जाना ही स्पष्ट किया गया है। यह RM Value घी में volatile fatty acid (जो घी के गर्म करने पर उड़नशील होता है) का लेवल बताता है। यह प्राकृतिक प्रक्रिया है। इससे घी की गुणवत्ता पर कोई असर नहीं होता। जैसे शरीर में नाम-मात्र का हीमोग्लोबिन के अंतर प्राकृतिक होता है। यह RM Value का मानक पशुओं के आहार और जलवायु आदि के आधार पर क्षेत्रीय स्तर पर भिन्न-भिन्न होता है। यहां तक कि सरकारी नियामक संस्था FSSAI भी इस RM Value को बदलती रहती है। कभी क्षेत्रीय आधार पर अलग-अलग RM Value का प्रावधान तो कभी राष्ट्रीय स्तर पर एक RM Value निश्चित किया जाता रहा है। पतंजलि पूरे देश से कड़े मानदंडों और जांच के आधार पर दूध एवं गाय का घी एकत्र करके राष्ट्रीय स्तर पर विक्रय करती है।  

चीटिंग अफवाहों के बीच स्मृति–पलाश का इंस्टाग्राम बायो बदलाव, मचा हंगामा

मुंबई स्मृति मंधाना और पलाश मुच्छल की शादी टलने के बाद फैली अफवाहों पर दोनों ने पहली बार अप्रत्यक्ष प्रतिक्रिया दी है। कई दिनों की चुप्पी के बाद दोनों ने अपने इंस्टाग्राम बायो में एक जैसा इमोजी जोड़ दिया, जिसके बाद सोशल मीडिया पर चर्चाओं का दौर और तेज हो गया है। फैंस इसे उनकी रिश्ते की स्थिति पर संकेत के तौर पर देख रहे हैं। इंस्टाग्राम बायो में क्या बदलाव दिखा? 28 नवंबर 2025 को फैंस ने देखा कि स्मृति और पलाश ने अपने-अपने इंस्टाग्राम बायो में एक ही इमोजी जोड़ा है। दोनों की तरफ़ से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन यह छोटा सा बदलाव फैंस के बीच बड़े संकेत की तरह गूंज रहा है। कई लोग इसे रिश्ते में "अब भी एकजुट रहने" का संकेत मान रहे हैं, जबकि कुछ इसे सोशल मीडिया पर बढ़ते दखल के प्रति उनकी ‘साइलेंट रिप्लाई’ बता रहे हैं। शादी क्यों टली? खबरों के मुताबिक दोनों की शादी 23 नवंबर 2025 को तय थी, लेकिन समारोह तभी टाल दिया गया जब स्मृति मंधाना के पिता श्रीनिवास मंधाना की अचानक तबीयत खराब हो गई। बताया गया कि शादी वाले दिन सुबह उन्हें दिल के दौरे जैसे लक्षण दिखे और तुरंत अस्पताल ले जाया गया। इसी वजह से दोनों परिवारों ने शादी को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया। इसके समानांतर ही सोशल मीडिया पर बिना पुष्टि वाली अफवाहें फैलीं कि शादी से एक दिन पहले पलाश मुच्छल ने कथित तौर पर धोखा दिया। एक महिला के वायरल स्क्रीनशॉट्स ने इस विवाद को और बढ़ा दिया। पलाश ने इन आरोपों पर अब तक सीधी टिप्पणी नहीं की है। स्मृति ने भी अपने इंस्टाग्राम से सगाई और प्री-वेडिंग तस्वीरें हटा दीं, जिससे चर्चाएं और तेज हो गई। कोरियोग्राफर की प्रतिक्रिया से शांत हुआ कुछ विवाद इस विवाद में कोरियोग्राफर गुलनाज़ खान और उनकी सहकर्मी नंदिका द्विवेदी का नाम भी उछाला गया, जिसके बाद गुलनाज़ ने बयान जारी कर स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि किसी के साथ तस्वीर होना या सोशल रिश्ते होना, किसी व्यक्तिगत संबंध की पुष्टि नहीं करता। गुलनाज़ ने अफवाहों का खंडन करते हुए लोगों से गलत जानकारी न फैलाने की अपील की। उनके बयान के बाद कई फैंस ने अफवाहों को गंभीरता से लेना कम कर दिया।  

नई गाइडलाइन दरों को लेकर चैंबर ऑफ कॉमर्स ने वित्त मंत्री से किया अहम सुझाव

रायपुर छत्तीसगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के एक प्रतिनिधिमंडल ने आज प्रदेश के वित्त मंत्री ओपी चौधरी से मुलाकात की. इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व चैंबर के अध्यक्ष सतीश थौरानी ने किया. बैठक के दौरान, चैंबर ने प्रदेश में लागू नई गाइडलाइन दरों और अचल संपत्ति के पंजीयन शुल्क से जुड़ी तकनीकी चुनौतियों पर अपने सुझाव वित्त मंत्री के समक्ष रखे. चैंबर ने सुझाव दिया कि अचल संपत्तियों के मूल्यांकन और शुल्क निर्धारण की प्रक्रिया को इस प्रकार संशोधित किया जाए, जिससे आवासीय खरीददारों, उद्यमियों, व्यापारिक संस्थाओं और रियल एस्टेट क्षेत्र से जुड़े सभी वर्गों को राहत मिले. इसके साथ ही, इन बदलावों के जरिए राज्य में निवेश और व्यापारिक गतिविधियों को और अधिक सुगम बनाने का प्रस्ताव रखा गया. सतीश थौरानी ने कहा कि वित्त मंत्री ने चैंबर के सुझावों को गंभीरता से सुना और सकारात्मक प्रतिक्रिया दी. उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि सभी सुझावों पर विभागीय स्तर पर गहन विचार-विमर्श और अध्ययन किया जाएगा. इस बैठक में चैंबर के कई प्रमुख सदस्य भी उपस्थित थे, जिनमें सलाहकार तिलोकचंद बरडिया, कार्यकारी अध्यक्ष राधाकृष्ण सुंदरानी, राजेश वासवानी, जसप्रीत सिंह सलूजा, जितेन्द्र शादीजा, मनीष प्रजापति, राकेश वाधवानी, जतिन नचरानी, हरचरण सिंह साहनी, और अमित गोयल प्रमुख रूप से शामिल थे.

आंसू छलकते रहे, अरविंद केजरीवाल ने नहीं सुनवाई: राजेश गुप्ता ने AAP छोड़ BJP में शामिल

नई दिल्ली दिल्ली आम आदमी पार्टी (आप) को बड़ा झटका लगा है. दिल्ली के पार्टी उपाध्यक्ष, राष्ट्रीय प्रवक्ता और विधानसभा की याचिका एवं अनुमान समिति के पूर्व अध्यक्ष राजेश गुप्ता ने भाजपा का दामन थाम लिया है. गुप्ता AAP के कर्नाटक प्रभारी भी थे, ने शुक्रवार को भाजपा मुख्यालय में औपचारिक रूप से सदस्यता ली. यह कदम दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजों के बाद AAP के कई नेताओं के पलायन का हिस्सा लग रहा है. बीजेपी में शामिल होने के बाद गुप्ता ने कहा, ‘आप ने अपनी मूल विचारधारा से भटककर भ्रष्टाचार में डूब गई है. भाजपा के साथ विकास और राष्ट्रवाद की राह पर चलेंगे.’ भाजपा नेता बैजयंत पांडा ने उनका स्वागत करते हुए कहा, ‘आप का ‘आपदा’ अब भाजपा की ताकत बनेगा.’

बेचने के इरादे से लाई गई अवैध धान खेप, मक्का बाड़ी में पुलिस ने रोकी तस्करी

 गरियाबंद सरकारी समर्थन मूल्य पर प्रदेश में हो रही धान खरीदी के बीच पड़ोसी राज्यों से अवैध रूप से धान खपाने का क्रम जारी है. इस कड़ी में अमलीपदर पुलिस ने 611 कट्टा धान के साथ ट्रक को जब्त किया है. देर रात मुखबिर से मिली सूचना पर कार्रवाई करते हुए अमलीपदर पुलिस ने कांडेकेला के मक्का बाड़ी में डंप धान और ट्रक को जब्त किया. ट्रक में 415 बोरी डंप के साथ बाड़ी में डंप 196 बोरी धान को जब्त किया गया है, जिसकी कीमत साढ़े सात लाख रुपए आंकी गई है. इसके पहले भी पुलिस ने धान से भरे आधा दर्जन वाहन जब्त कर चुकी है.