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पंजाब में सड़क क्रांति! मान सरकार 44,920 किमी सड़कें बनाएगी, 16,000 करोड़ का मेगा प्रोजेक्ट

चंडीगढ़  पंजाब में इस समय गांवगांव में डामर की खुशबू उठती है, JCB की आवाज़ खेतों के पार तक सुनाई देती है, ट्रैक्टरों पर गिट्टी और रोलरों की लय जैसे पंजाब का नया राग बनी हुई है. मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सड़कों को राजनीति का शो-पीस नहीं, जनता के हक़ का विकास बनाया है. 19,373 किलोमीटर ग्रामीण सड़कों पर काम पहले से चल रहा था, और अब इस रफ्तार को बढ़ाकर पंजाब को एक ही सांस में 44,920 किलोमीटर सड़क नेटवर्क पर खड़ा करने का लक्ष्य रखा गया है. यह घोषणा नहीं, पूरा रोडमैप है, जो जमीन पर बिछता हुआ दिखाई देता है. पंजाब सरकार ने सिर्फ ठेके नहीं दिए, खेल के नियम बदल दिए. टेंडर के बदले कमीशन की पुरानी राजनीति को एक झटके में हटाकर कहा- सड़क अच्छी बनाओ, पैसा समय पर मिलेगा, लेकिन हेराफेरी की तो पंजाबी में कहावत है, एक भीठ, एक ठोक. और यह चेतावनी डंडा नहीं बनी, व्यवस्था बन गई. फ्लाइंग स्क्वायड बनाया गया, जिसका काम सड़क की गहराई, मोटाई, बिटुमेन की शुद्धता, सब कुछ वहीं पर जांचना है. वीडियो किसी गांव से उठती है, और सरकार के कदम सीधे उस जगह पहुँचते हैं. पहले सिस्टम शिकायत बाद में सुनता था, अब सिस्टम शिकायत आने से पहले सतर्क रहता है. जांच पड़ताल के बाद काम हो रहा कई जगह मटेरियल घटिया निकला, टेंडर रद्द हुए, अधिकारियों को निलंबित किया गया. एक खाला बिना मसाले के दीवार जैसा खड़ा किया जा रहा था, खबर सरकार तक पहुँची तो उसी वक्त काम रुकवा दिया गया. ठेकेदार का कॉन्ट्रैक्ट कैंसल, निर्माण का नया आदेश. यह पहली बार हुआ है कि ठेकेदार दो बार सोचता है, सड़क बनानी है या सजा लेनी है. और जब ज़िम्मेदारी ठेकेदार पर हो, जब जनता निरीक्षक हो, जब मुख्यमंत्री वादा नहीं चेतावनी दे, तब सड़क की उम्र खुद मजबूत हो जाती है. यहां निर्माण के साथ पांच साल की मरम्मत की जिम्मेदारी भी ठेकेदार पर ही है, ताकि सड़क साल दो साल में थक न जाए. गांवों में सरपंच अब सिर्फ पंचायत नहीं, सड़क का गारंटर है. सड़क अच्छी लगी तो वह हस्ताक्षर करेगा, तभी सरकार भुगतान करेगी. जनता वीडियो भेज दे, मटेरियल घटिया निकला तो मान सरकार उसी फुटेज पर कार्रवाई कर देती है. यह विकास का ऐसा मॉडल है जिसमें जनता वही नहीं, वह सुपरीक्षक है, और सरकार उसके साथ है. कोई कागज़ी प्रोजेक्ट नहीं, आंखों के सामने पिघलता डामर, धूप में काली चमकती सड़क और सफ़ेद चूने की लाइनें- यही असली रिपोर्ट कार्ड है. पंजाब को नई दिशा देने का अभियान तरनतारन साहिब में 17 अक्टूबर को 19,000 किलोमीटर सड़कों का उद्घाटन सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं था, यह पंजाब के अगले दशक की दिशा थी. मंडी बोर्ड, PWD, नगर निगम, नगर परिषदें — सब अलगअलग रास्तों पर नहीं, एक बड़े लक्ष्य की ओर चल रही हैं. पंजाब का विकास अब किताबों में नहीं, गूगल मैप पर दिख रहा है. ट्रेडर को माल पहुंचाने में घंटों की बचत होती है, किसान की फसल समय पर मंडी पहुंचती है, गांव का लड़का शहर में नौकरी पर उसी दिन लौट सकता है, एम्बुलेंस अटकती नहीं, गड्ढे नहीं, रफ्तार है. सड़कें पंजाब के आत्मविश्वास की नई परिभाषा बन रही हैं. राजनीति में भाषण बहुत हुए, योजनाएं बहुत आईं, लेकिन जो इस वक्त हो रहा है, वह एक रिकॉर्ड लिख रहा है. यह काम विपक्ष भी देख रहा है, कार्यकर्ता भी, गांव का बुजुर्ग भी और शहर का व्यापारी भी. मगर सबसे ज्यादा यह बात जनता समझ रही है कि यह सिर्फ विकास नहीं, विकास की भाषा का बदलाव है. यहां घोषणा नहीं, ज़मीन पर चलती मशीनें बोल रही हैं. पंजाब के नक्शे पर डामर की ये काली लंबी लकीरें कल की नहीं, आज की गवाही हैं. और कहानी इतनी सी है, सड़कें अब सिर्फ बन नहीं रहीं, टिक भी रही हैं. 

मोहन भागवत का तीखा सवाल: एक शब्द का अंग्रेजी अनुवाद नहीं बता पाए लोग!

नई दिल्ली  आरएसएस चीफ मोहन भागवत ने मातृ भाषाओं के इस्तेमाल पर चिंता जताते हुए कहा कि बहुत सारे ऐसे भी भारतीय हैं जिन्हें अपनी भाषा ही नहीं आती है। नागपुर में एक पुस्तक के विमोचन के मौके पर उन्होने कहा कि हमारी भाषायी विरासत का क्षय हो रहा है। भागवत ने कहा, एक समय था जब रोजामर्रा के जीवन में सारा संचार संस्कृत में होता था। अब हाल यह है कि अमेरिका के प्रोफेसर हमें संस्कृत पढ़ाते हैं। उन्होंने कहा कि भाषायी चेतना को लेकर हमें आत्ममंथन करने की जरूरत है।   भागवत ने कहा कि बहुत सारे बच्चे आज अपनी ही भाषा के शब्द नहीं जानते हैं और वे अंग्रेजी का मिश्रण करके भाषा का इस्तेमाल करते हैं। उन्होंने कहा, मैं अंग्रेजी माध्यम वाली शिक्षा को दोष नहीं दे रहा हूं लेकिन कम से कम अपनी भाषा को भी तो जानना चाहिए। अगर हम अपने घरों में भी अपनी भाषा बोलें तो भी हमें उसके बारे में पूरी जानकारी हो जाएगी। उन्होंने कहा कि संत ज्ञानेश्वर ने भगवद्गीता को मराठी में प्रचारित किया। भागवत ने कहा, दिक्कत यह है कि अंग्रेजी के शब्द भावों की गहराई को पकड़ नहीं पाते हैं और ऐसे में विचारों का प्रकटीकरण कमजोर पड़ जाता है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि कल्पवृक्ष के लिए अंग्रेजी में तरह-तरह के शब्द लिखे जाते हैं लेकिन कोई भी शब्द उसका असली अर्थ नहीं बता सकता है। आप इसे अंग्रेजी में कैसे अनुवादित करेंगे। ऐसे में विदेशी भाषाएं हमारी संस्कृति की गहराई तक नहीं पहुंच सकती हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय भाषाओं को सीखने और मजबूत करने की जरूरत है। भागवत ने कहा कि भारत का दर्शन कहता है कि विविधता में भी एकता होनी चाहिए। एक दिन पहले भागवत ने कहा था कि हात्मा गांधी का यह विचार कि ब्रिटिश शासन से पहले भारतीयों में एकता का अभाव था, औपनिवेशिक शिक्षा से प्रेरित एक गलत विमर्श है। भागवत ने नागपुर में राष्ट्रीय पुस्तक महोत्सव में कहा, ‘‘गांधीजी ने (अपनी पुस्तक) हिंद स्वराज में लिखा है कि अंग्रेजों के आने से पहले हम एकजुट नहीं थे, लेकिन यह उनके द्वारा हमें सिखाई गई झूठी कहानी है।’’ गांधीजी द्वारा 1908 में गुजराती में लिखी गई और 1909 में उनके द्वारा अंग्रेजी में अनुवादित ‘हिंद स्वराज’ में 20 अध्याय हैं और यह पाठक और एक सम्पादक के बीच बातचीत की शैली में लिखा गया है। भागवत ने कहा कि भारत की 'राष्ट्र' की अवधारणा प्राचीन और पश्चिमी व्याख्याओं से मूलतः भिन्न है।  

पारिवारिक रिश्तों में दरार: जेठ और बहू का अफेयर बना मौत का कारण? डेम में शव मिलने से हड़कंप

बालाघाट रामपायली थाना के अंतर्गत ग्राम सालेबर्डी में सनसनी फैली गई, जब जेठ-बहू के शव नाले पर बने डेम में पाए गए। इसकी जानकारी जैसे ही लोगों को मिलते गई वहां लोगों की भीड़ जमा हो गई। रामपायली पुलिस ने सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचकर शव बरामद कर जांच पड़ताल शुरू कर दी है। बताया गया कि शनिवार की शाम से ही ये दोनों घर से लापता थे और रविवार को सुबह येरवाटोला के डेम से उनका शव पुलिस ने बरामद किया है। बताया जा रहा हैं कि उन दोनों के बीच प्रेम प्रसंग था। यह हत्या है या फिर आत्महत्या यह पुलिस जांच उपरांत ही कहा जा सकता है। महिला का नाम सीमा पति अजय राहंगडाले 40 वर्ष और प्रकाश पिता रोशनलाल राहंगडाले 45 वर्ष ग्राम सालेबर्डी निवासी है।   देर रात दोनों को येरवाटोला में देखा गया था जानकारी के अनुसार, प्रकाश राहंगडाले नल जल मिशन के कार्य में ठेकेदार के पास सुपरवाइजर का काम करता रहता था। शनिवार को प्रकाश और सीमा दोनों घर से लापता थे। बताया जा रहा है कि देर रात को येरवाटोला में देखा गया था। ग्रामीणों ने रविवार सुबह येरवाटोला के नाले पर बने डेम किनारे में बाइक, चप्पल दिखाई दिए। डेम में देखा गया तो महिला और पुरुष के शव दिखाई दिए। जिसके बाद ग्रामीणों का हुजूम लग गया। पुलिस को जानकारी दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने डेम में डूबे शव को बरामद किया। जहां पहचान प्रकाश राहंगडाले और सीमा राहंगडाले के रूप में हुई। जहां शव मिला वहां अधिक पानी नहीं था। ग्रामीणों ने कहा कि दोनों शनिवार से लापता थे। दोनों एक ही परिवार के हैं और आपस में जेठ और बहू का रिश्ता हैं। येरवाटोला रोड़ में डेम में दोनों का शव पाया गया हैं। बताया गया कि कीटनाशक की एक बोतल भी मिली है।  

चलती ट्रेन दो फाड़! समय रहते रुकी गाड़ी, पटना–आरा रूट पर टला बड़ा हादसा

आरा बिहार के आरा जिले में उस वक्त हड़कंप मच गया जब तेज रफ्तार से दौड़ रही बेंगलुरु स्पेशल ट्रेन (03241) पटना-आरा-डीडीयू रेलखंड पर दो हिस्सों में टूट गई। घटना कारीसाथ रेलवे स्टेशन के ठीक पास हुई। इंजन सहित आगे के कई डिब्बे काफी दूर तक चले गए, जबकि बाकी कोच ट्रैक पर ही रुक गए। चलती ट्रेन का कपलिंग टूटा, मच गई चीख-पुकार दानापुर से बेंगलुरु जा रही 03241 एसएमवीबी स्पेशल ट्रेन जैसे ही आरा स्टेशन से खुलकर पूरी स्पीड पकड़ चुकी थी, तभी कारीसाथ के पास अचानक दो कोचों के बीच का कपलिंग ब्रेक हो गया। आगे का हिस्सा इंजन के साथ तेजी से आगे बढ़ता चला गया, जबकि पीछे का पूरा हिस्सा अचानक रुक गया। डिब्बों में बैठे सै यात्रियों में भगदड़ मच गई। कई लोग चीखने-चिल्लाने लगे। अप लाइन ठप, कई ट्रेनें घंटों खड़ी रहीं इस हादसे से पटना-पंडित दीनदयाल उपाध्याय (मुगलसराय) अप लाइन पूरी तरह बंद हो गई। दर्जनों ट्रेनें जहां-तहां खड़ी हो गईं। रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी और तकनीकी टीम तुरंत मौके पर पहुँची। इंजन को पीछे लाकर बचे हुए डिब्बों से दोबारा जोड़ा गया। करीब ढाई-तीन घंटे की मशक्कत के बाद लाइन को क्लियर किया जा सका। अच्छी बात ये रही कि कोई हताहत नहीं हुआ सबसे बड़ी राहत की बात ये रही कि कपलिंग टूटने के बावजूद ट्रेन पटरी से नहीं उतरी और कोई यात्री घायल नहीं हुआ। रेलवे ने इसे “तकनीकी खराबी” बताया है और पूरी घटना की उच्चस्तरीय जाँच के आदेश दे दिए गए हैं।

घने कोहरे की चपेट में उत्तर भारत, आईएमडी ने शीतलहर के तीव्र होने का अलर्ट किया जारी

कश्मीर उत्तर भारत में सर्दी का असर तेज हो गया है। कश्मीर से लेकर राजस्थान तक तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है, जबकि हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भी आने वाले दिनों में ठंड और बढ़ने  की संभावना है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने शनिवार को बुलेटिन में देशभर की मौसम स्थिति और आगामी सप्ताह के पूर्वानुमान जारी किए हैं। कश्मीर घाटी इस समय कड़ाके की ठंड से जूझ रही है। बादल छाने से कई स्थानों पर रात के तापमान में मामूली सुधार हुआ है, लेकिन न्यूनतम पारा अब भी हिमांक से नीचे बना हुआ है। शुक्रवार रात दक्षिण कश्मीर के पुलवामा जिले के कोनीबाल में तापमान माइनस 6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो घाटी का सबसे ठंडा स्थान रहा। श्रीनगर में न्यूनतम तापमान माइनस 3.1 डिग्री सेल्सियस रहा, जो एक दिन पहले के माइनस 4.5 डिग्री की तुलना में थोड़ा अधिक है। काजीगुंड में पारा माइनस 3.4, कुपवाड़ा में माइनस 4.9, कोकरनाग में माइनस 1.6, पहलगाम में माइनस 5.2 और गुलमर्ग में माइनस 1.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। घाटी के अधिकांश हिस्सों में सुबह घना कोहरा छाया रहा, खासकर झीलों और नदी किनारे के क्षेत्रों में। आईएमडी ने 10 दिसंबर तक कश्मीर में मौसम शुष्क रहने का अनुमान लगाया है। 1 से 5 दिसंबर के बीच बादल बढ़ सकते हैं और तापमान में और गिरावट की संभावना है। राजस्थान : शुष्क मौसम जारी, तापमान में और गिरावट की भविष्यवाणी राजस्थान में पिछले कुछ दिनों से शुष्क मौसम बना हुआ है। जयपुर मौसम केंद्र के अनुसार शेखावाटी क्षेत्र (झुंझुनू, सीकर, चुरू) में तापमान 8-9 डिग्री तक गिर चुका है। राज्य के अधिकांश हिस्सों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से ऊपर है, लेकिन अगले तीन दिनों में 2-3 डिग्री की और गिरावट की संभावना है। 2 से 4 दिसंबर के बीच शेखावाटी में रात का पारा 4-5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जिससे ठिठुरन बढ़ेगी। उत्तराखंड : पाला-कोहरे का दौर जारी रहेगा उत्तराखंड में भी तापमान में गिरावट जारी है। उत्तरकाशी, पिथौरागढ़, चमोली और रुद्रप्रयाग के ऊंचाई वाले हिस्सों में पारा लगातार शून्य के आसपास पहुंच रहा है। मैदानों में खासकर हरिद्वार, उधम सिंह नगर सुबह कोहरा घना रहेगा। आईएमडी ने 30 नवंबर से 4 दिसंबर के बीच राज्य में शीतलहर जैसे हालात बनने की चेतावनी दी है। उत्तर भारत में अधिकतर राज्यों में मौसम शुष्क रहेगा आईएमडी के अनुसार अगले 7-10 दिनों में उत्तर भारत में अधिकतर राज्यों में मौसम शुष्क रहेगा। तापमान में क्रमिक गिरावट होगी, मैदानी इलाकों में कोहरे की स्थिति गंभीर होगी, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और पश्चिम यूपी में धुंध का असर तेज होगा। दिल्ली-एनसीआर में रात का तापमान धीरे-धीरे कम होगा और सुबह के समय दृश्यता प्रभावित हो सकती है। जम्मू : धूप, लेकिन ठंड बरकरार कश्मीर में जहां तेज पाला पड़ रहा है, वहीं जम्मू में दिन में धूप खिली रही। अधिकतम तापमान 23 डिग्री और न्यूनतम 10 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। सुबह-शाम ठंडक तेज है, जबकि रात में हल्का कोहरा छा रहा है। पूर्वोत्तर, मध्य व दक्षिण भारत का मौसम पूर्वोत्तर राज्यों असम, मणिपुर, मेघालय, अरुणाचल में हल्की बारिश के आसार हैं। मध्य भारत (एमपी, छत्तीसगढ़) में रातें ठंडी होंगी, लेकिन दिन में धूप निकलने से थोड़ी राहत रहेगी। दक्षिण भारत में तापमान सामान्य रहेगा, हालांकि तटीय क्षेत्रों में कहीं-कहीं हल्की बारिश की संभावना है। हिमाचल प्रदेश: ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बर्फबारी के आसार आईएमडी के अनुसार हिमाचल प्रदेश में दिन और रात के तापमान में लगातार गिरावट हो रही है। लाहौल-स्पीति, किन्नौर और चंबा के ऊपरी इलाके कड़ाके की ठंड की चपेट में हैं। कई स्थानों पर न्यूनतम तापमान हिमांक से नीचे है। अगले एक सप्ताह तक प्रदेश में मुख्यतः शुष्क मौसम, कुछ ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बर्फबारी की संभावना जताई गई है। 1 से 4 दिसंबर के बीच उच्च पर्वतीय भागों में ठंड और बढ़ सकती है, जबकि मैदानी इलाकों में सुबह-शाम धुंध घनी रहने की आशंका है।  

IAS संतोष वर्मा को ‘बरी’ करने वाले न्यायाधीश पर संकट, सरकार कर सकती है बड़ी कार्रवाई

इंदौर  ब्राह्मण बेटियों पर असभ्य टिप्पणी करने वाले विवादित आइएएस अधिकारी (IAS) व मध्य प्रदेश अनुसूचित जाति-जनजाति अधिकारी कर्मचारी संघ (अजाक्स) के अध्यक्ष संतोष वर्मा पर दर्ज फर्जीवाड़ा केस की फाइल खुल गई है। इस मामले में पुलिस एक न्यायाधीश पर कड़ी कार्रवाई कर सकती है। पुलिस ने हाई कोर्ट की अनुमति के बाद न्यायाधीश से पूछताछ के लिए 50 सवालों की सूची तैयार की है। फर्जी आदेश दिखाकर पदोन्नति का रास्ता साफ किया दरअसल वर्मा ने कूटरचित न्यायालय आदेश के जरिए आइएएस कैडर में पदोन्नति प्राप्त की थी। उनके खिलाफ एक महिला ने शारीरिक शोषण का मुकदमा दर्ज कराया था। इसी मामले में उन्होंने बरी होने का फर्जी आदेश दिखाकर आइएएस कैडर में पदोन्नति का रास्ता साफ किया था। मामला खुला तो इसमें स्पेशल जज विजेंद्र सिंह रावत की भूमिका भी संदिग्ध मिली। तब उनका तबादला कर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया था।   हाई कोर्ट ने विधि अनुसार कार्रवाई की अनुमति दी मामला हाई कोर्ट में चल रहा था। चार वर्ष पुराने इस केस में पुलिस अभी तक हाई कोर्ट की अनुमति का इंतजार कर रही थी। एसीपी विनोद दीक्षित ने हाई कोर्ट से मिली अनुमति की पुष्टि करते हुए कहा है कि कोर्ट ने पुलिस के प्रतिवेदन पर विधि अनुसार कार्रवाई की अनुमति दे दी है। न्यायाधीश का निलंबन हुआ तो एसआइटी सक्रिय हुई न्यायालय का फर्जी आदेश बनाए जाने के मामले में जांच में पता चला था कि मास्टरमाइंड स्वयं न्यायाधीश विजेंद्र सिंह रावत हो सकते हैं जो वर्ष 2021 में जिला कोर्ट में पदस्थ रहे हैं। संदेह के आधार पर हाई कोर्ट ने उनका तबादला कर दिया, लेकिन गिरफ्तारी की अनुमति नहीं दी। न्यायाधीश को नोटिस जारी कर बुलाया जाएगा उच्च स्तरीय कमेटी की रिपोर्ट के बाद हाल ही में विवादित न्यायाधीश का निलंबन हुआ तो पुलिस की एसआइटी सक्रिय हुई और अग्रिम कार्रवाई की अनुमति मांगी। हाई कोर्ट ने 20 नवंबर को विधि अनुसार कार्रवाई करने की हरी झंडी दे दी। जांच में शामिल एक अफसर के अनुसार न्यायाधीश को नोटिस जारी कर बुलाया जाएगा। गौरतलब है कि वर्मा को भी चार वर्ष पूर्व इसी तरह बुलाकर गिरफ्तार किया था। हार्ड डिस्क रिकवर करवाने पर मिले फर्जी फैसले के सबूत पुलिस को जांच की शुरुआत से ही न्यायाधीश पर शक था। पुलिस ने उनकी कोर्ट से कंप्यूटर जब्त किया तो फैसला डिलीट मिला। हार्ड डिस्क जब्त कर फोरेंसिक लैब में जांच करवाई गई। हार्ड डिस्क में दो फैसले मिले, जिसमें एक राजीनामा और दूसरा बरी का बनाया गया था। न्यायाधीश ने खुद को छुट्टी पर बताया था, लेकिन मोबाइल टावर लोकेशन निकालने पर कोर्ट में ही उनकी मौजूदगी मिली। इसके बाद साक्ष्य एकत्र हो गए। पुलिस को वर्मा की चैटिंग से भी अहम सबूत मिला है। वर्मा को एक अन्य मजिस्ट्रेट ने न्यायाधीश के पास भेजा था। उसकी वर्मा से लेनदेन संबंधित चैटिंग हो रही थी। जय युवा आदिवासी संगठन संतोष वर्मा के समर्थन में आया जय युवा आदिवासी संगठन (जयस) संतोष वर्मा के समर्थन में आया है। जयस प्रमुख लोकेश मुजाल्दा ने बताया कि उनका संगठन और अजाक्स की तरफ से संतोष वर्मा के पक्ष में रविवार को इंदौर में कलेक्टर के नाम ज्ञापन दिया जाएगा, जिसमें संतोष वर्मा को शासन की ओर से दिया गया नोटिस वापस लेने की मांग की जाएगी। इधर, जयस के संरक्षक विधायक डॉ. हीरालाल अलावा ने कहा उनके संगठन के नाम से ही मिलता-जुलता एक अन्य संगठन भी है। इस संगठन से उनका कोई लेना देना नहीं है। उन्होंने कहा कि संतोष वर्मा का बयान असभ्य है जो अस्वीकार है।  

तरनतारन में हंगामा: कंचनप्रीत की गिरफ्तारी पर पूरी रात कोर्ट में बहस, तड़के 4 बजे बाहर आईं

चंडीगढ़  जिला अदालत तरनतारन में पूरी रात चली सुनवाई के बाद न्यायिक मजिस्ट्रेट पंकज वर्मा ने रविवार तड़के कानचनप्रीत कौर को पुलिस हिरासत से रिहा करने का आदेश दिया। सुबह 4 बजे सुनाया गया फैसला अकाली नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच खुशी की लहर लेकर आया। क्षेत्र के प्रमुख अकाली नेता, जिनमें विरसा सिंह वाल्टोहा भी शामिल थे, कानचनप्रीत के साथ मौजूद रहे। कानचनप्रीत ने अदालत के फैसले पर खुशी जताई और न्यायपालिका पर अपना विश्वास दोहराया। इससे पहले, उन्हें शुक्रवार को चबल थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया था। कानचनप्रीत कौर, शिरोमणि अकाली दल (एसएडी) नेता सुखविंदर कौर रंधावा की बेटी हैं, जिन्होंने हाल ही में तरनतारन विधानसभा उपचुनाव लड़ा था, हालांकि उन्हें विजय नहीं मिली। फिर भी, चुनाव में सुखविंदर का प्रदर्शन उत्साहजनक रहा और एसएडी दूसरे स्थान पर रही, जिससे आगामी विधानसभा चुनावों के लिए पार्टी की स्थिति मजबूत हुई। पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के आदेश पर पुलिस को निर्देश दिया गया था कि वे शनिवार को कानचनप्रीत को न्यायिक हिरासत में सौंपें और रात 8 बजे तक उनके वकीलों के जिला अदालत पहुंचने का इंतजार करें। इसी बीच, राज्य सरकार ने भी महाधिवक्ता कार्यालय से अपने वकीलों की नियुक्ति के लिए एक आवेदन दिया, जिसके बाद बहस का आरंभ रात 10 बजे हो सका। कार्यवाही रात 2 बजे तक चली और सुबह 4 बजे उनकी रिहाई का आदेश जारी किया गया। एसएडी नेताओं ने कानचनप्रीत की गिरफ्तारी की निंदा करते हुए इसे राजनीतिक प्रतिशोध करार दिया। नेताओं का तर्क था कि यह गिरफ्तारी एक निर्दोष महिला को निशाना बनाने की दुर्भावनापूर्ण कार्रवाई है, जो पंजाबियों की गरिमा पर चोट है। कंचनप्रीत शिअद नेता सुखविंदर कौर रंधावा की बेटी हैं जो हाल में तरन तारन विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में आम आदमी पार्टी (आप) के उम्मीदवार से हार गई थीं। उपचुनाव के दौरान कथित धमकी से जुड़े एक मामले में कंचनप्रीत को पुलिस ने शुक्रवार को गिरफ्तार किया। मामला 11 नवंबर को तरन तारन के चभल थाने में दर्ज किया गया था।   सुनवाई के दौरान पुलिस ने कंचनप्रीत की 10 दिन की पुलिस हिरासत का अनुरोध किया था। शिअद नेतृत्व ने इसे आप सरकार की ‘‘राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित'' मामला बताया है। मामला शुरू में अमृतपाल सिंह बाथ के खिलाफ दर्ज किया गया था। बाथ पर शिकायतकर्ता पधरी कलां निवासी गुरप्रीत कौर को वोट देने के लिए धमकाने का आरोप था। हालांकि, कंचनप्रीत का नाम 27 नवंबर को प्राथमिकी में दर्ज किया गया। उन पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 174 (लोकसेवक के आदेश का पालन नहीं करना), 351(2) (आपराधिक धमकी), 351(3) (गुमनाम संदेश भेजकर आपराधिक धमकी) और 111 (संगठित अपराध) के तहत मामला दर्ज किया गया है। कंचनप्रीत पर पहले ही चुनाव से जुड़े चार मामले दर्ज हैं, जिनमें उन्हें अग्रिम जमानत मिल चुकी है। इस मामले में याचिकाकर्ता एवं अकाली दल के विधि प्रकोष्ठ के प्रमुख अर्शदीप सिंह क्लेर ने शनिवार को कंचनप्रीत की गिरफ्तारी के खिलाफ पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की और उनकी गिरफ्तारी को गैर-कानूनी बताया। सरकारी वकील चंचल के सिंगला ने याचिकाकर्ता के वकील की दलीलों का विरोध करते हुए कहा कि प्राथमिकी पहले ही दर्ज हो चुकी है। इस बीच, आम आदमी पार्टी (आप) की पंजाब इकाई के महासचिव बलतेज पन्नू ने आरोप लगाया कि कंचनप्रीत के पति अमृतपाल सिंह बाथ एक गैंगस्टर हैं और अकाली दल इस बात को जानबूझकर छिपा रहा है। उन्होंने एक बयान में कहा कि शिअद नेतृत्व इसे अकाली नेता की बेटी की गिरफ्तारी के तौर पर क्यों पेश कर रहा है। उन्होंने कहा कि पार्टी इस ‘‘तथ्य को छिपा रही है'' कि वह एक गैंगस्टर की पत्नी है। पन्नू ने प्रश्न किया कि उपचुनाव के दौरान कंचनप्रीत के पति द्वारा मतदाताओं को डराए-धमकाए जाने की बात को अकाली दल क्यों छिपा रहा है।

बॉलीवुड को बड़ा झटका: मशहूर अभिनेता ने 80 साल में दुनिया को कहा अलविदा

बेंगलुरु बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र के निधन की खबर से फिल्म जगत अब तक उभरा भी नहीं था कि इसी बीच एक और बड़ी दुखद खबर सामने आई है। एक ओर फेमस एक्टर ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया है। उनके निधन के बाद पूरी इंडस्ट्री में शोक की लहर दौड़ गई है। दरअसल, कन्नड़ फिल्मों के मशहूर कॉमेडी एक्टर ‘मैसूर’ श्रीकांतय्या उमेश (एमएस उमेश) का रविवार, 30 नवंबर को बेंगलुरु में निधन हो गया। वे 80 वर्ष के थे। इस बीमारी से लड़ रहे थे अभिनेता जानकारी के मुताबिक, एमएस उमेश पिछले कई महीनों से कैंसर से जूझ रहे थे। करीब छह दशक तक कन्नड़ फिल्म इंडस्ट्री में सक्रिय रहने वाले इस दिग्गज अभिनेता का स्वास्थ्य कुछ समय से लगातार बिगड़ रहा था, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। कई दिनों से उमेश किदवई अस्पताल में भर्ती थे, आज सुबह करीब 8:30 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। कई हिट फिल्मों में दिया शानदार योगदान एमएस उमेश ने अपने करियर में कई लोकप्रिय फिल्मों में काम किया, जिनमें ‘गोलमाल राधाकृष्ण’ और ‘कथा संगम’ प्रमुख हैं। वे कन्नड़ फिल्म उद्योग में अपने बेहतरीन कॉमेडी टाइमिंग के लिए जाने जाते थे। उनके निधन की खबर सामने आने के बाद फिल्म इंडस्ट्री के कई कलाकारों, निर्माताओं और राजनीतिक नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। 

कोहली ने लिखी नई क्रिकेट गाथा—52वां शतक लगाकर सचिन का महारिकॉर्ड ध्वस्त

रांची  भारत के स्टार क्रिकेटर विराट कोहली अपने करियर के उस फेज हैं, जब भी वह मैदान पर उतरते हैं तो रिकॉर्ड्स बनते और टूटते हैं। कुछ ऐसा ही रविवार को साउथ अफ्रीका के खिलाफ पहले वनडे में भी देखने को मिला। कोहली ने रांची के मैदान पर 102 गेंदों में 100 रन कंप्लीट किए और कीर्तिमानों की झड़ी लगा दी। यह उनके वनडे करियर का 52वां शतक था। कोहली ने हैरतअंगेज इतिहास रच डाला है। वह एक फॉर्मेट में सबसे ज्यादा शतक सेंचुरी जमाने वाले वाले खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर का महारिकॉर्ड तोड़ डाला है। सचिन ने अपने करियर में टेस्ट फॉर्मेट में 51 शतक जड़े।   बता दें कि कोहली 2023 में सचिन को पछाड़कर वनडे क्रिकेट में सबसे ज्यादा शतक मारने वाले क्रिकेटर बन थे। सचिन ने वनडे में 49 सेंचुरी लगाईं। 37 वर्षीय कोहली ने सचिन का एक और ध्वस्त किया है। साउथ अफ्रीका के खिलाफ वनडे मैचों में सबसे ज्यादा सेंचुरी लगाने वाले भारतीय प्लेयर बन गए हैं। वह अभी तक 32 मैचों में 6 शतक लगा चुके हैं। वहीं, महान बल्लेबाज सचिन ने साउथ अफ्रीका के विरुद्ध 57 वनडे मैचों में पांच शतक ठोके थे। इसके अलावा, कोहली घरेलू मैदान पर वनडे में सबसे ज्यादा पचास प्लस स्कोर बनाने वाले खिलाड़ी बन चुके हैं। उन्होंने साथ ही घर पर 100 बार पचास प्लस स्कोर बनाने का कारनामा अंजाम दिया है।

छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने किया जिलाध्यक्षों का बड़ा फेरबदल, नई सूची जारी

रायपुर अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) ने छत्तीसगढ़ के सभी जिला और शहर अध्यक्षों की नई सूची जारी कर दी है। एआईसीसी महासचिव के.सी. वेणुगोपाल के हस्ताक्षर से जारी इस सूची में कुल 41 जिलों/शहरों के लिए नए अध्यक्षों की घोषणा की गई है। संगठन में नई ऊर्जा लाने और आगामी चुनावी तैयारियों को मजबूती देने के उद्देश्य से कई जिलों में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। नई सूची के अनुसार— बलौद से श्री चन्द्रेश कुमार हिरवानी बलोदाबाजार से स्मृति सुमित्रा घृतलहरे जांजगीर-चांपा से श्री राजेश अग्रवाल सक्ती जिले से श्रीमती रश्मि गाभेल रायगढ़ सिटी से श्री शख़ा यादव रायगढ़ ग्रामीण से श्री नागेन्द्र नेगी रायपुर सिटी से श्री श्रीकुमार शंकर मेनन रायपुर ग्रामीण से श्री राजेन्द्र पप्पू बंजारे राजनांदगांव सिटी से श्री जितेन्द्र उदय मुदलियार राजनांदगांव ग्रामीण से श्री विपिन यादव इसके अलावा बस्तर, बिलासपुर, दुर्ग, जशपुर, कोरिया, सूरजपुर, सुकमा, नारायणपुर, धमतरी सहित लगभग सभी जिलों में नए अध्यक्ष नियुक्त किए गए हैं। कांग्रेस संगठन का मानना है कि यह नई नियुक्तियां जमीनी स्तर पर पार्टी की पकड़ को मजबूत करेंगी। नई टीम को आगामी राजनीतिक कार्यक्रमों, जनसंपर्क अभियानों और संगठन विस्तार की जिम्मेदारी सौंपी गई है। सूची जारी होते ही प्रदेश कांग्रेस कार्यकर्ताओं में उत्साह देखा जा रहा है, वहीं कुछ जिलों में नए चेहरों को लेकर चर्चा तेज हो गई है। नई जिलाध्यक्ष सूची के साथ ही कांग्रेस ने यह संकेत भी दे दिया है कि आने वाले महीनों में संगठनात्मक स्तर पर और भी बड़े बदलाव संभव हैं।