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आज का राशिफल 2 दिसंबर: सभी 12 राशियों के लिए दिन कैसा रहेगा, पढ़ें पूरी भविष्यवाणी

मेष 2 दिसंबर के दिन आज किसी भी अवसर को हाथ से न जाने दें। अपने करियर के बेहतरीन पलों पर फोकस रखें। पैसों के मामले में आप महत्वपूर्ण डिसीजन लेने में अच्छे हैं। जो लोग किसी रिलेशन में हैं, उनके लिए आज की एनर्जी पार्टनर के साथ आपके रिश्ते में फिर से रोमांस जगा सकती है। वृषभ 2 दिसंबर के दिन ऑफिस में खुशनुमा और उत्पादक जीवन जिएं। वित्तीय समृद्धि आज के दिन की विशेषता रहेगी। स्वास्थ्य अच्छा है। अगर आप आज डेट पर नहीं जा रहे हैं तो ज्यादा स्ट्रेस न लें। मेंटल हेल्थ पर गौर करें। मिथुन 2 दिसंबर के दिन प्रोफेशनल सफलता भी मिल सकती है। समृद्धि के कारण आप समझदारी से फाइनेंशियल इन्वेस्टमेंट कर सकते हैं। आज स्वास्थ्य भी अच्छा रहेगा। रिश्ते में प्यार के नए पहलू तलाशें। कर्क 2 दिसंबर के दिन बेहतर परिणाम प्राप्त करने के लिए ऑफिस में नई जिम्मेदारियां लें। वित्तीय स्थिति अच्छी है और निवेश पर विचार कर सकते हैं। अपने पार्टनर की गुड क्वालिटीज पर फोकस करें, जिससे आपका रिलेशन मजबूत बना रहेगा। सिंह 2 दिसंबर के दिन पैसों का मैनेजमेंट समझदारी से करें। आज कोई बड़ी बीमारी भी आपको परेशान नहीं करेगी। आपको परेशानियां पसंद हैं क्योंकि वे आपको मजबूत बनाती हैं। प्रेम-संबंधी समस्याओं को सुलझाएं। कन्या 2 दिसंबर के दिन मुश्किल परिस्थितियों पर गौर करें। छिपी हुई जानकारी खोजने में आपका कौशल इस समय विशेष रूप से फायदेमंद साबित होगा। उन पदों के बारे में सोचें, जिनके लिए रिसर्च, योजना या अन्य लोगों के साथ काम करने की आवश्यकता होती है। तुला 2 दिसंबर के दिन आपका प्रेम जीवन अधिक गंभीर हो सकता है। ऐसी नौकरी के बारे में सोचें, जिनमें समस्या-समाधान, प्रोडक्ट या स्वास्थ्य देखभाल की आवश्यकता होती है।सिंगल लोग दफ्तर या जिम में अपनी डेट से मिल सकते हैं। वृश्चिक 2 दिसंबर के दिन समृद्धि के कारण आप समझदारी भरे पैसों से जुड़े डिसीजन ले सकते हैं। आज आपका स्वास्थ्य भी अच्छा रहेगा। आप अपने साथी को संतुष्ट और खुश रखने के लिए प्रेम संबंधों में समस्याओं का समाधान करेंगे। धनु 2 दिसंबर के दिन सफल पेशेवर जीवन का आनंद लें। वित्तीय स्थिति भी अच्छी रहेगी। लव के मामले में आज आपको अपने पार्टनर की अच्छे से केयर करनी चाहिए। प्रोफेशनल रूप से अपनी योग्यता साबित करने के लिए ऑफिस में चुनौतियों पर विजय पाएं। मकर 2 दिसंबर के दिन आर्थिक रूप से निवेश के अवसर मिल सकते हैं। अपने जीवन की वास्तविकता पर ध्यान केंद्रित करें। अपने काम की गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए ठोस बदलाव करें। कपल्स को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि वे एक हेल्दी लाइफस्टाइल पाने की दिशा में काम करें। कुंभ 2 दिसंबर के दिन अपने पाचन और सामान्य स्वास्थ्य की स्थिति पर ध्यान दें। अपने करियर में आगे बढ़ने के लिए दफ्तर में अवसरों का लाभ उठाएं। अपने पार्टनर के साथ टाइम बिताते हुए प्रेमी को खुश रखें। मीन 2 दिसंबर के दिन सिंगल लोग ऑफिस पर संभावित पार्टनर से मिल सकते हैं। पेशेवर जीवन के दबाव से बचने बचने के लिए जरूरी एक्टिविटी करें। आज इमोशनल संतुलन को प्रभावित करने वाले पिछले मुद्दों से निपटने का एक अच्छा समय है।

कंगना रनौत का संदेश विपक्ष को—जनहित में सदन को बाधित न करें

नई दिल्ली  लोकसभा का शीतकालीन सत्र हंगामे के साथ शुरू हुआ और सोमवार को कई बार स्थगित कर दिया गया। विपक्ष ने सदन में एसआईआर और प्रदूषण के मुद्दे पर जमकर हंगामा किया। अब भाजपा सांसद कंगना रनौत ने विपक्ष से अपील की है कि वे सदन की कार्यवाही को सही तरीके से चलने दें। लोकसभा की कार्यवाही स्थगित होने के बाद कंगना रनौत ने मीडिया से बात करते हुए कहा, "पहले तो हमें खुशी है कि शीत सत्र शुरू हो चुका है, लेकिन हम विपक्ष से अपेक्षा करते हैं कि वे सदन को चलने दें। अगर सदन चलने देंगे तो ज्यादा बिल पेश हो पाएंगे, ज्यादा डिस्कशन हो पाएगा, लेकिन देखते हैं कि वे आगे सदन चलने देते हैं या ऐसे ही हुडदंग मचाते हैं।" एसआईआर पर भाजपा सांसद दामोदर अग्रवाल ने कहा, "एसआईआर चुनाव आयोग की एक प्रक्रिया है, जो एक स्वतंत्र संवैधानिक संस्था है। एसआईआर का मामला न्यायालय के अधीन है। क्या संसदीय प्रक्रियाओं के तहत सदन में ऐसे मुद्दों पर चर्चा हो सकती है?" उन्होंने आगे कहा कि बिहार चुनाव के दौरान उन्हें एक भी मतदाता ऐसा नहीं मिला, जिसने ये कहा हो कि उनका नाम मतदाता सूची से काट दिया गया है। एसआईआर के जरिए तो लोगों के साथ जोड़ने का काम हो रहा है। बता दें कि पीएम मोदी ने भी सत्र शुरू होने से अपील की थी कि विपक्ष सदन की प्रक्रिया को अच्छे से चलने दें। उन्होंने कहा था कि चाहे कोई भी पार्टी हो, हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि नई पीढ़ी के सांसदों और पहली बार संसद में चुनकर आए लोगों को सार्थक अवसर मिलें। यह शीतकालीन सत्र राष्ट्र को और भी तेज गति से आगे ले जाने के हमारे प्रयासों को नई ताकत देगा। उन्होंने आगे कहा कि संसद देश के लिए क्या करने वाली है, इस मुद्दों पर केंद्रित होनी चाहिए। विपक्ष भी अपना दायित्व निभाए और ऐसे मुद्दे उठाए जो कुछ लोगों के लिए हों। वे अपनी पराजय की निराशा से बाहर आएं, लेकिन दुर्भाग्य है कि एक-दो दल तो ऐसे हैं जो अपनी पराजय भी नहीं पचा पाते हैं। बता दें कि संसद का शीतकालीन सत्र 1 दिसंबर से शुरू होकर 19 दिसंबर तक चलने वाला है। सरकार इस बार कई महत्वपूर्ण विधेयकों को सदन में पास कराना चाहती है। इसमें एटॉमिक एनर्जी, दिवाला कानून बिल, राष्ट्रीय राजमार्ग और सिक्योरिटीज मार्केट समेत कई विधेयक शामिल हैं।

चुनावी संकट गहराया: जमात का दावा—बांग्लादेश में स्वतंत्र मतदान पर खतरा

ढाका  बांग्लादेश में अगले साल होने वाले चुनाव से पहले राजनीतिक गलियारे में हलचल तेज है। यूनुस की अंतरिम सरकार के आने के बाद से देश में राजनीतिक संकट गहराया हुआ है। देश के अलग-अलग हिस्सों से हिंसा और विरोध के मामले सामने आ रहे हैं। हालात ऐसे हैं कि अब तो यूनुस के समर्थक भी बगावत पर उतर आए हैं। दरअसल, कट्टरपंथी इस्लामी पार्टी जमात-ए-इस्लामी ने फरवरी 2026 के चुनाव की निष्पक्षता पर शक जताया है। राजशाही जिले में आठ इस्लामी पार्टियों की एक रैली को संबोधित करते हुए, जमात नेता मिया गुलाम पोरवार ने कहा कि सभी पार्टियां आने वाले चुनाव में हिस्सा लेने के लिए सहमत हो गई हैं। हालांकि, चुनाव की स्वतंत्रता और निष्पक्षता पर सवाल अभी भी बना हुआ है। खुलना कोर्ट गेट पर हुई हत्याओं को लेकर जमात नेता पोरवार ने कहा, "जिस देश में कोर्ट के सामने हत्याएं हो सकती हैं, वहां इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि ऐसे प्रशासन के तहत पोलिंग स्टेशनों पर वोटिंग में धांधली या हत्याएं नहीं होंगी।" रविवार को मेट्रोपॉलिटन सेशंस जज कोर्ट के बाहर दो लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। किसी खास पार्टी का नाम लिए बिना, जमात नेता ने कहा कि जमात की बैठकें, अभियान और सभाओं के दौरान एक समूह ने हमले, मारपीट और तोड़फोड़ किए, जिसमें महिलाओं पर भी हमले शामिल हैं। इसके साथ ही मुहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाते हुए, पोरवार ने कहा, "अगर अधिकारी ऐसे हमलों को नहीं रोक सकते, तो उनकी देखरेख में हुए चुनाव निष्पक्ष नहीं हो सकते। सबको बराबर मौका नहीं दिया गया है। कई अधिकारियों की पोस्टिंग में चुपके से हेरफेर करके प्रशासन से समझौता किया गया है, जिससे एक पार्टी को फायदा हो रहा है।" जमात नेता ने कहा कि चुनाव से पहले, हर पार्टी को बराबर मौका मिलना चाहिए। यह जरूरी है। इस बीच, द बिजनेस स्टैंडर्ड ने बताया कि बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) ने आरोप लगाया है कि एक राजनीतिक दल बीएनपी और देश दोनों के खिलाफ साजिश कर रही है। रविवार को ढाका में एक कार्यक्रम में बोलते हुए, बीएनपी स्टैंडिंग कमेटी के सदस्य मिर्जा अब्बास ने जमात पर सीधे तौर पर निशाना साधते हुए कहा, “उन्हें देश और विदेश के साथियों का समर्थन है और वे इस देश के लोगों को एक अनिश्चित भविष्य की ओर धकेलने की कोशिश कर रहे हैं। वे लोगों के साथ ही हमारी माताओं-बहनों को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं।”

60% वैश्विक वैक्सीन उत्पादन और 20% से अधिक जेनेरिक दवाइयों का निर्यात—भारत की दवा शक्ति पर बोले जयशंकर

नई दिल्ली  भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर बायोलॉजिकल वेपन्स कन्वेंशन (बीडब्लूसी) 50 कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने वैश्विक स्वास्थ्य संकट के दौरान भारत की भूमिका के बारे में बताया। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि भारत दुनिया के 60 फीसदी वैक्सीन बनाता है और 20 फीसदी जेनेरिक दवाइयां सप्लाई करता है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा, "मैं आज आपसे कुछ बातों पर गौर करने की गुजारिश करता हूं, एक, भारत दुनिया की 60 फीसदी वैक्सीन बनाता है। दो, भारत दुनिया की 20 फीसदी से ज्यादा जेनेरिक दवाइयां सप्लाई करता है, और अफ्रीका की 60 फीसदी जेनेरिक दवाइयां भारत से आती हैं। तीन, भारत में लगभग 11,000 बायोटेक स्टार्टअप हैं, जो 2014 में सिर्फ 50 थे।  अब यह दुनिया भर में तीसरा सबसे बड़ा बायोटेक स्टार्टअप इकोसिस्टम है। चार, डिजिटल हेल्थ में बड़ी तरक्की के साथ हमारा हेल्थकेयर इन्वेस्टमेंट तेजी से बढ़ा है। पांच, हमारा रिसर्च नेटवर्क: आईसीएमआर, डीबीटी लैब्स, एडवांस्ड बीएसएल-3 और बीएसएल-4 सुविधाएं, वे कई तरह के जैविक खतरों का पता लगा सकते हैं और उनका जवाब दे सकते हैं।" उन्होंने कहा कि भारत के मजबूत प्राइवेट सेक्टर ने इसे आगे बढ़ाया है। इसने प्रोडक्शन बढ़ाने, दबाव में इनोवेट करने और ग्लोबल आउटरीच मैनेज करने की क्षमता दिखाई है। कोविड-19 महामारी के दौरान, भारत ने वैक्सीन मैत्री शुरू किया। वैक्सीन मैत्री का मतलब है वैक्सीन फ्रेंडशिप, जिसे हमने वसुधैव कुटुम्बकम की भावना से शुरू किया और 100 से ज्यादा कम विकसित और कमजोर देशों को लगभग 300 मिलियन वैक्सीन डोज और मेडिकल मदद दी। इनमें से कई मुफ्त थीं।  इसका संदेश साफ था कि जब इतने बड़े स्वास्थ्य संकट का सामना करना पड़ता है, तो एकजुटता जान बचाती है। भारत हमेशा एक भरोसेमंद वैश्विक साझेदार रहेगा। उन्होंने कहा कि भारत एक जिम्मेदार अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सदस्य के रूप में, संवेदनशील और दोहरे उपयोग वाले सामान और तकनीक के प्रसार को रोकने के लिए प्रतिबद्ध है और इस मामले में हमारा एक अच्छा रिकॉर्ड है। भारत ऐसे सामान और तकनीक के निर्यात को नियंत्रित करता है, जो परमाणु, जैविक, रासायनिक या अन्य विनाशकारी हथियारों के विकास में उपयोग हो सकते हैं। भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 1540 को लागू करने के लिए एक मजबूत कानूनी और नियामक प्रणाली स्थापित की है। यह प्रस्ताव सामूहिक विनाश के हथियारों के प्रसार को रोकने और उनके विकास के लिए सामग्री और तकनीक के निर्यात को नियंत्रित करने के लिए है। उन्होंने कहा कि अब, भारत न सिर्फ बीडब्ल्यूसी और सीडब्ल्यूसी की बहुपक्षीय संधियों का एक पार्टी है, बल्कि तीन बहुपक्षीय मुख्य एक्सपोर्ट कंट्रोल रिजीम, वासेनार अरेंजमेंट, मिसाइल टेक्नोलॉजी कंट्रोल रिजीम और ऑस्ट्रेलिया ग्रुप (एजी) का भी एक सक्रिय सदस्य है। ऑस्ट्रेलिया समूह इस कॉन्फ्रेंस के लिए सबसे जरूरी है क्योंकि यह दोहरे उपयोग वाले केमिकल्स, जैविक सामग्री (बायोलॉजिकल मटीरियल) और उससे जुड़ी चीजों पर नियंत्रण से जुड़ा है। इस साल ऑस्ट्रेलिया समूह की 40वीं वर्षगांठ है और हमें खुशी है कि एजी के लोग हमारे साथ हैं।

सर्दी में बीमारी से बचना है जरूरी? डॉक्टर गिरीश बंसल की ये 5 सलाह रखें याद

चंडीगढ़ जाने माने एम डी मैडिसन डॉक्टर गिरीश बंसल ने कहा है कि बढ़ती सर्दी में केवल सुबह की धूप में सैर ही लाभकारी है।शाम की सैर का ठंड और प्रदूषण के बढ़ने से परहेज करना चाहिए। डॉक्टर गिरीश डी वाई मेडिकल कॉलेज पूना से एम बी बी एस व एम डी मैडिसन करने के बाद 32 मेडिकल कॉलेज में रेजिडेंट डॉक्टर के रूप में कार्य किया है। वर्तमान में पंचकूला नागरिक हॉस्पिटल में कार्यरत हैं। सर्दियों में एम डी मैडिसन डॉक्टर गिरीश बंसल की सलाह है कि ठंड से बचें, पौष्टिक भोजन करें और हाइड्रेटेड रहें। नियमित व्यायाम करें, लेकिन सुबह जल्दी सैर करने से बचें, खासकर अगर आपको दिल या फेफड़ों की बीमारी है; इसके बजाय हल्की धूप में या शाम को टहलें। यदि कोई भी बीमारी के लक्षण दिखें, तो डॉक्टर से तुरंत सलाह लें, खासकर अगर वे बढ़ जाएं।  डॉक्टर गिरीश बंसल का कहना है कि गर्म कपड़े पहनें,हाइड्रेटेड रहें और त्वचा को सूखने से बचाएं।आहार में विटामिन डी के लिए धूप का आनंद लें और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए पौष्टिक व मौसमी खाद्य पदार्थ खाएं। सूखे मेवे जैसे बादाम, अखरोट और किशमिश फायदेमंद होते हैं।नियमित रूप से व्यायाम करें लेकिन बहुत सुबह और बहुत ठंडे समय में बाहर जाने से बचें। अगर आपको कोई बीमारी है तो डॉक्टर की सलाह के बाद ही व्यायाम शुरू करें। हर रात 7-9 घंटे की पर्याप्त नींद लें और तनाव को नियंत्रित करने के लिए ध्यान या गहरी सांस लेने जैसी तकनीकों का उपयोग करें। बीमार लोगों से दूर रहें, हाथ बार-बार धोएं और चेहरे को छूने से बचें। यदि डॉक्टर सलाह दें तो फ्लू का टीका लगवाएं।  डॉक्टर गिरीश बंसल का कहना है कि दिल के रोगी: ठंड में विशेष ध्यान रखें। डॉक्टर की सलाह के बिना दवा बंद न करें और सामान्य से ज़्यादा खाने से बचें। श्वसन संबंधी समस्या वाले मरीज़ अस्थमा, सीओपीडी, आदि सुबह बहुत जल्दी बाहर न जाएं। डॉक्टर की सलाह लें और लक्षणों पर नज़र रखें। अगर दिक्कत हो तो तुरंत चिकित्सा सहायता लें। खांसी, जुकाम या बुखार जैसे लक्षण दिखने पर घर पर पारंपरिक उपचार लेने के बजाय तुरंत डॉक्टर की सलाह लें।   

चंडीगढ़ में बड़ी तैयारी—स्लम खत्म करने को प्रशासन का मास्टर प्लान तैयार

पंजाब  चंडीगढ़ में प्रशासन बड़ी तैयारी में है। दरअसल, अब भारी संख्या में झुग्गियां हटाई जाएगीं, जिससे चंड़ीगढ़ स्लम फ्री हो जाएगा। क्लब की झुग्गी बस्ती हटाने के बाद अब प्रशासन धनास की कच्ची कॉलोनी में हटाने की तैयारी कर रही है।  मिली जानकारी के अनुसार, 10 एकड़ क्षेत्र में बसी 800 से झुग्गियों पर बुलडोजर चलाया जाएगा। इस संबंधी जानकारी देते हुए प्रशासन ने बताया कि सर्दियों में शहर  की कच्ची कॉलोनी में कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए कोर्ट का स्टे मिलने की भी संभवना है। गौरतलब है कि, पिछले कई सालों से अवैध कब्जों और अनियोजित बस्तियों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है, जिसके चलते अब तक 4 झुग्गी एरिया हटाए गए हैं। इस अभियान के दौरान 520-528 एकड़ सरकारी जमीन को कब्जाधारियों से खाली करवाया गया है। इसी के साथ प्रशासन ने पिछले कई सालों से अनधिकृत, बिना किसी नक्शे के बनी कॉलोनियों पर भी कार्रवाई करते हुए उन्हें ध्वस्त किया है।  इन 3  कॉलोनी पर कार्रवाई प्रशासन द्वारा इस साल चलाए गए अभियान के दौरान अवैध कॉलोनियों पर सख्त कार्रवाई की गई है। इनमें जनता कॉलोनी, संजय कॉलोनी और आर्दश कॉलोनी शामिल है। इन क्षेत्रों पर कार्रवाई करते हुए इन्हें खाली करवाकर इसे विकास योजनाओं लिए तैयार किया गया है।  धनास की कच्ची कॉलोनी पर कार्रवाई पर किसानों का कहना है कि, वह जमीन प्रशासन को देने के लिए तैयार हैं। लेकिन यहां पर लैंड पुलिंग पॉलिसी लागू होनी चाहिए। किसानों कहना है कि, उनकी जमीन खेती के ये येग्य नहीं है। इसी के चलते उन्होंने यहां पर शैड डालकर लोगों को किराए पर रहने के लिए दिए हुए हैं। 

West Bengal SIR पर ECI का स्टैंड मजबूत: सुप्रीम कोर्ट में कहा—शांतिपूर्ण चुनाव के लिए SIR अनिवार्य

नई दिल्ली  चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर कर पश्चिम बंगाल में मतदाता सूचियों के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर उठाए गए आरोपों का जवाब दिया है। आयोग ने सुप्रीम कोर्ट से कहा है कि SIR प्रक्रिया के कारण मतदाताओं के मताधिकार से वंचित होने के आरोप अत्यधिक बढ़ा-चढ़ाकर प्रस्तुत किए जा रहे हैं और यह निहित राजनीतिक हित साधने के लिए किया जा रहा है। सांसद डोला सेन ने 24 जून और 27 अक्टूबर 2025 को जारी SIR आदेशों की वैधता को चुनौती देते हुए जनहित याचिका दायर की थी। इसके जवाब में चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामे में स्पष्ट किया कि यह प्रक्रिया संवैधानिक रूप से अनिवार्य, सुस्थापित और नियमित रूप से संचालित की जाती है। चुनाव आयोग का तर्क चुनाव आयोग ने कहा कि मतदाता सूचियों की शुद्धता और अखंडता सुनिश्चित करने के लिए SIR आवश्यक है। आयोग ने इस प्रक्रिया का हवाला टीएन शेषन बनाम भारत सरकार (1995) मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा मान्यता प्राप्त होने के साथ जोड़ा। आयोग ने कहा कि SIR संविधान के अनुच्छेद 324 और जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 15, 21 और 23 के अंतर्गत आता है, जो चुनाव आयोग को आवश्यकता पड़ने पर मतदाता सूचियों में विशेष संशोधन करने का अधिकार देता है। SIR क्यों जरूरी है? हलफनामे में कहा गया कि 1950 के दशक से मतदाता सूचियों में समय-समय पर संशोधन किए जाते रहे हैं। इसमें 1962-66, 1983-87, 1992, 1993, 2002 और 2004 जैसे वर्षों में देशव्यापी संशोधन शामिल हैं। पिछले दो दशकों में तेजी से बढ़ते शहरीकरण और मतदाताओं की बढ़ती गतिशीलता के कारण मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर नाम जोड़ना और हटाना नियमित प्रक्रिया बन गई है।   चुनाव आयोग ने कहा कि दोहराई गई और गलत प्रविष्टियों का जोखिम बढ़ने के कारण तथा देश भर के राजनीतिक दलों की शिकायतों को ध्यान में रखते हुए अखिल भारतीय स्तर पर विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का निर्णय लिया गया है। आयोग ने सुप्रीम कोर्ट से अनुरोध किया कि इसे संवैधानिक और वैधानिक प्रक्रिया के रूप में मान्यता दी जाए और राजनीतिक आरोपों से स्वतंत्र रूप से देखा जाए।  

धान खरीद में किसी किसान की अनदेखी नहीं होगी: मुख्यमंत्री योगी ने अधिकारियों को दिए कड़े निर्देश

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को धान खरीद की प्रगति की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि क्रय केंद्रों पर पहुंचे हर किसान का धान अवश्य खरीदा जाए और भुगतान समय पर सीधे किसानों के बैंक खातों में पहुंचे। एमएसपी में ₹69 की बढ़ोतरी, 4,227 केंद्रों पर खरीद जारी बैठक में बताया गया कि इस वर्ष कॉमन धान का एमएसपी ₹2369/क्विंटल, ग्रेड-A धान का एमएसपी ₹2389/क्विंटल तय किया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में ₹69 अधिक है। वर्तमान में 4,227 खरीद केंद्र संचालित हैं। सीएम योगी ने निर्देश दिया कि किसानों की सुविधा के लिए खरीद केंद्रों की संख्या बढ़ाकर 5,000 की जाए, ताकि उन्हें अपने गांव या कस्बे के पास ही धान बेचने की सुविधा मिल सके।   9.02 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा, ₹1,984 करोड़ का भुगतान 30 नवंबर तक 1,51,030 किसानों से 9.02 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा गया है। इसके बदले ₹1,984 करोड़ से अधिक की राशि सीधे किसानों के खातों में भेजी जा चुकी है। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि भुगतान में देरी किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। फोर्टिफाइड चावल की सप्लाई सुनिश्चित करें सीएम योगी ने निर्देश दिया कि स्कूलों में मिड-डे मील और आंगनबाड़ी केंद्रों में फोर्टिफाइड चावल की सप्लाई निर्बाध रहे। बैठक में बताया गया कि अब तक 2,130 मीट्रिक टन एफआरके गुणवत्ता परीक्षण में सफल रहा है। उन्होंने एफआरके सप्लाई में सुधार के लिए वेंडरों की संख्या बढ़ाने और तकनीकी समस्याओं को तुरंत दूर करने को कहा। भीड़ रोकने के लिए केंद्रों पर मैनपावर बढ़े मुख्यमंत्री ने क्रय केंद्रों पर जरूरत के अनुसार मैनपावर बढ़ाने के निर्देश दिए ताकि किसानों को लंबा इंतजार न करना पड़े और कोई भी किसान धान लेकर वापस न लौटे। उन्होंने धान उठान, मिल-मैपिंग और अन्य प्रक्रियाओं को और सरल बनाने पर जोर दिया।   खाद और बीज की उपलब्धता पर निगरानी बैठक में खाद और बीज की उपलब्धता पर भी चर्चा हुई। योगी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसी भी जिले में खाद या बीज की कमी नहीं होनी चाहिए, और किसानों को दोनों वस्तुएं आसानी से उपलब्ध कराई जाएं। विभागों को स्टॉक और सप्लाई की नियमित समीक्षा करने को कहा गया। 

आकाश डिफेंस सिस्टम ने दिखाया भारतीय सैन्य शक्ति का दम, ऑपरेशन सिंदूर में प्रदर्शन देख वैश्विक विशेषज्ञ दंग

नई दिल्ली  भारत की रक्षा क्षमता में एक और माइलस्टोन जुड़ गया है। भारतीय सेना ने DRDO द्वारा तैयार किए गए ‘आकाश प्राइम’ एयर-डिफेंस सिस्टम का ऐसा परीक्षण किया जिसने वैश्विक सैन्य विशेषज्ञों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। यह वही प्रणाली है जिसने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान अपने प्रदर्शन से कई देशों को चौंका दिया था। पहले ही अर्मेनिया इसके लिए भारत के साथ समझौता कर चुका है और अब तुर्की सहित कई अन्य देशों ने इसकी क्षमता को खुले तौर पर स्वीकार किया है। आकाश प्राइम को भारत की मौजूदा आकाश प्रणाली का अत्याधुनिक और उन्नत संस्करण माना जाता है। खास बात यह है कि यह शानदार प्रदर्शन अत्यंत कम लागत में स्वदेशी टेक्नोलॉजी के दम पर हासिल हुआ है- जो भारत के रक्षा-आत्मनिर्भरता मिशन की बड़ी उपलब्धि है। लद्दाख में सफल टेस्ट-तेज़ रफ्तार लक्ष्य को 15,000 फीट की ऊंचाई पर मार गिराया कठोर मौसम और मुश्किल पहाड़ी भूभाग में भारतीय सेना ने जब इसका परीक्षण किया, तो आकाश प्राइम ने तेज गति से उड़ रहे हवाई लक्ष्यों को ऊंची ऊंचाइयों पर सटीकता के साथ नेस्तनाबूद कर दिया। इस सफलता ने साफ कर दिया कि भारत के पास अब ऐसा एयर-डिफेंस सिस्टम मौजूद है जो ऊंचाई, मौसम या इलाके की चुनौती से ऊपर उठकर लगातार सटीक हमला कर सकता है। यह परीक्षण सिर्फ सैन्य क्षमता का संकेत नहीं, बल्कि भारतीय रक्षा उद्योग की बढ़ती ताकत और वैश्विक बाजार में उसकी बड़ी भूमिका का इशारा भी देता है। हर मौसम में सटीक हमला-नई RF तकनीक ने बनाई इसे और घातक -आकाश प्राइम को एक उन्नत रेडियो फ्रीक्वेंसी सीकर से लैस किया गया है। इस तकनीक से:- -बारिश, धुंध, बर्फबारी या गरमी-किसी भी मौसम में इसका प्रदर्शन नहीं बदलता -ऊबड़-खाबड़, पहाड़ी या रेतीले इलाके-हर भूभाग में लक्ष्य भेदने की क्षमता बनी रहती है   हवा में तेजी से बदलते टारगेट का पीछा कर सटीक वार कर सकता है -यह संस्करण अब भारतीय सेना के तीसरे और चौथे आकाश रेजिमेंट में शामिल होने जा रहा है, जिससे वायु सुरक्षा और भी मजबूत होगी। -सीमा पर चीन और पाकिस्तान की आक्रामक रणनीतियों को देखते हुए यह सिस्टम भारत के रक्षा कवच को एक नई धार देता है। कम कीमत, उच्च गुणवत्ता-भारत की मिसाइल तकनीक दुनिया को चौंका रही सरकार ने आकाश प्राइम की प्रति-यूनिट कीमत का आधिकारिक खुलासा नहीं किया है, लेकिन यह साफ है कि इसका विकास पूरी तरह स्वदेशी तकनीक पर आधारित है, जिसके कारण इसकी लागत अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में उपलब्ध समान प्रणालियों के मुकाबले बेहद कम है। कुछ अनुमान बताते हैं कि पूरी आकाश प्रणाली को तैयार करने में लगभग 1,000 करोड़ रुपये का खर्च आया-जबकि कई देशों में इस श्रेणी की मिसाइलों पर भारत की तुलना में 8–10 गुना अधिक लागत आती है।  

भारत का दमदार रेस्क्यू मिशन: चक्रवात दित्वाह के बीच कोलंबो से सभी भारतीय सुरक्षित निकाले

कोलंबो भारत ने श्रीलंका में चक्रवात ‘दित्वा' के कारण मची तबाही के बाद कोलंबो में बचाव अभियान में तेजी लाते हुए वहां फंसे भारतीय नागरिकों के आखिरी समूह को सोमवार को निकाल लिया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। कोलंबो में भारतीय उच्चायोग ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में बताया कि भंडारनायके अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर फंसे 104 भारतीयों का आखिरी समूह ‘ऑपरेशन सागर बंधु' के तहत भारतीय वायु सेना के विमान से सुबह करीब साढ़े छह बजे तिरुवनंतपुरम पहुंचा। उच्चायोग ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि श्रीलंका के बचाव प्रयासों में भारत ने अपनी मदद तेज कर दी है और अभियान का विस्तार कई प्रभावित क्षेत्रों तक किया है। विज्ञप्ति के अनुसार चेतक हेलीकॉप्टर ने कई लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जबकि वायु सेना के कई हेलीकॉप्टर ने कोटमाले में तलाश अभियान संचालित किया जो सबसे ज्यादा प्रभावित मध्य पर्वतीय क्षेत्र है तथा भूस्खलन एवं बाढ़ के कारण यहां सड़क संपर्क टूट गया है। विज्ञप्ति में कहा गया, ‘‘ खोज एवं बचाव अभियानों के लिए भारत की विशेषीकृत आपदा प्रतिक्रिया एजेंसी एनडीआरएफ और एचएडीआर (मानवीय सहायता और आपदा राहत) की टीम कल कोलंबो पहुंची। उन्होंने श्रीलंका के अधिकारियों के साथ मिलकर कोच्चिकाडे में बचाव अभियान संचालित किया।'' विज्ञप्ति के अनुसार, एनडीआरएफ की टीम अब पुट्टलम और बादुल्ला इलाकों में काम कर रही हैं जो चक्रवात से बुरी तरह प्रभावित हैं और संपर्क से कट गए हैं। एनडीआरएफ ने कहा, ‘‘एनडीआरएफ ने बाढ़ से गंभीर रूप से प्रभावित परिवारों की मदद की और उनकी तुरंत सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद की।'' इस बीच, श्रीलंका की वायु सेना ने एक पायलट की मौत की पुष्टि की है। उत्तर-पश्चिमी तट पर वेन्नापुवा में राहत सामग्री पहुंचाने की कोशिश करते समय एक बेल 212 हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। श्रीलंका में चक्रवात ‘दित्वा' के कारण मची तबाही में रविवार तक 334 लोग मारे गए हैं और 370 से अधिक व्यक्ति लापता हैं तथा बाढ़ एवं भूस्खलन की वजह से कई जिले अलग थलग पड़ गए हैं।