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बिहार में चक्रवात का प्रभाव: तापमान गिरा, कोहरे से जनजीवन प्रभावित

पटना दित्वाह चक्रवात का असर आज से बिहार में दिखने लगा है। सोमवार की सुबह राज्य के ज्यादातर हिस्सों में धूप नदारद रही। पटना, पूर्णिया, बेतिया, बेगूसराय, मोतिहारी, गोपालगंज समेत कई जिलों में देर रात से कोहरा छाया रहा। पछुआ हवा चलने के कारण सुबह और रात में ठंड अचानक बढ़ गई। मौसम विभाग ने लोगों से सावधान रहने की अपील की है। विभाग का कहना है कि चक्रवाती प्रणाली की वजह से अगले कुछ दिनों में राज्य के अधिकतर हिस्सों में ठंड और तेज़ी से बढ़ेगी। बताया गया है कि 5 दिसंबर के बाद न्यूनतम तापमान गिरावट के साथ 10 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है, जिससे ठंड का असर और व्यापक होगा। बिहार में पिछले 24 घंटों के दौरान मौसम पूरी तरह शुष्क रहा और राज्य के किसी भी हिस्से में बारिश दर्ज नहीं की गई। अधिकतम तापमान 26.0 डिग्री सेल्सियस से 29.5 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा, जिसमें अररिया में 29.4 डिग्री सेल्सियस का सर्वाधिक तापमान रिकॉर्ड किया गया। वहीं, न्यूनतम तापमान 12.6 डिग्री सेल्सियस से 20.5 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा और किशनगंज में सबसे कम 12.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पूर्णिया में 500 मीटर की न्यूनतम दृश्यता के साथ सुबह के समय हल्का कोहरा छाया रहा, जबकि तापमान में कोई खास उतार-चढ़ाव नहीं देखा गया। मौसम विभाग के अनुसार राज्य के ऊपर बहने वाली हवाओं की दिशा और दबाव में बदलाव फिलहाल दो सक्रिय पश्चिमी विक्षोभों के कारण है। उत्तरी पंजाब और आसपास ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है, जिसका असर उत्तरी हरियाणा तक पहुंच रहा है। इसके साथ ही 5.8 किमी ऊंचाई पर मौजूद द्रोणिका के रूप में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ 20 डिग्री उत्तरी अक्षांश के उत्तर में 61 डिग्री पूर्वीदेशांतर की ओर बढ़ रहा है। इन दोनों प्रणालियों की वजह से पछुआ हवा लगातार बिहार में प्रवेश कर रही है, जिससे ठंड का प्रभाव धीरे-धीरे बढ़ने लगा है।   मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक सुबह के समय हल्के से मध्यम कोहरे की संभावना जताई है और वाहन चालकों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। आगामी 4 से 5 दिनों में अधिकतम तापमान में किसी खास परिवर्तन की उम्मीद नहीं है, जबकि न्यूनतम तापमान अगले 48 घंटों तक स्थिर रहेगा। इसके बाद राज्य के अधिकांश हिस्सों में रात का पारा नीचे जाने के आसार हैं, जिससे ठंड और बढ़ेगी।  

स्टेशन की सुरक्षा होगी और पुख्ता, चारदीवारी निर्माण के लिए मंजूर हुए 2.19 करोड़ रुपए

हिसार  हिसार रेलवे स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए रेलवे प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। स्टेशन को पूरी तरह सुरक्षित दायरे में लाने के लिए लगभग 2200 मीटर लंबी मजबूत बाउंड्रीवॉल का निर्माण किया जाएगा। इस परियोजना के लिए रेलवे ने 2 करोड़ 19 लाख रुपये की स्वीकृति देते हुए निर्माण का टेंडर जारी कर दिया है। अधिकारियों के अनुसार, कार्य जल्द ही शुरू होने की संभावना है। स्टेशन के चारों ओर बनने वाली यह आधुनिक डिजाइन की दीवार बाहरी व्यक्तियों की अनधिकृत एंट्री पर पूरी तरह रोक लगाएगी। फिलहाल परिसर में शरारती और असामाजिक तत्वों की आवाजाही बढ़ने से यात्रियों की सुरक्षा तथा रेलवे संपत्ति दोनों पर खतरा बना हुआ है। नई बाउंड्रीवॉल बनने के बाद स्टेशन में प्रवेश सिर्फ निर्धारित गेटों और प्लेटफॉर्म मार्ग से ही संभव होगा। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यह दीवार न केवल सुरक्षा मजबूत करेगी, बल्कि परिसर की स्वच्छता और सुंदरता में भी सुधार लाएगी। साथ ही रेलवे भूमि पर हो रहे संभावित अतिक्रमण को रोकने में भी मददगार होगी। परियोजना पूरी होने के बाद स्टेशन परिसर अधिक सुरक्षित, व्यवस्थित और नियंत्रित प्रवेश प्रणाली के साथ यात्रियों के लिए बेहतर वातावरण प्रदान करेगा। 

टैक्स बम से गर्माया UK, कीर स्टार्मर पर आरोपों की बौछार; रीव्स के ‘झूठ’ पर बढ़ी हलचल

लंदन  ब्रिटेन में कीर स्टार्मर सरकार द्वारा पेश किए गए नए बजट ने देश की राजनीति को हिला कर रख दिया है। मीडिया और विपक्ष इस बजट को “Benefits Street Budget” कह रहे हैं  यानी ऐसा बजट जो कामकाजी लोगों पर भारी टैक्स बढ़ाकर वेलफेयर लाभों को बढ़ावा देता है। बढ़ते जन-रोष और राजनीतिक संकट के बीच प्रधानमंत्री को खुद सामने आकर डैमेज कंट्रोल करना पड़ा। क्यों मचा बवाल?      चांसलर रेचल रीव्स ने बजट में £30 बिलियन की टैक्स बढ़ोतरी की घोषणा की है। इसके कारण     लगभग 10 लाख ब्रिटिश नागरिक पहली बार 40% इनकम टैक्स स्लैब में आएंगे।     2030–31 तक हर चार में से एक कामगार हाई टैक्स रेट देगा।     वेलफेयर स्कीम्स पर खर्च बढ़ाया गया है।     “टू-चाइल्ड बेनिफिट कैप” हटने से लाभार्थियों की संख्या और फंडिंग दोनों बढ़ेंगे।     विपक्ष और टैक्सपेयर्स समूहों का आरोप है कि यह बजट मेहनतकश और टैक्स देने वाले मध्यम वर्ग पर सीधा हमला ।     सबसे बड़ा आरोप- क्या सरकार ने वित्तीय आंकड़े छुपाए?  बजट के बाद एक बड़ा विवाद तब खड़ा हुआ जब सामने आया कि OBR (Office for Budget Responsibility) ने सरकार को बताया था कि देश के फाइनेंसेज़ में घाटा नहीं, बल्कि £4.2 बिलियन का सरप्लस था। इसके बावजूद बजट में टैक्स बढ़ोतरी को “आर्थिक गड्ढे” का हवाला देकर सही ठहराया गया। विपक्ष इसे “झूठ बोलकर जनता को गुमराह करने” का मामला बता रहा है। इसी कारण इसे “Reeves Lie Scandal” कहा जा रहा है। रीव्स और पीएम कीर का पलटवार  लगातार तीखे सवालों और आलोचनाओं के बीच रीव्स ने इंटरव्यू में कहा:“पिछले 16 महीनों में कई लोगों ने मुझे ख़त्म समझा।लेकिन आप मेरी राजनीतिक obituary आज नहीं लिखने वाले।”उन्होंने कहा कि टैक्स बढ़ोतरी “ज़रूरी और न्यायसंगत” है और वे किसी भी वादाखिलाफी को स्वीकार नहीं करतीं। तेज़ी से फैल रहे जनाक्रोश और राजनीतिक तूफान के बीच पीएम कीर स्टार्मर ने जनता और मीडिया को शांत करने के लिए बयान जारी किया और बताया कि वेलफेयर सिस्टम में सुधार लाए जाएंगे। उन्होंने युवा बेरोज़गारी और वर्क-इंसेंटिव को संबोधित करने का वादा किया और कहा कि आने वाले भाषण में बड़े आर्थिक सुधारों की घोषणा होगी।  साथ ही, सरकार की आलोचना करने वालों का कहना है कि यह बजट कामकाजी वर्ग को और कमजोर करेगा, आर्थिक असमानता बढ़ाएगा, सरकार की विश्वसनीयता पर बड़ा सवाल उठा रहा है। “Benefits Street Budget” ने ब्रिटेन की राजनीति और अर्थव्यवस्था दोनों में गहरी हलचल पैदा कर दी है।टैक्स बढ़ोतरी, वेलफेयर विस्तार, और वित्तीय जानकारी छुपाने के आरोपों ने सरकार को रक्षात्मक मुद्रा में ला दिया है। विपक्ष का दावा है कि यह बजट “वर्कर्स पर टैक्स बम” है। सरकार इसे “न्यायसंगत और संवेदनशील” बता रही है।   

अमरिंदर सिंह का खुलासा—राहुल गांधी को लेकर बयान ने गरमाई पंजाब की राजनीति

अमृतसर पंजाब की राजनीति में एक बार फिर पूर्व मुख्यमंत्री एवं भाजपा नेता कैप्टन अमरिंदर सिंह का नाम सुर्खियों में है। एक मीडिया इंटरव्यू में कैप्टन ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी पर गंभीर आरोप लगाते हुए 2018 का पुराना, लेकिन अनसुना किस्सा सांझा किया। उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी ने उन पर एक मंत्री को कैबिनेट से हटाने का जबरदस्त दबाव बनाया था और जब उन्होंने इनकार किया तो ट्वीट करने की धमकी तक दे डाली, साथ ही, कैप्टन ने 2027 के पंजाब विधानसभा चुनावों के संदर्भ में भाजपा और शिरोमणि अकाली दल (एस.ए.डी.) के बीच गठबंधन को राज्य में सत्ता हासिल करने की 'एकमात्र राह' बताया, बिना इसके 2027 या 2032 तक सरकार बनाने की कल्पना को 'भ्रम' करार दिया। कैप्टन ने बताया कि यह घटना 2018 की है, जब वे पंजाब के मुख्यमंत्री थे। राहुल गांधी ने उनसे मुलाकात की और एक समाचार पत्र की कटिंग दिखाई, जिसमें एक मंत्री पर कथित अनुचित व्यवहार के आरोप लगाए गए थे। कैप्टन के अनुसार, वे आरोप बेबुनियाद थे और जांच चल रही थी, लेकिन राहुल ने तत्काल कार्रवाई का आदेश दिया। जब कैप्टन ने स्पष्ट किया कि बिना ठोस सबूत के ऐसा कदम राजनीतिक रूप से हानिकारक साबित होगा तो राहुल ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि अगर आप कार्रवाई नहीं करेंगे तो मैं खुद ट्वीट करके घोषणा कर दूंगा कि मंत्री को बर्खास्त किया जा रहा है। कैप्टन ने इसे 'गलत संदेश' भेजने वाला बताया, क्योंकि इससे पार्टी के अंदर अनुशासनहीनता का आभास होता। अंततः, कैप्टन ने मंत्री को बुलाया और हाईकमान की इच्छा से अवगत कराया, जिसके बाद मंत्री ने मात्र पांच मिनट में अपना इस्तीफा सौंप दिया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह मामला तत्कालीन मंत्री राणा गुरजीत सिंह से जुड़ा था, जो माइनिंग विभाग संभाल रहे थे और वर्तमान में कपूरथला से कांग्रेस विधायक हैं। इस खुलासे से कांग्रेस में हलचल मचने की संभावना है, खासकर जब पंजाब की राजनीति पहले से ही जटिल है। उन्होंने राहुल के इस रवैये को 'अनुभवहीन' करार देते हुए कहा कि इससे न केवल मंत्री का अपमान हुआ, बल्कि पार्टी की छवि को भी ठेस पहुंची।   दूसरी तरफ कैप्टन ने पंजाब की बदलती राजनीतिक समीकरणों पर गहन विश्लेषण पेश किया। उन्होंने कहा कि भाजपा को 2027 के विधानसभा चुनावों में सफलता पाने के लिए अकाली दल के साथ मजबूत गठबंधन करना होगा। उनका तर्क है कि भाजपा का ग्रामीण पंजाब में अभी कोई ठोस आधार नहीं है, जबकि अकाली दल का सिख समुदाय और ग्रामीण इलाकों में गहरी पैठ है। भाजपा को राज्य की जटिल सामाजिक-राजनीतिक संरचना समझनी होगी। कैडर निर्माण में दो-तीन चुनाव लगेंगे, इसलिए गठबंधन ही एकमात्र विकल्प है। बिना इसके 2027 या 2032 की सरकार बनाने का सपना देखना व्यर्थ है," कैप्टन ने स्पष्ट शब्दों में कहा। उन्होंने जोर देकर कहा कि वे खुद स्वस्थ और सक्रिय हैं तथा 2027 के चुनावों के लिए पूरी तरह तैयार हैं। पंजाब ने उन्हें जो कुछ दिया, उसके प्रति आभार व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य के हित में वे हमेशा प्रतिबद्ध रहेंगे। कैप्टन के बयान छेड़ सकते पंजाब की राजनीति में नई बहस कैप्टन के ये बयान एक प्रमुख मीडिया चैनल को दिए गए इंटरव्यू में आए हैं, जो पंजाब की राजनीति में नई बहस छेड़ सकते हैं। भाजपा और अकाली दल के बीच संबंधों को लेकर लंबे समय से अनिश्चितता बनी हुई है, लेकिन कैप्टन का यह आह्वान गठबंधन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है। कांग्रेस के प्रवक्ताओं ने अभी तक इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो चुकी हैं।

MP में व्यापक अतिक्रमण हटाने की तैयारी! BJP विधायक का सदन में बड़ा बयान

भोपाल भाजपा के वरिष्ठ विधायक डॉ. सीतासरन शर्मा ने सोमवार को विधानसभा में नर्मदापुरम और इटारसी में अतिक्रमण का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि जहां से अतिक्रमण हटाया जाता है, वहां कुछ दिनों बाद फिर से हो जाता है। बाहरी लोग आकर सड़कों के किनारे अतिक्रमण कर रहे हैं। इसका स्थायी समाधान होना चाहिए। उनका समर्थन करते हुए सागर से भाजपा विधायक शैलेंद्र जैन ने कहा लोगों का शहरों से मोहभंग हो रहा है और वे बाहरी क्षेत्र में रहने लगे हैं। पूरे प्रदेश में हटाए जाएंगे अतिक्रमण नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) चल रहा है, जिसमें अमला लगा है। इसके पूरा होते ही टीम बनाकर कार्रवाई की जाएगी। पूरे प्रदेश में अतिक्रमण हटाए जाएंगे और यह फिर न हो, यह भी सुनिश्चित करेंगे। इस पर भाजपा विधायक अजय विश्नोई बोले कि इसमें गरीबों का ध्यान रखा जाए। उन्हें हटाएं तो दूसरी जगह उनके रहने की व्यवस्था भी करें।   हमारे अच्छे खिलाड़ी दूसरे राज्यों से खेलते हैं भाजपा विधायक दिलीप सिंह परिहार ने सरकारी नौकरियों में खिलाड़ियों को बोनस अंक देने का मामला सदन में उठाया। खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि बोनस अंक देने का प्रविधान तो नहीं है पर आयु सीमा में पांच वर्ष की छूट अवश्य दी जाती है। एक अप्रैल, 2020 से अब तक 37 उत्कृष्ट खिलाड़ियों को नौकरी दी गई है। आवेदनों का किया जा रहा परीक्षण वर्ष 2015 की विक्रम अवार्डी वर्षा वर्मन और वर्ष 2019 की मुस्कान किरार का आवेदन विलंब से मिलने के कारण नियुक्ति नहीं दी जा सकी। आवेदनों का परीक्षण किया जा रहा है। मध्य प्रदेश देश का पहला ऐसा राज्य है जहां मुख्यमंत्री युवा शक्ति योजना अंतर्गत सभी विधानसभा क्षेत्रों में एक-एक स्टेडियम बनाए जा रहे हैं। संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि हमारे अच्छे खिलाड़ी दूसरे राज्यों में चले जाते हैं। हरियाणा से हमारे पहलवान खेल रहे हैं।  

काम के दौरान बेहोश हुईं BLO अधिकारी: ब्रेन हेमरेज के बाद वेंटिलेटर पर भर्ती

मुरादाबाद  मुरादाबाद से BLO ड्यूटी में लगे कर्मचारियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर एक और चिंताजनक खबर सामने आई है. हाल ही में मुरादाबाद में एक टीचर BLO सर्वेश सिंह ने आत्महत्या कर ली. उन्होंने पत्नी ने आरोप लगाया कि SIR के काम के दबाव के चलते उन्होंने ये कदम उठाया. वहीं अब एक महिला BLO को ब्रेन हेमरेज होने की जानकारी सामने आई है. महिला की पहचान 57 साल की आभा सोलोम के रूप में हुई है. आभा पाकबड़ा के प्राइमरी स्कूल में सहायक अध्यापिका हैं और वर्तमान में SIR (चुनाव संबंधी पंजीकरण कार्य) में लगी हुई थीं. इसी बीच उनकी तबीयत बिगड़ गई. उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है और वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है.हालांकि, परिवार ने आभा सोलोम ने अभी तक उनकी तबीयत के पीछे SIR के कार्य के दबाव का सीधा आरोप नहीं लगाया है. उनके पति और बेटा शहर से बाहर हैं. इसलिए वह मुरादाबाद में अपने भाई-बहनों के साथ रहती हैं. काम करते हुए हो गईं बेहोश रविवार को जब उनके परिवार के लोग चर्च गए हुए थे. तब वह घर पर अकेले ही SIR के फॉर्म अपलोड करने का कार्य निपटा रही थीं. दोपहर लगभग दो बजे, जब उनकी बहन चर्च से वापस लौटीं, तो उन्होंने आभा को बिस्तर पर लेटा हुआ पाया. उन्हें दवाई देने के लिए उठाने पर आभा बेहोशी की हालत में मिलीं, जिसके बाद तुरंत बाकी घरवालों को बुलाकर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया. वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया ​अस्पताल में आभा सोलोमन की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है. डॉक्टरों ने कहां कि उनका ब्लड प्रेशर काफी कम है और साथ ही ब्रेन हेमरेज की आशंका भी जताई गई है. परिजनों ने पुष्टि की है कि आभा सोलोमन बीपी की पुरानी मरीज हैं और उनका इलाज चल रहा है. हालांकि, परिवार ने अभी तक इस उनकी तबीयत खराब होने के पीछे SIR के कार्य के दबाव का सीधा आरोप नहीं लगाया है. हालांकि, उनकी तबीयत काम करते हुए ही बिगड़ी थी.

नई नीति से खुलेंगे अंतरराष्ट्रीय दरवाज़े: रिसर्च यात्रा और ठहरने का पूरा खर्च उठाएगी पंजाब सरकार

चंडीगढ़ पंजाब के युवाओं के भविष्य को सुरक्षित और मजबूत बनाने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने एक क्रांतिकारी और ऐतिहासिक कदम उठाया है। "यंग साइंटिस्ट्स ट्रैवल असिस्टेंस स्कीम" की शुरुआत के साथ, सरकार ने राज्य के प्रतिभाशाली वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं के लिए वैश्विक मंच के दरवाजे खोल दिए हैं। यह दूरदर्शी पहल पंजाब में विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में नई ऊर्जा भरने का काम कर रही है, जिससे राज्य के युवाओं को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की स्पष्ट इच्छा दिखाई देती है। ओएसडी टू सीएम अमनजोत सिंह ने बताया कि पंजाब स्टेट काउंसिल फॉर साइंस एंड टेक्नोलॉजी (PSCST) द्वारा STEM आउटरीच प्रोग्राम के तहत संचालित यह स्कीम, इस बुनियादी चुनौती को संबोधित करती है कि कई प्रतिभाशाली शोधकर्ता केवल आर्थिक सीमाओं के कारण विश्व की सर्वश्रेष्ठ कॉन्फ्रेंसेज़ और रिसर्च प्लेटफॉर्म तक नहीं पहुँच पाते। मान सरकार का उद्देश्य स्पष्ट है: पंजाब का कोई भी युवा वैज्ञानिक सिर्फ पैसों की कमी के कारण पीछे न रह जाए। यह योजना विशेष रूप से राज्य के कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और अनुसंधान संस्थानों में कार्यरत 45 वर्ष से कम आयु के योग्य वैज्ञानिकों, प्रौद्योगिकीविदों और शिक्षकों के लिए है, जिनके पास पीयर-रिव्यू वाली पत्रिकाओं (Scopus/SCI/Web of Science) में न्यूनतम दो प्रकाशन होना अनिवार्य है। ओएसडी टू सीएम अमनजोत सिंह ने बताया कि यह सहायता युवा वैज्ञानिकों को देश और विदेश में आयोजित होने वाले महत्वपूर्ण शैक्षणिक और वैज्ञानिक आयोजनों, जैसे कि कॉन्फ्रेंस, सेमिनार, सिम्पोज़िया, कार्यशालाओं, अल्पकालिक स्कूल/पाठ्यक्रम/प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भाग लेने या अपने शोध पत्र प्रस्तुत करने में सक्षम बनाएगी। योजना के अंतर्गत, प्रतिभागियों को अधिकतम ₹15,000 तक की ट्रैवल असिस्टेंस प्रदान की जाएगी, जिसमें हवाई किराए या रखरखाव भत्ते का 50 प्रतिशत और पंजीकरण फीस शामिल है। यह सहयोग युवा वैज्ञानिकों को दुनिया भर में हो रहे नवीनतम वैज्ञानिक विकास और तकनीकी रुझानों से परिचित होने, ज्ञान का आदान-प्रदान करने और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग स्थापित करने का अवसर देगा। यह कदम पंजाब की वैज्ञानिक और तकनीकी प्राथमिकताओं के अनुरूप अनुसंधान को बढ़ावा देगा। ओएसडी टू सीएम अमनजोत सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने इस योजना को पंजाब की प्रगतिशील सोच का प्रतीक बताया है। उनके अनुसार, अब समय आ गया है कि पंजाब के युवा भी विश्वस्तरीय वैज्ञानिक चर्चा का हिस्सा बनें और अपनी शोध को दुनिया के सामने रखें। उन्होंने कहा, "हमारी सरकार युवा शक्ति और वैज्ञानिक प्रगति में दृढ़ विश्वास रखती है। यह स्कीम केवल एक वित्तीय मदद नहीं है, बल्कि हमारे युवा शोधकर्ताओं के सपनों को उड़ान देने का माध्यम है।" मान सरकार लगातार यह साबित कर रही है कि विकास का अर्थ सिर्फ सड़कें और इमारतें नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य को सुरक्षित और मजबूत बनाना भी है। पहले जहां सरकारी योजनाएँ अक्सर कागज़ों तक सीमित रहती थीं, वहीं अब पंजाब में वास्तविक और दृश्यमान परिवर्तन दिखाई दे रहा है। ओएसडी टू सीएम अमनजोत सिंह ने बताया कि यह योजना स्पष्ट संदेश देती है कि पंजाब का युवा अब पीछे नहीं रहने वाला। यह पहल न केवल रिसर्च और इनोवेशन को बढ़ावा देगी, बल्कि पंजाब की नई पीढ़ी को उच्च स्तर पर सोचने, सीखने और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनने का मौका भी देगी। पंजाब के मतदाता यह महसूस कर रहे हैं कि राज्य में एक ऐसी सरकार कार्यरत है जो सिर्फ वादे नहीं करती, बल्कि उन पर अमल भी करती है, और यह योजना उसी दिशा में उठाया गया एक मजबूत कदम है जो अवसर, सम्मान और एक उज्ज्वल भविष्य देने के मान सरकार के लक्ष्य को दर्शाती है।

पलक तिवारी ने स्ट्रैप-लैस गाउन में ढाया कहर, तस्वीरें देख उड़े फैंस के होश!

मुंबई,  टीवी क्वीन श्वेता तिवारी की बेटी और इंटरनेट सेंसेशन पलक तिवारी एक बार फिर सोशल मीडिया पर धमाल मचा रही हैं. अपनी लेटेस्ट तस्वीरों में पलक ने ऐसा दिलकश अंदाज दिखाया है कि फैंस उनकी तारीफ करते नहीं थक रहे. गोल्डन स्ट्रैपलेस गाउन में उनका ग्लैमरस लुक अब हर जगह छाया हुआ है. 25 साल की पलक तिवारी हमेशा अपने स्टाइलिश और ग्लैमरस फैशन सेंस के लिए चर्चा में रहती हैं. इस बार उन्होंने अपना एक ऐसा फोटोशूट शेयर किया है, जिसे देखकर फैंस के होश उड़ गए. गोल्डन शिमरी गाउन में पलक का यह नया अवतार सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वायरल तस्वीरों में पलक एक स्ट्रैपलेस गोल्डन शिमरी गाउन पहने नजर आ रही हैं. गाउन का अपर पार्ट बॉडी-फिटेड है, जिस पर गोल्डन स्टोन्स की बारीक कारीगरी की गई है. ये स्टोन्स आउटफिट में एक रॉयल ग्लो एड कर रहे हैं. गाउन के लोअर पार्ट में थोड़ी स्पेसिंग के साथ स्टोन्स लगाए गए हैं और नीचे का फैब्रिक फ्लोई रखा गया है. लूज फिनिश और ट्रेल के साथ इस ड्रेस में एक ड्रामेटिक और स्टाइलिश टच भी देखा जा सकता है. पलक ने अलग-अलग पोज देते हुए अपने इस परफेक्टली टोंड फिगर को खूबसूरती से फ्लॉन्ट किया है. हर फोटो में उनकी कॉन्फिडेंस और ग्लैमरस अपील साफ झलकती नजर आ रही है. जो फैंस का दिल चुरा रही है.पलक ने अपने इस ग्लैमरस लुक को और खूबसूरत बनाने के लिए सटल मेकअप चुना. न्यूड शेड्स, ग्लॉसी लिप्स और ग्लोइंग बेस के साथ उनका मेकअप बिल्कुल परफेक्ट दिख रहा है. हेयरस्टाइल की बात करें तो उन्होंने खुले बालों को चुनकर अपने लुक को और नैचुरल व एलिगेंट बनाया है. ज्वेलरी में उन्होंने मिनिमल एक्सेसरीज का इस्तेमाल किया है, सिर्फ एक स्टेटमेंट नेकपीस और ईयरिंग्स के साथ उन्होंने पूरे लुक को ग्रेसफुल फिनिश दिया. जिसमें उनकी ड्रेस का ग्रेस खुलकर सामने आ रहा है. जैसे ही पलक ने ये तस्वीरें इंस्टाग्राम पर शेयर कीं, फैंस ने उनपर प्यार लुटाना शुरू कर दिया. कमेंट सेक्शन में लोग उन्हें गॉर्जियस , स्टनिंग , क्वीन और सो ब्यूटीफुल कहकर उनकी तारीफ कर रहे हैं. बहरहाल, पलक तिवारी एक बार फिर साबित कर चुकी हैं कि फैशन और स्टाइल के मामले में वो किसी से कम नहीं हैं. चाहे वेस्टर्न गाउन हो या इंडियन आउटफिट, उनका हर लुक इंटरनेट पर छा जाता है.  

क्रिप्टो मार्केट में भगदड़ मची, Bitcoin धड़ाम… निवेशकों के 3587 करोड़ रुपये डूबे

नई दिल्ली क्रिप्टोकरेंसी (Cryptcurrency) मार्केट में कोहराम मचा हुआ है. बिटकॉइन में निवेश करने वाले निवेशकों में हड़कंप है, क्योंकि ये प्रमुख क्रिप्टकरेंसी बुरी तरह क्रैश हो रही है. सोमवार को अचानक ताबड़तोड़ बिकवाली के दबाव में Bitcoin भरभराकर 7% से ज्यादा टूट गया और कुछ दी देर में इसकी कीमत करीब 5000 डॉलर तक गिर गई. न सिर्फ बिटकॉइन, बल्कि दुनिया की टॉप-10 क्रिप्टोकरेंस में बड़ी गिरावट आई और रिपोर्ट की मानें तो घंटेभर में सैकड़ों मिलियन डॉलर साफ हो गए.  Bitcoin क्रैश से तगड़ा नुकसान सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन के क्रैश (Bitcoin Crash) पर नजर डालें, तो शुरुआती एशियाई घंटों में अचानक बिकवाली का दबाव इस पर देखा गया. इस बीच BTC की कीमत महज दो घंटे में ही 5,200 डॉलर तक टूट गई. आंकड़ों के अनुसार, इस बड़ी गिरावट के कारण सिर्फ 60 मिनटों में 400 मिलियन डॉलर (करीब 3587 करोड़ रुपये) का नुकसान हुआ.  कॉइनमार्केटकैप के डेटा को देखें, तो सोमवार 1 दिसंबर को सुबह 9.50 बजे बिटकॉइन का इंट्रा-डे लो 85,945 डॉलर था, जो बीते 24 घंटों में 91,965.04 के हाई से 6.55% की गिरावट दर्शाता है. बीते 7 अक्तूबर को Bitcoin अपने लाइफटाइम हाई लेवल 126,198.07 डॉलर पर था, जहां से अब तक ये 32% नीचे आ चुका है. यही नहीं बीते 24 घंटों में बिटकॉइन का ट्रेडिंग वॉल्यूम 46% बढ़कर 55 अरब डॉलर हो गया, जबकि इसका Bitcoin Market Cap 1.7 ट्रिलियन डॉलर तक गिर गया. Top-10 क्रिप्टो टोकन भी बिखरे बिटकॉइन में तगड़ी गिरावट (Bitcoin Crash) का असर दूसरी क्रिप्टोकरेंसियों पर भी देखने को मिला है. दुनिया के Top-10 क्रिप्टो टोकन में शामिल एथेरियम (Ethereum), रिपल (Ripple), बीएनबी (BNB), सोलाना (Solana) और डॉगकॉइन (Dogecoin) में 5-8 फीसदी की गिरावट आई. इसके अलावा Zcash 24 घंटों में 22% तक फिसल गया. एथाना (Ethana), डैश (Dash), कुकॉइन (Kucoin), इंजेक्टिव (Injective), स्टार्कनेट (Starknet), पुडगी (Pudgy) और Aave इस दौरान 12-15 फीसदी तक फिसल गए.  इस गिरावट के बीच क्रिप्टो बाजार का मार्केट कैपिटलाइजेशन (Crypto Market MCap) 5 फीसदी से ज्यादा गिरकर 2.93 ट्रिलियन डॉलर हो गया, जबकि कुल क्रिप्टो मार्केट के साइज की बात करें, तो ये 40.5% से ज्यादा बढ़ गया, क्योंकि 116.65 अरब डॉलर मूल्य के टोकन एक्सचेंज में आए हैं.  आखिर क्यों बिखरा क्रिप्टो बाजार?  बात करें क्रिप्टो मार्केट और खासतौर पर Bitocoin में आई बड़ी गिरावट के पीछे के कारणों के बारे में, तो Kobeissi Letter ने लिखा,'इस साल कई बार देखने को मिला है कि शुक्रवार और रविवार की रातें अक्सर क्रिप्टो बाजार में बड़े उतार-चढ़ाव के साथ आती हैं. बिटकॉइन के लिए नवंबर का महीना साल 2018 के बाद सबसे खराब November साबित हुआ. इसमें 18% की गिरावट दर्ज की गई. गियोटस के सीईओ विक्रम सुब्बुराज की मानें, तो इस गिरावट का कारण सप्ताहांत में लीवरेज में लगातार गिरावट को माना जा सकता है. वहीं कुछ एक्सपर्ट कह रहे हैं कि क्रिप्टोकरेंसी बाजार US Fed चेयरमैन जेरोम पॉवेल के आने वाले बयान को लेकर सतर्क मोड में है. 

4 दिसंबर धर्मशाला प्रदर्शन: भाजपा बोले—कांग्रेस की गारंटियों का सच जनता के सामने लाएंगे

ऊना भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार के 3 वर्ष 11 दिसंबर को पूर्ण हो रहे हैं और मीडिया के माध्यम से यह जानकारी मिली है कि कांग्रेस पार्टी इस अवसर पर मंडी में जश्न मनाने की तैयारी कर रही है। डॉ. बिंदल ने कहा कि वास्तव में यह तीन साल “जश्न” के नहीं, बल्कि व्यवस्था पतन के तीन साल हैं। इन तीन वर्षों में हिमाचल प्रदेश की संपूर्ण व्यवस्थाएं तार-तार हो चुकी हैं। उन्होंने कहा कि यह कानून व्यवस्था के पतन के तीन साल हैं, जहां आए दिन लूट, चोरी, फिरौती, डकैती और गोलीकांड की घटनाएं आम हो गई हैं। ऊना के लोग इसके प्रत्यक्ष गवाह हैं, लेकिन यह समस्या केवल ऊना तक सीमित नहीं रही, बल्कि चंबा से सिरमौर और कांगड़ा से किन्नौर तक गोलीकांड और अपराध की घटनाएं आम बात बन गई हैं। यह सरकार कानून व्यवस्था बनाए रखने में पूरी तरह विफल रही है। डॉ. बिंदल ने कहा कि यह भारी कर्ज के तीन साल हैं। प्रदेश सरकार ने भारीभरकम कर्ज तो लिया, लेकिन उस कर्ज को जनता के हित में लगाने में पूरी तरह असफल रही। यह सरकार बेरोजगारों के साथ किए गए भद्दे मजाक के तीन साल साबित हुई है। उन्होंने कहा कि नौकरियां देने के वादे तो किए गए, लेकिन डेढ़ लाख से अधिक सरकारी पदों को समाप्त कर दिया गया। यह बेरोजगार युवाओं के साथ घोर अन्याय है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि यह शिक्षा व्यवस्था के पतन के तीन साल हैं। आए दिन नए फरमान जारी किए जा रहे हैं। पहली से पांचवीं कक्षा तक अंग्रेजी माध्यम लागू कर दिया गया, जबकि शिक्षकों को इसकी न तो समुचित ट्रेनिंग दी गई और न ही आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए गए। बच्चे पांचवीं कक्षा में पहुंच जाते हैं और उन्हें बिना तैयारी के ऊँचे स्तर की अंग्रेजी पढ़ाई जाती है। हिमाचल प्रदेश शिक्षा बोर्ड की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े हुए हैं, जिसके कारण कुछ स्कूलों को सीबीएसई में बदल दिया गया और करीब 2000 स्कूल बंद कर दिए गए। अध्यापक व्यवस्था को भी पूरी तरह से छिन्न-भिन्न कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि यह स्वास्थ्य सेवाओं के पतन के तीन साल भी हैं। गरीब व्यक्ति पहले हिमकेयर और आयुष्मान भारत योजनाओं के माध्यम से इलाज करवा रहा था, लेकिन आज वह इलाज के लिए दर-दर भटकने को मजबूर है। हिमकेयर बंद, आयुष्मान बंद, अस्पतालों में दवाइयों की कमी और अव्यवस्थाएं चरम पर हैं। यह सरकार स्वास्थ्य सेवाएं देने में पूरी तरह विफल सिद्ध हुई है। डॉ. बिंदल ने आरोप लगाया कि यह भाई-भतीजावाद, मित्रों की सरकार और माफिया राज के तीन साल भी हैं। शासन-प्रशासन में पारदर्शिता समाप्त हो गई है और मित्रवाद हावी हो गया है। उन्होंने कहा कि मंडी, जहां आज भी हजारों लोग आपदा के जख्म झेल रहे हैं, अपने घरों की जगह स्कूलों, धर्मशालाओं और रिश्तेदारों के घरों में शरण लेने को मजबूर हैं, वहीं कांग्रेस सरकार वहां जश्न मनाने की तैयारी कर रही है। यह जश्न नहीं, बल्कि बर्बादी का उत्सव है। डॉ. बिंदल ने स्पष्ट किया कि इसी व्यवस्था पतन और जनविरोधी नीतियों के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी 4 दिसंबर को धर्मशाला के जोरावर स्टेडियम में एक विशाल प्रदर्शन करने जा रही है। इस प्रदर्शन के माध्यम से सरकार को उसकी विफलताओं का आईना दिखाया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह वही सरकार है जो झूठी गारंटियों के दम पर सत्ता में आई थी। 28 लाख बहनों को ₹1500 रुपये प्रतिमाह देने की गारंटी, 58 साल की उम्र तक पक्की नौकरी देने की बातें, पहली ही कैबिनेट में फैसले लेने के वादे – सब आज हवा-हवाई साबित हो चुके हैं। मित्र, रोगी मित्र, वन मित्र जैसे नामों पर युवाओं के साथ हजारों रुपये मानदेय में अन्याय किया गया है। डॉ. बिंदल ने कहा कि मुख्यमंत्री बार-बार भाजपा पर गुटबाजी का आरोप लगाते हैं, जबकि सच्चाई यह है कि कांग्रेस सरकार अपनी विफलताओं से ध्यान हटाने के लिए तीन साल से भाजपा का नाम जप रही है। मुख्यमंत्री से आग्रह है कि यदि उन्हें वास्तव में लगता है कि भाजपा गुटों में बंटी है, तो वे कल ही चुनाव करा लें, जनता स्वयं बता देगी कि कांग्रेस कहां खड़ी है और भाजपा कहां। उन्होंने कहा कि सरकार का दायित्व है कि वह आपदा प्रबंधन, समय पर वेतन और पेंशन भुगतान, कानून-व्यवस्था की मजबूती, नशा कारोबार पर रोक और जनसुरक्षा को सुनिश्चित करे, लेकिन कांग्रेस सरकार इन सभी जिम्मेदारियों से भाग रही है। हिमाचल की जनता आज इस सरकार से पूरी तरह त्रस्त है। डॉ. बिंदल ने कहा कि ना भूतों ऐसी सरकार देखी गई और ना भविष्य में ऐसी सरकार देखने को मिलेगी। अंत में डॉ. बिंदल ने प्रदेश की जनता से 4 दिसंबर के विशाल प्रदर्शन में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर प्रदेश सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ आवाज बुलंद करने का आह्वान किया।