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अवैध दवा भंडारण पर कोर्ट ने दिखाई सख्ती, एक को 3 साल, दूसरे को 6 महीने की जेल

 जांजगीर-चांपा जिले में बिना वैध अनुज्ञप्ति के दवाओं के भंडारण और संचालन से संबंधित दो मामलों में स्पेशल कोर्ट ने कठोर सजा सुनाई है. पहले मामले में आरोपी मनीष पूरन विश्वास को अधिनियम की धारा 18(ए) सहपठित धारा 28 के उल्लंघन में दोषी पाते हुए 6 महीने सश्रम कारावास और 20,000 रुपए अर्थदंड से दंडित किया गया. दूसरे मामले में आरोपी प्रणव दत्त पांडेय को धारा 18(ए), 18(सी) सहपठित धारा 28 और धारा 27(B)(i) के उल्लंघन में दोषी पाते हुए कुल 3 वर्ष और 6 महीने सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई. वहीं 1,00,000 रुपए अर्थदंड से दंडित किया गया. विभाग ने स्पष्ट किया कि बिना वैध औषधि अनुज्ञप्ति के दवाओं का भंडारण और  बिक्री करना दंडनीय अपराध है। अवैध गतिविधियों के विरुद्ध कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी. आमजन से अपील की गई है कि दवाइयां केवल लाइसेंस प्राप्त दुकानों से ही खरीदें. कोटपा अधिनियम का कड़ाई से पालन, चालानी कार्रवाई राज्य में COTPA Act, 2003 के प्रावधानों के सख्त अनुपालन के लिए महासमुंद, मनेन्द्रगढ़–भरतपुर–चिरमिरी और रायपुर जिले के औषधि निरीक्षकों ने पिछले सप्ताह धारा 4 और 6 के तहत विशेष कार्रवाई की है. स्कूल–कॉलेजों के आसपास तंबाकू बेचने वाले दुकानदारों और सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए कुल 18,700 रुपए अर्थदंड वसूल किया गया. विभाग ने कहा कि जनस्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए ऐसी कार्रवाईयां आगे भी जारी रहेंगी.

क्या सेना के बराबर मिलेगा वेतन-पेंशन? HC के आदेश से असम राइफल्स के जवानों में उम्मीद

नई दिल्ली  असम राइफल्स में काम कर रहे जवानों के लिए राहत की खबर है। दिल्ली हाई कोर्ट ने सोमवार को केंद्र सरकार को आदेश देते हुए डेडलाइन थमाई है कि वह असम राइफल्स में काम कर रहे जवानों और भारतीय सेना में काम कर रहे जवानों के वेतन की बराबरी के मुद्दे पर तीन महीने के अंदर फैसला करे। असम राइफल्स एक्स-सर्विसमैन वेलफेयर एसोसिएशन बनाम यूनियन ऑफ इंडिया और अन्य के मामले की सुनवाई करते हुए सोमवार को जस्टिस दिनेश मेहता और जस्टिस विमल कुमार यादव की डिवीजन बेंच ने दो टूक कहा कि केंद्र सरकार असम राइफल्स के जवानों के भारतीय सेना और केंद्रीय बलों के वेतन और पेंशन की बराबरी के मुद्दे पर तुरंत फैसला ले। पीठ ने ये भी कहा कि असम राइफल्स एक्स-सर्विसमैन वेलफेयर एसोसिएशन (याचिकाकर्ता) केंद्र सरकार के सामने एक रिप्रेजेंटेशन देगी, जिसमें दोनों फोर्स के सैलरी और पेंशन बेनिफिट्स के बीच अंतर को हाईलाइट किया जाएगा। कोर्ट ने कहा कि इस आवेदन पर तीन महीने के अंदर केंद्र सरकार को फैसला करना होगा। कोर्ट ने कहा कि जब तीसरे वेतन आयोग की सिफारिशें लागू थीं, तब असम राइफल्स के जवानों को भारतीय सेना के जवानों के बराबर दर्जा दिया गया था। हालांकि, चौथे वेतन आयोग के साथ वेतन और पेंशन में अचानक बदलाव आ गया, जब पैरामिलिट्री फोर्स को इस बराबर दर्जे से बाहर कर दिया गया। सक्षम प्राधिकार के पास दें रिप्रेजेंटेशन बार एंड बेंच के मुताबिक, सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने आदेश दिया, "पिटीशनर, तीसरे केंद्रीय वेतन आयोग तक असम राइफल्स और इंडियन आर्मी के बीच सैलरी और दूसरे भत्ते में बराबरी को हाईलाइट करते हुए, सक्षम प्राधिकारी को एक पूरी रिप्रेजेंटेशन देंगे, जो चौथे पे कमीशन के बाद कमज़ोर हो गई लगती है। इसके बाद संबंधित प्राधिकारी उस रिप्रेजेंटेशन के मिलने के तीन महीने के अंदर कानून के हिसाब से उस पर विचार करेंगे।" सबसे पुरानी पैरामिलिट्री फोर्स, 1835 में गठन हाई कोर्ट ने असम राइफल्स एक्स-सर्विसमैन वेलफेयर एसोसिएशन की याचिका पर यह फैसला सुनाया है। याचिका में सरकार को यह निर्देश देने की मांग की गई थी कि सैलरी और पेंशन के मामले में असम राइफल्स के सदस्यों के साथ इंडियन आर्मी जैसा ही बर्ताव किया जाए। बता दें कि असम राइफल्स भारत की सबसे पुरानी पैरामिलिट्री फोर्स है, जिसे असल में 1835 में (कछार लेवी के तौर पर) बनाया गया था। अब इसे बॉर्डर सिक्योरिटी, खासकर इंडिया-म्यांमार बॉर्डर, और नॉर्थईस्ट में इंटरनल सिक्योरिटी और काउंटर-इंसर्जेंसी ऑपरेशन की जिम्मेदारी दी गई है। यह गृह मंत्रालय (MHA) के अधीन आता है, जिसका मतलब है कि भर्ती, सैलरी, पेंशन, इंफ्रास्ट्रक्चर और दूसरी “सर्विस कंडीशंस” MHA द्वारा कंट्रोल की जाती हैं। हालांकि, फोर्स का ऑपरेशनल कंट्रोल, जैसे डिप्लॉयमेंट, पोस्टिंग, ट्रांसफर और ऑपरेशन के दौरान कमांड, इंडियन आर्मी या मिनिस्ट्री ऑफ़ डिफेंस (MoD) के पास होता है।  

कोहरा बढ़ने के कारण जालंधर व अमृतसर सहित जम्मू रूट की 16 ट्रेनें 3 महीने के लिए रद्द, देखें List

जम्मू-कश्मीर  जैसे- जैसे ठंड बढ़ती जाती ही वैसे-वैसे ट्रेनें के समय में भी बदलाव हो जाता है , कभी तो रेलवे द्वारा कुछ ट्रेनों को रद्द भी करना पड़ता है। इस बार भी ठंड में कोहरा बढ़ने के कारण कुछ ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है। जानकारी के अनुसार सहारनपुर मार्ग से चलने वाली 16 लंबी दूरी की ट्रेनें अगले 3 महीनों तक रद्द रहेंगी। यह व्यवस्था 30 नवंबर 2025 से शुरू होकर फरवरी 2026 या कुछ के लिए मार्च 2026 तक चलेगी। कौन-कौन सी ट्रेनें रहेंगी रद्द (संक्षेप में): दिल्ली–जालंधर इंटरसिटी (14681, 14682) — दिसंबर 2025 से फरवरी/मार्च 2026 तक काठगोदाम–जम्मूतवी गरीब रथ (12207, 12208) — दिसंबर से फरवरी के तय दिनों में कोलकाता–अमृतसर दुर्गियाना (12357, 12358) — दिसंबर से फरवरी के खास दिनों में कोलकाता–अमृतसर अकालतख्त (12317, 12318) — दिसंबर से फरवरी के खास दिनों में योगनगरी ऋषिकेश–जम्मूतवी (14605, 14606) — दिसंबर से फरवरी के चुनिंदा दिनों में बरौनी–अंबाला हरिहर एक्सप्रेस (14523, 14524) — दिसंबर 2025 से फरवरी 2026 के चुने हुए दिनों में लालकुआं–अमृतसर (14615, 14616) — दिसंबर से फरवरी तक पूर्णिया कोर्ट–अमृतसर जनसेवा (14617) — 3 दिसंबर 2025 से 2 मार्च 2026 तक कोहरे के कारण कई लंबी दूरी की ये ट्रेनें कुछ महीनों तक रद्द रहेंगी, इसलिए यात्रियों को सलाह दी जाती है कि यात्रा से पहले अपनी ट्रेन का स्टेटस अवश्य जांच लें।

कचरे से कमाई तक: बबीता दीदी का नया इनोवेशन, गांव की बड़ी समस्या का अनोखा समाधान

फरीदाबाद  आजकल कचरे से बढ़ता प्रदूषण बहुत बड़ी समस्या बन गया है, वहीं फरीदाबाद शहर के कुछ लोग न सिर्फ कचरे का निपटान कर रहे हैं, बल्कि इसे कमाई का जरिया भी बना रहे हैं। कचरे से बनी यह खाद फरीदाबाद के साथ-साथ दिल्ली और गुरुग्राम जैसे शहरों के लोग भी खरीद रहे हैं। यह खाद एक नेचुरल प्रोसेस से बनती है और इसका इस्तेमाल किचन गार्डन और पार्कों में किया जाता है।  फरीदाबाद की समर पाम सोसायटी की रहने वाली बबीता सिंह पेशे से कंटेंट राइटर हैं और फ्रीलांसर के तौर पर काम करती हैं। उनकी कई किताबें पब्लिश हो चुकी हैं। बबीता सिंह को कचरे से खाद बनाने का आइडिया YouTube वीडियो देखकर आया। उन्होंने YouTube से खाद बनाने का पूरा प्रोसेस सीखा। उन्होंने 2021 में एक ड्रम से शुरुआत की। शुरुआत में वह अपनी और अपने पड़ोसियों की रसोई से कचरा इकट्ठा कर रही थीं। धीरे-धीरे, दूसरे लोग भी उनकी इस मुहिम से जुड़ने लगे। उनके पास ऐसे दर्जनों ड्रम हैं, जिनमें खाद तैयार की जा रही है। पूरी सोसायटी का कचरा यहीं पर डाला जाता है और उससे खाद तैयार की जाती है। सोसायटी में 776 से ज़्यादा परिवार रहते हैं। रोज़ाना 400 kg कचरा निकलता है। 

परीक्षा केंद्रों पर बड़ा अपडेट: 4 दिसंबर तक दर्ज होंगी आपत्तियाँ, 30 दिसंबर को फाइनल सूची होगी जारी

लखनऊ यूपी बोर्ड ने 10वीं और 12वीं परीक्षा के लिए प्रस्तावित परीक्षा केंद्रों की सूची जारी कर दी है। जारी सूची के मुताबिक 7448 परीक्षा केन्द्रों पर बोर्ड परीक्षा होगी। जिसकी जानकारी upmsp.edu.in पर अपलोड कर दी गई है। शिक्षा विभाग ने परीक्षा केंद्रों को लेकर 4 दिसंबर तक आपत्ति मांगी है। 30 दिसंबर को विभाग द्वारा फाइनल परीक्षा केंद्रों की सूची जारी कर दी जाएगी। 30 दिसंबर को आएगी फाइनल सूची यूपी बोर्ड ने जिन 7448 परीक्षा केंद्रों की सूची जारी की गई है। उनमें 3054 वित्त पोषित (फाइनेंस नॉन-गवर्नमेंट) स्कूल 910 सरकारी स्कूल और 3484 सहायता प्राप्त (एडेड) स्कूल शामिल हैं। आपको बताते चले कि पिछले साल बोर्ड परीक्षा के लिए 7657 केंद्र प्रस्तावित किए (UP Board 10th 12th Exam) गए थे। जिनमें 3512 स्कूल एडेड, 3205 वित्त पोषित और 940 सरकारी स्कूलों शामिल किया गया था। इसका मतलब यह है कि विभाग ने इस बार 209 परीक्षा केंद्रों की संख्या कम कर दी है। बता दें कि हाई स्कूल और इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षाएं एक साथ 18 फरवरी 2026 से शुरू होंगी, जो कि 12 मार्च 2026 तक चलेंगी। ये परीक्षाएं दो पालियों में होगी। पहली पाली में (8:30 से 11:45 बजे तक) – हाईस्कूल की हिंदी और प्रारंभिक हिंदी परीक्षा होगी। दूसरी पाली (2:00 से 5:15 बजे तक) – इंटरमीडिएट की हिंदी और सामान्य हिंदी परीक्षा होगी। इंटरमीडिएट की संस्कृत परीक्षा 12 मार्च 2026 को दूसरी पाली में आयोजित होगी।

प्रदूषण में सुधार: दिल्ली की हवा घुटन से बाहर, 24 दिनों बाद AQI में बड़ी गिरावट

नई दिल्ली  दिल्ली-एनसीआर में तेज हवाओं के कारण रविवार को वायु गुणवत्ता (AQI) में सुधार हुआ। लगातार 24 दिनों से 'बेहद खराब' श्रेणी में रहने वाली हवा थोड़ी साफ हुई। उत्तर-पश्चिमी तेज हवाओं के कारण दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद में आसमान साफ ​​होने के साथ-साथ हल्की राहत मिली। दिल्ली का समग्र वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) सोमवार को 'खराब' श्रेणी में रहा। सोमवार सुबह यह 300 पर रहा, जो रविवार के 270 से अधिक के स्तर से थोड़ा अधिक है। रविवार 30 नवंबर को दिल्ली में 24 दिनों से जारी 'बहुत खराब' श्रेणी की हवा का सिलसिला खत्म हो गया। उत्तर-पश्चिमी तेज हवाओं के कारण शहर और आसपास के क्षेत्रों जैसे उत्तर प्रदेश के नोएडा, गाजियाबाद और हरियाणा के गुरुग्राम और फरीदाबाद में आसमान साफ ​​होने के साथ-साथ हल्की राहत मिली। सोमवार सुबह लगभग 8:05 बजे दिल्ली का समग्र AQI 300 रीडिंग के साथ 'खराब' श्रेणी में था। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के समीर ऐप पर सूचीबद्ध 38 निगरानी केंद्रों में से 23 ने 'बहुत खराब' स्तर का वायु गुणवत्ता सूचकांक दर्ज किया। रविवार को शहर में AQI 279 (खराब) दर्ज किया गया, जो एक दिन पहले 305 (बहुत खराब) से बेहतर था। नेहरू नगर में सबसे खराब AQI सोमवार सुबह 8:05 बजे समीर ऐप पर उपलब्ध रीडिंग के अनुसार, नेहरू नगर स्टेशन के मॉनिटरिंग स्टेशन का AQI सबसे खराब 354 रहा, जबकि द्वारका स्टेशन का AQI सबसे अच्छा 202 रहा। नेहरू नगर के अलावा, रोहिणी (343), बवाना (339), आरके पुरम (338), मुंडका (330), पंजाबी बाग (329), आनंद विहार (327), वजीरपुर (325), शादीपुर (324) और जहांगीरपुरी (321) के मॉनिटरिंग स्टेशन सबसे खराब AQI वाले 10 स्टेशनों में शामिल हैं। तेज हवाओं ने राहत पहुंचाई इंडियामेटस्काई पोर्टल चलाने वाले ऐश्वर्या तिवारी ने रविवार के साफ आसमान का कारण तेज हवाओं को बताया। पहाड़ों से मैदानी इलाकों की ओर तेज़ उत्तर-पश्चिमी हवाएं चल रही थीं, जिससे न सिर्फ दिल्ली, बल्कि पंजाब और हरियाणा में भी हवा में सुधार हुआ। सीपीसीबी के आंकड़ों के अनुसार, शनिवार दोपहर से हवाएं तेज हो गईं। दिन भर 10-15 किमी/घंटा की गति से चलती रहीं और रात में भी इसमें कोई ठहराव नहीं देखा गया। विशेषज्ञों का कहना है कि इस निरंतर हवा के प्रवाह ने पिछले तीन हफ्तों से हवा में जमा हुए प्रदूषकों को तितर-बितर करने में मदद की। दिल्ली का तापमान 6 डिग्री से नीचे आईएमडी की वेबसाइट के अनुसार, सोमवार को दिल्ली के सफदरजंग स्टेशन से प्राप्त रीडिंग में न्यूनतम तापमान 5.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह सामान्य से 4.6 डिग्री कम है। यह इस मौसम का सबसे कम न्यूनतम तापमान और कम से कम 2022 के बाद से नवंबर का सबसे कम तापमान है। इससे पहले, दिल्ली में बुधवार 26 नवंबर को तीन साल में सबसे कम तापमान दर्ज किया गया था। न्यूनतम तापमान 8 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया था, जो सामान्य से तीन डिग्री कम था।  

वन्यजीवन में नई उम्मीद: रणथंभौर में बाघिन T-2307 ने दिए तीन शावक

सवाई माधोपुर प्रदेश के सबसे बड़े रणथंभौर टाइगर रिजर्व से वन्यजीव प्रेमियों के लिए एक बार फिर खुशी की खबर सामने आई है। रणथंभौर में शावकों की किलकारी गूंजी है। बाघिन टी-2307 ने तीन शावकों को जन्म दिया है। इस बात की पुष्टि प्रदेश के वन मंत्री संजय शर्मा ने अपने सोशल मीडिया पर जानकारी साझा कर की है। वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार रणथंभौर की कुंडेरा रेंज में गश्त के दौरान कुछ दिन पूर्व वनकर्मियों ने बाघिन टी-2307 को अपने तीन शावकों के साथ देखा था। हालांकि उस समय फोटो या वीडियो नहीं लिया जा सका था, इसलिए आधिकारिक पुष्टि संभव नहीं हो पाई थी। अब विभागीय फोटो ट्रैप कैमरे में बाघिन टी-2307 अपने तीनों शावकों के साथ कैद हुई है, जिसके बाद इसकी औपचारिक पुष्टि कर दी गई। वन विभाग के अनुसार बाघिन टी-2307 की उम्र लगभग 4 वर्ष है। यह बाघिन टी-111 एवं बाघ टी-121 की बेटी है। यह उसका पहला लिटर है। फिलहाल बाघिन की टेरिटरी कुंडेरा रेंज के बावड़ी तिराहा, बैरदा एवं लाहपुर सेल एरिया में है। शावकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विभाग ने क्षेत्र में मॉनिटरिंग एवं ट्रैकिंग बढ़ा दी है।

मौसम में करवट: बादल घिरेंगे, कई इलाकों में आज होगी बरसात

रायपुर ऊपरी वायुमंडल में हवा के साथ आ रही नमी से छाए बादल दिन में ठंडक लेकर आए. अगले दो दिन तक इसी तरह की स्थिति रहने का अनुमान है. इस दौरान दिन का पारा चढ़ने से रात की ठंड में थोड़ी कमी आएगी. दिसंबर महीने की शुरुआत प्रदेश के कई इलाकों में हल्की बारिश और ठंडी के साथ होने की संभावना है. कई इलाकों में अलर्ट भी जारी किया गया है. आने वाले पश्चिमी विक्षोभ की वजह से मौसम में उतार-चढ़ाव बने रहने की संभावना है. रविवार को राज्य का 8 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया. श्रीलंका चक्रवाती सिस्टम की वजह से राज्य में नमी का प्रवेश हो रहा है. इसके प्रभाव से रविवार को दिन में रायपुर समेत प्रदेश के कई इलाकों में बादल छा गए. धूप का प्रभाव कम होने से पारा नहीं चढ़ पाया और मौसम में थोड़ी ठंडकता महसूस हुई. राज्य में रात का औसत तापमान एक डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हुई. मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि नमी का प्रभाव एक दो दिन बने रहने की संभावना है. इससे रात के न्यूनतम तापमान में दो से पांच डिग्री सेल्सियस तक वृद्धि होने के आसार हैं. इसके साथ दिसंबर के महीने में ठंड बढ़ने के साथ उतार-चढ़ाव की स्थिति भी बने रहने की संभावना है. पिछले चौबीस घंटे में राज्य का सबसे अधिक तापमान 30.8 डिग्री सेल्सियस दुर्ग का रिकार्ड किया. वहीं न्यूनतम पारा अंबिकापुर का था. रायपुर का न्यूनतम तापमान 14.6 तथा अधिकतम पारा 27.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है. इन क्षेत्रों में बारिश का अलर्ट मौसम विभाग ने सुकमा, बीजापुर, दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा, बस्तर, नारायणपुर, कोंडागांव, उत्तर बस्तर कांकेर, धमतरी, गरियाबंद, महासमुंद, रायपुर, बलौदा बाज़ार, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, बिलासपुर, कोरबा, जशपुर और दुर्ग में हलकी वर्षा की संभावना जताई है. यहां यलो अलर्ट जारी किया गया है. आज कैसा रहेगा राजधानी में मौसम? राजधानी में सुबह के वक्त बादल छाए हुए हैं, लोगों का अच्छी ठंडी महसूस हो रही है. मौसम विभाग ने आज आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना जताई है. 24 घंटों में तापमान 16 से 28 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है.

स्कूल बसें आमने-सामने भिड़ीं: रोहतक में बड़ा सड़क हादसा, कई मासूम जख्मी

रोहतक  रोहतक में लाखनमाजरा-जींद रोड पर सोमवार सुबह दो स्कूल बसों की भीषण टक्कर में 11 बच्चे और एक महिला घायल हो गए। हादसे में दो बच्चों की हालत गंभीर बताई जा रही है। सभी घायलों को उपचार के लिए पीजीआई रोहतक में भर्ती कराया गया है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार एक बस बच्चों को स्कूल लेकर जा रही थी, जबकि दूसरी बस बच्चों को एक शादी समारोह से वापस ला रही थी। जैसे ही दोनों वाहन लाखनमाजरा-जींद रोड पर आमने-सामने आए, तेज रफ्तार के कारण जोरदार भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों बसों का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे के तुरंत बाद मौके पर राहगीरों की भीड़ जुट गई और लोगों ने राहत-बचाव कार्य शुरू करते हुए बच्चों को बाहर निकाल अस्पताल पहुंचाया। घटना की जानकारी मिलते ही बच्चों के परिजन और संबंधित स्कूल प्रबंधन के अधिकारी भी पीजीआई पहुंच गए। डॉक्टरों के अनुसार, दो बच्चों की हालत नाजुक बनी हुई है, जबकि बाकी घायलों का इलाज जारी है। पुलिस ने दोनों बसों को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, हादसा तेज रफ्तार और लापरवाही से ड्राइविंग की वजह से हुआ, हालांकि विस्तृत जांच रिपोर्ट के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से स्कूल बसों की फिटनेस, रूट परमिट और ड्राइवरों की जांच के लिए सख्त कदम उठाने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

किंग इज़ किंग! सहवाग ने विराट कोहली की पुरानी वाली आग पर दिया बड़ा बयान

नई दिल्ली  अपने दौर के सबसे खतरनाक और विस्फोटक बल्लेबाज रहे वीरेंदर सहवाग का अपना खास अंदाज है। मैदान में भी उनका एक अलग ही बेखौफ अंदाज था और संन्यास के बाद मैदान से बाहर भी एक अलहदा, बेलौस अंदाज है। रांची में रविवार को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ विराट कोहली की खेली गई शानदार शतकीय पारी से वीरू अभिभूत हैं। उन्होंने किंग कोहली की तारीफ में कहा है कि उनके लिए रन बनाना उतना ही आसान है, जितना हमारे लिए चाय बनाना। किंग किंग ही रहता है।   रविवार को रांची में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 3 वनडे सीरीज के पहले मैच में विराट कोहली ने 120 गेंद में 135 रन की जबरदस्त पारी खेली। इस दौरान उन्होंने 11 चौके और 7 छक्के जड़े। इस मैच में भी विराट कोहली और रोहित शर्मा की सुपरहिट जोड़ी अपने रंग में दिखी। ऐसा लग रहा था कि दोनों दिग्गज अक्टूबर में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सिडनी वनडे में खेली गई अपनी पारियों को ही रांची में बढ़ा रहे हैं। सिडनी में दोनों ने 168 रन की नाबाद साझेदारी की थी। रांची में भी दोनों का बल्ला गरजा और दूसरे विकेट के लिए 136 रन की शानदार साझेदारी की। सिडनी में शतक बनाने वाले रोहित ने रांची में अर्धशतक बनाया। तब अर्धशतक जड़ने वाले विराट कोहली ने अब शतक बनाया। भारत ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पहले बल्लेबाजी करते हुए 349 रन बनाए और मैच को 17 रन से जीत लिया। विराट कोहली का ओडीआई में यह 52वां शतक था। इस तरह उन्होंने किसी एक फॉर्मेट में सबसे ज्यादा शतकों के सचिन तेंदुलकर के रिकॉर्ड को तोड़ दिया। किंग कोहली पहले ही सचिन के सबसे ज्यादा 49 शतकों के रिकॉर्ड को तोड़ चुके थे। अबकी बार उन्होंने किसी एक फॉर्मेट में सबसे ज्यादा अंतरराष्ट्रीय शतक का रिकॉर्ड अपने नाम किया। इससे पहले यह रिकॉर्ड सचिन तेंदुलकर के नाम था जिन्होंने टेस्ट में ये रिकॉर्ड बनाया था। सचिन के नाम टेस्ट में 51 शतक हैं। विराट कोहली की शानदार पारी की तारीफ में वीरेंदर सहवाग ने लिखा, ‘विराट कोहली ने फिर दिखाया रन बनाना उनके लिए उतना ही आसान है जितना हमारे लिए चाय बनाना। 52वां ओडीआई शतक। कोहली रिकॉर्ड का पीछा नहीं कर रहे, रिकॉर्ड कोहली का पीछा कर रहे हैं। आज भी भूख वही, जुनून वही। किंग तो किंग ही रहता है!’ पूर्व क्रिकेटर मोहम्मद कैफ ने भी कोहली की शान में कसीदे पढ़े। उन्होंने लिखा, 'विराट कोहली ने दिखाया कि पुराना अब भी अच्छा है। छक्कों की बरसात से माहौल सेट किया, विकट गिर रहे थे तब टिका रहा और शतक पहुंचने के बाद टूट पड़ने वाली आक्रामकता। मास्टरक्लास ओडीआई पारी, युवाओं के लिए सीख।'