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वाराणसी और सीमावर्ती जिलों में उद्योग, लॉजिस्टिक्स और पर्यटन से विकास की बयार

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पूर्वांचल में विकास और समृद्धि का जो अभियान शुरू हुआ था, अब वह जमीनी स्तर पर दिखाई दे रहा है। वाराणसी और आसपास के जिलों में धार्मिक-पर्यटन के साथ-साथ औद्योगिक और लॉजिस्टिक क्षेत्रों में भी तेज प्रगति हो रही है। उत्तर प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी बनाने में पूर्वांचल की भी महत्वपूर्ण भूमिका रहने वाली है। 2017 से पहले पूर्वांचल को माफियाओं और पिछड़ेपन के लिए जाना जाता था लेकिन मुख्यमंत्री योगी की नीतियों ने इसे विकास का रोल मॉडल बना दिया है।    पूर्वांचल लिख रहा है विकास की महागाथा पूर्वांचल आजादी के बाद से ही विकास के मामले में उपेक्षित रहा है। 2017 में उत्तर प्रदेश की सत्ता संभालने के बाद सीएम योगी ने पूर्वांचल में विकास के लिए व्यापक रणनीति बनाई। प्रदेश सरकार के अनुसार वर्तमान समय में वाराणसी में 48 चालू परियोजनाएं क्रियान्वित हैं। इसमें से 1,180.95 करोड़ रुपये का निवेश हुआ है। इन परियोजनाओं से 3,472 युवाओं को प्रत्यक्ष रोजगार प्राप्त हुआ है। आगे 48 नई औद्योगिक परियोजनाएं और स्वीकृत की गई हैं जिनमें 5,702.18 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है। इन परियोजनाओं से 12,110 रोजगार सृजित होने का अनुमान है। इस प्रकार कुल मिलाकर 15 हजार से अधिक रोजगार बनने का आधार तैयार हो चुका है।  विकास परियोजनाओं से पूर्वांचल के उद्योगपति उत्साहित  वाराणसी और पूर्वांचल क्षेत्र में औद्योगिक विकास की गति तेज हो गई है, जिससे इस क्षेत्र के लोगों को रोजगार के नए अवसर मिल रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में वाराणसी एक प्रमुख औद्योगिक केंद्र के रूप में उभर रहा है। इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आर के चौधरी ने सीएम योगी की तारीफ करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार ने औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए कई पहल की हैं। इसमें निवेशकों को आकर्षित करने के लिए नीतियों और सुविधाओं का विकास शामिल है। प्रदेश सरकार वाराणसी और पूर्वांचल क्षेत्र को देश का प्रमुख औद्योगिक केंद्र बनाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि यहां के लोग और उद्योगपति सरकार के प्रयासों से प्रसन्न हैं। औद्योगिक विकास में रोड, ट्रेन और एयर कनेक्टिविटी का सीधा लाभ मिल रहा है।  निवेश बढ़ने से उद्योग और लॉजिस्टिक्स का मजबूत ढांचा तैयार वाराणसी और पूर्वांचल के जिलों में उद्योग, लॉजिस्टिक्स और भंडारण क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। औद्योगिक इकाइयों, खाद्य प्रसंस्करण, वस्त्र-उद्योग, घरेलू उत्पादों और हस्तकला आधारित इकाइयों को बढ़ावा दिया गया है। प्रदेश सरकार द्वारा उद्योगों को भूमि, विद्युत, परिवहन और अनुमति प्रक्रियाओं में सरलता देने से निवेशकों का झुकाव पूर्वांचल की ओर बढ़ा है। भंडारण और परिवहन सुविधाओं के विस्तार से स्थानीय कृषि-उत्पाद, दूध, सब्जियां, अनाज और फल अब क्षेत्रीय बाजारों के साथ-साथ बड़े शहरों तक पहुंच पा रहे हैं। अकेले वाराणसी में 2017 से अब तक, 35,705.07 लाख रुपये की 79 परियोजनाओं के माध्यम से विकास परियोजनाओं को प्राथमिकता दी गई है।  एग्री-लॉजिस्टिक्स और ग्रामीण भंडारण से मजबूत हो रही आपूर्ति श्रृंखला पूर्वांचल में कृषि-आधारित उद्योगों को विशेष प्रोत्साहन दिया गया है। वाराणसी सहित आसपास के जिलों में कृषि-उत्पादों के संग्रहण, छंटाई, पैकिंग और भंडारण की सुविधा बढ़ाई गई है। गोरखपुर के धुरियापार इंडस्ट्रियल टाऊनशिप योजना को रेल और सड़क दोनों से कनेक्ट किया जा रहा है। इसे लगभग 5500 एकड़ में विकसित किया जा रहा है। यह टाउनशिप 17 गांवों में फैली है। इससे कृषि आधारति उद्योगों को यातायात और कनेक्टिविटी में बहुत सहूलियत होगी। स्थानीय स्तर पर बने बड़े भंडारण केन्द्रों और आपूर्ति-श्रृंखला इकाइयों ने किसानों और छोटे व्यापारियों की आय को सुरक्षित किया है। इसके साथ ही, ग्रामीण स्तर पर बन रहे गोदामों और शीत-भंडारण केन्द्रों से खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को कच्चा माल पास में ही उपलब्ध हो रहा है, जिससे उत्पादन लागत कम हो रही है।

इंजीनियरिंग का कमाल! भारत की इकलौती डायमंड क्रॉसिंग जहाँ हर पल सुरक्षित गुजरती रेलगाड़ियाँ

नई दिल्ली भारत में रेलवे आने-जाने का सबसे सस्ता और सुगम साधन है। भारतीय रेलवे रोजाना लाखों लोगों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक सकुशल और सुगमता से पहुंचाती है, इसीलिए भारतीय रेलवे को देश की लाइफलाइन भी कहा जाता है। आपने रेल से यात्रा करते हुए कई बार ट्रेन को क्रॉसिंग से गुजरते हुए देखा होगा। लेकिन क्या आपने कभी ऐसी रेलवे क्रॉसिंग को देखा है जिस पर से चारों तरफ से ट्रेन गुजरती है और फिर भी कभी एक दूसरे से नहीं टकराती है। है न कमाल की बात। भारत में एक रेलवे क्रॉसिंग ऐसी भी है, जिस पर पूर्व, पश्चिम, उत्तर, दक्षिण, चारों तरफ से ट्रेन गुजरती है। दरअसल, ये रेलवे क्रॉसिंग महाराष्ट्र के नागपुर रेलवे स्टेशन पर देखने को मिलता है। इसे डायमंड क्रॉसिंग कहा जाता है। जहां पटिरियां एक-दूसरे को चारों ओर से क्रॉस करती हैं।   नागपुर में डॉयमंड क्रॉसिंग महाराष्ट्र के नागपुर में स्थित यह रेलवे स्टेशन भारत के सबसे बिजी जंक्शनों में से एक है। यहां से देश के चार प्रमुख रेल मार्ग ऐसे एक-दूसरे को क्रॉस करते हैं कि इसे ऊपर से देखने पर ट्रैक हीरे के आकार का नजर आता है। यही कारण है कि इसे डॉयमंड क्रॉसिंग कहा जाता है। इस रूट पर रोजाना हजारों की संख्या में ट्रेनों लाखों यात्रियों को लेकर गुजरती हैं। क्यों नहीं टकराती ट्रेनें? अब आपके मन में सवाल उठ रहा होगा कि आखिर ये ट्रेन आपस में टकराती क्यों नहीं है? तो आपको बता दें कि इंजीनियरिंग का कमाल है। इसकी सफलता का राज इंटरलॉकिंग सिस्टम और ऑटोमैटिक सिग्नल टेक्नोलॉजी में छिपा है। यह सिस्टम इस तरह काम करता है कि एक समय में केवल एक ही ट्रेन को क्रॉसिंग से गुजरने की इजाजत देता है। इस तकनीक के कारण बिना की हादसे की ट्रेनों का संचालन क्रॉसिंग से होता रहता है।  

कोहली के पैर छूने पहुंचा फैन… फिर पुलिस ने कर दी ऐसी कार्रवाई कि मच गया हंगामा!

रायपुर भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच बुधवार को शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए दूसरे वनडे के दौरान बड़ा हंगामा खड़ा हो गया। भारतीय पारी के दौरान ड्रिंक्स ब्रेक में एक युवक अचानक सुरक्षा घेरे को तोड़कर मैदान में घुस आया और विराट कोहली के पैर छूए। हालांकिस सुरक्षा कर्मियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसे मौके पर ही पकड़ लिया। अब यह अपडेट सामने आया है कि पुलिस ने युवक को गिरफ्तार कर लिया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में साफ दिखाई देता है कि सुरक्षाकर्मी युवक को कंधे पर उठाकर मैदान से बाहर ले जा रहे हैं, जबकि स्टेडियम में मौजूद दर्शक इस सारी घटना को शोर और हंसी के बीच देख रहे थे। आरोपी की पहचान चंदप्रकाश बंजारे (निवासी: नकटा गांव) के रूप में हुई है। मंदिर हसौद थाना पुलिस ने इस घटना के बाद उसके खिलाफ प्रतिबंधात्मक धाराओं में मामला दर्ज किया है। पूछताछ में युवक ने खुद को विराट कोहली का कट्टर प्रशंसक बताया। गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब कोहली का कोई फैन सुरक्षा व्यवस्था को धता बताकर मैदान में घुसा हो। रांची वनडे में भी एक फैन उनके चरणों में लेट गया था, जिसकी तस्वीरें खूब वायरल हुई थीं। विराट कोहली ने रायपुर में जड़ा 53वां ODI शतक मैच में विराट कोहली ने अपना 53वां ODI शतक जमाते हुए 102 रन बनाए, जबकि भारत ने 359 रन का लक्ष्य दिया था। शानदार पीछा करते हुए दक्षिण अफ्रीका ने यह लक्ष्य आखिरी ओवर में हासिल कर लिया।

खेल समय बर्बाद करने का नहीं, हमारे जीवन के सर्वांगीण विकास का माध्यम हैं : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

आत्मनिर्भर भारत, विकसित भारत का संकल्प पूरा करने में खेलों की अहम भूमिका है : सीएम योगी आदित्यनाथ   मुख्यमंत्री ने गोरखपुर में आयोजित 69वीं राष्ट्रीय विद्यालयीय खेल प्रतियोगिता- 2025 के (ग्रीको रोमन) कुश्ती के विजेताओं को पुरस्कृत किया  गोरखपुर   वीर बहादुर सिंह स्पोर्टस कालेज, गोरखपुर में आयोजित 69वीं राष्ट्रीय विद्यालयीय खेल प्रतियोगिता- 2025 के (ग्रीको रोमन) कुश्ती के विजेताओं को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुरस्कृत किया। इस अवसर पर उन्होंने 17 एवं 19 आयु वर्ग के विजेताओं को पदक व पुरस्कार देकर सम्मानित किया और प्रतियोगियों को संबोधित करते हुए कहा कि खेल-कूद, हमारे जीवन के सर्वांगीण विकास का माध्यम है और जिस तरह से विश्व खेल मानचित्र पर हमारे खिलाड़ी देश का मान बढ़ा रहे हैं ये हम सभी के लिए गौरव का विषय है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए हमारी सरकार ने प्रदेश में खेल सुविधाओं को कमिश्नरी से जनपद और जनपद से ब्लाक स्तर व प्रत्येक स्कूल-कॉलेजों में विकसित करने के जरूरी कदम उठाये हैं। साथ ही उन्होंने वर्ष 2030 में देश में आयोजित होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स की पदक तालिका में अपना नाम दर्ज करने के लिए खिलाड़ियों को प्रोत्साहित किया।     स्कूलों में शिक्षा के साथ खेलों को भी महत्व देना जरूरी  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 69वीं राष्ट्रीय विद्यालयीय खेल प्रतियोगिता- 2025 के अवसर पर विजेताओं को शुभकामानएं दी और कहा कि खेल कूद वर्तमान में समय बर्बाद करने का नहीं बल्कि जीवन का सर्वांगीण विकास करने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि भारतीय मनीषा हमेशा से मानती रही है कि शरीरमाद्यं खलु धर्मसाधनम् …अर्थात स्वस्थ्य शरीर से ही सभी धर्म पूरे किये जा सकते हैं। यही नहीं खेल कूद अपने अपने आप में विकास की एक नई धारा को प्रसारित कर रहे हैं। प्रधानमंत्री जी ने आत्मनिर्भर भारत, विकसित भारत का जो संकल्प हम सबके सामने प्रस्तुत किया है, उसके लिए भारतवासियों, देश के नौजवानों का स्वस्थ्य होना बहुत जरूरी है। यह संभव होगा जब हम स्कूल-कॉलेजों में शिक्षा के साथ खेलों को भी समान रूप से महत्व देंगे। हमारी सरकार ने इस दिशा में कई जरूरी कदम उठाए हैं।      हर जनपद में एक स्टेडियम और हर ब्लॉक पर एक मिनी स्टेडियम का हो रहा है निर्माण मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि हमारी सरकार ने प्रदेश में खेलों के विकास के लिए हर जनपद में एक स्टेडियम और हर ब्लॉक पर एक मिनी स्टेडियम का निर्माण करने का निर्णय लिया है। वर्तमान में 18 जनपदों के राजकीय कॉलेजों में मिनी स्टेडियम का निर्माण कराया जा रहा है, जिसके लिए प्रत्येक कॉलेज को लगभग 5 करोड़ रुपए उपलब्ध कराया जा रहा हैं। इसी क्रम में गोरखपुर मंडल में गोरखपुर और महाराजगंज के राजकीय कॉलेजो में भी मिनी स्टेडियम का निर्माण हो रहा है। साथ ही स्कूल कॉलेज में खेलों को प्रोत्साहित करने के उद्देंश्य प्रत्येक कॉलेज को 25000 रुपए, बेसिक शिक्षा और माध्यमिक विद्यालयों को ₹5000 और जूनियर हाई स्कूल को 10000 रुपये प्रदान किया जा रहा है। हमारा बच्चा खेलेगा तभी तो खिलेगा और अपनी प्रतिभा का लाभ देश को दे पाएगा। उन्होंने बताया कि सरकार के प्रयास से हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद जी के नाम से मेरठ में स्पोर्टस् युनिवर्सिटी का निर्माण भी किया जा रहा है।  आत्मबल और आत्मविश्वास हमें किसी भी प्रतियोगिता में दिलाते हैं विजय- सीएम योगी आदित्यनाथ सीएम योगी आदित्यनाथ ने खेल प्रतियोगिता के प्रतिभागियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि वर्ष 2030 में अहमदाबाद में कॉमनवेल्थ गेम्स का आयोजन किया जा रहा है, जो खिलाड़ी आज अंडर 17 और 19 आयु वर्ग में खेल रहे हैं, उन्हें कॉमनवेल्थ गेम्स की पदक तालिका में अपना नाम दर्ज करना है। उन्होंने प्रतियोगिता के उपविजेताओं और हार गये प्रतिभागियों को निराश हुए बिना अपनी कमियों पर परिश्रम कर, दृढ़ संकल्प से आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि हमारी सबसे पहली प्रतियोगिता स्वंय से होती है, जब हम आत्मबल और आत्मविश्वास के साथ किसी भी प्रतियोगिता में भाग लेते हैं तो विजय मिलना जरूरी है। इससे पहले उन्होंने राष्ट्रीय कुश्ती प्रतियोगिता के 17 व 19 आयुवर्ग की कुश्ती का फाइनल मैच भी देखा और विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कार प्रदान किये।

तालिबान का पाकिस्तान पर वार: कहा– हमारे देश में गुप्त योजनाएँ लागू कर रहा इस्लामाबाद

काबुल अफगानिस्तान के विदेश मंत्री आमिर खान मुत्ताकी ने गुरुवार को स्थानीय मीडिया के साथ बातचीत के दौरान पाकिस्तान पर बड़ा आरोप लगाया है। अफगानी विदेश मंत्री ने कहा कि पाकिस्तान काबुल पर रहस्यमय परियोजनाएं थोपने की कोशिश कर रहा है। पाकिस्तान आर्थिक दबाव, सीमा बंदी और राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल करके तालिबान सरकार को अस्थिर करने का प्रयास कर रहा है।  अफगानी मिडीया के अनुसार, काबुल में एक सभा को संबोधित करते हुए मुत्ताकी ने कहा कि पाकिस्तान को उम्मीद है कि तालिबान के व्यापार रूट बंद करने के बाद अफगानिस्तान के लोग नाराज होंगे और तालिबानी शासक पर दबाव डालेंगे। उसके ऐसा करने से अफगानिस्तान में कोई कमी या अशांति नहीं हुई। दूसरे क्षेत्रों के साझेदारों ने काबुल को जरूरी सामान सप्लाई किया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान अपने लगभग सभी पड़ोसियों के साथ लंबे समय से विवादों में फंसा हुआ है। तालिबान ने पिछले चार सालों में पाकिस्तानी सरकार की चिंताओं को दूर करने के लिए पहले ही कदम उठाए हैं, जिसमें वजीरिस्तानी ट्राइबल परिवारों को बॉर्डर से हटाना और अतिरिक्त बॉर्डर फोर्स तैनात करना शामिल है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को उम्मीद है कि तालिबान सब कुछ देगा, जबकि इस्लामाबाद खुद अपनी आंतरिक सुरक्षा से जुड़ी समस्याओं का समाधान नहीं कर पा रहा है। अफगानिस्तान के विदेश मंत्री आमिर खान मुत्ताकी ने भारत के साथ अफगानिस्तान के बढ़ते रिश्तों का बचाव किया और पाकिस्तान को जमकर फटकार लगाई। पाकिस्तान को भारत और अफगानिस्तान की दोस्ती देखकर मिर्ची लग रही है। पाकिस्तान दोनों देशों के बीच के संबंध से तिलमिलाया हुआ है, यही कारण है कि वह लगातार यह कह रहा है कि अफगानिस्तान की सरकार भारत के इशारे पर चल रही है। हालांकि, अफगानिस्तानी विदेश मंत्री ने पाकिस्तान को जमकर लताड़ा है। मुत्ताकी ने कहा, "पाकिस्तान का भारत में दूतावास है, तो अफगानिस्तान को इस हक से क्यों दूर रखा जाना चाहिए? हम भारत के साथ अपने रिश्ते मजबूत करेंगे और इसे रोकने का हक किसी को नहीं है।" उन्होंने कहा, "हमें किसी भी देश के साथ रिश्ते बनाने का पूरा हक है।" मुत्तकी ने इसके बाद पाकिस्तान का नाम लेते हुए उसे आईना दिखाया और कहा कि पाकिस्तान खुद भारत में राजनयिक मौजूदगी रखता है।

मुरादाबाद,रामपुर,अमरोहा, संभल में धार्मिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा, स्रजित होंगे रोजगार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रेरणा से पर्यटन मंत्री की उपस्थिति में हुये भव्य कार्यक्रम बरेली मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने और नये रोजगार विकसित करने के उद्देश्य से मुरादाबाद मंडल में गुरुवार और शुक्रवार को भव्य कार्यक्रमों का आयोजन हो रहा है। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह की मौजूदगी में मुरादाबाद, रामपुर, अमरोहा और सम्भल जनपदों में कुल 26 परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया जाएगा। इन परियोजनाओं पर योगी सरकार 26.11 करोड़ रुपये खर्च कर रही है। चारों जिलों में धार्मिक स्थलों के व्यापक विकास, आधुनिक सुविधाओं और सौंदर्यीकरण से न केवल श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा मिलेगी बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार व पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। उपनिदेशक पर्यटन बरेली रविंद्र कुमार ने बताया कि इन परियोजनाओं से स्थानीय स्तर पर रोजगार, हस्तशिल्प, परिवहन और होटल उद्योग को नई ऊर्जा मिलेगी। योगी सरकार धार्मिक आध्यात्मिक विरासत को सहेजने के साथ-साथ आधुनिक सुविधाओं से जोड़ते हुए नए पर्यटन मॉडल को गति दे रही है। चारों जिलों में होने वाले कार्यक्रम इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे हैं। अमरोहा में 4.62 करोड़ के लोकार्पण, 1.39 करोड़ के शिलान्यास अमरोहा में वर्ष 2023-24 के तहत 4 परियोजनाओं के लोकार्पण में 4.62 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। इनमें धनौरा, हसनपुर, नौगवां सादात और अमरोहा सदर क्षेत्र के प्राचीन शिव एवं वासुदेव मंदिरों पर मल्टीपरपज सेंटर, यात्री हाल, टॉयलेट ब्लॉक, प्रकाश व्यवस्था और सौंदर्यीकरण का कार्य शामिल है। वहीं 1.39 करोड़ की 2 नई परियोजनाओं का शिलान्यास किया जाएगा। इसके अलावा वासुदेव मंदिर पर 4.59 करोड़ की पूर्व परियोजना पूरी हो चुकी है। आगे 2025-26 के लिए 3.17 करोड़ की 4 नई परियोजनाओं का प्रस्ताव भी भेजा गया है। मुरादाबाद में लोकार्पण में 4.72 करोड़, कई बड़े मंदिरों का कायाकल्प मुरादाबाद में 2023-24 की 4 परियोजनाओं का लोकार्पण 4.72 करोड़ रुपये की लागत से होगा। इनमें कामेश्वर महादेव, पौड़ाखेड़ा मंदिर, रतुपुरा शिव मंदिर और हनुमान समाधि आश्रम में आधुनिक सुविधाएं विकसित की गई हैं। वर्ष 2025-26 में 3 परियोजनाओं के शिलान्यास हेतु 3.33 करोड़ स्वीकृत हैं, जिनमें कुंदरकी महादेव मंदिर, द्वारिकाधीश मंदिर और विश्नोई मंदिर शामिल हैं। चंद्रदेव महाराज मंदिर और गायत्री नगर के शिव मंदिर की परियोजनाएं भी तेज़ी से आगे बढ़ रही हैं। रामपुर में 3.31 करोड़ के कार्य पूर्ण, 98 लाख की नई परियोजना रामपुर में 2023-24 की 3 परियोजनाओं के लोकार्पण में 3.31 करोड़ खर्च किए गए हैं। नवाबगंज, मदारपुर और रूपापुर के प्राचीन शिव मंदिरों का विकास पूर्ण हो चुका है। वहीं 2024-25 में 98 लाख की नई परियोजना का शिलान्यास होगा। इसके साथ ही 2025-26 के लिए 4.56 करोड़ की 4 नई योजनाओं का प्रस्ताव भेजा जा चुका है। सम्भल में 3.37 करोड़ का लोकार्पण, 6.05 करोड़ की सबसे बड़ी सौगात सम्भल जिले में 2023-24 की 3 परियोजनाओं का लोकार्पण 3.37 करोड़ रुपये से किया गया है। इनमें कल्कि मंदिर परिसर, हरिबाबा धाम आश्रम और कैलादेवी मंदिर का समग्र विकास शामिल है। साल 2025-26 में जिले को सबसे बड़ी सौगात 6.05 करोड़ की 3 मेगा परियोजनाओं कुरुक्षेत्र तीर्थ, नैमिषारण्य तथा मनोकामना तीर्थ के विकास कार्यों के रूप में मिलेगी। इसके पहले जिले में सूर्यकुंड, चंद्रेश्वर महादेव और अन्य प्रमुख मंदिरों पर 4.11 करोड़ की योजनाएं पूरी हो चुकी हैं। दो नई परियोजनाओं के लिए 1.83 करोड़ का प्रस्ताव भी भेजा गया है।

शुक्रवार को पंजाब में बड़ा ऐलान! 19 जिलों में बदले हालात, जानें पूरी खबर

चंडीगढ़ ट्रेन का सफर करने वाले यात्रियों के लिए बेहद जरूरी खबर है। दरअसल, कल यानी 5 दिसंबर को पंजाब में किसानों द्वारा रेलवे ट्रैक जाम करने का बड़ा ऐलान किया गया है। किसानों ने एक बार फिर “रेल रोको आंदोलन” की कॉल दी है। इसके चलते कल पंजाब में कई ट्रेनों को रोका जाएगा, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। अगर आपका भी कल ट्रेन से सफर करने का प्लान है, तो सोच-समझकर ही घर से निकलें। मिली जानकारी के अनुसार, किसान-मज़दूर मोर्चा और किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने यह कॉल दी है। आंदोलन के दौरान दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक ट्रेनों की आवाजाही पूरी तरह ठप रहेगी। किसानों की ओर से राज्य के 19 जिलों में 26 स्थानों पर ट्रेनों को रोका जाएगा। किसानों का कहना है कि उनकी मांगे पूरी नहीं की जा रही हैं, जिसके चलते उन्हें यह विरोध प्रदर्शन करना पड़ रहा है।  उनकी प्रमुख मांगों बिजली सुधार बिल 2025 को रद्द करना, एमएसपी की कानूनी गारंटी, प्रीपेड मीटर हटाकर दोबारा पुराने मीटर लगाना शामिल हैं। किसानों का आरोप है कि सरकार उनकी समस्याओं और मांगों पर ध्यान नहीं दे रही, इसलिए वे मजबूरी में आंदोलन कर रहे हैं। साथ ही किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द ही उनकी मांगे नहीं मानीं, तो वे संघर्ष और भी तेज करेंगे। 

जालौन में जल क्रांति : योगी आदित्यनाथ सरकार की नीतियों से सुधरा भूजल और किसानों का भविष्य

जिले में दो मीटर तक बढ़ा भूजल स्तर, बदली खेतों की तस्वीर पानी की उपलब्धता से कृषि चक्र हुआ स्थिर, पलायन में आई भारी कमी लखनऊ  कभी सूखे खेतों और गहराते जल संकट के लिए पहचाने जाने वाला जालौन आज उत्तर प्रदेश में जल संरक्षण की एक मजबूत मिसाल बनकर उभरा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की नीतियों और निरंतर प्रयासों ने इस जिले की भाग्य रेखा को बदलने का काम किया है। जो जालौन कभी एक-एक बूंद के लिए संघर्ष करता था आज वहीं कई ब्लॉकों में भूजल स्तर 2 मीटर बढ़ा है और कहीं- कहीं तो अधिक सुधर चुका है। यह परिवर्तन एक दिन में नहीं आया। पिछले कुछ वर्षों में जिले में हजारों जल संरक्षण संरचनाएं बनी हैं। चेक डैमों से लेकर पुनर्जीवित तालाबों तक खेतों में बनाए गए फार्म पॉन्ड्स तक इन सबने जालौन में जल पुनर्भरण के मजबूत ढांचे का निर्माण किया है। बारिश का पानी अब इकट्ठा होकर जमीन में जाने लगा है, इससे भूजल वाटर लगातार रिचार्ज हो रहा है। जालौन के कई हिस्सों में किसान आवश्यकता के समय सिंचाई के लिए भूजल नहीं प्राप्त कर पाते थे। लेकिन आज बेहतर वाटर टेबल की वजह से कई ब्लॉकों में ट्यूबवेल पंपिंग के घंटे 1 से 5 गुना तक बढ़ गए हैं। बिजली आपूर्ति में सुधार और भूजल स्तर बढ़ने से किसान अब 2 से 3 अतिरिक्त घंटे पानी निकाल पा रहे हैं। इससे सिंचाई लागत कम हुई है और कृषि चक्र स्थिर हुए हैं। जालौन जिले के अंतर्गत गांव सैद नगर की निवासी महिला विद्या का कहना है कि योगी जी की सरकार ने पानी के मामले में अत्यंत सराहनीय काम किया है। खेती किसानी के लिए जहां सिंचाई व्यवस्था दुरुस्त हुई है वही हम महिलाओं को अब दूर से पानी लेने नहीं जाना पड़ता है। सरकार ने बहुत बड़ा काम किया है इसके लिए हम सभी सरकार के अत्यंत आभारी हैं। पानी की उपलब्धता ने कृषि को नई दिशा दी है। खरीफ में धान और बाजरा जैसे फसलों के क्षेत्रफल और पैदावार में तेज वृद्धि दर्ज की गई है जबकि रबी उत्पादन भी बेहतर हुआ है। बुंदेलखंड पैकेज के तहत दालों और तिलहनी फसलों के उत्पादन में 20 से 30 प्रतिशत तक की वृद्धि हुई है जिससे किसानों को स्थिर और भरोसेमंद आय का स्रोत मिला है। कृषि से आगे बढ़कर सामाजिक स्तर पर भी इसका सकारात्मक प्रभाव दिखाई दे रहा है। कभी बुंदेलखंड के अन्य इलाकों की तरह जालौन भी मौसमी पलायन की समस्या से जूझता था। पानी की उपलब्धता बढ़ने फसल स्थिर होने और अनिश्चितता घटने से अब पलायन में भारी कमी आई है। किसानों में यह विश्वास लौट आया है कि उनकी जमीन खरीफ और रबी दोनों मौसमों में उन्हें संभालेगी। इस सफलता में आम जनता की भागीदारी ने भी अहम भूमिका निभाई है। जल पंचायतों और पानी पाठशालाओं जैसे कार्यक्रमों ने स्थानीय स्वामित्व की भावना बढ़ाई है और जल संरक्षण को सरकारी योजना के बजाय सामुदायिक आंदोलन का रूप दिया है। यह सामूहिक उपलब्धि राष्ट्रीय स्तर पर तब सम्मानित हुई जब जालौन को राष्ट्रीय जल पुरस्कार 2024 में उत्तर क्षेत्र का सर्वश्रेष्ठ जिला चुना गया। कमी से समृद्धि की यात्रा में यह एक गौरवशाली उपलब्धि है। जालौन की यह कहानी बताती है कि लगातार नीति समुदाय की साझेदारी और दृढ़ संकल्पित शासन क्या बदलाव ला सकते हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कुशल नेतृत्व और बुंदेलखंड क्षेत्र के लोगों के प्रति उनकी संवेदना ने जल क्रांति के मामले में ऐतिहासिक मिसाल कायम की है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पंच प्रण को बताया शाश्वत मंत्र

गोरखपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के संस्थापक सप्ताह समारोह-2025 के शुभारंभ अवसर पर आत्मनिर्भर व विकसित भारत का भी जिक्र किया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए पंच प्रण को शाश्वत मंत्र बताया। सीएम योगी ने कहा कि पीएम मोदी ने आजादी के अमृत महोत्सव के दौरान देशवासियों के सामने लक्ष्य रखा कि 2047 में देश जब आजादी का शताब्दी महोत्सव मना रहा होगा, तब हमें आत्मनिर्भऱ, विकसित भारत चाहिए। जहां हर व्यक्ति खुशहाल और परस्पर सौहार्द के साथ मिलकर दुनिया की महाशक्ति के रूप में स्थापित करने के लिए अपनी भूमिका का निर्वहन कर रहा हो। वहां जाति, भाषा, क्षेत्र का विवाद और अभाव न हो। कोई नागरिक आपदा का शिकार न हो। हर व्यक्ति आत्मनिर्भर व स्वावलंबन का जीवन व्यतीत करते हुए राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन कर सके। सीएम ने कहा कि भारत विकसित तब हो सकता है, जब हर व्यक्ति पंच प्रण पर ध्यान दे।  एसडीआरएफ के उपाध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल योगेंद्र डिमरी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के संस्थापक सप्ताह समारोह-2025 का शुभारंभ किया।  सीएम ने पंच प्रण को बताया शाश्वत मंत्र  सीएम ने पंच प्रण को शाश्वत मंत्र बताया और कहा कि यह हर नागरिक पर समान रूप में लागू होते हैं।  पहला प्रणः विरासत पर गौरव की अनुभूति यानी पूर्वजों की थाती। हर भारतवासी को पूर्वजों, संस्कृति, महापुरुषों पर गौरव की अनुभूति करनी चाहिए। महाराणा प्रताप, गुरु गोविंद सिंह महाराज, छत्रपति शिवाजी महाराज, रानी लक्ष्मीबाई, पं. रामप्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खां, रोशन सिंह उसी परंपरा के नायक हैं, जिसे हर भारतवासी विरासत कहता है। अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर का निर्माण व धर्मध्वजा का आरोहण विरासत की श्रृंखला की महत्वपूर्ण कड़ी है।  दूसरा प्रणः गुलामी के अंशों को पूरी तरह समाप्त करना- सीएम ने कहा कि बीच के कालखंड में हर देशवासी भूल गया कि जब दुनिया अंधकार में थी, तब भारत बड़ी ताकत था। दो हजार वर्ष पहले दुनिया की अर्थव्यवस्था में भारत का हिस्सा 46 फीसदी और चार सौ वर्ष पहले भारत की भागीदारी का हिस्सा 26 फीसदी था। देश जब आजाद हुआ, तब दुनिया की अर्थव्यवस्था में भारत का हिस्सा महज डेढ़ फीसदी रह गया था। अंग्रेज व विदेशी आक्रांता जब भारत को लूटकर ले गए थे, उसकी कीमत उस समय लगभग 32-35 ट्रिलियन डॉलर के बराबर थी। आज भारत की अर्थव्यवस्था मात्र चार ट्रिलियन डॉलर की है। अब भारत दुनिया की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित हुआ है। हाल के सर्वे के मुताबिक दुनिया ने माना है कि भारत सबसे तेज गति के साथ बढ़ने वाला राष्ट्र बन गया है। भारत की यात्रा शानदार इसलिए है, क्योंकि हमने विरासत पर गौरव की अनुभूति की और गुलामी के अंशों को समाप्त किया।  तीसरा प्रणः सैन्य बलों का सम्मानः सैनिक, यूनिफॉर्म धारी फोर्स (सेना, अर्धसेना, पुलिस बल) का सम्मान करना है। उनके बलिदान व सेवाओं के प्रति सम्मान व कृतज्ञता होनी चाहिए।  चौथे प्रण की चर्चा कर सीएम योगी ने कहा कि विदेशी आक्रांता इसलिए सफल हुए, क्योंकि हम विभाजित थे, जाति-क्षेत्र, भाषा के नाम पर बंटे थे। पड़ोस में आग लगी है और हम निश्चिंत बैठे हैं तो देर-सवेर आग आप तक भी पहुंचेगी। सामाजिक विद्वेष की खाई को चौड़ा होने से रोकना होगा। हमारी पहचान राष्ट्रीयता के आधार पर होनी चाहिए। सामाजिक भेदभाव की खाई को दूर करना, राष्ट्रीय एकता के लिए प्राण प्रण से जुड़ना होगा।  पांचवें प्रण के रूप में नागरिकों कर्तव्यों का निर्वहन का जिक्र करते हुए सीएम ने कहा कि दूसरों के ऊपर कानून लागू होगा और हमारे ऊपर नहीं होगा। यही प्रवृत्ति ही सारी समस्याओं की जड़ है। कानून दूसरों के लिए है तो मेरे लिए भी होना चाहिए। सीएम ने कहा कि छात्र, शिक्षक, व्यापारी, जनप्रतिनिधि समेत हर नागरिक अपने उत्तरदायित्वों का निर्वहन करता है तो पंच प्रण आत्मनिर्भर व विकसित भारत की संकल्पना को आगे बढ़ाने में सहायक बनेगा। यदि देश एक दिशा में कार्य करने लग जाएगा तो 2047 आते-आते भारत विकसित होगा।  समारोह में महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, जिला पंचायत अध्यक्ष साधना सिंह, कुलपति प्रो. पूनम टंडन, प्रो. जेपी सैनी, प्रो. रविशंकर सिंह, डॉ. सुरेंद्र सिंह, विधायक फतेह बहादुर सिंह, विपिन सिंह, महेंद्र पाल सिंह, इंजी. सरवन निषाद, प्रदीप शुक्ला, विधान परिषद सदस्य डॉ. धर्मेंद्र सिंह, रतनपाल सिंह, पूर्व महापौर अंजू चौधरी आदि मौजूद रहे।

प्रदेश को एडवेंचर हब बनाने की मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड की पहल

भोपाल  पर्यटन, संस्कृति और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में प्रदेश को प्रमुख पर्यटन गंतव्य बनाने के लिये विभिन्न आयोजन एवं गतिविधियाँ संचालित की जा रही हैं। इसी क्रम में मध्यप्रदेश को एडवेंचर टूरिज्म का हब बनाने के उद्देश्य से उज्जैन में स्काई-डाइविंग के पाँचवे संस्करण का आयोजन 12 दिसंबर 2025 से 15 फरवरी 2026 तक दताना एयरस्ट्रिप, उज्जैन में किया जाएगा। उज्जैन में दो माह की अवधि के लिए पर्यटक 10 हजार फीट की ऊँचाई से छलांग लगाकर महाकाल की नगरी के नए और रोमांचकारी दर्शन का अवसर प्राप्त करेंगे। राज्य मंत्री श्री लोधी ने बताया कि स्काई-डाइविंग फेस्टिवल के चार सफल संस्करणों और एडवेंचर गतिविधियों के प्रति पर्यटकों के उत्साह को देखते हुए इस वर्ष पाँचवे संस्करण का आयोजन किया जा रहा है। विगत चार संस्करणों में 700 से अधिक पर्यटकों ने इस रोमांचक गतिविधि का आनंद लिया है। दताना एयरस्ट्रिप पर एडवेंचर प्रेमी आसमान में उड़ने के रोमांच का अनुभव कर सकेंगे। स्काई डाइविंग का शुल्क तीस हज़ार रुपये प्लस जीएसटी रखा गया है। इसका समय प्रतिदिन सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक निर्धारित है। इच्छुक प्रतिभागी www.skyhighindia.com पर बुकिंग  कर सकते हैं। अपर मुख्य सचिव पर्यटन, संस्कृति, गृह और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व श्री शिव शेखर शुक्ला ने बताया कि संस्था M/s Goforth Adventure Pvt. Ltd. (Sky-high India) द्वारा स्काई डाइविंग गतिविधि संचालित की जाएगी। इसके लिए विशेष Aircraft New CESSNA 182P (fully modified for sky-diving) का उपयोग होगा, जिसकी कुल क्षमता 6 सदस्यों की है। एक समय में 2 प्रतिभागी, 2 प्रशिक्षित इंस्ट्रक्टर्स के सहयोग से स्काई डाइविंग कर सकेंगे। भविष्य में स्काई डाइविंग के साथ अन्य एयर-बेस्ड गतिविधियाँ भी शुरू की जाएंगी। आधुनिक और बेहद सुरक्षित होगी राइड स्काई डाइविंग का संचालन Directorate General of Civil Aviation (DGCA) एवं United States Parachute Association (USPA) द्वारा प्रमाणित संस्था स्काई-हाई इंडिया द्वारा किया जा रहा है। स्काई डाइविंग में उपयोग किए जाने वाले एयरक्राफ्ट का पंजीकरण नागरिक विमानन निदेशालय से सुनिश्चित है। संस्था द्वारा अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप प्रशिक्षित स्काई डाइवर एवं सुरक्षा प्रोटोकॉल के साथ गतिविधि संचालित की जाएगी, जिससे प्रतिभागियों को सुरक्षित और यादगार अनुभव प्राप्त हो सके।  एडवेंचर गतिविधियों का भी आयोजन मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड द्वारा प्रदेश में विभिन्न एडवेंचर गतिविधियों का भी आयोजन किया जा रहा है। पर्यटक और एडवेंचर लवर्स जटाशंकर रॉक क्लाइम्बिंग चैलेंज (9 से 19 जनवरी 2026), फोरसिथ ट्रेल रन (8 फरवरी 2026), फोरसिथ ट्रेक (24 से 26 जनवरी 2026), बर्ड वॉक (वन विहार भोपाल, बिसन खेड़ी, दौलत बड़ौदा इंदौर, पोआमा नर्सरी छिंदवाड़ा), पेंच ट्रैकिंग ट्रेल सहित कई रोमांचकारी गतिविधियों का अनुभव भी ले सकते हैं।