samacharsecretary.com

क्या खत्म होगी मुफ्त बिजली की सुविधा? 8 दिसंबर को सरकार का अहम ऐलान

गुरदासपुर  संयुक्त किसान मोर्चा, पावर कॉम संगठन और मजदूर संगठन 8 दिसम्बर को दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक पावर कॉम के सब-डिवीजन ऑफिस के सामने विरोध प्रदर्शन करेंगे और बिजली संशोधन बिल की कॉपियां जलाएंगे। इस संबंध में शहीद बलजीत सिंह भवन गुरदासपुर में संयुक्त किसान मोर्चा और पावर कॉम और मजदूर संगठनों के निमंत्रण पर एक बड़ी तैयारी बैठक हुई। जिसमें सभी किसान, मजदूर और बिजली कर्मचारी संगठनों के नेताओं ने भाग लिया। इसकी अध्यक्षता किसान नेता गुरदीप सिंह मुस्तफाबाद और पावर कॉम संगठन नेता बलपुरियां ने संयुक्त रूप से की। मीटिंग को संबोधित करते हुए मक्खन सिंह कोहाड़ (डेमोक्रेटिक किसान सभा), सुखदेव सिंह भागोकावां (पंजाब किसान यूनियन), तरलोक सिंह बहरामपुर (किरती किसान यूनियन), लखविंदर सिंह मंजियांवली (बीकेयू उगराहां), मंगत सिंह जीवन चक (बीकेयू डकौंदा), जगजीत सिंह अलूना (कुल हिंद किसान सभा), राज गुरविंदर सिंह लाडी (क्रांतिकारी किसान यूनियन), अजीत सिंह हुंदल, बच्चा सिंह भबोई, गुरमुख सिंह खैरा, अश्वनी कुमार लखन कलां, लेबर लीडर राज कुमार कुमार पंडोरी, ध्यान सिंह ठाकुर, बलविंदर सिंह उदीपुर, शिव कुमार, गुलजार सिंह भुंबली और बिजली कर्मचारी संगठनों के नेता मेजर सिंह बलपुरिया, सलविंदर सिंह ने संबोधित करते हुए कहा कि बिजली संशोधन बिल 2025 सभी लोगों के लिए बहुत खतरनाक है। केंद्र सरकार अपनी बनाई कमेटियों का फायदा उठाकर जनविरोधी नीतियां अपना रही है। केन्द्र सरकार की सभी नीतियां कॉरपोरेट सेक्टर के हक में हैं। अब उन्हें बिजली संशोधन बिल के जरिए बिजली के डिस्ट्रीब्यूशन को पूरी तरह से प्राइवेटाइज करना है। मोबाइल फोन की तरह पहले पैसे दो फिर प्रयोग करों की नीति अधीन बिजली संशोधन बिल अधीन हर मीटर में एक चिप लगाई जाएगी। सबसिडी पूरी तरह खत्म कर दी जाएगी। टयूबवैल वालों के मुफ्त बिजली की सुविधा भी खत्म कर दी जाएगी और टयूबवैलों पर भी मीटर लगाए जाएंगे। गरीबों को मिलने वाली मुफ्त बिजली सुविधा खत्म हो जाएगी। नेताओं ने कहा कि इस बिल को रोकना बहुत जरूरी है लेकिन यह बहुत अफसोस की बात है कि पंजाब सरकार ने अभी तक इस पर कोई फैसला नहीं लिया है और बिल का विरोध करने के लिए कुछ नहीं कहा है जबकि पंजाब सरकार ने कहा था कि वह इसका विरोध करेंगी लेकिन वह चुप बैठी हैं। अगर पंजाब सरकार इस बिल के विरोध में असेंबली का स्पेशल सेशन नहीं बुलाती है और इसके विरोध में कोई प्रस्ताव पास नहीं करती है तो मान सरकार के खिलाफ एक बड़ा मोर्चा खोला जाएगा।   फैसले के मुताबिक, इस संबंध में पावर कॉम के सभी सब-डिवीजनों गुरदासपुर, बटाला, कलानौर, डेरा बाबा नानक, फतेहगढ़ चूडिय़ां, कादियां, श्री हरबिंदपुर, बहरामपुर, दीना नगर, जोड़ा छत्तरां, काहनूवान आदि में किसान, मजदूर, बिजली कर्मचारी और अन्य जनहित संगठन दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक धरने देंगे और बिल की कॉपियां जलाएंगे। नेताओं ने सभी बिजली उपभोक्ताओं से इन धरनों और आने वाली बड़ी लड़ाई में शामिल होने की जोरदार अपील की। इस मौके पर उक्त के अलावा रघबीर सिंह चहल, गुरमीत सिंह थानेवाल, कुलजीत सिंह सिधवां जमीता, रणजीत सिंह राणा, रजिंदर सिंह सोना और बलप्रीत सिंह घराला, बलबीर सिंह और कई अन्य नेता भी मौजूद थे। एक प्रस्ताव के जरिए चार लेबर विरोधी कोड का विरोध किया गया, कॉन्ट्रैक्ट पर काम कर रहे अलग-अलग डिपार्टमेंट के कर्मचारियों के संघर्ष का समर्थन किया गया और लेबर ऑफिस को गुरदासपुर से बटाला शिफ्ट करने का कड़ा विरोध किया गया।

डॉ. भीमराव अंबेडकर के 69वें महापरिनिर्वाण दिवस पर कांग्रेसजनों ने दी श्रद्धांजलि

सामाजिक न्याय ,ज्ञान व समानता के प्रतीक थे डॉ भीमराव अम्बेडकर : प्रदीप अहिरवार भोपाल संविधान निर्माता भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर जी के 69वें महापरिनिर्वाण दिवस पर अनुसूचित जाति विभाग व शहर कांग्रेस द्वारा बोर्ड ऑफिस चौराहा स्थित बाबा साहेब प्रतिमा स्थल तथा प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में कांग्रेसजनों ने पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम में एससी विभाग के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप अहिरवार, पूर्व मंत्री पी.सी. शर्मा, शहर कांग्रेस अध्यक्ष प्रवीण सक्सेना, पार्षद गुड्डू चौहान, अभिषेक शर्मा, नीरज चांडाले, हेमंत नरवरिया, डॉ. विक्रम चौधरी सहित अनेक वरिष्ठ नेता एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। इस अवसर पर श्री प्रदीप अहिरवार ने कहा कि डॉ. अंबेडकर ने सामाजिक समानता, शिक्षा, मानवाधिकार और न्याय के लिए आजीवन संघर्ष किया। वंचित और शोषित समाज को अधिकार दिलाने की उनकी लड़ाई भारतीय लोकतंत्र की बुनियाद है। श्री पी सी शर्मा ने कहा कि बाबा साहेब के विचार आज भी समाज को समानता और संवैधानिक मूल्यों के लिए संघर्षरत रहने की प्रेरणा देते हैं।

राष्ट्र पहले: सेवा और अनुशासन को लेकर सीएम योगी का स्पष्ट विज़न

लखनऊ  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने होमगार्ड के जवानों को सेवा का मूलमंत्र देते हुए कहा कि सेवा ही सम्मान है, अनुशासन ही पहचान है तथा राष्ट्रहित ही हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। शनिवार को उत्तर प्रदेश होमगार्ड्स के 63वें स्थापना दिवस समारोह में सम्मिलित होकर सीएम योगी ने भव्य रैतिक परेड की सलामी ली और जवानों की कर्तव्यनिष्ठा की सराहना की। उन्होंने कहा कि आपका अनुशासन, निष्ठा व त्याग हमारे समाज को सुरक्षित व संरक्षित बनाने में बड़ी भूमिका का निर्वहन करता है। आप केवल एक बल के स्वयंसेवक नहीं, बल्कि समाज के विश्वास के साथ ही प्रदेश सरकार की शक्ति हैं। इस अवसर पर उन्होंने होमगार्ड्स के विभिन्न मेडल प्राप्त अधिकारियों व कर्मचारियों को सम्मानित भी किया। उन्होंने कहा कि सरकार ने ऐसी व्यवस्था की है कि अब हर थाने में होमगार्ड जवानों के लिए रूम आरक्षित होगा, जिसमें वे यूनिफॉर्म व आवश्यक कागजात को सुरक्षित रख सकेंगे। वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विभाग से कहा कि होमगार्ड के जवान को आयुष्मान भारत की तर्ज पर कैशलेस स्वास्थ्य की सुविधा उपलब्ध हो, इसके लिए प्रस्ताव बनाकर भेजें, सरकार इसे आगे बढ़ाएगी। उत्तर प्रदेश होमगार्ड स्थापना दिवस के अवसर पर सभी जवानों व अधिकारियों को बधाई व शुभकामनाएं देते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि होमगार्ड स्थापना दिवस केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि अनुशासन, समर्पण व सेवा भावना का प्रतीक है। आज यहां होमगार्ड संगठन के ऊर्जावान जवानों द्वारा अत्यंत उच्च कोटि की रैतिक परेड का प्रदर्शन किया गया है, जो होमगार्ड विभाग की क्षमता, उच्च अनुशासन और अनवरत परिश्रम को दर्शाता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तारीफ करते हुए कहा कि कार्यक्रम में सम्मिलित सभी होमगार्ड जवान, जिनकी वेशभूषा, सेरिमोनियल ड्रेस, परिसर की साज-सज्जा और हरियाली आकर्षक व सम्मोहित करने वाली है, जो किसी भी संगठन व फोर्स के लिए प्रेरणादायी क्षण होना चाहिए। सीएम योगी ने कहा कि आज भारत के संविधान के शिल्पी बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर का पावन महापरिनिर्वाण दिवस है। यह दिन प्रेरणा दिवस है। बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर ने प्रत्येक भारतीय को एक ही प्रेरणा दी कि हमारी पहचान परिवार, जाति, क्षेत्र व भाषा से नहीं, बल्कि जन्म से लेकर अंतिम यात्रा तक केवल भारतीयता की होनी चाहिए। इसी भारतीयता की पहचान का पालन हमें करना है। प्रधानमंत्री मोदी ने आजादी के अमृत महोत्सव वर्ष में हर भारतवासी से कहा था कि यूनिफॉर्म धारी प्रत्येक व्यक्ति के प्रति सम्मान हम सबके मन में होना चाहिए। यह तभी होगा जब इस प्रकार का प्रदर्शन व परिसर बनाने के लिए हम प्रतिबद्ध दिखाई देंगे। इससे हर भारतीय के मन में श्रद्धा व सम्मान का भाव झलकेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 6 दिसंबर 1963 को उत्तर प्रदेश होमगार्ड्स की स्थापना हुई थी। तभी से यह संगठन सुरक्षा कवच की तरह उत्तर प्रदेश पुलिस बल का संबल बना हुआ है। उन्होंने कहा कि मुझे प्रसन्नता है कि राष्ट्रपति पदक से वर्ष 2024 में विशिष्ट सेवा के लिए 3, सराहनीय सेवाओं के लिए 11 तथा वर्ष 2025 में सराहनीय सेवाओं के लिए 3 जवानों को अलंकृत किया गया है। भारत सरकार द्वारा 38 कमेंडेशन डिस्क भी उत्तर प्रदेश के जवानों को मिले हैं। पहले होमगार्ड के जवानों को उपेक्षित कर दिया जाता था, लेकिन अब राष्ट्रपति व गृह मंत्रालय के सम्मान से भी पुरस्कृत किया जा रहा है। सीएम योगी ने कहा कि होमगार्ड संगठन अब केवल पुलिस बल के सहायक के रूप में नहीं है। पुलिस के साथ कानून-व्यवस्था व शांति का माहौल बनाए रखने में तो योगदान मिलता ही है, साथ ही यातायात संचालन, डायल 112, चुनाव के दौरान न केवल प्रदेश बल्कि अन्य राज्यों में भी इनकी मांग होती है। जेल सुरक्षा, आपदा नियंत्रण, सार्वजनिक इमारतों की सुरक्षा, बड़े आयोजनों जैसे कि महाकुंभ तथा परीक्षाओं के सफल आयोजन में भी यह संगठन व्यापक स्तर पर कार्य कर रहा है। प्रदेश में वर्तमान में आपदा मित्रों की नियुक्ति हो रही है और होमगार्ड विभाग ने आपदा प्रबंधन विभाग के साथ मिलकर 4 हजार से अधिक युवाओं को प्रशिक्षण उपलब्ध कराया है। महाकुंभ 2025 का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि होमगार्ड के 14 हजार से अधिक जवानों को तैनात किया गया था और सभी ने उनकी सराहना की थी। विभाग अपनी वेबसाइट व होमगार्ड मित्र ऐप के माध्यम से पारदर्शी व डिजिटल व्यवस्था विकसित कर रहा है, जिसके द्वारा उपस्थिति, ड्यूटी भत्ता, यूनिफॉर्म भत्ता और भुगतान की जानकारी आसानी से उपलब्ध करायी जा रही है। मुख्यमंत्री योगी ने बताया कि प्रदेश के पर्व-त्योहारों, अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस, आजादी के अमृत महोत्सव, तिरंगा मार्च, पर्यावरण व जल संरक्षण जैसे अभियानों में भी होमगार्ड विभाग महत्वपूर्ण योगदान देता है। इन सेवाओं को हमें याद रखना होगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान जब अन्य राज्यों में फंसे हुए उत्तर प्रदेश के कामगारों व श्रमिकों को वापस लाने में कठिनाई थी, तब परिवहन विभाग के हर वाहन में 1-2 होमगार्ड जवानों को लगाया गया। उन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना प्रत्येक व्यक्ति को सुरक्षित लाने में योगदान दिया। इसके बाद जब मैं पहली बार स्थापना दिवस कार्यक्रम में आया तो मैंने घोषणा की थी कि किसी भी जवान के बलिदान होने पर परिवार को 5 लाख रुपए की अनुग्रह राशि दी जाएगी। इसके तहत अब तक 2871 दिवंगत जवानों के आश्रितों को 143 करोड़ रुपए से अधिक की धनराशि का भुगतान किया जा चुका है। 

विश्व उथल-पुथल में था, भारत बना अलग पहचान—PM मोदी का बड़ा बयान जारी

नई दिल्ली रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात करने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज हिंदुस्तान टाइम्स लीडरशिप सम्मिट में कई अहम बातें कहीं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत आत्मविश्वास के पथ पर अग्रसर है, जिससे देश विश्वास का स्तंभ बनकर उभर रहा है। पीएम मोदी ने कहा कि जब पूरी दुनिया मंदी झेल रही थी तब भारत आगे बढ़ रहा था। भारत विकास पर पथ पर अग्रसर रहा। दुनिया ने कई चुनौती झेली लेकिन हमारा भारत आगे ही बढ़ता रहा पीएम मोदी ने कहा कि हम एक ऐसे मोड़ पर हैं जहां 21वीं सदी का एक हिस्सा बीत चुका है और दुनिया ने कई उतार-चढ़ाव देखे हैं – वित्तीय संकट, वैश्विक महामारी आदि इन परिस्थितियों ने किसी न किसी रूप में दुनिया को चुनौती दी है। आज दुनिया अनिश्चितताओं से भरी है, लेकिन इन सबके बीच हमारा भारत एक अलग ही स्तर पर दिखाई दे रहा है। भारत आत्मविश्वास से भरा हुआ है। भारत पर इसका कोई असर नहीं पड़ा है। दुनिया में स्लोडाउन की बात होती है, तब भारत ग्रोथ की कहानी लिखता है पीएम मोदी ने कहा कि जब दुनिया में स्लोडाउन की बात होती है, तब भारत ग्रोथ की कहानी लिखता है। जब दुनिया में ट्रस्ट का क्राइसिस दिखता है, तब भारत ट्रस्ट का पिलर बन रहा है। जब दुनिया फ्रेगमेंटेशन की तरफ जा रही है, तब भारत ब्रिज बिल्डर बन रहा है। भारत की ये उपलब्धियां सामान्य बात नहीं प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की ये उपलब्धियां सामान्य बात नहीं है। ये सिर्फ आंकड़ों की बात नहीं है। ये एक फंडामेंटल चेंज है, जो बीते दशक में भारत लेकर आया है। आज जब हम यहां ट्रांसफॉर्मिंग टूमारो की बात रहे हैं, तो हमें ये भी समझना होगा कि ट्रांसफॉर्मेशन का जो विश्वास पैदा हुआ है, उसका आधार वर्तमान में हो रहे कार्यों की एक मजबूत नींव है। आज के रिफॉर्म्स और आज की परफॉर्मेंस हमारे कल के ट्रांसफॉर्मेशन का रास्ता बना रहे हैं। लंबी गुलामी ने भारत के आत्मविश्वास को हिला दिया था पीएम मोदी ने कहा कि आप भी जानते हैं कि कोई भी देश बिना आत्मविश्वास के आगे नहीं बढ़ सकता। दुर्भाग्य से लंबी गुलामी ने भारत के इसी आत्मविश्वास को हिला दिया था। और इसकी वजह थी, गुलामी की मानसिकता। गुलामी की ये मानसिकता विकसित भारत के लक्ष्य की प्राप्ति में बहुत बड़ी रुकावट है। इसलिए, आज का भारत गुलामी की मानसिकता से मुक्ति पाने के लिए काम कर रहा है। आज हर सेक्टर में कुछ न कुछ बेहतर हो रहा: पीएम मोदी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज देश के हर सेक्टर में कुछ न कुछ बेहतर हो रहा है। हमारी गति कॉन्स्टेंट है, हमारी डायरेक्शन कंसिस्टेंट है और हमारा इंटेंट नेशन फर्स्ट का है। शिप बिल्डिंग हो या डिफेंस मैन्यूफैक्चरिंग का क्षेत्र हो। आज हर सेक्टर में गुलामी की मानसिकता को पीछे छोड़कर नए गौरव को हासिल करने का प्रयास किया जा रहा है।

विद्युत विभाग का बड़ा एक्शन, 88 बकायादारों के काटे गए कनेक्शन

अवैध रूप से उपयोग पर होगी एफआईआर रायपुर,   बिजली बिल की लगातार बढ़ती राशि पर प्रभावी नियंत्रण तथा लंबे समय से बिल जमा नहीं करने वाले उपभोक्ताओं पर कार्यवाही के लिए विद्युत विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। विगत दिवस बलरामपुर- रामानुजगंज  जिले के बरियो वितरण केंद्र में विशेष वसूली अभियान चलाया गया, जिसके तहत विभागीय टीम ने बड़ी कार्रवाई की। मुख्य अभियंता छत्तीसगढ विद्युत वितरण कंपनी अम्बिकापुर क्षेत्र श्री यशवंत शिलेदार के नेतृत्व में ,अधीक्षण अभियंता श्री के.एन. सिंह, कार्यपालन अभियंता बलरामपुर श्री प्रकाश अग्रवाल तथा  जिले में पदस्थ सभी सहायक एवं कनिष्ठ अभियंताओं की संयुक्त टीम सुबह 10:00 बजे ही बरियो पहुंची और बकायादारों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की शुरुआत की। इस दौरान 88 बड़े बकायादारों के विद्युत कनेक्शन की बकाया राशि 23 लाख96 हज़ार 988 रुपये के लिए काटे गए। 24 बकायादारों ने तत्काल अपने बकाये का भुगतान करते हुए कुल 9 लाख 19 हज़ार 563 रुपये जमा किए। मुख्य अभियंता श्री शिलेदार ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बकाया वसूली के लिए प्रतिदिन इसी प्रकार सघन मुहिम चलाएं, ताकि बकाया राशि की रिकवरी में तेजी लाई जा सके। उन्होंने निर्देश दिए है कि जिन उपभोक्ताओं के कनेक्शन काटे गए हैं, उनके घरों की शाम के समय नियमित जांच की जाए। यदि कोई उपभोक्ता अनाधिकृत रूप से बिजली उपयोग करते पाया जाता है तो उसके विरुद्ध भारतीय विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 135 के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही आसपास से अनाधिकृत कनेक्शन लेकर बिजली उपयोग करने पर धारा 138 के तहत एफआईआर दर्ज कर न्यायालयीन कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए है। विद्युत विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे समय पर बिजली बिल जमा कर कार्य में सहयोग दें अन्यथा नियमों के अनुरूप आवश्यक कार्रवाई अनिवार्य रूप से की जाएगी।

कम उम्र में बड़ा मुकाम हासिल करने वाले आर्यन सुंदरानी का प्रेरक संबोधन

रायपुर, राष्ट्रीय सिंधी भाषा विकास परिषद, शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार, नई दिल्ली के तत्वावधान में मैक कॉलेज ऑडिटोरियम, समता कॉलोनी रायपुर में सिंधी स्टूडेंट्स सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। इस सम्मेलन में देशभर से वे प्रतिष्ठित व्यक्तित्व आमंत्रित थे, जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्र में कम समय में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहे छत्तीसगढ़ के युवा फिल्म निर्माता आर्यन सुंदरानी, जिन्हें उनकी कम उम्र में ही फिल्म निर्माण, एल्बम निर्माण व छत्तीसगढ़ी लोक संस्कृति को बढ़ावा देने के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया। सम्मेलन में आर्यन सुंदरानी ने अपने संघर्षों, अनुभवों और सफलता की यात्रा को विद्यार्थियों के साथ साझा किया। उन्होंने बताया कि फिल्म निर्माण की दुनिया जितनी आकर्षक दिखती है, उतनी ही चुनौतियों से भरी होती है। फिल्म निर्माण और एल्बम तैयार करने में आने वाली जटिलताओं—जैसे सीमित संसाधन, तकनीकी मुश्किलें, टीम मैनेजमेंट और कम बजट में गुणवत्तापूर्ण प्रोडक्शन—के बारे में विस्तार से चर्चा करते हुए उन्होंने युवा प्रतिभाओं को इन समस्याओं के व्यावहारिक समाधान भी बताए। आर्यन सुंदरानी ने छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक संस्कृति, पारंपरिक कला, संगीत और यहां की सांस्कृतिक विरासत पर गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि वे अपनी फिल्मों और प्रोजेक्ट्स के माध्यम से इस संस्कृति को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए लगातार प्रयासरत हैं। उनके गहन वक्तव्य से उपस्थित छात्र-छात्राएं प्रेरित हुए और सम्मेलन का वातावरण उत्साह से भर गया। राष्ट्रीय सिंधी भाषा विकास परिषद द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम न केवल प्रतिभाओं को मंच देने का माध्यम बना, बल्कि विद्यार्थियों के लिए दिशा-दर्शक भी सिद्ध हुआ। कार्यक्रम में उपस्थित युवा प्रतिभाओं ने आर्यन सुंदरानी और अन्य वक्ताओं के मार्गदर्शन को जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरणादायक बताया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान और परिषद द्वारा अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त करने के साथ हुआ।

आतंकी घटना के बाद थमे कदम फिर बढ़े आगे, सोनमर्ग में तेजी से लौट रहा पर्यटन

गंदरबल  महीनों की अनिश्चितता के बाद, कश्मीर घाटी में मुख्य जगहों पर टूरिस्ट एक्टिविटी धीरे-धीरे वापस आने लगी है, जिससे टूरिज्म सेक्टर पर अपनी रोजी-रोटी के लिए निर्भर हजारों लोगों में नई उम्मीद जगी है। अधिकारियों और स्टेकहोल्डर्स का कहना है कि पिछले दो महीनों में आने वालों की संख्या में धीरे-धीरे बढ़ोतरी ने सर्दियों की बर्फबारी शुरू होने के बाद और ज़्यादा लोगों के आने की उम्मीद जगाई है। सोनमर्ग में टूरिज्म डिपार्टमेंट द्वारा जारी किए गए डेटा से पता चलता है कि अलग-अलग महीनों में विजिटर्स की संख्या लगातार बढ़ रही है। 23 अप्रैल से 31 अप्रैल तक, 7,209 घरेलू, 341 विदेशी और 832 लोकल टूरिस्ट सोनमर्ग आए और इसके नेचुरल नज़ारों को देखा। मई में यह संख्या बढ़कर 17,083 घरेलू, 486 विदेशी और 4,004 लोकल टूरिस्ट हो गई।  जून में काफी बढ़ोतरी हुई, जब 33,692 घरेलू, 281 विदेशी और 14,165 लोकल टूरिस्ट इलाके में आए। जुलाई में, सोनमर्ग में 25,281 घरेलू, 159 विदेशी और 14,165 लोकल विजिटर आए। सितंबर में 6,945 घरेलू, 422 विदेशी और 17,897 लोकल टूरिस्ट आए, जबकि अक्टूबर में 8,389 घरेलू, 391 विदेशी और 5,756 लोकल टूरिस्ट आए। नवंबर में, 13,527 घरेलू, 459 विदेशी और 4,084 लोकल टूरिस्ट सोनमर्ग आए और इसकी खूबसूरती का मजा लिया। टूरिज्म से जुड़े लोगों ने कहा कि कश्मीर घाटी में टूरिस्ट की संख्या में रोजाना बढ़ोतरी हो रही है। हालांकि, पहलगाम की घटना के बाद, टूरिज्म सेक्टर पूरी तरह से रुक गया, जिससे होटल, ट्रांसपोर्ट, गाइडिंग सर्विस और इससे जुड़े बिजनेस से जुड़े लाखों लोगों की कमाई पर बुरा असर पड़ा। उन्होंने कहा कि कई ऑपरेटरों को नुकसान मैनेज करने के लिए बैंक लोन से खरीदी गई गाड़ियां बेचने पर मजबूर होना पड़ा।    इस रुकावट के बावजूद, इस सेक्टर से जुड़े लोग उम्मीद बनाए हुए हैं। उनका मानना ​​है कि बर्फबारी शुरू होने से एक बार फिर टूरिस्ट कश्मीर की सर्दियों की खूबसूरती का अनुभव करने के लिए उत्सुक होंगे।

फीफा वर्ल्ड कप 2026 का बड़ा ऐलान: अर्जेंटीना बनाम अल्जीरिया ओपनिंग मैच, एमबापे–हालैंड आमने-सामने

नई दिल्ली  फीफा विश्व कप 2026 की शुरुआत 11 जून से हो रही है। इस बार विश्व कप में 48 टीमें हिस्सा ले रही हैं। वॉशिंगटन डीसी के कैनेडी सेंटर में फीफा वर्ल्ड कप ड्रॉ का आयोजन हुआ। इस दौरान 12 ग्रुप में कौन-कौन सी टीमें होंगी और मैचों के शेड्यूल का निर्धारण किया गया। ड्रॉ के दौरान अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी उपस्थित थे। उन्हें फीफा पीस अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।  विश्व कप का पहला मुकाबला मेक्सिको और साउथ अफ्रीका के बीच ऐतिहासिक एस्टाडियो अज्टेका में खेला जाएगा। वहीं फीफा विश्व कप 2022 की विजेता अर्जेंटीना विश्व कप 2026 के अपने पहले मैच में अल्जीरिया से भिड़ेगी। बता दें कि दोनों टीमों को ऑस्ट्रिया और जॉर्डन के साथ ग्रुप 'जे' में रखा गया है। मौजूदा फुटबॉल वर्ल्ड चैंपियन अर्जेंटीना और प्रमुख दावेदार स्पेन और इंग्लैंड को 2026 वर्ल्ड कप के लिए आसान ग्रुप मिले। वहीं, फ्रांस को मुश्किल ग्रुप मिला। फुटबॉल के दो सबसे बड़े सुपरस्टार किलियन एमबापे (फ्रांस) और एर्लिंग हालैंड (नॉर्वे) की टीम एक ही ग्रुप का हिस्सा है। यूरोपीय चैंपियन स्पेन ग्रुप एच में केप वर्डे के खिलाफ अपने अभियान की शुरुआत करेगी। 2026 का टूर्नामेंट अमेरिका, मैक्सिको और कनाडा में 11 जून से 19 जुलाई तक खेला जाएगा। इस बार 16 नई टीमें जुड़ रही हैं, जिससे टीमों की कुल संख्या 48 हो गई है। कतर में खेले गए पिछले विश्व कप में टीमों की संख्या 32 थी। पिछली बार 64 मैच हुए थे। इस बार कुल 104 मैच खेले जाएंगे। ज्यादातर मैच अमेरिका में होंगे। फाइनल न्यूयॉर्क के मेटलाइफ स्टेडियम में होगा। विश्व कप के सभी 12 ग्रुप ग्रुप ए: मेक्सिको, साउथ अफ्रीका, साउथ कोरिया, यूईएफए प्लेऑफ डी ग्रुप बी: कनाडा, यूईएफए प्लेऑफ ए, कतर, स्विट्जरलैंड ग्रुप सी: ब्राजील, मोरक्को, हैती, स्कॉटलैंड ग्रुप डी: यूएसए, पैराग्वे, ऑस्ट्रेलिया, यूईएफए प्लेऑफ सी ग्रुप ई: जर्मनी, कुराओ, आइवरी कोस्ट, इक्वाडोर ग्रुप एफ: नीदरलैंड, जापान, यूईएफए प्लेऑफ बी, ट्यूनीशिया ग्रुप जी: बेल्जियम, मिस्र, ईरान, न्यूजीलैंड ग्रुप एच: स्पेन, केप वर्डे, सऊदी अरब, उरुग्वे ग्रुप आई: फ्रांस, सेनेगल, फीफा प्लेऑफ 2, नॉर्वे ग्रुप जे: अर्जेंटीना, अल्जीरिया, ऑस्ट्रिया, जॉर्डन ग्रुप के: पुर्तगाल, फीफा प्लेऑफ 1, उज्बेकिस्तान, कोलंबिया ग्रुप एल: इंग्लैंड, क्रोएशिया, घाना, पनामा

मृणाल मंडल ने धान विक्रय का सही मूल्य मिला

ऑनलाइन टोकन से आसान हुआ धान खरीदी रायपुर ऑनलाइन टोकन  प्रणाली ने धान खरीदी प्रक्रिया को सरल और सहज बनाया है l किसान स्वयं ऑनलाइन टोकन के माध्यम से  घर बैठे ही टोकन प्राप्त कर सकते हैं।  समिति में पहुंचते ही  उन्हें बिना किसी परेशानी के धान बेचना आसानी हुआ ।         जिला बलरामपुर- रामानुजगंज के बलरामपुर विकासखंड के धान उपार्जन केंद्र बरदर में ग्राम रामनगरकला रहने वाले किसान श्री मृणाल मंडल ने अपनी मेहनत से उपजे लगभग 166 बोरी धान का विक्रय किया। समिति में मिली बेहतर व्यवस्था, सहज प्रक्रिया और त्वरित खरीदी ने उन्हें संतुष्ट किया,  मृणाल मंडल बताते हैं कि धान का सर्वाधिक मूल्य ने उनकी मेहनत को सही मूल्य दिलाया है। 21 क्विंटल प्रति एकड़ की दर से धान खरीदी का प्रावधान किसानों के लिए  बड़ी राहत साबित हो रहा है।           श्री मंडल ने बताया कि समय पर समिति पहुंचना और तुरंत धान की खरीदी होना उनके लिए अत्यंत सुखद अनुभव रहा। बिना लंबी प्रतीक्षा और बिना किसी भागदौड़ और सुव्यवस्थित खरीदी व्यवस्था से धान विक्रय हो गया। उन्होंने बताया की इस बार की उपज के मिले राशि से परिवार की जरूरत, अगली फसल की तैयारी में उपयोग करेंगे। श्री मंडल ने धान खरीदी व्यवस्था को सरल एवं सुगम बनाने के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त भी किया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश सायबर पुलिस भोपाल को एक्सीलेंस अवॉर्ड मिलने पर दी बधाई

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने डीसीसीआई एक्सीलेंस अवार्ड्स-2025 में एक्सीलेंस इन कैपेसिटी बिल्डिंग ऑफ लॉ एनफोर्समेंट एजेंसीज़ श्रेणी में सम्मानित होने पर मध्यप्रदेश पुलिस (स्टेट सायबर भोपाल) को शुभकामनाएँ और बधाई दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि यह सम्मान मध्यप्रदेश पुलिस की लगन, दक्षता और सतत आधुनिकीकरण की ओर अग्रसर होने के प्रति प्रतिबद्धता का प्रमाण है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सायबर सुरक्षा वर्तमान डिजिटल युग की सबसे बड़ी आवश्यकता है। स्टेट सायबर मुख्यालय ने अपने सशक्त प्रशिक्षण कार्यक्रमों, तकनीकी क्षमताओं के विकास और आधुनिक सायबर इंफ्रास्ट्रक्चर से कानून प्रवर्तन एजेंसियों को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार कानून-व्यवस्था और साइबर सुरक्षा को मजबूत करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। स्टेट सायबर मुख्यालय द्वारा की जा रही पहल पूरे राज्य के लिए गौरव का विषय है। यह अवॉर्ड प्रमाण है कि राज्य पुलिस तकनीकी नवाचार, क्षमता निर्माण और डिजिटल सुरक्षा के क्षेत्र में राष्ट्रीय मानकों को नई दिशा दे रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भविष्य में भी इसी ऊर्जा और समर्पण के साथ कार्य करने के लिए टीम को शुभकामनाएँ दी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सायबर सुरक्षा के क्षेत्र में अत्याधुनिक संसाधनों, प्रशिक्षण और टेक्नोलॉजी के आधुनिकीकरण को निरंतर बढ़ावा देती रहेगी।