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30 पार करते ही दिखें ये चेतावनी भरे लक्षण? भूलकर भी न करें नजरअंदाज, वरना हो सकता है बड़ा खतरा

वाशिंगटन  अमेरिका भले ही इस समय इमिग्रेशन और ग्लोबल पॉलिटिक्स जैसे मुद्दों पर केंद्रित हो, लेकिन देश के भीतर एक खामोश स्वास्थ्य संकट तेजी से फैल रहा है। कोलन और रेक्टल कैंसर के मामले इतनी तेज़ी से बढ़ रहे हैं कि आम लोगों में डर बढ़ता जा रहा है। अमेरिकन कैंसर सोसाइटी का कहना है कि यह पुरुषों और महिलाओं दोनों में तीसरा सबसे आम कैंसर है। साल 2025 के लिए लगभग 1,07,320 नए कोलन कैंसर मामलों का अनुमान लगाया गया था। चिंताजनक बात यह है कि यह बीमारी अब केवल 50+ उम्र के लोगों तक सीमित नहीं रही। 30–40 साल की उम्र वाले युवाओं में भी इसके मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, और इसके पीछे का कारण अभी तक पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। ऐसे में सबसे बड़ी जरूरत है कोलन कैंसर के शुरुआती संकेतों को समय पर पहचानना। डॉक्टरों का कहना है कि जितनी जल्दी लक्षण पकड़े जाएं, उतना ही इलाज आसान और असरदार होता है। एक वायरल इंस्टाग्राम वीडियो में गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. जोसेफ सलहाब ने बताया कि अगर 30 की उम्र के आसपास ये चार लक्षण लगातार दिखें तो इन्हें बिल्कुल नजरअंदाज न करें। हमेशा रहने वाली थकान डॉक्टर बताते हैं कि कोलन कैंसर धीरे-धीरे शरीर में रक्त की कमी (एनीमिया) पैदा कर सकता है। इससे— बेहद कमजोरी आलस ज्यादा नींद आने जैसी समस्याएं शुरू हो जाती हैं। रिसर्च में भी यह माना गया है कि कैंसर से जुड़ी थकान का एक बड़ा कारण एनीमिया होता है। रात में तेज पसीना आना कैंसर सेल्स ऐसे इंफ्लेमेटरी प्रोटीन पैदा करते हैं जो शरीर में हल्का बुखार और नाइट स्वेट्स का कारण बनते हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि कैंसर से जुड़े रात के पसीने आम पसीने से अलग होते हैं— वे अचानक, तेज और असामान्य होते हैं। पैटर्न बदलना बॉवेल हैबिट में बदलाव अचानक कब्ज होना, दस्त बढ़ जाना, पेट दर्द या टॉयलेट जाने के पैटर्न में बड़े बदलाव—ये सभी संकेत हो सकते हैं कि आंत में कोई ब्लॉकेज बन रहा है। मेडिकल एक्सपर्ट्स के अनुसार, यह बदलाव कोलोरेक्टल कैंसर का शुरुआती संकेत हो सकता है। स्टूल में खून—सबसे अहम चेतावनी जॉन्स हॉपकिन्स मेडिसिन के मुताबिक मल में खून आना, कोलन या रेक्टम में ब्लीडिंग का क्लासिक संकेत है। अगर मल में खून बार-बार दिखे या लगातार बना रहे तो इसे हल्के में लेना खतरनाक हो सकता है।

पी.एम. सूर्य घर योजना: रायगढ़ का एक गांव अब पूरी तरह सोलर एनर्जी से रोशन

जिला स्तरीय चयन समिति ने शुरू की चयन प्रक्रिया, 10 सर्वाधिक आबादी वाले ग्रामों में अगले छह माह चलेगी प्रतिस्पर्धा रायुपर,  केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी पी.एम. सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत रायगढ़ जिले में एक ग्राम को पूर्णतः सौर ऊर्जा आधारित सोलर मॉडल विलेज के रूप में विकसित किया जाएगा। इस दिशा में जिला स्तरीय चयन समिति ने औपचारिक रूप से चयन प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है। कलेक्टर  की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में यह निर्णय लिया गया कि जिले के उन्हीं ग्रामों को प्रतिस्पर्धा में शामिल किया जाएगा, जिनकी जनसंख्या 5 हजार  से अधिक है। चूंकि जिले में इस श्रेणी के ग्राम सीमित संख्या में हैं, इसलिए प्रशासन ने सर्वाधिक जनसंख्या वाले 10 ग्रामों का चयन कर उन्हें छह माह की प्रतिस्पर्धात्मक प्रक्रिया में शामिल करने का निर्णय लिया है।          उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर  राज्य में नवीकरणीय ऊर्जा के विस्तार को गति देने के लिए जिलों को निरंतर कार्य करने के निर्देश दिए हैं, ताकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हर घर सौर ऊर्जा लक्ष्य को धरातल पर साकार किया जा सके।        रायगढ़ जिले में केंद्र सरकार द्वारा जारी दिशानिर्देशों के अनुसार जिले में प्रतियोगिता के लिए चयनित 10 ग्राम ग्राम पंचायतों में घरघोड़ा विकासखंड का ग्राम कुडुमकेला, तमनार विकासखंड का ग्राम तमनार, रायगढ़ विकासखंड का ग्राम खैरपुर, धरमजयगढ़ विकासखंड का ग्राम विजयनगर, तमनार विकासखंड का ग्राम तराईमाल, लैलूंगा विकासखंड का ग्राम गहनाझरिया, पुसौर विकासखंड का ग्राम गढ़मरिया, धरमजयगढ़ विकासखंड का ग्राम छाल, पुसौर विकासखंड का ग्राम सिसरिंगा, और पुसौर विकासखंड का ग्राम कोडातराई। इन्हीं ग्रामों में से एक ग्राम जिले का पहला सोलर मॉडल विलेज बनेगा।           जिले के सभी विकासखंड से ग्राम  पंचायतों का चयन किया गया है। इन ग्रामों में अब अगले छह माह तक सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने, जनजागरूकता अभियान चलाने, घरेलू एवं सामुदायिक सौर संयंत्रों की स्थापना, तथा योजनाओं के लिए ग्रामीणों द्वारा किए जाने वाले आवेदनों की सतत समीक्षा की जाएगी।           इस प्रक्रिया को प्रभावी बनाने के लिए  प्रत्येक चयनित ग्राम में आदर्श ग्राम समिति गठित की जा रही है, जिसमें सरपंच, सचिव, जनप्रतिनिधि, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, शिक्षक, डॉक्टर, कृषि विस्तार अधिकारी तथा संबंधित शासकीय अधिकारी सदस्य के रूप में शामिल होंगे। यह समिति डोर-टू-डोर संपर्क कर ग्रामीणों को सौर ऊर्जा अपनाने के लिए प्रेरित करेगी। साथ ही पी.एम. कुसुम योजना, जल जीवन मिशन के सोलर डुअल पंप, सोलर हाईमास्ट, सोलर स्ट्रीट लाइट तथा अन्य नवीकरणीय ऊर्जा आधारित व्यवस्थाओं की जानकारी भी प्रदान करेगी।          क्रेडा के सहायक अभियंता विक्रम वर्मा ने बताया कि इस प्रतियोगिता के दौरान प्रत्येक ग्राम अपनी जरूरतों के अनुसार सामुदायिक सौर संयंत्रों के प्रस्ताव तैयार कर जिला स्तर पर प्रस्तुत किया जाएगा।  छह माह की अवधि पूर्ण होने पर जिला स्तरीय समिति द्वारा सभी ग्रामों का मूल्यांकन किया जाएगा। यह मूल्यांकन ग्रामीणों द्वारा स्थापित सौर संयंत्रों की संख्या, योजनाओं के लिए किए गए आवेदनों, सामुदायिक सहभागिता, उपलब्ध ऊर्जा सुविधाओं और सौर संसाधनों के उपयोग की आधारशिला पर किया जाएगा। इसी मूल्यांकन के आधार पर जिले के पहले सोलर मॉडल विलेज का चयन किया जाएगा और चयनित ग्राम का विस्तृत डी.पी.आर. तैयार कर 15 मार्च 2025 तक ऊर्जा विभाग, छत्तीसगढ़ शासन को भेजा जाएगा, ताकि उस ग्राम को पूर्णतः सौर ऊर्जा आधारित आदर्श मॉडल ग्राम के रूप में विकसित किया जा सके।

खाता धारकों को राहत: Zero Balance Account पर RBI ने जोड़ीं कई मुफ्त सुविधाएं, बदले नियम

जम्मू-कश्मीर  भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने आम लोगों की बैंकिंग को और आसान बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। कई लोग ऐसे होते हैं जो बैंक खाता तो खोलना चाहते हैं, लेकिन उनके पास ज्यादा पैसे नहीं होते या वे मिनिमम बैलेंस जैसी शर्तें पूरी नहीं कर पाते। ऐसे लोगों के लिए BSBD यानी जीरो बैलेंस खाते बनाए गए थे, लेकिन समय के साथ बैंक इन खातों को सीमित सुविधाओं वाला मानने लगे थे, जिससे ग्राहकों को कई तरह की परेशानियाँ झेलनी पड़ती थीं।  अब इन खातों को साधारण सेविंग्स अकाउंट से कमतर नहीं माना जाएगा। यानी, बैंक को BSBD खाताधारकों को भी वही सुविधाएं देनी होंगी जो वे सामान्य सेविंग्स अकाउंट ग्राहकों को देते हैं। अगर कोई ग्राहक चाहे, तो वह लिखित में या ऑनलाइन रिक्वेस्ट देकर अपने सेविंग्स अकाउंट को BSBD खाते में बदलवा सकता है और बैंक को यह काम 7 दिन के भीतर पूरा करना होगा। ये नए नियम 1 अप्रैल 2026 से लागू होंगे। BSBD खातों में अब क्या-क्या सुविधा मिलेगी?  मुफ्त इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग और पासबुक/मासिक स्टेटमेंट साल में कम-से-कम 25 पन्नों की चेकबुक महीने में 4 बार नकद निकासी फ्री UPI, IMPS, NEFT, RTGS या कार्ड से पेमेंट — इन पर कोई चार्ज नहीं और इन्हें 4 फ्री निकासी में नहीं गिना जाएगा RBI का यह कदम डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने, ग्राहकों को ज्यादा अधिकार देने और बैंकिंग को सभी के लिए सुलभ बनाने की दिशा में एक बड़ा सुधार माना जा रहा है।

खेत में लगी भयंकर आग से 7 एकड़ गन्ना नष्ट, किसान-ग्रामीण मिलकर कर रहे बुझाने की कोशिश

कवर्धा जिले में दामापुर के सैहामालगी गांव में आज दोपहर गन्ने की फसल वाले खेतों में अचानक लगी भयंकर आग ने देखते ही देखते बड़ा रूप ले लिया है। घटना में करीब 7 एकड़ में खड़ी गन्ने की तैयार फसल पूरी तरह आग की चपेट में आ गई, जिससे क्षेत्र के किसानों को लाखों रुपये का भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। स्थानीय लोगों ने बताया कि खेतों में आग इतनी तेजी से फैली कि उन्हें काबू पाने का समय ही नहीं मिला। मौके पर मौजूद ग्रामीण और किसान बोरिंग मोटर से पानी डालकर आग पर काबू पाने की कोशिश कर रहे हैं, वहीं कुछ लोग बाल्टी और पाइप की मदद से आग की लपटों को रोकने का प्रयास कर रहे हैं। फिलहाल आग लगने का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है।

एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय की छात्रा निहारिका नाग बनी राष्ट्रीय स्वर्ण पदक विजेता

राष्ट्रीय सांस्कृतिक एवं साहित्यिक कला उत्सव उद्भव 2025 में छत्तीसगढ़ राज्य का किया नाम रोशन मिट्टीकला में निहारिका ने बढ़ाया प्रदेश का मान रायपुर,  एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय शंकरगढ़ की होनहार छात्रा निहारिका नाग ने वह कर दिखाया है, जिसका सपना हर विद्यार्थी देखता है। साधारण आर्थिक पृष्ठभूमि से आने वाली यह बाल प्रतिभा आज अपने हुनर से न सिर्फ जिले का, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ का नाम राष्ट्रीय मानचित्र पर रोशन किया है। मिट्टीकला में मिला नया आयाम       शंकरगढ़ की कक्षा 11वीं की छात्रा निहारिका नाग को एकलव्य विद्यालय में प्रवेश के बाद अपनी मिट्टी कला सामर्थ्य को निखारने का सुनहरा अवसर मिला, जहां विद्यालय के बेहतर माहौल, उपलब्ध संसाधनों और विशेषज्ञों के प्रशिक्षण ने उनके सपनों को मजबूती दी। राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में पहला स्वर्ण पदक से मिली नई उड़ान           निहारिका ने पहले जगदलपुर में आयोजित राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में अपने कला कौशल का प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीता। यह जीत उनके आत्मविश्वास को नई उड़ान देने में सहायक साबित हुई। उद्भव 2025 में राष्ट्रीय स्वर्ण पदक से हुई दोहरी जीत        इसके बाद निहारिका ने आंध्र प्रदेश में आयोजित 6 वीं ईएमआरएस राष्ट्रीय सांस्कृतिक एवं साहित्यिक कला उत्सव उद्भव 2025 में भी शानदार प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रीय स्तर का स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। लगातार दोहरा स्वर्ण पदक जीतकर निहारिका ने अपने विद्यालय और छत्तीसगढ़  राज्य का मान बढ़ाया है। शिक्षकों का मार्गदर्शन बना सफलता की नींव        निहारिका के इस सफलता के पीछे उनके कला शिक्षक श्री राहुल जंघेल की प्रेरणा और विद्यालय के प्राचार्य श्री संजय कुमार तिर्की का सतत सहयोग और मार्गदर्शन रहा। निहारिका ने साबित कर दिखाया कि प्रतिभा को बस सही मंच की जरूरत होती है। निहारिका की बचपन से ही मिट्टी कला के प्रति गंभीर रुझान रखती थीं और विद्यालय ने उनकी इस प्रतिभा को ऊंचाई तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मेहनत और मार्गदर्शन से बनती है नई पहचान        निहारिका की इस उपलब्धि से  बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में उत्साह का माहौल है। निहारिका की सफलता उन विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा स्रोत है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद ऊंचे सपने देखते हैं।  निहारिका नाग की तरह मेहनत, लगन और सही मार्गदर्शन से कोई भी विद्यार्थी राष्ट्रीय मंच पर अपनी पहचान बना सकता है।

62 करोड़ के धान घोटाले का बड़ा खुलासा: यमुनानगर से संदीप सिंगला गिरफ्त में, पत्नी की तलाश जारी

यमुनानगर  यमुनानगर में 62 करोड रुपए के सरकारी धान घोटाले की परतें धीरे-धीरे खुलना शुरू हो गई है। धान घोटाले का मुख्य आरोपी संदीप सिंगला को यमुनानगर की सीआईए पुलिस ने गिरफ्तार किया है लेकिन उसकी पत्नी रितिका सिंगला अभी भी फरार है। दोनों पर सरकार के 62 करोड रुपए ढकारने के आरोप है।  12 नवंबर को उजागर हुआ था मामला मामला 12 नवंबर को उजागर हुआ था, जब चंडीगढ़ से फूड एंड सप्लाई विभाग के निदेशक ने खुद प्रताप नगर में सिंगला राइस मिल में चल रही भारी गड़बड़ियां की जांच की थी। धान घोटाले के लिए SIT का गठन किया गया और धीरे-धीरे धान घोटाले की रकम भी बढ़ती चली गई। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ती गई संदीप सिंगला के काले कारनामे भी खुलकर सामने आए है।  जांच में खुलासा हुआ कि यमुनानगर जिले में ही संदीप सिंगला और उनकी पत्नी रितिका सिंगला के 7 राइस मिल है जो नियमों के बिल्कुल विपरीत है। फिलहाल पुलिस ने संदीप सिंगला को तो गिरफ्तार कर लिया है लेकिन उनकी पत्नी रितिका सिंगला अभी भी फरार है। संदीप सिंगला ने पूछताछ के दौरान कई बड़े खुलासे किए हैं आशंका यह भी जताई गई है कि उन्होंने कई बड़े अधिकारियों के नाम भी उजागर किए हैं।  62 करोड रुपए के सरकारी धान में की बड़ी हेराफेरी यमुनानगर फूड एंड सप्लाई विभाग के अधिकारी जतिन मित्तल ने कहा कि संदीप सिंगला ने 62 करोड रुपए के सरकारी धान में बड़ी हेराफेरी की है जिसमें 62 करोड रुपए फूड एंड सप्लाई का है जबकि 22 करोड़ रुपए हैफड के है। पूरे मामले की एसआईटी जांच कर रही है और जो भी घोटाला संदीप सिंगला की तरफ से किया गया है उसकी प्रॉपर्टी को अटैच कर रिकवरी की जाएगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने देवास के प्रकरण में दिए विभागीय जांच के निर्देश

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने देवास जिले में एक मदिरा ठेकेदार द्वारा आत्महत्या के पूर्व बनाए गए वायरल वीडियो पर संज्ञान लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह प्रकरण प्रथम दृष्टया अत्यंत गंभीर श्रेणी का है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश पर इस मामले में देवास की प्रभारी सहायक आबकारी आयुक्त को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश पर सहायक आयुक्त के विरुद्ध विभागीय जांच प्रारंभ की गई है। 

स्कूलों पर PSEB की सख्ती तेज, 10 दिसंबर तक जवाब न देने पर होगी कार्रवाई

लुधियाना  पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड (पी.एस.ई.बी.) ने मार्च-2026 में होने वाली 10वीं और 12वीं कक्षा की वार्षिक परीक्षाओं के सुचारू संचालन के लिए तैयारी शुरू कर दी है। बोर्ड ने राज्य के सभी स्कूलों की लॉगइन आई.डी. पर परीक्षा केंद्रों, उन्हें अलॉट किए गए बैंकों और उत्तर पुस्तिकाएं जमा करवाने वाले कलैक्शन सैंटर्स की विस्तृत जानकारी अपलोड कर दी है। बोर्ड द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार जिन स्कूलों में परीक्षा केंद्र स्थापित किए गए हैं, वहां के स्कूल प्रमुख ही बतौर 'सैंटर कंट्रोलर' पूरी जिम्मेदारी संभालेंगे। परीक्षा के दौरान प्रश्न पत्रों के सुरक्षित रखरखाव से लेकर उत्तर पुस्तिकाओं को कलैक्शन सैंटर तक जमा करवाने की पूरी जिम्मेदारी इन्हीं की होगी। यदि किसी स्कूल प्रमुख को अलॉट किए गए परीक्षा केंद्रों को लेकर कोई आपत्ति या समस्या है तो उन्हें 10 दिसम्बर तक अपना आवेदन जिला शिक्षा अधिकारी (सैकेंडरी) के पास भेजना होगा। जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा 3 स्कूलों का विकल्प दर्ज करने और मंजूरी देने के बाद ही मुख्य दफ्तर में इस समस्या का समाधान किया जा सकेगा। संपर्क व्यवस्था को लेकर बोर्ड सख्त इस बार बोर्ड ने संपर्क व्यवस्था को लेकर विशेष सख्ती दिखाई है और पुराने अनुभवों से सबक लिया है। अक्सर देखा गया है कि बोर्ड के पास स्कूलों के पुराने नंबर ही दर्ज होते थे या कई बार प्रिंसीपल फोन नहीं उठाते थे जिससे परीक्षा के दौरान आपातकालीन स्थिति में बोर्ड को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ता था। इस संचार की कमी को दूर करने के लिए बोर्ड ने निर्देश दिए हैं कि स्कूल लॉगइन आई.डी. में प्रोफाइल के अंदर फोन नंबर वाले कॉलम-1 में प्रिंसीपल और कॉलम-2 में मोस्ट सीनियर लैक्चरर या मास्टर का मोबाइल नंबर दर्ज करना अनिवार्य होगा। बोर्ड का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि यदि प्रिंसीपल किसी कारणवश सम्पर्क में नहीं आते तो दूसरे जिम्मेदार अधिकारी से तुरंत बात हो सके। सभी स्कूल प्रमुखों को हिदायत दी गई है कि वे 10 दिसम्बर तक हर हाल में यह अपडेट और कार्रवाई पूरी करना सुनिश्चित करें, ताकि मार्च-2026 की परीक्षाएं बिना किसी बाधा के सम्पन्न हो सकें।

तेज़-तर्रार रोबोट ने समुंदर की गहराई से धरती पर पहला अविश्वसनीय खजाना खोजा

  जर्मनी के वैज्ञानिकों ने एक खास रोबोट की मदद से प्रशांत महासागर में 1,300 मीटर गहराई तक पहुंचकर कुछ ऐसा देखा जो धरती पर पहले कभी नहीं देखा गया। यह खोज पापुआ न्यू गिनी के पास कोनिकल ज्वालामुखी के पास हुई है। रोबोट ने वहां एक नया हाइड्रोथर्मल क्षेत्र ढूंढा जिसका नाम करंबुसेल रखा गया है। अब इस रोबोट की चर्चा दुनिया भर में हो रही है, उसने ऐसा काम कर दिखाया जो शायद ही कोई इंसान कर पाता। चलिए जान लेते हैं कि इस रोबोट में क्या खूबियां है और रोबोट ने जो खोजा है वह क्या है? काइल 6000 में क्या-क्या खूबियां? इंडियन डिफेंस रिव्यू की रिपोर्ट (Ref.) बताती है कि इस खोज में सबसे बड़ा हाथ रहा जर्मनी के GEOMAR संस्थान के रोबोट 'काइल 6000' का है। यह रोबोट 6,000 मीटर तक की गहराई में जा सकता है, यानी दुनिया के 90% से ज्यादा समुद्री तल तक पहुंच सकता है। अंधेरे में भी यह शानदार तस्वीरें और वीडियो लेता है। इसके मजबूत हाथों से पत्थर, पानी और गैस के नमूने लेना बहुत आसान हो गया। रोबोट को दूर से ही कंट्रोल किया जाता है, इसलिए इंसान को खतर खतरनाक गहराई में जाने की जरूरत नहीं पड़ी। रोबोट ने गर्म पानी और ठंडी मीथेन गैस दोनों जगहों से सैंपल लिए और सारी जानकारी जहाज तक पहुंचाई। इसे जहाज से एक पतली फाइबर ऑप्टिक केबल से जोड़ा जाता है और बिजली से चलता है। रोबोट में क्या-क्या लगा है? इसमें दो मजबूत रोबोटिक हाथ लगे हैं जिनसे वैज्ञानिक सैंपल ले सकते हैं, पत्थर तोड़ सकते हैं या कोई भी मुश्किल काम कर सकते हैं। सात इलेक्ट्रिक मोटरों की मदद से ये आगे-पीछे और ऊपर-नीचे आसानी से चलता है। इसमें हाई डेफिनेशन कैमरे और लेजर स्केल हैं जिनसे समुद्र के अंदर की बहुत साफ तस्वीरें और वीडियो मिलते हैं। ये अपने आप दिशा, ऊंचाई और जगह पर रुक भी सकता है, भले ही तेज धारा बह रही हो। कुल मिलाकर ये समुद्र की गहराई में वैज्ञानिकों का सबसे भरोसेमंद साथी है। हाइड्रोथर्मल क्षेत्र खोज निकाला करंबुसेल में पहली बार ऐसा देखा गया कि बहुत गर्म पानी (51 डिग्री तक) और ठंडी मीथेन गैस (3 से 20 डिग्री) सिर्फ 30-40 सेंटीमीटर की दूरी पर एक साथ निकल रही हैं। मीथेन गैस की मात्रा 80% से ज्यादा है, जो दुनिया के किसी भी हाइड्रोथर्मल क्षेत्र से बहुत ज्यादा है। रोबोट ने दिखाया कि यहां चिमनी जैसे ढांचे नहीं बने, बल्कि सीधे चट्टानों की दरारों से पानी और गैस निकल रही है। समुद्र के तल पर क्या-क्या मिला? रोबोट ने साफ तस्वीरें लीं जिसमें सैकड़ों-हजारों जीव एक साथ रहते दिखे। वैज्ञानिकों ने 23 ऐसे जीव गिने जो शायद सिर्फ यहीं मिलते हैं। ये जीव सूरज की रोशनी के बिना, गैस और गर्म पानी से मिलने वाली केमिकल एनर्जी से जिंदा रहते हैं। रोबोट काइल 6000 की बदौलत उस दुनिया को देखा और समझा गया जो पहले किसी ने नहीं देखी। यह खोज बताती है कि समुद्र की गहराई में अभी कितने रहस्य छुपे हैं और उन्हें बचाना कितना जरूरी है। रोबोट ने और क्या-क्या दिखा? रोबोट ने चट्टानों के टुकड़े भी उठाए। उनमें सोना, चांदी और दूसरे कीमती धातु के पुराने निशान मिले। इससे पता चला कि लाखों साल पहले यहां बहुत गर्म पानी ने सोने का खजाना बनाया था। आज भी वही ज्वालामुखी गर्मी नीचे काम कर रही है। यह खूबसूरत जगह पास ही के बड़े सोने की खदान के ठीक सामने है। कंपनियां यहां समुद्र तल से खनिज और तेल-गैस निकालने की तैयारी कर रही हैं। वैज्ञानिक चिंता जता रहे हैं कि अगर खदान शुरू हुई तो यह अनोखी दुनिया हमेशा के लिए खत्म हो सकती है।

वक्फ और बागी हुमायूं: ममता के ‘खेला’ में BJP को मदद करेगी ये तीन शक्तियां

कलकत्ता पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी अब तक के सबसे मुश्किल हालात का सामना कर रही हैं. उनकी हालत सांप-छछुंदर जैसी हो गई है. न निगलते बन रहा है और न उगलते. हिन्दू तो पहले से ही साथ छोड़ने लगे थे, अब उनकी मुस्लिम तुष्टिकरण की राजनीति भी खत्म होती दिख रही है. हिन्दू वोटर भाजपा की ओर मुखातिब हो गए हैं. पिछली बार 77 भाजपा विधायकों का निर्वाचन बंगाल में उसके प्रति लोगों के बढ़ते आकर्षण का स्पष्ट संकेत था. अव्वल तो गहन मतदाता पुनरीक्षण (SIR) ने वैसे मुसलमानों में उनकी छवि को गहरी चोट पहुंचाई है, जो बांग्लादेश और म्यांमार से आकर पश्चिम बंगाल को सुरक्षित ठिकाना बनाए हुए थे. दूसरा संकट बन कर उभरे हैं उनके ही निलंबित विधायक हुमायूं कबीर. कबीर का खेल कामयाब हुआ तो ममता बनर्जी का सारा खेल चौपट हो सकता है. कबीर का कहना है कि ममता बनर्जी अल्पसंख्यक वोटों के बूते 15 साल से सत्ता में बनी हुई हैं. इस बार अल्पसंख्यक उन्हें सबक सिखाएंगे. हुमायूं कबीर राज्य की अल्पसंख्यक बहुल 90 सीटों पर नजर गड़ाए हुए हैं. वक्फ पर अपने स्टैंड से मुकरीं ममता ममता बनर्जी ने पहले कहा था कि बंगाल में वे वक्फ कानून लागू नहीं होने देंगी. इसे लेकर सड़क से लेकर संसद तक उनकी पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने बवाल मचाया था. बंगाल के मुस्लिम इस बात से आह्लादित थे कि उनके मुद्दे पर ममता का साथ मिल गया है. पर, ममता अपने स्टैंड से अब मुकर गई हैं. उन्होंने बड़ी आसानी से इसे बंगाल में लागू करा दिया. उन्होंने वक्फ संपत्ति का ब्योरा इसके लिए भारत सरकार द्वारा बनाए गए पोर्टल पर अपलोड करने की इजाजत दे दी. बंगाल के मुसलमानों में उनके प्रति नफरत की यह बड़ी वजह बन गई है. उन्हें लगने लगा है कि ममता भी अब उनके लिए भाजपा से कम खतरनाक नहीं रह गई हैं. बिहार में चुनाव के दौरान आरजेडी नेता और महागठबंधन के मुख्यमंत्री चेहरा तेजस्वी यादव भी वक्फ कानून को डस्टबिन में डालने की बात कहते थे. चुनाव में महागठबंधन की जैसी दुर्गति हुई, शायद ममता के रुख में उसे देख कर ही बदलाव आया है. SIR से बिगड़ गया है ममता का खेल बंगाल में SIR की चर्चा शुरू होते ही ममता बनर्जी ने आसमान सिर पर उठा लिया था. इसे रोकने के लिए उन्होंने तरह-तरह के हथकंडे अपनाए. उनके विरोध का सिलसिला अब भी जारी है. SIR के भय से बांग्लादेश भाग रहे घुसपैठियों को वे सांत्वना दे रही हैं कि उन्हें घबराने की जरूरत नहीं. उन्हें वे वापस बुलाएंगी. ममता बनर्जी तो पहले यहां तक कहती थीं कि बंगाल में कोई घुसपैठिया नहीं. आश्चर्य होता है कि अब से ठीक 20 वर्ष पहले ममता बनर्जी ने लोकसभा में घुसपैठियों की बढ़ती आबादी पर जिस तरह बवाल काटा था, वह अब उसके उलट कैसे बोल रही हैं. दरअसल बांग्लादेशी घुसपैठिए बंगाल की राजनीति की रीढ़ रहे हैं. माल्दा, मुर्शिदाबाद जैसे सीमावर्ती जिलों में इनकी भरमार है. किसी की विधायकी-सांसदी चुने जाने की चाबी बांग्लादेशी घुपैठियों के ही हाथ में है. बहरहाल ममता की लाख बाधा पहुंचाने की कोशिशों पर चुनाव आयोग ने पानी फेर दिया है. ममता कुछ कर नहीं पाईं. अब हुमायूं से पड़ा है ममता का पाला अल्पसंख्यक वोटरों को खुश करने के लिए ममता बनर्जी ने कोई कसर नहीं छोड़ी है. इमामों को तनख्वाह तय करना हो या धार्मिक जुलूसों का आयोजन हो; ममता हमेशा उनके साथ खड़ी रही हैं. लेकिन, अब स्थिति बदल गई है. ममता बनर्जी की ही पार्टी के एक विधायक हैं हुमायूं कबीर. उन्होंने मुर्शिदाबाद में बाबरी मसिजद का राग छेड़ कर ममता को हलकान कर दिया है. ममता बनर्जी ने उनके इस आचरण के लिए पार्टी से निलंबित तो कर दिया है, लेकिन वे कितने दिनों तक इस पर अमल कर पाएंगी, यह देखने वाली बात होगी. इसलिए कि मूल रूप से कांग्रेसी रहे हुमायूं कबीर के लिए यह दूसरा मौका है, जब उन्हें पार्टी से निलंबित किया गया है. इससे पहले भी उन्हें पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में निलंबित किया गया था. फिर 2021 में उनकी वापसी हो गई. टीएमसी ने हुमायूं कबीर के निलंबन पर सफाई दी है कि उन्हें बाबरी मसिजद निर्माण के लिए नहीं, बल्कि पार्टी विरोधी गतिविधियों के लिए निलंबित किया गया है. कौन हैं निलंबित MLA हुमायूं कबीर? हुमायूं कबीर 2021में टीएमसी के टिकट पर मुर्शिदाबाद जिले के भरतपुर विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने गए. वे बनर्जी के मंत्रिमंडल में भी शामिल होते रहे हैं. उन्हें पार्टी ने हाल ही में निलंबित किया है. इसके पहले भी उन पर निलंबन की कार्रवाई हो चुकी है. इस बार बाबरी मस्जिद प्रकरण को लेकर उन्हें निलंबित किया गया है. पहली बार 2011 में ममता बनर्जी के सत्ता में आने के बाद वे उनके मंत्रिमंडल में कैबिनेट मंत्री बने थे. वे अक्सर विवादों का केंद्र बनते रहे हैं. 2015 में उन्होंने अपनी ही पार्टी के नेता ममता बनर्जी पर आरोप लगाया था कि वे अपने भतीजे अभिषेक बनर्जी को ‘राजा’ बनाना चाहती हैं. इसकी प्रतिक्रिया इस रूप में सामने आई कि उन्हें 6 साल के लिए पार्टी से निलंबित कर दिया गया. 2021 में उनका वनवास खत्म हुआ और टीएमसी ने उन्हें भरतपुर से चुनाव लड़ने का मौका दिया. वे विधायक निर्वाचित हुए. हुमायूं ने बाबरी मस्जिद बनाने की ठानी हुमायूं कबीर ने ऐलान किया था कि मुर्शिदाबाद के बेलडांगा में बाबरी मस्जिद की प्रतिकृति बनाई जाएगी. उन्होंने इसके लिए आज (6 दिसंबर 2025) का दिन भी मुकर्रर कर दिया था. बाबरी विध्वंस की वर्षगांठ पर नींव रखने की उनकी घोषणा को टीएमसी ने सांप्रदायिक राजनीति करार दिया और इस आरोप में उन्हें सस्पेंड कर दिया है. ममता बनर्जी ने उन्हें आरएसएस का मुखौटा करार दिया है. लोकसभा चुनाव के दौरान भी हुमायूं कबीर को बोल बिगड़े थे. उन्होंने कहा था- ‘हिंदुओं को भागीरथी नदी में डुबो देंगे, क्योंकि मुर्शिदाबाद में 70 प्रतिशत मुस्लिम आबादी है. उन्होंने तो अब यह भी कहा है कि मुस्लिम बहुल सीटों पर अल्पसंख्यक ममता बनर्जी को पाठ पढ़ा देंगे. वे नई पार्टी बनाने का ऐलान भी कर चुके हैं. बंगाल में सांप्रदायिक राजनीति की नींव वर्ष 2011 में हुई जनगणना के अनुसार बंगाल की 9.13 करोड़ … Read more