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गोवा अग्निकांड की जांच तेज, पुलिस ने मालिकों के खिलाफ दर्ज किया केस, सरपंच गिरफ्तार

गोवा गोवा पुलिस ने बर्च बाय रोमियो लेन नाइटक्लब के 2 मालिकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है, जिसमें भीषण आग लगने से 25 लोगों की मौत हो गई और 6 घायल हैं। पुलिस ने गोवा नाइटक्लब के मालिकों सौरभ लूथरा और गौरव लूथरा के खिलाफ FIR दर्ज की है। इसके अलावा अर्पोरा-नागोआ पंचायत के सरपंच रोशन रेडकर को इस अग्निकांड से जुड़े मामले में हिरासत में लिया गया है। सीनियर पुलिस अधिकारी ने बताया, 'पुलिस ने नाइटक्लब के मालिकों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। क्लब के मैनेजर और इवेंट आयोजकों के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज हुई है।'   सरपंच रोशन रेडकर को 2013 में परिसर के लिए व्यापार लाइसेंस जारी करने के आरोप में हिरासत में लिया गया था। पुलिस कार्रवाई उस शुरुआती जांच के बाद हुई, जिसमें अर्पोरा गांव में नाइटक्लब के निर्माण में नियमों का उल्लंघन पाया गया। इसमें संकरे एंट्री गेट, सीमित निकास मार्ग और निर्माण में ज्वलनशील सामग्री का उपयोग शामिल है।' रविवार को एक ग्राम अधिकारी ने दावा किया कि निर्माण अनधिकृत था, लेकिन क्लब को ढहाए जाने के नोटिस पर सीनियर ऑफिसर ने रोक लगा दी थी। मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने उन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने का संकल्प व्यक्त किया, जिन्होंने सुरक्षा मानदंडों के उल्लंघन के बावजूद इसे चलाने की इजाजत दी थी। संकरी गलियों के कारण दमकल को मुश्किल राज्य पुलिस ने शुरुआत में कहा था कि आग सिलेंडर विस्फोट के कारण लगी थी, लेकिन कुछ प्रत्यक्षदर्शियों ने दावा किया कि आग क्लब की पहली मंजिल पर लगी थी, जहां पर्यटक नाच रहे थे। एक प्रत्यक्षदर्शी ने कहा कि जब आग लगी तो 100 लोग डांस फ्लोर पर मौजूद थे। स्वयं को बचाने के लिए उनमें से कुछ लोग नीचे की ओर रसोईघर में भाग गए जहां वे कर्मचारियों के साथ फंस गए। नाइट क्लब संकरी गलियों में स्थित होने के कारण दमकल गाड़ियों के लिए क्लब तक पहुंचना संभव नहीं है और उनके टैंकरों को घटनास्थल से लगभग 400 मीटर दूर खड़ा करना पड़ा। पीड़ित भूतल पर ही फंसे रहे, जिसके कारण अधिकतर लोगों की मौत दम घुटने से हुई।  

500 करोड़ का सवाल! AAP नेता बलतेज पन्नू ने कांग्रेस से पूछा – क्या सीएम फेस की हुई थी ‘डील’?

चंडीगढ़  आम आदमी पार्टी (AAP) पंजाब के जनरल सेक्रेटरी और मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने पंजाब के गवर्नर से मुलाकात के बाद नवजोत कौर सिद्धू के सनसनीखेज खुलासों को लेकर कांग्रेस पार्टी पर तीखा हमला किया है। पन्नू ने कहा कि उनके बयानों ने इस "कड़वी सच्चाई" को सामने ला दिया है कि कांग्रेस कैसे काम करती है, लीडरशिप कैसे तय होती है, और कैसे निजी महत्वाकांक्षाओं और पैसे के सौदों के लिए पंजाब के हितों को किनारे रखा जाता है। पन्नू ने कहा कि नवजोत कौर सिद्धू ने दो चौंकाने वाले दावे किए हैं, एक यह कि नवजोत सिंह सिद्धू पंजाब की राजनीति में तभी दोबारा आएंगे जब कांग्रेस पहले उन्हें मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित करेगी, और दूसरा यह कि सिद्धू परिवार के पास देने के लिए 500 करोड़ रुपये नहीं हैं, जिसका मतलब है कि कांग्रेस में मुख्यमंत्री बनने के लिए 500 करोड़ रुपये की डील ज़रूरी है। इन बातों को "बहुत परेशान करने वाला" बताते हुए, पन्नू ने सवाल किया कि क्या कांग्रेस लीडरशिप सच में मुख्यमंत्री का चेहरा 500 करोड़ रुपये में बेचती है। उन्होंने कहा, “अगर सिद्धू का दावा है कि उनके पास 500 करोड़ रुपये नहीं हैं, तो यह रकम कौन देता है? यह पैसा कहां जाता है? स्टेट यूनिट प्रेसिडेंट को? हाईकमान को? राहुल गांधी को या खड़गे को? पंजाब के लोगों को जवाब मिलना चाहिए।” पन्नू ने याद दिलाया कि नवजोत सिंह सिद्धू पंजाब कांग्रेस प्रेसिडेंट, MP, MLA और कैबिनेट मिनिस्टर रह चुके हैं। “क्या ये पद भी खरीदे गए थे? क्या उन्हें थोड़ी सी रकम देकर कांग्रेस प्रेसिडेंट बनाया गया था? कांग्रेस में डिप्टी चीफ मिनिस्टर या मिनिस्टर बनने के लिए कितने करोड़ चाहिए?” सिद्धू की कंडीशनल पॉलिटिक्स की आलोचना करते हुए पन्नू ने कहा कि यह हैरानी की बात है कि सिद्धू का दावा है कि पंजाब के “सुनहरे दिन” तभी आएंगे जब सिद्धू को चीफ मिनिस्टर का चेहरा बनाया जाएगा। “अगर कांग्रेस ने उन्हें अनाउंस नहीं किया, तो पंजाब को नुकसान हो सकता है, यही उनका मैसेज है। क्या पंजाब नवजोत सिद्धू के लिए सिर्फ एक बारगेनिंग चिप है?” पन्नू ने सिद्धू के नाटकीय अतीत का मज़ाक उड़ाया, जिसमें दिखावटी प्रेस कॉन्फ्रेंस से लेकर फेल हुए “जीतेगा पंजाब” चैनल तक शामिल थे, और सवाल किया कि अगर सिद्धू के पास पंजाब को फिर से खड़ा करने का कोई जादुई फ़ॉर्मूला था, तो उन्होंने मंत्री या कांग्रेस अध्यक्ष रहते हुए इसे क्यों नहीं लागू किया।   इसके उलट, AAP लीडरशिप से तुलना करते हुए, पन्नू ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान, अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और कई अन्य लोगों ने लोगों की सेवा करने के लिए अपना करियर छोड़ दिया, जबकि कांग्रेस नेता पहले पद और बाद में सेवा मांगते हैं। पन्नू ने मांग की कि कांग्रेस तुरंत साफ़ करे कि क्या मुख्यमंत्री बनने के लिए 500 करोड़ रुपये की ज़रूरत होती है। क्या कांग्रेस ने यह पैसा राज्य में घूम रहे छह-सात मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवारों से इकट्ठा किया है?  

लॉरेंस गैंग की वापसी से हड़कंप: किसान के फार्महाउस में तोड़फोड़-आगजनी, मुख्य आरोपी शशांक पांडेय पकड़ा गया

पश्चिम चंपारण पश्चिम चंपारण जिले के मैनाटांड़ थाना क्षेत्र के चिउटाहा गांव में शनिवार को ऐसा मंजर देखने को मिला जिसने पूरे इलाके में दहशत फैला दी। पुरैनिया गांव के किसान जीशान जुल्फेकार का फार्महाउस उस समय तबाह हो उठा, जब लॉरेंस बिश्नोई गैंग का कुख्यात शूटर शशांक पांडेय अपने दर्जनों गुर्गों के साथ वहां धावा बोल दिया। घटना के दौरान फार्महाउस की बाउंड्री दीवार को तोड़ा गया और हथियारों से लैस भीड़ भीतर घुस पड़ी। अंदर प्रवेश के बाद तोड़फोड़, लूटपाट और आगजनी का ऐसा कोहराम मचा कि कुछ ही मिनटों में पूरा परिसर मलबे और राख में तब्दील होने लगा। किसान जीशान के मुताबिक, करीब 200 लोग फार्महाउस में घुसे थे। कई के हाथों में धारदार हथियार थे, जबकि कई लोग पिस्टल लिए हुए थे। हमलावरों ने फार्महाउस के कमरों, स्टोर और शेड में रखे धान व गेहूं को लूट लिया, मवेशियों को भगा दिया और कई स्थानों पर आग लगा दी। इसी अफरातफरी के बीच कुख्यात शशांक पांडेय खुद जीशान के सामने पहुंचा और कनपटी पर पिस्टल सटाकर धमकी देते हुए बोला, "फार्महाउस मेरे नाम कर दो, नहीं तो यहीं खत्म कर दूंगा!" जब पड़ोसी महिला सहबुन खातून ने इस वारदात को रोकने की कोशिश की, तो शशांक ने उन्हीं पर पिस्टल तान दी। उसके बाद उसके साथी अविनाश मिश्रा ने लोहे की रॉड से हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया। हमलावर सहबुन खातून के घर में भी घुसे और वहां से जेवर व कीमती सामान लूटकर फरार हो गए। गांव का पूरा माहौल वारदात के दौरान खामोशी से जकड़ा रहा। दहशत ऐसी कि कोई भी आवाज़ उठाने की हिम्मत नहीं जुटा सका। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और छापेमारी अभियान चलाकर शनिवार को शशांक पांडेय, उसके तीन साथियों अविनाश मिश्रा, हरिराज मांझी, और रघु मांझी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। हालांकि गांव में दहशत का माहौल अभी भी कायम है और पुलिस लगातार कैंप कर रही है। कौन है शशांक पांडेय? शशांक कोई सामान्य अपराधी नहीं बल्कि लंबे समय से लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के लिए काम करता रहा है। हथियारों के साथ रील बनाकर सोशल मीडिया पर दहशत फैलाना उसकी पहचान मानी जाती है। इन्हीं वीडियो के जरिए वह गैंग के संपर्क में आया। बताया जाता है कि वह लॉरेंस के भाई अनमोल बिश्नोई और गैंगस्टर विक्रम बरार का करीबी है। नेपाल में बेस बनाना, नए युवकों की भर्ती करना और उन्हें धमकी व रंगदारी की ट्रेनिंग देना उसकी मुख्य भूमिका रही है। 2023 में मोतिहारी पुलिस उसे मेड-इन-इटली 9MM पिस्टल के साथ पकड़ चुकी है। उसका नाम सलमान खान फायरिंग केस में भी सामने आया था। अप्रैल 2024 में गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर हुई फायरिंग में शामिल दोनों शूटर बेतिया के रहने वाले थे और उन्हें नेपाल में शशांक ने ही ट्रेनिंग दी थी। इसके अलावा वह अंबाला में AAP नेता से 50 लाख की रंगदारी मांगकर फायरिंग कर चुका है और जयपुर की एक ज्वेलरी दुकान से 1 करोड़ की लूट में भी शामिल था। सबसे चौंकाने वाली बात यह कि शशांक ने सिकटा विधानसभा क्षेत्र से एमएलए चुनाव लड़ने के लिए तेजप्रताप की पार्टी से नामांकन भी किया था, लेकिन बाद में उसका नामांकन रद्द कर दिया गया। एसडीपीओ जयप्रकाश सिंह ने बताया कि मामले में 17 ज्ञात तथा 100–200 अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। पुलिस ने शशांक पांडेय सहित चार लोगों को गिरफ्तार कर आगे की कार्रवाई तेज कर दी है।

रोड रेज का खौफनाक अंजाम: साइड देने को लेकर विवाद में DTC चालक की बेरहमी से हत्या

नई दिल्ली  दिल्ली के अमन विहार इलाके में शनिवार रात करीब 11:20 बजे लोगों के समूह ने एक DTC बस ड्राइवर को इतना बुरी तरह पीटा कि उसकी मौत हो गई। बताया जाता है कि डीटीसी बस ड्राइवर का शादी समारोह में आए एक अल्टो कार चालक से साइड देने को लेकर कहासुनी हो गई। इसके बाद अल्टो कार चालक ने अपने साथियों को बुला लिया। इन लोगों ने बस ड्राइवर को इतना बुरी तरह पीटा कि उसकी मौत हो गई।   प्राप्त जानकारी के मुताबिक, शनिवार रात को करीब 11:20 बजे एक बारात सड़क से गुजर रही थी। इसी दौरान डीटीसी बस ड्राइवर विकास वाहन लेकर गुजर रहा था। बारात के कारण संकरी सड़क पर रास्ता देने को लेकर बस ड्राइवर की कार चालक से कहासुनी हो गई। इसके बाद हालात तब बिगड़ गए जब कार ड्राइवर ने अपने रिश्तेदारों को भी मौके पर बुला लिया। देखते ही देखते बवाल बढ़ गया। कार ड्राइवर के गुट ने डीटीसी बस ड्राइवर विकास पर हमला बोल दिया। सभी बस ड्राइवर को बुरी तरह पीटने लगे। एक राहगीर सूरज ने बीच बचाव की कोशिश की तो भीड़ ने उस पर भी हमला कर दिया। उपद्रवी गुट के हमले में बस ड्राइवर विकास और राहगीर सूरज दोनों घायल हो गए। दोनों को अस्पताल ले जाया गया, जहां बाद में विकास की मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि उसे शनिवार रात करीब 11:20 बजे एक बारात के पास झगड़े की खबर मिली। कॉल अमन विहार थाने में रजिस्टर की गई। स्थानीय पुलिस की एक टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने पाया कि संकरी सड़क पर रास्ता देने को लेकर डीटीसी बस ड्राइवर और कार चालक में झगड़ा हुआ था। कार चालक के गुट ने बस ड्राइवर की बेरहमी से पिटाई की। हमलावरों ने बीच बचाव करने वाले को भी पीट दिया। दोनों को एसजीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां से बाद में DTC ड्राइवर को सफदरजंग अस्पताल रेफर कर दिया गया। बीच-बचाव करने वाले एक राहगीर सूरज को भी चोटें आईं। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। एक आरोपी राहुल को गिरफ्तार कर लिया है। बाकी फरार हैं। उन्हें पकड़ने के लिए पुलिस की टीमें दबिश दे रही हैं। कुल 4 आरोपियों की पहचान की गई है। कंडक्टर उमेश के बयान के आधार पर केस दर्ज किया गया है।  

चुनावी माहौल में बयान से हड़कंप: वोटर लिस्ट गड़बड़ी पर कांग्रेस विधायक की खुली धमकी

त्रिपुरा  त्रिपुरा के कांग्रेस विधायक सुदीप रॉय बर्मन रविवार को बूथ स्तरीय अधिकारियों (BLOs) धमकी देते नजर आए। उन्होंने कहा कि अगर बीएलओ राज्य में प्रस्तावित मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान किसी भी वास्तविक मतदाता का नाम हटाने या कोई फर्जी नाम शामिल करने का प्रयास करेंगे, तो उनकी सार्वजनिक रूप से पिटाई की जाएगी। प्रस्तावित कवायद के लिए अगरतला के इंद्रनगर में कांग्रेस के बूथ स्तरीय एजेंट के वास्ते आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम को बर्मन ने संबोधित किया। उन्होंने कहा कि पार्टी पारदर्शी और त्रुटिरहित मतदाता सूची चाहती है। वो त्रिपुरा में वह सब नहीं होने देगी, जो महाराष्ट्र, बिहार और हरियाणा में हुआ।   सुदीप रॉय बर्मन ने कहा, ‘कांग्रेस को मृत मतदाताओं या विदेशी नागरिकों के नाम मतदाता सूची से हटाए जाने पर कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन फर्जी या छद्म मतदाताओं या किसी व्यक्ति का नाम दो या तीन बार शामिल करने जैसा कोई भी अनैतिक कृत्य नहीं होने दिया जाएगा। त्रुटिरहित मतदाता सूची तैयार करना निर्वाचन आयोग का कर्तव्य है।’ बर्मन ने कहा कि अगर बीएलओ मतदाता सूची में फर्जी नाम शामिल करने जैसा कोई अनैतिक कार्य करने की कोशिश करेंगे, तो इसके गंभीर परिणाम होंगे। सुदीप रॉय बर्मन को किस बात का डर कांग्रेस विधायक ने कहा, ‘त्रिपुरा एक छोटा राज्य है, जहां हर कोई एक-दूसरे को जानता है। अगर कोई BLO सत्तारूढ़ दल के दबाव में असली मतदाताओं के नाम हटाने या कोई फर्जी नाम जोड़ने की कोशिश करता है, तो उसकी सार्वजनिक रूप से पिटाई की जाएगी।’ बाद में, बर्मन ने बताया कि राज्य में सत्तारूढ़ भाजपा प्रशिक्षण कार्यक्रम को रोकना चाहती थी। उसने डेकोरेटर को लाउडस्पीकर लगाने, कुर्सियां उपलब्ध कराने व मंच बनाने से रोका था। इन बाधाओं के बावजूद, हम खुले आसमान के नीचे बीएलए और बूथ प्रेसीडेंट के लिए प्रशिक्षण शुरू करने में सफल रहे। मुख्यमंत्री माणिक साहा पर निशाना साधते हुए रॉय बर्मन ने कहा, ‘मुझे उम्मीद है कि सुशासन के नेता इस संबंध में ठोस कदम उठाएंगे, ताकि हमें राजनीतिक कार्यक्रम आयोजित करने का उचित अवसर मिल सके।’

चिनाब नदी में कहर बनकर बरपा तूफान, लोगों की बढ़ी धड़कनें, प्रशासन सतर्क

रामबन  बगलीहार डैम के गेट खोले जाने के बाद चिनाब नदी का जलस्तर तेज़ी से बढ़ गया है, जिससे प्रशासन और नदी किनारों पर बसे लोगों में चिंता बढ़ गई है। बढ़ते पानी को देखते हुए जिला प्रशासन ने तुरंत अलर्ट जारी कर दिया है। स्थानीय लोगों को सलाह जैसे की चिनाब का जलस्तर बढ़ गया है  स्थानीय लोगों को सावधानी बरतने और नदी तट से दूर रहने की सलाह दी गई है। लाउडस्पीकरों के जरिए लगातार चेतावनियां जारी की जा रही हैं, जबकि टीमें संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात की गई हैं।   पुलिस और SDRF (स्टेट डिज़ास्टर रिस्पॉन्स फ़ोर्स) की टीमों ने नदी किनारे गश्त तेज़ कर दी है। पानी के बढ़ते स्तर पर पैनी निगाह रखी जा रही है। आपात स्थितियों में तुरंत रेस्क्यू के लिए उपकरण तैयार किए गए हैं। डैम प्रबंधन ने भी कहा है कि सुरक्षा के सभी मानकों की बार-बार जांच की जा रही है ताकि किसी भी दुर्घटना की गुंजाइश न रहे।

शिक्षा भर्ती में बड़ा घोटाला: STF की जांच में 80 फर्जी शिक्षक निकले, मुकदमा कायम

इंदौर  डिप्लोमा इन एजुकेशन (डीएड) की फर्जी अंकसूची से नौकरी हासिल करने वालों में जिले के भी 80 शिक्षक हैं। इनमें से 20 के नाम एसटीएफ की जांच में सामने आ चुके हैं। लगभग 20 साल से चल रहे इस घोटाले में फर्जी अंकसूची से नौकरी पाने वाले ये लोग इंदौर और सांवेर की स्कूलों में नौकरी कर रहे हैं। ग्वालियर निवासी गौरीशंकर राजपूत ने कुछ शिक्षकों की जानकारी सूचना का अधिकार के तहत निकाली थी। उन्हें लगभग 130 लोग ऐसे मिले, जिनके रोल नंबर एक ही थे। इन रोल नंबर के आधार पर उन्होंने माध्यमिक शिक्षा मंडल से जानकारी ली तो पता चला कि मार्कशीट किसी और के नाम पर थी। उन्होंने फर्जी तरीके से नौकरी पाने वालों की शिकायत ग्वालियर पुलिस की एसटीएफ से की थी। एसटीएफ ने जांच के बाद एफआइआर दर्ज की है, जिसमें 34 शिक्षकों के फर्जी मार्कशीट से भर्ती होने की बात सामने आई है। इन 34 में से 20 इंदौर जिले के हैं। ये 20 शिक्षक इंदौर और सांवेर में पदस्थ बताए जा रहे हैं। गिरोह के रूप में होता है काम बताया जा रहा है कि फर्जी शिक्षकों की भर्ती के लिए दो दशक से गिरोह सक्रिय है। फर्जी अंकसूची से संविदा शिक्षक के रूप में पंचायतों के जरिए इन शिक्षकों की नियुक्ति की गई। तीन साल बाद इन फर्जी शिक्षकों का संविलयन शिक्षा विभाग में किया जाता रहा है। जिससे वे स्थायी शिक्षक बन जाते हैं। अफसरों की अनदेखी पंचायतों द्वारा संविदा के आधार पर नियुक्त शिक्षकों का शिक्षा विभाग में संविलयन जनपद सीईओ और जिला पंचायत सीईओ के जरिए होता है। संविलयन के दौरान पंचायत से प्रस्ताव के आधार पर शिक्षकों के संपूर्ण दस्तावेज बुलाए जाते हैं। जनपद पंचायत द्वारा दस्तावेजों की जांच के बाद ही संविलयन किया जाता है। अफसरों ने फर्जी दस्तावेजों की जांच नहीं की और सीधे संविलयन कर दिया। इससे ये शिक्षक वर्षों से नौकरी कर रहे हैं।   ’75 मीटर’ तक चौड़ी होंगी ’19’ सड़कें, जल्द शुरु होगा काम 130 फर्जी शिक्षकों में से इंदौर और सांवेर में पदस्थ 80 नाम थे। 20 की जानकारी दे दी थी। बचे हुए 60 के दस्तावेज जुटाने के बाद जल्द ही इनकी भी जानकारी एसटीएफ को सौंप देंगे। 6 माह से मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है। अब हम इस मामले को हाईकोर्ट ले जाने की तैयारी कर रहे हैं। गौरीशंकर राजपूत, व्हिसल ब्लोअर और शिकायतकर्ता हमारे पास जो नाम और जानकारी आई थी, उनकी अंकसूचियों की जानकारी हमने माध्यमिक शिक्षा मंडल से मांगी है। अब तक जानकारी नहीं आई है। जानकारी मिलने के बाद ही जांच या अन्य कार्रवाई कर पाएंगे। अभी हम इंतजार कर रहे हैं।- शांता सोनी, जिला शिक्षा अधिकारी, इंदौर

पर्यावरण शिक्षा में नया अध्याय: यूपी में 500 करोड़ की लागत से बनेगी पहली फॉरेस्ट यूनिवर्सिटी

लखनऊ योगी सरकार प्रदेश का पहला वानिकी विश्वविद्यालय गोरखपुर के कैंपियरगंज में बनाने जा रही है। मुख्यमंत्री ने इसकी घोषणा करीब एक वर्ष पहले की थी। इसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) फाइनल हो गई है। इसे करीब 500 करोड़ रुपये की लागत से बनाया जाएगा। जल्द ही डीपीआर कैबिनेट की बैठक में स्वीकृति के लिए रखी जाएगी। विश्वविद्यालय के अधिनियम का ड्राफ्ट भी अंतिम रूप दिया जा रहा है। यह विश्वविद्यालय करीब 125 एकड़ में बनाया जाएगा। यहां वानिकी, कृषि वानिकी, सामाजिक वानिकी व औद्यानिकी की पढ़ाई कराई जाएगी। छह सितंबर 2024 को जटायु संरक्षण एवं प्रजनन केंद्र के उद्घाटन के दौरान ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वानिकी विश्वविद्यालय की घोषणा की थी। बजट में भी 50 करोड़ रुपये की प्रविधान कर दिया गया था। जटायु संरक्षण केंद्र के पास ही 125 एकड़ जमीन चिह्नित कर प्रस्ताव शासन को भेजा गया था, जिसे स्वीकृति भी मिल चुकी है। यहां वानिकी (फारेस्ट्री), कृषि वानिकी, सामाजिक वानिकी और औद्यानिक (हार्टिकल्चर) जैसे विषय पढ़ाए जाएंगे। इसके साथ ही विभिन्न डिग्री व डिप्लोमा कोर्स भी चलाए जाएंगे। विश्वविद्यालय में 500 कमरों के छात्र-छात्राओं के लिए अलग-अलग छात्रावास, प्रशासनिक भवन, क्लास रूम, ऑडिटोरियम, अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं और खेल का मैदान बनाया जाएगा। शिक्षकों के लिए आवास का भी निर्माण यहां होगा।   इस विश्वविद्यालय की स्थापना से जैव तकनीक का विकास होगा। वन्यजीवों तथा जलवायु परिवर्तन के संबंध में ज्यादा सटीक विश्लेषण किया जा सकेगा। इससे प्रदेश ही नहीं बल्कि देश-विदेश से विद्यार्थी वन्यजीव एवं उनके संरक्षण पर शोध कर सकेंगे। साथ ही छात्र पारिस्थितिकी, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन, प्राकृतिक संसाधन एवं उद्यानिकी व वानिकी से संबंधित विषयों पर शिक्षण-प्रशिक्षण प्राप्त कर सकेंगे। डीपीआर कैबिनेट से पास होने के बाद इसका टेंडर होगा और विश्वविद्यालय का निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।  

नवनियुक्त पदाधिकारियों की पहली बैठक: जानिए CM भजनलाल और प्रदेशाध्यक्ष ने क्या कहा

जयपुर जयपुर में भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्यालय पर सुबह नवनियुक्त प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक आयोजित हुई। बैठक में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ मौजूद रहे। दोनों नेताओं ने संगठन के आगामी कार्यक्रमों, रणनीतियों और प्रदेश में विकास से जुड़े कार्यों पर विस्तार से चर्चा की। बैठक का मुख्य उद्देश्य संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करना और नई जिम्मेदारियों के अनुरूप कार्यों का समुचित वितरण सुनिश्चित करना था। CM ने पारदर्शी शासन और जनकल्याणकारी योजनाओं पर दिया जोर मुख्यमंत्री शर्मा ने पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि पार्टी की नीतियों और प्रदेश सरकार के संकल्पों को घर-घर तक पहुंचाना प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने पारदर्शी शासन, जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और संगठनात्मक सक्रियता को मजबूती देने की बात कही। मुख्यमंत्री ने सभी पदाधिकारियों से एकजुट होकर कार्य करने का आह्वान किया। प्रदेशाध्यक्ष ने संगठन और कार्यकर्ताओं को बताया पार्टी की शक्ति प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने नवनियुक्त पदाधिकारियों को बधाई दी और कहा कि भाजपा की सबसे बड़ी ताकत उसका मजबूत संगठन और समर्पित कार्यकर्ता हैं। उन्होंने आने वाले महीनों में कार्यक्रमों को मजबूत स्वरूप देने तथा जनता से लगातार संवाद बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया। सोशल मीडिया वॉरियर्स मीट में डिजिटल रणनीति पर मार्गदर्शन इसी क्रम में दोपहर 11:30 बजे कृषि अनुसंधान केंद्र, दुर्गापुरा में सोशल मीडिया वॉरियर्स मीट आयोजित हुई। इस सत्र में भी मुख्यमंत्री और प्रदेशाध्यक्ष उपस्थित रहे। बैठक में सोशल मीडिया टीम को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रभावी उपस्थिति, सही जानकारी जनता तक पहुंचाने और दुष्प्रचार का जवाब देने संबंधी रणनीतियों पर विस्तार से मार्गदर्शन दिया गया।

पुतिन को कश्मीरी केसर भेंट कर पीएम मोदी ने दिया किसानों को बड़ा संकेत, देशभर में हुई चर्चा

अनंतनाग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक दर्शाने वाले विशेष तोहफे भेंट किए। इन उपहारों में कश्मीर का मशहूर केसर और भगवद्गीता का रूसी संस्करण शामिल रहा। यह उपहार न केवल भारत की कला, आध्यात्मिकता और परंपरा को दर्शाते हैं बल्कि दोनों देशों के सांस्कृतिक संबंधों को और सुदृढ़ करते हैं। कश्मीर के बुरहान दीन ने आईएएनएस से बातचीत में इस कदम पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि यह गर्व का विषय है कि प्रधानमंत्री मोदी ने पुतिन को कश्मीरी केसर उपहार में दिया। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी को जम्मू-कश्मीर के लोगों से विशेष लगाव है। वह चाहें तो कोई कीमती वस्तु भेंट कर सकते थे, लेकिन उन्होंने कश्मीर की पहचान केसर को चुना। यह हमारे लिए सम्मान की बात है। मैं किसानों से अपील करता हूं कि वे केसर की पैदावार बढ़ाएं, क्योंकि अब यह दुनिया के शीर्ष नेताओं तक पहुंच चुका है। सामाजिक कार्यकर्ता सईद अख्तर हुसैन ने कहा कि कश्मीर की हर वस्तु अनमोल है और उसी अनमोलता का प्रतीक यहां का केसर है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने कश्मीरी केसर को विश्व पटल पर और प्रख्यात कर दिया है। यदि किसान इसकी खेती को बढ़ावा दें तो यह वैश्विक स्तर पर और बड़ी पहचान बना सकता है। इससे युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे और बेरोजगारी कम होगी। जम्मू-कश्मीर में केसर की सबसे अधिक पैदावार होती है और प्रधानमंत्री द्वारा इसका चयन करना हमारे लिए गर्व की बात है। कश्मीर घूमने आए पर्यटकों ने भी इस निर्णय का स्वागत किया। एक पर्यटक ने कहा कि पीएम मोदी द्वारा पुतिन को कश्मीरी केसर भेंट करने से हमारी जिज्ञासा और बढ़ गई है। हम यहां का असली केसर खरीदकर अपने साथ ले जाना चाहते हैं। यहां के किसान मेहनती हैं और केसर की खेती को बढ़ावा देना चाहिए। कश्मीर बेहद खूबसूरत है और यहां के लोग भी बहुत अच्छे हैं।