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हाड़ कंपाने वाली सर्दी ने बढ़ाई ठिठुरन, फतेहपुर में पारा लुढ़का

जयपुर राजस्थान में कड़ाके की सर्दी के बीच एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हुआ है। इसका असर खासतौर पर पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर, जैसलमेर और आसपास के इलाकों में हल्के बादलों के रूप में दिखाई दिया, हालांकि कहीं भी बारिश नहीं हुई। बादल छाने और पश्चिमी हवाएं चलने से उत्तर से आने वाली बर्फीली हवा कुछ कमजोर पड़ी है। इस विक्षोभ का आंशिक प्रभाव अगले दो दिनों तक जारी रहने की संभावना है। अगले एक सप्ताह तक राज्यभर में मौसम साफ रहने का अनुमान है, जिससे शेखावाटी, बीकानेर और जयपुर संभाग के इलाकों में कड़ाके की सर्दी और शीतलहर से राहत मिल सकती है। शेखावाटी में बीते 24 घंटे के दौरान सबसे अधिक ठंड महसूस की गई। फतेहपुर में न्यूनतम तापमान 2.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जबकि माउंट आबू और सीकर में पारा 3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। अलवर में 5 और दौसा में 4.3 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। पश्चिमी विक्षोभ के असर से बाड़मेर, जैसलमेर, बीकानेर और गंगानगर सहित कई पश्चिमी जिलों में धूप कमजोर रही। बाड़मेर में अधिकतम तापमान 29.3, जैसलमेर में 28.3, बीकानेर में 23.3 और चूरू में 25.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। कोटा में सुबह हल्की धुंध छाई रही और शीतलहर के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। मौसम केंद्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा के अनुसार, कमजोर पश्चिमी विक्षोभ के कारण अगले दो-तीन दिनों तक कई हिस्सों में आंशिक बादल छाए रह सकते हैं। साथ ही, न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री की बढ़ोतरी होने का अनुमान है, जिससे शीतलहर से राहत मिलेगी। अगले तीन-चार दिनों में शेखावाटी क्षेत्र में न्यूनतम तापमान 4 डिग्री सेल्सियस से ऊपर और बाकी हिस्सों में 10 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है।

एमपी ट्रांसको के पिंटू यादव ने अंतरक्षेत्रीय विद्युत कुश्ती प्रतियोगिता में जीता कांस्य पदक

जबलपुर मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) के ट्रांसमिशन लाइन मेंटेनेंस मुख्यालय, जबलपुर में पदस्थ पहलवान पिंटू यादव ने एक बार फिर अपनी उत्कृष्ट खेल प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए अंतरक्षेत्रीय विद्युत कुश्ती प्रतियोगिता में 70 किलोग्राम वर्ग में कांस्य पदक जीतकर एम पी ट्रांसको का गौरव बढ़ाया है। संजय गांधी ताप विद्युत गृह, बिरसिंहपुर में हुई विद्युत क्षेत्र की इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में पिंटू यादव ने खंडवा के अनुभवी पहलवान विनोद तिवारी को पराजित करते हुए तीसरा स्थान हासिल किया। मुकाबले के दौरान उनके दांवपेंच, संतुलन और फुर्ती ने दर्शकों को प्रभावित किया और लगातार तालियां बटोरीं। हालाँकि पिछले दो वर्षों से स्वर्ण पदक जीतते आ रहे पिंटू यादव इस बार शीर्ष स्थान नहीं पा सके, लेकिन उनके सशक्त प्रदर्शन और जुझारू खेल भावना की प्रतियोगिता भर में सराहना होती रही। प्रबंध संचालक ने दी बधाई पिंटू यादव की इस उपलब्धि पर एमपी ट्रांसको के प्रबंध संचालक सुनील तिवारी ने बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि न केवल कंपनी के लिए गौरव की बात है, बल्कि अन्य कर्मियों के लिए भी प्रेरणादायक है। अति उच्च दाब मेंटेनेंस के मुख्य अभियंता श्री डी. के. अग्रवाल ने भी पिंटू यादव को शुभकामनाएँ दीं और बताया कि उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए उन्हें विभागीय स्तर पर सम्मानित एवं पुरस्कृत किया जाएगा।

देश के लिए अटूट निष्ठा रखने वाले वीर सैनिक हमारे गर्व का प्रतीक : भजनलाल शर्मा

जयपुर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि हमारे वीर जवान अपने परिवार से दूर रहकर, कठिन परिस्थितियों में निःस्वार्थ भाव से राष्ट्र की सेवा करते हैं। उनके अदम्य साहस और बलिदान के कारण ही हम सभी देशवासी चैन और सुकून से रह पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारे पूर्व सैनिक केवल सेवानिवृत व्यक्ति नहीं, बल्कि अनुभव और अनुशासन के प्रतीक हैं। उनकी राष्ट्र के प्रति अटूट निष्ठा हम सब के लिए प्रेरणादायी है। यह देश के हर नागरिक का कर्तव्य है कि वह जवानों को उचित मान-सम्मान दें। शर्मा ने रविवार को जयपुर के अल्बर्ट हॉल पर थलसेना की दक्षिण पश्चिमी कमान की ओर से पूर्व सैनिकों की वीरता और बलिदान के सम्मान में आयोजित ‘ऑनर रन’ मैराथन को फ्लैग ऑफ किया।  यह मैराथन सेना दिवस (15 जनवरी) के उपलक्ष्य में होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों के क्रम में आयोजित की गई। मैराथन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दौड़ हमारे राष्ट्र के उन अमर सपूतों के प्रति सम्मान और आभार व्यक्त करने का अवसर है, जिन्होंने मातृभूमि की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। इसका उद्देश्य हमारे पूर्व सैनिकों के साहस, बलिदान और अदम्य भावना का सम्मान करना है, जिन्होंने निःस्वार्थ भाव से राष्ट्र की सेवा की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऑनर रन के माध्यम से हम यह सन्देश देना चाहते हैं कि राजस्थान अपने सैनिकों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है। उन्होंने कहा कि ऑनर रन का आयोजन हमारी सामूहिक चेतना की अभिव्यक्ति है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे हमारे जांबाज सैनिकों के त्याग, बलिदान और राष्ट्रप्रेम से प्रेरणा लेकर देश के निर्माण में अपना योगदान दें। ‘ऑनर रन’ में नजर आया भारी उत्साह और जोश अल्बर्ट हॉल पर आयोजित ऑनर रन मैराथन में 5 किलोमीटर, 10 किलोमीटर और 21 किलोमीटर की 3 श्रेणियों की दौड़ आयोजित की गई। मैराथन में सेना के जवानों, पूर्व सैनिकों एवं आमजन ने भारी उत्साह के साथ हिस्सा लिया। देशभक्ति के तरानों के बीच भारत माता की जयकार से माहौल जोश से भर उठा। कार्यक्रम में सेना की दक्षिण पश्चिमी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ लेफ्टिनेंट जनरल मनजिंदर सिंह ने मुख्यमंत्री को स्मृति चिन्ह भेंट किया। इस दौरान पूर्व नौसेना अध्यक्ष एडमिरल माधवेन्द्र सिंह एवं जयपुर जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी सहित बड़ी संख्या में सेना के जवान, पूर्व सैनिक एवं आमजन उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने क्रांतिकारी बाघा जतीन की जयंती पर किया नमन

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने महान क्रांतिकारी जतीन्द्रनाथ मुखर्जी 'बाघा जतीन' की जयंती पर नमन किया है। उन्होंने कहा है कि क्रांतिकारी बाघा जतीन स्वतंत्रता आंदोलन में युवाओं के प्रेरणा स्रोत रहे। उनके चिंतन और दार्शनिक विचारों से स्वतंत्रता सेनानियों को सतत् प्रेरणा मिली। क्रांतिकारी बाघा जतीन ने अनुशीलन समिति और युगांतर पार्टी के माध्यम से स्वतंत्रता आंदोलन को आजीवन ऊर्जा प्रदान की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन में क्रांतिकारी बाघा जतीन का योगदान सदैव अविस्मरणीय रहेगा।  

मौत का सफर बना समुद्री सफर: ग्रीक तट के पास पलटी नाव, 17 प्रवासियों की जान गई

नई दिल्ली ग्रीक के क्रीट द्वीप से एक बार फिर से चौंकाने वाला मामला सामने आया है। क्रीट द्वीप के पास शनिवार को प्रवासियों को ले जा रही एक नाव पलट गई, जिसमें कम से कम 17 लोगों की मौत हो गई। हालांकि, नाव पर सवार दो लोग जिंदा थे और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। ग्रीक स्टेट ब्रॉडकास्टर ईआरटी के अनुसार सभी शव नाव के अंदर से मिले हैं। क्रेटन पोर्ट इरापेट्रा के मेयर, मनोलिस फ्रैंगोलिस ने कहा कि सभी लोग युवा थे। इसके साथ ही उन्होंने जानकारी दी है कि नाव की हवा दो तरफ से निकल गई थी, जिससे यात्रियों को एक सीमित जगह में रहना पड़ा। ईआरटी ने बताया कि कोरोनर इस बात की जांच कर रहे हैं कि क्या इन लोगों की मौत पानी की कमी/डिहाइड्रेशन की वजह से हुई। ग्रीक के अधिकारियों ने बताया कि यह नाव क्रीट के दक्षिण-पश्चिम में 26 नॉटिकल मील या 48 किलोमीटर दूर मिला। वहीं ग्रीक न्यूज एजेंसी एना के मुताबिक, एक तुर्किए कार्गो जहाज ने बहती हुई नाव को देखा और अधिकारियों को बताया। मामले की छानबीन के लिए दो कोस्टगार्ड जहाज और यूरोपीय सीमा तटरक्षक एजेंसी फ्रोंटेक्स का एक जहाज, एक फ्रोंटेक्स एयरक्राफ्ट और एक सुपर प्यूमा हेलीकॉप्टर उस इलाके में गए। कोस्टगार्ड ने कहा कि बचे हुए लोगों ने बताया कि खराब मौसम की वजह से नाव अस्थिर हो गई थी और उनके पास रहने की कोई जगह या खाना या पानी नहीं था। इससे पहले भी ग्रीक में ऐसी घटनाएं हुई हैं। हाल ही में ग्रीक के गावदोस द्वीप के पास एक प्रवासी नाव पलटने से तीन लोगों की मौत हो गई थी। हालांकि, इस घटना में 56 लोगों को बचा लिया गया। ग्रीक के तटरक्षक बल ने बताया कि मंगलवार को खराब मौसम के बीच बड़े पैमाने पर राहत और बचाव अभियान चलाया जा रहा है, ताकि लापता लोगों को खोजा जा सके। सिन्हुआ ने सरकारी प्रसारक ईआरटी के हवाले से बताया कि जीवित बचे लोगों से यह नहीं पता चल पा रहा है कि नाव में कुल कितने लोग सवार थे। घटना की जांच में फ्रोंटेक्स ने यूनानी अधिकारियों की मदद की। गावदोस, क्रीट द्वीप के दक्षिण में स्थित है, और यह वह मार्ग है जिसका इस्तेमाल अक्सर उत्तर अफ्रीका से यूरोप पहुंचने की कोशिश करने वाले प्रवासी करते हैं। यह साल 2015 से यूनान में यूरोपीय संघ में प्रवेश करने वाले प्रवासियों और शरणार्थियों का प्रमुख रास्ता रहा है। 10 लाख से ज्यादा लोगों ने, मुख्य रूप से तुर्किए से इसकी सीमाओं को पार किया था। पिछले कुछ वर्षों में सैकड़ों लोग भूमध्य सागर में यूरोप पहुंचने की कोशिश में डूबकर जान गंवा चुके हैं। मानवाधिकार संगठनों ने बार-बार अपील की है कि समुद्री बचाव को और मजबूत किया जाए और प्रवास के लिए सुरक्षित रास्ते बनाए जाएं। इस हादसे से एक दिन पहले यूनान के लेसवोस द्वीप के पास एक और प्रवासी नाव डूब गई थी, जिसमें चार लोगों की मौत हुई और सात लोगों को बचाया गया। अभी तक यह साफ नहीं हो सका है कि नाव में कितने लोग सवार थे, क्योंकि बचे हुए सभी लोग सूडान के नागरिक हैं और वे अंग्रेजी नहीं बोल पाते, जिससे बातचीत में दिक्कत हो रही है।

इंडिगो में उड़ान संकट: पायलटों ने प्रबंधन की बदइंतजामी पर उठाए सवाल

नई दिल्ली देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो इन दिनों बड़े परिचालन संकट से जूझ रही है। इसी बीच सोशल मीडिया पर इंडिगो पायलटों का एक कथित ओपन लेटर आया है, जिसमें सीईओ पीटर एल्बर्स समेत कई शीर्ष अधिकारियों पर एयरलाइन को डूबने की कगार पर पहुंचाने का आरोप लगाया गया है। यह पत्र किसी अनाम कर्मचारी द्वारा लिखा दावा किया गया है, जो खुद को वर्षों से इंडिगो की अंदरूनी स्थिति का गवाह बताता है। पत्र में कहा गया है कि इंडिगो एक दिन में नहीं गिरी, यह गिरावट कई वर्षों से बन रही थी। क्या कहा गया है इस खुले पत्र में? कथित खुले पत्र की शुरुआत 2006 में इंडिगो की स्थापना के जिक्र से होती है। लेखक का दावा है कि वर्षों के साथ कंपनी की शुरुआती ग्रोथ लालच में और गौरव अहंकार में बदल गई। पत्र के अनुसार, एयरलाइन की बदहाली की जड़ वहीं से शुरू हुई, जब प्रबंधन ने अनुभव और योग्यता की अनदेखी करते हुए ऐसे लोगों को बड़े पद सौंप दिए, जिनके पास न विशेषज्ञता थी और न ही संचालन की समझ। पत्र में आगे कहा गया है कि पायलटों और कर्मचारियों की थकान, सुरक्षा और ड्यूटी नियमों को लगातार नज़रअंदाज़ किया गया। थकान और ओवरवर्किंग पर आपत्ति जताने वाले कई पायलटों को दफ्तर में बुलाकर डांटा, डराया और अपमानित किया गया। हालात यह तक पहुंच गए कि बिना किसी अतिरिक्त वेतन के नाइट ड्यूटी, शिफ्ट और काम का बोझ कई गुना बढ़ा दिया गया। कथित कर्मचारी के अनुसार, स्टाफ से अपमानजनक भाषा में कहा गया आप नौकरी पाकर खुश रहिए… भिखारी चुन नहीं सकते। पत्र में आरोप है कि समय के साथ एयरलाइन में एक ऐसा टॉक्सिक वर्ककल्चर विकसित हुआ जिसमें टैलेंट से ज्यादा टाइटल और पदों की चमक को महत्व दिया जाने लगा। यह पूरा विवरण इस बात की ओर इशारा करता है कि इंडिगो के अंदर कथित तौर पर वर्षों से असंतोष, अव्यवस्था और कर्मचारियों में बढ़ती थकान को नजरअंदाज किया गया, जिसका असर अब परिचालन संकट के रूप में सामने आ रहा है। किन अधिकारियों को जिम्मेदार बताया गया? कथित ओपन लेटर में इंडिगो के प्रबंधन स्तर पर आठ शीर्ष अधिकारियों को मौजूदा संकट के लिए जिम्मेदार ठहराया गया है। सूची में सबसे ऊपर CEO पीटर एल्बर्स का नाम है, जिन पर आरोप लगाया गया है कि संकट के दौरान वे अपने मूल देश नीदरलैंड में छुट्टी पर थे। पत्र में जिन अन्य अधिकारियों को संकट का कारण बताया गया है, उनमें जेसन हर्टर, अदिति कुमारी, तपस डे, राहुल पाटिल, इसिडोर पोरक्वेरास (COO), असीम मित्रा (SVP फ्लाइट ऑपरेशंस) और अक्षय मोहन शामिल हैं। पत्र का दावा है कि इन अधिकारियों के निर्णय, आंतरिक अव्यवस्था और कथित बदइंतजामी ने मिलकर स्थिति को उस स्तर पर पहुंचाया, जहां एयरलाइन पिछले एक सप्ताह से परिचालन संकट झेल रही है।

शाहनवाज हुसैन का बड़ा बयान: तेजस्वी यादव दोनों ही भूमिकाओं में फेल

नई दिल्ली भाजपा प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने राजद नेता तेजस्वी यादव पर जोरदार निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव न तो सत्ता के लायक हैं और न ही विपक्ष के नेता के लायक हैं। नई दिल्ली में आईएएनएस से बातचीत के दौरान भाजपा प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने कहा कि तेजस्वी यादव ने एक वरिष्ठ पत्रकार को इंटरव्यू दिया था। यह पूरी तरह प्लांटेड इंटरव्यू था। इसमें उन्होंने कहा कि उन्हें लगता था कि उनके पास बहुमत है, लेकिन न जाने फिर क्या हो गया। उन्हें पता नहीं था कि आधी आबादी पूरी तरह हमारे साथ थी। महिलाओं और युवाओं ने हमारा साथ दिया। हमारा एमवाई मतलब महिलाएं और युवा थे। तेजस्वी को निशाने पर लेते हुए कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान जैसे ही तेजस्वी यादव के नाम की मुख्यमंत्री पद के लिए घोषणा हुई, बिहार के लोगों को डर सताने लगा कि ‘जंगलराज पार्ट-2’ आने वाला है। इसी डर के कारण बड़ी संख्या में लोग हमारा समर्थन करने आए। हम जितनी मेहनत कर रहे थे, जनता उससे कहीं ज्यादा मेहनत कर रही थी। तेजस्वी यादव को समझना चाहिए कि जनता ने जिसे जिताया है, उसे बधाई देनी चाहिए, बहाने नहीं ढूंढने चाहिए। तेजस्वी यादव को लेकर घर-परिवार से लेकर जनता में गुस्सा है और वे ईवीएम पर निशाना साध रहे हैं। तेजस्वी यादव न तो सत्ता के लायक हैं और न ही विपक्ष के नेता के लायक। विपक्ष के नेता कर्पूरी ठाकुर और सुशील मोदी जैसे रहे हैं, जो विपक्ष में रहकर भी प्रभावी राजनीति करते थे, तेजस्वी को कुछ सीखना चाहिए। लेकिन, वे तो राहुल गांधी की कॉपी करते हैं। तेजस्वी ने राहुल गांधी की तरह सिर्फ टी-शर्ट पहन ली है। राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान सदन में मौजूद तक नहीं थे। चुनाव हारने के बाद बिहार में रहकर जिलों में जाकर हार की समीक्षा करनी चाहिए थी, लेकिन वे राहुल गांधी की तरह विदेश चले गए। तेजस्वी यादव राहुल गांधी से बहुत प्रभावित हैं और उनके नक्शे-कदम पर चलकर अपनी पार्टी का नाश कर रहे हैं। टीएमसी से निलंबित विधायक हुमायूं कबीर द्वारा बाबरी मस्जिद की नींव रखे जाने पर उन्होंने कहा कि हुमायूं कबीर को पहले कोई जानता तक नहीं था। ममता बनर्जी के इशारे पर ही उन्होंने बाबरी मस्जिद बनाने की बात कही। यह टीएमसी की वोटबैंक की राजनीति का हिस्सा है। हिंदू-मुस्लिम के नाम पर लोगों को बांटने का प्लान था, इसलिए हुमायूं कबीर को आगे बढ़ाया गया। हुमायूं में कबीर जैसा कुछ नहीं है, उसके सारे विचार बाबर जैसे हैं। वह समाज में दरार डालना चाहता है। मस्जिद बनानी है तो नमाज के लिए बनानी चाहिए, बाबर के नाम पर क्यों? बाबर ने भारत को लूटा था। उसके नाम पर मस्जिद किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं की जाएगी। इंडी गठबंधन पर उमर अब्दुल्ला के बयान का जिक्र करते हुए शाहनवाज हुसैन ने कहा कि उमर अब्दुल्ला बिल्कुल सही कह रहे हैं कि वर्तमान में इंडिया अलायंस का कोई वजूद नहीं बचा है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सशस्त्र सेना झंडा दिवस पर दी बधाई

मुख्यमंत्री ने सैनिक कल्याण के लिए क्यूआर कोड से 11 हजार रुपये किए भेंट भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सशस्त्र सेना झंडा दिवस पर सभी को हार्दिक बधाई दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि यह दिन सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि देने के साथ सेना कल्याण कोष में योगदान के लिए हम सभी को प्रेरित करता है। उन्होंने क्यूआर कोड से सैनिक कल्याण के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया से 11 हजार रुपये की राशि भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी से आह्वान किया कि शहीद सैनिकों के परिवारों और शारीरिक रूप से अक्षम सैनिकों के कल्याण के लिए अपना सहयोग दें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को सशस्त्र सेना झंडा दिवस पर मुख्यंमत्री निवास में ब्रिगेडियर अरुण नायर सेना मेडल (से.नि) और संचालक, सैनिक कल्याण बोर्ड ने झंडा लगाकर स्मृति चिन्ह (मोमेन्टो) भेंट किया। सैनिक कल्याण बोर्ड के श्री आर.एन. सिंह तोमर, श्री ग्रीश चंद्र यादव, श्री शैलेश कुमार चौकसे, श्री संजय भील और श्री जसवीर सिंह भी उपस्थित रहे।  

अवैध कोयला तस्करी नाकाम, पुलिस ने 3 टन कोयला बरामद किया

सरगुजा छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में अवैध कोयला तस्करी एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है. लखनपुर और उदयपुर इलाके में कोयला माफिया सक्रिय हो गए हैं, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है. उदयपुर पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए करीब 3 टन अवैध कोयला जब्त किया है. पुलिस के अनुसार अवैध कोयला उदयपुर के पोतका जमटी पारा क्षेत्र में जंगल किनारे छुपाकर रखा गया था. जांच में सामने आया है कि इस कोयले को ईंट भट्ठों में खपाने के लिए अवैध रूप से जंगलों में खनन किया जा रहा था, साथ ही कोल माइंस से भी चोरी की आशंका जताई जा रही है. स्थानीय लोगों का कहना है कि कोयला माफिया ग्रामीणों को ढाल बनाकर तस्करी को अंजाम दे रहे हैं. सरगुजा संभाग के बिश्रामपुर, भटगांव, राजपुर और प्रतापपुर इलाकों में माफियाओं की गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं. उधर, सरगुजा रेंज के आईजी ने माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं. पुलिस का कहना है कि अवैध कारोबार में शामिल तत्वों की पहचान कर जल्द ही बड़ी कार्रवाई की जाएगी.

न्याय व्यवस्था में बड़ा सुधार: डिप्टी सीएम ने बताए किन जिलों में खुलेंगे नए फास्ट ट्रैक कोर्ट

पटना बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बड़ी घोषणा की है। उन्होंने कहा कि बिहार में 100 फास्ट ट्रैक न्यायालयों (FTC) का गठन किया जाएगा। इसकी स्थापना का मुख्य उद्देश्य न्यायालयों में लंबित मामलों का त्वरित निष्पादन, न्यायालय का बोझ कम करना और संवेदनशील प्रकृति के मामलों पर उचित ध्यान और समय देना है। उन्होंने कहा- राज्य के विभिन्न न्यायालयों में 18 लाख से अधिक लंबित मामलों के मद्देनज़र ये फास्ट ट्रैक न्यायालय बड़ी राहत देने वाले साबित होंगे। उन्होंने बताया कि पटना में आठ फास्ट ट्रैक अदालतें प्रस्तावित हैं जबकि गया, मुजफ्फरपुर, दरभंगा और भागलपुर में चार-चार अदालतें स्थापित की जाएंगी। नालंदा (बिहारशरीफ), रोहतास (सासाराम), सारण (छपरा), बेगूसराय, वैशाली (हाजीपुर), पूर्वी चंपारण (मोतिहारी), समस्तीपुर और मधुबनी में तीन-तीन फास्ट ट्रैक अदालतें बनाई जाएंगी। इसी तरह पश्चिम चंपारण (बेतिया), सहरसा, पूर्णिया, मुंगेर, नवादा, जहानाबाद, अरवल, औरंगाबाद, कैमूर (भभुआ), बक्सर, भोजपुर (आरा), सीतामढ़ी, शिवहर, सीवान, गोपालगंज, सुपौल, मधेपुरा, अररिया, किशनगंज, कटिहार, बांका, जमुई, शेखपुरा, लखीसराय और खगड़िया में दो-दो फास्ट ट्रैक अदालतें संचालित होंगी। इसके अतिरिक्त नवगछिया और बगहा उप-मंडलीय न्यायालय में एक-एक फास्ट ट्रैक अदालत स्थापित करने का प्रस्ताव है। 900 पदों पर नियुक्ति भी की जाएगी उन्होंने बताया कि जिलापदाधिकारी, वरीय पुलिस अधीक्षक/पुलिस अधीक्षक द्वारा संयुक्त रूप से चिन्हित मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निष्पादन किया जाएगा।  राज्य के 38 जिलों और उप-मंडलों में कुल 100 फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित किए जाने के लिए कर्मियों की नियुक्ति भी बड़े पैमाने पर की जाएगी। प्रत्येक अदालत के लिए आठ प्रकार के पदों जैसे, बेंच क्लर्क, कार्यालय लिपिक, स्टेनोग्राफर, डिपोज़िशन राइटर, डेटा एंट्री ऑपरेटर, ड्राइवर, प्रोसेस सर्वर और चपरासी या ऑर्डर्ली के कुल 900 पदों पर नियुक्ति प्रस्तावित है। 79 न्यायालय एक्ट कोर्ट के रूप में नामित उपमुख्यमंत्री चौधरी ने कहा- शस्त्र अधिनियम से संबंधित लंबित मामलों के त्वरित निपटारे हेतु 79 न्यायालयों को एक्ट कोर्ट के रूप में नामित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार का मानना है कि शस्त्र अधिनियम जैसे गम्भीर मामलों का शीघ्र समाधान कानून व्यवस्था को मजबूत करेगा।  राज्य सरकार न्यायिक प्रक्रिया को गति देने के लिए प्रतिबद्ध है। यही वजह है कि 100 फास्ट ट्रैक अदालतों के गठन किया जाएगा।