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ममता को चुनौती: बाबरी मस्जिद केस से जुड़े हुमायूं बनाएंगे नई पार्टी, ओवैसी से हाथ मिलाया

कोलकाता  तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के निलंबित विधायक हुमायूं कबीर ने नई पार्टी बनाने के ऐलान किया है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा है कि वह आगामी बंगाल विधानसभा चुनाव में असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम के साथ गठबंधन करेंगे और बंगाल में चुनाव लड़ेंगे। आपको बता दें कि कबीर सुर्खियों में तब आए जब उन्होंने शनिवार को कड़ी सुरक्षा के बीच पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के रेजीनगर में अयोध्या की बाबरी मस्जिद के मॉडल पर आधारित एक मस्जिद की नींव रखी। राज्य पुलिस, त्वरित कार्रवाई बल (आरएएफ) और केंद्रीय बलों की भारी तैनाती के बीच, कबीर ने मौलवियों के साथ, रेजिनगर में एक विशाल मंच पर औपचारिक फीता काटा, जबकि वास्तविक मस्जिद निर्माण स्थल आयोजन स्थल से लगभग एक किलोमीटर दूर था। इस दौरान ‘‘नारा-ए-तकबीर, अल्लाहु अकबर’’ के नारे लगे और हजारों लोग सुबह से ही कार्यक्रम स्थल पर उमड़ पड़े। वहां मौजूद लोगों में से कई प्रतीकात्मक रूप से अपने सिर पर ईंट लिए हुए थे। यह कार्यक्रम छह दिसंबर को निर्धारित किया गया था, जिस दिन 1992 में उत्तर प्रदेश के अयोध्या में बाबरी मस्जिद ढहा दी गई थी। इस आयोजन के तिथि चयन को लेकर तीखी राजनीतिक प्रतिक्रिया भी आई। कबीर को तृणमूल कांग्रेस ने “सांप्रदायिक राजनीति” में शामिल होने के आरोप में इस हफ्ते की शुरुआत में निलंबित कर दिया था। उन्होंने लोगों को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘मैं कुछ भी असंवैधानिक नहीं कर रहा हूं। उपासना स्थल बनाना एक संवैधानिक अधिकार है। बाबरी मस्जिद बनायी जाएगी।’’ उन्होंने दावा किया कि इस कार्यक्रम में करीब चार लाख लोग शामिल हुए।  

विदेश यात्राओं पर सियासी संग्राम: मान सरकार ने कहा— जनता के पैसे से सुखबीर बादल और अमरिंदर सिंह का लग्ज़री टूर

चंडीगढ़ पंजाब की जनता ने दशकों तक भ्रष्टाचार, परिवारवाद और जनता के पैसे की बर्बादी का दर्द सहा है। अकाली दल और कांग्रेस के पुराने मुख्यमंत्रियों ने सरकारी खजाने को अपनी निजी संपत्ति समझा, जहां विदेश यात्राओं के नाम पर करोड़ों रुपये उड़ाए जाते थे, लेकिन राज्य के विकास के लिए एक पैसा भी नहीं लगता था। इन नेताओं की लग्जरी ट्रिप्स, परिवार के साथ शॉपिंग और मौज-मस्ती पर जनता का मेहनत का पैसा लुटाया जाता था, जबकि पंजाब के किसान, नौजवान और आम आदमी गरीबी, बेरोजगारी और कर्ज के बोझ तले दबे रहते थे।  ओएसडी टू सीएम अमनजोत सिंह ने बताया कि आज भगवंत मान के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी की सरकार ने इस काले दौर को पूरी तरह खत्म कर दिया है, जहां हर फैसला जनता के हित में लिया जाता है और पारदर्शिता सबसे ऊपर है। अब विदेश यात्राओं का एकमात्र मकसद पंजाब में निवेश लाना, फैक्ट्रियां लगाना और लाखों नौकरियां पैदा करना है, ताकि राज्य आर्थिक रूप से मजबूत बने और युवाओं का भविष्य सुरक्षित हो। यह बदलाव न सिर्फ राजनीतिक है, बल्कि पंजाब की जनता के लिए एक नई उम्मीद की किरण है, जहां भ्रष्टाचार की जगह ईमानदारी और विकास ने ले ली है। ओएसडी टू सीएम अमनजोत सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान इन दिनों जापान और दक्षिण कोरिया के 10 दिवसीय दौरे पर हैं, जहां वे पंजाब को निवेश का हब बनाने के लिए रोडशो और उच्च-स्तरीय बैठकों का आयोजन कर रहे हैं। इस यात्रा के दौरान ही जापानी कंपनी टोप्पन स्पेशलिटी फिल्म्स ने पंजाब में 400 करोड़ रुपये का निवेश करने का ऐलान किया है, जो राज्य में रोजगार के नए अवसर पैदा करेगा। टोक्यो और ओसाका में रोड शो के दौरान भगवंत मान ने जापानी उद्योगपतियों को बताया कि पंजाब अब निवेश के लिए सबसे सुरक्षित और लाभदायक जगह है, जहां सरकारी नीतियां सरल हैं और बुनियादी ढांचा मजबूत है। आप सरकार की यह रणनीति पंजाब को वैश्विक स्तर पर मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है, जो पहले कभी नहीं देखा गया। ओएसडी टू सीएम अमनजोत सिंह ने बताया कि अब जरा पुराने मुख्यमंत्रियों को याद कीजिए, जैसे सुखबीर सिंह बादल, जिन्होंने मुख्यमंत्री रहते विदेश यात्राओं का बहाना बनाकर दुबई, लंदन और दक्षिण अफ्रीका जैसी जगहों पर सरकारी पैसे से मौज की। इन ट्रिप्स पर लाखों रुपये खर्च होते थे, जिसमें पॉकेट मनी तक शामिल होती थी, लेकिन लौटकर आते तो हाथ खाली रहते और सूटकेस परिवार के लिए ब्रांडेड कपड़े-जूते से भरे होते थे। एक बार तो दक्षिण अफ्रीका जाने के बहाने दुबई में रुककर परिवार के साथ शॉपिंग की गई और पूरा बिल पंजाब की जनता के टैक्स से चुकाया गया। लंदन ओलंपिक्स देखने के नाम पर भी सरकारी खजाने से लाखों उड़ाए गए, जबकि पंजाब में किसानों की आत्महत्या और बेरोजगारी बढ़ रही थी। ओएसडी टू सीएम अमनजोत सिंह ने बताया कि कांग्रेस के चरणजीत सिंह चन्नी भी भ्रष्टाचार में पीछे नहीं थे, जिन्होंने 2022 में चुनाव हारने के बाद जैसे ही ईडी की जांच उनके करीब पहुंची, फौरन कनाडा और अमेरिका भाग गए। महीनों तक वे वहां रिश्तेदारों और दोस्तों के साथ रहकर मौज करते रहे, जबकि पंजाब में उनके भतीजे भूपिंदर सिंह हनी से 10 करोड़ रुपये की नकदी बरामद हुई थी, जिसमें 8 करोड़ उनके रिश्तेदार से ही मिले। अवैध रेत खनन मामले में ईडी ने छापे मारे, लेकिन चन्नी जांच से बचने के लिए विदेश में छिपे रहे और पंजाब की जनता को उनके भ्रष्टाचार की सजा भुगतनी पड़ी। सरकारी पैसों से विदेशी टूर करना और जांच आते ही फरार हो जाना कांग्रेस की पुरानी आदत है, जहां नेता अपनी जिम्मेदारी से भागते हैं और राज्य को अराजकता में छोड़ देते हैं। चन्नी ने खुद को आम आदमी बताकर सत्ता हासिल की, लेकिन ईडी की छापेमारी ने उनकी असली छवि उजागर कर दी, जहां करोड़ों का काला धन परिवार के लिए जमा किया गया था। ऐसे नेताओं ने पंजाब को विकास से दूर रखा और भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया। ओएसडी टू सीएम अमनजोत सिंह ने बताया कि इन सबके विपरीत भगवंत मान विदेश इसलिए जा रहे हैं ताकि पंजाब में फैक्ट्रियां लगें, नौजवान नौकरियां पाएं और गांव-गांव में तरक्की आए। उनकी हर यात्रा का पूरा हिसाब जनता के सामने है, जहां कोई परिवार साथ नहीं जाता, कोई शॉपिंग या मौज-मस्ती नहीं होती – सिर्फ और सिर्फ पंजाब के आर्थिक उत्थान पर फोकस रहता है। उद्योग मंत्री संजीव अरोड़ा जैसे अधिकारियों के साथ यह डेलीगेशन निवेशकों से सीधे बात करता है, और परिणाम भी दिखते हैं जैसे टोप्पन कंपनी का निवेश। आप सरकार ने भ्रष्टाचार मुक्त शासन दिया है, जहां विदेश यात्राएं विकास का माध्यम बनी हैं, न कि निजी सुख का। यह पारदर्शिता पंजाब की जनता को विश्वास देती है कि उनका पैसा सही जगह लग रहा है, और राज्य अब देश का सबसे समृद्ध प्रदेश बनने की राह पर है। मान की यह पहल पूर्ववर्ती सरकारों के भ्रष्टाचार से मुक्ति का प्रतीक है।ओएसडी टू सीएम अमनजोत सिंह ने बताया कि आज पंजाब की जनता देख रही है कि असली मुख्यमंत्री कैसा होता है – जो जनता के पैसे की एक-एक पाई का हिसाब देता है और उसी पैसे से पंजाब को दुनिया का सबसे समृद्ध राज्य बनाने में जुटा रहता है। भगवंत मान और आम आदमी पार्टी ने साबित कर दिया है कि भ्रष्टाचार का दौर अब इतिहास बन गया है, और पंजाब का सुनहरा दौर शुरू हो चुका है, जहां निवेश, रोजगार और समृद्धि हर घर पहुंचेगी।  

जहरीली हवा + कड़ाके की ठंड: दिल्ली की सांसें थमीं, AQI फिर खतरे के स्तर पर

नई दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में ठंड के कहर के साथ-साथ प्रदूषण की मार भी जारी है। बीता दिन शनिवार (6 दिसंबर) भी दिल्लीवासियों के लिए बेहद प्रदूषित रहा जहां 24 घंटे का औसत AQI 330 दर्ज किया गया जो 'बहुत खराब' श्रेणी में आता है। केंद्र और राज्य सरकारों के तमाम प्रयासों के बावजूद राजधानी पिछले डेढ़ महीने से ज़हरीली हवा की गिरफ़्त से बाहर नहीं निकल पाई है। CPCB के समीर ऐप के अनुसार दिल्ली के 40 में से 31 मॉनिटरिंग स्टेशनों पर AQI 'बहुत खराब' श्रेणी में दर्ज हुआ। मुंडका में AQI 387 और नेहरू नगर में 369 तक पहुंच गया। शनिवार सुबह 9 बजे तक भी औसत AQI 335 बना रहा। शनिवार शाम को दिल्ली-NCR की हवा में PM10 का स्तर 275.7 और PM2.5 का स्तर 157.4 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रहा जो मानक से करीब तीन गुना ज़्यादा है। 14 अक्टूबर के बाद एक भी दिन ऐसा नहीं रहा जब AQI 200 से नीचे आया हो। अगले 3-4 दिन सुधार के आसार नहीं वायु गुणवत्ता पूर्व चेतावनी प्रणाली का अनुमान है कि अगले तीन से चार दिनों तक AQI इसी खराब स्तर के आसपास बना रहेगा। मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक रविवार सुबह हल्की धुंध का अनुमान है और आसमान आंशिक रूप से बादलों से ढका रहेगा। सरकारी एजेंसियों का कहना है कि प्रदूषण को कम करने के लिए बारिश या तेज़ हवा ही चाहिए लेकिन फिलहाल ऐसी किसी मौसमी गतिविधि की संभावना कम है। सेहत पर बढ़ता सीधा खतरा राजधानी में बढ़ते वायु प्रदूषण का सीधा असर लोगों की सेहत पर दिख रहा है। सबसे अधिक समस्या अस्थमा मरीजों और बुजुर्गों को हो रही है। लोगों में आंखों में जलन, संक्रमण, गले में खराश, खांसी और दर्द की शिकायत बढ़ रही है। फेफड़ों पर बुरा असर पड़ रहा है और लोगों में थकान, घबराहट, सिरदर्द जैसे लक्षण भी बढ़े हैं। ठंड का सितम भी जारी प्रदूषण के साथ-साथ दिल्ली के लोगों को ठंड का सितम भी झेलना पड़ रहा है। न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस पर बना हुआ है जबकि अधिकतम 24 डिग्री सेल्सियस रहने की उम्मीद है। पहाड़ों में बर्फबारी जारी रहने के कारण इसका असर मैदानी इलाकों में देखा जा रहा है। 10 से 12 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाओं ने शहर की सिहरन और बढ़ा दी है। वहीं मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों के लिए शीतलहर के लिए अलर्ट भी जारी कर दिया है।  

बिना सूचना के हमला? अमेरिकी कार्रवाई में 11 मरे, ट्रंप और हेगसेथ पर गंभीर सवाल

वाशिंगटन  वेनेजुएला से ड्रग्स के अमेरिका आने के खिलाफ अभियान चला रहे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को बड़ा झटका लगा है। यह पूरा मामला 2 सितंबर को एक नाव पर अमेरिकी हमले के साथ शुरू हुआ। अमेरिका सरकार के मुताबिक इस नाव पर ड्रग्स लदे हुए थे और वह अमेरिका आ रही थी। लेकिन अब इस मामले पर सामने आई नई रिपोर्ट के मुताबिक वह नाव अमेरिका आ ही नहीं रही थी, जिस पर हमला करके ट्रंप ने सोशल मीडिया साइट पर पोस्ट किया था। खबर के मुताबिक, इस ऑपरेशन की कमान संभालने वाले एडमिरल ने सीनेटर्स को बताया कि यह नाव एक बड़े जहाज की तरफ जा रही थी, जो कि दक्षिण अमेरिकी देश सूरीनाम की तरफ जा रहा था। गौरतलब है कि अमेरिकी नौसेना की तरफ से किए गए इस हमले में नाव पर सवार 11 लोग मारे गए थे। ट्रंप ने इस स्ट्राइक का एक वीडियो साझा करते हुए लिखा था, 'यह स्ट्राइक तब की गई जब वेनेज़ुएला से आए ये पुख्ता तौर पर पहचान लिए गए नर्को-टेररिस्ट अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में ड्रग्स (जो अमेरिकियों को मारने वाला ज़हर है!) अमेरिका की ओर ले जा रहे थे। ये हिंसक ड्रग-तस्कर कार्टेल अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा, विदेश नीति और महत्वपूर्ण अमेरिकी हितों के लिए खतरा हैं। स्ट्राइक में 3 पुरुष आतंकवादी मारे गए।' रिपोर्ट के मुताबिक, एडमिरल ने बताया कि नाव दूसरे जहाज की तरफ जा रही थी, लेकिन नौसेना उसका पता नहीं लगा सकी। हालांकि, इस बात की संभावना है कि नाव सूरीनाम से अमेरिका की तरफ जा सकती थी, लेकिन सामान्यता सूरीनाम से जाने वाले ड्रग्स के रास्ते यूरोप की तरफ जाते हैं। ट्रंप और हेगसेथ पर दबाव इस रिपोर्ट के खुलासे के बाद रक्षा सचिव पीट हेगसेथ की भूमिका अब जांच के दायरे में आ गई है। क्योंकि उन्होंने ही इस नाव को उड़ाने का आदेश दिया था। रिपोर्ट के अनुसार, एडमिरल ने सांसदों को बताया कि उसके समझ के मुताबिक मिशन का लक्ष्य सभी 11 लोगों को मारना और नाव को डुबो देना था। इस कारण हेगसेथ पर अब “पूरी वीडियो फुटेज जारी करने” का भारी दबाव बढ़ रहा है। गौरतलब है कि हेगसेथ इस समय सिग्नल चैट के माध्यम से अमेरिका सैनिकों की लोकेशन को हूती विद्रोहियों के सामने सार्वजनिक करने के आरोप का भी सामना कर रहे हैं। ऐसे में इस मामले के खुलासे ने उनकी परेशानियों को बढ़ा दिया है।  

बैंक कर्मियों से लाखों की लूट, तलाश में जुटी पुलिस

  दुर्ग  छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से एक बड़ी लूट की वारदात सामने आई है। कुम्हारी के कपसदा में एटीएम में पैसे जमा करने जा रहे एजेंसी के दो कर्मियों से 14 लाख से अधिक रुपये की लूट हुई है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस एक्टिव हुई और आसपास के इलाकों में नाकाबंदी कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी गई है। यह घटना शनिवार रात की है। मिली जानकारी के अनुसार, एजेंसी के दो कर्मचारी देर रात कैश लेकर एटीएम में जमा करने जा रहे थे। ग्राम कपसदा में गोयल स्कूल के पास रात करीब 8:30 से 9 बजे के बीच यह घटना हुई। प्रार्थी ने पुलिस को बताया कि शनिवार शाम एटीएम में कैश डालने के लिए वह एजेंसी के कर्मचारी गाड़ी से जा रहा था। तभी रास्ते में बाइक सवार दो युवक गिरते हुए दिखाई दिए। जैसे ही वह उन्हें उठाने के लिए गाड़ी से उतरा, तभी बदमाशों ने मौका पाकर गाड़ी में रखे कैश वाले बैग से 14 लाख 60 हजार रुपये निकाल लिए और फरार हो गए। जिसके बाद इस घटना की सूचना कर्मियों ने तुरंत कुम्हारी थाना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्परता दिखते हुए इलाके के सभी प्रमुख मार्गों पर नाकेबंदीकी और फरार आरोपियों की तलाश शुरू की। लेकिन अब तक आरोपियों का पता नहीं चल सका है। फिलहाल, पुलिस मामले में जांच कर रही है और घटना स्थल के आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है।

संविधान से सम्मान तक: नागरिक अधिकारों पर कुमारी सैलजा ने किया डॉ. अंबेडकर को नमन

नरवाना अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सिरसा की सांसद कुमारी सैलजा ने धमतान साहिब नरवाना जिला जींद में आयोजित संत शिरोमणि गुरु रविदास जी के 649 वें जन्मोत्सव को समर्पित कार्यक्रम में पहुंचकर उन्हें नमन किया और मंच से उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए गुरु रविदास जी द्वारा दिए गए समानता, न्याय और मानवीय मूल्यों के संदेश को साझा किया। साथ ही बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के महापरिनिर्वाण दिवस पर उन्हें नमन करते हुए संविधान की रक्षा और सामाजिक न्याय के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को पुन: दोहराया। सांसद कुमारी सैलजा ने गुरु ग्रंथ साहिब स्वरूप माथा टेक कर नमन किया।  कुमारी सैलजा ने कहा कि धमतान साहिब गुरु तेग बहादुर जी की पावन तपोभूमि रही है जहां वे तीन बार पधारे और यहां के विभिन्न स्थलों पर अपनी अनंत कृपा दृष्टि बरसाई। उन्होंने कहा कि धमतान साहिब में जो ऐतिहासिक कुआं स्थित है, वह उन्हीं के समय में बनाया गया था। इसी पवित्र भूमि पर गुरु साहिब ने अपनी कर कमलों से गुरु घर की नींव रखी थी। जो आज भी करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। सांसद ने बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के महापरिनिर्वाण दिवस पर उन्हें नमन करते हुए संविधान की रक्षा और सामाजिक न्याय के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को पुन: दोहराया। सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि देश का हर व्यक्ति चाहे वह किसी भी जाति धर्म का हो पर उसको मिले अधिकार बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की ही देन है। उन्होंने कहा कि संविधान की रक्षा करना हर व्यक्ति का दायित्व है। इस दौरान रघुबीर सिंह नैैन (बिनैन खाप प्रधान) सतबीर सिंह दबलैन (पूर्व प्रत्याशी नरवाना), रविदास सभा के प्रधान जोधाराम, पूर्व लोकसभा प्रत्याशी संदीप लौट, पूर्व विधायक राजरानी पूनम, धोला नैन, संजीव धमतान, महावीर सिंह, बृजेंद्र सिंह सुरजेवाला, जगरूप सिंह सुरजेवाला, आशुतोष शर्मा, सहित हजारों श्रद्धालु मौजूद रहे। नेहरू को बदनाम करना आज की सत्ता का मुख्य मकसद सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि पंडित जवाहरलाल नेहरू के समय से रूस और यूएसएसआर के साथ अच्छे रिश्ते रहे, पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के समय भी अच्छे रिश्ते रहे। ये बात अलग है कि ये सरकार नेहरू को हर बात में गलत साबित करना चाहती है। इसमें कोई शक नहीं है कि जवाहरलाल नेहरू को बदनाम करना आज की सत्ता का मुख्य मकसद है। वह उन्हें (नेहरू को) सिर्फ इतिहास से मिटाना नहीं चाहती, बल्कि उनकी सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक आधारों भी को कमजोर करना चाहती है, जिन पर देश खड़ा हुआ। हम चाहेंगे कि भारत और रूस के साथ हमारी दोस्ती और भी आगे बढ़े।

गोवा दुर्घटना पर कांग्रेस का तीखा सवाल, पीड़ितों को न्याय दिलाने की मांग

पणजी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने गोवा के नाइटक्लब में हुए हादसे पर दुख जताया है। मल्लिकार्जुन खड़गे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर मृतकों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने लिखा, "गोवा के अरपोरा में लगी दुखद आग में जान गंवाने वाले 20 से अधिक लोगों के परिवारों और प्रियजनों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। यह टाला जा सकने वाला दुखद हादसा एक ऐसा नुकसान है जिसकी भरपाई नहीं हो सकती, और मैं घायल हुए सभी लोगों के जल्द ठीक होने की प्रार्थना करता हूं।"  उन्होंने जांच का आदेश देते हुए आगे लिखा, "ऐसी त्रासदियों के लिए एक पूरी जांच, कड़ी जवाबदेही और तुरंत कदम उठाने की जरूरत है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि आग से सुरक्षा के सभी नियमों को लागू किया जाए, ताकि ऐसी विनाशकारी घटनाएं दोबारा न हों। मैं इस क्षेत्र के सभी कांग्रेस कार्यकर्ताओं से भी अपील करता हूं कि वे प्रभावित परिवारों को हर संभव मदद और सहायता दें और दुख की इस घड़ी में उनके साथ खड़े रहें।" लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने 'एक्स' पर लिखा, "गोवा के अरपोरा में लगी दुखद आग से बहुत दुख हुआ, जिसमें 20 से ज़्यादा लोगों की जान चली गई। पीड़ित परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं और घायलों के जल्द ठीक होने की कामना करता हूं।" उन्होंने हादसे पर राज्य सरकार की जवाबदेही तय करने की बात करते हुए लिखा, "यह सिर्फ एक हादसा नहीं है, यह सुरक्षा और शासन की आपराधिक विफलता है। एक पूरी और पारदर्शी जांच होनी चाहिए ताकि जवाबदेही तय हो और यह सुनिश्चित हो कि ऐसी रोकी जा सकने वाली दुखद घटनाएं दोबारा न हों।" कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव और सांसद प्रियंका गांधी ने लिखा, पीड़ित परिवारों और प्रियजनों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। यह एक बहुत बड़ा नुकसान है। मैं सभी घायलों के जल्द ठीक होने की प्रार्थना करता हूं। इस दुखद घटना की पूरी जांच होनी चाहिए। दोषियों को पूरी तरह से जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए और ऐसे कदम उठाए जाने चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों और सभी सुरक्षा नियमों का पालन किया जाए।"

गोवा हादसे के बाद बड़ा एक्शन: नाइटक्लब संचालकों के खिलाफ हत्या का केस, पुलिस जांच में जुटी

पणजी गोवा में अरपोरा में हुए हादसे के बाद पुलिस ने नाइट क्लब के मालिकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस ने उन पर गैर इरादतन हत्या का आरोप लगाया है। गोवा के पुलिस महानिदेशक ने एफआईआर दर्ज होने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि क्लब के दो मालिकों, मैनेजर, निवेशक, और कई अन्य लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज की गई है। साथ ही क्लब के कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है, हालांकि क्लब मालिक फिलहाल पुलिस की गिरफ्त से दूर हैं जिनकी तलाश की जा रही है। दरअसल, पूरा हादसा शनिवार-रविवार दरमियानी रात का है। आग लगने का कारण अभी पता नहीं चला है। पुलिस और फायर डिपार्टमेंट की जांच चल रही है। गोवा पुलिस के अनुसार मरने वालों में से 4 टूरिस्ट होने की पुष्टि हुई है और 14 स्टाफ मेंबर थे, जबकि 7 लोगों की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है। मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने हादसे की मजिस्ट्रेट जांच का आदेश देते हुए घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने को कहा है। हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और कई केंद्रीय मंत्रियों ने दुख जताया है और पीड़ित परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है। उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा, "गोवा के अरपोरा में आग लगने की दुखद घटना में लोगों की जान जाने से बहुत दुख हुआ। जिन परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। दुख की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं और प्रार्थनाएं उनके साथ हैं। मैं घायल हुए सभी लोगों के जल्द ठीक होने की भी प्रार्थना करता हूं।" गोवा के राज्यपाल अशोक गजपति राजू ने भी इस दुर्भाग्यपूर्ण हादसे में अपने प्रियजनों को खोने वाले परिवारों के प्रति अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने घायल हुए लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। राज्यपाल ने संबंधित अधिकारियों से प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता और समर्थन देने का आग्रह किया है।

शादी को लेकर पहली बार खुलकर बोलीं मंधाना, पलाश संग रिश्ते पर किया अहम एलान

नई दिल्ली  भारतीय महिला टीम की उपकप्तान स्मृति मंधाना ने पलाश मुछाल के साथ शादी टलने के बाद चुप्पी तोड़ी है। मंधाना ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर लंबा बयान जारी किया और इस बात की जानकारी दे दी है कि पलाश मुछाल के साथ उनकी शादी रद्द हो गई है। मालूम हो कि मंधाना और पलाश मुछाल की शादी 23 नवंबर को होने वाली थी, लेकिन उसी दिन इसे टाल दिया गया था। अब मंधाना ने बयान जारी कर स्पष्ट कर दिया है शादी रद्द कर दी गई है। मंधाना ने निजता का सम्मान करने का आग्रह किया मंधाना ने रविवार को इंस्टाग्राम स्टोरी पर लिखा, पिछले कुछ सप्ताह से मेरे जीवन को लेकर काफी अटकलें लगाई जा रही हैं और मुझे लगता है कि इस समय मेरे लिए खुलकर बोलना जरूरी है। मैं बहुत निजी इंसान हूं और मैं इसे इसी तरह रखना चाहती हूं, लेकिन मुझे यह स्पष्ट करना होगा कि शादी रद्द कर दी गई है। मैं इस मामले को यहीं समाप्त करना चाहती हूं और आप सभी से भी यही करने की विनती करती हूं। मैं आपसे अनुरोध करती हूं कि इस समय दोनों परिवारों की निजता का सम्मान करें और हमें अपनी गति से आगे बढ़ने का समय दें।   मंधाना बोलीं- भारत के लिए सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने पर ध्यान केंद्रित मंधाना ने लिखा, मेरा मानना है कि हम सभी के पीछे एक बड़ा उद्देश्य है और मेरे लिए वह उद्देश्य हमेशा अपने देश का सर्वोच्च स्तर पर प्रतिनिधित्व करना रहा है। मैं उम्मीद करती हूं कि मैं भारत के लिए यथासंभव लंबे समय तक खेलती रहूं और ट्रॉफियां जीतती रहूं और मेरा ध्यान हमेशा इसी पर रहेगा। आप सभी के समर्थन के लिए धन्यवाद। अब आगे बढ़ने का समय है। पलाश की भी आई प्रतिक्रिया मंधाना के बाद पलाश मुछाल ने भी इंस्टाग्राम स्टोरी पर लिखा कि उन्होंने निजी रिश्तों से दूर रहने का फैसला किया है। पलाश ने लिखा, मैंने अपनी जिंदगी में आगे बढ़ने और निजी रिश्तों से दूर रहने का फैसला किया है। मेरे लिए यह देखना बहुत मुश्किल रहा है कि लोग मेरे लिए सबसे पवित्र चीज के बारे में बेबुनियाद अफवाहों पर इतनी आसानी से प्रतिक्रिया देते हैं। यह मेरे जीवन का सबसे कठिन दौर है और मैं अपने विश्वासों पर अडिग रहकर इससे निपटूंगा। मैं सचमुच उम्मीद करता हूं कि हम एक समाज के रूप में, किसी के बारे में बिना पुष्टि की गई अफवाहों के आधार पर राय बनाने से पहले रुकना सीखें, जिनके स्रोत कभी पहचाने नहीं जाते। हमारे शब्द हमें ऐसे जख्म दे सकते हैं जिन्हें हम कभी समझ नहीं पाएंगे। पलाश ने आगे लिखा, जब हम इन बातों के बारे में सोचते हैं, तो दुनिया में कई लोग गंभीर परिणामों का सामना कर रहे होते हैं। मेरी टीम झूठी और अपमानजनक स्टोरी फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करेगी। इस कठिन समय में मेरे साथ खड़े रहने वाले सभी लोगों का धन्यवाद। अचानक टली थी शादी मंधाना और संगीतकार पलाश की शादी के दिन मंधाना के पिता श्रीनिवास मंधाना गंभीर रूप से बीमार पड़ गए थे और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। शादी से ठीक पहले मंधाना के मैनेजर ने इस बात की जानकारी दी थी कि मंधाना के पिता की तबीयत बिगड़ने के कारण शादी अनिश्चितकाल के लिए टाली गई है। इसके अगले ही दिन पलाश भी बीमार हो गए थे। इसके बाद से ही पलाश और मंधाना के रिश्तों को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही थी। अब मंधाना ने स्पष्ट किया है कि शादी रद्द हो गई है।  

झंडा दिवस कोष में जमा हुए 18 लाख, राज्यपाल ने कलेक्टर को किया सम्मानित

रायपुर  राज्यपाल रमेन डेका ने सशस्त्र सेना झंडा दिवस कोष में इस वर्ष प्रदेश में सर्वाधिक 18 लाख रुपए के धन संग्रहण के लिए रायपुर कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह को सम्मानित किया. रायपुर जिले की इस उपलब्धि से सैन्य कर्मियों और उनके परिजनों के कल्याण हेतु जनसहभागिता को और मजबूती मिलेगी. बता दें कि सशस्त्र सेना झंडा दिवस या झंडा दिवस प्रत्येक वर्ष 7 दिसंबर को मनाया जाता है, जिसका मुख्य उद्देश्य भारतीय सेना के जवानों का आभार प्रकट करते हुए सेना के लिए धनराशि एकत्र करना है, जिसकी जरूरत आजादी के बाद ही भारतीय सशस्त्र बलों के कर्मियों और सेना के कल्याण हेतु लगी. इस दिवस पर धन संग्रह के तीन मुख्य उद्देश्य होते हैं. पहले युद्ध के समय हुई जनहानि में सहयोग, दूसरा सेना में कार्यरत कर्मियों और उनके परिवार के कल्याण और सहयोग हेतु और तीसरा सेवानिवृत्त कर्मियों और उनके परिवार के कल्याण के लिए. इस दिवस पर धन-संग्रह सशस्त्र सेना के प्रतीक चिन्ह झंडे को बाँट कर किया जाता है. इस झंडे में तीन रंग (लाल, गहरा नीला और हल्का नीला) तीनों सेनाओं को प्रदर्शित करते हैं.