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रबी क्षेत्र विस्तार एवं दलहन-तिलहन उत्पादकता बढ़ाने कृषि विभाग करेगा जागरूकता शिविरों का आयोजन

रायपुर प्रधानमंत्री धन.धान्य कृषि योजना (PMDDKY) 2025.26 से शुरू की गई एक सरकारी पहल है, जिसका लक्ष्य कम प्रदर्शन वाले कृषि जिलों में किसानों की आय और कृषि उत्पादकता बढ़ाना है, जिसके लिए 11 मंत्रालयों की 36 योजनाओं को समन्वित किया गया है।  इसमें सिंचाई, भंडारण, आसान ऋण तथा फसल विविधीकरण पर ध्यान केंद्रित किया गया हैए, ताकि किसानों को आत्मनिर्भर बनाया जा सके और देश को दालों सहित विभिन्न फसलों में आत्मनिर्भर बनाने के मिशन का समर्थन किया जा सके। प्रधानमंत्री धन धान्य कृषि योजना के अंतर्गत कृषकों को रबी फसल की आधुनिक तकनीक से अवगत कराने तथा मत्स्यपालन, पशुपालन सहित अन्य कृषि-संबद्ध व्यवसायों की ओर प्रेरित करने के उद्देश्य से प्रत्येक समिति में विशेष प्रशिक्षण शिविरों का आयोजन किया जा रहा है।   किसानों आधुनिक खेती से जोडकर लाभान्वित करना है शिविरों में जशपुर जिले के ऐसे उत्कृष्ट एवं प्रगतिशील कृषकों को प्रशिक्षक के रूप में जोड़ा गया है, जो आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर खेती में अधिक उत्पादन एवं बेहतर आय अर्जित कर रहे हैं। ये प्रशिक्षक कृषक अपने अनुभव, कठिनाईयों तथा विभागीय योजनाओं से प्राप्त लाभों को अन्य कृषकों के साथ साझा करेंगे, जिससे अधिक से अधिक किसान आधुनिक खेती अपनाकर लाभान्वित हो सकें। साथ ही कृषि एवं संबद्ध विभाग के अधिकारी किसानों को विभिन्न सरकारी योजनाओं, अनुदान प्राप्ति की प्रक्रिया, तथा वैज्ञानिक पद्धति से खेती करने के मार्गदर्शन की जानकारी प्रदान करेंगे। इन शिविरों में कृषि विज्ञान केन्द्र एवं कृषि महाविद्यालय के वैज्ञानिक भी शामिल रहेंगे, जो आधुनिक कृषि तकनीकों का प्रचार-प्रसार कर किसानों को उन्नत खेती अपनाने के लिए प्रोत्साहित करेंगे। दलहन-तिलहन उत्पादक कृषकों को समर्थन मूल्य पर उपज बेचने की सुविधा जशपुर जिले में कुल 09 आदिम जाति सेवा सहकारी समितियों का पंजीयन किया गया है, जहाँ दलहन-तिलहन फसलें उगाने वाले कृषक अपनी उड़द, मूंग एवं मूंगफली को बाजार मूल्य कम होने की स्थिति में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर विक्रय कर सकते हैं। कृषकों के हित में प्रशासन ने अपील की है कि वे एकीकृत किसान पोर्टल पर पंजीयन अवश्य कराएँ। पंजीयन कराने में किसी भी प्रकार की सहायता हेतु संबंधित ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी से संपर्क किया जा सकता है। किसान बढ़ा सकते हैं अपनी आय कृषक उत्पादक संगठन से जुड़कर  शिविर के दौरान जिले के जशपुर जिले के प्रत्येक विकासखंड के कृषक उत्पादक संगठन के प्रतिनिधि मौजूद रहेंगे। जिन कृषकों ने अभी तक किसी कृषक उत्पादक संगठन की सदस्यता नहीं ली है, वे शिविर में उपस्थित प्रतिनिधियों से विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सदस्यता हेतु आवेदन कर सकते हैं। कृषक उत्पादक संगठन से जुड़कर किसान न केवल आधुनिक कृषि तकनीक, समूह विपणन और सामूहिक क्रय-बिक्री का लाभ उठा सकते हैं, बल्कि अपनी आय दोगुनी करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम बढ़ा सकते हैं।

उत्तर बस्तर कांकेर : जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन 12 दिसम्बर से

उत्तर बस्तर कांकेर : जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन 12 दिसम्बर से उत्तर बस्तर कांकेर कलेक्टर श्री निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर के निर्देशानुसार जिले के आम ग्रामीणजनों की आवश्यकताओं, शिकायतों एवं समस्याओं के समाधान के लिए जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन आगामी 12 दिसम्बर से 25 मार्च 2026 तक किया जाएगा। उक्त शिविरों में सभी जिला स्तरीय, ब्लॉक स्तरीय एवं क्लस्टर स्तर के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं। कलेक्टर ने शिविरों के सुचारू रूप से आयोजन के लिए अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुश्री स्टेला खलखो को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। प्राप्त जानकारी अनुसार कोयलीबेड़ा विकासखण्ड की ग्राम पंचायत चारगांव में 12 शुक्रवार दिसम्बर को शिविर लगाया जाएगा, जिसमें ग्राम पंचायत चारगांव, छोटेबोदेली, पोरोण्डी, सिकसोड़, सुलंगी, तुरसानी और बदरंगी के ग्रामीण शामिल होंगे। इसी प्रकार अंतागढ़ विकासखण्ड में शुक्रवार 19 दिसम्बर को हाईस्कूल प्रांगण भैंसगांव में ग्राम बैहासाल्हेभाट, फुलपाड़, कोलर, कोसरोण्डा, मंगतासाल्हेभाट, तालाबेड़ा, ताड़ोकी और बोंदानार तथा दुर्गूकोंदल विकासखण्ड में 26 दिसम्बर शुक्रवार को स्कूल ग्राउंड चेमल में चिहरो, गुलालबोड़ी, आमागढ़, हानपतरी, बोदेली, गुदूम, तुमड़ीसुर, भेजर, हिंगनपुरी और मेरेगांव ग्राम पंचायत के ग्रामीण शिविर में शामिल होंगे। इसके अलावा भानुप्रतापपुर विकासखण्ड में बुधवार 07 जनवरी को हायर सेकेण्डरी स्कूल कच्चे में ग्राम पंचायत साल्हे, भैंसाकन्हार, ईरागांव, टेढ़ईकोंदल, भैंसमुण्डी, चौगेल तथा मुल्ला, विकासखण्ड कोयलीबेड़ा में बुधवार 04 फरवरी को हाई स्कूल प्रांगण कौड़ोसाल्हेभाट में ग्राम पंचायत जिरामतराई, दड़वीसाल्हेभाट, उदनपुर, कामतेड़ा, कोयलीबेड़ा, केसेकोड़ी और कड़मे के ग्रामीण शामिल होंगे। इसी प्रकार 13 फरवरी शुक्रवार को दुर्गूकोंदल विकासखण्ड के स्कूल ग्राउण्ड मेड़ो में शिविर लगाया जाएगा, जिसमें ग्राम पंचायत चाहचाड़, हाहालद्दी, सिहारी, खुटगांव, दोड़दे, साधुमिचगांव, पड़गाल, भुसकी, पलाचूर, दुर्गूकांदल एवं भुरकागुदूम में, भानुप्रतापपुर विकासखण्ड में 18 फरवरी को शीतला मंदिर मैदान चिचगांव में ग्राम पंचायत भानबेड़ा, डोंगरकट्टा, बयानार, उंचपानी, कुल्हाड़कट्टा, रानवाही, मुंगवाल, बुदेली, दाबकट्टा, जलीनकसा, चिचगांव और रानीडोंगरी, 26 फरवरी को अंतागढ़ विकासखण्ड के माध्यमिक शाला खेल मैदान सरेवाही में ग्राम पंचायत भैंसासुर, टेमरूपानी, मण्डागांव, हिन्दुबिनापाल, कानागांव, बुलावण्ड, मासबरस, जेठेगांव, अमोड़़ी, कोदागांव तथा 13 मार्च को कांकेर विकासखण्ड के कलमुच्चे चौक में ग्राम पंचायत कलमुच्चे, पीढ़ापाल, मुरागांव, तुलतुली, मांदरी, कुरिष्टीकुर, कोकपुर, मालगांव,कोड़ेजुंगा और बारदेवरी के ग्रामीण शामिल होंगे। इसी तरह 18 मार्च 2026 को चारामा विकासखण्ड के पंडरीपानी हाईस्कूल मैदान में शिविर लगाया जाएगा, जिसमें ग्राम पंचायत हाराडुला, हल्बा, भिलाई, पंडरीपानी, भिरौद, करिहा, जेपरा, गितपहर, भानपुरी, रानीडोंगरी, कुर्रूभाट, टांहकापार, किलेपार, कोटेला एवं तुएगहन तथा 25 मार्च 2026 को नरहरपुर विकासखण्ड के ग्राम पंचायत मुसुरपुट्टा मंगल भवन में ग्राम बासनवाही, साईंमुण्डा, मावलीपारा, मांडाभर्री, बांगाबारी, दुधावा, सारवण्डी, मालगांव, दलदली, घोटियावाही, देवडोंगर, शामतरा, धनोरा और भिरौद के ग्रामीण शामिल रहेंगे। उक्त शिविर में कलेक्टर ने अनुभाग स्तर, ब्लॉक स्तरीय एवं क्लस्टर स्तर के अधिकारी-कर्मचारी के अलावा सभी जिला स्तरीय अधिकारियों को अनिवार्य रूप से उपस्थित रहकर विभागीय योजनाओं की जानकारी ग्रामीणों को देने तथा यथासम्भव शिविर स्थल पर प्राप्त आवेदनों का निराकरण करने के निर्देश दिए हैं।

कुनकुरी नगर को स्वास्थ्य के क्षेत्र में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दिया बड़ा तोहफ़ा

रायपुर, कई प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र, योग केंद्र और वेलनेस हब खुद को नेचुरोपैथी  कहते हैं। जो प्राकृतिक चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान करता है और बापू भवन इसका ऐतिहासिक घर है, जिसे गांधीजी ने अपनाया था। खासकर छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र का उद्देश्य प्राकृतिक उपचार, योग, आहार, मिट्टी स्नान और हर्बल दवाओं के माध्यम से समग्र स्वास्थ्य प्रदान करना है।  जशपुर जिले के कुनकुरी नगर की स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नेचुरोपैथी भवन निर्माण के लिए 2 करोड़ 62 लाख रुपए की मंजूरी प्रदान की है। निर्माण कार्य के लिए टेंडर प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है। भवन तैयार हो जाने के बाद कुनकुरी नगरवासियों को प्राकृतिक चिकित्सा की अत्याधुनिक सुविधा अपने ही नगर में उपलब्ध होगी। यह भवन न सिर्फ लोगों को आयुर्वेद, योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा की ओर प्रोत्साहित करेगा, बल्कि ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों से आने वाले मरीजों को उपचार के लिए बड़ी राहत भी देगा। अब बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए दूर दराज जाने की आवश्यकता नहीं होगी। नगरवासियों ने इस दूरदर्शी निर्णय के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार जताते हुए कहा कि यह सुविधा स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक नई दिशा और नई उम्मीद लेकर आएगी। स्वास्थ्य के क्षेत्र में नई ऊंचाई को छूता जशपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले को स्वास्थ्य के क्षेत्र में कई सौगातें मिल चुकी है। मेडिकल कॉलेज के लिए बड़ा कदम उठाते हुए वित्त विभाग से 359 करोड़ की सैद्धांतिक सहमति मिल चुकी है । इसी प्रकार 220 विस्तर अस्पताल के लिए 32 करोड़ की मंजूरी, नर्सिंग महाविद्यालय भवन के 8 करोड़ की मंजूरी, फिजियोथेरेपी महाविद्यालय के 14 करोड़ की मंजूरी, कल्याण आश्रम अत्याधुनिक चिकित्सालय भवन के लिए 35 करोड़ की मंजूरी, ग़िनाबहर में मातृत्व शिशु चिकित्सालय भवन निर्माण के 8 करोड़ की मंजूरी सहित कई सौगातें दी गई है, जो जिले वासियों को स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने के लिए वरदान साबित होंगी।

मध्यप्रदेश ने बनाया रिकॉर्ड, वाहनों की डिडुप्लीकेशन की सभी लंबित प्रविष्टियाँ कीं शून्य; EV पर मोटरयान कर पूरी तरह माफ

मध्यप्रदेश बना वाहनों की डिडुप्लीकेशन की लंबित प्रविष्टियों को शून्य करने वाला राज्य इलेक्ट्रिक वाहनों में मोटरयान कर में पूर्ण छूट भोपाल परिवहन विभाग के प्रयासों से मध्यप्रदेश डिडुप्लीकेशन की लंबित प्रविष्टियों को शून्य करने वाला राज्य बन गया है। इस कार्यवाही का फायदा उन समस्त 2 लाख 50 हजार वाहन स्वामियों को मिला है, जो अब परिवहन विभाग की ऑनलाइन सेवाओं का उपयोग कर पा रहे हैं। देश में समस्त राज्यों के परिवहन विभाग द्वारा वाहनों के पंजीयन एवं उनके स्थानान्तरण के संबंध में विभिन्न परिवहन कार्यालयों (आरटीओ) में समय-समय पर प्रविष्टियां की जाती हैं। पूर्व में कागजों पर संधारित रिकार्ड को डिजिटाइज करने के दौरान दूसरे आरटीओ के अधिकार क्षेत्र में वाहन के स्थानांतरित होने पर पूर्व के आरटीओ द्वारा एंट्री को डिलीट न किये जाने के कारण देश में 35 लाख वाहन ऐसे थे, जिनकी प्रविष्टि एक से अधिक आरटीओ में होने से उन वाहन स्वामियों को परिवहन सेवाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा था। इस वर्ष जुलाई 2025 के अंत तक मध्यप्रदेश में करीब 2 लाख 50 हजार ऐसी प्रविष्टियां थीं। परिवहन विभाग द्वारा एक विशेष मुहिम चलाई गई। मुहिम की समीक्षा प्रत्येक पखवाड़े में परिवहन विभाग में वरिष्ठ स्तर पर किये जाने से मध्यप्रदेश में डुप्लीकेट एंट्रियों को सही कर दिया गया है। इलेक्ट्रिक वाहनों पर मोटरयान कर में पूर्ण छूट पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को प्रदेश में प्रोत्साहित किया जा रहा है। मध्यप्रदेश राज्य में पंजीकृत होने वाले समस्त श्रेणी के इलेक्ट्रिक वाहनों पर मोटरयान कर में पूर्णत: छूट प्रदान किये जाने के प्रावधान किये गये हैं। इसके साथ ही प्रदेश में कम्प्रेस्ड् नेचुरल गैस (सीएनजी) वाहनों पर भी राज्य सरकार द्वारा मोटरयान कर में एक प्रतिशत की छूट प्रदान की गई है। इस प्रावधान से प्रदेश में इलेक्ट्रिक और सीएनजी वाहनों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है।  

ग्वालियर में लगभग 2 लाख करोड़ निवेश वाली इकाइयों का इस माह के अंत तक होगा भूमिपूजन और शुभारंभ

मेट्रोपॉलिटन सिटी के दृष्टिगत विकसित औद्योगिक क्षेत्रों को उद्योग जगत के बीच करें प्रचारित : मुख्यमंत्री डॉ.यादव ग्वालियर में लगभग 2 लाख करोड़ निवेश वाली इकाइयों का इस माह के अंत तक होगा भूमिपूजन और शुभारंभ मुख्यमंत्री ने पिछले दो वर्ष में एमएसएमई की 31प्रतिशत ग्रोथ पर दी बधाई फूड पार्क सहित अन्य ग्रामीण और कुटीर उद्योगों को एमएसएमई से जोड़ें मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एमएसएमई विभाग के दो वर्ष के कार्यों की समीक्षा की भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एमएसएमई विभाग के अधिकारियों से कहा है कि वे इंदौर और भोपाल मेट्रोपॉलिटन सिटी के दृष्टिगत विकसित औद्योगिक क्षेत्रों को उद्योग जगत के बीच इस तरह से प्रचारित और प्रस्तुत करें, जिससे अधिक से अधिक औद्योगिक इकाइयां स्थापित हों तथा व्यापक निवेश और रोजगार सृजित हो सकें। उन्होंने उद्योग वर्ष के समापन पर इस माह के अंत तक ग्वालियर में लगभग 2 लाख करोड़ निवेश वाली इकाइयों के भूमिपूजन औद्योगिक भूखंड आवंटन, शुभारंभ आदि का व्यापक कार्यक्रम आयोजित करने के लिए कहा है। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने एमएसएमई के पंजीकरण में जबरदस्त 31प्रतिशत की ग्रोथ पर संतोष व्यक्त करते हुए इसे पिछले दो वर्ष में छोटे उद्योगों के लिए राज्य शासन द्वारा उपलब्ध कराए गए शानदार वातावरण का उदाहरण बताया। उन्होंने फूड पार्क सहित अन्य ग्रामीण और कुटीर उद्योगों को भी एमएसएमई से जोड़ने के लिए कहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को खजुराहो में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विभाग के गत 2 वर्ष के कार्यों की समीक्षा कर रहे थे। एमएसएमई मंत्री  चेतन्य कुमार काश्यप, मुख्य सचिव  अनुराग जैन, मुख्यमंत्री कार्यालय के अपर मुख्य सचिव  नीरज मंडलोई सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विगत दो वर्ष में मध्यप्रदेश में एमएसएमई और स्टार्टअप के क्षेत्र में ऐतिहासिक कार्य हुए हैं। प्रदेश में इस अवधि में कई लाख करोड़ का निवेश आया है और नवीन औद्योगिक इकाइयों का भूमिपूजन और शुभारंभ हुआ है। एमएसएमई इकाइयों को 2780 करोड़ की प्रोत्साहन राशि उपलब्ध कराई गई है।मुख्यमंत्री ने 2019 से उद्यमों के लिए लंबित प्रोत्साहन राशि के संपूर्ण भुगतान को ऐतिहासिक बताया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उद्योग वर्ष के समापन पर यह विभाग की जिम्मेदारी है कि पक्ष और विपक्ष के जनप्रतिनिधियों के साथ इन उपलब्धियों का मीडिया को भी मौके पर निरीक्षण कराए, जिससे निवेश और रोजगार में हुए कार्य पूरे देश में प्रचारित हों। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भोपाल सहित बड़े शहरों में फ्लैटेड इंडस्ट्रियल पार्क के विकास कार्यों में प्रदेश के विकास प्राधिकरणों को जोड़ें, जिससे मितव्ययता बनी रहे। प्रदेश में एमएसएमई एवं स्टार्टअप इकोसिस्टम के विस्तार, औद्योगिक संरचना के विकास तथा आगामी कार्ययोजनाओं पर विस्तृत चर्चा की गई।  बैठक में बताया गया कि वर्तमान में प्रदेश में 4.51 लाख विनिर्माण उद्यम, 6,340 से अधिक स्टार्टअप और 3,023 से अधिक महिला स्टार्टअप सक्रिय हैं। प्रदेश में 102 से अधिक इन्क्यूबेटर कार्यरत हैं। विनिर्माण क्षेत्र में ₹39,600 करोड़ रूपये का निवेश प्राप्त हुआ है। नीतिगत सुधार एवं विभागीय उपलब्धियाँ विगत दो वर्षों में विभाग ने नीतिगत सुधार के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्य किए हैं। एमएसएमई एवं स्टार्टअप के लिए नई नीतियाँ लागू की गईं। प्रदेश में 116 से अधिक कार्यशालाओं के माध्यम से जागरूकता एवं प्रशिक्षण दिया गया। भू-आवंटन एवं अन्य प्रक्रियाओं को फेसलेस ऑनलाइन माध्यम से समयबद्ध सेवा के रूप में लागू किया गया। वित्तीय सहायता के अंतर्गत 4,065 इकाइयों को 2,780.44 करोड़ रूपये की सहायता प्रदान की गई और  220 सहायता प्रकरणों का राज्य स्तरीय साधिकार समिति द्वारा निराकरण किया गया। औद्योगिक अधोसंरचना का विस्तार समीक्षा बैठक में बताया गया कि औद्योगिक क्षेत्रों के विकास में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है। कुल 1,240 भूखंड उद्यमियों को उपलब्ध कराए गए, 13 औद्योगिक क्षेत्रों का निर्माण कार्य पूर्ण हुआ और 14 नए औद्योगिक क्षेत्रों को स्वीकृति प्रदान की गई। वर्तमान में 31 औद्योगिक क्षेत्रों का विकास कार्य प्रगति पर है। निजी भूमि पर स्वीकृत 30 औद्योगिक क्षेत्रों में से 12 का विकास कार्य पूर्ण हुआ है। विभाग द्वारा पहली बार गोविंदपुरा, भोपाल में फ्लैटेड इंडस्ट्रियल पार्क का विकास कर नवाचार को प्रोत्साहन दिया गया है। वित्तीय समावेशन एवं उद्यम क्रांति योजना मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के तहत 15,838 युवाओं को लाभान्वित किया गया और 1,087.27 करोड़ रूपये की ऋण राशि वितरित की गई। प्रदेश की साख योजना के अंतर्गत निर्धारित लक्ष्य 2,45,038 करोड़ रूपये के विरुद्ध सितम्बर 2025 तक 1,93,872 करोड़ रूपये वितरित किए गए, जो पिछले दो वर्ष की तुलना में महत्वपूर्ण वृद्धि है। इससे एमएसएमई क्षेत्र में वित्तीय उपलब्धता और उद्यमिता को मजबूती मिली है। फेसिलिटेशन कॉउंसिल की उपलब्धियाँ एमएसएमई फेसिलिटेशन काउंसिल द्वारा विलंबित भुगतान के 439 प्रकरणों का निराकरण किया गया और काउंसिल की सुनवाई पूरी तरह डिजिटल माध्यम से सुनिश्चित की गई। ODR पोर्टल के प्रभावी उपयोग के लिए काउंसिल को वर्ष 2025 में राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त हुआ है। निवेश संवर्धन एवं राष्ट्रीय उपलब्धियाँ समीक्षा बैठक में बताया गया कि जीआईएस- 2025 के दौरान प्रदेश को 2,279 निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, जिनकी कुल राशि 21,000 करोड़ रूपये है। इनमें से 729 प्रस्ताव क्रियान्वित हुए हैं, जिनके माध्यम से 5,075 करोड़ रूपये का वास्तविक निवेश और 21,599 रोजगार सृजित हुए हैं। नई दिल्ली में इंडिया इंटरनेशनल ट्रेड फेयर में मध्यप्रदेश मंडप को वर्ष 2024 में स्वर्ण पदक तथा 2025 में रजत पदक प्राप्त हुआ। विनिर्माण एवं प्रमाणन में प्रगति बैठक में बताया गया कि विगत दो वर्षों में 2 लाख से अधिक विनिर्माण इकाइयाँ पंजीकृत हुई हैं, जो 31 प्रतिशत की वृद्धि है। आरएएमपी योजना के अंतर्गत प्रदेश के 5 SME को स्टॉक एक्सचेंज में शामिल कराया गया है। जेडईडी प्रमाणन के क्षेत्र में 16,428 इकाइयाँ प्रमाणित हुई हैं, जबकि पूर्व में यह संख्या मात्र 437 थी। प्रतिदिन अवधि में 30 हजार से अधिक एमएसएमई एवं स्टार्टअप का क्षमता निर्माण किया गया तथा iGOT पोर्टल पर 834 शासकीय सेवक ऑनबोर्ड हुए। ग्वालियर स्टोन एवं छतरपुर वुडन फर्नीचर को दिसंबर 2025 में जीआई टैग प्राप्त हुआ है। क्लस्टर विकास एवं भविष्य की औद्योगिक तैयारी मुख्यमंत्री डॉ. यादव को बैठक के दौरान जानकारी दी गई कि आगामी तीन वर्ष में 5 हजार से अधिक करोड़ की प्रोत्साहन राशि एमएसएमई इकाइयों को दी जाएगी। इसी तरह क्लस्टर विकास के लिए 30 नए निजी क्लस्टरों और 22 सामान्य सुविधा केंद्रों … Read more

प्रशासनिक हलचल: छत्तीसगढ़ के 38 अफसरों का तबादला, आदेश जारी

रायपुर छत्तीसगढ़ में एक बार फिर बड़ा प्रशासनिक फेरबदल हुआ है। राज्य सरकार ने राज्य प्रशासनिक सेवा के एक साथ अधिकारियों का एक साथ तबादला किया है। इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग ने आदेश जारी किया है। जारी आदेश में कुल 38 अधिकारियों का नाम शामिल है। यह आदेश छत्तीसगढ़ शासन के सामान्य प्रशासन विभाग (General Administration Department) द्वारा जारी किया गया है और इसमें राज्य प्रशासनिक सेवा (State Administrative Service) एवं सचिवालय सेवा (Secretariat Service) के अधिकारियों का बड़े पैमाने पर तबादला किया गया है। छत्तीसगढ़ में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: 38 अधिकारियों का तबादला छत्तीसगढ़ शासन ने एक बार फिर बड़े पैमाने पर प्रशासनिक फेरबदल किया है। सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने आज, 08 दिसंबर 2025 को जारी आदेश में राज्य प्रशासनिक सेवा एवं सचिवालय सेवा के 38 अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से अस्थायी रूप से नवीन विभागों में पदस्थ किया है। प्रमुख अधिकारियों की नवीन पदस्थापनाएं तबादला सूची में शामिल कुछ महत्वपूर्ण अधिकारियों और उनके नए प्रभार निम्नलिखित हैं: राजीव अहिरे (संयुक्त सचिव) वर्तमान: आवास एवं पर्यावरण विभाग (अतिरिक्त प्रभार- योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग) नवीन: कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग सूर्यकिरण तिवारी (रा.प्र.से., उप सचिव) वर्तमान: कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग (अतिरिक्त प्रभार- पशुधन विकास एवं मछली पालन विभाग) नवीन: पशुधन विकास एवं मछली पालन विभाग दुर्गेश कुमार वर्मा (रा.प्र.से., उप सचिव) वर्तमान: सामान्य प्रशासन विभाग (पूल) नवीन: योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग लवीना पाण्डेय (रा.प्र.से., उप सचिव) वर्तमान: आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग एवं पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक विकास विभाग (अति. प्रभार- चिकित्सा शिक्षा विभाग) नवीन: चिकित्सा शिक्षा विभाग कुसुम एक्का (उप सचिव) वर्तमान: योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग नवीन: गृह विभाग श्रीमती विजया खेस्स (उप सचिव) वर्तमान: विमानन विभाग नवीन: ग्रामोद्योग विभाग अतिरिक्त प्रभार से मुक्त किए गए अधिकारी तबादला सूची में कई अधिकारियों को उनके मौजूदा अतिरिक्त प्रभार से मुक्त किया गया है, जबकि उनका मूल प्रभार यथावत रहेगा- अरूण कुमार मरकाम (रा.प्र.से., उप सचिव) को ग्रामोद्योग विभाग के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त किया गया है। रामप्रसाद चौहान (रा.प्र.से., उप सचिव) को समाज कल्याण विभाग के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त किया गया है। श्रीकांत वर्मा (रा.प्र.से., उप सचिव) को गृह विभाग के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त किया गया है। अंकिता गर्ग (रा.प्र.से., उप सचिव) को श्रम विभाग के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त किया गया है। विभोर अग्रवाल (रा.प्र.से., उप सचिव) को उच्च शिक्षा विभाग के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त किया गया है। अन्वेष धृतलहरे (रा.प्र.से., उप सचिव) को राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त किया गया है। सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे तत्काल नवीन पदस्थापना में कार्यभार ग्रहण करें और पालन प्रतिवेदन सामान्य प्रशासन विभाग को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।

लोन लेने वालों के लिए बड़ी खुशखबरी, इन 5 बैंकों ने इंटरेस्ट रेट कम किया

नई दिल्ली भारतीय रिज़र्व बैंक की चौथी रेपो कटौती के बाद देशभर में लोन मार्केट तेजी से बदल गया है. 25 बेसिस पॉइंट की ताज़ा कमी ने बैंकों को ब्याज दरें घटाने पर मजबूर किया है, जिससे ग्राहकों की होम, कार और पर्सनल लोन EMI में सीधी राहत मिल रही है. भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने ब्याज दरों के मोर्चे पर लगातार अपनी आक्रामक नीति जारी रखी है. बीते सप्ताह केंद्रीय बैंक द्वारा रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट की कटौती किए जाने के बाद, देश में ऋण लेने का माहौल बदल गया है. इस कदम ने बैंकों को अपनी दरों को समायोजित करने के लिए प्रेरित किया है, जिससे आम ग्राहकों के लिए होम, कार और पर्सनल लोन की लागत कम हो गई है. चौथी कटौती के बाद रेपो रेट कितना हुआ? RBI का यह फैसला साल 2025 में रेपो रेट में चौथी बार की गई कटौती है. फरवरी में शुरू हुई इस कटौती की श्रृंखला ने नीतिगत दर को अब 5.25% के स्तर पर ला दिया है. कुल मिलाकर, इस वर्ष अब तक 1.25% की संचयी कमी दर्ज की गई है. RBI ने मुद्रास्फीति को सफलतापूर्वक नियंत्रित करने के बाद यह कदम उठाया है, जिससे विकास को बढ़ावा देने का रास्ता साफ हुआ है. किन 5 बैंकों ने सस्ता किया लोन?    बैंक का नाम कटौती नई दरें लागू मुख्य विवरण बैंक ऑफ इंडिया (BOI) RBLR में 25 bps की कटौती 5 दिसंबर से RBLR 8.35% से घटकर 8.10% हुई. इंडियन बैंक (Indian Bank) RBLR में 25 bps; MCLR में 5 bps की कटौती 6 दिसंबर से RBLR 8.20% से घटकर 7.95% हुई. बैंक ऑफ बड़ौदा (BoB) रेपो-बेस्ड लेंडिंग रेट में 25 bps की कटौती 6 दिसंबर से दर 8.15% से घटकर 7.90% हुई. करूर वैश्य बैंक (Karur Vysya Bank) MCLR में 10 bps की कटौती 7 दिसंबर से MCLR 9.55% से घटकर 9.45% हुई. बैंक ऑफ महाराष्ट्र (BoM) रेपो-लिंक्ड रिटेल लोन में 25 bps की कटौती 6 दिसंबर से होम लोन 7.10% से और कार लोन 7.45%से शुरू. यह ब्याज दर कटौती उन सभी ग्राहकों के लिए एक सकारात्मक संकेत है जिनके ऋण रेपो रेट से जुड़े हुए हैं, जिससे उनकी मंथली किस्तें (EMIs) कम होंगी और लोन लेना अब अधिक आकर्षक हो जाएगा.

कुनकुरी नगर को स्वास्थ्य के क्षेत्र में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दिया बड़ा तोहफ़ा

रायपुर कई प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र, योग केंद्र और वेलनेस हब खुद को नेचुरोपैथी  कहते हैं। जो प्राकृतिक चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान करता है और बापू भवन इसका ऐतिहासिक घर है, जिसे गांधीजी ने अपनाया था। खासकर छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र का उद्देश्य प्राकृतिक उपचार, योग, आहार, मिट्टी स्नान और हर्बल दवाओं के माध्यम से समग्र स्वास्थ्य प्रदान करना है।  जशपुर जिले के कुनकुरी नगर की स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने नेचुरोपैथी भवन निर्माण के लिए 2 करोड़ 62 लाख रुपए की मंजूरी प्रदान की है। निर्माण कार्य के लिए टेंडर प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है। भवन तैयार हो जाने के बाद कुनकुरी नगरवासियों को प्राकृतिक चिकित्सा की अत्याधुनिक सुविधा अपने ही नगर में उपलब्ध होगी। यह भवन न सिर्फ लोगों को आयुर्वेद, योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा की ओर प्रोत्साहित करेगा, बल्कि ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों से आने वाले मरीजों को उपचार के लिए बड़ी राहत भी देगा। अब बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए दूर दराज जाने की आवश्यकता नहीं होगी। नगरवासियों ने इस दूरदर्शी निर्णय के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार जताते हुए कहा कि यह सुविधा स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक नई दिशा और नई उम्मीद लेकर आएगी। स्वास्थ्य के क्षेत्र में नई ऊंचाई को छूता जशपुर  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले को स्वास्थ्य के क्षेत्र में कई सौगातें मिल चुकी है। मेडिकल कॉलेज के लिए बड़ा कदम उठातेे हुए वित्त विभाग से 359 करोड़ की सैद्धांतिक सहमति मिल चुकी है । इसी प्रकार 220 विस्तर अस्पताल के लिए 32 करोड़ की मंजूरी, नर्सिंग महाविद्यालय भवन के 8 करोड़ की मंजूरी, फिजियोथेरेपी महाविद्यालय के 14 करोड़ की मंजूरी, कल्याण आश्रम अत्याधुनिक चिकित्सालय भवन के लिए 35 करोड़ की मंजूरी, ग़िनाबहर में मातृत्व शिशु चिकित्सालय भवन निर्माण के 8 करोड़ की मंजूरी सहित कई सौगातें दी गई है, जो जिले वासियों को स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने के लिए वरदान साबित होंगी।

थाना प्रभारी की हत्या: महिला सिपाही मीनाक्षी गिरफ्तार, एक हफ्ते तक थी प्रभारी के घर पर

जालौन उत्तर प्रदेश के जालौन जिले के कुठौंद थाना प्रभारी अरुण कुमार राय की संदिग्ध हालत में हुई मौत के मामले में फंसी महिला कांस्टेबल मीनाक्षी शर्मा को पुलिस ने रविवार को न्यायालय में पेश किया। उसे यहां से जेल भेज दिया गया। इससे पहले पुलिस ने उससे पांच घंटे पूछताछ की। कई सवालों पर मीनाक्षी ने चुप्पी साध ली। बस इतना बोली कि जब वह कमरे में पहुंची तो प्रभारी घायल पड़े थे। कुठौंद थाने के सरकारी आवास में शुक्रवार देर रात थाना प्रभारी अरुण कुमार राय की पिस्टल से चली गोली से मौत हो गई थी। उनका शव मच्छरदानी के अंदर खून से लथपथ हालत में मिला था। पिस्टल उनके सीने पर ही रखी हुई थी।  घटना के तुरंत बाद कोंच में तैनात महिला सिपाही मीनाक्षी शर्मा उनके आवास से चिल्लाती हुई बाहर आई और थाने में मौजूद पुलिसकर्मियों को घटना की जानकारी देकर मौके से भाग निकली। उसके भागने की फुटेज थाने में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई थी।  मीनाक्षी पर लगाया था हत्या का आरोप इसी बीच जानकारी मिलने पर मौके पर पहुंची थाना प्रभारी की पत्नी माया राय ने मीनाक्षी पर हत्या का आरोप लगाते हुए एसपी को तहरीर सौंपी। इसके बाद कुठौंद थाने में मीनाक्षी के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई थी। पुलिस ने आरोपी सिपाही से की पूछताछ हिरासत में लेने के बाद पुलिस ने महिला सिपाही मीनाक्षी से सख्ती से पूछताछ की। वह अधिकतर सवालों पर चुप्पी साधे रही। पुलिस ने प्रश्न किया कि क्या उसने अरुण राय की हत्या की है तो उसने कहा कि वह जब कमरे में पहुंची तो वह घायल अवस्था में कमरे में पड़े। इस पर वह चिल्लाते हुए थाना परिसर में पहुंच गई थी। एक सप्ताह से थाना प्रभारी के आवास पर थी मीनाक्षी: सूत्र उसकी ये बातें पुलिस के गले नहीं उतर रही हैं। सूत्रों की माने तो आरोपी महिला सिपाही एक सप्ताह से थाना प्रभारी के आवास पर थी। उसका शुक्रवार की रात को थाना प्रभारी से विवाद हुआ था। इसके बाद पूरी घटना हुई है। पुलिस ने नहीं तलाश पाई ये फुटेज पुलिस इस पर भी जांच कर रही है कि महिला सिपाही भागते हुए तो थाने के पास लगे सीसीटीवी कैमरे में दिख रही है। वहीं महिला कब परिसर में पहुंची इसका सीसीटीवी फुटेज अभी तक नहीं ढूंढ़ पाई है। सीएम योगी से निष्पक्ष जांच की मांग रविवार को पुलिस ने आरोपी महिला सिपाही को कोर्ट में पेश किया यहां से उसे जेल भेज दिया गया। अरुण राय की पत्नी माया राय ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि पूरे मामले की जांच कराई जाए। कॉल डिटेल रिपोर्ट ने खोले कई राज, कई पुलिसकर्मियों के उड़े होश सूत्रों के मुताबिक, मीनाक्षी शर्मा के मोबाइल की कॉल डिटेल और चेट रिकॉर्ड खंगालने पर जानकारियां कई चौंकाने वाली सामने आई हैं। बताया जा रहा है कि कॉल लॉग में दर्ज बातचीत ने कई पुलिस अधिकारियों के चेहरे का रंग उड़ा दिया है। कई पुलिस कर्मियों से करती थी बातचीत कुछ पुलिसकर्मी यह जानकर सदमे में बताए जा रहे हैं कि मीनाक्षी किन-किन से संपर्क में थी और किन परिस्थितियों में बातचीत हुई। यह मामले को नया मोड़ दे सकता है। हालांकि, इस पर कोई अधिकारी खुलकर बोलने को तैयार नहीं है। बताया जा रहा है कि वह कई पुलिस कर्मियों से बातचीत करती थी।

योगी आदित्यनाथ सरकार के सुधारवादी कदमों से एमएसएमई सेक्टर में नई ऊर्जा

लखनऊ योगी आदित्यनाथ सरकार की सरल नीतियों और मजबूत कानून व्यवस्था ने निवेशकों का उत्साह बढ़ाया है। यही कारण है कि उत्तर प्रदेश में छोटे उद्योगों को नई गति मिल रही है। वर्तमान में राज्य में 96 लाख से अधिक एमएसएमई इकाइयां सक्रिय हैं, जो लाखों लोगों को रोजगार देने का काम कर रही हैं। उत्तर प्रदेश ने पिछले आठ वर्षों में जिस रफ्तार से औद्योगिक माहौल को बदला है वह उत्तर भारत के आर्थिक नक्शे पर एक नई कहानी गढ़ रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट कहा है कि उत्तर प्रदेश का लक्ष्य वर्ष 2029-30 तक एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने का है। यही कारण है कि प्रदेश सरकार छोटे उद्योगों को प्रोत्साहित करने का लगातार ठोस प्रयास कर रही है।  योगी आदित्यनाथ सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती वर्ष 2017 में सरकार के गठन के समय औद्योगिक प्रक्रियाओं का भारी उलझाव और निवेशकों का कम विश्वास था, लेकिन सरकार ने समयबद्ध मंजूरी व्यवस्था, सिंगल विंडो (एकल खिड़की) प्रणाली और जिलों में निवेश अनुकूल वातावरण तैयार करके इस स्थिति को तेजी से बदला। इन्हीं प्रयासों का परिणाम है कि आज उत्तर प्रदेश छोटे उद्योगों का एक बड़ा केंद्र बन गया है। जो प्रदेश के युवाओं के लिए तेजी से रोजगार सृजन का कार्य कर रहे हैं। ठोस नीतियों से छोटे उद्योगों को रफ्तार आठ वर्षों में योगी सरकार ने एमएसएमई क्षेत्र को मजबूत आधार दिया है। 2017 से अब तक के प्रयासों से इन इकाइयों की संख्या तेजी से बढ़ी है। उत्तर प्रदेश माइक्रो, स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज प्रमोशन पॉलिसी 2022 ने पिछड़े क्षेत्रों में 10 से 25 प्रतिशत पूंजी सब्सिडी दी है। यह पॉलिसी एससी-एसटी और महिला उद्यमियों के लिए अतिरिक्त लाभ प्रदान करती है। निवेश मित्र पोर्टल और एकल खिड़की प्रणाली ने अनुमोदन प्रक्रिया का काफी हद तक सरलीकरण कर दिया है।  डिजिटल प्लेटफॉर्म से तेज निवेश प्रक्रिया निवेश मित्र और एमएसएमई वन कनेक्ट पोर्टल ने उद्योग स्थापना को आसान किया है। वर्तमान में 19 लाख से अधिक लाइसेंस जारी किए जा चुके हैं। इन प्लेटफॉर्म से जीईडी प्रमाणन और पीएमईजीपी आवेदन आसान हो गए हैं। ऋण प्रवाह में भी उछाल आया है। वित्तीय वर्ष 2025 में एमएसएमई को लगभग 2.48 लाख करोड़ रुपये के ऋण प्रदान किया जा चुके हैं।  महिला उद्यमियों और युवाओं के लिए विशेष योजनाएं महिलाओं और युवाओं को प्राथमिकता मिल रही है। मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के अंतर्गत युवाओं को लगभग 1200 करोड़ रुपये की ऋण सब्सिडी दी जा चुकी हैं। विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना और ओडीओपी ने पारंपरिक कारीगरों को बढ़ावा दिया जा रहा है। प्रदेश सरकार ने एमएसएमई से 25 प्रतिशत खरीद अनिवार्य की है, जिसमें महिलाओं के लिए 03 प्रतिशत और एससी-एसटी इकाइयों के लिए 04 प्रतिशत तक का कोटा निर्धारित किया हुआ है।  कृषि-तकनीकी उद्योगों को नई दिशा कृषि और तकनीकी आधारित छोटे उद्योगों का प्रदेश में विस्तार हो रहा है। लखनऊ-कानपुर में इनोवेशन हब्स, ड्रोन निगरानी और एआई-आधारित खेती को प्रोत्साहित कर रहे हैं। विकसित यूपी 2047 विजन में 33 क्षेत्रीय नीतियां एमएसएमई को लक्षित करती हैं। ये प्रयास प्रदेश की अर्थव्यवस्था को लगभग 1.2 लाख करोड़ रुपये का योगदान दे रहे हैं और ग्रामीण स्तर पर रोजगार के नए-नए अवसरों का सृजन कर रहे हैं। योगी आदित्यनाथ सरकार के प्रयासों से उत्तर प्रदेश विकसित भारत का मजबूत स्तंभ बन रहा है। छोटे उद्योग अब राज्य की प्रगति का इंजन हैं।