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रायपुर में ऑडिट पखवाड़ा: राज्यपाल रमेन डेका ने कैग की सर्वोच्च भूमिका पर की चर्चा

रायपुर : लोकतांत्रिक ढांचे में कैग की सर्वाेच्च भूमिका – रमेन डेका राज्यपाल  रमेन डेका ऑडिट पखवाड़ा के समापन समारोह में शामिल हुए राज्यपाल रायपुर महालेखाकार कार्यालय के आवासीय परिसर स्थित सामुदायिक भवन में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि  डेका ने अपने उद्बोधन में कहा कि लेखा परीक्षा केवल सरकारी व्यय और राजस्व की जांच तक सीमित नहीं है, यह प्रशासनिक पारदर्शिता, वित्तीय अनुशासन, और जनसेवा में उत्तरदायित्व का एक सशक्त माध्यम है। हमारे लोकतांत्रिक ढांचे मेें भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की सर्वाेच्च भूमिका है।  ऑडिट पखवाड़ा के समापन समारोह में शामिल हुए राज्यपाल लेखा परीक्षा को संवैधानिक प्राधिकरण का दर्जा राज्यपाल  रमेन डेका आज प्रधान महालेखाकार कार्यालय में ऑडिट पखवाड़ा 2025 के समापन समारोह में शामिल हुए। लेखा परीक्षा दिवस के अवसर पर 20 नवम्बर से 8 दिसंबर 2025 तक यह सप्ताह आयोजित किया गया।  राज्यपाल  डेका ने कहा कि भारतीय लेखा एवं लेखा परीक्षा विभाग का इतिहास गौरवशाली रहा है। इसकी नीव ब्रिटिश शासन के दौरान 1858 में प्रारंभ हुई लेखा परीक्षा व्यवस्था से जुड़ी हुई है। स्वतंत्रता के बाद हमारे संविधान निर्माताओं ने इस संस्था की महत्ता को समझते हुए इसे संवैधानिक प्राधिकरण का दर्जा प्रदान किया।  कैग की भूमिका प्रशासनिक सुधार, नवाचार एवं पारदर्शिता को प्रोत्साहित करना है  ऑडिट पखवाड़ा के समापन समारोह में शामिल हुए राज्यपाल  डेका ने कहा कि तेजी से बढ़ते डिजिटल प्रशासन के दौर में कैग की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो गई है। यह संस्था केवल कमियों को उजागर नहीं करती, बल्कि प्रशासनिक सुधार, नवाचार एवं पारदर्शिता को प्रोत्साहित करती है।  यह न केवल सरकारी कार्यों में वित्तीय अनुशासन लाने का कार्य करता है, बल्कि भ्रष्टाचार और अनियमितताओं को रोकने का महत्वपूर्ण दायित्व भी निभाता है। इस विभाग के अधिकारियों की निष्पक्षता और कर्मठता ने इसे एक सशक्त संस्थान के रूप में स्थापित किया है। अधिकारियों की मेहनत और ईमानदारी से जनता का भरोसा मजबूत होगा राज्यपाल ने  विभाग के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से आह्वान किया कि वे इस प्रतिष्ठित संस्था की परंपराओं को बनाए रखते हुए निष्ठा और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करें। उनकी मेहनत और ईमानदारी से ही जनता का भरोसा और मजबूत होगा। जीवन में एक कार्य ऐसा करें जिसमें लेने का नहीं बल्कि देने का हो, जिससे हमारा देश 5 ट्रिलियन अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को प्राप्त करेगा।           कार्यक्रम में स्वागत भाषण प्रधान महालेखाकार  यशवंत कुमार ने दिया। कार्यक्रम के अंत में आभार प्रदर्शन महालेखाकार (लेखा परीक्षा)  मोहम्मद फैजान ने किया। इस अवसर पर राज्यपाल  डेका ने सामुदायिक भवन परिसर में वृक्षारोपण किया। कार्यक्रम में महालेखाकार कार्यालय के सभी अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे।

भोपाल में नया स्टेशन निशातपुरा, यात्री सुविधाओं के लिए जनवरी 2026 से शुरू होगा संचालन

भोपाल  मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल को जल्द ही एक और रेलवे स्टेशन की सौगात मिलने वाली है. नए साल यानी जनवरी 2026 में निशातपुरा रेलवे स्टेशन आम लोगों के लिए खुलने जा रहा है. भारतीय रेलवे ने इसके लिए आधिकारिक घोषणा कर दी है. इस स्टेशन का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है. इस स्टेशन के शुरू होने के बाद भोपाल जंक्शन और रानी कमलापति स्टेशन पर यात्रियों का दबाव कम होगा | लाखों यात्रियों को मिलेगी सुविधा निशातपुरा रेलवे स्टेशन के चालू होने के बाद से करोंद, भानपुर, मिनाल रेसीडेंसी, हाउसिंग बोर्ड, लांबाखेड़ा, बैरसिया रोड समेत आसपास रहने वाले लाखों यात्रियों को इससे राहत मिलेगी. अक्सर इन इलाकों में रहने वाले लोगों को ट्रेन पकड़ने के लिए ट्रैफिक का सामना भी करना पड़ता था, अब पुराने भोपाल समेत होशंगाबाद रोड पर यातायात का दबाव कम होगा. स्टेशन परिसर में पार्किंग, टिकट व्यवस्था, यात्री सुविधाएं और सुरक्षा व्यवस्था का कार्य लगभग पूरा हो गया है| स्टेशन शुरू होते ही भोपाल रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों का दबाव काफी हद तक कम हो जाएगा। इससे प्लेटफार्म पर भीड़ घटेगी और ट्रेनों की समयबद्धता में सुधार आएगा। इससे करोंद, लालघाटी, गांधी नगर, अयोध्या नगर, आनंद नगर, भीमनगर व आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। इंजन रिवर्सल की झंझट होगी खत्म रेलवे अधिकारियों के अनुसार, अगर भोपाल स्टेशन पर समाप्त होने वाली कुछ ट्रेनों का टर्मिनेशन निशातपुरा तक बढ़ाया जाता है, तो इंजन रिवर्सल की जरूरत खत्म हो जाएगी। अभी भोपाल स्टेशन पर इंजन की दिशा बदलने में 30 से 45 मिनट तक का समय लग जाता है, जिससे ट्रेनें देरी का शिकार होती हैं। निशातपुरा से यह समय बचेगा और ट्रेनों को सीधे इंदौर, उज्जैन और रतलाम की ओर रवाना करना आसान होगा। निशातपुरा पर इन ट्रेनों को मिलेगा स्टॉपेज पहले निशातपुरा रेलवे स्टेशन का उपयोग माल ढुलाई और दूसरे कमर्शियल कामों के लिए इस्तेमाल किया जाता था. फिलहाल भोपाल में तीन रेलवे स्टेशन हैं, इनमें भोपाल जंक्शन, रानी कमलापति और संत हिरदाराम नगर शामिल हैं | रिपोर्ट के अनुसार शुरुआत में मालवा एक्सप्रेस और जबलपुर-वेरावल (सोमनाथ एक्सप्रेस) को स्टॉपेज की मंजूरी दी गई है | इसके बाद कुछ और ट्रेनों के स्टॉपेज को हरी झंडी मिल जाएगी. इनमें जयपुर-चेन्नई एक्सप्रेस, अजमेर-हैदराबाद एक्सप्रेस, इंदौर-हावड़ा, इंदौर-राजेंद्र नगर, विंध्याचल, राज्यरानी, भोपाल-बीना मेमू, बिलासपुर एक्सप्रेस, झांसी-इटारसी पैसेंजर जैसी ट्रेनें शामिल हैं | नहीं बदलने होगी इंजन की दिशा रेलवे स्टेशन के उपयोग के लिए निशातपुरा को एनएसजी-3 कैटेगरी में शामिल किया गया है. वर्तमान की बात करें तो कुछ ट्रेन ऐसी हैं जिनका स्टॉपेज भोपाल जंक्शन में होता है और फिर इन्हें उज्जैन और इंदौर की ओर जाना जाता है. इस वजह से ट्रेन का इंजन बदलना पड़ता है. इस वजह से फिजूल समय जाता है, अब इससे मुक्ति मिलेगी और इंजन की दिशा नहीं बदलनी पड़ेगी | सुविधाएं लगभग तैयार स्टेशन परिसर में प्लेटफार्म विस्तार, टिकट घर, प्रतीक्षालय, पार्किंग, सीसीटीवी और सुरक्षा व्यवस्था का काम अंतिम चरण में है। साथ ही भोपाल आउटर पर ट्रेनों को खड़ा रखने की समस्या को भी इस स्टेशन के जरिए काफी हद तक दूर करने की योजना बनाई गई है। इन ट्रेनों को मिल सकता है नया ठहराव     निशातपुरा स्टेशन से हाल्ट देने की प्रक्रिया अब अगले चरण में पहुंच गई है। पहले ही मालवा एक्सप्रेस और जबलपुर-वेरावल (सोमनाथ) एक्सप्रेस का यहां ठहराव नोटिफाई किया जा चुका है। इसके साथ-साथ जिन ट्रेनों को यहां रोकने की तैयारी चल रही है, उनमें जयपुर-चेन्नई एक्सप्रेस, अजमेर-हैदराबाद एक्सप्रेस, इंदौर-हावड़ा एक्सप्रेस, इंदौर-राजेंद्र नगर एक्सप्रेस, विंध्याचल राज्यरानी, भोपाल-बीना मेमू, बिलासपुर एक्सप्रेस और झांसी-इटारसी पैसेंजर शामिल हैं। – नवल अग्रवाल, पीआरओ, भोपाल मंडल  

नक्सलवाद उन्मूलन में छत्तीसगढ़ ने रचा नया इतिहास: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजनांदगांव में आयोजित  प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार के कार्यकाल के दो वर्ष राज्य के इतिहास में निर्णायक मोड़ साबित हुए हैं।  मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि  प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी तथा केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह द्वारा निर्धारित लक्ष्य—“31 मार्च 2026 तक पूरे देश से नक्सलवाद का पूर्ण उन्मूलन”—की दिशा में छत्तीसगढ़ तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद की कमर टूट चुकी है और यह अब अंतिम सांसें गिन रहा है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पिछले दो वर्षों में सुरक्षा बलों ने अभूतपूर्व सफलता हासिल की है। 500 से अधिक माओवादी मुठभेड़ों में न्यूट्रलाइज हुए, जबकि 4,000 से अधिक नक्सलियों ने आत्मसमर्पण या गिरफ्तारी दी, जो नक्सलवाद के कमजोर पड़ने का स्पष्ट संकेत है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों के पराक्रम से बस्तर में दशकों से जमी हिंसा के विरुद्ध निर्णायक बढ़त मिली है। उन्होंने राज्य सरकार की नई पुनर्वास नीति की भी विस्तृत जानकारी दी। इसके तहत आत्मसमर्पित नक्सलियों के लिए 15,000 प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति, 3 वर्षों तक 10,000 रुपये मासिक वित्तीय सहायता, कौशल विकास प्रशिक्षण और रोजगार-संबंधी कार्यक्रम शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि "गोलीबारी की भाषा छोड़कर मुख्यधारा से जुड़ना" अब बस्तर में हकीकत बन रहा है। पंडुम कैफ़े जैसे नवाचार आज सामाजिक परिवर्तन का प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि बस्तर में तेजी से सुरक्षा कैंप खुलने और प्रशासन की पहुंच बढ़ने के साथ ही 400 से अधिक गाँव पुनः आबाद हो चुके हैं। नियद नेल्ला नार  योजना के माध्यम से इन क्षेत्रों में सड़क, बिजली, पेयजल, स्वास्थ्य सुविधाएँ और शिक्षा जैसी बुनियादी सेवाएँ पहुँच रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा—“जहाँ कभी गोलीबारी की आवाज आती थी, आज वहाँ स्कूल की घंटियाँ बज रही हैं। कई गाँवों में वर्षों बाद ध्वजारोहण हुआ, चुनाव में लोग निर्भीक होकर भाग ले रहे हैं और राशन-कार्ड से लेकर मोबाइल नेटवर्क तक की सुविधाएँ अब सुगमता से उपलब्ध हो रही हैं।” मुख्यमंत्री श्री साय ने बस्तर को भविष्य के विकास का बड़ा केंद्र बताते हुए कहा कि कृषि, सिंचाई, वन-उत्पाद, पशुपालन और छोटे उद्योगों के लिए अभूतपूर्व संभावनाएँ बन रही हैं। उन्होंने कहा कि नई औद्योगिक नीति (2024–30) में नक्सल-प्रभावित क्षेत्रों के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। वनोपज आधारित वैल्यू एडिशन, प्रसंस्करण और ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देकर स्थानीय युवाओं को रोजगार और स्थायी आय से जोड़ा जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिए जाने से बस्तर अब वैश्विक नक्शे पर तेजी से पहचान बना रहा है। कुटुमसर गुफा, झरने, अबूझमाड़ के जंगल और जनजातीय सांस्कृतिक धरोहर विश्व आकर्षण का केंद्र बन रहे हैं। होम-स्टे मॉडल तेजी से फल-फूल रहा है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत कर रहा है। अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सलवाद उन्मूलन की यह ऐतिहासिक प्रगति राज्य के शहीद जवानों, सुरक्षा बलों के अथक परिश्रम और जनता के विश्वास की जीत है। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री श्री अमित शाह के संकल्प के अनुरूप बस्तर नक्सलवाद से मुक्त होकर विकास की मुख्यधारा में शामिल होगा।

उड़ानों में रद्दीकरण का सिलसिला जारी, इंडिगो ने अब तक दिए 827 करोड़ रुपये रिफंड

मुंबई  देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो का परिचालन सोमवार को भी सामान्य नहीं हो सका है। हालिया उड़ान संकट के बीच एयरलाइन ने बताया है कि वह अब तक यात्रियों को ₹827 करोड़ रुपये का रिफंड जारी कर चुकी है, लेकिन इसके बावजूद स्थिति पूरी तरह पटरी पर नहीं लौटी है। दिल्ली, श्रीनगर, हैदराबाद, बेंगलुरु और अहमदाबाद समेत कई प्रमुख एयरपोर्ट से 500 से अधिक उड़ानें रद्द हो चुकी हैं। एक दिन पहले भी इंडिगो ने 650 से ज्यादा उड़ानें रद्द कर दी थीं। हालांकि कंपनी का दावा है कि उसने अपनी कुल 2,300 दैनिक उड़ानों में से लगभग 1,650 उड़ानें संचालित की हैं। इंडिगो के सीईओ पीटर एल्बर्स ने कहा कि हालात धीरे-धीरे बेहतर हो रहे हैं और 10 दिसंबर तक संचालन सामान्य होने की उम्मीद है। संसद में उठा मामला राज्यसभा में नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने साफ कहा कि इंडिगो में उत्पन्न संकट की वास्तविक वजह इसके क्रू रोस्टरिंग और आंतरिक प्लानिंग सिस्टम में गंभीर दिक्कतें थीं। उन्होंने स्वीकार किया कि इससे यात्रियों को काफी परेशानियां उठानी पड़ीं। मंत्री ने चेतावनी दी- “हम इसे हल्के में नहीं लेंगे। जांच जारी है और हम ऐसा कड़ा कदम उठाएंगे जो अन्य एयरलाइनों के लिए मिसाल बने।” सुप्रीम कोर्ट ने तुरंत सुनवाई से इनकार किया इधर, इंडिगो के खिलाफ दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया। चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि केंद्र सरकार इस मामले में पहले ही कदम उठा चुकी है। अब याचिका की सुनवाई 10 दिसंबर को होगी। पायलट पर्याप्त, लेकिन ‘बफर’ स्टाफ की कमी : इंडिगो एयरलाइन ने कहा कि मौजूदा संकट के कारणों की पहचान के लिए ‘रूट कॉज एनालिसिस’ किया जाएगा। एक अधिकारी ने बताया कि नई FDTL (Flight Duty Time Limitations) व्यवस्था लागू होने से क्रू प्लानिंग में बफर की कमी गंभीर समस्या बन गई। उन्होंने दावा किया “हमारे पास पायलटों की कमी नहीं है। बस अन्य एयरलाइनों की तुलना में बफर स्टाफ कम था।” संसद की परिवहन, पर्यटन और संस्कृति से जुड़ी समिति भी जल्द ही इंडिगो और DGCA अधिकारियों को तलब कर सकती है। DGCA ने इंडिगो के CEO को 24 घंटे का अतिरिक्त समय दिया DGCA ने इंडिगो के सीईओ और accountable manager को जारी किए गए कारण बताओ नोटिस का जवाब देने के लिए 24 घंटे और दे दिए हैं। कंपनी प्रबंधन ने समय बढ़ाने का अनुरोध किया था, जिसके बाद उन्हें सोमवार शाम तक जवाब देने की अनुमति दी गई।

टी20 सीरीज में भारत की मुश्किलें बढ़ीं, ICC ने लगाई आर्थिक पेनल्टी

नई दिल्ली भारत बनाम दक्षिण अफ्रीका रायपुर में खेले गए दूसरे वनडे में स्लो ओवर रेट बनाए रखने के लिए आईसीसी ने टीम इंडिया पर मैच फीस का 10 प्रतिशत जुर्माना लगाया है. आईसीसी ने 5 मैचों की टी20 सीरीज शुरू होने से ठीक एक दिन पहले इसकी जानकारी दी. अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ने अपने स्टेटमेंट में बताया कि भारत पर ICC कोड ऑफ कंडक्ट फॉर प्लेयर्स एंड प्लेयर सपोर्ट पर्सनल के आर्टिकल 2.22 के तहत चार्ज लगाया गया, जो मिनिमम ओवर-रेट अपराधों से संबंधित है. आईसीसी ने बताया कि अमीरात आईसीसी एलीट पैनल के मैच रेफरी रिची रिचर्डसन ने यह सजा दी, जब केएल राहुल की टीम टाइम अलाउंस को ध्यान में रखने के बाद भी दो ओवर पीछे रह गई थी.  केएल राहुल ने मानी गलती सजा दी जाती है, तो खिलाड़ियों पर हर उस ओवर के लिए उनकी मैच फीस का पांच प्रतिशत जुर्माना लगाया जाता है जो उनकी टीम तय समय में नहीं फेंक पाती है. स्टैंड-इन कप्तान के तौर पर, KL राहुल ने आरोप स्वीकार कर लिया और सजा स्वीकार कर ली, इसलिए किसी औपचारिक सुनवाई की जरुरत नहीं पड़ी. रायपुर में हार गई थी टीम इंडिया भारत बनाम दक्षिण अफ्रीका 3 मैचों की वनडे सीरीज भारत ने 2-1 से जीत ली है, हालांकि जिस मैच के लिए टीम इंडिया को सजा मिली है उसमे मेहमान टीम ने जीत दर्ज की थी. रायपुर में खेले गए दूसरे वनडे में विराट कोहली (102) और ऋतुराज गायकवाड़ (105) ने शतक जड़ा था, जिसकी मदद से टीम इंडिया ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 358 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया था. हालांकि स्टेडियम में ओस ने अहम भूमिका थी, जिस कारण दूसरी पारी में बल्लेबाजी आसान हो गई थी. लक्ष्य का पीछा करते हुए एडन मार्क्रम ने 110 रनों की शानदार पारी खेली थी. इस मैच को जीतकर मेहमान टीम ने सीरीज बराबर कर ली थी, हालांकि निर्णायक वनडे में भारत ने दक्षिण अफ्रीका को 9 विकेट से हराकर सीरीज अपने नाम की. मंगलवार को भारत बनाम दक्षिण अफ्रीका पहला टी20 टेस्ट और वनडे के बाद अब भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच वनडे सीरीज खेली जाएगी. 5 मैचों की सीरीज का पहला वनडे मंगलवार, 9 दिसंबर को कटक के बाराबती स्टेडियम में है. मैच शाम 7 बजे से शुरू होगा. लाइव प्रसारण स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क और लाइव स्ट्रीमिंग जियोहॉटस्टार ऐप और वेबसाइट पर होगी.  

सुदूर ग्राम कुर्रा के रतिराम को मिला सपनों का पक्का आशियाना

रायपुर किसी भी सरकारी योजना का वास्तविक महत्व तभी सिद्ध होता है, जब उसका लाभ जमीनी स्तर पर आम नागरिक के जीवन में सकारात्मक और स्थायी परिवर्तन लाए। ऐसी ही एक सशक्त योजना है प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम-जनमन), जिसका प्रभाव रायगढ़ जिले में स्पष्ट रूप से देखने को मिल रहा है। इस योजना के अंतर्गत लैलूंगा विकासखंड के सुदूर ग्राम कुर्रा के निवासी श्री रतिराम बिरहोर को उनके जीवन का सबसे बड़ा सपना-पक्का और सुरक्षित आवास-साकार हुआ।  जीवन में स्थायित्व, आत्मविश्वास और सम्मान भी लेकर आया पीएम-जनमन वर्षों तक कच्चे मकान में रहकर बरसात, ठंड और जहरीले जीव-जंतुओं के खतरे के बीच जीवन-यापन करने वाले रतिराम और उनका परिवार जब पीएम जनमन योजना के तहत स्वीकृत आवास में प्रवेश किया, तो वह क्षण उनके लिए अविस्मरणीय बन गया। आवास स्वीकृति मिलने के बाद निर्माण कार्य प्रारंभ हुआ और निर्धारित समय में पूर्ण भी हुआ। नया पक्का घर न केवल उन्हें सुरक्षा प्रदान कर रहा है, बल्कि उनके जीवन में स्थायित्व, आत्मविश्वास और सम्मान भी लेकर आया है।  जनजातीय समूहों के सर्वांगीण विकास के लिए एक महत्त्वाकांक्षी मिशन रतिराम का कहना है कि पहले जिस घर में रहना मजबूरी था, वहीं अब पक्के मकान में रहना गर्व की अनुभूति देता है। उल्लेखनीय है कि पीएम-जनमन योजना, जिसकी शुरुआत भारत सरकार द्वारा वर्ष 2023 में की गई, विशेष रूप से विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों के सर्वांगीण विकास के लिए एक महत्त्वाकांक्षी मिशन है। इस अभियान का उद्देश्य आवास, शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छ पेयजल, बिजली, आजीविका और संपर्क जैसी बुनियादी सुविधाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना है। गौरतलब है कि पीएम जनमन योजना आज केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि आदिवासी समुदायों के लिए न्याय, समानता और आत्मसम्मान का मजबूत आधार बन चुकी है। ग्राम कुर्रा के रतिराम की कहानी इस बात का सशक्त उदाहरण है कि जब योजनाएं सही ढंग से लागू होती हैं, तो वे लोगों की तस्वीर ही नहीं, तकदीर भी बदल देती हैं।

इतिहास का सबसे बड़ा टूर्नामेंट FIFA 2026, 11 जून से मेक्सिको सिटी में शुरुआत

नई दिल्ली फुटबॉल के सबसे बड़े टूर्नामेंट FIFA World Cup 2026 का इंतजार अब कुछ ही महीनों का रह गया है. इस बार वर्ल्ड कप का इतिहास बदलने जा रहा है, क्योंकि पहली बार 32 नहीं, बल्कि 48 टीमें ट्रॉफी की जंग लड़ेंगी. कनाडा, मेक्सिको और अमेरिका पहली बार संयुक्त रूप से टूर्नामेंट की मेजबानी कर रहे हैं. कुल 39 दिनों तक चलने वाले इस विश्व कप में 104 मुकाबले खेले जाएंगे, जो इसे अब तक का सबसे बड़ा और सबसे लंबा विश्व कप बनाते हैं. कब और कहां होगा उद्घाटन मुकाबला? टूर्नामेंट की शुरुआत 11 जून 2026 को मेक्सिको सिटी में स्थित Mexico City Stadium (नया नाम) में दोपहर 3 बजे (स्थानीय समय) होगी. मेक्सिको की टीम अपने घरेलू दर्शकों के सामने पहला मैच खेलेगी, इसलिए ओपनर बेहद खास होगा. फाइनल कहां खेला जाएगा? फाइनल 19 जुलाई 2026 को New York–New Jersey Stadium में होगा, जिसे आमतौर पर MetLife Stadium के नाम से जाना जाता है. फीफा ने सभी स्टेडियमों के नाम बदल दिए हैं ताकि गैर-स्पॉन्सर ब्रांड्स को प्रमोशन का मौका न मिले. ग्रुप स्टेज: 12 ग्रुप और 48 टीमें वर्ल्ड कप 2026 में 12 ग्रुप (A से L तक) होंगे, हर ग्रुप में 4 टीमें होंगी. सभी टीम अपने ग्रुप में 3-3 मैच खेलेंगी. कुछ महत्वपूर्ण ग्रुप इस प्रकार हैं: ग्रुप A:  मेक्सिको, दक्षिण कोरिया, दक्षिण अफ्रीका, डेनमार्क / मैसिडोनिया / चेकिया / आयरलैंड ग्रुप B: कनाडा, स्विट्जरलैंड, कतर, इटली / नॉर्दर्न आयरलैंड / वेल्स / बोस्निया ग्रुप C: ब्राजील, मोरक्को, स्कॉटलैंड, हैती ग्रुप D: USA (अमेरिका), ऑस्ट्रेलिया, पराग्वे, तुर्किये / रोमानिया / स्लोवाकिया / कोसोवो ग्रुप E: जर्मनी, इक्वाडोर, आइवरी कोस्ट (कोट डी'वोआर), कुरासाओ ग्रुप F: नीदरलैंड्स, जापान, ट्यूनीशिया, यूक्रेन / स्वीडन / पोलैंड / अल्बानिया ग्रुप G: बेल्जियम, ईरान, मिस्र, न्यूजीलैंड ग्रुप H: स्पेन, उरुग्वे, सऊदी अरब, केप वर्डे ग्रुप I: फ्रांस, सेनेगल, नॉर्वे, इराक / बोलिविया / सूरीनाम ग्रुप J: अर्जेंटीना, ऑस्ट्रिया, अल्जीरिया, जॉर्डन ग्रुप K: पुर्तगाल, कोलंबिया, उज्बेकिस्तान, DRC (डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कॉन्गो) / जमैका / न्यू कैलेडोनिया ग्रुप L: इंग्लैंड, क्रोएशिया, घाना, पनामा इस बार केप वर्डे, क्युरासाओ, जॉर्डन और उज्बेकिस्तान पहली बार विश्व कप खेलेंगे. टूर्नामेंट का पूरा शेड्यूल  ग्रुप स्टेज: 11 जून – 27 जून राउंड ऑफ 32: 28 जून – 3 जुलाई राउंड ऑफ 16: 4 – 7 जुलाई क्वार्टरफाइनल: 9 – 11 जुलाई सेमीफाइनल: 14 – 15 जुलाई थर्ड-प्लेस मैच: 18 जुलाई फाइनल: 19 जुलाई पिछले वर्ल्ड कप की तुलना में इस बार एक अतिरिक्त नॉकआउट राउंड जोड़ा गया है.राउंड ऑफ 32, जिससे प्रतियोगिता और कठिन होगी.

महाकुंभ 2025 की तरह माघ मेला 2026 को दिव्य भव्य और नव्य स्वरूप प्रदान कर रही है योगी सरकार

प्रयागराज माघ मेले की प्रकाश व्यवस्था में भी मिलेगी नव्यता की झलक: योगी सरकार माघ मेले में आने वाले आगंतुकों के रास्ते रोशन करेगी नियॉन और स्पाइरल लाइट्स: योगी सरकार प्रयागराज प्रयागराज में माघ मेले में त्रिवेणी के तट पर आस्था का जन समागम एकत्र होगा । योगी सरकार की तरफ से इस आयोजन को दिव्य ,भव्य और नव्य स्वरूप देने के लिए माघ मेला क्षेत्र से जुड़े शहर के उन मार्गों और गलियों को भी आकर्षक स्वरूप दिया जा रहा है जहां से होकर पर्यटक और श्रद्धालु माघ मेला पहुंचेंगे । इसी क्रम में शहर की हर मुख्य मार्ग और संपर्क मार्ग को रोशनी से भरने की तैयारी है।नगर निगम यह जिम्मेदारी उठा रहा है । सड़क किनारे के वृक्षों को रोशनी के माध्यम से नया स्वरूप दिया गया है।  नियॉन और स्पाइरल रोशनी से जगमग होंगे माघ मेला आगंतुकों के रास्ते प्रयागराज में 3 जनवरी से लगने जा रहे आस्था के महा जन समागम माघ मेला 2026 की तैयारियों को लेकर सभी विभाग अपनी तैयारियों में जुटे हैं। मेला क्षेत्र के अंदर और बाहर आगंतुकों के गुजरने वाले मार्गों को सजाने संवारने की कवायद भी चल रही है। नगर निगम प्रयागराज के यांत्रिक विभाग के चीफ इंजीनियर ( विद्युत) डॉ संजय कटियार बताते हैं कि माघ मेले में आने वाले पर्यटकों के  स्वागत के लिए की संगम नगरी की  सड़कों के साथ उनके दोनों ओर की प्रकाश व्यवस्था को भी भव्य स्वरूप दिया जा रहा है।   शहर में सड़क किनारे लगे वृक्षों का नया लुक देने के लिए महाकुंभ 2025  की तर्ज पर नियॉन और स्पाइरल लाइट की संयोजित प्रकाश व्यवस्था की गई है। इस  व्यवस्था में शहर के महत्वपूर्ण मार्गों के 260 वृक्षों के तनों, शाखाओं और पत्तियों में अलग अलग थीम की रोशनी लगाई गई है। इनमें नियॉन और स्पाइरल लाइट्स को इस तरह संयोजित किया गया है जिसे देखकर ऐसा प्रतीत होता है कैसे रात के अंधेरे में पूरा वृक्ष आलोकित हो गया है। प्रयागराज एयरपोर्ट से लेकर संगम तक जाने वाले  पर्यटक और श्रद्धालु इस भव्य प्रकाश व्यवस्था का अवलोकन कर सकेंगे। शहर की 23 सड़कों,  06 आरओबी और 02  फ्लाईओवर में  शंख, चक्र, गदा, त्रिशूल, तलवार आदि के आकार के मोटिव्स भी श्रद्धालुओं का ध्यान अपनी तरफ खींचेंगे । महाकुंभ में की गई इस व्यवस्था को माघ मेले के आयोजन में भी धरातल में उतारा जा रहा है। इसके लिए अलग से कोई बजट की व्यवस्था नहीं है क्योंकि ये अभी भी एक साल की गारंटी के अवधि में हैं।  शहर की सड़क और गलियां होंगी जगमग माघ मेला क्षेत्र के अलावा शहर के सभी वार्डों की हर गली और प्रमुख मार्ग में प्रकाश की बेहतर व्यवस्था को सुनिश्चित किया जा रहा है। प्रयागराज नगर निगम की तरफ से इसके लिए विस्तारित क्षेत्र और मूल क्षेत्र में पूर्व में बनाई गई 150 करोड़ की योजना के अंतर्गत इसे धरातल पर उतारा जा रहा है। नगर निगम के मुख्य अभियंता विद्युत यांत्रिकी डॉ संजय कटियार के मुताबिक विस्तारित क्षेत्र में 28 वार्डों में मार्ग प्रकाश को बेहतर करने के लिए लगभग 25 करोड़ का बजट बजट आबंटित भी हो चुका है। इसमें झूंसी, फाफामऊ और नैनी क्षेत्र में 11 हजार से अधिक स्ट्रीट लाइट्स लगाई जा रही हैं। मेला प्रशासन की तरफ से मिली 4,400 से अधिक स्ट्रीट लाइट को भी उपयोग में लाया जा रहा है। प्रयास किया जा रहा है कि माघ मेला पहुंचने वाले आगंतुक शहर के जिस भी मार्ग से निकलें वहां की गलियां और सड़कें उन्हें जगमगाती मिले।

सुरक्षा एजेंसियों की बड़ी सफलता, बॉर्डर से 37 करोड़ की हेरोइन बरामद

अमृतसर  भारत-पाकिस्तान बॉर्डर अमृतसर के सीमावर्ती गांवो में लगातार ड्रोन की मूवमेंट जारी है। BSF अमृतसर सेक्टर की टीम ने सीमावर्ती गांव दावोके के इलाके में लगभग 6.45 किलो के 2 पैकेट पकड़े हैं जिसमें 12 छोटे-छोटे पैकेट हेरोइन के जब्त किए गए हैं। इसके अलावा सीमावर्ती गांव मुहावा में एक पौनै किलो का पैकेट भी जब्त किया गया है। जिस प्रकार से बड़े पैकेट ड्रोन से फैके जा रहे हैं उससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि तस्करों की तरफ से बड़े ड्रोन उड़ाए जा रहे हैं जो 8 से 10 किलो या इससे भी ज्यादा वजन उठाने में सक्षम है। हालांकि सरकार की तरफ से दावा किया जा रहा है की बॉर्डर के इलाके में एंटी ड्रोन सिस्टम लगाया गया है। लेकिन जिस प्रकार से हेरोइन और हथियारों की ड्रोन के जरिए डिलीवरी की जा रही है। उसे एंट्री ड्रोन सिस्टम बिल्कुल फेल साबित नजर आ रहा है। गत दिवस भी दावोके गांव में ही बीएसएफ ने 7 किलो होरोइन जिसकी अंतरराष्ट्रीय मार्केट में कीमत 35 करोड़ रुपए जब्त किए थे।

कोरिया : जवानों के त्याग और बलिदान से ही हम सुरक्षित हैं-कलेक्टर श्रीमती त्रिपाठी

कोरिया : जवानों के त्याग और बलिदान से ही हम सुरक्षित हैं-कलेक्टर श्रीमती त्रिपाठी सशस्त्र सेना झण्डा दिवस पर हुआ आत्मीय संवाद और सम्मान समारोह कोरिया सशस्त्र सेना झण्डा दिवस के अवसर पर आज कलेक्ट्रेट सभागृह, बैकुण्ठपुर में सादगी और गरिमा से परिपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में देश की रक्षा में जुटे सैनिकों के अदम्य साहस व अनुकरणीय बलिदान को नमन किया गया। मुख्य अतिथि कलेक्टर श्रीमती चन्दन त्रिपाठी ने कहा-हम सभी नागरिक आज सुरक्षित जीवन जी पा रहे हैं तो इसका श्रेय हमारे सेना और सुरक्षा बलों के जवानों को जाता है। उनका त्याग केवल उनका अपना नहीं, बल्कि पूरे परिवार का त्याग होता है। कड़ाके की ठंड हो, बारिश हो या भीषण गर्मी- हमारे जाँबाज़ सैनिक राष्ट्र की सेवा में हर पल तत्पर रहते हैं। उन्होंने आगे कहा कि जवानों का समर्पण न केवल राष्ट्र की रक्षा करता है बल्कि नागरिकों के जीवन और भविष्य की सुरक्षा भी सुनिश्चित करता है। कार्यक्रम में लेफ्टिनेन्ट कर्नल जितेन्द्र कुमार देवांगन (से.नि.), जिला सैनिक कल्याण अधिकारी द्वारा कलेक्टर श्रीमती त्रिपाठी, अपर कलेक्टर श्री सुरेन्द्र प्रसाद वैद्य, डिप्टी कलेक्टर श्री डी.डी. मंडावी, अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण तथा क्षेत्र के प्रसिद्ध सैन्य-गाथा कवि श्री जी.पी. नेमा, सुबेदार सुनील कुमार सिंह, भूतपूर्व सैनिक और वीर नारियों का लेपल पिन लगाकर सम्मानपूर्वक स्वागत किया गया। जिला सैनिक कल्याण कार्यालय द्वारा उपस्थित सभी अधिकारी-कर्मचारी, पूर्व सैनिकों, शहीद परिवारों की विधवाओं, सेवारत सैनिकों एवं उनके आश्रितों को ध्वज लगाकर सम्मानित किया गया। बड़ी संख्या में नागरिकों की सहभागिता ने कार्यक्रम को और भी अधिक अर्थपूर्ण बनाया। सभी अतिथियों ने सैनिकों के अद्वितीय साहस, अनुशासन और बलिदान को सलाम करते हुए उनके प्रति गहरी कृतज्ञता व्यक्त की।