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ग्राम में दहशत: हाथी ने 80 वर्षीय महिला को कुचला, बेटी भी घायल

कोरबा कोरबा के कटघोरा वनमंडल  के पसान क्षेत्र के गोलाबाहरा गांव में रविवार की देर शाम एक दर्दनाक घटना सामने आई। आग ताप रहे मां बेटी पर हाथी ने हमला कर दिया। किसी तरह बेटी तो बच गई। लेकिन मां को हाथी ने कुचल कर मार डाला। इस घटना के बाद गांव में हड़कंप मच गया और देखते ही देखते ग्रामीण को भीड़ एकत्रित हो गई और इसकी सूचना तत्काल वन विभाग और पुलिस को दी गई। बताया जा रहा है कि इंद्रकुंवर और बेटी अपने घर से लगभग 50 मीटर दूर पर खेत स्थित खनियार में धान साफ कर आग ताप रहे थे। इस दौरान अचानक हाथी ने हमला कर दिया जहा 80 वर्षीय वृद्धा इंद्रकुंवर की मौत हो गई। स्थानीय लोगों की माने तो हाथी को आते देख महिला घर की ओर भागने लगीं, लेकिन तभी हाथी ने उन्हें पीछे से आ घेरा और बुरी तरह कुचल दिया। घटना स्थल पर ही उनकी मौत हो गई। सूचना मिलते ही पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है। आसपास के गांवों में दहशत का माहौल बना हुआ है। वन विभाग ने लोगों से जंगल या खेत की ओर अकेले न जाने और सतर्क रहने की अपील की है।

नई हेलीकॉप्टर सेवा शुरू, दिल्ली और जयपुर से मेहंदीपुर बालाजी की यात्रा होगी आसान

दौसा देशभर में आस्था का प्रमुख केंद्र मेहंदीपुर बालाजी अब हवाई सेवा से जुड़ गया है। श्रद्धालु अब दिल्ली, जयपुर और अलवर जिले के पिनान से सीधे हेलीकॉप्टर के माध्यम से बालाजी धाम पहुंच सकेंगे। सोमवार को पहली बार दिल्ली से पांच श्रद्धालुओं को लेकर हेलीकॉप्टर मेहंदीपुर बालाजी पहुंचेगा। यह उड़ान इस सेवा का ट्रायल भी होगी। धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने और जिले की स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के उद्देश्य से यह सेवा शुरू की गई है। यह हेलीकॉप्टर सेवा बुक योर हेलीकॉप्टर कंपनी द्वारा राज्य सरकार और केंद्रीय नागरिक उड्डयन एवं पर्यटन मंत्रालय की नीतियों के अनुरूप संचालित की जाएगी। इस सेवा के चलते अब श्रद्धालु दिल्ली और जयपुर से मात्र 25 मिनट में तथा पिनान से 15 मिनट में मेहंदीपुर बालाजी पहुंच सकेंगे। इसके साथ ही यह सेवा जिले के अन्य प्रमुख पर्यटन स्थलों आभानेरी की बावड़ी, झाझीरामपुरा और पपलाज माता मंदिर से भी जोड़ी गई है। सेवा का लाभ लेने के लिए यात्रियों को ऑनलाइन टिकट बुक कराना होगा। प्रति यात्री आने-जाने का किराया 70 हजार रुपये तय किया गया है। कंपनी के फाउंडर मनीष कुमार सुनारी ने बताया कि यह पहल जिला प्रशासन और पर्यटन मंत्रालय के आग्रह पर शुरू हुई है। अब देश-विदेश के श्रद्धालु दिल्ली, जयपुर और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे के पिनान रेस्ट एरिया से सीधे मेहंदीपुर बालाजी, आभानेरी, झाझीरामपुरा और पपलाज माता मंदिर तक यात्रा कर सकेंगे। मनीष ने बताया कि हेलीकॉप्टर सेवा शुरू होने से धार्मिक पर्यटन को नई दिशा मिलेगी, स्थानीय व्यापार को बढ़ावा मिलेगा, रोजगार के अवसर सृजित होंगे और नगर निकायों के राजस्व में भी वृद्धि होगी। परियोजना की सफलता में जिला प्रशासन दौसा और राजस्थान पर्यटन मंत्रालय के सहयोग की अहम भूमिका रही है।

राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी का भाई भारी मात्रा में गांजा सहित गिरफ्तार, बहनोई पहले से जेल में

सतना जिले के रामपुर बाघेलान थाना पुलिस ने नशे के कारोबार के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने एक कार से 46 किलो गांजा जब्त करते हुए दो तस्करों को पकड़ा है। चौंकाने वाली बात यह है कि गिरफ्तार आरोपियों में मध्यप्रदेश सरकार की राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी के सगे भाई अनिल बागरी भी शामिल हैं। कार्रवाई थाना प्रभारी संदीप चतुर्वेदी की अगुवाई में की गई। गुप्त सूचना पर पुलिस ने रामपुर बाघेलान क्षेत्र में नाकाबंदी की थी। इसी दौरान एक संदिग्ध कार को रोककर जांच की गई, जिसमें भारी मात्रा में गांजा बरामद हुआ। मौके से दो तस्करों को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के दौरान पता चला कि यह नेटवर्क प्रदेश और उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती इलाकों में सक्रिय है। पकड़े गए आरोपियों ने पुलिस को तस्करी में प्रयुक्त कार और छिपाए गए गांजे के ठिकानों के बारे में जानकारी दी, जिसके बाद टीम ने कुल 46 किलो गांजा बरामद किया। मामले में गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अनिल बागरी, पिता जय प्रताप बागरी, निवासी भरहुत नगर हरदुआ, और पंकज सिंह, पिता सतेंद्र सिंह, निवासी मतहा, के रूप में हुई है। इस मामले में पुलिस ने शैलेन्द्र सिंह, पिता सुरेंद्र सिंह, निवासी विराट नगर, को भी आरोपी बनाया है, जो राज्यमंत्री का बहनोई बताया जाता है और फिलहाल बांदा जेल में पहले से बंद है। बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले वही शैलेन्द्र सिंह गांजे की खेप के साथ बांदा में पकड़ा गया था। रामपुर बाघेलान पुलिस की इस कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मचा हुआ है। लगातार दूसरे बार राज्यमंत्री के करीबी रिश्तेदार का मादक पदार्थों की तस्करी के मामले में फंसना राजनीतिक चर्चाओं का विषय बना हुआ है। फिलहाल पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया है और फरार आरोपी शैलेन्द्र सिंह की भूमिका की भी गहराई से जांच की जा रही है।

उत्तर बस्तर कांकेर : महापरीक्षा अभियान अंतर्गत कांकेर जिला में 9765 नवसाक्षरों ने दी परीक्षा

उत्तर बस्तर कांकेर : महापरीक्षा अभियान अंतर्गत कांकेर जिला में 9765 नवसाक्षरों ने दी परीक्षा उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम में 90 प्रतिशत असाक्षर हुए शामिल उत्तर बस्तर कांकेर कलेक्टर एवं अध्यक्ष निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर के निर्देशानुसार राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इसके अंतर्गत रविवार 07 दिसंबर को महापरीक्षा अभियान जिला में आयोजित किया गया, जिसके लिए 426 परीक्षा केंद्र स्थापित किए गए थे जहां महिला नवसाक्षर 6216 और पुरुष नवसाक्षर 3549 कुल 9765 नवसाक्षर ने परीक्षा दी। इसके अंतर्गत 15 वर्ष से अधिक उम्र के असाक्षरों को साक्षर बनाने के लिए 2027 तक शत-प्रतिशत साक्षर किए जाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए जिले के सातों विकासखंडों की प्राथमिक शाला और माध्यमिक शाला को परीक्षा केंद्र बनाया गया था। इस बर परीक्षा में अलग नजारा देखने को मिला जहां एक ही परिवार के कई सदस्यों ने एक साथ परीक्षा दी। उम्रदराज महिला एवं पुरुष शिक्षार्थियों ने भी साक्षर होने के लिए बढ़-चढ़कर परीक्षा दी। इसी क्रम में विधानसभा कांकेर के विधायक महोदय श्री आशाराम नेताम द्वारा अन्नपूर्णापारा के प्राथमिक शाला परीक्षा केंद्र का निरीक्षण किया गया। साथ ही प्राथमिक शाला बागोडार के परीक्षा केंद्र का जिला शिक्षा अधिकारी श्री रमेश निषाद ने भी परीक्षा केंद्र का निरीक्षण किया। बताया गया कि जिले के 4 विकासखंडों में क्रमशः परीक्षा केंद्र शासकीय माध्यमिक शाला बेवरती, माध्यमिक शाला पटौद, प्राथमिक शाला करप, प्राथमिक शाला सरईटोला, माध्यमिक शाला करप, माध्यमिक शाला सरंगपाल, माध्यमिक शाला माटवाड़ा मोदी, प्राथमिक शाला तेलगरा, प्राथमिक शाला हिंगनझर का निरीक्षण परीक्षा के दौरान विभाग के अधिकारियों के द्वारा किया गया। इसके अलावा विकासखंड भानुप्रतापपुर में नक्सली पुनर्वास केंद्र मुल्ला में भी विशेष तौर पर 34 असाक्षरों के द्वारा साक्षर बनने के लिए परीक्षा दी गई। निरीक्षण के दौरान सभी परीक्षा केन्द्रों में परीक्षार्थी परीक्षा दिलाते हुए पाए गए। इसी प्रकार जिले में लक्ष्य के अनुसार 9765 नवसाक्षरों ने परीक्षा में सम्मिलित हुए, जहां नवसाक्षरों की उपस्थिति 90 प्रतिशत रही।

HKRN के लिए समय पर भुगतान सुनिश्चित, सरकार ने नई मानक संचालन प्रक्रिया लागू की

चंडीगढ़  हरियाणा सरकार ने एक कड़ी मानक संचालन प्रक्रिया जारी की है, जिसमें सभी विभागों, बोर्डों और निगमों को निर्देश दिए गए हैं कि वे हरियाणा कौशल रोज़गार निगम लिमिटेड को देय एकमुश्त राशि का भुगतान समय पर और एकरूपता के साथ करें। इस प्रक्रिया में विशेष रूप से एक सरल व्यवस्था के माध्यम से कर्मचारी भविष्य निधि के समयबद्ध और सुचारू अनुपालन पर बल दिया गया है।मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों और बोर्डों के प्रबंध निदेशकों को भेजे गए पत्र में कहा है कि नई प्रक्रिया का उद्देश्य निगम के माध्यम से तैनात संविदा कर्मचारियों के लिए भुगतान में समानता, पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित करना है। इसके साथ ही यह सुनिश्चित करना है कि कानूनी दायित्व—विशेषकर कर्मचारी भविष्य निधि से संबंधित—विभागों द्वारा भविष्य निधि खातों को सीधे संचालित किए बिना समय पर पूरे हो सकें।मानक संचालन प्रक्रिया में भुगतान प्रक्रिया से जुड़े प्रत्येक अधिकारी की जिम्मेदारियां स्पष्ट की गई हैं। कार्यालय प्रमुख को अभिलेख सत्यापित करने और वेतन वितरण में देरी रोकने के लिए समय पर प्रशासनिक स्वीकृति जारी करने की जिम्मेदारी दी गई है। आहरण तथा संवितरण अधिकारी को इस प्रक्रिया में केंद्रीय भूमिका दी गई है। उन्हें बिल, उपस्थिति और तैनाती अभिलेखों की जांच करनी होगी। निगम को देय राशि का भुगतान प्रत्येक माह की 7 तारीख से पहले सुनिश्चित करना होगा; निगम के पोर्टल पर कर्मचारी भविष्य निधि तथा कर्मचारी राज्य बीमा से संबंधित सही जानकारियाँ दर्ज करनी होंगी और कार्यमुक्ति या मातृत्व अवकाश से जुड़ी सूचनाएँ अद्यतन करनी होंगी। उन्हें यह भी सुनिश्चित करना होगा कि कर्मचारी राज्य बीमा के अंतर्गत आने वाले किसी कर्मचारी की दुर्घटना की सूचना 24 घंटे के भीतर निगम को भेज दी जाए और भुगतान केवल निगम के बिल में उल्लिखित निर्धारित बैंक खाते में ही जमा किया जाए।लेखा शाखा को सभी गणनाओं की जांच कर निगम के निर्धारित बैंक खाते में राशि भेजने का दायित्व सौंपा गया है। समन्वय अधिकारी को तैनात मानवबल से संबंधित अभिलेखों, आवश्यक स्पष्टीकरणों और विवाद निपटान के मामलों में निगम से तालमेल करने की जिम्मेदारी दी गई है। प्रक्रिया में यह भी स्पष्ट किया गया है कि निगम द्वारा भेजे गए समेकित मासिक बिल में कर्मचारी विवरण, वेतन, वैधानिक अंशदान तथा सेवा शुल्क शामिल होंगे। आहरण तथा संवितरण अधिकारी को इन अभिलेखों की पुष्टि कर इन्हें कार्यालय प्रमुख को स्वीकृति हेतु भेजना होगा। स्वीकृति मिलने के बाद विभाग को केवल निगम के निर्धारित बैंक खाते में ही भुगतान करना होगा। विभागों को यह भी निर्देश दिया गया है कि वे कर्मचारी भविष्य निधि से संबंधित राशि भविष्य निधि संगठन में सीधे जमा न करें। सभी विभागों को एक मासिक भुगतान अभिलेख पंजी बनाए रखने तथा बिलों, उपस्थिति पत्रकों, भुगतान प्रमाणों और अन्य अभिलेखों को लेखा परीक्षा हेतु सुरक्षित रखने के निर्देश दिए गए हैं। संविदा कर्मचारियों की भविष्य निधि संबंधी शिकायतों का निपटान निगम के माध्यम से ही किया जाएगा।मानक संचालन प्रक्रिया में यह भी कहा गया है कि समय पर सत्यापन और भुगतान जारी करना निगम द्वारा वेतन वितरण तथा कानूनी अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए अत्यंत आवश्यक है। किसी भी बिल में विसंगति पाए जाने पर इसे तीन कार्य दिवसों के भीतर निगम को सूचित करना अनिवार्य होगा। विभागों, बोर्डों और निगमों को यह भी निर्देश दिया गया है कि वे निगम के माध्यम से तैनात कर्मचारियों के साथ वेतन या भविष्य निधि से संबंधित किसी भी प्रकार का प्रत्यक्ष अनुबंध न करें। सभी आहरण तथा संवितरण अधिकारियों को इन नई प्रक्रियाओं का तत्काल और कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

रायपुर : छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड द्वारा राज्य स्थापना के रजत जयंती वर्ष में ऑनलाइन फोटोग्राफी प्रतियोगिता

रायपुर : छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड द्वारा राज्य स्थापना के रजत जयंती वर्ष में ऑनलाइन फोटोग्राफी प्रतियोगिता रायपुर छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड द्वारा राज्य स्थापना के रजत जयंती वर्ष  के उपलक्ष्य में 08 दिसंबर से 21 दिसंबर 2025 तक विशेष गतिविधियों और प्रतियोगिताओं की श्रृंखला आयोजित की जा रही है। इसी क्रम में प्रदेश के विभिन्न पर्यटन केंद्रों एवं रिजॉर्ट्स के साथ‑साथ पर्यटन बोर्ड के प्रधान कार्यालय रायपुर में भी विविध रचनात्मक कार्यक्रम प्रस्तावित हैं, जिनका उद्देश्य छत्तीसगढ़ पर्यटन को नए आयाम देना है।     इसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए पर्यटन बोर्ड ने 08 दिसंबर से 15 दिसंबर 2025 तक ऑनलाइन फोटोग्राफी प्रतियोगिता आयोजित करने का निर्णय लिया है। प्रतियोगिता का उद्देश्य छत्तीसगढ़ के प्राकृतिक सौंदर्य, सांस्कृतिक विरासत और पर्यटन स्थलों को नई दृष्टि से सामने लाना तथा युवा और शौकिया फोटोग्राफरों को अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए सशक्त मंच प्रदान करना है।     प्रतियोगिता में भारत के किसी भी हिस्से से 18 वर्ष या उससे अधिक आयु के प्रतिभागी ऑनलाइन माध्यम से अपनी प्रविष्टि भेज सकेंगे। प्रतिभागियों को छत्तीसगढ़ थीम पर आधारित मौलिक फोटोग्राफ निर्धारित ईमेल it@visitcg.in के जरिए अपलोड करनी होगी, साथ ही अपना नाम, आयु, मोबाइल नंबर, पता और फोटो का संक्षिप्त विवरण दर्ज करना अनिवार्य रहेगा।     प्राप्त प्रविष्टियों का मूल्यांकन रचनात्मकता, तकनीकी गुणवत्ता, विषय के अनुरूपता और पर्यटन मूल्य जैसे मानदंडों के आधार पर विशेषज्ञ ज्यूरी द्वारा किया जाएगा। विजेताओं की घोषणा 19 दिसंबर को की जाएगी।  प्रथम पुरस्कार के रूप में हिल इको रिसॉर्ट में 02 व्यक्तियों के लिए 02 रात 03 दिन ठहरने की व्यवस्था, द्वितीय पुरस्कार के रूप में सोनभद्र टूरिस्ट रिसॉर्ट आमाडोब में 02 व्यक्तियों के लिए 01 रात 02 दिन ठहरने की सुविधा तथा तृतीय पुरस्कार के रूप में 1500 रुपये नकद राशि प्रदान की जाएगी, साथ ही विजेताओं को प्रमाणपत्र भी दिए जाएंगे।     उत्कृष्ट फोटोग्राफ को भविष्य में छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड की प्रचार सामग्री और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर स्थान देने पर भी विचार किया जाएगा, जिससे प्रतिभागियों को व्यापक पहचान मिल सकेगी। इस तरह की प्रतियोगिताएं न केवल स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा देंगी, बल्कि युवाओं में रचनात्मक अभिव्यक्ति और फोटोग्राफी कला के प्रति रुचि भी सशक्त रूप से बढ़ाएंगी, इसलिए राज्य के फोटोग्राफरों, पर्यटकों और आम नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने की अपील की गई है। अधिक जानकारी के लिए +91-89823-25900 पर कॉल कर जानकारी प्राप्त की जा सकती है।

डॉ. यादव: सभी पात्र हितग्राही तक खाद्यान्न योजनाओं का लाभ पहुंचे समय पर

हर पात्र हितग्राही तक खाद्यान्न योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचना सुनिश्चित हो : मुख्यमंत्री डॉ. यादव ई केवाइसी एवं राइट फुल टारगेटिंग के बेहतर कार्य पर दी बधाई मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने की खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की समीक्षा  भोपाल   मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को खजुराहो स्थित कन्वेंशन सेंटर में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने निर्देश दिए कि हर पात्र हितग्राही तक खाद्यान्न वितरण का लाभ सुगमता से पहुंचे। जरूरतमंद गरीबों, श्रमिकों, किसानों और महिलाओं का कल्याण हमारी प्राथमिकता है। बैठक में मुख्य रूप से लक्षित सार्वजनिक प्रणाली, उपार्जन प्रक्रिया, तकनीकी नवाचार, सिंहस्थ 2028 की तैयारियों सहित विभिन्न विषयों पर रिव्यू किया गया। इस दौरान डॉ. यादव ने विभाग द्वारा किए गए नवाचारी प्रयासों की सराहना की, वहीं अन्य विषयों पर आवश्यक दिशा निर्देश भी दिए।  बैठक में विभाग द्वारा पात्र हितग्राहियों के ई-केवाइसी एवं राइट फुल टारगेटिंग कार्य की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि यह प्रक्रिया नियमित अंतराल में दोहराई जाए, ताकि प्रत्येक पात्र हितग्राही को नि:शुल्क खाद्यान प्राप्त हो सके। उल्लेखनीय है कि खाद्य संचालनालय द्वारा वृहद स्तर पर कैंपेन मोड में ई केवाइसी एवं राइट फुल टारगेटिंग का कार्य किया गया था। जिसमें चरण वार हितग्राहियों के वेरीफिकेशन के बाद 34 लाख से अधिक हितग्राहियों का पोर्टल से विलोपन किया गया। वहीं इस प्रक्रिया से प्रतीक्षा सूची से लगभग 14 लाख हितग्राहियों को नवीन पात्रता पर्ची जारी कर नि:शुल्क खाद्यान का वितरण किया जा रहा है।  समीक्षा बैठक में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री  गोविंद सिंह राजपूत, मुख्य सचिव  अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव  नीरज मंडलोई एवं मती रश्मि अरुण शमी सहित विभागीय अधिकारी मौजूद रहे। प्राथमिकता श्रेणी बनाकर 25.18 लाख नवीन श्रमिकों को नि:शुल्क वितरण बैठक में बताया गया कि ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकृत श्रमिकों को निःशुल्क राशन का लाभ मिल सके, इसके लिए असंगठित एवं प्रवासी श्रमिकों की 29वीं प्राथमिकता श्रेणी बनाकर 7.25 लाख परिवारों के 25.18 लाख नवीन श्रमिकों को पात्रता पर्ची के माध्यम से निःशुल्क राशन वितरित किया जा रहा है। दो वर्ष में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना में 5.25 करोड़ से अधिक पात्र हितग्राहियों को 19,935 करोड़ रुपये का 66.37 लाख मीट्रिक टन निःशुल्क खाद्यान्न वितरण किया गया। पीडीएस प्रदाय केंद्रों की संख्या में भी बढ़ोतरी की गई।  प्रदेश में खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 में शामिल 536.23 लाख पात्र हितग्राहियों में से 93% यानी 497.08 लाख हितग्राहियों का ई-केवाईसी पूर्ण किया जा चुका है। वहीं, प्रतीक्षारत 14 लाख नवीन पात्र हितग्राहियों को पात्रता पर्चियां जारी कर नि:शुल्क खाद्यान्न दिया जा रहा है। किसानों को एमएसपी के लाभ के साथ बोनस और प्रोत्साहन राशि भी मिली किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिले इसके लिए प्रदेश सरकारी द्वारा रबी विपणन वर्ष 2024-25 और 2025-26 में एमएसपी पर गेंहू बेचने वाले किसानों को 29558.40 करोड़ रुपये की एमएसपी राशि और 1965 करोड़ रुपये के बोनस का भुगतान किया गया है। वहीं खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 एवं 2024-25 में समर्थन मूल्य पर धान बेचने वाले किसानों को 19208.76 करोड़ रुपये की एमएसपी राशि एवं 337.11 करोड़ की प्रोत्साहन राशि का भुगतान मुख्यमंत्री कृषि उन्नति योजना के अंतर्गत किया गया है। चावल उत्पादक किसानों को लाभ पहुंचाते हुए वर्ष 2024-25 में 9.64 लाख मीट्रिक टन चावल का केन्द्रीय पूल में रिकार्ड परिदान किया गया। सरकार द्वारा भंडारण क्षमता को भी बढ़ाया गया है। लाडली बहनों को भी मिल रहा उज्जवला योजना का लाभ मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना अंतर्गत सम्मिलित महिलाओं और प्रधानमंत्री उज्जवला योजना की कनेक्शनधारी महिलाओं को दो साल में 616.97 लाख रिफिल प्रदाय कर 911.32 करोड़ रुपये के अनुदान का भुगतान किया गया है।  सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूसन नेटवर्क के कार्य को अभियान के रूप में लें समीक्षा बैठक में बताया गया कि शहरी गैस वितरण को मजबूत बनाने के लिए मध्यप्रदेश शहरी गैस वितरण (सीजीडी) नेटवर्क विकास एवं विस्तार नीति 2025 इस वर्ष 14 फरवरी को लागू की गई। साथ ही एनओसी जारी करने के लिए सिंगल विण्डो पोर्टल शुरू किया गया। इस पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूसन नेटवर्क के कार्य को अभियान के रूप में चलाने की बात कहीं। उन्होंने कहा कि इससे उपभोक्ताओं को लाभ होगा। इससे अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने का कार्य करें।  नवाचार-एसएमएस मॉनिटरिंग से राशन प्रदाय व्यवस्था को बनाया और पारदर्शी विभाग द्वारा बीते दो वर्ष में नवाचार के कई कदम उठाए गए। इसके तहत राशन प्रदाय व्यवस्था को पारदर्शी बनाते हुए हितग्राहियों तक राशन पहुंचने और वितरण संबंधी हर कदम की सूचना एसएमएस द्वारा दी जा रही है। इसके अलावा 26 जनवरी और 2 अक्टूबर को ग्राम सभाओं में राशन वितरण का सार्वजनिक वाचन अनिवार्य किया गया है। जन पोषण केंद्र की शुरुआत सार्वजनिक प्रदाय में नवाचार करते हुए इंदौर जिले की 30 उचित मूल्य की दुकानों को जन पोषण केंद्र के रूप में बदला गया है, जिसके माध्यम से दुकानदारों की मासिक आय में भी 10 से 15 हजार रुपये तक की वृद्धि हुई। जल्द ही प्रदेश के अन्य जिलों में भी इसका विस्तार किया जाएगा।  मॉनिटरिंग में तकनीक का उपयोग मुख्यमंत्री युवा अन्नदूत योजना के वाहनों में जीपीएस के माध्यम से स्टेट लेवल कमाण्ड कन्ट्रोल सेंटर से मॉनिटरिंग की व्यवस्था की गई।  इसके अलावा मध्यप्रदेश वेयर हाउसिंग एण्ड लॉजिस्टिक कार्पोरेशन की गतिविधिर्या की रियल टाईम मानिटरिंग के लिए माईश्चर एप, फ्यूमिगेशन एप तथा इंस्पेक्शन एप विकसित किए गए हैं।  उचित मूल्य की दुकानों पर लगेंगी आधुनिक पीओएस मशीनें समीक्षा बैठक में विभाग द्वारा आगामी तीन वर्ष की कार्ययोजना के बारे में बताया गया कि राशन वितरण व्यवस्था को अधिक तेज और पारदर्शी बनाते हुए उचित मूल्य दुकानों पर आधुनिक पीओएस मशीन लगाई जाएगी, जिसमें पीओएस मशीन से तौल कांटे का इंटिग्रेशन एवं आईरिस स्केनर का प्रावधान है।  लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत स्मार्ट पीडीएस योजना का क्रियान्वयन किया जाएगा। इसके अलावा शासकीय गोदामों की छत पर सोलर पैनल लगाने, भण्डारण प्रक्रिया का मॉर्डनाइजेशन और गोदामों का अपग्रेडेशन करने के साथ उन्न्त तकनीकी की सहायता से विभिन्न स्तरों पर डेटा सिंक्रोनाइजेशन के कार्य भी किए जाएंगे।  सिंहस्थ-2028 में अखाड़ों के लिए जारी होंगे अस्थायी राशन कार्ड सिंहस्थ-2028 के लिए खाद्यान्न सामग्री के वितरण के लिए तैयार की गई … Read more

प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार अधिक समावेशी आवासीय क्षेत्रों के विकास का रोडमैप कर रही तैयार

लखनऊ  उत्तर प्रदेश को उत्तम प्रदेश बनाने के लिए प्रयासरत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार विजन 2047 के अंतर्गत एक व्यापक कार्ययोजना पर काम कर रही है। प्रदेश के नगरीय आवासीय क्षेत्रों को स्वच्छ, सुरक्षित, हरित तथा जलवायु के अनुकूल बनाने की दिशा में रोडमैप का निर्माण किया जा रहा है। इस योजना के अंतर्गत प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों के मोहल्लों को जलवायु तथा पर्यावरण समावेशी स्वरूप देने की रणनीति पर काम किया जा रहा है, ताकि आम नागरिकों को बेहतर जीवन स्तर, शुद्ध हवा, सुरक्षित जलापूर्ति तथा स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराया जा सके। प्रदेश सरकार का उद्देश्य शहरी विकास को केवल सड़कों व भवनों तक सीमित न रखते हुए उसे पर्यावरण संतुलन तथा जनस्वास्थ्य से भी जोड़ना है। यह पूरी कार्ययोजना दो प्रमुख आधारों पर केंद्रित है- पहला, जलवायु सहिष्णु हरित अवसंरचना का विस्तार, वहीं दूसरे घटक के तौर पर जल सुरक्षा एवं पारिस्थितिकीय संतुलन को मजबूत बनाने पर जोर है। इन्हीं दोनों स्तंभों के माध्यम से प्रदेश के शहरी आवासीय क्षेत्रों का व्यापक कायाकल्प किया जाएगा। हरित अवसंरचना से सुरक्षित व स्वस्थ आवासीय क्षेत्र का विकास मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप विकसित करने पर फोकस कर रही है। योजना के अनुसार, प्रत्येक नगरी क्षेत्र के लिए सिटी सेंट्रिक क्लाइमेट एक्शन प्लान तैयार किया जा रहा है। इसके माध्यम से वर्षा, तापमान, जलभराव, वायु प्रदूषण और कार्बन उत्सर्जन जैसी स्थानीय जलवायु संकटों का आकलन कर उनके समाधान लागू किए जाएंगे।  कई योजनाओं को बड़े पैमाने पर लागू करने की तैयारी  कार्ययोजना के अनुसार, नगरीय हरित आवरण को लेकर कई पहलों को बड़े पैमाने पर जमीन पर उतारा जाएगा। इसके अंतर्गत, नगरों में पार्क, हरित पट्टियां, हरित गलियारे व खुले हरित क्षेत्र विकसित किए जाएंगे, जिससे आवासीय इलाकों में शुद्ध हवा, तापमान संतुलन और पर्यावरणीय स्वास्थ्य बेहतर हो सके। साथ ही, मोहल्ला स्तर पर जलवायु नियोजन को लागू किया जाएगा, ताकि स्थानीय समस्याओं जैसे जलभराव, बाढ़, अत्यधिक गर्मी और प्रदूषण जैसी समस्याओं की रेगुलकर मॉनिटरिंग कर रियल टाइम में कार्ययोजना क्रियान्वित कर सीधा नियंत्रण स्थापित किया जा सके। जल सुरक्षा और स्वच्छता को मिलेगा स्थायी आधार इस योजना का दूसरा मुख्य उद्देश्य जल सुरक्षा व इकोलॉजिकल सस्टेनेबिलिटी यानी पारिस्थितिकीय सततता को सुदृढ़ करना है। इसके तहत शहरों के तालाबों, झीलों और जलाशयों के पुनरुद्धार की योजनाएं लागू की जाएंगी, जिससे वर्ष भर जल की उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी। वर्षा जल संचयन को प्रत्येक आवासीय क्षेत्र में विशेष रूप से बढ़ावा दिया जाएगा, ताकि भूजल स्तर में सुधार लाया जा सके।  विकेंद्रीकृत अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली होगी विकसित प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में कूड़ा निस्तारण के लिए विकेंद्रीकृत अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली विकसित करने पर फोकस है। कार्ययोजना के अनुसार, मोहल्ला स्तर पर कचरे के पृथक्करण, प्रसंस्करण तथा निस्तारण की व्यवस्था लागू होगी, जिससे स्वच्छता को स्थायी आधार मिलेगा, पर्यावरण संरक्षण को बल मिलेगा तथा प्रदूषण में व्यापक स्तर पर कमी आएगी। प्रदेश की योगी आदित्यनाथ की सरकार का मानना है कि इन सभी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से उत्तर प्रदेश के नगरीय आवासीय क्षेत्र न केवल पर्यावरण के अनुकूल बनेंगे, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वस्थ, सुरक्षित व स्वच्छ जीवन की मजबूत नींव तैयार करेंगे जो देश के अन्य राज्यों के लिए भी रोलमॉडल बनेगा।

बिहार में AIMIM की राह मुश्किल? ओवैसी के MLA ने नीतीश को सराहा

पटना असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM के नवनिर्वाचित विधायक मो. मुर्शीद आलम ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की तारीफ की है. मो. मुर्शीद आलम ने सोमवार को कहा कि सीएम नीतीश कुमार मेरे राजनीतिक गुरु हैं. मुझे राजनीति में लाने वाले हैं नीतीश कुमार. मैं उनके योगदान को कभी नहीं भूल सकता हूं. नीतीश कुमार ने बिहार को आगे बढ़ाया है. मुर्शीद आलम ने कहा- ‘मैं दूसरे दल में जरूर हूं, लेकिन नीतीश कुमार के एहसान को नहीं भूल सकता हूं. मैं एहसान फरामोश नहीं हूं. 2014 में मुझे नीतीश कुमार ने जेडीयू में शामिल कराया था. अपने क्षेत्र की समस्या को लेकर मैंने आज ही सीएम नीतीश कुमार से मुलाकात की है. मुर्शीद आलम अपने नए आवास की समस्या को लेकर नाराजगी भी जाता रहे हैं. जोकीहाट विधायक मुर्शिद आलम ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात कर दो बड़ी मांग उनके सामने रखा. इसमें जोकीहाट में दो नए महाविद्यालय और जोकीहाट में एक अतिरिक्त ब्लॉक (अंचल) की स्वीकृति की मांग की गई. AIMIM के हैं पांच विधायक 2020 की तरह 2025 के चुनाव में भी AIMIM के पांच विधायकों ने जीत दर्ज की है. बायसी सीट से AIMIM प्रत्याशी गुलाम सर्वर ने जीत हासिल की है. अमौर विधानसभा सीट से प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल ईमान ने जीत दर्ज की है. जोकीहाट विधानसभा सीट से मोहम्मद मुर्शीद आलम, कोचाधामन विधानसभा सीट से सरवर आलम और बहादुरगंज से मोहम्मद तौसीफ आलम ने जीत दर्ज की है. ये सभी सीटें मुस्लिम बहुल सीमांचल के जिलों की हैं. 2020 में चार विधायक RJD में चले गए थे याद करा दें कि 2020 के चुनाव में भी AIMIM के पांच विधायक जीते थे. चुनाव के बाद पांच में से चार विधायकों ने पार्टी छोड़कर तेजस्वी यादव की पार्टी आरजेडी को ज्वाइन कर लिया था. केवल प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल ईमान पार्टी के एकमात्र विधायक बजे थे. हालांकि 2025 के चुनाव में आरजेडी ने AIMIM से आए किसी भी विधायक को टिकट नहीं दिया. लेकिन AIMIM ने नये प्रत्याशियों को मैदान में उतारकर फिर से चार सीटों पर जीत दर्ज कर ली है. जेडीयू में जाएंगे AIMIM के विधायक? बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के चुनाव में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू 85 सीटें जीतकर विधानसभा में संख्या बल के हिसाब से दूसरे नंबर पर है. 89 सीटों के साथ सहयोगी बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी है. ऐसे में चर्चा है कि क्या AIMIM के विधायकों को जेडीयू में शामिल कराकर जेडीयू अपने कुनबे को सबसे बड़ा बना सकती है? बिहार के राजनीतिक गलियारों में इस तरह की चर्चाएं चल रही हैं. इस चर्चा के बीच में AIMIM विधायक मुर्शीद आलम की ओर से सीएम नीतीश कुमार की तारीफ करना कई संभावनाओं को हवा देती दिख रही है.

ओरछा को पर्यटन में वैश्विक मुकाम दिलाने मास्टर प्लान तैयार होगा

भोपाल  मुख्य सचिव अनुराग जैन ने ओरछा में अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी परियोजनाएँ समय पर और उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण की जाएँ जिससे ओरछा को विश्वस्तरीय पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित किया जा सके। उन्होंने ओरछा शहर के आर्थिक, सामाजिक विकास को देखते हुए इंटीग्रेटेड मास्टर प्लान तैयार करने के भी निर्देश दिए।मुख्य सचिव जैन रविवार को पर्यटन नगरी ओरछा पहुंचे और  विभिन्न निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया तथा निर्माण एजेंसियों के अधिकारियों को  समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव श्री जैन ने ओरछा में मंदिर पहुंचकर भगवान श्रीराम राजा सरकार के दर्शन किए।मुख्य सचिव उन्होंने जुझार महल एवं हरदौल वाटिका का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि वेंडर जोन का निर्माण इस तरह करें जिससे पर्यटकों को आवागमन में सुविधा हो।उन्होंने कहा कि खजुराहो महोत्सव को ध्यान में रखते हुए बुंदेलखंड सांस्कृतिक महोत्सव आयोजित करने की कार्ययोजना तैयार की जाए। मुख्य सचिव ने आर्कियोलॉजिकल पार्क पहुंचकर निर्देश दिए कि ओरछा का मास्टर प्लान तैयार करें। पीपीपी मोड पर चल रहे कार्यों में स्थानीय नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित करें जिससे उन्हें रोजगार उपलब्ध कराया जा सके। मुख्य सचिव श्री जैन कंचना घाट भी पहुंचे और बेतवा नदी पर स्थित नवीन ब्रिज निर्माण कार्य को जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कंचना घाट पर संचालित पिंक टॉयलेट संचालन कार्य सेल्फ हेल्प ग्रुप को देने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने अधिकारियों से संरक्षित भवनों की स्थिति, पर्यटक सुविधाओं और आवश्यक रखरखाव उपायों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि इन धरोहरों को संरक्षित रखना हमारी जिम्मेदारी हैमुख्यसचिव श्री जैन ने राय प्रवीण महल एवं तुलसी घाट का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण  पूर्ण हों। उन्होंने जहांगीर महल का अवलोकन किया। उन्होंने होटल बेतवा रिट्रीट में श्रीराम राजा लोक और ओरछा में चल रहे विभिन्न निर्माण एवं विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। वर्तमान में आ रहे पर्यटकों एवं भविष्य में आने वाले पर्यटकों की संभावनाओं के दृष्टिगत कार्ययोजना तैयार की जाए।  उन्होंने निर्देश दिए कि शहर की सभी होटलों की स्टार रेटिंग कराई जाए। जुझार सिंह महल को बुंदेलखंड सांस्कृतिक केंद्र की तर्ज पर विकसित किया जाए। एडवेंचर स्पोर्ट्स को बढ़ावा दिया जाए। बुंदेली कला, पेंटिंग एवं टेराकोटा से बनने वाले उत्पादों की मार्केटिंग और ब्रांडिंग की जाए और उन्हें ऑनलाइन प्लेटफार्म पर लाकर विक्रय किया जाए। इस अवसर पर जिले के अधिकारी सहित कंसल्टेंट मौजूद रहे।