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कथावाचक अनिरुद्धाचार्य पर मुकदमा, विवादित बयान के बाद हिंदू महासभा की नेत्री ने की थी शिकायत

 मथुरा    वृंदावन के मशहूर कथावाचक अनिरुद्धाचार्य की मुश्किलें बढ़ गई हैं. महिलाओं पर की गई एक आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में मथुरा की मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) अदालत ने उनके खिलाफ परिवाद दर्ज कर लिया है. अब इस मामले में 1 जनवरी को अदालत में वादी के बयान दर्ज किए जाएंगे, जिससे कथावाचक की परेशानी और बढ़ सकती है. आपको बता दें कि कथावाचक अनिरुद्धाचार्य के विरुद्ध परिवाद दर्ज किया गया है. मथुरा के सीजेएम कोर्ट में यह कार्रवाई हुई है. हाल ही में महिलाओं पर अभद्र टिप्पणी किए जाने के मामले में यह शिकायत दायर हुई है. अखिल भारतीय हिंदू महासभा आगरा की जिला अध्यक्ष मीरा राठौर ने याचिका दाखिल की थी. अक्टूबर माह में सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो में कथावाचक ने बेटियों पर टिप्पणी की थी. याचिका को स्वीकार करते हुए सीजेएम अदालत ने परिवाद दर्ज किया है. अनिरुद्धाचार्य ने अक्टूबर माह में सोशल मीडिया पर प्रसारित एक वीडियो में यह विवादित टिप्पणी की थी. उन्होंने कहा था कि आजकल की बेटियों की शादी 25 वर्ष में होती है, तब तक वे 'कई जगह मुंह मार चुकी होती हैं'. यह बयान सामने आने के बाद काफी हंगामा हुआ था और यह मामला तुरंत तूल पकड़ गया था. इस मामले को लेकर शुरुआत में थाना वृंदावन कोतवाली में तहरीर भी दी गई थी, लेकिन पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया था. इसके बाद अखिल भारतीय हिंदू महासभा की जिला अध्यक्ष मीरा राठौर ने सीधे सीजेएम की कोर्ट में याचिका दाखिल की. कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए इसे स्वीकार किया और अब कथावाचक के खिलाफ परिवाद दर्ज हो चुका है, जिससे उनकी मुश्किलें बढ़ गई हैं.  

नगर निगम की बड़ी राहत: लोक अदालत में 100% अधिभार माफी, 50 हजार+ बकाया वालों के लिए मौका

भोपाल 13 दिसंबर को लगने वाली नेशनल लोक अदालत में नगर निगम अपने संपत्तिकर और जलदर के बकायादारों को अधिभार में छूट देगा। ऐसे प्रकरण जिनमें अधिभार की राशि 50 हजार रुपये बकाया है उन्हें केवल अधिभार में 100 फीसद की छूट दी जाएगी। 50 हजार से अधिक एवं एक लाख रुपये तक बकाया राशि पर केवल अधिभार में 50 फीसद तक की छूट और एक लाख रुपये से अधिक की राशि बकाया होने पर मात्र अधिभार में 25 फीसद की छूट दी जाएगी।   छूट प्राप्त करने के उपरांत अधिकतम दो किस्तों में राशि जमा कराई जाएगी और लोक अदालत के दिन कम से कम 50 फीसद राशि जमा कराया जाना अनिवार्य होगा। छूट केवल 13 दिसंबर को आयोजित लोक अदालत के लिए ही मान्य होगी। निगम आयुक्त संस्कृति जैन ने नेशनल लोक अदालत शिविरों के लिए व्यापक तैयारियां तय करने और देयक मांग पत्र तामील कराने एवं नेशनल लोक अदालत शिविर आयोजन का प्रचार-प्रसार कर संपत्तिकर, जलउपभोक्ता प्रभार आदि के बकायादारों से बकाया राशि की वसूली सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने करों की वसूली एवं करदाताओं को दी जाने वाली रसीद उपलब्ध कराने के दृष्टिगत निर्देशित किया कि सभी वार्डों में अतिरिक्त हैंड हेल्ड डिवाईज मशीन, आपरेटर सहित कम्प्यूटर्स आदि की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

उपमुख्यमंत्री ने 2.97 करोड़ रुपए लागत के सड़क निर्माण कार्य का किया भूमिपूजन

रायपुर : मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में ग्रामीण बुनियादी ढांचे को मिल रही मजबूती– उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा उपमुख्यमंत्री ने 2.97 करोड़ रुपए लागत के सड़क निर्माण कार्य का किया भूमिपूजन मोहगांव से कोको तक 4.30 किमी लंबे सड़क निर्माण से हजारों ग्रामवासी होंगे लाभान्वित उप मुख्यमंत्री ने की स्कूल भवन, सायकल स्टैंड, समतलीकरण, सीसी रोड, मुरमीकरण, मंच निर्माण की घोषणा  रायपुर उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा के सतत और दृढ़ प्रयासों का परिणाम है कि कबीरधाम जिला आज शहर से लेकर गाँव तक चौमुखी विकास कर रहा है। इसी कड़ी में उन्होंने आज प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत ग्राम कोको में 2 करोड़ 97 लाख रुपए की लागत से 4.30 किमी लंबे मोहगांव–छांटा–कोको सड़क निर्माण कार्य का विधिवत भूमिपूजन किया।         यह सड़क केवल यातायात सुविधा का माध्यम नहीं, बल्कि ग्रामीणों के जीवन में आने वाले आर्थिक, शैक्षिक और सामाजिक परिवर्तन का आधार बनेगी। वर्षों से सड़क संपर्क के अभाव में रहे ग्रामीणों के लिए यह निर्माण नई उम्मीद, नया अवसर और नया भविष्य लेकर आएगा। ग्रामवासियों ने सड़क निर्माण के लिए उपमुख्यमंत्री  शर्मा से आग्रह किया था, जिसे उन्होंने प्राथमिकता देते हुए मंजूरी प्रदान की। आज भूमि पूजन के साथ ही इस बहुप्रतीक्षित निर्माण कार्य की औपचारिक शुरुआत हो चुकी है, जिससे पूरा क्षेत्र विकास की नई राह पर आगे बढ़ रहा है।          उप मुख्यमंत्री  शर्मा ने कार्यक्रम में क्षेत्र के विकास के लिए कई घोषणाएँ भी कीं। उन्होंने हायर सेकेंडरी स्कूल भवन निर्माण की घोषणा करते हुए स्कूल परिसर के समतलीकरण के लिए 3.50 लाख रुपए, सी सी रोड के लिए 2.60 लाख रुपए, सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने हेतु मंच निर्माण के लिए 2.50 लाख रुपए, सहकारी समिति पहुंच मार्ग के लिए सीसी रोड निर्माण, छांटा–कोको मार्ग के बीच मुरमीकरण के लिए 5 लाख रुपए,  विद्यार्थियों की सुविधा के लिए साइकिल स्टैंड निर्माण की घोषणा की। इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष  ईश्वरी साहू, उपाध्यक्ष  कैलाश चंद्रवंशी सहित जनप्रतिनिधि और ग्रामवासी उपस्थित रहे।       उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने भूमिपूजन कार्यक्रम में कहा कि विकास के लिए मजबूत बुनियादी ढांचा आवश्यक है और यह परियोजना स्थानीय समुदाय की जरूरतों को पूरा करेगी। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय की सरकार ग्रामीण विकास के प्रति प्रतिबद्ध है। इस सड़क के बनने से मोहगांव–छांटा–कोको गांव के हजारों ग्रामवासियों को लाभ मिलेगा। आवागमन में सुविधा होगी। बेहतर सड़कों के जरिए शिक्षा, स्वास्थ्य, और व्यापार के नए अवसर साकार होंगे। उन्होंने बताया कि सरकार गांवों में बेहतर सड़कें और सुविधाएं प्रदान करने के लिए लगातार प्रयासरत है। उन्होंने आगे कहा कि इस सड़क के निर्माण से न केवल आवागमन में सुविधा होगी, बल्कि क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को भी प्रोत्साहन मिलेगा। गांवों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करना हमारी प्राथमिकता है, ताकि हर व्यक्ति को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि हर क्षेत्र, चाहे वह शहरी हो या ग्रामीण, विकास की मुख्यधारा से जुड़े।

रायपुर: ग्रामीण बस योजना को जीवनरेखा बताते हुए परिवहन मंत्री केदार कश्यप ने की सराहना

रायपुर : ग्रामीण बस योजना ग्रामीण जनों के लिए जीवनरेखा: परिवहन मंत्री  केदार कश्यप परिवहन मंत्री  केदार कश्यप ने विभागीय कार्यों की समीक्षा की ऑटोमेटेड कंप्यूटरीकृत ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक (ई-ट्रैक) बनाने की योजना रायपुर परिवहन मंत्री  केदार कश्यप की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में विभागीय कामकाज की समीक्षा की गई। बैठक में विभाग द्वारा संचालित विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति, विशेषकर ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक (ई-ट्रैक), ग्रामीण बस योजना और वाहन सुरक्षा से संबंधित कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। इस अवसर सचिव परिवहन  एस प्रकाश सहित सभी वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। राज्य के सभी परिवहन कार्यालयों में ई-ट्रैक निर्माण की समीक्षा बैठक में बताया गया कि छत्तीसगढ़ के सभी परिवहन कार्यालयों में सेंसर आधारित ऑटोमेटेड कंप्यूटरीकृत ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक (ई-ट्रैक) बनाने की योजना लागू है। ई-ट्रैक के माध्यम से कुशल चालक ही लाइसेंस प्राप्त कर सकेंगे, जिससे सड़क सुरक्षा बढ़ेगी और दुर्घटनाओं में कमी आएगी। इस निर्माण कार्य की जिम्मेदारी छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड को सौंपी गई है। आरडीटीसी/डीटीसी निर्माण कार्य निर्धारित समय में पूरा करने के निर्देश’ 24 नवंबर 2025 को सचिव सह-परिवहन आयुक्त की अध्यक्षता में आयोजित वर्चुअल बैठक में समीक्षा करते हुए मंत्री  कश्यप ने कहा कि केंद्र सरकार की मंशा के अनुरूप सभी स्वीकृत आरडीटीसी और डीटीसी भवनों का निर्माण समय पर पूरा होना चाहिए। उन्होंने संचालकों को कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। ’मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना – ग्रामीण जनों के लिए जीवनरेखा’ बैठक में मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना 2025 की प्रगति का भी विस्तृत प्रस्तुतिकरण किया गया। योजना का उद्देश्य ग्रामीण किसानों, मजदूरों, छोटे व्यापारियों, छात्रों और आम नागरिकों को जनपद, तहसील और जिला मुख्यालय तक सस्ती, नियमित और सुरक्षित बस सुविधा उपलब्ध करवाना है। योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों से बाजार, रोजगार, पढ़ाई और चिकित्सा सुविधाओं तक आसान पहुँचना सुनिश्चित किया जाएगा। सुदूर एवं संवेदनशील क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ा जाएगा। हवाई अड्डों और रेलवे स्टेशनों तक बेहतर आवागमन की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। मंत्री  कश्यप ने कहा कि यह योजना ग्रामीण विकास और सुगम परिवहन व्यवस्था के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। वाहन सुरक्षा के लिए व्हीकल ट्रैकिंग प्लेटफॉर्म की प्रगति महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए निर्भया फ्रेमवर्क के तहत सार्वजनिक वाहनों में व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (वीएलटी) और इमरजेंसी बटन लगाने की प्रक्रिया की समीक्षा की गई। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि अब तक 1 हजार 900 यात्री वाहनों और 5 हजार 800 स्कूल बसों में ट्रैकिंग डिवाइस लगाया जा चुका है। किसी भी आपात स्थिति में पैनिक बटन दबाते ही सूचना परिवहन विभाग के कमांड एवं कंट्रोल सेंटर से पुलिस विभाग के डायल 112 तक पहुँच जाएगी। ऑटोमेटेड फिटनेस सेंटर (एटीएस) तकनीकी जांच में बड़ा सुधार वाहनों की फिटनेस जांच को आधुनिक और पारदर्शी बनाने के लिए राज्य में अब तक 8 ऑटोमेटेड फिटनेस सेंटर (रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, अंबिकापुर, जगदलपुर, कोरबा, राजनांदगांव, रायगढ) संचालित हैं। मशीनों के माध्यम से की जा रही फिटनेस जांच से तकनीकी गुणवत्ता में सुधार हुआ है। बैठक में अधिकारियों ने मंत्री  कश्यप को बताया कि ऑटोमेटेड फिटनेस सेंटरों के संचालन में गुजरात के बाद छत्तीसगढ़ दूसरे स्थान पर है, यह राज्य के लिए गौरव की बात है। इसके साथ ही जल्द से जल्द जांजगीर-चांपा, बलौदाबाजार, धमतरी, महासमुंद, कांकेर, दंतेवाड़ा, सारंगढ़ और सूरजपुर में भी नए ऑटोमेटेड फिटनेस सेंटर स्थापित किए जाएंगे।

रायपुर: एग्रीस्टैक पोर्टल पर पंजीयन की अंतिम तिथि 15 दिसंबर तक बढ़ाई गई

रायपुर : एग्रीस्टैक पोर्टल में अब पंजीयन 15 दिसंबर तक डुबान क्षेत्र, वन अधिकार पट्टाधारी और छुटे हुए किसान करा सकेंगे पंजीयन कृषि मंत्री  रामविचार के निर्देश पर हुई पंजीयन की तिथि में वृद्धि रायपुर किसान अपने रकबे और फसल आदि के बारे में जानकारी एग्रीस्टैक पोर्टल में अब 15 दिसम्बर तक दर्ज करा सकेंगे। कृषि विकास एवं जैव प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा समिति लॉगिन की सुविधा के लिए सभी कलेक्टरों और संबंधित विभागों को दिशा-निर्देश जारी किए गए है। साथ ही कैरीफारवर्ड, डूबान-वन पट्टाधारी कृषकों के पंजीयन सुविधा के दृष्टिगत रखते हुए पंजीयन की तारीख को 15 दिसम्बर 2025 तक बढ़ा दी गई है।      गौरतलब है कि कृषि मंत्री  राम विचार नेताम द्वारा एग्रीस्टैक पोर्टल में पंजीयन को लेकर आ रही विभिन्न दिक्कतों के मद्देनजर विभागीय अधिकारियों को इस संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी करने निर्देश दिए गए थे। इस संबंध में मंत्रालय महानदी भवन से जारी पत्र में एग्रीस्टैक पोर्टल एवं एकीकृत किसान पोर्टल में पंजीयन और तकनीकी समस्याओं के शीघ्र निराकरण के लिए तहसीलदारों एवं समितियों अंतर्गत कृषि विभाग के नोडल अधिकारियों से अपेक्षा की गई है। एग्रीस्टैक पोर्टल एवं एकीकृत किसान पोर्टल से संबंधित तकनीकी समस्या पर खाद्य विभाग, राजस्व विभाग, संचालनालय कृषि एवं एन.आई.सी. के समन्वय से सभी आवश्यक कार्यवाही की जाए।      गौरतलब है कि कुछ जिलों में पंजीयन विवरण में कुछ कृषकों के खसरों में एकीकृत किसान पोर्टल में फसल प्रविष्टि प्रदर्शित नहीं होने की जानकारी के साथ ही यह भी बताया गया था कि इसे सुधारने का विकल्प एकीकृत किसान पोर्टल के आईडी में उपलब्ध नहीं है। इसी प्रकार पंजीकृत कृषकों के फौत होने के पश्चात उनके वारिसानों हेतु वारिसान पंजीयन का विकल्प उपलब्ध नहीं है। इसके अलावा महाल ग्रामों के खसरें का डाटा एग्रीस्टैक से नही मिलने की समस्या आ रही थी। इस समस्या के निराकरण के लिए कृषि विभाग द्वारा दिशा-निर्देश जारी कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए है। 

Vastu Tips: समझें, मां लक्ष्मी की नाराजगी के संकेत, सुख-समृद्धि के लिए क्या करें

हिंदू धर्म में मां लक्ष्मी को बहुत ही पूजनीय माना जाता है, इनको धन की देवी के नाम से भी जाना जाता है. कहते हैं कि जिसपर भी मां लक्ष्मी अपनी कृपादृष्टि बरसाती है, उस जातक का जीवन खुशियों और धन-दौलत से भर जाता है. मां लक्ष्मी की कृपा से व्यक्ति न केवल सुख-समृद्धि हासिल करता है बल्कि ऐश्वर्य भी करता है. लेकिन, अगर मां लक्ष्मी जातक से रुष्ट हो जाए तो उस व्यक्ति जीवन में कष्टों का सामना भी करना पड़ता है. ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक, जब भी मां लक्ष्मी नाराज होती हैं तो जातक को कुछ अशुभ संकेत दिखने लगते हैं. आइए जानते हैं उन संकेतों के बारे में.  सोना-चांदी का खोना वास्तु शास्त्र के अनुसार, अगर बार बार आपकी सोने-चांदी की वस्तुएं खो रही हैं तो इसे बिल्कुल भी शुभ संकेत नहीं माना जाता है. बल्कि, यह मां लक्ष्मी के नाराज होने का संकेत माना जाता है.  घर में अचानक खर्चो का बढ़ जाना अगर अचानक घर में बिना वजह खर्च बढ़ने लगें, पैसे आते ही खत्म हो जाएं या बचत न हो पाए, तो यह भी मां लक्ष्मी की नाराजगी का संकेत है. यह संकेत भविष्य में आने वाली समस्याओं की ओर भी इशारा देता है.   धन हानि से जुड़े स्वप्न आना वास्तु शास्त्र के अनुसार, अगर आपको धन की हानि या नुकसान से जुड़े कोई स्वप्न आ रहे हैं तो यह भी बहुत ही अशुभ संकेत माना जाता है. इसका अर्थ यह है कि आने वाले समय में  को पैसों से जुड़ा कोई नुकसान होने वाला है. तुलसी का सूखना वास्तु शास्त्र के मुताबिक, तुलसी या घर के अन्य शुभ पौधे बिना वजह सूखने लगें, पत्तियां पीली हो जाएं या पौधे बढ़ना बंद कर दें, तो यह मां लक्ष्मी की कृपा कम होने का संकेत माना जाता है.  घर में लगातार झगड़े या तनाव परिवार में छोटी-छोटी बातों पर बहस या झगड़े होने लग जाएं तो यह भी मां लक्ष्मी की अप्रसन्नता का संकेत माना गया है. जहां कलह होता है, वहां लक्ष्मी ठहरती नहीं हैं. यह मान्यता शास्त्रों में भी मिलती है.

संशोधित समय-सारणी के साथ सेवा मतदाताओं की सूची हेतु विशेष पुनरीक्षण की घोषणा

सेवा मतदाताओं की सूची हेतु विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण की संशोधित समय-सारणी जारी भोपाल  भारत निर्वाचन आयोग ने सेवा मतदाताओं (Service Voters) से संबंधित निर्वाचन सूची के अंतिम भाग की विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण की संशोधित समय-सारणी जारी कर दी है। यह पुनरीक्षण 1 जनवरी 2026 की योग्यता तिथि के आधार पर किया जा रहा है। आयोग ने अपने पूर्व आदेश (दिनांक 04 नवंबर 2025) को निरस्त करते हुए नई समय-सारणी अधिसूचित की है, जिसे देश के कई राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में लागू किया जाएगा, जिनमें अंडमान एवं निकोबार, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, लक्षद्वीप, मध्यप्रदेश, पुडुचेरी, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल शामिल हैं। नई संशोधित समय-सारणी इस प्रकार है 1. निर्वाचन सूची के अंतिम भागों का प्रारंभिक प्रकाशन तारीख: 16 दिसंबर 2025 2. रिकॉर्ड/कमांडिंग अधिकारियों द्वारा फ़ॉर्म प्राप्त करने, सत्यापन, स्कैनिंग और XML फ़ाइल तैयार व अपलोड करने की अवधि अवधि: 16 दिसंबर 2025 से 15 जनवरी 2026 तक 3. हस्ताक्षरित एवं सत्यापित फ़ॉर्मों तथा XML फ़ाइलों का निपटान अधूरे फ़ॉर्म और XML फ़ाइलें वापस की जाएंगी संशोधित फ़ॉर्मों का पुनः प्रेषण अंतिम आदेश ERO द्वारा जारी अंतिम तिथि: 7 फरवरी 2026 4. निर्वाचन सूची के अंतिम भागों का अंतिम प्रकाशन तारीख: 14 फरवरी 2026 चुनाव आयोग ने सभी संबंधित मंत्रालयों—रक्षा, गृह, विदेश मंत्रालय—तथा सीमा सड़क संगठन और संबंधित राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को इस संशोधित कार्यक्रम का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए हैं। आयोग के सचिव  पवन दीवान ने बताया कि यह कदम सेवा मतदाताओं के अद्यतन एवं सटीक पंजीकरण को सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है, ताकि आगामी चुनावों में उनकी सहभागिता सुगम और व्यवस्थित रहे।  

बुंदेलखंड क्षेत्र में कृषि, खनिज, व्यापार और पर्यटन गतिविधियों को गति मिलेगी

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई मंत्री परिषद बैठक में सागर–दमोह मार्ग (76.680 किमी) को 2-लेन से 4-लेन मय पेव्हड शोल्डर में उन्नत करने की ₹2059.85 करोड़ की परियोजना को हाइब्रिड एन्यूटी मॉडल (HAM) के तहत स्वीकृति दी गई। इसमें 40% राशि मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम द्वारा और शेष 60% राशि राज्य बजट से 15 वर्ष तक 6-माही एन्यूटी के रूप में वहन की जाएगी। यह महत्वपूर्ण मार्ग सागर और दमोह को जोड़ते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग-44 और राष्ट्रीय राजमार्ग-34 से कनेक्टिविटी बढ़ाएगा। उन्नयन से बुंदेलखंड क्षेत्र में कृषि, खनिज, व्यापार और पर्यटन गतिविधियों को मजबूत गति मिलेगी। परियोजना में 13 अंडरपास, 3 वृहद पुल, 9 मध्यम पुल, 1 आरओबी, 13 बड़े और 42 मध्यम जंक्शन का निर्माण, तथा परसोरिया, गढ़ाकोटा, रोन और बान्सा में 4 बायपास शामिल हैं। सड़क सुरक्षा के लिए 21 स्थानों पर कर्व सुधार तथा 13 बड़े जंक्शनों पर VUP प्रस्तावित हैं। उल्लेखनीय है कि 10,300 पीसीयू वर्तमान यातायात दबाव और भविष्य में 17,000 पीसीयू की संभावना को देखते हुए 4-लेन निर्माण आवश्यक है। यह मार्ग ‘विंध्य विकास पथ’ का हिस्सा है, जिससे कटनी दिशा में भविष्य का 4-लेन कॉरिडोर भी सुदृढ़ होगा। मार्ग के उन्नयन से यात्रा समय में कमी, दुर्घटनाओं में गिरावट, ईंधन की बचत और परिवहन तंत्र में व्यापक सुधार होगा। क्षेत्र की उपजाऊ कृषि भूमि, दमोह के खनिज संसाधनों और कुंडलपुर सहित पर्यटन स्थलों को भी बड़ा लाभ मिलेगा। यह परियोजना बुंदेलखंड विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।  

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने ज्ञानपीठ पुरस्कार विजेता विनोद कुमार शुक्ला के स्वास्थ्य लाभ की कामना की

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय राजधानी रायपुर स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) पहुँचे और वहां उपचाररत भारतीय ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित वरिष्ठ साहित्यकार  विनोद कुमार शुक्ला से मुलाकात कर  उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की। मुख्यमंत्री  साय ने चिकित्सकों से उनके स्वास्थ्य की जानकारी प्राप्त की और बेहतर चिकित्सा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि  विनोद कुमार शुक्ल भारतीय साहित्य की अमूल्य धरोहर हैं। उनकी सृजनशीलता, संवेदना और सरल भाषा में गहन अनुभूतियों की अभिव्यक्ति देश और प्रदेश—दोनों को गौरवान्वित करती है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार  पंकज झा एवं छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष  शशांक शर्मा उपस्थित थे।

कूनो बनेगा मेगा टूरिज़्म हब: तीन नई चीता सफारियों के लिए 53 करोड़ की DPR तैयार

ग्वालियर देश में चीतों के बसेरा बनने के साथ ही अब मध्य प्रदेश सरकार कूनो नेशनल पार्क को देश का प्रमुख पर्यटन आकर्षण केंद्र बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठा रही है। इसी उद्देश्य से कूनो में तीन चीता सफारी विकसित की जाएंगी। वर्तमान में वन विभाग सफारी की व्यवस्थाएं संभाल रहा है, लेकिन अब पर्यावरण योजना एवं समन्वय संगठन (एप्को) को भी इसे विकसित करने की जिम्मेदारी दी गई है। एप्को के माध्यम से चीता सफारी और रेस्क्यू सेंटर का विस्तृत प्लान तैयार किया जाएगा। इसके लिए एप्को ने हाल ही में कंसल्टेंसी नियुक्त करने के लिए टेंडर जारी किया है। यह कंपनी अगले 20 वर्षों के लिए 53 करोड़ रुपये की लागत से मास्टर प्लान, ले-आउट और डीपीआर तैयार करेगी।   चीता सफारी से लेकर रेस्क्यू सेंटर तक की योजना एप्को के अनुसार, कंसल्टेंसी कंपनी निर्धारित मानकों के अनुसार पूरे प्रोजेक्ट की रूपरेखा तैयार करेगी। इनमें सेंट्रल जू अथारिटी और नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथारिटी के नियमों का विशेष ध्यान रखा जाएगा। योजना में ग्राम सेसईपुरा और विजयपुर के क्षेत्रों में चीता सफारी विकसित करने का संभावित प्रस्ताव है, लेकिन एक विस्तृत सर्वे के बाद ही इन स्थानों पर अंतिम मुहर लगेगी। मास्टर प्लान के आधार पर भविष्य में निर्माण एवं रखरखाव का कार्य किया जाएगा। इन कार्यों पर होगा 53 करोड़ रुपये का खर्च कंसल्टेंसी कंपनी को तीन अलग-अलग चीता सफारी क्षेत्रों की रूपरेखा तैयार करनी होगी, जिनमें शामिल होंगे—     रेस्क्यू सेंटर     जानवरों के हेल्थकेयर एवं रखरखाव सुविधाएं     इंटरप्रिटेशन सेंटर और ओपन नेचर डिस्प्ले     इको-टूरिज्म ढांचा और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर     विलुप्त एवं विदेशी जीवों की जानकारी     जंगल, मिट्टी, हवा और पानी संरक्षण से जुड़े उपाय एक अक्टूबर से शुरू हुई थी सफारी वन विभाग ने 1 अक्टूबर से कूनो में चीता सफारी शुरू कर दी है, लेकिन यह अभी पूरी तरह व्यवस्थित नहीं है। सैलानियों के लिए टेंट सिटी में अस्थायी ठहरने की व्यवस्था की गई है। सरकार अब इसे योजनाबद्ध स्वरूप में विकसित करने की तैयारी में है, जिससे पर्यटक सुरक्षित और रोमांचक सफर में खुले क्षेत्र में चीतों का निरीक्षण कर सकें और बेहतर सुविधाओं का आनंद ले सकें। अधिकारियों का बयान डा. सौरभ पनी, ऑफिसर इंचार्ज कंसल्टेंसी सेल, एप्को ने बताया कि कूनो में तीन चीता सफारी व रेस्क्यू सेंटर का प्लान तैयार करने के लिए कंसल्टेंसी कंपनी नियुक्त की जाएगी। आवेदन आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।