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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दत्तोपंत ठेंगड़ी शोध संस्थान के ब्रोशर एनआरएम-2026 का विमोचन किया

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्रालय में दत्तोपंत ठेंगड़ी शोध संस्थान के ब्रोशर "एनआरएम-2026" का विमोचन किया। नेशनल रिसचर्स मीट-2026 का आयोजन 12 से 14 फरवरी को भोपाल में होगा। ब्रोशर विमोचन पर संस्थान के निदेशक डॉ. मुकेश मिश्रा, माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय के कुलपति श्री विजय मनोहर तिवारी और वीर भारत न्यास के ट्रस्टी श्री श्रीराम तिवारी मौजूद रहे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की लोक निर्माण विभाग की समीक्षा

विभागीय न्यूज़ लेटर और पर्यावरण से समन्वय ब्रोशर का विमोचन किया एमपीआरडीसी और एमपीबीडीसी के संचालक मंडल की बैठक संपन्न भोपाल मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा है कि सड़कें केवल यातायात का माध्यम नहीं, बल्कि विकास, रोज़गार, स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच और सामाजिक-सांस्कृतिक प्रगति का आधार हैं। विभाग का उद्देश्य प्रत्येक निर्माण कार्य को सिर्फ एक तकनीकी परियोजना के रूप में नहीं, बल्कि जनता के जीवन स्तर को सुधारने वाले साधन के रूप में देखना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गुणवत्ता, पारदर्शिता और नवाचार के साथ प्रत्येक परियोजना को समयबद्ध तरीके से पूरा करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है, यही प्रयास "लोक निर्माण से लोक कल्याण" की भावना को साकार करते हैं। यह निर्देश मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्रालय में लोक निर्माण विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान दिये। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने विभाग द्वारा "लोक निर्माण से लोक कल्याण" की भावना को धरातल पर उतारने के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश की आधारभूत संरचना का विकास ही जनकल्याण का आधार है और विभाग ने इस दिशा में उल्लेखनीय कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि हर सड़क, हर पुल, हर परियोजना जनता के जीवन को सरल और सुरक्षित बनाने की हमारी संकल्पना का महत्वपूर्ण हिस्सा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि मेट्रोपॉलिटन एरिया और समीपवर्ती क्षेत्रों में राजमार्गों का घनत्व बढ़ायें। पूरे प्रदेश को समावेशित कर समग्र विकास पर कार्य करें। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही जबलपुर और ग्वालियर को भी मेट्रोपोलिटन क्षेत्र घोषित किया जाएगा। शहरी, ग्रामीण एवं औद्योगिक क्षेत्रों सभी को अधोसंरचना विकास का लाभ प्राप्त हो इस आधार पर प्रस्ताव की परिकल्पना की जाये। उन्होंने कहा कि राजमार्गों का घनत्व राष्ट्रीय स्तर के समीप ले जाने के लिए विज़न डॉक्यूमेंट के आधार पर प्रस्ताव तैयार करें। प्रस्ताव में स्थानीय मांगों और सुझावों को यथोचित स्थान दिया जाये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अपर मुख्य सचिव क्षेत्रों के समग्र विकास अनुसार कार्ययोजना का निर्धारण करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि शहरी विकास की इंटीग्रेटेड पॉलिसी के निर्माण में लोक निर्माण विभाग को भी शामिल किया जाये। उन्होंने कहा कि अधोसंरचना विकास में पर्यावरण समन्वय का विशेष ध्यान रखा जाये। सतत संवहनीय विकास के लिए सूरत के डायमंड पार्क की तर्ज में भवनों का निर्माण ग्रीन बिल्डिंग संकल्पना पर किया जाये। बिजली और पानी की बचत सुनिश्चित की जाये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भवन निर्माण में वास्तु-विज्ञान का ध्यान रखा जाये। ताकि सूर्य की रोशनी, हवा अन्य प्राकृतिक संसाधनों का उचित उपयोग सुनिश्चित हो और ऊर्जा की बचत की जा सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एक्सप्रेस-वे आधुनिक समय की मांग है। इन अधोसंरचनाओं के विकास में ग्रामीण क्षेत्र की सुविधाओं का ध्यान रखा जाये। आवश्यकतानुसार फ्लाई-ओवर, अंडर-पास, सर्विस लेन को प्रस्ताव में शामिल करें। बैठक में बताया गया कि सिंहस्थ-2028 के कार्य प्राथमिकता से किए जा रहे हैं। प्रस्तावित कार्यों की प्रशासनिक स्वीकृति जारी की जा चुकी है। दिसम्बर माह के अंत तक कार्य प्रारंभ हो जायेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि कार्यों को जून-2027 तक पूर्ण किया जाये। बैठक में बताया गया कि लोकपथ ऐप में प्राप्त 12 हज़ार 212 शिकायतों में से 12 हज़ार 166 का निराकरण किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लोकपथ ऐप के उत्कृष्ट उपयोग की सराहना की। उन्होंने कहा कि लोकपथ ऐप में रियल टाइम सड़क की स्थिति को भी अपडेट किया जाये। साथ ही इसका प्रचार प्रसार सुनिश्चित किया जाये ताकि अधिक से अधिक लोग इससे लाभान्वित हो सकें। लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह ने बताया कि लोकपथ ऐप में आगे स्थलों के बीच की दूरी, समस्त वैकल्पिक मार्ग, पर्यटन स्थल, चिकित्सा सेवाएं, ब्लैक स्पॉट, टोल का शुल्क अन्य सुविधाओं को भी मैप किया जाएगा। यह स्थानीय नागरिकों के साथ-साथ आगंतुकों के लिए भी उपयोगी होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि राष्ट्रीय एवं राज्य के राजमार्गों में सतत संधारण सुनिश्चित किए जाये। प्रकाश, ग्रीनरी और सावधानी मार्कर्स मानक अनुसार रहें यह भी सुनिश्चित किया जाये। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम (एमपीआरडीसी) और मध्यप्रदेश भवन विकास निगम (बीडीसी) के संचालक मंडल की बैठक हुई। एमडी एमपीआरडीसी श्री भरत यादव ने एमपीआरडीसी के चल रहे कार्यों और भविष्य की योजनाओं की जानकारी प्रस्तुत की। इसी प्रकार एमडी बीडीसी श्री सिवी चक्रवर्ती ने भवन विकास निगम के कार्यों और आगामी कार्ययोजना का विवरण दिया। बैठक में प्रमुख सचिव पीडब्ल्यूडी श्री सुखवीर सिंह ने कहा कि विभाग द्वारा किए जा रहे नवाचारों, पीएम गतिशक्ति पोर्टल के उपयोग से रोड प्लानिंग, BISAG-N के माध्यम से समय सीमा का निर्धारण और प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग के कार्य किए जा रहे हैं। इसके साथ पर्यावरण से समन्वय, वृक्षारोपण, ट्री-शिफ्टिंग, लोक सरोवर, सौर ऊर्जा के कार्य भी विकास कार्यों में शामिल किए गए हैं। उन्होंने बताया कि पीएम गतिशक्ति के उत्कृष्ट उपयोग पर विभाग को राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया है। लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह, मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, एसीएस श्री नीरज मंडलोई, एसीएस श्री मनीष रस्तोगी, प्रमुख सचिव लोकनिर्माण श्री सुखवीर सिंह, एमडी एमपीआरडीसी श्री भरत यादव, एमडी बीडीसी श्री एमसीबी चक्रवर्ती सहित विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे। दो वर्ष की उपलब्धियाँ              दो वर्षों में मध्यप्रदेश ने 12 हजार किमी सड़क निर्माण, उन्नयन और सुदृढ़ीकरण कर अभूतपूर्व रिकॉर्ड स्थापित किया है, जिससे राज्य का 77 हजार 268 किमी का सड़क नेटवर्क देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हुआ है।              वित्तीय वर्ष 2024–25 में विभाग ने 99% तक वित्तीय लक्ष्य हासिल कर समयबद्ध क्रियान्वयन और संसाधनों के प्रभावी प्रबंधन का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया।              "लोक पथ" मोबाइल ऐप के माध्यम से 12,212 शिकायतों में से 12,166 शिकायतों का निवारण कर 99.6% समाधान दर प्राप्त की, जिससे विभाग की पारदर्शिता और जनसहभागिता मजबूत हुई।              जबलपुर में प्रदेश के सबसे लंबे 6.9 किमी के दमोह नाका–मदनमहल–मेडिकल रोड एलिवेटेड कॉरिडोर ,राजधानी भोपाल में डॉ. अम्बेडकर फ्लाईओवर (2.73 किमी) और 15.1 किमी लंबा श्यामा प्रसाद मुखर्जी नगर मार्ग जैसे बड़े शहरी कॉरिडोर के कार्य पूरे किए गए।              प्रदेश में … Read more

नवजोत सिद्धू विवाद पर हाईकमान की एंट्री, पूरी रिपोर्ट तलब

चंडीगढ़ अमृतसर ईस्ट विधानसभा क्षेत्र से पूर्व विधायक डॉ. नवजोत कौर सिद्धू के मामले में अब कांग्रेस हाईकमान की एंट्री हो गई है। हाईकमान ने पंजाब कांग्रेस के प्रभारी भूपेश बघेल से नवजोत कौर सिद्धू के संबंध में रिपोर्ट तलब की है। गौरतलब है कि नवजोत कौर सिद्धू लगातार कांग्रेस नेताओं के खिलाफ खुलेआम बयानबाजी करती नजर आ रही थीं। इसी कारण पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष राजा वड़िंग ने उन्हें पार्टी से निलंबित कर दिया था। अब यह पूरा मामला कांग्रेस हाईकमान तक पहुंच चुका है। बताया जा रहा है कि संसद सत्र के बाद पंजाब कांग्रेस को लेकर दिल्ली में हाईकमान की ओर से बैठक बुलाई जा सकती है। यह भी बता दें कि हाल ही में नवजोत कौर सिद्धू ने मुख्यमंत्री की कुर्सी को लेकर 500 करोड़ रुपए से जुड़ा बयान दिया था, जिसके बाद उन्हें पार्टी से निलंबित कर दिया गया। निलंबन के बाद भी नवजोत कौर सिद्धू का कांग्रेस नेताओं और पार्टी प्रदेश अध्यक्ष राजा वड़िंग के प्रति आक्रामक रुख लगातार जारी है। इसी को देखते हुए अब इस मामले में कांग्रेस हाईकमान ने दखल दिया है। 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव का दमोह के जनप्रतिनिधियों ने माना आभार

खजुराहो मन्त्रि-परिषद की बैठक में दमोह को मिली अभूतपूर्व सौगातें भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का दमोह के जनप्रतिनिधियों ने बुंदेलखंड सहित दमोह जिले को दी गई अभूतपूर्व सौगातों के लिए जनता की ओर से आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से मंत्रालय में भेंट कर दमोह के जनप्रतिनिधि श्री श्याम शिवहरे ने अन्य जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि खजुराहो में मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में सागर से दमोह के 76 किलोमीटर फोर लेन सड़क मार्ग के लिए 2059 करोड़ रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई। इसके अतिरिक्त दमोह के तेंदूखेड़ा में 165 करोड़ रुपए से अधिक राशि की झापन नाला मध्यम सिंचाई परियोजना को भी स्वीकृति प्रदान की गई। साथ ही दमोह मेडिकल कॉलेज के लिए नियमित और आउटसोर्स के पदों की भी स्वीकृति प्रदान की गई है।  

पर्यटन और सुशासन को गति देने दिल्ली में शुरू हुआ बड़ा मिशन: रेखा गुप्ता का बयान चर्चा में

नई दिल्ली  दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बुधवार को कहा कि राजधानी की वैश्विक छवि का पुनर्निर्माण करने और पर्यटन को मजबूत करने के लिए बड़े बदलाव किए जा रहे हैं। गुप्ता ने जोर देकर कहा कि काफी समय से लंबित व्यवस्थागत समस्याओं का समन्वित शासन के माध्यम से अंततः समाधान किया जा रहा है। गुप्ता ने कहा कि ‘विकसित दिल्ली, विकसित पर्यटन' की परिकल्पना दिल्ली को ऐसी विश्व स्तरीय राजधानी के रूप में स्थापित करने की सरकार की नयी प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जो पर्यटकों में भरोसा पैदा करती हो। उन्होंने कहा कि कई वर्षों से स्वीकृतियों की बहुलता जैसी पुरानी समस्याओं ने दिल्ली की आर्थिक और पर्यटन क्षमता को धीमा कर दिया था, लेकिन शासन में बेहतर तालमेल के कारण अब ये बाधाएं दूर हो रही हैं। गुप्ता ने यहां एक शिखर सम्मेलन में मीडिया से कहा, ‘‘आज हम इन समस्याओं का समाधान कर सकते हैं क्योंकि भाजपा तीनों स्तरों पर सरकार में है। इस मुकाम तक पहुंचने में हमें 27 साल लग गए। हमारे पास लंबे समय से चली आ रही कठिनाइयों को दूर करने का अंतत: अब अवसर है।'' उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ‘‘लोगों और व्यवस्था की समस्याओं को पूरी तरह समझते हैं।'' गुप्ता ने हाल में हुए प्रशासनिक सुधारों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सरकार ने प्रतिष्ठानों के लिए पुलिस लाइसेंस समाप्त कर दिए हैं और वह अब तृतीय-पक्ष ऑडिट के माध्यम से अग्नि सुरक्षा लाइसेंस जारी करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि इस बदलाव का उद्देश्य एकाधिकार को समाप्त करना और देरी को कम करना है। उन्होंने कहा, ‘‘हम व्यवस्था को सरल बनाने के लिए काम कर रहे हैं ताकि व्यवसाय और पर्यटन क्षेत्र अनावश्यक बाधाओं के बिना विकसित हो सकें।''   

बंगाल में शाहजहां केस का गवाह निशाने पर, हमले में दो की हत्या – बढ़ी राजनीतिक हलचल

कोलकाता  भाजपा आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर पश्चिम बंगाल की कानून व्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठाया है। उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के शासन में हो रही घटनाओं का जिक्र करते हुए शेख शाहजहां केस से जुड़े एक गवाह के साथ हुए हादसे का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यह घटना राज्य में न्याय की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़ी करती है। पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के संदेशखाली इलाके में एक दुखद हादसा हुआ, जिसमें शेख शाहजहां केस का मुख्य गवाह बुरी तरह घायल हो गया।  इस हादसे में दो अन्य लोगों की जान चली गई। घटना सुबह करीब सात बजे नजात इलाके में हुई, जब गवाह अपने बेटे के साथ कोर्ट में गवाही देने के लिए बसंती रोड पर जा रहा था। अचानक दूसरी दिशा से आ रहे एक ट्रक ने उसकी कार को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि भोला घोष के बेटे और ड्राइवर की मौके पर ही मौत हो गई। भोला घोष को पहले स्थानीय मिनाखान अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत गंभीर देखते हुए उन्हें कोलकाता के एक बड़े अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया। डॉक्टरों का कहना है कि उनकी स्थिति अब भी नाजुक बनी हुई है। अमित मालवीय ने अपने पोस्ट में दावा किया कि ट्रक को शेख शाहजहां का करीबी अब्दुल हलीम मोल्ला चला रहा था, जो अपने साथी नजरुल मोल्ला के साथ मौजूद था। मालवीय के मुताबिक, अब्दुल हलीम मोल्ला लंबे समय से सीबीआई की वांछित सूची में भगोड़े के रूप में दर्ज है। उन्होंने आरोप लगाया कि जेल में बंद शेख शाहजहां गवाहों को एक-एक करके निशाना बना रहा है ताकि केस कमजोर हो जाए। उन्होंने सवाल किया कि क्या इस सबके पीछे मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का संरक्षण है, क्योंकि राज्य की पुलिस और प्रशासन इस मामले में चुप्पी साधे हुए हैं।

SC के निर्णय का मरांडी ने किया स्वागत, बोले— निष्पक्ष जांच से सामने आएगा सच

रांची  झारखंड में भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एवं नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने साहिबगंज अवैध पत्थर उत्खनन मामले में सीबीआई जांच को जारी रखने के उच्चतम न्यायालय के फैसले का स्वागत किया है। मरांडी ने हेमंत सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि राज्य सरकार द्वारा साहिबगंज में करीब 1500 करोड़ रूपये से भी ज्यादा के अवैध पत्थर खनन मामले में सीबीआई जांच का विरोध किए जाने के बावजूद उच्चतम न्यायालय ने सीबीआई जांच को जारी रखने का स्पष्ट निर्देश दिया है और सरकार द्वारा अपराधियों को संरक्षण देने की प्रवृत्ति पर कड़ी आपत्ति भी दर्ज की है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने हाइकोर्ट रांची द्वारा दिये गये सीबीआई जांच के आदेश को सही मानते हुए इसके विरुद्ध राज्य सराकर द्वारा सीबीआई जांच नहीं होने देने के लिए दायर एसलपी को ख़ारिज कर दिया। मरांडी ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपने चहेते पंकज मिश्रा, विष्णु यादव, राजेश यादव, बच्चू यादव, संजय यादव और सुभाष मंडल जैसे अपराधियों को बचाने की लाख कोशिश की। याचिकाकर्ता पर दबाव डालकर शिकायत वापस लेने का प्रयास भी किया गया, आम लोगों को डराया धमकाया गया, लेकिन मुख्यमंत्री यह भूल गए कि कोर्ट में उनकी धूर्तता नहीं चलने वाली। कहा कि न्यायालय का यह निर्णय भ्रष्टाचारी हेमंत सरकार के ताबूत में आखिरी कील साबित होगा और लोकतांत्रिक संस्थाओं में आम जनता का विश्वास भी मजबूत करेगा।  

प्यार के नाम पर करोड़ों की उगाही? DSP कल्पना पर गंभीर आरोप, कारोबारी ने दिए ढाई करोड़ के गिफ्ट

रायपुर रायपुर में पुलिस विभाग की साख पर गंभीर सवाल खड़ा करने वाला एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। एक कारोबारी दीपक टंडन ने महिला DSP कल्पना वर्मा पर रिश्वत लेने, ब्लैकमेलिंग करने और धोखाधड़ी के गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित का दावा है कि डीएसपी ने प्यार और शादी का झांसा देकर उससे करोड़ों रुपये, महंगी गाड़ियां और कीमती गहने ऐंठ लिए।    कारोबार‌री का आरोप- ‘शादी का झांसा देकर करोड़ों ले गईं’ दीपक टंडन के मुताबिक उनकी मुलाकात साल 2021 में DSP से हुई थी। धीरे-धीरे दोनों के बीच नज़दीकियां बढ़ीं। आरोप हैं कि डीएसपी ने लगातार पैसों की मांग की, कारोबारी ने दो करोड़ रुपये से ज्यादा रकम दी, 12 लाख की हीरे की अंगूठी, 5 लाख की सोने की चेन व टॉप्स, 1 लाख का ब्रेसलेट भी गिफ्ट किया। एक इनोवा क्रिस्टा कार भी डीएसपी को दी। DSP ने अपने भाई के नाम पर कारोबारी के रायपुर VIP रोड स्थित होटल की रजिस्ट्री करवा ली और बाद में लगभग 30 लाख खर्च कर उसे अपने नाम करवा लिया। कारोबारी का कहना है कि जब उसने यह सब देने से इंकार किया, तो DSP ने उसे ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया।   पुलिस को दिए सबूत पीड़ित दीपक टंडन का दावा है कि उन्होंने खम्हारडीह थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए व्हाट्सऐप चैट, CCTV फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्य पुलिस को सौंपे हैं। वह कहते हैं कि जब उन्होंने शिकायत वापस नहीं ली, तो डीएसपी ने उन्हें फर्जी मामलों में फंसाकर जेल भेजने की धमकी दी।   DSP का जवाब- यह बदनाम करने की साज़िश मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए DSP कल्पना वर्मा ने सभी आरोपों को झूठा और निराधार बताया। उनका कहना है कि यह पूरी कहानी उन्हें बदनाम करने की साज़िश है, वह किसी भी तरह की जांच का सामना करने को तैयार हैं।   पुलिस जांच शुरू उच्च पुलिस अधिकारियों ने मामले का संज्ञान ले लिया है और जांच प्रारंभ कर दी है। मामले की सच्चाई जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगी।

योगी सरकार के सहयोग से स्थानीय उत्पाद बनाकर आत्मनिर्भर बन रही महिलाएं

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रेरणा से गांव-गांव महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के प्रयास अब जमीन पर दिखाई दे रहे हैं। भदोही जिले के जगदीपुर गांव की 29 वर्षीय रेखा देवी इसी बदले हुए उत्तर प्रदेश की मिसाल हैं। कभी सिलाई कर घर चलाने में मदद करने वाली रेखा आज “प्रियल” नाम से अपना डिटर्जेंट पाउडर बना रही हैं। जिसके जरिए नियमित आय के साथ ही गांव की अन्य महिलाओं को रोजगार भी दे रही हैं। राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की मिशन निदेशक दीपा रंजन के अनुसार योगी आदित्यनाथ सरकार की जनउपयोगी योजनाओं के जरिए लोग व्यवसाय कर अपने साथ ही अन्य लोगों का भी जीवन बेहतर बना रहे हैं।  राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की मिशन निदेशक दीपा रंजन ने बताया कि बी.ए. तक पढ़ी रेखा देवी साधारण परिवार से हैं। पति बच्चों को ट्यूशन पढ़ाते हैं और तीन छोटे बच्चे हैं। बढ़ते खर्च और जिम्मेदारियों के बीच उन्होंने तय किया कि अब परिवार की आय बढ़ाने के लिए कुछ बड़ा करना होगा। स्वयं सहायता समूह ‘जय हनुमान SHG’ से जुड़ने के बाद उन्हें ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (R-SETI) और परियोजना टीम के माध्यम से जानकारी मिली कि डिटर्जेंट पाउडर उत्पादन एक अच्छा विकल्प हो सकता है। जिसके लिए प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार पूरी मदद कर रही है। सामुदायिक बैठकों और वर्कशॉप के दौरान उन्होंने अपनी योजना रखी। मूल्यांकन के बाद परियोजना टीम ने उन्हें "रंग दे एमएफआई" योजना के माध्यम से 80,000 रुपये का ऋण उपलब्ध कराया। इसमें 20,000 रुपये अपनी तरफ से जोड़कर रेखा ने मशीनें खरीदीं, कच्चा माल लिया और पैकेजिंग के साथ “प्रियल” ब्रांड की शुरुआत कर दी। एक साल के भीतर ही रेखा देवी की आय 4,000 रुपये से बढ़कर 10,000 रुपये प्रतिमाह हो गई। आर्थिक स्थिति हुई सुदृढ़  ग्रामीणों के अनुसार रेखा देवी ने सिर्फ अपने घर की आर्थिक स्थिति ही नहीं सुधारी, बल्कि परिवार के हर सदस्य को इस काम से जोड़ा। आज वह ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से भुगतान लेती हैं, वित्तीय लेन-देन खुद संभालती हैं और सिलाई से भी अतिरिक्त आय अर्जित करती हैं। रेखा की बदली जिंदगी का असर बच्चों पर भी पड़ा है। अब तीनों बच्चे अच्छे स्कूलों में पढ़ रहे हैं। गांव की महिलाएं बताती हैं कि रेखा देवी ने दिखा दिया कि सही मार्गदर्शन, वित्तीय सहयोग और मेहनत मिल जाए तो गांव की महिलाएं भी अपने पैरों पर मजबूती से खड़ी हो सकती हैं। हर घर में आत्मनिर्भरता की रोशनी भविष्य को लेकर रेखा का उत्साह और बढ़ गया है। वह कहती हैं कि अगर योगी सरकार का सहयोग इसी तरह मिलता रहा तो आगे चलकर मैं डिटर्जेंट के साथ टॉयलेट क्लीनर और अन्य उत्पाद भी बनाना शुरू करूंगी। रेखा चाहती हैं कि और महिलाएं मेरे साथ जुड़ें और अपना जीवन बदलें। रेखा देवी की इस बात का संकेत है कि योगी सरकार की महिला सशक्तिकरण योजनाएं केवल कागजों पर नहीं, बल्कि गांवों में नई संभावनाएं गढ़ रही हैं। जहां हर घर में आत्मनिर्भरता की नई रोशनी जल रही है। उन्होंने खुद को आत्मनिर्भर तो बनाया ही है, गांव की अन्य महिलाओं को भी रोजगार उपलब्ध कराया है।

ग्रामीण परिवहन को नई रफ्तार: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया योजना के द्वितीय चरण का शुभारंभ

रायपुर  छत्तीसगढ़ के बस्तर और सरगुजा अंचल के सुदूर वनांचलों में ग्रामीण परिवहन को नई दिशा देने वाली मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना ने आज एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय से योजना के द्वितीय चरण का औपचारिक शुभारंभ किया तथा वर्चुअली हरी झंडी दिखाकर बसों को रवाना किया। दूसरे चरण में बस्तर और सरगुजा संभाग के 10 जिलों के 23 मार्गों पर 24 नई बसों का संचालन प्रारंभ हुआ है, जिससे 180 गांव सीधे बस सुविधा से जुड़ गए हैं। कार्यक्रम के द्वितीय चरण में शामिल अनेक ग्रामीण उसी बस में सवार होकर पहुंचे, जिसे योजना के प्रथम चरण में प्रारंभ किया गया था। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री से आत्मीय चर्चा करते हुए बताया कि अब दूरस्थ इलाकों से ब्लॉक मुख्यालयों तक पहुंचना पहले की तुलना में काफी सहज और सुगम हो गया है।  सुकमा–दोरनापाल–कोंटा मार्ग से पहुंचे ग्रामीणों ने बताया कि वे लगभग 110 किलोमीटर की यात्रा बस से कर कार्यक्रम तक पहुंचे, जबकि पूर्व में यह यात्रा बेहद कठिन और समयसाध्य थी। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि सरकार का स्पष्ट संकल्प है कि छत्तीसगढ़ का कोई भी गांव विकास की मुख्यधारा से अलग न रहे। यह योजना न केवल परिवहन सुविधा बढ़ा रही है, बल्कि ग्रामीणों को शहरों और सेवा संस्थानों से जोड़ते हुए सामाजिक एवं आर्थिक समानता को भी मजबूती प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन की सुदृढ़ व्यवस्था सुनिश्चित करने की दिशा में यह योजना एक मील का पत्थर सिद्ध हो रही है, जिससे लोगों को सुरक्षित, समयबद्ध और सुविधाजनक यात्रा का अवसर मिल रहा है।  मुख्यमंत्री श्री साय ने योजना से लाभान्वित होने वाले 180 गांवों के सभी ग्रामीणों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बेहतर यातायात सुविधाएँ अब उनके जीवन को पहले से अधिक सुगम बनाएंगी और तरक्की के नए मार्ग खोलेंगी। परिवहन मंत्री श्री केदार कश्यप ने बताया कि जिन दुर्गम और वनांचल क्षेत्रों तक कभी यातायात की सुविधा नहीं पहुंची थी, वहाँ भी अब बस सेवाएँ प्रारंभ हो रही हैं। यह योजना विशेष रूप से बस्तर और सरगुजा के जनजातीय बहुल इलाकों के लिए एक वरदान के रूप में उभर रही है। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना के प्रथम चरण की शुरुआत 04 अक्टूबर 2025 को केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह द्वारा की गई थी, जिसके अंतर्गत 250 गांवों को बस सेवाओं से जोड़ा गया था। अब द्वितीय चरण की शुरुआत के साथ इस संख्या में और वृद्धि हुई है तथा 180 गांव और जुड़ गए हैं। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव सहित मंत्रिमंडल के अन्य सदस्य, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, परिवहन विभाग के सचिव श्री एस. प्रकाश सहित वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।