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राज्य स्तरीय श्रमिक खेलकूद प्रतियोगिता का आयोजन

18 एवं 19 दिसम्बर को नरसिंहपुर में भोपाल  म.प्र.श्रम कल्याण मंडल द्वारा राज्य स्तरीय श्रमिक खेलकूद प्रतियोगिता का आयोजन खेल स्टेडियम ग्राउंड, नरसिंहपुर में 18 एवं 19 दिसम्बर 2025 को किया जायेगा। प्रतियोगिता में प्रदेश के विभिन्न संभागों में विगत माह संपन्न, संभागीय श्रमिक खेलकूद प्रतियोगिताओं के विजेता एवं उप विजेता शामिल होंगे।प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले 1,000 से अधिक श्रमिक खिलाड़ीइस आयोजन में भाग लेंगे। प्रतियोगिता का उदघाटन एवं पुरस्कार वितरण श्रम मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल द्वारा किया जायेगा। कार्यक्रम में मंडल द्वारा संचालित उत्तम श्रमिक पुरस्कार योजना के अंतर्गत चयनित 15 श्रमिकों तथा श्रमिक साहित्य पुरस्कार योजना के अंतर्गत चयनित 10श्रमिकों को श्रम मंत्री द्वारा पुरस्कृत किया जायेगा। मंडल की उत्तम श्रमिक पुरस्कार योजना के अंतर्गत प्रत्येक श्रमिक को 25,000/- रुपये, स्मृति चिन्ह एवं प्रशस्ति-पत्र प्रदान किये जाते हैं, इसी प्रकार श्रमिक साहित्य पुरस्कार योजना के अंतर्गत प्रत्येक श्रमिक को 10,000/- रुपये, स्मृति चिन्ह एवं प्रशस्ति-पत्र प्रदान किये जाते हैं। उल्लेखनीय है कि राज्य स्तरीय श्रमिक खेलकूद प्रतियोगिता में प्रदेश के विभिन्न संभागों में स्थापित औद्योगिक इकाईयों एवं स्थापनाओं में कार्यरत श्रमिक खिलाड़ी समूह खेलों में कबड्डी (महिला एवं पुरुष), रस्साकशी (महिला एवं पुरुष), वॉलीबॉल, एवं केरम तथा इसी प्रकार व्यक्तिगत खेलों में 100मीटर, 200मीटर, 400मीटर, 800मीटर, 1500मीटर, उंची कूद, लम्बी कूद, भाला फेंक, तवा फेंक, गोला फेंक प्रतियोगिताएँ सम्मिलित हैं।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- देश का दिल मध्यप्रदेश, दिल खोल कर स्वागत को है तैयार

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार, केन्द्र सरकार के साथ कदम से कदम मिलाकर चल रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आगे बढ़ने के संकल्प के साथ हम कार्य कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव नई दिल्ली के मध्यप्रदेश भवन परिसर में 3 दिवसीय मध्यप्रदेश उत्सव का भोपाल से वर्चुअली शुभारंभ कर संबोधित कर रहे थे। उन्होंने सभी को देश के दिल मध्यप्रदेश में आमंत्रित करते हुए कहा कि हम दिल खोलकर आपके स्वागत के लिये तैयार हैं। नई दिल्ली में अपर मुख्य सचिव एवं विशेष आयुक्त (समन्वय) मध्यप्रदेश भवन श्रीमती रश्मि अरूण शमि और अन्य अधिकारी मौजूद थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्वास जताया कि मध्यप्रदेश उत्सव देखने के बाद सभी प्रदेश के प्राकृतिक सौंदर्य, जैव विविधता का वास्तविक आनंद लेने के लिये जरूर मध्यप्रदेश आएंगे। उन्होंने पर्यटकों को महाकाल लोक में दर्शन करने, टाइगर रिजर्व सफारी का आनंद लेने, ओरछा एवं मांडू की आध्यात्मिकता का अनुभव करने के साथ पचमढ़ी के नैसर्गिक सौंदर्य का आनंद लेने के लिये आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देश के स्वच्छतम शहर इंदौर की सैर करें और स्वादिष्ट व्यंजनों का लुत्फ उठाएं। उद्घाटन के बाद आवासीय आयुक्त मध्यप्रदेश भवन श्रीमती रश्मि अरुण शमी ने बताया की तीन दिवसीय उत्सव का मुख्य उद्देश्य मध्य प्रदेश के बारे में दिल्ली एनसीआर के वासीयो को प्रदेश के बारे में जानकारी देना उसके खान-पान और संस्कृति से अवगत कराना है। उन्होंने बताया की प्रदर्शनी में हस्तशिल्प, 1 जिला एक उत्पाद, माटी कला, पर्यटन आदि के स्टॉल लगे हैं। उन्होंने सभी से अनुरोध किया उनके इस उत्सव में आए और प्रदेश के खानपान और संस्कृति का आनंद लें, यह पूर्णता निशुल्क है। उत्सव के पहले दिन पुलिस बैंड, कबीर गायन और बुंदेलखंड गायन की सुरमयी प्रस्तुतियां होगीं, सांस्कृतिक संध्या में बुंदेली लोकनृत्य सुश्री कमला राजपूत छतरपुर, गुदुम्बबाजा नृत्य श्री लालूलाल धुर्वे अनूपपुर एवं शास्त्रीय गायन सुश्री कलापिनी कोमकली देवास द्वारा मध्यप्रदेश की गहरी सांस्कृतिक आत्मा से रूबरू करवाया जाएगा। उत्सव के दूसरे दिन ड्राइंग प्रतियोगिता , क्विज़ और MPTDC द्वारा प्रस्तुत लोकप्रिय फिल्म ‘स्त्री’ युवाओं और परिवारों को समान रूप से आकर्षित करने का काम करेगी। सांस्कृतिक संध्या में करमा नृत्य, सुश्री हर्ष मरावी डिण्डोरी, गोंडवाना लोकनृत्य श्री संजय महाजन बढ़वाह, फ्यूजन बैंडः म.प्र. के स्वर गन्धर्व बैण्ड, भोपाल के द्वारा प्रस्तुत किया जाएगा। इसके पश्चात खादी/सिल्क फैशन शौ मध्यप्रदेश के वस्त्र वैभव का आधुनिक और भव्य प्रदर्शन प्रस्तुत किया जाएगा। उत्सव के तीसरे दिन बच्चों की फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता और फीचर फिल्म ‘पान सिंह तोमर’ की MPTDC की प्रस्तुति की जाएगी। सांस्कृतिक संध्या में दास्तानगोई सुश्री भारती दीक्षित इंदौर, मटकी लोकनृत्य सुश्री हीरामणि वर्मा उज्जैन, और नृत्य नाटिका सुश्री क्षमा मालवीय, भोपाल के द्वारा रंगारंग प्रस्तुति दी जाएगी। कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों को सम्मानित कर उत्सव का गरिमामयी समापन किया जायेगा। प्रमुख बिन्दु     प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आगे बढ़ने के संकल्प के साथ हम कार्य कर रहे हैं।     मध्यप्रदेश भवन परिसर में अगले 3 दिनों तक भव्य मध्यप्रदेश उत्सव।     मध्यप्रदेश की कला-संस्कृति, पर्यटन, हस्तशिल्प और खान-पान के स्टॉल।     प्रदर्शनियों में एक जिला-एक उत्पाद और जीआई टैग प्राप्त वस्तुएं देखी जा सकती हैं।     वनोपज से तैयार हर्बल उत्पाद भी प्रदर्शित।     हस्त शिल्प, कलाकृतियां और विभिन्न अंचलों के स्वादिष्ट व्यंजन इस मेले की यूएसपी हैं।     उत्सव में मध्यप्रदेश पुलिस बैंड पहली बार प्रस्तुति दे रहा है।     उत्सव में प्रदेश के टेक्स्टाइल को शो-केस करते हुए फैशन-शो भी आयोजित।     पारंपरिक व्यंजनों के फूड स्टॉल।     उत्सव में प्रदेश के लोक गीत और लोक नृत्यों का प्रस्तुतिकरण।  

एग्जाम में लापरवाही का बड़ा मामला: छात्रों को मिला गलत प्रश्नपत्र, घंटों बाद अधिकारियों की नींद टूटी

लुधियाना  पंजाब यूनिवर्सिटी की चल रही परीक्षाओं में स्थानीय एक कॉलेज में परीक्षा प्रबंधन की एक बड़ी लापरवाही सामने आई है जिसका खामियाजा एक ही कमरे में बैठे लगभग 20 विद्यार्थियों को भुगतना पड़ रहा है। बी.कॉम के स्टैटिस्टिक्स विषय की परीक्षा के दौरान इन छात्रों को बी.कॉम के बजाय बी.बी.ए. का प्रश्न पत्र दे दिया गया। प्रभावित विद्यार्थियों ने जानकारी दी कि परीक्षा कुल तीन कमरों में चल रही थी। कॉलेज प्रशासन ने अपनी गलती सुधारते हुए 2 कमरों में तो सही प्रश्नपत्र बंटवा दिए लेकिन तीसरे कमरे में बैठे करीब 20 विद्यार्थियों को पेपर बदलना प्रशासन भूल गया''। जब छात्रों ने शुरुआत में ही इन्विजिलेटर को टोकते हुए पेपर चैक करने को कहा, तो वहां मौजूद सुपरिंटैंडैंट ने यह तर्क देकर उन्हें चुप करा दिया कि इंगलिश के पेपर की तरह यह पेपर भी दोनों कक्षाओं का संयुक्त (कंबाइन) है। परीक्षा के बाद खुला राज सुपरिंटैंडैंट के आश्वासन पर इन 20 छात्रों ने बी.बी.ए. का पेपर ही हल कर दिया। करीब 3 घंटे बाद जब परीक्षा खत्म हुई और वे केंद्र से बाहर निकले तो अन्य छात्रों से चर्चा करने पर पता चला कि उनका प्रश्नपत्र बिल्कुल अलग था। यह जानकर छात्रों के होश उड़ गए कि केवल उनके कमरे में ही गलत पेपर बंटवाए गए थे। जब छात्रों ने दोबारा प्रशासन से संपर्क किया तो अपनी गलती मानने के बजाय अधिकारियों ने उलटा छात्रों को ही दोषी ठहरा दिया। उन्होंने कहा कि आपको पहले बताना चाहिए था जबकि छात्र परीक्षा शुरू होने पर 2 बार आपत्ति जता चुके थे। कॉलेज की तरफ से यह भी अजीबोगरीब तर्क दिया गया कि उनका पेपर अब बी.बी.ए. के हिसाब से ही चैक हो जाएगा।   पंजाब यूनिवर्सिटी से लगाई न्याय की गुहार इस घटना से परेशान छात्रों ने पंजाब यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़ के परीक्षा कंट्रोलर को लिखित शिकायत ईमेल की है। पत्र में उन्होंने स्पष्ट किया है कि यह मुद्दा केवल फीस या री-अपीयर का नहीं, बल्कि उनके भविष्य का है। उन्होंने मांग की है कि इस गंभीर लापरवाही की जांच हो। बी.कॉम के सही सिलेबस के अनुसार मूल्यांकन सुनिश्चित किया जाए। भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लगाई जाए।   “परीक्षा के दौरान हमने बार-बार बताया कि प्रश्न पत्र गलत है लेकिन किसी ने बात नहीं सुनी। 3 घंटे बाद पता चला कि हमारा ही पेपर गलत था। हमारी मेहनत और समय दोनों बर्बाद हो गए। अब अगर पेपर गलत मानकर जांचा गया, तो इसका सीधा असर हमारी पढ़ाई और भविष्य पर पड़ेगा।”

रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व में जुलाई 2026 में चीते छोड़ने की तैयारी, सीएम डॉ मोहन ने दी जानकारी

सागर  मध्य प्रदेश के रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व में जुलाई 2026 में चीते छोड़े जाएंगे। हाल ही में खजुराहो में हुई मोहन कैबिनेट पर यह फैसला लिया गया था। सीएम डॉ. मोहन यादव ने बताया था कि रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व को चीता पुनर्वास योजना में शामिल किया गया है। जिसके तहत आगामी वर्ष में यहां चीते लाये जाएंगे। मुख्यमंत्री की इस घोषणा के बाद रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व को चीतों के अनुकूल बनाने की दिशा में काम शुरू कर दिए गए है। बुंदेलखंड के विकास की दिशा में यह एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि राज्य सरकार वन क्षेत्र संरक्षण, पर्यटन विकास और प्राकृतिक धरोहरों को बचाने के लिए लगातार प्रयासरत है। चीता पुनर्वास योजना न केवल जैव विविधता को मजबूत करेगी बल्कि रोजगार और पर्यटन के नए अवसर भी पैदा करेगी। रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व, जो सागर, दमोह, छतरपुर और नरसिंहपुर जिले के हिस्सों में फैला है, अब देश के उन चुनिंदा वन क्षेत्रों में शामिल होने जा रहा है, जहां चीते पुनर्वास योजना लागू होगी। रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व के DFO डॉ ए.ए अंसारी के अनुसार, रिजर्व क्षेत्र में चीता परियोजना के लिए विशेष इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जा रहा है। इसमें क्वारंटीन जोन, मॉनिटरिंग व्यवस्था, ट्रेकिंग सिस्टम और प्रशिक्षु टीम शामिल होगी। रोजगार और पर्यटन को इस परियोजना के लागू होने के बाद रफ्तार मिलेगी। स्थानीय लोगों के लिए पर्यटन और गाइडिंग सेवाओं में रोजगार बढ़ेगा। होटल-रिसॉर्ट और अन्य सेवाओं में निवेश बढ़ने की संभावना के साथ ही राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्षेत्र की पहचान मजबूत होगी।

राजधानी में बड़ा बदलाव: दिल्ली में अब 13 जिले, सरकार ने नए भू-प्रस्ताव को दी हरी झंडी

नई दिल्ली  दिल्ली की प्रशासनिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव हुआ है। राजधानी में अब तक 11 राजस्व जिले थे, लेकिन सरकार ने एक महत्वपूर्ण फैसले के तहत इन्हें बढ़ाकर 13 जिले कर दिया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इसे मंजूरी दी गई। सरकार का दावा है कि इस कदम से प्रशासनिक सेवाएं लोगों तक तेजी से पहुंचेंगी और वर्षों से चला आ रहा विभागों के बीच तालमेल का संकट खत्म होगा। सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि यह मसला कई सरकारों के दौरान लंबित रहा, लेकिन उनकी टीम ने इसे सिर्फ 10 महीनों में सुलझा दिया। उनका कहना है कि यह बदलाव राजधानी के लिए आवश्यक था क्योंकि दिल्ली की आबादी लगातार बढ़ रही है और पुरानी व्यवस्था पर अत्यधिक दबाव पड़ रहा था। नए 13 जिले और उनसे जुड़े सब-डिविजन सरकार द्वारा घोषित नए जिलों और उप-विभागों की सूची इस प्रकार है:      जंगपुरा     कालकाजी     बदरपुर Old Delhi (पुरानी दिल्ली)     सदर बाजार     चांदनी चौक North (उत्तर)     बुराड़ी     आदर्श नगर     बड़ली New Delhi (नई दिल्ली)     दिल्ली छावनी     नई दिल्ली Central (केंद्रीय दिल्ली)     पटेल नगर     करोल बाग Central North (केंद्रीय-उत्तर)     शकरपुर बस्ती     शालीमार बाग     मॉडल टाउन South West (दक्षिण-पश्चिम)     नजफगढ़     मटीयाला     द्वारका     बिजवासन Outer North (बाहरी उत्तर)     मुंडका     नरेला     बवाना North West (उत्तर-पश्चिम)     किराड़ी     नांगलोई जाट     रोहिणी North East (उत्तर-पूर्व)     करावल नगर     गोकुलपुरी     यमुना विहार     शाहदरा East (पूर्वी दिल्ली)     गांधी नगर     विश्वास नगर     पटपड़गंज South (दक्षिण)     छतरपुर     मालवीय नगर     देवली     महरौली West (पश्चिम)     विकासपुरी     जनकपुरी     राजौरी गार्डन सीमाएं अब एक जैसी होंगी—MCD, NDMC और कैंट बोर्ड का तालमेल सुधरेगा मुख्यमंत्री ने बताया कि अब तक दिल्ली की सबसे बड़ी दिक्कत यह थी कि राजस्व जिलों की सीमाएं,     MCD     NDMC     दिल्ली कैंटोनमेंट बोर्ड की सीमाओं से मेल नहीं खाती थीं। ऐसे में यह साफ नहीं होता था कि किसी शिकायत पर कार्रवाई कौन करेगा। फाइलें एक विभाग से दूसरे में घूमती रहती थीं, जिससे लोगों को समय पर सेवा नहीं मिलती थी। नई व्यवस्था में सभी सीमाएं एकसमान होंगी, जिससे भ्रम खत्म होगा और काम की रफ्तार बढ़ेगी। हर जिले में बनेगा मिनी सचिवालय सरकार के अनुसार, 13 जिलों के साथ अब कुल 39 सब-डिविजन होंगे। हर जिला मुख्यालय पर एक मिनी सचिवालय बनाया जाएगा, जिसमें:    SDM कार्यालय     ADM     तहसील     सब-रजिस्ट्रार ऑफिस     राजस्व से जुड़ी सभी सेवाएं एक ही इमारत में उपलब्ध होंगी। इससे लोगों को अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं होगी। संपत्ति रजिस्ट्रेशन होगा आसान नए ढांचे के तहत सब-रजिस्ट्रार कार्यालयों की संख्या बढ़ेगी और इन्हें सीधे सब-डिविजन से जोड़ा जाएगा। इससे:     मकानों और जमीन के रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया तेज होगी     रिकॉर्ड डिजिटाइजेशन बेहतर होगा     नागरिकों को दूर-दूर जाकर कागज जमा नहीं कराने होंगे सरकार का दावा: सेवाएं होंगी तेज, जवाबदेही होगी मजबूत दिल्ली सरकार का कहना है कि इस कदम से:     विभागों में तालमेल बढ़ेगा     शिकायतों का निस्तारण तेजी से होगा     अधिकारियों पर कार्यभार संतुलित रहेगा     शहर की शहरी योजना और आपदा प्रबंधन बेहतर होगा     भूमि रिकॉर्ड में पारदर्शिता आएगी सरकार का मानना है कि नई व्यवस्था से प्रशासन और नागरिकों के बीच दूरी कम होगी और सेवा वितरण पहले से अधिक सरल और विश्वसनीय बन जाएगा। 2012 के बाद सबसे बड़ा बदलाव दिल्ली में इससे पहले वर्ष 2012 में बड़ा प्रशासनिक पुनर्गठन हुआ था, जब जिलों की संख्या 9 से बढ़ाकर 11 की गई थी। लंबे समय से विशेषज्ञ और विभिन्न समितियां यह सुझाव दे रही थीं कि लगातार बढ़ती आबादी के चलते ज्यादा और छोटे जिलों की जरूरत है। अब 13 जिलों का यह नया मॉडल राजधानी की प्रशासनिक प्रणाली को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है।  

बिहार में राशन कार्ड की सूची पर हो रही है छंटनी, 54 लाख से ज्यादा नाम हटाए जाने की संभावना

पटना  बिहार सरकार ने पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम (PDS) में पारदर्शिता और पात्र लोगों तक ही लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से अब तक की सबसे बड़ी वेरिफिकेशन ड्राइव शुरू कर दी है. राज्यभर में पहले चरण में 54.20 लाख से अधिक नामों को राशन कार्ड सूची से हटाने की तैयारी है. यह कार्रवाई तब तेज हुई जब राशन कार्डों को आधार से लिंक किया गया और कई विभागों के रिकॉर्ड मिलान में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां सामने आईं. राज्यभर में बड़े आंकड़े सामने आए ऑफिशियल रिपोर्ट बताती है कि सीतामढ़ी में करीब 99 हजार, मुजफ्फरपुर में 2.34 लाख और पूर्वी चंपारण में लगभग 1.5 लाख ऐसे लाभार्थी चिह्नित किए गए हैं, जो पात्रता के मानकों पर खरे नहीं उतरते. इन जिलों ने विस्तृत रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है. पटना में 10.33 लाख एक्टिव राशन कार्ड हैं, जिनमें शहरी क्षेत्र के 2.30 लाख कार्ड शामिल हैं. चल रहे E-KYC वेरिफिकेशन के दौरान अनुमान लगाया गया है कि करीब 65 से 70 हजार नाम गलत दस्तावेजों या अयोग्य श्रेणी के कारण हटाए जा सकते हैं. डेटा मिलान में खुली गड़बड़ियां सप्लाई विभाग ने राशन कार्ड डेटा को रेवेन्यू एवं लैंड रिफॉर्म्स, ट्रांसपोर्ट, इनकम टैक्स और सिविल रजिस्ट्रेशन डेटाबेस से मैच किया. इसमें चौंकाने वाली विसंगतियां सामने आईं.     कई लाभार्थियों के पास 2.5 एकड़ से अधिक जमीन पाई गई.     कई लोग चार पहिया वाहन के मालिक निकले.     इनकम टैक्स रिटर्न भरने वाले भी राशन सूची में शामिल मिले.     सरकारी रिकॉर्ड में मृत व्यक्तियों के नाम भी अब तक सक्रिय थे. इसके बाद जिलों के सप्लाई अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि किसी भी नाम को हटाने से पहले फील्ड वेरिफिकेशन अनिवार्य रूप से किया जाए. केंद्र के निर्देश के बाद प्रक्रिया में आई तेजी वन नेशन, वन राशन कार्ड स्कीम के लागू होने के बाद केंद्र सरकार ने सभी राज्यों से अपडेटेड और साफ डेटा मांगा. इसके बाद बिहार में वेरिफिकेशन की रफ्तार और बढ़ गई. गलत दस्तावेज जमा करने वालों को विभाग नोटिस भेजेगा. 90 दिनों के भीतर उनकी पात्रता की दोबारा जांच होगी. अगर उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो संबंधित नामों को स्थायी रूप से सूची से हटा दिया जाएगा. 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बेहतर हो रहा ग्रामीण महिलाओं का जीवन स्तर

सीएम योगी की प्रेरणा से कस्टम ज्वेलरी उद्यम ने बदली ग्रामीण महिलाओं की जिंदगी मीरजापुर जिले की महिलाओं ने सीखी मार्केटिंग और नई टेक्नोलॉजी की बारीकियां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बेहतर हो रहा ग्रामीण महिलाओं का जीवन स्तर अपनी कमाई से बच्चों की पढ़ाई और परिवार का खर्च उठा रहीं ग्रामीण महिलाएं लखनऊ मीरजापुर जिले के पिपरवा गांव की 28 वर्षीय सुशीला देवी का जीवन कुछ साल पहले तक घरेलू जिम्मेदारियों और तंगी के बीच उलझा था। किसान परिवार में जन्मी सुशीला ने मुश्किलों के बावजूद इंटर तक पढ़ाई तो कर ली थी, लेकिन आगे बढ़ने का रास्ता नहीं दिखता था। पति की निजी नौकरी से मिलने वाली सीमित कमाई में घर का खर्च, बच्चों की पढ़ाई और बेहतर भविष्य, सब कुछ एक ही आय पर टिका था। लेकिन हालात तब बदले, जब सीएम योगी आदित्यनाथ की प्रेरणा से ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए चल रहे कार्यक्रमों की जानकारी सुशीला तक पहुंची। उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन और डेवलपमेंट अल्टरनेटिव्स संस्था की टीम उनके गांव तक पहुंची और महिलाओं को बताया कि वे भी अपना व्यवसाय खड़ा कर सकती हैं। उनके भीतर क्षमता है। बस जरूरत है सही मार्गदर्शन की। धीरे-धीरे हाथों की बनाई ज्वेलरी आसपास के बाजार में पसंद की जाने लगी एक सामूहिक बैठक में जब ज्वेलरी बनाने के प्रशिक्षण की बात चली, तो सुशीला ने झिझकते हुए शुरुआत की। परिवार की जिम्मेदारियों, कम संसाधनों और गांव में उनके भीतर कुछ नया सीखने की चाह हमेशा से थी। उन्होंने कस्टम ज्वेलरी बनाने का प्रशिक्षण लिया। फिर स्वयं सहायता समूह से 15,000 का ऋण लेकर छोटा सा उद्यम शुरू किया। धीरे-धीरे उनके हाथों की बनाई ज्वेलरी आसपास के बाजार में पसंद की जाने लगी। राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन और संस्था की टीम ने उन्हें खरीदारों से जोड़कर मार्केट लिंकिंग की कमी भी दूर कर दी। घर का खर्च संभालने में पति की बराबर की सहभागी बनीं, बच्चों का अच्छे स्कूल में दाखिला उत्तर प्रदेश की योगी सरकार के सहयोग से अब सुशीला की आय बढ़कर 15,000 रुपए हो गई। उन्होंने गांव की अन्य महिलाओं को भी रोजगार दिया। कुछ ही महीनों में सुशीला का आत्मविश्वास बढ़ता गया। पहले जहां उनकी स्वयं की कोई आय नहीं थी, वहीं अब उनकी मासिक आमदनी 15,000 तक पहुंच चुकी है। आज गांव की अन्य महिलाएं उनके साथ काम कर रही हैं, जिससे उनके भी घरों का खर्च आसानी से चल रहा है। अपनी बढ़ती कमाई से ही सुशीला ने अपने बच्चों का अच्छे स्कूल में दाखिला करवाया। अब वे घर का खर्च संभालने में पति की बराबर की सहभागी बन गई हैं। सही मार्गदर्शन मिले तो हम भी अपना भविष्य खुद गढ़ सकते हैं : सुशीला सुशीला कहती हैं, “पहले लगता था कि गांव की महिलाएं बस घर तक सीमित रहती हैं, लेकिन आज समझ आया कि सही मार्गदर्शन मिले तो हम भी अपना भविष्य खुद गढ़ सकते हैं।” उनकी यह मुस्कान और हौसला गांव की कई और महिलाओं के सपनों को नया आकार दे रहा है। छोटे छोटे गांवों से स्वाभिमान और सफलता की कहानी गढ़ रहीं महिलाएं : दीपा रंजन ग्रामीण आजीविका मिशन की मिशन निदेशक दीपा रंजन ने बताया कि सुशीला और अन्य महिलाओं की कहानी उस बदलाव की गवाही है, जो सीएम योगी की महिला-केंद्रित विकास नीतियों ने ग्रामीण जीवन में लाया है।सुशीला आज गांव की महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता का प्रतीक बन चुकी हैं। ग्रामीण महिलाओं ने साबित कर दिया है कि एक छोटे से गांव से भी स्वाभिमान और सफलता की नई कहानी लिखी जा सकती है।

पीएमसी के एमडी गढ़पाले जब कन्ट्रोल रूम में निरीक्षण कर रहे थे तब बिजली की मांग 19000 मेगावॉट के शीर्ष पर पहुंची

भोपाल मध्यप्रदेश के ऊर्जा सचिव व एमपी पॉवर मैनेजमेंट कंपनी के प्रबंध संचालक श्री विशेष गढ़पाले ने आज शक्तिभवन में पावर मैनेजमेंट कंपनी के कन्ट्रोल रूम का सुबह 11 बजे जिस वक्त निरीक्षण कर रहे थे उसी समय मध्यप्रदेश के इतिहास में सर्वाधिक बिजली की मांग 19113 मेगावाट दर्ज हुई। मध्यप्रदेश में बिजली की मांग पहली बार 19000 मेगावॉट की शीर्ष मांग पर पहुंची है। ऊर्जा सचिव ने कन्ट्रोल रूम में रियल टाइम में बिजली की मांग और उसकी शतप्रतिशत सप्लाई को मॉनीटर पर देखा। एमडी श्री गढ़पाले ने भविष्य में बिजली की मांग 20 हजार मेगावॉट तक पहुंचने की संभावना को देखते हुए निर्देश दिया कि बिजली की इस प्रकार शेड्यूलिंग की जाए जिससे कि ऐसी स्थि‍ति‍में प्रदेश में शतप्रतिशत बिजली की सप्लाई संभव हो। इस अवसर पर पावर मैनेजमेंट कार्यालय के मुख्य महाप्रबंधक श्री पी.के. जैन व मुख्य महाप्रबंधक मानव संसाधन व प्रशासन राजीव गुप्ता सहित अभियंता उपस्थि‍त थे। एमडी श्री गढ़पाले ने कन्ट्रोल रूम की कार्यप्रणाली का गहन निरीक्षण करते हुए प्रत्येक बिन्दु का विश्लेषण किया। उन्होंने मेरिट आर्डर सिद्धांत के आधार पर किस प्रकार बिजली की शेड्यूलिंग की जाती है उसे प्रत्यक्ष तौर पर देखा। ऊर्जा सचिव ने रियल टाइम में पॉवर मैनेजमेंट की कार्यपणाली को देख कर उचित निर्देश दिए। उन्होंने प्रदेश की तीनों विद्युत वितरण कंपनी में हो रही विद्युत सप्लाई को मॉनीटर पर अवलोकन किया।  

बच्‍चों की लघु नाटिका प्रस्‍तुत: अंगुलियों और अंगूठें की लड़ाई में हथेली की समझाइश

भोपाल लघु नाटिका की शुरुआत पांच उंगलियों से हुई जो आपस में बहस कर रही थीं, प्रत्येक कह रही थी कि मैं महान हूँ। "मैं महान हूँ!" "नहीं, मैं महान हूँ!" उंगलियाँ अपनी सामूहिक शक्ति से अनजान, बहस करती रहीं। तभी हथेली वहाँ आई और इस हलचल को देखकर मुस्कराई। नर्म मुस्कान के साथ, हथेली ने उंगलियों को धीरे से समझाया कि वे व्यक्तिगत रूप से महान नहीं हैं, बल्कि एक साथ मिलकर एक शक्तिशाली मुट्ठी बनाती हैं। "तुम साथ में काम करने पर मजबूत हो, अलग-अलग नहीं," इस बात पर जोर दिया। उंगलियों ने अपनी गलती का एहसास किया और अपनी सामूहिक शक्ति का प्रदर्शन करने के लिए एक साथ जुड़ गईं। दर्शकों ने ताली बजाई जब छोटे कलाकारों ने एकता की शक्ति का प्रदर्शन किया। यह लघु नाटिका मंचित की गई रातीबड मार्ग स्थित शारदा विद्या मंदिर परिसर में, जहां स्‍कूल के केजी टू-बी के छोटे बच्चों ने अंगुलियों और हथेलियों के माध्‍यम से यह विचारोत्तेजक लघु नाटिका प्रस्तुत की और दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। "एकता में शक्ति" नामक इस प्रदर्शन ने एक टीम के रूप में मिलकर काम करने के महत्व पर प्रकाश डाला। लघु नाटिका ने प्रभावी ढंग से यह संदेश दिया कि जब व्यक्ति अपने मतभेदों को अलग रखकर एक साथ काम करते हैं, तो वे महान चीजें हासिल कर सकते हैं। केजी 2-बी के छात्रों ने अपनी रचनात्मकता, टीम वर्क और इस मूल्यवान सबक की समझ का प्रदर्शन किया। ऐसी अर्थपूर्ण और मनोरंजक लघु नाटिका प्रस्तुत करने के लिए सभी बच्‍चों और उनके मेंटर्स को बधाई दी गई.   

कड़ाके की सर्दी का कहर: दिल्ली-NCR में शीतलहर, राजस्थान-हरियाणा में तापमान गिरा रिकॉर्ड स्तर पर

नई दिल्ली  देश में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है. उत्तर भारत में कई जगह भीषण ठंड पड़ रही है. कई राज्यों में शीतलहर का प्रकोप जारी है. दिल्ली में भी शीतलहर सितम ढा रही है. शुक्रवार को राजधानी में हल्की धुंध छाए रहने की संभावना है. इसके साथ ही आज सुबह उत्तर प्रदेश में बहुत घना कोहरा छाए रहने की संभावना है. असम, मेघालय, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा और ओडिशा में भी घना कोहरा छाए रहने का पूर्वानुमान है. ऐसा रहेगा दिल्ली-एनसीआर का मौसम दिल्ली-एनसीआर में दिन का अधिकतम तापमान 22 से 25 डिग्री सेल्सियस के आस-पास रहने का अनुमान है. वहीं, सुबह और रात का न्यूनतम तापमान 6 से 10 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है. पूरे दिन शीतलहर का असर देखने को मिलेगा. दिल्ली-एनसीआर में सुबह घना कोहरा और हल्की धुंध छाई रहने का अलर्ट है. इससे विजिबिलिटी कम रह सकती है. राजस्थान में पड़ रही है भीषण ठंड राजस्थान में कई जगह भीषण सर्दी पड़ रही है. बुधवार रात फतेहपुर में पारा 4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया. मौसम विभाग का कहना है कि राज्य के ज्यादातर हिस्सों में आगामी एक सप्ताह मौसम शुष्क रहेगा. हालांकि, एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ के मामूली प्रभाव के चलते दो-तीन दिन आंशिक रूप से बादल छाए रह सकते हैं. इससे न्यूनतम तापमान में एक से दो डिग्री की बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है. पंजाब-हरियाणा में शीतलहर का प्रकोप पंजाब और हरियाणा में भी शीतलहर का प्रकोप जारी है. दोनों ही राज्यों में कई जगह न्यूनतम तापमान सामान्य से कुछ डिग्री नीचे बना हुआ है. फरीदकोट पंजाब का सबसे ठंडा स्थान रहा. यहां न्यूनतम तापमान 4.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया. वहीं, अमृतसर में न्यूनतम तापमान 6.7, लुधियाना में 6.4 डिग्री सेल्सियस, पटियाला में 7.4, पठानकोट में 6.9 डिग्री सेल्सियस और बठिंडा में 6.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया. कश्मीर में कड़ाके की ठंड कश्मीर के ज्यादातर हिस्सों में तापमान में गिरावट के चलते लोगों को रात में कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ रहा है. श्रीनगर में बुधवार रात को तापमान मंगलवार रात के मुकाबले 1 डिग्री गिरकर माइनस 2.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया. दक्षिण कश्मीर के काजीगुंड में न्यूनतम तापमान माइनस 3.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. मौसम विभाग का कहना है कि 12 दिसंबर तक मौसम शुष्क रहने की संभावना है. 13 से 15 दिसंबर के बीच उत्तरी और मध्य कश्मीर के ऊंचाई वाले कुछ हिस्सों में हल्की बर्फबारी हो सकती है. आने वाले दिनों में कश्मीर घाटी में कई जगह हल्की से मध्यम स्तर की धुंध छाई रह सकती है.