samacharsecretary.com

राशिफल 16 दिसंबर: मेष से मीन तक सभी राशियों का भविष्यफल, किसकी किस्मत होगी चमकदार

मेष 16 दिसंबर के दिन आपको आय के अन्य स्रोतों के बारे में भी सोचना चाहिए। आपका प्रेम जीवन समृद्ध रहेगा। आपकी प्रतिभा आपके काम आएगी। जल्द ही आपको कोई दिलचस्प प्रोजेक्ट मिल सकता है। अपनी फिटनेस पर फोकस रखें। वृषभ 16 दिसंबर के दिन आपकी वित्तीय स्थिति में सुधार होगा। भविष्य के बारे में सोचना आपके लिए फायदेमंद होगा। आप जो कुछ भी चाहते हैं उसे प्राप्त करना हमेशा संभव नहीं होता है। आपको इस समय बहुत त्याग करने की आवश्यकता है ताकि आप आगे एक अच्छा जीवन जी सकें। मिथुन 16 दिसंबर के दिन कुछ बड़ा हासिल करने के लिए आपको अपने निजी समय का त्याग करना होगा। इसका मतलब यह नहीं है कि आपके पास अपना समय नहीं होगा। आपका परिवार यह सुनिश्चित करेगा कि आप नियमित रूप से अपनी चिंताओं को साझा करके शक्ति और संतुष्टि प्राप्त करें। कर्क 16 दिसंबर के दिन आपको मानसिक शांति पाने और एक-दूसरे पर और भी अधिक भरोसा करने में मदद मिलेगी। आपके परिवार को इस संबंध में सहयोगी होना चाहिए ताकि यह एक टीम वर्क बन जाए। काम पर फोकस करें। सिंह 16 दिसंबर के दिन आपकी आर्थिक स्थिति में सुधार होगा लेकिन आप बहुत ज्यादा पैसे नहीं बचा पाएंगे। आप एक साथ गहरा कनेक्शन स्थापित करें। नियमित रूप से हल्की-फुल्की बातचीत करना जरूरी है। कन्या 16 दिसंबर के दिन अपने पार्टनर के साथ उन मुद्दों पर बात करें, जो आपके रिश्ते में समस्याएं पैदा कर रहे हैं। आप किसी रिस्की इनवेस्टमेंट की ओर बढ़ सकते हैं, जो आपकी वित्तीय स्थिति को बर्बाद कर सकता है। तुला 16 दिसंबर के दिन अगर आप शादी के बारे में सोच रहे हैं तो आपको आर्थिक और इमोशनल तौर पर सोच-विचार करने की जरूरत है। आपके लिए अपने रिश्ते को अगले लेवल पर ले जाने का अच्छा समय है। अपने साथी के साथ क्वालिटी टाइम स्पेन्ड करें। वृश्चिक 16 दिसंबर का दिन आपके लिए बेहतरीन साबित हो सकता है। बचत करने की कोशिश करें क्योंकि यह आपके वर्तमान कमाई के स्तर को बनाए रखने में मदद करेगा। अपने पार्टनर को बेहतर तरीके से जानने के लिए साथ में कुछ अच्छा समय बिताना अच्छा होगा। धनु 16 दिसंबर के दिन अपने करियर और निजी जीवन को एक साथ संतुलित करने का प्रयास करें। आपको अपने रिश्ते में रोमांस बनाए रखने की जरूरत है ताकि आप दोनों इसे अगले लेवल पर ले जा सकें। आगे की एक नई यात्रा के लिए तैयार हो जाइए। मकर 16 दिसंबर के दिन आपका साथी यह ध्यान रखेगा कि आप जीवन में खुश और संतुष्ट रहें। आपके सभी काम पूरे होंगे। आपका निजी और व्यावसायिक जीवन संतुलित रहेगा और आपको कुछ नया करने का मौका भी मिलेगा। कुंभ 16 दिसंबर के दिन आपकी आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी लेकिन बचत जरूर करें। अगर आप अपने रिश्ते को लेकर बहुत गंभीर हैं तो शादी के बारे में सोचने का यह समय शुभ है। अगर आप इन्कम को फालतू खर्चों में बर्बाद करेंगे तो आप इमर्जेंसी परिस्थितियों का सामना नहीं कर पाएंगे। मीन 16 दिसंबर के दिन आर्थिक स्थिति बहुत अच्छी रहेगी। निवेश के अवसरों के लिए यह अच्छा है। स्टॉक एक्स्पर्ट्स के साथ बात-चीत करते समय आपको सतर्क रहने की जरूरत है।

गौसेवा से रक्तदान तक: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पिंजरापोल गौशाला में किए सेवा कार्यों का अवलोकन

जयपुर  मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राज्य सरकार के 2 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य पर जयपुर स्थित पिंजरापोल गौशाला में सोमवार को गोसेवा की। उन्होंने सपत्नीक गायों की पूजा अर्चना कर गुड़ एवं चारा खिलाया। उन्होंने इस अवसर पर हवन में आहुति भी दी। उन्होंने कहा कि गोसेवा हमारी सनातन संस्कृति और परंपरा का अभिन्न हिस्सा है तथा राज्य सरकार गौवंश के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए निरंतर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने गौशाला परिसर में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा आयोजित रक्तदान शिविर का अवलोकन किया। उन्होंने रक्तदाताओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि रक्तदान महादान है। साथ ही उन्होंने सभी से रक्तदान के लिए आगे आने और ऐसे आयोजनों में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया। भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार के दो वर्षों का यह कार्यकाल सेवा, सुशासन और जनकल्याण को समर्पित रहा है। राज्य सरकार पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ हर वर्ग के उत्थान के लिए निरंतर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर गोपालन विभाग द्वारा प्रकाशित ‘डेयरी के स्वर्णिम दो वर्ष’ पुस्तक का विमोचन भी किया। गौशाला परिसर में उपस्थित आमजन ने मुख्यमंत्री का स्वागत एवं अभिनंदन किया। इस दौरान पशुपालन एवं गोपालन मंत्री जोराराम कुमावत, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य गायत्री ए. राठौड़, शासन सचिव गोपालन डॉ. समित शर्मा सहित बड़ी संख्या में आमजन मौजूद रहे।

नेहरू के फैसलों ने कश्मीर को बनाया विवादित, आज तक भुगत रहा देश : मुख्यमंत्री योगी

लखनऊ  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आधुनिक भारत के शिल्पकार, भारत रत्न लौहपुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। सीएम ने उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि भी की। सीएम योगी ने सरदार पटेल के व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डाला। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर रियासत कहां शामिल हो, इसे लेकर असमंजस की स्थिति थी, तब जवाहर लाल नेहरू ने कहा कि मैं पहल करूंगा। जम्मू-कश्मीर पं. नेहरू के हाथों में था, लेकिन उन्होंने जम्मू-कश्मीर को इतना विवादित करने का कार्य किया कि आजादी के बाद से वह लगातार भारत को डसता रहा। नेहरू के कारण उसी कश्मीर से देश को उग्रवाद, अलगाववाद प्राप्त हुआ था। देश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभारी है, जिन्होंने लौहपुरुष और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के सपने को साकार करते हुए धारा-370 को समाप्त कर कश्मीर को भारत का अभिन्न हिस्सा बनाने के लिए एक देश में एक प्रधान, एक विधान और एक निशान के संकल्प को आगे बढ़ाया।  सीएम योगी ने कहा कि गृहमंत्री के रूप में भारत में सोमनाथ मंदिर के पुनरुद्धार, तमाम विवादों के समाधान के लिए तंत्र विकसित करने और भारत की प्रशासनिक सेवा को वर्तमान स्वरूप देने का कार्य भी लौहपुरुष के कारण हो पाया। सरदार पटेल का यशस्वी नेतृत्व और लंबे समय तक प्राप्त होता, लेकिन देश का दुर्भाग्य रहा कि 15 दिसंबर 1950 को उनका नश्वर शरीर जवाब दे गया। उनकी स्मृतियां, देश के प्रति उनकी सेवाएं व योगदान हम सबके लिए चिरस्मरणीय अध्याय बन गया। हर भारतवासी बड़ी श्रद्धा, सम्मान के साथ भारत मां के महान सपूत लौहपुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करने को तत्पर रहता है। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल का यशस्वी नेतृत्व और लंबे समय तक प्राप्त होता, लेकिन देश का दुर्भाग्य रहा कि 15 दिसंबर 1950 को उनका नश्वर शरीर जवाब दे गया। उनकी स्मृतियां, देश के प्रति सेवाएं व योगदान चिरस्मरणीय अध्याय बन गए। देश वर्तमान भारत के शिल्पी के रूप में सदैव लौहपुरुष का स्मरण करेगा। सीएम योगी ने कहा कि लौहपुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल का जन्म 31 अक्टूबर 1875 को गुजरात के करमसद में सामान्य किसान परिवार में हुआ था। उन्होंने अपने परिश्रम से उच्च शिक्षा अर्जित की। इसके पीछे उनका उद्देश्य आजीविका प्राप्त कर विदेशी हुकुमूत की नौकरी करना नहीं, बल्कि देश-दुनिया को समझकर अपनी प्रतिभा व ऊर्जा का लाभ भारत मां के चरणों में समर्पित करना था। सरदार पटेल ने आजादी के आंदोलन को नेतृत्व दिया। कई बार जेल की यातनाएं सहीं, लेकिन आजादी के आंदोलन से विचलित नहीं हुए। देश जब आजाद हो रहा था, उस समय उन्होंने पुरजोर तरीके से भारत के विभाजन का विरोध किया। उन्होंने 567 रियासतों को भारत गणराज्य का हिस्सा बनाया। देश वर्तमान भारत के शिल्पी के रूप में सदैव लौहपुरुष का स्मरण करेगा। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि जूनागढ़ का नवाब व हैदराबाद का निजाम भारत गणराज्य में शामिल नहीं होना चाहते थे। जब देश आजाद हो रहा था, तब अंग्रेजों ने टू-नेशन थ्योरी को लागू किया और देसी रियासतों को स्वतंत्रता दी कि वे चाहें तो भारत गणराज्य में शामिल हों, पाकिस्तान में शामिल हों या स्वतंत्र अस्तित्व बनाए रखें। सभी हिंदू रियासतों ने भारत का हिस्सा बनने पर सहमति दी, लेकिन जूनागढ़ के नवाब और हैदराबाद के निजाम ने मना कर दिया। सरदार पटेल की सूझबूझ के परिणामस्वरूप उनके रक्तहीन क्रांति के माध्यम से दोनों रिसायतें भारत का हिस्सा बनीं। जूनागढ़ के नवाब और हैदराबाद के निजाम को देश छोड़कर भागना पड़ा।

VHP का सीएम ममता को पत्र, हुमायूं कबीर के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की उठी मांग

नई दिल्ली  विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) ने सोमवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को पत्र लिखकर टीएमसी विधायक हुमायूं कबीर के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज करने की मांग की। वीएचपी का आरोप है कि विधायक हुमायूं कबीर द्वारा बाबर के नाम पर मस्जिद का निर्माण कराया जा रहा है, जो जानबूझकर धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला कदम है। इस संबंध में मीडिया को लेटर जारी करते हुए वीएचपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने कहा कि हमारे इंटरनेशनल प्रेसिडेंट आलोक कुमार द्वारा साइन किए गए लेटर में ममता बनर्जी से बीएनएस की धारा 196 और 299 सहित अन्य प्रासंगिक धाराओं के तहत विधायक हुमायूं कबीर और उनके सहयोगियों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कर कड़ी कार्रवाई करने का अनुरोध किया गया है। वीएचपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने बताया कि पत्र में उल्लेख किया गया है कि संबंधित मस्जिद की आधारशिला 6 दिसंबर 2025 को रखी गई थी और इसे 'बाबरी मस्जिद' नाम दिया जा रहा है। वीएचपी का कहना है कि नाम और निर्माण की तिथि का चयन अपने आप में गंभीर सवाल खड़े करता है। सीएम ममता के नाम लिखे पत्र में आलोक कुमार ने कहा कि बाबर मुगल वंश का संस्थापक था, जिसने मध्य एशिया से भारत पर आक्रमण कर मुगल शासन की स्थापना की। उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक अभिलेखों, विशेष रूप से बाबर की आत्मकथा 'बाबरनामा' में उसके सैन्य अभियानों के दौरान व्यापक हिंसा, नागरिकों के नरसंहार, आतंक फैलाने के लिए 'खोपड़ियों के मीनार' बनाए जाने और पूजा स्थलों के ध्वंस का उल्लेख मिलता है। वीएचपी अध्यक्ष के अनुसार, बाबर को विशेषकर हिंदू समाज में एक विदेशी आक्रांता के रूप में देखा जाता है, जो क्रूरता, धार्मिक उत्पीड़न और हिंदू धार्मिक स्थलों के विनाश से जुड़ा रहा है। उन्होंने कहा कि अयोध्या में उसके शासनकाल के दौरान निर्मित मस्जिद का संदर्भ आज भी हिंदू समाज की भावनाओं से गहराई से जुड़ा और अत्यंत संवेदनशील विषय है। पत्र में यह भी कहा गया कि मस्जिद के नामकरण, निर्माण की तिथि और विधायक हुमायूं कबीर के बयानों से यह स्पष्ट होता है कि यह कदम आकस्मिक नहीं, बल्कि सुनियोजित और प्रतीकात्मक है। वीएचपी ने तर्क दिया कि यह कार्रवाई हिंदू समाज के लिए पूर्वानुमेय रूप से आपत्तिजनक है और इससे धार्मिक वैमनस्य को बढ़ावा मिलने की आशंका है, जो भारतीय न्याय संहिता की धारा 196 के अंतर्गत आता है। वीएचपी ने आगे कहा कि बाबर का नाम ऐतिहासिक रूप से हिंदू धार्मिक स्थलों के विनाश से जुड़ा रहा है। ऐसे में किसी मस्जिद का नाम उसके नाम पर रखना और उससे जुड़ी बयानबाजी यह दर्शाती है कि यह कृत्य दुर्भावनापूर्ण है और हिंदू धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने की मंशा से किया गया है, जो धारा 299 बीएनएस के तहत अपराध की श्रेणी में आता है। वीएचपी ने यह भी उल्लेख किया कि टीएमसी ने विधायक हुमायूं कबीर को पार्टी से निलंबित कर दिया है। संगठन ने कोलकाता के मेयर और वरिष्ठ टीएमसी नेता फिरहाद हकीम के उस बयान का हवाला दिया, जिसमें उन्होंने कहा था कि पार्टी को अचानक बाबरी मस्जिद निर्माण की घोषणा की जानकारी मिली, जिस पर पार्टी ने आपत्ति जताई और विधायक को निलंबित करने का निर्णय लिया। पत्र में यह भी कहा गया है कि मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी इस कदम की सार्वजनिक रूप से आलोचना की है। वीएचपी ने मुख्यमंत्री से अपील की है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित धाराओं की विधिक जांच कराई जाए और विधायक हुमायूं कबीर तथा उनके सहयोगियों के खिलाफ कानून के अनुसार तत्काल कार्रवाई की जाए।

बाजरा किसानों की बल्ले-बल्ले! हरियाणा सरकार ने खातों में डाले 380 करोड़ रुपये

चंडीगढ़  मुख्यमंत्री नायब सैनी ने बताया कि सरकार ने भावांतर भरपाई योजना के तहत 380 करोड़ रुपए बाजरा उत्पादक किसानों के लिए जारी किए हैं। किसानों की समृद्धि के बिना प्रदेश में खुशहाली नहीं आ सकती, इसलिए किसान हित सरकार के लिए सर्वोपरि हैं। किसान को बिजाई से लेकर कटाई तक के कृषि यंत्रों पर सबसिडी दी जाती है। यदि प्राकृतिक आपदा से फसल को नुकसान होता है तो मुआवजे व फसल बीमा का प्रावधान है। कटाई के बाद फसल के दाने-दाने की खरीद की व्यवस्था की गई है और भुगतान सीधा किसान के खाते में डाला जाता है। वह रविवार को अपने सरकारी आवास संत कबीर कुटीर में किसान मोर्चा के पदाधिकारियों को सम्बोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने किसान मोर्चा के पदाधिकारियों से आह्वान किया कि वे प्रदेश के किसानों को सूक्ष्म सिंचाई के प्रति प्रेरित करें, इससे जहां पानी की बचत होगी वहीं फसल पर किसान की लागत में भी कमी आएगी। उन्होंने कहा कि आज किसान की सभी 24 फसलों की खरीट न्यूनतम समर्थन मूल्य पर की जा रह है। आपदा के समय किसानों के साथ सरकार खड़ी रहती है। पिछले 11 सालों में किसानों को फसल खराबे के मुआवजे के रूप में 15,728 करोड़ रुपए दिए हैं। खरीफ सीजन-2025 की फसलों को प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान के लिए 53,821 किसानों को 116 करोड़ 51 लाख रुपए से अधिक की राशि मुआवजे के रूप में जारी की गई। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने अंग्रेजों के जमाने से चले आ रहे आबियाने को जड़ से खत्म कर दिया है। यही नहीं किसानों की तरफ पिछले आबियाने का 133 करोड़ 55 लाख 48 हजार रुपए बकाया माफ किया गया। हरियाणा आप्रेशनल पायलट परियोजना के अंतर्गत राज्य में अब तक 1 लाख 54 हजार 985 एकड़ भूमि का सुधार किया जा चुका है। प्राकृतिक खेती योजना के तह 31,873 एकड़ क्षेत्र में प्राकृतिक खे अपनाने के लिए 19,723 किसा का सत्यापन किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि हाल ही किसानों की पैक्सों की तरफ बका अतिदेय ऋण की समस्या समाधान के लिए एकमुश्त निपट योजना शुरू की गई। इस योज तहत प्रदेश के 6 लाख 81 हजा 182 किसानों और गरीब मजद का 2 हजार 266 करोड़ रुपए क ब्याज माफ किया है। उन्होंने कहा कि बैंकों से किसा के लेन-देन पर लगने वाली स्टाम फीस 2000 रुपए से घटाकर 10 रुपए की गई है। साल से अधिन पुराने रजबाहों को भी दोबारा पक्क किया जाएगा।

Kangana Ranaut का पंजाब विवाद: बुजुर्ग महिला केस में नया मोड़, जानें ताज़ा जानकारी!

बठिंडा  दिल्ली किसान आंदोलन के दौरान बुजुर्ग महिला महिंदर कौर को लेकर ट्विटर पर की गई टिप्पणी के मामले में सांसद कंगना रनौत के खिलाफ जिला अदालत में चल रहे प्रकरण की सोमवार को सुनवाई हुई। इस दौरान अदालत में दोनों पक्षों के वकील उपस्थित रहे, जबकि बुजुर्ग महिला की तबीयत ठीक न होने के कारण वह अदालत में पेश नहीं हो सकीं। अदालत ने कंगना रनौत के वकील को निर्देश देते हुए कहा कि आगामी 5 जनवरी 2026 को सांसद कंगना रनौत स्वयं अदालत में उपस्थित होकर गवाहों की शिनाखत करें। अब इस मामले की अगली सुनवाई उक्त तिथि को होगी। इस संबंध में जानकारी देते हुए बुजुर्ग महिला महिंदर कौर के वकील बहनीवाल ने बताया कि पिछली सुनवाई के दौरान अदालत में महिंदर कौर और एक अन्य गवाह के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। सोमवार को मामले की अगली पेशी थी, लेकिन बुजुर्ग महिला की तबीयत खराब होने के चलते वह अदालत नहीं आ सकीं। वहीं, सांसद कंगना रनौत की ओर से उनके वकील अदालत में पेश हुए। वकील बहनीवाल ने बताया कि अब मामले में गवाही की प्रक्रिया होनी है, जिसको लेकर अदालत ने निर्देश जारी किए हैं। अगली पेशी पर गवाहों के बयान दर्ज किए जाए। क्या है मामला  यह मामला वर्ष 2021 का है, जब किसान आंदोलन चरम पर था। उस समय कंगना ने सोशल मीडिया पर एक ट्वीट किया था, जिसमें उन्होंने बठिंडा के गांव बहादुरगढ़ जंडिया की रहने वाली 81 वर्षीय बुजुर्ग किसान महिला महिंदर कौर की फोटो के साथ लिख दिया था कि ऐसी महिलाएं 100 रुपए में धरने में शामिल हो जाती हैं। इसके बाद माता महिंदर कौर ने अदालत में केस दायर किया था। अदालत में पेशी के दौरान  महिंदर कौर ने मीडिया से बात करते हुए कहा था कि वह कंगना को किसी भी हालत में माफ़ नहीं करेंगी। उन्होंने कहा कि वह इंसाफ मिलने तक लड़ाई जारी रखेंगी, ताकि भविष्य में कोई बुज़ुर्ग महिला के बारे में ऐसी टिप्पणी न करे।  

निवेश नीति का असर: हापुड़ बना यूपी में औद्योगिक विस्तार और शहरी विकास का उभरता केंद्र

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार उत्तर प्रदेश को निवेश और औद्योगिक विकास का बड़ा गंतव्य बनाने की ओर अग्रसर है। इसी क्रम में अब दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में एक नया निवेश केंद्र तेजी से उभर रहा है और वह हापुड़ है। हापुड़-पिलखुवा विकास प्राधिकरण द्वारा हाल ही में आयोजित 'इन्वेस्ट इन हापुड़ समिट 2025' ने यह स्पष्ट कर दिया है कि आने वाले समय में हापुड़ भी गाजियाबाद, नोएडा और गुरुग्राम की तर्ज पर बड़े निवेश केंद्र के रूप में अपनी पहचान बनाएगा। समिट के दौरान कुल 1,300 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव सामने आए हैं। इस समिट का उद्देश्य हापुड़-पिलखुवा क्षेत्र की वास्तविक क्षमता को निवेशकों के सामने प्रस्तुत करना और क्षेत्र में बड़े स्तर पर निवेश को आकर्षित करना रहा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, उत्तर प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना रहे। उन्होंने समिट का उद्घाटन करते हुए कहा कि योगी आदित्यनाथ सरकार की पारदर्शी नीतियां, सुदृढ़ कानून-व्यवस्था और निवेश अनुकूल वातावरण के कारण उत्तर प्रदेश आज देश के शीर्ष निवेश गंतव्य स्थलों में शामिल हो गया है। वित्त मंत्री ने 100 से अधिक निवेशकों के समक्ष कहा कि दिल्ली-एनसीआर का विकास अब केवल कुछ क्षेत्रों तक सीमित नहीं रहेगा। हापुड़ जैसे क्षेत्र अब नए विकास इंजन के रूप में उभर रहे हैं। उन्होंने हापुड़-पिलखुवा विकास प्राधिकरण (एचपीडीए) के वाइस चेयरमैन डॉ. नितिन गौड़ (आईएएस) के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि प्राधिकरण ने सीमित समय में वित्तीय मजबूती और नियोजित विकास का प्रभावी मॉडल प्रस्तुत किया है। समिट में प्रस्तुत आंकड़ों ने निवेशकों का भरोसा और मजबूत किया है। पिछले दो वर्षों में हापुड़-पिलखुवा विकास प्राधिकरण का कुल लाभ 172 करोड़ से बढ़कर 435 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है। वहीं, नक्शों और विभिन्न स्वीकृतियों से होने वाली आय 5.3 करोड़ रुपए से बढ़कर 26.32 करोड़ रुपए हो गई है। यह वृद्धि प्रभावी प्रशासनिक व्यवस्था और तेज निर्णय प्रक्रिया को दर्शाती है। समिट के माध्यम से निवेशकों को यह संदेश दिया गया कि हापुड़ अब केवल ग्रामीण छवि वाला क्षेत्र नहीं है, बल्कि यह दिल्ली से लगभग 15 मिनट की दूरी पर स्थित एक उभरता हुआ शहरी और औद्योगिक केंद्र है। हापुड़ का मास्टर प्लान वर्ष 2024 में स्वीकृत हो चुका है। क्षेत्र की रोड कनेक्टिविटी मजबूत है और यह दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और मेरठ से कुछ मिनटों की दूरी पर स्थित है। समिट में उद्योगपति, बिल्डर्स, अस्पताल, स्कूल-कॉलेज और ग्रुप हाउसिंग से जुड़े निवेशकों को आमंत्रित किया गया। निवेशकों को आवासीय और औद्योगिक भूमि की जानकारी ग्रामवार खसरे सहित उपलब्ध कराई गई है, ताकि उन्हें भूमि खोजने में किसी प्रकार की असुविधा न हो। यह योगी आदित्यनाथ सरकार के ईज ऑफ डूइंग बिजनेस मॉडल का व्यावहारिक उदाहरण है। समिट के दौरान कुल 1,300 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव सामने आए। यशोदा ग्रुप सहित कई बड़े निवेशकों ने हापुड़ में निवेश का आश्वासन दिया। इसमें मैक्स, मेदांता हॉस्पिटल, न्यूट्रिमा, भारती, यशोदा समूह शामिल रहे। यशोदा हॉस्पिटल ग्रुप ने 300 करोड़ रुपए, एस्पायर 150 करोड़ रुपए, दिव्यांश ग्रुप 200 करोड़ रुपए, आनंतम 150 करोड़ रुपए, आईटी पार्क बाई विशाल त्यागी 200 करोड़ रुपए, एमएंडएम 100 करोड़ रुपए, वी मैप्स 150 करोड़ रुपए और पार्क सिटी ने 100 करोड़ रुपए के निवेश की घोषणा की है। हापुड़-पिलखुवा विकास प्राधिकरण के वाइस चेयरमैन डॉ. नितिन गौड़ ने बताया कि यह पहली बार है, जब प्राधिकरण स्तर पर इन्वेस्टर समिट का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश पर हरिपुर आवासीय योजना के अंतर्गत 30 हेक्टेयर का नया लैंड बैंक विकसित किया जा रहा है। इसमें से 21 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण अब तक पूरा हो चुका है। हापुड़ की कनेक्टिविटी नेशनल हाईवे-9, दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और गंगा एक्सप्रेसवे से है।

दिल्ली विस्फोट मामला: कोर्ट ने अल फलाह यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर जावेद अहमद सिद्दीकी की हिरासत बढ़ाई

नई दिल्ली  दिल्ली ब्लास्ट मामले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग (पीएमएलए) केस में अल फलाह यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर जावेद अहमद सिद्दीकी की न्यायिक हिरासत को साकेत कोर्ट ने 20 दिसंबर तक के लिए बढ़ा दिया है। अदालत ने यह आदेश मामले की गंभीरता और जांच की स्थिति को देखते हुए दिया। जावेद अहमद सिद्दीकी फिलहाल न्यायिक हिरासत में है और प्रवर्तन एजेंसियां उससे जुड़े वित्तीय लेन-देन की जांच कर रही हैं। साकेत कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान जांच एजेंसी ने हिरासत बढ़ाने की मांग की, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जांच अभी पूरी नहीं हुई है और आरोपों की प्रकृति को देखते हुए न्यायिक हिरासत बढ़ाना जरूरी है। इससे पहले 12 दिसंबर को मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने चार आरोपियों को पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया था। इनमें डॉ. मुजम्मिल, डॉ. शाहीन सईद, मुफ्ती इरफान अहमद और आदिल अहमद शामिल थे। इन सभी को उनकी पिछली हिरासत अवधि पूरी होने के बाद अदालत के सामने पेश किया गया था। कोर्ट ने सुनवाई के बाद चारों आरोपियों को 12 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया था। एनआईए ने अदालत को बताया था कि आरोपी डॉ. मुजम्मिल, डॉ. उमर नबी, आदिल अहमद, डॉ. शाहीन सईद, मुफ्ती इरफान और इरफान अहमद मिलकर एक बड़ी साजिश रच रहे थे। एजेंसी के अनुसार, इस मॉड्यूल का उद्देश्य राजधानी दिल्ली में बड़े पैमाने पर अशांति फैलाना और संवेदनशील इलाकों को निशाना बनाना था। जांच में यह भी सामने आया है कि कार में हुए विस्फोट को अंजाम देने वाला मुख्य आरोपी डॉ. उमर नबी था। चारों मुख्य आरोपियों को एनआईए की हिरासत खत्म होने के बाद कोर्ट में पेश किया गया था। एजेंसी ने उनके खिलाफ जुटाए गए प्रारंभिक सबूतों के आधार पर न्यायिक हिरासत बढ़ाने की मांग की थी, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया। गौरतलब है कि 10 नवंबर को दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास हुए भीषण विस्फोट से पूरे देश में दहशत फैल गई थी। शाम करीब 6:52 बजे एक हाई ट्रैफिक सिग्नल पर खड़ी सफेद हुंडई आई20 कार में जोरदार धमाका हुआ था। इस हमले में कई लोगों की मौत हुई थी, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए थे। जांच एजेंसियां इस साजिश से जुड़े हर पहलू की गहन जांच में लगी हुई हैं।

हादसों पर जवाब से नाखुश सुप्रीम कोर्ट, NHAI से की तीखी टिप्पणी

नई दिल्ली  सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की ओर से दायर हलफनामे पर कड़ी टिप्पणी की है। अदालत ने कहा कि हलफनामे में ठेकेदारों और स्थानीय अधिकारियों पर कीचड़ उछालने का प्रयास किया गया है। सड़क हादसे के लिए कौन जिम्मेदार है? सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि वह जानना चाहता है कि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की शक्तियां क्या हैं और इसके लिए कौन जिम्मेदार है? सुप्रीम कोर्ट ने सॉलिसिटर जनरल से सवाल किया कि इस मामले का सही उपाय क्या हो सकता है। कोर्ट ने यह भी कहा कि इस तरह की घटनाएं भविष्य में न दोहराई जाएं और सर्दियों में कोहरे के कारण होने वाली दुर्घटनाओं पर भी ध्यान देने की आवश्यकता है। जस्टिस जेके माहेश्वरी और जस्टिस विजय बिश्नोई की बेंच ने कहा कि हाईवे पर भारी अतिक्रमण है, खासकर जब वे शहरों और कस्बों से गुजरते हैं। कई हाईवे का इस्तेमाल शहर की सड़कों के तौर पर भी किया जाता है। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के पास गति सीमा और सुरक्षा संबंधित नियम हैं। उन्होंने यह भी कहा कि राजमार्गों पर ढाबे अवैध हैं और उन्हें हटाना एनएचएआई के अधिकार क्षेत्र में आता है, लेकिन इसका कार्यान्वयन स्थानीय जिला मजिस्ट्रेट और नगर निगमों पर निर्भर है। इस वजह से भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। सुप्रीम कोर्ट ने इस पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि यदि शहरों से होकर गुजरने वाले राजमार्गों पर भारी अतिक्रमण होता है तो एनएचएआई को इसके समाधान के लिए गंभीर कदम उठाने चाहिए। कोर्ट ने यह भी पूछा कि एनएचएआई की ओर से बनाए गए नियमों का पालन क्यों नहीं किया जा रहा और किसकी जिम्मेदारी है। इसके साथ ही बेंच ने यह सुझाव दिया कि एक एडवोकेट कमिश्नर को इस क्षेत्र का निरीक्षण करने के लिए भेजा जाए और वहां की स्थिति का वीडियो तैयार किया जाए। कोर्ट ने एनएचएआई से विस्तृत रिपोर्ट की मांग की और कहा कि केवल नियमों का ड्राफ्ट प्रस्तुत करने से काम नहीं चलेगा। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि राजमार्गों पर अतिक्रमण और सुरक्षा संबंधी मुद्दे हर जगह एक जैसे हैं, और इसका समाधान जरूरी है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह पूरे भारत में हाईवे सुरक्षा के लिए व्यापक आदेश जारी करेगा। सुप्रीम कोर्ट ने अधिकारियों से मौजूदा अतिक्रमण की स्थिति बताने वाली गूगल इमेज भी शेयर करने को कहा है ताकि उचित कदम उठाए जा सकें। बता दें कि राजस्थान के फालौदी और तेलंगाना-बीजापुर हाईवे पर हुए भीषण सड़क हादसे पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा लिए गए स्वतः संज्ञान मामले पर सुनवाई हुई।

दिल्ली की हवा बनी वैश्विक चिंता, सिंगापुर सरकार ने नागरिकों को किया अलर्ट

नई दिल्ली  सिंगापुर के उच्चायोग ने दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में वायु गुणवत्ता के ‘सीवियर प्लस’ स्तर पर पहुंचने के बाद अपने नागरिकों के लिए स्वास्थ्य और सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है। यह चेतावनी ऐसे समय आई है जब भारतीय अधिकारियों ने प्रदूषण से निपटने के लिए GRAP स्टेज-4 के तहत सबसे सख्त पाबंदियां लागू कर दी हैं। सिंगापुर हाई कमीशन ने कहा कि दिल्ली-NCR में रह रहे सिंगापुर नागरिक स्थानीय स्वास्थ्य सलाहों और प्रदूषण संबंधी प्रतिबंधों का सख्ती से पालन करें। यह एडवाइजरी 13 दिसंबर को कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) द्वारा GRAP स्टेज-4 लागू किए जाने के बाद जारी की गई। GRAP स्टेज-4 के तहत:     निर्माण और औद्योगिक गतिविधियों पर कड़ी रोक लगाई गई है।     स्कूल और कार्यालयों को ऑनलाइन या हाइब्रिड मोड अपनाने की सलाह दी गई है।     बच्चों, बुजुर्गों और सांस या दिल के मरीजों को घर के भीतर रहने की अपील की गई है।     बाहर निकलने पर मास्क पहनना अनिवार्य बताया गया है। भारत में सिंगापुर के राजदूत साइमन वोंग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि दिल्ली-NCR में रह रहे सिंगापुर नागरिकों को प्रदूषण से जुड़ी हर आधिकारिक सूचना पर ध्यान देना चाहिए। हाई कमीशन ने यह भी चेतावनी दी कि घने स्मॉग के कारण दृश्यता बेहद कम हो गई है, जिससे हवाई उड़ानों में बाधा आ सकती है। इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और कई एयरलाइनों ने पहले ही यात्रियों के लिए एडवाइजरी जारी कर दी है। यात्रियों को उड़ानों की स्थिति जानने के लिए सीधे एयरलाइंस से संपर्क करने की सलाह दी गई है। सोमवार सुबह करीब 8 बजे केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार दिल्ली का औसत AQI 452 दर्ज किया गया, जो ‘सीवियर’ श्रेणी में आता है। रविवार को यह आंकड़ा 461 तक पहुंच गया था।   दिल्ली के कई इलाकों में स्थिति और भी गंभीर रही     आनंद विहार-493     वजीरपुर- 500 (अधिकतम स्तर)     आरके पुरम- 477     द्वारका सेक्टर-8-462     चांदनी चौक- 437     आया नगर- 406     अक्षरधाम, AIIMS और यशोभूमि समेत राजधानी के बड़े हिस्सों में घना स्मॉग छाया रहा। CAQM ने अपने आदेश में कहा कि प्रदूषण की मौजूदा प्रवृत्ति को देखते हुए दिल्ली-NCR में वायु गुणवत्ता को और खराब होने से रोकने के लिए GRAP स्टेज-4 के सभी प्रावधान तत्काल लागू किए जा रहे हैं, जो पहले से लागू स्टेज-1, 2 और 3 के उपायों के अतिरिक्त हैं। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि 401 से ऊपर का AQI गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा करता है और लोगों को बाहरी गतिविधियों को सीमित रखने की जरूरत है।